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नग्न अवस्था में मिला लड़की का शव, 5 किलोमीटर तक कार से घसीटते रहे: दिल्ली पुलिस ने 5 युवकों को दबोचा, क्षतिग्रस्त स्कूटी भी बरामद हुई

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कंझावला थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक लड़की का शव नग्नावस्था में बरामद किया है। खबर है कि रविवार (1 जनवरी, 2023) तड़के हुए एक्सीडेंट के बाद युवती कार के नीचे फँस गई थ। इसके बाद, वह करीब 4-5 किलोमीटर तक घिसटती चली गई। इस दौरान, उसके कपड़े भी फट गए। इस मामले में, पुलिस ने कुल 5 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मामले पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली महिला आयोग ने दिल्ली पुलिस को नोटिस भेजा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 23 वर्षीय युवती स्कूटी से अपने घर लौट रही थी। तभी, एक कार से उसका एक्सीडेंट हुआ। एक्सीडेंट में ही युवती कार के निचले हिस्से में फँस गई। एक्सीडेंट के बाद, आरोपितों ने कार नहीं रोकी। इस कारण युवती कई किलोमीटर तक लगातार घिसटती चली गई। इस हादसे में, युवती के पैर भी कट चुके थे।

इस बारे में रविवार (1 जनवरी, 2023) की सुबह करीब 3 बजकर 24 मिनट पर पुलिस को एक प्रत्यक्षदर्शी ने फोन कर सूचना दी थी। फोन करने वाले व्यक्ति ने पुलिस को कार का नंबर भी बताया था। जानकारी मिलने के बाद पुलिस फौरन हरकत में आई और कार को ट्रेस कर 5 युवकों को गिरफ्तार किया।

कार के नीचे से पुलिस ने लड़की की बॉडी बरामद कर हॉस्पिटल भेजा था। जहाँ डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। कहा जा रहा है कि युवती की मौत काफी पहले ही हो चुकी थी। पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार आरोपितों ने बताया कि सुल्तानपूरी में उनकी कार का एक्सीडेंट एक स्कूटी से हुआ था। इसके बाद, पुलिस ने छानबीन कर क्षतिग्रस्त अवस्था में एक स्कूटी बरामद की है। फिलहाल, पुलिस सभी आरोपितों से पूछताछ कर उनके बयान रिकॉर्ड कर रही है।

इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो को लेकर पुलिस का कहना है कि मामले को हत्या और गैंगरेप बताकर झूठ फैलाया जा रहा है। लेकिन, यह एक एक्सीडेंटल केस है। साथ ही, पुलिस यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपितों ने शराब के नशे में धुत होकर इस घटना को अंजाम तो नहीं दिया।

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने ट्वीट कर कहा है, “दिल्ली की सड़कों पर एक लड़की को नशे में धुत लड़कों ने अपनी गाड़ी से कई किलोमीटर तक घसीटा। उसका शव नग्न अवस्था में सड़क पर मिला। ये बेहद भयानक मामला है। दिल्ली पुलिस को हाज़िरी समन जारी कर रहे हैं। क्या सुरक्षा व्यवस्था थी न्यू ईयर के मौके पर?”

55% पूरा हुआ राम मंदिर का निर्माण कार्य: गर्भगृह में 3 फ़ीट की नई प्रतिमा भी स्थापित होगी, सोने के आसन पर विराजमान होंगे रामलला

हिंदुओं की आस्था के केंद्र मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण जारी है। पहले फेज के निर्माण के बाद जनवरी 2024 में मकर संक्रांति के दिन राम लला मंदिर में विराजमान होंगे। फिलहाल, मंदिर निर्माण का कार्य 55% तक पूरा हो चुका है।

राम मंदिर के निर्माण को लेकर दैनिक भास्कर ने ग्राउंड रिपोर्ट की है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि रामलला के मंदिर का निर्माण तीन फेज में चल रहा है। पहले फेज का काम 30 दिसंबर, 2023, दूसरे फेज का काम 30 दिसंबर, 2024 और तीसरे फेज का काम 30 दिसंबर, 2025 को पूरा होगा। मंदिर निर्माण में करीब 1800 करोड़ रुपए खर्च होने का अनुमान है।

1000 साल तक सुरक्षित रहेगा राम मंदिर…

मंदिर का पूरा परिसर 71 एकड़ का है। वहीं, रामलला का मंदिर 8 एकड़ में बन रहा है। मंदिर का शिखर 161 फीट का होगा। मंदिर के निर्माण में किसी प्रकार के लोहे या स्टील का उपयोग नहीं किया जा रहा। साथ ही, इसे ऐसा बनाया जा रहा है कि 1000 साल तक यह मंदिर पूरी तरह सुरक्षित रहेगा। यहाँ तक कि 6.5 रिएक्टर के भूकंप से भी मंदिर को किसी प्रकार की क्षति नहीं पहुँचेगी।

