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हिंदू युवती को भारी पड़ी जुबिन खान पठान से दोस्ती: होटल में बलात्कार कर के बना लिया वीडियो, फिर करने लगा ब्लैकमेल

देश भर में हिंदू लड़कियों व महिलाओं के साथ लव जिहाद, बलात्कार, जबरन धर्मांतरण जैसे अत्याचार की घटनाएँ बढ़ गई हैं। ऐसा ही एक मामला गुजरात के राजकोट से सामने आया है। राजकोट में जुबिन खान पठान नाम के शख़्स द्वारा एक हिंदू लड़की के बलात्कार किए जाने की ख़बरें आ रही हैं। राजकोट में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक हिंदू लड़की की अपने मुस्लिम साथी जुबिन खान पठान से दोस्ती भारी पड़ गई।

सामने आई ख़बरों के मुताबिक, राजकोट तालुका पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है कि जुबिन खान पठान ने राजकोट में रहकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही एक हिंदू लड़की के साथ दुष्कर्म किया है। लड़की जामनगर के पंथक की रहने वाली है जो कुछ समय पूर्व अहमदाबाद स्थित एक निजी कंपनी में काम करती थी। इसी दौरान उसकी दोस्ती एक मुस्लिम सहकर्मी जुबिन खान से हो गई।

पुलिस को दी गई शिकायत में युवती ने जानकारी दी है कि वर्ष 2018 में युवती अहमदाबाद की कंपनी में चार-पाँच महीने काम किया था। इसी बीच उसकी दोस्ती जुबिन खान पठान से हुई। उसके बाद युवती प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अहमदाबाद से राजकोट चली आई। जुबिन से दोस्ती होने की वजह से दोनों अक्सर फोन पर बात किया करते थे। इसके अलावा दोनों अपने कॉमन दोस्तों के साथ ग्रुप में घूमने भी जाया करते थे।

खबरों के मुताबिक, युवती ने मार्च 2019 में अहमदाबाद की कंपनी से इस्तीफा दे दिया था और राजकोट चली आई थी। जुबिन का भी राजकोट आना-जाना लगा रहता था। फिर एक दिन जुबिन ने पीड़िता को मिलने के लिए रिंग रोड स्थित गैलेरिया होटल में बुलाया। होटल में मिलने के बहाने बुलाकर उसने युवती के साथ उसकी मर्जी के बिना संबंध बनाए। जुबिन ने अपने फोन में लड़की की अश्लील तस्वीरें खींची और वीडियो बना लिया।

लड़की ने दर्ज कराए गए एफआईआर में कहा है कि जुबीन अहमदाबाद के जुहापुरा में अलसागर अपार्टमेंट डी-2 में रहता है। बलात्कार की घटना के बाद पीड़िता ने जुबिन खान पठान से बातचीत बंद कर दी। वह लोक लाज के डर से बलात्कार की बात छिपाती रही। इसका फायदा उठाकर जुबिन उसे लगातार धमकी दिए जा रहा था। जुबिन पिछले 5-6 महीनों से उसे वीडियो और तस्वीरें वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहा था। जुबिन की धमकियों से परेशान हो कर पीड़िता ने हिम्मत कर के अपने भाई से इस बारे में बात की।

पीड़िता के भाई ने उसे हिम्मत दी और जुबिन के खिलाफ मामला दर्ज कराया गया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने आरोपित जुबिन खान पठान के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

बाजारों में चहल-पहल, चर्चा का विषय ठंड, सिखों का जुलूस: हल्द्वानी में हमें नहीं मिला कोई धरना प्रदर्शन, ओवैसी-जुबैर बनाना चाह रहे ‘शाहीन बाग़ 2’

उत्तराखंड में रेलवे की जमीन पर अवैध कब्जेदारों को हटाने को ले कर उठे विवाद की जमीनी पड़ताल करने ऑपइंडिया की टीम मंगलवार (3 जनवरी, 2023) को हल्द्वानी पहुँची। सोशल और नेशनल मीडिया पर चल रहे घमासान से हमें लगा था कि ठंड में वहाँ का माहौल गर्मागर्म होगा। हालाँकि, हमारे अनुमान के उलट हल्द्वानी के हालात एकदम सामान्य थे। बाजारों में चहल-पहल थी और लोग रोजमर्रा के कामों में लगे हुए थे। बाकी क्षेत्रों के अलावा इसी सप्ताह कब्जेदारों हंगामे का गवाह वनभूलपुरा क्षेत्र भी एकदम शांत दिखा।

पटरियों पर रेलवे सुरक्षा बल की लगातार गश्त

दोपहर लगभग 12 बजे हम हल्द्वानी रेलवे स्टेशन पर पहुँच गए थे। इसी स्टेशन के आसपास की जमीनों पर अतिक्रमण हटाने को ले कर हाईकोर्ट ने आदेश जारी किए हैं। स्टेशन के साथ आने-जाने वाली ट्रेनों की खिड़कियों से गफूर बस्ती नाम का वो इलाका साफ़ देखा जा सकता है जहाँ कोर्ट के आदेश के खिलाफ अवैध कब्जेदारों को ओवैसी और मोहम्मद जुबैर जैसों ने दिल्ली और हैदराबाद से हवा दी। स्टेशन से हमने देखा कि रेलवे सुरक्षा बल के जवान पटरियों पर लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं।

3-4 की संख्या में सुरक्षा बल स्टेशन के दोनों तरफ जा रहीं पटरियों पर बार-बार पेट्रोलिंग कर रहे थे।

पटरियों पर गश्त करते रेलवे सुरक्षा बल के जवान

इसी के साथ प्लेटफार्म पर भी जवान मुस्तैद थे। हल्द्वानी रेलवे स्टेशन के पार्किंग प्लेस में भी जवानों को लगातार गश्त करते देखा गया। स्टेशन से गफूर बस्ती जाने के लिए पैदल मार्ग ही बेहतर है, क्योंकि जहाँ स्टेशन की बाउंड्री खत्म होती है वहीं से गफूर बस्ती शुरू हो जाती है।

