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‘मैं आँचल खान प्रधानमंत्री हूँ, तुमको उठवा लूँगी’ : सैलून में ₹14 हजार का बिल देख बौखलाई लड़की ने पुलिसकर्मियों को धमकाया, बोली- मेरा बाप गेम बजा देगा

सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो 2 जनवरी 2023 का है। इसमें एक लड़की हरियाणा पुलिसकर्मियों से झगड़ते और उन्हें गालियाँ देते हुए नजर आ रही है। वायरल वीडियो में लड़की ने अपना नाम आँचल सुखीजा खान बताया है। वह पुलिस वालों की एक भी बात नहीं सुन रही है।

आप देख सकते हैं कि वायरल वीडियो में लड़की पुलिसवालों को तू कहकर बात कर रही है। वीडियो में वह महिला पुलिसकर्मी से कहती है, “ड्यूटी अगर तू कर रही है, तो मैं भी कर रही हूँ।” तभी साथ आए एक अन्य पुलिसकर्मी ने लड़की से कहा, “आप ​कैसे बात कर रही हैं।” इस पर लड़की आगबबूला हो जाती है और पुलिसवाले से कहती है कि वो महिला पुलिसकर्मी उससे कैसे बात कर रही है। तुम कैसे बात कर रहे हो। ये कोई तरीका है लड़की से बात करने का। फिर पुलिसकर्मी उससे कहता है कि क्या फिर वह यहाँ ऐसे ही खड़ा है। इसके बाद वह लड़की कहती है- “तू गलत खड़ा है। किसको उठाने आया है यहाँ। ये सब सुनने के बाद महिला पुलिसकर्मी उससे कहती है कि वे किसी को उठाने नहीं आए हैं। लड़की पुलिकर्मियों पर लगातार चिल्लाती रहती है। वह कहती है, “तू उठाने आया है मुझे। तुझे राड़ा (हंगामा) करना है।”

इस बीच लड़की महिला पुलिसकर्मी को बार-बार उँगली दिखाकर चुप होने के लिए कहती है। वह कहती है, “तुम लोगों को पता नहीं है और यहाँ लड़की उठाने आए हो। उठाऊँगी तो मैं तुम तीनों को। हाँ, तुम तीनों को मैं आँचल सुखीजा खान उठाऊँगी और तुम्हारा लाइसेंस कैंसिल करवाऊँगी। तू बुला ले अपने बाप को, मैं अपने बाप को बुलाती हूँ। मेरा बाप आ गया ना, तो तुम्हारा गेम बजा देगा। जब मैंने गेम बजाया ना, तो सुजाता आंटी…।”

इसके बाद वह महिला पुलिसकर्मी का हाथ पकड़ने लगती है, जब उसे चुप बैठने के लिए कहा गया, तो वह कहती है, “मैं चुप नहीं बैठूँगी। ब्लडी वुमन। लड़की लेने आई है, तुझे पता नहीं लड़की कौन है। आँचल सुखीजा खान प्रधानमंत्री हूँ मैं, बोल क्या करे लेगी।” काफी देर तक हंगामा करने के बाद दो महिलाकर्मियों ने उसे पकड़ा और अपने साथ ले जाने लगी।​ फिर वह चिल्लाकर कहती है कि उसका हाथ नहीं टूटना चाहिए, लेकिन महिला पुलिसकर्मी नहीं रुकीं और उसे खींचते हुए बाहर ले गईं।

वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि सैलून में 14 हजार का बिल देखकर वह लड़की भड़क गई थी और दुकान में ही पुलिसकर्मियों के सामने खूब हंगामा किया। यहाँ तक कि लड़की ने महिला पुलिसकर्मी को वर्दी उतरवा देने तक की धमकी दी। इसके साथ यह भी बताया जा रहा है कि लड़की ने दिल्ली से सटे गुरुग्राम में तीन से चार दुकानों पर ऐसी हरकत की है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने भी वीडियो वायरल के जमकर मजे लिए।

भारत व्यास ने लिखा, “ये क्या प्रधानमंत्री जेल में।”

अविनाश ने​ लिखते हैं, “अच्छा हुआ मैं पुलिस में नहीं गया, वरना इतना धैर्य नहीं रखता। इसके दो लफ्ज पर ही चपेट देकर अंदर डाल देता। ना नाम का पता ना धर्म का…जी..दी।”

