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FIFA वर्ल्ड कप जीता अर्जेंटीना ने, लेकिन ट्रॉफी जाएगी स्विट्जरलैंड! जिस ट्रॉफी को चूम रहे थे, उसे अपने देश नहीं ले जा पाएगी मेसी की टीम

रविवार (18 दिसंबर, 2022) को फीफा विश्व कप (FIFA World Cup) के फाइनल में अर्जेंटीना ने फ्रांस को हराकर विश्व विजेता का खिताब अपने नाम किया। आपने विश्व कप जीतने के बाद लियोनेल मेसी (Lionel Messi) को फीफा ट्रॉफी उठाते हुए देखा होगा। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि मेसी यह ट्रॉफी अपने घर नहीं ले जा सकते।

फीफा ट्रॉफी के इतिहास को देखें तो, विजेता को साल 1930 से 1970 तक ऑफिशियल ट्रॉफी दी जाती थी। फीफा के तीसरे अध्यक्ष रहे जूल्स रिमेट के नाम पर इस ट्रॉफी को जूल्स रिमेट ट्रॉफी भी कहा जाता था। रिमेट ने ही साल 1928 में फुटबॉल विश्व कप की योजना बनाई थी। आज हम जो ट्रॉफी देख रहे हैं, वह 48 साल पुरानी है। दरअसल, यह ट्रॉफी साल 1974 से ट्रेंड में आई।

दरअसल, फीफा विश्वकप विजेता को ऑफिशियल या ओरिजिनल ट्रॉफी की जगह एक ऐसी ट्रॉफी दी जाती है जो ऑफिशियल ट्रॉफी की तरह ही दिखती है। यह एक डमी ट्रॉफी होती है जो ब्रॉन्ज की होती है और उस पर सोने की परत की जाती है। इस ट्रॉफी को 18 कैरेट सोने से तैयार किया जाता है, जिसका वजन 6 किलो से ज्यादा होता है। इस ट्रॉफी को विश्व कप ट्रॉफी की जगह विश्व कप विजेता ट्रॉफी कहा जाता है।

क्यों नहीं दी जाती असली ट्रॉफी

दरअसल, साल 1974 से पहले तक फीफा का नियम यह था कि जिस देश ने तीन बार विश्व कप जीता हो वह ओरिजिनल ट्रॉफी रख सकता था। यहाँ तक कि साल 1970 में तीसरी बार फीफा विश्व कप जीतने वाली ब्राजील को भी ऑरिजिनल जूल्स रिमेट ट्रॉफी दी गई थी। हालाँकि, अब जूल्स रिमेट ट्रॉफी की जगह रेप्लिका या डमी ट्रॉफी देने के पीछे की वजह यह है कि इंग्लैंड में हुए साल 1966 के विश्व कप में फीफा ट्रॉफी चोरी हो गई थी। हालाँकि, फिर इस ट्रॉफी को एक कुत्ते ने लंदन में ही ढूँढ़ निकाला था।

इसके बाद साल 1974 के फीफा विश्व कप से असली ट्रॉफी की जगह डमी ट्रॉफी देने का नियम शुरू किया गया था। हालाँकि, फीफा विश्व कप विजेता को जीत के बाद जश्न मनाने के लिए यह ट्रॉफी दी जाती है। लेकिन, इसके बाद यह ट्रॉफी स्विटरजरलैंड के ज्यूरिख में स्थित फीफा हेडक्वार्टर में रख दी जाती है।

1983 में भी चोरी हुई थी ट्रॉफी

ब्राजील ने साल 1974 में फीफा जीता था। यह ट्रॉफी ब्राजीली फुटबॉल फेडरेशन के अध्यक्ष ने रियो डी जेनेरो में एक बुलेटप्रूफ काँच की अलमारी में रखी थी। लेकिन, 19 दिसंबर, 1983 को चोरों ने हथौड़े से उस अलमारी का पिछला हिस्सा तोड़ कर ट्रॉफी निकाल ली। इस मामले में 4 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उन पर, मुकदमा भी चला, लेकिन ट्रॉफी नहीं मिली। ऐसा कहा जाता है कि चोरों ने इस ट्रॉफी को पिघला कर इसका सोना बेंच दिया था।

पंचायत ने नहीं दी इजाजत, फिर भी गुजरात के उस गाँव में बना रहे चर्च जहाँ कोई ईसाई नहीं: ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत

गुजरात के वलसाड जिले के कपराडा तालुका के उस गाँव में भी चर्च का निर्माण किया जा रहा, जहाँ सरकारी दस्तावेजों में कोई ईसाई नहीं है। ऐसा पंचायत के फैसले को दरकिनार कर किया जा रहा है। सरपंच सहित स्थानीय लोगों ने कलेक्टर कार्यालय से इसकी​ शिकायत की है। उन पर सख्त कार्रवाई की माँग की है जो अवैध तरीके से चर्च निर्माण कर रहे हैं।

