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पटना में 50 राउंड गोलीबारी, 2 की मौत: मैरिज हॉल भी फूँक डाला, जल कर ख़ाक हुई कई गाड़ियाँ

बिहार की राजधानी पटना में पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद में 50 राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग में 6 लोगों की गोली लगी, जिसमें से दो की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपित के घर और मैरिज हॉल में आग लगा दी। पुलिस ने घर में फँसे लोगों को बाहर निकाला। घटना रविवार (19 फरवरी, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला पटना के नदी थाना क्षेत्र के जेठूली गंगा घाट इलाके है। मृतक के परिजनों का कहना है कि उमेश राय नामक दबंग व्यक्ति ने इस घटना को अंजाम दिया है। उमेश ट्रक से गिट्टी गिरवा रहा था। इस कारण पार्किंग का रास्ता बंद हो गया था तथा कार निकालने में दिक्कत हो रही थी। जब उससे रास्ता खाली करने के लिए कहा गया तो वह विवाद करने लगा।

पीड़ितों के परिजन संजीत कुमार उर्फ टुनटुन यादव ने कहा है कि कार पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद जेठूली गाँव के रमेश राय, सतीश राय, उमेश राय, बच्चा राय ने मिलकर गौतम कुमार पर जमकर गोलीबारी की। उन्होंने यह भी कहा है कि उमेश राय के लोगों ने 50 राउंड से अधिक गोलीबारी की है। इसमें कुल 6 लोगों को गोली लगी थी, जिसमें से गौतम कुमार और रोशन राय की मौत हो चुकी है। घायलों का इलाज पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।

वहीं फायरिंग के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपितों के घर और मैरिज हॉल में आग लगा दी। इससे घर में खड़ी गाड़ियाँ जलकर खाक हो गईं। वहीं घर के अंदर मौजूद महिलाओं, बच्चों व अन्य लोगों को पुलिस ने रेस्क्यू कर बचा लिया है।

कहा जा रहा है कि लोगों ने अन्य आरोपितों के घरों पर भी आग लगाने की कोशिश की है। यही नहीं, आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड का रास्ता रोकते हुए उसके पहियों की हवा निकाल दी गई थी। फिलहाल, इस पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन शांति व्यवस्था बहाल करने में जुटा हुआ है।

अजीम ओ शान शहंशाह… करीम ने छत पर खड़े होकर की नोटों की बारिश, बटोरने के लिए जुटी भीड़: भतीजे रज्जाक की शादी का मना रहा था जश्न

गुजरात के मेहसाणा जिले में पूर्व सरपंच और उसके रिश्तेदारों ने जमकर नोट लुटाए। दरअसल, पूर्व सरपंच करीम यादव के भतीजे की शादी का जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान लोगों ने छत पर खड़े होकर नोटों की बारिश कर दी। 100 से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की बारिश के बीच उन्हें बटोरने के लिए गाँव के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल वीडियो मेहसाणा जिले के केकरी तहसील के सेवड़ा अगोल गाँव का है। जहाँ पूर्व सरपंच करीम यादव के भाई रसूल यादव के बेटे रज्जाक की शादी थी। इस शादी के जश्न में डूबे करीम यादव और उसके रिश्तेदार छत पर खड़े होकर नोटों की बारिश करने लगे।

बड़ी बात यह रही कि करीम यादव और उसके रिश्तेदारों ने 100 रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की बारिश की है। नोटों की बारिश के बीच गाँव के लोग उन्हें बटोरने के लिए करीम यादव के घर के नीचे इकट्ठा हो गए। इस दौरान लोगों के बीच हाथापाई भी हुई है। कहा जा रहा है कि पूर्व सरपंच के घर से लाखों रुपए के नोट उड़ाए गए हैं।

इसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि करीम यादव औए हसक रिश्तेदार नोट उड़ा रहे हैं। वहीं घर के नीचे खड़े लोग नोटों को पकड़ने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में जोधा अकबर फिल्म का गाना ‘अजीमो शान शहंशाह…’ बजता सुनाई दे रहा है।

वायरल वीडियो को लेकर नेटिजेन्स ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया

@somvanshi_shubh नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “मैं बारिश कर दूँ पैसे की जो तू हो जाए मेरी। यह सच कर दिखाया गया गुजरात में। गुजरात के मेहसाणा जिले में पूर्व सरपंच के भतीजे की शादी थी जिसमें लाखों रुपए हवा में उड़ाए गए। 100 और 500 रुपए के उड़ाए गए नोट।”

@girishpandy नामक यूजर ने लिखा है, “पैसों की बरसात, सुना तो होगा ही। देख भी लें। वीडियो गुजरात में किसी पूर्व सरपंच के भतीजे की शादी समारोह की बताई जा रही। छत से रिश्तेदार रूपी देवता नोट बरसा रहे। नीचे आवाम इस बारिश को जी भर लूट रही है।”

