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जहाँ 4 हिन्दुओं को आधार कार्ड देख कर मार डाला, वहाँ अब बम धमाके में बच्चे की मौत: जम्मू कश्मीर के राजौरी में लगातार दूसरे दिन आतंकी वारदात

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के डाँगरी गाँव में बम धमाका हुआ है। इसमें एक बच्चे की मौत हो गई। वहीं, 5 अन्य घायल बताए जा रहे हैं। घायलों में से एक की हालत नाजुक बनी हुई है। इससे पहले, रविवार (1 जनवरी, 2023) को भी आतंकियों ने हिंदुओं को टारगेट करते हुए बम धमाके वाली जगह के पास में ही फायरिंग की थी। फायरिंग में 4 लोगों की मौत हुई थी। इस फायरिंग को डाँगरी के सरपंच ने हिंदुओं की ‘टारगेट किलिंग’ करार दिया।

सोमवार (2 जनवरी, 2023) को डाँगरी में हुए बम ब्लास्ट को लेकर जम्मू-कश्मीर एडीजी मुकेश सिंह ने कहा, “आतंकियों ने जिन घरों को निशाना बनाकर कल फायरिंग की थी, उसके पास ही बम धमाका हुआ है। इसमें 5 लोग जख्मी हुए हैं और एक बच्चे की मौत हो हुई। बम धमाके वाली जगह से एक संदिग्ध आईईडी सुरक्षा बलों ने बरामद किया है। ऐसा लगता है कि यह बम भी उन्हीं आतंकियों ने यहाँ रखा था, जिन्होंने रविवार शाम को फायरिंग कर 4 लोगों की जान ले ली थी।”

बता दें कि रविवार को देर शाम डाँगरी गाँव में, हिंदुओं को टारगेट करते हुए आतंकियों ने तीन घरों में फायरिंग की थी। ये घर, 50 मीटर के दायरे में बने थे। आतंकियों द्वारा की गई इस फायरिंग में 4 मासूमों की मौत हो गई थी। वहीं, 6 अन्य घायल हुए थे। घायलों में से 2 की हालत गंभीर थी। इन्हें, एयरलिफ्ट कर जम्मू लाया गया है। जहाँ, जम्मू मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।

इस फायरिंग को लेकर डाँगरी के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा है कि गाँव के बीचो बीच आतंकियों ने पहले लोगों की पहचान की। मारने से पहले आतंकियों ने पहचान पत्र (आधार कार्ड) देखा। आतंकियों ने पहचान पत्र में हिंदू नाम देखने के बाद महिलाओं के साथ भी बदतमीजी की। महिलाओं के बाल खींचकर उनके साथ मारपीट की। फिर, महिलाओं को कमरे में बंद कर दिया और उनके सामने ही दो लोगों को गोली मार दी। इस घटना में एक ही परिवार के दो लोगों की मौत हुई। दोनों बाप बेटे थे।

आतंकियों की कायराना हरकत पर, जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल मनोज सिन्हा ने दु:ख प्रकट करते हुए आश्वस्त किया है कि आतंकियों को ढूँढ़ निकाला जाएगा। साथ ही, उन्होंने मृतकों के परिजनों को 10 लाख रुपए आर्थिक सहायता व परिवार के एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है। वहीं, गंभीर रूप से घायलों को 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

दो दिनों में 4 बड़ी वारदात

नए साल की जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए अच्छी नहीं रही। आतंकियों ने बीते दो दिनों में 4 बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। आंतक की पहली वारदात श्रीनगर में हुई जहाँ आतंकियों ने CRPF के बंकर पर ग्रेनेड फेंका। वहीं, पुलवामा में आतंकी ने CRPF के जवान से एक-47 राइफल छीन ली। इसके बाद, राजौरी ने हिंदुओं को टारगेट करते हुए फायरिंग हुई और अब बम धमाका हुआ है।

