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बस से ले गए भारत जोड़ो यात्रा में, राहुल की रैली खत्म हुई तो सुनसान जगह पर छोड़ा: राजस्थान से ‘दलित महिलाओं’ का Video आया सामने, कॉन्ग्रेस पर आरोप

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) भारत जोड़ो यात्रा के तहत राजस्थान में हैं। यहाँ पर राहुल गाँधी के स्वागत में बड़ी संख्या में महिलाएँ दिखी थीं, लेकिन इन्हीं महिलाओं को लेकर कॉन्ग्रेस पर आरोप लगने लगे हैं। आरोप है कि कॉन्ग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए दलित महिलाओं को रैली में लेकर आई और उसके बाद रात में सड़क पर छोड़कर चली गई।

दलित टाइम्स ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ महिलाएँ रात में अंधेरे में सड़कों पर दिख रही हैं। वीडियो में महिलाएँ में कह रही हैं कि उन्हें राहुल गाँधी की रैली के लिए ले जाया गया था और रैली खत्म होने के बाद उन्हें घर पहुँचाने की जगह आधी रात में सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया।

वीडियो में एक महिला कह रही है कि इंदरगढ़ में राहुल गाँधी की रैली खत्म होने के बाद 20 बसों में महिलाओं को लाया गया और उन्हें सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। आधी रात में उन्हें अपने घर तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है। एक महिला ने कहा कि रैली में जाते समय उन्हें सरकारी बसों में बैठाकर ले जाया गया था और काम होने के बाद उन्हें इस हालत में छोड़ दिया गया।

‘जो ये खूनी खेल देख रहा है, वो इंसानियत के नाम पर धब्बा’ : ईरान में गिरफ्तार हुईं ऑस्कर विजेता एक्ट्रेस, प्रशासन ने मढ़ा झूठी खबर फैलाने का आरोप

ईरान में चल रहे हिजाब विरोधी प्रदर्शन के बीच वहाँ देश की सबसे प्रसिद्ध अभिनेत्रियों में से एक एक्ट्रेस व ऑस्कर विजेता तारानेह अलीदूस्ती को झूठ फैलाने का आरोप मढ़कर गिरफ्तार किया गया है। स्थानीय मीडिया बताती है कि तारानेह ने देश में चल रहे प्रदर्शन में भाग लिया था और नारों के संग अपनी फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की थी।

IRNA की रिपोर्ट के मुताबिक, तारानेह को अपने इंस्टा पोस्ट के लिए एक हफ्ते बाद गिरफ्तार किया गया। अपने पोस्ट में उन्होंने उस शख्स का समर्थन किया हुआ था जिसे ईरानी प्रशासन ने फाँसी की सजा दी थी। 

उनकी तरह कुछ अन्य ईरानी सेलीब्रिटियों को भी कथिततौर पर भड़काऊ कंटेंट पोस्ट करने के आरोप में समन भेजा गया है। रही बात तारानेह के पोस्ट की, तो उसमें लिखा था, “उसका नाम मोहसेन शेखरी है। हर अंतरराष्ट्रीय संगठन जो यह खूनी खेल देख रहा है और कोई कार्रवाई नहीं कर रहा वो इंसानियत के नाम पर धब्बा है।”

बता दें कि शेखरी को तेहरान की सड़कें ब्लॉक करने और सुरक्षाबलों पर हमला करने के आरोप में पकड़ा गया था। बाद में ईरानी कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए 9 दिसंबर को फाँसी की सजा हुई थी।

मोहसिन शेखरी अकेले नहीं हैं जिन्हें ईरानी प्रशासन ने मौत की सजा दी। पिछले हफ्ते ऐसे ही माजीदरेजा रेहनवर्द को भी फाँसी पर सरेआम लटकाया गया था। रेहनवर्द ने अपने मरने से पहले वीडियो में कहा था, “मैं नहीं चाहता है कि कोई मेरी मौत पर मातम मनाए। किसी भी तरह की दुआ न करे। मेरी कब्र पर मातम न मनाया जाए। मैं नहीं चाहता कि कोई कुरान या नमाज पढ़े। सभी लोग मेरी मौत का जश्न मनाएँ, संगीत बजाएँ, खुश रहें।”

दरअसल, रेहनवर्द पर प्रदर्शन के दौरान 2 पुलिस अफसरों को जान से मारने के इल्ज़ाम थे। इसलिए तेहरान की अदालत ने उसे मौत की सजा सुनाई थी। उस पर 4 अन्य अफसरों पर हमला करने का भी इल्ज़ाम था। 12 दिसंबर, 2022 को रेहनवर्द को फाँसी दी गई। 

अलीदूस्ती ने इसी बाबत अपने इंस्टा पर तीन पोस्ट शेयर किए थे और देश में चल रहे हिजाब विरोधी प्रदर्शन के लिए एकजुटता दिखाई थी। उनके अकॉउंट पर 8 मिलियन फॉलोवर थे लेकिन उनके अकॉउंट को भी सस्पेंड कर दिया गया।