@rakeshjrrsu ने ट्वीट कर कहा, “100, 200 और 500 के नोटों की यह बरसात गुजरात में एक पूर्व सरपंच के बेटे के विवाह अवसर पर हो रही है। कहा जा रहा है कि करोड़ों के नोट लुटाए गए हैं। बताया यह भी जा रहा है कि यह वीडियो भारत से ज्यादा पाकिस्तान में देखा जा रहा है।”

मंदिर में घुस कर मूर्तियाँ खंडित करने वाले सैफ को यूपी पुलिस ने दबोचा: दानपात्र भी लूट लिया, विरोध करने वालों को मारने दौड़ा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक मंदिर में घुस कर मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने मंदिर में घुस कर चोरी की और रोकने आए लोगों पर हमले का भी प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है जिसका नाम मोहम्मद सैफ है। घटना रविवार (19 फरवरी, 2023) शाम 5 बजे की है।

यह मामला अलीगढ़ के थाना सिविल लाइंस का है। यहाँ थाने के बगल हरिजन बस्ती है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लोगों की बहुलता वाली इस बस्ती के लोगों की आस्था भगवान शिव में है और उन्होंने सामूहिक तौर पर एक मंदिर बनवा रखा है। पूरे मोहल्ले के लोग वहाँ सामूहिक तौर पर पूजा-पाठ करते हैं। घटना के शिकायतकर्ता हरिजन बस्ती के रहने वाले कुँवरपाल जाटव हैं। उन्होंने बताया कि घटना के दिन एक अज्ञात चोर मंदिर में घुस आया और मंदिर के दानपात्र से रुपए चुराने लगा। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

शिकायत में कुँवरपाल ने आगे बताया है कि उन्होंने चोर को रोकने का प्रयास किया तो आस-पास के भी लोग जमा हो गए। सबने मिल कर चोर को पकड़ने की कोशिश की। इस आपाधापी के दौरान चोर ने अपने हाथ में लिए गए एक डंडे से खुद को पकड़ रहे लोगों पर हमला किया। हालाँकि, चोर का ये वार चूक गया और कुँवरपाल बाल-बाल बच गए। शोरगुल सुन कर बाकी लोग भी जमा हो गए और सबने मिल कर चोर को पकड़ लिया। चोर द्वारा भागने के प्रयास में मंदिर में रखी मूर्ति को भी नुकसान पहुँचा। घटना के बड़ा मंदिर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

शिकायत के मुताबिक, पकड़े जाने पर चोर ने खुद को मोहम्मद माजिद का बेटा मोहम्मद सैफ बताया। सैफ मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित सिविल लाइन्स के दोदपुर इलाके का रहने वाला है। तलाशी लेने पर उसके पास से मंदिर के दानपात्र से चुराए गए 100 रुपए भी बरामद हुए। लोगों ने सैफ को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने सैफ के खिलाफ IPC की धारा 458, 382, 411 और 427 के तहत FIR दर्ज करते हुए आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता कुँवरपाल ने बताया कि सैफ नशे का भी आदी है और अक्सर इधर-उधर घूमा करता है।

‘नाबालिग को ‘आजा-आजा’ कहना यौन उत्पीड़न’: मुंबई की अदालत ने युवक को सुनाई 6 महीने की सज़ा

मुंबई की एक अदालत ने कहा है कि लड़की का पीछा करना और बार-बार ‘आजा-आजा’ कहना यौन उत्पीड़न है। इसी के साथ, अदालत ने साल 2015 में दर्ज हुए एक मामले की सुनवाई करते हुए 32 वर्षीय युवक को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया। साथ ही, आरोपित को 6 महीने की सजा सुनाई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला सितंबर 2015 का है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह पैदल चलकर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। इस दौरान आरोपित युवक उसका साइकिल से पीछा करता था। यही नहीं, इस दौरान वह उसे बार-बार ‘आजा-आजा’ बोलकर परेशान भी करता था। पीड़िता ने कहा था कि आरोपित ने ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई बार किया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि आरोपित ने जब पहली बार उसे परेशान किया तो उसने रास्ते में मौजूद लोगों से मदद माँगी थी। उन लोगों ने आरोपित को पकड़ने की कोशिश भी की थी। लेकिन वह साइकिल से भाग निकला था। यह सब कई दिनों तक चलता था। इस दौरान पीड़िता ने इस घटना के बारे में अपने माता-पिता और ट्यूशन टीचर को बताया था। हालाँकि वह आरोपित के बारे में कुछ भी बता नहीं पाई थी।

इसके बाद पीड़िता ने एक दिन देखा कि आरोपित युवक एक बिल्डिंग में नाइट वॉचमैन के रूप में काम करता है। इस पर पीड़िता ने आरोपित के बारे में अपनी माँ को बताया और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने जाँच दर्ज करते हुए आरोपित को सितंबर 2015 में गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि बाद में मार्च 2016 में उसे जमानत मिल गई।

इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपित को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया। हालाँकि इसके बाद उसने कहा है कि वह बेहद गरीब है, उसकी पत्नी और तीन साल का बच्चा है। इसलिए उस पर रहम किया जाए। आरोपित की गुहार सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.जे. खान ने उसे 6 महीने की ही सजा सुनाई। चूँकि आरोपित सितंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच 6 महीने की जेल की सजा काट चुका है। इसलिए उसे जेल नहीं भेजा जाएगा।

SDM ने शिवलिंग को चबूतरा सहित गिराने का दिया आदेश, SHO ने प्रणाम किया और… कानपुर में माँ-बेटी के ज़िंदा जलने के मामले का नया वीडियो

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में माँ-बेटी की की जल कर हुई मौत के मामले का बताते हुए एक नया वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस फ़ोर्स का नेतृत्व करते SHO द्वारा शिवलिंग को प्रणाम किया गया है। वहीं इसी वीडियो में दिख रहे एक अन्य व्यक्ति द्वारा SDM होने का दावा करते हुए उनके द्वारा शिवलिंग को चबूतरे सहित गिराने का निर्देश दिया जा रहा है। मामले की जाँच कर रही SIT ने वीडियो का संज्ञान लिया है।

लगभग 1 मिनट से कम समय के इस वीडियो में पुलिस फ़ोर्स को SDM के साथ खड़ा देखा जा सकता है। कुछ देर बाद SHO शिवलिंग के चबूतरे पर चढ़े और उन्होंने शिव को प्रणाम किया। इसके बाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश गौतम को नीचे उतरने के लिए कहा जाता है। सफेद शर्ट में खड़े एक व्यक्ति जिसे SDM बताया जा रहा है उन्हें कुछ ही देर में बुलडोजर को शिवलिंग गिराने का इशारा करते देखा जा सकता है। इसके बाद JCB मशीन ने चबूतरे को तोड़ डाला।

मीडिया रिपोर्ट्स में गाँव वालों के हवाले से दावा किया गया है कि थाना प्रभारी शिवलिंग को गिराए जाने के पक्ष में नहीं थे। हालाँकि, पद में काफी सीनियर SDM के जिद पर अड़े रहने के चलते शिवलिंग सहित चबूतरा आखिरकार तोड़ डाला गया। बताया जा रहा है कि चबूतरा टूटने के बाद SHO ने शिवलिंग को अपने तौलिये में लपेट कर रख दिया था। हालाँकि, इसके बाद आगजनी की घटना हो गई और घटनास्थल पर भगदड़ मच गई।

जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जाँच कर रही SIT ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है। जाँच में इसे भी शामिल किया जा चुका है। हालाँकि, ऑपइंडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। गौरतलब है कि सोमवार (13 फरवरी, 2023) को कानपुर देहात के गाँव मड़ौली में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान माँ-बेटी की जल कर मौत हो गई थी। इस घटना में SDM, SHO, कानूनगो, लेखपाल सहित अन्य पुलिसकर्मियों और गॉंव के 4 सदस्यों के नाम नामजद FIR दर्ज हुई थी।

आरोपितों की कुल संख्या 60 है। अब तक लेखपाल और JCB ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई है। SHO और SDM सस्पेंड कर दिए गए हैं।

जिनसे अपनी पार्टी नहीं संभल रही, वो नीतीश चले BJP को 100 पर समेटने: यहाँ जितनी पार्टी उतने PM उम्मीदवार, कुछ खामोश खिलाड़ी भी राह में रोड़ा

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार पूर्व प्रधानमंत्री एडडी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल की तरह बनना चाहते हैं। दरअसल बिहार में लगभग 18 सालों से मुख्यमंत्री रहने वाले नीतीश कुमार अब प्रधानमंत्री के सपने देख रहे हैं। ये सपने वे अपने जदयू के भरोसे पूरा नहीं कर सकते तो वे गठबंधन बनाने की बात कर रहे हैं।

दरअसल 1990 का दशक गठबंधन का दशक था। इस दौरान जनता फ्रंट में कई दलों के साथ एचजी देवेगौड़ा और इंद्र कुमार गुजराल प्रधानमंत्री बने, लेकिन दोनों एक साल का कार्यकाल भी पूरा नहीं कर पाए। आपसी खींचातान में दोनों को इस्तीफा देना पड़ा था। रविशंकर भी नीतीश कुमार को वही याद याद दिला रहे हैं।

नीतीश कुमार आजकल भाजपा के खिलाफ गठबंधन बनाने के लिए देश भर में घूम रहे हैं और विपक्षी दलों के नेताओं से मिल रहे हैं। अपने महत्वाकांक्षा को पूरा करने के लिए वे उस पार्टी के साथ भी हाथ मिला लिए, जिसका विरोध करके वे पिछले 10 सालों तक भाजपा से साथ रहे। लेकिन, दूसरी बार भाजपा से नाता तोड़कर वे लालू प्रसाद यादव के खेमे में जा पहुँचे हैं।

