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13 साल की लड़की से गैंगरेप, आँखें फोड़ मुँह में लकड़ी ठूँसी: मगरमच्छों के इलाके में गाड़ दिया, ‘सुशासन’ में हैवानियत का नया अध्याय

बिहार के पश्चिम चंपारण जिले में गैंगरेप और हत्या का मामला सामने आया है। आरोपितों ने 6वीं कक्षा में पढ़ने वाली 13 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर दी। उसकी आँखें फोड़कर शव को नदी किनारे मगरमच्छों के इलाके में गड्ढा खोदकर गाड़ दिया। पुलिस ने आफताब, शाहिद समेत कुल 6 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सामूहिक दुष्कर्म और हत्या की यह घटना पश्चिम चंपारण जिले के पठखौली ओपी थाना क्षेत्र अंतर्गत एक गाँव की है। आरोपितों ने सामूहिक दुष्कर्म के बाद किशोरी की आँखें फोड़ दीं। इसके बाद हत्या कर शव को 7 फीट लंबे और 4 फिट चौड़े गड्ढे में गाड़ दिया था। मृतक किशोरी गुरुवार (15 दिसंबर 2022) से लापता थी।

मृतका की माँ ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा है कि चारा दिलाने के नाम पर पोखरभिंडा निवासी जितेंद्र यादव मृतक किशोरी को अपने घर ले गया था। इसके अलावा, उन्होंने नरवल गाँव निवासी लड्डू आलम, नूर आलम, सदरे आलम और आफताब आलम व मंझरिया गाँव निवासी शाहिद अंसारी पर भी नामजद केस दर्ज कराया है।

किशोरी के परिजनों का कहना है कि नदी किनारे जब उन्हें शव मिला तो उसकी आँखें फूटी हुई थीं और गले में गन्ने का हरा पत्ता लिपटा था। गन्ने के पत्ते से ही उसका गला दबाकर मारा गया है।

गाँव के लोगों का कहना है कि गैंगरेप के बाद किशोरी की हत्या की गई थी। फिर, शव को छिपाने के लिए नदी के किनारे गाड़ दिया था। शव पर किसी का ध्यान न जाए और जानवर भी बाहर न निकालें, इसलिए गड्ढे के ऊपर कटीली झाड़ियाँ लगा दी थीं। नदी किनारे जिस जगह पर शव को गाड़ा गया था, वह मगरमच्छों का एरिया है। नदी किनारे बहुत कम लोग जाते हैं।

दुष्कर्म के बाद फोड़ दी थीं आँखें…

किशोरी का शव अर्धनग्न अवस्था में गड्ढे से निकाला गया है। आरोपितों ने उसकी आँखें फोड़ दी थीं और मुँह में लकड़ी ठूँस दी थीं। साथ ही, शव पर मारपीट करने व चेहरे को पैर से दबाने के भी निशान मिले हैं।

सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के इस मामले में बगहा एसडीपीओ कैलाश प्रसाद का कहना है कि मृतक किशोरी के परिवार वालों के आवेदन पर पठखौली ओपी में अपहरण के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई थी। शव मिलने के बाद अब दुष्कर्म और हत्या की धाराओं में केस दर्ज हुआ है। इसमें कुल छह लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के पुलिस टीम काम कर रही है। जल्द ही सभी आरोपित गिरफ्तार होंगे।

पत्थर मारकर मंदिर के शिवलिंग को किया खंडित, श्रद्धालुओं को दी गालियाँ: दमोह में शमशेर खान गिरफ्तार, पहले भी सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कर चुका है कोशिश

मध्य प्रदेश के दमोह (Damoh, Madhya Pradesh) में एक मुस्लिम युवक द्वारा शिवलिंग को खंडित करने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम शमशेर उर्फ़ मोनू खान है। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। इस घटना से इलाके में तनाव फैल गया है। हालात काबू करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। घटना रविवार (18 दिसंबर 2022) रात की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना बिलवारी मोहल्ले की है। यहाँ का प्राचीन शिव हनुमान मंदिर स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र है। इसमें कई हिन्दू देवी-देवताओं की मूर्तियाँ स्थापित हैं। बताया जा रहा है कि घटना के थोड़ी देर पहले शमशेर उर्फ़ मोनू खान हाथ में एक बड़ा-सा पत्थर ले कर मंदिर के बाहर घूम रहा था। थोड़ी देर बाद शमशेर ने वो पत्थर मंदिर में स्थापित शिवलिंग पर फेंक कर मारा। इस हमले से शिवलिंग क्षतिग्रस्त हो गया।

