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जंतर-मंतर पर पहलवान: कुश्ती संघ के अध्यक्ष पर यौन शोषण, गाली देने-थप्पड़ मारने के आरोप; बोलीं विनेश फोगट- पता नहीं जिंदा रहूँगी या नहीं

दिल्ली के जंतर-मंतर पर भारत के पदकवीर पहलवानों ने धरना दिया। वे भारतीय कुश्ती फेडरेशन की मनमानी का विरोध कर रहे हैं। उन्होंने फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

धरने पर बैठे पहलवानों में ओलंपिक मेडल विजेता बजरंग पूनिया, साक्षी मलिक भी शामिल हैं। पहलवानों ने फेडरेशन अध्यक्ष पर यौन उत्पीड़न, जान से मारने की धमकी जैसे आरोप लगाए हैं।

पुनिया ने कहा है, “बृजभूषण सिंह हमें गाली देते हैं। यहाँ के किसी भी खिलाड़ी को टाटा स्पोर्ट्स से कभी सपोर्ट नहीं मिला। प्राइवेट प्रमोटर केवल फेडरेशन से ही आ सकते हैं। युवा खिलाड़ी आते हैं और हमसे पूछते हैं कि कहाँ जाना है। कोई भी खिलाड़ी सवाल करता है तो उस पर बैन लगा दिया जाता है।” उन्होंने यह भी कहा है, “हमें जान से मारने की धमकियाँ दी गईं थीं। टोक्यो ओलंपिक के बाद मैंने प्रधानमंत्री जी को इस बारे में बताया था। बृजभूषण ने ओलंपिक के बाद मुझसे बात करने से इनकार कर दिया। मुझे बृजभूषण से सीधे कोई धमकी नहीं मिली, बल्कि उनके लोग धमकी देते हैं।”

इसको लेकर पूनिया ने ट्वीट भी किया है। उन्होंने लिखा है, “फेडरेशन का काम खिलाड़ियों का साथ देना, उनकी खेल की जरूरतों का ध्यान रखना होता है। कोई समस्या हो तो उसका निदान करना होता है। लेकिन अगर फेडरेशन ही समस्या खड़ी करे तो क्या किया जाए? अब लड़ना पड़ेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे ।”

वहीं, साक्षी मलिक ने ट्वीट कर कहा है, “खिलाड़ी पूरी मेहनत कर देश को मेडल दिलाता है। लेकिन फेडरेशन ने हमें नीचा दिखाने के अलावा कुछ नहीं किया। मनचाहे क़ायदे-क़ानून लगाकर खिलाड़ियों को प्रताड़ित किया जा रहा है।”

विनेश फोगाट ने कहा है, “रेसलिंग फेडरेशन के अध्यक्ष बृजभूषण और राष्ट्रीय शिविर में कुछ कोचों ने महिला पहलवानों का यौन शोषण किया है। मैंने आज खुले तौर पर यह कहा है। मुझे नहीं पता कि मैं कल जीवित रहूँगी या नहीं। हमने कई बार स्थानांतरित करने का अनुरोध किया है। कैंप लखनऊ से दूर है। ऐसा सिर्फ वहीं क्यों होता है? क्योंकि उसके लिए महिला पहलवानों को शिकार बनाना आसान होता है।”

उन्होंने आगे कहा है, “वे हमारे निजी जीवन में भी दखल देते हैं और हमें परेशान करते हैं। वे हमारा शोषण कर रहे हैं। जब हम ओलंपिक में गए थे तो हमारे पास फिजियो या कोच नहीं था। टोक्यो ओलंपिक में हार के बाद बृजभूषण सिंह ने मुझे खोटा सिक्का कहा। फेडरेशन ने मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया है। मैं हर दिन अपने जीवन को समाप्त करने के बारे में सोचती थी। किसी पहलवान को कुछ होता है तो जिम्मेदारी बृजभूषण सिंह पर होगी।”

उन्होंने यह भी कहा है, “हम यहाँ तब तक रहेंगे जब तक बृजभूषण सिंह को पद से नहीं हटाया जाता। उनके पद से हटने तक हम किसी टूर्नामेंट में हिस्सा भी नहीं लेंगे। वह हर दिन मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। हमें छोटी-छोटी बातों के लिए भीख माँगना पड़ता है।”