स्टेशन कैम्पस के बाहर लगी फ़ोर्स

शहर के अंदर भी भारी पुलिस बल तैनात

स्टेशन कैम्पस से बाहर निकल कर हम शहर के अन्य हिस्सों की तरफ वर्तमान हालात का जायजा लेने के लिए बढ़े। इस दौरान हमने सदर बाजार, किदवई नगर, नया बाजार आदि इलाकों का दौरा किया। हमने पाया कि लगभग सभी चैराहों पर पुलिस के जवान मुस्तैद थे। हालाँकि, थोड़ी देर बाद सिखों (सरदारों) का एक बड़ा जुलूस भी निकला। स्थानीय लोगों ने हमें शहर में लगा अतिरिक्त पुलिस फ़ोर्स सिखो के जुलूस की सुरक्षा के मद्देनजर तैनात की गई है। शाम लगभग 4 बजे जुलूस खत्म हुआ, तब पुलिस फ़ोर्स भी घटा दी गई।

शहर में निकली सिखों की शोभा यात्रा

वनभूलपुरा गफूर बस्ती में हालात एकदम सामान्य

जहाँ मीडिया व सोशल मीडिया रिपोर्ट्स से ये माना जा रहा था कि हल्द्वानी में शाहीन बाग़-2 की तैयारी है, वहीं जमीनी स्तर पर 3 जनवरी को ऐसा कुछ नहीं दिखा। ऑपइंडिया की टीम ने वनभूलपुरा के उन क्षेत्रों का भी दौरा किया, जिसे अतिक्रमण इलाका घोषित कर के बुलडोजर चलाने के लिए चिह्नित किया गया है। उन स्थानों पर लोग आम दिनों की तरह दिन काटते दिखाई दिए। वनभूलपुरा क्षेत्र में घूम रहे और वहीं सब्ज़ी बेचने वाले 2 नेपाली नागरिकों जब मैंने धरने आदि की जगह पूछी तब उन्होंने खुद को किसी भी मामले से अनजान बताया।

लगभग पूरा वनभूलपुरा क्षेत्र घूमने के बाद भी हमें कहीं भी कोई भीड़, कोई शोर-शराबा, धरना-प्रदर्शन या हंगामा नहीं दिखा।

रेलवे लाइन और उसके आस-पास सामान्य चहलकदमी

यहाँ ये बात खास रही कि शहर के बाकी हिस्सों के अलावा खुद वनभूलपुरा इलाके में भी लोगों को कब्ज़े और अतिक्रमण विरोधी अभियान पर चर्चा करते नहीं सुना गया। उनकी आपसी बातचीत का मुख्य मुद्दा ठंड और तापमान था।

मीडिया मूवमेंट भी न के बराबर

सोशल मीडिया में टॉप ट्रेंड करवाए जा रहे हल्द्वानी में मीडिया मूवमेंट न के बराबर दिखी। लगभग 2 घंटे वनभूलपुरा व किदवई नगर इलाके में घूमते हुए हमें महज ‘मिरर नाउ’ की टीम कवरेज करती दिखाई दी। हालाँकि, उन्हें देखते ही पीछे से किसी ने ‘मीडिया गो बैक’ का नारा लगाया। इस दौरान किसी ने मीडियाकर्मियों से बातचीत नहीं की। लगभग 15 मिनट बाद उनकी टीम वापस लौट गई।

OpIndia की टीम लगातार 2-3 दिनों तक हल्द्वानी में ग्राउंड रिपोर्टिंग करेगी। हमारी टीम यह जानने की कोशिश करेगी कि अतिक्रमण जैसे स्थानीय मुद्दे को क्यों ‘मुस्लिमों पर सरकार का कहर’ जैसा बड़ा और फर्जी रूप दिया गया? पता लगाने की कोशिश करेंगे कि इस फर्जीवाड़े में कौन-कौन लोग (स्थानीय और बाहरी) शामिल रहे। सोशल मीडिया पर जिस वीडियो को बार-बार ट्वीट-रिट्वीट-शेयर आदि करके नैरेटिव बनाने की कोशिश की गई, पता लगाएँगे कि आखिर वो भीड़ थी कहाँ की, कौन थे वो लोग? हल्द्वानी के ही स्थानीय लोगों से हम यह भी पता करेंगे कि वनभूलपुरा में हो रखे अतिक्रमण से कैसी-कैसी सामाजिक परेशानियाँ वो झेलते हैं।

‘एक तरफ विशेष राज्य का दर्जा माँगते है, दूसरी तरफ ₹350 करोड़ के जहाज पर चढ़ते हैं’: नीतीश कुमार पर RJD प्रदेश अध्यक्ष के बेटे का हमला, बताया ‘बेशर्म, भिखारी, शिखंडी’

राजद (RJD) विधायक सुधाकर सिंह पर कार्रवाई हो सकती है। पटना में पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने इस बात के संकेत दिए हैं। आपको बता दें इन दिनों सुधाकर सिंह सीएम नीतीश कुमार पर हमलावर रूख अख्तियार किए हुए हैं। कैमूर में एक सभा को संबोधित करते हुए सुधाकर सिंह ने कहा कि नीतीश कुमार एक ओर बिहार के लिए विशेष राज्य के दर्जे की माँग करते हैं और दूसरी ओर 350 करोड़ के जहाज पर चढ़ने की बात करते हैं।

पटना में पत्रकारों ने जब बिहार के उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव से सुधाकर सिंह के सीएम नीतीश पर दिए गए बयानों को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने कहा कि महागठबंधन भाजपा के खिलाफ बना है। अगर महागठबंधन की नीतियों के खिलाफ यदि कोई नेता बोलता है तो वह बीजेपी का समर्थन करता है।

तेजस्वी ने कहा कि दिल्ली में आयोजित राजद के अधिवेशन में भी इसे लेकर प्रस्ताव पारित हुआ था कि महागठबंधन और राज्य सरकार की नीतियों पर आरजेडी प्रमुख लालू यादव और उनके अलावा कोई भी टिप्पणी नहीं कर सकता है। लेकिन इसके बाद भी यदि कुछ लोग बोल ही रहे हैं। बीमार होने के बावजूद हमने लालू यादव को इन बातों से अवगत करा दिया है। इसे गंभीरता से देखा जा रहा है।