नशे में धुत शख्स ने उड़ती फ्लाइट में महिला के ऊपर कर दी पेशाब, दिखाने लगा प्राइवेट पार्ट: न्यूयॉर्क से दिल्ली आ रही थी ‘Air India’ की फ्लाइट

न्यूयॉर्क से दिल्ली आने वाली एयर इंडिया (Air India) की एक फ्लाइट में 26 नवंबर, 2022 को एक शर्मनाक घटना हुई थी। बिजनेस क्लास में यात्रा कर रहे एक शख्स ने शराब के नशे में धुत होकर करीब 70 वर्षीय एक महिला सहयात्री पर पेशाब कर दिया था। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपित यात्री ने कथित तौर पर महिला सहयात्री को अपने प्राइवेट पार्ट भी दिखाए।

महिला ने उस समय घटना की शिकायत विमान में मौजूद क्रू मेम्बर से की थी, लेकिन उन्होंने महज खानापूर्ति करके मामले को रफा-दफा कर दिया। इतना ही नहीं, शख्स दिल्ली एयरपोर्ट पर बेधड़क उतरा और चलता बना। अब महिला ने इस संबंध में एयर इंडिया के चेयरमैन एन चन्द्रशेखरन को पत्र लिखा, जिसका बाद इस घटना के बारे में पता चला। वहीं ‘न्यूज 18’ के अनुसार, ‘नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA)’ ने ‘एयर इंडिया’ से घटना के संबंध में रिपोर्ट माँगी है।

घटना अमेरिका के ‘जॉन एफ कैनेडी एयरपोर्ट’ से दिल्ली आ रही उड़ान संख्या एआई-102 में 26 नवंबर, 2022 को घटी। इस घटना को लेकर ‘एयर इंडिया’ ने भी पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने बताया कि भोजन परोसे जाने के और फ्लाइट के अंदर की रोशनी कम किए जाने के बाद यह घटना हुई।

महिला ने बताया, “भोजन परोसने और रोशनी कम होने के तुरंत बाद, एक अन्य यात्री मेरी सीट पर आया, अपनी पैंट की जिप खोली और पेशाब करने लगा। वह लगातार अपने प्राइवेट पार्ट को मुझे दिखा रहा था। मैंने केबिन क्रू को इस बारे में बताया, लेकिन पुरुष यात्री दिल्ली पहुँचने के बाद के बाद बिना किसी डर के चलता बना।” महिला ने बताया कि उसके कपड़े, बैग और जूते पेशाब से भीग गए थे।

महिला ने आरोप लगाते हुए बताया कि क्रू मेंबर ने घटना के बाद उन्हें एक जोड़ी पजामा और चप्पल दी और फिर उसी सीट पर लौटने के लिए कहा। महिला का कहना है कि ऐसा तब किया गया जब बिजनेस क्लास में कई सीटें खाली थीं, लेकिन उन्हें उनकी सीट पर ही बैठने को कहा गया।

एक दर्जन से ज्यादा हिंदुओं को जमा कर खलील मियाँ ने धोखे से खिलाया गोमांस, विरोध करने पर बोला – अब मुस्लिम बन गए, नमाज पढ़ो

झारखंड में जबरन बीफ खिलाए जाने का एक और मामला सामने आया है। साहिबगंज के बाद हजारीबाग जिले के बरही प्रखंड के बरियठ बिरहोर टोला में जनजाति समुदाय के लोगों को धारदार हथियार के दम पर गोअन्स खाने को मजबूर किया गया। मामले में मनोज बिरहोर ने बरही थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।

दर्ज कराई गई एफआईआर के मुताबिक, शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) को खलील मियाँ नाम का शख्स अपने एक साथी के साथ बिरहोर टोला पहुँचा। खलील मियाँ पास के गाँव दुलमाहा का रहने वाला है। खलील मियाँ ने टोला के लोगों से नए साल के मौके पर पार्टी देने की बात कही। उसने बिरहोर टोला के दर्जन भर लोगों को पहले शराब पिलाई। इसके बाद भोजन परोसा गया। भोजन में मांस के बड़े टुकड़े देखकर लोगों को संदेह हुआ। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जब लोगों ने इसका विरोध किया तो उसने धारदार हथियार दिखाकर उन्हें मांस खाने को मजबूर किया।