हैट्रिक छक्का मार कर 200 रन… शुभमन गिल ने तेंदुलकर-कोहली सबका रिकॉर्ड तोड़ डाला

भारतीय सलामी बल्लेबाज शुभमन गिल ने न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे मैच में दोहरा शतक जमा कर कर रिकॉर्ड्स ध्वस्त के दिए हैं। याद हो कि उन्होंने पिछले मैच में श्रीलंका के विरुद्ध भी शतक जड़ा था। लेकिन, इस बार ये स्पेशल है क्योंकि वो सोहरा शतक जमाने वाले पाँचवें बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग, रोहित शर्मा (3 बार) और ईशान किशन ये कारनामा कर चुके हैं। शुभमन गिल ODI में सबसे तेज़ 1000 रन पूरे करने वाले बल्लेबाजों की सूची में भी शुमार हो गए हैं।

शुभमन गिल की 149 गेंदों पर 208 रनों की पारी की बदौलत भारत ने 8 विकेट पर 349 रनों का बड़ा स्कोर खड़ा किया। ये कितनी बड़ी पारी थी, इसे इसी से समझ लीजिए कि भारत की तरफ से दूसरे हाइएस्ट स्कोरर रोहित शर्मा रहे, जिन्होंने 34 रन बनाए। इस तरह शुभमन गिल और उनके स्कोर के बीच 174 रनों का फासला रहा। मात्र 23 साल 132 दिन की उम्र में शुभमन गिल ODI में दोहरा शतक जमाने वाले सबसे युवा बल्लेबाज बन गए हैं।

बड़ी बात ये रही कि शुभमन गिल जब 182 के स्कोर पर थे, तब उन्होंने हैट्रिक छक्के जमा कर अपना दोहरा शतक पूरा किया। अगले ओवर में आउट होने से पहले उन्होंने एक और छक्का जड़ डाला। उन्होंने अपनी पारी में 19 चौके और 9 छक्के लगाए। ये वनडे मैचों में न्यूजीलैंड के खिलाफ सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर है। शुभमन गिल ने सचिन तेंदुलकर के 186 नॉट आउट का रिकॉर्ड तोड़ा। वो मैच के अंतिम ओवर में आउट हुए।

ODI में सबसे तेज़ 1000 रन पूरा करने वाले बल्लेबाजों की बात करें तो इस सूची में शुभमन गिल तीसरे स्थान पर पहुँच गए हैं, जिन्होंने मात्र 19 मैचों में ये कारनामा किया। इस सूची में विराट कोहली 16वें नंबर पर, एमएस धोनी 55वें नंबर पर और सचिन तेंदुलकर 127वें नंबर पर हैं। शुभमन गिल काफी कम समय में ODI में 3 शतक जमा चुके हैं। टेस्ट मैचों में भी उनके नाम एक सेंचुरी दर्ज है। वनडे में उनका 68.88 का औसत है।

‘गली में 4 ही मुस्लिम परिवार, फिर भी करोड़ों की फंडिंग से बनी मस्जिद’: ब्रह्मपुरी में नहीं मिला ‘The Wire’ वाला पोस्टर, दंगे में मारे गए थे 2 हिन्दू

हाल ही में The Wire’ समेत कुछ वामपंथी मीडिया संस्थानों द्वारा दिल्ली के ब्रह्मपुरी में एक पोस्टर चिपकाया हुआ दिखाया गया था, जिसमें हिन्दुओं से मुस्लिमों को घर न बेचने की अपील की गई थी। रिपोर्टों में पोस्टर चिपकाने वाले के तौर पर एडवोकेट प्रदीप शर्मा का नाम बताया गया था, जिसके बाद उन्हें और उनके परिवार को धमकियाँ मिल रही हैं। ऑपइंडिया की टीम उस गली नंबर 13 में पहुँची तो वहाँ फिलहाल कोई विवादित पोस्टर नहीं दिखा।

ब्रह्मपुरी में एक लाइन से गलियाँ बनी हुईं हैं, जिनके बोर्ड पर नंबर लिखे हुए हैं। चौहान बांगर को एक सड़क ब्रह्मपुरी से अलग करती है और इसी सड़क पर ‘गली नंबर 13, ब्रह्मपुरी’ का बोर्ड लगा है। उस गली से हम अंदर की तरफ गए तो सबसे पहले शिव-गौरी नाम से एक मंदिर मिला। यहाँ पर लोगों की संख्या न के बराबर थी। मंदिर से लगभग 100 मीटर के अंदर ही आगे चल कर हमें दाएँ हाथ पर एक मस्जिद दिखी। यहाँ पर कई नमाज़ी खड़े दिखाई दिए।