गैर-मुस्लिमों का कत्ल, औरतों को सजा, फिदायीन हमले…: तालिबान अब स्कूली लड़कों को देगा कट्टरपंथ की तालीम, सिलेबस में 62 नए बिंदु जोड़े

अफगानिस्तान (Afghanistan) पर कब्जे के पास तालिबान (Taliban) ने वहाँ इस्लामी कट्टरता लागू करना शुरू कर दिया है। सबसे पहले उसने लड़कियों को स्कूल-कॉलेज जाने पर रोक लगाई और अब पूरे पाठ्यक्रम को बदलकर उसमें चरमपंथ को शामिल करने जा रहा है।

तालिबान के कब्जे के बाद खुद को अफगानिस्तान का कार्यवाहक राष्ट्रपति घोषित करने वाले अमरुल्लाह सालेह (Amrullah Saleh) ने तालिबान की इस योजना के बारे में ट्विटर पर जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि तालिबान नए पाठ्यक्रम में 62 नए बिंदुओं को जोड़ रहा है।

इनमें संयुक्त राष्ट्र संघ (UNO) को शैतान बताने वाला, गैर-मुस्लिमों को कत्ल, कट्टरपंथ को संस्थागत रूप से स्थापित करने की कोशिश, महिलाओं को सजा और इस्लामी प्रतिरोध के रूप में फिदायीन हमले को सही ठहराने की कोशिश की गई है।

सालेह ने कहा, “नया पाठ्यक्रम इतना बुरा है कि लोग अब लड़कों के स्कूलों को भी तब तक बंद देखना चाहते हैं, जब तक कि पाकिस्तान द्वारा बनाए और पोषित इस लिपिकीय फासीवाद खत्म नहीं किया जाता। अफगानिस्तान के स्कूल मार्च में खुलेंगे। ज्वलंत प्रश्न ये है कि ऐसी शिक्षाओं और नई पुस्तकों के लिए अमेरिका हर सप्ताह $40M (4 करोड़ डॉलर) देगा।”

अमरुल्लाह सालेह ने कहा कि शर्मनाक दोहा सौदे पर हस्ताक्षर करने से पहले और उसके बाद लंबे समय तक पूरे प्रायोजित मीडिया ने तालिबान को सुधारवादी और बदला हुआ दिखाने का प्रयास किया। इतना ही नहीं, देश में भ्रष्टाचार को इस आतंकवादी समूह के सत्ता में आने का कारण बताया।

सालेह ने आगे कहा कि तालिबान को पाकिस्तान से अफगानिस्तान में लाए गए घातक मुल्लावाद को भू-राजनीतिक योजना तक छुपाना था। उन्होंने पूछा कि तालिबानों का यह रूमानी नज़ारा कब तक चलेगा? अफगानिस्तान आश्चर्य का देश है और परिवर्तन इसका मूल है।

भारतीय टीम ने तीसरी बार अपने नाम किया नेत्रहीन T-20 वर्ल्ड कप, फाइनल में बांग्लादेश को दी मात: गदगद PM मोदी बोले – देश को आप पर गर्व है

भारत की पुरुष नेत्रहीन टीम ने बांग्लादेश को हराकर एक बार फिर नेत्रहीन टी20 विश्व कप पर कब्जा कर लिया है। तीसरे नेत्रहीन टी20 विश्व कप में फाइनल में भारत ने बांग्लादेश की टीम को 120 रनों से शिकस्त दी।

बेंगलुरू के एम चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेले गए मैच में टीम इंडिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए दो विकेट खोकर 277 रन बनाए। पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पारी की शुरुआत में ही 2 विकेट खो दिए। इसके बाद कप्तान अजय रेड्डी और सुनील रमेश ने पारी को संभाला। दोनों ने विस्फोटक बल्लेबाजी करते हुए टीम को 277 के स्कोर तक पहुँचाया और अंत तक आउट भी नहीं हुए। जवाब में बांग्लादेश की टीम 20 ओवर में तीन विकेट पर 157 रन ही बना सकी। सुनील रमेश को उनके शानदार बल्लेबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया। सुनिल ने 136 रनों की नाबाद पारी खेली।

टीम इंडिया की शानदार जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर खिलाड़ियों को शुभकामनाएँ दीं। पीएम ने लिखा, “भारत को अपने एथलीट्स पर गर्व है। हमने नेत्रहीन टी-20 वर्ल्ड कप जीत लिया है, इस बात की प्रसन्नता है। हमारी टीम को बधाई और भविष्य के लिए शुभकामनाएँ।”

आपको बता दें कि नेत्रहीन टी 20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट में 6 देशों ने हिस्सा लिया था। 5 दिसंबर, 2022 से शुरू हुए टूर्नामेंट में टीम इंडिया शुरू से ही विजेताओं की तरह खेल रही थी। लीग मुकाबलों में भारतीय टीम पहला स्थान हासिल कर सेमीफाइनल में पहुँची। सेमीफाइनल में भारत ने साउथ अफ्रीका को 207 रनों के बड़े अंतर से हराकर फाइनल में पहुँची। वहीं बांग्लादेश की टीम ने श्रीलंका को हरा कर फाइनल में जगह बनाई थी। जहाँ भारत के हाथों उसे हार का सामना करना पड़ा।

