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‘दाऊद का आदमी हूँ, ₹100 करोड़ दो’ : कर्नाटक की जेल में बंद गैंगस्टर ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को दी थी हत्या की धमकी, पुलिस ने सुरक्षा बढ़ाई

कर्नाटक की बेलगावी जेल से केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के कार्यालय में फोन कर के धमकी देने की खबर है। बताया जा रहा है कि शनिवार (14 जनवरी 2023) को यह धमकी जेल में अवैध तौर पर फोन प्रयोग करने वाले गैंगस्टर जयेश कांधा ने दी है। इस मामले में महाराष्ट्र के नागपुर में FIR दर्ज हुई है जहाँ की पुलिस आरोपित का रिमांड ले कर अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रही है। वहीं जेल प्रशासन ने गैंगस्टर जयेश के पास से एक डायरी भी बरामद की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नागपुर के पुलिस कमिश्नर ने कहा है कि धमकी देने वाले व्यक्ति ने जेल में फोन गैरकानूनी तौर पर प्रयोग किया है। मामले की बारीकी से जाँच के लिए नागपुर से पुलिस टीम कर्नाटक के बेलगावी के लिए निकल गई है। पुलिस कोर्ट में आरोपित जयेश को प्रोडक्शन रिमांड पर अपने साथ ले जाने की अर्जी भी देगी जिस से धमकी देने वाले से पूछताछ सही से हो सके। वहीं धमकी मिलने के बाद नितिन गडकरी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के ऑफिस के नंबरों पर अलग-अलग समय में 3 फोन मिलाए गए। यह कॉल BSNL के नंबर से किए गए थे। फोन सुबह 11:25, 11:32 और रात 11:32 पर हुए थे। इन फोन कॉल में आरोपित ने नितिन गडकरी के लिए धमकी भरे शब्दों का प्रयोग किया। आरोपित द्वारा खुद को दाऊद इब्राहिम गैंग का मेंबर बताते हुए 100 करोड़ रुपए की रंगदारी की खबर है। दी गई धमकियों को रिकॉर्ड कर लिया गया है। नागपुर पुलिस के डिप्टी कमिश्नर राहुल मदाने के मुताबिक क्राइम ब्रान्च की टीम आरोपित की कॉल डिटेल भी निकलवा कर जाँच कर रही है।

वहीं मामले के सामने आने पर बेलगावी जेल प्रशासन ने आरोपित जयेश कांधा की तलाशी ली। तलाशी के दौरान आरोपित के पास से एक डायरी बरामद होने की सूचना है। डायरी को जब्त कर लिया गया है जिसमें क्या लिखा था इसकी जानकारी अभी तक सार्वजानिक नहीं हो पाई है।

DMK के जिस प्रवक्ता ने तमिलनाडु गवर्नर को दी हत्या की धमकी, उसे पार्टी ने सस्पेंड किया: पानीपुरी विक्रेता से तुलना करने वाले संगठन सचिव पर कार्रवाई नहीं

तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि (RN Ravi) को जान से मारने की धमकी देने वाले सत्ताधारी DMK के प्रवक्ता शिवाजी कृष्णमूर्ति को पार्टी से निलंबित कर दिया है। राज्यपाल पर आपत्तिजनक बयानबाजी करने के के बाद पार्टी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से सभी जिम्मेदारियों से अस्थायी रूप से हटा दिया।

कृष्णमूर्ति ने विवादित बयान देते हुए कहा था, “अगर राज्यपाल अपने विधानसभा भाषण में अंबेडकर का नाम लेने से इनकार करते हैं तो क्या मुझे उन पर हमला करने का अधिकार नहीं है? यदि आप (राज्यपाल) तमिलनाडु सरकार द्वारा दिए गए भाषण को नहीं पढ़ते हैं तो कश्मीर जाएँ और हम खुद आतंकवादी भेजेंगे, ताकि वो आपको बंदूक से मार गिराए।”

कृष्णमूर्ति के इस बयान पर राज्यपाल के उप-सचिव प्रसन्ना रामासामी ने चेन्नई के पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में कहा गया कि DMK नेता ने तमिलनाडु के राज्यपाल के खिलाफ सबसे घृणित और अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया।

हालाँकि, डीएमके के संगठन सचिव आरएस भारती पर पार्टी ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। भारती ने राज्यपाल की तुलना पानीपुरी बेचने वालों से की थी। भारती ने कहा था, “मैंने पहले ही कहा था कि जो लोग सोनपापड़ी और पानीपुरी बेचते हैं, वे तमिलनाडु के गौरव को नहीं जानते हैं। कई लोग यहाँ बिहार से आए हैं और मुझे लगता है कि राज्यपाल भी इसी तरह ट्रेन से आए हैं।”

उन्होंने यह भी कहा था कि एक राज्यपाल का काम उस व्यक्ति की तरह है, जो दावत के बाद पत्तल उठाता है। आरएस भारती ने कहा, “गाँव में एक पुरानी कहावत है, अगर आपको पत्ते उठाने के लिए कहा जाए तो पत्ते (केले के पत्तों को दावत के लिए प्लेटों के रूप में इस्तेमाल किया जाता है) की गिनती न करें, राज्यपाल का काम पत्ते उठाने वाले व्यक्ति की तरह है।”

