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चीन में कोरोना के कारण 1 महीने में 60000 की मौत: ये सिर्फ अस्पतालों में मरने वालों का आधिकारिक आँकड़ा, दूर-दराज इलाकों का कोई हिसाब नहीं

चीन की सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी पर कोरोना वायरस फैलाने और इससे हुई मौतों के आँकड़े छिपाने के आरोप लगते रहे हैं। हालाँकि, अब चीन ने कोरोना वायरस से हुई मौत को लेकर आँकड़ा जारी किया है। चीन के स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अधिकारी ने कहा है कि जीरो कोविड पॉलिसी खत्म करने के बाद, बीते एक महीने में कोरोना के कारण चीन में करीब 60,000 लोगों की मौत हुई है।

चीन द्वारा जारी किए गए आँकड़ों से पता चलता है कि नए साल से पहले कोरोना के ओमिक्रॉन वैरिएंट ने वहाँ जमकर कहर मचाया है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के चिकित्सा प्रशासन ब्यूरो के प्रमुख जिओ याहुई (Jiao Yahui) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि 8 दिसंबर 2022 से लेकर 12 जनवरी, 2023 के बीच कोरोना से जुड़ी बीमारियों के कारण चीन में कुल 59938 लोगों की मौत हुई है।

जियाओ याहुई ने यह भी कहा है कि चीन में बीते एक महीने में जो लोग मरे हैं उनमें साँस लेने में समस्या के कारण 5503 लोगों और कोरोना के साथ ही अन्य बीमारियों (कैंसर, हार्ट अटैक) के चलते 54435 लोगों की मौत हुई।

उन्होंने यह भी कहा है कि मौत के ये आँकड़े सिर्फ अस्पतालों में हुई मौत के हैं। यानी कि चीन ने उन लोगों के आँकड़े जारी नहीं किए हैं, जिनकी मौत घरों या दूर-दराज इलाकों पर हुई है। ऐसे में, चीन में कोविड-19 से हुई मौत के आँकड़े और भी भयावह हो सकते हैं।

जियाओ याहुई ने यह भी कहा है कि चीन में अब कोरोना वायरस का (पीक टाइम) कहर कम हो गया है। दिसंबर में कोरोना चीन में तबाही मचा रहा था। 23 दिसंबर 2022 को रोजाना 28 लाख से अधिक लोग हॉस्पिटल में भर्ती हो रहे थे। वहीं, अब गुरुवार (12 जनवरी 2023) को यह संख्या 83 प्रतिशत घटकर 4,77,000 हो गई है।

बता दें कि चीन में ओमिक्रॉन वैरिएंट के घातक होने के बाद वहाँ की सरकार ने कोरोना वायरस से हो रही मौतों की जानकारी देना बंद कर दिया था। इसके बाद, ‘विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)’ द्वारा आँकड़े जारी करने के लिए कहा गया था। गौरतलब है कि इससे पहले चीन ने साँस संबंधी समस्याओं के कारण हुई मौतों को लेकर आँकड़े जारी किए थे। चाइनीज सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन की वेबसाइट में 8 दिसंबर के बाद चीन में कुल 37 लोगों की मौत की बात कही गई है।

चीन ने ये आँकड़े तब जारी किए थे, जब दुनिया भर के मीडिया चैनल्स में चीन के शहरों और श्मशान घाटों में लाशों के ढेर के फोटोज और वीडियोज दिखाए जा चुके हैं।

‘शक्ल से ही हवसी लगता है…ठरकी कहीं का’ : प्रतीक सिन्हा पर MeToo लगने के बाद नेटीजन्स ने पूछा- इसे कौन लड़की पसंद करती होगी

ऑल्ट न्यूज के सह-संस्थापक प्रतीक सिन्हा पर गुमनाम महिला द्वारा लगाए गए यौन शोषण के आरोप के बाद अब सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई है। लोग 8 पन्नों का पत्र साझा कर करके प्रतीक सिन्हा से सवाल कर रहे हैं। कुछ का कहना है कि उन्हें पहले से अंदाजा था कि कभी न कभी ऐसा होगा तो कुछ कह रहे कि क्या अब ऑल्ट न्यूज इस बात का भी फैक्टचेक करेगा कि उनसे संस्थापक पर लगाए इल्जाम कैसे फर्जी हैं।

एक यूजर ने प्रतीक सिन्हा पर लगे आरोपों को पढ़ने के बाद प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “शख्ल से ही हवसी लगता है।”

शैडो नाम के ट्विटर हैंडल से लिखा गया, “मुझे कोई हैरानी नहीं होने वाली अगर ये अपना ही फैक्ट करके ये बोल दें कि प्रतीक सिन्हा ऐसा नहीं कर सकता…क्योंकि वो गे है।”

योगी रावत नाम के ट्विटर यूजर ने आरफा खानुम, रोहिणी सिंह, सायमा जैसे लोगों को टैग करके कहा, “तुम्हारा फैक्टचेकर तो ठरकी निकला।”

नीतेश लिखते हैं, “कुछ लोग पत्रकारिता की आजादी और साजिश वाला रोना रोएँगे। कुछ लोग बोलेंगे चौथा स्तंभ लोकतंत्र का गिर गया।”

कई यूजर्स ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रियाएँ देते हुए प्रतीक सिन्हा के लिए टकले, गंजे जैसे शब्दों का प्रयोग किया। एक यूजर ने लिखा- “वैसे भी टकले को कौन लड़की पसंद करती है, एक दिन ये होना था।”