फिलहाल, अब मस्जिद में वजू के लिए नल और नमाज़ के लिए एक बड़ा फ्लोर साफ़ तौर पर बाहर से ही देखा जा सकता है। गली की मस्जिद के बारे में अधिवक्ता शर्मा ने कहा कि उस जगह पहले एक ब्राह्मण समाज के हिन्दू का घर था, जिसे खरीद कर मस्जिद बनाई गई है। एडवोकेट प्रदीप शर्मा के मुताबिक, उस गली में हिन्दू की आबादी 70% व मुस्लिम की 30% है। हालाँकि, अधिवक्ता शर्मा ने हमें बताया कि पिछले 5 वर्षों में जनसंख्या का असंतुलन तेजी से बिगड़ा है और ‘गली नंबर 13’ के हिन्दुओं ने घर बेच कर पलायन करना शुरू कर दिया है।

अपना निजी मकान साल 1962 से ब्रह्मपुरी में बताते हुए प्रदीप शर्मा ने बताया कि उनके बचपन में मुस्लिम आबादी उतनी नहीं थी, जितनी अब दिखाई देती है।

ब्रह्मपुरी के गली नंबर 13 में पसरा सन्नाटा

एडवोकेट प्रदीप शर्मा के मुताबिक, उनकी पुलिस शिकायत को SHO न्यू उस्मानपुर ने गंभीरता से नहीं लिया। हालाँकि, खुद को मिली रिसीविंग को प्रदीप भविष्य में किसी अनहोनी की पूर्व सूचना का सबूत जैसा मानते हैं।

दिल्ली दंगों में 2 हिन्दू कार्यकर्ताओं की हत्या हुई थी

ऑपइंडिया ने ब्रह्मपुरी के ही गली नंबर 9 में रहने वाले भाजपा नेता विपिन शर्मा से बात की। विपिन शर्मा ने बताया कि साल 2020 के दंगों में उनके आसपास का इलाका भी हिंसा की चपेट में आया था। विपिन के अनुसार, इस हिंसा में ‘बजरंग दल’ कार्यकर्ता विनोद और भाजपा नेता अतुल की हत्या हुई थी। अतुल को गोली मारी गई थी और विनोद को पीट-पीट कर मार डाला गया था। विपिन के मुताबिक, दंगों में ‘खड्डे वाली मस्जिद’ के पास गलियों को ब्लॉक कर दिया गया था।

विपिन ने हमें ये भी जानकारी दी कि ब्रह्मपुरी 2 तरफ से मुस्लिम आबादी से घिरी हुई है।

सिर्फ 4 घर मुस्लिमों के लिए बनाई मस्जिद

ब्रह्मपुरी में होते डेमोग्राफिक बदलाव पर विपिन शर्मा गली नंबर 8 का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उस गली में मुस्लिमों के सिर्फ 4 मकान थे लेकिन फिर भी वहाँ मस्जिद बनवाई गई। विपिन के अनुसार इस मस्जिद का विरोध हिन्दू संगठनों ने बहुत जोर-शोर से किया लेकिन ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ के तत्कालीन विधायक हाजी भूरा ने आ कर उस जमीन पर हजारों समर्थकों के साथ नमाज़ पढ़ ली थी, जिसके बाद दबाव में वहाँ विरोध कर रहे हिन्दू संगठनों की हार हुई थी।

हालाँकि, विपिन का कहना है कि अभी भी लिखित तौर पर उस मस्जिद में सिर्फ गली के 4 घरों को ही नमाज़ पढ़ने के लिए कहा गया है।

होती है बाहरी फंडिंग

गली नंबर 8 की मस्जिद का जिक्र एक बार फिर से करते हुए भाजपा नेता विपिन शर्मा ने कहा कि वह लगभग 100 गज दायरे में है। उन्होंने कहा कि जमीन खरीदने से ले कर इमारत बनवाने में खर्च हुए करोड़ों रुपए गली के उन 4 मुस्लिम परिवारों के बजट के बाहर की बात है। शर्मा ने मस्जिद के लिए बाहरी फंडिंग मिलने की आशंका जताई। बताया गया कि अब उस मस्जिद में मदरसा भी बन चुका है। लोगों को आशंका है कि उस मदरसे के लिए नियमानुसार नक्शा तक पास नहीं कराया गया।

BBC के स्टूडियो से आने लगी पोर्न वाली उह-आह की आवाज… चल रहा था फुटबॉल मैच का Live कवरेज, माँगी माफी

