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हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह का इस्तीफा, महिला कोच ने लगाया है यौन उत्पीड़न का आरोप: भारतीय हॉकी टीम के रह चुके हैं कप्तान

हरियाणा के खेल मंत्री संदीप सिंह (Haryana Sports Minister Sandeep Singh) पर एक जूनियर महिला कोच ने यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। आरोप को बेबुनियाद बताते हुए संदीप सिंह ने कहा है कि उनकी छवि को खराब करने के लिए माहौल बनाया जा रहा है। मामले की जाँच होनी चाहिए। साथ ही, उन्होंने अपने मंत्री पद से भी इस्तीफा दे दिया है।

जूनियर महिला कोच द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाए जाने के बाद ओलंपियन हॉकी स्टार संदीप सिंह ने मामले की निष्पक्ष जाँच की माँग करते हुए कहा है, “आप सबको पता है, मेरी छवि खराब करने के लिए एक माहौल क्रिएट किया गया है। एक जूनियर कोच ने मुझ पर झूठे आरोप लगाए हैं। मैं चाहता हूँ, इन झूठे आरोपों की निष्पक्ष जाँच हो। रिपोर्ट आने तक, नैतिकता और इंसानियत के आधार पर मैं अपना विभाग मुख्यमंत्री को सौंपता हूँ। दूध का दूध और पानी का पानी होने के बाद मुख्यमंत्री मेरे मंत्री पद को लेकर फैसला लेंगे।”

पीड़िता ने चंडीगढ़ के सेक्टर 26 पुलिस थाने में संदीप सिंह के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने संदीप के खिलाफ आईपीसी (IPC) की धारा 354, 354ए, 354 बी, 342 और 506 के तहत मामला दर्ज किया है।

संदीप सिंह पर ये हैं आरोप

हरियाणा के खेल विभाग में जूनियर कोच के रूप में पदस्थ महिला कोच ने फ्रेस कॉन्फ्रेंस कर संदीप सिंह आरोप लगाते हुए कहा था कि उसे संदीप सिंह ने इंस्टाग्राम पर मैसेज किए थे। ये मैसेज वेनिश मोड पर किए गए थे, इसीलिए 24 घण्टे बाद डिलीट हो गए।

पीड़िता ने आरोप लगाते हुए कहा था कि इंस्टाग्राम के बाद संदीप सिंह ने उसे इंस्टाग्राम के बजाय स्नैपचैट पर बात करने के लिए कहा। यही नहीं, आरोप है कि संदीप ने उसे चंडीगढ सेक्टर 7 लेक साइड पर मिलने के लिए बुलाया था। हालाँकि, वह नहीं गई तो संदीप उसे इंस्टाग्राम पर ब्लॉक और अनब्लॉक करते रहे।

पीड़िता ने यह भी आरोप लगाए हैं कि 1 जुलाई 2022 को संदीप सिंह ने उसे स्नैपचैट पर कॉल किया। इसमें एक डॉक्यूमेंट्स के वैरिफिकेशन के लिए उसे चंडीगढ़ के सेक्टर 7 में स्थित अपने घर पर आने के लिए कहा। जब वह संदीप सिंह के सरकारी आवास पर पहुँची तो वह उस कमरे में नहीं बैठना चाहते थे, जहाँ कैमरा लगा हुआ है।

पीड़िता जूनियर कोच ने संदीप सिंह पर आरोप लगाते हुए आगे कहा है कि संदीप उसे एक अलग कैबिन में ले गए। जहाँ, उन्होंने उसके पैर पर हाथ रखा। आरोप है कि संदीप ने पीड़िता से कहा था कि तुम मुझे खुश रखो, मैं तुम्हें खुश रखूँगा। ​​​​​

संदीप सिंह पर आरोपों की बौछार करते हुए पीड़िता ने यह भी कहा है कि संदीप ने उसके साथ छेड़छाड़ करने की कोशिश की। इसमें, उसकी टी-शर्ट फट गई थी। आरोप है कि संदीप सिंह का स्टाफ उसकी हालत देख कर हँसता रहा। पीड़िता का कहना है कि डीजीपी से लेकर सीएम ऑफिस तक में उसने कॉल किया था। हालाँकि, कहीं कोई मदद नहीं मिली। पीड़िता ने मामले की जाँच को लेकर संदीप सिंह के घर ज बाहर से लेकर सुखना लेक तक लगे सीसीटीवी कैमरों की जाँच कराने की माँग की है।

