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नूँह में पत्थरबाजी-फायरिंग: बाइक की रफ्तार का विवाद सांपद्रायिक हिंसा में बदला, नत्थूराम के घर पर भीड़ का हमला; छावनी में बदला इलाका

हरियाणा के नूँह में बाइक की रफ्तार को लेकर हुआ विवाद सांप्रदायिक हिंसा में बदल गया। पत्थरबाजी और फायरिंग की खबर है। नत्थूराम के घर पर मुस्लिम भीड़ के हमले के बाद दोनों तरफ से लाठी-डंडे और गोलियाँ चली हैं। करीब दर्जन भर लोग घायल हुए हैं। भारी पुलिस बल की तैनाती है। घटना सोमवार (20 फरवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गाँव खेड़ा खलीलपुर का है। विवाद की शुरुआत रविवार को हुई थी। एक नाबालिग लड़का तेज रफ्तार बाइक चला रहा था। आरोप है कि उसकी चपेट में आने से गाँव के ही नत्थूराम के घर की एक 8 वर्षीया बच्ची बाल-बाल बच गई। इसको ले कर नत्थूराम के घर वालों की नाबालिग लड़के से बहस करने लगा। कहा जा रहा है कि इस दौरान नत्थूराम ने पक्ष के लोगों ने नाबालिग लड़के की पिटाई कर दी।

हालाँकि थोड़ी देर बाद मामला शांत हो गया और लोग अपने-अपने घरों को चले गए। सोमवार को इसी बात को लेकर नाबालिग लड़के और नत्थूराम के घर वाले आमने-सामने आ गए। इस दौरान दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर पत्थर फेंके और लाठी-डंडों से हमला किया। आरोप है कि इस दौरान गोलियाँ भी चलीं। झगड़े में नत्थूराम पक्ष के करीब 12 लोग घायल हैं। इनका इलाज स्थानीय सोहना अस्पताल में चल रहा है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

वायरल वीडियो में कई लोगों को छतों से पथराव करते देखा जा सकता है। हमले में कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर भारी संख्या में पुलिस बल गाँव पहुँचा। हालात काबू में हैं। लेकिन गाँव में अभी भी तनाव होने की बात कही जा रही है। इसे देखते हुए पूरे इलाका छावनी में बदल दिया गया है। कुछ पत्थरबाजों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी सामने आई है। लेकिन खबर लिखे जाने तक आधिकारिक तौर पर गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई थी।

महाशिवरात्रि पर मुकेश अंबानी ने बेटे आकाश के साथ सोमनाथ के किए दर्शन, मंदिर ट्रस्ट को दिए ₹1.51 करोड़

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी (Mukesh Ambani) और उनके बेटे आकाश अंबानी महाशिवरात्रि के मौके पर गुजरात के सोमनाथ मंदिर (Somnath Mandir) पहुँचे। इस दौरान मुकेश अंबानी ने सोमनाथ मंदिर ट्रस्ट (Somnath Mandir Trust) को 1.51 करोड़ रुपए दान भी दिए। सोशल मीडिया पर मुकेश अंबानी और आकाश अंबानी की भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हुए तस्वीरें वायरल हो रही हैं। तस्वीरों में दोनों भगवान शिव का जलाभिषेक और प्रार्थना करते हुए दिखाई दे रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों का स्वागत मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष पीके लाहिड़ी और सचिव योगेंद्रभाई देसाई ने किया। मंदिर के पुजारी ने सम्मान के तौर पर उन्हें चंदन का लेप लगाया और दुशाला ओढ़ाया। मुकेश अंबानी और आकाश अंबानी की सोमनाथ मंदिर में पूजा करने की तस्वीरें वायरल होने के बाद सभी उनकी तारीफ कर रहे हैं। काव्या पटेल लिखती हैं, “यही कारण है कि मेरे मन में इन लोगों के लिए इतना सम्मान है।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने लिखा, “मुकेश अंबानी और आकाश अंबानी परंपराओं का सम्मान करते हैं और हिंदू त्योहारों को उत्साह के साथ मनाते रहे हैं। उन्हें धार्मिक कार्य एवं धर्मार्थ दान करते हुए देखना बहुत अच्छा लगता है। जैसे कि सोमनाथ ट्रस्ट को उन्होंने बहुत बड़ा दान किया है।”

