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श्रद्धा की हत्या, अलग धर्म, ज्यादा उम्र… तुनिशा से ब्रेकअप की कई वजहें गिनाई, हिरोइन की माँ ने बताया- शीजान ने बना रखी है कई गर्लफ्रेंड

टीवी अधिनेत्री तुनिशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में गिरफ्तार एक्टर शीजान खान का कबूलनामा सामने आया है। बताया जा रहा है कि शीजान ने श्रद्धा वॉकर की आफ़ताब द्वारा हुई हत्या के बाद देश में बने माहौल से खुद को डरा बताया है। शीजान के मुताबिक उसके द्वारा तुनिशा से दूरी बनाने की वजह यही थी। वहीं मृतका की माँ ने आरोप लगाया है कि शीजान ने कई गर्लफ्रेंड बना रखी हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक 4 दिनों की कस्टडी रिमांड के पहले दिन शीजान ने माना है कि तुनिशा इस से पहले भी एक बार आत्महत्या की कोशिश कर चुकी थी। यह कोशिश शीजान द्वारा बनाई जा रही दूरी के चलते हुई थी। शीजान ने कहा कि तब उसने तुनिशा की माँ को अपनी बेटी का खास ध्यान रखने की नसीहत भी दी थी। अपने द्वारा बनाई जा रही दूरी की एक वजह शीजान ने तुनिशा का अन्य धर्म से और दोनों के बीच उम्र का काफी अंतर होना बताया है।

हालाँकि तुनिशा की माँ वनिता शर्मा लगातार अपनी बेटी की मौत का जिम्मेदार शीजान को ठहरा रहीं हैं। उनके अनुसार शीजान की पहले भी गर्लफ्रेंड थीं लेकिन इसके बावजूद वो तुनिशा के साथ लिव इन रिलेशनशिप में रहा। वनिता शर्मा ने शीजान पर अपनी बेटी को 3-4 महीने यूज करने का भी आरोप लगाया। तुनिशा की माँ ने अपनी बेटी के लिए न्याय की आवाज उठाने में मीडिया के सपोर्ट को भी सराहा और धन्यवाद किया। वनिता ने किसी भी हाल में शीजान को माफ़ न करने की गुहार भी लगाई।

बताया जा रहा है सुसाइड के एक दिन पहले तुनिषा की माँ उनसे मिलने सेट पर पहुँची थीं, वहाँ एक्ट्रेस ने कहा, “माँ मेरे दिल में एक बात है जो आप को बतानी है, मुझे शीजान चाहिए। लेकिन वो सुनने को तैयार नहीं है, क्या आप एक बार शीजान से बात करेंगी।” इसके बाद तुनिषा की मां ने शीजान को बुलाया था और बेटी की जिंदगी में दोबारा लौट आने के लिए भी कहा था, तब शीजान ने कहा था, “मुझे माफ कर दो।”

गौरतलब है कि 20 वर्षीया टीवी अभिनेत्री तुनिशा शर्मा ने 24 दिसंबर को आत्महत्या कर लिया था। इस मामले में मुंबई की वसई पुलिस ने शीजान खान को आत्महत्या का आरोपित मानते हुए IPC की धारा 306 के तहत FIR दर्ज की है। शीजान को गिरफ्तार कर के 4 दिनों का कस्टडी रिमांड हासिल किया गया है।

‘सुशांत ने नहीं की थी आत्महत्या, उनकी हत्या हुई थी’ : जिस अस्पताल में हुआ था SSR का पोस्टमार्टम उसके कर्मचारी ने किया खुलासा, बताया- हाथ में थे चोट के निशान

सुशांत सिंह राजपूत की आत्महत्या मामले में कूपर अस्पताल के एक कर्मचारी ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। कर्मचारी का दावा है कि वो सुशांत के पोस्टमार्टम के समय उसी जगह मौजूद था और जैसा कि उसने देखा उससे पता चल रहा था कि वो आत्महत्या नहीं बल्कि हत्या है।

टीवी 9 मराठी को दिए इंटरव्यू में कूपर अस्पताल के कर्मचारी रूपकुमार शाह ने कहा, “हत्या और आत्महत्या में बहुत फर्क होता है। शव देखने के तुरंत बाद पता चल जाता है वो हत्या है या आत्महत्या है। सुशांत के गले में निशान थे। वह बिलकुल हत्या जैसा लग रहा था। बॉडी को मुक्के मारे गए थे, उस पर चोट के निशान थे। जो आदमी आत्महत्या करता है उसे चहरे पर पंच के निशान नहीं होते जैसे कि सुशांत के चेहरे पर थे।”