दरअसल, आरजेडी विधायक सुधाकर सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमलावर हैं। मंगलवार (3 जनवरी, 2023) को कैमूर पहुँचे RJD विधायक ने एक बार फिर से सीएम नीतीश पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार कटोरा लेकर केंद्र सरकार के पास बिहार के लिए विशेष राज्य का दर्जा माँगने जाते हैं। सुधाकर सिंह ने आगे कहा कि विशेष राज्य का दर्जा भी चाहिए और 350 करोड़ के जहाज पर भी चढ़ना है। इस दौरान उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को बेशर्म और भिखारी तक कहा। इसके पहले भी उन्होंने नीतीश को शिखंडी कहा दिया था।

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आपको बता दें कि पिछले दिनों बिहार कैबिनेट में 250 करोड़ के 12-सीटर जेट प्लेन और 100 करोड़ के 10-सीटर हेलिकॉप्टर खरीदे जाने का फैसला लिया गया था। पिछले 16 सालों से बिहार की सत्ता में काबिज नीतीश कुमार अपने कामों की मॉनिटरिंग के लिए यात्रा निकालना चाहते हैं। इसी को लेकर जेट विमान और हेलिकॉप्टर खरीदा जा रहा है।

‘कमबैक करो, फिर चौके-छक्के लगाओ’: कोच राहुल द्रविड़ और कप्तान हार्दिक पंड्या समेत टीम इंडिया ने ऋषभ पंत को कहा ‘मिस यू’, कहा – पूरा देश आपके पीछे खड़ा है

टीम इंडिया के विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋषभ पंत (Rishabh Pant) सड़क दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गए थे। पंत की दुर्घटना के बाद से ही ‘भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI)’ लगातार अस्पताल के सम्पर्क में है और उनसे जुड़ी हर अपडेट पर नजर रख रहा है। BCCI ने अब अपने महत्वपूर्ण खिलाड़ी को ख़ुशी देने वाला एक ट्वीट किया है। BCCI ने टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ (Rahul Dravid) और अन्य खिलाडियों का पंत के नाम संदेश को ट्वीट किया है।

BCCI ने एक केयर वाला इमोजी बनाकर खिलाडियों के संदेश वाले एक वीडियो को ट्वीट किया है। BCCI ने ट्वीट के कैप्शन में लिखा है, ”आप फाइटर हैं। जल्द स्वस्थ हो जाइए। टीम इंडिया आपके जल्द ठीक होने की कामना करता है।

BCCI द्वारा शेयर किए गए वीडियो में सबसे पहले टीम इंडिया के कोच राहुल द्रविड़ दिखते हैं। वह कहते हैं, “हाय ऋषभ पंत। आशा है आप जल्द से जल्द ठीक हो जाएँगे। मैं खुद्किस्मत रहा हूँ कि मैंने आपको भारतीय टेस्ट क्रिकेट के इतिहास में कुछ बेहतरीन पारियों को खेलते देखा है। हम जानते हैं कि आपमें कठिन परिस्थितियों से बाहर निकलने की काबिलियत है। आप शानदार वापसी करोगे, जैसा कि आपने पहले भी किया है।”

श्रीलंका टूर पर टीम इंडिया के कप्तान खिलाड़ी हार्दिक पांड्या ने अपने संदेश में कहा, “हेलो, ऋषभ पंत। मैं चाहता हूँ कि आप जल्द से जल्द ठीक हो जाएँ। हम जानते हैं कि आप फाइटर हैं लेकिन फिलहाल परिस्थितियाँ आपके अनुरूप नहीं हैं। यही जिंदगी है। आप फिर से उसी तरह से कमबैक कीजिए, जैसा आपने पहले किया था। टीम इंडिया और पूरा देश आपके पीछे खड़ा है।”

टीम इंडिया के 360 डिग्री प्लेयर सूर्यकुमार यादव ने कहा, “ऋषभ, हम आपके जल्द से जल्द ठीक होने की कामना करते हैं। परिस्तिथियों के बारे में हमें पता है। हम आपको यहाँ मिस कर रहे हैं। आपको टीम इंडिया में वापस देखने के लिए हम और इंतजार नहीं कर सकते। आप फाइटर रहे हैं। हमें पता है कि आप जल्द वापसी करेंगे। आशा है कि आपकी शानदार रिकवरी हो।”

भारतीय टीम के स्पिनर यजुवेंद्र चहल ने अपने मजाकिया अंदाज में कहा, “ऋषभ, हम सभी आपको बहुत मिस कर रहे हैं। आप जल्दी से ठीक होकर आ जाओ। साथ में चौके-छक्के मारते हैं।” वहीं अन्य भारतीय खिलाडियों ईशान किशन, शुभमन गिल ने भी पंत के जल्द से जल्द ठीक होने की कामना की।

दुर्घटना के बाद से ऋषभ पंत का इलाज देहरादून के मैक्स अस्पताल में चल रहा है। उनकी जान बचाने में हरियाणा रोडवेज के बस ड्राइवर सुशील कुमार और कंडक्टर परमजीत ने बड़ी भूमिका निभाई थी। वहीं आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार (3 जनवरी 2023) को रजत और निशु नाम के दो शख्स ऋषभ से मिलने अस्पताल पहुँचे। दोनों ने बताया कि उन्होंने ऋषभ को दुर्घटना के बाद नजदीकी अस्पताल पहुँचाया था। बता दें कि 30 दिसम्बर 2022 को दिल्ली से रुड़की जाते वक्त पंत का एक्सीडेंट हो गया था और वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

क्राइम पेट्रोल के जिस एपिसोड को 2011 की घटना से प्रेरित बता रहा Sony TV, उसकी श्रद्धा वॉकर के टुकड़े-टुकड़े करने के केस से कई लिंक

