Home Blog Page 2011

‘प्राइवेट फोटो’ पर लड़ने वाली महिला IAS और IPS का ट्रांसफर, नेटिजन्स बोले- ये आम लोगों के मसले क्या सुलझाएँगे, इनके खुद के लफड़े इतने

सोशल मीडिया में एक-दूसरे से उलझने वालीं कर्नाटक की महिला आईपीएस (IPS) अधिकारी डी रूपा मौदगिल और आईएएस (IAS) अधिकारी रोहिणी सिंदूरी का तबादला कर दिया गया है। दोनों को नई तैनाती फिलहाल नहीं दी गई है। रूपा मौदगिल के पति आईएएस अधिकारी मुनीश मौदगिल का भी ट्रांसफर किए जाने की खबर है।

रूपा मौदगिल ने रोहिणी सिंदूरी की कुछ तस्वीरें जारी करते हुए आरोप लगाया था कि उन्होंने 3 पुरुष IAS अधिकारियों को ये तस्वीरें भेजी हैं। साथ ही उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे। जवाब में रोहिणी ने रूपा को मानसिक बीमार बताया था। दोनों महिला नौकरशाहों के इस रवैए पर राज्य के गृह मंत्री ने अरागा ज्ञानेंद्र ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की चेतावनी दी थी।

अब दोनों का तबादला कर दिया गया है। डी रूपा कर्नाटक हस्तशिल्प विकास निगम की प्रबंध निदेशक थीं। वहीं, रोहिणी के पास हिंदू धार्मिक संस्थानों और धर्मार्थ बंदोबस्ती विभाग के आयुक्त की जिम्मेदारी थी। सोशल मीडिया में दोनों का झगड़ा इतना चर्चित हो गया था कि नेटिजन्स ये तक कहने लगे थे कि जब इनके खुद के लफड़े इतने हैं तो ये आम लोगों के मसले कैसे सुलझाएँगे।

एक यूजर ने कहा है कि रूपा के पति मुनीश मौदगिल का भी तबादला हो गया है। कोई इस पर वेबसीरीज बना दो…।

ट्विटर पर The Painted Veil नाम के यूजर लिखते हैं, “यह बिना किसी जवाबदेही और जिम्मेदारी के आनंदपूर्वक जीवन जीने वालों की कभी न खत्म होने वाली कहानी के अलावा और कुछ नहीं है। ये इस धरती पर रहने वाले सबसे भ्रष्ट लोग हैं।”

IPS रूपा ने IAS रोहिणी पर लगाए आरोप

आपको बता दें कि रोहिणी का कहना था कि रूपा उन्हें बदनाम करने के झूठे आरोप लगा रही हैं। उन्होंने कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी थी। रोहिणी का कहना था कि रूपा ने सोशल मीडिया और उनके व्हाट्सएप्प स्टेटस से तस्वीरें लेकर उन्हें बदनाम करने की साजिश रची। अगर उनकी बात में सच्चाई है, तो वह उन पुरुष अधिकारियों के नाम सार्वजानिक करें, जिन्हें वो ये तस्वीरें भेजे जाने की बातें कह रही हैं।

IPS अधिकारी रूपा दिवाकर मौदगिल का कहना था कि साथी अधिकारियों के साथ भी रोहिणी सिंदूरी की पहले भी कई बार झड़प हो चुकी है। मैसूर सिटी कॉर्पोरेशन कमिश्नर शिल्पा नाग के साथ उनकी झड़प हुई थी। शिल्पा ने रोहिणी पर अपमान करने के आरोप लगाए थे, जिसके बाद दोनों का ट्रांसफर कर दिया गया था।

पाकिस्तान में मारा गया आतंकी बशीर अहमद, भारत में था मोस्ट वॉन्टेड: जिस शहर में है Pak फ़ौज का मुख्यालय, वहीं ‘अज्ञात लोगों’ ने गोलियों से भून दिया

पाकिस्तान के रावलपिंडी में भारत के मोस्ट वॉन्टेड आतंकी इम्तियाज आलम उर्फ बशीर अहमद पीर के मारे जाने की खबर है। इम्तियाज़ प्रतिबंधित आतंकी समूह हिजबुल मुजाहिदीन का संस्थापक सदस्य था जो वहाँ नंबर तीन कमांडर की हैसियत रखता था। सोमवार (20 फरवरी, 2023) को कुछ अज्ञात हमलावरों ने उसे एक दुकान के आगे गोलियों से भून दिया। भारतीय सुरक्षा बलों को उसकी कई आतंकी हमलों में तलाश थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमलावरों की संख्या 2 बताई जा रही है। घटना के दौरान शाम के समय इम्तियाज एक दुकान के आगे खड़ा था। गोलियाँ बरसाने के बाद हमलावर फरार हो गए। घायल अवस्था में इम्तियाज को अस्पताल ले जाया गया जहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। हमलावरों ने आतंकी इम्तियाज को मार गिराने के लिए पॉइंट ब्लैक रेंज के हथियारों का प्रयोग किया था।

न्यूज़ 18 के मुताबिक इम्तियाज़ के क़त्ल की वजह पाकिस्तान में आतंकी संगठनों की आपसी खींचातान और पैसों का बँटवारा है। पैसों के इस विवाद के पीछे पाकिस्तान में खस्ताहाल हो चुकी अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक जिम्मेदार बताई जा रही है।