घटना के दौरान उस राह से कुछ श्रद्धालु एक धर्मस्थल से लौट रहे थे। उन्होंने शमशेर को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वो भाग गया। चश्मदीदों ने घटना की सूचना स्थानीय लोगों को दी। कुछ ही देर में स्थानीय लोगों के साथ हिन्दू संगठन के लोग भी मंदिर के पास जमा होने लगे। हालात को तनावपूर्ण देखते हुए पुलिस मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने भारी फोर्स तैनात करके नाराज लोगों को समझाने की कोशिश शुरू की।

इस बीच एक अन्य पुलिस टीम ने छापेमारी कर आरोपित शमशेर उर्फ़ मोनू खान को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधीक्षक शिवकुमार के मुताबिक, पूछताछ के बाद मोनू को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक, मोनू खान इस घटना के पहले भी इलाके में साम्प्रदायिक तनाव फैलाने की साजिश रच चुका है।

बताया जा रहा है कि पत्थर फेंकने से पहले मोनू खान ने मंदिर के आस-पास मौजूद लोगों से गाली-गलौज भी की थी। पुलिस के मुताबिक शमशेर उर्फ़ मोनू खान ने अपना गुनाह कबूल कर लिया है।

गौरतलब है कि पिछले सप्ताह मध्य प्रदेश के इंदौर से ही शिव मंदिर के गर्भगृह में अश्लील हरकत करने के आरोप में वसीम को गिरफ्तार किया गया था। उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत मामला दर्ज कर के जेल भेजा गया है।

महिलाओं का जादू-टोना, इस्लामोफोबिया की हार, अक्षय कुमार बनेंगे मेसी: अर्जेंटीना की जीत में TMC की भी घुसपैठ

क़तर में रविवार (18 दिसंबर, 2022) को फाइनल मैच में फ्रांस पर अर्जेंटीना की जीत के साथ ही FIFA वर्ल्ड कप टूर्नामेंट 2022 का समापन हो गया। अर्जेंटीना की जीत के हीरो महान फुटबॉलर मेसी रहे, वहीं फ्रांस की तरफ से हैट्रिक गोल दागने वाले किलियन एमबापे ने लोगों का दिल जीता। फ्रांस डिफेंडिंग चैंपियन भी था। मैच के बाद लोगों ने कहा कि अब रोलांडो बनाम मेसी वाला विवाद भी सेटल हो गया है और मेसी किसी भी फुटबॉलर से काफी आगे निकल गए हैं।

हालाँकि, इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बना साढ़े 7 वर्ष पुराना एक ट्वीट, जिसमें एक व्यक्ति ने भविष्यवाणी कर दी थी कि FIFA वर्ल्ड को के फाइनल मैच में क्या होगा। ‘José Miguel Polanco’ नामक व्यक्ति ने 21 मई, 2015 को ही लिखा था, “15 दिसंबर, 2022: 34 वर्ष के मेसी वर्ल्ड कप जीतेंगे और सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी बन जाएँगे। आप साढ़े 7 वर्ष बाद मिलिए।” उक्त व्यक्ति ने अपनी भविष्यवाणी सच होने के बाद ख़ुशी जताई और जश्न मनाते हुए कई ट्वीट्स किए।

वहीं दूसरी तरफ ‘न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT)’ की एक विस्तृत रिपोर्ट में ये भी दावा किया गया है कि अर्जेंटीना की जीत के पीछे कुछ महिलाओं का जादू-टोना था। इन्हें अंग्रेजी में ‘Witch’ कहा जाता है। ऐसी ही एक विच के हवाले से बताया गया है कि इन लोगों का मानना था कि मेसी पर कोई बुरा साया था। इसके बाद उन्होंने जादू-टोना शुरू किया और मेसी की फॉर्म में वापसी की के लिए प्रेयर किया। इसके बाद उन्होंने अर्जेंटीना की सभी विच महिलाओं से सोशल मीडिया के जरिए मदद माँगी, ताकि मेसी को ‘बुरे साये’ से बचाया जा सके।

