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अमरावती नहीं, विशाखापत्तनम होगी आंध्र प्रदेश की नई राजधानी: CM जगन मोहन रेड्डी का ऐलान, सुप्रीम कोर्ट में भी चल रही सुनवाई

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने प्रदेश की राजधानी में बदलाव करने का ऐलान किया। अब, आंध्र प्रदेश की राजधानी अमरावती नहीं बल्कि विशाखापत्तनम होगी। रेड्डी ने मंगलवार (31 जनवरी 2023) को यह ऐलान किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मार्च में विशाखापत्तनम में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट होना है। इसकी तैयारियों के लिए बैठक आयोजित की गई थी। इस बैठक को संबोधित करते हुए जगन मोहन रेड्डी ने कहा है कि आने वाले दिनों में विशाखापत्तनम राजधानी होगी।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने कहा है, “मैं आपको विशाखापत्तनम आने के लिए आमंत्रित कर रहा हूँ। आने वाले दिनों में यह हमारी राजधानी बनने जा रहा है। मैं खुद भी आने वाले महीनों में विशाखापत्तनम शिफ्ट हो जाऊँगा। हम 3 और 4 मार्च को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट विशाखापत्तनम में आयोजित करने जा रहे हैं।”

बता दें कि आंध्र प्रदेश से तेलंगाना अलग होने के बाद साल 2015 में अमरावती को राज्य की राजधानी बनाया गया था। इसके बाद, साल 2020 में तीन राजधानी बनाने की योजना बनाई गई थी। इसमें अमरावती को विधायी राजधानी, विशाखापत्तनम को कार्यकारी राजधानी और कुर्नूल को न्यायिक राजधानी बनाने का प्रस्ताव रखा गया था। हालाँकि, बाद में यह प्रस्ताव रदद् हो गया था।

मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने नई राजधानी का ऐलान ऐसे समय किया है जब सुप्रीम कोर्ट अमरावती को राजधानी बनाए जाने के मामले की सुनवाई कर रहा है। इससे पहले आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट ने अमरावती को राजधानी बनाए जाने का आदेश दिया था। राज्य सरकार ने इस फैसले को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। यही नहीं, इस मामले की पहली सुनवाई मंगलवार (31 जनवरी, 2023) को सुनवाई भी हुई।

जगन मोहन रेड्डी से इससे पहले दो बार विशाखापत्तनम को आंध्र प्रदेश की राजधानी बनाने का प्लान बना चुके थे। हालाँकि दोनों ही बार मामला कोर्ट में फँसने के कारण ऐसा संभव नहीं हो सका था।

पंजाब में पादरियों के ठिकानों पर IT रेड, ‘मेरा येशु येशु’ वाला बजिंदर सिंह भी रडार पर: पैरामिलिट्री जवान तैनात

‘मेरा येशु येशु’ फेम पादरी बजिंदर सिंह के ठिकानों पर आयकर विभाग (IT) ने दबिश दी है। कपूरथला के पादरी हरप्रीत सिंह खोजेवाला के यहाँ भी छापेमारी हुई है। पंजाब में धर्मांतरण के आरोपों के बीच मंगलवार (31 जनवरी 2023) को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने यह कार्रवाई की। इनके ठिकानों पर आयकर अधिकारी पैरामिलिट्री जवानों के साथ पहुँचे। तलाशी के दौरान किसी को भी घर के अंदर आने-जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है। बरामदगी की जानकारी अभी तक सार्वजानिक नहीं की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक छापेमारी के लिए इनकम टैक्स विभाग के 50 से अधिक स्टाफ की टीम पहुँची है। इनके साथ पैरामिलिट्री के जवान हैं। कपूरथला और जालंधर के अलावा एक टीम चडीगढ़ में भी छापेमारी कर रही है। बताया जा रहा है कि इस दौरान बजिंदर और हरप्रीत के बैंक खातों के साथ चल और अचल सम्पत्तियों की भी तलाशी ली जा रही है। बजिंदर सिंह और हरप्रीत के घर के अलावा कुछ अन्य ठिकाने भी इनकम टैक्स विभाग के रडार पर बताए जा रहे हैं।