सुशांत की आत्महत्या पर सवाल खड़ा करते हुए उन्होंने कहा, “सुशांत एक महान कलाकार थे। उन्होंने कई फिल्म में अभिनय किया था और अगर वो आत्महत्या करते तो हम उनकी शव को सही से हैंडल कर लेते। आखिर एक आदमी कैसे अपने हाथों पर मारकर खुद को लटका सकता है।”

बता दें कि 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत संदिग्ध हालातों में अपने घर में मृत पाए गए थे। बांद्रा स्थित उनका घर में उनका शव मिलने के बाद बॉलीवुड गैंग पर एक बड़ा सवाल हो गया था। तमाम लोगों ने इसे हत्या बताते हुए जाँच की माँग उठाई थी। इस मामले में सुशांत के परिजनों की शिकायत पर रिया चक्रवर्ती पर सवाल खड़े हुए। छानबीन में सामने आया था कि कैसे रिया और उनका भाी शोवित सुशांत को ड्रग्स देने का काम करते थे।

‘भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार के पास नहीं है 1962, 1965, 1971 के युद्ध के रिकॉर्ड: NAI का खुलासा – मंत्रालयों ने नहीं दिया विवरण, हरित क्रांति के भी डिटेल्स नहीं

भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) की जिम्मेदारी देश से जुड़ी हर महत्वपूर्ण घटनाओं का रिकॉर्ड अपने पास रखने की होती है। हालाँकि, आपको जानकार आश्चर्य होगा कि राष्ट्रीय अभिलेखागार के पास देश में लड़े गए तीन प्रमुख युद्धों और हरित क्रांति से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं हैं। यह जानकारी NAI के डायरेक्टर जनरल चंदन सिन्हा (Chandan Sinha) ने दी है।

चंदन सिन्हा ने बताया कि NAI के पास 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के साथ-साथ हरित क्रांति से संबंधित रिकॉर्ड नहीं हैं। उन्होंने बताया कि कई केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों ने इन घटनाओं विवरण और रिकॉर्ड NAI के साथ साझा नहीं किया है। सिन्हा ने शुक्रवार (23 दिसंबर, 2022) को दिल्ली में प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग द्वारा सुशासन पर आयोजित कार्यशाला में यह टिप्पणी की।

उल्लेखनीय है कि 1962 का युद्ध चीन के साथ और 1965 का युद्ध पाकिस्तान से साथ लड़ा गया था। वहीं 1971 का ऐतिहासिक युद्ध भी पाकिस्तान के साथ लड़ा गया था। इस युद्ध में पाकिस्तानी सेना की अपमानजनक हार हुई थी और विश्व पटल पर एक नए राष्ट्र बांग्लादेश का निर्माण हुआ था। वहीं 1960 के दशक में नॉर्मन बोरलॉग ने हरित क्रांति की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य प्रति हेक्टेयर अनाजों का उत्पादन बढ़ाना और देश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना था।

सिन्हा ने बताया कि NAI केवल भारत सरकार और उसके संगठनों के रिकॉर्ड रखता है और उन्हें संरक्षित करता है। NAI को वर्गीकृत दस्तावेज नहीं दिया जाता है। सिन्हा ने कहा कि कुल 151 मंत्रालय और विभाग में से NAI के पास 36 मंत्रालयों और विभागों सहित केवल 64 एजेंसियों के रिकॉर्ड हैं। सिन्हा ने कहा, “सरकार के रिकॉर्ड का सही तरीके से प्रबंधन करना सुशासन का एक जरूरी पहलू है। कई मंत्रालय हैं जिन्होंने आजादी के बाद से NAI के साथ अपने रिकॉर्ड साझा नहीं किए हैं। इसका मतलब है कि भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में हरित क्रांति का कोई रिकॉर्ड नहीं है, जिसकी हम हमेशा गुणगान करते हैं। साथ ही 1962, 1965 और 1971 के ऐतिहासिक युद्ध के रिकॉर्ड भी नहीं है।”

सिन्हा ने कहा कि ये इस तरह की घटनाएँ हैं, जिसके बारे में हर भारतीय को जानकारी होनी चाहिए। उन्होंने अफ़सोस जताते हुए कहा कि लेकिन सरकार ने इन घटनाओं का दस्तावेजीकरण सही ढंग से नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुझे यह बताते हुए बहुत दुःख हो रहा है कि हम अपने इतिहास को सहेज कर नहीं रख रहे हैं। उन्होंने कहा कि एक बड़ा प्रश्न हमारे सामने यह है कि क्या हम अपने इतिहास को न सहेज कर देश का नुकसान कर रहे हैं।