नीतीश कुमार के इस कदम को मौकापरस्ती का नाम दिया गया। हालाँकि, राजनीति में मौकापरस्ती या विरोधी जैसा कोई शब्द नहीं होता। वहाँ होता है सिर्फ सत्ता। बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की JDU और तेजस्वी यादव की RJD का गठबंधन इसी सत्ता के बँटवारे पर आधारित है। बिहार में जब वे दूसरी बार राजद के साथ मिले थे, कहा जाता है कि अंदरखाने में डील हुई थी कि नीतीश कुमार 2024 के पहले बिहार की बागडोर तेजस्वी को सौंप देंगे और वे केंद्र की राजनीति की ओर बढ़ेंगे।

ये बात कुछ सच भी लगती है कि क्योंकि समय-समय उनके मुखर विरोधी राजद उन्हें पीएम मैटेरियल बताते रहता है। राजद-जदयू के पहली बार के गठबंधन में ये सामंजस्य नहीं दिखता था और नीतीश कुमार के खिलाफ उनके सहयोग राजद की तरफ से आते रहते थे। नीतीश कुमार प्रधानमंत्री के सपने अब सिर्फ देख नहीं रहे हैं, बल्कि अब उसे जी रहे हैं। इसके लिए वे विपक्ष के नेताओं से लगातार मिल भी रहे हैं।

कुछ दिन पहले नीतीश कुमार सीपीआई एमएल के राष्ट्रीय अधिवेशन में भी शामिल हुए। यहाँ से उन्होंने यह कहकर कॉन्ग्रेस को संदेश भेजा कि अगर सभी विपक्षी दल साथ आ गए तो भाजपा को 100 सीटें लानी भी मुश्किल हो जाएँगी। उन्होंने कॉन्ग्रेस को आने के लिए भी कहा। हालाँकि, कॉन्ग्रेस ने उनके बयान को महत्व दिया और कहा कि कॉन्ग्रेस भी यही चाहती है। सवाल ये था पहले ‘आई लव यू’ कौन कहे?

कॉन्ग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा ने नीतीश कुमार का जवाब देते हुे कहा था कि जो उनकी मंशा है, वही कॉन्ग्रेसे की है। उन्होंने कहा, हालाँकि, स्थिति उन दो प्रेमियों की तरह है जो अपना समय यह तय करने में लगा रहे हैं कि पहले आई लव यू किसको बोलना चाहिए। कभी-कभी ऐसा होता है, जब अनुभवहीन प्रेमी पहले कदम उठाने से हिचकता है।”

अब यहाँ सबसे बड़ा सवाल ये ही कि अनुभवहीन प्रेमी कौन है। कौन अनुभवी है। जदयू या कॉन्ग्रेस? यहाँ कॉन्ग्रेस ही खुद को अनुभवी कहेगी। ऐसे में नीतीश के नेतृत्व को स्वीकार करने की संभावना बेहद कम है। राहुल गाँधी पिछले कुछ महीनों की कन्याकुमारी से कश्मीर तक की अपनी 3500 किलोमीटर तक की यात्रा पूरी किए हैं। ऐसे में कॉन्ग्रेस राहुल गाँधी के सिवाय किसी और को स्वीकार नहीं करेगी। 24 फरवरी 2023 को रायपुर में होने वाली कॉन्ग्रेस के 85वें अधिवेशन में यह साफ भी हो जाएगा।

पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान भी तृणमूल कॉन्ग्रेस की मुखिया और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कुछ ऐसा ही पहल किया था। उस समय भी नेतृत्व को लेकर सवाल उठा था और कॉन्ग्रेस ने स्पष्ट कर दिया कर दिया था कि वह किसी नेतृत्व में काम नहीं करेगी, बल्कि विपक्ष को कॉन्ग्रेस के नेतृत्व में काम करना चाहिए।

बात सिर्फ नीतीश कुमार और राहुल गाँधी की होती तो संभवत: समाधान निकल भी आता है, लेकिन यहाँ तो जितनी पार्टी उतने प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। एनसीपी प्रमुख शरद पवार, टीएमसी की मुखिया ममता बनर्जी, बसापा की मुखिया मायावती से लेकर तेलंगाना के मुखिया केसीआर खुद ही प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। ऐसे में किसी एक छत्र के नेता इन नेताओं का इकट्ठा होना टेढ़ी खीर नजर आ रहा है।

ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक, आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी बिल्कुल खामोश हैं। उनके विपक्षी चंद्रबाबू नायडू पहले कह दिया है कि इस बार का चुनाव उनका आखिरी होगा। यानी वे अब सक्रिया राजनीति में नहीं रहेंगे। ऐसे में उनके लिए साथ या विरोध बेमानी बन जाता है। केसीआर अलग ही चौथा मौर्चा बना रहे हैं। ऐसे में पूरे विपक्ष को एकछत्र के नीचे आने की आशा कम ही है।