गौरतलब है कि बजिंदर सिंह पंजाब में ईसाई धर्मान्तरण के लिए कुख्यात है। बजिंदर सिंह के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिसमें वो अन्धविश्वास को बढ़ावा देता दिखाई देता है। 3 साल पहले उसे बलात्कार के मामले में जीरकपुर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर ‘चमत्कारी उपचार’ के बहाने अनुयायियों से पैसे लूटने का भी आरोप लगाया गया था। राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) ने भी पंजाब पुलिस को अगस्त 2021 में पॉक्सो अधिनियम के तहत बजिंदर सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा था।

24 नवंबर 2021 को बजिंदर ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाल कर पंजाब के मोगा शहर में ‘प्रोफेट बजिंदर सिंह मिनिस्ट्री’ की ब्रांच खुलने की घोषण की थी। इस ब्रांच के उद्घाटन समारोह में मेहमानों के तौर पर बजिंदर सिंह ने अपने पोस्टर पर कॉन्ग्रेस पार्टी के तत्कालीन मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, कॉन्ग्रेस विधायक हरजोत कमल, अभिनेता सोनू सूद और उनकी बहन मालविका सूद का नाम लिखा था। बता दें कि यह पादरी चर्च ऑफ विजडम एंड ग्लोरी चला रहा था, जो एक पेंटेकोस्टल चर्च, जिसे उसने करीब 2016 में नकोदर रोड पर ताजपुर गाँव में स्थापित किया था।

ऋषिकेश में विराट कोहली-पत्नी और बेटी भी साथ, गुरु का लिया आर्शीवाद: नेटिजन्स बोले- ऑस्ट्रेलिया से टेस्ट सीरीज में शतक पक्का

भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली (Virat Kohli) ऑस्ट्रेलिया टेस्ट सीरीज से पहले अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा (Anushka Sharma) और बेटी वामिका के साथ मंगलवार (31 जनवरी 2023) को ऋषिकेश पहुँचे। यहाँ उन्होंने साधु-संतों के लिए भंडारे का आयोजन किया और स्वामी दयानंद गिरि का आशीर्वाद लिया।

सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें और वीडियो खूब वायरल हो रही हैं।

दरअसल, भारत और न्यूजीलैंड के बीच इस वक्त तीन मैचों की टी-20 सीरीज खेली जा रही है। विराट कोहली को इस सीरीज से ब्रेक मिला हुआ है। ऐसे में भारतीय टीम के पूर्व कप्तान अपने परिवार के साथ ऋषिकेश में स्वामी दयानंद गिरि आश्रम में पहुँचे हैं। बताया जा रहा है कि विराट और अनुष्का धार्मिक अनुष्ठान के सिलसिले में ऋषिकेश आए हैं। यहाँ पहुँचकर दोनों ने ब्रह्मलीन दयानंद सरस्वती की समाधि के दर्शन करने के बाद गंगा घाट पर संतों और पंडितों के साथ गंगा आरती भी की।

मालूम हो कि स्वामी दयानंंद गिरि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के भी गुरु हैं। सितंबर 2015 में पीएम मोदी भी अपने आध्यात्मिक गुरु स्वामी दयानंद गिरि से आशीर्वाद लेने पहुँचे थे।

सोशल मीडिया पर विराट और अनुष्का की फोटो वायरल होने के बाद एक यूजर ने कमेंट किया, “विराट कोहली का कम से कम 4 टेस्ट मैचों में शतक पक्का है।”

एक अन्य यूजर ने लिखा कि मन की शांति का परफॉर्मेंस पर काफी असर पड़ता है।

ट्विटर पर @RamThirthahalli नाम के यूजर ने कहा कि विराट कोहली इन दिनों नई सीरीज की शुरुआत से पहले।

अक्षत ने लिखा, “आज ऋषिकेश से विराट कोहली और अनुष्का शर्मा की तस्वीरें सामने आई हैं। 2-3 शतक पक्का है विराट भाई का।”

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच खेली जाने वाली चार मैचों की घरेलू टेस्ट सीरीज 9 फरवरी 2023 से शुरू हो रही है। इस सीरीज में सभी को विराट कोहली से काफी उम्मीदें हैं।