मंदिर के गर्भ गृह में जहाँ राम लला विराजमान होंगे, वह आसन सोने का होगा। वहीं, मंदिर का शिखर भी सोने का ही हो सकता है। इसके लिए, महाराष्ट्र के एक व्यापारी ने श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट से बात की है। हालाँकि, ट्रस्ट की ओर से अब तक इसको लेकर कोई पुष्टि नहीं हुई। मंदिर निर्माण को लेकर ऐसा लग रहा है कि सरकार रामलला के इस मंदिर को देश का सबसे बड़ा धार्मिक, आध्यात्मिक केंद्र बनाने के साथ ही सबसे बड़ा धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाने में जुटी है।

चूँकि, रामलला की बालस्वरूप मूर्ति काफी छोटी है। इसलिए, श्रद्धालु सही तरीके से मूर्ति के दर्शन नहीं कर पाएँगे। ऐसे में, ट्रस्ट ने गर्भगृह में एक अन्य प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय लिया है। ट्रस्ट के सदस्य और अयोध्या के मानद राजा विमलेंद्र प्रताप मिश्र का कहना है कि इस मूर्ति के निर्माण से पहले देश के बड़े मूर्तिकारों को स्केच बनाने के लिए कहा गया है। इसमें पद्मश्री और पद्म विभूषण से सम्मानित आर्टिस्ट भी शामिल हैं। यह मूर्ति संगरमरमर की होगी और इसकी ऊँचाई, ढाई से 3 फीट तक हो सकती है।

वहीं, राम लला मंदिर के पुजारी पण्डित सत्येंद्र दास ने कहा है कि गर्भगृह में विराजमान होने वाली एक अन्य मूर्ति कैसे होगी, इसके लिए साधु-संतों की राय ली जा रही है। सत्येंद्र दास का कहना है कि मूर्ति यदि अष्टधातु की होगी तो ज्यादा अच्छा होगा।

तीन फेज में होगा तीन फ्लोर का निर्माण

राम लला के मंदिर निर्माण में पहले फेज में फर्स्ट फ्लोर पर गर्भगृह समेत 5 मंडपों का निर्माण किया जा रहा है। इन मंडपों के नाम गुड़ी मंडप, नृत्य मंडप, रंग मंडप, कीर्तन मंडप होंगे। पहले फेज में ही, मंदिर का प्रवेश द्वार ‘सिंह द्वार’ का निर्माण होना है। श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट के सदस्य डॉ. अनिल मिश्र कहते हैं कि पहले फेज का निर्माण पूरा होते ही दूसरे फेज का निर्माण शुरू होगा। इसमें, दूसरा फ्लोर बनाया जाएगा। इस फ्लोर में ही राम दरबार होगा। तीसरे फेज में तीसरा फ्लोर बनेगा। हालाँकि, श्रद्धालु इस फ्लोर में नहीं जा सकेंगे।

रामनवमी पर सूर्य भगवान करेंगे राम लला का अभिषेक

भगवान राम के जन्म यानी रामनवमी पर सूर्य की किरणों से राम लला के अभिषेक करने की योजना है। इसके लिए, आईआईटी रुड़की द्वारा लगातार योजना बनाई जा रही है। फिलहाल, इस मंदिर के निर्माण में 350 मजदूर और कारीगर लगातार जुटे हुए हैं। वहीं, करीब एक हजार मजदूर और कारीगर राजस्थान के भरतपुर जिले के वंशी पहाड़पुर में मंदिर निर्माण में उपयोग हो रहे पिंक स्टोन पत्थर तराशने में जुटे हुए हैं। बता दें कि, मन्दिर का प्रवेश द्वार पूर्व दिशा में होगा। वहीं, एग्जिट दक्षिण में होगा।

शादीशुदा जैनम ने प्रेमी खालिद के साथ मिल कर दूसरे प्रेमी रॉकी प्रजापति को मार डाला, नाबालिग था मृतक: गला दबा कर हत्या, लाश गन्ने के खेत में छिपाया

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में रॉकी नाम के एक नाबालिग लड़के की हत्या की खबर है। बताया जा रहा है कि यह कत्ल प्रेम प्रसंग के चलते हुई है। कत्ल का आरोप खालिद नाम के एक व्यक्ति पर लगा है। इस मामले में पुलिस ने जैनम नाम की एक शादीशुदा महिला को भी गिरफ्तार किया है। जैनम, खालिद की प्रेमिका बताई जा रही है। घटना बुधवार (28 दिसंबर, 2022) की है।

घटना भोजपुर थाना क्षेत्र के गाँव कलछीना की है। 30 दिसंबर, 2022 को कृष्णपाल सिंह नाम के व्यक्ति ने अपने 17 वर्षीय बेटे रॉकी के अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई थी। कृष्णपाल ने अपनी शिकायत में लिखा कि 28 दिसंबर को उनके बेटे को बाइस्फा खालिद नाम का व्यक्ति शाम लगभग 4 बजे अपने साथ बाइक पर बिठा कर ले गया था। शिकायत में बाइक का नंबर UP14-Q-0410 बताया गया है। बताया गया था कि खालिद के साथ जाने के बाद रॉकी दुबारा कभी दिखा नहीं। पुलिस ने इस मामले में IPC की धारा 363 के तहत केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

