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जनजातीय समाज की हिन्दू नाबालिग लड़की को ब्लैकमेल कर रहा था फैजान, मंगेतर को भेज दी तस्वीर-वीडियो: MP पुलिस ने दबोचा

मध्य प्रदेश के धार में एक मुस्लिम शख्स को गिरफ्तार किया गया है। उस पर जनजातीय समाज की एक नाबालिग लड़की ने ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस को जानकारी दी कि जब उसने फैजान नाम के शख्स से बातचीत बंद कर दी तो उसने साथ में ली गई कुछ तस्वीर और वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

मामला धार के निसरपुर का है। जहाँ उसकी 17 साल की जनजातीय समाज की लड़की से फैजान नाम के शख्स ने दोस्ती कर ली। दोस्ती के बाद फैजान ने लड़की के साथ कुछ तस्वीरें खींच ली और वीडियो भी बना लिया। इस बीच लड़की के घर वालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। इसके बाद लड़की ने फैजान से दोस्ती तोड़ दी और बात करने से मना कर दिया।

रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपित व्हाट्सएप्प और टैक्स्ट मैसेज के माध्यम से लड़की पर बातचीत करने का दबाव बनाने लगा। साथ ही फैजान फोन लगाकर धमकी भी देता था, “यदि मुझसे बातचीत नहीं करेगी तो अपने साथ लिए फोटो और वीडियो वायरल कर दूँगा। पीड़िता ने आरोपित की धमकी से आहत होकर फोन, व्हाट्सएप और इंस्टाग्राम पर उसका नंबर ब्लॉक कर दिया।

नंबर ब्लॉक होने के बाद आरोपित फैजान ने पीड़िता के मंगेतर को फोटो भेज दिए। इसके बाद भी पीड़िता ने उससे बात नहीं की। इस पर फैजान ने अन्य लोगों को भी तस्वीर भेजने की धमकी दी। वहीं मंगेतर को फोटो मिलने के बाद पीड़िता ने परिजनों को सारी कहानी बता दी। परिजन नाबालिग पीड़िता को लेकर निसरपुर पुलिस चौकी पर पहुँचे जहाँ फैजान के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया। फैजान को गिरफ़्तार कर लिया गया है।

आपको बता दें कि कुछ दिन पहले ही मध्य प्रदेश के मुख्मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अपने भाषण में कहा था कि मध्य प्रदेश में जनजातीय समाज की जमीन हथियाने के लिए एक मजहब विशेष के लोग घिनौना खेल खेल रहे हैं।

‘विदेशी फंडिंग से देश की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहे जो NGO, उनके प्रति कोई नरमी नहीं’: संसद में गरजे अमित शाह – ये कॉन्ग्रेस नहीं, मोदी सरकार है

लोकसभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि सरकार वैसे गैर-सरकारी संगठनों के प्रति कोई दया नहीं दिखाएगी जो विदेशी फंडिंग की मदद से देश की जनसांख्यिकी को बदलने और सामाजिक गड़बड़ी फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा यह कॉन्ग्रेस नहीं, मोदी सरकार है।

खाड़ी देशों से आता है ड्रग्स- अमित शाह

लोकसभा के शीतकालीन सत्र में बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को गृह मंत्री अमित शाह ने देश में ड्रग्स की समस्या और इससे निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से बात की। गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रग्स के मुद्दे पर संसद में कहा कि इसे लेकर कोई सियासत नहीं होनी चाहिए। गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि ड्रग के कारोबार और उसके मुनाफे से होने वाले आतंकवाद को मोदी सरकार कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि ड्रग्स बच्चों को अपना शिकार बनाता है और नस्लें बर्बाद होती हैं।

अपने संबोधन में अमित शाह ने जानकारी दी कि देश में खाड़ी देशों से बड़े स्तर पर ड्रग्स की खेप भेजी जाती है। इस सिलसिले में 12 राज्यों में छापेमारी हुई और ड्रग्स तस्करी में शामिल लोगों को गिरफ्ताक किया गया। उन्होंने कहा कि हमने राज्यों में ड्रग नेटवर्क की मैपिंग की है। उन्होंने भरोसा दिया कि अगले 2 सालों में बड़ा से बड़ा अपराधी सलाखों के पीछे होगा।

अपने संबोधन के दौरान नाराज़ हो गए अमित शाह

जब अमित शाह अपनी बात रख रहे थे उस बीच टीएमसी सांसद सौगत राय ने टोका-टाकी शुरू कर दी। बीच भाषण में इस टोका-टाकी से अमित शाह नाराज़ हो गए। अमित शाह ने कहा कि बीच में टोका – टाकी ठीक नहीं है। यह न आपकी उम्र के लिए ठीक है न ही आपकी सीनियरिटी के लिए। अमित शाह ने कहा यदि आप बोलना चाहते हैं तो मैं बैठ जाता हूँ। अमित शाह ने इस दौरान विषय की गंभीरता समझने का भी आग्रह किया और आगे अपनी बात रखी।