एक के बाद एक सामने आई आतंकियों की करतूत के बाद डाँगरी गाँव मे भारी सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं। सेना के जवान घेराबंदी कर आतंकियों की सर्चिंग में जुटे हुए हैं। कहा जा रहा है कि जिस इलाके में आतंकी घटनाएँ सामने आईं हैं, वहाँ इससे पहले आतंकी गतिविधियाँ न के बराबर थीं। इन घटनाओं के बाद लोगों में दहशत का माहौल है।

इमरान ने कुल्हाड़ी से काटी भेड़ की पूँछ, दलितों के विरोध पर मुस्लिम भीड़ ने किया हमला: अलवर की घटना, पुलिस पर ढिलाई दिखाने का आरोप

राजस्थान के अलवर में एक दलित परिवार ने मुस्लिमों की भीड़ पर हमले का आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि यह विवाद भेड़ की पूँछ कटने की वजह से शुरू हुआ था। इस विवाद में लाठी-डंडों के अलावा पथराव भी होने की सूचना है। हमले में लगभग 20 लोगों के घायल होने की खबर है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। अब तक 9 लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी है। घटना शनिवार (31 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना नौगंवा तहसील के गाँव नारथला की है। घटना के दिन सोहनलाल मेघवाल एक मंदिर के बाहर अपनी भेड़ें और बकरियाँ चरा रहा था। सोहनलाल से थोड़ी ही दूर पर उसी गाँव का इमरान नाम व्यक्ति भी अपनी बकरियों को चरा रहा था। आरोप है कि चरते-चरते सोहनलाल की एक भेड़ भटक कर इमरान की बकरियों के बीच पहुँच गई। यह बात इमरान को नागवार गुजरी।

आरोप है कि इस बात से नाराजगी जताते हुए असलम के बेटे इमरान और उसके भाई ने सोहनलाल के भेड़ की पूँछ कुल्हाड़ी से काट डाली। जब सोहनलाल ने इसका विरोध किया तो इमरान और उसके भाई ने पीड़ित से न सिर्फ गाली-गलौज की बल्कि जातिसूचक शब्द भी बोले। इस दौरान दोनों पक्षों के लोग जमा हो गए। मेघवाल समाज के पीड़ितों का कहना है कि मुस्लिमों की तरफ से 40-50 की संख्या में भीड़ जमा हो गई थी।

शिकायत में बताया गया है कि मुस्लिमों की भीड़ ने ने पुरुषों के साथ मेघवाल समाज की महिलाओं को भी बेरहमी से मारा-पीटा। इस दौरान हमलावरों ने न सिर्फ लाठी-डंडे ले रखे थे बल्कि उन्होंने पीड़ित लोगों पर पत्थरबाजी भी की। इस घटना में दलित समुदाय के लगभग 15 से 20 लोग घायल हो गए हैं। दूसरे पक्ष के भी लगभग 3 से 4 लोगों को चोटें आने की खबर है। भीम सेना के अलवर जिलाध्यक्ष नवल सिंह के मुताबिक सोहनलाल ने इसकी शिकायत पुलिस में की थी लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

पीड़ित परिवार के सदस्यों ने भी पुलिस कार्रवाई पर असंतोष जताया है। उनका कहना है कि किसी भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया गया है और केस में आरोपितों पर लगाई गईं धाराओं को भी कम किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया है कि आए दिन उनकी बहन बेटियों के साथ अत्याचार किया जा रहा है लेकिन कहीं भी सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ितों का इलाज अस्पताल में चल रहा है।

‘ये मेरी है, मैं इसको चाटूँगी’: मॉडल ने कैमरे के सामने ‘भगवा आइसक्रीम’ चाभ कर किया ‘पठान’ का समर्थन, कहा – किस-किस को मना करोगे?

शाहरुख़ खान की आने वाली फिल्म ‘पठान’ के गाने ‘बेशरम रंग’ में दीपिका पादुकोण को भगवा बिकनी में दिखाए जाने के बाद हिन्दू संगठनों ने आपत्ति जताई और लोगों ने सोशल मीडिया में बॉयकॉट का ट्रेंड चलाया। अब मानवी तनेजा नामक एक अभिनेत्री का वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें वो ‘भगवा आइसक्रीम’ खाती हुई दिख रही है और कह रही है, “ये मेरी आइसक्रीम है, इसको मैं चाटूँगी। ये लो भक्त, तुम चाटो। चाटो-चाटो। कोई समस्या है?”