रॉकी सबमर्सिबल का मिस्त्री था। उसने अपने ही घर के आगे इलेक्ट्रिशियन की दुकान खोल रखी थी। रॉकी की पिता की शिकायत पर पुलिस ने खालिद से पूछताछ शुरू की। पहले तो खालिद ने बाइक में तेल खत्म हो जाने की बात कहते हुए रॉकी को रास्ते में उतार देने की जानकारी दी। जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ शुरू की तब खालिद टूट गया और उसने सब कुछ सच-सच उगल दिया। पुलिस को इस मामले लव का ट्रायंगल मिला।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, खालिद ने पुलिस को बताया कि रॉकी को अपने साथ ले जाने के बाद वो रास्ते में तेल खत्म होने का बहाना ले कर रुका। वह अँधेरा होने की प्रतीक्षा कर रहा था। दिन डूबने के बाद उसने रॉकी का गला दबा कर उसे मार डाला। लाश को उसने एक गन्ने के खेत में छिपा दिया। पुलिस ने खालिद की निशानदेही पर रॉकी की लाश, उसका मोबाईल फोन और खालिद की बाइक भी बरामद कर ली है। मामले में IPC की धारा 363 के साथ 302, 120- बी और 201 की बढ़ोतरी की गई है।

रॉकी की प्रेमिका में शामिल थी कत्ल में

कत्ल की वजह बताते हुए खालिद ने कहा कि रॉकी की दुकान के पास जैनम नाम की महिला भी परचून की दुकान चलाती है। जैनम का शौहर यासीन दिल्ली में पेंटिंग का काम करता है और घर पर कभी-कभार ही आता है। इस बीच रॉकी और जैनम के बीच प्रेम संबंध बन गए थे। मिल रही जानकारी के मुताबिक, जैनम का प्रेम संबंध खालिद से भी था। खालिद ने महिला के रॉकी से रिश्तों पर आपत्ति जताई। इस पर जैनम ने रॉकी को राह से हटाने की अनुमति खालिद को दे दी।

जैनम की परमिशन मिलने के बाद आरोपित खालिद मृतक रॉकी को फसल में पानी लगाने का बहाना ले कर अपने साथ ले गया था। रॉकी को मार कर खालिद ने फोन पर जैनम को कत्ल की जानकारी भी दी थी। पुलिस ने जैनम को भी गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 31 दिसंबर 2022 को हुई है। ACP सुनील कुमार सिंह के मुताबिक जैनम और खालिद दोनों को जेल भेजा जा रहा है।

मृतक के पिता कृष्णपाल ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा कि उनके जवान बेटे को मार कर उनकी दुनिया को ही खत्म कर दिया गया। कृष्णपाल के घर में अब 1 बेटा और 2 बेटियाँ बचे हुए हैं। उन्होंने कहा कि उनकी इच्छा है कि अरोपितों को फाँसी मिले।

आफ़ताब बन गया ‘मिहिर’, श्रद्धा को बना दिया ‘एना फर्नांडिस’: लोग बोले- हिन्दुओं को बदनाम कर रहा है Sony का ‘क्राइम पेट्रोल’, बॉयकॉट का ट्रेंड

श्रद्धा वालकर (Shraddha Walkar Murder) की हत्या उसके प्रेमी और लिव इन पार्टनर आफताब अमीन पूनावाला (Aftab Ameen Poonawala) ने कर दिया था और शव को 35 टुकड़ों में काटकर जंगल में फेंक दिया था। इस हत्याकांड की जाँच दिल्ली पुलिस कर रही है। लेकिन, टीवी मीडिया इस घटना को दिखाने के दौरान पात्रों की पहचान बदल दी, जिससे लोगों में गुस्सा फैल गया है।

सोनी टीवी (Sony TV) ने 27 दिसंबर को अपने प्रसिद्ध ‘क्राइम पेट्रोल’ (Crime Petrol) के एक एपिसोड में इस हत्याकांड को ‘अहमदाबाद-पुणे मर्डर’ (Ahmedabad-Pune Murder) नाम से प्रसारित किया। कहा जा रहा है कि यह एपिसोड श्रद्धा वालकर हत्या का नाट्य रूपांतरण है। इसमें थोड़ा-बहुत बदलाव किया गया है। घटना से जुड़े मुंबई-दिल्ली को अहदाबाद-पुणे कर दिया गया है।

इस नाट्य रूपांतरण में श्रद्धा और आफताब का धर्म बदलकर दिखाया गया है। इसमें श्रद्धा का नाम ईसाई लड़की एना फर्नांडिस रखा गया है, जबकि उसकी हत्या करने वाले आफताब का हिंदू नाम मिहिर रखा गया है। इसमें मिहिर की माँ धार्मिक प्रवृत्ति की है जो मंदिर जाती है। एना और मिहिर मंदिर में शादी करते हैं और पुणे शिफ्ट हो जाते हैं।

इसका एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों का कहना है कि हत्यारा का धर्म हिंदू क्यों दिखाया गया, जबकि वास्तविक हत्यारा मुस्लिम है। थोड़ा-बहुत बदलाव करना ही था, तो धर्म को छिपाने की क्या जरूरत थी। इसमें हत्यारे को हिंदू दिखाने पर लोग भड़क गए और ट्विटर पर #BOYCOTTSonyTV ट्रेंड कराने लगे।