बताते चलें कि भारत सरकार द्वारा 4 अक्टूबर, 2022 को मृतक इम्तियाज पर UAPA के तहत केस दर्ज करते हुए उसे आतंकी के तौर पर लिस्टेड किया गया था। वह मूल रूप से कश्मीर के कुपवाड़ा का रहने वाला था। मृतक इम्तियाज़ न सिर्फ हिज्बुल मुजाहिदीन बल्कि लश्कर-ए-तैयबा के लिए भी आतंकियों की भर्ती सहित उनके प्रचार-प्रसार के काम में शामिल था। इम्तियाज़ जम्मू कश्मीर में शरिया कानून लागू करने के नाम पर युवाओं को भड़काया करता था।

साल 2007 में पाकिस्तानी फ़ौज की इंटेलिजेंस विंग ने इम्तियाज़ को गिरफ्तार भी कर लिया था। हालाँकि, बाद में वहाँ की ख़ुफ़िया एजेंसी ISI के आदेश पर उसे रिहा कर दिया गया था।

दिल्ली के स्टेडियम में भिड़े भारत और ऑस्ट्रेलिया के क्रिकेट फैंस, गाली-गलौच का वीडियो वायरल: लगातार 2 टेस्ट हार पस्त हैं कंगारू

दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम (Arun Jaitley Stadium) में सोमवार (20 फरवरी, 2023) को ऑस्ट्रेलिया और भारत के बीच चल रहे टेस्ट मैच के दौरान दोनों टीमों के क्रिकेट फैंस आपस में भिड़ गए। सोशल मीडिया पर भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई फैंस का एक-दूसरे के साथ गाली-गलौच करते और मारपीट करने का वीडियो वायरल हो रहा है। ट्विटर यूजर ‘Count Down’ ने अरुण जेटली स्टेडियम के स्टैंड में हुई मारपीट का वीडियो शेयर किया है।

साथ ही उसने लिखा, “IND Vs AUS टेस्ट मैच के बाद क्या हुआ… भारतीय और ऑस्ट्रेलियाई फैंस के बीच जमकर गाली गलौज हुई।”

वायरल वीडियो में ऑस्ट्रेलियाई टीम के फैन को भारतीय प्रशंसक को पीछे हट जा कहते हुए और उसे उँगली दिखाते हुए देख सकते हैं। यही नहीं, वह उसे गाली भी देता है, जिसके बाद में भारतीय फैन ने भी उसको जमकर गालियाँ सुनाईं। भारतीय फैन ने उसे फिंगर दिखाते हुए कहा, “चूति#@#, बहन च@#@# दूँगा…f@#ck your mother, मादर#@##@।”

इसके बाद अन्य भारतीय प्रशंसकों ने दोनों को शांत करने की कोशिश की और उसे ऑस्ट्रेलियाई फैंस से अलग किया। इस दौरान भीड़ में शामिल लोगों ने ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाए। विवाद के दौरान स्टेडियम में मौजूद अजय चावला नाम के एक ट्विटर यूजर ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह घटना भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दूसरे टेस्ट मैच के पहले दिन लंच से पहले की है।

चावला ने ट्विटर पर लिखा, “यह वीडियो दिल्ली का ही है। मैं 6 सीट दूर बैठा था। यह घटना पहले दिन की है… ।” उन्होंने बताया कि इसमें भारतीय प्रशंसक की गलती थी, क्योंकि वह स्टीव स्मिथ का विकेट गिरने के बाद अति उत्साह में ऑस्ट्रेलियाई फैंस से टकरा गया था।

उन्होंने आगे कहा, “जब ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक ने उसे दूर रहने को कहा, तो गलती से उसने भारतीय झंडे को छू लिया, जिससे भारतीय प्रशंसक गुस्से में आ गया गया।” बाद में, अजय चावला ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसक और उसके दोस्त से मिले तो पता चला कि ये दोनों ऑस्ट्रेलिया के पर्थ शहर से यहाँ आए थे। उन्होंने कहा कि उन दोनों के साथ दिलचस्प बातचीत हुई… उन्होंने लंच ब्रेक के दौरान दोनों के साथ तस्वीरें भी क्लिक कीं।

बता दें कि भारत ने 6 दिन में ऑस्ट्रेलिया को 2 बार हराकर बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी पर अपना कब्जा बरकरार रखा है। टीम सीरीज में 2-0 से आगे है। ऑपइंडिया ने इस मामले में अधिक जानकारी जुटाने लिए अजय चावला से संपर्क किया है। जैसे ही वह हमारे सवालों का जवाब देते हैं, हम अपने पाठकों के लिए इस खबर को अपडेट करेंगे।

41 दिन में 34 बार अपने शौहर से जेल में मिली मुख्तार अंसारी की बहू, मदद करता था सपा नेता फराज खान: जेल अधिकारियों से सेटिंग का काम भी देखता था, मददगारों की लंबी चेन

चित्रकूट जेल में नियमों को ताक पर रख अपने विधायक पति अब्बास अंसारी से मिलने वाली निकहत अंसारी ने पुलिस पूछताछ में कई खुलासे किए हैं। निकहत के खुलासे के आधार पर पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया। फराज, निकहत का सबसे बड़ा सहयोगी था। निकहत को घर दिलवाने से लेकर जेल अधिकारियों से साठ-गाँठ करने में उसकी अहम भूमिका रही है।