बरही थाना पुलिस ने ऑपइंडिया को जानकारी दी है कि जनजाति समुदाय के मनोज बिरहोर ने खलील मियाँ नाम के शख्स पर लोगों को धोखे से गोमांस खिलाने और धर्मांतरण की कोशिश का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने कहा कि आरोपित को फिलहाल गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जाँच की जा रही है। जाँच के बाद ही पुलिस विस्तार से टिप्पणी करेगी।

मनोज बिरहोर ने अपनी शिकायत में जानकारी दी कि खलील मियाँ अपने साथ एक गोवंश लेकर आया था, जिसे टोले के ही राजेश बिरहोर के घर पर बाँधा गया था। मनोज ने घटना की जानकारी गाँव के अन्य लोगों को दी, जिसके बाद सोमवार (2 जनवरी, 2023) को बरही थाने में इसे लेकर शिकायत दर्ज कराई गई। शिकायत मिलने के बाद पुलिस की टीम मामले की जाँच के लिए गाँव पहुँची। जाँच के दौरान राजेश बिरहोर के घर से प्रतिबंधित पशु के माँस, हड्डी, चमड़ा और बाकी अवशेष बरामद किए गए।

इन अवशेषों को जमीन के अंदर गाड़ दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपित खलील मियाँ को गिरफ्तार कर लिया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो खलील मियाँ ने 50 बिरहोर लोगों को धोखे से गोमांस खिलाया और उनके धर्मांतरण की कोशिश की।

आपको बता दें ऐसा ही एक मामला झारखंड के साहिबगंज जिले से भी सामने आया था। राधानगर इलाके में 31 दिसंबर, 2022 की रात चंदन रविदास नाम के व्यक्ति को जबरन गोमांस खिलाया गया। आरोपित ने थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा है कि मामूली कहासुनी के बाद मिठुन शेख, नसीम शेख, फिरोज शेख समेत 5 लोगों ने मारपीट के बाद उन्हें गोमांस खिलाया और शराब पिलाई।

झारखंड में जबरन गोमाँस खिलाए जाने के एक के बाद एक 2 मामलों के सामने आने के बाद लोगों में गुस्सा है। भारतीय जनता पार्टी के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री रहे बाबूलाल मरांडी ने इसे लेकर सवाल पूछा है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “पहले साहिबगंज और अब हजारीबाग, दोनों जगहों पर गोमांस खाने से इनकार करने पर आदिवासी युवक की पिटाई की गई। उनको पीटने वाले कौन थे ?” बाबूलाल मरांडी ने झारखंड सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने आगे लिखा, “आदिवासी समाज को बर्बाद करने वाले तुष्टिकरण की इस राजनीति के भयंकर परिणाम होंगे, लिखकर रख लीजिए।”

उनके अलावा भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने कहा है कि एक सोची-समझी साजिश के तहत इस तरह की घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने भी सरकार पर तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप लगाया। दूसरी तरफ हिंदुवादी संगठनों ने भी इन मामलों में जल्द से जल्द कार्रवाई की माँग की है।

48 गोवंश तस्करों के चंगुल से बचे, बंगाल भेजे जा रहे थे: झारखंड में एक सप्ताह के भीतर दूसरी ऐसी घटना, नहीं थम रही गो-तस्करी

झारखंड में गोवंश के तस्करी का मामला थमता नज़र नहीं आ रहा है। कुछ दिन पहले ही भाजपा के गोड्डा से सांसद निशिकांत दुबे ने दुमका जिले के सरैयाघाट इलाके से गोवंशियों की तस्करी की जानकारी पुलिस को दी थी। वहीं अब फिर से यहाँ गौवंश तस्करी की जानकारी सामने आ रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ के मसलिया थान क्षेत्र से मंगलवार (3 जनवरी, 2023) को दो ट्रकों में लदे 48 गोवंशियों को बचाया गया।

‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के अनुसार, यहाँ मसलिया क्षेत्र में रानीघाघर गाँव के पास बिहार से झारखंड के रास्ते बंगाल ले जाने वाले गोवंश से भरे दो ट्रकों को जब्त किया गया है। वहीं खुद को ‘बजरंग दल’ का सदस्य बताने वाले स्थानीय निवासी रुपेश कुमार का कहना है कि बालू की आड़ में गौ-तस्करी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर प्रशासन इसपर रोक नहीं लगाती है तो ‘बजरंग दल’ गौमाता की रक्षा के लिए कदम उठाएगा।