इसके साथ ही उन्होंने एक साबुन दिखाते हुए भी कहा कि ‘भक्त लोग’ भी इस साबुन को पता नहीं कहाँ-कहाँ आगे-पीछे रगड़ते हैं, ऐसे में क्या तब लोगों की भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचती? लड़की ने पूछा कि किस-किस को मना करोगे और कार्रवाई करोगे, क्या इंस्टाग्राम पर रील बनाने वालों को भी मना करोगे? बताया जा रही है कि ये लड़की अभिनेत्री है। उन्होंने दावा किया कि कंगना रनौत ने भी ‘धाकड़’ फिल्म में भगवा बिकनी पहनी थी।

उन्होंने पूछा कि क्या भारत को अफगानिस्तान या तालिबान बनाना चाह रहे हैं? उन्होंने पूछा कि लोगों को क्या संस्कृति अब याद आई है? खुद को मॉडल बताने वाली अभिनेत्री ने कहा, “मैं पहले भी पहनती थी। आगे भी बिकनी पहनूँगी। ये रंग भगवा नहीं, नारंगी है। भाजपा को भगवा रंग को पेटेंट करा लेना चाहिए कि उनकी अनुमति के बिना कोई इसका इस्तेमाल न करे। जो लोग कह रहे हैं कि ‘पठान’ नहीं देखेंगे, सबसे पहले वही लोग ‘पठान’ देखेंगे।”

उन्होंने उदाहरण देते हुए दावा किया कि ‘ब्रह्मास्त्र’ बॉयकॉट ट्रेंड होने के बावजूद सुपरहिट साबित हुई। उन्होंने कहा कि इतनी ही पाबंदी है तो राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय ब्रांड्स को मना कर देना चाहिए, जो हर रंग के अंडरगार्मेंट्स पहनते हैं। मॉडल ने ये भी दावा किया कि बॉलीवुड को सॉफ्ट टारगेट बनाया जा रहा है, क्योंकि भाजपा के पास कोई मुद्दा नहीं है। मॉडल ने ये भी कहा कि कंगना रनौत जब कुछ करती-कहती हैं तो लोग ‘गाँधीजी के तीन बन्दर’ बन जाते हैं।

उन्होंने ‘धाकड़’ के फ्लॉप होने का भी मजाक बनाते हुए कहा कि ‘पठान’ की एडवांस बुकिंग शुरू हो गई है और कई जगह सीटें मिल भी नहीं रही हैं। इसके बाद वो ‘भगवा आइसक्रीम’ लेकर खाने लगी। मॉडल मानवी तनेजा ने भाजपा और RSS को आज़ादी का विरोध करने वाला करार देते हुए शाहरुख़ खान के दादा को स्वतंत्रता सेनानी बताया। उन्होंने ‘लाल सिंह चड्ढा’ के बारे में कहा कि कंटेंट की कमी के कारण वो नहीं चली, लेकिन ‘ब्रह्मास्त्र’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन अच्छा रहा।

सुप्रीम कोर्ट ने नोटबंदी को सही ठहराया, 58 याचिकाएँ खारिज-चिदंबरम, प्रशांत भूषण की दलीलें फेल: जस्टिस नागरत्ना का फैसला अलग

भारत में हुई नोटबंदी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने आज (2 जनवरी 2023) अपना फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने सरकार के निर्णय को उचित बताते हुए कहा कि आर्थिक मामलों से जुड़े फैसलों को नहीं पलटा जा सकता।

कोर्ट ने नोटबंदी को चुनौती देने वाली 58 याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा कि सरकार द्वारा नोटबंदी का फैसला लेते हुए अपनाई गई प्रक्रिया में कोई कमी नहीं थी इसलिए उस अधिसूचना को रद्द करने की आवश्यकता नहीं है।