वहीं उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्रालय ने आज़ादी के बाद इस साल की शुरुआत में 426 फ़ाइल भेजी थी। वहीं इस वर्ष 1960 तक की 20 हजार फाइलों को ट्रांसफर किया गया है।। सिन्हा ने साथ ही सुझाव देते हुए बताया कि फाइलों की छाँटने के लिए किसी विशेष अभियान की प्रतीक्षा नहीं करनी चाहिए, बल्कि यह कार्य हर तिमाही में किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि अभिलेख को किसी भी हाल में नष्ट नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा करने पर 1 साल की सजा का प्रावधान है।

ड्राइवर, पत्रकार, मानवाधिकार कार्यकर्ता… दरभंगा एयरपोर्ट पर हथियार के साथ पकड़े गए कलामुद्दीन की कई पहचान: भाई का मदरसा, भतीजा ड्रग्स तस्कर

दरभंगा एयरपोर्ट पर 24 दिसंबर 2022 को 42 साल के मोहम्मद कलामुद्दीन को पकड़ा गया। उसके पास से गुलजार सईद और कमालुद्दीन के नाम से भी दस्तावेज मिले हैं। दरभंगा पुलिस जाँच का हवाला देकर खुलकर कुछ भी बताने से इनकार कर रही है। लेकिन कलामुद्दीन से जुड़े जो तथ्य सामने आ रहे हैं, उससे लगता है कि वह किसी अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करी का महत्वपूर्ण लिंक है।

कलामुद्दीन बिहार के पूर्वी चंपारण जिला के ढाका थाना क्षेत्र के कुशमहवा गाँव का रहने वाला है। यह गाँव कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए कुख्यता चंदनबारा से सटा है। कलामुद्दीन मुंबई की फ्लाइट पकड़ने के लिए दरभंगा एयरपोर्ट आया था। जाँच के दौरान उसके सामान में एक मैगजीन और 9 एमएम के तीन जिंदा कारतूस मिले थे। शुरुआत में उसने हंगामा करते हुए एयरपोर्ट अधिकारियों पर अपने सामान में मैगजीन और कारतूस रखने का आरोप लगाया था। ​बाद में उसे दरभंगा सदर थाने की पुलिस को सौंप दिया गया।

पूछताछ से जुड़े सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया है कि शुरुआत में कलामुद्दीन ने पुलिस पर भी धौंस जमाने की कोशिश की थी। एक कॉन्स्टेबल को परिणाम भुगतने की धमकी दी थी। वह ऐसे पेश आ रहा था जैसे वह आसानी से छूट जाएगा। बाद में उसने एसयूवी की खरीद के एक विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि हत्या के लिए उसने पिस्टल और गोली खरीदी थी।

कलामुद्दीन के पास से प्रेस कार्ड, एक मानवाधिकार संगठन का आई कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, डेबिट कार्ड और कुछ वकीलों के वि​जटिंग कार्ड बरामद हुए हैं। सूत्रों के अनुसार ये विजटिंग कार्ड मुंबई हाई कोर्ट, लखनऊ, सिद्धार्थनगर और मोतिहारी के वकीलों के हैं। सूत्रों के अनुसार जो ड्राइविंग लाइसेंस है, उस पर तस्वीर कलामुद्दीन की है और नाम गुलजार सईद अंकित है। इस पर पता मुंबई का है।

सूत्रों के अनुसार कलामुद्दीन के पिता की मृत्यु हो चुकी है। वह चार भाई। एक गाँव में रहकर ड्राइवरी करता है। दो भाई मुंबई में रहते हैं। इनमें से एक मदरसा चलाता है, जबकि दूसरे की टेलर शॉप है।

18 दिसंबर 2022 को मुंबई क्राइम ब्रांच की एंटी नारकोटिक्स सेल की बांद्रा यूनिट ने दो लोगों को करीब ₹1 करोड़ मूल्य के ड्रग्स के साथ पकड़ा था। इनकी पहचान मोहम्मद खयामुद्दीन और मोहम्मद मोइनुद्दीन सैयद के तौर पर हुई थी। खयामुद्दीन दरभंगा एयरपोर्ट पर पकड़े गए कलामुद्दीन का भतीजा बताया जा रहा है। उसका पिता मोहम्मद मोइनुद्दीन है जो मुंबई से ठाणे के कलवा में मदरसा चलाता है। खयामुद्दीन पर मुंबई के विभिन्न थानों में हत्या और हत्या के प्रयास सहित करीब 16 मामले दर्ज हैं।

