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गो तस्कर के परिजनों को ₹20 लाख-सरकारी नौकरी, गौ रक्षकों को फँसाने और टॉर्चर करने के आरोप: क्या जुनैद-नासिर केस में ‘तुष्टिकरण’ देख रही कॉन्ग्रेस

राजस्थान आपराधिक घटनाओं के कारण पहले से ही कुख्यात रहा है, तमाम आँकड़े इस बात की तसदीक करते हैं। हिन्दू समाज हमेशा से गाय को माता मानता रहा है और गोरक्षा को अपना धर्म समझता रहा है। हम इसकी बात इसीलिए कर रहे हैं, क्योंकि एक ताज़ा घटना के कारण फिर से राजस्थान पुलिस के दामन पर दाग लगे हैं। ये घटना जुड़ी है हरियाणा के भिवानी में हुई दो मौतों से और गोरक्षक मोनू मानेसर से इसके कनेक्शन से।

सबसे पहले आपको घटना के बारे में बता देते हैं। हुआ कुछ यूँ कि जुनैद और नासिर की जल कर मौत हो गई। इस मामले में मोनू मानेसर को मुख्य आरोपित बनाया गया। जुनैद पर गोहत्या के पहले से ही कई मामले दर्ज हैं और यही उसका पेशा भी था। हालाँकि, मोनू का कहना है कि वो बेगुनाह हैं और घटना के समय वो कहीं और थे। मोनू हमेशा से कहते रहे हैं कि वो गौतस्करों के निशाने पर हैं और उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है।

अब इस मामले में ‘विश्व हिन्दू परिषद (VHP)’ भी कूद गई है और CBI जाँच की माँग की है। इस मामले ने और तूल तब पकड़ लिया, जब इस मामले के एक अन्य आरोपित श्रीकांत कौशिक के परिवार ने आरोप लगाया कि राजस्थान पुलिस ने उनके साथ बर्बरता की और इस घटना में श्रीकांत की पत्नी का गर्भ भी गिर गया। सोचिए, ये कितना बड़ा आरोप है। हालाँकि, जहाँ हरियाणा पुलिस एडिशनल एसपी से इस मामले की जाँच करा रही है, राजस्थान पुलिस ने आरोपों को नकार दिया है।

राजस्थान पुलिस हरियाणा में जाकर उन दो मौतों के मामले में दबिश दे रही है। बर्बरता के मामले में हरियाणा के नगीना थाने में राजस्थान पुलिस के कर्मचारियों के खिलाफ केस भी दर्ज कराया गया है। हालाँकि, भरतपुर की पुलिस इन आरोपों को भले ही नकार रही हो लेकिन उसने अब तक अपने पक्ष में कोई तथ्य नहीं दिया है। इसके नाम पर उनके पास सिर्फ बयान हैं। पुलिसिया बर्बरता हमारे देश में कोई नई चीज नहीं है, इसीलिए ऐसा भी नहीं है कि राजस्थान पुलिस के कह देने से उस पर विश्वास हो जाए।

ऑपइंडिया से बात करते हुए श्रीकांत के चाचा प्रवीण कुमार ने कहा कि मारपीट से राजस्थान पुलिस का इनकार करना सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि पुलिस दबिश के दौरान उनकी बहू को चोटें आईं और वह गिर कर तड़पने लगी थी। प्रवीण ने राजस्थान पुलिस के रवैये को अमानवीय बताया है। श्रीकांत के चाचा का कहना है कि पुलिस टॉर्चर से पुरुष सदस्य घर में नहीं थे। इसके कारण श्रीकांत की पत्नी को चोट लगने के बाद समय से अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं था।

किसी के घर में तड़के सुबह 3 बजे जा कर दबिश देने कहाँ तक उचित है, वो भी तब जब सामने वाला कोई पेशेवर अपराधी या आतंकी नहीं है? श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु कौशिक ने ऑपइंडिया को बताया कि लगभग 40 घंटे तक उन्हें गोपालगढ़ के पहाड़ी थाने में रखा गया। इस दौरान उन्हें थप्पड़ मारे गए। 2 सादे कागजों पर दस्तखत करवाए गए। विष्णु का भी कहना है कि राजस्थान पुलिस ने उनके सामने श्रीकांत की पत्नी से मारपीट की थी।

मोनू मानेसर अपनी तरफ से तथ्य दे रहे हैं कि घटना के वक्त वो गुरुग्राम के एक होटल में थे। होटल के सीसीटीवी फुटेज में भी इसका सबूत मौजूद होने की बात कही जा रही है। VHP इस मामले में अनावश्यक रूप से ‘बजरंग दल’ का नाम घसीटे जाने का आरोप लगा रही है। कौन नहीं जानता है कि मेवात (नूँह) गौ-तस्करी और मुस्लिमों के अपराधों के लिए कुख्यात है। ये वही जगह है, जहाँ पिछले साल के मध्य में एक डीएसपी की हत्या कर दी गई थी।