उल्लेखनीय है कि प्रतीक सिन्हा के खिलाफ अपने पोस्ट में गुमनाम महिला ने कई आरोप लगाए हैं। इस पोस्ट में बताया गया कि प्रतीक उस महिला को 2 वर्षों से जानते थे। वह उसे कॉल-टेक्स्ट करते थे। महिला ने अपने पोस्ट आरोप लगाया कि सिन्हा न केवल जोड़-तोड़ करने वाले और ‘यौन उन्मादी’ हैं, बल्कि वह अन्य महिलाओं के साथ उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी वही तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया, जो उसके साथ किया था।

कोई बना IAS, कोई वकील और पुलिस बनकर निकला: गुरुकुल में पढ़ने वालों के ‘भविष्य’ पर ABP एंकर ने कसा था तंज, लोगों ने आईना दिखाया

ABP न्यूज़ की एंकर शोभना यादव ने शनिवार (14 जनवरी 2023) को अपने ट्विटर हैंडल से गुरुकुल पद्धति और वैदिक मंत्रों पर नकारात्मक टिप्पणी की। उन्होंने लिखा कि वैदिक मंत्रों को पढ़ कर नौकरी नहीं मिलती। शोभना ने हिन्दू होने पर गर्व होने से पेट नहीं पलने जैसी भी बात कही। इस ट्वीट पर शोभना यादव को काफी फजीहत झेलनी पड़ रही है। गिने-चुने समर्थकों के बीच कई यूजर्स ने उन्हें संस्कृत, गुरुकुल और वेदमंत्रों के फायदे बताए हैं और कईयों ने उनकी मंशा पर भी सवाल खड़े किए हैं।

क्या है मामला

दरअसल 12 जनवरी 2023 को नॉन वेरिफाइड ट्विटर हैंडल @Abhilipsaapanda (अभिलिप्सा पांडा) से गुरुकुल का एक वीडियो शेयर किया गया। इस वीडियो में कुछ बच्चे वेदमंत्रों का पाठ कर रहे हैं। वीडियो के बीच में उनके गुरु भी दिखाई दे रहे हैं। यूजर द्वारा इस वीडियो में कैप्शन दिया गया, “यह दृश्य है हमारे गुरुकुल का जहाँ आप देख रहे हैं वैदिक मंत्रों का सस्वर वाचन, गर्व से कहो हम हिंदू हैं। जय श्री राम। जय गोविंदा।” इस ट्वीट पर कई लोगों ने गुरुकुल और वैदिक मंत्रों की तारीफ में अपने-अपने विचार रखे।

14 जनवरी, 2022 को ‘ABP न्यूज़’ की एंकर शोभना यादव ने इस वीडियो पर नकारात्मक जवाब लिखा। शोभना ने लिखा, “बहुत अच्छा है। पर सच ये भी है कि इन वैदिक मंत्रों को पढ़कर कहीं नौकरी नहीं मिलेगी। परिवार पालने के लिए या तो पंडित बनना पड़ेगा या संत बन किसी आश्रम में शरण लेनी पड़ेगी। काश सिर्फ़ हिंदू होकर गर्व करने से नौकरी मिल जाती और पेट पल जाता।”

नेटीजेंस ने दिखाया आईना

शोभना यादव के इस ट्वीट पर भले ही उनके कुछ गिने-चुने समर्थक आए हों ,पर अधिकतर लोगों ने उनका विरोध ही किया। वेरिफाइड हैंडल ‘ट्रोल इंडियन पॉलिटिक्स (@ipradhanjiii)’ ने समाज में पत्रकार और पंडित का बराबर रोल बताया। यूजर ने खुद को गुरुकुल का छात्र बताते हुए एक अच्छा बिजनेसमैन भी बताया। वहीं पत्रकार शुभम शुक्ला ने पंडित बनना कोई बुरी बात न कहते हुए वैदिक मंत्रों से किसी के आर्मी में जाने और प्रोफेसर बनने के भी रास्ते खुले बताया। वैदिक मंत्रों को पढ़ना आत्मसंतुष्टि का भी कारण बताते हुए शुभम ने शोभना को किन्तु-परन्तु से बचने की सलाह दी।

शोभना यादव के ट्विटर हैंडल पर आए कमेंट

आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आकाश मिश्रा ने शोभना को असहिष्णु बताते हुए वैदिक मंत्रों से उनकी दिक्कत पूछी। एक अन्य यूजर सुधीर विश्नोई ने कहा है कि गुरुकुल में पढ़े लड़के जब किसी बड़े पद पर जाते हैं तो उनके पास हिंदुत्व के ज्ञान का भंडार होता है। वहीं राजेंद्र सिंह ने शोभना को संकीर्ण मानसिकता वाली बताते हुए लिखा कि क्या मदरसे बंद कर देने चाहिए ? समाजवादी पार्टी के नेता अमीक जामेई ने सवाल किया कि अगर पंडित नहीं होंगे तो शादी-ब्याह और मरने-जीने के कार्यक्रम कौन करवाएगा ?

शोभना यादव के ट्विटर हैंडल पर आए कमेंट्स

इसके अलावा शोभना के हैंडल पर संजीव झा, मयंक और शुभम आदि ने भी उनके ट्वीट का विरोध किया है।

संस्कृत छात्र बने हैं IAS तक

भले ही शोभना यादव संस्कृत और वेदमंत्रों को पढ़ना बेरोजगारी से जोड़ रहीं हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयाँ कर रही है। साल 2014 में फरीदाबाद की राव कॉलोनी में रह कर संस्कृत विद्यालय गुरुकुल में पढ़ीं वंदना UPSC क्लियर कर के IAS बनी थीं। महर्षि दयानंद को अपना पथ प्रदर्शक बताते हुए वंदना चौहान ने श्रीमद्भगवत गीता को अपना प्रेरणा स्रोत बताया था। ‘फॉलो अप’ नाम के एक पोर्टल की रिपोर्ट के मुताबिक, झारखंड के लातेहार जिले में स्थित गुरुकुल की तर्ज पर चलने वाले नेतरहाट आवासीय विद्यालय में पढ़ कर अब तक 3 हजार से अधिक छात्र IAS और IPS बन चुके हैं।

