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PFI के उपद्रव से केरल को नुकसान, ₹5.20 करोड़ जुर्माना वसूली को लेकर गंभीर नहीं वामपंथी सरकार: अब HC ने फटकारा, 31 जनवरी तक का दिया समय

केरल हाई कोर्ट (Kerala High Court) ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और उसके सदस्यों से 5.20 करोड़ रुपए के नुकसान की भरपाई में देरी को लेकर राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई। जस्टिस एक. जयशंकरन नांबियार और जस्टिस मोहम्मद नियास सीपी की खंडपीठ ने सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को कहा कि पीएफआई और इसके सदस्यों की संपत्ति के खिलाफ कार्रवाई के लिए निर्देश जारी किए जाने के बावजूद राज्य ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। अदालत ने कहा कि संपत्ति को नुकसान पहुँचाने के मामले को छोटा मामला नहीं माना जा सकता। इसके साथ ही हाई कोर्ट ने राज्य के गृह सचिव को 23 दिसंबर 2022 को अदालत में पेश होने का निर्देश दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले महीने सरकार ने अदालत को बताया था कि राजस्व विभाग को कार्रवाई आगे बढ़ाने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने अदालत को भरोसा दिलाया था कि एक महीने के भीतर कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी। लेकिन, सोमवार को गृह विभाग ने अदालत को बताया कि राजस्व विभाग ने कहा है कि एक महीने के भीतर प्रक्रिया को पूरा करना अव्यावहारिक है। इस पर केरल उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पूर्व में निर्देशों के अनुपालन के लिए दिया गया समय 31 जनवरी को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।

मालूम हो कि अदालत ने इस साल सितंबर में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) को विरोध प्रदर्शनों के दौरान हुए सार्वजनिक संपत्ति के नुकसान की भरपाई करने के लिए 2 सप्ताह में 5 करोड़ 20 लाख रुपए जुर्माने के तौर पर भरने के लिए कहा था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि अवैध हड़ताल के संबंध में राज्य भर में दर्ज मामलों में प्रतिबंधित PFI के राज्य सचिव अब्दुल सत्तार को आरोपित बनाया जाए, क्योंकि इस तरह से आम लोगों का जीवन खतरे में नहीं डाला जा सकता है।

साथ ही जिला स्तर के अदालतों को भी ये आदेश दिया गया कि तोड़फोड़ में शामिल PFI कार्यकर्ता जहाँ भी जमानत की अर्जी दाखिल करें, वहाँ उनकी जमानत की शर्तों में नुकसान की उन्हीं से भरपाई शामिल हो। गौरतलब है कि PFI के ठिकानों पर केंद्रीय एजेंसियों द्वारा 22 सिंतबर 2022 को हुई राष्ट्रव्यापी छापेमारी के बाद अगले दिन 23 सितंबर को PFI ने केरल में हड़ताल बुलाई थी। इस हड़ताल में बड़े पैमाने पर हिंसक हरकतें हुई थीं। आरोप है कि PFI के कार्यकर्ताओं ने सरकारी बसों को भी नुकसान पहुँचाया था।

ये धरती मेरी माँ है… असली भैरों सिंह राठौड़ का निधन, 1971 के युद्ध में पाकिस्तान के छुड़ाए थे छक्के: ‘बॉर्डर’ में सुनील शेट्टी ने निभाया था किरदार

‘ये धरती मेरी माँ है’ – 1997 में आई जेपी दत्ता की ‘ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर’ फिल्म ‘बॉर्डर’ का ये डायलॉग तो आपको याद ही होगा। इस डायलॉग को बोलने वाला किरदार भी आपके जेहन में होगा ही, जिसे सुनील शेट्टी ने निभाया था। उनका किरदार BSF के नाइक (रिटायर्ड) भैरों सिंह राठौड़ से प्रेरित था। सोमवार (19 दिसंबर, 2022) को 1971 में पाकिस्तान के छक्के छुड़ाने वाले लोंगेवाला युद्ध के नायक भैरों सिंह राठौड़ का 81 वर्ष की उम्र में निधन हो गया।

भैरों सिंह राठौड़ का जन्म जोधपुर में शेरगढ़ के सोलंकियातला गाँव में हुआ था। वह 1971 में जैसलमेर के लोंगेवाला पोस्ट पर बीएसएफ (BSF) की 14 बटालियन में तैनात थे। भैरो सिंह ने युद्ध के समय अपने असाधारण शौर्य का परिचय दिया था और पाकिस्तानी सेना को पीछे जाने पर मजबूर कर दिया था। दरअसल, भारतीय सेना के मेजर कुलदीप सिंह चांदपुरी के नेतृत्व में पंजाब रेजिमेंट की कंपनी को लोंगेवला पोस्ट की रक्षा की जिम्मेदारी मिली थी। उनके साथ 120 जवान थे। इन्हीं जवानों में से एक भैरों सिंह राठौड़ भी थे। वह अपनी छोटी सी टुकड़ी के कमांडर थे। इन जवानों ने पाकिस्तान के टैंकों को ध्वस्त करते हुए कई दुश्मन सैनिकों को मार गिराया था।