दरअसल, पुलिस को निकहत अंसारी की 3 दिनों की रिमांड मिली थी। इस दौरान हुई पूछताछ के आधार पर ही पुलिस ने सपा नेता फराज खान को गिरफ्तार किया है। फराज की गिरफ्तारी को लेकर चित्रकूटधाम मंडल के डीआईजी विपिन मिश्रा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि फराज खान की गिरफ्तारी के साथ ही उसके अन्य सहयोगियों की तलाश की जा रही है। पूरे मामले में निकहत व उसके परिजनों की मदद करने वाले लोगों की लंबी चैन है। इसमें चित्रकूट ही नहीं, बल्कि अगल-बगल के कुछ जिलों के लोग भी शामिल हैं।

डीआईजी विपिन मिश्रा ने यह भी कहा है कि फराज खान जेल अधिकारियों व कर्मचारियों को नगद पैसे व गिफ्ट देने से लेकर हर मामले में संलिप्त रहा है। पुलिस को फराज और जेल अधिकारियों के बीच हुए ऑनलाइन और ऑफलाइन फंडिंग के भी सबूत मिले हैं। निकहत अंसारी के चित्रकूट आने पर फराज ने ही उसने मकान दिलाया था। जेल अधिकारियों को कार देने की बात भी सामने आ रही है। फिलहाल इस पूरे मामले में तीन टीमें जाँच कर रहीं हैं।

वहीं, एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा है कि निकहत अंसारी अपने परिजनों और सहयोगियों के साथ 18 दिसंबर, 2022 को चित्रकूट आई थी। इसके बाद उसने अब्बास अंसारी से मिलने के लिए कई जगह संपर्क बनाने की कोशिश की। लेकिन, दिसंबर में संपर्क नहीं बन पाए। हालाँकि, जनवरी की शुरुआत में ही उसके जेल अधिकारियों से अच्छे संबंध हो गए।

एसपी वृंदा शुक्ला ने आगे कहा है कि जनवरी माह में जेल अधिकारियों से निकहत के संपर्क इतने अच्छे हो गए थे कि वह अब्बास से मिलने आए दिन जेल पहुँच जाती थी। जनवरी में वह अब्बास से 25 दिन, वहीं फरवरी में 9 दिन मिलने गई थी। 10 फरवरी को गिरफ्तार होने से पहले निकहत जनवरी में 9 दिन तथा फरवरी में महज 1 दिन ही वह अब्बास से मिलने नहीं पहुँची।

जमानत मिलते ही पृथ्वी शॉ पर सपना गिल ने कराई FIR: कहा- गलत तरीके से छुआ, केस दर्ज कराने से रोकने के लिए गिड़गिड़ाने लगे थे

क्रिकेटर पृथ्वी शॉ और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर सपना गिल के बीच का विवाद गहराता जा रहा है। जमानत मिलने के बाद सोमवार (21 फरवरी, 2023) को सपना ने पृथ्वी शॉ और उनके दोस्तों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। उसने भारतीय क्रिकेटर पर गलत तरीके से छूने जैसे आरोप लगाए हैं। साथ ही दावा किया है कि घटना के दिन जब उसने केस दर्ज कराने की बात कही तो शॉ गिड़गिड़ाने लगे थे। इसकी वजह से उसने उस समय केस दर्ज नहीं कराया था।

पिछले हफ्ते सेल्फी लेने को लेकर हुए विवाद के बाद पृथ्वी शॉ पर हमले और जबरन वसूली के आरोप में सपना गिल और उसके दोस्तों शोभित ठाकुर, रुद्र सोलंकी तथा साहिल सिंह को गिरफ्तार किया गया था। सोमवार को अंधेरी की अदालत ने इन्हें जमानत दे दी। जमानत मिलने के बाद सपना गिल ने पृथ्वी शॉ और उनके दोस्त आशीष सुरेंद्र यादव, बृजेश और अन्य के खिलाफ केस दर्ज कराया है। सपना ने धारा 154, 326 ए, 326 बी, 354, 354 बी, 370, 370 ए, 376 डीबी, 376 ई, 509 के तहत शिकायत दर्ज कराई है।

बता दें धारा 354 छेड़छाड़ और लज्जा भंग करने और 354बी किसी महिला को निर्वस्त्र होने के लिए बाध्य करने की नीयत से हमला करने पर लगाया जाता है। सपना ने आरोप लगाए हैं कि विवाद के बाद पृथ्वी शॉ और उनके दोस्त शोभित ठाकुर की पिटाई कर रहे थे। शॉ और उनके दोस्त नशे की हालत में थे। सपना बीच-बचाव करने गईं तो पृथ्वी शॉ ने उन्हें गलत तरीके से छुआ। सपना ने अपने ऊपर लगाए गए 50 हजार रुपए की वसूली के आरोप को भी निराधार बताया है। रिपोर्टों के अनुसार सपना ने कहा, “50 हजार होते क्या हैं। इतना तो मैं एक दिन में 2 रील बनाकर कमा लूँगी।”

15 फरवरी को क्या हुआ था?