उल्लेखनीय है कि नवंबर 2016 में हुई नोटबंदी को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर 12 अक्टूबर को सुनवाई शुरू हुई थी, जिसके बाद जस्टिस एस अब्दुल नजीर, बीआर गवई, एएस बोपन्ना, वी रामासुब्रमण्यम और बीवी नागरत्ना की संवैधानिक बेंच ने 7 दिसंबर को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज उस पर अपना फैसला सुनाया।

फैसले के दौरान बीवी नागरत्ना बाकी जजों के निर्णय से असहमत कहे। लेकिन कोर्ट ने जजों के बहुमत के आधार पर अपना फैसला लिया। कोर्ट ने कहा कहा कि आरबीआई के पास स्वतंत्र रूप से इतनी ताकत नहीं है कि वो नोटबंदी करें। ये फैसला सरकार और आरबीआई के आपसी सलाह-मशवरे के बाद लिया गया।

इस पूरे मामले में याचिकाकर्ताओं की ओर से एडवोकेट पी चिदंबरम ने दलील पेश की थी। उनका कहना था कि अगर जो हुआ उसे सही नहीं किया जा सकता तो फिर कोर्ट को भविष्य के लिए कुछ ऐसा करना चाहिए ताकि ऐसा दुस्साहस दोबारा न हो। पी चिदंबरम की तरह कुछ याचिकाकर्ताओं की ओर से प्रशांत भूषण ने भी दलीलें दी थीं।

हालाँकि भारत के अटॉर्नी जनरल आर वेंकटमणि ने केंद्र की ओर से कहा कि यह निर्णय काले धन, फर्जी करेंसी और आतंक के वित्त पोषण की बुराइयों को रोकने के लिए लिया गया था। केंद्र की ओर से यह भी बताया गया कि यह निर्णय बहुत सोच समझ कर लिया गया था। नोटबंदी के 9 महीने पहले से इस बारे में आरबीआई से राय-मशवरा लिया जा रहा था। अटॉर्नी जनरल वेंकटरमणि ने नोटबंदी के पक्ष में ये भी कहा कि ये इससे न केवल डिजिटल इकोनॉमी अच्छी हुई है बल्कि टैक्स कलेक्शन में भी सुधार आया है।

बता दें कि इस मामले में RBI ने भी कोर्ट को बताया कि विमुद्रीकरण से पहले उचित प्रक्रिया अपनाई गई थी। सीनियर एडवोकेट जयदीप गुप्ता के माध्यम से उन्होंने कहा कि यह फैसला केंद्र बैंक द्वारा दी गई सिफारिशों पर लिया गया है।

अब नोएडा के सड़क पर मिली सिर कुचली लड़की की लाश, दिल्ली की सड़क पर घसीटी गई मृतका की माँ ने कहा- दुर्घटना नहीं, कुछ गलत हुआ

देश की राजधानी दिल्ली के सुल्तानपुरी इलाके में रविवार (1 जनवरी, 2023) को कार के नीचे घसीटे जाने के कारण हुई युवती की दर्दनाक मौत के बाद नोएडा में भी एक सिर कुचली लाश मिली है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं दिल्ली की घटना पर उप राज्यपाल वीके सक्सेना का बयान आया है।

नग्न अवस्था में मिले लड़की के शव के बाद वीके सक्सेना ने अपना सिर शर्म से झुका बताया है। जबकि, पीड़िता के परिजनों ने इस मामले को दुर्घटना मानने से इंकार कर दिया है। पीड़िता के शव का पोस्टमार्टम होने जा रहा है जिस से कुछ अन्य जानकारियाँ भी सामने आ सकती हैं। मृतका की स्कूटी और आरोपितों की कार को भी पुलिस ने ज़ब्त कर लिया है।

1 जनवरी 2023 को रात लगभग 11:30 बजे दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना ने इस मुद्दे पर ट्वीट किया। उन्होंने लिखा कि यह एक अमानवीय कृत्य है जिस पर उनका सिर शर्म से झुक गया है। आरोपितों की संवेदनहीनता से खुद को हैरान बताते हुए उन्होंने लिखा कि इस घटना के बाद वो दिल्ली के पुलिस कमिश्नर के सम्पर्क में हैं और हर सम्भव कदम उठाए जाएँगे।