SIT कर रही है मामले की जाँच

फिलहाल, इस पूरे मामले में हरियाणा के डीजीपी ने एसआईटी गठित की है। इसमें, आईपीएस ममता सिंह और समर प्रताप सिंह के साथ एचसीपी राजकुमार कौशिक का नाम शामिल है। एसआईटी को ममता सिंह लीड कर रही हैं। डीजीपी ने एसआइटी को जूनियर महिला कोच के आरोपों की बिंदुवार जाँच कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं।

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के सैन्य हवाई अड्डे पर विस्फोट, कइयों के मरने की आशंका: इससे पहले होटल को बनाया था निशाना

अफगानिस्तान की राजधानी काबुल (Kabul, Afghanistan) में एक सैन्य हवाईअड्डे के बाहर भयानक विस्फोट हुआ है। इस विस्फोट में कई लोगों के मारे जाने की बात कही जा रही है। तालिबान सरकार के गृहमंत्रालय ने हमले की पुष्टि की है।

गृहमंत्रालय के प्रवक्ता अब्दुल नबी ताकोर ने रॉयटर्स को बताया, “आज सुबह काबुल सैन्य हवाई अड्डे के बाहर एक विस्फोट हुआ, जिसके कारण हमारे कई नागरिक शहीद और घायल हो गए।” उन्होंने कहा कि इसकी जाँच की जा रही है।

स्थानीय निवासियों ने बताया कि भारी सुरक्षा वाले हवाईअड्डे के सैन्य हिस्से के आसपास सुबह 8 बजे से पहले एक जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई। घटना के बाद इलाके को सुरक्षा बलों ने सील कर दिया है और सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है।

इससे पहले 12 दिसंबर को काबुल के शहर-ए-नवा इलाके के एक होटल को हमलावरों ने निशाना बनाया था। इस हमले में 3 लोगों की मौत हो गई थी और 18 लोग बुरी तरह घायल हो गए थे। जिस होटल पर हमला किया गया था, उसे चाइनीज होटल कहा जाता है। चीनी अधिकारियों के आने-जाने के कारण यह नाम पड़ा है।

बता दें कि तालिबान और इस्लामिक स्टेट (ISIS या IS) के बीच शह और मात का खेल जारी है। दोनों के बीच खूनी जंग जारी है। हाल ही में काबुल स्थित रूसी और पाकिस्तानी दूतावास के साथ-साथ पूर्व प्रधानमंत्री के आवास को निशाना बनाया गया था।

186 आतंकी ढेर, 159 गिरफ्तार: कश्मीर DGP ने दी घाटी में आतंकियों की रिपोर्ट, बताया- 4 सालों में सबसे शांतिपूर्ण रहा साल 2022

साल 2022 के समापन पर जम्मू कश्मीर के DGP दिलबाग सिंह ने पूरे साल का लेखा-जोखा पेश किया। उन्होंने आतंकवाद के नजरिए से साल 2022 को बेहद शांत वर्ष बताया। पुलिस महानिदेशक ने अपने बयान में साल 2023 को पुलिस के लिए मिशन जीरो टेरर का लक्ष्य तय किया है। उन्होंने कहा है कि इस साल आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त करना ही उनकी प्राथमिकता रहेगी। IPS दिलबाग सिंह ने यह बयान शनिवार (31 दिसंबर 2022) को दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक DGP दिलबाग सिंह ने कहा कि पिछले 12 महीनों के अंदर नए आतंकियों की भर्ती में तेजी से कमी आई है। इसी के साथ उन्होंने सुरक्षा बलों को होने वाले जान-माल के नुकसान में भी काफी गिरावट होने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 2022 में ही लश्कर और जैश से जुड़े 56 पाकिस्तानियों सहित 186 आतंकियों को मार गिराने के साथ 4 से 5 आतंकियों से बने कुल 146 आतंकी समूहों को खत्म कर दिया गया। इसके अलावा 159 आतंकियों को गिरफ्तार भी किया गया।