स्थानीय लोगों की मानें तो कपराडा तालुका के शाहुदा गाँव में कोई भी व्यक्ति ईसाई नहीं है। गाँव के कार्यालय में भी किसी का पंजीकरण ईसाई के तौर पर नहीं है। बावजूद इसके ग्राम पंचायत की अवहेलना कर चर्च का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर ऑफिस को जो शिकायती पत्र भेजा है, उसकी प्रति ऑपइंडिया के पास भी है।

शिकायत के अनुसार, इसके पीछे वन विभाग में कार्यरत चंदरभाई चौधरी है। वह ईसाई होने का दावा करता है। हालॉंकि सरकारी दस्तावेजों में उसने इसका पंजीकरण नहीं करवा रखा है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की अनुमति नहीं होने के बावजूद चंदरभाई चर्च का निर्माण करवा रहा है। अन्य ग्रामीण इसका विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की तो अप्रिय घटना भी घट सकती है। इसी स्थिति का जिम्मेदार प्रशासन होगा।

स्थानीय निवासियों का दावा है कि क्षेत्र के कम पढ़े-लिखे लोगों को लालच देकर धर्मांतरण की कोशिश की जाती है। गरीबों को ईसाई धर्म अपनाने के लिए लालच दिए जा रहे हैं। उन्हें हिंदू देवी-देवताओं के बारे में गलत और अपमानजनक बातें बता कर पथ भ्रष्ट करने की कोशिश हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इन्हीं प्रलोभनों के दम पर चर्च गाँवों में फैल रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ज्यादातर चर्च का निर्माण अवैध रूप से सरकारी और वन विभाग की जमीनों पर किया गया है।

स्थानीय निवासियों ने इस तरह के चर्च के निर्माण के लिए की जाने वाली फंडिंग को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। स्थानीय सूत्रों के अनुसार शाहुदा गाँव में इसी साल जुलाई में सामूहिक धर्मांतरण किया गया था। 20 परिवारों के 90 लोगों ने ईसाई धर्म अपना लिया। पता चला है कि इस धर्मांतरण के लिए प्रशासन की अनुमति नहीं ली गई थी। इस घटना के बाद ग्राम पंचायत की ओर से कपराडा के पीएसआई को लिखित शिकायत भी की गई थी। ग्रामीणों का आरोप है कि अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

इससे पहले भी तापी जिले के सोनगढ़ गाँव में एक प्राचीन हिंदू मंदिर की जगह चर्च बनाए जाने की खबर सामने आई थी। नवरात्रि के मौके पर जब हिंदू पूजा करने के लिए प्राचीन मंदिर पहुँचे, तो उस समय ईसाइयों की भीड़ भी वहाँ पहुँच गई और हंगामा कर दिया। यही नहीं, उन्होंने हिंदुओं को पहाड़ी पर भी जाने से रोका। जानकारी के मुताबिक प्राचीन हिंदू मंदिर को ध्वस्त कर उस स्थान पर स्थानीय ईसाइयों ने चर्च (Church) बना दिया था। उस चर्च का नाम उन्होंने मरियम माता का मंदिर (Mariam Mata’s Temple) रखा था। मौके पर पुलिस के पहुँचने के बाद हिंदू माता की पूजा कर पाए थे।

नूपुर शर्मा का समर्थन करने पर हुई थी उमेश कोल्हे की हत्या, अब गवाह को मिल रही धमकी: ‘दोस्त’ आदिल पर भी शक, माफ़ी वाला वीडियो बनवाया

महाराष्ट्र के अमरावती में उमेश कोल्हे हत्याकांड (Umesh Kolhe Murder) के एक गवाह ने बड़ा खुलासा किया है। उसने मंगलवार (19 दिसंबर, 2022) को दावा किया कि सोशल मीडिया पर भाजपा की पूर्व निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) का समर्थन करने के बाद से उसे इस्लामवादियों द्वारा जान से मारने की धमकियाँ मिल रही हैं। इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकान चलाने वाले गवाह ने बताया कि उसने नूपुर शर्मा के समर्थन में एक व्हाट्सएप ग्रुप में मैसेज किया था। लेकिन, जल्द ही उसने उस मैसेज को यह सोचकर डिलीट कर दिया की कहीं इससे कोई बड़ा विवाद ना हो जाए। हालाँकि, उसके मैसेज डिलीट करने से पहले ही छह लोग उसे पढ़ चुके थे।

बताया जा रहा है कि इसके बाद से गवाह को लगातार अज्ञात नंबरों से जान से मारने की धमकी भरे कॉल आने लगे। धमकी देने वाले लोगों ने उसे बाद में माफी माँगने वाला वीडियो बनाने के लिए भी कहा। उमेश कोल्हे की हत्या के बाद से गवाह काफी डरा हुआ है। उसने लगातार मिल रही धमकियों के संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

गवाह ने अपने बयान में कहा कि उसे आदिल नाम के एक परिचित का भी फोन आया था, जिसने उससे पोस्ट के बारे में पूछताछ की थी। इस पर गवाह ने आदिल से कहा कि उसने यह पोस्ट तुरंत हटा दी थी। इसे शेयर करने के पीछे उसका कोई गलत इरादा नहीं था। कुछ समय बाद उसके एक अन्य दोस्त ने उसकी तस्वीर और दुकान की डिटेल के साथ एक स्क्रीनशॉट भेजा, जिसमें ‘बॉयकॉट’ लिखा हुआ था। उसने पूछा कि लोग तुम्हारा और तुम्हारी दुकान का बहिष्कार करने की माँग क्यों कर रहे हैं?