एफए कप (FA Cup) मैच में लाइव कवरेज के दौरान अश्लील आवाजें सुनाई देने के मामले में बीबीसी (BBC) ने माफी माँगी है। दरअसल, मोलिनक्स स्टेडियम में खेले गए FA कप के एक मैच में वॉल्वरहैम्प्टन और लिवरपूल की टीमें आमने-सामने थीं। मैच शुरू होने से पहले मैच की कवरेज के दौरान अश्लील आवाजें सुनी गई थीं।

रिपोर्ट्स के अनुसार, किसी व्यक्ति ने मजाक करने के लिए स्टूडियो में एक मोबाइल छिपा कर रखा था। इस मोबाइल में ही अश्लील साउंड प्ले हुआ था। इस घटना पर बीबीसी ने एक बयान जारी कर माफी माँगी है। बीबीसी ने कहा है, “आज शाम हुए मैच के लाइव कवरेज के दौरान आहत दर्शकों से हम माफी माँगते हैं।”

बता दें कि जब यह घटना हुई तब इंग्लैंड के दिग्गज स्ट्राइकर रहे गैरी लिनेकर (Gary Lineker) कमेंट्री कर रहे थे। इस घटना के बाद लिनेकर ने इस सेल फोन की फोटो ट्वीट की है। उन्होंने कहा है कि यह फोन स्टेडियम में बने सेट के पीछे छिपा हुआ था। इसको लेकर गैरी लिनेकर ने ट्वीट किया, “चलिए, हमने इसे सेट के पीछे टेप किया हुआ पाया। तोड़-फोड़ करना काफी मजेदार रहा।”

इस घटना को लेकर गैरी लिनेकर ने बीबीसी के शो न्यूज़नाइट पर कहा कि उन्होंने यह मान लिया था कि किसी पैनलिस्ट के फोन पर वीडियो चल गया है। हालाँकि, आवाजें बहुत जोर से आ रही थीं। इसलिए उन्हें लगा कि यह सब एक मजाक था। 

इस शो में जब उनसे यह पूछा गया कि स्टूडियो में आवाज कितनी तेज थी तो उन्होंने कहा कि यह आवाज इतनी तेज कि यदि कोई कान के पास आकर भी कुछ कहता तो वह सुन नहीं पाते। इस आवाज के कारण मैच से पहले होने वाली कवरेज को जारी रखना बेहद मुश्किल हो गया था। उन्होंने यह भी कहा है कि यह तो एक बेहतरीन मजाक था। पता नहीं बीबीसी ने माफी क्यों माँग ली।

FA कप के मैच में हुई इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर इससे जुड़े कई पोस्ट किए गए। यहाँ तक कि स्टेडियम में बैठे दर्शकों ने भी इसको लेकर कंटेंट शेयर किए। हालाँकि, बाद में यूट्यूब प्रैंकस्टर डेनियल जार्विस ने ट्विटर पर एक वीडियो अपलोड कर इस घटना की जिम्मेदारी ली है। जार्विस को जार्वो या जार्वो 69 के नाम से भी जाना जाता है। भारतीय क्रिकेट टीम के कई मैचों में इन्हें मैदान में घुसते हुए भी देखा गया था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, लंदन के मशहूर ओवल ग्राउंड में एक टेस्ट मैच के दौरान डेनियल जार्विस इंग्लिश क्रिकेटर जॉनी बेयरस्टो से भिड़ गए थे। इसके बाद उन्हें दो साल के लिए जेल की सजा दी गई थी। यही नहीं, उसके इंग्लैंड या वेल्स में किसी भी एथलेटिक कार्यक्रम में भाग लेने और एक साल तक विदेश यात्रा पर भी रोक लगाई गई थी।

‘हिंदू बस्ती में क्यों आते हो’: पिटाई का Video वायरल, दावा- लालच दे 300 दलितों को बना दिया ईसाई; बिहार पुलिस ने नकारा

सोशल मीडिया में एक वीडियो वायरल है। इसमें कुछ लोग एक युवक की पिटाई कर रहे हैं। एक महिल उसे बचाने की कोशिश कर रही है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो बिहार के वैशाली जिले के जंदाहा का है। पिट रहा युवक और उसे बचा रही महिला पर इलाके के करीब 300 दलितों को लालच देकर ईसाई बनाने का आरोप है। हालाँकि बिहार पुलिस ने इस वीडियो को फेक बताते हुए कहा है कि उसे इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वायरल वीडियो जंदाहा थाना क्षेत्र के गुरु चौक इलाके का बताया जा रहा है। वीडियो में कुछ लोग एक व्यक्ति से पहले बहस करते दिखाई देते हैं। बहस की शुरुआत पैसे देकर धर्मान्तरण के आरोप से होती है। आरोपित व्यक्ति वीडियो बनाना बंद करने के लिए कहता है। लेकिन उसकी बात नहीं मानी जाती। कुछ देर बाद एक अन्य वीडियो में आरोपित को कुछ लोग पीटते दिखाई देते हैं। इस पिटाई में भी धर्म परिवर्तन का आरोप लगाया जाता है। पिट रहे व्यक्ति को उसी के साथ मौजूद एक अन्य महिला बचाने का प्रयास करती दिखाई देती है।