श्रद्धा वॉकर हत्याकांड (Shraddha Walker Murder) से मिलते-जुलते क्राइम पेट्रोल के एपिसोड को सोनी लिव (Sony LIV) ने हटा लिया है। साथ ही सफाई देते हुए कहा है कि यह हालिया घटना से संबंधित नहीं है। इसे 2011 की किसी घटना पर आधारित बताया है।

दरअसल सोनी एंटरटेनमेंट टेलीविजन (SET) के क्राइम पेट्रोल नामक शो के इस एपिसोड में पीड़िता को ईसाई दिखाया गया था। उसका नाम एना फर्नांडीस रखा गया था। श्रद्धा दलित लड़की थी। वहीं श्रद्धा के टुकड़े करने वाले उसके लिव इन पाटर्नर आफताब पूनावाला को हिंदू पहचान वाला मिहिर कांचवाला बताया गया था। पीड़िता और आरोपित की धार्मिक पहचान बदलने को लेकर SET को नेटिजन्स के विरोध का सामना करना पड़ा था।

जैसे ही यह एपिसोड SET India के यूट्यूब पर प्रसारित हुआ, दर्शकों को सोनी टीवी की क्रिमिनल ड्रामा सीरीज़ ‘क्राइम पेट्रोल’ के एपिसोड और श्रद्धा वाकर की जघन्य हत्या के बीच समानता देखने को मिली। इस एपिसोड का सोशल मीडिया पर भारी विरोध होने लगा। पीड़िता और आरोपित दोनों की धार्मिक पहचान बदलने और तथ्यों से छेड़छाड़ करने के लिए लोगों ने चैनल की क्लास लगा दी। देखते ही देखते ट्विटर पर ‘बॉयकॉट सोनी टीवी’ ट्रेंड करने लगा।

लोगों की भारी नाराजगी के बाद, Sony LIV ने 2 जनवरी 2023 को ऐप से ‘क्राइम पेट्रोल’ के उक्त एपिसोड को हटा दिया। Sony LIV ने इसके साथ ही एपिसोड के बचाव में ट्विटर पर एक बयान जारी किया। चैनल ने जोर देकर कहा कि यह घटना किसी हालिया घटना से संबंधित नहीं है और 2011 में हुई किसी अन्य घटना पर आधारित है। इसके साथ ही चैनल ने कहा कि इस एपिसोड के प्रसारण से अगर किसी की भवनाएँ आहत हुई है तो वह तहेदिल से माँफी माँगते हैं।

चैनल भले इनकार कर रहा है कि उसके तथाकथित 2011 की घटना पर आधारित एपिसोड का श्रद्धा वॉकर हत्याकांड से कुछ लेना-देना नहीं है। लेकिन एपिसोड में दिखाए गए ऐसे बहुत से सीन हैं, जो आफ़ताब द्वारा श्रद्धा के शव के टुकड़े करने के दौरान की गई गतिविधि से मेल खाते हैं। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है।

‘क्राइम पेट्रोल’ के अब हटा दिए गए एपिसोड में यह दिखाया गया था कि ‘मिहिर’ गुस्से में अपने साथी को मार डालता है। फिर उसके शरीर को कई टुकड़ों में काट देता है। फिर इसे फ्रिज में स्टोर करने से पहले कई प्लास्टिक की थैलियों में लपेटता है। ठीक ऐसे ही श्रद्धा वॉकर के मामले में हुआ था।

सोनी ने श्रद्धा हत्याकांड से मिलते-जुलते एपिसोड को ‘अहमदाबाद-पुणे’ हत्याकांड नाम से प्रसारित किया था। इसमें यह भी दिखाया गया था कि आरोपित पीड़िता के शव के कटे हुए हिस्सों को फ्रिज में रखने के बाद शराब का सेवन करता है। आरोपित को अपने साथी की हत्या करने के तुरंत बाद लाल टी-शर्ट पहने एक फूड डिलीवरी एक्जीक्यूटिव से फूड पार्सल प्राप्त करते हुए भी दिखाया गया था। श्रद्धा वॉकर हत्याकांड में सामने आई कई रिपोर्ट्स में भी ऐसी ही बातें बताई गई थी। आफताब अमीन पूनावाला ने भी पुलिस के सामने कबूल किया था कि उसने अपने लिव-इन पार्टनर के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने के बाद बीयर पी थी और फिर जोमैटो से खाना मँगवाया था।

सिर, रीढ़ और पाँव में चोट, बलात्कार की पुष्टि नहीं: नए साल पर जिस लड़की को कार ने घसीटा उसकी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई, छोड़ भागी सहेली से भी पूछताछ

दिल्ली के कंझावला में कार से 12 किलोमीटर तक घसीटी गई लड़की की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने कहा है कि गंभीर चोट लगने और लगातार खून बहने से उसकी मौत हुई। वहीं, मृत लड़की की दोस्त ने पुलिस को बताया है कि कार सवारों की गलती से यह हादसा हुआ।

दिल्ली के स्पेशल कमिश्नर (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर कहा है कि लड़की के सिर, रीढ़ और बाएँ फीमर पर चोटें तथा बहुत अधिक खून बह जाने से उसकी मौत हुई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में बलात्कार की पुष्टि नहीं हुई।

सागर प्रीत हुड्डा ने यह भी कहा है कि मृत लड़की की दोस्त पुलिस पूछताछ में सहयोग कर रही है। उन्होंने कहा है, “अब हमारे पास इस घटना का एक चश्मदीद गवाह है। वह पुलिस के साथ सहयोग कर रही है। हम सीआरपीसी की धारा 164 के तहत उसका बयान दर्ज कर रहे हैं। पूरे घटनाक्रम में यह लड़की बेहद महत्वपूर्ण है। आरोपितों को सजा दिलाने के लिए यह हमारे लिए महत्वपूर्ण सबूत साबित होगी।”