बता दें कि इससे पहले ये दोनों (विराट कोहली और अनुष्का शर्मा) 4 जनवरी 2023 को मथुरा के वृंदावन पहुँचे थे। यहाँ उन्होंने सबसे पहले हनुमान जी के दर्शन किए और बाद में बाबा नीम करोली के श्री श्री माँ आनंदमयी आश्रम में उनके समाधि स्थल के दर्शन करने गए थे। फिर दंपति ने आश्रम में एक घंटे तक ध्यान किया और यहाँ कंबल और ऊनी कपड़े भी बाँटे। इसके बाद भारत और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के तीसरे और आखिरी मैच में टीम इंडिया ने श्रीलंका को 317 रनों से हराते हुए रिकॉर्ड जीत दर्ज की थी। विराट कोहली 46वाँ शतक बनाकर मैच और सीरीज दोनों के नायक बने थे।

9 महीने में GST से ₹13.40 लाख करोड़, 6.5% विकास दर का अनुमान: बजट से पहले मोदी सरकार ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट सत्र की शुरुआत करते हुए मंगलवार (31 जनवरी, 2023) को संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2023 पेश किया। इस सर्वे में देश की जीडीपी में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद जताई गई। साथ ही कहा गया है कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बना रहेगा। जारी वित्तीय वर्ष की पहली तीन तिमाही में सरकार ने जीएसटी से 13.40 लाख करोड़ रुपए का राजस्व एकत्रित किया है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2023 मुख्य आर्थिक सलाहकार वी अनंत नागेश्वरन के मार्गदर्शन में आर्थिक मामलों के विभाग (DEA) द्वारा तैयार किया गया। इस सर्वे में कहा गया है कि दुनिया भर में मंदी की आहट के बाद भी आगामी वित्तीय वर्ष (2023-24) में देश की आर्थिक विकास दर 6.5% रहने का अनुमान है। हालाँकि, यह विकास दर मौजूदा वित्त वर्ष के 7% और पिछले वित्त वर्ष यानी 2021-22 के 8.7% से कम है।

इस सर्वेक्षण में यह भी सामने आया है कि कोरोना वायरस महामारी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था ने जोरदार वापसी की है। हालाँकि, रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण वैश्विक रूप से महँगाई में बढ़ोतरी हुई है। इससे रुपए के कमजोर होने की आशंका जताई गई है। साथ ही कर्ज के महँगे होने की भी बात भी कही गई है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2022-23 के अनुसार, क्रय क्षमता यानी (Purchasing Power Capacity) के मामले में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनकर उभरा है। यही नहीं, विनिमय दर के मामले में 5वीं बड़ी अर्थव्यवस्था है। इस सर्वे में कहा गया है कि भारत के पास पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। इससे देश के चालू खाते के घाटे को भरा जा सकता है। साथ ही, दुनिया भर में बढ़ रही महँगाई के चलते रुपए में होने वाले उतार-चढ़ाव को भी नियंत्रित किया जा सकता है।

आम बजट से पहले पेश किए गए इस सर्वेक्षण में कहा गया है कि रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा उठाए गए कदमों के बाद से खुदरा महँगाई दर में कमी आई है। दुनिया की अधिकांश मुद्रा जहाँ डॉलर के मुकाबले तेजी से कमजोर हो रहीं हैं। वहीं, भारतीय रुपया नियंत्रित रूप से अच्छा प्रदर्शन कर रहा है।

सरकार की नीतियों की बात करते हुए कहा है कि पीएम किसान निधि और पीएम गरीब कल्याण योजना ने देश में गरीबी को कम करने में अहम योगदान दिया है। किसानों की स्थितियों में सुधार लेकर बताया गया है कि पिछले वित्तीय वर्ष 2021-2022 में खाद्यान्न उत्पादन रिकॉर्ड 31.57 करोड़ टन रहा। वहीं, इस वित्तीय वर्ष में केवल खरीफ के आँकड़ों के अनुसार 149.9 करोड़ टन उत्पादन होने का अनुमान है। साथ ही, साल 2018 से लेकर अब तक एमएसपी में 1.5% की बढ़ोतरी हुई है।

दुबई का 84 किमी इलाका कहलाएगा ‘हिंद सिटी’, इस्लामी मुल्क के PM शेख मोहम्मद ने ‘अल मिन्हाद’ का बदला नाम: क्या भारत से है कोई कनेक्शन?