अमरोहा के चोटीपुरा गाँव में गुरुकुल चला रहीं डॉ सुमेधा के मुताबिक वहाँ पढ़ी कई लड़कियाँ IIT मुंबई जैसी बड़ी जगहों पर हैं। डॉ सुमेधा ने आजीवन विवाह नहीं किया और अपना जीवन महिला सशक्तिकरण में लगा दिया।

गुरुकुल में दूर की जाती है शोभना जैसों की विकृति

ऑपइंडिया ने वैदिक धर्म का प्रचार-प्रसार कर रही ‘कर्मयोगी परिषद’ के एक सदस्य से बात ही। सदस्य ने खुद को दिल्ली पुलिस का पूर्व स्टाफ बताते हुए कहा कि धर्म की हालात को देख कर उन्होंने आजीवन धर्म रक्षा का संकल्प लिया और नौकरी छोड़ दी। सदस्य का कहना था कि वो अपने बच्चे को गुरुकुल में पढ़ाएँगे। शोभना यादव के बयान पर ‘कर्मयोगी परिषद’ के उस सदस्य ने कहा कि जिस मानसिकता की शोभना यादव हैं, उसे भारत में विकृति कहा जाता है।

उन्होंने कहा, “गुरुकुलों में इसी विकृति से लोगों को दूर रखने का काम होता है। शोभना को शायद पता नहीं की गुरुकुल में पढ़ कर बाबा रामदेव हजारों लोगों को नौकरी दे रहे हैं। गुरुकुल में पढ़ कर आचार्य देवव्रत गुजरात के राज्यपाल हैं।” पूर्व पुलिसकर्मी ने शोभना को चुनौती देते हुए कहा कि अगर गुरुकुल खाने को नहीं देता तो वो देश में गुरुकुल का पढ़ा एक सदस्य बताएँ जो भूख से मर रहा हो।

आत्मनिर्भर बनाता है गुरुकुल

हरियाणा के सोनीपत में आर्योदय नाम से गुरुकुल चलाने वाले पूर्व लॉ छात्र आचार्य संदीप ने कहा कि शायद शोभना जी को नहीं पता कि कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ा व्यक्ति बेरोजगार हो सकता है लेकिन गुरुकुल में पढ़ा नहीं। आचार्य संदीप के मुताबिक, गुरुकुल में पढ़े कई लोग विभिन्न विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। उन्होंने कहा कि गुरुकुल लोगों को आत्मनिर्भर बनाने में भी मदद करता है और वहाँ के छात्र कहीं योग टीचर हैं तो कहीं आयुर्वेद के कार्यों से अच्छी कमाई कर रहे हैं।

गौसेवा को भी गुरुकुल शिक्षा का हिस्सा बताने वाले आचार्य संदीप के मुताबिक, वहाँ से दूध, दही और घी के कारोबार में लोगों की अच्छी कमाई होती है।

पहले माँ काली को सिगरेट फूँकते दिखाया…जगह-जगह शिकायतें हुईं तो फिल्म निर्माता पहुँची सुप्रीम कोर्ट के पास: कहा- सारे FIR रद्द कर दो

हिंदू घृणा से सनी फिल्म मेकर लीना मणिमेकलई (Leena Manimekalai) ने अपनी डॉक्यूमेंट्री ‘काली’ के पोस्टर में हिंदुओं की आराध्य देवी माँ काली को सिगरेट पीते हुए दिखाया था। इसको लेकर उनके खिलाफ कई राज्यों में एफआईआर दर्ज हुई थी। इन FIR को एक साथ करने और रद्द करने के लिए उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।

दरअसल, डॉक्यूमेंट्री के पोस्टर में माँ काली का अपमान करने को लेकर लीना मणिमेकलई के खिलाफ दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में एफआईआर दर्ज हुईं हैं। ऐसे में, उन्हें सुनवाई के लिए अलग-अलग राज्यों में जाना होगा। इसलिए उन्होंने इन एफआईआर को एक साथ करने का अनुरोध किया है।

यही नहीं, हिंदुओं के खिलाफ लगातार अपमानजनक टिप्पणी करने वाली लीना ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट से एफआईआर को लेकर उनके खिलाफ होने वाली कार्रवाई पर भी एकतरफा रोक लगाने का आग्रह किया है।

लीना मणिमेकलई ने यह याचिका दिसंबर में दायर की थी। लेकिन, सुप्रीम कोर्ट में बुधवार (11 जनवरी 2023) को लिस्ट हुई। उन्होंने याचिका पर तत्काल सुनवाई करने का अनुरोध किया था। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश डीवाई चंद्रचूड़ और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए शुक्रवार (20 जनवरी 2023) को सुनवाई करने की बात कही है।

सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत अपनी याचिका में लीना मणिमेकलई ने कहा है कि एक रचनात्मक फिल्म मेकर के रूप में उनका इरादा किसी की धार्मिक भावना को ठेस पहुँचाना नहीं था। बल्कि एक समावेशी देवी की छवि को चित्रित करना था। याचिका में कहा गया है कि उनकी फिल्म देवी के व्यापक विचारों को दर्शाती है। उन्होंने यह भी कहा है कि उनके खिलाफ दर्ज की गईं कई FIR संविधान के द्वारा दी गई अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के मौलिक अधिकार का उल्लंघन कर रहीं हैं।