‘दैनिक भास्कर’ ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि पुलिस पूछताछ में मृत लड़की की दोस्त ने कहा है कि घटना से पहले दोनों होटल में थीं। एक्सीडेंट होने के बाद वह डर गई थी। इसलिए, वह घटना स्थल से भाग गई थी। डर के कारण ही उसने किसी को कुछ नहीं बताया। लड़की ने कहा है कि हादसे में गलती कार सवारों की थी। जब टक्कर हुई तो उसकी दोस्त कार वाली साइड पर गिरी और वह दूसरी तरफ।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर मृत लड़की के मामा का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा है कि रिपोर्ट में बताया गया है कि मौत घसीटे जाने से हुई। उसके साथ बलात्कार नहीं हुआ। शव को घर लेकर जा रहें हैं। शाम तक अंतिम संस्कार होगा।

इससे पहले यह बात सामने आई थी कि मृत लड़की अपनी एक दोस्त के साथ स्कूटी पर होटल से निकली थी। एक्सीडेंट के बाद यह लड़की मौके से डरकर भाग गई थी। टक्कर मारने के बाद लड़की कार के साथ करीब 12 किलोमीटर तक घसीटती रही। होटल मैनेजर अनिल ने दावा किया है कि दोनों लड़कियाँ 31 दिसंबर 2022 की शाम 7.30 बजे के आसपास होटल पहुँची थीं। उन्होंने, होटल का कमरा नंबर 104 बुक कराया था। उनसे मिलने के लिए कुछ लड़के भी होटल आए थे। इसके बाद, दोनों ने लड़ना-झगड़ना शुरू कर दिया।

मैनेजर ने यह भी दावा किया है कि इस होटल में आए उसे एक महीना ही हुआ है। इस दौरान उसने पहले भी मृतका को यहाँ अपने दोस्त के साथ आते देखा था। नाइट शिफ्ट के स्टाफ ने उनके झगड़े को रोकने की कोशिश की थी। झगड़ा शांत न होने पर मैनेजर ने उन दोनों को नीचे जाने को कह दिया था। नीचे जाने के बाद भी दोनों लड़कियाँ लड़तीं रहीं। उनके साथ 5-7 लोग थे। दोनों एक-दूसरे को गालियाँ दे रहीं थीं। इससे, आसपास के लोग वहाँ जमा हो गए थे। वहाँ खड़े लोगों ने उन्हें मना किया तो दोनों स्कूटी में बैठकर करीब 1:15 बजे वहाँ से चली गईं।

होटल के एक अन्य स्टाफ रोहित ने एक न्यूज चैनल से बातचीत में दावा किया कि दोनों लड़कियाँ पार्टी कर रही थीं। उन्होंने शराब पी रखी थी। काफी देर तक लड़ाई-झगड़ा चलता रहा। उन्हें समझाने की कोशिश भी की गई। फिर दोनों यहाँ से चली गईं। वहीं, होटल के सामने दोनों लड़कियों के झगड़ने का वीडियो भी सामने आया है।

जब बंदूक लेकर खड़े हो गए बालकृष्ण, भाग खड़े हुए इस्लामी आतंकी: कश्मीर के राजौरी में 6 हिन्दुओं का हुआ अंतिम संस्कार, बोले LG- हिसाब बराबर करेंगे

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में आतंकियों के हाथों मारे गए लोगों का अंतिम संस्कार कर दिया गया है। 2 बच्चियों समेत 6 लोगों के अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए। NIA की टीम राजौरी के डाँगरी गाँव पहुँची जहाँ आतंकी हमले में 6 नागरिक मारे गए थे। आपको बता दें कि चुन-चुन कर हिंदुओं को निशाना बना रहे आतंकी और भी लोगों की जान लेने वाले थे लेकिन बालकृष्ण नाम के नौजवान की जवाबी फायरिंग से डरकर दोनों इस्लामी आतंकी दुम दबाकर भाग गए।

दहशतगर्दों के हाथों मारे गए हिंदुओं का अंतिम संस्कार

राजौरी के डाँगरी गाँव में इस्लामिक आतंकियों का निशाना बने हिंदुओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया। डाँगरी गाँव में इस दौरान हजारों की संख्या में लोगों की मौजूदगी रही। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गाँव के सरपंच धीरज शर्मा ने कहा है कि लोगों के पास हथियार होते तो आतंकियों को मुँहतोड़ जवाब दिया गया होता। दरअसल, ग्राम रक्षा समिति (VDC) के सदस्यों को अकस्मात हमलों से निपटने के लिए हथियार दिया जाता है।

राजौरी के डाँगरी गाँव में पुलिस ने 60 साल से ज्यादा उम्र के लोगों से हथियार वापस ले लिए थे। वापस लिए गए हथियारों को दोबारा अलॉट नहीं किया गया। धीरज शर्मा का कहना है कि लोग अपनी सुरक्षा के लिए हथियार उठाने को तैयार हैं। आपको बता दें गाँव के बालकृष्ण ने VDC सदस्य होने के नाते मिले बंदूक से ही आतंकियों पर फायरिंग की थी।

बालकृष्ण की बहादुरी

राजौरी के डाँगरी गाँव में आतंकी एक के बाद एक घरों में दाखिल हो लोगों पर गोलियाँ बरसा रहे थे। इसी बीच जब वे चौथी घर की तरफ बढ़े तभी बालकृष्ण ने आतंकियों पर फायरिंग शुरू कर दी। बालकृष्ण की फायरिंग से डरकर आतंकी भाग खड़े हुए। बालकृष्ण के पास विलेज डिफेंस कमेटी वाली साधारण सी बंदूक थी। उसी बंदूक से उन्होंने आतंकियों के खूनी खेल को रोका और अपने साथ साथ कई लोगों की जान बचाई।

मामले की जाँच के लिए गाँव पहुँची NIA की टीम

राजौरी में हुए दोहरे आतंकी हमले की जाँच राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने शुरू कर दी है। रविवार (01 जनवरी, 2023) की शाम को अंधाधुँध फायरिंग और सोमवार (02 जनवरी, 2023) की सुबह हुए आईईडी धमाके के बाद एनआईए की टीम जाँच के लिए डाँगरी गाँव पहुँची। टीम ने घटनास्थल का जायजा लिया।