डीएमके नेता ने राज्यपाल के भाषण को लेकर कहा था, “वह भाषण पत्ते (केले के पत्ते पर खाना परोसा जाता है) पर रखे खाने की तरह था, आप (राज्यपाल) रसोइया हैं। आपको खाना पकाकर वहीं छोड़ देना चाहिए था। यदि कुछ रखने का इरादा है तो क्या खाने वाला चुप होगा रहेगा? मैं शेखी नहीं बघार रहा, लेकिन यदि जयललिता का शासन होता तो उन पर (राज्यपाल) हमला होता और पार्टी के लोग भी चुप नहीं बैठते।”

बता दें कि सोमवार (9 जनवरी, 2023) को तमिलनाडु विधानसभा में राज्यपाल भाषण दे रहे थे। इस भाषण के दौरान उन्होंने सरकार द्वारा लिखकर दिए गए भाषण के कुछ हिस्से को नहीं पढ़ा था। यही नहीं, उन्होंने अपनी ओर से भी कुछ टिप्पणी की थी। इस टिप्पणी के बाद राज्यपाल और डीएमके बीच विवादित बयानबाजी जारी है।

वहीं, मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने लिखित भाषण के अलावा की गई टिप्पणियों के खिलाफ मंगलवार (10 जनवरी, 2023) को प्रस्ताव पेश कर दिया था। इस प्रस्ताव में कहा गया था, “संविधान के अनुसार, परंपरा है कि राज्यपाल (राज्य) सरकार द्वारा तैयार भाषण पढ़ते हैं। इस अभिभाषण में राज्यपाल के निजी विचारों और आपत्तियों के लिए कोई स्थान नहीं है। यह उनका व्यक्तिगत वक्तव्य नहीं है, बल्कि सरकार का भाषण है।”

गर्भ पर मारी लात, सिगरेट से जलाया, गोमांस ठूँसा: चाँद मोहम्मद ने हिंदू लड़की को सुशील बन फँसाया, हकीकत खुलने पर धर्मांतरण का दबाव

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि यहाँ पर चाँद मोहम्मद नाम के व्यक्ति ने हिंदू महिला से सुशील मौर्य नाम बता कर शादी की। बाद में 2 बच्चे होने के बड़ा उसने तीसरी बार गर्भवती हुई बीवी के पेट पर लात मारी और सिगरेट से जलाया। महिला ने आरोपित पर गोमांस खिलाने और अप्राकृतिक सेक्स का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले में FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना थानाक्षेत्र चिनहट के देवा रोड की है। यहाँ एक महिला ने थाने में शिकायत करते हुए अपनी आपबीती बताई है। पीड़िता का कहना है कि चाँद मोहम्मद नाम के व्यक्ति ने उसको सनी उर्फ़ सुशील मौर्य नाम रख कर काफी समय पहले अपने प्रेम जाल में फँसाया था। बाद में चाँद महिला को ले कर लखनऊ आ गया। यहाँ पर दोनों शादी कर के एक साथ रहने लगे। इस दौरान महिला ने 2 बच्चों को जन्म दिया जिसमें से एक की उम्र 5 और दूसरे की 3 साल है।

महिला ने आगे बताया है कि जब उन्हें सुशील बने चाँद मोहमद के मुस्लिम होने का पता चला तब उसने कई बार घर से भागने की कोशिश की। लेकिन हर प्रयास में चाँद ने उसे पकड़ लिया। बाद में उसकी कमरे में बंद कर के पिटाई की जाती थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि जब वो 5 माह की गर्भवती थी तब चाँद मोहम्मद मोहम्मद ने उसके पेट पर लात मार कर गर्भ गिरा दिया था। टॉर्चर के दौरान महिला के साथ अप्राकृतिक सेक्स भी किया जाता रहा।

चाँद मोहम्मद पर धर्मान्तरण के प्रयास का आरोप लगाते हुए महिला ने कहा कि उसे इस्लाम कबूलने का दबाव दिया जाता था। जब वो मना करती थी तब उसे गोमाँस खाने पर मजबूर किया जाता था। इस दौरान पीड़िता की आए दिन किसी न किसी बात पर पिटाई की जाती रही। आरोपित ने पीड़िता को किसी से बताने पर जान से मार डालने की भी धमकी दी थी। एक बार पीड़िता ने जैसे तैसे महिलाओं की सुरक्षा के लिए बने वन स्टॉप सेंटर से मदद माँगी तो उसे बचाया गया। तब से वह प्रशासन की सुरक्षा में वन स्टॉप सेंटर पर ही रह रही है। पुलिस का कहना है कि केस दर्ज कर के मामले की जाँच की जा रही है और आरोपित पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

‘मेरे पिता की मौत का कारण लापरवाही है’: कॉन्ग्रेसी सांसद संतोख सिंह के निधन के बाद बेटे ने लगाया आरोप, ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में चलते-चलते बिगड़ी थी तबीयत

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान सांसद संतोख सिंह चौधरी की मौत हो गई थी। मृतक के बेटे ने उनकी मौत का कारण लापरवाही बताया है। उन्होंने कहा कि अगर सही ढंग से ट्रीटमेंट किा गया होता तो उनके पिता जिंदा होते।

बता दें कि शनिवार (14 जनवरी 2023) को पंजाब में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गाँधी के साथ जालंधर से कॉन्ग्रेस सांसद संतोख सिंह भी चल रहे थे। इसी दौरान उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया और वे गिर गए। इसके बाद उन्हें फगवाडा के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

संतोख सिंह के बेटे और फिलौरी से कॉन्ग्रेस विधायक विक्रमजीत चौधरी ने कहा कि एंबुलेंस में ले जाते वक्त उनके पिता पंप करने पर साँस ले रहे थे। उन्होंने कहा, “वहाँ मौजूद डॉक्टरों ने हमें कहा कि किनारे हो जाओ, वी नो हाऊ टू डू इट।” विक्रमजीत चौधरी ने कहा कि उन डॉक्टरों के पास इमरजेंसी शॉक का भी कोई सामान नहीं था और वे बड़ी हड़बड़ाहट में थे।