कई लोगों ने भी सोशल मीडिया पर कहा कि अर्जेंटीना की विच महिलाओं को ‘गोल्डन बॉय’ मेसी की सुरक्षा करने के लिए इंतजाम करने चाहिए। अर्जेंटीना में इन महिलाओं को ‘Bruja’ कहा जाता है, जिनकी संख्या हजारों में हैं। अर्जेंटीना अपना पहला मैच सऊदी अरब से हार गया था, जिसके बाद इन विच महिलाओं के समर्थक काफी संख्या में हो गए। उन्होंने व्हाट्सएप्प ग्रुप बना कर जादू-टोना शुरू कर दिया और खिलाड़ियों को ‘नतकात्मक ऊर्जा’ से दूर करना शुरू कर दिया।

इन विच महिलाओं का दावा है कि खिलाडियों में सिरदर्द, मांसपेशियों में तनाव, आलस या फिर उलटी आना – ये सब नकारात्मकता के लक्षण हैं। इधर सोशल मीडिया में ये भी दावा किया जा रहा है कि अर्जेंटीना की फिना वर्ल्ड कप फाइनल में जीत पर एक बायोपिक फिल्म बनेगी, जिसमें मेसी का किरदार अक्षय कुमार निभाएँगे। जिस तरह से अक्षय कुमार ने ‘पृथ्वीराज’, ‘गोल्ड’ और ‘एयरलिफ्ट’ जैसी फिल्मों में वास्तविक किरदारों को निभाया है, उसके बाद से इस तरह के ट्वीट आते रहते हैं।

वहीं लिबरल गिरोह के कुछ लोगों ने तो अर्जेंटीना की जीत को इस्लाम की जीत भी करार दिया। ये अजीब है, क्योंकि अर्जेंटीना की एक तिहाई जनसंख्या रोमन कैथोलिक है और 11% अन्य संप्रदाय के ईसाई हैं। मुस्लिमों की जनसंख्या अर्जेंटीना % ही है। सेहर शिनवारी ने इसके बावजूद अर्जेंटीना की जीत को इस्लामोफोबिया के विरुद्ध इस्लाम की करतूत बता दिया। शायद इसीलिए, क्योंकि फ़्रांस में इस्लामी कट्टरवादी आतंकी घटनाओं के कारण कट्टरपंथियों पर कड़ी कार्रवाई हुई थी।

लेकिन फिर भी, अर्जेंटीना की जीत इस्लाम की जीत कैसे हो गई? लोगों ने लिबरल जमात की बुद्धि पर भी सवाल उठाए। ऐसे ही पश्चिम बंगाल की सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के प्रवक्ता रिजु दत्ता ने अर्जेंटीना की जीत को अपनी पार्टी की जीत बता दिया। ये वही नेता है, जिसने स्मृति ईरानी की पुरानी तस्वीर शेयर कर के महिलाओं का अपमान किया था। अब उसके लिए अर्जेंटीना की जीत ‘माँ, माटी और मानुस’ (TMC की टैगलाइन) की जीत हो गई है।

‘श्रद्धा की तरह काट दूँगा’: इंदौर के आफताब ने हिन्दू लड़की को धमकाया, साहिबगंज में रिबिका को काटकर गुमशुदगी रिपोर्ट लिखाने गया था दिलदार

मध्य प्रदेश के इंदौर से लव जिहाद का नया मामला सामने आया है। यहाँ एक मुस्लिम युवक पर हिन्दू पहचान से एक लड़की को अपने जाल में फँसाने का आरोप लगा है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में यह भी बताया है कि आफ़ताब नाम के इस आरोपित ने भी उसे श्रद्धा की तरह 35 टुकड़ों में काटने की धमकी दी है। पुलिस ने आफताब के खिलाफ शनिवार को (17 दिसंबर 2022) को केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। बजरंग दल के सदस्यों ने आरोपित की धुनाई कर के उसे पुलिस के हवाले किया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला राजा नगर थानाक्षेत्र का है। पीड़िता ने पुलिस स्टेशन में शिकायत देते हुए बताया कि वह बी कॉम फर्स्ट ईयर की छात्र है। लगभग 1 साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी जान-पहचान आफ़ताब से हुई थी। तब आफ़ताब ने अपना नाम राहुल बताया था। बाद में दोनों में बातचीत होने लगी। इस दौरान आफ़ताब ने उसे प्रपोज किया जिसे लड़की ने स्वीकार कर लिया। आफताब ने उसके आपत्तिजनक वीडियो भी बना डाले। कुछ समय बाद लड़की को आफ़ताब के मुस्लिम होने का पता चला तो वह उस से दूरी बनाने लगी।