5 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान की ब्रिगेड ने टैंकों के साथ भारतीय पोस्ट पर हमला बोला दिया था। हालाँकि भारतीय सेना और बीएसएफ की जॉइंट टीम ने अदम्य साहस दिखाया और बिना भारी तोपों के ही पाकिस्तानी ब्रिगेड और टैंक रेजिमेंट को धूल चटा दी। इस दौरान भैरो सिंह के रेजिमेंट के एक जवान बलिदान हो गए थे, लेकिन भैरों सिंह ने हिम्मत नहीं हारी और हल्की मशीनगन लेकर ही आगे बढ़ गए और पाकिस्तानी सेना को काफी नुकसान पहुँचाया।

भैरों सिंह ने अपनी जान की परवाह किए बगैर दुश्मनों के छक्के छुड़ाए। यहाँ ये ध्यान दिलाना ज़रूरी है कि ‘बॉर्डर’ फिल्म में उन्हें बलिदानी दिखाया गया था, लेकिन वो युद्ध के बाद भी 51 वर्षों तक जीवित रहे। भैरो सिंह राठौड़ 1963 में बीएसएफ में भर्ती हुए थे और साल 1987 में रिटायर्ड हुए थे। दरअसल वह बीते कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रहे थे और उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जहाँ उन्होंने दुनिया को अलविदा कह दिया। उन्हें सेना मेडल से भी सम्मानित किया गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी भैरों सिंह राठौड़ के निधन के बाद उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि वो देशसेवा के लिए हमेशा याद रखे जाएँगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण समय में अदम्य साहस दिखाया। पीएम मोदी ने उनके निधन पर दुःख जताते हुए कहा कि वो इस कठिन क्षण में दिवंगत नाइक (रिटायर्ड) के परिवार के साथ हैं। वहीं सुनील शेट्टी ने भी ट्वीट कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। पिछले कई वर्षों से भैरों सिंह राठौड़ स्थानीय युवकों को भारतीय सेना के लिए प्रशिक्षण देते हुए समय व्यतीत कर रहे थे।

उमेश कोल्हे का गला रेतने के पीछे तबलीगी जमात के कट्टरपंथी, NIA ने बताया- आतंक पैदा करने के लिए हुई हत्या: चार्जशीट में 11 नाम

महाराष्ट्र के अमरावती में 22 जून 2022 को उमेश कोल्हे की हत्या कर दी गई थी। राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने चार्जशीट में बताया है कि इससे जुड़े लोग इस्लामी कट्टरपंथी हैं। उनका तबलीगी जमात से कनेक्शन है। 16 दिसंबर 2022 को NIA ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की थी। इसमें 11 नाम हैं। मुख्य आरोपितों में से एक इरफान खान जमात का कट्टर समर्थक बताया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक NIA की चार्जशीट में बताया गया है कि कट्टरपंथियों का मकसद हत्या कर आतंक पैदा करना था। नूपुर शर्मा के समर्थन में व्हाट्सएप मैसेज फॉरवर्ड करने की वजह से कोल्हे उनके टारगेट पर थे। चार्जशीट में बताया गया है कि इरफान खान रहबर हेल्पलाइन नाम की एक NGO का मेंबर था। इस NGO ने कोरोना लॉकडाउन में फ्री एम्बुलेंस सुविधा शुरू की थी। बाद में तबलीगी जमात के अपने फॉलोवर्स की मदद से इरफान इस NGO का अध्यक्ष बन गया।

बचाव पक्ष की एक सामान्य हत्या की दलील को नकारते हुए NIA ने चार्जशीट में इसे सोची समझी साजिश के साथ पूरी तैयारी से आतंकी गतिविधि वाला कत्ल करार दिया है। NIA ने चार्जशीट में बताया है कि इस कत्ल के पीछे वही आतंकी सोच जिम्मेदार है जो देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेल रही है। कोल्हे का कत्ल लोगों में खौफ पैदा करने और देश के विभिन्न हिस्सों में दंगे करवाने की नीयत से किया गया था।

NIA ने चार्जशीट में बताया है कि इस कत्ल के पीछे वही आतंकी सोच जिम्मेदार है जो देश के विभिन्न हिस्सों में युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ धकेल रही है। कोल्हे का कत्ल लोगों में खौफ पैदा करने और देश के विभिन्न हिस्सों में दंगे करवाने की नीयत से किया गया था।

गौरतलब है कि उमेश की हत्या मामले में मुख्य साजिशकर्ता यूसुफ नाम का एक डॉक्टर है, जो उमेश और उनके परिवार का दशकों पुराना जानकार है। जिनके खिलाफ चार्जशीट फाइल की है उनमें मुबशिर अहमद, शाहरुख खान, अब्दुल तौसीफ शेख, मोहम्मद शोएब, आतिब राशिद, यूसुफ खान, इरफान खान, अब्दुल अरबाज, मुस्फीक अहमद, शेख शकील और शाहिम अहमद के नाम शामिल हैं।