LG वी के सक्सेना ने मृतिका के परिजनों को हर संभव सहायता देने का ऐलान किया है। उन्होंने समाज के अन्य वर्गों से भी पीड़ित परिवार के सहयोग के लिए खुल कर सामने आने की अपील की है।

ये सामान्य दुर्घटना नहीं

वहीं मृतका के परिजनों ने इस घटना को महज दुर्घटना मानने से इंकार कर दिया है। मृतका के मामा ने कहा है कि आरोपितों द्वारा लड़की को अकेला देख कर निश्चित तौर पर कुछ गड़बड़ किए जाने की आशंका है। अपने दावे के समर्थन में उन्होंने लड़की की लाश और स्कूटी का अलग-अलग जगह मिलना संदेहास्पद बताया।

मृतका की माँ ने इस घटना से पहले की जानकारी देते हुए बताया कि उनकी बेटी ने शाम 5 से 6 बजे के बीच में थोड़ी देर में लौट आने की बात कहते हुए घर छोड़ा था। रात लगभग 9 बजे उनकी माँ ने सब्ज़ी लाने के लिए कहा तो लड़की ने लगभग 11 बजे तक आ पाने की जानकारी दी। बाद में पीड़ित परिजनों को अगले दिनअपनी बेटी के साथ हुई अनहोनी की जानकारी मिली।

ABP न्यूज़ से बात करते हुए मृतका की माँ ने दावा किया है कि उनकी बेटी के साथ रेप कर के हत्या की गई है। उन्होंने अपने दावे का चश्मदीद होने की बात कहते हुए पुलिस पर इस मामले को एक्सीडेंट का रूप देने का आरोप लगाया।

आरोपितों ने पुलिस को ये बताया

आउटर दिल्ली के DCP हरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक आरोपितों को कार की नंबर के आधार पर पकड़ा गया है। पुलिस पूछताछ में पकड़े गए आरोपितों ने बताया कि उन्हें नहीं पता था कि कार के नीचे कोई फँसा है। बताया जा रहा है कि आरोपितों पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज हुआ है। पुलिस का कहना है कि अगर जाँच में कोई नए तथ्य निकल कर सामने आते हैं तो धाराओं में बढ़ोत्तरी की जाएगी।

दिल्ली मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने इस पेपर की कटिंग को शेयर करते हुए मृतका को अपनी बहन बताते हुए आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा की माँग की है।

नोएडा में मिली लड़की की सिर कुचली लाश

उल्लेखनीय है कि सुल्तानपुरी वाली घटना के एक दिन बाद ही उत्तर प्रदेश के नोएडा से भी ऐसी दर्दनाक घटना प्रकाश में आई है। वहाँ ईस्टर्न पेरिफेरल हाईवे पर एक लड़की की लाश मिली है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। उसकी पहचान छिपाने के लिए शव को कुचल दिया गया है।

मैक्सिको की जेल में घुसे बंदूकधारी, सुरक्षाकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोली चलाई: 14 की मौत, 24 कैदी फरार, पुलिस ने 2 हमलावरों को मारा

उत्तरी अमेरिकी देश मैक्सिको में एक जेल पर हुए हमले में 14 लोगों के मारे जाने की सूचना है। मरने वालों में जेल के 10 सुरक्षाकर्मी और 4 कैदी हैं। बताया जा रहा है कि अफरातफरी का फायदा उठा कर 24 कैदी भाग भी निकले हैं। हमले के लिए बख्तरबंद वाहनों के प्रयोग की भी जानकारी मिल रही है। बाद में पुलिस ने 2 हमलावरों को मार गिराया है। घटना रविवार (1 जनवरी 2023) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटनास्थल सीऊडैड वारेज शहर में चवावा नाम की जगह है। यहाँ मैक्सिको की सबसे प्रसिद्ध जेल मौजूद है। रविवार को सुबह लगभग 7 बजे बख्तरबंद वाहन से कुछ अज्ञात हमलावरों ने जेल पर धावा बोल दिया। उन्होंने जेल की रखवाली कर रहे सुरक्षाकर्मियों पर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दी। अधिकारी कुछ समझ पाते उस से पहले बंदूकधारी जेल के अंदर तक घुस गए। अभी तक हमलावरों की संख्या और पहचान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