गवाह ने संकेत दिया कि उसे अज्ञात व्यक्तियों के फोन आए और उन्होंने उससे 30 सेकंड का माफी माँगने वाला वीडियो बनाने के लिए कहा। उन्होंने उसे धमकी दी कि अगर उसने ऐसा नहीं किया, तो वे उसके घर पर आ जाएँगे। बाद में उन्हें पता चला कि अमरावती के एक अन्य व्यवसायी को भी नूपुर शर्मा के समर्थन में उनके फेसबुक पोस्ट के लिए मुस्लिम समुदाय द्वारा धमकाया गया था।

कई रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है कि अमरावती के तीन और निवासियों श्रीगोपाल चंदूलाल राठी, विशाल राजेश बहाड़ और जय कुमार अछड़ा को भी कोल्हे की हत्या से पहले नूपुर शर्मा का समर्थन करने के लिए कट्टरपंथी इस्लामवादियों ने धमकी दी थी।

गौरतलब है कि राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार (20 दिसंबर 2022) को खुलासा किया कि अमरावती के फार्मासिस्ट उमेश कोल्हे की हत्या करने वाले 11 आरोपित इस्लामी कट्टरपंथी हैं। उनका तबलीगी जमात से कनेक्शन है। अधिकारियों ने मुख्य आरोपितों में से एक इरफान खान को जमात का कट्टर समर्थक बताया गया है। 16 दिसंबर, 2022 को NIA ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। NIA की चार्जशीट में बताया गया है कि कट्टरपंथियों का मकसद हत्या कर आतंक पैदा करना था। नूपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने की वजह से कोल्हे उनके टारगेट पर थे।

‘AAP को दिए ₹60 करोड़’: पेशी पर कोर्ट आए सुकेश चंद्रशेखर का दावा, जेल से लिखी चिट्ठी में भी केजरीवाल के मंत्री को पैसे देने की कही थी बात

महाठग सुकेश चंद्रशेखर ने आम आदमी पार्टी को 60 करोड़ रुपए देने की बात कही है। उसने यह दावा 20 दिसंबर 2022 को किया। पटियाला हाउस कोर्ट में पेशी के बाद जब उसे ले जाया जा रहा था तो उसने पत्रकारों के सवाल के जवाब में इस रकम का उल्लेख किया। उसके जवाब का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है।

इससे पहले उसने जेल से चिट्ठी लिखकर भी आप को पैसे देने की बात कही थी। उसने मनी लॉन्ड्रिंग केस में जेल में बंद दिल्ली के मंत्री सत्येंद्र जैन को 10 करोड़ रुपए ‘प्रोटेक्शन मनी’ के तौर पर देने के आरोप लगाए थे। दिल्ली के उपराज्यपाल को भेजी चिट्ठी में कहा था कि जैन उससे मिलने तिहाड़ जेल में भी आते थे। इसके अलावा AAP को 50 करोड़ रुपए का भुगतान करने की बात कही थी, क्योंकि कथित तौर पर जैन ने उसे दक्षिण भारत में पार्टी का बड़ा नेता बनाने का वादा किया था।

राउज एवेन्यू कोर्ट में सीबीआई जज के सामने पेश होने के बाद न्यूज 18 से बात करते हुए सुकेश ने कहा है, “मैंने आम आदमी पार्टी को 60 करोड़ रुपए दिए थे। सब कुछ लिखित रूप में दे दिया हूँ।” उसके वकील अनंत मलिक ने मीडिया से बात करते हुए कहा है, “सुकेश ने आम आदमी पार्टी को 60 करोड़ रुपए देने की शिकायत दिल्ली के उपराज्यपाल से की थी। उपराज्यपाल द्वारा बनाई गई हाई पावर कमेटी ने जेल में जाकर उसके बयान लिए हैं। कमेटी का भी मानना है कि आरोप काफी गंभीर हैं इसकी जाँच होनी चाहिए।”

इसके अलावा, सुकेश ने अदालत में कहा है कि वह अरविंद केजरीवाल के खिलाफ गवाह है, इसलिए उसे परेशान किया जा रहा है। सुकेश ने कहा है, “मुझे जेल अधिकारियों द्वारा परेशान किया जा रहा है। मैं दिल्ली के मुख्यमंत्री के खिलाफ गवाह हूँ। अब वे मुझ पर दबाव बना रहे हैं। मुझे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता है। मुझे और अधिक प्रताड़ित नहीं किया जाना चाहिए।”