यह वीडियो सबसे पहले गुरुवार (12 जनवरी 2023) को वैशाली के हिंदूवादी नेता आर्यन सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर शेयर किया। जिस व्यक्ति से सवाल पूछा जा रहा है, ट्रू कॉलर उसका नाम डी कुमार अन्ना बता रहा है। अन्ना के पास पश्चिम बंगाल का मोबाइल नंबर है। वीडियो में खेतों का दृश्य दिखाई दे रहा है और लोगों को सवाल करते सुना जा सकता है कि हिन्दू की बस्ती में क्यों आते हो। इसी वीडियो में लोगों ने ‘राम से बड़ा कोई नहीं’ के भी नारे लगाए हैं। बीच में पकड़े गए व्यक्ति की किसी से बात करवाई जाती है जो फोन पर तुरंत चले जाने की बात कह कर फोन रख देता है।

आर्यन सिंह ने अपने फेसबुक कैप्शन में वीडियो में दिख रहे व्यक्ति पर धर्मान्तरण का आरोप लगाया है। इसी वीडियो में एक व्यक्ति क्रिसमस के दिन 2 टैम्पो में भर के लोगों के कहीं बाहर जाने की बात कह रहा है। इसी के साथ साड़ी, कपड़ा और पैसे देकर धर्मान्तरण कराए जाने की बात कही जा रही है।

ऑपइंडिया ने इस वीडियो के बारे में आर्यन सिंह से बात की। आर्यन ने हमें बताया कि वीडियो में दिख रहा व्यक्ति कहीं बाहर से आया था और जंदाहा में किराए पर कमरा लेकर रहता था। वीडियो में दिख रही दूसरी महिला को भी धर्मान्तरित बताते हुए आर्यन सिंह ने आरोप लगाया कि दोनों मिल कर लगभग 300 हिन्दुओं का धर्मान्तरण करवा चुके हैं। इनमें अधिकतर दलित समुदाय के लोग हैं।

ऑपइंडिया ने पिटाई के शिकार डी कुमार अन्ना से सम्पर्क किया तो उनका फोन बंद आया। ऑपइंडिया ने जंदाहा थाने के SHO से मामले की जानकारी ली तो उन्होंने बताया कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। वीडियो को फेक बताते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि उन्होंने अपने इलाके के पादरियों से भी वीडियो में दिख रहे व्यक्ति की पहचान करने को कहा तो उन्होंने उसे पहचानने से इनकार कर दिया। बकौल SHO क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह से सामान्य है और लोग अफवाहों से बचें।

श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा नहीं फहराएँगे राहुल गाँधी, कॉन्ग्रेस ने बताया RSS का एजेंडा: ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की समाप्ति पर अब पार्टी कार्यालय में झंडोत्तोलन

भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) पर निकले कॉन्ग्रेस (Congress) के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) इसका समापन अब जम्मू-कश्मीर में पार्टी के ऑफिस में झंडा फहराकर करेंगे। इसके पहले पार्टी ने घोषणा की थी कि यात्रा का समापन कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराकर किया जाएगा।

जम्मू-कश्मीर की कॉन्ग्रेस प्रभारी रजनी पाटिल ने कहा कि लाल चौक पर झंडा फहराना राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का एजेंडा था। पाटिल ने कहा कि 30 जनवरी को यात्रा की समाप्ति पार्टी के जम्मू-कश्मीर कार्यालय में तिरंगा फहराकर किया जाएगा।

उन्होंने कहा, “हम लाल चौक पर तिरंगा फहराने के आरएसएस के एजेंडे में विश्वास नहीं करते हैं, जहाँ वह पहले ही फहरा चुका है। मुख्य समारोह श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) में आयोजित किया जाएगा।”