इस तरह भारत ने तीसरी बार टूर्नामेंट अपने नाम कर लिया। अब तक 3 बार नेत्रहीन टी20 क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ है और भारत ने ही विश्व कप के तीनों खिताब जीते हैं।

‘माफ़ी माँगे पाकिस्तान का पप्पू, बर्दाश्त नहीं करेंगे PM मोदी पर ओछी टिप्पणी’: बिलावल भुट्टो के खिलाफ कश्मीर से गुजरात तक देशव्यापी विरोध प्रदर्शन, लोग बोले – Pak मुर्दाबाद

पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ज़रदारी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर किए गए व्यक्तिगत और अपमानजनक टिप्पणी से पूरे देश में जबरदस्त आक्रोश है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने बिलावल भुट्टों के खिलाफ देशव्यापी प्रदर्शन किया। पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बिलावल भुट्टो का पुतला भी जलाया।

उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर बिलावल भुट्टो के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भुट्टो का पुतला जलाया और मुर्दाबाद के नारे लगाए। उत्तर प्रदेश बीजेपी प्रमुख भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बिलावल से भारतीयों से माफी माँगते हुए अपना बयान वापस लेने की माँग की। लोगों ने बिलावल भुट्टो जरदारी को ‘पाकिस्तान का पप्पू’ भी बताया।

उधर गुजरात में भी कई स्थानों पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने बिलावल के खिलाफ प्रदर्शन किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, राजकोट, वडोदरा, गाँधीनगर, बोटाद, महिसागर,जूनागढ़ और कई अन्य स्थानों पर प्रदर्शन करते हुए कार्यकर्ताओं ने भुट्टो के खिलाफ नारेबाजी की। कुछ स्थानों पर पाकिस्तानी विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जरदारी का पुतला भी फूँका गया। गाँधीनगर में प्रदेश बीजेपी के युवा मोर्चा ने भुट्टो की निंदा करते हुए राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन भी दिया।

गाँधीनगर में प्रदर्शन कर रहे बीजेपी कार्यकर्ता (फोटो साभार प्रशांत कोरात)

महाराष्ट्र के औरंगाबाद समेत कई इलाकों में लोगों ने बिलावल भुट्टो के खिलाफ नाराजगी जताई। पुणे में भाजपा प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान का झंडा जलाया और अपना आक्रोश व्यक्त किया। पाकिस्तान विरोधी नारेबादी करते हुए लोगों ने कहा कि हम अपने प्रधानमंत्री के खिलाफ कोई भी बयान बर्दाश्त नहीं करेंगे।

औरंगाबाद में बिलावल के खिलाफ प्रदर्शन (फोटो साभार एआईआर)

इतना ही नहीं, जम्मू -कश्मीर में भी भाजपा कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर पाकिस्तान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। श्रीनगर के जवाहरनगर में पाकिस्तान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बिलावल का पुतला जलाया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पाकिस्तान और बिलावल भुट्टो को माफी माँगनी चाहिए। कार्यकर्ताओं के हाथों में बैनर्स और प्ले कार्ड भी नजर आए। जिसपर पाकिस्तान विरोधी नारे लिखे थे। जम्मू में भी भाजपा की तरफ से रैली निकाली गई।

आपको बता दें कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में पाकिस्तान द्वारा कश्मीर का मुद्दा उठाने पर भारत द्वारा लताड़े जाने के बाद बिलाबिलाए बिलावल भुट्टो ने सार्वजनिक मंच पर दुनिया के सामने अनाप-शनाप बकना शुरू कर दिया। पाकिस्तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो जारदारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। बिलावल ने कहा, “मैं भारत को बताना चाहता हूँ कि ओसामा बिन लादेन तो मर चुका है, लेकिन ‘गुजरात का कसाई’ अभी जिंदा है और वह भारत का प्रधानमंत्री है।”

बिलावल ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने से पहले अमेरिका ने उनकी एंट्री पर प्रतिबंध लगा दिया था। दरअसल इसके पहले जब बिलावल ने कश्मीर और आतंकवाद का मुद्दा उठाया था, तब भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने पाकिस्तान पर करारा हमला करते हुए कहा था कि जो आतंकी ओसामा बिन लादेन की मेजबानी करता हो, पड़ोसी देश की संसद पर हमला करता हो वो संयुक्त राष्ट्र में उपदेशक बन रहा है।

विभीषण द्वारा स्थापित 1000 स्तंभों वाला श्री रंगनाथस्वामी मंदिर: तुगलक ने 12000 भक्तों का सिर कलम करवा दिया था, रामानुजाचार्य ने यही किया था देह-त्याग

भारत को मंदिरों का देश का कहा जाता है। यहाँ विभिन्न स्थापत्य कला के भवनों का निर्माण सदियों से आया है। दक्षिण भारत के तमिलनाडु राज्य में श्रीरंगम में स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री रंगनाथस्वामी मंदिर ऐसा ही एक प्राचीन मंदिर है। यह मंदिर तिरुचिरापल्ली के श्रीरंगम नामक द्वीप पर बसा है, जो अनुपम कला एवं अद्वितीय सौंदर्य का नमूना है। इसके सौंदर्य की वजह से इसे ‘भूलोक वैकुण्ठ’ कहा जाता है।