मामला 15 फरवरी 2023 की रात का है। मुंबई के सांताक्रूज इलाके में स्थित एक होटल में पृथ्वी शॉ डिनर के लिए गए थे। यहाँ सपना गिल और शोभित ठाकुर ने शॉ के साथ सेल्फी लेने की बात कही। इस पर पृथ्वी तैयार हो गए। लेकिन कुछ देर बाद फिर सपना गिल और शोभित ठाकुर कुछ और लोगों के साथ सेल्फी लेने के लिए पहुँच गए। पृथ्वी ने इस बार मना कर दिया। लेकिन सेल्फी लेने आए लोग मानने को तैयार नहीं थे। इस पर पृथ्वी शॉ ने मैनेजर बुलाकर उन्हें होटल से बाहर करा दिया।

इसके बाद पृथ्वी अपनी कार लेकर होटल से निकल गए। कथित तौर पर सपना गिल और शोभित ठाकुर ने अपने साथियों के साथ उनका पीछा किया। रेड लाइट पर जब पृथ्वी ने कार रोकी तो आरोपितों ने उनकी कार पर हमला कर दिया। आरोप है कि सपना और उसके साथियों ने पृथ्वी से 50 हजार रुपए ऐंठने की भी कोशिश की। झूठे केस लगाने की धमकी भी दी।

पृथ्वी शॉ के साथ हुई इस घटना को लेकर उनके दोस्त आशीष यादव ने ओशिवारा थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसके बाद सपना और उनके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

‘झूठ बोल कर नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी ने काम पर रखा, अब उनके सहयोगी दे रहे धमकी’: दुबई में फँसी महिला ने रोते हुए बयाँ किया दर्द – सैलरी भी नहीं दी

बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी (Nawazuddin Siddiqui) को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। बीवी आलिया सिद्दीकी ने उन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इसी बीच 19 फरवरी, 2023 को आलिया के वकील रिजवान ने अभिनेता की हाउस हेल्प होने का दावा करने वाली एक लड़की का वीडियो शेयर किया। 20 वर्षीय लड़की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। वायरल वीडियो में वह रोती हुई दिखाई दे रही है और अपना नाम सपना रॉबिन मसीह बता रही है।

महिला ने आरोप लगाया है कि नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने उसे झूठ बोलकर काम पर रखा था। अभिनेता के बच्चों और बीवी के चले जाने के बाद वह दुबई में फँसी हुई है। उन्होंने उसे दुबई में अकेला छोड़ दिया है और उसके खाने-पीने का भी कोई बंदोबस्त नहीं किया। सपना ने रोते हुए मदद की गुहार लगाई है कि उसे कैसे भी करके भारत वापस लाने की व्यवस्था की जाए साथ ही उसकी सैलेरी दी जाए। सपना कहना है कि आलिया को भी भारत आने के लिए काफी परेशानियाँ उठानी पड़ी थी।

इस मामले में आलिया के वकील रिजवान ने सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं। रिजवान ने कहा कि सिद्दीकी के कुछ लोग सपना को धमकी दे रहे हैं। वे उससे कह रहे हैं कि उसे पैसे और टिकट सब मिलेंगे, लेकिन उसे सबके सामने यह कहना होगा कि वह एक्टर के लिए काम नहीं करती है। रिजवान ने अपने ट्वीट में नवाजुद्दीन को टैग करते हुए लिखा, “आपके सेक्रेटरी अनूप और भरत आपका नाम लेकर सपना को धमकी दे रहे हैं। आप इस पर तुरंत ध्यान दीजिए, वरना ऐसी धमकी की सूचना दुबई पुलिस और इंडियन अथॉरिटी को दी जाएगी।”

आलिया के वकील रिजवान सिद्दीकी ने बताया कि सपना की Emirates ID में उसे सेल्स मैनेजर के रूप में दिखाया गया है। यानी, सपना को गलत हायरिंग करके दुबई भेजा गया था। वह भले ही एक सेल्स मैनेजर के तौर पर दुबई गई थी, लेकिन वह नवाज के घर पर हाउस हेल्प (नौकरानी) का काम करती थी। हायरिंग के बाद से ही उसे सैलेरी नहीं मिली है। आलिया के बच्चों सहित भारत वापस आने के बाद से सपना दुबई वाले घर पर अकेली रह गई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नवाजुद्दीन सिद्दीकी बीवी आलिया और दोनों बच्चों को साल 2022 में दुबई छोड़कर मुंबई लौट आए थे।

गौरतलब है कि 2023 में नवाजुद्दीन सिद्दीकी की बीवी आलिया अपने बच्चों के साथ भारत वापस लौट आई थी। यहाँ आने के बाद आलिया उर्फ जैनब ने नवाजुद्दीन पर कई आरोप लगाए। आलिया ने एक इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया था कि घर में उन्हें टॉर्चर किया जा रहा है। अपने ही शौहर के घर में उन्हें हॉल में रहने को मजबूर किया जा रहा है। दुबई से लौटे उनके बच्चे भी सोफे पर सोने को मजबूर हैं। सिक्योरिटी गार्ड और कैमरों से उनकी निगरानी हो रही है।

वे किसी तरह गेस्ट टॉयलेट का इस्तेमाल कर पा रही हैं। 2020 में भी आलिया ने मुंबई के वर्सोवा थाने में नवाजुद्दीन और उनके परिजनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई थी। इसमें उनके खिलाफ मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया था।