कई बार बड़ों को भी समझाना पड़ता है

टोका-टाकी पर अमित शाह के नाराज़ होने के बाद विपक्ष के एक सांसद ने पूछा कि आप इतने नाराज क्यों होते हैं। इस पर अमित शाह ने कहा, “मैं नाराज़ नहीं हो रहा हूँ, समझा रहा हूँ कई बार बड़ों को भी समझाना पड़ता है।” इसके बाद सदन में टोका-टाकी बंद हो गई और अमित शाह ने ड्रग्स के मुद्दे पर अपनी बात पूरी की।

डेमोग्राफी चेंज पर अमित शाह

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कुछ एनजीओ विदेशी चंदा लेकर देश में जनसांख्यिकी बदलने (डेमोग्राफी चेंज) करने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि कुछ एनजीओ ऐसे हैं जो भारतीय समाज को नुकसान पहुँचाना चाहते हैं। केंद्रीय गृह मंत्री ने ऐलान किया कि सरकार देश की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश कर रहे गैर सरकारी संगठनों के प्रति कोई दया नहीं दिखाएगी। विदेशी फंडिंग के माध्यम से सामाजिक गड़बड़ी फैलाने वाले संगठनों पर कार्रवाई होगी।

अमित शाह ने कहा कि संगठों को विदेशी योगदान अधिनियम (FCRA) का पालन करना ही होगा जो FCRA का पालन नहीं करेंगे उनके साथ सख्‍ती की जाएगी। विदेशी फंडिंग पर अब सरकार की निगरानी होगी। अमित शाह ने कहा, “यह नरेंद्र मोदी की सरकार है, देश को खत्म करने के लिए देश में एक पाई भी हम नहीं आने देंगे।”

कोरोना → ओमिक्रॉन → BF.7: जिस वैरिएंट के सामने चीनी वैक्सीन नाकाम, भारत में भी मिले उसके केस: स्वास्थ्य मंत्रालय की बड़ी बैठक, जापान में 10 लाख संक्रमित

चीन से शुरू हुई कोरोना नाम की आफत ने एक बार फिर से दुनिया को खौफजदा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 और BA.5 ने कहर बरपाया हुआ है। वहीं गुजरात के वडोदरा में भी BF.7 सब वेरिएंट के एक मामले की पुष्टि हुई है। गुजरात से ही कोरोना के 2 अन्य मामले भी सामने आए हैं कहा जा रहा है कि वो भी कोरोना के BF.7 सब वेरिएंट से पीड़ित हैं। हालाँकि, फिलहाल इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

चीन में कोरोना ने नए सिरे से कहर मचाना शुरू किया है। चीन के मौजूदा हालात ने भारत की भी चिंता बढ़ा दी है। इसे लेकर बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से हाई लेवल मीटिंग भी बुलाई गई। मीटिंग के दौरान देश में कोरोना की स्थिति की समीक्षा की गई। इस बैठक में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया, केंद्रीय स्वास्थ्य राज्य मंत्री डॉ भारती पवार समेत स्वास्थ्य विभाग के कई अधिकारी मौजूद रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक कोविड को लेकर हर हफ्ते समीक्षा बैठक आयोजित करने की बात कही गई है।

बैठक के बाद मनसुख मंडाविया ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि हम किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं। दूसरी तरफ केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी को पत्र लिखा है और ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में कोविड प्रोटोकॉल का पालन करवाने के लिए कहा है। उन्होंने दावा किया है कि भारत जोड़ो यात्रा में कई लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे में कोविड दिशानिर्देशों का पालन हो अन्यथा यात्रा को रद्द कर दें।

चीन की बात करें तो वहाँ ‘जीरो कोविड पॉलिसी’ के खत्म होते ही कोरोना विस्फोट हुआ है। कुछ ही दिनों में लाखों लोग कोरोना की चपेट में आ गए हैं। कहा यह भी जा रहा है कि कोरोना से बड़े पैमाने पर लोगों की जान गई है, लेकिन चीन इन आँकड़ों को छिपा रहा है। हालात इतने गंभीर हैं कि अस्पतालों के बेड भरे हुए हैं। मरीजों का इलाज फर्श पर किया जा रहा है। कब्रिस्तानों और अंतिम संस्कार वाले दूसरे स्थल भरे हुए हैं।

एपिडेमोलॉजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) एरिक फीगल डिंग ने चीन में अचानक कोरोना के बढ़ते मामलों की प्रमुख वजहों में चीन में एंटी-कोरोना वैक्सीन को ठहराया है। उनका कहना है कि कोरोना को रोकने में चीनी वैक्सीन नाकाम रही है। इससे कोरोना के साथ उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को बढ़ने में मदद मिल रही है।

दूसरी तरफ चीन के साथ-साथ जापान में भी कोरोना का प्रकोप देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट्स पर भरोसा करें तो पिछले एक हफ्ते में यहाँ 10 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हुए हैं। इस दौरान महामारी ने 1687 लोगों की जान ली है। जापान में एक हफ्ते के अंदर संक्रमितों और मृतकों की संख्या में 18 प्रतिशत की उछाल देखी गई है। जापान के अलावा दक्षिण कोरिया और फ्राँस में भी हफ्ते भर में लाखों लोग कोरोना से संक्रमित हुए हैं। पिछले सात दिनों में दक्षिण कोरिया में 4 लाख 61 हजार लोगो कोरोना पॉजिटिव हुए वहीं फ्राँस में 3 लाख 58 हजार लोगों को कोरोना हुआ।