गौरतलब है कि सुकेश दिल्ली की मंडोली जेल में बंद है। आप को पैसा देने का दावा करने के बाद उपराज्यपाल को लिखी एक चिट्ठी में उसने जेल में अपनी जान को खतरा बताया था। यह भी कहा था कि उसकी पत्नी का उत्पीड़न हो रहा है। उसने जेल के भीतर पिटाई और शिकायत वापस लेने के लिए आप नेताओं की ओर से धमकी मिलने का आरोप लगाया था।

एक चिट्ठी में उसने आप को पैसे दिए जाने की CBI जाँच और FIR दर्ज करने की माँग की थी। पैसे के लेन देन में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की संलिप्तता को उजागर करते हुए दावा किया था कि 50 करोड़ रुपए मिलने के बाद वे उसके साथ डिनर करने दिल्ली के हयात होटल आए थे।

मंगलवार (20 दिसंबर 2022) को दो अलग-अलग मामलों में दिल्ली के राउज एवेन्यू और पटियाला हाउस कोर्ट में सुकेश चन्द्रशेखर को पेश किया गया था। राउज एवेन्यू कोर्ट में वह AIADMK के दो पत्ती चुनाव चिन्ह मामले में चुनाव आयोग को 50 करोड़ रुपए की घूस देने के मामले में पेश हुआ। वहीं, पटियाला हाउस कोर्ट में 200 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में पेश हुआ।

ऑटो ड्राइवर इरफान ने प्रेमजाल में फँसाया, प्राइवेट वीडियो सोशल साइट पर डाला: 11वीं की छात्रा ने की सुसाइड, गाजियाबाद का मामला

दिल्ली से सटे गाजियाबाद के खोड़ा कॉलोनी में एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली है। 11वीं में पढ़ने वाली इस छात्रा का प्राइवेट वीडियो इरफान ने सोशल मीडिया पर डाल दिया था। इरफान से उसकी दोस्ती थी। इससे आहत छात्रा ने जान सोमवार (19 दिसंबर 2022) की रात जान दे दी।

पीड़ित परिवार की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। आरोपित फरार है। इस घटना को लेकर हिंदू संगठनों ने रोष जताया है। रिपोर्ट के अनुसार वीडियो सोशल मीडिया पर डाले जाने के बाद से छात्रा का पूरा परिवार सदमे में था। बताया जाता है कि इरफान ने छात्रों को प्रेमजाल में फँसाकर उसके साथ अश्लील कृत्य करते हुए वीडियो बनाया था।

दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार छात्रा ने अपने पिता को बताया था कि इरफान उसे परेशान करता है। इसके बाद 17 दिसंबर की शाम वह अपने पिता के साथ खोड़ा थाने भी गई थी। छात्रा के पिता ने आरोप लगाया था कि इरफान उनकी बेटी को स्कूल से आते-जाते परेशान करता है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने उनकी शिकायत को गंभीरता से नहीं लिया।

वहीं हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने आरोपित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की है। इरफान और उसके साथी ऑटो चलाने का काम करते हैं। ये लोग मोहल्ले की अन्य लड़कियों का भी पीछा कर और उन्हें परेशान करते रहे हैं। गाजियाबाद के एसपी स्वतंत्र कुमार सिंह ने बताया है, “आरोपित की तलाश में पुलिस की 6 टीमों का गठन किया है। जल्द ही आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। छात्रा के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।”

अस्पताल में बेड नहीं, कब्रिस्तान में वेटिंग: 90 दिन में चीन की 60% आबादी के कोरोना+ होने की आशंका, बीजिंग में भी अंतिम संस्कार के लिए लगी लाइन

चीन में जीरो कोविड पॉलिसी में ढील दिए जाने के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि चीन में कोरोना बहुत ही तेजी के साथ फैल रहा है। इतना ही नहीं भारी संख्या में लोगों की मौत भी हो रही है। राजधानी बीजिंग और शंघाई जैसे प्रमुख शहरों के अस्पताल कोरोना के मरीजों से भर चुके हैं। अनुमान लगाया जा रहा है कि बीजिंग की 70 प्रतिशत आबादी कोरोना वायरस से इन्फेक्टेड है।

एपिडेमोलॉजिस्ट (महामारी विशेषज्ञ) एरिक फीगल डिंग ने दावा किया है कि अगले 90 दिनों में चीन के 60 प्रतिशत लोग और पृथ्वी की 10 प्रतिशत आबादी कोरोना संक्रमित हो सकती है। उन्होंने लाखों लोगों के मौत का पूर्वानुमान भी लगाया है। एरिक ने ट्विटर पर चीन के अस्पताल का वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में अस्पताल के वार्ड में भर्ती मरीजों और गलियारों में पड़े लाश दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने लिखा यह तो बस शुरुआत है।