भगवान विष्णु को दक्षिण में श्री रंगनाथ स्वामी के नाम से जाना जाता है। श्री रंगनाथस्वामी मंदिर में भगवान विष्णु की शेषनाग की शैय्या पर लेते हुए विशाल मूर्ति है। यह मूर्ति भी उन्हीं को समर्पित है। यह मंदिर 108 दिव्य देश्मों में से एक है। इस मंदिर को ‘श्रीरंगम मंदिर’, ‘भूलोक वैकुण्ठ’, ‘तिरुवरंगम तिरुपति’, पेरियाकोइल’ जैसे कई नामों से जाना जाता है।

इस मंदिर में लकड़ी की एक मूर्ति है। इसे यान वाहन (Yana Vahan) के नाम जाता है। यह मस्टोडोन्टोआडिया (Mastodontoidea) जैसा दिखता है। इसी पर भगवान विष्णु बैठे हुए हैं। मस्टोडोन्टोआडिया एक प्रागैतिहासिक काल का एक विशाल हाथी है, जो लगभग 1.5 करोड़ वर्ष पहले लुप्त हो चुका है।

कहा जाता है कि मंदिर के मुख्य देवता की मूर्ति की आँख में बड़ा हीरा जड़ित था। इसका वजन 189.62 कैरेट यानी 37.924 ग्राम था। फ्रांस के सैनिकों द्वारा युद्ध के दौरान मूर्ति की आँख से हीरा चोरी हो गया था। इसके बाद यह ऑरलोव हीरा मॉस्को क्रेमलिन के डायमंड फंड में संरक्षित है।

मंदिर और स्थापत्य कला

श्री रंगनाथस्वामी मंदिर देश के सबसे विशाल मंदिरों में एक है। इसका क्षेत्रफल लगभग 156 एकड़ यानी 6,31,000 वर्गमीटर है। मंदिर का परिसर 7 प्रकारों और 21 गोपुरम (द्वार) को मिलाकर बना हुआ है। मंदिर के मुख्य गोपुरम को राजगोपुरम के नाम से जाना जाता है। यह द्वार 236 फीट यानी लगभग 72 मीटर ऊँचा है।

अगर मंदिर के वास्तुशिल्प की बता करें तो यह बेहद खूबसूरत है। यह तमिल शैली में बना हुआ है। मंदिर 1000 स्तंभों पर बना है। हालाँकि, आज इसमें 953 स्तंंभ ही दिखते हैं। इसे ग्रेनाइट के पत्थरों से विजयनगर काल (1336-1565) में किया गया था। स्तंभों में जंगली घोड़े और बाघों जैसे जीवों की मूर्तियाँ बनाई गई हैं, जो देखने में प्राकृतिक नजर आते हैं।

मंदिर परिसर में चंद्र पुष्करिणी और सूर्य पुष्करिणी, नाम के दो टैंक हैं। मंदिर का सारा पानी इन्हीं टैंकों में एकत्रित हो जाता। इनमें से हर टैंक की क्षमता करीब 20 लाख लीटर है।

निर्माण निर्माण के पीछे पौराणिक कहानी

कहा जाता है कि इस मंदिर में भगवान राम ने लंबे समय तक पूजा की थी। जब भगवान राम आततायी रावण पर विजय हासिल कर लौट रहे थे, तब उन्होंने यह स्थान विभीषण को सौंप दिया था। जब विभीषण लंका जाने लगे तो भगवान विष्णु रास्ते में उनके समक्ष प्रकट हुए और उस स्थान पर रहने की इच्छा व्यक्त की।

इसके बाद विभीषण ने इस मंदिर में भगवान विष्णु को श्री रंगनाथस्वामी के रूप में स्थापित किया। कहा जाता है कि तब से भगवान विष्णु यहाँ वास करते हैं। इसलिए इसे श्री बैकुण्ठ धाम भी कहा जाता है। इस मंदिर को भगवान विष्णु के 108 मुख्य मंदिरों में से एक माना जाता है।

इस मंदिर के निर्माण को लेकर कोई स्पष्ट उल्लेख नहीं मिलता है। किवदंती के अनुसार, चोल वंश के एक राजा को एक तोते का पीछा कर रहे थे। तोता उड़ता हुआ घने जंगलों में चला गया। राजा भी तोते के पीछे दौड़ते रहे। इसी दौरान उन्हें भगवान विष्णु की मूर्ति मिली। इसके बाद राजा ने उस स्थान पर इस मंदिर की स्थापना की।

इस मंदिर का उल्लेख संगम युग (100 ईस्वी से 250 ईस्वी) के तमिल साहित्य और शिलप्पादिकारम (तमिल साहित्य के पाँच श्रेष्ठ महाकाव्यों में से एक) में भी किया गया है। यह भी माना जाता है कि इस मंदिर के गर्भगृह को सर्वप्रथम 817 ईस्वी में हंबी नाम की एक नर्तकी ने बनवाया था। सन 894 ईस्वी गंग वंश के शासक थिरुमलायरा ने इसके निर्माण में सहयोग दिया।