विक्रमजीत चौधरी अपने पिता के स्वास्थ्य को लेकर कहा कि जिंदगी में उन्होंने सिर्फ आँख का ऑपरेशन कराया था। उन्होंने कहा कि उनके पिता को किसी तरह की बीमारी नहीं थी और वे पूरी तरह स्वस्थ थे। वे हर तीन महीने में अपना चेकअप कराते थे।

उधर, कॉन्ग्रेस ने अपने सांसद की मौत के लिए पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। सांसद की मौत पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया ने भी भगवंत मान सरकार को दोषी बताया।

पूर्व कैबिनेट मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता कालिया ने कहा, “संतोख सिंह चौधरी को समय पर चिकित्सा सहायता मिल जाती तो उन्हें बचाया जा सकता था। राहुल गाँधी के पीछे चलने वाली एम्बुलेंस में कोई उचित व्यवस्था नहीं थी और यह जिम्मेदारी पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की थी।”

इन आरोपों पर पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि एंबुलेंस में चार स्पेशलिस्ट डॉक्टर थे। इनमें मेडिकल स्पेशलिस्ट डॉ. सर्बजीत सिंह, ऑर्थो स्पेशलिस्ट डॉ. मोहित बंसल, एनेस्थिसियोलॉजिस्ट डॉ. संदीप और ब्लड ट्रांसफ्यूजन अफसर डॉ. नवनीत अरोड़ा शामिल थे। 

उन्होंने आगे बताया कि डॉक्टर संतोख सिंह को तुरंत एंबुलेंस में लेकर गए। उस वक्त उनकी साँस और पल्स नहीं थी। उन्हें तुरंत CPR दी गई। ऑक्सीजन भी दी गई। उन्हें एड्रेनालाइन और एट्रोपिन इंजेक्शन दिए गए। इसके साथ ही हर 5 मिनट पर शॉक दिए गए। इतना सब कुछ करने के बाद भी कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला।

वहीं, एंबुलेंस में पर्याप्त सुविधा नहीं होने के आरोपों पर जालंधर के सिविल सर्जन ने बताया कि राहुल गाँधी के साथ चल रही एंबुलेंस स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) से मान्यता प्राप्त है। यही एंबुलेंस प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भी चली थी। यह बेस्ट एंबुलेस है।

पद्मनाभ स्वामी के दर्शन को पहुँचे सूर्यकुमार-श्रेयस सहित टीम इंडिया के कई खिलाड़ी, बीच पर एन्जॉय करते दिखे कोहली-अनुष्का: केरल में नगाड़ा-कथकली से टीम इंडिया का स्वागत

भारतीय क्रिकेट टीम केरल के त्रिवेंद्रम पहुँची हुई है। वहाँ टीम इंडिया के कई खिलाड़ी श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर पहुँचे। इस दौरान मंदिर में पूजा के लिए पहुँचे क्रिकेटर पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए। तिरुवनंतपुरम में ही भारतीय क्रिकेट टीम श्रीलंका के खिलाफ टूर्नामेंट का तीसरा और आखिरी वनडे मैच खेलने उतरेगी।

सीरीज के आखिरी मैच से पहले टीम इंडिया के खिलाड़ी तिरुवनंतपुरम के विश्व प्रसिद्ध पद्मनाभस्वामी मंदिर में पूजा अर्चना के लिए पहुँचे। इस दौरान उनकी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वायरल तस्वीर में सूर्यकुमार यादव, श्रेयस अय्यर, अक्षर पटेल, कुलदीप यादव, युजवेंद्र चहल, वॉशिंगटन सुंदर और टीम इंडिया के थ्रोडाउन स्पेशलिस्ट राघवेंद्र (रघु) नजर आ रहे हैं। फोटो में मंदिर के पुजारियों समेत भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ी पारंपरिक परिधान में नजर आ रहे हैं।

इस दौरान टीम के कप्तान रोहित शर्मा, पूर्व कप्तान विराट कोहली और हार्दिक पांड्या जैसे खिलाड़ी नजर नहीं आए। विराट कोहली अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा के साथ तिरुवनंतपुरम के बीच पर नजर आए। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल से तस्वीर साझा की।

इससे पहले भारतीय टीम जब केरल की राजधानी पहुँची तो उनका जोरदार स्वागत किया गया। नगाड़ों और दूसरे वाद्य यंत्रों की ध्वनि के बीच पारंपरिक कथकली नृत्य और पारंपरिक मलयाली अंदाज में खिलाड़ियों का स्वागत किया गया। आपको बता दें कि भारतीय क्रिकेट टीम सीरीज में क्लीन स्वीप करने के इरादे से उतरेगी। तीन मैचों की श्रृंखला में दो मैचों में जीत हासिल कर चुकी भारतीय टीम के हौसले बुलंद हैं।

‘जय श्री राम न कहने पर चलती ट्रेन में कपड़े उतार कर बेल्ट से पीटा, दाढ़ी पकड़ के हिलाई’: कॉन्ग्रेस-ओवैसी और मीडिया ने चलाया आसिम का दावा, सच्चाई निकली कुछ और

पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कई मामले आए हैं, जहाँ मुस्लिमों ने झूठ बोला कि उन्हें ‘जय श्री राम’ न कहने पर प्रताड़ित किया गया। इस काम में मीडिया के साथ-साथ मोदी विरोधी नेताओं ने भी उनका भरपूर साथ दिया। अब ऐसा ही एक मामला उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से सामने आया है। मीडिया चला रही है कि एक मुस्लिम व्यक्ति के कपड़े उतार कर उसकी पिटाई की गई, क्योंकि उसने ‘जय श्री राम’ कहने से इनकार कर दिया।

बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद GRP ने 2 लोगों को हिरासत में भी लिया है। ‘आज तक’ की खबर में कहा गया कि आसिम को चलती ट्रेन में बेल्ट उतार कर पीटा गया और हापुड़ में ट्रेन पर चढ़े लोगों ने ‘चोरी’ का आरोप लगा कर ये हरकत की।बता दें कि ये घटना गुरुवार (12 जनवरी, 2023) की है, जो दिल्ली से प्रतापगढ़ जाने वाली ‘पद्मावत एक्सप्रेस’ में घटित हुई। ‘आज तक’ ने भी लिखा कि पीड़ित ने ‘धार्मिक नारे’ नहीं लगाए तो उसकी पिटाई की गई।

‘आज तक’ की खबर, चलाया ‘जय श्री राम’ वाला एंगल

ऐसे मामलों में भला AIMIM के मुखिया असदुद्दीन ओवैसी भला कहाँ चुप रहने वाले थे। उन्होंने तुरंत वीडियो ट्वीट करते हुए लिख डाला, “आसिम हुसैन को ट्रेन में पीटा गया, उनके कपड़े उतरवाए गए और उन्हें JSR के नारे लगाने पर मजबूर किया गया। RSS के मोहन भागवत ने ‘हज़ार साल की जंग’ का जिक्र किया था, क्या ये उसी जंग एक और सबूत है? यूपी पुलिस और जीआरपी को इस घटना पर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।”

कॉन्ग्रेस नेता इमरान प्रतापगढ़ी ने इस पर राजनीति खेलते हुए कहा, “अभी कल ही तो मोहन भागवत जी कह रहे थे कि मुसलमानों को डरने की ज़रूरत नहीं है? यही है RSS और भाजपा का दोहरा चरित्र, जो कहें बिल्कुल उसका उलटा समझा जाए। मुरादाबाद के जीआरपी एसपी महोदय, महोदय ये दयनीय स्थिति है ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था की?” उन्होंने ‘ABP News’ का वीडियो शेयर किया, जिसने इस घटना को ‘धर्म के नाम पर गुंडागर्दी’ करार दिया था।

आइए, अब हम आपको बताते हैं कि इस मामले की सच्चाई क्या है। उत्तर प्रदेश पुलिस ने FIR दर्ज करते हुए इस घटना की जाँच की। मुरादाबाद के रेलवे पुलिस उपाधीक्षक ने कहा कि रात के 11 बजे इस घटना तहरीर प्राप्त हुई थी, जिसमें यात्री ने ‘दाढ़ी पकड़’ कर हिलाने, मारपीट करने और ‘जय श्री राम’ का नारा लगाने को मजबूर करने का आरोप लगाया। हालाँकि, उनका कहना है कि जबरन धार्मिक नारा लगवाने और ‘दाढ़ी खींचने’ की कोई घटना जाँच में सामने नहीं आई है।

उन्होंने ये भी जानकारी दी कि जाँच में सामने आया है कि आसिम ट्रेन में एक महिला से छेड़छाड़ कर रहा था, जिसके बाद गुस्साई पब्लिक ने उसे पीटा। ऑपइंडिया ने इस संबंध में मुरादाबाद के GRP इंस्पेक्टर सुधीर कुमार से बात की, जिन्होंने बताया कि जिसकी पिटाई हुई है, उसने एक महिला यात्री के साथ छेड़छाड़ की थी और इसकी हरकतों को देख कर अन्य यात्रियों ने इसे पीट दिया। उन्होंने भी जबरन ‘जय श्री राम’ नारे लगवाने वाली बात को नकार दिया।

उन्होंने जानकारी दी कि गाड़ी में पुलिस के जवान थे, जो गश्त कर रहे थे, जिन्हें इस घटना का पता चला। आसिम द्वारा लगाए गए आरोपों पर उन्होंने कहा कि किसी की जुबान पर तो ताला नहीं लगाया जा सकता, लेकिन ये सच्चाई नहीं है। उन्होंने बताया कि घटना के दिन कोई रिपोर्ट नहीं दर्ज कराई गई और अगले दिन आसिम ने पत्रकारों के साथ आकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इससे साफ़ है कि आसिम की मंशा क्या थी और उसने पब्लिसिटी के लिए घटना को अलग रंग दिया।

जोशीमठ-औली रोपवे के प्लेटफॉर्म में आई दरार, बंद की गई सेवा: उत्तराखंड के एक और गाँव में भी बन रही ऐसी ही स्थिति, NTPC पर फूटा लोगों का गुस्सा

उत्तराखंड के जोशीमठ में हालात बिगड़ते जा रहे हैं। जमीन लगातार धँसती जा रही है। इस बीच जमीन धँसने के कारण जोशीमठ-औली रोपवे पर दरार पड़ गई थीं। इसलिए अब, इस रोपवे को बंद कर दिया गया है। वहीं, जोशीमठ के पास स्थित सेलंग गाँव के खेतों और घरों में दरार पड़ने की खबरें आ रहीं हैं।

एशिया के सबसे बड़े रोपवे जोशीमठ-औली रोपवे को लेकर इसके मैनेजर दिनेश भट्ट ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “रोपवे के टावर नंबर 1 के पास दरारें दिखाई देने के बाद प्रशासन द्वारा सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे अस्थायी रूप से बंद किया गया है। अगले आदेश तक यह बंद रहेगा।”

