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पहला डंडा चलाने वाले मोबाइल दुकानदार महबूब खान की तलाश, पीड़ित हिन्दू बोले – उस तरफ से कॉन्ग्रेस की पैरवी, हमारी तरफ से कोई नहीं: झारखंड पुलिस पर टॉर्चर के आरोप

झारखंड के पलामू में इसी माह 14 फरवरी को हुई हिंसा में पुलिस को महबूब खान नाम के आरोपित की तलाश है। बताया जा रहा है कि हमले की शुरुआत में तोरण लगा रहे हिन्दुओं पर हमले की शुरुआत उसी ने की थी। वहीं पलामू में जिस महाशिवरात्रि को हिन्दू समुदाय धूमधाम से मनाना चाहता था, वो अब बंदूकों के साये में धारा-144 के अंतर्गत चल रही है। हालात तनावपूर्ण, लेकिन सूनसान और प्रशासन के नियंत्रण में हैं। अब तक 13 गिरफ्तारियों की आधिकारिक पुष्टि हुई है।

एक दिन पहले ऑपइंडिया से बात करते हुए घटना के चश्मदीद होने का दावा करने वाले एक व्यक्ति ने पहला हमला तोरण द्वार का विरोध कर रहे मुस्लिमों की तरफ से होने की जानकारी दी थी। तब नाम न उजागर करने की शर्त पर उन्होंने कहा था कि तोरण द्वारा का विरोध करने वाले मोबाइल दुकानदार कलीम अपने साथी महबूब के साथ 50-60 लोगों को बुला कर अचानक ही हमला कर दिया था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच पथराव हुआ था। अब पुलिस उसी महबूब खान की तलाश में है।

‘उनकी तरफ से कॉन्ग्रेस की पैरवी, हमारी तरफ से कोई नहीं’

ऑपइंडिया ने घटनास्थल पांकी बाजार के एक युवक से बात की। युवक ने प्रशासन के डर से अपना नाम न छापने की शर्त पर हमें बताया कि कॉन्ग्रेस पार्टी के पूर्व MLA देवेंद्र सिंह उर्फ़ बिट्टू खुल कर मुस्लिम पक्ष की मदद कर रहे जबकि हिन्दुओं का पक्ष रखने वाला कोई भी नहीं है। हमें बताया गया कि शुरू में जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों पर बराबर एक्शन लिया था, लेकिन कॉन्ग्रेस के पूर्व विधायक बिट्टू सिंह ने खुद थाने जा कर हिन्दू लड़कों के खिलाफ पैरवी की जिसके बाद पांकी बाजार से 5 किलोमीटर रेंज में हिन्दू लड़कों को घर से उठाया जा रहा।

मंसूबों में सफल रहे वो

महाशिवरात्रि ठीक से न मना पाने से खुद को बेहद दुःखी बताते हुए पांकी बाजार के स्थानीय युवक ने बताया कि हमलावर अपने मंसूबों में सफल रहे। हमें बताया गया कि जहाँ हिन्दू समाज लम्बे समय से धूमधाम से महाशिवरात्रि का इंतज़ार कर रहा था वहाँ अब कई लोग प्रशासन के डर से घर छोड़ कर भागे हुए हैं। स्थानीय युवक के मुताबिक, हमलावरों का मकसद हिन्दू त्यौहार में विघ्न डालना था और ऐसा उन्होंने कर भी लिया।

बर्बाद किया जा रहा नौजवानों का कैरियर

ऑपइंडिया से बात करते हुए पांकी के युवक ने बताया कि जिन युवकों को हिरासत में लिया जा रहा है उनकी उम्र 25 से 30 के बीच है। हमें बताया गया कि ये युवक पांकी बाजार से 5 किलोमीटर रेंज में रहते हैं जिनका आगे का करियर बर्बाद किया जा रहा है। इसमें से कई ऐसे युवक भी बताए गए जो खुद के घटनास्थल पर न होने का दावा भी कर रहे। युवक ने खुद को भी फँसाए जाने की आशंका जताते हुए कहा कि मुस्लिम आरोपित बिना किसी हिचक के जेल जा रहे हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि बाहर उनकी पैरवी हो रही है।

पांकी की ही भाजपा नेत्री मंजूलता ने बताया कि प्रशासन के डर से कई हिन्दुओं के घरों में सिर्फ महिलाएँ बची हैं, जिन्हें परेशान किया जा रहा है। मंजूलता ने पुलिस पर पकड़े गए हिन्दू युवकों के टॉर्चर का भी आरोप लगाया।

अब तक 13 गिरफ्तारियों की ही पुष्टि

तमाम आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच पलामू के पुलिस अधीक्षक चंदन कुमार ने अब तक 13 गिरफ्तारियों की ही पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि धारा-144 के नियमों का पालन करते हुए लोगों को दर्शन की इजाजत दी जा रही है।