लीना का यह भी कहना है कि उनके द्वारा डॉक्यूमेंट्री ‘काली’ का पोस्टर ट्वीट किए जाने के बाद उन्हें कई बार जान से मारने की धमकी दी गई है। यही नहीं, उनका सिर कलम करने, बलात्कार करने और हत्या करने की खुले तौर पर माँग की गई है। इसलिए, उन्होंने उनके खिलाफ ऐसी बातें करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की माँग की है।

‘सिर्फ इस्लाम मोहब्बत और ईमान की शिक्षा देता है’: रामचरितमानस को ‘नफरती ग्रंथ’ कहने वाले बिहार के मंत्री का Video वायरल, लोगों ने कहा- लानत है

कभी एयरपोर्ट पर कारतूस के साथ पकड़ाने वाले बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर यादव रामचरितमानस को नफरती ग्रंथ बताकर विवाद खड़ा कर दिया है। इस बीच उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह कहते नजर आ रहे हैं कि सिर्फ इस्लाम ही मोहब्बत का पैगाम देता है।

RJD नेता चंद्रशेखर यादव ने कुछ दिन पहले ‘नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी’ के दीक्षांत समारोह में छात्रों को संबोधित करते हुए रामचरितमानस को समाज को बाँटने वाला ग्रंथ बताया था। उन्होंने कहा था कि रामचरितमानस दलितों-पिछड़ों को शिक्षा ग्रहण करने से रोकता है।

उन्होंने रामचरितमानस के एक दोहे “अधम जाति में विद्या पाए, भयहु यथा अहि दूध पिलाए” का जिक्र करते हुए कहा था कि यह समाज में नफरत फैलाने वाला ग्रंथ है। उन्होंने दोहे में उल्लेखित अधम का अर्थ नीच बताकर जाति से जोड़ते हुए कहा था कि नीच जाति अर्थात दलितों-पिछड़ों और महिलाओं को शिक्षा ग्रहण करने का अधिकार नहीं था।

इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया है। विवाद बढ़ने के बाद भी उन्होंने माफी माँगने से इनकार कर दिया और कहा कि वे अपने बयान पर कायम हैं। वहीं, RJD भी उनके साथ खड़ी नजर आई। पार्टी के बिहार अध्यक्ष जगदानंद सिंह उनके समर्थन में आ गए। वहीं, RJD के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने कह दिया कि रामायण में भी कुछ कूड़ा-कचरा है।

इस बीच चंद्रशेखर यादव का एक पुराना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसमें वह इस्लाम का खूब महिमामंडन करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में चंद्रशेखर यादव कह रहे हैं, “मोहब्बत और ईमान का अकेला पैगाम देने वाला इस्लाम है। हमें नफरत फैलाने वालों से लड़ना है। नफरत फैलाने वालों का क्षय हो और ईमान वाले की जय हो।”

यह वीडियो चंद्रशेखर के फेसबुक पेज पर 4 मई 2022 को अपलोड किया गया है। इसमें वे किसी ईद उल फितर आयोजित कार्यक्रम में शरीक हुए नजर आ रहे हैं। इस दौरान उनसे एक स्थानीय पत्रकार सवाल करता है तो चंद्रशेखर ऐसी बातें कहते हैं। अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

इस वीडियो को शेयर करते हुए भाजपा OBC मोर्चा के महासचिव निखिल आनंद ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर सवाल उठाया है। निखिल आनंद ने ट्वीट किया, “शिक्षामंत्री चंद्रशेखरजी का यह बयान भी सुनिए- ‘मोहब्बत और ईमान का पैगाम देने वाला ‘अकेला’ इस्लाम है’। शिक्षामंत्री ने राजद के तुष्टीकरण वाली राजनीतिक के एजेंडे के तहत मुसलमानों को खुश करने के लिए बयान दिया! ‘मिस्टर मालूम नहीं मुख्यमंत्री’, कैबिनेट मंत्री के बयान पर चुप क्यों?”

बता दें कि ये वही चंद्रशेखर यादव हैं, जो कहते हैं कि जाति-पाँति दूर करने के लिए अपने नाम के साथ उपनाम नहीं लगाते। हालाँकि, चुनाव के दौरान के उनके कई पोस्टर सामने आए हैं, जिनमें उन्होंने अपना नाम चंद्रशेखर बजाय चंद्रशेखर यादव लिखा है। चंद्रशेखर यादव, जो मधेपुरा विधानसभा क्षेत्र से हैट्रिक लगा कर विधानसभा पहुँचे हैं और पेशे से वो प्रोफेसर हैं।

यहाँ यह भी जानना जरूरी है कि नीतीश कुमार ने जिन्हें शिक्षा मंत्री बनाया है, उन्हें 20 फरवरी 2022 को दिल्ली स्थित इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (IGIA) से गिरफ्तार किया गया था। वो अपने सामान के साथ 10 कारतूस लेकर भी जा रहे थे। हालाँकि, बाद में उन्हें छोड़ दिया गया था।

‘महिलाओं को बिस्तर तक ले जाने के लिए वो किसी हद तक जा सकता है’: 10 बिंदुओं में आसानी से समझें प्रतीक सिन्हा पर लगे ‘Me Too’ के आरोप

जैसा कि आप अब तक खबरों में देख-सुन ही चुके होंगे, AltNews के संस्थापक प्रतीक सिन्हा पर ‘Me Too’ के आरोप लगे हैं। आरोप लगाने वाली महिला मोहम्मद जुबैर की समर्थक है और उसने स्पष्ट किया है कि वो दक्षिणपंथियों की विरोधी है। प्रतीक सिन्हा के खिलाफ लगाए गए आरोपों में बड़ी बातें क्या है, वो हम आपको बताने जा रहे हैं। इन 10 बिंदुओं में आप समझ सकते हैं कि महिला ने क्या-क्या आरोप लगाए हैं। पीड़िता ने कहा है:

  1. मैं कई वर्षों से प्रतीक सिन्हा को जानती थी और मैंने उन्हें सोशल मीडिया पर फॉलो किया तो उन्होंने भी मुझे फ़ॉलोबैक दिया। 24 अप्रैल, 2020 को उन्होंने फेसबुक पर मैसेज किया और बातचीत के बाद फोन नंबर माँगा। मैंने उन्हें अपना फोन नंबर दे दिया। हम लगातार घंटों बात करते।
  2. जून 2020 में उन्होंने रिलेशनशिप में आने की इच्छा जताई, लेकिन मैंने अपने करियर को देखते हुए 2 वर्षों का समय माँगा। हालाँकि, कॉल-टेक्स्ट पर हमारी बातचीत पहले की तरह चलती रही। नवंबर 2020 में उन्होंने फीलिंग्स न होने की बात कहते हुए कहा कि वो इस रिश्ते को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। हालाँकि अगले ही महीने वो पलट गए और फिर से कॉल-टेक्स्ट वगैरह शुरू हो गए। उन्होंने दावा किया कि मार्च 2019 के बाद से किसी के साथ भी उनका शारीरिक संबंध नहीं रहा है और वो इसी एक का होने में विश्वास रखते हैं।
  3. मैंने स्पष्ट कर दिया था कि मैं ऐसे किसी भी व्यक्ति के साथ रिलेशनशिप में नहीं रहूँगी, जो शारीरिक या मानसिक रूप से किसी और महिला से जुड़ा हुआ हो। जुलाई 2021 में उन्होंने मिलने की इच्छा जताई। सितंबर के पहले सप्ताह में हम मिले और हमने 3 दिन साथ समय गुजारा। फिर मैं उच्च-शिक्षा के लिए चली गई।उन्होंने बताया कि उनकी माँ को भी पता है कि हम में कुछ सीरियस चल रहा है।
  4. इसके 12 दिनों बाद ही उन्होंने मैसेज कर के कहा कि वो मेरे से झूठ बोल रहे थे और उन्होंने 2 साल बाद शादी का जो वादा किया था, वो भी झूठा था। मैंने चीजों को सार्वजनिक करने की कोशिश की तो उन्होंने अपनी एक दोस्त से मुझे मैसेज करवाया, जिसने दावा किया कि वो समस्या का समाधान करने की कोशिश कर रही है। उसने मुझे चीजों को बाहर न लाने को कहा।
  5. मुझे ये भी पता चला कि वो सिर्फ मेरे ही साथ नहीं थे। मेरे से मिलने से एक महीने पहले ही वो किसी और महिला से शारीरिक संबंध बना चुके थे। उनके दोस्तों के बताया कि वो महिला को अपनी बिस्तर तक ले जाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। ये उनका एक पैटर्न था – ड्रामा करो, सीरियस रिलेशनशिप की बात करो और फिर महिला को बेड तक ले जाओ।
  6. वो महिलाओं के स्तन को घूरते हैं, मेरे से मिलने के वक्त भी मैंने इसे अनुभव किया था। वो जिस लड़की को देखते हैं, उसे घूरना शुरू कर देते हैं। महिलाओं पर रात को वीडियो कॉल करने का दबाव बनाते हैं। ‘महिला अधिकार’ और ‘झूठी सूचनाओं का पर्दाफाश करने वाले’ के पीछे एक झूठा आदमी छिपा हुआ है।
  7. वो ऐसी लड़कियों को चुनते हैं, जिनका सोशल मीडिया में कोई प्रभाव न हो – ताकि वो किसी बात को सार्वजनिक न कर सकें। पीड़िताओं को किसी का समर्थन न मिले। उन्होंने अपनी दोस्त से भी महिलाओं के साथ अपने अंतरंग क्षणों की तस्वीरें/वीडियोज साझा किए थे।
  8. किसी भी सभ्य देश में इस करतूत को बलात्कार की श्रेणी में गिना जाएगा। एक और महिला को मैं जानती हूँ, जिसके साथ उन्होंने ऐसा ही खेल खेला। वो खुद को ‘Me Too’ का बड़ा समर्थक दिखाते हैं, लेकिन करतूतें कुछ और हैं। मैं महिला अधिकार संगठनों और आयोग से अपील करती हूँ कि ऐसे दरिंदों को सज़ा मिले।
  9. अगर लिबरल लोग मेरा समर्थन नहीं करते हैं तो इसका सीधा अर्थ है कि वो मेरे जैसी युवा लड़कियों को कह रहे हैं कि आपने ‘अपने लोग’ अगर आपके साथ इस तरह की हरकतें करें तो आप चुप रहो।
  10. मैं AltNews जिस चीज के लिए लड़ रहा है, उसका समर्थन करती हूँ। लेकिन, अगर मुझे पहले से पता होता कि ये व्यक्ति इस तरह का झूठा और ऐसी हरकतें करने वाला है, तो मैं कभी इससे मिलती तक नहीं।

हमने प्रतीक सिन्हा को ईमेल कर के इन आरोपों पर उनकी प्रतिक्रिया माँगी है और उनका जवाब आते ही हम इन आरोपों को उनका पक्ष भी जनता के सामने रखेंगे। फ़िलहाल इस घटना पर न तो वो और न ही AltNews के अन्य संस्थापक व उनके साथी मोहम्मद जुबैर का कोई बयान आया है, जो खुद एक छोटी बच्ची की तस्वीर सोशल मीडिया पर शेयर कर देने के आरोपों का सामना कर चुका है। लिबरल गिरोह में भी ख़ामोशी छाई है।