डीएसपी के हत्यारों को पकड़ने गई पुलिस के साथ भी अपराधियों की मुठभेड़ हुई। ऐसे में मोनू मानेसर इस कुख्यात क्षेत्र में गौहत्या के खिलाफ काम कर रहे हैं और हिन्दू युवाओं को अपने साथ जोड़ कर गोरक्षा में योगदान दे रहे हैं। कई गौहत्यारे उनके कारण जेल में हैं, ऐसे में किसी साजिश की आशंका को बल तो मिलता ही है। गौ-तस्करों का नेटवर्क बड़ा है और प्रभावशाली भी। इसी साल मोनू मानेसर को घेर कर उनकी हत्या की कोशिश हुई थी।

VHP ने भी कहा है कि श्रीकांत के परिवार को बुरी तरह प्रताड़ित किया गया है। इनामी अपराधियों के परिवारों को जिस तरह से राजस्थान के मंत्री चेक सौंप रहे हैं, उससे भी हिन्दू संगठन नाराज़ हैं। अगर अन्याय हुआ तो VHP सड़कों पर उतरेगी, संगठन के प्रवक्ता विनोद बंसल ने इसका ऐलान कर दिया है। ऐसे में फ़िलहाल यही सही होगा कि राजस्थान या हरियाणा की सरकार इस मामले में CBI जाँच की अनुशंसा करे और निष्पक्ष तरीके से इन्वेस्टीगेशन होने दे।

अब आते हैं राजस्थान की कॉन्ग्रेस सरकार पर, जो मुस्लिम तुष्टिकरण की हदों को पार करती हुई दिख रही है। वहाँ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सरकार है। राजस्थान पुलिस भी सरकार की प्रवक्ता के रूप में काम करते हुए ये दावा कर रही है कि जुनैद और नासिर की हत्या गोरक्षकों ने की है। रिंकू सैनी द्वारा कबूलनामे की बात कही जा रही है, लेकिन श्रीकांत के साथ हुए व्यवहार को देख कर अंदाज़ा लगाया जा सकता है कि ये कबूलनामा कैसे लिया गया होगा।

रिंकू सैनी टैक्सी चला कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। साथ में गोरक्षकों के दल से भी जुड़े हुए हैं। राजस्थान की प्रभावशाली कॉन्ग्रेसी-मुस्लिम लॉबी खासी सक्रिय है। वहाँ की शिक्षा मंत्री जाहिदा खान ने आनन-फानन में एक प्रतिनिधिमंडल बना कर सीएम से मुलाकात की और गोरक्षकों की गिरफ़्तारी के लिए दबाव बनाया। ऐसे मामलों में हैदराबाद के सांसद और AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी भी कहाँ पीछे रहने वाले थे।

राजस्थान में विधानसभा चुनाव भी होने हैं, ऐसे में सभी पार्टियाँ अपनी-अपनी रोटियाँ सेंकने में लगी हुई हैं। ओवैसी की पार्टी ने यहाँ की 40 सीटों पर लड़ने का ऐलान किया है। ऐसे में उन्होंने प्रचार अभियान की शुरुआत जुनैद-नासिर को ‘शहीद’ बता कर की। घाटमीका गाँव में जाहिदा खान की मौजूदगी में एक पंचायत भी बुलाई गई। मृतकों के परिवारों को 15-15 लाख रुपए और आश्रितों को नौकरी का ऐलान किया गया। इतना ही नहीं, मंत्री की तरफ से 5-5 लाख रुपए अलग से दिए गए।

साथ ही पंचायत ने भी 51-51 हजार रुपए देने का ऐलान किया। यानी, 20.51 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और साथ में सरकारी नौकरी – गौहत्या में लिप्त लोगों के परिवारों की इस तरह से राजस्थान सरकार सेवा कर रही है। ‘बजरंग दल’ के कार्यकर्ताओं को इस पंचायत में वसूली करने वाल बताया गया। कॉन्ग्रेस और AIMIM मुस्लिमों के वोटों के लिए इस कदर गिर गई है कि गौ-हत्यारों को संरक्षण मिल रहा है और गौरक्षकों को टॉर्चर।

VHP प्रवक्ता विनोद बंसल ने इस मामले पर कहा, “राजस्थान पुलिस की जाँच पर हमें विश्वास नहीं है। वहाँ की सरकार पर भी हमें भरोसा नहीं है। ये लोग राजस्थानी परंपरा को कलंकित करने में लगे हुए हैं। जाँच से पहले ही हमारे संगठन को कलंकित करने का प्रयास किया जा रहा है। जाँच को जानबूझकर एक ही दिशा में ले जाया जा रहा है। पहले ही मुआवजे की घोषणा कर दी गई, यानी राजस्थान सरकार ने घोषित कर दिया कि ये निर्दोष हैं।”

राजस्थान के एक SHO का स्टिंग भी वायरल हुआ है, जिसमें वो कहते दिख रहे हैं कि मोनू मानेसर का इस पूरे घटनाक्रम में नाम ही नहीं है, यानी उन्हें सिर्फ घसीटा जा रहा है। राजस्थान पुलिस ने जिस तरह से पत्रकार अमन चोपड़ा को प्रताड़ित किया था, उससे उसकी पोल खुल गई थी। गौ-हत्यारों के सामने राजस्थान सरकार नतमस्तक है, लेकिन इन्होंने आत्मदाह करने वाले जयपुर के पुजारी गिरिराज सिंह की मौत के बाद उन्हें क्या दिया था?