सूत्रों के अनुसार कलामुद्दीन के पास से जो प्रेस आई कार्ड मिला है, वह कौमी दर्पण नाम की एक पत्रिका का है जो मुंबई से प्रकाशित होती है। आई कार्ड पर कलामुद्दीन का नाम कमालुद्दीन नूर लिखा हुआ है। खुद को ड्राइवर बताने वाले कलामुद्दीन ने पूछताछ में कहा है कि वह पार्ट टाइम पत्रकार है। इसके अलावा मानवाधिकार संगठन ‘मानव अधिकार युवा संगठन’ का भी एक आई कार्ड मिला है। यह दिल्ली से रजिस्टर्ड है। इस पर कलामुद्दीन नाम अंकित है। इसमें उसे पूर्वी चंपारण के सिकरहना का ब्लॉक प्रेसीडेंट बताया गया है।

न्यूज एजेंसी एएनआई ने दरभंगा सदर एसडीपीओ अमित कुमार के हवाले से उसके पास से प्रेस आई कार्ड और मानवाधिकार संगठन का आई कार्ड मिलने की पुष्टि की है।

सूत्रों ने ऑपइंडिया को बताया है कि कलामुद्दीन के मोबाइल की जाँच के दौरान मिले उसके व्हाट्सएप संदेशों और तस्वीरों से लगता है कि वह नेपाल सीमा से तस्करी में संलिप्त है। दरभंगा, पटना से उसके लगातार मुंबई हवाई यात्रा करने के भी साक्ष्य मिले हैं। SDPO अमित कुमार ने ऑपइंडिया से बातचीत में इस केस के लेकर राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) से संपर्क किए जाने की रिपोर्टों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि पुलिस IB के संपर्क में है। बरामद प्रेस कार्ड को लेकर उनका कहना है कि ऐसा लगता है कि कलामुद्दीन ने इसे खुद से बनवाया है। इसकी जाँच चल रही है। उन्होंने यह भी बताया कि कलामुद्दीन ने अपने रिश्तेदार के मुंबई में ड्रग्स मामले में गिरफ्तारी के बारे में बताया है।

गाँव में टेंट लगा कर 100 लोगों को ईसाई बना रहा पादरी गिरफ्तार, धर्मांतरण के लिए बस से 30-40 को दिल्ली ले जा रहा युवक भी धराया

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण रोकने के लिए कड़ा कानून बनाया गया है। इसके बाद भी, धर्मांतरण की घटनाएँ बढ़ती जा रहीं हैं। रामपुर जिले के पटवई और मिलक में क्रिसमस के दौरान धर्मांतरण कराने के आरोप में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया। पटवई में आरोपित पादरी टेंट लगाकर 100 लोगों को धर्मांतरण का शिकार बनाने की कोशिश में था। वहीं, मिलक में आरोपित युवक धर्मांतरण कराने के लिए बस भर कर लोगों को दिल्ली ले जा रहा था।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामपुर जिले के पटवई थाना क्षेत्र अंतर्गत सोहना गाँव में आरोपित पादरी पोलूम मसीह टेंट लगाकर दलित परिवार के करीब 100 लोगों का धर्मांतरण करा रहा था। इस कार्यक्रम की जानकारी मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे और पुलिस को सूचना दी।

इसके बाद, पुलिस ने कार्यक्रम स्थल में दबिश दी। पुलिस को देखते ही धर्म परिवर्तन कराने वाले लोग मौके से भाग गए। हालाँकि, पुलिस ने आरोपित पादरी पोलूम मसीह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने ‘विश्व हिंदू परिषद (VHP)’ के प्रखंड संयोजक राजीव यादव की शिकायत के आधार पर उत्तर प्रदेश धर्मांतरण कानून की धारा 3 और 5 (1) क तहत मामला दर्ज किया है।

हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि आरोपित ईसाई पादरी बहला-फुसलाकर भोले-भाले गरीबों का धर्मांतरण कराने की कोशिश कर रहा था। वहीं, रामपुर एएसपी संसार सिंह ने कहा, “पटवई थानाध्यक्ष हरेंद्र यादव को सूचना मिली थी कि सोहना गाँव में एक पादरीपोलुस मसीह निवासी सिविल लाइंस कुछ लोगों को इकट्ठा कर रहा है। पादरी धर्मांतरण के लिए लोगों को प्रलोभन दे रहा है। इस पर थानाध्यक्ष ने तत्काल कार्रवाई की और पादरी को गिरफ्तार कर लिया।”