बताया जा रहा है कि हमलावरों से जूझ रहे सुरक्षा बलों के लिए हालात बद से बदतर तब हो गए जब जेल एक अंदर कैदी आपस में भी भिड़ गए। इस भिड़ंत के दौरान कई कैदियों ने भागने की भी कोशिश की। इस बीच गोलीबारी के चलते 10 सुरक्षाकर्मियों और 3 कैदियों की जान चली गई। कैदियों के आपसी झगड़े में 13 लोग घायल हो गए। हमलावरों द्वारा जेल के साथ स्थानीय पुलिस पर भी गोली बरसाने की जानकारी सामने आ रही है।

बाद में तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने SUV से घूम रहे 2 हमलावरों को मार गिराया है। मिली जानकारी के मुताबिक कुल 4 संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालाँकि इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि गिरफ्तार ये चारों संदिग्ध हमलावर हैं या पहले से जेल में बंद कैदी। जिस जगह जेल पर यह हमला हुआ है वो अमेरिका के टेक्सास शहर के पास बताई जा रही है। इस इलाके में अवैध ड्रग्स के कारोबारियों का दबदबा होना बताया जाता है। पुलिस घटना के कारणों की जाँच कर रही है। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

गौरतलब है कि अगस्त 2022 में भी इसी शहर में बंदूकधारियों के हमले में 11 लोग मारे गए थे। मृतकों में शहर के मेयर भी शामिल थे।

नए साल पर पटाखों की आड़ में नकाबधारियों ने खुलेआम लोगों पर चलाई गोलियाँ, 1 की मौत, 3 घायल: स्वीडन में घरों और कारों पर रॉकेट छोड़ लगाई गई आग

स्वीडन के स्टॉकहोम में न्यू ईयर इवनिंग पर गोलीबारी की घटना प्रकाश में आई है। वहाँ वलिंगबाय (Vallingby) जिले में घटी इस घटना में 3-4 लोग बुरी तरह घायल हो गए। वहीं एक की इलाज के दौरान मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि हमलावरों ने गोली मैकडॉनल्ड के नजदीक शाम करीबन 7 बजे चलाई। लोगों को इस बारे में अधिक न पता चले इसके लिए उन्हें कन्फ्यूज करने के लिए रॉकेट छोड़े जाते रहे।

बाद में पुलिस ने पुष्टि की कि घटना में 2 लोगों को गोली लगी है पर आरोपित अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए हैं।

लोकल स्वीडन की रिपोर्ट के अनुसार, न्यू ईयर इवनिंग के वक्त छोड़े गए रॉकेट घरों और कारों तक में जाकर लगे। स्केन में कई लोगों के अपार्टमेंट और कार में इन रॉकेट्स से आग लगी। जब एक व्यक्ति ने ऐसा करने से लोगों को रोका तो उसे पीटने का मामला भी स्वीडन में देखा गया। एक रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस अधिकारियों और फायर ब्रिगेड के ऊपर भी रॉकेट छोड़े गए

स्वीडन की खोजी पत्रकार ने उस शाम की एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर की है। इस वीडियो में उन्होंने बताया कि कैसे लोगों के घरों और कारों पर पटाखे जलाए जा रहे हैं।

उनकी शेयर की गई वीडियो में देख सकते हैं कि कुछ लोग मुँह ढककर कारों को टारगेट कर रहे हैं और जोर-जोर से कुछ चिल्ला रहे हैं। हम इसकी पुष्टि नहीं करते कि वीडियो में क्या कहा जा रहा है लेकिन एमी मेक के ट्वीट में ‘अल्लाहु अकबर’ लिखे जाने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स इसे इस्लामी कट्टरपंथियों का काम बता रहे हैं।