आतंकियों की नई भर्ती के आँकड़े पेश करते हुए दिलबाग सिंह ने कहा कि 2022 में कुल 100 नए आतंकियों ने देश के खिलाफ हथियार उठाए थे। यह संख्या साल 2021 से 37% कम बताई जा रही है। 2022 में बने 100 नए आतंकियों में से 17 को गिरफ्तार किया गया जबकि 18 की तलाश जारी है। बाकी 65 आतंकियों को अलग-अलग मुठभेड़ों में मार गिराया गया है। DGP दिलबाग ने यह भी दावा किया है कि बड़ी संख्या में कश्मीरी युवाओं ने आतंकवाद की राह छोड़ कर शराफत से जीने की कसम खाई है। हालाँकि उन्होंने इसकी सटीक संख्या नहीं बताई।

दिलबाग सिंह के मुताबिक साल 2022 में पुलिस के 14 और अर्धसैनिक बलों के 17 जवान वीरगति को प्राप्त हुए। यह संख्या आज़ादी के बाद अब तक के कश्मीर के इतिहास में सबसे कम है। वहीं आतंकी हमलों में मारे गए आम नागरिकों की संख्या कुल 24 बताई गई है। दिलबाग सिंह ने इस संख्या को भी कश्मीर में अब तक के इतिहास में अब तक सबसे कम बताया है। आगे पेश आँकड़ों के अनुसार कश्मीर पुलिस ने साल 2022 में 55 वाहनों और 28 घरों को सीज किया। इनका इस्तेमाल आतंकी हरकतों को संचालित करने में हुआ था।

DGP ने आतंकवाद में प्रयोग होने वाले हथियारों के आँकड़ों की भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि साल 2022 में कुल 188 घातक हथियार बरामद किए गए हैं। इसमें AK- 47 भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त 275 पिस्टल, 354 ग्रेनेड और 61 IED भी बरामद हुईं। बरामद हथियारों में कई ऐसे भी हैं जिन्हे ड्रोन से गिराया गया था। पुलिस महानिदेशक जम्मू कश्मीर के मुताबिक पुलिस ने घाटी में नशे के रैकेट के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के दौरान NDPS के 1693 केस दर्ज हुए। इस साल अन्य ड्रग्स के अलावा 212 KG हेरोइन, 383 KG चरस, 12 KG ब्राउन शुगर और 10000 KG से ज्यादा खसखस की भूसी बरामद की गई।

DGP दिलबाग सिंह ने बताया कि कश्मीर पुलिस ने साल 2022 में कुल 29834 FIR दर्ज की हैं। इसमें 2285 केस महिलाओं के विरुद्ध हुए अपराध से संबंधित थे। इसके अलावा 1350 केस गैरकानूनी कार्यों को ले कर दर्ज हुए। पुलिस महानिदेशक ने कहा कि घाटी में रहने वाले अल्पसंख्यकों को नुकसान पहुँचाने या इसकी कोशिश करने वालों को किसी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।

ऋषभ पंत के माथे की हुई प्लास्टिक सर्जरी, लेकिन लंबे समय तक नहीं खेल पाएँगे क्रिकेट: अस्पताल ने बताया – इलाज से हो रहा है सुधार

सड़क दुर्घटना में घायल हुए ऋषभ पंत की हेल्थ को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। कार एक्सीडेंट में पंत को पीठ, हाथ, सिर पर चोटें आई थीं। इस चोट के कारण उन्हें प्लास्टिक सर्जरी से गुजरना पड़ा। डॉक्टर ने ऋषभ पंत की बाईं आँख के ऊपर के हिस्से (माथे) की प्लास्टिक सर्जरी की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, टीम इंडिया के स्टार क्रिकेटर ऋषभ पंत फिलहाल, देहरादून के मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। जहाँ डॉक्टर्स की टीम लगातार उनके इलाज में जुटी हुई है। डॉक्टर्स का कहना है कि ऋषभ की हालत में सुधार हो रहा है और इलाज का उन पर अच्छा असर हो रहा है। मैक्स हॉस्पिटल में ही उनके माथे की प्लास्टिक सर्जरी हुई।

