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23 दलों को बुलाया, पहुँचे सिर्फ 8: विपक्ष को एकजुट करने में नाकाम हुई राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’, AAP को तो न्योता ही नहीं दिया

कन्याकुमारी से शुरू हुई राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा कश्मीर पहुँचकर समाप्त हो चुकी है। यात्रा का समापन समारोह 30 जनवरी, 2023 को श्रीनगर में आयोजित हुआ। इस समारोह में शामिल होने के लिए 23 सियासी पार्टियों को न्योता भेजा गया था लेकिन सिर्फ 8 दलों के नेता ही कार्यक्रम में शामिल हुए।

2024 के आम चुनाव से पहले भाजपा को घेरने के लिए विपक्षी दलों को एक करने की कोशिश में जुटी कॉन्ग्रेस को निराशा हाथ लगी है। रिपोर्टों के मुताबिक, श्रीनगर में आयोजित ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन समारोह में शामिल होने के लिए कॉन्ग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने 23 राजनीतिक दलों के प्रमुखों को आमंत्रित किया था। समारोह में सिर्फ 8 दलों के प्रमुख ही हिस्सा लेने पहुँचे जबकि कॉन्ग्रेस को उम्मीद थी कि भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में आमंत्रित राजनीतिक दल कम से कम अपना प्रतिनिधि तो जरूर भेजेंगे।

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने यात्रा के जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने से पहले आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के समापन समारोह के बाद विपक्षी पार्टियाँ 2024 के आम चुनावों को लेकर रणनीति पर चर्चा करेंगी। समापन समारोह के बाद श्रीनगर में ऐसा कुछ होता नजर नहीं आया क्योंकि उम्मीद के अनुसार विपक्ष की दूसरी पार्टियों ने इस समारोह से दूरी बना ली। इतना ही नहीं, बिहार की दो प्रमुख भाजपा विरोधी पार्टियाँ जनता दल यूनाइटेड (JDU) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) भी राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ से दूर रहीं और समापन समारोह में भी शामिल होने नहीं पहुँची। जबकि कॉन्ग्रेस बिहार सरकार में JDU और RJD की सहयोगी है।

महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कॉन्ग्रेस पार्टी (NCP) की सुप्रिया सुले, शिवसेना (उद्धव ठाकरे) आदित्य ठाकरे और संजय राउत जैसे नेता जो राहुल गाँधी के साथ यात्रा में चले थे वो भी भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में श्रीनगर नहीं पहुँचे थे।

कुछ ऐसी पार्टियाँ भी हैं जिन्हें कॉन्ग्रेस ने आमंत्रित नहीं किया था। उनमें आम आदमी पार्टी (AAP), भारत राष्ट्र समिति (BRS), युवाजना श्रामिका रैतु (YSR) कॉन्ग्रेस, एआईयूडीएफ (AIUDF) और शिरोमणि अकाली दल (SAD) जैसी पार्टियाँ शामिल हैं। इनमें से कोई भी दल विपक्ष में कॉन्ग्रेस के नेतृत्व को स्वीकार नहीं करता।

भारत जोड़ो यात्रा के समापन समारोह में डीएमके (DMK) के तिरुचि शिवा, सीपीआई (CPI) के महासचिव डी राजा, नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के उमर अब्दुल्ला, पीडीपी (PDP) की महबूबा मुफ्ती, आरएसपी (RSP) के एनके प्रेमचंद्रन और आईयूएमएल (IUML) के के नवस कानी शामिल हुए। यात्रा के समापन समारोह में झामुमो (JMM) और वाीसीके (VCK) ने अपने प्रतिनिधि भेजे थे।

इन सब के अलावा बसपा सांसद श्याम सिंह यादव भी श्रीनगर में आयोजित भारत जोड़ो यात्रा कार्यक्रम में शामिल होने पहुँचे हुए थे। लेकिन, ‘इंडियन एक्सप्रेस’ ने पार्टी सूत्रों के हवाले से जानकारी दी कि श्याम सिंह यादव पार्टी की तरफ से नहीं बल्कि व्यक्तिगत रूप से समारोह का हिस्सा बने थे। जौनपुर से बसपा सांसद श्याम सिंह यादव दिल्ली में यात्रा के दौरान राहुल गाँधी के साथ भी चले थे। बता दें कि राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा सितंबर 2022 में शुरू हुई थी।

‘एक तरफ अयोध्या धाम का निर्माण, दूसरी तरफ हर जिले में मेडिकल कॉलेज’: बजट सत्र में बोलीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू – हमें करना है नए युग का निर्माण

संसद के बजट सत्र की शुरुआत मंगलवार (31 जनवरी, 2023) से हो गई है। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दोनों सदनों की संयुक्त बैठक को संबोधित किया। बजट सत्र का पहला चरण 13 फरवरी, 2023 तक चलेगा और दूसरा चरण 13 मार्च से 6 अप्रैल 2023 तक चलेगा। राष्ट्रपति मुर्मू ने अपने अभिभाषण में कहा कि भारत का बजट आम आदमी की आशाओं को पूरा करने का काम करेगा। 