10वीं शताब्दी के मिले हैं शिलालेख

हालाँकि, मंदिरों में जो शिलालेख मौजूद हैं उनमें चोल, पांड्या, होयसल और विजयनगर के राजवंशों का उल्लेख किया गया है। इस आधार पर मानाता जाता है कि विभिन्न समय काल में विभिन्न राजाओं ने इस मंदिर का पुनर्रुद्धार और विस्तार कराया था। पुरातात्विक शिलालेखों में इसे 10वीं शताब्दी का बताया गया है।

वैष्णव संप्रदाय के दार्शनिक रामानुजाचार्य वृद्धावस्था में सन 1117 ईस्वी में यहाँ आ गए थे। उस समय राजा विष्णुवर्धन ने रामानुजाचार्य को धन और आठ गाँवों की भूमि दान की। वे करीब 120 वर्ष की आयु तक यहाँ और यही उन्होंने देह-त्याग किया था। माना जाता है कि उनके मूल शरीर को मंदिर में दक्षिण-पश्चिम दिशा के एक कोने में आज भी संभालकर रखा गया है।

ब्राह्मणों के आशीर्वाद से जीता था टीपू सुल्तान

इस मंदिर से मैसूर के कट्टरपंथी मुस्लिम शासक टीपू सुल्तान का भी गहरा संबंध है। कहा जाता है कि टीपू सुल्तान का यहाँ के ब्राह्मणों से घनिष्ठता थी। युद्धों में टीपू सुल्तान की जीत के लिए यहाँ के ब्राह्मण नियमित पूजा-पाठ करते थे। अंग्रेजों के साथ हुए युद्ध में जीत हासिल होने के बाद टीपू सुल्तान ने मंदिर के ब्राह्मणों को धन्यवाद दिया था। इसके साथ ही उसने इन्हें उपहार में आर्थिक सहयोग भी दिया था।

इतना ही नहीं टीपू सुल्तान का श्रृंगेरी मठ के ब्राह्मणों से घनिष्ठता थी। वह मठ के ब्राह्मणों को धन देता था। बदले में ब्राह्मण उसकी मदद करते थे। कहा जाता है कि वह सिर्फ जीत के लिए ही अनुष्ठान नहीं करता था, बल्कि भूत-प्रेत और जादू-टोना में वह गहरा विश्वास रखता था। इन मामलों वह इनसे मदद लेता था। श्रृंगेरी मठ को वह अक्सर पत्र भी लिखता था। टीपू सुल्तान का प्रधान सलाहकार एवं मंत्री पुरन्नैया नाम का एक ब्राह्मण था।

मंदिर पर पहला इस्लामी हमला

सन 1310 में मलवेरमान कुलशेखरम पाण्ड्या की मृत्यु हो गई। उधर दिल्ली सल्तनत की फौजें दक्षिण भारत पर चढ़ाई करने बढ़ चलीं। अलाउद्दीन खिलजी का गुलाम और उसका प्रमुख कमांडर मलिक काफूर ने 1311 में काकतिया, यादव और होयसाला साम्राज्यों को अपने आधीन कर लिया।

मार्च 1311 में मलिक कफूर की फौज ने पाण्ड्या साम्राज्य में घुसने में कामयाबी पाई और कुलशेखरा पाण्ड्या के बेटे वीर पाण्ड्या को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया, हालाँकि इसमें वो नाकाम रहा। गुस्से में उसने चिदंबरम मंदिर को निशाना बनाया और फिर श्रीरंगम की ओर बढ़ गया। वहाँ पहुँचकर मलिक काफूर की फौज मंदिर में तोड़-फोड़ करने लगी और खजाने को लूट लिया। इसके बाद वो वापस दिल्ली लौट आया।

दूसरा इस्लामी आक्रमण

खिलजी वंश में पंजाब का गर्वनर गाजी मलिक ने तुगलक वंश की स्थापना की और अपने बेटे उलुग खान के नेतृत्व में 1321 में एक विशाल फ़ौज दक्षिण भारत भेजा। यही उलुग खान आगे चलकर मोहम्मद बिन तुगलक के नाम से दिल्ली की गद्दी पर बैठा। हालाँकि, इसमें वह असफल रहा। इसके बाद 1323 में एक बार फिर वह हमला किया और इस बार वह श्रीरंगम की ओर बढ़ा।

उलुग खान की फौज श्रीरंगम पहुँची तब वहाँ मंदिरों में एक मेला चल रहा था। श्रीरंगनाथस्वामी की प्रतिमा को मुख्य मंदिर से कावेरी नदी के तट पर स्थित एक मंदिर में ले जाया जा रहा था। 12,000 भक्त इस यात्रा में शामिल थे। जैसे ही वहाँ इस्लामी फौज के आने की खबर फैली, श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर की प्रतिमा को बाहर भेज दिया गया। वो प्रतिमा तिरुमल पहुँची। इधर प्रतिमा ना पाकर उलुग खान ने सभी भक्तों की हत्या करने का आदेश जारी कर दिया। इस तरह 12,000 लोगों का सिर कलम कर दिया गया।