एपिसोड में दिखाया गया है कि शादी के बाद मिहिर एना से मारपीट करता है। मिहिर के गुस्से को कम करने के लिए उसकी माँ एना को मंदिर में चढ़ाया हुआ कलावा देती है और कहती है कि उसे मिहिर के हाथ में बाँध दे। हालाँकि, उसका गुस्सा कम नहीं होता और वह एना की हत्या कर देता है।

एना की हत्या करने के बाद मिहिर उसके शव को बाथरूम में ले जाता है और उसे धारदार हथियार से टुकड़ों में काटता है। उन टुकड़ों को पॉलीथीन में डालकर फ्रीज में रखता है और उसी फ्रीज पानी निकालकर पीता है। ट्विटर यूजर का कहना है कि शो में हिंदू धर्म को निशाना बनाया गया है और आफताब के अपराध को छिपाने की कोशिश की गई है।

बता दें कि वास्तविक घटना में आफताब ने बंबल ऐप पर श्रद्धा से दोस्ती की थी और फिर अपने प्रेमजाल में फँसाकर वह श्रद्धा के साथ लिव इन में रहने लगा था। जब श्रद्धा ने आफताब पर शादी का दबाव बनाया तो वह मुंबई से दिल्ली में जंगली क्षेत्र देखकर शिफ्ट हो गया। यहाँ उसने श्रद्धा की हत्या कर शव को 35 टुकड़ों में काटा और धीरे-धीरे पास के जंगल में फेंकता रहा। आफताब अभी पुलिस की हिरासत में और मामले को लगातार छिपाने की कोशिश कर रहा है। उसका नार्को टेस्ट भी हुआ है।

पार्श्वनाथ मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित करने पर झारखंड सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतरा जैन समाज, कहा- शराब-मांस की होगी बिक्री

जैन धर्म के प्रमुख तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल घोषित करने, गुजरात पालिताणा मंदिर में तोड़फोड़, वहाँ शराब आदि की बिक्री तथा उस पर्वत पर अवैध खनन से नाराज जैन समाज के लोग सड़कों पर हैं। पिछले कई दिनों से इसके लिए प्रदर्शन कर रहे जैन समाज के 11 लोगों ने राजस्थान के अहिंसा सर्किल पर सामूहिक मुंडन कराकर अपना विरोध जताया।

वहीं, दिल्ली, मुंबई और गुजरात सहित देश के विभिन्न शहरों में जैन समाज के लोगों ने भारी संख्या में सड़कों पर निकल कर मार्च निकाला। महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एमपी लोढ़ा और AIMIM प्रमुख एवं हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने इनकी माँगों का समर्थन किया है। इस मार्च में लाखों लोग शामिल हुए।

जैन समाज के लोग झारखंड के गिरिडीह जिले में पारसनाथ पहाड़ियों पर स्थित जैन तीर्थस्थल श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल में बदलने का फैसला वापस लेने की माँग कर रहे हैं। दिल्ली में जैन समाज के लोग प्रगति मैदान में इकट्ठे होकर इंडिया गेट की ओर मार्च किया। उनका कहना है कि वे झारखंड सरकार के फैसले के खिलाफ राष्ट्रपति भवन में ज्ञापन देंगे।

जैन समाज का कहना है कि झारखंड द्वारा श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन क्षेत्र घोषित करने से वहाँ लोगों की आम बढ़ेगी और इससे सम्मेद शिखर को नुकसान होगा। इससे जैन समाज की धार्मिक भावनाएँ आहत होंगी। वहीं, पिछले दिनों गुजरात के पलीताणा में स्थित जैन मंदिर में हुई तोड़फोड़ का भी लोग विरोध कर रहे हैं।

वहीं, गुजरात के पालिताणा में शत्रुंजय पहाड़ी पर हिंदू और जैन दोनों धर्मों के तीर्थ हैं। जैन धर्म के सेठ आनंदजी कल्याणजी ट्रस्ट और हिंदुओं के नीलकंठ महादेव सेवा समिति के बीच पिछले दिनों मतभेद सामने आए थे। इसके बाद 16 दिसंबर को पहाड़ी पर स्थित जैन मंदिर के लोहे के खंभे और एक बोर्ड को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इसक घटना सीसीटीवी में भी कैद हो गया।

मुंबई में जैन समाज के विरोध प्रदर्शन में महाराष्ट्र सरकार के मंत्री एमपी लोढ़ा शामिल हुए। उन्होंने कहा, “हम गुजरात के पलीताणा में हुए जैन मंदिर में हुई तोड़फोड़ और झारखंड सरकार के श्री सम्मेद शिखरजी को पर्यटन स्थल में बदलने का फैसले के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।”

जैन समाज की माँगों का समर्थन करते हुए ओवैसी ने ट्वीट कर कहा, “हम जैन समुदाय के लोगों का समर्थन करते हैं। झारखंड सरकार को इस फैसले को रद्द करना चाहिए। गुजरात के सीएम से अपील कि वे आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।”