एक और यूजर ने लिखा कि हम उनके इस तरह से परोपकार करने की सराहना करते हैं।

12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर

सोमनाथ मंदिर भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक है। यह अरब सागर तट पर वेरावल के प्राचीन बंदरगाह के निकट स्थित है। इस मंदिर को लेकर मान्यता है कि स्वयं चंद्रदेव ने इस शिवलिंग की स्थापना की थी। इसका नाम सोमनाथ होने का कारण यह बताया जाता है कि चंद्रमा का एक नाम सोम भी है। इसलिए इसका नाम सोमनाथ रखा गया। इसका उल्लेख स्कंदपुराण, श्रीमद्भागवत गीता, शिवपुराणम आदि प्राचीन ग्रंथों में भी किया गया है। यह मंदिर तीन भागों में विभाजित है। इसका शिखर 150 फुट ऊँचा है।

कई महिलाओं का बलात्कार, यौन शोषण, जंगली बंदरों से हमला… ईसाई दंपती चला रहे थे ‘आश्रम’, 142 पीड़ितों को बचाया गया

तमिलनाडु के विलुप्पुरम स्थित कुंडलापुलियूर का ‘अंबू जोती आश्रम’ चर्चा में है। ये पिछले 17 वर्षों से चल रहा था, बिना किसी आधिकारिक अनुमति के और बिना सरकारी दिशानिर्देशों के। वहाँ से 142 लोगों को बचाया गया है, जिसके बाद ये ‘आश्रम’ चर्चा में है। इनमें 109 पुरुष हैं और 33 महिलाएँ। असल में 17 दिसंबर, 2022 को अमेरिकी नागरिक सलीम खान ने मद्रास उच्च न्यायालय में केस दर्ज कराया था, जिसके बाद ये ‘आश्रम’ चर्चा में आया।

सलीम खान ने बताया था कि उसके ससुर जवाहिरुल्लाह इस ‘आश्रम’ से गायब हैं। इसके बाद यहाँ बलात्कार और टॉर्चर के कई मामले सामने आए। कई डरावनी कहानियाँ बाहर आईं। आश्रम के खिलाफ मानवाधिकार उल्लंघन के मामले भी सामने आए। यौन शोषण, हिंसा और मानव तस्करी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ। ये आश्रम दिन में तीन बार खाना देने और सुरक्षित रूप से रुकने की व्यवस्था का दावा करता था।

इससे वैसे लोग इसकी तरफ आकर्षित हुए, जो बेघर थे। इनमें से कइयों को बेहोश कर दिया गया तो कइयों के बाल मूँड़ दिए गए। ये सब इसीलिए किया जाता था, ताकि ऐसा लगे कि ये दिमागी समस्याओं से जूझ रहे हैं। 4 दिसंबर, 2021 को जवाहिरुल्लाह को इस आश्रम में भर्ती कराया गया था। जब सलीम ने अपने ससुर के बारे में पूछा तो उसे जवाब दिया गया कि उन्हें बेंगलुरु में ‘अंबु जोती आश्रम‘ के ही एक अन्य फैसिलिटी में भेजा गया है।

जब तमिलनाडु पुलिस इसकी जाँच करने बेंगलुरु पहुँची तो वहाँ के आश्रम की देखभाल करने वाले राजू उर्फ़ ‘ऑटो राजा’ ने दावा किया कि एक बुजुर्ग व्यक्ति और कुछ लोग बाथरूम की खिड़की तोड़ कर यहाँ से भाग गए। इसके बाद हाईकोर्ट ने आश्रम की तलाशी की अनुमति पुलिस को दी, जिसके बाद आश्रम में सैकड़ों पीड़ित मिले। इसी दौरान सामने आया कि कुछ कैदियों का कर्मचारियों ने यौन शोषण किया था। कइयों को बाँध कर रखा गया था।

कैद बंदरों से भी लोगों पर हमले करवाए गए थे। अब इस आश्रम को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया है। 130 लोगों के रहने की व्यवस्था सरकार ने कर दी है, वहीं 12 अपने-अपने परिवारों के पास वापस चले गए हैं। यहाँ से 50 किलोमीटर दूर कोट्टाकुप्पम नामक एक जगह पर भी 50 लोगों को बंदी बना कर रखा गया था। उन्हें अस्पतालों में भरी कराना पड़ा। उनके साथ भी ऐसे ही हादसे हुए थे। 8 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया गया है NCW (महिला आयोग) भी इस मामले को देख रही है।

आश्रम के मालिक जुबिन और मारिया ने भागने की कोशिश भी की थी, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया। केरल के कुछ ईसाई भी इस मामले में गिरफ्तार हुए थे। जुबिन और मारिया ने दो जंगली बंदरों को अधिकारियों के पीछे छोड़ दिया और भागने की कोशिश की। केरल के जुबिन का एक नाम ‘अंबु जुबिन’ भी है। वो 2005 में तमिलनाडु आया था और बीवी के साथ रेंट लेकर एक घर की स्थापना की। एक महिला ने बताया कि पिछले 5 सालों में आश्रम में उसे मारा-पीटा गया, बलात्कार किया गया। कई महिलाओं को ड्रग्स दिए गए।