मोनू मानेसर के समर्थन में महापंचायत, सड़क पर उतर CBI जाँच की माँग: कहा- गोरक्षक के परिवार को किया परेशान तो वापस नहीं जा पाएगी राजस्थान पुलिस

गोरक्षक मोनू मानेसर के समर्थन में हिंदू संगठन लामबंद हो गए हैं। मंगलवार (21 फरवरी 2022) को हुई महापंचायत में जुनैद-नासिर केस की सीबीआई जाँच की माँग करते हुए मानेसर को हरसंभव सहायता देने की बात कही गई। महापंचायत गुरुग्राम के मानेसर में हुई। इससे एक दिन पहले सोमवार को मानेसर के ग्रामीण और हिंदू संगठनों के लोगों ने सड़कों पर उतरकर मामले की सीबीआई जाँच की माँग की थी।

​हरियाणा के भिवानी में 16 फरवरी 2023 को एक जली हुई बोलेरो में राजस्थान के गोतस्कर जुनैद और नासिर की जली हुई लाश मिली थी। इस मामले में मोनू मानेसर को भी आरोपित किया जा रहा है। हालाँकि इस केस की जाँच कर रहे राजस्थान पुलिस के गोपालगढ़ SHO राम नरेश का एक​ स्टिंग सामने आया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि घटनास्थल पर मोनू मानेसर का लोकेशन नहीं मिला है। साथ ही उन्होंने जुनैद को वांटेड बताया था।

मानेसर के भीष्म मंदिर में हुई महापंचायत में विश्व हिन्दू परिषद सहित अन्य हिन्दू संगठन और गोरक्षा से जुड़े सैकड़ों लोग शामिल हुए। महापंचायत में राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज FIR को फर्जी करार दिया गया है। मोनू मानेसर और श्रीकांत कौशिक को बेगुनाह बताया गया।

महापंचायत में शामिल लोगों ने कहा कि मेवात में केवल गोतस्करी ही नहीं, चोरी और छिनतई जैसे अपराध भी आम हैं। एक वक्ता ने कहा कि पिछले कुछ सालों में ऐसे अपराधों पर अंकुश लगा है। इसकी वजह मोनू मानेसर और उनकी टीम है। एक अन्य वक्ता ने कहा कि हिन्दू संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं के कारण ही इस इलाके में हिंदू सुरक्षित हैं।

महापंचायत के एक अन्य वक्ता ने कहा कि अगर राजस्थान पुलिस ने गोरक्षकों के परिवार को परेशान किया तो वह अपने पैरों पर वापस नहीं लौट पाएगी।

महापंचायत में राजस्थान पुलिस पर भरोसा न होने का एलान करते हुए CBI जाँच की माँग की गई है। पंचायत में दूसरे आरोपित गोरक्षक श्रीकांत की पत्नी के साथ राजस्थान पुलिस की बर्बरता को भी उठाया गया है और इस मामले में पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की माँग की गई है।

गौरतलब है कि भरतपुर पुलिस पर श्रीकांत की तलाश में उसके घर में घुसने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप है। इस दौरान श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट में लातने मारने और उसके कारण मृत शिशु पैदा होने का भी आरोप है। हालाँकि भरतपुर पुलिस इन आरोपों को नकार चुकी है। लेकिन मौत का कारण पता लगाने के लिए हरियाणा पुलिस ने नवजात शिशु का शव श्मशान से निकलवाकर डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया है।

जुनैद-नासिर की लाश मिलने के बाद मोनू मानेसर ने अपनी संलिप्तता से इनकार किया था। उसने कहा था कि घटना के दिन वह गुरुग्राम के एक होटल में था। इसका सीसीटीवी फुटेज और अन्य सबूत भी हैं। उसका कहना था कि मेवात में गौहत्या रोकने में बजरंग दल की सर्वाधिक सक्रियता की वजह से उसका नाम घसीटा जा रहा।

रणबीर-आलिया को अवॉर्ड के बाद ‘नेपो माफिया’ पर भड़की कंगना, खुद जारी की बेस्ट लिस्ट: राजामौली से लेकर ‘कंतारा’ वाले ऋषभ शेट्टी तक के नाम

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत (Kangana Ranaut) ने एक बार फिर स्टार किड्स पर निशाना साधा है। स्टार किड्स पर निशाना साधने के पीछे मुंबई में बीती रात (20 फरवरी 2023) आयोजित किया गया दादा साहेब फाल्के अवॉर्ड्स है। इसके कुछ घंटे बाद ही कंगना रनौत ने अपने ट्विटर, इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट शेयर कर इस पर ऑब्जेक्शन उठाया और ऋषभ शेट्टी व मृणाल ठाकुर समेत कई कलाकारों की तारीफ की।

उन्होंने मंगलवार (21 फरवरी 2023) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अपने हिसाब से विनर्स की लिस्ट शेयर की। एक्ट्रेस ने कहा, “अवॉर्ड्स का सीजन आ गया है। नेपो माफिया फिर से योग्य प्रतिभाओं से सभी पुरस्कार छीन रहे हैं। यहाँ उन कुछ लोगों की लिस्ट दी गई है, जिन्होंने साल 2022 में अपने दमदार अभिनय से दर्शकों का दिल जीता और कामयाबी हासिल की।”