इसके पहले विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी जैन समाज की माँगों का समर्थन किया था। VHP ने कहा था कि तीर्थ क्षेत्रों का विकास श्रद्धा और आस्था के अनुसार होना चाहिए, ना कि पर्यटन केंद्र के रूप में। विश्व हिंदू परिषद ने कहा था कि पार्श्वनाथ सम्मेद शिखरजी की पवित्रता और मर्यादा बनी रहनी चाहिए। इसमें झारखंड सरकार को तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

जैन समाज के लोगों का कहना है कि तीर्थस्थल को पर्यटन स्थल घोषित करने के बाद यहाँ पर्यटकों के लिए कई तरह की सुविधाएँ भी दी जाएँगी, जिनमें शराब और मांस की बिक्री भी शामिल है। झारखंड सरकार द्वारा जारी अधिसूचना में वहाँ छोटे उद्योगों के विकास के साथ-साथ मुर्गा-मछली पालन की भी अनुमति दी गई है। जैन समाज का कहना है कि यह अहिंसक जैन समाज के लिए असहनीय होगा।

उधर, गुजरात के भावनगर जिले के एक पर्वत पर स्थित पालिताणा जैन तीर्थ को लेकर भी समाज में भारी असंतोष है। इसकी मंदिर में तोड़फोड़ पर जैन समाज नाराज है। समाज के लोगों का कहना है कि गुजरात में शराबबंदी है, लेकिन यहाँ शराब की अवैध बिक्री की जा रही है। इतना ही नहीं, इस पर्वत का अवैध रूप से खनन भी किया जा रहा है। इस मामले को लेकर जैन समाज कोर्ट में भी गया और कोर्ट ने धार्मिक भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचाने के लिए कहा था।

बता दें कि पार्श्वनाथ पहाड़ी वह जगह है, जैन धर्म के 24 ‘तीर्थंकरों’ में से 20 के साथ-साथ कई अन्य भिक्षुओं यहाँ मोक्ष प्राप्त किया था। यहाँ 20 तीर्थंकरों के चरण चिन्ह अंकित हैं, जिन्हें ‘टोंक’ कहा जाता है। इस पहाड़ी पर 2,000 साल से भी ज्यादा पुराने कई मंदिर हैं। इस पहाड़ी का नाम जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर पार्श्वनाथ के नाम पर है।

वहीं, गुजरात का पालिताणा शत्रुंजय तीर्थ जैन धर्म के पाँच प्रमुख तीर्थों में से एक है और इसे शाश्वत तीर्थ कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि मंदिर के ऊपर शिखर पर सूर्यास्त के बाद केवल देव साम्राज्य ही रहता है। कहा जाता है कि राजा संप्रति और राजा विक्रमादित्य आदि ने इसके जीर्णोद्धार कराए थे। 

‘बौद्ध धर्म को खत्म करने के लिए रच रहे साजिश, कभी सफल नहीं होगी’: चीन पर बरसे दलाई लामा, बताया- मंगोलिया से लेकर हिमालयी इलाकों में बसे हैं अनुयायी

तिब्बती धर्म गुरु (बौद्ध धर्म गुरु) दलाई लामा (Dalai Lama) ने चीन पर तीखा हमला बोला है। बिहार के बोधगया में चल रहे टीचिंग कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा है कि चीन की कम्युनिस्ट सरकार बौद्ध धर्म को नष्ट करने की कोशिश कर रही है लेकिन उसकी यह कोशिश कभी सफल नहीं होगी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दलाई लामा ने बोधगया के कालचक्र मैदान में आयोजित टीचिंग कार्यक्रम के तीसरे और अंतिम दिन बौद्ध धर्म के खिलाफ चीनी सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की पोल खोली है। दलाई लामा ने कहा है कि चीन बौद्ध धर्म को जहरीला मानता है और इसे खत्म करने व चीन से बाहर निकालने के लिए प्लानिंग के तहत अभियान चला रहा है।

दलाई लामा ने कहा है “हम बौद्ध धर्म में दृढ़ विश्वास रखते हैं। स्थानीय लोग इसके प्रति पूरी तरह समर्पित हैं। जब मैं ट्रांस-हिमालयी क्षेत्रों का दौरा करता हूँ, तो मैं स्थानीय लोगों को धर्म के प्रति बहुत समर्पित पाता हूँ। यहाँ तक कि मंगोलिया और चीन में रहने वाले लोग भी बौद्ध धर्म को मानते हैं। इसलिए, चीनी सरकार बधर्म को जहर के रूप में देखती है और इसे नष्ट करने की कोशिश कर रही है, लेकिन वे कभी सफल नहीं होंगे।”

उन्होंने यह भी कहा है, “बौद्ध धर्म को चीनी सरकार ने बहुत नुकसान पहुँचाया है। लेकिन इसके बाद भी, बौद्ध धर्म चीन से नष्ट नहीं हो सका। आज भी चीन में बौद्ध धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है। हालाँकि, चीनी सरकार ने कई बौद्ध विहारों (मठों) को नष्ट कर दिया था, लेकिन फिर भी चीन में बौद्ध धर्म के अनुयायियों की संख्या में कोई कमी नहीं हुई।”