वहीं, रामपुर जिले के ही मिलक में शनिवार (24 दिसंबर, 2022) की रात स्थानीय युवक धर्मांतरण कराने के लिए करीब 30-40 लोगों को बस में बैठाकर दिल्ली ले जा रहा था। इसकी जानकारी हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को हुई तो उन्होंने बस रोककर पूछताछ करते हुए हंगामा करना शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपित युवक शिवदेश के खिलाफ एफआईआर दर्ज करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है।

इमरान अली के घर से 500 Kg गोमांस बरामद, 17 ज़िंदा गायें भी बचाई गईं: 3 घंटे तक चली छापेमारी के बाद 5 गिरफ्तार

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में गोहत्या का मामला सामने आया है। पुलिस ने गाय को मार कर उसका माँस बेचने के आरोप में 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए गोहत्यारों के पास से 500 किलो गोमाँस भी बरामद हुआ है। इस माँस के खरीदार 3 ग्राहकों को भी पुलिस ने दबोच लिया है। इस पुलिस कार्रवाई के दौरान 17 गायों को कटने से भी बचाया गया है। यह जानकारी पुलिस ने शनिवार (24 दिसंबर, 2022) को दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामला जमशेदपुर से 30 किलोमीटर दूर कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहाँ हल्दीपोखर गाँव में पुलिस को गोकशी की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने इमरान अली के घर पर छापा मारा। सूचना सही पाई गई और मौके से पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया। इन आरोपितों में शमीम उर्फ़ पप्पू भी शामिल है। पप्पू इमरान अली का साथी बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि अली अपने ही घर में पशुओं को काट कर माँस की बिक्री करता था। पुलिस को देखते ही वो दीवाल फाँद कर भागने लगा। पुलिस ने दौड़ा कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने जीवित गायों को कस्टडी में लेते हुए आरोपितों पर झारखंड गोधन पशु वध निषेध अधिनियम 2005 के तहत FIR दर्ज की है। सभी आरोपितों को कोर्ट में पेश किया गया है जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बरामद हुई जीवित गायों को गौशाला के अधिकारी के सौंप दिया गया है। बताते चलें कि झारखंड में गोवंशीय पशुओं की हत्या और उनके माँस की बिक्री पर बैन है।

बताया गया है कि एक दिन पहले गुरुवार को साकची से गोमाँस के साथ पकड़े गए व्यक्ति ने पुलिस को इमरान अली के ठिकाने की जानकारी दी थी। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक जहाँ ये माँस बरामद हुआ उसे मुस्लिम बस्ती कहा जाता है। यहाँ शुक्रवार (23 दिसंबर 2022) को छापेमारी हुई है। ये कार्रवाई सुबह 6:30 से शुरू हो कर लगभग साढ़े 3 घंटे चलने के बाद दोपहर 11 बजे खत्म हुई। कार्रवाई के दौरान गाय काटने में प्रयोग होने वाला लकड़ी का बोटा और चापड़ भी बरामद किया है। छापेमारी के दौरान कुल 8 लोग हिरासत में लिए गए थे।

‘चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में गिरफ्तार हुए ट्विटर के पूर्व CEO पराग अग्रवाल, एलन मस्क ने FBI से की थी शिकायत’: ‘Vancouver Times’ की रिपोर्ट, ये है सच

सोशल मीडिया पर रविवार (25 दिसंबर, 2022) को ट्विटर के पूर्व मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) पराग अग्रवाल के बारे में एक चौकाने वाली रिपोर्ट सामने आई। रिपोर्ट में दावा किया गया कि अग्रवाल को चाइल्ड पोर्न मामले में गिरफ्तार किया गया है। रिपोर्ट ‘vancouvertimes.org’ वेबसाइट द्वारा प्रकाशित की गई थी। रिपोर्ट के अनुसार, ट्विटर के नए मालिक और सीईओ एलन मस्क ने पुलिस को जानकारी दी थी कि अग्रवाल के पास चाइल्ड पोर्नोग्राफी है। इसके बाद पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

रिपोर्ट में दावा किया गया कि अग्रवाल को उनके घर से एफबीआई ने गिरफ्तार किया है और उनके जमानत पर रिहा होने की उम्मीद है। वेबसाइट ने रिपोर्ट को असल दिखाने के लिए कुछ प्रासंगिक ट्वीट को भी शामिल किया है।

नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया

कई नेटिज़न्स ने रिपोर्ट पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। ट्विटर यूजर ‘@OhAnji77’ ने एलन मस्क को धन्यवाद दिया और कहा, “इस कचरे का पर्दाफाश करने और इससे छुटकारा पाने के लिए एलन मस्क का धन्यवाद। ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल को चाइल्ड पोर्न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ‘@patbrody3’ ने लिखा, “BREAKING: ट्विटर के अंदरूनी सूत्र से टिप के बाद पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल को चाइल्ड पोर्न रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।”