मियाँ-बीवी पर फैसले को लेकर पंचायत में चले लात-घूँसे, ई-रिक्शा चालक अब्दुल्लाह ने महिला के घर में घुस की मारपीट, मिस्त्री ने खुद को डॉक्टर बता हिन्दू युवती को फाँसा

देश के अलग-अलग हिस्सों से महिलाओं के साथ हिंसा संबंधित 3 ताज़ा मामले सामने आए हैं। जहाँ मेरठ में पति-पत्नी का विवाद सुलझाने बैठी पंचायत आपस में ही भिड़ गई, वहीं प्रयागराज में एक महिला का नंबर लोगों को बाँटने के आरोपित ई-रिक्शा चालक ने घर में घुस पर मारपीट की। तीसरी घटना राजस्थान के जयपुर की है, जहाँ एक दुकान पर काम करने वाले व्यक्ति पर खुद को डॉक्टर बताते हुए महिला से शादी करने का आरोप है।

पति-पत्नी का झगड़ा सुलझाने वाले खुद भिड़े

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला मेरठ के लिसाड़ीगेट थानाक्षेत्र का है। यहाँ के समर गार्डन में रहने वाली बिलाल का निकाह 5 साल पहले परतापुर की आसमाँ से हुआ था। कुछ ही दिनों बाद दोनों में आए दिन झगड़े शुरू हो गए। 8 माह पहले आसमाँ अपने मायके चली आई, जिसको ले कर दोनों पक्षों में मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को पंचायत थी। इसी पंचायत के दौरान किसी बात पर लड़की और लड़के के पक्ष वाले आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में लात-घूँसे और ईंट-पत्थर चलने लगे।

इस घटना में कुल 6 लोगों के घायल होने की खबर है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे पर मारपीट का केस दर्ज करवाया है। पुलिस घटना की जाँच कर रही है।

ई रिक्शा वाले ने बाँटे नंबर, फिर की मारपीट

वहीं दूसरा मामला प्रयागराज से है। यहाँ एक महिला ने अब्दुल्लाह नाम के ई-रिक्शा वाले से अपना सामान घर पहुँचाने के लिए कहा था। इस दौरान महिला ने अब्दुल्लाह के नंबर पर फोन भी किया था। आरोप है कि ई-रिक्शा चालक अब्दुल्लाह ने महिला का नंबर कई लोगों को बाँट दिया जिस से उसके पास अश्लील मैसेज आने लगे। पीड़िता ने अब्दुल्लाह की माँ से इस हरकत की शिकायत की जिस से वो नाराज हो उठा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला का आरोप है कि ई-रिक्शा चालक अब्दुल्लाह उसके घर में तारा, राजा, समीर और अशफाक को ले कर घुस गया। इस दौरान इन सभी आरोपितों ने पीड़िता के घर पर तोड़फोड़ की और मना करने पर उसके साथ भी मारपीट की गई। जाते-जाते अब्दुल्लाह पीड़िता का फोन तोड़ कर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी भी दिया। पुलिस ने सभी 5 आरोपितों पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है।

डॉक्टर बन कर दुकान पर नौकर ने महिला अधिकारी से की शादी

तीसरा मामला राजस्थान के जयपुर का है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहाँ एक तलाकशुदा हिन्दू महिला के पिता ने अपनी बेटी के साथ लव-जिहाद का आरोप लगाया है। महिला अधिकारी के पिता ने अपनी शिकायत में कहा है कि उनकी 25 वर्षीया बेटी कोविड में लगे लॉकडाउन के दौरान अकेलेपन के चलते डिप्रेशन में चली गई थी। इस दौरान लड़की ने अलवर से झाड़ फूँक के लिए एक मौलवी बुलाया था। मौलवी अपने साथ एक अन्य युवक को ले कर आया था जिसने खुद को दिल्ली का मनोचिकित्स्क डॉक्टर बताया था।

लड़की के पिता का आरोप है कि खुद को डॉक्टर बता रहा युवक असल में मोटर पार्ट्स की दुकान पर काम करने वाला एक मैकेनिक है। शिकायत में कहा गया है कि आरोपित ने उनकी बेटी को प्रेम जाल में फँसा लिया और अब दोनों रजिस्टर्ड शादी करने जा रहे हैं। शादी पूर्व मिली नोटिस से लड़की के घर वालों को इस पूरे मामले की जानकारी हुई। लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस महिला अधिकारी के पास जाँच करने पहुँची तो वो नाराज हो गई। खुद को तलाकशुदा बताते हुए महिला अधिकारी ने युवक के साथ अपनी मर्जी से रहने की जानकारी दी।

महिला के इस जवाब पर पुलिस ने शिकायतकर्ता पिता को भी कानून कोई विकल्प न होने की जानकारी देते हुए किसी भी कार्रवाई में असमर्थता जताई।