उन्होंने अपने संबोधन में कहा, ”एक तरफ अयोध्या धाम का निर्माण हो रहा है, तो दूसरी तरफ एक आधुनिक संसद भवन भी बन रहा है। एक तरफ केदारनाथ धाम का पुनर्विकास, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर का विकास और महाकाल परियोजना का काम पूरा हो रहा है तो दूसरी ओर हर जिले में मेडिकल कॉलेज बनाया जा रहा है। एक तरफ हम अपने तीर्थ स्थलों और ऐतिहासिक धरोहरों का विकास कर रहे हैं तो दूसरी तरफ भारत विश्व में बड़ा स्पेस पॉवर बनकर कर उभर रहा है। भारत ने पहला प्राइवेट सेटेलाइट लॉन्च किया है।”

राष्ट्रपति ने कहा कि हमें ऐसे भारत का निर्माण करना है जिसमें अतीत का गौरव जुड़ा हो। हमें नए युग का निर्माण करना है। हमें ऐसा भारत बनाना है, जो आत्मनिर्भर हो, जो अपने मानवीय दायित्व को पूरा करने में समर्थ हो, ऐसा भारत हो जहाँ गरीबी न हो, मध्यम वर्ग भी वैभव से युक्त हो। ऐसा भारत बनाना है, जिसके युवा समय से दो कदम आगे चलते हों। ऐसा भारत का निर्माण करना है जिसकी एकता और अधिक अटल हो।”

उन्होंने आगे कहा, “विकास के पथ पर चलते मेरी सरकार के कुछ ही महीने में 9 वर्ष हो जाएँगे। इस दौरान लोगों ने कई सकारात्मक परिवर्तन पहली बार देखे हैं। सबसे बड़ा परिवर्तन यह हुआ है कि आज हर भारतीय का आत्मविश्वास शीर्ष पर है। दुनिया का भारत को देखने का नजरिया बदला है। जो भारत कभी अपनी अधिकतर समस्याओं के समाधान के लिए दूसरों पर निर्भर था वही आज दुनिया की समस्याओं का समाधान बन रहा है।”

उन्होंने आगे अपने संबोधन में कहा, “‘गरीबी हटाओ’ अब सिर्फ एक नारा नहीं रह गया है। मेरी सरकार गरीबों की समस्याओं के स्थायी समाधान और उन्हें सशक्त बनाने के लिए काम कर रही है। मेरी सरकार की स्पष्ट राय है कि भ्रष्टाचार लोकतंत्र और सामाजिक न्याय का सबसे बड़ा दुश्मन है। सरकार ने सुनिश्चित किया है कि ईमानदार लोगों का सम्मान हो। मेरी सरकार ने भगोड़े आर्थिक अपराधियों की संपत्ति जब्त करने के लिए  भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम पारित किया। सरकारी काम में भी भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए प्रयत्न किए गए हैं।”

राष्ट्रपति ने कहा कि सरकार ने गरीब लोगों को अनाज मुहैया कराने के लिए 3.50 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि आज इसकी प्रशंसा पूरे विश्व में हो रही है। सरकार तकनीक के माध्यम से इन योजनाओं को सीधे गरीब तक पहुँचा पा रहे हैं। वहीं उन्होंने सरकार द्वारा अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के कल्याण के लिए सरकार द्वारा उठाए गए कदमों की तारीफ की। उन्होंने कहा, ”सरकार ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग की आकांक्षाओं को जगाया है। अब इनलोगों के पास मूलभूत सुविधाएँ पहुँच रही हैं तो ये लोग नए सपने देख पा रहे हैं।”

जेल में ही मरेगा बेटी से रेप करने वाला मदरसे का मौलवी, कोर्ट ने सुनाई 3 उम्रकैद: पढ़ते वक्त बेडरूम में खींचकर ले गया, फिर बार-बार रेप कर किया था प्रेग्नेंट

केरल में एक मदरसे के मौलवी को अपनी बेटी के साथ रेप के मामले में तीन उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। मल्लपुरम की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने बलात्कारी अब्बा पर 6.6 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। बार-बार रेप के बाद लड़की गर्भवती हो गई थी। बाद में उसने गर्भपात करवा लिया था। मामले का खुलासा 2022 में हुआ, जब लड़की के गर्भवती होने का पता चला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पहली बार मार्च 2021 में मदरसे के मौलवी ने बेटी से रेप किया था। उस समय कोरोना की वजह से 15 वर्षीया पीड़िता अपने कमरे से ऑनलाइन पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान उसका अब्बा कमरे में घुसा और छेड़छाड़ करने लगा। बेटी ने विरोध किया तो मौलवी उसे जबरन खींचकर अपने बेडरूम में ले गया और उसके साथ दरिंदगी की।

विरोध किए जाने पर मौलवी ने अपनी बीवी को भी जान से मार डालने की धमकी दी। मार्च 2021 से अक्टूबर 2021 के बीच उसने कई बार बेटी को हवस का शिकार बनाया। नवंबर 2021 से स्कूल खुलने पर पीड़िता स्कूल जाने लगी। जनवरी 2022 में एक दिन अचानक उसके पेट में दर्द उठा। स्कूल स्टाफ पीड़िता को अस्पताल ले गए जहाँ उसके गर्भवती होने का खुलासा हुआ।