ट्विटर यूजर ‘@ralph78087945’ ने कहा, “ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल को चाइल्ड पोर्नोग्राफी रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एलन मस्क ने इसकी गुप्त सुचना दी थी। एफबीआई ने अग्रवाल को कैलिफोर्निया में उनके घर से गिरफ्तार किया । उनके वकील ने वैंकूवर टाइम्स से कहा है कि वह अदालत में अपना पक्ष रखने की योजना बना रहे हैं।”

एक अन्य ट्वीटर यूजर ग्रेट अमेरिकल मेल ने कहा, ”ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग को चाइल्ड पोर्न के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।”

‘न्यूज वेबसाइट’ का सच

रिपोर्ट के लिंक और स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए, लेकिन हकीकत यह है कि कोई गिरफ्तारी नहीं हुई। vancouverttimes.org एक व्यंग्य (Satire) वेबसाइट है। रिपोर्ट एक मजाक से ज्यादा कुछ नहीं है। वेबसाइट ने रिपोर्ट के निचले भाग में एक डिस्क्लेमर जोड़ा गया है, जिसमें लिखा है, “फैक्ट चेकर्स ने फैक्ट चेक करने में अपना समय बर्बाद किया।” भ्रम को कम करने के लिए लेख को व्यंग्य भाग में जोड़ा गया है और लेख के निचले भाग में एक नोट जोड़ा गया है।”

Source: vancouvertimes.org

vancouverttimes.org के ‘हमारे बारे में (About Us)’ पेज में यह भी लिखा है कि यह एक व्यंग्य वेबसाइट है। इसमें लिखा है, “वेस्ट कोस्ट पर व्यंग्य के लिए vancouverttimes.org सबसे भरोसेमंद स्रोत है। हम रूढ़िवादियों को प्रभावित करने वाले मुद्दों के बारे में व्यंग्यपूर्ण कहानियाँ लिखते हैं। हम किसी भी तरह से मुख्यधारा की मीडिया (सीबीसी, सीटीवी इत्यादि) से संबद्ध नहीं हैं और हमारी कंटेंट, हमारे लेखकों के नाम और एमएसएम के बीच कोई समानता विशुद्ध रूप से एक संयोग है।

Source: vancouvertimes.org

वहीं एक समूह से जुड़े ट्विटर उपयोगकर्ताओं ने वेबसाइट के व्यंग्य वेबसाइट होने की जानकारी भी दी है। नोट में लिखा है, “ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल को चाइल्ड पोर्न रखने के आरोप में गिरफ्तार नहीं किया गया है। लिंक की गई वेबसाइट vancouverttimes.org को है जो खुद को एक व्यंग्य वेबसाइट है। vancouverttimes.org/about-us/”

यह हाल ही में सामने आया था कि ट्विटर कथित रूप से अपने प्लेटफॉर्म पर बाल पोर्नोग्राफ़ी के बड़े पैमाने पर वितरण की लगातार अनदेखी कर रहा था। एलन मस्क ने कंपनी को संभालने के बाद ही इस संबंध में कंटेंट वितरित होने से रोकने पर गंभीरता से काम किया गया। रिपोर्टों के अनुसार, ऐसे कंटेंट को साझा करने के लिए उपयोग किए जाने वाले प्रमुख हैशटैग को ट्विटर पर खोज से हटा दिया गया है। इसके अलावा, ट्विटर ने प्लेटफॉर्म पर सीएसई सामग्री की रिपोर्ट करने के लिए एक विशिष्ट विकल्प जोड़ा है।

हमारी जाँच से यही पता चला कि ट्विटर के पूर्व सीईओ पराग अग्रवाल को चाइल्ड पोर्न रखने के आरोप में गिरफ्तार किए जाने की खबरें फर्जी हैं।

क्रिसमस के दिन छत्तीसगढ़ में 20 परिवारों ने की घर-वापसी, गंगाजल ग्रहण कर ली शपथ: जिन किताबों को पढ़ कर बन गए थे ईसाई, उन्हें पानी में बहाया