‘अभिव्यक्ति की आज़ादी का मतलब ये नहीं कि किसी की आस्था को ठेस पहुँचाओ’: रामचरितमानस जलाने वालों पर बरसे रजा मुराद, CM योगी के हुए मुरीद

फिल्म अभिनेता रजा मुराद ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की है। प्रयागराज पहुँचे बॉलीवुड अभिनेता ने रामचरितमानस विवाद पर भी अपना पक्ष रखा और कहा कि किसी की भी धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाया जाना चाहिए। रजा मुराद ने आजम खान को भारत की न्याय व्यवस्था में भरोसा रखने की सलाह दी।

शुक्रवार (17 फरवरी, 2023) को प्रयागराज पहुँचे एक्टर रजा मुराद ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि योगी सरकार उत्तर प्रदेश में अच्छा काम कर रही है। सीएम योगी के काम की बदौलत ही जनता ने उन्हें दोबारा चुना है। रजा मुराद ने नोएडा में बनाए जा रहे फिल्म सिटी को लेकर सीएम योगी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिल्मों के निर्माण को लेकर प्रदेश में अब बेहतर माहौल मिल रहा है।

फिल्म अभिनेता ने रामचरितमानस विवाद पर पूछे गए सवाल के जवाब में कहा कि हमारे देश में लोगों को अभिव्यक्ति की आजादी मिली हुई है, इसका अर्थ यह नहीं है कि किसी की धार्मिक आस्था को ठेस पहुँचाई जाए। किसी भी धर्म ग्रन्थ को लेकर विवाद उत्पन्न करना उचित नहीं है। बता दें कि सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य के रामचरितमानस के खिलाफ दिए गए बयान को लेकर विवाद छिड़ा हुआ है।

रजा मुराद यूपी के रामपुर के रहने वाले हैं। अभिनेता ने बताया कि उन्होंने ने प्राइमरी की शिक्षा रामपुर में ही ग्रहण की है। इस पर स्थानीय पत्रकारों ने उनसे सपा नेता आजम खान को लेकर सवाल किया। रजा मुराद ने कहा कि हमारी न्याय व्यवस्था काफी मजबूत है। आजम खान को इसपर विश्वास करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने मुंबई आतंकी हमले के गुनहगार आतंकी कसाब का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि उस आतंकी को पूरी दुनिया ने गोली चलाते हुए देखा था लेकिन उसे भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया।

‘महाशिवरात्रि मनानी है तो 5 बार खालिस्तान ज़िंदाबाद कहना होगा’: ऑस्ट्रेलिया में मंदिर को धमकी, हिन्दुओं के खिलाफ लगातार हिंसा

ऑस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों में हुई तोड़फोड़ के बाद अब खालिस्तानी आतंकी हिंदुओं को धमकी दे रहे हैं। दरअसल, ब्रिस्बेन में स्थित एक हिंदू मंदिर को धमकी दी गई है। धमकी में कहा गया है कि यदि वह महा शिवरात्रि मनाना चाहते हैं तो उन्हें खालिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करनी होगी। धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को पाकिस्तानी बताया है।

ऑस्ट्रेलिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार (17 फरवरी, 2023) को ब्रिस्बेन के प्रसिद्ध गायत्री मंदिर के अध्यक्ष डॉ. जयराम और उपाध्यक्ष धर्मेश प्रसाद को एक धमकी भरा फोन आया था। इस फोन में खालिस्तानी आतंकी ने खुद को गुरु अवधेश सिंह बताते हुए कहा है कि वह पाकिस्तान के ननकाना साहिब से बोल रहा है।

मंदिर के अध्यक्ष जय राम को फोन कर धमकी देने वाले व्यक्ति ने कहा है, “मैं पाकिस्तान के लाहौर में ननकाना साहिब से बोल रहा हूँ। मेरा नाम गुरु अवधेश सिंह है। मेरे। मेरे पास खालिस्तान के संबंध में एक संदेश है। यदि तुम 19 फरवरी को महाशिवरात्रि मनाने की योजना बना रहे हो तो पुजारी से खालिस्तान का समर्थन करने के लिए कहो। तुमको अपने कार्यक्रम के दौरान पाँच बार ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ के नारे लगाना है।” उसने यह भी कहा है, “19 मार्च को होने वाले खालिस्तान जनमत संग्रह होना है। तुम अपनी मंडली से कहो कि वो इसका समर्थन करें।”

बता दें कि इससे पहले ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में स्थित काली माता मंदिर की पुजारन को भी ऐसा ही धमकी भरा कॉल आया था। धमकी देने वाले व्यक्ति ने 4 मार्च को आयोजित होने वाले भजन कार्यक्रम को रद्द करने के लिए कहा था।