सन 1371 में विजयनगर साम्राज्य ने इस्लामी आक्रान्ताओं के मंसूबों को ध्वस्त कर श्रीरंगम पर अधिकार किया और श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर में प्रतिमा को पुनः स्थापित किया। इस तरह 48 वर्ष भगवान अपने मंदिर में पहुँचे। इधर बुक्का राय ने श्रीरंगम के श्रीरंगनाथस्वामी मंदिर को इस्लामी आक्रान्ताओं से बचा कर इसका पुराना वैभव को वापस लाने में सफलता पाई और उसके बाद विजयनगर के संगम वंश ने भी इसे जारी रखा। 

पेशवाओं के नेतृत्व में हमला

सन 1696 में जब मराठा सैनिकों की एक टुकड़ी ने तमिलनाडु में गिंजी किले पर कब्जा करने जाने के दौरान रास्ते में पड़ने वाले श्रीरंगपटना के खजाने को लूटने की कोशिश की तो वाडेयार राजा ने उन्हें करारी हार दी। 1726 ईस्वी पेशवा बाजीराव के नेतृत्व में मराठों ने फिर से रंगपट्टनम पर आक्रमण किया। मराठों के भयानक तबाही से डर कर स्थानीय लोगों ने ‘चौथ’ के रूप में राज्य की कुल आय का एक चौथाई देने का वादा किया।

इस दौरान वाडियार राजा को फिरौती भी देनी पड़ी। 1750 ईस्वी में मराठों के फिर आक्रमण के दौरान वाडियार राजा ने फिर से 1 करोड़ रुपए की फिरौती दी। मैसूर साम्राज्य का ज्यादा हिस्सा मराठों के कब्जा में आ गया। इस तरह रंगम की जनता अगल-बगल के क्षेत्रों में पलायन कर गई और रंगपट्टन एक प्रमुख तीर्थ और व्यवसायिक केंद्र के रूप में बुरी तरह तबाह हो गया।

जब नवाज़ शरीफ ने मनमोहन सिंह को कहा था ‘देहाती औरत’, नरेंद्र मोदी ने लगाई थी फटकार: सवालों में बिलावल पर राहुल गाँधी की चुप्पी

, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर पाकिस्‍तान के विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो ने विवादित टिप्पणी की है। उसकी इस टिप्पणी को लेकर विदेश मंत्रालय से लेकर सत्ताधारी भाजपा ने करारा जवाब दिया है। यही नहीं, भाजपा देश भर में भुट्टो के खिलाफ प्रदर्शन करती नजर आ रही है। हालाँकि, मुख्य विपक्षी दल कॉन्ग्रेस समेत अन्य पार्टियाँ चुप्पी साधे हुए हैं। हाँ, काफी विरोध के बाद छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल का ‘डैमेज कंट्रोल’ बयान ज़रूर आया।

ऐसे में, भाजपा नेताओं समेत अन्य लोग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान को याद दिला रहे हैं जिसमें उन्होंने तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ द्वारा मनमोहन सिंह को ‘देहाती औरत’ कहने पर जमकर लताड़ लगाई थी। नरेंद्र मोदी के बयान वाला यह वीडियो तब का है जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे। सितंबर 2013 में एक इंटरव्यू के दौरान, तत्कालीन पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने तब के भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘देहाती औरत’ कह दिया था।

नवाज शरीफ का यह इंटरव्यू सामने आने के बाद, नरेंद्र मोदी ने नवाज शरीफ को जमकर तलाड़ा था। यही नहीं, उन्होंने शरीफ के सामने बैठे भारतीय पत्रकारों को भी खरी-खोटी सुनाई थी।

दरअसल, 29 सितंबर 2013 को दिल्ली के जापानी पार्क में एक रैली का आयोजन किया गया था। इस रैली में मोदी ने नवाज शरीफ के इंटरव्यू के जिक्र करते हुए कहा था, “कल पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री ने हिंदुस्‍तान और पाकिस्‍तान के कुछ पत्रकारों को नाश्‍ते पर बुलाया था। नवाज शरीफ ने कहा, हिंदुस्‍तान के प्रधानमंत्री ‘देहाती औरत’ जैसे हैं। भाइयों और बहनों, हिंदुस्‍तान में मेरे प्रधानमंत्री से हम लड़ेंगे। नीतियों के लिए झगड़ा करेंगे, लेकिन वो 125 करोड़ के देश के प्रधानमंत्री हैं। नवाज शरीफ, ये आपकी कौन सी औकात है? आप मेरे देश के प्रधानमंत्री को देहाती औरत कह कर संबोधित करते हो।”