हिसाब बराबर किया जाएगा- एलजी मनोज सिन्हा

जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी राजौरी के डाँगरी गाँव पहुँचे जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। उन्होंने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, “सुरक्षा बलों को आतंकियों के पनाहगारों की तलाश के निर्देश दिए गए हैं। दहशतगर्दों से हिसाब बराबर किया जाएगा।” एलजी ने आगे कहा कि मैंने व्यक्तिगत रूप से पीड़ित परिवारों से बातचीत की। हम सब मिलकर उन परिवारों की देखभाल करेंगे। सरकारी नौकरी और मुआवजा भी देंगे। मामले की गंभीरता से जाँच होगी।

एलजी ने कहा कि किसी भी मौत का मुआवजा नहीं होता, लेकिन वित्तीय सहायता प्रशासन का धर्म होता है। मृतकों के परिजनों को दस-दस लाख रुपये की मदद और एक-एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

‘पाकिस्तान की टॉप हिरोइनों के साथ सेक्स करते थे आर्मी और ISI चीफ’: पूर्व अधिकारी ने नाम नहीं बताया, लेकिन हनीट्रैप खुलासे को इन चार से जोड़ रहे लोग

लंदन में रहने वाले पाकिस्तान (Pakistan) के पूर्व सैन्य अधिकारी आदिल राजा (Adil Raja) ने पूर्व सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा (General Bajwa) और आईएसआई चीफ रह चुके जनरल फैज (General Faiz) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आदिल राजा ने दावा किया है कि बाजवा और पूर्व आईएसआई चीफ फैज टॉप पाकिस्तानी एक्ट्रेस को खुफिया एजेंसी के मुख्यालय या सेफ हाउस में बुलाकर उनके साथ जिस्मानी रिश्ते बनाते थे। साथ ही देश के सियासतदानों का हनीट्रैप करने के लिए इन एक्ट्रेस को उनके पास भेजते थे और फिर उनका वीडियो बना लेते थे।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अपने वीडियो ब्‍लॉग में राजा ने खुलासा किया, “कहा जा रहा है कि पाकिस्तान की टॉप मॉडल और एक्ट्रेस आईएसआई के सेफ हाउसेस और बी मेस में आकर ठहरती थीं। यहाँ उनका इस्तेमाल किया जाता था। जरनल फैज हमीद और जनरल बाजवा का यह दावा है कि ये लोग भी इन एक्ट्रेस का इस्तेमाल करते थे। उनके अलावा जब बाकी सियासतदानों को बुलाया जाता था, तो उनकी वीडियो भी बनाई जाती थी। इस मामले में चार टॉप एक्ट्रेस के नाम सामने आए हैं, जिनका मैं नाम नहीं लूँगा। मैं सिर्फ उनके बारे में संकेत दे सकता हूँ। पहला MH, दूसरा MK, तीसरा KK और चौथा नाम SA है। बस इससे ज्यादा मैं आपको कुछ नहीं बताऊँगा। ज्यादा गंद उछालने की जरूरत नहीं है। समझने वाले समझ जाएँ।”

उन्होंने अपनी बात को जारी रखते हुए आगे कहा, “मेरे लिए इस बात को आपसे शेयर करना बेहद तकलीफदेह है। अल्लाह मेरा गवाह है। ये जज्बात खुद ब खुद उबल रहे हैं। जब मुझे बताते हुए इतनी तकलीफ हो रही है, तो सुनने वालों को तो तकलीफ होती ही होगी।”

आदिल राजा का यह वीडियो 31 दिसंबर 2022 का है। उन्होंने अपने वीडियो में किसी का नाम नहीं लिया है। लेकिन राजा ने जो संकेत दिए हैं उसके बाद सोशल मीडिया पर पाकिस्तान की टॉप एक्ट्रेस माहिरा खान, मेहविश हयात, कुब्रा खान और सजल अली का नाम जोड़ा जा रहा है। इसको लेकर माहिरा को छोड़कर तीन हिरोइनों की प्रतिक्रिया सामने आई है।

मेहविश हयात ने आदिल राजा को फटकारा

पाकिस्तानी अभिनेत्री मेहविश हयात ने सनसनीखेज दावे करने वाले आदिल राजा को आड़े हाथों लेते हुए ट्विटर पर मंगलवार (3 जनवरी 2022) को लिखा, “सस्ती शोहरत हासिल करने के लिए कुछ लोग इंसानियत के दर्जे से भी गिर जाते हैं। उम्मीद है कि आप अपने दो मिनट के फेम का आनंद उठा रहे होंगे। सिर्फ इसलिए कि मैं एक अभिनेत्री हूँ, इसका मतलब यह नहीं है कि मेरे ऊपर कीचड़ उछाला जाए। किसी ऐसे व्यक्ति के बारे में बेबुनियाद आरोप लगाना, जिसके बारे में आप कुछ जानते भी नहीं हैं। इसके लिए आपको शर्म आनी चाहिए।” अपने दूसरे ट्वीट में मेहविश लिखती हैं, “इससे भी बड़ी शर्म की बात उन लोगों के लिए है, जो इस बकवास पर विश्वास करते हैं। यह हमारे समाज की उस बीमारी को दर्शाता है जो बिना सोचे-समझे इस गटर वाली पत्रकारिता पर विश्वास करते हैं। लेकिन अब यह सब बंद करो। मैं किसी को अपना नाम बदनाम करने की इजाजत नहीं दूँगी।”

सजल अली ने आदिल के दावों की कड़ी निंदा की

एक्ट्रेस सजल अली आदिल के दावों से काफी गुस्से में हैं। उन्होंने अपने ही देश की इस हरकत की जमकर आलोचना की है। सजल अली ने सोमवार (2 जनवरी 2022) को अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा, “बड़े दुख की बात है कि हमारा देश नैतिक रूप से निराधार और कुरूप होता जा रहा है। किसी को बदनाम करने के लिए उसके चरित्र पर उँगली उठाना मानवता और पाप का सबसे घिनौना रूप है।”