अभियोजन पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि अस्पताल में लड़की ने स्कूल के स्टाफ से अपने अब्बा की करतूत बता दी थी। इसके बाद पुलिस को मामले की जानकारी दी गई। पुलिस ने FIR दर्ज कर के लड़की के अब्बा को गिरफ्तार कर लिया। मदरसा टीचर पर पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज हुई थी। कुछ समय बाद मेडिकल परीक्षण कर लड़की के गर्भ को भी गिरा दिया गया। इस दौरान पुलिस ने जाँच के लिए पीड़िता के गर्भ से निकले भ्रूण के सैम्पल लिए थे।

भ्रूण के सैम्पल का मिलान लड़की के अब्बा से करवाया गया तो वह मैच कर गया। इस मामले की जाँच पुलिस अधिकारी अब्दुल बशीर कर रहे थे। पुलिस ने लड़की के साथ उसकी अम्मी के भी बयान दर्ज किए। इस मामले को फ़ास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया गया। आखिरकार अदालत ने अभियोजन पक्ष द्वारा पेश किए गए सबूतों को सही माना और मौलवी की हरकत को घृणित बताते हुए उसे 3 आजीवन कारावास की सजा सुनाई। आदेश के मुताबिक रेपिस्ट को अंतिम साँस तक जेल में ही रहना होगा।

अफसाना ने 3 दलित पड़ोसियों को रेप केस में फँसा दिया: ‘मुस्लिमों पर अत्याचार’ बता रही मीडिया, बत्तखों के खेत में जाने से हुई थी कहासुनी

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक मुस्लिम महिला ने 3 दलितों पड़ोसियों पर रेप का आरोप लगाया है। इस मामले को कई इस्लामी पोर्टलों द्वारा ‘मुस्लिमों पर अत्याचार’ बता कर शेयर किया गया है और आरोपित दलितों के खिलाफ कार्रवाई की माँग की गई है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को बेबुनियाद और SC/ST एक्ट से बचने का हथकंडा बताया बताया। घटना सोमवार (23 जनवरी, 2023) की है।

क्या हैं मुस्लिम महिला के आरोप

मामला थानाक्षेत्र खेतासराय के गाँव सम्बलपुर का है। यहाँ की रहने वाली अफसाना नाम की महिला ने पुलिस को दलित समुदाय के 3 व्यक्तियों के खिलाफ शिकायत पत्र दिया है। अपनी शिकायत में अफसाना ने खुद को शांतिप्रिय बताते हुए लिखा कि 23 जनवरी को शाम लगभग 7 बजे वह अपने घर में अकेली थी। इस दौरान पड़ोस में रहने वाले सत्या, बादल और हृदय शराब के नशे में उनके घर आए। अफसाना का आरोप है कि तीनों युवक अफसाना को अपने साथ अपने घर खींच ले गए, जहाँ उन्होंने बारी-बारी से रेप किया। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

एक वीडियो में अफसाना ने दावा किया है कि लगभग आधे घंटे बाद तीनों आरोपितों ने उनके माँ-बाप के आवाज देने पर उन्हें छोड़ा। अफसाना के मुताबिक, आवाज देने के बाद भी किसी पड़ोसी ने उनकी मदद नहीं की। इसी वीडियो में अफसाना और उनके परिवार ने पुलिस पर भी कोई कार्रवाई न करने का आरोप लगाया।

मुस्लिम पत्रकारों और पोर्टलों ने दलितों पर माँगी कार्रवाई

इस मामले के सामने आते ही कई मुस्लिम पत्रकार और पोर्टलों ने आरोपित दलितों पर कार्रवाई की माँग शुरू कर दी। कार्रवाई की माँग करने वालों में पत्रकार ज़ाकिर अली त्यागी, मिल्लत टाइम्स और यासिर पठान प्रमुख रहे।

विभिन्न मीडिया संस्थानों और पत्रकारों के ट्विटर स्क्रीनशॉट

पुलिस ने बताई सच्चाई

इस पूरे मामले में जौनपुर पुलिस ने सच्चाई का खुलासा किया है। पुलिस ने 28 जनवरी को अपने एक आधिकारिक ट्वीट में बताया कि अनुसूचित जाति के सत्या और हृदय का खेत फहद की बेटी अफसाना के घर के बगल में है। इस खेत में गेहूँ की फसल बोई गई है। अफसाना के घर में बत्तखें पाली गई हैं। घटना के दिन अफसाना की बत्तखें सत्या के खेत में चली गईं थी जिस पर दोनों पक्षों में कहासुनी हुई थी।

पुलिस के अनुसार इस घटना के बाद शिकायत दर्ज करवाने वाली अफसाना के परिवार को SC/ST केस में आरोपित होने का शक था। इसी के चलते अफसाना ने अपने पड़ोसी SC परिवार के खिलाफ शिकायत दे दी। पुलिस के मुताबिक, जाँच में रेप के आरोप साबित नहीं हुए।

एयर होस्टेस को मुक्का मारा, थूका, गाली दी, कपड़े उतारे… मुंबई आ रही फ्लाइट में इटली की महिला ने मचा दिया हंगामा, सीट से पड़ा बाँधना

मुंबई आ रही विस्तारा की एक फ्लाइट में इटली की महिला यात्री ने नशे में धुत होकर हंगामा मचा दिया। केबिन क्रू के सदस्यों पर हमला किया। उन पर थूका। गाली दी। रोकने की कोशिश करने पर चिल्लाने लगी। फिर कपड़े उतारकर अर्धनग्न अवस्था में विमान में ही चलने लगी। विमान के मुंबई में लैंड करने के बाद महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। हालाँकि बाद में उसे जमानत दे दी गई। घटना सोमवार (30 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, विस्तारा एयरलाइंस का विमान UK 256 अबुधाबी से मुंबई आ रहा था। इस दौरान महिला यात्री इकॉनोमी क्लास में होने के बाद भी बिजनेस क्लास में बैठ गई। जब उसे अपनी सीट में जाने के लिए कहा गया तो वह हंगामा करने लगी। महिला की पहचान पाओला पेरुशियो के रूप में हुई। वह इटली की नागरिक है।