इस धमकी को लेकर मंदिर की पुजारन भावना का कहना है कि उनके फोन पर नो कॉलर आईडी से एक फोन आया था। फोन करने वाला व्यक्ति अमृतसर-जालंधर जैसे पंजाबी लहजे में बोल रहा था। उसने उन्हें कहा है कि मंदिर में 4 मार्च को आयोजित होने वाले भजन कार्यक्रम को रद्द कर दें। नहीं तो परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें।

हिंदुओं ने की कार्रवाई की माँग

ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले हिंदुओं ने वहाँ के मंदिरों में हो रही तोड़फोड़ की निंदा की है। साथ ही, अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग भी की। बता दें कि बीते कुछ दिनों में ऑस्ट्रेलिया के कई हिंदू मंदिरों में खालिस्तानी आतंकियों ने तोड़फोड़ कर खालिस्तान के समर्थन व भारत के विरोध में नारे लिखे हैं।

सिडनी में एक भारतीय ने एएनआई से बात करते हुए कहा है, “मुझे उम्मीद है कि सरकार इसके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी। हम हिंदू हैं और हमारी संस्कृति में हिंदू धर्म का अर्थ जीवन का एक तरीका है और हम हर धर्म का सम्मान करते हैं।”

सिडनी में रहने वाले एक अन्य हिंदू ने कहा है, “हर बार जब हम ऐसा कुछ सुनते हैं, तो हम चिंतित हो जाते हैं। एक हिंदू या एक ईसाई या एक मुस्लिम के रूप में, हम सब एक हैं और हम एक दूसरे का समर्थन करते हैं। सरकार को इसका ध्यान रखना होगा और एक विशेष समुदाय के लिए समस्या पैदा करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी होगी।”

ऑस्ट्रेलिया में हिंदू मंदिरों पर हमले

बता दें कि ऑस्ट्रेलिया में हिंदू लगातार खालिस्तानियों के निशाने पर रहा है। जनवरी में 20 दिनों के भीतर ही खालिस्तानियों ने 3 हिंदू मंदिरों में तोड़फोड़ करते हुए देश विरोधी और खलिस्तान के समर्थन में नारे लिख दिए थे।

खालिस्तानियों ने हिंदू मंदिर में पहला हमला 12 जनवरी को किया था। यह हमला मेलबर्न के BAPS स्वामीनारायण मंदिर में हुआ था। मंदिर में तोड़फोड़ करने के बाद खालिस्तानियों ने मंदिर की दीवार पर ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’, ‘मोदी हिटलर है’ और ‘भिंडरावाले जिंदाबाद’ जैसे नारे लिखे थे।

इसके बाद खालिस्तानियों ने 16 जनवरी 2023 को मेलबर्न के ही कैरम डाउन्स में स्थित ऐतिहासिक श्री शिव विष्णु मंदिर (Shri Shiva Vishnu Temple) पर हमला किया था। तोड़फोड़ के बाद, मंदिर की दीवारों पर ‘टारगेट मोदी (मोदी को बनाओ निशाना)’, ‘मोदी हिटलर’ और ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए थे।

वहीं, तीसरा हमला मेलबर्न के ही अल्बर्ट पार्क इलाके में स्थित श्रीश्री राधा बल्लभ मंदिर में 22 जनवरी 2023 को हमला हुआ। इस मंदिर को इस्कॉन मंदिर भी कहा जाता है। हमले के बाद, मंदिर की दीवारों में ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘हिन्दुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे गए। इसके अलावा, खालिस्तानी आतंकी भिंडरवाले को शहीद बताते हुए भी नारा लिखा गया।

बता दें कि जरनैल सिंह भिंडरांवाले एक खूँखार खालिस्तानी आतंकी था। वह 20,000 से अधिक हिंदू और सिखों की हत्या के लिए जिम्मेदार था। हालाँकि, अलगाववादी खालिस्तानी भिंडरांवाले को संत बताकर उसका महिमामंडन करते रहते हैं।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया के हिंदू मंदिरों पर हो रहे हमलों पर चिंता जताते हुए भारत में ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त बैरी ओ फैरेल ने भी इन घटनाओं पर दुख जताया था। उन्होंने कहा था, “भारत की तरह ही ऑस्ट्रेलिया भी एक गौरवशाली और बहुसांस्कृतिक देश है। मेलबर्न में दो हिंदू मंदिरों में हुई तोड़फोड़ से हम स्तब्ध हैं। ऑस्ट्रेलियाई अधिकारी जाँच कर रहे हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए हमारा मजबूत समर्थन है। लेकिन, इसमें घृणित भाषा और हिंसा को जगह नहीं है।”