इतने सब कद्दावर नेताओं के बीच नीतीश कुमार की प्रधानमंत्री की उम्मीदवारी कितनी ताकतवर है, उसका अंदाजा इस बात से भी से लगा सकता है कि उपर कहे गए नेताओं में अधिकांश नेता ना सिर्फ अपनी-अपनी पार्टी सर्वेसर्वा और निर्विवाद नेता हैं, बल्कि अपने-अपने राज्यों में बहुमत की सरकार भी चला रहे हैं। इधर नीतीश कुमार के नेतृत्व उनकी ही पार्टी के नेता स्वीकार नहीं कर रहे तो दूसरे दलों की संभावना और भी कम हो जाती है। नीतीश कुमार के लिए जीतनराम माँझी, आरसीपी सिंह के बाद अब उपेंद्र कुशवाहा समस्या बन गए हैं।

अगर पार्टी के अंदरूनी विरोध को छोड़ भी दें तो उनकी पार्टी जदयू का ऐसा कोई परफॉरमेंस नहीं है, जिससे विपक्षी नेता उन्हें राजनीति का चाणक्य मानकर उन्हें नेतृत्व को स्वीकार कर लें। नीतीश कुमार खुद भाजपा की नैया में बैठकर चुनाव की नदी पार करते रहे हैं और अहसान की कुर्सी संभालते रहे हैं। भाजपा के अलग होने के बाद यह काम राजद कर रही है, लेकिन बिना सहारे के जदयू अपंग जैसी है।

नीतीश कुमार का बिहार में कितना प्रभुत्व है इसका पता इससे भी चल जाता है कि नरेंद्र मोदी के उदय के बाद साल 2013 में उन्होंने भाजपा से नाता तोड़ लिया और साल 2014 के लोकसभा चुनाव में अकेले उतरे। बिहार की कुल 40 सीटों में वे सिर्फ दो सीटें जीतने में कामयाब रहे।

साल 2015 का बिहार विधानसभा चुनाव महागठबंधन के नाम से वे राजद, कॉन्ग्रेस और कम्युनिष्ट पार्टी के साथ लड़े। इसमें सबसे अधिक राजद को हुआ। यह चुनाव राजद के मृतसंजीवनी की तरह था। इसमें राजद 80 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। इसके बाद जदयू को 71 सीटें मिली। इसके बाद वे 2017 में गठबंधन से अलग होकर साल 2019 का चुनाव फिर भाजपा के साथ लड़े। इसमें उन्हें 16 सीटें मिलीं।

इस तरह नीतीश कुमार उस राज्य में ही कोई प्रभाव नहीं है, जहाँ वे पिछले 18 सालों से वे मुख्यमंत्री हैं। दूसरे राज्यों में तो उनका ना ही नाम है और ना ही जनाधार। ऐसे में कोई नेता उनका नेतृत्व स्वीकार करने को तैयार नहीं होगा। हालाँकि, पिछले कुछ दिनों यह कहकर कि वे प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नहीं हैं, सिर्फ भाजपा को हटाने के लिए विपक्षी दलों को एकजुट कर रहे हैं, अपनी छवि सबसे बड़ी भाजपा विरोधी के तौर पर बनाना चाह रहे हैं।

इसके साथ ही खुद को एक ऐसे नेता के तौर पर प्रस्तुत कर रहे हैं तो ईमानदार है और उसे किसी पद की चाहत नहीं है, ताकि किसी भी रूकावट की स्थिति में अंतिम विकल्प के तौर पर उनके नाम पर विचार किया जा सके। हालाँकि, इसकी भी संभावना नगण्य है, लेकिन राजनीति चौसर की बिसात है जहाँ नींद में सोते हुए व्यक्ति को जगाकर कह दिया जाता है कि वे प्रधानमंत्री पद का शपथ ग्रहण करे। रविशंकर इन्हीं इंद्र कुमार गुजराल की स्थिति का हवाला नीतीश कुमार को दे रहे हैं कि देखो गठबंधन का क्या हश्र होता कि सरकार 1 साल भी नहीं चल पाती।

महाशिवरात्रि पर महाकाल की नगरी ने बनाया गिनीज बुक रिकॉर्ड: 18 लाख दीयों से जगमगाया क्षिप्रा तट, 2 दिन में 15 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

महाशिवरात्रि पर महाकाल की नगरी उज्जैन दीयों की रोशनी से जगमगा उठी। शनिवार (18 फरवरी, 2023) को क्षिप्रा नदी के तट पर आयोजित हुए शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में एक साथ 18 लाख 82 हजार दीये जलाने का विश्व रिकॉर्ड बना। यही नहीं, महाशिवरात्रि के दिन दर्शन करने आए करीब 8 लाख लोगों ने महाकाल मंदिर से रिकॉर्ड 150 क्विंटल लड्डू की खरीददारी की है।