ऋषभ पंत का घायल होना टीम इंडिया के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। पंत टेस्ट क्रिकेट में बेहतरीन फॉर्म में थे। हाल ही में, बांग्लादेश के विरुद्ध हुई सीरीज में टीम इंडिया की जीत में उन्होंने अहम भूमिका निभाई थी। चूँकि, फरवरी में टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 4 टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। लेकिन, घायल होने के कारण पंत इस सीरीज में नहीं खेल पाएँगे। ऐसे में, टीम इंडिया को उनकी जगह किसी विकल्प की तलाश करनी होगी। साथ ही, यह भी कहा जा रहा है कि पंत को लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रहना पड़ सकता है।

बता दें कि ऋषभ पंत शुक्रवार (30 दिसंबर, 2022) को भीषण सड़क हादसे में घायल हो गए थे। वह कार से दिल्ली से माँ को सरप्राइज देने के लिए अपने घर रुड़की जा रहे थे। इस दौरान, नारसन बॉर्डर पर हम्मदपुर झाल के पास उनकी कार अनियंत्रित होकर पहले डिवाइडर से टकराई और फिर जलकर राख हो गई। हादसे की वजह कोहरा और रोड के गड्ढे को माना जा रहा है।

हादसे के वक्त हरियाणा रोडवेज के बस ड्राइवर सुशील कुमार ऋषभ पंत के लिए मसीहा बनकर पहुँचे। उन्होंने ही पंत को संभाला। बस कंडक्टर की मदद से पंत को कार से दूर किया और एम्बुलेंस बुलाकर उन्हें अस्पताल भिजवाया। सुशील ने बताया था कि पंत खून से लथपथ थे और उन्होंने खुद ही बताया था कि वे क्रिकेटर ऋषभ पंत हैं।

‘उनकी जान बचाना जरूरी समझा’ – सुशील कुमार

सुशील कुमार ने आज तक से हुई बातचीत में कहा था, “मैं हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर हूँ। हरिद्वार से आ रहा था। जैसे ही हम नारसन के पास पहुँचे मैंने देखा दिल्ली की तरफ से कार आई और करीब 60-70 की स्पीड में डिवाइडर से टकरा गई। मैंने देखा उस आदमी (ऋषभ पंत) को। मुझे लगा वो बचेगा ही नहीं। कार से चिंगारी निकल रही थी। वह (पंत) कार के पास ही पड़े थे।”

उन्होंने आगे कहा था, “मैंने बस कंडक्टर की मदद से उन्हें उठाया और कार से दूर ले गया। मैंने उनसे पूछा- कोई और है कार के अंदर। वो बोले मैं अकेला ही था। फिर उन्होंने खुद बताया कि मैं ऋषभ पंत हूँ। मैं क्रिकेट के बारे में इतना नहीं जानता। उन्हें साइड में खड़ा किया। उनके शरीर पर कपड़े नहीं थे, तो हमने अपनी चादर में उन्हें लपेट दिया।”

सुशील ने यह भी कहा था, “उन्होंने हमें बताया था कि उनके पैसे भी गिर गए हैं। तो हमने आसपास पड़े उनके 7-8 हजार रुपए इकट्ठा किए और उन्हें दे दिए। मेरे कंडक्टर ने एंबुलेंस को फोन किया। मैंने पुलिस और नेशनल हाइवे को फोन लगाया। 15-20 मिनट के बाद एम्बुलेंस आ गई, तो उन्हें बैठाकर अस्पताल भेज दिया। वो (पंत) खून से लथपथ थे और लंगड़ाकर चल रहे थे। हमने वीडियो नहीं बनाया। उनकी जान बचाना जरूरी समझा।”

बहन के निकाह के बाद वापस जेल लौटा उमर खालिद: कोर्ट ने दी थी 7 दिन की बेल, दिल्ली दंगों में साजिश रचने का आरोप

साल 2020 के हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों का आरोपित उमर खालिद अपनी बहन की शादी से लौटकर 30 दिसंबर 2022 को वापस तिहाड़ आ गया। दिल्ली की एक अदालत ने खालिद को शादी में शामिल होने के लिए 7 दिन की अंतरिम जमानत पर जेल से रिहा करने का आदेश दिया था।