हिन्दुओं को निशाना बना कर गोलीबारी, जम्मू कश्मीर के राजौरी में 3 को मार डाला: महिला-बच्चा समेत 10 घायल, आतंकियों की तलाश जारी

रविवार (1 जनवरी 2023) को जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों ने हिंदू परिवारों को निशाना बनाते हुए फायरिंग की। फायरिंग में 3 लोगों की मौत हुई है। वहीं, 10 लोगों के घायल होने की खबर है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, आतंकियों ने हमला राजौरी के ऊपरी डांगरी गाँव में 50 मीटर के दायरे में स्थित 3 घरों में किया है। आतंकी हमले की जानकारी मिलते ही सुरक्षाकर्मियों ने इलाके की घेराबंदी करते हुए आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। घायलों को इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

इस मामले में, राजौरी हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. महमूद ने कहा, “राजौरी के डांगरी इलाके में फायरिंग की घटना में 3 लोगों की मौत हो गई और 10 अन्य घायल हैं। घायलों का इलाज चल रहा चल रहा है। पुलिस व जिला प्रशासन के लोग हॉस्पिटल आए हैं।”

पुलिस का कहना है कि रविवार (1 जनवरी 2023) को देर शाम करीब 7:15 बजे हायर सेकेंड्री स्कूल, डांगरी के पास आतंकियों ने गोलीबारी की। इसमें, एक महिला व एक बच्चे सहित एक हिन्दू परिवार के 10 लोग घायल हुए हैं। वहीं, 3 लोगों की मौत हो चुकी है। घायलों के शरीर पर गोलियों के कई निशान पाए गए हैं। आतंकियों की तलाश जारी है।

‘वो सुबह कभी तो आएगी दोस्त’: दिल्ली दंगा आरोपित उमर खालिद के महिमामंडन में जुटी स्वरा भास्कर, बोल रहे वामपंथी-इस्लामी गिरोह के लोग – इंशाअल्लाह, वो रिहा होंगे

साल 2020 में दिल्ली में हुए हिंदू विरोधी दंगों के आरोपित उमर खालिद को बहन की शादी में शामिल होने के लिए 7 दिनों की जमानत मिली थी। जमानत अवधि पूरी होने के बाद शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) को खालिद ने आत्मसमर्पण कर दिया। वह तिहाड़ जेल में रहेगा। उमर खालिद के आत्मसमर्पण करने की जानकारी मिलने के बाद वामपंथियों ने खालिद का महिमामंडन करना शुरू दिया। इसमें, बॉलीवुड अभिनेत्री स्वरा भास्कर से लेकर वामियों के प्रोपेगैंडा पोर्टल के तथाकथित पत्रकार तक शामिल हैं।

स्वरा भास्कर ने उमर खालिद को लेकर ट्वीट करते हुए कहा है, “यह बहादुर युवक एक भाषण के लिए जेल में है। जहाँ, उसने प्रेम और एकता की बात की और हमारे संविधान के मूल्यों की वकालत की। ट्रांज़िट ज़मानत के बाद, उमर खालिद फिर से जेल में जा रहा है। अन्याय के वाबजूद वह मुस्कुरा रहा है और संकल्पित। तुम एक स्टार हो। वो सुबह कभी तो आएगी दोस्त।”

तथाकथित सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता खालिदा परवीन ने कहा, “उनके डंडों और जेलों से उसकी मुस्कान नहीं मिट सकी। हम पहले से दृढ़ थे। हम दिखाएँगे कि शाहीन बाग में आवाज उठाकर हमें यह ताकत फिर से कैसे मिली।”

फिल्म निर्माता ओनिर ने कहा, “उम्मीद है कि 2023 में उमर खालिद को न्याय मिलेगा। वह उन चीजों के बारे में बोलने के लिए जेल में है जिन्हें हम सभी महत्वपूर्ण मानते हैं। हमारा संविधान, समावेश, प्रेम और सहानुभूति।”

ओखलापोस्ट के पत्रकार साहिल रज़वी ने कहा, “उमर खालिद अपनी बहन की शादी में शामिल होने के बाद वापस जेल चले गए हैं।”