वहीं ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के अनुसार, घटना के संबंध में दो आरोपित लालू कुमार यादव और बिहार के बाँका के रहने वाले मोहम्मद करीम को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ट्रकों में सवार ड्राइवर समेत 6 लोग घटनास्थल से भाग निकले । पुलिस इनलोगों का पता लगा रही है। जिन 48 गौवंशियों को बचाया गया है, उनमें 6 गाय, एक बछड़ा और 26 बैल शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इन गौवंशियों को बिहार के बांका जिले से आसनसोल ले जाया जा रहा था।

दुमका गौ-तस्करी के संबंध में ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट

पशु चिकित्सा अधिकारी विनय कुमार के मुताबिक, उन्होंने सभी पशुओं की जाँच की और पाया कि इनमें से कई पशु बीमार हैं। बीमार पशुओं का इलाज किया गया है। वहीं मसलिया थाना प्रभारी ईश्वर दयाल मुंडा ने बताया कि 48 पशुओं को मुक्त कराया गया है। ट्रक के दोनों सहायकों से पूछताछ की जा रही है। चालकों के नाम का पता चल गया है और उनकी पहचान की जा रही है।

वहीं इससे पहले 28 दिसंबर, 2022 को भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने एक वीडियो शेयर कर 10,000 गायों को गौ-तस्करों से मुक्त कराने की दावा किया था, हालाँकि पुलिस ने कहा था कि 100-150 का आँकड़ा दिया था। उन्होंने बताया था कि गोड्डा के सरैयाहाट से इन गायों को तस्करों के चंगुल से आज़ाद कराया गया है। मामले में मोईनुद्दीन और अली अंसारी नामक दो आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया था। हालाँकि, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में पुलिस के हवाले से 100-150 गायों को तस्करों के चंगुल ने बचाने की बात कही गई थी ।

त्रिपुरा के पूर्व CM बिप्लब देब के घर में पूजा से पहले इस्लामी कट्टरपंथियों और CPIM के गुंडों ने लगाई आग, पुजारियों पर हमला: BJP की शिकायत, जाँच शुरू

त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री बिप्लब देव के पुस्तैनी घर में 3 जनवरी 2023 को आग लगा दी गई। घटना को अज्ञात हमलावरों ने अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि ये हमलावर मुस्लिम समुदाय के थे जिन्होंने पहले घर पर हमला किया और बाद में खिड़कियाँ तोड़कर उनमें आग लगा दी। इस दौरान वहाँ खड़े वाहन भी क्षतिग्रस्त किए गए।

पुलिस ने इस संबंध में केस दर्ज करके अपनी जाँच शुरू कर दी है। भारतीय जनता पार्टी का आरोप है कि ये सब कम्युनिस्ट पार्टी के गुंडों ने किया है। घटना गोमती जिले के उदयपुर के जामजुरी इलाके की है।

रिपोर्ट्स बताती हैं कि इस हमले की साजिश देब के घर पर पिता (हीरूधन) की याद में होनी वाली सालाना पूजा के बीच रची गई। 4 जनवरी को उनकी पुण्यतिथि है। ऐसे समय में देब के घर पर हमलावरों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियार लेकर हमला किया। गनीमत यह रही कि घटना के समय कोई वहाँ मौजूद नहीं था जिसकी वजह से किसी की जान को नुकसान नहीं हुआ।

एएनआई की खबर के अनुसार, त्रिपुरा के गोमती जिले के जामजुरी के राजधानगर स्थित बिप्लब देब के घर पर पुजारी उनके पिता पुण्यतिथि पर पूजा के लिए आए थे। मगर गुंडों ने उन पुजारियों पर भी हमला किया और उनके वाहन भी तोड़े। स्थानीय लोगों ने किसी तरह उन पुजारियों को बचाया जिसके बाद गुंडे वहाँ से भाग निकलने में सफल हुए।

कथिततौर पर इन लोगों के फरार होने के बाद प्रदर्शन हुआ और प्रदर्शनकारियों ने हमलावरों की दुकानों को चिह्नित कर उसमें तोड़उोड़ की।

घटना का पता चलने के बाद सब डिविजनल ऑफिसर निरुपमा देबरामा और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक देबांजना रॉय ने मामले की तहकीकात शुरू की। वहीं सोशल मीडिया पर बिप्लब देब के जलते घर की वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। वीडियो में घर के चारों ओर आग को जलते देखा जा सकता है। लोगों ने जल्द से जल्द आरोपितों की गिरफ्तारी की माँग की है। फिलहाल इस मामले में अभी तक किसी को पकड़ा नहीं गया है।