इस यात्रा में फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, शिवसेना के संजय राउत भी शामिल होंगे। राहुल गाँधी का भारत जोड़ो यात्रा 19 जनवरी 2023 को जम्मू में प्रवेश करेगी। पाटिल ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने कहा है कि वह अपनी माँ और बेटी के साथ शामिल होना चाहती हैं, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि तीनों ऐसा कहाँ करेंगी।

गौरतलब है कि राहुल गाँधी ने 7 सितंबर 2022 को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से यात्रा शुरू की थी। यह यात्रा तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब होकर गुजर चुकी है।

त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान, 2 मार्च को आएँगे नतीजे: तीनों राज्यों में BJP गठबंधन सत्ता में

चुनाव आयोग ने बुधवार (18 जनवरी 2022) को त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में चुनाव की तारीखों का ऐलान किया। त्रिपुरा में 16 फरवरी को, जबकि मेघालय और नागालैंड में 27 फरवरी को वोट डाले जाएँगे। 2 मार्च 2023 को तीनों राज्यों के नतीजे घोषित किए जाएँगे। पूर्वोतर के तीनों राज्यों में दो चरणों में चुनाव होगा। आज से यहाँ आचार संहिता भी लागू हो गई है।

दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार ने बताया कि त्रिपुरा चुनाव के लिए अधिसूचना 21 जनवरी को जारी होगी। नामांकन की अंतिम तिथि 30 जनवरी है। नामांकन करने वाले उम्मीदवार 2 फरवरी तक अपना नाम वापस ले सकते हैं। वहीं, मेघालय और नागालैंड में 31 जनवरी को अधिसूचना जारी होगी। दोनों राज्यों में नामांकन की आखिरी तारीख 7 फरवरी है। मेघालय और नागालैंड में नाम वापसी की आखिरी तारीख 10 फरवरी है।

मालूम हो कि नागालैंड में विधानसभा का कार्यकाल 12 मार्च, मेघालय में 15 मार्च और त्रिपुरा में 22 मार्च को खत्म हो रहा है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ने बताया, “तीनों राज्यों में महिला वोटरों की संख्या बढ़ी है। सुरक्षित चुनाव कराना हमारा लक्ष्य है। लोकतंत्र में हिंसा का स्थान नहीं है। हर चुनाव की अपनी चुनौतियाँ है। तीनों राज्यों में 2.28 लाख नए वोटर जुड़े हैं।” इसके साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की कि वह अपने मत के अधिकार का प्रयोग जरूर करें। मुख्य चुनाव आयुक्त के मुताबिक, नगालैंड में 2315, मेघालय में 3482 और त्रिपुरा में 3328 पोलिंग बूथ बनाए गए हैं।

सीईसी ने राजीव कुमार ने आगे कहा, “हमने अब नियम बनाया है कि मतदान बूथों पर जो शौचालय, रैंप और पानी की सुविधा दी जाए, वो स्थायी हो न की अस्थायी। ये उन स्कूलों के लिए चुनाव आयोग की ओर से तोहफा होगा, जिनमें ये सुविधाएँ नहीं हैं।” बता दें कि त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय – प्रत्येक में 60 विधानसभा सीटें हैं। ऐसे में सरकार बनाने के लिए बहुमत के लिए 31 का आँकड़ा चाहिए होगा।

रियासत के ‘रोहित स्टील’ से होता था शोर, कविता के परिवार ने कर दी शिकायत: घर में घुसकर पीटा, फरीदाबाद की घटना

हरियाणा के फरीदाबाद में एक हिन्दू परिवार ने पड़ोस के वर्कशॉप मालिक पर घर में घुस कर पिटाई का आरोप लगाया है। बताया जा रहा है कि हिन्दू परिवार ने वर्कशॉप से होने वाले शोर को लेकर प्रशासन से शिकायत की थी। इससे नाराज होकर रियासत और राहत अली ने हिन्दू परिवार की पिटाई कर दी। मंगलवार (17 जनवरी 2023) को पुलिस से इसकी शिकायत की गई। रियासत और राहत रिश्ते में बाप-बेटे हैं तथा रोहित स्टील नाम से वर्कशॉप चलाते हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक मामला सेक्टर 23 की संजय कॉलोनी का है। पीड़ित परिवार ने स्थानीय चैनल फरीदाबाद न्यूज़ पर अपनी व्यथा बताई है। पीड़ित परिवार ने बताया कि उनके घर के ठीक सामने रियासत और राहत का रोहित वर्कशॉप है। यहाँ लोहे और वेल्डिंग का काम होता है। वर्कशॉप से अक्सर मशीनों के चलने और हथौड़े आदि से पीटने की जोर-जोर से आवाजें आती हैं। पीड़ितों ने कहा कि इन आवाजों से उन्हें काफी परेशानी होती थी, जिसकी शिकायत उन्होंने अधिकारियों से की थी। इस की शिकायत 15 सितम्बर 2022 को मुख्यमंत्री पोर्टल पर की गई थी।

