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‘मुझको मेरी बीवी से एक बार मिलवा दो’ : कन्हैयालाल का गला रेतने वाला रियाज NIA के सामने गिड़गिड़ाया, रोते हुए पूछा- घरवाले क्यों नहीं मिलने आ रहे

कन्हैयालाल की हत्या मामले में गिरफ्तार 9 आरोपितों में से केवल गौस मोहम्मद के परिजन ही उससे मिलने आए हैं बाकी किसी के परिजनों ने उनके मुलाकात नहीं की है।

राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को टेलर कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या करने वाले मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद अब अपने परिवार से मिलने के लिए तड़प रहे हैं। रियाज राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों से बार-बार यही बात पूछ रहा है कि क्या उनके परिवार से कोई उनसे मिलने नहीं आया? रियाज ने रोते हुए कहा कि वह अपनी बीवी से एक बार मिलना चाहता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 सितंबर 2022 को पहली बार NIA की टीम दोनों को उदयपुर लेने पहुँची। कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात उन्हें भूपालपुरा थाने में लाया गया। थाने में अधिकारियों ने रियाज और गौस से व्हाट्सएप समेत पाकिस्तान कनेक्शन और पीएफआई संगठन से जुड़े कई सवाल पूछे।

96 घंटे की पूछताछ के बाद 20 सितंबर 2022 को NIA टीम ने हत्यारों को जयपुर से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया। यहाँ दोनों को अलग अलग बैरक में रखा गया है।

इस दौरान रियाज एनआईए के अधिकारियों के सामने रियाज काफी रोया और उनसे मिन्नतें कीं कि उसे एक बार उसकी बीवी से मिला दिया जाए। उसने कहा कि अब तक जेल में क्यों उससे मिलने परिवार का कोई सदस्य नहीं आया? क्या वह एक बार भी अपने करीबी रिश्तेदारों से मिलने का अधिकार नहीं रखता?

बता दें कि कन्हैयालाल की हत्या मामले में गिरफ्तार 9 आरोपितों में से केवल गौस मोहम्मद के परिजन ही उससे मिलने आए हैं बाकी किसी के परिजनों ने उनसे मुलाकात नहीं की।

उदयपुर में कन्हैयान लाल की हत्या

गौरतलब है कि उदयपुर के कन्हैयालाल ने इस साल 15 जून को पुलिस में शिकायत दी थी और सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैयालाल की दुकान में घुसे थे और उनकी हत्या को अंजाम दिया गया था।

इस दौरान एक उनका वीडियो बना रहा था, जबकि दूसरा अपना नाप देने का नाटक कर रहा था। वीडियो में दिख रहा था कि दोनों ने कन्हैया को निशाना तब बनाया जब वह नाप लेने में व्यस्त हो गए। इसके बाद ही इन्होंने अचानक से उनके ऊपर हमला किया। कन्हैया चीखते रहे, लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। दुकान में मौजूद 2 कर्मचारियों ने कन्हैयालाल को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन उन दोनों पर भी हमला कर दिया गया। इस दौरान एक कर्मचारी ईश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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