भूत-प्रेत का डर दिखाया, मदरसे में ले जाकर रेप किया: मऊ में दलित लड़की की शिकायत पर हाफिज मोहम्मद इस्लाम और पड़ोसी सलमान गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में दलित समुदाय की एक हिंदू लड़की के अपरहण और रेप का मामला सामने आया आया है। पुलिस ने इस मामले में एक मदरसे के हाफिज और उसके साले को गिरफ्तार किया है। बताया जा रहा है कि अपने मंसूबों को कामयाब करने के लिए हाफिज ने पीड़िता को भूत-प्रेत का डर दिखाया था। लड़की का अपहरण कर के उसे नेपाल बॉर्डर के एक मदरसे में ले जाया गया था। घटना 1 जनवरी 2023 की है जिसकी शिकायत पुलिस में 11 जनवरी 2023 (बुधवार) को हुई थी।

मामला कोतवाली नगर क्षेत्र के सहादतपुरा का है। पीड़िता के परिजनों ने 11 जनवरी को थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इस शिकायत में उन्होंने अपने पड़ोस में रहने वाले सलमान और एक अन्य अज्ञात को नामजद करते हुए पीड़िता के अपहरण का आरोप लगाया था। शिकायत में बताया गया था कि पीड़ित परिवार के ही आस-पास सलमान नाम का व्यक्ति किराए पर रहता था। वह पीड़ित परिवार के घर पर अक्सर चक्कर लगाया करता था। जब उसे समझाने की कोशिश की गई थी तब उसने घर से लड़की को उठा ले जाने की धमकी भी दी थी।

शिकायत में आगे बताया गया है कि 1 जनवरी को लगभग 21 वर्षीय पीड़िता घर से दवा लेने निकली पर वो वापस नहीं लौटी। पीड़िता अपनी माँ का मोबाईल नंबर भी साथ ले गई थी जो बंद आने लगा। पीड़ित परिवार ने काफी खोजबीन की पर उन्हें लड़की कहीं नहीं मिली। बाद में उन्होंने सलमान की भी खोजबीन की पर सलमान भी अपने घर से गायब था। सलमान का फोन भी बंद आ रहा था और उसके अब्बा ने कोई जानकारी होने से मना कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि उन्हें सलमान के लड़कियों के खरीद फरोख्त की भी जानकारी मिली थी।

पुलिस ने फौरन ही अपहरण की धारा IPC 366, धमकी देने की धारा 506 के साथ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज किया और लड़की की तलाश में जुट गई। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने अपनी जाँच के दौरान पाया कि सलमान लड़की को अपने साथ उत्तर प्रदेश के ही नेपाल सीमा से लगे महराजगंज जिले के पड़ने वाले सिसवा नाम के कस्बे के एक मदरसे में ले गया था। इस मदरसे का हाफिज मोहम्मद इस्लाम है जो सलमान का जीजा है।

लड़की ने कोर्ट में दर्ज अपने बयान में बताया कि सलमान के जीजा मोहम्मद इस्लाम ने उसे को भूतप्रेत का डर दिखाया और सलमान के साथ मिल कर रेप किया। पुलिस ने जीजा-साले को गिरफ्तार कर लिया है। पीड़िता की मेडिकल जाँच करवाई गई है। दोनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है।

नेपाल में फिर प्लेन क्रैश, उतरने के दौरान पहाड़ी से टकराकर आग का गोला बना येति एयरलाइन्स का विमान: 30 शव बरामद, 68 यात्री सहित 72 लोग थे सवार

नेपाल के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल पोखरा (Pokhara, Nepal) में एक विमान क्रैश (Plane Crash in Nepal) हो गया है। इसका मलवा इधर-उधर फैला है। इस विमान में 68 यात्री और क्रू दल के सदस्यों के साथ कुल 72 लोग सवार थे। हादसे की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए हैं।

इस हादसे में अब तक 30 शव बरामद किए गए हैं। बरामद किए गए शवों की पहचान की जा रही है। वहीं, अन्य लोगों की भी तलाश की जारी है। नेपाल की सेना ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। आशंका जताई जा रही है कि इस हादसे में शायद ही कोई बचा होगा।

ये प्लेन क्रैश पोखरा एयरपोर्ट के पास हुआ यह विमान क्रैश किन कारणों से हुआ है, इसकी जानकारी फिलहाल सामने नहीं आई है। हालाँकि, माना जा रहा है कि इसके पीछे तकनीकी कारण हो सकते हैं। हादसे के बाद पोखरा एयरपोर्ट को बंद कर दिया गया है।

हालाँकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट में यह भी कहा जा रहा है कि खराब मौसम की वजह से विमान एक पहाड़ी से टकरा गया और विमान धमाके के साथ आग के गोले में बदल गया। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि खराब मौसम के बीच हवाई अड्डे पर उतरने का प्रयास करते समय यह विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है। बता दें कि पोखरा हवाई अड्डे का इलाका पहाड़ियों से घिरा हुआ है.