मुख्यमंत्री पोर्टल पर हुई इस शिकायत पर 13 दिसंबर 2022 को जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया और कार्रवाई के निर्देश दिए। क्षेत्र के SDM ने स्थानीय नायब तहसीलदार को 16 जनवरी 2023 तक जाँच कर के आख्या पेश करने को कहा था। ऑपइंडिया के पास शिकायत और SDM के आदेश की कॉपी मौजूद है। इस शिकायत पर अधिकारियों ने वर्कशॉप की जाँच की। अपनी शिकायत में पीड़ित परिवार ने कहा है कि आरोपितों ने वर्कशॉप की जाँच करने वाले अधिकारियों के लौट जाने के बाद उन पर हमला कर दिया। इस हमले में घर में घुस कर मारपीट के साथ सोने की चेन भी छीन ली गई। हमलावरों की संख्या 4 बताई जा रही है। पीड़िता कविता के मुताबिक उनके हाथों को मरोड़ दिया गया और बेरहमी से पिटाई की गई। पीड़ित परिवार का यह भी कहना है कि पुलिस में शिकायत करने के बाद आरोपितों ने फिर से घर में घुस कर मारा और पथराव किया।

पीड़ित परिवार का कहना है कि दोबारा हमले की वजह पुलिस द्वारा पहली शिकायत में की गई शिथिलता है। एक अन्य पीड़ित अजय के अनुसार उन्हें 9 टाँके लगे हैं। हमले में सुनयना, दयानन्द और शुभम को भी चोटें आईं हैं। कविता का कहना है कि सम्भव है कि दुबारा उन पर हमला किया जाए। हमले में रॉड के साथ कुल्हाड़ी और बेलचे का प्रयोग किया गया है। हमलावरों में हरेराम शर्मा और अनिल शर्मा के भी शामिल होने का आरोप है।

BJP ने पार्टी से निकाला, अगले दिन सपा नेता की बेटी को लेकर चला गया: पुलिस कर रही तलाश, दावा- शादी का झाँसा देकर ले भागा

उत्तर प्रदेश के हरदोई में भाजपा के एक कार्यकर्ता (अब निलंबित) आशीष शुक्ला और सपा नेता की बेटी के बीच प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों घर छोड़कर भाग गए हैं। सपा नेता ने 47 साल के शादीशुदा आशीष शुक्ला पर बेटी को बहका कर भगाने का आरोप लगाया है। इसकी शिकायत पुलिस से भी की गई है। भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्रा ने पार्टी विरोधी गतिविधियों का हवाला देते हुए आशीष शुक्ला को पहले ही पार्टी से निकाल दिया है।

मामला हरदोई कोतवाली इलाके का है। जानकारी के मुताबिक, 13 जनवरी को आशीष और सपा नेता की बेटी फरार हो गए। सपा नेता ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में कहा है कि भाजपा के नगर महामंत्री आशीष शुक्ला उर्फ राजू ने उनकी 26 साल की बेटी को शादी का झाँसा दिया और बहला कर भगा ले गया। शिकायत में कहा गया है कि आशीष शुक्ला शादीशुदा है और उसके 2 बच्चे भी हैं। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सपा नेता की बेटी और भाजपा नेता आशीष शुक्ला के बीच प्रेम प्रसंग चल रहा था। सपा नेता अपनी बेटी की शादी की तैयारियाँ कर रहे थे। इस बीच दोनों घर से भाग गए।

पुलिस को जानकारी दी गई है कि आशीष भाजपा कार्यकर्ता होने के साथ साथ बीमा एजेंट का भी काम करता है। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आशीष के खिलाफ युवती को बहला-फुसलाकर भगाने का मामला दर्ज कर दोनों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द उन्हें बरामद कर लिया जाएगा।

आशीष के भाजपा से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद हरदोई भाजपा अध्यक्ष सौरभ मिश्रा का भी बयान सामने आया है। सौरभ ने कहा है कि 12 जनवरी 2023 को ही पार्टी विरोधी आचरण के कारण आशीष को पार्टी से निकाल दिया गया था। सौरभ ने कहा है कि गलत काम करने वालों को कानून सजा देगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी समाज विरोधी लोगों के साथ खड़ी नहीं हो सकती।