‘पैगंबर मुहम्मद पर फिल्म बनाने का दम नहीं, सनातन का अपमान कर कमाते हैं पैसे’: महंत ने शाहरुख़ खान को ललकारा, कहा – मिल गया तो ज़िंदा जला दूँगा

बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान (Shah Rukh Khan) की फिल्म ‘पठान’ के ‘बेशरम रंग’ गाने के दृश्यों और दीपिका पादुकोण (Deepika Padukone) की भगवा बिकिनी पर विवाद जारी है। हिंदू संगठनों, उलेमा बोर्ड, अयोध्या के महंत राजू दास और आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान के बाद अब महंत परमहंस आचार्य ने शाहरुख खान की फिल्म के गाने पर आपत्ति जताई है। उन्होंने बुधवार (21 दिसंबर, 2022) को मीडियाकर्मियों से कहा कि शाहरुख खान अपने पैगंबर मुहम्मद पर कोई फिल्म क्यों नहीं बनाता है।

उन्होंने कहा कि अगर शाहरुख उन्हें मिल गया, तो वह उसे जिंदा जला देंगे। महंत ने कहा कि अगर किसी और ने उसे जलाने का साहस किया तो उसका मुकदमा भी वह खुद लड़ेंगे। इसके साथ ही महंत ने कहा कि जिस सिनेमा हॉल में ‘पठान’ फिल्म दिखाई जाएगी, उस हॉल को फूँक दिया जाएगा। उन्होंने दर्शकों से भी अपील की कि वे सनातन धर्म का अपमान करने वालों की फिल्म को किसी भी थिएटर में रिलीज ना होने दें।

सोशल मीडिया पर ‘महंत परमहंस आचार्य’ का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में वह कहते हैं, “पठान फिल्म में हमारे भगवा रंग का अपमान किया गया है। इसको लेकर लगातार हमारे सनातन धर्म वाले विरोध कर रहे हैं। मैं अयोध्या में तपस्वी छावनी पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य, आज हमने शाहरुख खान का पोस्टर जलाया है और मैं उसे खोज रहा हूँ अगर वो मुझे कहीं मिल गया फिल्म जिहादी शाहरुख खान, तो मैं उसको जिंदा जला दूँगा। अगर किसी और ने उसे जलाने का साहस किया तो मैं स्वयं उसका मुकदमा लड़ूँगा।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं अपील करता हूँ कि इस तरह की जो भी फिल्में और वेब सीरीज बन रही हैं, उनका पूर्ण रूप से बहिष्कार होना चाहिए। मैं कहता हूँ कि शाहरुख खान तो इस्लाम से आता है, वह अपने मुहम्मद साहब पर कोई टिप्पणी करके बता दे। पैगंबर मुहम्मद पर कोई फिल्म या फिर वेब सीरीज बनाकर दिखा दे। किसी में दम नहीं है, केवल सनातन धर्म का अपमान करके ये पैसा कमाते हैं।”

​’इन जिहादियों का वध हमारे हाथों होगा’

महंत परमहंस आचार्य ने चुनौती देते हुए कहा कि अगर सनातन धर्म का अपमान करोगे, तो तुम्हें सजा-ए-मौत देने के लिए हम लोग तैयार हो गए हैं। उन्होंने कहा कि हमारे प्रभु श्रीराम ने राक्षसों का वध किया। भगवान श्रीकृष्ण ने राक्षसों का वध किया। महंत ने ऐलान किया कि जैसे हनुमान जी ने और भगवान शिव ने राक्षसों का वध किया, अब वैसे ही साधु-संत, जो सनातन विरोधी जिहादी हैं, इनका वध करने के लिए तैयार हैं। अगर ‘पठान’ फिल्म को रिलीज होने से नहीं रोका गया, तो निश्चित रूप से हमारे हाथों ​इन जिहादियों का वध होगा।

‘मुस्लिम चिश्ती रंग की दीपिका ने पहनी बिकिनी’

गौरतलब है कि बीते दिनों आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान ने भी दीपिका की भगवा बिकिनी और बेशरम रंग गाने के दृश्यों पर एतराज जताते हुए इसे अपने मजहब का अपमान बताया था। उन्होंने राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) में इसकी शिकायत भी की थी। उन्होंने अपनी शिकायत में कहा था कि हिंदू समाज जिसे भगवा रंग बोल रहा है, दरअसल, वह मुस्लिम समुदाय के लिए भी बहुत मायने रखता है। यह मुस्लिम समुदाय के लिए चिश्ती रंग भी है। इस देश में सभी को इस रंग का सम्मान करना चाहिए। इससे पहले मध्य प्रदेश के गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा और अयोध्या के महंत राजू दास भी इस गाने का विरोध कर चुके हैं।

महंत ने दर्शकों से अपील की थी, “मैं चाहता हूँ कि आप लोग ऐसी फिल्मों का बहिष्कार करो और जहाँ भी, जिस भी थिएटर में ये लगे उसको फूँक दो। नहीं फूँकोगे, तो ये मानने वाले नहीं हैं। जैसे को तैसा करना पड़ता है। दुष्टों के साथ जब तक दुष्टतापूर्वक व्यवहार नहीं करोगे, तो इसके ऊपर आप कंट्रोल नहीं लगा सकते।”