इसके बाद अभिनेत्री ने इस साल का बेस्ट एक्टर- ऋषभ शेट्टी (कांतारा), बेस्ट एक्ट्रेस- मृणाल ठाकुर (सीता रामम), बेस्ट फिल्म- कांतारा, बेस्ट डायरेक्टर- एसएस राजामौली (आरआरआर), बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर- अनुपम खेर (द कश्मीर फाइल्स) और बेस्ट सपोर्टिंग एक्ट्रेस – तब्बू (दृश्यम/भूल भुलैया) को बताया।

कंगना ने आगे लिखा, “ये लोग जाए या नहीं पुरस्कार इन्हीं के हैं। फिल्मी अवॉर्ड्स की कोई ऑथेंसिटी नहीं है। यहाँ काम खत्म करने के बाद, मैं उन सभी की एक प्रॉपर लिस्ट बनाऊँगी, जो मुझे योग्य लगते हैं। धन्यवाद।” इसके साथ ही उन्होंने बॉलीवुड अवॉर्ड्स को एक बड़ा धोखा बताया है।

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी

‘क्वीन’ फिल्म की अभिनेत्री ने इंस्टा पर लिखा, “नेपो इन्सेक्ट्स की लाइफ पैरेंट्स के नाम और कॉन्टेक्ट्स का इस्तेमाल करती है। काम पाने के लिए पापा जो चापलूसी करते हैं, अगर कोई सेल्फ मेड आए उसका करियर तहस-नहस कर दो। अगर कोई किसी तरह बच जाता है और लगातार उत्पीड़न की शिकायत करता है, उनको बिकाऊ माफिया पीआर से ईर्ष्यालु या फिर पागल बोल कर डिसमिस या डिसक्रेडिट कर दो… यही तो तुम्हारी करतूतें हैं। इसलिए मैं अब आप सभी के खात्मे लिए दृढ़ संकल्पित हूँ… कोई भी लाइफ की खूबसूरती में तब तक नहीं डूब सकता है, जब तक चारों तरफ इतनी बुराई है… श्रीमद्भगवत गीता कहती है कि बुराई को नष्ट करना ही धर्म का प्रमुख लक्ष्य है।”

बॉलीवुड एक्ट्रेस कंगना रनौत की इंस्टा स्टोरी
बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट की इंस्टा स्टोरी

बता दें कि दादा साहेब फाल्के फिल्म फेस्टिवल में सोमवार (20 फरवरी 2023) को रणबीर कपूर को बेस्ट एक्टर और आलिया भट्ट (Alia Bhatt) को बेस्ट एक्ट्रेस के अवॉर्ड से सम्मानित किया गया था। आलिया को यह अवॉर्ड ‘गंगूबाई काठियावाड़ी’ फिल्म के लिए और रणबीर को ‘ब्रह्मास्त्र पार्ट वन: शिवा’ के लिए दिया गया था। वहीं वरुण धवन को भी ‘भेड़िया’ फिल्म के लिए अवॉर्ड मिला था।

महोत्सव महाशिवरात्रि का, गाना- अल्लाह हू से लेकर लड़का आँख मारे तक: देवभूमि में घिरी कॉन्ग्रेस सरकार, हिमाचल के CM सुक्खू भी थे मौजूद

हिमाचल प्रदेश के मंडी में अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव (International Shivratri Festival) का आयोजन किया गया है। लेकिन धार्मिक महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुति से विवाद खड़ा हो गया है। पहले दिन (19 फरवरी 2023) मंच से सूफी कलाकारों ने ‘अल्लाह हू’ गाया। अन्य कलाकारों ने भी बॉलीवुड के ऐसे गानों की प्रस्तुति दी जिससे राज्य की कॉन्ग्रेस सरकार घिर गई है। भाजपा समेत नेटिजन्स ने इस पर ऐतरात जताया है।

हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय महाशिवरात्रि महोत्सव में साबरी ब्रदर्स यानी आफताब साबरी और हाशिम साबरी की टीम को बुलाया गया था। साबरी ब्रदर्स ने मंच से ‘अल्लाह हू अल्लाह हू’ कव्वाली गाई। इस दौरान राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी मौजूद थे। साबरी ब्रदर्स के अलावा स्थानीय कलाकारों ने पहाड़ी, पंजाबी और दूसरे लोकगीत गाए। बिलासपुर से आई गायिका राखी गौतम ने शिवरात्रि महोत्सव में ‘बाँहों में चले आओ, लड़का आँख मारे, सात समुंदर पार और इश्क दी गली विच नो एंट्री’ समेत बॉलीवुड के कई गाने गाए।

भारतीय जनता पार्टी की तरफ से महाशिवरात्रि के नाम पर आयोजित महोत्सव में ‘अल्लाह हू’ गाए जाने को लेकर सवाल खड़ा किया गया है। हिमाचल प्रदेश बीजेपी की तरफ से किए गए ट्वीट में कहा गया है, “चुनाव जीतने के बाद कॉन्ग्रेस नेताओं ने कहा था कि हमने हिंदुत्व को हरा दिया है, क्या यह हरकत उसी का प्रमाण है? जिस देवभूमि में हिंदू आबादी 97 प्रतिशत है, जहाँ की शिवरात्रि अंतर्राष्ट्रीय स्तर की है, जिसे छोटी काशी कहा जाता है, वहाँ पर ‘अल्लाह हू’ की कव्वाली गवाकर क्या सिद्ध करना चाहती है कॉन्ग्रेस?”