दलाई लामा नर धर्म में विश्वास को लेकर कहा है, “जो लोग मुझमें विश्वास के साथ-साथ बौद्ध धर्म में विश्वास दिखा रहे हैं, उन्हें मेरे द्वारा प्रदान किए जा रहे बोधिचित्त (आध्यात्मिक जागरण) को स्वीकार करना चाहिए। चाहे वह तिब्बती हो या मंगोलियाई या चीनी। चीन में भी कई बौद्ध मठ हैं। मैं कई बार चीन गया हूँ। कई बुद्ध विहार आज भी वहाँ मौजूद हैं। लोगों के मन में बौद्ध धर्म और बुद्ध हैं। बौद्ध धर्म के प्रति बहुत लगाव है। चीनियों का बौद्ध धर्म के साथ प्राचीन संबंध है।”

दलाई लामा पर नजर रखता है चीन

गौरतलब है कि चीन दलाई लामा पर लगातार नजर रखता है। गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को बिहार पुलिस ने दलाई लामा की जानकारी जुटाने वाली चीनी जासूस को गिरफ्तार किया था। इस महिला का नाम मिस सॉन्ग शियाओलॉन है। यह बौद्ध भिक्षु की वेश में थी और मास्क पहनकर सबके बीच घूम रही थी। इसे उस कालचक्र मैदान के बाहर से गिरफ्तार किया गया था, जहाँ दलाई लामा प्रवचन देने आते हैं।

बता दें कि चीन द्वारा तिब्बत पर कब्जा करने और तिब्बतियों का क्रूरतापूर्वक नरसंहार करने के बाद दलाई लामा अप्रैल 1959 में भागकर भारत आ गए थे। हालाँकि, चीन उन पर लगातार नजर रखता है। भारत के साथ संबंधों के खराब होने में दलाई लामा को भारत में शरण देना भी एक कारण है।

आरिफ ने आशू बनकर दलित महिला से की शादी… सच खुला तो पहले अप्राकृतिक सेक्स किया, फिर पीटकर घर से निकाला: हरियाणा में केस दर्ज

हरियाणा के यमुना नगर से लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ दलित समुदाय की एक महिला ने आरिफ नाम के व्यक्ति पर खुद को हिन्दू बता कर शादी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि शादी के बाद न सिर्फ आरोपित ने उसे कई बार मारा-पीटा बल्कि अप्राकृतिक संबंध भी बनाए। शिकायत बुधवार (28 दिसंबर 2022) को दी गई है। शिकायत पर पुलिस ने महिला के पति सहित कुछ अन्य लोगों पर भी केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला का आरोप है कि वो 5 साल पहले छछरौली के एक स्कूल में पढ़ने जाया करती थी। इस दौरान आरिफ खान उसका पीछा किया करता था। पहली मुलाकात में आरिफ ने खुद को हिन्दू बताया। उसने अपना परिचय आशू के तौर पर दिया। थोड़े समय बाद दोनों में गहरी दोस्ती हो गई। इसी दौरान एक दिन आरोपित महिला को लेकर पंजाब के मोहाली चला गया। यहाँ वो किरतपाल व हरिंदर कौर के पास रुका। महिला का आरोप है कि मोहाली में आरिफ ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।

शिकायत में आगे बताया गया है कि आरिफ ने 24 अगस्त 2021 में पीड़िता से मोहाली में शादी की। यह शादी हिन्दू विधि-विधान से हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद तक पीड़िता और आरिफ पंजाब में ही रुके थे। दोनों ने चंडीगढ़ हाईकोर्ट में भी अपनी सुरक्षा के लिए आवेदन किया था। बताया जा रहा है कि कुछ दिनों बाद आरोपित की माँ मंजू दोनों से मिलने आईं थी। पीड़िता का दावा है कि यहाँ पर उसे पहली बार आशू के मुस्लिम होने की भनक लग पाई थी।

महिला ने शिकायत में आगे बताया है कि अपने साथ हुए धोखे की शिकायत जब उसने आरिफ से की तो उसे प्रताड़ना झेलनी पड़ी। आरोप है कि आरिफ ने गुस्से में पीड़िता को बहुत मारा-पीटा। इसी नाराजगी के चलते आरिफ महिला को पंजाब से वापस छछरौली अपने गाँव में रख लिया। यहाँ पीड़िता को जातिसूचक शब्द बोले गए। इसी के साथ आरिफ ने अप्राकृतिक संबंध भी बनाए। इतने के बाद भी जब आरिफ का मन नहीं भरा तब जनवरी 2022 में उसने पीड़िता को अपने घर से निकाल दिया।

शिकायत में महिला ने बताया है कि तब से वो अपने मायके में रह रही है। हर तरफ से थक हार कर आख़िरकार महिला ने पुलिस में आरिफ और उसके घर वालों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में आसिफ के अब्बा जितेंद्र खान, अम्मी मंजू, शाहीन, गुल्लू, हरिंदर कौर और किरत पाल को नामजद किया गया है। सभी आरोपितों पर IPC की धारा 323, 506 और 498- A के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के मुताबिक केस दर्ज कर के मामले की जाँच की जा रही है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