लटक रही थी खुली खोपड़ी, दिख रहे थे फेफड़े: अंजलि की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, छोड़ कर भाग गई जो सहेली, उसने बताया – पुरुष मित्र के साथ OYO में पी शराब

दिल्ली के सुल्तानपुरी में हुए दर्दनाक हादसा मामले में मृतिका अंजलि की सहेली निधि को चश्मदीद गवाह बनाया गया है। मृतका की सहेली निधि ने पुलिस को अपना बयान भी दिया है। निधि का कहना है कि अंजलि ने शराब का सेवन किया था। सहेली ने बताया कि 31 दिसंबर की रात होटल में उनके साथ अंजलि का पुरुष मित्र और अन्य दोस्त थे। उधर हादसे की शिकार अंजलि की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आ गई है।

इस रिपोर्ट से समझा जा सकता है कि अंजलि कितनी बुरी तरह घसीटी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, अंजलि का ब्रेन मैटर गायब था और शरीर इस तरह छिल चुका था कि दोनों फेफड़े नजर आ रहे थे।

मृतिका की सहेली ने दिया बयान

हादसे के तीन दिन बाद सामने आई मृतका की सहेली ने पुलिस में अपना बयान दर्ज करा दिया है। इसके साथ ही मीडिया में भी उसके कुछ बयान सामने आए हैं। मृतिका की सहेली ने बताया कि 31 दिसंबर की रात वो लोग OYO होटल में पार्टी के लिए गए थे। होटल में अंजलि का पुरुष मित्र और अन्य दोस्त भी थे। निधि ने कहा कि शाम को 8 बजे होटल में दाखिल होने के बाद वे देर रात करीब 1.30 बजे होटल से निकले। बकौल निधि, अंजलि ने काफी शराब पी हुई थी। अंजलि शराब सेवन के बाद भी स्कूटी चलाने की जिद कर रही थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा भी हुआ था।

हादसे के बाद मौके से फरार हो गई निधि

निधि ने बताया कि हादसे के बाद वह काफी डर गई थी और वह कुछ नहीं कर सकी। उसने कहा कि डर की वजह से न तो उसने शोर मचाया न ही पुलिस को घटना की जानकारी दी। पैदल अपने घर पहुँच गई। उसने कहा कि उसकी किस्मत अच्छी थी कि वह बच गई। दोषी ठहराए जाने के डर से उसने अपने परिवार वालों को भी कुछ नहीं बताया।

कार सवारों को ठहराया हादसे का जिम्मेदार

अंजलि की सहेली का कहना है कि कार से स्कूटी की टक्कर के बाद दोनों नीचे गिर गई थी। वह कार के बगल में जा गिरी थी, जबकि मृतका कार के सामने गिरी और अंदर फँस गई। कार सवार युवकों को यह पता था कि कोई कार के नीचे फँस गया है, फिर भी वे लोग जानबूझकर मृतका को घसीटते हुए लेकर चले गए थे। सड़क सुनसान होने के कारण वह डर गई थी।

मृतका की दोस्त निधि इस बात पर भी जोर देती नजर आ रही हैं कि अंजलि से उनकी दोस्ती नई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, मृतका की सहेली ने कहा है कि उनकी दोस्ती 10 दिन पहले ही एक कॉमन दोस्त के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों ने साथ में नए साल का जश्न मनाने की प्लानिंग की।

सहेली पर भी उठे सवाल

मृतिका की सहेली पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। आपको बता दें कि पुलिस ने ही अंजलि के दोस्त निधि की तलाश की। सीसीटीवी कैमरे के जरिए इस बात का पता चला कि होटल से अंजलि के साथ एक दूसरी लड़की भी स्कूटी पर निकली थी। इसके बाद, पुलिस ने कॉल रिकॉर्ड के जरिए निधि का पता लगाया।

‘दिल्ली महिला आयोग’ की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने कहा कि मृतका की सहेली इतने दिनों तक खामोश क्यों थी? उन्होंने ट्वीट किया, “अंजलि की दोस्त LIVE शो में बैठकर बता रही है कि कैसे उसके सामने लड़कों ने अंजलि को रौंदा और ये ‘दोस्त’ वहाँ से उठ कर अपने घर चली गई। ये कैसी दोस्त है? इसने लड़कों को रोका नहीं, पुलिस या अंजलि के किसी रिश्तेदार को नहीं बताया। घर में जाकर बैठ गई। इसकी भी जाँच होनी ज़रूरी है!”