अदालत ने उमर खालिद को 30 दिसंबर 2022 को आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था। अंतरिम जमानत की सात दिनों की अवधि के दौरान उमर खालिद को किसी भी तरह के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग और मीडिया से बातचीत करने से मना किया था।

31 दिसंबर 2022 को उसके अब्बू और प्रतिबंधित इस्लामी आतंकी संगठन SIMI के पूर्व सदस्य सैयद कासिम रसूल इलियास ने ट्विटर पर जानकारी दी कि खालिद जेल लौट आया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि उनका परिवार ‘न्याय की जीत’ की प्रतीक्षा करेगा।

बता दें कि कथित कार्यकर्ता उमर खालिद को दिल्ली पुलिस ने 2020 के हिंदू विरोधी दिल्ली दंगों में उसकी भूमिका सामने आने के बाद गिरफ्तार किया था। अन्य लोगों के साथ खालिद को गैरकानूनी गतिविधियों (रोकथाम) अधिनियम या UAPA और भारतीय दंड संहिता (IPC) के प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था।

इन दंगों में उमर खालिद को मास्टरमाइंड बताया गया है। उल्लेखनीय है कि नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 (CAA) और राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) के नाम पर बड़े पैमाने पर दंगों को अंजाम दिया गया था। इन दंगों के दौरान 53 लोगों की जान चली गई थी और 700 लोग घायल हो गए थे।

पिछले साल अक्टूबर में दिल्ली हाईकोर्ट ने खालिद की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। इसमें कहा गया है कि प्रथम दृष्टया CAA और NRC के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के परिणामस्वरूप दंगे हुए थे। उसके लिए आयोजित विभिन्न बैठकों में खालिद ने भाग लिया था।

हालाँकि, दिल्ली की एक अदालत ने उसे और एक अन्य आरोपित को दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले में बरी कर दिया था, लेकिन अन्य मामलों में कनेक्शन के कारण उमर खालिद जेल में रहा।

थूका हुआ गुटका अंधभक्तों ने चाटा: छत्तीसगढ़ के नर्सिंग ऑफिसर का पोस्ट वायरल, भगवा पर कसा घटिया ‘तंज’ ; हिन्दू संगठन कर रहे कार्रवाई की माँग

छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में स्वास्थ्य विभाग के एक कर्मचारी द्वारा भगवा रंग के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी का मामला सामने आया है। आरोप है कि जोशुआ इरपा नाम के नर्सिंग स्टाफ ने सोशल मीडिया पर भगवा का अपमान किया है। हिन्दू संगठनों ने शुक्रवार (30 दिसंबर 2022) को आरोपित के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस की साइबर सेल मामले की जाँच कर रही है। उधर हंगामा खड़ा होते ही आरोपित ने अपनी पोस्ट डिलीट कर ली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला कोतवाली सिटी थानाक्षेत्र का है। यहाँ के NMDC हॉस्पिटल में जोशुआ इरपा नाम का स्टाफ नर्सिंग ऑफिसर के तौर पर पोस्टेड है। उसकी फेसबुक का बता कर एक स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस पोस्ट में लिखा गया है, “गुटखा खाकर थूका ही था कि अचानक एक अंधभक्त आकर चाट गया, और बोला भगवा हमारी शान है हम इसे गिरने नहीं देंगे।” इस पोस्ट के बाद जिले के हिन्दू संगठनों में नाराजगी फ़ैल गई।

चित्र साभार- हरिभूमि

इस पोस्ट का संज्ञान छत्तीसगढ़ के ‘सक्षम’ नाम एक एक हिन्दू संगठन ने लिया। संगठन के सदस्यों ने जगदलपुर थाने में आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। अपनी शिकायत में सक्षम के सदस्यों ने लिखा है कि भगवा रंग उनकी आस्था से जुड़ा है और आरोपित की टिप्पणी उनकी धार्मिक भावनाओं का अपमान है। शिकायतकर्ताओं ने पुलिस से जल्द से जल्द कार्रवाई करने की माँग करते हुए इसे सामाजिक संतुलन बनाए रखने के लिए जरूरी बताया।