हिमाचल बीजेपी की तरफ से कहा गया है कि उनका विरोध किसी धर्म विशेष से नहीं, बल्कि मंच से है। जिस मंच से हिंदू त्योहार मनाया जा रहा हो वहाँ ‘अल्लाह हू’ की कव्वाली गलत है। बीजेपी ने राज्य कॉन्ग्रेस सरकार को हिंदुओं की भावना आहत करने के लिए माफी माँगने की माँग की है।

अंतरराष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव के दौरान दी गई प्रस्तुतियों का नेटिजन्स ने भी विरोध जताया है। मिस्टर सिन्हा नामक ट्विटर यूजर ने ‘अल्लाह हू’ परफॉर्मेंस का वीडियो शेयर करते हुए लिखा है, “यकीन मानिए यह कोई कव्वाली का कार्यक्रम नहीं है, बल्कि हिमाचल प्रदेश में आयोजित ‘अंतर्राष्ट्रीय शिवरात्रि महोत्सव’ का उद्घाटन समारोह है।”

इस वीडियो को शेयर करते हुए निशांत आज़ाद नाम के यूजर ने लिखा कि देख लीजिए कॉन्ग्रेस सरकार में महाशिवरात्रि कैसे मनाई जाती है। बाबा सब देख रहे हैं।

ट्विटर पर Piha02526 नामकर यूजर ने तंज करते हुए लिखा कि हिमाचल के मंडी में राज्य सरकार द्वारा आयोजित शिवरात्रि महोत्सव का आनंद लें। ओल्ड पेंसन स्कीम (ओपीएस) और 300 यूनिट मुफ्त बिजली के लिए हिमाचली लोगों ने ‘ॐ नमः शिवाय’ की जगह ‘अल्लाह हू’ को चुना।

बता दें कि सात दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव 24 फरवरी 2023 तक मनाया जाएगा। विवाद पर कॉन्ग्रेस की तरफ से अभी तक किसी तरह की सफाई नहीं दी गई है।

जिस जॉर्ज सोरोस को PM मोदी से नफरत, उसका संगठन मोहम्मद जुबैर को दिलाना चाहता था नोबल प्राइज: ALTNews की फंडिंग से ऐसे जुड़े हैं भारत विरोधियों के तार

सोमवार (20 फरवरी, 2023) को ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक और संदिग्ध फैक्ट-चेकर मोहम्मद ज़ुबैर ने एक ट्वीट में ‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट शेयर किया था। इस ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “दर्शकों! यहाँ विशेष जानकारी दी जा रही है। यहाँ बताया गया है कि मोहम्मद जुबैर को जॉर्ज सोरोस से कैसे जुड़ा हुआ है। इसको लेकर यशस्वी जी।”

मोहम्मद जुबैर द्वारा शेयर किया स्क्रीनशॉट टाइम्स नाउ के एक कार्यक्रम का था। इस कार्यक्रम में दिखाया गया था कि पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो (PRIO) और इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क (IFCN) चलाने वाले पोयन्टर इंस्टीट्यूट फॉर मीडिया स्टडीज को जॉर्ज सोरोस की ओपन सोसाइटी फाउंडेशन द्वारा फंडिंग की जाती है। PRIO और IFCN दोनों के ही ऑल्ट न्यूज और मोहम्मद जुबैर से संबंध हैं।

आप यहाँ ‘टाइम्स नाउ’ के उस वीडियो को देख सकते हैं जिसका स्क्रीनशॉट मोहम्मद जुबैर ने शेयर किया था।

फैक्ट चेक का लाइसेंस

IFCN ने साल 2019 में ऑल्ट न्यूज को इंटरनेट पर होने वाले विभिन्न तरह के दावों को फैक्ट-चेक करने के लिए एक स्थापित मीडिया हाउस के रूप में मान्यता दी थी। IFCN से मान्यता मिलने के बाद ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर ने ऑल्ट न्यूज के जरिए एक साल तक अपनी पसंद के हिसाब से प्रोपेगैंडा चलाया। हालाँकि एक साल बाद यानी साल 2020 में यह मान्यता समाप्त हो गई। Poynter की वेबसाइट पर इस बारे में पूरी जानकारी देखी जा सकती है।

‘ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन’ की वेबसाइट के अनुसार, Poynter को चार बार फंडिंग की गई। पहली बार साल 2016 में ग्लोबल फैक्ट-चेकिंग समिट के लिए 25000 अमेरिकन डॉलर दिए गए। वहीं साल 2017 में “इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क की रिपोर्टिंग, लेखन, शिक्षण, सम्मेलन और विचार नेतृत्व को बढ़ाकर दुनिया भर में फैक्ट-चेकर्स के समर्थन को बढ़ाने के लिए” 300000 अमेरिकन डॉलर की फंडिंग की गई।