‘सभी आधार कार्ड धारकों को मिलेगा ₹80000’… केंद्र सरकार ने YouTube को दिया फर्जी खबरें फैलाने वाले 3 चैनलों को हटाने का निर्देश, ‘आज तक लाइव’ भी नपा

यूट्यूब पर टीवी चैनलों से मिलता-जुलता नाम रखकर झूठी खबरें और फर्जी सनसनीखेज दावे कर के पैसे कमाने वाले चैनलों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब से इस तरह के तीन चैनलों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।

सूचना और प्रसारण मंत्रालय के पीआईबी विभाग की फैक्ट चेक यूनिट ने तीन चैनलों को फर्जी और भ्रामक ख़बरें फैलाने वाला करार दिया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब के तीन चैनलों ‘आज तक लाइव’, ‘न्यूज हेडलाइंस’ और ‘सरकारी अपडेट्स’ नाम के यूट्यूब चैनलों को बंद करने का निर्देश दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ‘आज तक लाइव’ चैनल इंडिया टुडे ग्रुप का हिस्सा नहीं है।

पीआईबी फैक्ट चेक यूनिट की तरफ से जानकारी दी गई कि ये चैनल दर्शकों को गुमराह करने के लिए टीवी समाचार चैनलों और उनके एंकर्स की तस्वीरों का इस्तेमाल कर रहे हैं ताकि यह यकीन दिलाया जाए कि उनके द्वारा दी जा रही जानकारी सही है। बताया गया कि ये चैनल अपने वीडियो में विज्ञापन दिखाते और यूट्यूब पर भ्रामक खबरें दिखा कर पैसे भी कमा रहे हैं।

यूट्यूब पर आजतक की नक़ल कर चलाए जा रहे फर्जी चैनल आज तक LIVE के 65 हजार से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। इस चैनल से कई वीआईपी लोगों के मरने या सरकार के फैसलों पर गलत व भ्रामक जानकारी दी जाती है। इस चैनल पर पीएम मोदी की माँ को लेकर भी भ्रामक ख़बर फैलाई गई थी। चैनल का लोगो भी आजतक से मिलता जुलता है, जिससे लोगों को एक बार के लिए यह यकीन हो जाता है कि शायद वो सही चैनल देख रहे हैं। इस तरह लोगों का ध्यान खींचकर अपने सब्सक्राइबर्स बढ़ा लेते हैं और झूठ परोस कर पैसे की कमाई करते हैं।

उधर ‘News Headlines’ नाम का चैनल भी लगातार फेक न्यूज़ फैलाने में लगा हुआ है। ये कोई छोटा-मोटा यूट्यूब चैनल नहीं है, बल्कि इसके 9.67 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, यानी एक मिलियन के करीब। इसके 3 वीडियो ऐसे हैं, जिन पर 50 लाख से भी अधिक व्यूज आ चुके हैं। अब तक 32 करोड़ व्यूज इस यूट्यूब चैनल के वीडियोज को मिल चुके हैं। खास बात ये है कि YouTube ने फर्जी खबरें फैलाने वाले ‘News Headlines’ चैनल को वेरिफाइड का टिक दिया हुआ था।

‘सरकारी अपडेट’ नाम के यूट्यूब चैनल से लगातार सरकारी योजनाओं के नाम पर लोगों को पैसे दिए जाने की फर्जी जानकारी साझा की जाती रही है। एक वीडियो में दावा किया जा रहा है कि केंद्र सरकार सभी आधार कार्ड धारकों को ₹80,000 की राशि दे रही है। उसके बाद लड़कियों को हर महीने ₹2100 रुपए मिलने की झूठी ख़बर फैलाई गई। चैनल से लगातार इस तरह की फर्जी ख़बरें फैलाई गईं। इस चैनल के 20 लाख से भी ज्यादा सब्सक्राइबर हैं।

इतना ही नहीं, फैक्ट चेक यूनिट ने जानकारी दी है कि यूट्यूब पर ये तीन चैनल भारत के उच्चतम न्यायालय, भारत के प्रधान न्यायाधीश, सरकारी योजनाओं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन और कृषि ऋणों को माफ करने जैसी झूठी और सनसनीखेज खबरें फैलाई। इन यूट्यूब चैनलों के कुल मिलाकर लगभग 33 लाख सब्सक्राइबर हैं और इनके वीडियो को 30 करोड़ से ज्यादा बार देखा गया है।

इस्माइल ने एक्स गर्लफ्रेंड को 4 महीने तक होटल में कैद रख कर दी यातनाएँ, बलात्कार भी किया: अपहरण कर ले गया था, रोज करता था पिटाई

अमेरिका के जॉर्जिया में इस्‍माइल पैट्रिको एग्‍वरे (Ismael Patricio Aguirre) नाम के शख्स ने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड को चार महीने तक होटल में बंधक बना कर रखा। इस दौरान उसने अपनी पूर्व गर्लफ्रेंड के साथ रेप किया। उसे तरह-तरह की यातनाएँ दी और गुलामों की तरह व्यवहार किया। महिला हालाँकि किसी तरह अपने पूर्व ब्वॉयफ्रेंड के चंगुल से आजाद हो गई। इस्‍माइल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