शिव ज्योति अर्पणम कार्यक्रम में एक साथ 21 लाख दीये जलाकर विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था। हालाँकि, 18 लाख 82 हजार 299 दीये ही जल सके। लेकिन, इसके बाद भी यह रिकॉर्ड, गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हो गया।

दीये जलाने के लिए पहले से ही खास इंतजाम किए गए थे। हूटर बजते ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दीया जलाकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद क्षिप्रा नदी के तट पर मौजूद लोगों ने दिए जलाने शुरू कर दिए। देखते ही देखते घाट दीपक की रोशनी से जगमगा उठे।

इस दौरान घाटों की बिजली बंद कर दी गई थी। इससे दीयों की रोशनी साफ देखी गई। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम ने दीये जलाने का विश्व रिकॉर्ड बनने के बाद सीएम शिवराज को सर्टिफिकेट सौंपा। इससे पहले दीये जलाने का विश्व रिकॉर्ड अयोध्या के नाम था। यह रिकॉर्ड दीपावली पर 24 अक्टूबर 2022 को बनाया गया था। तब राम नगरी में एक साथ 15 लाख 76 हजार दीये जलाए गए थे।

इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “मैं उज्जैन वासियों का अभिनंदन करता हूँ। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश तरक्की कर रहा है। मध्य प्रदेश किसी से कम नहीं है। महाकाल महाराज की कृपा मध्य प्रदेश पर बरस रही है। भगवान महाकाल की नगरी में सब कुछ अलौकिक है। आज से विक्रम उत्सव का भी शुभारंभ हो रहा है, जो वर्ष प्रतिपदा तक चलेगा। महाशिवरात्रि का पावन पर्व है। चारों तरफ आनंद की वर्षा हो रही है, इस आनंद में हम डूबे हुए हैं।”

दो दिन में 15 लाख लोगों ने किए दर्शन, बिक गए 150 क्विंटल लड्डू

उज्जैन के महाकाल मंदिर में महाशिवरात्रि पर 9 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए। वहीं इससे पहले दिन यानी शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को भी करीब 6 लाख लोगों ने दर्शन किए थे। इस तरह से दो दिन में 15 लाख से अधिक लोगों ने दर्शन किए। माना जा रहा है कि इतने अधिक दर्शनार्थियों को दर्शन की सुविधा करीब महाकाल लोक बन जाने से ही संभव हो सकी। महाकाल लोक करीब 800 करोड़ की लागत से बनकर तैयार हुआ।

इसके अलावा, महाशिवरात्रि में महाकाल मंदिर में प्रसाद के लिए बनाए गए 32 लड्डू विक्रय केंद्र से करीब 150 क्विंटल लड्डू की बिक्री हुई है। इससे एक दिन में महाकाल मंदिर समिति को करीब 54 लाख रुपए की आय हुई है।

पिछले 20 सालों में नहीं हुआ ऐसा… ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट तो जीता भारत, लेकिन KL राहुल निशाने पर: पूर्व क्रिकेटर बोले – कई प्रतिभाओं से छीना जा रहा मौका

भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ दिल्ली में हुए ‘बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी (BGT) 2023’ के दूसरे मैच में जीत दर्ज कर ली। रवींद्र जडेजा इस मैच के हीरो रहे, जिन्होंने दूसरी पारी में 7 विकेट लिए। उनके अलावा अक्षर पटेल का भी खासा योगदान रहा, जिन्होंने इस बार बल्ले से कमाल करते हुए 74 रनों की पारी खेली थी। कुल मिला कर मैच में रवींद्र जडेजा ने 10 विकेट लिए और रविचंद्रन आश्विन के खाते में 6 विकेट गए। ऑस्ट्रेलियाई टीम अपनी दूसरी पारी में मात्र 113 रनों पर ढह गई।

इधर इस मैच में भारत की जीत के बावजूद केएल राहुल की चर्चा हो रही है, जो अपने करियर के खराब फॉर्म से गुजर रहे हैं। सलामी बल्लेबाज केएल राहुल ने हाल ही में अभिनेता सुनील शेट्टी की बेटी आथिया से शादी की थी। इस सीरीज की तीन पारियों में उनके बल्ले से अब तक मात्र 38 रन ही निकले हैं। इससे पहले भी उनका फॉर्म कुछ अच्छा नहीं चल रहा था। इस कारण उन पर मीम्स की बौछार हो रही है और लोग उनके मजे ले रहे हैं।