‘संयुक्त अरब अमीरात (UAE)’ के उप-राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और दुबई के शासक शेख मोहम्मद बिन राशिद अल मकतूम (Sheikh Mohammed bin Rashid Al Maktoum) ने रविवार (29 जनवरी, 2023) को अल मिन्हाद क्षेत्र और इसके आसपास के क्षेत्रों का नाम बदलकर ‘हिंद सिटी’ कर दिया। यूएई की आधिकारिक समाचार एजेंसी डब्ल्यूएएम ने यह जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि हिंद 1 से हिंद 4 तक 4 जोन वाला यह शहर 83.9 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र में फैला हुआ है।

जैसे ही यह खबर भारत पहुँची, कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि भारतीयों के योगदान को स्वीकार करने के लिए दुबई के इन क्षेत्रों का नाम बदल दिया गया है। हालाँकि, नाम बदलने के पीछे कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। यह अल मिन्हाद क्षेत्र और इसके आसपास के क्षेत्रों का नाम बदलने के पीछे का वास्तविक कारण नहीं हो सकता है।

हिंद का अर्थ अरबी में काफी कुछ हो सकता है। यह एक पुराना अरबी नाम भी है। दरअसल, शेख मोहम्मद की पहली बीवी का नाम भी हिंद है। शेख मोहम्मद की बीवी हिंद बिन्त अल मकतूम ने 26 अप्रैल 1979 को एक भव्य समारोह में उनसे निकाह किया था। इस दंपति के 12 बच्चे हैं, जिनमें क्राउन प्रिंस और दुबई के क्राउन के लिए दूसरे नंबर पर आने वाले शेख हमदान बिन मोहम्मद अल मकतूम शामिल हैं। इसलिए, इन क्षेत्रों का नाम उनके नाम पर रखा जा सकता है।

हिंद अरबी में ऊँटों के एक बड़े समूह का भी उल्लेख करता है। 100 या इससे अधिक ऊँटों को हिंद कहा जाता है। दरअसल, अरबी में अपनी बेटियों का नाम हिंद रखने का मतलब है, यह दुआ करना है कि उसे 100 या उससे ज्यादा ऊँट मिलें। वहीं, हिंद भारत को भी संदर्भित कर सकता है। भारतीयों को भी अरबी लोग हिन्दी कहते हैं।

जैसा कि क्षेत्र का नाम बदलने के लिए कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है। इसको लेकर ऑपइंडिया ने संयुक्त अरब अमीरात के प्रधानमंत्री कार्यालय से इस मामले पर एक टिप्पणी करने का अनुरोध किया है। यदि उन्होंने हमें नाम बदलने का आधिकारिक कारण बताया तो हम यह रिपोर्ट अपने पाठकों के लिए अपडेट करेंगे।

देवबंद के मदरसे से पढ़कर घर लौट रहा था बच्चा, अगले दिन सरसों के खेत में गर्दन कटी लाश मिली: कुकर्म की आशंका

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले में एक मदरसा छात्र की गर्दन कटी लाश मिली है। वह देवबंद के एक मदरसे से पढ़कर घर लौट रहा था। अगले दिन उसका गला कटा शव सड़क किनारे एक सरसों के खेत में मिला है। 13 वर्षीय मृतक के साथ कुकर्म की भी आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है। घटना सोमवार (30 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना देवबंद थानाक्षेत्र के गाँव सांपला की है। यहाँ 13 वर्षीय बालक की लाश खेत में पड़ी मिली है। घटना की सूचना मिलती ही पुलिस मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने शव को कब्ज़े में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना में कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में मृतक के साथ कुकर्म होने की भी बात कही जा रही है। लेकिन इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