उन्होंने यह भी कहा है, “जोशीमठ में भूस्खलन (भू-धँसाव) बढ़ता जा रहा है। जोशीमठ को औली से जोड़ने वाला 4.15 किमी लंबा रोपवे भी खतरे में आ गया है। रोपवे के प्लेटफॉर्म के पास दरारें आ गई थीं।”

उत्तराखंड में जोशीमठ के आलावा कुछ अन्य जगहों पर भी भू-धँसाव की घटनाएँ सामने आईं हैं। जोशीमठ से करीब 5 किलोमीटर दूर स्थित गाँव, सेलंग का भी हाल जोशीमठ जैसा होने की आशंका जताई जा रही है। दरअसल, सेलंग के कई घरों और खेतों में दरारें पड़ना शुरू हो गईं हैं। इसलिए, जोशीमठ की स्थितियों को देखने के बाद स्थानीय ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं।

सेलंग के लोग अपनी दुर्दशा के लिए एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगढ़ जल विद्युत परियोजना को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। दरअसल, इस परियोजना के लिए गाँव के नीचे से सुरँगे बनाई गई है। ऐसे में, गाँव वालों का कहना है कि इन सुरँगों के चलते ही यहाँ दरारें पड़ रहीं हैं। सेलंग गाँव में रहने वाले विजेंद्र लाल ने मीडिया से बात करते हुए कहा है कि जुलाई 2021 में सुरंग के मुहाने पर बना एक होटल ढह गया था। यही नहीं, यहाँ बने एक पेट्रोल पंप में भी दरार आई थी। जहाँ, होटल ढहा था, वहाँ कुछ घर भी बने हैं। ऐसे में, घरों के ढहने की भी आशंका है।

विजेंद्र लाल ने दावा किया है, “एनटीपीसी ने गाँव के नीचे 9 सुरंगे बनाई हैं। सुरँग बनाने के लिए बहुत सारे विस्फोटक का इस्तेमाल किया गया था। इससे यहाँ बने घरों की नींव कमजोर हो चुकी है।” उन्होंने यह भी कहा है कि गाँव के करीब 15 घरों में दरार आ चुकी है।

सेलंग गाँव के सरपंच शिशुपाल सिंह भंडारी का कहना है कि एनटीपीसी परियोजना के चलते यहाँ के लोगों की स्थिति दयनीय हो चुकी है। गाँव की स्थिति को लेकर कई आवेदन भेजे हैं लेकिन अब तक कुछ भी नहीं हुआ। एक दशक पहले जब एनटीपीसी ने यहाँ सुरंग बनाना शुरू किया था, तभी से यहाँ नुकसान हुआ शुरू हो गया था।

साउथ के जिस हीरो की फिल्म ने कमाए ₹500 करोड़, वो आम भक्तों की तरह पहुँचे भगवान अय्यप्पा के दरबार में: सबरीमाला मंदिर में किया दर्शन

आपने अक्सर बॉलीवुड के अभिनेता-अभिनेत्रियों को राजस्थान के अजमेर शरीफ स्थित ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के दरगाह में चादर चढ़ाते हुए देखा होगा। फिल्मों के जरिए ब्राह्मणों को जोकर दिखाने वाले और हिन्दू परंपराओं को अंधविश्वास कहने वाले बॉलीवुड के लोग खुद फिल्मों की रिलीज से पहले दरगाहों के चक्कर लगाते हैं। हालाँकि, दक्षिण भारत में ऐसा नहीं हैं। वहाँ के कई अभिनेता भगवान अय्यप्पा के भक्त हैं। अब जयम रवि की सबरीमाला मंदिर में तस्वीर वायरल हुई है।

असल में जयम रवि वही हैं, जिन्होंने ‘PS 1’ फिल्म में इसके टाइटल किरदार, अर्थात ‘पोन्नियिन सेल्वन’ का किरदार निभाया था। ये किरदार कोई और नहीं, बल्कि दक्षिण भारत के महान शासक राजाराज चोल पर आधारित था। अब जयम रवि की एक तस्वीर सामने आई है, जिसमें वो लाल धोती पहन कर भगवान अय्यप्पा के मंदिर में हाजिरी लगा रहे हैं। ‘PS 1’ ने 500 करोड़ रुपए की वर्ल्डवाइड कमाई भले कर ली, लेकिन उनके पाँव अभी भी जमीन पर हैं।

इस तस्वीर में जयम रवि के साथ मलयालम के वरिष्ठ अभिनेता जयराम और फिल्म निर्देशक व गीतकार विग्नेश शिवम भी दिख रहे हैं। जयम रवि अब तक 9 बड़े अवॉर्ड्स जीत चुके हैं और उनके हाथ में अभी 5 फ़िल्में हैं, जो रिलीज होने वाली हैं। इनमें ‘PS 2’ भी है। जयम रवि की फिल्म ‘Tik Tik Tik’ (2016) और ‘Thani Oruvan’ (2015) खासी सफल रही थीं। भगवान अय्यप्पा के दर्शन के लिए वो आम भक्तों की तरफ ही पहुँचे।