इस मामले में मुंबई के सहार थाने के एक अधिकारी ने कहा है, “रात करीब 2:30 बजे इकोनॉमी क्लास में बैठी महिला अचानक उठी और दौड़कर बिजनेस क्लास में बैठ गई। केबिन क्रू के दो सदस्यों ने उससे संपर्क किया और पूछा कि क्या उसे मदद की जरूरत है। जब उसने कोई जवाब नहीं दिया, तब उन्होंने उससे अपनी सीट पर वापस जाने का अनुरोध किया। इस पर उसने चिल्लाना शुरू कर दिया।”

क्रू मेंबर्स ने महिला को ऐसी हरकत करने से रोकने की कोशिश की। इस पर आरोपित महिला ने कथित तौर पर एक एयर होस्टेस के मुँह मुक्का मार दिया। दूसरे पर थूक दिया। महिला की हरकतों को देखकर जब अन्य क्रू मेंबर पहुँचे तो अचानक ही उसने अपने कपड़े उतार दिए। इसके बाद अर्धनग्न अवस्था में चलने लगी। महिला काफी देर तक हंगामा करती रही। इसके बाद उसे पकड़कर विमान की पिछली सीट में बाँध दिया गया।

विस्तारा एयरलाइंस का यह विमान जब सोमवार (30 जनवरी 2023) तड़के मुंबई पहुँचा तो आरोपित महिला को अधिकारियों ने सहार पुलिस को सौंप दिया। इसके बाद, पुलिस ने मामला दर्ज कर उसे कोर्ट में पेश किया। जहाँ से उसे जमानत मिल गई। सहार पुलिस स्टेशन के अधिकारी ने कहा है, “आरोपित महिला के खिलाफ विमान नियम, 1937 व आईपीसी की कुछ धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि वह शराब के नशे में थी। पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया था। बाद में उसे जमानत मिल गई।”

आरोपित महिला के वकील प्रभाकर त्रिपाठी ने कहा है कि कोर्ट ने पाओला पेरुशियो को 25000 रुपए की जमानत राशि पर जमानत दी है। पाओला फ्लाइट में वॉशरूम जा रही थी। लेकिन उसे जाने नहीं दिया गया। इसलिए यह सब हुआ। पुलिस ने अवैध रूप से उसका पासपोर्ट जब्त किया है।

किसी भी 2 नाबालिग का गला काटो और Video भेजो: बिहार जाकर लड़कों को आतंकी नौशाद ने दिया टास्क, पाकिस्तान से आया था ऑर्डर

दिल्ली से गिरफ्तार आतंकी नौशाद से पूछताछ में एक बड़ा खुलासा हुआ है। बिहार के दो लड़कों को नाबालिगों का गला काटने और इसका वीडियो बनाकर भेजने का टास्क दिया गया था। पाकिस्तानी आका के इशारे पर नौशाद ने लड़कों को ये काम सौंपा था। बिहार के जिन दो लड़कों को यह टास्क मिला था, वे भी नाबालिग हैं।

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने बिहार जाकर इन दोनों नाबालिगों से पूछताछ भी की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं के आदेश पर नौशाद ने बिहार के आरा जिले में आया था। यहाँ वह 2 नाबालिगों से मिला था। ब्रेनवॉश कर दोनों को अपने साथ काम करने के लिए तैयार किया। उन्हें किसी भी 2 नाबालिग को चिन्हित कर उनका गला काटने के लिए कहा। साथ ही इसका वीडियो बनाकर भेजने को भी नौशाद ने कहा था।

रिपोर्ट के अनुसार दोनों नाबालिग नौशाद की बातों में आ भी गए थे। वो इस घटना को अंजाम देने के लिए नौशाद के इशारे की भी प्रतीक्षा कर रहे थे। नौशाद से मिली जानकारी के आधार पर दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रविवार (29 जंववरी 2023) को बिहार में छापेमारी की थी। भोजपुर नगर की पुलिस टीम के साथ शहर के दूध कटोरा और अबरपुल इलाके से दोनों नाबालिगों को हिरासत में लिया था। दोनों से पुलिस ने लंबी पूछताछ की है।

गौरतलब है दिल्ली पुलिस ने 12 जनवरी 2023 को भलस्वा डेरी इलाके से नौशाद और उसके साथी जगजीत को गिरफ्तार किया था। दोनों हिन्दू नेताओं की हत्या करने की फिराक में थे। इसके लिए तैयारियाँ भी कर ली थीं। अपने पाकिस्तानी आकाओं को यकीन दिलाने के लिए दोनों ने दिसंबर 2022 में एक व्यक्ति की दिल्ली में हत्या भी की थी। इस व्यक्ति की लाश 14 जनवरी 2023 को भलस्वा नाले से 3 टुकड़ों में कटा मिला था।