कुब्रा खान भी हुईं आगबूबला

कुब्रा खान ने आदिल राजा के दावों को निराधार बताते हुए इसकी आलोचना की है। कुब्रा खान ने सोमवार (2 जनवरी 2022) को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में आदिल राजा के दावों को निराधार बताया। कुब्रा खान ने सोमवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में आदिल को चेतावनी देते हुए लिखा कि वह अपने ऊपर उँगली उठाने वालों के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगी। उन्होंने जो दावे किए हैं उन्हें तीन दिनों में साबित करें, नहीं तो वह पूर्व पाकिस्‍तानी सैन्‍य अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने जा रही हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट के अंत में लिखा, “मैं सच पे हूँ। मैं हक पे हूँ और मैं किसी के बाप से नहीं डरती हूँ।”

फोटो साभार: कुब्रा खान का इंस्टाग्राम

आदिल राजा ने दी सफाई

सोशल मीडिया पर चौतरफा घिरने के बाद आदिल राजा ने कुब्रा खान की पोस्ट पर सफाई देते हुए लिखा, “मिस कुब्रा एम खान, मैंने किसी भी तरह से आपका नाम नहीं लिया है या आपको बदनाम नहीं किया है। मैं सोशल मीडिया पर किसी का नाम लिए जाने की निंदा करता हूँ। हालाँकि, आपने अटकलों के आधार पर स्पष्ट रूप से मेरा नाम लिया और मुझे बदनाम किया। अच्छी बात है कि आप यूके आ रही हैं।”

संसद में चर्चा के दौरान मुस्लिम नेता का जिक्र, सफेद टोपी वाले सांसद ने गर्भवती महिला MP के पेट पर मारी लात: हुई जेल, देखिए Video

पश्चिमी अफ्रीकी देश सेनेगल में गर्भवती महिला सांसद के साथ हाथापाई करने और पेट में लात मारने के आरोप में दो सांसदों को 6 महीने की सजा सुनाई गई है। इसके अलावा, दोषी सांसदों को सरकारी खजाने में जुर्माना और पीड़ित सांसद को मुआवजा भी देना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 1 दिसंबर 2022 को सेनेगल की संसद में न्याय मंत्रालय के बजट पर बहस चल रही थी। इसी दौरान विपक्षी सांसदों ममदौ नियांग और मसाटा सांब ने सत्ताधारी पार्टी की महिला सांसद एमी नदिये के साथ हाथापाई। जवाब में जब नदिये ने कुर्सी फेंकी तो सफेद टोपी में दिख रहे सांसद ने उनके पेट पर लात मार दी। आप नीचे इसका वीडियो देख सकते हैं। नियांग और सांब चर्चा के दौरान एक प्रभावशाली मुस्लिम नेता की चर्चा से नाराज थे। यह मुस्लिम नेता संसद के सदस्य नहीं है, लेकिन विपक्ष के समर्थक हैं।

संसद में गर्भवती महिला सांसद के साथ हुई इस घटना की हर तरफ निंदा हुई थी। वीडियो सामने आने के बाद लोग महिलाओं अधिकारों के बारे में भी बात कर रहे थे। अब नियांग और साब को नदिए को 8100 डॉलर का मुआवजा देने का आदेश दिया गया है।

संसद सत्र के दौरानगर्भवती महिला सांसद पर हुए इस हमले की सुनवाई 19 दिसंबर 2022 से शुरू हुई थी। अब सांसदों को दोषी ठहराते हुए 6 महीने की सजा सुनाई गई है। सजा के अलावा दोनों सांसदों को 1 लाख सीएफए फ्रैंक (करीब 13400 रुपए) बतौर जुर्माना और 5 मिलियन सीएफए फ्रैंक (करीब 673400 रुपए) बतौर मुआवजा भरना पड़ेगा।

इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद पूरी दुनिया में सांसदों के इस कृत्य की आलोचना हो रही है। लोग इसे महिलाओं की सुरक्षा से लेकर घरेलू हिंसा तक से जोड़ कर देख रहे हैं।

मारपीट होने के बाद एमी नदिये बेहोश हो गईं थीं। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। नदिये के वकील बाबूकर सिसे का कहना है कि वह गर्भवती थीं और उन्हें इस बात का डर था कि वह अपने बच्चे को खो सकती हैं। उन्हें हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई है। लेकिन अब भी वह बेहद कठिन स्थिति से गुजर रहीं हैं। एक ओर जहाँ घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है। वहीं, दोषी ठहराए गए सांसदों के वकीलों ने कोर्ट में कहा था कि दोनों सांसदों ने महिला पर हमला नहीं किया था।

प्रियंका जी माना आपके भाई को अडानी-अबांनी नहीं खरीद पाए, पर वह कौन सा राहुल गाँधी है ​जिसे ‘अडानी का यार’ कहता है हसदेव अरण्य

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी ने जब सितंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा (Bharat Jodo Yatra) शुरू की, उस समय मैं कॉन्ग्रेस शासित छत्तीसगढ़ में था। जब कन्याकुमारी में वे भारत माता को गाली देने वाले पादरी की पाठशाला में बैठे थे, मैं बारिश में हसदेव अरण्य की (Hasdeo Aranya) ओर बढ़ रहा था। मैं आपको ये सब इसलिए बता रहा, क्योंकि 3 जनवरी 2023 को जब राहुल की यात्रा का दूसरा चरण शुरू हुआ, उनकी बहन और कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi Vadra) ने एक दावा किया है।

उत्तर प्रदेश में यात्रा के प्रवेश के दौरान लोनी बॉर्डर के मंच से प्रियंका गाँधी ने दावा किया कि अडानी, अंबानी ने बड़े से बड़े नेता खरीद लिए। देश की मीडिया खरीद ली। लेकिन उनके भाई राहुल गाँधी को नहीं खरीद पाए और ना कभी खरीद पाएँगे।