पति-सास की हत्या, टुकड़े कर फ्रिज में रखे, फिर पॉलीथिन में डाल लगाए ठिकाने: असम में मर्डर, मेघालय में मिले शव के टुकड़े

असम के गुवाहाटी से दोहरे हत्याकांड का सनसनीखेज मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि बंदना कलिता नाम की एक महिला ने 7 महीने पहले अपने प्रेमी और एक दोस्त के साथ मिलकर ​पति व सास की निर्मम हत्या कर दी। फिर उनके शवों के टुकड़े कर फ्रिज में रख दिया। इसके बाद उसने सबूत मिटाने के लिए पॉलिथिन में शवों के टुकड़े डालकर उन्हें मेघालय की पहाड़ियों से नीचे फेंक दिया। पुलिस को गुवाहाटी डबल मर्डर केस का पता रविवार (19 फरवरी 2023) को चला। आरोपित बंदना कलिता को गिरफ्तार कर लिया गया है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला ने पुलिस के सामने कबूल किया है कि उसने पिछले साल 17 अगस्त को अपने आशिक और एक दोस्त की मदद से पति अमरज्योति डे व सास शंकरी डे की हत्या की थी। उसने पुलिस को यह भी बताया कि अपने पति और उसकी माँ को मारने और काटने के बाद उसने अपने साथियों के साथ मेघालय की पहाड़ियों में उनके शवों के टुकड़े फेंक दिए थे। पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच जारी है। अपराध का मकसद महिला का अवैध संबंध और संपत्ति का लालच था।

अमरज्योति डे और बंदना कलिता गुवाहाटी शहर के पूर्वी हिस्से नरेंगी में रह रहे थे। कुछ सालों तक दोनों की शादी काफी अच्छी चली। लेकिन जब अमरज्योति को पता चला कि बंदना का धनजीत डेका नाम के एक युवक के साथ संबंध है, तो इस बात को लेकर पति-पत्नी के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़े होने लगे। दूसरी ओर, अमरज्योति की माँ शंकरी डे का शहर के बीचों बीच चाँदमारी इलाके में पाँच मंजिला मकान था। एक मंजिल पर वह अकेली रहती थी, जबकि चार मंजिल किराए पर दे रखा था। किराया शंकरी डे का भाई इकट्ठा करता था। यह बात बंदना को बिल्कुल भी पसंद नहीं थी।

बताया जाता है कि अमरज्योति और बंदना तलाक लेने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन सात महीने पहले बंदना ने नूनमती थाने में शिकायत दर्ज कराई कि उसका पति और सास गायब हैं। पुलिस ने जाँच शुरू की, लेकिन उनके बारे में कोई सुराग नहीं मिला। कुछ समय बाद, बंदना ने पुलिस में एक और शिकायत दर्ज कराई, जिसमें उसने आरोप लगाया कि शंकरी डे का भाई उसके पाँच बैंक खातों में रखे पैसों का दुरुपयोग कर रहा है।

यह उसके लिए एक बड़ी गलती साबित हुई। जब पुलिस ने बैंक खातों की जाँच की,तो पाया कि बंदना कलिता ने खुद एटीएम कार्ड का इस्तेमाल कर अपनी सास के बैंक खाते से पाँच लाख रुपए निकाले थे। इससे पुलिस को उस पर शक हुआ। आगे की जाँच में उसके खिलाफ और सबूत मिलने के बाद पुलिस ने उसे 19 फरवरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की टीम ने मेघालय से शवों के कुछ हिस्से भी बरामद किए हैं। शंकरी डे का सिर कटा शव बरामद किया गया है, साथ ही एक पॉलीथिन बैग में कुछ कंबल और कपड़े भी मिले हैं। शव का हाथ और सिर गायब है। अमरज्योति डे का शव अभी तक नहीं मिला है।

JDU से निकले उपेंद्र कुशवाहा, नई पार्टी बनाई: जाते-जाते महागठबंधन सरकार में नीतीश कुमार की ‘औकात’ बताई, बोले- तेजस्वी असली CM