यह विमान नेपाल की राजधानी कठमांडू से पोखरा जा रहा था। येती एयरलाइंस का ATR 72 सीटर विमान कास्की जिले के पोखरा में पुराने हवाई अड्डे और पोखरा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के बीच दुर्घटनाग्रस्त हुआ बताया जा रहा है।

येति एयरलाइंस के प्रवक्ता सुदर्शन बरतौला ने कहा कि यति एयरलाइंस के विमान में कुल 68 यात्री और चालक दल के चार सदस्य सवार थे। इस विमान को कैप्टन कमल केसी उड़ा रहे थे। स्थानीय अधिकारी गुरुदत्त ढकाल ने AFP को बताया, “रेस्क्यू टीम और बचावकर्मी मौके पर मौजूद हैं। ​​पहले आग बुझाने और यात्रियों को बचाने पर ध्यान दिया जा रहा है।”

बता दें कि नेपाल में विमान या हेलीकॉप्टर क्रैश आम बात जैसी है। पिछले 30 सालों में नेपाल में 30 ऐसे क्रैश हुए हैं। इनमें कई लोगों की जान गई है। मई 2022 में नेपाल के पोखरा में ही तारा एयरलाइंस का विमान क्रैश हुआ था, जिसमें 22 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें चार भारतीय भी थे। यह पोखरा से जोमसोम पर्वतीय शहर के लिए उड़ान भरा था।

साल 2016 में भी तारा का एक विमान लापता होने के बाद क्रैश हो गया था। उत्तरी नेपाल के पहाड़ी इलाके में लापता हुए इस विमान में 23 यात्री थे। इस दुर्घटना में सभी यात्री मारे गए थे। उस वक्त उड़ान का कुल समय 19 मिनट था, लेकिन उड़ान भरने के आठ मिनट बाद विमान से संपर्क टूट गया था।

बता दें कि नेपाल के पास अधिकतर विमान पुराने हैं। इसके साथ ही नेपाल में पर्वत श्रृंखलाएँ और गहरी घाटियाँ हैं। अगर यहाँ मौसम खराब होता है तो विजिबलिटी बिल्कुल खत्म होने से जैसी स्थिति हो जाती है। इसके साथ ही, पर्वतीय स्थलों पर हवाईअड्डों का रनवे भी बेहद ट्रिकी होता है। इस कारण कुशल पायलट के नहीं होने पर दुर्घटना की आशंकाएँ बढ़ जाती हैं।

पोखरा से सटा है अन्नपूर्णा और धौलागिरी पर्वतमाला। यहाँ दुनिया की सबसे गहरी घाटियाँ हैं। यहाँ मौसम खराब होने पर तेज हवाएँ और बादल मौजूद रहते हैं। कई बार यहाँ दूसरी जगह जाने के लिए इन पर्वतमालाओं के ऊपर से होकर गुजरना पड़ता है।

दिल्ली के नाले से मिली 3 हिस्सों में कटी लाश: आतंकी नौशाद और जग्गा ने गिरफ्तारी के बाद बताया- घर में की थी हत्या, फॉरेंसिक टीम को खून के धब्बे भी मिले

दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने शनिवार (14 जनवरी 2023) को उत्तरी दिल्ली के भलस्वा नाले से 3 टुकड़ों में कटा एक शव बरामद किया है। इस अज्ञात शव की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। यह लाश आतंकी गतिविधियों में शामिल बताए जा रहे जगजीत सिंह उर्फ़ जग्गा और नौशाद नाम के 2 संदिग्धों की गिरफ्तारी के बाद बरामद हुई है। दोनों संदिग्धों के घर और आस-पास की तलाशी के दौरान यह शव बरामद हुआ।

जानकारी के मुताबिक जगजीत सिंह उर्फ़ जग्गा और नौशाद ने दिल्ली पुलिस से पूछताछ में अपने आतंकी नेटवर्क का कबूलनामा किया है। दोनों को गैरकानूनी गतिविधि रोकनाथ अधिनियम (UAPA) के तहत गिरफ्तार किया गया है। दोनों भलस्वा डेयरी के पास श्रद्धा नन्द कॉलोनी में एक किराए के मकान में रहते थे। इस मकान की तलाशी के दौरान पुलिस ने हथगोले, 3 पिस्टल और 22 जिन्दा कारतूस बरामद किए हैं। दोनों की गिरफ्तारी 12 जनवरी 2023 को हुई थी।

बताया यह भी जा रहा है कि जगजीत और नौशाद ने मिल कर एक व्यक्ति को उसी घर में मार डाला था। दोनों ने इस कत्ल का वीडियो भी बनाया था जिसे उन्होंने सबूत के तौर पर अपने आका से शेयर भी किया था। घर की तलाशी के दौरान पुलिस की फॉरेंसिक टीम को घर से खून धब्बे भी मिले हैं। ये धब्बे इंसानी खून के बताए जा रहे हैं। पड़ोसियों से हुई पूछताछ के आधार पर पुलिस ने यह भी पता लगाया है कि जगजीत और नौशाद ने एक नया फ्रिज खरीद कर हफ्ते भर में उसे लौटा दिया था।

पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि जगजीत और नौशाद ने हत्या के बाद लाश को काट कर फ्रिज में रखा था और बाद में उसे नाले में फेंक दिया। हालाँकि अभी तक यह पुष्टि नहीं हो पाई है कि नाले में मिला शव उसी व्यक्ति का है या किसी और का। 56 साल का नौशाद पाकिस्तानी आतंकी समूह हरकत-उल-अंसार से जुड़ा बताया जा रहा है। वह हत्या के 2 मामलों में उम्रकैद और विस्फोटक अधिनियम के एक केस में 10 साल की सजा भी काट चुका है।

जबकि दूसरे आरोपित जगजीत सिंह के देविंदर बंबीहा गिरोह समूह से जुड़े होने का शक है। 29 साल के जगजीत के खालिस्तानी आतंकी अर्शदीप से भी संबंधों का शक है। बताया जा रहा है कि जगजीत को विदेशों से देश विरोधी कामों के लिए निर्देश मिला करते थे। जग्गा उत्तराखंड में दर्ज हत्या के एक मामले में पैरोल मिलने के बाद फरार हो गया था। शुक्रवार (13 जनवरी) को एक अदालत ने दोनों आरोपितों को 14 दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। हिरासत में भेज दिया।