सहारनपुर पुलिस के SSP विपिन टाडा के मुताबिक मृतक एक दिन पहले 29 जनवरी को मदरसे से पढ़कर घर लौट रहा था। जब वह देर रात घर नहीं पहुँचा तब परिजनों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। SSP के अनुसार अगले दिन बच्चे का शव मिला। पुलिस ने मौके से सबूत जुटाए हैं। CCTV फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर जाँच कर रही है। CCTV फुटेज में बच्चा गुम होने से पहले अपने कुछ साथियों के साथ मदरसे से लौटता दिखाई दिया है।

SSP ने बताया है कि मृतक छात्र के साथ लौट रहे अन्य बच्चों से पूछताछ में एक संदिग्ध प्रकाश में आया है। उस संदिग्ध को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। बच्चे के साथ कुकर्म के सवाल पर SSP विपिन टाडा ने कहा कि जब शव बरामद हुआ था तब उसके नीचे के कपड़े नहीं थे। इससे उसके साथ कुकर्म की आशंका है। पुलिस ने किसी पुरानी रंजिश की बात सामने न आने की जानकारी देते हुए मृतक के ही किसी साथी की संलिप्तता की तरफ इशारा किया है। पुलिस के मुताबिक केस मामले का जल्द ही खुलासा किया जाएगा।

रास्ते से गायब हो गया है आपके नाखून से भी छोटा कैप्सूल, चेतावनी- मिले तो छुएँ नहीं: 1400 km की सड़क पर चल रही तलाश

ऑस्ट्रेलिया (Australia) में गुम हुए एक छोटे से रेडियोएक्टिव कैप्सूल ने पूरे देश की नींद उड़ा रखी है। यह रेडियोएक्टिव कैप्सूल (radioactive capsule) इंसान के नाखून से भी छोटा है। दुनिया की जानी-मानी ऑस्ट्रेलियन खनन कंपनी रियो टिंटो के स्थानीय अधिकारी और कर्मचारी 1400 किमी लंबी सड़क पर एक बेहद छोटे और घातक रेडियोएक्टिव कैप्सूल की तलाश कर रहे हैं।

रिपोर्टों के अनुसार, रेडियोएक्टिव कैप्सूल काफी खतरनाक है। यह देखने में एक सिक्के से भी छोटा है। इसकी लंबाई 8 मिमी और चौड़ाई 6 मिमी है। इसमें रेडियोएक्टिव Cesium-137 नाम का पदार्थ भरा हुआ है। इसे ट्रक से लाया जा रहा था, जो रास्ते में गिरने से गायब हो गया। कैप्सूल रेडियोएक्टिव है, जिसमें से गामा किरणें निकलती हैं, जो इंसानों के लिए बेहद खतरनाक होती हैं।

एक ट्रक रियो टिंटो की गुदई-डारी (Gudai-Darri) खदान से रेडियोएक्टिव कैप्सूल को पर्थ ले जा रहा था, उस दौरान वह रास्ते में कहीं पर गिर गया। कंपनी को 25 जनवरी को जाँच के बाद ही पता चला कि कैप्सूल गायब है। इसे आखिरी बार 12 जनवरी 2023 को देखा गया था। ऐसा माना जाता है कि ट्रक में खड़खड़ाहट के कारण बोल्ट ढीले हो गए और वह रास्ते में ही गिर गया। जब इसका पता लगाने के लिए ट्रक को खोला गया, तो उन्होंने कथित तौर पर गेज को टूटा हुआ पाया, जिसकी वजह से कुछ पेंच और बोल्ट रास्ते में कहीं पर गिर थे।

अधिकारियों ने ऑस्ट्रेलिया के लोगों से सावधान रहने, कैप्सूल को देखने पर उससे दूरी बनाने और उसे छूने से बचने के लिए कहा है। क्योंकि यह कैप्सूल उनके लिए काफी खतरनाक हो सकता है। इसे छूने से कई गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। इस कैप्सूल के जरिए एक घंटे में 10 एक्स-रे के बराबर उत्सर्जन होता है, जो काफी जोखिम भरा है। यही वजह है कि एक्सपर्ट लोग इस कैप्सूल से करीब 16 फीट दूरी बनाए रखने की सलाह देते हैं। इस बीच, रियो टिंटो ने अपनी गलती के लिए माफी माँगी है और कैप्सूल को खोजने में अधिकारियों की मदद कर रहा है।