आपको बता दें कि साल 2021 में कोरोना विस्फोट को लेकर उनका दावा सही साबित हुआ था। उन्होंने दावा किया है कि चीन में तेजी से बढ़ने कोरोना के मामलों की वजह से सभी लोगों का पीसीआर टेस्ट करना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में चीन और दुनिया पर एक बार फिर से कोरोना संक्रमण का खतरा मंडरा रहा है। शुरुआत से ही चीन अपने यहाँ कोरोना से हुई मौतों को छिपाता रहा है। चीन की सरकार ने सोमवार को बीजिंग में कोरोना से 2 लोगों की मौत की बात स्वीकार की है।

हालाँकि, दावा किया जा रहा है कि बीजिंग में मरने वालों की तादाद अचानक बढ़ने लगी है और लगातार अंतिम संस्कार किया जा रहा है। एरिक फीगल डिंग का दावा है कि बीजिंग के मुर्दाघर भरे हुए हैं और 2 हजार शव अंतिम संस्कार की प्रतीक्षा में हैं।

एरिक फीगल डिंग ने कहा कि, चीनी कम्युनिस्ट पार्टी ने बढ़ते मरीजों की वजह से यहाँ तक कह दिया है कि, “जिसे भी संक्रमित होना है, संक्रमित होने दें, जिसे मरना है, उसे मरने दें। ज्यादा संक्रमण का मतलब है ज्यादा मौत, फिर जल्दी पीक आएगा और फिर जल्दी ही उत्पादन शुरू होगा।”

एरिक ने एक अन्य ट्वीट में दावा किया कि चीन के शहरों में बुखार और दर्द की दवा खत्म हो रही है। उन्होंने दावा किया कि झू हाई शहर में लोग बुखार की दवा खरीदने के लिए फैक्ट्री तक पहुँच गए।

दरअसल, चीन की ‘ज़ीरो कोविड पॉलिसी’ का स्थानीय लोग जोर-शोर से विरोध कर रहे थे। इसके बाद चीन ने जीरो कोविड पॉलिसी में ढील देने का निर्णय लिया। साथ ही चीन ने लोगों से जहाँ तक संभव हो घर में रहने की अपील की थी। एपिडेमोलॉजिस्ट एरिक ने चीन में अचानक कोरोना के बढ़ते मामलों की प्रमुख वजहों में चीन में एंटी कोरोना वैक्सीन को ठहराया है। उनका कहना है कि कोरोना को रोकने में चीनी वैक्सीन नाकाम रही है। जिससे कोरोना के साथ उसके नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को बढ़ने में मदद मिल रही है। बता दें कि चीन में ओमीक्रोन के सब वेरिएंट BF.7 और BA.5 ने कहर बरपाया हुआ है।

हरियाणा में अब नहीं हो सकेगा शादी के लिए धर्मांतरण, 10 साल तक की सज़ा और ₹5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान: राज्यपाल ने नए कानून को दी मंजूरी

देश में जबरन धर्मांतरण की बढ़ती घटनाओं के बीच हरियाणा (Haryana) में शादी के लिए धर्म-परिवर्तन पर रोक लग गई है। मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को राज्यपाल ने इससे जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी। यानी, अब हरियाणा में शादी के लिए कोई भी धर्म-परिवर्तन नहीं कर सकता। कानून का उल्लंघन करने पर 10 साल तक की सज़ा होगी।

दरअसल, बीते 4 सालों में हरियाणा में जबरन धर्मांतरण (Forced Conversion) के 127 मामले सामने आए थे। धर्म-परिवर्तन की इन घटनाओं को देखते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Manohar Lal Khattar) की अगुवाई वाली राज्य की भाजपा सरकार ने इसी साल मार्च में ‘हरियाणा विधि विरूद्ध धर्म परिवर्तन निवारण अधिनियम, 2022’ विधानसभा में पारित किया था। राज्यपाल की मंजूरी के बाद अब यह कानून बन गया है। सरकार ने इसके लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है।

इस कानून के अनुसार, यदि कोई भी स्त्री या पुरुष शादी के लिए धर्म परिवर्तन करता है तो उसे 3-10 साल तक की सज़ा और 5 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यही नहीं, इस कानून के लागू होने के बाद अब जबरन धर्मांतरण का शिकार होने पर पीड़ित कोर्ट की शरण भी ले सकेंगे। साथ ही, कोर्ट पीड़ित और आरोपित की देखते हुए भरण-पोषण और कार्रवाई का खर्चा देने का आदेश जारी करेगा।

इसके अलावा इस कानून में यह प्रावधान भी किया गया है कि जबरन धर्मांतरण होने के बाद यदि बच्चा हो गया है और महिला या पुरुष शादी से संतुष्ट नहीं हैं तब भी वह कोर्ट की शरण ले सकते हैं। कोर्ट दोनों पक्षों की सुनवाई के बाद आदेश देगा कि बच्चे के बेहतर भविष्य के लिए भी भरण पोषण राशि दोनों को ही देनी होगी। साथ ही, कानून की धारा 6 के अंतर्गत विवाह को अमान्य घोषित करने का भी प्रावधान है।