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ता देख कर आरोपित जोशुआ इरपा ने अपनी फेसबुक पोस्ट डिलीट कर के माफ़ी माँगी है। हालाँकि हिन्दू संगठन अभी भी आरोपित पर कार्रवाई की माँग को ले कर अड़े हुए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जाँच साइबर सेल से करवाई जा रही है। आरोप सहित होने पर जरूरी कार्रवाई की जाएगी।

छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस के ‘भ्रष्टाचार’ के खिलाफ BJP का प्रदर्शन, 100 कार्यकर्ताओं पर केस दर्ज: पुलिस से मारपीट और तोड़फोड़ का आरोप

छत्तीसगढ़ की मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार ने 100 से अधिक भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं पर FIR दर्ज किया है। कॉन्ग्रेस सरकार ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस को पीटने, महिला पुलिसकर्मियों से अभद्रता करने, तोड़फोड़ करने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने, अधिकारियों से गाली-गलौज करने का आरोप लगाया है।

दरअसल, रायपुर नगर निगम में भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं ने गुरुवार (29 दिसंबर 2022) को विरोध प्रदर्शन किया था। भाजपा के वरिष्ठ नेता बृजमोहन अग्रवाल, सांसद सुनील सोनी और राजेश मुनाट के नेतृत्व में लगभग 5000 भाजपा कार्यकर्ता रायपुर के लोगों के लिए मूलभूत सुविधाओं की माँग कर रहे थे।

इस दौरान भाजपा ने निगम के अधिकारियों को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें 70 वार्ड की 700 समस्याएँ बताई गई थीं। इसी दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिसकर्मियों के बीच झड़प हो गई। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि उनके शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान पुलिसकर्मियों ने उन पर बल प्रयोग किया। वहीं, पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं पर मारपीट का आरोप लगा रही है।

इसके बाद रायपुर नगर निगम जोन-4 के कमिश्नर विनय मिश्रा ने पुलिस में दर्ज दी कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने निगम हेडक्वार्टर में तोड़फोड़ की और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। उन्होंने आरोप लगाया कि बालकनी में पहुँचने के लिए भाजपा नेता और कार्यकर्ता लोहे की गेट और ग्रिल पर चढ़ गए। इस दौरान जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे पुलिस के साथ भी मारपीट करने लगे।

भाजपा कार्यकर्ताओं पर यह भी आरोप लगाया गया है कि भीड़ को रोक रही महिला डीएसपी के साथ धक्का-मुक्की की गई और उनके बैज को नोंच दिया गया। इस दौरान उनके गले पर चोट भी आई है। कहा जा रहा है कि इस झड़प में कुल पाँच पुलिसकर्मियों को चोट आई है।

शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने 11 लोगों के खिलाफ नामजद और बाकी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। इन लोगों पर भारतीय दंड संहिता की धारा (IPC) की धारा 147, 149, 186, 294, 332, 353 और 427 के मुकदमा दर्ज किया गया है।

‘भारत में व्यापार करना है तो नहीं चलेगी नक्शे से छेड़छाड़’: India का गलत मैप दिखाने पर केंद्रीय मंत्री से Whatsapp को लगी लताड़, माफी माँग बोले- दोबारा ऐसा नहीं होगा

भारत का गलत नक्शा दिखाने पर सरकार ह्वाट्सऐप (WhatsApp) पर सख्त है। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने प्लेटफॉर्म द्वारा ट्विटर पर देश का गलत नक्शा साझा करने के बाद उसे ठीक करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि भारत में कारोबार करने वाले प्लेटफॉर्म को देश के सही नक्शे का इस्तेमाल करना चाहिए।

राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट कर कहा, “प्रिय व्हाट्सएप, अनुरोध है कि आप भारत के नक्शे की त्रुटि को जल्द से जल्द ठीक करें। सभी प्लेटफॉर्म, जो भारत में व्यापार करते हैं और/या भारत में व्यापार करना जारी रखना चाहते हैं, उन्हें सही मानचित्रों का उपयोग करना चाहिए।”

राजीव चंद्रशेखर के ट्वीट पर जवाब देते हुए ह्वाट्सऐप ने कहा, “अनपेक्षित त्रुटि की ओर ध्यान दिलाने के लिए धन्यवाद मंत्री जी। क्षमा चाहते हैं, हमने स्ट्रीम को तुरंत हटा दिया है। हम भविष्य में इसका ध्यान रखेंगे।”