नौशाद और जग्गा की गिरफ्तारी के बाद हथियार भी बरमाद हुए थे। यह बात भी सामने आई थी कि खाड़ी देश क़तर और बिहार से 6 लाख रुपए फंडिंग की भी इन्हें मिली थी। इस पैसे में से जगजीत को 2 लाख रुपए मिले थे।

कनाडा: गौरी-शंकर मंदिर की दीवारों पर लिखे भारत विरोधी नारे, पहले भी मंदिरों को निशाना बना चुके हैं खालिस्तानी

ऑस्ट्रेलिया के बाद अब कनाडा में हिंदू मंदिर को निशाना बनाया गया है। ब्रैम्पटन शहर के गौरी-शंकर मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखने की घटना सामने आई है। इसके पीछे खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस (SFJ) का हाथ होने का शक जताया जा रहा है। घटना सोमवार (29 जनवरी 2023) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गौरी-शंकर मंदिर की दीवारों पर खालिस्तान समर्थकों ने ‘खालिस्तान जिंदाबाद’ ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिख दिए। कनाडा के टोरंटो स्थित भारत के कॉन्सुलेट कार्यालय ने इसकी कड़ी निंदा की है। कॉन्सुलेट कार्यालय ने ट्वीट कर कहा है, “ब्रैम्पटन में स्थित भारतीय विरासत के प्रतीक गौरी-शंकर मंदिर में भारत विरोधी नारे लिखे जाने की हम कड़ी निंदा करते हैं। मंदिर में हुई इस घृणास्पद घटना से कनाडा में हिंदू समुदाय की भावनाएँ आहत हुई हैं। हमने कनाडा प्रशासन के सामने इस मामले को लेकर अपनी चिंता जताई है।”

बता दें कि ब्रैम्पटन शहर में स्थित गौरी-शंकर मंदिर कनाडा के मशहूर हिंदू मंदिरों में से एक है। यह मंदिर वर्षों से हिंदुओं की आस्था और श्रद्धा का प्रतीक रहा है। फिलहाल इस मामले में स्थानीय पुलिस जाँच कर रही है।

कनाडा के सांसद चंद्र आर्य ने भी इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा है, “ब्रैम्पटन के गौरी शंकर मंदिर पर हमला हुआ है। यह कनाडा में हिंदू और भारत विरोधी समूहों द्वारा हिंदू मंदिरों पर किए गए हमलों का सबसे ताजा मामला है। सोशल मीडिया पर नफरत के बाद अब हिंदू मंदिरों पर हमले हो रहे हैं। अब आगे क्या होगा? मैं कनाडा सरकार से आग्रह करता हूँ कि ऐसे हमलों पर गंभीरता से विचार करें।”

इस घटना के पीछे खालिस्तानी आतंकी संगठन सिख फॉर जस्टिस व अन्य खालिस्तानी समूहों के होने का शक जताया जा रहा है। टाइम्स नाउ की रिपोर्ट के अनुसार, सिख फॉर जस्टिस ने इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया है।

बता दें कि इससे पहले सितंबर 2022 में कनाडा के टोरंटो में स्थित बीबीएस स्वामी नारायण मंदिर में खालिस्तानी आतंकियों ने तोड़फोड़ की थी। इसके बाद मंदिर की दीवारों पर ‘खालिस्तान जिंदाबाद’, ‘हिंदुस्तान मुर्दाबाद’ के नारे लिखे थे। फरवरी 2022 में भी टोरंटो में छह मंदिरों पर हमला किया गया था। यहाँ तक कि उपद्रवी दान पेटियों से नकदी, भगवान की मूर्तियाँ और उन्हें चढ़ाए गए आभूषण भी चोरी करके ले गए थे। ऐसी ही घटना 15 जनवरी 2022 को जीटीए शहर के ब्रैम्पटन में श्री हनुमान मंदिर में हुई थी। यही नहीं, उपद्रवियों ने 25 जनवरी, 2022 को ब्रैम्पटन में माँ चिंतपूर्णी के मंदिर को भी तोड़ दिया था।

आयशा मस्जिद का मदरसा, हाफिज ने 12 साल के बच्चे से कुकर्म किया: पीड़ित अब्बा से कहा- शिकायत मत करो, यह दीन का मामला

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले के एक मदरसे में नाबालिग छात्र से कुकर्म का मामला सामने आया है। यह मदरसा आयशा मस्जिद में चल रहा है। पीड़ित छात्र के अब्बा ने मदरसे के हाफिज के खिलाफ पुलिस में तहरीर दी है। बताया जा रहा है कि हाफिज ने इसे दीन का मसला बताते हुए शिकायत नहीं करने को भी कहा था। फिलहाल हाफिज फरार चल रहा है। घटना शनिवार (28 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लोनी थाना क्षेत्र के पूजा कॉलोनी की आयशा मस्जिद में एक मदरसा चलता है। इस जगह पर हाफिजी मामून बच्चों को इस्लामी तालीम देता है। मदरसे में बागपत के गाँव असाला के रहने वाले एक व्यक्ति ने 6 माह पहले अपने 12 साल के बच्चे का एडमिशन करवाया था। तब से बच्चा मदरसे में ही रह कर दीनी तालीम हासिल कर रहा था। बताया जा रहा है कि हाफिज मामून उस पर बुरी नजर रखता था।