‘फॉक्स न्यूज’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जॉर्जिया में इस्‍माइल पैट्रिको नामक एक व्यक्ति को दक्षिण कैरोलिना की एक महिला का अपहरण करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसने महिला को महीनों तक बंदी बनाए रखा और उसके साथ रेप किया और पिटाई की। इस्माइल को 13 दिसंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया। वहीं उसने कोर्ट में जमानत की गुहार लगाई थी, लेकिन उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई।

जाँचकर्ताओं का कहना है कि इस्‍माइल ने चार महीने पहले अपनी पूर्व प्रेमिका को दक्षिण कैरोलिना के चार्ल्सटन से उसके घर से अगवा कर लिया था और उसे दक्षिण-पूर्व वेनेसबोरो में एक होटल के कमरे में कैद करके रखा गया था। हालाँकि यह बात आश्चर्यजनक है कि होटल के किसी कर्मचारी को इसकी भनक तक न लगी।

वहीं अपने सनकी पूर्व ब्वॉयफ्रेंड के चंगुल से आजाद होना महिला के लिए कतई आसान नहीं था। महिला ने दरअसल अपनी प्रेग्‍नेंसी का बहाना लगाया और किसी तरह अस्पताल जाने के लिए पूर्व ब्वॉयफ्रेंड को मना लिया। इसी बहाने से वह वेनेसबोरो में बर्क हेल्थ अस्पताल पहुँची और अस्पताल के कर्मचारी को अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद इस्माइल को गिरफ्तार कर लिया गया।

अस्पताल के कर्मचारियों ने जाँचकर्ताओं को बताया कि इस्माइल और महिला अस्पताल में एक कॉल करने के बाद पहुँचे थे। कॉल में दावा किया गया था कि महिला गर्भवती है और उसे ट्रीटमेंट की आवश्यकता है। कर्मचारियों ने बताया कि वह वास्तव में गर्भवती नहीं थी, लेकिन इस्माइल से बचने के लिए मदद की जरूरत थी। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, महिला ने जाँचकर्ताओं को बताया कि इस्माइल उसे अपने हिसाब से खाने-पीने देता था और साथ में सेक्स करने कहता था।

महिला ने बताया कि वह वास्तव में उसकी कठपुतली बन गई थी। इसके साथ ही इस्माइल ने महिला को धमकी दी थी कि अगर वह उसकी माँगों को नहीं मानेगी तो वह उसे जान से मार डालेगा।

आसिफ ने पकड़ा हाथ, हाजी साहब ने खोली पैंट… दलित युवक का जबरन खतना: मुस्लिम बेवा से शादी पर ‘काफिर’ को सजा

मुस्लिम बेवा से शादी करने वाले एक दलित युवक ने खुद को प्रताड़ित किए जाने का आरोप लगाया है। कहा है कि उसका जबरन खतना कर दिया गया। इस्लाम कबूलने का दबावा डाला गया। यह दलित व्यक्ति महाराष्ट्र के पुणे में अपने परिवार के साथ रहता है। उसकी शिकायत पर कुमेल कुरैशी और आसिफ शेख सहित 3 के खिलाफ पुलिस ने शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) को मामला दर्ज किया है।

जानकारी के मुताबिक मामला दौंड क्षेत्र का है। मूल रूप से सोलापुर के गाँव मढ़ा के रहने वाले पीड़ित ने जून 2018 में एक मुस्लिम महिला से शादी की थी। वह बेवा और 2 छोटी बच्चियों की माँ थी। शादी के बाद यह व्यक्ति काम की तलाश में जून 2020 में परिवार के साथ पुणे आ गया। उसने कुम्भरगल्ली में किराए पर घर लिया। पति-पत्नी मजदूरी कर बच्चों को पालने लगे। डेढ़ साल तक सब कुछ सही चला। लेकिन बाद में उसी मकान में रहने वाले आसिफ शेख ने उसकी पत्नी को परेशान करना शुरू कर दिया।

अपनी शिकायत में पीड़ित दलित ने बताया है कि आसिफ उसकी पत्नी पर गलत नजर रखता था। उसे एक हिन्दू से शादी करने के लिए उलाहना देता था। जब उसने आसिफ को ऐसा करने से रोका तो उसने उसे हिन्दू काफ़िर कह कर गाली दी। इस्लाम कबूलने के लिए कहा। आरोप है कि ऐसा न करने पर आसिफ ने जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित के अनुसार आसिफ ने उसे मुस्लिम बनने या पत्नी को छोड़ने का विकल्प रखा।

शिकायत में उसने बताया है कि कुछ दिन बाद आसिफ ने हाजी साहब नाम से चर्चित कुमेल कुरैशी को भी अपने साथ मिला लिया। दोनों ने 3 अक्टूबर 2022 को घर में घुस कर उसे मुस्लिम महिला से शादी करने के नाम पर प्रताड़ित किया। कुमेल कुरैशी का दौंड के कब्रिस्तान इलाके में ऑफिस भी है। यहाँ उसने पीड़ित की पत्नी और दोनों बेटियों को भी लाकर मारा-पीटा। 3 घंटे तक पिटाई के बाद कुमेल ने पीड़ित की शादी तोड़ने की धमकी देते हुए छोड़ दिया।