हरियाणा पुलिस ने नवजात का शव बाहर निकलवाया, डॉक्टरों का बोर्ड करेगा पोस्टमॉर्टम: भाजपा MP ने कहा- राजस्थान पुलिस पर हो हत्या की FIR

भरतपुर में गोरक्षक श्रीकांत कौशिक के नवजात शिशु की मौत के मामले में राजस्थान पुलिस घिरती दिख रही है। हरियाणा पुलिस ने मरोड़ा गाँव के श्मशान से नवजात शिशु का शव बाहर निकलवाया है। मौत के कारण का पता लगाने के लिए डॉक्टरों के बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाएगा। राजस्थान पुलिस पर श्रीकांत की गर्भवती पत्नी से मारपीट का आरोप है, जिसके कारण नवजात की मौत होने की बात कही जा रही है। हालाँकि भरतपुर पुलिस इससे इनकार कर रही है। भिवानी में गो तस्कर जुनैद और नासिर के जले शव मिलने के बाद पुलिस श्रीकांत की तलाश कर रही है।

भरतपुर की बीजेपी सांसद रंजीता कोली ने भी इस घटना को लेकर राजस्थान पुलिस पर हत्या की FIR दर्ज करने की माँग की है। साथ ही महिला आयोग को भी पत्र लिखा है। भरतपुर पुलिस पर 16 फरवरी की सुबह श्रीकांत की तलाश में उसके घर पर दबिश देने और परिजनों को प्रताड़ित करने का आरोप है। श्रीकांत की गर्भवती पत्नी के पेट पर लात मारने का आरोप है। मारपीट की वजह से उसकी पत्नी दर्द से तड़पने लगी। उसे अस्पताल ले जाया गया और उसके गर्भ में पल रहा बच्चा मृत निकला। उसके मुँह से खून निकल रहा था।

बच्चे के शव का होगा पोस्टमार्टम

श्रीकांत की माँ दुलारी ने 18 फरवरी 2023 को हरियाणा के नूँह के नगीना थाने में शिकायत देते हुए राजस्थान पुलिस पर आरोप लगाया था। इस शिकायत पर हरियाणा पुलिस ने रविवार (19 फरवरी 2023) को मृत बच्चे का शव मरोड़ा गाँव के श्मशान से निकाला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नूंह जिले के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला के मुताबिक श्रीकांत की माँ की शिकायत पर अभी केस दर्ज नहीं किया गया है। उनका कहना है कि पुलिस जाँच के साथ सबूत जुटा रही है। इस मामले में जिसका भी दोष सामने आएगा उस पर कार्रवाई की जाएगी।

भाजपा सांसद ने की कार्रवाई की माँग

राजस्थान के भरतपुर से भाजपा सांसद रंजीता कोली ने इस मामले में राजस्थान पुलिस के खिलाफ राष्ट्रीय महिला और मानवाधिकार आयोग को पत्र लिखा है। अपने पत्र में उन्होंने श्रीकांत की माँ के दुलारी आरोपों का जिक्र करते हुए आरोपित पुलिसकर्मियों पर हत्या की FIR दर्ज करने की माँग की है। भाजपा सांसद के मुताबिक किसी निर्दोष को किसी भी हाल में न फँसाया जाए।

राजस्थान पुलिस की सफाई

राजस्थान पुलिस ने खुद पर लगे आरोपों से इनकार किया है। भरतपुर के SP के मुताबिक श्रीकांत के परिजनों के आरोप गलत हैं और पुलिस उनके घर के अंदर गई ही नहीं थी। वहीं इस घटना में हरियाणा पुलिस के जवानों के शामिल होने के आरोपों पर नूंह के SP ने घटना की जाँच जिले की एडिशनल SP द्वारा कराए जाने की जानकारी दी है।

आरोपों पर कायम श्रीकांत का परिवार

श्रीकांत का परिवार राजस्थान पुलिस पर लगाए गए अपने आरोपों पर कायम है। ऑपइंडिया से बात करते हुए श्रीकांत के चाचा ने कहा कि राजस्थान पुलिस उनके घर में जबरन घुसी और उसकी मारपीट के चलते श्रीकांत की पत्नी को पेट में चोट आई जिससे बच्चा गर्भ में ही मर गया। श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु कौशिक ने भी राजस्थान पुलिस पर खुद को 40 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और टॉर्चर करने का आरोप लगाया है।