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर में क्रिसमस (25 दिसंबर, 2022) के दिन सामूहिक ‘घर वापसी’ की खबर है। बताया जा रहा है कि इस दौरान 20 परिवारों ने फिर से हिन्दू धर्म में आस्था जताते हुए गंगाजल ग्रहण किया। इस दौरान घर वापसी करने वालों ने उन पुस्तकों को पानी में विसर्जित किया, जिन्हें पढ़ा कर उन्हें अपने मूल धर्म से दूर किया गया था। बताया जा रहा है कि एक लम्बे समय अंतराल के बाद उस गाँव में क्रिसमस का कोई आयोजन नहीं हुआ।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘घर वापसी’ का यह सामूहिक आयोजन ग्राम पंचायत महिमागावड़ी के गाँव मडमनार में हुआ है। यहाँ के जिन लोगों ने घर वापसी की है, उनके नाम मंगलू राम, सोमजी, सीतूराम, मानकु, मानिक, सूखु, सुखदेव, कुमा, सोनरू, सिध्राय, फूल सिंह, बिसरू, खेमू और कोर्राम हैं। इन सभी ने घोषणा की है कि उनके द्वारा अपने मूल धर्म में की जा रही घर वापसी के पीछे कोई दबाव नहीं है। इस घर वापसी की वजह से गाँव में खुशियाँ भी मनाई गईं।

बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम में धर्मांतरित हुए सभी लोगों ने हाथों में श्रीफल लिया और आगे से हिन्दू धर्म के अनुसार ही जीवन बसर करने का संकल्प लिया। उन्होंने अपने पूर्व में हुए धर्म-परिवर्तन के दौरान और बाद में मिली किताबों को पानी में प्रवाहित कर दिया। इस आयोजन का गवाह पूरा गाँव बना। समाज के सभी लोगों ने घर वापसी करने वालों का स्वागत किया। बताया जा रहा है कि इस आयोजन के बाद अब गाँव मडमनार में एक भी धर्मांतरित व्यक्ति नहीं बचा है।

इस आयोजन का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस वीडियो में घर वापसी करने वाले व्यक्ति ने कहा कि धर्म परिवर्तन के बाद उनका समाज अलग जैसा हो गया था। उन्होंने फिर से हिन्दू धर्म में आ कर ख़ुशी जाहिर की है। वीडियो में ग्रामीणों द्वारा हिन्दू देवी-देवताओं के जयकारे लगाते भी सुना जा सकता है। एक अन्य व्यक्ति के मुताबिक घर वापसी करने वालों ने बाइबिल को बाइज्जत वापस कर दिया है। इस दौरान किसी भी प्रकार का कोई वाद-विवाद न होने की भी जानकारी दी गई है।

मौत से 15 मिनट पहले शीजान खान ने तुनिशा के साथ किया था लंच, धर्मांतरण एंगल से भी जाँच: बोले अभिनेत्री के घर वाले – कई लड़कियों से उसके संबंध

शनिवार (24 दिसंबर, 2022) को अभिनेत्री तुनिशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। इस मामले में, पुलिस से हुई पूछताछ में शीजान खान ने कहा है कि मौत से 15 मिनट पहले दोनों ने साथ में लंच किया था। साथ ही, दावा किया है कि धर्म और उम्र में अंतर होने के कारण उसने तुनिशा से ब्रेकअप किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पुलिस की पूछताछ में शीजान खान ने बताया है कि उसने 3 बजे तुनिशा के साथ लंच किया था। शीजान के इस बयान के बाद पुलिस यह जानने में जुटी है कि आखिर दोनों के बीच ऐसा क्या हुआ कि तुनिशा ने 3:15 पर आत्महत्या कर ली।

वहीं, शीजान ने पुलिस से यह भी कहा है कि तुनिशा ने मौत से कुछ दिन पहले भी आत्महत्या करने की कोशिश की थी। लेकिन, उसने तुनिशा को बचा लिया था। शीजान ने दावा किया है कि उसने इस बारे में तुनिशा कई माँ को बताया था।

यही नहीं, पुलिस की पूछताछ में शीजान ने तुनिशा के साथ अपने संबंधों की बात स्वीकार की है। साथ ही, धर्म और उम्र का हवाला देते हुए ब्रेकअप करने की बात कही। हालाँकि, पुलिस शीजान की इस थ्योरी पर यकीन नहीं कर रही है। पुलिस का मानना है कि शीजान बचने के लिए उम्र और धर्म की दुहाई दे रहा है। पुलिस इस बात की जाँच कर रही है कि क्या शीजान ने तुनिशा पर धर्म बदलने के लिए दबाव डाला था। या फिर, यह कहा था कि इस्लाम अपनाने के बाद ही वह उससे शादी करेगा।

शीजान के दावे से उलट मृत एक्ट्रेस तुनिशा शर्मा के घरवालों ने शीजान को धोखेबाज बताया है। तुनिशा कि घरवालों का कहना है कि शीजान के कई लड़कियों के साथ संबंध थे। 6 माह पहले जब दोनों रिलेशन में आए तब तुनिशा खुश थी। ब्रेकअप के कारण तुनिशा तनाव आ गई थी। इस कारण उसने आत्महत्या की है।

