Homeदेश-समाजबस से ले गए भारत जोड़ो यात्रा में, राहुल की रैली खत्म हुई तो...

बस से ले गए भारत जोड़ो यात्रा में, राहुल की रैली खत्म हुई तो सुनसान जगह पर छोड़ा: राजस्थान से ‘दलित महिलाओं’ का Video आया सामने, कॉन्ग्रेस पर आरोप

वीडियो में एक महिला कह रही है कि इंदरगढ़ में राहुल गाँधी की रैली खत्म होने के बाद 20 बसों में महिलाओं को लाया गया और उन्हें सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। आधी रात में उन्हें अपने घर तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है। एक महिला ने कहा कि रैली में जाते समय उन्हें सरकारी बसों में बैठाकर ले जाया गया था और काम होने के बाद उन्हें इस हालत में छोड़ दिया गया।

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) भारत जोड़ो यात्रा के तहत राजस्थान में हैं। यहाँ पर राहुल गाँधी के स्वागत में बड़ी संख्या में महिलाएँ दिखी थीं, लेकिन इन्हीं महिलाओं को लेकर कॉन्ग्रेस पर आरोप लगने लगे हैं। आरोप है कि कॉन्ग्रेस ने भीड़ जुटाने के लिए दलित महिलाओं को रैली में लेकर आई और उसके बाद रात में सड़क पर छोड़कर चली गई।

दलित टाइम्स ने एक वीडियो शेयर किया है, जिसमें कुछ महिलाएँ रात में अंधेरे में सड़कों पर दिख रही हैं। वीडियो में महिलाएँ में कह रही हैं कि उन्हें राहुल गाँधी की रैली के लिए ले जाया गया था और रैली खत्म होने के बाद उन्हें घर पहुँचाने की जगह आधी रात में सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया।

वीडियो में एक महिला कह रही है कि इंदरगढ़ में राहुल गाँधी की रैली खत्म होने के बाद 20 बसों में महिलाओं को लाया गया और उन्हें सुनसान जगह पर छोड़ दिया गया। आधी रात में उन्हें अपने घर तक पहुँचना मुश्किल हो रहा है। एक महिला ने कहा कि रैली में जाते समय उन्हें सरकारी बसों में बैठाकर ले जाया गया था और काम होने के बाद उन्हें इस हालत में छोड़ दिया गया।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अखिलेश सरकार में हुए 62+ हत्याओं को याद करा रहा ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ पोस्टर: मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर...

मुजफ्फरनगर दंगों की बरसी पर उत्तर प्रदेश के कई शहरों में ‘न भूले थे, न भूले हैं, न भूलेंगे’ लिखे पोस्टर लगा गए हैं। इन पोस्टर्स ने 2013 की उस भयावह हिंसा की याद फिर ताजा कर दी है।

हैशटैग लगाओ, दुनिया बदलो… कितना आसान है न? क्या सोशल मीडिया लोकतंत्र को बर्बाद कर रहा है?

लोकतंत्र इंसान की कमियों को स्वीकार कर समझौतों से चलता है। लेकिन सोशल मीडिया का अनियंत्रित दौर हर छोटी कमी को भ्रष्टाचार बताकर लोकतंत्र की बुनियाद पर चोट कर रहा है। कैसे आज का सोशल मीडिया और डिजिटल यूटोपियनवाद हमारी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए सबसे बड़ा खतरा बन चुका है।
- विज्ञापन -