शिकायत में आगे बताया गया है कि लड़की द्वारा इग्नोर किए जाने से नाराज आफताब उसकी तस्वीरों और वीडियो के जरिए ब्लैकमेल किया। वह एक पार्क में लड़की से मिला और उसे धमकी दी कि अगर उसने दूर जाने की कोशिश की तो वह उसे श्रद्धा की तरह टुकड़ों में काटकर जंगल में फेंक देगा। इस धमकी के बाद लड़की डर गई, उसने अपने भाई को सबके बारे में बताया। भाई बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ रीजनल पार्क पहुँचा। यहाँ पहले उन्होंने आफताब को पकड़ा, उसे पीटा और फिर उसे पुलिस के हवाले किया।

इंस्पेक्टर राजेंद्र नगर अजय मिश्रा ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया है कि आरोपित को विभिन्न धाराओं में गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है।

रिबिका की हत्या में 20 हजार की सुपारी

वहीं झारखंड के साहिबगंज में हुई जनजाति की लड़की रिबिका हत्याकांड में 20 हजार रुपए की सुपारी की जानकारी सामने आई है। दावा किया जा रहा है कि आरोपित दिलदार की अम्मी मरियम खातून ने यह सुपारी अपने भाई मोइनुल को दी थी। मोइनुल के घर से पुलिस ने खून से सनी कमीज बरामद की है। जानकारी के मुताबिक रिबिका को मार डालने के बाद खुद दिलदार ने ही उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट थाने में दर्ज करवाई थी। इस मामले में कुल 9 आरोपितों को नामजद किया गया है। 6 भाई-बहनों में मृतका रिबिका तीसरे नंबर पर थी। उसके परिजनों ने आरोपितों को फाँसी देने की माँग की है। वहीँ राँची से भाजपा सांसद संजय सेठ ने इस मुद्दे को लोकसभा में उठाने की घोषणा की है।

हलाल बैन करने वाला पहला राज्य हो सकता है कर्नाटक: बिल लाने की तैयारी, विधानसभा में सावरकर की तस्वीर से कॉन्ग्रेस चिढ़ी

कर्नाटक (Karnataka) की भाजपा ने राज्य में हलाल मांस (Anti Halal Bill) की प्रतिबंधित करने के लिए विधानसभा में बिल लाने का निर्णय किया है। अगर यह बिल सदन में पास हो जाता है और कानून लागू हो जाता है तो कर्नाटक भारत का पहला राज्य बन जाएगा, जो हलाल मीट पर प्रतिबंध लागू करेगा। हालाँकि, इस बिल को लेकर हंगामा होने के आसार हैं, क्योंकि कॉन्ग्रेस ने इसका विरोध किया है।

दूसरी ओर, विधानसभा में विनायक दामोदर सावरकर (Vinayak Damodar Savarkar) के चित्र के अनावरण को लेकर कॉन्ग्रेस (Congress) ने बसवराज बोम्मई सरकार (Basavaraj Bommai Government) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। चित्र का अनावरण कर्नाटक विधानसभा के अध्यक्ष विश्वेश्वर हेगड़े कागेरी ने किया।

भाजपा के विधान पार्षद एन रविकुमार ने इस बिल को सदन में लाने की पहल की है। इसमें भारतीय खाद्य सुरक्षा और सुरक्षा संघ (FSSAI) के अलावा किसी अन्य संस्था के खाद्य प्रमाणन पर प्रतिबंध लगाने की बात कही गई है। इस संबंध में रविकुमार ने इस संबंध में राज्यपाल थावरचंद गहलोत को लिखा था।

रविकुमार ने इसे निजी विधेयक के रूप में पेश की का विचार किया था, लेकिन अब वे इसे सरकारी विधेयक के रूप में पेश कर सकते हैं। कहा जा रहा है कि पार्टी नेतृत्व के समर्थन और सहयोग के बाद उन्होंने इसे सरकारी विधेयक के रूप में पेश करने की योजना बनाई है।

रविकुमार ने कहा कि बाजार को अवैध रूप से नियंत्रित करने के लिए कुछ अनधिकृत संस्थाएँ खाद्य प्रमाणन के काम जुटी हुई हैं। इसको खत्म करने के प्रयास के तहत इस विधेयक को सदन में पेश किया जाएगा। वहीं, कॉन्ग्रेस ने इस प्रस्तावित विधेयक का विरोध किया है।