दिल दहला देगी ऑटोप्सी रिपोर्ट

अंजलि की ऑटोप्सी रिपोर्ट सामने आई है। इसमें रोंगटे खड़े कर देने वाली बातें सामने आई हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक –

  • अंजलि की खोपड़ी पूरी तरह से खुल गई थी
  • खोपड़ी सिर से उखाड़ कर लटक रही थी
  • सर से ब्रेन मैटर गायब था
  • रीढ़ की हड्डी टूटी हुई थी
  • पसलियाँ पीछे की तरफ से निकली चुकी थीं
  • शरीर छिलने की वजह से दोनों फेफड़े नजर आ रहे थे
  • शरीर पर कुल 40 गहरी चोटें थी।

डॉक्टरों ने कहा कि वैसे तो अंजलि की मौत का कारण इनमें से सभी चोटें हो सकती थीं लेकिन सदमा और ज्यादा खून बहने से उसकी मौत हुई है। हालाँकि, अंतिम रिपोर्ट कैमेकिल एनालिसिस और बॉयोलॉजिकल सैंपल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही सामने आ सकेगी।

आपको बता दें 1 जनवरी, 2023 को अंजलि हादसे का शिकार हो गई थी। उसकी स्कूटी को टक्कर मारते हुए एक कार उसे कई किलोमीटर तक घसीटती रही। रिपोर्ट्स की मानें तो पुलिस ने कार सवार आरोपितों पर गैर-इरादतन हत्या, लापरवाही से मौत और आपराधिक साजिश रचने के आरोप में मामला दर्ज किया है।

राकेश रॉय ने पैगंबर मोहम्मद को लेकर फेसबुक पर लिखा, जज अबुल ने बांग्लादेश में 7 साल की सजा सुनाई

बांग्लादेश में एक हिंदू नेता राकेश रॉय को ईशनिंदा के आरोप में 7 साल की सजा सुनाई गई है। राकेश रॉय ‘जातिया हिंदू मोहजोते’ संगठन के सदस्य हैं। उन पर आरोप था कि उन्होंने जून 2017 में फेसबुक पर पैगंबर मोहम्मद के बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिसके कारण कई जगह प्रदर्शन और जुलूस हुए और अंत में उनकी गिरफ्तारी हुई।

राकेश रॉय को सजा दिलाने के लिए राज्य सरकार के वकील मुस्तफा दिलावर अल अजहर ने अपनी दलीलें दी। वहीं जज अबुल कासिम ने शिकायत ने हिंदू नेता को 7 साल की सजा सुनाई। आईसीटी अधिनियम की धारा 57 (जिसे डिजिटल सुरक्षा अधिनियम में बदल दिया गया था) के तहत जेल की सजा के अलावा, राकेश पर 100,000 टाका का जुर्माना लगाया गया।

राज्य सरकार के वकील ने बताया कि रॉय पहले बेल पर था। लेकिन सजा होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

इस संबंध में राकेश के वकील इश्तियाक अहमद चौधरी ने कहा कि वो इस फैसले के विरुद्ध हाई कोर्ट में अपील करेंगे क्योंकि वह इससे संतुष्ट नहीं हैं। राकेश रॉय के अनुसार, साल 2017 में अब्दुल अजीज नाम का शख्स जाकीगंज में हिंदुओं का धर्म परिवर्तन करवा रहा था। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो कुछ लोगों ने उनके नाम से फेक आईडी बनाई और पैगंबर पर आपत्तिजक टिप्पणी की और फिर उनकी गिरफ्तारी की माँग की जाने लगी।

राकेश रॉय की गिरफ्तारी

बता दें कि साल 2017 में राकेश रॉय द्वारा किए गए फेसबुक पोस्ट के खिलाफ छात्र जमीयत के नेता फुजयल अहमद ने धारा 57 (2) के तहत अपनी शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया था कि हिंदू नेता ने अपनी फेसबुक पर पैगंबर को लेकर पोस्ट किया, इसलिए उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई होनी जरूरी है।