खालिद की एक सहयोगी ज्योत्सना बानो ने कहा, “तो बिना किसी सनसनी के, हम एक सप्ताह पूरी तरह से जी गए। ढेर सारी हँसी और आनंद के बीच, अच्छा खाना और मस्ती। हम उदास और चिंतित नहीं हुए। जैसा कि उमर की माँ कहती है, हमने इस एक सप्ताह को जीवन में आगे बढ़ने के लिए लड़ाई हेतु बूस्टर डोज की तरह माना है।”

न्यूज़लॉन्ड्री के स्तंभकार शरजील उस्मानी ने लिखा, “तस्वीरें बेहद खूबसूरत और दर्दनाक दोनों हैं। दुआ करता हूँ कि उमर खालिद जल्द अपने परिवार और दोस्तों के पास लौट आए। और शरजील भाई, गुलफिशा, खालिद भाई, मीरान हैदर, और हमारे सभी राजनीतिक कैदी भी। इंशा अल्लाह। अमीन।”

दरअसल, उमर खालिद फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के अंतर्गत दंगे को भड़काने का आरोपित है।

बता दें कि फरवरी 20220 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन हो रहे थे। इस दौरान, नार्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में पुलिस कर्मियों समेत कुल 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था।

गड्ढे जैसी कोई चीज सामने आ गई थी… ऋषभ पंत ने CM धामी को बताया कैसे हुई दुर्घटना, इलाज का पूरा खर्च उठाएगी राज्य सरकार: BCCI भी संपर्क में

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार (1 जनवरी, 2022) को राजधानी देहरादून स्थित मैक्स अस्पताल पहुँचे, जहाँ क्रिकेटर ऋषभ पंत कार दुर्घटना के बाद इलाजरत हैं। इस दौरान सीएम धामी ने इलाज में हर संभव मदद का आश्वासन देते हुए ऋषभ पंत की माँ और बहन से मुलाकात की। उन्होंने सड़क दुर्घटना के कारण को लेकर भी बातचीत की। परिवार ने बताया कि गड्ढों के कारण ये हादसा हुआ है। युवा क्रिकेटर की हालत में भी सुधार है।

डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे हैं और ‘भारत्या क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)’ भी संपर्क में है। इलाज से परिवार भी पूरी तरह संतुष्ट है। असल में ऋषभ पंत अपनी माँ को सरप्राइज देने के लिए 30 दिसंबर, 2022 को कार से सुबह 5:30 बजे जा रहे थे तो एक दुर्घटना का शिकार हो गए थे। उनके पीठ, माथे और पाँव में सबसे ज्यादा चोटें आई हैं। उनकी जान बचाने वाले हरियाणा रोडवेज के ड्राइवर-कंडक्टर को धामी सरकार भी सम्मानित करेगी

अंग्रेजी नव वर्ष के दिन अस्पताल पहुँचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ये भी बताया कि ऋषभ पंत के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। शरीर में लगी चोटों की वजह से ऋषभ पंत के बॉडी में दर्द भी है। हालाँकि, डॉक्टरों का कहना है कि 24 घंटे के भीतर उनका ये दर्द भी कम हो जाएगा। उनका इलाज मैक्स अस्पताल में ही जारी रहेगा। जहाँ दुर्घटना हुई थी, वहाँ प्रशासन द्वारा रातोंरात सड़क के गाढ़े भरने का मामला भी सामने आया है।

वहीं उत्तराखंड पुलिस का कहना है कि झपकी आने की वजह से ये दुर्घटना घटी हो सकती है। ऋषभ पंत ने खुद कहा है कि नारसन हाइवे पर गड्ढे जैसी कोई चीज आने के कारण दुर्घटना हुई। इस हाइवे की सर्विस लेन का निर्माण अब तक नहीं हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे पहले दुर्घटना में वहाँ कई लोग मर चुके हैं। यहाँ गाड़ियाँ भी तेज़ रफ़्तार में होती हैं, ऐसे में दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है। फ़िलहाल टूटी रेलिंग्स की भी मरम्मत कर दी गई है।