परिषद में कॉन्ग्रेस के विपक्ष के नेता बीके हरिप्रसाद ने कहा कि पार्टी ने सदन के अध्यक्ष से इस बिल को मंजूर नहीं करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि यह भाजपा की एक रणनीति है। इसके आधार पर वह मतदाताओं का ध्रुवीकरण करने का प्रयास कर रही है।

इस साल अप्रैल में भी हलाल मीट को लेकर कर्नाटक में बवाल हुआ था। हिन्दू संगठनों ने उगादी उत्सव के दौरान हलाल मांस का बहिष्कार करने की अपील की थी। बता दें कि हलाल मीट को लेकर देश भर में बहस होती रही है और इसे जानवरों के प्रति क्रूरता कहा जाता है।

हलाल अरबी भाषा का शब्द है। हलाल प्रक्रिया में जानवर के श्वसन नली को थोड़ा सा काट कर छोड़ दिया जाता है। इससे वह लंबे समय तक तड़पता रहता है। इस्लाम में जानवरों के हलाल करने के बाद ही उसे खाने की बात कही गई है। इसलिए मुस्लिम समुदाय हलाल पर जोर देता है।

हलाल में जानवर को मारने की क्रूर प्रक्रिया के कारण नीदरलैंड, जर्मनी, स्पेन, साइप्रस, ऑस्ट्रिया, ग्रीस और बेल्जियम में इस पर बैन लगाया गया है। साल 2021 में बेल्जियम ने हलाल पर प्रतिबंध लगाते हुए नियम कहा था जानवरों को मारने से पहले अनिवार्य रूप से उसे पहले बेहोश किया जाए। इससे हलाल मांस पर अपने आप रोक लग जाए।

कानपुर की हिन्दू छात्रा का धर्मांतरण, लेकर भाग रहा था वकार; UP पुलिस ने 750KM पीछा कर पकड़ा: प्रयागराज में ‘मुस्लिम फ्रेंड’ ने करवाया गैंगरेप

उत्तर प्रदेश के 2 अलग-अलग जिलों में से लव जिहाद के 2 नए मामले सामने आए हैं। प्रयागराज में जहाँ हिन्दू महिला ने अपने मुस्लिम फेसबुक फ्रेंड पर दोस्तों के साथ गैंगरेप करने और धर्म परिवर्तन का दबाव बनाते हुए गर्भपात करवाने का आरोप लगाया है। वहीं कानपुर पुलिस ने गुजरात के सूरत में निकाह के लिए भेजी जा रही युवती को मध्य प्रदेश के धार से बरामद करते हुए एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।

सूरत जा रही बस से वकार गिरफ्तार

पहली घटना में कानपुर के लल्लनपुरवा के आज़ाद नगर में रहने वाले हिंदू व्यक्ति ने अपनी बेटी के अपहरण की FIR दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया था कि कोचिंग गई उनकी बेटी घर नहीं लौटी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुलिस ने लड़की की कॉल डिटेल निकलवाई तो कानपुर के अनवरगंज निवासी मोहम्मद वकार से उसकी लम्बी बातचीत निकली। पुलिस ने वकार की तलाश शुरू की। इस जाँच के दौरान पता चला कि वकार किसी लड़की के साथ गुजरात के सूरत जाने वाली बस से निकला है। यह बस फजलगंज के एक निज्जी ट्रेवेल्स से चलती है। देर हो जाने के बावजूद पुलिस ने बस का पीछा किया।

आखिरकार लगभग 750 किलोमीटर पीछा करने के बाद पुलिस को वो बस मध्य प्रदेश के धार में मिल गई। पुलिस ने लड़की को बरामद कर लिया। आरोपित मोहम्मद वकार को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक वकार ने लड़की का धर्मान्तरण करवा दिया था और उसे गुजरात के सूरत में निकाह के लिए ले जा रहा था। अनवर पर IPC की धारा 363, 120 B व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म सम्प्रवर्तन प्रतिषेध अधिनियम 2020 की धारा 3/5 के तहत कार्रवाई की गई है।