यही नहीं, ऑस्ट्रेलिया के सहायक विदेश मंत्री टिम वाट्स ने भी कहा था, “बीते कुछ हफ्तों में हमने पूजा स्थलों की जो तोड़-फोड़ देखी है, वह हमारे बहुसांस्कृतिक और बहु-विश्वास वाले देश में पूरी तरह से अस्वीकार्य है। हम इन घृणित कार्यों को लेकर विक्टोरियन पुलिस द्वारा की जा रही जाँच का पूरी तरह से समर्थन करते हैं।”

हार्दिक-नताशा की शादी में दिनेश कार्तिक ने किया कन्यादान, मंत्रों को अंग्रेजी में समझाने के लिए ट्रांसलेटर भी रखा गया: क्रुणाल-पंखुरी ने किया हवन

भारतीय क्रिकेट टीम के ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या और सर्बिया की मॉडल नताशा स्तांकोविक ने राजस्थान के उदयपुर में शादी रचाई। बुधवार (15 फरवरी, 2023) को दोनों ने हिन्दू रीति-रिवाज से राजस्थान के ऐतिहासिक शहर में शादी रचाई। अब तक वहाँ इस कार्यक्रम के चर्चे हो रहे हैं। इस दौरान ये भी सामने आया है कि विकेटकीपर बल्लेबाज दिनेश कार्तिक ने इस शादी में कन्यादान की रस्म निभाई। पंडित बनवारी चरण शास्त्री ने दोनों के फेरे करवाए।

‘दैनिक भास्कर’ ने चांदपोल के निवासी पंडित बनवारी चरण शास्त्री से बातचीत के आधार पर बताया कि शाम के पौने 8 बजे हार्दिक-नताशा ने फेरे लिए। इससे एक दिन पहले वैलेंटाइन्स डे के दिन ईसाई रीति-रिवाज से दोनों ने शादी की थी। पंडित ने बताया कि नताशा के माता-पिता ठीक से हिंदी नहीं समझते हैं। इसीलिए, वहाँ एक ट्रांसलेटर भी रखा गया था जो सातों वचनों को अंग्रेजी में अनुवाद कर के बता रहा था। हालाँकि, इस दौरान कुछ कठिन हिंदी शब्दों को लेकर हार्दिक पंड्या ने भी पंडित से पूछा और उनका अर्थ समझा।

असल में फेरे के दौरान जब कन्यादान के रस्म की बारी आई तो कुछ सेकेंड्स तक कोई नहीं पहुँचा। पंडित ने कन्यादान करने वाले को मंडप में उपस्थित होने के लिए आवाज़ लगाई थी। इस दौरान पास में खड़े दिनेश कार्तिक सामने आए और कन्यादान करने की इच्छा ज़ाहिर की। फिर उन्होंने नताशा स्तांकोविक की तरफ से कन्यादान की रस्म अदायगी की। वहीं हार्दिक के बड़े भाई क्रुणाल पंड्या की पत्नी पंखुड़ी शर्मा ने तोरण रस्म निभाया।

इस दौरान उन्होंने हार्दिक पंड्या का पूजन किया। रस्म के हिसाब से हार्दिक पंड्या का साला उनकी गोद में भी बैठा। नताशा के माता-पिता को इन सबकी समझ नहीं थी, इसीलिए क्रुणाल-पंखुरी ने हवन किया। इस दौरान पंडित ने उन्हें वैदिक नियम से हवन वाला चम्मच पकड़ने की विधि बताई। मजाक में उन्होंने ये भी कहा कि आपने अब तक बल्ला-गेंद ही पकड़ा है, इसीलिए ये चम्मच पकड़ने में दिक्कत आ रही। इस दौरान पंडित शास्त्री ने अंग्रेजी में पंड्या भाइयों और उनकी पत्नियों को कहा कि लाइफ ‘वन टाइम ऑफर’ है, इसका अच्छा प्रयोग कीजिए। इस पर खूब तालियाँ बजीं।

तालिबान ने गर्भ निरोधक दवाओं पर लगाया बैन, कहा – ये मुस्लिमों की आबादी रोकने की पश्चिमी साजिश: बंदूक लेकर मेडिकल दुकानों पर गश्त