उन्होंने कहा, “हमने यह जानने के लिए अपनी जाँच शुरू कर दी है कि कैप्सूल रास्ते में अचानक से कैसे गायब हो गया।”

लालू के प्यार में कश्मीर से भागकर बिहार आ गई सुमैरा, सिंदूर लगाकर बन गई अंजलि: गुलमर्ग की लव स्टोरी बेगूसराय में पूरी

कश्मीर के गुलमर्ग की रहने वाली सुमैरा हनीफ। बिहार के बेगूसराय का रहने वाला लालू/लल्लू सिंह। कश्मीर में मिले। प्यार हुआ। सुमैरा हिंदू बन गई। नाम रखा अंजलि। शादी हुई। लेकिन जब बेगूसराय पहुँची तो ससुराल वालों ने कबूल करने से इनकार कर दिया। लेकिन सुमैरा की आत्महत्या की कोशिश के बाद लालू के परिजनों ने भी उसे स्वीकार कर लिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, लालू सिंह बेगूसराय के शंभू सिंह का बेटा है। वह कश्मीर में नौकरी करने गया था। यहीं उसकी मुलाकात सुमैरा हनीफ से हुई। वह गुलमर्ग की रहने वाली है। उसका भाई राशन की दुकान चलाता है। लालू यहाँ अक्सर राशन लेने के लिए आता था। इस दौरान दोनों में दोस्ती हो गई। धीरे-धीरे ये दोस्ती प्यार में बदल गई। सुमैरा अपेंडिक्स से परेशान थी। लालू ने उसका इलाज कराया, जिससे उसे नई जिंदगी मिल गई। इसके बाद से वह लालू से और प्यार करने लगी और उसे कभी नहीं छोड़ने की कसम खाई। वह धर्म परिवर्तन करने के लिए भी तैयार हो गई। अपने परिवार ​की परवाह किए बिना सुमैरा 3 बार कश्मीर से भागकर बिहार भी आई।

बताया जा रहा है कि दोनों कोर्ट मैरिज के बाद 7 महीने तक साथ रहे, लेकिन इसके बाद लालू ने अंजलि से दूरी बनाना शुरू कर दिया। कश्मीर से बेगूसराय पहुँची अंजलि को उसके ससुराल वालों ने साथ रखने से इनकार कर दिया। इससे परेशान होकर अंजलि ने नींद की गोलियाँ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। गाँव वालों ने आनन-फानन में उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती करवाया। हालत में सुधार होने के बाद सोमवार (30 जनवरी 2023) को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

सुमैरा ने बताया कि उसने 19 मई 2022 को बीरपुर के सहुरी गाँव निवासी लालू से शादी की थी। इसके बाद से वह पति के साथ रह रही थी। फिर नवंबर में उसे वापस भेज दिया गया और सरस्वती पूजा में लाने की बात कही गई। लेकिन उसके बाद लालू ने उसका फोन उठाना बंद कर दिया था। वहीं, लालू के मुताबिक किसी गलतफहमी के कारण अंजलि घर से चली गई थी। उसे कुछ लोगों ने बरगला दिया था, जिसकी वजह से उसने नींद की गोलियाँ खा ली थी। अब हमारे बीच सब कुछ ठीक है। हम साथ-साथ रहेंगे और घर वाले भी खुश हैं।

बता दें कि पुलिस सुमैरा की आत्महत्या की कोशिश के बाद 30 जनवरी की रात करीब 4 घंटे की मशक्कत के बाद दोनों पक्षों के बीच पुलिस की मौजूदगी में समझौता हुआ। इसके बाद सुमैरा लालू के साथ अपने ससुराल चली गई। डीएसपी निशीत प्रिया ने बताया कि पीड़िता और ससुराल वालों के बीच समझौता हो गया है। अब वह उन्ही के साथ रहेगी।

‘करिश्मा मेरी है, दावत में गोली खानी हो तो आना’: दूल्हे के घर पर पोस्टर चिपका कर धमकी, लिखा – बरात को श्मशान बना दूँगा

उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले में एक पोस्टर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में एक आशिक टाइप के व्यक्ति ने एक लड़की को अपनी बताते हुए उसके होने वाले दूल्हे को जान से मारने की धमकी दी है। इसी पोस्टर में बारातियों को भी न आने की की चेतावनी देते हुए बारात को श्मशान बनाने के लिए कहा गया है। लड़की के घर में पुलिस ने FIR दर्ज कर के पोस्टर लगाने वाले की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए है। पुलिस को प्रथम दृष्टया मामले में घरेलू कलह की आशंका है। मामला शनिवार (28 जनवरी 2023) का है।

मामला सिंभावली थानाक्षेत्र के गाँव फरीदपुर का है। यहाँ रहने वाले जय सिंह की बेटी करिश्मा की शादी इसी साल फरवरी में होने वाली है। दूल्हे का नाम मोन्टू सिंह बताया जा रहा है। लड़की के पिता ने पुलिस में शिकायत देते हुए बताया है कि 27-28 जनवरी की रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके घर के बाहर धमकी भरा पोस्टर लगा दिया। पीड़ित का दावा है कि यही पोस्टर घर के अलावा भी कुछ अन्य स्थानों पर लगाए गए हैं।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पोस्टर चिपकाने के बाद कुछ अज्ञात लोगों ने शीशी में पेट्रोल भर के उसमें आग लगाई और लड़की के घर के अंदर फेंक दिया। इस घटना से हुई आवाज से सो रहा लड़की का परिवार जाग गया। आरोप है कि इस दौरान अज्ञात लोगों ने तमंचे से 3 फायर भी किए। शिकायत के मुताबिक जब आवाज सुन कर मोहल्ले के लोग जमा होने लगे तो आरोपित भाग निकले। लड़की के पिता ने खुद को भयभीत बताते हुए पुलिस से कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने लड़की के पिता जय सिंह की शिकायत पर अज्ञात हमलावरों के खिलाफ IPC की धारा 307 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

सोशल मीडिया पर यह पोस्टर तेजी से वायरल हो रहा है। इस पोस्टर में लिखा गया है, “कान खोल कर सुन लो मोन्टू सिंह दूल्हे राजा। करिश्मा मेरी है। बारात ले कर मत आना नहीं तो तू जिन्दा नहीं बचेगा। बारात श्मशान बना दूँगा। जिस भाई को दावत में गोली खानी हो वो बारात में आए। अभी केवल हल्का सा ट्रेलर दे कर जा रहा हूँ, बाकी फिल्म बारात में चलेगी।” इस पोस्टर के नीचे दिल का निशान बनाया गया है और पोस्टर चिपकने वाले ने नीचे डिफाल्टर नाम से दस्तखत किए हैं।

इस मामले में बयान देते हुए हापुड़ पुलिस अधीक्षक ने पोस्टर चिपकने के पीछे लड़की के घर में आंतरिक विवाद के होने की आशंका जताई है। पुलिस की जाँच सही दिशा में बताते हुए उन्होंने कहा कि कुछ लोगों से पूछताछ चल रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा। वहीं ऑपइंडिया से बात करते हुए लकड़ी के पिता जय सिंह ने कहा कि उनकी लकड़ी से पुलिस ने थाने बुला कर किसी अफेयर अदि की पूछताछ की, लेकिन उनकी बेटी का कहीं कोई अफेयर नहीं है। जय सिंह ने हमें बताया कि उन्हें नहीं पता कि पोस्टर किसने लगाए और न ही उन्हें किसी पर शक है।

भिंडरांवाले को इंदिरा गाँधी ने पहले मजबूत किया, फिर मारने के ऑर्डर दिए: जिस जनरल ने किया ‘ऑपरेशन ब्लूस्टार’, उसने उजागर किया कॉन्ग्रेस का ‘चरित्र’