प्रयागराज में हिन्दू महिला से गैंगरेप

दूसरा मामला प्रयागराज जिले से है। यहाँ की रहने वाली 35 वर्षीया एक महिला ने झूंसी पुलिस स्टेशन में उन्नाव के बांगरमऊ निवासी अपने फेसबुक फ्रेंड के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़िता का आरोप है कि उसके मुस्लिम फेसबुक फ्रेंड ने 10 साल पहले उस से नाम बदल कर दोस्ती की और बाद में दोनों में मुलाकत होने लगी। कुछ दिनों बाद आरोपित महिला को घुमाने का बहाना ले कर दूसरे शहर गया। इस दौरान महिला को आरोपित के मुस्लिम होने की जानकारी हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला ने आरोप लगाया है कि दूसरे शहर में आरोपित के कई दोस्त पहले से मौजूद थे। उन सभी ने पीड़िता का गैंगरेप किया। इस दौरान महिला की अश्लील वीडियो बनाई गई जिससे बार-बार वायरल करने की धमकी दी जाने लगी। बाद में आरोपित ने महिला से शादी का वादा किया। इस वादे के बाद वो महिला को मेहर दिलाने के बहाने अपने घर ले गया। यहाँ आरोपित के भाई ने भी उसके साथ रेप किया। कुछ समय बाद महिला गर्भवती हो गई तो उसका एबॉर्शन करवा दिया गया।

पीड़िता का यह भी आरोप है कि आरोपित के घर वालों ने धर्मान्तरण करवा दिया। बताया गया कि महिला को आगरा के एक दलाल के हाथों बेचने की भी तैयारी हो रही थी। एक दिन वो जैसे-तैसे बच कर अपने घर भाग आई। इस बात से नाराज हो कर आरोपित ने फोन पर उसे जान से मारने की भी धमकी दी। महिला के इन आरोपों पर SHO महिला थाना पूनम शुक्ला का कहना है कि आरोपित और महिला दोनों लिव इन रिलेशशिप में रहे हैं। हालाँकि उन्होंने शिकायत की जाँच करवा कर कार्रवाई की बात कही।

जिस गली में कन्हैया लाल का गला रेता, वह आज भी सूनी: बेटा नंगे पैर, कहा- जब तक फाँसी नहीं, तब तक चप्पल-जूते नहीं पहनूँगा

राजस्थान के उदयपुर में कन्हैया लाल की निर्मम हत्या के 5 महीने बाद भले ही मालदास बाजार में हालात सामान्य होने लगे है। लेकिन वहाँ स्थित वो गली जिसमें उनकी दुकान थी, वो अब भी सुनसान है। घरवाले न्याय की आस लिए बैठे हैं, बेटे ने कसम खाई है कि जब तक पिता के हत्यारों को फाँसी नहीं होती तब तक वो जूते-चप्पल नहीं पहनेगा। उनका ये इंतजार कितना लंबा होगा ये कोई नहीं जानता क्योंकि घटना के 165 दिन बीत जाने के बाद भी एनआईए ने आरोपितों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट पेश नहीं की है।

दैनिक भास्कर में प्रकाशित रुबिका लियाकत की रिपोर्ट के अनुसार, मालदास बाजार की अन्य दुकानें सीजन के मुताबिक फिर से चल पड़ी हैं। लेकिन कन्हैया लाल की दुकान वाली भूतमहल गली में अब भी सन्नाता रहता है। घटना से पहले यहाँ 19 दुकानें खुलती थीं। मगर अब गली में केवल एक दुकान खुली है वो भी टेलर महावीर की… जो कहते हैं कि यहाँ के हालात 5 महीने में वैसे हो गए हैं जैसे साल 2000 में थे।

वहीं कन्हैया लाल के बेटे यश साहू से भी रुबिका की मुलाकात हुई। वह उदयपुर में रोज नंगे पैर नौकरी पर जाते हैं। वह कहते हैं कि उन्होंने कसम खाई है कि जब तक उनके पिता के हत्यारों को फाँसी नहीं दी जाएगी, तब तक वह जूते चप्पल नहीं पहनेंगे। यश का कहना है कि वो चाहते हैं कि पूरा मामला फास्टट्रैक कोर्ट में चले और जल्दी कार्रवाई पूरी होकर हत्यारों को फाँसी पर चढ़ाया जाए।

हालाँकि उनके इस संकल्प के बीच जो चीज उन्हें हताश करती है वो प्रशासन का ढीला रवैया है। घटना को 165 दिन बीत जाने के बाद भी एनआईए अब तक आरोपितों के विरुद्ध कोर्ट में चार्जशीट दाखिल नहीं कर पाई है। रिपोर्ट के मुताबिक, यश की बस यही माँग है- “जिन हत्यारों ने मेरे सिर से मेरे पिता का साया छीना है, उन गुनाहगारों को फाँसी की सजा जल्द से जल्द मिले।”