92 साल के जॉर्ज सोरोस को ‘बूढ़ा’ कहने पर संजय झा को लगी मिर्ची: एस जयशंकर को सिखा रहे थे शालीनता, नेटिजन्स ने याद दिला दिए अपने ‘पाप’

राष्ट्रवाद विरोधी अमेरिकी अरबपति जॉर्ज सोरोस की आलोचना कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता संजय झा को रास नहीं आई। 92 साल के अरबपति को विदेश मंत्री एस जयशंकर द्वारा ‘बूढ़ा’ कहे जाने पर उन्होंने आपत्ति जताई। जयशंकर को टैग करते हुए ट्वीट कर कहा कि कहा कि किसी उम्रदराज व्यक्ति को बूढ़ा कहकर मजाक उड़ाने पर उनको शर्म आनी चाहिए। जवाब में नेटिजन्स ने झा के वे तमाम ट्वीट निकाल लिए जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘बूढ़ा’ कहा था।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जॉर्ज सोरोस की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई एक टिप्पणी के जवाब में यह बात कही थी। उन्होंने कहा था कि सोरोस बूढ़े, अमीर, जिद्दी, पूर्वाग्रही और खतरनाक हैं, जो कहानियाँ गढ़ने में माहिर हैं। वह न्यूयॉर्क में बैठकर अब भी यह सोचते हैं कि दुनिया उनके हिसाब से चले। दुनिया उनके विचारों के आधार पर काम करे।

इसको लेकर संजय झा ने ट्वीट करते हुए कहा है, “प्रिय श्री जयशंकर, किसी को ‘बूढ़ा’ कहकर मजाक उड़ाने के लिए आपको शर्म आनी चाहिए। यह उम्र का भेदभाव है। यह घृणित है। आपका प्रतिष्ठित कार्यालय कुछ शिष्टाचार और शालीनता के साथ चल सकता है। लेकिन एक ऐसे व्यक्ति से क्या उम्मीद की जा सकती है जो अपने बॉस के ‘अब की बार, ट्रम्प सरकार’ को सही ठहराता हो।”

संजय झा के इस ट्वीट को लेकर ‘द कश्मीर फाइल्स’ के निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने ट्वीट कर कहा है, “संजय झा सुनिए, क्या बकवास करना आपकी फैक्ट्री डिफेक्ट है या राहुल जी ने आपको गिफ्ट किया है?” साथ ही उन्होंने संजय झा के तीन ट्वीट्स के स्क्रीनशॉट ट्वीट किए हैं। इन ट्वीट में संजय झा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बूढ़ा कहते हुए उनका मजाक उड़ाया था।

इनमें से संजय झा ने एक ट्वीट में लिखा था, “मोदी बूढ़े, थके हुए दिख रहे हैं। बिलकुल बीजेपी की तरह। समय समाप्त हो चुका है।”

वहीं, एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा था, “मोदी जी… जासूसी, एह??? बुरी आदत, मिस्टर ओल्ड मैन बैचलर।”

एक अन्य ट्वीट में संजय झा ने कहा था, “17 सैनिक मारे गए, किसानों ने आत्महत्या की, दलितों/अल्पसंख्यकों के साथ बर्बरता हुई, अर्थव्यवस्था लड़खड़ाई, लेकिन बूढ़ा अहंकारी बर्थडे बॉय फोटो खिंचवाने में बिजी है।”

संजय झा के इस ट्वीट को लेकर एक यूजर ने लिखा है, “शर्म करो संजय झा। जयशंकर आपके जैसे नहीं हैं। वह देशभक्त हैं।”

एक अन्य यूजर ने लिखा है, “संजय झा आपको शर्म आनी चाहिए। सब कुछ जानने के बाद भी आप इस प्रकार की भाषा बोल रहे हैं। आप बड़े हो गए हैं। लेकिन आपको अभी भी अपने तथाकथित नेता की तरह बड़े होने की जरूरत है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा है, “संजय झा उम्रदराज और भ्रमित व्यक्ति हैं। उनकी याददाश्त बहुत कमजोर है। देखें कि उनकी बकबक कैसे रिकॉर्ड में है। उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया है फिर भी वह जोंक की तरह लटके हुए हैं।”

‘JNU में शिवाजी-शिवाजी नहीं चलेगा’: छत्रपति की तस्वीर फेंकी, ABVP ने SFI के हमलावरों को बताया देशद्रोही

जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (JNU) में छत्रपति शिवाजी की जयंती पर रविवार (19 फरवरी 2023) को वामपंथी छात्रों का उत्पात सामने आया है। ABVP ने छत्रपति की जयंती पर कार्यक्रम का आयोजन किया था। आरोप है कि एसएफआई के छात्रों ने छात्रपति की शिवाजी की तस्वीर फेंक दी। अभाविप ने कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया में शेयर की है जिसमें छात्रपति की तस्वीरें और फूल माला जमीन पर फेंके दिख रहे हैं। इस घटना में अभाविप से जुड़े करीब आधा दर्जन छात्र घायल भी हुए हैं। संगठन ने घटना की निंदा करते हुए आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने अपने आधिकारिक हैंडल से ट्वीट कर बताया है कि छात्र संघ के कार्यालय टेफलाज में छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था। इसमें वामपंथियों ने उपद्रव मचाते हुए तस्वीर फेंक दी। ABVP ने हमलावरों को देशद्रोही बताया है। एनबीटी ने एबीवीपी के हवाले से बताया है कि विरोधी छात्रों का कहना था कि ‘जेएनयू में शिवाजी-शिवाजी नहीं चलेगा’। एबीवीपी ने इन पर शिवाजी महाराज के साथ साथ फुले और महाराणा प्रताप के चित्रों का अपमान करने का भी आरोप लगाया है।

JNU में ABVP के महामंत्री उमेश चंद्र ने हमले का आरोप SFI (स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ़ इंडिया) पर लगाया है। उन्होंने कहा कि हमलावरों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की तस्वीर और फूल-माला फेंक दी। ABVP के जेएनयू के सोशल मीडिया कन्वेनर कुमार आशुतोष के मुताबिक वामपंथियों के हमले में विद्यार्थी परिषद के 5-6 छात्र घायल हुए हैं। उन्होंने दिल्ली पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। ABVP ने यह भी माँग की है कि JNU के छात्रसंघ भवन का नाम छत्रपति शिवाजी महाराज के नाम पर रखा जाए।

इस घटना पर कॉन्ग्रेस की छात्र शाखा NSUI का भी बयान सामने आया है। NSUI के JNU महासचिव के अनुसार ABVP ने छात्रसंघ भवन में जो कार्यक्रम किया था, उसके लिए अनुमति की जरूरत होती है। NSUI के मुताबिक बिना परमिशन के हुए कार्यक्रम की ही वजह से इस मामले में विवाद हुआ, क्योंकि छात्रों के एक अन्य समूह ने इसका विरोध किया।

कस्टडी में 40 घंटे, मारे थप्पड़, सादे कागज पर दस्तख्त: श्रीकांत के परिवार ने राजस्थान पुलिस को बताया झूठा, मारपीट में गर्भस्थ शिशु की मौत का आरोप

हरियाणा के भिवानी में गो तस्कर जुनैद और नासिर का जला शव मिला था। इस मामले में राजस्थान पुलिस सवालों के घेरे में है। आरोप है कि पुलिस की दबिश के दौरान मामले में आरोपित श्रीकांत कौशिक की गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट की गई। इससे नवजात मृत पैदा हुआ। इस मामले में हरियाणा के नगीना थाने में राजस्थान पुलिस के कई स्टाफ के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है। हालाँकि राजस्थान की भरतपुर पुलिस पुलिस ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। लेकिन श्रीकांत के परिवार ने ऑपइंडिया से बातचीत में राजस्थान पुलिस को झूठा करार दिया है।

झूठ बोल रही राजस्थान पुलिस

ऑपइंडिया से बात करते हुए श्रीकांत के चाचा प्रवीण कुमार ने कहा कि मारपीट से राजस्थान पुलिस का इनकार करना सरासर झूठ है। उन्होंने कहा कि पुलिस दबिश के दौरान उनकी बहू को चोटें आईं और वह गिर कर तड़पने लगी थी। प्रवीण ने राजस्थान पुलिस के रवैये को अमानवीय बताया है। श्रीकांत के चाचा का कहना है कि पुलिस टॉर्चर से पुरुष सदस्य घर में नहीं थे। इसके कारण श्रीकांत की पत्नी को चोट लगने के बाद समय से अस्पताल ले जाने वाला कोई नहीं था। इसकी वजह से नवजात ने गर्भ में ही दम तोड़ देना पड़ा। प्रवीण ने बताया कि राजस्थान पुलिस के डर से घर के पुरुष सदस्यों ने अपने फोन भी बंद कर रखे थे।

भाइयों को उठा ले गई थी पुलिस

श्रीकांत के चाचा के मुताबिक 16 फरवरी 2023 की सुबह करीब 3 बजे पुलिस ने उनके घर दबिश दी। पुलिस श्रीकांत के चचेरे भाई विष्णु और अश्विन को उठाकर ले गई थी। उन्होंने कहा कि पुलिस की इस हरकत के कारण उनके परिवार के लोग भयभीत हैं।

40 घंटे रखा हिरासत में, मारे थप्पड़

विष्णु कौशिक ने ऑपइंडिया को बताया कि लगभग 40 घंटे तक उन्हें गोपालगढ़ के पहाड़ी थाने में रखा गया। इस दौरान उन्हें थप्पड़ मारे गए। 2 सादे कागजों पर दस्तखत करवाए गए। विष्णु का भी कहना है कि राजस्थान पुलिस ने उनके सामने श्रीकांत की पत्नी से मारपीट की थी।