जदयू नेता उपेंद्र कुशवाहा ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी से अलग होकर नए दल के गठन का ऐलान कर दिया है। कभी मोदी सरकार में केंद्रीय राज्यमंत्री रहे उपेंद्र कुशवाहा द्वारा 8वीं बार पाला बदलने से बिहार की राजनीति में भी एक प्रकार की गर्माहट आ गई है। जदयू छोड़ते हुए कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि सीएम नीतीश कुमार की नीयत ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्होंने नीतीश कुमार का साथ दिया, लेकिन बदले में उन्हें धोखा मिला।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि 2005 की जीत ने नीतीश कुमार को कर्पूरी ठाकुर के विरासत की जिम्मेदारी दी, उन्होंने उस विरासत को आगे बढ़ाने का काम अपने शासनकाल के दौरान काफी अच्छे तरीके से किया – बिहार को खौफनाक मंजर से बाहर निकाला और लोगों के बीच शांति कायम हुई, विकास हुआ। उन्होंने इस कार्य के लिए नीतीश की तारीफ़ की, लेकिन ‘अंत भला तो सब भला’ कहवत का जिक्र करते हुए कहा कि अंत ही बुरा हो गया।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि नीतीश कुमार आज जिस ओर चल पड़े हैं, वो न सिर्फ उनके बल्कि उनकी पार्टी और बिहार की जनता के लिए भी बहुत बुरा है। कुशवाहा ने 2020 विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया, जब वो नीतीश के साथ आ गए थे। उन्होंने कहा कि जनता का आदेश था कि अगर हम बँटे रहे तो बिहार में पुरानी स्थिति लौट आएगी। बकौल कुशवाहा, नीतीश ने उन्हें आवाज़ दी और उन्होंने सब कुछ न्योछावर कर के उनके साथ दिया।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, “कुछ लोग आरोप लगाते हैं कि मैंने अपनी पार्टी RLSP (जिसका जदयू में विलय कर दिया गया था) को ज़िंदा रखने का काम किया, लेकिन ये सरासर झूठ है। मेरे मन में कुछ नहीं था। मेरी राजनीति में जो कुछ भी था, सब मैंने नीतीश कुमार के कहने पर उन्हें दे दिया। लेकिन, बाद में भाजपा गठबंधन से हट कर नया गठबंधन बनाने की बात हुई तो उसे भी हमने पार्टी की मजबूरी समझ कर स्वीकार किया।”

लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि गठबंधन बनने के समय उन्होंने ये सुझाव दिया था कि इसका नेतृत्व नीतीश कुमार अपने हाथ में रखें और इसका आश्वासन भी मिले, लेकिन सरकार बनने के कुछ ही दिन बाद राजद नेताओं द्वारा गठबंधन पर टिप्पणियों की चर्चाएँ होने लगीं और नीतीश कुमार भी कहने लगे कि वो बिहार का भविष्य तेजस्वी यादव को सौंपना चाहते हैं, उन्हें सीएम बनाना चाहते हैं। कुशवाहा ने कहा कि पार्टी के साथी और आम जनता की सलाह पर उन्होंने कर्पूरी ठाकुर की विरासत को बुरे हाथों में मूकदर्शन बन कर देखने की बजाए नया रास्ता निकाला।

जदयू की सदस्यता और MLC पद से इस्तीफा देने का ऐलान करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने ‘राष्ट्रीय लोक जनता दल (RLJD)’ नाम से नई पार्टी बनाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव ही फ़िलहाल बिहार के असली सीएम हैं और नीतीश बस डिप्टी सीएम बन कर रह गए हैं। इस दौरान ‘नीतीश कुमार चोर है’ के नारे भी लगे, लेकिन उपेंद्र कुशवाहा ने डाँट कर लोगों को चुप कराया। इस तरह बिहार का ‘जनता परिवार’ फिर बिखर गया।

भाई-बहन के बीच सेक्स… पाकिस्तान की यूनिवर्सिटी में छात्रों से निबंध लिखने को कहा, सोशल मीडिया में हल्ला मचने के बाद लेक्चरर की छुट्टी

पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद स्थित COMSATS यूनिवर्सिटी अपने प्रश्न पत्र को लेकर विवादों में है। दरअसल, यूनिवर्सिटी के एक लेक्चरर ने प्रश्न पत्र में छात्रों से ‘क्या भाई-बहन का सेक्स करना ठीक है’ विषय पर निबंध लिखने को कहा था।

इस प्रश्न पत्र के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद जमकर हंगामा हुआ। नेटिजन्स ने लेक्चरर के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की माँग की। इसके बाद यूनिवर्सिटी ने लेक्चरर की छुट्टी कर दी है।

हंगामे के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय को जानकारी दी है कि इंग्लिश कंपोजिशन एग्जाम में विवादास्पद प्रश्न पूछने वाले फैकल्टी के एक सदस्य को यूनिवर्सिटी ने नौकरी से निकाल दिया है।

प्रश्न पत्र का स्क्रीनशॉट (फोटो साभार: @ShehryarReal)