जानकारी के मुताबिक 28 जनवरी की रात को हाफिज ने बच्चे के साथ कुकर्म किया। फिर अगले दिन 29 जनवरी को बच्चे को दिन भर मदरसे में बाहर नहीं निकलने दिया। किसी तरह सोमवार (30 जनवरी) को बच्चा मदरसा से निकला। एक राहगीर के फोन से अपने अब्बा को हाफिज द्वारा किए गए कुकर्म की जानकारी दी। इसके बाद पीड़ित अब्बा आयशा मस्जिद पहुँचे।

बताया जा रहा है कि यहाँ पर उन्होने आरोपित हाफिज से सवाल-जवाब किया। इस पर हाफिज मामून ने उन्हें मामले की शिकायत किसी से न करने की सलाह दी। हाफिज ने कहा कि इससे मदरसा बंद हो सकता है और यह दीन का मामला है। लेकिन पीड़ित के अब्बा ने लोनी थाने में पहुँच कर शिकायत दर्ज करवाई। हाफिज के कुकर्म की जानकारी देते हुए पीड़ित के अब्बा का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है।

ACP लोनी ने बताया है कि मामले में FIR दर्ज कर ली गई है। आरोपित हाफिज की तलाश के लिए पुलिस टीमों का गठन किया गया है।

क्यों बंद होने को मजबूर हुआ दुनिया का पहला ‘वजाइना म्यूजियम’…

लंदन के बेथनल ग्रीन में स्थित दुनिया के पहले ‘वजाइना म्यूजियम (Vagina Museum)’ को 1 फरवरी 2023 से बंद कर दिया जाएगा। म्यूजियम को मार्च 2022 में ही बेथनल ग्रीन (Bethnal Green) के विक्टोरिया पार्क स्क्वायर में शिफ्ट किया गया था। इससे पहले यह कैमडेन मार्केट में था। दरअसल प्रॉपर्टी गार्जियनशिप स्कीम (Guardianship Scheme) की अवधि पूरी होने यानी कॉन्ट्रैक्ट अवधि पूरी होने की वजह से म्यूजियम को 1 फरवरी 2023 को यह स्थान खाली करना होगा।

म्यूजियम ने सोमवार (30 जनवरी, 2023) को घोषणा कर बताया कि उसे साइट खाली करने का नोटिस मिला है। वजाइना म्यूजियम की निदेशक फ्लोरेंस शेचटर (Florence Schechter) ने कहा, ”हम हमेशा से जानता थे कि हमें बहुत ही कम समय में जाने के लिए कहा जा सकता है। हम निराश हैं कि खाली करने का यह नोटिस इतनी जल्दी आ गया है।”

उन्होंने कहा, “10 महीनों में हमने यहाँ बहुत कुछ हासिल किया है। हमने अपने दरवाजे से हजारों लोगों का स्वागत किया है। हमने एक खाली अप्रयुक्त इमारत को एक संपन्न सामुदायिक स्थान में बदल दिया था। भविष्य की प्रदर्शनियों के लिए हमारे पास रोमांचक योजनाएं थीं, जिन्हें फिलहाल रोकना होगा। हम सक्रिय रूप से एक नए घर की तलाश कर रहे हैं और हम उन सभी को आमंत्रित करते हैं जो इस प्रयास में हमारी मदद कर सकते हैं, ताकि हम हमारे महत्वपूर्ण शैक्षिक कार्य के साथ एकजुटता से आगे बढ़ सकें।”

‘वजाइना म्यूजियम’ विक्टोरिया पार्क स्क्वायर में अंतिम बार बुधवार (1 फरवरी, 2023) को सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक खुला रहेगा। इसके बाद यह अपने नए गंतव्य की तलाश करेगा। यह पहली बार नहीं है जब म्यूजियम बेघर होने वाला है। एक अवधारणा के रूप में  इस तरह के पहल की शुरुआत 2017 में हुई थी। क्राउडफंडिंग के जरिए वर्ष 2019 में ‘वजाइना म्यूजियम’ को कैमडेन मार्केट में अपना पहला घर मिला था। हालाँकि 2021 में, ‘वजाइन म्यूजियम का कॉन्ट्रैक्ट समाप्त हो गया था और इसे बिना किसी ऑफिस के छह महीने रहना पड़ा था। अब एक बार फिर म्यूजियम के साथ कमोबेश वही स्थिति उत्पन्न हो गई है।

अपनी तरह के अनोखे इस निशुल्क म्यूजियम का उद्देश्य स्त्री रोग संबंधी शरीर रचना (Gynaecological Anatomy) और स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। विक्टोरिया पार्क स्क्वायर स्थित इस म्यूजियम में 10 महीनों के दौरान 40,000 से अधिक विजिटर्स आए थे।

‘परमेश्वर येशु’ से लेकर आंदोलनजीवियों की हिस्सेदारी तक… ‘भारत जोड़ो’ नहीं, ये है राहुल गाँधी की ‘भारत तोड़ो यात्रा’: पुजारियों के खिलाफ भी फैलाई नफरत – 11 काले अध्याय

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ (BJY) सोमवार (30 जनवरी, 2023) को जम्मू-कश्मीर में समाप्त हो गई। उन्होंने हालाँकि BJY के माध्यम से ‘प्रेम’, ‘शांति’ और ‘सद्भाव’ फैलाने का दावा किया था, लेकिन यात्रा शुरू होने के बाद से ऐसे कई उदाहरण सामने आए हैं जिसने इस यात्रा के नकारात्मक पक्ष को दर्शाया है। 