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, नए साल की पूर्व संध्या पर ह्वाट्सऐप ने लाइवस्ट्रीम के बारे में पोस्ट किया था। इस पोस्ट में ग्लोब को दिखाया गया था, जिसमें जम्मू और कश्मीर से संबंधित भारत का गलत नक्शा दिखाया गया था।

बता दें कि चंद्रशेखर ने इस हफ्ते की शुरुआत में भारत के गलत नक्शे को लेकर जूम के सीईओ एरिक युआन को चेतावनी दी थी। युआन ने बाद में उस ट्वीट को हटा लिया और लिखा, “मैंने हाल ही में एक ट्वीट हटा लिया था, जिसमें आप में से कई लोगों ने बताया था कि मानचित्र के साथ समस्याएँ थीं। धन्यवाद प्रतिक्रिया देना के लिए!!”

जून 2021 में माइक्रो-ब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म ट्विटर ने खुद भारत के गलत मानचित्र को प्रदर्शित किया था। इसके बाद वह लोगों की आलोचना के घेरे में आ गया था। भारतीयों ने ट्विटर को जमकर लताड़ लगाई थी। इसके बाद ट्विटर ने गलत मैप को हटा लिया था।

बेकरी की दुकान में आतंकियों को छिपाया, सेना की मूवमेंट की दी हर जानकारी: कश्मीर पुलिस ने की शफी लोन की प्रॉपर्टी जब्त, बेटों ने की थी दहशतगर्दों की मदद

आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने आतंकियों के मददगार जहाँगीर अहमद लोन और उमर शफी लोन नाम के 2 भाइयों के अब्बा मोहम्मद शफी लोन की सम्पत्ति को कुर्क कर दिया है। उमर और शफी पर अवंतीपुरा में आतंकियों को ठिकाना मुहैया करवाने और उन्हें जरूरी सामान दिलाने का आरोप है। साथ ही दोनों आतंकियों को सुरक्षा बलों की मूवमेंट की भी जानकारी दिया करते थे। पुलिस ने यह कार्रवाई शनिवार (31 दिसंबर 2022) को की है।

ये कार्रवाई पुलिस के आतंकवाद विरोधी अभियान के तहत की जा रही है। इसमें कुर्की की प्रक्रिया यूए (पी) अधिनियम की धारा 25 के तहत हो रही है। 3 अक्टूबर 2022 को राज्य के DGP ने दोनों आरोपितों की सम्पत्ति की कुर्की के आदेश जारी कर दिए थे। इस आदेश पर कश्मीर क्षेत्र के कमिश्नर ने भी 1 दिसम्बर 2022 को अपनी मुहर लगा दी थी। पुलिस ने आतंकियों को शरण वालों को ऐसा न करने के लिए आगाह किया है।

बेकरी की दुकान में रखा था आतंकियों को

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उमर शफी और जहाँगीर अहमद की गिरफ्तारी 31/05/2022 को हुई थी। मई 2022 में पुलिस को अवंतीपुरा के राजपोरा में आतंकियों के मूवमेंट की सूचना मिली थी। इस जानकारी पुलिस सेना, CRPF और पुलिस का सामूहिक दस्ता घटनास्थल पर पहुँच गया और तलाशी अभियान में जुट गया था। खुद को घिरता देख कर आतंकियों ने सुरक्षा बलों पर एक घर की ओट में छिप कर गोलियाँ बरसानी शुरू कर दीं थीं। इस दौरान खुद को बचाने के लिए आतंकी मोहम्मद मिसगर नाम के व्यक्ति के घर में जबरदस्ती घुस गए थे।

बाद में सुरक्षा बलों ने सावधानी से अभियान चलाते हुए कार्रवाई की। आत्मसमर्पण का ऑफर ठुकराने के बाद 2 आतंकी मार गिराए गए थे। मारा गया एक आतंकी शाहिद अहमद जैश से और दूसरा आतंकी युसूफ लश्कर ए तैय्यबा से जुड़ा था। जिस घर में आतंकी छिपे थे उसको भी थोड़ा नुकसान पहुँचा था। ऑपरेशन पूरा होने के बाद पुलिस ने जाँच के दौरान पाया कि दोनों आतंकियों को जहाँगीर अहमद लोन और उमर शफी लोन नाम के 2 भाईयों ने न सिर्फ शरण दी थी बल्कि उन्हें सुरक्षा बलों की गतिविधियों के बारे में भी बताया था।