‘चर्च में जाकर बताओ ये सब…’ : अहमदाबाद के कार्निवल में घूम-घूम कर दिया जा रहा था क्रिसमस पर ज्ञान, हिंदू कार्यकर्ताओं ने हड़काया, सांता क्लॉज लगाने लगा- जय श्रीराम के नारे

गुजरात के अहमदाबाद के कांकरिया कार्निवल में सांता क्लॉज की ड्रेस पहनकर पहुँचे कुछ लोगों को हिंदू संगठनों ने पकड़ लिया और उन्हें जमकर पीटा। संगठन ने बताया कि वो लोग कार्यक्रम में ईसाई धर्म का प्रचार कर रहे थे। ऐसे में उन्होंने उनको रोका और कहा कि ये सब चर्च में किया जाए। हिंदू संगठन के हत्थे चढ़ने के बाद यहाँ सांता बन घूम रहे एक आदमी ने जय श्रीराम और हर-हर महादेव के नारे भी लगाए।

घटना रविवार 30 दिसंबर की है। हिंदू संगठनों का आरोप है कि कुछ लोग सांता की ड्रेस पहने आए और धर्मांतरण की गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। स्थानीयों ने बताया कि ये सब बीते कुछ दिन से हो रहा था। ये लोग आते थे और कुछ मिशनरी की किताबें देकर ईसाई धर्म का प्रचार करते थे। जैसे ही संगठनों को इसका पता चला वह मौके पर आए और दोनों पक्षों में झड़प हो गई। सफाई में कहा गया कि वो लोग सिर्फ क्रिसमस के बारे में लोगों को बता रहे थे। जिस पर हिंदू संगठनों ने कहा कि वो ये सब चर्च में जाकर करें।

घटना की वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। इसमें सांता क्लॉस की ड्रेस पहने शख्स का पीछा करते कुछ लोगों को देखा जा सकता है। स्थानीयों का कहना है कि ये सब केवल लोगों का ब्रेनवॉश करने के लिए किया जा रहा था।

विश्व हिंदू परिषद के एक प्रवक्ता ने इस मामले के बारे में दिव्य भास्कर को बताया, “कांकरिया कार्निवल के गेट के पास चार दिनों से सांता क्लॉज के वेश में कुछ लोग ईसाई धर्म का प्रचार करने वाली किताबें बाँटकर और ईसाई धर्म के बारे में समझाकर धर्मांतरण की गतिविधि को बढ़ावा दे रहे थे। मामला सामने आते ही विहिप और बजरंग दल के कार्यकर्ता पहुँच गए और सरकारी कार्यक्रम के दौरान चल रहे धर्मांतरण की गतिविधियों को रुकवा दिया।”

बताया जा रहा है कि हिंदू संगठनों के हाथ लगने के बाद सांता क्लॉज की ड्रेस पहने शख्स ने भी जय श्रीराम और हर-हर महादेव का नारा लगाया। एक वीडियो में उसे जय श्रीराम बोलते भी देखा जा सकता है।

मालूम हो कि ये घटना जिस कांकरिया कार्निवल उत्सव की है वो दिसंबर में अंतिम सप्ताह में हर साल कांकरिया नदी के पास होता है। इसका आयोजन अहमदाबाद नगर निगम द्वारा कराया जाता है। इस साल 25 दिसंबर को इसकी शुरूआत हुई थी। मंत्री भूपेंद्र पटेल ने इसका उद्घाटन किया था।

परमाणु हथियारों का जखीरा बढ़ाएगा उत्तर कोरिया: मिसाइलें दाग कर की नए साल की शुरुआत, किम जोंग उन ने कहा- हम होंगे सबसे बड़े न्यूक्लियर पॉवर

उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन (North Korean leader Kim Jong Un) ने मिसाइल परीक्षण के साथ नए साल की शुरुआत की है। उत्तर कोरिया ने रविवार (1 जनवरी 2023) की सुबह जो मिसाइल टेस्ट की, उसकी मारक क्षमता करीब 400 किलोमीटर है। उस दौरान किम जोंग नए साल में परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाने संकल्प लिया।

सत्तारूढ़ वर्कर्स पार्टी की एक बैठक में किम जोंग उन ने उत्तर कोरिया संप्रभुता और सुरक्षा के लिए सैन्य क्षमता में जबरदस्त बढ़ोतरी की बात कही है। उन्होंने कहा कि इस पूरे साल अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइलों का विकास एवं निर्माण तथा एक बड़े परमाणु शस्त्रागार को विकसित करने का आह्वान किया।

उत्तर कोरिया के तानाशाह का यह बयान उस वक्त आया है, जब अमेरिकी सहयोग वाले उसके पड़ोसी देश दक्षिण कोरिया के साथ संबंधों में तनाव बढ़ रहा है। किम ने आरोप लगाया कि अमेरिका दक्षिण कोरिया में लगातार अपने परमाणु हथियारों की तैनाती कर रहा है और उत्तर कोरिया पर हमले कर उसे अलग-थलग करना चाहता है।