सीधे शब्दों में समझें तो राज्य के मौजूदा कानून के अनुसार, जबरन धर्मांतरण में 1 से 5 साल तक की सजा व न्यूनतम 1 लाख रुपए का जुर्माना। शादी के लिए धर्म छिपाने या जबरन धर्मांतरण करने पर 3-10 साल तक की सजा व न्यूनतम 3 लाख व अधिकतम 5 जुर्माना। वहीं, सामूहिक धर्मांतरण में 10 साल तक की होगी सजा होगी।

स्वेच्छा से धर्म परिवर्तन की भी देनी होगी जानकारी

हरियाणा सरकार के नए कानून के अनुसार यदि राज्य में कोई अपनी इच्छा से धर्मांतरण करना चाहता है तो उसे जिले के DC को इसकी जानकारी देनी होगी। DC कार्यालय के नोटिस बोर्ड पर उस व्यक्ति के धर्म-परिवर्तन की जानकारी चस्पा की जाएगी। धर्म-परिवर्तन के बाद यदि कोई खुश नहीं है तो 30 दिनों के अंदर उसे लिखित शिकायत दर्ज करानी होगी। इसके बाद, DC जाँच करेंगे। धर्मांतरण नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर सज़ा होगी।

आपत्ति होने पर 30 दिनों के भीतर लिखित में शिकायत की जा सकती है। DC जाँच कर तय करेंगे कि धर्म-परिवर्तन में नियमों का उल्लंघन किया गया है या नहीं। उल्लंघन होने पर धर्मांतरण की स्वीकृति रद्द कर दी जाएगी। हालाँकि, DC के आदेश के विरुद्ध भी मण्डलायुक्त कार्यालय में शिकायत की जा सकती है।

संसद सत्र छोड़ा, पर क्रिसमस-नए साल पर नहीं जुड़ेगा भारत: 9 दिन का ब्रेक, लोग बोले- विदेश जा रहे राहुल गाँधी

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ 9 दिनों के लिए रोकी जा रही है। कॉन्ग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ट्वीट कर जानकारी दी कि 24 दिसंबर, 2022 से लेकर 2 जनवरी, 2023 तक भारत जोड़ो यात्रा रोकी जा रही है। हालाँकि, उन्होंने अपने ट्वीट में क्रिसमस और नए साल का जिक्र नहीं किया, जो कि इन्हीं 9 दिनों के भीतर मनाए जाएँगे।

कॉन्ग्रेस नेता जयराम रमेश ने अपने ट्वीट में लिखा, “भारत जोड़ो यात्रा 24 दिसंबर की शाम को दिल्ली पहुँचेगी। उसके बाद नौ दिनों का ब्रेक होगा, ताकि कंटेनरों को मरम्मत करके उत्तर (उत्तरी भारत) में पड़ने वाले कठोर सर्दी के लिए तैयार किया जा सके। साथ ही इस ब्रेक में कई भारत यात्री लगभग चार महीने के बाद अपने परिवार से मिल पाएँगे और उनके साथ समय बिता पाएँगे। यात्रा 3 जनवरी, 2023 को फिर से शुरू होगी।”

दिल्ली में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता यात्रा की स्वागत के लिए तैयारियाँ भी करने लगे हैं, जहाँ भव्य स्वागत के बाद यात्रा रोक दी जाएगी। 9 दिनों के विराम के बाद यात्रा दिल्ली से ही शुरू होगी। इन सब के बीच यह स्पष्ट नहीं है कि कि राहुल गाँधी अपनी छुट्टियाँ कहाँ बिताने वाले हैं।

‘भारत जोड़ो यात्रा’ रोके जाने की खबर फैलने के साथ ही नेटिजन्स इस बात का अंदाजा लगाने लगे कि छुट्टियों के दौरान राहुल गाँधी कहाँ रहेंगे। ट्विटर यूजर ऋषि बागरी ने कमेंट किया, ” 24 दिसंबर से 2 जनवरी तक भारत जोड़ो यात्रा बंद रहेगा क्योंकि भारत जोड़ने वाले मिस्त्री अपने परिवार के साथ रहने के लिए बाहर जा रहे हैं। इस रुकावटके लिए खेद है।”

‘लुटियंस वॉच’ नाम के यूजर ने लिखा कि राहुल गाँधी ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए संसद के शीतकालीन सत्र को छोड़ दिया और अब उन्होंने क्रिसमस की छुट्टियों के लिए यात्रा को छोड़ दिया।

तरुणभ नाम के यूजर ने लिखा कि यात्रा रोके जाने का कारण आप भले ही कुछ और दिखा रहे हैं लेकिन यह संदेश जा चुका है कि ‘यात्रा का नायक’ अपने लिए छुट्टी चाहता है।

ट्विटर यूजर जयन ने राहुल गाँधी का एक पुराना ट्वीट शेयर किया, जिसमें उन्होंने दिसंबर 2016 में नए साल को लेकर अपनी यात्रा के बारे में जानकारी दी थी।