2 फरवरी 2023 को लिखे एक पत्र में यूनिवर्सिटी की ओर से कहा गया, “पहले सेमेस्टर में अंग्रेजी के प्रश्न पत्र की सामग्री को लेकर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के 19 जनवरी, 2023 के पत्र का जवाब देने का निर्देश दिया गया है। इस मामले में कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। लेक्चरर (विजिटिंग फैकल्टी) की सेवा 5 जनवरी, 2023 से समाप्त कर दी गई है। इसके साथ ही उस लेक्चरर को ब्लैक लिस्ट भी कर दिया गया है।”

दरअसल, पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने आपत्तिजनक प्रश्न पत्र पर संज्ञान लेने हुए यूनिवर्सिटी से जवाब माँगा था। मंत्रालय ने 19 जनवरी, 2023 को विश्वविद्यालय को पत्र भेजकर कहा था, “प्रश्न पत्र में पूछा गया सवाल काफी आपत्तिजनक है। यह पूरी तरह से पाकिस्तान के पाठ्यक्रम कानूनों के खिलाफ है और छात्रों के परिवारों के बीच अशांति पैदा करता है।”

पाकिस्तान के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय द्वारा विश्वविद्यालय को भेजे गए पत्र की प्रति (फोटो साभार: @ShehryarReal)

बता दें कि मंत्रालय ने यूनिवर्सिटी से इस मामले में जाँच करने और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने को कहा था। मंत्रालय ने विश्वविद्यालय प्रशासन को जाँच रिपोर्ट सौंपने के लिए एक सप्ताह का समय दिया था। रिपोर्टों के अनुसार, अस्टिटेंट रजिस्ट्रार नवीद अहमद खान ने स्वीकार किया है कि छात्रों से बेहद आपत्तिजनक प्रश्न पूछा गया था। उन्होंने दावा किया कि इस मामले में अगले दिन एक बैठक की गई थी और उस लेक्चरर से यह बताने को कहा गया कि उसने छात्रों से ऐसा मूर्खतापूर्ण प्रश्न क्यों पूछा? उन्होंने कहा कि उसने अपनी गलती स्वीकार कर ली, जिसके बाद यूनिवर्सिटी ने लेक्चरर को नौकरी से निकाल दिया। प्रश्न पत्र को फिर से तैयार किया गया।

‘रामचरितमानस घोषित हो राष्ट्रीय ग्रन्थ’: बागेश्वर धाम में 220 लोगों ने की घर-वापसी, मिशनरियों के चंगुल में फँस बन गए थे ईसाई

मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम में पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की मौजूदगी में 220 धर्मांतरित ईसाइयों ने हिन्दू धर्म में घर-वापसी की है। इससे पहले भी वहाँ बालाजी के दरबार में घर-वापसी के कार्यक्रम आयोजित होते रहे हैं। बता दें की दशकों से मिशनरियों ने गरीब इलाकों, खासकर दलितों और जनजातीय समाज को निशाना बनाया हुआ है। उन्हें लालच देकर उनका धर्म-परिवर्तन कराया जाता है। उनमें हिन्दू धर्म के प्रति घृणा भरी जाती है।

सभी 220 लोगों को पीले रंग की पट्टिका पहनाई गई थी, जिसके बाद उनकी घर-वापसी कराई गई। ‘हिन्दू जागरण मंच’ की इस कार्यक्रम में मुख्य भूमिका रही, जो इन लोगों को लेकर यहाँ पहुँची थी। बुंदेलखंड इलाके के टपरियन, बनापुर, चितौरा और बम्हौरी सहित कई गाँवों के लोग घर-वापसी करने वालों में शामिल हैं, जिन्हें मिशनरियों ने बरगला लिया था। पीठाधीश्वर शास्त्री ने इस दौरान उन लोगों से अपील की कि वो प्रतिदिन मंदिर जाएँ।

घर-वापसी करने वालों ने बताया कि ईसाई मिशनरियों ने उन्हें घर देने का लालच दिया था, जिसके बाद उन्होंने हिन्दू धर्म को छोड़ दिया था। हालाँकि, वादा नहीं निभाया गया और उन्हें घर नहीं मिला। उन्होंने कहा कि वो अपनी मर्जी से घर-वापसी कर रहे हैं। धीरेन्द्र कृष्ण ने कहा कि शनिवार और मंगलवार को लोग हनुमान जी के मंदिर जाया करें। उन्होंने दोहराया कि वो किसी पंथ के विरोधी नहीं, लेकिन अपने धर्म के कट्टर हैं।