पीड़ित के अनुसार हाजी साहब ने उसकी पत्नी को भी एक काफिर से शादी पर भड़काया। साथ ही उसका निकाह किसी मुस्लिम से करवा देने की बात भी कही। ऐसा नहीं करने पर हत्या की धमकी दी। पीड़ित की पत्नी ने भी एक वीडियो जारी कर इन आरोपों से सहमति जताई है। महिला ने उससे पति को इस्लाम कबूलवाने के लिए कहा गया। लेकिन उसने कहा है कि पति का धर्मांतरण करवाने के बदले जरूरत पड़ने पर वह खुद हिन्दू बन जाएगी। ऑपइंडिया के पास ये वीडियो मौजूद है।

शिकायत के मुताबिक 14 अक्टूबर 2022 को आसिफ और कुमेल एक मुस्लिम डॉक्टर के साथ पीड़ित के घर में घुस गए। उसकी पत्नी और बच्चों को बाहर निकाल दिया। इसके बाद आसिफ शेख ने पीड़ित का हाथ पकड़ा और हाजी साहब ने उसके कपड़े उतारे। मुस्लिम डॉक्टर ने उसका खतना कर दिया। इस दौरान हाजी ने कुछ इस्लामी लाइनें भी पढ़ीं। पीड़ित ने बताया कि उसने बहुत मिन्नतें की लेकिन आरोपित कहते रहे, “देखते हैं कि तू इस्लाम कैसे नहीं कबूलेगा।”

शिकायत के मुताबिक खतना करने के बाद आरोपितों ने दलित युवक से उसका आधार और राशन कार्ड छीन लिया। खतने की पूरी प्रक्रिया भी मोबाइल में रिकॉर्ड करने की बात बताई जा रही है। पुलिस ने कुमेल कुरैशी, आसिफ सहित एक अन्य पर IPC की धाराओं 295-ए, 298, 452, 324, 323, 504, 506 और 34 के साथ SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है। मामले की जाँच की जा रही है।

‘ISIS-अलकायदा से संपर्क, हिट लिस्ट के लिए गुप्त शाखा’: NIA ने बताया- जहाँ खुद नहीं खड़े हो पाते आतंकी संगठन, वहाँ बनाते हैं PFI

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने प्रतिबंधित इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के बारे में अहम खुलासा किया है। एजेंसी का कहना है कि पीएफआई सदस्यों का आतंकवादी संगठनों आईएसआईएस (ISIS) और अल कायदा के साथ संबंध हैं। एनआईए ने साथ ही कहा कि पीएफआई अपनी एक गुप्त शाखा भी चला रहा था।

एनआईए ने मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को केरल के कोच्चि में एनआईए की विशेष अदालत के समक्ष यह बात कही। इसके साथ ही जाँच एजेंसी ने पीएफआई पर प्रतिबंध के बाद गिरफ्तार किए गए इसके सदस्यों के बारे में कोर्ट में जानकारी दी और जाँच के लिए कोर्ट से और समय की माँग की। कोर्ट ने एनआईए की दलील को मानते हुए गिरफ्तार आरोपितों की हिरासत अवधि 90 दिन और बढ़ा दी।

एनआईए ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि पीएफआई के कई सरगना इस्लामिक स्टेट और अलकायदा के आतंकवादियों के संपर्क में थे और एजेंसी के पास इसका सबूत है। एनआईए की जाँच के अनुसार, प्रतिबंधित इस्लामी संगठन एक गुप्त शाखा भी चलाता था। एनआईए ने यह भी दावा किया कि पीएफआई की गुप्त शाखा अन्य धर्मों के लोगों की हिट लिस्ट तैयार कर रही थी। जाँच एजेंसी ने अदालत को बताया, “गुप्त शाखा का राज्यव्यापी नेटवर्क था और इसका काम डेटा संग्रह और सूची तैयार करना था।”

जाँच एजेंसी का कहना है कि आईएसआईएस और अलकायदा जैसे आतंकवादी संगठन उन देशों में पीएफआई जैसे संगठनों का उपयोग करके अपनी विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देते हैं, जहाँ वे खुले तौर पर काम नहीं कर सकते। एनआईए को इनपुट मिले हैं कि केरल में पीएफआई के कई नेता अलकायदा के कुछ नेताओं के संपर्क में थे। इसके लिए विस्तृत जाँच की आवश्यकता है।

NIA ने यह भी बताया कि छापेमारी के दौरान पीएफआई की देश विरोधी गतिविधियों के संबंध में डिजिटल और अन्य सबूत हासिल किए गए हैं। एजेंसी ने बताया, “जाँच में पता चला है कि पीएफआई के लोग सोशल मीडिया समूहों के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के लिए युवाओं को भर्ती करने का प्रयास कर रहे थे। एनआईए ने कोर्ट को जानकारी देते हुए बताया कि मामले में जाँच पूरी होने के करीब है और कई लोगों से पहले ही पूछताछ की जा चुकी है।