सुधीर सिंह नाम के ट्विटर यूजर ने लिखा, “दरअसल संदेश यह है कि राहुल गाँधी अपने परिवार के साथ क्रिसमस और नया साल मनाने के लिए बाहर जा रहे हैं इसलिए यात्रा कुछ दिनों के लिए रोकी जा रही है। उनके वापस आने के बाद यह फिर से शुरू हो जाएगा।”

आपको बता दें कि राहुल गाँधी ने भारत जोड़ो यात्रा के लिए संसद का शीतकालीन सत्र छोड़ दिया था। इसकी जानकारी 4 दिसंबर, 2022 को कान्ग्रेस नेता औरर सांसद केसी वेणुगोपाल ने दी थी। उन्होंने मीडिया से कहा था कि भारत जोड़ो यात्रा के बीच राहुल गाँधी का सत्र में शामिल हो पाना मुमकिन नहीं होगा।

छुट्टियों को लेकर राहुल गाँधी के पिछले रिकॉर्ड पर नज़र डालें तो कई बार उनके विदेश में छुट्टियाँ मनाने की बातें सामने आई हैं। अहम मौकों और पार्टी कार्यक्रमों के बीच भी उनके विदेश जाने की सूचना प्राप्त होती रही हैं। जनवरी 2021 में ख़बरें सामने आई थीं कि राहुल गाँधी नए साल के जश्न में शामिल होने के लिए विदेश में थे। यह तो साफ नहीं है कि वे कहाँ गए थे लेकिन माना जा रहा था कि वे इटली के मिलान में थे।

साल 2016 में तो उन्होंने खुद अपने यात्रा के बारे में जानकारी दी थी। जुलाई, 2022 में गोवा संकट के बीच भी वे पार्टी के नेताओं के साथ न होकर विदेश यात्रा पर थे। मई, 2022 में उन्हें नेपाल के एक नाइट क्लब में देखा गया था। अप्रैल, 2022 में भी राहुल गाँधी दस दिनों के लिए अचनाक गायब हो गए थे। साल 2021 में दीपावाली की छुट्टियों से पहले उनके लंदन में होने की खबरें आई थीं। सितंबर 2021 में पंजाब में सियासी ड्रामे के बीच राहुल अपने परिवार के साथ शिमला में छुट्टियाँ बिता रहे थे।

नवंबर, 2019 में कॉन्ग्रेस को भारत भर में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का सुझाव देने के बाद वे अचानक गायब हो गए थे। मई, 2019 में भी आम चुनाव संपन्न होने के बाद वोटों की गिनती से पहले राहुल गायब हो गए थे।

सरकारी पैसे से राजनीतिक प्रचार: दिल्ली के LG ने AAP से ₹97 करोड़ वसूलने का दिया आदेश, भुगतान के लिए 15 दिन का समय

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने आम आदमी पार्टी (AAP) से 97 करोड़ रुपए वसूलने के आदेश दिए हैं। मुख्य सचिव को दिए गए आदेश में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की पार्टी को भुगतान के लिए 15 दिन का समय दिया गया है। सरकारी पैसे से राजनीतिक प्रचार करने के मामले में यह आदेश दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने अपने आदेश में कहा है कि राजनीतिक विज्ञापनों को सरकारी विज्ञापनों के तौर पर प्रकाशित करने के लिए आम आदमी पार्टी से 97 करोड़ रुपए की रिकवरी की जाए। यह भी कहा है कि ऐसा करके केजरीवाल सरकार ने सुप्रीम कोर्ट और दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों का भी उल्लंघन किया है।

वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव को निर्देश दिया है कि वह सितंबर, 2016 के बाद के सभी विज्ञापनों को कमेटी ऑन कंटेंट रेग्युलेशन इन गर्वनमेंट एडवरटाइजिंग (CCRGA) के पास जाँच के लिए भेजें। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि सभी विज्ञापन सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप हैं या नहीं। 

आदेश में कहा गया है कि सूचना और प्रचार निदेशालय ने जाँच कर बताया था कि 97,14,69,137 रुपए अनुचित विज्ञापनों में खर्च किए गए थे। हालाँकि, इसमें से 42.26 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सूचना और प्रसारण निदेशालय द्वारा पहले ही ली जा चुकी है। लेकिन, 54.87 करोड़ रुपए अब भी बाकी है।

सूचना और प्रचार निदेशालय ने 2017 में आम आदमी पार्टी को 42.26 करोड़ रुपए सरकारी खजाने को तुरंत जमा करने और 54.87 करोड़ रुपए की बकाया राशि विज्ञापन एजेंसियों या संबंधित प्रकाशनों को 30 दिनों के भीतर सीधे भुगतान करने का निर्देश दिया था। लेकिन, पाँच साल और आठ महीने बीत जाने के बाद भी AAP ने आदेशों का पालन नहीं किया।