उन्होंने कहा कि भूल सबसे होती है। उन्होंने खुद के बारे में कहा कि उन्हें लोकप्रियता नहीं चाहिए। पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री ने रामचरितमानस को राष्ट्रीय ग्रन्थ घोषित करने और भारत को हिन्दू राष्ट्र बनाने की भी माँग की। उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि राजनीतिक पार्टियाँ आशीर्वाद के अलावा उनसे और कोई अपेक्षा न रखें। घर-वापसी करने वालों में 62 परिवार के लोग शामिल हैं। ये लोग बसों में सवार होकर आए थे। उन्होंने बताया कि ईसाइयों के प्रभाव में आकर वो चर्च तक जाने लगे थे।

बता दें कि हाल ही में बागेश्वर धाम में महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन में 125 जोड़े विवाह बंधन में बंधे थे। इसमें शामिल हुई 125 लड़कियों में से 58 ऐसी लड़कियाँ थीं, जिनके माता या पिता का निधन हो चुका है, यानी वो अनाथ थीं। इससे पहले यहीं एक मुस्लिम महिला सुल्ताना बेगम ने सनातन धर्म अपनाते हुए कहा था कि यहाँ भाई-बहन की आपस में शादी नहीं होती। क्रिसमस 2022 के दिन पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री की रामकथा के दौरान भी दमोह में 300 लोगों ने घर-वापसी की थी।

जहाँ जली गाड़ी में मिले जुनैद-नासिर के कंकाल, वहाँ मोनू मानेसर की लोकेशन नहीं मिली: स्टिंग में राजस्थान के SHO ने उगला, गोरक्षक को घेर रहा था लिबरल गैंग

​हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में दो नर कंकाल मिले थे। ये कंकाल राजस्थान के भरतपुर निवासी गो तस्कर जुनैद और नासिर के बताए जा रहे। इसके बाद से गोरक्षक मोनू मानेसर का नाम चर्चा में है। पूरा लिबरल गिरोह उसके पीछे पड़ा है। लेकिन एक स्टिंग में राजस्थान पुलिस के गोपालगढ़ SHO राम नरेश यह कहते नजर आए हैं कि घटनास्थल पर मोनू मानेसर का लोकेशन नहीं मिला है। साथ ही वे बता रहे हैं कि जुनैद वांटेड अपराधी था।

भरतपुर की गोपालगढ़ थाना पुलिस ही इस मामले की जाँच कर रही है। ‘ऑपरेशन लोहारु’ नाम से यह स्टिंग टीवी चैनल टीवी9 भारतवर्ष की ओर से किया गया है। हालाँकि इस मामले में गिरफ्तार रिंकू सैनी के बारे में एसएचओ ने कहा है कि वह मोनू मानेसर के दल से जुड़ा है। लेकिन मोनू मानेसर की घटनास्थल पर लोकेशन नहीं मिलने की बात वे स्पष्ट तौर पर कह रहे हैं। थाना प्रभारी ने स्टिंग में किसी मोनू राणा का नाम लिया है।

SHO ने स्टिंग में मोनू राणा के साथ अनिल मुरथल और विकास आर्य का नाम भी लिया गया। इन तीनों को ही केस का मुख्य आरोपित बताया है। वीडियो में थानाध्यक्ष यह भी कह रहे हैं कि रिंकू की लोकेशन घटनास्थल पर मिली है। रिंकू सैनी 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर है।

स्टिंग में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि रिंकू के मोबाइल पर किसी ने मैसेज देकर उस गाड़ी का नंबर भेजा था, जिसमें जुनैद और नासिर का जला हुआ शव बरामद हुआ था। पुलिस इसे ऑन रिकॉर्ड सबूत मान रही है। उल्लेखनीय है कि मामला सामने आने के बाद मोनू मानेसर ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। उसने कहा था कि घटना के दिन वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी हैं। उसका कहना था कि मेवात में गौहत्या रोकने में बजरंग दल की सर्वाधिक सक्रियता की वजह से उसका नाम घसीटा जा रहा। बावजूद इसके लिबरल गिरोह मोनू मानेसर को टारगेट करते हुए सोशल मीडिया में कैंपेन चला रहा है।

वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस को शक है कि जुनैद और नासिर की मुखबिरी उनके घर से निकलते ही की गई है। SHO ने स्टिंग में आगे दावा किया है कि आरोपितों ने नासिर और जुनैद को पकड़ कर हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया था, लेकिन पुलिस ने उन्हें लेने से मना कर दिया था। थानेदार के मुताबिक एक आरोपित गोरक्षकों की पिटाई से मर चुका था, जिसके बाद सबूत मिटाने के लिए दोनों को जला दिया गया। जिस मोनू राणा का नाम SHO ने स्टिंग में लिया है वो भिवानी का ही रहने वाला बताया जा रहा है। उसका घर घटनास्थल से कुछ ही दूर पर है। मृतक जुनैद पर न सिर्फ भरतपुर, बल्कि अलवर में भी केस दर्ज थे। इन केसों में हत्या के प्रयास सहित साजिश रचने के भी आरोप शामिल हैं।