अफगानिस्तान में तालिबान ने एक नया नियम लागू करते हुए गर्भ निरोधक दवाओं की बिक्री पर रोक लगा दी है। तालिबान ने इसे मुस्लिमों की आबादी रोकने की साजिश करार दिया है। गर्भ निरोधक दवाओं को बेचने वाले दुकानदारों ने खुद को बंदूकें दिखा कर धमकाने का भी आरोप लगाया है। इन सभी के अलावा दाईयों को भी किसी भी प्रकार के गर्भनिरोधक दवाओं की सलाह न देने की सख्त हिदायत मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स में तालिबान लड़ाकों द्वारा धमकाए गए कुछ लोगों के बयानों का जिक्र हुआ है। काबुल के एक मेडिकल स्टोर मालिक के मुताबिक उनकी दुकान में कुछ बंदूकधारी पहुँच कर गर्भनिरोधक दवाओं को न बेचने की धमकी दे कर वापस लौट गए। दुकानदार का कहना है कि तालिबानी लड़ाके काबुल की हर दुकान को चेक भी कर रहे है। वहीं एक बुजुर्ग दाई ने खुद को तालिबान कमांडर द्वारा धमकी मिलने का आरोप लगाते हुए बताया कि उन पर पश्चिमी सभ्यता के प्रचार का आरोप लगाते हुए कहीं बाहर आने और जाने पर पाबन्दी लगा दी गई है।

फ़िलहाल तालिबान का यह फरमान सिर्फ काबुल ही नहीं बल्कि मजार-ए-शरीफ जैसे अन्य शहरों में भी लागू है। बताया जा रहा है कि पश्चिम देशों की नकल न करने की चेतावनी देते हुए तालिबानी लड़ाके सड़कों पर गश्त भी कर रहे हैं। 17 साल की एक शादीशुदा व 18 माह के बच्चे की माँ ज़ैनब का जिक्र करते हुए बताया गया है कि वह चुपके से गर्भ निरोधक दवाएँ ले रही थी लेकिन अब उसकी दाई ने उसे ऐसा करने से रोक दिया है। ज़ैनब का कहना है कि वो इस फरमान से अपने भविष्य को ले कर बेहद फिक्रमंद है।

तालिबान के इस फैसले का अफगानी लोगों द्वारा ही विरोध किया जा रहा है। अफगानिस्तान की मानवाधिकार कार्यकर्ती और वर्तमान में ब्रिटेन में मौजूद शबनम नसीमी ने तालिबान के इस फैसले को कुरान से जोड़ा है। उनका कहना है कि कुरान में कहीं भी गर्भ निरोधन पर रोक नहीं है इसलिए तालिबान का ये फैसला सही नहीं हैं।

गौरतलब है कि अफगानिस्तान में तालिबान शासन आने के बाद महिलाओं पर तमाम तरह की पाबंदियाँ लगा दी गईं हैं। इन पाबंदियों में उनके कपड़े से ले कर पढ़ाई तक प्रभावित हुई है। इन फैसलों का विरोध करने वालों को तालिबान कड़ी सजा दे रहा है।

अब आप कोर्ट की तरह खटखटा सकते हैं संसद का भी दरवाजा, आम लोगों को मिलेगा याचिका दायर करने का अधिकार: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से माँगा जवाब

संसद में आम लोगों द्वारा याचिका दायर कर की व्यवस्था बनाने की माँग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) सुनवाई करेगा। इस याचिका में कहा गया है कि संसद में आम लोगों द्वारा सुझाए गए मुद्दों पर भी बहस की व्यवस्था होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सरकार से जवाब माँगा है।

याचिका पर जस्टिस केएम जोसेफ और जस्टिस बीवी नागरत्न की पीठ ने शुक्रवार (17 फरवरी, 2023) को केंद्र सरकार से जवाब माँगा है। केंद्र सरकार ने जवाब दाखिल करने के लिए समय की माँग की। इस पर पीठ ने मामले को चार हफ्ते बाद लिस्ट करने का आदेश देते हुए सरकार को इस बीच हलफनामा दायर करने के लिए कहा है।

इसके पहले 27 जनवरी 2023 को करण गर्ग की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने सरकार का पक्ष जानना चाहा था। इस याचिका में संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(ए) और 21 के हवाले से कहा गया है कि भारतीय नागरिकों को संसद में याचिका दायर करने और सुझाए गए मुद्दों पर चर्चा कराने की माँग करने का अधिकार है।

क्या है लोगों द्वारा संसद में याचिका दायर करने की व्यवस्था ?

संसद में याचिका दायर करने की व्यवस्था कैसी होगी इस पर फिलहाल कुछ नहीं कहा जा सकता। अंदाजा लगाया जा सकता है कि संसद में याचिका दायर करने की व्यवस्था जनहित याचिका से मिलती-जुलती व्यवस्था हो सकती है।

जिस तरह कोर्ट में निजी यानि पर्सनल इंट्रेस्ट लिटिगेशन या जनहित याचिका दायर की जाती है, उसी तरह संसद के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करने की व्यवस्था हो सकती है। इसके तहत संसद में याचिका दाखिल कर अपनी पसंद के मुद्दों पर चर्चा की माँग करके कानून बनाने की प्रक्रिया में भागीदार बन सकते हैं।

क्या होगा फायदा?