इसी तरह का दावा आजकल प्रणय रॉय नामक सेठ का मुलाजिम रहा एक पत्रकार भी करता फिर रहा है। उसकी बात फिर कभी। आज प्रियंका गाँधी के अडानी वाले दावे को सुनते ही मुझे अचानक से हसदेव अरण्य याद आ गया। मुझे वह राजनीतिक दोगलापन याद आने लगा जिसके पीड़ित छतनार के पेड़ों के बीच बनी एक झोपड़ी में उस बारिश के बीच बैठे थे, जब मैं उनके पास पहुँचा था। खुद को पीड़ित बताने वाले जनजातीय समाज के ये लोग अडानी के लिए राहुल गाँधी पर धोखा देने का आरोप लगा रहे थे।

दूर-दूर तक फैली हरियाली से होकर आप छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के घने जंगलों के बीच स्थित हरिहरपुर पहुँचते हैं। यहीं वह जगह, वह झोपड़ी और वे लोग मुझे मिले थे जो 02 मार्च 2022 से अनिश्चतकालीन धरने पर बैठे थे। हरिहरपुर, सालही, फतेहपुर, घाटबर्रा, चारपाड़ा, मदनपुर जैसे कई गाँव के जनजातीय समाज ‘हसदेव बचाओ’ के नारे के साथ छत्तीसगढ़ की कॉन्ग्रेस सरकार और अडानी समूह के खिलाफ संघर्षरत थे। राहुल गाँधी पर वादाखिलाफी का आरोप लगा रहे थे। उनका कहना था कि परसा में खदान की अनुमति फर्जी ग्रामसभा का आयोजन कर दी गई। खुदाई की वजह से वे करीब 4.5 लाख पेड़ों की कटाई होने का दावा कर रहे थे। यह भी कहना था कि कॉन्ग्रेस सरकार ने उनसे संवाद करने को एक अधिकारी तक नहीं भेजा, लेकिन जबरन पेड़ काटने के लिए उसका अमला आए दिन धमक जाता है।

कॉन्ग्रेस से इनलोगों की नाराजगी की वजह राहुल गाँधी का वह वादा था, जो उन्होंने 2015 में किया था। हरिहरपुर से करीब 15 किलोमीटर दूर मदनपुर में जून 2015 में राहुल गाँधी ने एक सभा की थी। इस दौरान इन ग्रामीणों को भरोसा दिलाया था कि राज्य में कॉन्ग्रेस की सरकार बनने पर इस इलाके में खुदाई की अनुमति नहीं होगी। उनके गाँव नहीं उजड़ने दिए जाएँगे। इस वादे पर भरोसा कर इनलोगों ने 2018 के विधानसभा चुनावों में कॉन्ग्रेस को समर्थन दिया। राज्य में भूपेश बघेल के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस की सरकार भी आ गई। इसके बाद कॉन्ग्रेस और राहुल गाँधी ने यह वादा भूला दिया।

वादा याद दिलाने के लिए यहाँ के करीब 300 ग्रामीणों ने 4 अक्टूबर 2021 को एक पदयात्रा शुरू की। यह 11 अक्टूबर को रायपुर पहुँची। बघेल सरकार को राहुल गाँधी का वादा याद दिलाया। आश्वासन मिला, पर हुआ कुछ नहीं। इसके बाद ग्रामीणों का एक दल दिल्ली आकर राहुल गाँधी से मिला। उन्होंने भी कथित तौर पर फिर भरोसा दिलाया। फिर भी कोई पहल नहीं हुई तो ग्रामीणों ने ‘हसदेव अरण्य बचाओ संघर्ष समिति’ के बैनर तले धरना शुरू किया था।

सालही के नंदराम ने ऑपइंडिया को बताया था, “छत्तीसगढ़ में कॉन्ग्रेस सरकार आने से हम लोगों को लगा कि जब ये नरवा, गरुआ, घुरुवा की बात कर रही है तो यह खदान आवंटन रद्द करेगी। लेकिन यह नरवा, घुरुवा को उजाड़ने का काम कर रही है।” उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ का परसा कोल ब्लॉक राजस्थान राज्य विद्युत् उत्पादन निगम लिमिटेड को आवंटित है। राजस्थान की सरकार ने अनुबंध पर इसे खनन के लिए अडानी समूह को दिया है। राजस्थान में भी कॉन्ग्रेस की ही सरकार है।

मुझे यह नहीं पता कि इस ठंड में भी हसदेव अरण्य के बीच बनी उस झोपड़ी के नीचे लोग बैठे हैं या नहीं। मुझे यह भी नहीं पता कि मेरे आने के बाद कितने पेड़ों की कटाई हुई है। हाल ही में हसदेव अरण्य खनन परियोजना पर रोक से सुप्रीम कोर्ट ने भी इनकार किया है। मैं इस विमर्श में भी नहीं पड़ना चाहता कि यह परियोजना उस समय भी चल रही थी, जब छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार हुआ करती थी।

ये सब बातें इसलिए बेमानी हैं ​क्योंकि ये सारे तथ्य 2015 में भी थे। बावजूद राहुल गाँधी ने इनके गाँवों को उजड़ने नहीं देने का वादा किया था। लेकिन सत्ता में आने के बाद उन्होंने इनलोगों की सुध तक लेने की कोशिश नहीं की। न ही उनकी सरकार ने इनसे संवाद का प्रयास, जबकि कॉन्ग्रेस की ही सरगुजा यूनिट और इसी इलाके से आने वाले बघेल सरकार के मंत्री टीएस सिंहदेव इनको समर्थन देने की बात करते रहे।

बावजूद लोनी बॉर्डर से प्रियंका गाँधी जो दंभ रही थीं, वह बताता है कि कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार को आज भी लगता है कि इस देश की जनता मूर्ख है। उसे वह उसी तरह झाँसा दे पाएगी, जैसे देकर उसने 70 सालों तक राज किया। लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि आज के भारत में जैसे इस तरह का दावा करने वाले एंकर की टीआरपी जीरो है, वैसे ही कॉन्ग्रेस के शीर्ष परिवार की क्रेडिबिलिटी भी जीरो है।

हसदेव अरण्य में चल रहे आंदोलन पर हमारी ग्राउंड रिपोर्ट को आप इस लिंक पर क्लिक कर पढ़ सकते हैं