सोशल मीडिया पर महिला IAS और IPS की भिड़ंत, बोलीं डी रूपा – पुरुष अधिकारियों को प्राइवेट तस्वीरें भेजती हैं रोहिणी

कर्नाटक के अधिकारियों के बीच एक मामले को लेकर हड़कंप मचा हुआ है। असल में IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल ने IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी की कुछ तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया है कि उन्होंने 3 पुरुष IAS अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजी हैं। साथ ही उन्होंने IAS अधिकारी पर कई आरोप भी लगाए। वहीं रोहिणी का कहना है कि रूपा उन्हें बदनाम करने के लिए अभियान चला रही हैं और झूठे आरोप लगा रही हैं, जिनका कोई आधार नहीं है।

IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी ने कहा कि वो IPS अधिकारी डी रूपा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करते हुए अन्य प्रकार की कार्रवाई भी करेंगी। उन पर दुर्व्यवहार और आपराधिक धाराओं में FIR दर्ज कराने की बात भी कही गई है। रोहिणी का कहना है कि रूपा ने सोशल मीडिया और उनके व्हाट्सएप्प स्टेटस से तस्वीरें लेकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। उन्होंने चुनौती दी कि वो उन पुरुष अधिकारियों के नाम सार्वजानिक करें, जिन्हें वो ये तस्वीरें भेजे जाने की बातें कह रही हैं।

कर्नाटक के मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने इस मुद्दे को व्यक्तिगत बताते हुए इस पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। रूपा ने रोहिणी की 7 तस्वीरें अपने फेसबुक हैंडल से जारी कीं और कहा कि 2021-22 में सिंदूरी ने इन्हें IAS अधिकारियों के साथ साझा किया था। उन्होंने पूछा कि तीन-तीन अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजे जाने का क्या मतलब है? साथ ही कहा कि इस कारण ये मामला अब व्यक्तिगत नहीं रह गया है।

रूपा ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि इस तरह से आपत्तिजनक तस्वीरें शेयर करना गलत है। उन्होंने कहा कि बिना कोई सहानुभूति दिखाए रोहिणी सिंदूरी के खिलाफ जाँच की जानी चाहिए। उन्होंने ये आरोप भी लगाया कि मैसूर डीसी हेरिटेज बिल्डिंग ‘सन्निधि’ में वक स्विमिंग पूल बनाने बनवाने को लेकर उनके खिलाफ जाँच शुरू करने में देरी हुई। उन्होंने कहा कि शुरुआती जाँच में गड़बड़ियाँ पाए जाने के बावजूद उन पर विभागीय कार्रवाई नहीं हुई।

19 आरोपों में एक यह भी है कि IAS अधिकारी रोहिणी सिंदूरी ने लैंड रिकॉर्ड और सर्वे डिपार्टमेंट से सूचनाएँ लेकर रेस्ट एस्टेट के कारोबार में लगे अपने परिवार वालों की मदद की। साथ ही ज़्यादा बिल दिखाने के मामले में उनके खिलाफ लोकायुक्त शिकायत भी है। केआर नगर के जेडीएस विधायक एसआर महेश की रोहिणी के साथ झड़प हुई थी और वो विधानसभा में मामले को उठाते रहे हैं। उन्होंने सिंदूरी के खिलाफ कुछ दस्तावेज भी राज्य सरकार को सौंपे जाने की बात बताई थी।

IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल का कहना है कि साथी अधिकारियों के साथ भी रोहिणी सिंदूरी की कई बार झड़प हो चुकी है। मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन कमिश्नर शिल्पा नाग के साथ उनकी झड़प हुई थी। शिल्पा ने रोहिणी पर अपमान करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया था। चामराजनगर अस्पताल में कोरोना महामारी के दौरान 24 लोगों की मौत को भी उन्होंने रूपा से जोड़ते हुए पर्याप्त ऑक्सीजन ट्रांसफर न किए जाने का आरोप लगाया।

एलन मस्क की राह पर मार्क जुकरबर्ग: फेसबुक-इंस्टाग्राम भी ट्विटर की तरह ब्लू टिक के हर महीने वसूलेगा पैसे, जानिए वेरिफाइड सर्विस की कीमत