केएल राहुल को टीम से बाहर निकाल कर शुभमन गिल या अन्य युवाओं को मौका देने के पक्ष में सबसे ज़्यादा मुखर पूर्व क्रिकेटर वेंकटेश प्रसाद हैं। उन्होंने कई ट्वीट्स कर के बताया कि कैसे मयंक अग्रवाल को भी इतने मौके नहीं मिले। शिखर धवन का औसत भी केएल राहुल से बेहतर है। उन्होंने टीम प्रबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर एक खिलाड़ी को इतने मौके क्यों दिए जा रहे हैं? उन्होंने कहा कि पिछले 20 वर्षों में भारतीय क्रिकेट टीम के किसी टॉप ऑर्डर बल्लेबाज ने इतने कम औसत से रन नहीं बनाए।

उन्होंने कहा कि केएल राहुल को टीम में बनाए रखने प्रतिभाशाली क्रिकेटरों से मौके छीनने के बराबर है। कई ऐसे इन फॉर्म बल्लेबाज हैं, जो इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान धवन और मयंक के औसत गिनने के अलावा गिल के फॉर्म की भी बात की। उन्होंने घरेलू में अच्छा प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जहाँ कुलदीप जैसों को परफॉर्म करने के बावजूद अगले मैच में बाहर कर दिया जाता है, केएल राहुल को मौका दिया जा रहा है जो फ़िलहाल भारत के शीर्ष 10 ओपनरों में भी नहीं आते हैं।

भावुक माहौल के बीच बागेश्वर धाम में वैवाहिक बंधन में बँधे 125 जोड़े, इनमें 58 अनाथ लड़कियाँ: माँ के चरणों में दंडवत दिखे पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम में रविवार (18 फरवरी 2023) को सामूहिक कन्या विवाह संपन्न हुआ। महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित इस विवाह सम्मेलन में 125 जोड़े विवाह बंधन में बंध गए। इसमें शामिल हुई 125 लड़कियों में से 58 ऐसी लड़कियाँ थीं, जिनके माता या पिता का निधन हो चुका है। शादी के बाद विदाई के दौरान, लड़कियों समेत बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी भावुक नजर आए।

ऐसी थी तैयारियाँ

बागेश्वर धाम में बीते 4 वर्षों से ‘कन्या विवाह’ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष हुए इस सामूहिक विवाह की तैयारियाँ महीनों पहले शुरू हो गईं थीं। इसके लिए सभी जोड़ों के लिए अलग-अलग पंडाल या विवाह मंडप बनाए गए थे। वर-वधु के परिजनों को पहले ही मंडप नंबर दे दिया गया था। यही नहीं, धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने लड़कियों के लहँगे और लड़कों की शेरवानी भी पहले ही उनके परिजनों को दे दी थी।

परिणय सूत्र में बाँधने के लिए सभी 125 जोड़े सुबह 7 से ही बागेश्वर धाम पहुँचना शुरू हो गए थे। इसके बाद करीब 10 बजे से शादी की रस्मों की शुरुआत हुई। धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने सभी कन्याओं का कन्यादान करते हुए रस्मों को आगे बढ़ाया। बैंड-बाजे की धमक और मंत्रोच्चारण गूँज के साथ वर-वधु शादी के बंधन में बंध गए।

इस मौके पर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि उन्होंने गरीबी बेहद करीब से देखी है। गरीबी से ही उन्हें गरीब कन्याओं के विवाह की प्रेरणा मिली। बागेश्वर बालाजी की कृपा से कन्याओं के विवाह का यह क्रम चलता रहेगा।

बागेश्वर धाम से मिली गृहस्थी की सामग्री

विवाहित जोड़ों को बागेश्वर धाम सेवा समिति की ओर से गृहस्थ की पूरी सामग्री दी जाती है। इसमें टीवी, फ्रिज, कूलर, बेड, सोफा, अलमारी, गैस सिलेंडर, बर्तन साड़ी, सोने-चाँदी के आभूषण सहित 70 सामग्री उपहार में दी गई। इस दौरान किन्नर समाज ने भी आशीर्वाद देते हुए सभी जोड़ों को 5-5 साड़ियाँ बतौर उपहार भेंट की।

इस कार्यक्रम के दौरान, मलूक पीठाधीश्वर राजेंद्र दास की महाराज, इंग्लैंड से आए राजराजेश्वर महाराज, किशोर दास महाराज, अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ ही प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज चौहान, भाजपा प्रदेशाध्यक्ष और खजुराहो सांसद वीडी शर्मा, अभिनेता गोविंद नामदेव, वन मंत्री विजय शाह, ब्रिटेन राजपरिवार के प्रतिनिधि साइमन ओवन्स समेत कई अन्य हस्ती मौजूद रहे।

पूरियाँ बेले, माँ के चरणों में दिखे धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री

बागेश्वर धाम में बीते 4 सालों से अन्नपूर्णा भंडारा चल रहा है। इस भंडारे में हर रोज हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। ‘कन्या विवाह’ के इस कार्यक्रम के लिए भंडारे की अलग से व्यवस्था की गई थी। इस दौरान धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भंडारे का लिए खाना बना रही महिलाओं के साथ पूरियाँ बेलते दिखाई दिए। यही नहीं, उनकी एक फोटो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। इस फोटो में वह अपनी माँ को दंडवत प्रणाम करते दिखाई दे रहे हैं।