इसके अलावा साल 2018 में इंटरनेशनल फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क को वेतन देने के लिए 122000 डॉलर की सहायता प्रदान की गई थी। यह सहायता इसलिए दी गई थी ताकि फैक्ट-चेकर्स अपने काम और पढ़ाई जारी रख सकें। वहीं, साल 2019 में, पैन-यूरोपीय फैक्ट-चेकिंग नेटवर्क स्थापित करने के लिए 45000 अमेरिकी डॉलर दिए गए थे।

PRIO के फंडर्स की सूची में सोरोस की नींव हर जगह है

पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट ओस्लो (PRIO) की वेबसाइट के इनकम पेज पर, जॉर्ज सोरोस के ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन का जिक्र चार बार किया गया है। PRIO को आखिरी बार साल 2021 में सहायता मिली थी। हालाँकि सहायता कितनी मिली थी इस बारे में कोई भी जानकारी उपलब्ध नहीं है। ओपन सोसायटी फाउंडेशन ने PRIO को साल 2018, 2019, 2020 और 2021 में फंडिंग की थी। हालाँकि ओपन सोसाइटी फ़ाउंडेशन की वेबसाइट पर दिखाया गया है कि उन्होंने साल 2017 में PROI को 140000 अमेरिकी डॉलर की फंडिंग की थी।

ट्विटर यूजर द हॉक आई ने अपने ट्वीट में ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर को लेकर कहा है, “हर्ष मंदर और ऑल्ट न्यूज को नोबल के लिए नामांकित बताने वाले PRIO को ओपन सोसायटी फाउंडेशन (OSF) और RAND द्वारा फंडिंग की जाती है। साल 2018 में ऑल्ट न्यूज को निष्पक्ष बताते हुए मान्यता देने वाले IFCN को ओपन सोसायटी फाउंडेशन तथा ओमिड्यार द्वारा फ़ंडिंग की जाती है। उन्होंने आगे कहा है, “सोरोस से जुड़े रहने के लिए खुद को इतना महत्वपूर्ण मत समझिए। वे एक पारिस्थितिकी तंत्र को फंडिंग करते हैं, किसी व्यक्ति को नहीं।”

ऑपइंडिया से बात करते हुए, द हॉक आई ने कहा है, "जिस संगठन PRIO ने कारवाँ-ए-मोहब्बत, हर्ष मंदर के एनजीओ और ऑल्ट न्यू के सह-संस्थापकों, प्रतीक सिन्हा और मोहम्मद जुबैर को नामांकित किया था उसे ओपन सोसाइटी फाउंडेशन और RAND कॉर्पोरेशन का समर्थन प्राप्त है। इसी तरह, इंटरनेशनल फैक्ट चेकिंग नेटवर्क (IFCN) ने साल 2019 में ऑल्ट न्यूज को मान्यता दी थी। दिलस्चप बात यह है कि वामपंथी झुकाव वाली कंचन कौर के आकलन के आधार पर ऑल्ट न्यूज को मान्यता दी गई थी।"

उन्होंने आगे कहा है, "यहाँ ध्यान देने वाली बात यह है कि IFCN उन संस्थानों को मान्यता देता है जो 'निष्पक्ष' फैक्ट-चेकर हों। इसलिए ऑल्ट न्यूज को मान्यता देने को लेकर लोगों ने IFCN की विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए थे। IFCN की मान्यता हर साल रिन्यू कराना पड़ता है। लेकिन ऑल्ट न्यूज ने इसके लिए आवेदन नहीं किया। अब ऑल्ट न्यूज ने आवेदन क्यों नहीं किया इसका कारण IFCN तथा मोहम्मद जुबैर को अच्छी तरह पता है। Poynter को भी ओपन सोसायटी फाउंडेशन और ओमिडयार द्वारा फ़ंडिंग दी जाती है।"

उन्होंने यह भी कहा है कि नोबेल शांति पुरुष्कार मिलने की संभावना न होने के बाद भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नाम बनाने के लिए इस तरह के हथकण्डे अपनाए जाते हैं। अब जुबैर को "नोबेल शांति पुरस्कार के नामांकित व्यक्ति" के रूप में जाना जाता है।

ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क लिंक

खोजी पत्रकार विजय पटेल ने भी ऑल्ट न्यूज और जॉर्ज सोरोस फाउंडेशन के बीच संबंधों को लेकर बताया है। विजय पटेल ने एक ट्वीट में कहा है कि कोर्ट में मोहम्मद जुबैर का पक्ष रखने वाले वकील कॉलिन गोंसाल्विस के पास ह्यूमन राइट्स लॉ नेटवर्क (HRLN) नाम का एक फाउंडेशन है। इसे फाउंडेशन को ओपन सोसाइटी फाउंडेशन और फोर्ड फाउंडेशन समेत अन्य से फंडिंग मिलती है।

इसके अलावा, प्रतीक सिन्हा की माँ, निर्झरी मुकुल सिन्हा गुजरात में HRLN की एक शाखा चलाती थीं। निर्झरी मुकुल सिन्हा भी ऑल्ट न्यूज़ की मूल कंपनी प्रावदा मीडिया फाउंडेशन को फंडिंग करतीं हैं। ऑल्ट न्यूज़ ने वर्षों से अपनी वेबसाइट पर फंडिंग और खर्च का खुलासा नहीं किया है। स्क्रीनशॉट के आर्काइव पेज लिंक देखने के लिए आप यहाँ और यहाँ क्लिक कर सकते हैं।