दरअसल, सुप्रीम कोर्ट की अनिवार्य के दिशा निर्देशों के बाद CCRGA का गठन हुआ था। उसने आम आदमी पार्टी को 97 करोड़ 14 लाख रुपए ब्याज के साथ सरकारी खजाने में जमा करने का आदेश दिया था। कमिटी ने अपने आदेश में कहा कि राजनीतिक विज्ञापनों को सरकारी विज्ञापन के तौर पर प्रकाशित किया गया, जिससे एक राजनीतिक दल को लाभ मिला। यह सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेशों की अवमानना है।

एक चट्टान, सौ शैतान, इस कलियुग में आ रहा है भोला… माथे पर भस्म लगाए अजय देवगन का लुक, टीजर में पढ़ते दिखे थे भगवद्गीता

बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन (Ajay Devgn) के सितारे इन दिनों बुलंदी पर हैं। ‘दृश्यम 2’ की सफलता के बाद वह अपनी फिल्म ‘भोला’ (Bhola) को लेकर खासे चर्चा में हैं। मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) को अजय देवगन की फिल्म का मोशन पोस्टर जारी किया गया। इस पोस्टर में अजय देवगन दमदार लुक में नजर आ रहे हैं। फर्स्ट पोस्टर लुक में माथे पर भस्म और आँखों में एग्रेशन उनके फैंस को बेहद पसंद आ रहा है। इसके साथ ही इसका बैकग्राउंड म्यूजिक भी जबरदस्त है।

‘तानाजी: द अनसंग वॉरियर’ फिल्म के लिए बेस्ट एक्टर का नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले अभिनेता ने अपने इंस्टाग्राम और ट्विटर पर इस मोशन पोस्टर को शेयर किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “एक चट्टान, सौ शैतान। इस कलयुग में 30 मार्च, 2023 को आ रहा है भोला।”

फिल्म के मोशन पोस्टर पर सबसे पहले स्क्रीन पर ‘एक चट्टान, सौ शैतान’ लिखा हुआ दिखाई देता है। इसके बाद बैकग्राउंड से आवाज आती है- बड़ा बवाल काटे हो, अरे का नाम है तुम्हारा मरदवा? पहले कभी दिखे नहीं। इसके बाद अजय देवगन की आवाज आती है – “दिखे होते हो तू नहीं दिखता।” इसके बाद अजय देवगन का दमदार लुक नजर आता है।

सोशल मीडिया पर यूजर्स उनके लुक के कायल हो गए हैं। वे अभी से ‘भोला’ को सुपरहिट बता रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “बाकी सब एक तरफ, अजय देवगन एक तरफ।”

(फोटो साभार: अजय देवगन का इंस्टाग्राम)

एक और यूजर लिखता है- ट्रेलर दे दो भाई जल्दी से। सतीश पवार नाम के यूजर ने लिखा, “तीन बार नेशनल अवॉर्ड जीतने वाले सुपरस्टार अजय देवगन का एक्स्ट्राऑर्डिनरी लुक। भोला सुपरहिट।”

(फोटो साभार: अजय देवगन का इंस्टाग्राम)

विजय प्रकाश कुवाल ने लिखा कि वह 30 मार्च को भोला का फर्स्ट डे फर्स्ट शो देखेंगे।

यह फिल्म सिनेमाघरों में 30 मार्च, 2023 को रिलीज होगी। दर्शक अजय का धाँसू लुक देखने के बाद इस फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। यह फिल्म 3डी में रिलीज होगी। ‘भोला’ में अजय देवगन को एक निडर पिता के रूप में दिखाया गया है, जो अपनी बेटी से मिलने के लिए उसके रास्ते में आने वाले किसी भी व्यक्ति से लड़ सकता है। इसमें अजय देवगन के साथ एक्ट्रेस तब्बू भी अहम किरदार में हैं।

‘भोला’ साउथ इंडियन फिल्म ‘कैदी’ का हिंदी रीमेक है। यह फिल्म 25 अक्टूबर 2019 को रिलीज हुई थी। फिल्म में अभिनेता कार्ति ने लीड रोल निभाया है। ये फिल्म सुपरहिट रही थी। फिल्म का मुख्य किरदार एक जेल का कैदी होता है। निर्देशक मणिरत्नम की फिल्म ‘पोन्नियिन सेलवन: 1’ में भी कार्ति के किरदार को काफी पसंद किया गया था।

बता दें कि अजय देवगन की फिल्म ‘दृश्यम 2’ रिलीज के 1 महीने बाद भी सिनेमाघरों में धमाल मचा रही है। अब तक, ‘दृश्यम 2’ ने भारत में 222.10 करोड़ नेट रुपए कमा लिए हैं। उम्मीद जताई जा रही है कि इस वीकेंड पर यह फिल्म 225 करोड़ का आँकड़ा पार कर जाएगी। दुनिया भर में इसकी कुल कमाई 316 करोड़ रुपए के आँकड़े को पार कर चुकी है।