कन्हैया लाल हत्याकांड

उल्लेखनीय है कि इसी वर्ष जून माह में (28 जून 2022) राजस्थान के उदयपुर में मोहम्मद गौस और रियाज ने टेलर कन्हैया लाल की दुकान पर आकर उनका गला रेता था और इसकी वीडियो भी बनाई थी। घटना के बाद दोनों आरोपितों ने हँसते हुए अपनी वीडियो जारी की थी और वो हथियार दिखाया था जिससे कन्हैया का गला रेता। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद तब से दोनों जेल में बंद हैं। कभी खबर आती है कि एक अपनी बीवी से मिलने के लिए रो रहा है तो कभी पता चला है कि परिजनों को देखने के लिए हत्यारे जेल में तड़प रहे हैं।

जहाँ संतों की हुई थी पीट-पीटकर हत्या, वहाँ अब 16 साल की लड़की के मुँह में लिंग और ड्रग्स ठूँसा: 15 घंटे तक 8 ने किया रेप

महाराष्ट्र का पालघर फिर अपनी हैवानियत को लेकर चर्चा में है। 16 साल की लड़की से गैंगरेप की घटना सामने आई है। 8 लोगों ने करीब 15 घंटे तक उसे अपनी हवस का ​शिकार बनाया। पीड़िता के मुँह में ड्रग्स और लिंग तक ठूँस दिया। घटना शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) की है। पुलिस ने केस दर्ज कर सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना माहिम इलाके की है। शुक्रवार की रात 8 बजे पीड़ित किशोरी अचानक ही अपने घर से गायब मिली। लड़की के परिवार वालों ने काफी तलाश किया, लेकिन वो नहीं मिली। अगले दिन शनिवार को लड़की के परिजनों ने सातपाटी पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। पुलिस ने लड़की के मोबाइल पर कॉल किया तो वह रो रही ही। पुलिस को मोबाइल का लोकेशन हरणवाडी में मिला।

इस लोकेशन पर पुलिस ने दबिश डाली तो लड़की मिली। पूछताछ में लड़की ने बताया कि उसे उसके बॉयफ्रेंड ने मिलने के बहाने बुलाया था। बाद में उसके साथ 8 लोगों ने समुद्र किनारे बंद पड़े एक बंगले में रेप किया। बाद में उसे अगले दिन सभी आरोपित झाड़ी में ले गए। यहाँ भी उसके साथ सभी आरोपितों ने बारी-बारी से बलात्कार किया। पीड़िता का आरोप है कि सभी आरोपितों ने ड्रग्स ले रखी थी।

पीड़िता ने बताया कि दर्द से कराहने पर उसके मुँह में भी आरोपित ड्रग्स डाल देते थे। आरोपितों ने अपना प्राइवेट पार्ट भी उसके मुँह में डाल दिया था। इस दौरान उसका अप्राकृतिक यौन शोषण भी किया गया। शनिवार सुबह 11 बजे के करीब घटनास्थल से 2 किलोमीटर दूर सुनसान इलाके में आरोपितों ने पीड़िता को अधमरी में हालत में छोड़ दिया। पीड़िता के अनुसार आरोपितों ने उसे मुँह न खोलने की धमकी भी दी थी।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ IPC की धारा 376 D, 366 A, 341, 342, 323, 504, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। सभी 8 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है। गिरफ्तार आरोपित माहिम, हनुमानपाड़ा, टेंबी, सफाले और वडराई इलाके में रहते हैं।

गौरतलब है कि पालघर के दहानु तालुका के गडचिंचले गाँव में अप्रैल 2020 में जूना अखाड़ा के महंत कल्पवृक्ष गिरी महाराज (70 वर्ष) और महंत सुशील गिरी महाराज (35 वर्ष) तथा उनके ड्राइवर निलेश तेलगडे (30 वर्ष) की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।

आगजनी, तोड़फोड़, जानलेवा हमले… अर्जेंटीना के फीफा वर्ल्ड कप जीतने के बाद फ्रांस में भड़के दंगे, 14000 पुलिसकर्मी तैनात

फीफा वर्ल्ड कप 2022 के फाइनल में 18 दिसंबर 2022 को अर्जेंटीना से मिली हार को फ्रांस के फैन्स बर्दाश्त नहीं कर पाए। उन्होंने देश के अलग-अलग कोनों में हिंसा, आगजनी, तोड़फोड़ को अंजाम दिया। हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।