भावुक हुआ ‘बागेश्वर धाम’

125 कन्याओं के विवाह के बाद जब विदाई का समय आया तो बागेश्वर धाम में मौजूद हर आँखें नम दिखाई दी। दरअसल, विदाई के पहले तक वहाँ सब कुछ सामान्य चल रहा था। हर ओर खुशियाँ हुई थीं। लेकिन विदाई के दौरान जब लड़कियों ने रोना शुरू किया तो उनके परिजनों सहित इस विवाह सम्मेलन का हिस्सा बनने आए लाखों लोग भावुक नजर आए। यही नहीं, ‘बेटियों’ को रोता देख बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी भावुक हो गए।

मुख़्तार अंसारी की बहू के iPhone में दुबई-UAE के नंबर: सख्ती के बाद दिया पासवर्ड, पुलिस के पहुँचते फोन कर दिया था लॉक

जेल में बंद बाप-बेटे गैंगस्टर मुख्तार अंसारी और सुभाजपा विधायक अब्बास अंसारी के बाद अब निकहत अंसारी को मुश्किलें बढ़ गई हैं। निकहत अब्बास की बीवी हैं और वह चित्रकूट जेल में अवैध तरीके से उनसे मिलती थीं। पुलिस को निकहत के मोबाइल से विदेशों के नंबर मिले हैं। उनका दुबई का कनेक्शन सामने आया है।

निकहत को 10 फरवरी 2023 को चित्रकूट जेल के डिप्टी जेलर के कमरे में अपने शौहर के साथ मिलने और समय बिताने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से पुलिस निकहत और उनके ड्राइवर नियाज अहमद से लगातार पूछताछ कर रही थी। पूछताछ में निहकत अपने iPhone का पासवर्ड पुलिस को नहीं दे रही थी।

गैंगस्टर मुख्तार की बहू से उत्तर प्रदेश SIT, STF और साइबर टीमों ने लभग 8 घंटे तक पूछताछ की। हालाँकि, सख्ती के बाद उन्होंने अपने दोनों मोबाइलों का पासवर्ड दिया। इसमें दुबई और यूएई के नंबर मिले। पुलिस टीम ने उनके नंबर का कॉल डिटेल तो कई विदेशी नंबरों पर बातचीत मिली।

दरअसल, जेल में अपने शौहर से मिलने जब निकहत गई थी, इन्हीं दो फोन को लेकर वह गई थी। जैसे ही पुलिस निकहत तक पहुँची, उन्होंने अपने दोनों फोन लॉक कर दिए। बार-बार कहने के बावजूद निकहत अपने आईफोन का पासवर्ड नहीं दे रही थी। आईफोन के खुलने के साथ ही पुलिस को कई सनसनीखेज जानकारियाँ मिली हैं।

मोबाइन जाँच करने के बाद पुलिस को पता चला है कि आईफोन पर UAE और दुबई से थे। अब निकहत के आईफोन के फेस ऐप को भी खंगालने में जुटी है। पुलिस को शक है कि अब्बास फेस ऐप के जरिए जेल से ही अपना कारोबार चलाता था। फेस के जरिए ही उस पर धमकी देने से लेकर अपने गुर्गों से संपर्क करने तक का आरोप है।

पुलिस ने फिलहाल निकहत और ड्राइवर नियाज को रिमांड पर लिया है। नियाज हमेशा निकहत के साथ रहता था। निकहत किसके मिल रही है, किससे बात कर रही है इन सब चीजों की उससे जानकारी होती है। गिरफ्तारी के वक्त नियाज ने अपना मोबाइल को भी गायब कर दिया था। पुलिस उसके मोबाइल को बरामद करने में जुटी है।

निकहत अंसारी पर अपने शौहर को जेल से भगाने की साजिश रचने का भी आरोप है।

रिपोर्ट के मुताबिक, छापे के दौरान जब महिला पुलिसकर्मियों ने निकहत को पकड़ा तो उन्होंने पुलिसकर्मियों का हाथ झटक दिया था निकहत ने हाथ पकड़ने वाली महिला पुलिसकर्मी को धमकाते हुए कहा था कि ‘मैं खुद चल रही हूँ, घसीटने की कोशिश की तो अंजाम अच्छा नहीं होगा’। निकहत के पास दो मोबाइल और सऊदी अरब की करेंसी बरामद हुई थी। 

बता दें कि बीवी के रोज जेल में घंटों बिताने की घटना सामने आने के बाद अब्बास अंसारी को चित्रकूट से कासगंज जेल भेज दिया गया है। अब्बास मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में पिछले तीन महीने से चित्रकूट जेल में बंद थे।