कोरियन सेंट्रल न्यूज़ एजेंसी’ (KCNA) के मुताबिक, किम ने कहा कि उत्तर कोरिया के अंतरमहाद्विपीय बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम और परमाणु हथियारों में वृद्धि का उद्देश्य किसी पर हमला करना नहीं, बल्कि परमाणु हमले का त्वरित जवाब देना है।

केसीएनए ने कहा कि उत्तर कोरिया एक अलग डिस्पैच में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम 600 मिमी सुपर-लार्ज मल्टीपल रॉकेट लॉन्चर का परीक्षण कर रहा है। किम ने सिस्टम की 30 इकाइयों को वितरित करने के लिए युद्ध सामग्री उद्योग की सराहना की।

किम ने शनिवार (31 दिसंबर 2022) को एक सुपुर्दगी समारोह में कहा, “हमने परमाणु के लिए परमाणु से जवाब देने और चौतरफा टकराव के लिए चौतरफा संघर्ष करने की अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति की घोषणा की है।” उन्होंने कहा कि नए साल में उनका लक्ष्य सबसे शक्तिशाली परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र बनना है।

बता दें कि पिछले कई महीनों में उत्तर कोरिया ने एक बैलिस्टिक मिसाइलों का परीक्षण किया है। इसके पहले 30 दिसंबर 2022 को भी उत्तर कोरिया ने एक बैलिस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया था।

‘काश अल्लाह ने हम औरतों को बनाया ही नहीं होता’: शिक्षा-नौकरी पर बैन के बाद अफगानिस्तान की महिलाओं का दर्द, कहा – हो रहा जानवरों से भी बदतर सलूक

अफगानिस्तान पर कब्जा करने के बाद से तालिबान ने वहाँ इस्लामिक कानून शरिया के तहत कई कड़े नियम लागू किए हैं। गत सप्ताह तालिबान ने महिलाओं की उच्च शिक्षा और गैर-सरकारी संगठनों में काम करने पर रोक लगा दी। इसके बाद से, अफगानिस्तान में रहने वाली महिलाओं की स्थिति पर संकट और अधिक गहरा गया है। मौजूदा हालातों को लेकर एक अफगानी महिला ने कहा है कि काश अल्लाह ने महिलाओं को न बनाया होता।

दरअसल, अफगानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी के बाद तालिबान ने अफगानिस्तान में कब्जा कर लिया था। इसके बाद से अब तक, तालिबान ने महिलाओं के पार्क में जाने, स्कूली शिक्षा, महिलाओं के सार्वजनिक स्थानों चेहरा ढँकने, बिना पुरुष साथियों के बाहर निकलने पर प्रतिबंध जैसे कई फरमान जारी किए थे। इसके बाद अब, तालिबान ने महिलाओं की उच्च शिक्षा पर भी रोक लगा दी गई है।

इस रोक को लेकर एक 19 वर्षीय अफगानी महिला ने कहा है कि वह पढ़ने के लिए विश्वविद्यालय जाना चाहती है। लेकिन प्रतिबंध के बाद वह नहीं जा सकती। उसने तालिबानी सरकार के फैसले पर दुःख जताते हुए कहा, “काश अल्लाह ने कभी औरत नहीं बनाई होती। अगर हम इतने बदकिस्मत ही हैं तो इससे अच्छा है कि हम मर जाएँ। हमारे साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार किया जा रहा है। जानवर खुद से कहीं भी जा सकते हैं, लेकिन हम लड़कियों को अपने घरों से बाहर कदम रखने का भी अधिकार नहीं है।”

तालिबान सरकार के इस फैसले का वहाँ लगातार विरोध हो रहा है। सोशल मीडिया पर इस प्रदर्शन की कई तस्वीरें और वीडियो सामने आ रहे हैं। विरोध कर रही लड़कियों का कहना है, “तालिबान ने यूनिवर्सिटी से लड़कियों को बाहर कर दिया। बाहर के सम्मानित लोग, कृपया हमारा समर्थन करें, या तो सभी के लिए अधिकार हो या किसी के लिए नहीं।”

रिपोर्ट के अनुसार, राजधानी काबुल में हुए प्रदर्शन के बाद तालिबानी सरकार ने विरोध कर रही लड़कियों को गिरफ्तार किया था। इनमें से कुछ लोगों को बाद में छोड़ दिया गया। वही, कुछ ऐसे वीडियो भी सामने आए हैं जिनमें तालिबान के सुरक्षा अधिकारियों को अपने अधिकारों के हनन का विरोध कर रही महिलाओं के साथ मारपीट करते देखा जा सकता है।

अफगानिस्तान में तालिबान द्वारा महिलाओं पर लगाए गए प्रतिबंध को लेकर संयुक्त राष्ट्र संघ चिंता जताई है। यही नहीं, यूएन ने अफगानिस्तान में कई कार्यक्रमों को भी रोक दिया है। साथ ही, चेतावनी देते हुए कहा है कि इन प्रतिबंधों के कारण संयुक्त राष्ट्र कुछ अन्य चीजों पर भी रोक लगा सकता है। इस चेतावनी को लेकर अनुमान लगाया जा रहा है कि संयुक्त राष्ट्र अफगानिस्तान को मिलने वाली फंडिंग पर रोक लगा सकता है।