फिलहाल पुलिस पुलिस मामले की जाँच करते हुए शीजान मोहम्मद खान के सभी बयानों को वेरिफाई करने में जुटी हुई है। इसके, अलावा पुलिस तुनिशा और शीजान खान के साथ काम कर रहे एक्टर्स और अन्य क्रू मेंबर्स से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस ने शीजान को फोन कब्जे में ले लिया है। फोरेंसिक जाँच के बाद पुलिस शीजान और तुनिशा के बीच हुई कॉल और चैट्स की डिटेल के आधार पर आगे की पूछताछ करेगी।

गौरतलब है कि तुनिशा शर्मा की माँ की शिकायत के आधार पर पुलिस ने शीजान खान के खिलाफ धारा 306 के तहत मामला दर्ज किया था। फिलहाल शीजान खान, 4 दिन की पुलिस कस्टडी में है। तुनिशा की माँ ने कहा था कि शीजान के उकसाने के कारण तुनिशा ने आत्महत्या की है।

‘राहुल गाँधी के पीछे जासूस, भारत जोड़ो यात्रा के बारे में पूछताछ’: AAP के बाद अब कॉन्ग्रेस की ‘IB’ थ्योरी, कहा- मोदी-शाह घबरा गए हैं

कॉन्ग्रेस सांसद जयराम रमेश ने हाल में एक ट्वीट में आरोप लगाया है कि राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा में जो लोग शामिल हुए उनसे अब आईबी पूछताछ कर रही है। अपने ट्वीट में उन्होंने ये भी कहा कि इस यात्रा में कुछ ऐसा नहीं था जो छिपाकर किया गया। बस ये जासूसी इसलिए हो रही है क्योंकि इससे मोदी और अमित शाह घबराए हुए हैं।

जयराम रमेश ने 25 दिसंबर को शाम के समय किए अपने ट्वीट में लिखा, “IB ऐसे कई लोगों से पूछताछ कर रही है,जिन्होंने भारत जोड़ो यात्रा के दौरान राहुल गाँधी के साथ बातचीत की थी। जासूस हर तरह के सवाल पूछ रहे हैं और उन्हें सौंपे गए ज्ञापन की कॉपीज़ भी चाहते हैं। यात्रा के बारे में कुछ भी गोपनीय नहीं है लेकिन स्पष्ट रूप से मोदी और शाह(G2) घबराए हुए हैं।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस नेता का यह ट्वीट आने के बाद लोग उन्हें केजरीवाल से जोड़ रहे हैं। एक यूजर ने उन्हें कहा, “जयराम रमेश दूसरे केजरीवाल बनने की ओर अग्रसर हैं। जोड़ने भारत को चले हैं पर टीआरपी मोदी और शाह के नाम से नहीं मिल रही।”

आईबी का नाम लेने पर केजरीवाल से तुलना केवल इसीलिए है क्योंकि कॉन्ग्रेस से पहले आईबी शब्द का इस्तेमाल उन्होंने ही किया था गुजरात चुनावों के वक्त आप प्रमुख भी एक कागज दिखाकर दावा कर रहे थे कि उनके पास आईबी की रिपोर्ट है जो बताती है कि इस बार इलेक्शन आम आदमी पार्टी जीतने वाली है। अपनी बात को सही दिखाने के लिए उन्होंने कहा था कि इस रिपोर्ट के मुताबिक वो ज्यादा मार्जिन से नहीं जीत रहे लेकिन उनकी जीत हो रही है।

हालाँकि गुजरात चुनावों के नतीजे आने के बाद आम आदमी पार्टी अपनी ही बात से पलटती दिखी थी। जब लोगों ने उनसे आईबी के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उसका मतलब इंटेलिजेंस ब्यूरो नहीं, इंटरनल ब्रॉडकास्टिंग विभाग वाला आईबी कहा था। वही विभाग सीटों का आँकलन करती हैं। अगर भाजपा इस आईबी को खुफिया एजेंसी समझ गई तो इसमें AAP की क्या गलती।

केजरीवाल और AAP की इसी करतूत के कारण अब जयराम रमेश द्वारा ट्वीट में किया गया आईबी शब्द का प्रयोग का मखौल उड़ रहा है। इंदौर के भाजपा विधायक ने उन्हें लिखा, “आदरणीय जयराम रमेश जी, आपकी आईबी भी वही वाली है न जिसका जिक्र आपके प्रिय अरविंद केजरीवाल जी ने किया था।”