संसद में याचिका दायर करने का अधिकार मिलने के बाद नागरिक लोकतांत्रिक प्रक्रिया से और ज्यादा जुड़ पाएँगे। वोट देने के बाद प्रायः नागरिक अपने चुने हुए प्रतिनिधियों से दूर हो जाते हैं। नागरिक चुनाव के बाद की लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से कट जाते हैं। संसद में याचिका दायर कर पाने की व्यवस्था से नागरिकों और जनप्रतिनिधियों के बीच की दूरी कम हो सकती है। आम लोग भी कानून बनाने की प्रक्रिया का हिस्सा बन सकेंगे।

ऐसे मसले जो जनप्रतिनिधियों के पास नहीं पहुँच पाते, उन्हें सीधे संसद तक पहुँचाए जा सकेंगे। नागरिकों की आवाज संसद में बिना किसी बाधा के पहुँच सकेगी। नागरिक खुद को ज्यादा सशक्त महसूस कर सकेंगे और जनप्रतिनिधियों की जनता के प्रति जवाबदेही बढ़ेगी।

कहा जा रहा है कि इस व्यवस्था के बनने से सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट पर बोझ कम होगा। यह बात याचिका में भी कही गई है। बता दें संसद में याचिका दाखिल करने की व्यवस्था ब्रिटेन में सालों से मौजूद है।

HAL के लड़ाकू विमान पर लौटी बजरंग बली की तस्वीर, विवाद के बाद हटा दिया गया था: एयरो शो के अंतिम दिन फिर से दिखा ‘तूफान’

बेंगलुरु में आयोजित हुए एशिया के सबसे बड़े एयर शो के दौरान हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सुपरसोनिक ट्रेनर विमान HLFT-42 पर एक बार फिर भगवान हनुमान जी की तस्वीर नजर आई। इससे पहले इस फोटो को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद फोटो हटा दी गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के दौरान, एयरो इंडिया शो के अंतिम दिन यानी शुक्रवार (17 फरवरी 2023) को HLFT-42 पर एक बार फिर भगवान हनुमान जी की फोटो देखी गई। दरअसल, एयरो इंडिया शो के पहले दिन सोमवार (13 फरवरी 2023) को हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के सुपरसोनिक ट्रेनर विमान HLFT-42 के पिछले हिस्से पर भगवान हनुमान जी की फोटो लगाई गई थी। यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विवाद शुरू हो गया था। इसके बाद यह फोटो हटा ली गई थी।

फोटो को लेकर HAL के चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर ने अपनी सफाई दी थी। उन्होंने कहा था, “हमने भगवान हनुमान जी की तस्वीर सिर्फ विमान की शक्ति को दर्शाने के लिए लगाई थी। लेकिन इस पर चर्चा करने के बाद हमने इसे हटाने का फैसला किया। यह एक साधारण सी बात थी और पिछले ट्रेनर एयरक्राफ्ट ‘मारुत’ पर आधारित थी। लेकिन हमने इस पर विवाद होते हुए देखा। परियोजना अभी भी प्रारंभिक चरण में है। हम केवल इस पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं।”

वहीं, HAL के चेयरमैन सीबी अनंतकृष्ण ने कहा था, “विमान पर हनुमान जी की फोटो किसी इरादे से नहीं लगाया गई। न ही किसी इरादे से हटा गई।”

तूफान आ रहा है

बता दें कि सुपरसोनिक ट्रेनर विमान (HLFT-42) पर लगी फोटो में भगवान हनुमान जी गदा लेकर उड़ते हुए दिखाई दे रहे थे। इस फोटो के साथ लिखा हुआ था -The Storm Is Coming यानि तूफान आ रहा है।

बता दें कि सोमवार (13 फरवरी 2023) से शुरू हुआ यह शो शुक्रवार (17 फरवरी 2023) तक चला। इस एयर शो, हवाई क्षेत्र में भारत की बढ़ती ताकत का प्रदर्शन हुआ। साथ ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर नए भारत के उदय को भी दर्शाया गया। एयरो शो 2023 का मुख्य उद्देश्य मेक इन इंडिया को आगे बढ़ाते हुए घरेलू हवाई उद्योग को बढ़ावा देना है। बेंगलुरु एयर शो में 731 कंपनियों ने अपने हथियारों के प्रदर्शन के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। इनमें 633 भारतीय और 98 विदेशी कंपनियाँ शामिल हैं।

‘बाँदा में मरम्मत के नाम पर 4 मंजिला बनाई जा रही मस्जिद’: विरोध में उतरी VHP, विदेशी फंडिंग और लैंड जिहाद से हिन्दुओं को आतंकित करने की साजिश