पुलिस ने 31 मई 2022 को दोनों भाईयों को गिरफ्तार कर के पूछताछ की तो उन्होंने अपने गुनाह को कबूल किया था। दोनों ने बताया कि उन्होंने आतंकियों को अपनी बेकरी की दुकान में न सिर्फ कुछ समय के लिए रखा था बल्कि उनको खाना-पीना भी मुहैया करवाया था।

‘मेरे बाल मत काटो’: शीजान खान ने दिखाए जेल में नखरे, मिली घर के खाने की छूट, सुरक्षा साथ में; तुनिशा के वकील ने कहा- कितनी लापरवाही है…

टीवी ऐक्ट्रेस तुनिशा शर्मा (Tunisha Sharma) की मौत के मामले में उसके पूर्व प्रेमी शीजान खान (Sheezan Khan) को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। वहीं, जेल में उसे घर का खाना खाने की छूट और सुरक्षा दी गई है। इसके अलावा, 2 जनवरी तक हिरासत में उसके बाल भी नहीं काटे जाएँगे।

मौत के लिए उकसाने के आरोपित शीजान खान ने महाराष्ट्र के पालघर जिले की एक अदालत में याचिका दायर कर कहा था कि हिरासत में रहने के दौरान उसके बाल नहीं काटे जाएँ। अब 2 जनवरी तक शीजान के बाल नहीं काटे जाएँगे और आगे का फैसला जेलर के कहने के बाद लिया जाएगा।

तुनिशा शर्मा के वकील तरुण शर्मा ने आरोप लगाया कि जिस तरह से शीजान खान अपने बालों को महत्व दे रहा है, उससे पता चलता है कि जब बात तुनिशा की आती है तो उसके अंदर कितनी लापरवाही होती है। उसे आज भी सिर्फ अपने बालों की चिंता है।

तुनिशा के वकील ने इंडिया टुडे को बताया कि अदालत ने शीज़ान को घर का बना खाना और दवाइयाँ देने की अनुमति दी है। इसके साथ ही वह जेल नियमावली के तहत अपने परिवार के सदस्यों और वकीलों से मुलाकात कर सकता है। अदालत ने शनिवार को कहा कि जेल नियमावली के अनुसार शीजान को सुरक्षा भी दी जाएगी।

सुरक्षा के सवाल ने तरुण शर्मा ने बताया कि शीजान ने ‘लव जिहाद’ किया है, जिसके कारण वह जेल में है। यह वही शख्स है जिसने दावा किया था कि श्रद्धा वालकर-आफताब पूनावाला मामले से वह डर गया था। वह किस बात से डर गया था, यह सिर्फ वही जानता है।

बता दें कि वसई कोर्ट ने शीजान की 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा है। इससे पहले कोर्ट ने 28 दिसंबर 2022 को शीजान को दो दिन यानी 30 दिसंबर तक पुलिस कस्टडी में भेजा था। जब इसकी मियाद खत्म हो गई तो शनिवार (31 दिसंबर 2022) को पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया था।

पुलिस ने शीजान की कोर्ट में पेशी के दौरान बताया कि शीजान अपने गूगल अकाउंट का पासवर्ड नहीं बता रहा है। उसके गूगल अकाउंट में फोटो, डॉक्यूमेंट, अन्य मेल ID जैसी चीजें है, जिसकी जाँच की जानी है। पुलिस के अनुसार, शीजान कह रहा था कि उसे अपना पासवर्ड याद नहीं है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, आत्महत्या से पहले तुनिशा शर्मा पूर्व प्रेमी शीजान से मिली थी। उस दौरान दोनों के बीच तीखी बहस हुई थी। दोनों के बीच बहस का एक CCTV फुटेज भी पुलिस को मिला है। यह फुटेज तुनिशा की मौत से कुछ देर पहले का बताया जा रहा है।