श्रीकांत को बेगुनाह बताते हुए उनके चाचा प्रवीण कुमार ने मामले की CBI जाँच की माँग की है। उनका कहना है कि 90% मुस्लिम आबादी के बीच रह कर हिंदुत्व का काम करना ही श्रीकांत का गुनाह है। घटना के पीछे किसी बड़ी साजिश की आशंका जताते हुए उन्होंने कहा कि श्रीकांत को पहले भी झूठे केसों में फँसाने की कोशिश हो चुकी है। बताया जा रहा है कि श्रीकांत की पत्नी अब खतरे से बाहर है। उनका इलाज घर के ही पास के एक अस्पताल में चल रहा है।

पटना में 50 राउंड गोलीबारी, 2 की मौत: मैरिज हॉल भी फूँक डाला, जल कर ख़ाक हुई कई गाड़ियाँ

बिहार की राजधानी पटना में पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद में 50 राउंड फायरिंग हुई। फायरिंग में 6 लोगों की गोली लगी, जिसमें से दो की मौत हो गई। घटना के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपित के घर और मैरिज हॉल में आग लगा दी। पुलिस ने घर में फँसे लोगों को बाहर निकाला। घटना रविवार (19 फरवरी, 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला पटना के नदी थाना क्षेत्र के जेठूली गंगा घाट इलाके है। मृतक के परिजनों का कहना है कि उमेश राय नामक दबंग व्यक्ति ने इस घटना को अंजाम दिया है। उमेश ट्रक से गिट्टी गिरवा रहा था। इस कारण पार्किंग का रास्ता बंद हो गया था तथा कार निकालने में दिक्कत हो रही थी। जब उससे रास्ता खाली करने के लिए कहा गया तो वह विवाद करने लगा।

पीड़ितों के परिजन संजीत कुमार उर्फ टुनटुन यादव ने कहा है कि कार पार्किंग को लेकर शुरू हुए विवाद के बाद जेठूली गाँव के रमेश राय, सतीश राय, उमेश राय, बच्चा राय ने मिलकर गौतम कुमार पर जमकर गोलीबारी की। उन्होंने यह भी कहा है कि उमेश राय के लोगों ने 50 राउंड से अधिक गोलीबारी की है। इसमें कुल 6 लोगों को गोली लगी थी, जिसमें से गौतम कुमार और रोशन राय की मौत हो चुकी है। घायलों का इलाज पटना के नालंदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में चल रहा है।

वहीं फायरिंग के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपितों के घर और मैरिज हॉल में आग लगा दी। इससे घर में खड़ी गाड़ियाँ जलकर खाक हो गईं। वहीं घर के अंदर मौजूद महिलाओं, बच्चों व अन्य लोगों को पुलिस ने रेस्क्यू कर बचा लिया है।

कहा जा रहा है कि लोगों ने अन्य आरोपितों के घरों पर भी आग लगाने की कोशिश की है। यही नहीं, आग बुझाने आई फायर ब्रिगेड का रास्ता रोकते हुए उसके पहियों की हवा निकाल दी गई थी। फिलहाल, इस पूरे इलाके में पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन शांति व्यवस्था बहाल करने में जुटा हुआ है।

अजीम ओ शान शहंशाह… करीम ने छत पर खड़े होकर की नोटों की बारिश, बटोरने के लिए जुटी भीड़: भतीजे रज्जाक की शादी का मना रहा था जश्न

गुजरात के मेहसाणा जिले में पूर्व सरपंच और उसके रिश्तेदारों ने जमकर नोट लुटाए। दरअसल, पूर्व सरपंच करीम यादव के भतीजे की शादी का जश्न मनाया जा रहा था। इस दौरान लोगों ने छत पर खड़े होकर नोटों की बारिश कर दी। 100 से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की बारिश के बीच उन्हें बटोरने के लिए गाँव के लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वायरल वीडियो मेहसाणा जिले के केकरी तहसील के सेवड़ा अगोल गाँव का है। जहाँ पूर्व सरपंच करीम यादव के भाई रसूल यादव के बेटे रज्जाक की शादी थी। इस शादी के जश्न में डूबे करीम यादव और उसके रिश्तेदार छत पर खड़े होकर नोटों की बारिश करने लगे।

बड़ी बात यह रही कि करीम यादव और उसके रिश्तेदारों ने 100 रुपए से लेकर 500 रुपए तक के नोटों की बारिश की है। नोटों की बारिश के बीच गाँव के लोग उन्हें बटोरने के लिए करीम यादव के घर के नीचे इकट्ठा हो गए। इस दौरान लोगों के बीच हाथापाई भी हुई है। कहा जा रहा है कि पूर्व सरपंच के घर से लाखों रुपए के नोट उड़ाए गए हैं।

इसका वीडियो सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि करीम यादव औए हसक रिश्तेदार नोट उड़ा रहे हैं। वहीं घर के नीचे खड़े लोग नोटों को पकड़ने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में जोधा अकबर फिल्म का गाना ‘अजीमो शान शहंशाह…’ बजता सुनाई दे रहा है।