‘PS 1’ की रिलीज से पहले भी जयम रवि सबरीमाला मंदिर पहुँचे थे। आपको याद होगा, किस तरह वामपंथी कार्यकर्ताओं ने सबरीमाला मंदिर को लेकर हंगामा मचाया था और ये फैलाया था कि यहाँ के नियम महिला विरोधी हैं। जबकि, ऐसा नहीं है। बच्चियाँ इस मंदिर में जाती हैं और बुजुर्ग महिलाएँ भी दर्शन कर सकती हैं। मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुँचा था और उसने इस नियम को हटा दिया। हालाँकि, हर मंदिर के अलग-अलग नियम होते हैं और कई ऐसे मंदिर भी हैं जहाँ पुरुषों के लिए मनाहियाँ हैं।

‘रामचरितमानस में कूड़ा-कचरा’: पहले मंत्री ने किया अपमान, अब राजद के प्रदेश अध्यक्ष के बिगड़े बोल; कहा – पूरी RJD चंद्रशेखर यादव के साथ खड़ी है

बिहार के शिक्षा मंत्री चंद्रशेख यादव के रामचरितमानस पर दिए विवादास्पद बयान का विरोध व्यापक होता जा रहा है। विपक्षी पार्टी भाजपा और सहयोगी जदयू के नेता तो इस बयान का विरोध कर ही रहे हैं, अब राजद के नेता भी उनका विरोध कर रहे हैं। इस तरह मुद्दे पर पार्टी 2 फाड़ नजर आ रही है। पार्टी के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर और उनके विवादित बयान के साथ खड़े हैं। तो दूसरी तरफ राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने चंद्रशेखर के बयान को गलत करार दिया है।

दरअसल, जदयू के पूर्व अध्यक्ष शरद यादव के निधन पर आरजेडी ऑफिस में शोक सभा का आयोजन किया गया था। इसी दौरान पार्टी नेताओं ने रामचरितमानस विवाद पर भी अपनी-अपनी बात रखी।

राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने क्या कहा?

पत्रकारों से बात करते हुए जगदानंद सिंह ने एक बार फिर से चंद्रशेखर के बयान का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सभी समाजवादी आपके साथ हैं। उन्होंने राममनोहर लोहिया के हवाले से कहा कि रामचरितमानस में हीरा-मोती भी है और कूड़ा-कचरा भी है, इसलिए हम कूड़ा साफ करेंगे और हीरा-मोती को रखेंगे। इसके पहले उन्होंने चंद्रशेखर के विवादित बयान का समर्थन करते हुए कहा था कि पूरी राजद उनके साथ खड़ी है। जगदानंद सिंह ने कहा था कि ‘राष्ट्रीय जनता दल’ कमंडल के आगे कभी मंडल को हारने नहीं देगा।

राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष शिवानंद तिवारी ने क्या कहा?

शिवानंद तिवारी ने इसके विपरीत कहा कि रामचरितमानस को नफरत फैलाने वाला ग्रन्थ नहीं कहा जा सकता। हालाँकि, इस दौरान उन्होंने जगदानंद सिंह के रामचरितमानस में कूड़ा-कचरा भी होने वाली बात का समर्थन किया। उन्होंने कहा, “जगदानंद सिंह ने यह बात ठीक कही कि राम मनोहर लोहिया ने कहा था कि इसमें कूड़ा-कचरा भी है और हीरा-मोती भी है। लेकिन साथ ही उन्होंने यह भी कहा था कि कूड़ा-कचरा बुहारने के चक्कर में हमलोग हीरा-मोती नहीं बुहारते। अगर हम इस तरह की बात करेंगे कि रामायण (रामचरितमानस) सिर्फ घृणा फैलाता है तो मैं व्यक्तिगत रूप से उस राय के साथ नहीं हूँ।”

उन्होंने आगे कहा कि मुझे नहीं लगता इस मुद्दे को लेकर पार्टी के अंदर शिक्षा मंत्री के समर्थन पर कोई विचार हुआ है। शिवानंद तिवारी के बयान के बीच जगदानंद कुछ बोलने की भी कोशिश कर रहे थे, लेकिन शिवानंद अपनी बात कहते रहे। उन्होंने कहा अगर पार्टी के अंदर इस तरह का निर्णय होता तो मैं भी पार्टी का राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हूँ, पार्टी मीटिंग में यह तय होना चाहिए और उस मीटिंग में तेजस्वी यादव भी रहें।

शिवानंद तिवारी ने कहा कि लोहिया तो रामायण मेला लगाया करते थे। उनके कहने से मकबूल फिदा हुसैन ने रामायण से जुड़ी कई पेंटिंग बनाई थी। उन्होंने कहा कि देश भर में लोग राम में आस्था रखते हैं। राम यहाँ कण-कण में व्याप्त हैं। बिहार के लोग भी राम से जुड़ी चार कहानियाँ आपको सुना देंगे। पढ़े लिखे हों या अनपढ़ सभी राम को जानते हैं। इसलिए यह कह देना कि रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला है यह उचित नहीं है। पार्टी का भी यह स्टैंड नहीं है।

शिवानंद ने इस दौरान चंद्रशेखर के बयान पर जीभ काट लेने की बात करने वाले पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में इस तरह का बयान देने का अधिकार किसी का नहीं है। आपको बता दें कि 11 जनवरी, 2023 को नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के दीक्षांत समारोह में शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर ने अपने संबोधन के दौरान रामचरितमानस की कुछ चौपाई पढ़कर इसे नफरत फैलाने वाला ग्रंथ बता दिया था।

लगातार एक दर्जन फ्लॉप फ़िल्में, 8 साल से नहीं दे पा रहे एक अदद हिट: बिना बॉयकॉट के ही डिजास्टर की गारंटी हैं अर्जुन कपूर, दर्शकों को फिर से धमकाएँगे?