9 साल में बना दिए 9600 मस्जिद, खर्च कर डाले ₹3287 करोड़: अब खाने को मोहताज हुआ मिस्र, पाकिस्तान की तरह कंगाल हुआ एक और इस्लामी मुल्क

एशिया और अफ्रीका से जुड़ा मुस्लिम मुल्क मिस्र (Egypt) की हालत भी खस्ता है। पाकिस्तान की तरह ही वहाँ के लोग भी महँगाई की मार झेल रहे हैं और गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। लोगों के पास अब रोटी खरीदने तक के पैसे नहीं हैं।

आर्थिक संकट के दौरान भी मिस्र की सरकार द्वारा लोगों को बेसिक चीजें उपलब्ध कराने के बजाए मस्जिदों के निर्माण (Construction of Masjid) और उसके रख-रखाव पर पैसे पानी की तरह बहाए जा रहे हैं। इसको लेकर वहाँ के लोग सरकार पर सवाल उठा रहे हैं।

पिछले महीने मिस्र के धार्मिक बंदोबस्ती मंत्रालय ने बताया था कि साल 2013 में राष्ट्रपति अब्देल फत्तह अल-सिसी के पद सँभालने के बाद से 10.2 बिलियन मिस्र पाउंड (लगभग 404 मिलियन डॉलर यानी लगभग 3,287 करोड़ रुपए) की लागत से 9,600 मस्जिदों का निर्माण या नवीनीकरण किया गया है।

अल-मॉनिटर के अनुसार, मिस्र की राजधानी काहिरा (Cairo) के 20 वर्षीय महमूद अब्दो सरकार के इस फैसले से बहुत नाराज हैं। अब्दो कहते हैं, “पहले हम लोगों को यह कहते सुना करते थे कि गरीब परिवारों के लिए जिस पैसे की ज़रूरत होती है, उसे मस्जिदों पर खर्च नहीं किया जाना चाहिए।”

अब्दो का कहना है कि आज देश के मस्जिदों में जकात के नाम पर चंदा वसूलने के लिए बक्से बने हुए हैं। हालाँकि, पिछले साल नवंबर में मिस्र के धार्मिक बंदोबस्ती मंत्रालय ने दान पेटियों को हटाने के लिए कहा था। उन्होंने कहा कि जिन्हें चंदे देने होंगे वे मस्जिदों के खाते में सीधे जमा करा सकते हैं।

बता दें कि मिस्र की लगभग 10.30 करोड़ जनसंख्या है। मिस्र भर में मस्जिदों की कुल संख्या 1,40,000 से भी अधिक हैं। इनमें से 1,00,000 बड़ी मस्जिदें शामिल हैं। हालाँकि, मिस्र के ऐसे लोगों की संख्या भी खूब है, जो मस्जिद नहीं जाते हैं। इसके बावजूद वहाँ की सरकार मस्जिदों पर पैसे बहा रही है।

मिस्र के पत्रकार और डॉक्टर खालिद मॉन्टेसर ने पिछले महीने ट्विटर पर खर्च की आलोचना की थी। उन्होंने तर्क दिया था कि प्रार्थना कहीं भी की जा सकती है, लेकिन शैक्षिक सेवाओं के लिए स्कूलों की आवश्यकता होती है और चिकित्सा उपचार के लिए अस्पतालों की आवश्यकता होती है।

बता दें कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले मिस्र के पाउंड के अवमूल्यन के अलावा मिस्र में खाद्य पदार्थों के साथ-साथ आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में अभूतपूर्व वृद्धि देखी जा रही है। अगर अरब देशों की तुलना करें तो मिस्र में लोगों की आय सबसे कम है। इसके बावजूद मिस्र के मंत्री मस्जिद निर्माण को सही ठहरा रहे हैं।

मिस्र के धार्मिक बंदोबस्ती विभाग के मंत्री मोहम्मद मुख्तार गोमा ने धार्मिक नेताओं के साथ एक बैठक में मस्जिद-निर्माण कार्यक्रम की प्रशंसा की थी। उन्होंने कहा था कि मिस्र और किसी अन्य देश के इतिहास में मस्जिद निर्माण की यह अभूतपूर्व संख्या है। बंदोबस्ती मंत्रालय से संबद्ध इस्लामी मामलों की सर्वोच्च परिषद के सदस्य शेख खालिद अल-जुंदी ने कहा था कि मस्जिद निर्माण ‘धर्म के संरक्षण’ का संकेत है।