सिलहट के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने भी इस संबंध में बताया था कि राकेश को जैंतियापुर उपजिला के लालखाल से गिरफ्तार किया गया क्योंकि पैगंबर मोहम्मद पर किया गया राकेश का आपत्तिजनक पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इसकी वजह से जाकीगंज में प्रदर्शन और जुलूस भी हुए। सबने रॉय की गिरफ्तारी की माँग की थी। इसी क्रम में उन्हें पकड़ा गया।

शादी से पहले गर्भवती थीं आलिया भट्ट! इंटरव्यू में खुद ही किया खुलासा: हॉलीवुड फिल्म पर बात करते हुए सुना दी पूरी कहानी

बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट ने एक इंटरव्यू में खुलासा किया है कि वह शादी से पहले ही प्रेगनेंट हो गई थीं। यह बात उन्होंने सीधे-सीधे तो नहीं बताई लेकिन इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कुछ ऐसा कह दिया, जिससे लोगों को इस बारे में पता चला। आलिया भट्ट ने कहा कि जब वह जनवरी 2022 में अपने पहले हॉलीवुड प्रोजेक्ट ‘हार्ट ऑफ स्टोन’ के लिए काम कर रही थीं, उस वक्त वह प्रेगनेंट थीं। रणबीर कपूर से इनकी शादी अप्रैल 2022 में हुई थी।

बॉम्बे टाइम्स को दिए इंटरव्यू में उन्होंने बताया, “मेरी पहली हॉलीवुड फिल्म ‘हार्ट ऑफ स्टोन’ थी। फिल्म को मैंने जनवरी 2022 में साइन किया था। मैं इसे तय समय पर पूरा करना चाहती थी। मैं फिल्म से पीछे नहीं हटना चाहती थी। मैंने टीम से इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि वे मेरा पूरा ख्याल रखेंगे। मैं उस वक्त प्रेगनेंट थी और अपने पहले एक्शन फिल्म की शूटिंग को मैंने मैनेज किया।”

आपको बता दें कि आलिया ने रणबीर से अप्रैल 2022 में शादी के दो महीने बाद जून में प्रेगनेंसी की घोषणा की थी। दोनों की पहली बेटी राहा का नवंबर 2022 में जन्म हुआ था। शादी के सात माह बाद ही आलिया के माँ बनने के बाद लोग कयास लगा रहे थे कि आलिया शादी के पहले से ही प्रेगनेंट थीं।

आलिया भट्ट का विवादों से पुराना नाता रहा है। ‘ब्रह्मास्त्र’ की रिलीज से पहले उन्होंने करीना कपूर टाइप अकड़ दिखाते हुए कहा था कि अगर वो दर्शकों को पसंद नहीं हैं तो उनकी फिल्म मत देखें। इसके अलावा कन्यादान वाले एक विज्ञापन को उनके द्वारा करने पर भी बवाल हुआ था। उस विज्ञापन में हिंदू परंपराओं और रीति-रिवाजों को ‘रुढ़िवादी सोच’ वाला दिखाया गया था।

SC ने कहा – ‘हर धर्मांतरण अवैध नहीं’ : मध्य प्रदेश में धर्म परिवर्तन से पहले DM की अनुमति का मामला, हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाने से इनकार

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को (2 जनवरी 2023) मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के फैसले को चुनौती देने वाली राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।

उन्होंने मध्य प्रदेश सरकार की उस याचिका पर नोटिस जारी किया जिसमें जिलाधिकारी को सूचित किए बिना शादी करने वाले अंतरधार्मिक जोड़ों पर मुकदमा चलाने से रोक लगाई गई थी।

अब आगे इस मामले की सुनवाई 7 फरवरी 2023 को होगी।

बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार जस्टिस एम आर शाह और सीटी रविकुमार ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा दायर याचिका पर नोटिस जारी किया। उन्होंने कहा, “हर धर्मांतरण अवैध नहीं हो सकता।”

राज्य सरकार की ओर से पेश हुए सॉलिस्टर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि अगर अवैध धर्मांतरण के लिए विवाह को आधार बनाया जाता है, तो वह आँखें नहीं बंद कर सकती। सॉलिस्टर जनरल ने कहा कि शादी या धर्मांतरण पर कोई रोक नहीं है, लेकिन इसके लिए केवल जिलाधिकारी को सूचित करना जरूरी है।