वो भी क्या जमाना था! 60 के दशक के अंत और 70 के दशक के शुरुआती दौर में बॉलीवुड पर ‘काका’ का राज था। जिन्होंने उस दौर को देखा है, वो ‘काका’ के प्रति फैंस, खासकर लड़कियों के पागलपन का जिक्र करते थकते नहीं। ‘काका’ बोले तो राजेश खन्ना, जिन्होंने 17 फ़िल्में हिट हुई थीं। अब इसके 5 दशक बाद ‘नेपोटिज्म’ के एक प्रोडक्ट नया रिकॉर्ड बनाने निकले हैं। उनका नाम है – अर्जुन कपूर, जिन्होंने लगातार एक दर्जन फ्लॉप फ़िल्में दे दी हैं।

ये तो दर्शकों के साथ-साथ बॉलीवुड के सभी लोगों को भी पता है कि उसके हिन्दू विरोधी रवैये के खिलाफ लोग बॉयकॉट का अभियान चला रहे हैं। लोग ये नहीं देख रहे कि सामने आमिर खान की ‘लाल सिंह चड्ढा’ है या फिर रणबीर कपूर की ‘शमशेरा’, हिन्दू विरोध का खामियाजा सबको बराबर भुगतना पड़ रहा है। इसी बीच फिल्म इंडस्ट्री के कुछ खानदानी लोगों ने अकड़ दिखाई तो जनता ने उन्हें भरपूर जवाब दिया – उनकी फ़िल्में फ्लॉप करवा कर।

जैसे, करीना कपूर ने कह दिया था कि जिसे हमारी फ़िल्में नहीं देखनी है वो नहीं देखे, कोई जबरदस्ती थोड़े है। लोगों ने इसे समझा और ‘लाल सिंह चड्ढा’ नहीं देखी। इसके बाद अर्जुन कपूर ‘उड़ता तीर’ लेने आ गए। कह दिया कि बॉलीवुड ने बहुत बर्दाश्त किया, हमने चुप रह कर बॉयकॉट करने वालों का मन बढ़ा दिया। उन्होंने कहा, “अब ज्यादा होने लगा है।” जैसे कि अगर बॉलीवुड वाले चाह देंगे तो दर्शकों का ही बहिष्कार कर के उन्हें मज़ा चखा देंगे।

अर्जुन कपूर ने बनाया लगातार एक दर्जन फ़िल्में फ्लॉप होने का रिकॉर्ड

लेकिन, हुआ इसका उलटा। अर्जुन कपूर ने ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ की कृपा से नया रिकॉर्ड बना दिया – लगातार 12 फ्लॉप फ़िल्में देने का, 8 वर्षों में एक भी हिट फिल्म न देने का। लगातार आधा दर्जन ‘डिजास्टर’ फ़िल्में देने का। हम इसका आकलन करेंगे, लेकिन उससे पहले ये सवाल गूँजने चाहिए कि क्या किसी बाहर से आए न्यूकमर, जो नेपोटिज्म का प्रोडक्ट न हो, उसकी लगातार इसकी आधी संख्या में भी फ़िल्में फ्लॉप हो जाएँ तो उस पर कोई निर्माता-निर्देशक दाँव लगाएगा?

लेकिन नहीं, अर्जुन कपूर एक बड़े खानदान से आते हैं और उनके हाथ में ‘द लेडी किलर’ और ‘मेरी पत्नी का रीमेक’ नामक दो फ़िल्में हैं। आश्चर्य न हो जब हम उनको कुछ और फ़िल्में साइन करते हुए देखें। ‘नेपो किड’ हैं, जब तक चाहेंगे फ़िल्में करते रहेंगे। उनके पिता बोनी कपूर एक बड़े फिल्म निर्माता हैं, जो उत्तर से लेकर दक्षिण तक पिछले 3 वर्षों में ही लगभग 10 फ़िल्में प्रोड्यूस कर चुके हैं। आज से नहीं, वो पिछले 42 वर्षों से फिल्मों का निर्माण करते आ रहे हैं।

अर्जुन कपूर की 50 करोड़ रुपए बजट वाली हालिया फिल्म ‘कुत्ते‘ दो दिनों में मात्र 2 करोड़ रुपए की नेट कमाई कर सकी है और आप समझ सकते हैं कि उनकी ये फिल्म रिलीज के पहले ही दिन ‘डिजास्टर’ की श्रेणी में आ गई है। उनकी पिछली फिल्म थी ‘एक विलेन रिटर्न्स’ (2021), जो 72 करोड़ रुपए के बजट में बनी थी और इसका नेट कलेक्शन मात्र 41 करोड़ रुपए रहा। फिल्म में जॉन अब्राहम के अलावा एक अभिनेत्रियाँ भी थीं।

2021 में ही उनकी एक और फिल्म ‘भूत पुलिस’ भी आई। हालाँकि, हम थोड़ी सहानुभूति बरतते हुए इसे उनके कोटे में नहीं गिन रहे हैं क्योंकि इसे कैटरीना कैफ और दो अन्य युवा अभिनेता मुख्य किरदार में थे, और ये बॉक्स ऑफिस पर रिलीज न होकर ‘डिज्नी हॉटस्टार’ पर आई थी। ये एक बेकार फिल्म थी, जिसे समीक्षकों ने नकार दिया। अगर ये थिएटरों में आती तो अर्जन कपूर के खाते में एक और फ्लॉप का जुड़ना तय ही था।