उत्तर प्रदेश के बाँदा जिले (Banda, Uttar Pradesh) में एक मस्जिद को लेकर हिन्दू संगठनों और मुस्लिम वर्ग में तनाव की खबर है। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि मस्जिद के जीर्णोद्धार के नाम पर नई मंजिल बनवाई जा रही। मस्जिद में दूसरे देशों द्वारा पैसा लगाए जाने की आशंका भी जताई गई है।

वहीं, मुस्लिम समूह ने अपने काम को कानूनी रूप से जायज बताते हुए हिन्दू संगठनों पर तोड़फोड़ का आरोप लगाया है। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर हालात को सँभाला और दोनों पक्षों के दावों और आरोपों की जाँच शुरू कर दी है। घटना गुरुवार (16 फरवरी 2023) की है।

मामला कोतवाली नगर थानाक्षेत्र के बलखंडी नाका मोहल्ले का है। यहाँ हजरत बिलाल नाम की एक मस्जिद मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले कुछ समय से मुस्लिम पक्ष यहाँ पर निर्माण कार्य करवा रहा था। गुरुवार को यहाँ हिन्दू संगठन के पदाधिकारी पहुँचे। उन्होंने मस्जिद के जीर्णोद्धार के नाम पर नए निर्माण का आरोप लगाया और विरोध शुरू कर दिया।

विश्व हिन्दू परिषद (VHP) के जिलाध्यक्ष चंद्रमोहन बेदी का आरोप है कि मस्जिद को नजूल भूमि पर बनी हुई और जीर्णोद्धार के नाम पर चार मंजिल बनवाई जा रही है। उन्होंने मस्जिद में विदेशी फंडिंग की आशंका जताई है। अपनी पत्र में बेदी ने मस्जिद को ध्वस्त करने की भी माँग की है।

अपने पत्र मं चंद्रमोहन बेदी ने मस्जिद को लैंड जिहाद का उदाहरण बताया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Yogi Adityanath) से इस मामले में हस्तक्षेप कर जाँच कराने की माँग कही है। हिंदू बाहुल्य क्षेत्र में मस्जिद बनाकर हिंदुओं को आतंकित करने की साजिश की जा रही है।

इस घटना की जानकारी पुलिस को हुई तो वो मौके पर पहुँची और दोनों पक्षों को शांत करवाया। वहीं दूसरे पक्ष से मस्जिद के मौलवी जहीरुद्दीन ने मस्जिद को 50- 60 साल पुरानी बताते हुए हिन्दू संगठन के कार्यकर्ताओं पर तोड़फोड़ के साथ निर्माण सामग्री को खराब करने का आरोप लगाया।

वहीं बाँदा जिले के पुलिस अधीक्षक IPS अभिनंदन के मुताबिक दोनों पक्षों के दावों पर जाँच चल रही है। SP बाँदा के अनुसार दोषी पाए गए लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

बाप-बेटे को गोली मारने वाला आरिफ अब भी फरार, तनाव के बाद भारी पुलिस बल तैनात: दिल्ली में पार्किंग विवाद में हुई थी फायरिंग

देश की राजधानी दिल्ली के भजनपुरा (Bhajanpura, Delhi) इलाके में एक आरिफ हसन ने एक हिन्दू पिता-पुत्र को गोली मार दी। आरिफ ने 10-15 लोगों को इकट्ठा कर लिया था और 10-15 राउंड फायरिंग की थी। लोगों ने इनमें से एक इबले हसन को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया है, जबकि आरिफ और अन्य लोग भागने में कामयाब हो गए।

घायल पिता-पुत्र का इलाज चल रहा है। घटना से नाराज लोगों ने वाहनों में तोड़फोड़ की है। हालात संभालने के लिए इलाके में पुलिस गश्त बढ़ाने के साथ-साथ पैरामिलिट्री फ़ोर्स को भी तैनात कर दिया गया है। गोली मारने की घटना गुरुवार (16 फरवरी 2023) की रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक विवाद की शुरुआत पार्किंग को लेकर कहासुनी से हुई। जिन पिता-पुत्र को गोली लगी है, उनके नाम वीरेंद्र अग्रवाल और सचिन अग्रवाल हैं। पीड़ित के परिजनों ने बताया कि वो यमुना विहार इलाके में रहते हैं। अग्रवाल परिवार की ब्रह्मपुरी क्षेत्र में बिल्डिंग मैटेरियल की दुकान है। इस परिवार के पड़ोस में फुरकान का मकान है। फुरकान के मकान में आसिफ नाम का व्यक्ति 4 माह से किराए पर रह रहा था।