कॉन्ग्रेस नेता ने अपनी यात्रा 7 सितंबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से शुरू की थी और 30 जनवरी, 2023 को जम्मू-कश्मीर में समाप्त की। 29 जनवरी 2023 को उनके साथ पीडीपी नेता और जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती भी शामिल हुईं। मुफ़्ती अक्सर भारतीय प्रतिष्ठान के खिलाफ अपने बयानों के लिए चर्चा में रहती हैं। अनुच्छेद 370 हटाने के बाद केंद्र की भाजपा सरकार के प्रति उनका गुस्सा जगजाहिर है।

राहुल की 3500 किलोमीटर की  ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान ऐसे कई उदाहरण मिले हैं जिसने कॉन्ग्रेस नेता और पार्टी की मंशा पर सवाल उठाए हैं। यहाँ हम ऐसे 11 उदाहरण बताने जा रहे हैं, जिससे यात्रा के दौरान कॉन्ग्रेस का स्याह पक्ष उजागर होता है।

भाषा और क्षेत्रीय विभाजन फ़ैलाने वाले यात्रा में शामिल

तमिलनाडु में राहुल की यात्मुरा के दौरान मुख्यमंत्री एमके स्टालिन पहले दिन मौजूद थे। उन्होंने राहुल गाँधी को खादी का तिरंगा भेंट किया। दिलचस्प बात यह है कि भारतीयों को जोड़ने वाली यात्रा के पहले ही दिन गाँधी के साथ एक ऐसी पार्टी के नेता शामिल हो गए, जिसने हमेशा भाषाई विभाजन और क्षेत्रवाद को बढ़ाने में योगदान दिया है।

किसी राजनीतिक दल के बजाय भारतीय व्यवस्था के खिलाफ लड़ने की बात 

राहुल गाँधी ने 9 सितंबर 2022 को एक चौंकाने वाला बयान दिया और कहा कि वह किसी राजनीतिक दल के बजाय भारतीय व्यवस्था के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम अब किसी राजनीतिक दल से नहीं लड़ रहे हैं। यह अब भारतीय राज्य और विपक्ष की संरचना के बीच की लड़ाई है।” वायनाड के सांसद ने कहा था कि केंद्र ने देश के सभी लोकतांत्रिक संस्थानों पर नियंत्रण कर लिया है।

हिंदू-विरोधी ईसाई  पादरी से राहुल की मुलाकात 

राहुल ने 9 सितंबर, 2022 को एक हिंदू-विरोधी पादरी जॉर्ज पूनैया से मुलाकात की। वह हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के लिए जाने जाते हैं। गाँधी को पादरी से ईसा मसीह के बारे में जानकारी लेते हुए देखा गया। उन्हें यह कहते हुए सुना गया, “लेकिन, क्या वह भगवान नहीं है? या वह भगवान है? यीशु भी क्या परमेश्वर हैं?” वहाँ मौजूद एक व्यक्ति राहुल गाँधी को पानी की विभिन्न अवस्थाओं के बारे में बताते  हुए यीशु मसीह और परमेश्वर के बीच संबंध के बारे में समझाने लगा। इस बीच राहुल गाँधी पूछते हैं कि क्या यीशु मसीह ईश्वर का एक रूप हैं।

उसी समय, फादर जॉर्ज पूनैया दावा किया कि यीशु ‘शक्ति’ और अन्य हिंदू देवताओं के विपरीत ‘वास्तविक भगवान’ हैं,। कट्टर हिंदू विरोधी पादरी ने कहा, “वह (यीशु मसीह) एक वास्तविक ईश्वर हैं, जो एक मानव के रूप में प्रकट हुए थे। शक्ति वगैरह की तरह नहीं।” जनेऊधारी ब्राह्मण होने का दावा करने वाले गाँधी को इस बातों से कोई समस्या नहीं हुई और वे मूक दर्शक बने रहे।

सार्वजनिक रूप से गाय की हत्या करने वाले कॉन्ग्रसी नेता यात्रा में शामिल हुआ

यात्रा की सबसे विकृत रूप तब सामने आया, जब सार्वजनिक रूप से गाय की हत्या करने वाला एक कॉन्ग्रेसी नेता राहुल के साथ यात्रा में शामिल हो गया। राहुल ने 26 सितंबर, 2022 को भारतीय युवा कॉन्ग्रेस (IYC) के नेता रिजिल चंद्रम मकुट्टी से मुलाकात की, जिसने हिंदू भावनाओं का मजाक उड़ाने के लिए 2017 में दिन के उजाले में एक गाय की हत्या की थी। मकुट्टी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर राहुल के साथ अपनी मुलाकात के बारे में पोस्ट किया। उसने राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के तहत केरल के पलक्कड़ जिले के पट्टांबी शहर में गांधी से मुलाकात की थी।

राहुल ने महाराष्ट्र और गुजरात के बीच दरार पैदा करने की कोशिश की

राहुल ने 9 नवंबर 2022 को, महाराष्ट्र और गुजरात राज्यों के बीच यह झूठा दावा करके मतभेद पैदा करने की कोशिश की कि महाराष्ट्र के लिए बनाई गई परियोजनाओं को गुजरात के पक्ष में स्थानांतरित किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि टाटा-एयरबस सैन्य विमान साझेदारी (Tata-Airbus Military Aircraft Partnership )और वेदांता-फॉक्सकॉन सेमीकंडक्टर प्लांट (Vendanta-Foxconn Semiconductor Plant) सहित परियोजनाओं को महाराष्ट्र से ‘चोरी’ किया गया था और गुजरात में होने वाले विधानसभा चुनावों में बढ़त हासिल करने के लिए गुजरात को सौंप दिया गया था।