तो चलिए, उनकी पिछली तीसरी फिल्म की बात करते हैं। 2021 में ही उनकी ‘सरदार का ग्रैंडसन’ और ‘संदीप और पिंकी फरार’ नामक दो फ़िल्में आईं। आपने भी शायद ही इनके नाम सुने होंगे, सुना भी होगा तो भूल गए होंगे। तो फिर फिल्म की कमाई के हश्र का अंदाज़ा लगा लीजिए। मात्र 4.2 की IMDb रेटिंग वाली इस फिल्म को फ्लॉप में तो गिना ही जाना चाहिए। समीक्षकों ने भी इसे नकार दिया था। ‘Rotten Tomatoes’ पर इसे मात्र 20% रेटिंग मिली।

अब रुख करते हैं उनकी पिछली पाँचवी फ्लॉप फिल्म का। 2020 में उनकी कोई फिल्म नहीं आई। वैसे भी ये साल कोरोना महामारी के कारण दुनिया भर में तबाही लेकर आया था। हालाँकि, अर्जुन कपूर की फ़िल्में भी किसी छोटी-मोटी महामारी से कम तो नहीं है। 2019 में ‘पानीपत’ जैसी फिल्म कर के उन्होंने मराठा इतिहास की कहानी को भी बर्बाद कर डाला। इस फिल्म में उनके प्रदर्शन की तुलना आलू से हुई। आलू की तरह हर परिस्थिति में उनका एक्सप्रेशन एक ही थे।

इसी साल उनकी ‘इंडियाज मोस्ट वॉन्टेड’ भी आई, जो 11 करोड़ रुपए कमाने को भी तरस गई अपने लाइफटाइम में। 2018 में उनकी ‘नमस्ते इंग्लैंड’ आई थी और फिल्म 8 करोड़ रुपए की नेट कमाई के आँकड़े को भी पार नहीं कर सकी। इस हिसाब से निर्माताओं को हुए घाटे का अंदाज़ा लगा लीजिए। 2017 में ‘मुबारकाँ’ ने ज़रूर 50 करोड़ रुपए की नेट कमाई का आँकड़ा पार किया, लेकिन ‘बॉक्स ऑफिस इंडिया’ ने इसे भी फ्लॉप की श्रेणी में गिना इसके बजट के कारण।

अब चलिए, नौवीं फ्लॉप का रुख करते हैं, जिसका नाम है – ‘हाफ गर्लफ्रेंड’। ये जानी-पहचानी फिल्म है, जो चेतन भगत के उपन्यास पर बनी थी। उनकी ही उपन्यास पर बनी अर्जुन कपूर-आलिया भट्ट की ही ‘2 स्टेट्स’ हिट हुई थी, सो उन्होंने ये भी कर डाला, लेकिन साबित हुई फ्लॉप। अप्रैल 2016 में आई ‘Ki & Ka’, किसी तरह अपने बजट तक तो पहुँच गई, लेकिन इसे भी हिट की श्रेणी में नहीं डाला गया है। फिल्म में अमिताभ बच्चन-जया बच्चन का स्पेशल अपीयरेंस था और करीना कपूर मुख्य अभिनेत्री थीं।

2015 में आई ‘तेवर’ और सितंबर 2014 में आई ‘फाइंडिंग फैनी’ भी बुरी फ्लॉप थी। इस तरह अर्जुन कपूर की पिछली लगातार 12 मूवीज फ्लॉप हो चुकी हैं। अप्रैल 2014 में ‘2 स्टेट्स’ भारी प्रमोशन और चेतन भगत की उस समय की लोकप्रियता के कारण सुपर हिट हो गई थी। लेकिन, हिट ‘इशकजादे’ से डेब्यू करने वाले अर्जुन कपूर की दूसरी ही फिल्म ‘औरंगजेब’ फ्लॉप थी। उनकी तीसरी फिल्म ‘गुंडे’ में रणबीर कपूर और प्रियंका चोपड़ा के अलावा इरफ़ान खान भी थे, लेकिन ये भी हिट न होकर ‘सेमी हिट’ रही।

बॉलीवुड अब भी अपना घमंड छोड़ने को तैयार नहीं

हालाँकि, इतना सब कुछ हो जाने के बावजूद अर्जुन कपूर बॉलीवुड में टिके हुए हैं। सिर्फ टिके ही नहीं हुए हैं बल्कि लगातार फ़िल्में भी कर रहे हैं। एक ऐसा अभिनेता, जिसने 11 वर्षों में सिर्फ दो हिट फ़िल्में दी हों, उसकी फ़िल्में आने भी आने वाली हैं। ऐसे में कोई नेपोटिज्म को लेकर कुछ बोल दे तो ये बॉलीवुड वाले बुरा मान जाते हैं। वैसे अब सबको अर्जुन कपूर के अगले बयान का इंतजार है, ‘बर्दाश्त से बाहर’ हो जाने के बाद वो दर्शकों के खिलाफ कौन सा कदम उठाते हैं।

वैसे भी, अर्जुन कपूर अपनी फिल्मों के कारण कम और और खुद से 10 साल बड़ी मलाइका अरोड़ा के साथ रिश्ते के कारण ज्यादा सुर्ख़ियों में रहते हैं, जो सलमान खान के छोटे भाई अरबाज खान की बेगम रही हैं। पार्टियों में दोनों हाथ में हाथ धरे पहुँचते हैं, जो उनका निजी मामला है। लेकिन, मीडिया की सुर्ख़ियों में वो सिर्फ इसी कारण आते रहे हैं। दर्शकों पर एहसान करते हुए अब अर्जुन कपूर फ़िल्में करना बंद कर देते हैं या फिर आगे कोई नई धमकी देते हैं, ये देखने लायक है।