मेहता ने हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की माँग करते हुए अपनी दलील दीं। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के आदेश ने धारा 10 (1) को मध्य प्रदेश धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 10 (2) के साथ मिला दिया है। हालाँकि सुप्रीम कोर्ट ने कोई भी निर्देश पारित करने से इनकार कर दिया।

उल्लेखनीय है कि मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने पिछले वर्ष नवंबर में इस संबंध में एक फैसला सुनाया था। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिग लोगों पर केस न चलाएँ जो अपनी मर्जी से धर्मांतरण करके शादी करते थे। हाईकोर्ट ने 14 नवंबर को कहा था उक्त कानून की धारा 10 असंवैधानिक है जिसमें धर्मांतरण की जानकारी जिलाधिकारी को देने की बात है।

इस धारा के तहत धर्मांतरण के इच्छुक नागरिकों को जिला कलेक्टरों की पूर्व मंजूरी लेना अनिवार्य है।

बता दें कि मध्य प्रदेश का धार्मिक स्वतंत्रता कानून कहता है कि झूठ बोलकर, लालच देकर, धमकी के सहारे, अनुचित प्रभाव से, जबरदस्ती शादी करने या किसी अन्य धोखाधड़ी के माध्यम से धर्मांतरण अवैध है और ऐसा करने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।

अकबर ने गाय काट-काट कर बना ली ₹300 करोड़ की प्रॉपर्टी, योगी सरकार ने कुर्क की 22 बीघा जमीन: भाई सलमान-शमीम पर भी मुकदमा

उत्तर प्रदेश के मेरठ में अंतरराष्ट्रीय गौ तस्कर अकबर बंजारा गैंग पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। दरअसल, मेरठ पुलिस ने अकबर बंजारा गैंग की 22 बीघा जमीन कुर्क की है। यह संपत्ति अवैध रूप से हासिल की गई थी। कुर्क की गई संपत्ति 2 करोड़ 18 लाख रुपए की बताई जा रही है। इस कृषि भूमि पर डीएम का आदेश लिखवा दिया गया है।

मेरठ ग्रामीण के एसपी केशव कुमार ने जानकारी दी है कि अकबर बंजारा, उसके भाई सलमान और शमीम पर गोकशी का मुकदमा दर्ज किया गया था। गैंग लीडर शमीम बंजारा की अवैध संपत्ति की कुर्की की गई। अब तक कुल 35 करोड़ की संपत्ति कुर्क की जा चुकी है। मंगलवार (03 जनवरी, 2023) को शमीम बंजारा की 2 करोड़ 18 लाख की फलावदा स्थित संपत्ति कुर्क की गई। कुर्क की गई जमीन अकबर बंजारा के भाई शईम बंजारा के नाम पर थी।

इसके पहले भी अकबर बंजारा ग्रुप पर कार्रवाई हो चुकी है। अप्रैल-मई 2022 को अकबर बंजारा की अवैध दुकानों पर बुल्डोजर चलाया गया था। इस दौरान करोड़ों रुपए की दुकानें ध्वस्त की गई थीं। मेरठ पुलिस के मुताबिक बंजारा गैंग के सभी गुर्गों ने अवैध रूप से गौ तस्करी कर के काली संपत्ति बनाई है। जिसे कुर्क किया जा रहा है। बंजारा गैंग के दूसरी संपत्तियों के बारे में भी पता लगाया जा रहा है।

कौन था अकबर बंजारा?

उत्तर प्रदेश के मेरठ के फलावदा गाँव में गली-गली जानवर बेचने वाला अकबर बंजारा नॉर्थ-ईस्ट का बड़ा गौ तस्कर बन चुका था। वह सात साल की उम्र से ही जानवरों की तस्करी करता था। अकबर बंजारा का छोटा भाई सलमान बंजारा भी गौ-तस्करी के काले धंधे में शामिल था। दोनों भाईयों ने मिलकर अरबों की संपत्ति बना ली थी। असम के एक गैंग से हाथ मिलाने के बाद बंजारा गैंग की गिनती अंतरराष्ट्रीय गौ-तस्करों में होने लगी।

असम में हुए एक मुठभेड़ में अकबर और उसके भाई सलमान बंजारा को ढेर कर दिया गया था। उसके बाद उनका तीसरा भाई शमीम बंजारा गैंग संभाल रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक शमीम बंजारा फिलहाल पुलिस गिरफ्त से फरार है।