‘प्रतीक सिन्हा सेक्स के लिए पागल, महिलाओं के स्तनों को घूरना उसकी आदत’: गुमनाम महिला ने AltNews के को-फाउंडर पर MeToo का लगाया आरोप

प्रोपगेंडा वेबसाइट AltNews के को-फाउंडर प्रतीक सिन्हा पर एक महिला ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। गुमनाम इंस्टाग्राम हैंडल ‘फाइटफॉरजस्टवर्ल्ड’ से 14 जनवरी 2023 को अपनी आपबीती साझा करते हुए महिला ने कहा कि सिन्हा न केवल जोड़-तोड़ करने वाला और ‘यौन उन्मादी’ हैं, बल्कि वह अन्य महिलाओं के साथ उनके साथ शारीरिक संबंध बनाने के लिए भी वही तौर-तरीकों का इस्तेमाल किया, जो उसके साथ किया था।

महिला ने कहा कि उसे ‘आरएसएस की कठपुतली, एक भाजपा नेता’ आदि का तमगा देकर उसके आरोपों को खारिज किया जा सकता है, क्योंकि वह ऑल्ट न्यूज को निशाना बना रही है। महिला ने यह भी कहा कि वह दक्षिणपंथियों से लड़ती आ रही है और इसके लिए उसके अपने तौर-तरीके हैं।

पीड़िता का कहा कि वह प्रतीक सिन्हा को कुछ सालों से जानती है और उनके काम से प्रभावित थी। जब सिन्हा ने उसे फेसबुक मैसेनजर में मैसेज किया तो वह उनसे बात करने लगी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि पहले ही दिन प्रतीक सिन्हा ने उसका मोबाइल नंबर माँग लिया और विश्वास के कारण उसने दे भी दिया। उसके बाद पहले मैसेज, फिर कॉल और अंत में वीडियो कॉल पर बात होने लगी।

महिला ने आरोप लगाया कि प्रतीक सिन्हा ने दो महीने से भी कम समय में ‘दोस्ती से आगे वाली फीलिंग’ को जाहिर किया। इस पर महिला ने अपनी शिक्षा को वजह बताते हुए कहा कि रिलेशनशिप दो साल बाद ही संभव है। महिला का आरोप है कि इसके बाद सिन्हा ने कहा कि ठीक है और वह अन्य किसी की खोज जारी नहीं रखेंगे।

महिला ने आगे बताया कि बीच-बीच में प्रतीक सिन्हा ने कहा कि वह इस रिश्ते को जारी रखना नहीं चाहते और फिर वे अपनी बात से पलट जाते और रिश्ते को जारी रखने पर जोर देते। मई 2021 में उन्होंने रिश्ते को जारी रखने और इसमें समय लगाने की इच्छा जताई थी। महिला ने कहा कि सिन्हा उसके साथ ‘मोनोगैमस’ और ‘एक्सक्लूसिव’ रिश्ता रखना चाहते थे।

महिला ने कहा कि जब वह पूछती कि क्या उनका किसी और साथ भावनात्मक या शारीरिक रिश्ता है तो सिन्हा ने कहा कि मार्च 2019 के बाद से किसी के साथ उनका शारीरिक रिश्ता नहीं रहा है। जुलाई 2021 में सिन्हा ने सितंबर में कोलकाता जाने से पहले पीड़िता को मिलने के लिए बुलाया और इस दौरान दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने।

महिला ने आरोप लगाया कि पढ़ाई खत्म होने के बाद उसने सिन्हा से शादी करने की बात कही, लेकिन सिन्हा ने बाद कहा कि इस रिश्ते को लेकर वह जो भी कह रहे थे, वह एक नाटक भर था। महिला ने कहा कि इस दौरान प्रतीक सिन्हा के अन्य महिलाओं के साथ भी रिश्ते बन रहे थे। जब शादी से इनकार की बात उसने सुनी तो वह बहुत परेशान हो गई और सिन्हा को चेतावनी दी कि वह इस रिश्ते को सार्वजनिक करेगी।

महिला का आरोप है कि इस बीच दोनों के मध्य रिश्ते को सुलझाने के लिए सिन्हा की एक ‘दोस्त’ आई और उसने बताया कि सिन्हा के कई महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध थे। महिला ने कहा कि उस दोस्त से उसे पता चला कि एक गंभीर रिश्ते के बारे में नाटक करना और बिस्तर पर एक महिला को पाने के लिए झूठ बोलना प्रतीक सिन्हा की कार्यप्रणाली है।

महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उस दोस्त ने बताया कि प्रतीक सिन्हा सेक्स मैनियाक है, जो ‘सेक्स के लिए बेताब रहता है और महिलाओं को अपने बिस्तर पर लाने के लिए किसी भी हद तक झूठ बोल सकता है’। वह महिलाओं को रात में वीडियो कॉल करने का दबाव डालता है। महिला ने प्रतीक सिन्हा को ‘महिलाओं के स्तनों को घूरने वाला’ बताया, जो सिर्फ महिला अधिकारों का दिखावा करता है।

इस दौरान महिला ने यह भी कहा कि उसकी शिकायत AltNews या उसके किसी और एंप्लॉई से नहीं है। उसने इस दौरान दक्षिणपंथियों पर भी निशाना साधा और कहा कि वे सब फेक न्यूज फैलाते हैं। महिला के आरोपों को पूरा पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

गुमनाम महिला ने प्रतीक सिन्हा पर जो आरोप लगाए हैं, उसके बाद ऑपइंडिया ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर से संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। उनका पक्ष आने पर अपडेट किया जाएगा।