माइक्रो ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर के बाद फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप की पैरेंट कंपनी मेटा (META) यूजर्स से वेरिफाइड अकाउंट के लिए अब हर महीने पैसे वसूलेगी। मेटा के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग (Mark Zuckerberg) ने सोमवार (20 फरवरी 2023) को फेसबुक पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। फिलहाल, इसे ट्रायल बेसिस पर ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के यूजर्स के लिए रोलआउट किया जा रहा है। टेस्ट के बाद अमेरिका में इसे लॉन्च किया जाएगा।

जुकरबर्ग ने फेसबुक पर लिखा, “इस हफ्ते हम मेटा वेरिफाइड सर्विस शुरू करने जा रहे हैं। यह एक सब्सक्रिप्शन सर्विस है। इसमें सरकारी पहचान पत्र के जरिए आपको ब्लू टिक मिल जाएगा। इससे अकाउंट को एक्स्ट्रा प्रोटेक्शन मिल सकेगी। इसके अलावा भी कई एक्स्ट्रा फीचर्स यूजर्स को दिए जाएँगे। यह नई सर्विस प्रामाणिकता और सुरक्षा बढ़ाने के लिए है।”

मेटा के फाउंडर मार्क जुकरबर्ग का फेसबुक पोस्ट

जुकरबर्ग ने आगे बताया, “हम इस सर्विस को पहले ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में शुरू करेंगे। इसके बाद जल्द ही दूसरे देशों में भी इसे रोल आउट किया जाएगा। इसके लिए यूजर को वेब के लिए हर महीने 11.99 डॉलर (करीब 990 रुपए) और IOS वालों को 14.99 डॉलर (करीब 1238 रुपए) देने होंगे।” हालाँकि, भारत में यह सर्विस कब से लागू होगी अभी तक यह साफ़ नहीं है।

कंपनी ने इनसाइडर को बताया कि इससे मेटा वेरिफाइड यूजर्स को प्लेटफॉर्म पर ज्यादा विजिबिलिटी और प्रोटेक्शन मिल सकेगी। यानी कोई भी उनकी फेक आईडी नहीं बना पाएगा। इसके साथ ही मेटा किसी भी यूजर्स के अ​काउंट को वेरिफाइड करने के लिए उसकी एक सरकारी आईडी का इस्तेमाल करेगा।

मार्क जुकरबर्ग ने यह आधिकारिक घोषणा सोशल मीडिया सलाहकार मैट नवरारा (Matt Navarra) द्वारा रविवार (19 फरवरी 2023) को इंस्टाग्राम के हेल्प सेंटर पेज पर एक पोस्ट के बारे में ट्वीट किए जाने के बाद की है। इससे लगता है कि यह नई सुविधा जल्द ही लॉन्च की जाएगी। पोस्ट को हटाए जाने से पहले इनसाइडर ने इसका स्क्रीनशॉट ले लिया था।

मेटा वेरिफाइड पर इंस्टाग्राम हेल्प सेंटर पेज का स्क्रीनशॉट। (फोटो साभार: businessinsider)

हेल्प पेज पोस्ट में कहा गया है कि सब्सक्राइबर्स को इंस्टाग्राम स्टोरीज के लिए एक्सक्लूसिव स्टिकर्स मिल सकते हैं। इसके साथ ही अकाउंट को वेरिफाइड कराने के लिए यूजर्स की उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। नवरारा ने इनसाइडर को बताया कि मेटा के लिए पेड वेरिफिकेशन प्लान पर विचार करना सही है, क्योंकि मॉर्केट में प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है। ज्यादातर कंपनियाँ चुनौतीपूर्ण आर्थिक संकट का सामना कर रही हैं। उन्होंने कहा आगे कहा, “Snap with Snapchat+ और Twitter with Twitter Blue ने सोशल मीडिया कंपनियों के लिए राजस्व का एक नया रास्ता खोल दिया है।”

टेक्नॉलॉजी और गैजेट्स न्यूज मॉनिटर टेकड्रॉइडर के मुताबिक, मेटा वेरिफाइड सर्विस यूजर्स को वेरिफाइड बैज, कस्टमर सपोर्ट, एक्टिव इंपर्सनेशन मॉनिटरिंग, दूसरे लोगों के कमेंट्स में प्राथमिकता, एक्सप्लोर पेज और इंस्टाग्राम पर रील्स बनाने के लिए एक्सक्लूसिव स्टिकर्स का फायदा मिलेगा। इसके अलावा, मेटा वेरिफाइड यूजर्स को उनके इंस्टाग्राम, फेसबुक स्टोरीज और रील्स के लिए एक्सक्लूसिव स्टिकर्स के साथ-साथ 100 फ्री मंथली स्टार्स भी मिलेंगे, जो फेसबुक क्रिएटर्स को टिप देने के लिए एक डिजिटल करेंसी है।