मोदी ने भारतीय पत्रकारों को फटकार लगाते हुए कहा था, “मुझे नहीं पता वो कौन से पत्रकार थे। मैं उन पत्रकारों से पूछना चाहता हूँ मेरे देश के जो पत्रकार नवाज शरीफ के साथ बैठकर मिठाई खा रहे थे। मुझे और देश को उन भारतीय पत्रकारों से उम्मीद थी कि जब शरीफ हमारे प्रधानमंत्री को भला-बुरा कह रहे थे, गालियाँ दे रहे थे, देहाती औरत कहकर उनका अपमान कर रहे थे तब पत्रकार मिठाई ठुकरा देते और वहाँ से बाहर आ जाते।” प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पूरा बयान (40वें मिनट से) यहाँ देखा जा सकता है।

भाजपा नेता और सांसद प्रवेश साहिब सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उक्त बयान के वीडियो को शेयर करते हुए लिखा है, “बिलावल भुट्टो ने प्रधानमंत्री मोदी जी पर टिप्पणी की तो कॉन्ग्रेस खामोश हो गयी। लेकिन एक दौर वो भी था जब पाकिस्तान के पूर्व PM नवाज शरीफ ने हमारे पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह जी को अपशब्द कहे थे। तब, प्रधानमंत्री मोदी जी ने UPA सरकार के साथ पूरी एकजुटता दिखाई थी और पाकिस्तान की आलोचना की थी। अंतर स्पष्ट है।”

भाजपा विधायक मेघना साकोरे बोर्डिकर ने बिलावल भुट्टो ल साथ सोनिया गाँधी की तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा है, “एक दौर ऐसा भी था जब पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को ‘देहाती औरत’ कहा था। वो नरेंद्र मोदी जी ही थे, जिन्होंने सबसे पहले सामने आ कर पाकिस्तानी पीएम को करारा जवाब दिया था। भुट्टो के साथ सोनिया गाँधी की यह तस्वीर काफी कुछ कहती है।”

आम लोगों ने भी दी प्रतिक्रिया:

‘अक्खड़’ बनारसी’ नामक ट्विटर यूजर ने कहा, “साल 2013 में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को देहाती औरत कहा था। तब भाजपा ने पूरे देश में इसका विरोध किया था और आज वह दो टके का बिलावल भुट्टो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपशब्द कह रहा है और कॉन्ग्रेस सेलिब्रेट कर रही है।”

हिंदू स्पीकर मैडम नामक यूजर ने लिखा, “आज चाइना से संघर्ष के बीच राहुल गाँधी जब सेना का मनोबल गिरा रहे हैं और देश की जनता को गुमराह कर रहे हैं। तब, कॉन्ग्रेस को याद दिला दें कि जब पाकिस्तानी पीएम ने भारत के तत्कालीन पीएम को ‘देहाती औरत’ कहा था तब मोदीजी मनमोहन सिंह और देश के लिए क्या बोले थे ये देखिए। इसे कहते है असली देशभक्त।”

‘मैं पठान 2 बार देखूँगी’: ऋतिक रोशन की गर्लफ्रेंड सबा आज़ाद ने अश्लील गाने के विरोध को कहा ‘जोक’, शेयर किया वीर सावरकर का अपमान करने वाले का ट्वीट

शाहरुख़ खान की फिल्म ‘पठान’ के गाने ‘बेशरम रंग’ का खासा विरोध हो रहा है। गाने में अश्लीलता को लेकर तो इस पर निशाना साधा ही जा रहा है, साथ ही दीपिका पादुकोण भगवा रंग की बिकनी पहन कर अश्लील नृत्य करने के कारण भी आलोचना का सामना कर रही हैं। कहा जा रहा है कि ‘पठान’ में जानबूझ कर हिन्दू भावनाओं को आहत किया गया है। अब ऋतिक रोशन की गर्लफ्रेंड सबा आज़ाद भी इस गाने के समर्थन में उतर आई हैं।

सबा आज़ाद ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें दीपिका पादुकोण भगवा कपड़ों में दिख रही हैं और शाहरुख़ खान उनकी कमर को पकड़े हुए हैं। ‘पठान’ के गाने ‘बेशरम रंग’ के इस दृश्य को शेयर करते हुए उन्होंने एक ट्वीट भी शेयर किया, जिसमें लिखा है, “एक ऐसा देश जो बिकनी के रंग से भड़क गया है। गरीबी, बेरोजगारी, प्रदूषण और अर्थव्यवस्था की समस्याएँ इंजतार कर सकती हैं।” ये ट्वीट लिखने वाले हैंडल ने स्वतंत्रता सेनानी वीर सावरकर का अपमान करते हुए डीपी लगा रखी है।

वहीं सबा आज़ाद ने इस ट्वीट को शेयर करते हुए लिखा, “मुझे इससे अच्छा कोई चुटकुला बताइए। एक भी नहीं मिलेगा। मैं ‘पठान’ को सिनेमा हॉल में 2 बार देखने जा रही हूँ।” बता दें कि हाल ही में खबर आई थी कि सबा आज़ाद और ऋतिक रोशन अब साथ में रहने जा रहे हैं। सबा आज़ाद इससे पहले इमाद शाह को भी डेट कर चुकी हैं, जो नसीरुद्दीन शाह के बेटे हैं। हाल ही में एक फैन ने जब ऋतिक-सबा की तस्वीरें क्लिक करने की कोशिश की थी तो उनके एक सिक्योरिटी गार्ड ने उसे धक्का दे दिया था।