यह मामला 22 सितंबर, 2022 को देश भर में एक साथ पीएफआई के ठिकानों पर छापेमारी और संगठन के नेताओं व कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी से जुड़ा हुआ है। प्रतिबंधित संगठन के नेताओं पर ‘गैर-कानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA)’ के तहत मामला दर्ज किया गया था। कोच्चि में इस संबंध में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। एनआईए ने जाँच पूरी करने और चार्जशीट दायर करने के लिए कोर्ट से अतिरिक्त 90 दिन की समय की माँग की थी, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। इस तरह मामले में गिरफ्तार लोगों की हिरासत की अवधि बढ़कर 180 दिन हो गई है।

इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने 21 नवंबर, 2022 को कोर्ट में जानकारी दी थी कि पीएफआई ने देश विरोधी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए देश से विदेश तक कई संस्थाओं और व्यक्तियों के साथ साझेदारी की थी। उनके माध्यम से प्रतिबंधित संगठन गैर कानूनी तरीके से धन जुटाता था और जुटाई गई रकम पीएफआई के बैंक खातों में चंदे के रूप में दिखा कर जमा की जाती थी। बाद में इस धन का इस्तेमाल भारत विरोधी गतिविधियों में किया जाता था।

उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने हाल ही में आतंकवादियों से संबंध होने और सांप्रदायिक घृणा फैलाने के आरोप में पीएफआई को प्रतिबंधित कर दिया था। पीएफआई की संबद्ध संस्थाओं- रिहैब इंडिया फाउंडेशन, कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया, ऑल इंडिया इमाम काउंसिल, नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन, नेशनल वीमेंस फ्रंट, जूनियर फ्रंट, एम्पॉवर इंडिया फाउंडेशन और रिहैब फाउंडेशन-केरल को भी प्रतिबंधित संगठनों की सूची में रखा गया है।

‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान’ वाले डायलॉग के बाद दिखा राहुल गाँधी का गुस्सा, सेल्फी के लिए उठे हाथ को दिया झटका: Video वायरल

‘नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोल रहा हूँ’ वाले भाषण के बाद कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी का एक वीडियो वायरल हुआ है। इसमें वे गुस्से में एक कार्यकर्ता का हाथ झटकते दिख रहे हैं। यह कार्यकर्ता सेल्फी लेने की कोशिश कर रहा था। वायरल वीडियो भारत जोड़ो यात्रा के दौरान का बताया जा रहा है।

वीडियो में राहुल गाँधी मंच पर पार्टी समर्थकों के साथ दिखाई दे रहे हैं। सामने से एक व्यक्ति फोटो खींच रहा होता है तभी राहुल गाँधी के पास खड़ा समर्थक अपने मोबाइल से सेल्फी लेने की कोशिश करता है। राहुल गाँधी उसका हाथ झटक देते हैं। वीडियो में राहुल अपने समर्थक का हाथ पकड़ कर नीचे कर देते हैं और मोबाइल छीनने की कोशिश करते नजर आ रहे हैं। समर्थक मोबाइल छुड़ाकर वहाँ से जाने लगता है। फिर राहुल गाँधी भी वहाँ से लड़खड़ाते हुए निकलते दिखाई दे रहे हैं।

वीडियो को भाजपा नेता अजय सहरावत ने ट्विटर पर शेयर करते हुए लिखा है, ‘ये क्या हो रहा है।’ किया है। भाजपा सांसद राज्यवर्धन सिंह राठौर ने भी लिखा है, “मोहब्बत की दुकान के फीके पकवान। कॉन्ग्रेस के लिए जनता सिर्फ वोट बैंक है। तुष्टिकरण की राजनीति तो इनकी रग-रग में है। भारत जोड़ो यात्रा तो सिर्फ एक नाटक है।”

यूपी सरकार में मंत्री और भाजपा नेता स्वतंत्र देव सिंह ने भी ट्विटर पर वीडियो शेयर करते हुए लिखा कि कॉन्ग्रेस के समर्थक को उन्हीं के नेता पीट रहे हैं।

कुछ ट्विटर यूजर्स को लगता है कि राहुल गाँधी नशे में हैं। भारत माँ की बेटी नाम की ट्विटर यूजर ने लिखा कि क्या राहुल गाँधी नशे में हैं या सिर्फ मुझे ऐसा लग रहा है?

धीरेन्द्र विक्रम कुशवाहा नाम के यूजर ने लिखा, “लगता है टी शर्ट वाले नेता सुरूर में आ रहे थे।”

आपको बता दें कि राहुल गाँधी के नेतृत्व में चल रही भारत जोड़ो यात्रा अब हरियाणा में पहुँच चुकी है। यात्रा 24 दिसंबर 2022 को दिल्ली पहुँचने वाली है। दिल्ली पहुँचने के बाद यात्रा को 9 दिनों के लिए रोक दिया जाएगा। इस बात की जानकारी कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने दी है। कॉन्ग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बताया था कि 24 दिसंबर, 2022 से लेकर 2 जनवरी, 2023 तक भारत जोड़ो यात्रा रुकी रहेगी।