जानकारी के मुताबिक, फीफा वर्ल्ड कप फाइनल देखने के लिए फ्रांस के अलग-अलग शहरों में बड़ी स्क्रीन सड़कों पर लगाई थी ताकि चलते-फिरते भी लोग मैच का आनंद ले सकें। इन्हीं बड़ी स्क्रीन पर फ्रांस को जीतता देखने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए। मगर जैसे ही अर्जेंटीना ने पेनल्टी शूटआउट में 4-2 से मोर्चा मारकर वर्ल्ड कप का खिताफ जीता, वैसे ही सारे फैन्स बिदक गए।

अलग-अलग शहरों से हिंसा की खबरें आईं। पेरिस और लॉयन जैसे शहरों में लोगों ने गाड़ियों में आग लगा दी। इनमें से कुछ की तस्वीरें और कुछ की वीडियोज भी सोशल मीडिया पर वायरल है। देख सकते हैं कि उपद्रवियों को रोकने के लिए वहाँ बड़ी संख्या में पुलिस को तैनात किया गया है। वहीं हिंसक लोग सड़कों पर तोड़फोड़ करते हुए आगे बढ़ते जा रहे हैं।

एक वीडियो सामने आया है जिसमें सड़क पर एक महिला की गाड़ी रोकी गई है और कुछ उपद्रवी उसकी गाड़ी को पहले घेरते हैं और फिर उस पर खींचकर कुछ मारते हैं। पूरी भीड़ उस कार पर अटैक करती दिखती है।

कथिततौर पर पुलिस ने इस हिंसा मामले में दर्जनों लोगों को गिरफ्तार है। पुलिस उन्हें अपने साथ फटकारते हुए घेरकर ले जाती दिख रही है। फ्रांस भर में 14000 पुलिस अधिकारी तैनात हैं। फ्रांस की हार से आहत जहाँ उसके फैन्स हल्ला कर रहे हैं, तोड़फोड़ कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पेरिस में ही अर्जेंटीना की एंबेसी के पास टीम के फैन्स खुशी का जश्न मनाते भी दिखे।

गौरतलब है कि इस बार कतर में हुआ फीफा वर्ल्ड कप 2022 कई बार हिंसा की वजह से चर्चा में रहा। फ्रांस ने मोरक्को से जब मैच जीता था तब मोरक्कन फैन्स ने फ्रांस की सड़कों पर आकर उपद्रव किया था। घटना में एक 14 साल के बच्चे की मौत हो गई थी और कई जगह तोड़फोड़ व आगजनी को अंजाम दिया गया था।

मोहम्मद तौफीक ने गला घोंट कर सौतेली बेटी को मार डाला, फोन पर बात करते देख हुआ था आग-बबूला: फिर थाने में कर दिया आत्मसमर्पण

हैदराबाद में पिता द्वारा सौतेली बेटी की हत्या करने का मामला सामने आया है। आरोपित पिता ने 17 वर्षीय बेटी की हत्या सिर्फ इस बात पर कर दी कि वह रात में फोन पर किसी से बात कर रही थी। बेटी को फोन पर बात करते देखने के बाद पिता ने उसका गला घोंटा। इसके बाद, पुलिस स्टेशन जाकर सरेंडर कर दिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हैदराबाद के मुशीराबाद थाना क्षेत्र अंतर्गत बकरम में मोहम्मद तौफीक नामक व्यक्ति अपनी दूसरी बीवी और दो बेटियों के साथ रहता है। शनिवार (17 नवंबर, 2022) की रात करीब एक बजे तौफीक ने घर के दूसरे कमरे में बेटी की आवाज सुनी।

इसके बाद, उसने जब कमरे में जाकर देखा तो उसकी बेटी फोन में किसी से बात कर रही थी। बेटी को बात करते देख तौफीक आग बबूला हो उठा और उसने बेटी से उसका मोबाइल छीनते हुए फोन अनलॉक करने को कहा। लेकिन, बेटी ने फोन अनलॉक करने से मना कर दिया। इससे दोनों के बीच कहासुनी हो गई। इसके बाद, तौफीक ने बेटी का गला दबा दिया, दम घुटने से बेटी की जान चली गई।

थाने जाकर किया सरेंडर

बेटी की हत्या करने के बाद सुबह करीब 6 बजे मोहम्मद तौफीक ने मुशीराबाद थाने में जाकर पुलिस को मामले की जानकारी दी और सरेंडर कर दिया। इस मामले में, इंस्पेक्टर जहाँगीर यादव का कहना है कि आरोपित ने थाने में आकर सरेंडर किया था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।