‘बेशरम रंग’ के विरोध से खफा हुईं ऋतिक रोशन की गर्लफ्रेंड सबा ज़ाद

सबा आज़ाद मुंबई की एक संगीतकार और अभिनेत्री हैं, जिन्होंने 2008 में ‘दिल कबड्डी’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। हाल ही में उन्हें ‘रॉकेट बॉयज’ वेब सीरीज में भी देखा गया था। ये भी कहा जा रहा है कि जिस फ़्लैट में दोनों साथ में रहने वाले हैं, उसे 100 करोड़ रुपए में खरीदा गया है। ‘पठान’ फिल्म के विरोध के कारण मध्य प्रदेश के जबलपुर में शाहरुख़ खान की अगली मूवी ‘डंकी’ की शूटिंग रोक कर लोगों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। वहीं मुजफ्फरपुर में उनके खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई।

2025 का इंतजार जरूरी नहीं…तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री बनाओ: नीतीश कुमार को प्रशांत किशोर का सुझाव, पहले कहा था- ‘अफसोस मैंने उन्हें CM बनवाया’

बिहार में जहरीली शराब से लगातार होती मौतों के बीच प्रशांत किशोर ने नीतीश कुमार की जगह तेजस्वी यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का सुझाव दिया है। उन्होंने कहा है कि तेजस्वी को सीएम कुर्सी देने के लिए 3 साल का इंतजार करने की जरूरत नहीं है। नीतीश कुमार को खुद से तेजस्वी यादव को सीएम बनाना चाहिए और 3 साल काम करने का मौका देना चाहिए। इससे उनको जनता के लिए 3 साल काम करने का मौका भी मिलेगा और जनता भी उन्हें उसके आधार पर वोट दे पाएगी।

जानकारी के मुताबिक बिहार के जनसुराज पदयात्रा के दौरान प्रशांत किशोर ने शिवहर जिले में मीडिया से बात करते हुए अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि आखिर अभी जो बिहार में गठबंधन है उसमें सबसे बड़ी पार्टी राजद है। ऐसे में तेजस्वी यादव को सीएम बनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ये काम नीतीश कुमार खुद करें।

इससे पहले किशोर ने जहरीली शराब के कारण हुई मौतों पर सीएम नीतीश के दिए बयान पर नाराज होते हुए कहा था कि नीतीश का सर्वनाश तय है। उन्होंने कहा था, “मैंने नीतीश जैसे संवेदनहीन इंसान नहीं देखा। मुझे अफसोस है कि वर्ष 2014-15 में मैंने उनकी सीएम बनने में मदद की थी।” उन्होंने यह भी कहा था मुख्यमंत्री नीतीश कभी राजद के साथ सहज नहीं हो सकते। परिस्थिति ऐसी बन गई हैं कि उनको राजद के साथ रहना पड़ रहा है।

मेरठ के होटल में थूक लगाकर रोटी सेंक रहा था शोएब: पूरी हरकत Video में कैद, पुलिस ने केस दर्ज किया

मेरठ के एक मशहूर होटल से थूक लगाकर तंदूर में रोटी सेंकने का वीडियो सामने आया है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो मेरठ के मवाना इलाके के रॉयल होटल का बताया जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि शोएब नाम का युवक थूक लगाकर रोटी सेंक रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स पहले रोटी पर थूक रहा है और फिर इसे तंदूर में सेंक रहा है। वीडियो के वायरल होने के बाद लोगों में काफी नाराजगी है। जिस होटल का वीडियो सामने आया है वह इलाके का सबसे बड़ा नॉनवेज होटल बताया जा रहा है। होटल मुस्लिम समुदाय के व्यक्ति का जरूर है लेकिन इसमें हर मजहब के लोग खाना खाने आते हैं।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस की जाँच में पता चला है कि वीडियो में रोटी सेंक रहा लड़का शोएब है। फिलहाल शोएब पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। होटल के मालिक को भी शोएब की जानकारी मिलते ही पुलिस को सूचित करने की हिदायत दी गई है।

आपको बता दें मेरठ में इस तरह के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। इससे पहले 10 मई, 2022 को एक शादी समारोह से नान रोटी बनाते हुए थूक लगाने का वीडियो वायरल हुआ था। रोटी बनाते हुए फिरोज नाम का शख्स उस पर थूक रहा था। वीडियो के आधार पर घरवालों ने पुलिस को सूचना दी और आरोपित फिरोज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

इसके पहले भी मेरठ के ही कंकरखेड़ा क्षेत्र में तंदूर पर थूक लगाकर रोटी बनाने का वीडियो वायरल हुआ था। सगाई समारोह के दौरान थूक लगाकर रोटी बनाते हुए नौशाद नाम के शख्स का वीडियो एक बच्चे ने बना लिया था। बच्चे के परिजनों ने वीडियो देखने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने नौशाद और उसके मालिक को गिरफ्तार कर लिया था।