यात्रा में आंदोलनजीवी योगेंद्र यादव की भागीदारी

दिलचस्प बात यह है कि ‘आंदोलनजीवी’ योगेंद्र यादव भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुए और अंत तक यात्रा का एक प्रमुख हिस्सा बने रहे। उन्हें 26 जनवरी 2023 को जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर भी देखा गया था। उन्हें अराजकतावादी ‘विरोध’ और चुनाव की लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ बयानों के लिए जाना जाता है।

विवादास्पद अधिवक्ता प्रशांत भूषण यात्रा में हुए शामिल 

अधिवक्ता प्रशांत भूषण 9 नवंबर 2022 को यात्रा में शामिल हुए। वह आतंकवादियों और अवैध रोहिंग्या अप्रवासियों सहित राष्ट्र-विरोधी तत्वों को कानूनी संरक्षण दिलाने के लिए प्रसिद्ध हैं। एक वीडियो में, राहुल को भूषण से अरबपति गौतम अडानी की संपत्ति के बारे में पूछते हुए देखा गया था। भूषण ने दावा किया कि यह सरकार के संरक्षण के कारण है। भूषण ने 2017 में आतंकवादी याकूब मेनन को दी गई मृत्युदंड के खिलाफ लड़ाई लड़ी और उसकी फाँसी के खिलाफ देर रात सुनवाई हुई।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ में विवादास्पद ‘एक्टिविस्ट’ मेधा पाटकर

कुख्यात ‘कार्यकर्ता’  मेधा पाटकर भी भारत जोड़ो यात्रा में शामिल हुईं। उन्होंने सरदार सरोवर बाँध सहित महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन आयोजित कर सुर्खियाँ बटोरी हैं। पाटकर की वजह से परियोजना में दशकों की देरी हुई और गुजरात और आसपास के राज्यों के दूरदराज के इलाकों के लोगों को पानी की कमी में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। पाटकर के खिलाफ पिछले साल जुलाई में धोखाधड़ी के एक मामले में मामला दर्ज किया गया था।

उन पर और उनके सहयोगियों पर आदिवासी बच्चों को पढ़ाने की आड़ में एकत्रित धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया गया था। प्राथमिकी के अनुसार, मेधा पाटकर ने ‘नर्मदा नवनिर्माण अभियान’ फाउंडेशन के माध्यम से 13 करोड़ रुपये से अधिक जुटाए। उन पर शिक्षा के लिए चंदा मांगकर सरकार विरोधी भावना भड़काने का आरोप है।

यात्रा में सिख विरोधी दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर

इसके अलावा, 1984 के सिख विरोधी दंगों के आरोपितों में से एक जगदीश टाइटलर को भी यात्रा में देखा गया।

पुजारियों के खिलाफ नफरत

राहुल ने 8 जनवरी 2023 को  खुद को ‘तपस्वी’ के रूप में प्रचारित करने की कोशिश की और ‘पूजा’ के खिलाफ बात की। राहुल गाँधी ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के हरियाणा चरण के दौरान विवादित टिप्पणी की। कुरुक्षेत्र के पास समाना में मीडिया से बात करते हुए राहुल गाँधी ने दावा किया कि भाजपा ‘पूजा’ की पार्टी है जबकि कॉन्ग्रेस ‘तपस्या’ की पार्टी है।

आतंकवादियों द्वारा गैर-स्थानीय लोगों पर घातक हमलों के बीच राहुल ने जम्मू-कश्मीर में “बाहरी” का मुद्दा उठाया

जम्मू और कश्मीर में अपनी यात्रा के अंतिम चरण के दौरान बोलते हुए, राहुल ने घाटी में ‘गैर-स्थानीय लोगों’ पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा था, “पहले जम्मू के स्थानीय लोग यहाँ कारोबार करते थे। जम्मू-कश्मीर के स्थानीय लोग जम्मू-कश्मीर चलाते थे। आज इसे ‘बाहरी’ चला रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “जम्मू-कश्मीर में सारा व्यापार बाहरी लोगों द्वारा किया जा रहा है। जम्मू-कश्मीर के लोग बस उन्हें देख रहे हैं। दूसरे, बेरोजगारी पूरे भारत में जम्मू-कश्मीर में सबसे अधिक है। इसका मतलब यह है कि जब नौकरी और व्यापार की बात आती है तो स्थानीय लोग बाहरी लोगों से हार रहे हैं।”

इन घटनाओं के अलावा यात्रा के दौरान राहुल गांधी ने वीर सावरकर पर भी हमला बोला। उन्होंने 17 नवंबर 2022 को  दोहराया कि वीर सावरकर ने ब्रिटिश सरकार की मदद की और ‘डर से’ दया करने के लिए चिट्ठी लिखीं। राहुल गाँधी ने महाराष्ट्र के अकोला जिले में भारतीय स्वतंत्रता सेनानी पर जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और महात्मा गाँधी जैसे लोगों को धोखा देने का आरोप लगाया।