कुलदीप बराड़ वही सैन्य जनरल हैं, जिन्होंने 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार (Operation Blue Star) का नेतृत्व किया था। अमृतसर के गोल्डन टेंपल में चले इसी ऑपरेशन में खालिस्तानी आतंकी जरनैल सिंह भिंडरांवाले (Jarnail Singh Bhindranwale) को मार गिराया गया था। इस ऑपरेशन के कारण जनरल बराड़ (General Kuldip Singh Brar) आज भी खालिस्तानियों के टारगेट पर हैं। 1971 युद्ध के नायकों में से एक बराड़ पर सितंबर 2012 में लंदन में हमला भी हुआ था।

एएनआई की स्मिता प्रकाश (ANI Podcast with Smita Prakash) को दिए इंटरव्यू में उन्होंने इस ऑपरेशन और पंजाब के उस समय के माहौल पर विस्तार से बातचीत की है। बताया है कि कैसे भिंडरांवाले के मजबूत होने में उस समय प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गाँधी (Indira Gandhi) की भूमिका थी और फिर उन्होंने कैसे उसे मार गिराने के ऑर्डर दिए।

एएनआई के पॉडकास्ट में बात करते हुए जनरल कुलदीप बराड़ ने कहा है कि भिंडरांवाले को इंदिरा गाँधी की पूरी शह मिली हुई थी। साल दर साल वह मजबूत होता जा रहा था। यह सब इंदिरा गाँधी के सामने ही हो रहा था। साल 1980 तक सब ठीक चल रहा था। लेकिन इसके बाद लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ती जा रही थी।

जनरल बराड़ ने कहा है जब भिंडरांवाले का कद बढ़ रहा था, तब किसी भी कॉन्ग्रेसी-अकाली ने उसकी तरफ ध्यान नहीं दिया। इनके अपने राजनीतिक मकसद थे, वे उसी में उलझे रहे। दूसरी ओर, भिंडरांवाले अपनी ताकत बढ़ाता जा रहा था।

उन्होंने यह भी कहा है कि भिंडरांवाले रोडे नामक एक गाँव में रहता और उपदेश देता था। सरकार की शह पाकर वह शक्तिशाली बनता जा रहा था। हर जगह लूट-मार, डकैतियाँ और कत्ल हो रहे थे। वह इतना ताकतवर हो गया था कि पंजाब पुलिस और प्रशासन उससे डरने लगा था। उसके आदेश अंतिम होते थे। डीआईजी को मारकर स्वर्ण मंदिर के बाहर फेंकने के बाद से तो पुलिस के अंदर भय भर गया था।

जनरल कुलदीप बराड़ ने कहा कि साल 1984 की शुरुआत में हालात ऐसे हो गए थे कि भिंडरांवाले खालिस्तान को अलग देश घोषित करने जा रहा था। बेरोजगारी के कारण लोग उससे जुड़ते जा रहे थे। पंजाब में बेरोजगारी थी। युवाओं के पास नौकरी नहीं थी। युवा अपनी मोटरसाइकिल में पिस्तौल लेकर घूमते थे। लोग मिनी गैंगस्टर बनते जा रहे थे।

उन्होंने कहा कि जब भिंडरांवाले पूरी तरह स्थापित हो गया तब इंदिरा गाँधी ने उसे मारने का आदेश दे दिया। इस ऑपरेशन के लिए खुद के चुनाव को लेकर उन्होंने कहा कि जिसे चुना गया वह जनरल कुलदीप एक सैनिक हैं। यह नहीं देखा गया कि वह एक सिख हैं, हिंदू हैं या पारसी है। जनरल बराड़ ने यह भी बताया कि उस ऑपरेशन में सिर्फ आर्मी थी। पुलिस को नहीं जोड़ा गया था। आशंका थी कि पुलिस खालिस्तान का समर्थन कर सकती है।

उन्होंने यह भी कहा है कि खालिस्तानी फिर से सिर उठा रहे हैं। वह ब्रिटेन या अन्य जगह जहाँ भी जाते हैं भिंडरांवाले की तस्वीर दिखाई देती है। ब्रिटेन, पाकिस्तान, अमेरिका, कनाडा में खालिस्तानियों को सपोर्ट मिल रहा है। उल्लेखनीय है कि ऑस्ट्रेलिया और कनाडा में हाल में खालिस्तानियों द्वारा कई हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने की घटना सामने आई है।