वायरल वीडियो को लेकर नेटिजेन्स ने दी अलग-अलग प्रतिक्रिया

@somvanshi_shubh नामक यूजर ने ट्वीट कर कहा, “मैं बारिश कर दूँ पैसे की जो तू हो जाए मेरी। यह सच कर दिखाया गया गुजरात में। गुजरात के मेहसाणा जिले में पूर्व सरपंच के भतीजे की शादी थी जिसमें लाखों रुपए हवा में उड़ाए गए। 100 और 500 रुपए के उड़ाए गए नोट।”

@girishpandy नामक यूजर ने लिखा है, “पैसों की बरसात, सुना तो होगा ही। देख भी लें। वीडियो गुजरात में किसी पूर्व सरपंच के भतीजे की शादी समारोह की बताई जा रही। छत से रिश्तेदार रूपी देवता नोट बरसा रहे। नीचे आवाम इस बारिश को जी भर लूट रही है।”

@rakeshjrrsu ने ट्वीट कर कहा, “100, 200 और 500 के नोटों की यह बरसात गुजरात में एक पूर्व सरपंच के बेटे के विवाह अवसर पर हो रही है। कहा जा रहा है कि करोड़ों के नोट लुटाए गए हैं। बताया यह भी जा रहा है कि यह वीडियो भारत से ज्यादा पाकिस्तान में देखा जा रहा है।”

मंदिर में घुस कर मूर्तियाँ खंडित करने वाले सैफ को यूपी पुलिस ने दबोचा: दानपात्र भी लूट लिया, विरोध करने वालों को मारने दौड़ा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में एक मंदिर में घुस कर मूर्तियों को क्षतिग्रस्त करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक व्यक्ति ने मंदिर में घुस कर चोरी की और रोकने आए लोगों पर हमले का भी प्रयास किया। इस मामले में पुलिस ने एक आरोपित को गिरफ्तार किया है जिसका नाम मोहम्मद सैफ है। घटना रविवार (19 फरवरी, 2023) शाम 5 बजे की है।

यह मामला अलीगढ़ के थाना सिविल लाइंस का है। यहाँ थाने के बगल हरिजन बस्ती है। अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लोगों की बहुलता वाली इस बस्ती के लोगों की आस्था भगवान शिव में है और उन्होंने सामूहिक तौर पर एक मंदिर बनवा रखा है। पूरे मोहल्ले के लोग वहाँ सामूहिक तौर पर पूजा-पाठ करते हैं। घटना के शिकायतकर्ता हरिजन बस्ती के रहने वाले कुँवरपाल जाटव हैं। उन्होंने बताया कि घटना के दिन एक अज्ञात चोर मंदिर में घुस आया और मंदिर के दानपात्र से रुपए चुराने लगा। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

शिकायत में कुँवरपाल ने आगे बताया है कि उन्होंने चोर को रोकने का प्रयास किया तो आस-पास के भी लोग जमा हो गए। सबने मिल कर चोर को पकड़ने की कोशिश की। इस आपाधापी के दौरान चोर ने अपने हाथ में लिए गए एक डंडे से खुद को पकड़ रहे लोगों पर हमला किया। हालाँकि, चोर का ये वार चूक गया और कुँवरपाल बाल-बाल बच गए। शोरगुल सुन कर बाकी लोग भी जमा हो गए और सबने मिल कर चोर को पकड़ लिया। चोर द्वारा भागने के प्रयास में मंदिर में रखी मूर्ति को भी नुकसान पहुँचा। घटना के बड़ा मंदिर का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा।

शिकायत के मुताबिक, पकड़े जाने पर चोर ने खुद को मोहम्मद माजिद का बेटा मोहम्मद सैफ बताया। सैफ मंदिर से कुछ ही दूरी पर स्थित सिविल लाइन्स के दोदपुर इलाके का रहने वाला है। तलाशी लेने पर उसके पास से मंदिर के दानपात्र से चुराए गए 100 रुपए भी बरामद हुए। लोगों ने सैफ को पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने सैफ के खिलाफ IPC की धारा 458, 382, 411 और 427 के तहत FIR दर्ज करते हुए आरोपित की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता कुँवरपाल ने बताया कि सैफ नशे का भी आदी है और अक्सर इधर-उधर घूमा करता है।

‘नाबालिग को ‘आजा-आजा’ कहना यौन उत्पीड़न’: मुंबई की अदालत ने युवक को सुनाई 6 महीने की सज़ा

मुंबई की एक अदालत ने कहा है कि लड़की का पीछा करना और बार-बार ‘आजा-आजा’ कहना यौन उत्पीड़न है। इसी के साथ, अदालत ने साल 2015 में दर्ज हुए एक मामले की सुनवाई करते हुए 32 वर्षीय युवक को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया। साथ ही, आरोपित को 6 महीने की सजा सुनाई।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मामला सितंबर 2015 का है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्षीय छात्रा ने आरोप लगाया था कि वह पैदल चलकर ट्यूशन पढ़ने जाती थी। इस दौरान आरोपित युवक उसका साइकिल से पीछा करता था। यही नहीं, इस दौरान वह उसे बार-बार ‘आजा-आजा’ बोलकर परेशान भी करता था। पीड़िता ने कहा था कि आरोपित ने ऐसा एक बार नहीं बल्कि कई बार किया।

पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि आरोपित ने जब पहली बार उसे परेशान किया तो उसने रास्ते में मौजूद लोगों से मदद माँगी थी। उन लोगों ने आरोपित को पकड़ने की कोशिश भी की थी। लेकिन वह साइकिल से भाग निकला था। यह सब कई दिनों तक चलता था। इस दौरान पीड़िता ने इस घटना के बारे में अपने माता-पिता और ट्यूशन टीचर को बताया था। हालाँकि वह आरोपित के बारे में कुछ भी बता नहीं पाई थी।

इसके बाद पीड़िता ने एक दिन देखा कि आरोपित युवक एक बिल्डिंग में नाइट वॉचमैन के रूप में काम करता है। इस पर पीड़िता ने आरोपित के बारे में अपनी माँ को बताया और फिर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत और पीड़िता के बयानों के आधार पर पुलिस ने जाँच दर्ज करते हुए आरोपित को सितंबर 2015 में गिरफ्तार कर लिया। हालाँकि बाद में मार्च 2016 में उसे जमानत मिल गई।

इस मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आरोपित को पॉक्सो एक्ट के तहत दोषी करार दिया। हालाँकि इसके बाद उसने कहा है कि वह बेहद गरीब है, उसकी पत्नी और तीन साल का बच्चा है। इसलिए उस पर रहम किया जाए। आरोपित की गुहार सुनकर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ए.जे. खान ने उसे 6 महीने की ही सजा सुनाई। चूँकि आरोपित सितंबर 2015 से मार्च 2016 के बीच 6 महीने की जेल की सजा काट चुका है। इसलिए उसे जेल नहीं भेजा जाएगा।

SDM ने शिवलिंग को चबूतरा सहित गिराने का दिया आदेश, SHO ने प्रणाम किया और… कानपुर में माँ-बेटी के ज़िंदा जलने के मामले का नया वीडियो

सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में माँ-बेटी की की जल कर हुई मौत के मामले का बताते हुए एक नया वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस फ़ोर्स का नेतृत्व करते SHO द्वारा शिवलिंग को प्रणाम किया गया है। वहीं इसी वीडियो में दिख रहे एक अन्य व्यक्ति द्वारा SDM होने का दावा करते हुए उनके द्वारा शिवलिंग को चबूतरे सहित गिराने का निर्देश दिया जा रहा है। मामले की जाँच कर रही SIT ने वीडियो का संज्ञान लिया है।

लगभग 1 मिनट से कम समय के इस वीडियो में पुलिस फ़ोर्स को SDM के साथ खड़ा देखा जा सकता है। कुछ देर बाद SHO शिवलिंग के चबूतरे पर चढ़े और उन्होंने शिव को प्रणाम किया। इसके बाद थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दिनेश गौतम को नीचे उतरने के लिए कहा जाता है। सफेद शर्ट में खड़े एक व्यक्ति जिसे SDM बताया जा रहा है उन्हें कुछ ही देर में बुलडोजर को शिवलिंग गिराने का इशारा करते देखा जा सकता है। इसके बाद JCB मशीन ने चबूतरे को तोड़ डाला।

मीडिया रिपोर्ट्स में गाँव वालों के हवाले से दावा किया गया है कि थाना प्रभारी शिवलिंग को गिराए जाने के पक्ष में नहीं थे। हालाँकि, पद में काफी सीनियर SDM के जिद पर अड़े रहने के चलते शिवलिंग सहित चबूतरा आखिरकार तोड़ डाला गया। बताया जा रहा है कि चबूतरा टूटने के बाद SHO ने शिवलिंग को अपने तौलिये में लपेट कर रख दिया था। हालाँकि, इसके बाद आगजनी की घटना हो गई और घटनास्थल पर भगदड़ मच गई।

जानकारी के मुताबिक, पूरे मामले की जाँच कर रही SIT ने इस वीडियो का संज्ञान लिया है। जाँच में इसे भी शामिल किया जा चुका है। हालाँकि, ऑपइंडिया वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। गौरतलब है कि सोमवार (13 फरवरी, 2023) को कानपुर देहात के गाँव मड़ौली में एक अतिक्रमण विरोधी अभियान के दौरान माँ-बेटी की जल कर मौत हो गई थी। इस घटना में SDM, SHO, कानूनगो, लेखपाल सहित अन्य पुलिसकर्मियों और गॉंव के 4 सदस्यों के नाम नामजद FIR दर्ज हुई थी।

आरोपितों की कुल संख्या 60 है। अब तक लेखपाल और JCB ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई है। SHO और SDM सस्पेंड कर दिए गए हैं।