बताया जा रहा है कि घटना के दिन 55 वर्षीय वीरेंद्र अपने 27 साल के बेटे सचिन के साथ दिल्ली के मायापुरी इलाके में एक विवाह समारोह में शामिल के बाद लौट रहे थे। रात लगभग 12:30 बजे उन्होंने रास्ते में पड़ोसी आरिफ की गाड़ी खड़ी देखी। जब उन्होंने आरिफ से गाड़ी हटाने के लिए कहा तो वो झगड़ने लगा और गालियाँ देने लगा।

परिजनों ने बताया कि वीरेंद्र और सचिन झगड़े के बाद घर चले गए थे। कुछ ही देर में आरिफ ने फोन करके अपने साथियों को झगड़े के लिए बुलाना शुरू कर दिया। इनमें से एक इबले हसन भी शामिल था। इबले हसन अपने एक अन्य साथी के साथ आया और बाद में तीनों अग्रवाल के घर गए। यहाँ पहुँच कर तीनों ने पिस्टल से सचिन और वीरेंद्र पर गोलियाँ बरसा दीं। ये गोलियाँ पीड़ित पिता-पुत्र के हाथों पर लगीं।

हमले में शोरगुल सुन कर आसपास के लोग जमा हुए तो हमलावर भागने की कोशिश करने लगे। मौके पर जमा लोगों ने इबले हसन को पकड़ लिया और पिटाई करके पुलिस को सौंप दिया। हालाँकि, आरिफ और उसका साथी भागने में सफल रहा। नाराज लोगों ने आरिफ की ब्रीजा गाड़ी को क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस बीच हमले में घायल पिता-पुत्र वीरेंद्र और सचिन को पटपड़गंज के मैक्स अस्पताल ले जाया गया, यहाँ दोनों का इलाज चल रहा है। पुलिस फरार आरोपित आरिफ और उसके साथी की तलाश कर रही है। दिल्ली पुलिस ने IPC की धारा 307 और 34 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है।

दिल्ली पुलिस ने इसमें किसी तरह के सांप्रदायिक तनाव से इनकार कर दिया है। अतिरिक्त डीसीपी, नॉर्थ ईस्ट संध्या स्वामी ने कहा कि इस घटना में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं है। फिर भी, किसी भी तरह की अफवाहें या किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए क्षेत्र में पुलिस की उपस्थिति बढ़ा दी गई है। 

‘अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न अंग’: अमेरिकी सीनेट में बिल पेश, चीन को बताया खतरा

अरुणाचल प्रदेश को अमेरिका ने भारत का अभिन्न अंग माना है। अमेरिका के दो सांसदों जेफ मर्कले (Senator Jeff Merkley) और बिल हॉगेर्टी (Senator Bill Hagerty) ने अरुणाचल प्रदेश को भारत का हिस्सा बताते हुए अमेरिकी संसद में द्विदलीय विधेयक (Bipartisan Senate resolution) पेश किया है।

विगत कुछ सालों में चीन ने एलएसी (LAC) पर ज्यादा आक्रामकता दिखाई है। कई बार भारत और चीन की सेनाओं के बीच हिंसक झड़पें भी हुईं थी। इन घटनाओं के बीच अमेरिकी सांसदों का यह विधेयक चीन को रास नहीं आ रहा है। हालाँकि, चीन की तरफ से इस पर अभी प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अमेरिकी सीनेटर जेफ मर्कले ने विधेयक पर कहा है कि इस प्रस्ताव से यह स्पष्ट हो जाता है कि अमेरिका अरुणाचल प्रदेश को भारत का अभिन्न अंग मानता है, ना कि चीन का। विधेयक में चीन की आक्रमकता की आलोचना करते हुए अमेरिकी सरकार से सहयोगी देशों के साथ संबंध और मजबूत करने के लिए कहा गया है।

सीनेटर बिल हागेर्टी ने चीन को हिंद प्रशांत महासागर क्षेत्र के लिए खतरा बताया है। उन्होंने कहा है कि अमेरिका को अपने रणनीतिक साझेदारों खासतौर पर भारते के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होना चाहिए। बिल होगेर्टी ने अमेरिका और भारत के बीच रणनीतिक साझेदारी को मजबूत बनाए जाने की वकालत की। दोनों अमेरिकी सांसद भारत के साथ रक्षा, तकनीक और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने के पक्षधर हैं।

पेश किए गए प्रस्ताव के अनुसार अमेरिका मैकमोहन लाइन को भारत और चीन के बीच अंतरराष्ट्रीय सीमा मानता है। चीन की सेना कई वर्षों से सीमा पर यथास्थिति को बदलने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, सीमा क्षेत्र में चीन रणनीति के तहत गाँवों को बसा रहा है। हाल ही में चीन ने एक नक्शा जारी किया है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश को चीन का हिस्सा दिखाया गया है।