हिंदुओं के कातिल लतीफ और उमर नाजिर सहित 3 आतंकी ढेर: कश्मीर में 2014 के बाद हिंसक घटनाएँ 80% कम, 6000 ने डाले हथियार

जम्मू कश्मीर के शोपियां में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ की खबर है। मिल रही जानकारी के मुताबिक अब तक 3 आतंकी ढेर किए जा चुके हैं। मारे गए आतंकियों का संबंध लश्कर ए तैय्यबा से बताया जा रहा है जो कश्मीरी पंडित कृष्णा भट्ट के साथ एक नेपाली नागरिक की हत्या में शामिल बताए जा रहे हैं। जवानों ने इलाके को घेर कर तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। यह मुठभेड़ मंगलवार (20 दिसंबर, 2022) की सुबह हुई है।

इस मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए कश्मीर पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ में मारे गए तीनों आतंकियों की पहचान हो गई है। इसमें से पहला आतंकी शोपियाँ का लतीफ़ लोन है। लतीफ़ कश्मीरी हिन्दू कृष्ण भट्ट की हत्या में शामिल रहा था। यह हत्या अक्टूबर 2022 में हुई थी। वहीं दूसरे आतंकी की पहचान उमर नाज़िर के तौर पर हुई है। अनंतनाग का रहने वाला नाज़िर नेपाली नागरिक तिल बहादुर थापा की हत्या में शामिल रहा था। तिल बहादुर थापा की हत्या नवम्बर 2022 में हुई थी।

तीसरे आतंकी की शिनाख्त की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कश्मीर के एक स्थानीय न्यूज़ पोर्टल के अनुसार, तीसरे आतंकी का नाम दानिश हुसैन काकरू है। वह कश्मीर के बारामुला का रहने वाला बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आतंकी उमर का कोड अबू सूफियान था, जबकि दानिश काकरू को हैदर मुआविया कोड दिया गया था। हालाँकि इस दावे के आधिकारिक पुष्टि की प्रतीक्षा है।

यह मुठभेड़ मुंझ मार्ग क्षेत्र में हुई है। पुलिस ने मारे गए आतंकियों के पास से 2 पिस्टल और 1 AK-47 रायफल बरामद की है। किसी और आतंकी के छिपे होने की आशंका के चलते सुरक्षा बलों ने इलाके को घेर लिया है और सघन तलाशी अभियान जारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुरक्षा बलों को आतंकियों की गुप्त जानकारी मिली थी। इसी सूचना के बाद जवानों ने इलाके में पहुँच कर आतंकियों को सरेंडर करने के लिए कहा था। जवाब में आतंकियों ने गोलियाँ चलानी शुरू की। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई में 3 आतंकी ढेर हो गए।

आतंकी घटनाएँ कम होने का दावा

केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने मोदी सरकार बनने के बाद कश्मीर में आतंकी घटनाओं में तेजी से गिरावट आने का दावा किया है। अनुराग ठाकुर ने अपने दावे के समर्थन में कुछ आँकड़े भी पेश किए। उनका दावा है कि साल 2014 के बाद कश्मीर में हिंसक घटनाओं में 80% और आम नागरिकों की मौत में 89% की गिरावट आई है। इसी के साथ ठाकुर ने कहा कि 2014 के बाद से अब तक लगभग 6000 आतंकियों ने खुद को कानून के हवाले कर दिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अपने बयान में अनुराग ठाकुर ने सर्जिकल स्ट्राइक का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि साल 2015 के बाद वामपंथी उन्माद भी 265% कम हो गया है। पूर्वोत्तर के राज्यों का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मेघालय और त्रिपुरा से अफ्स्पा (AFSPA) पूरी तरह से हटा लिया गया है जबकि असम में इसे 60% कम किया गया है।

PM मोदी का इस्तीफा, सुप्रीम कोर्ट ने EVM बैन किया… 32 करोड़ व्यूज और 10 लाख सब्सक्राइबर वाला यूट्यूब चैनल चला रहा फेक न्यूज़, फैक्ट-चेक वाली जमात चुप

एक यूट्यूब चैनल है ‘News Headlines’ नाम का, जो लगातार फेक न्यूज़ फैलाने में लगा हुआ है। ये कोई छोटा-मोटा यूट्यूब चैनल नहीं है, बल्कि इसके 9.67 लाख सब्सक्राइबर्स हैं, यानी एक मिलियन के करीब। इसके 3 वीडियो ऐसे हैं, जिन पर 50 लाख से भी अधिक व्यूज आ चुके हैं। अब तक 32 करोड़ व्यूज इस यूट्यूब चैनल के वीडियोज को मिल चुके हैं। खास बात ये है कि YouTube ने फर्जी खबरें फैलाने वाले ‘News Headlines’ चैनल को वेरिफाइड का टिक दिया हुआ है।

इस चैनल के वीडियोज के शीर्षकों पर एक नज़र डालिए – ‘मोदी ने सौंपी राष्ट्रपति को कमान, देश में राष्ट्रपति शासन लागू’, ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस्तीफा, नितिन गडकरी को मिलेगी कमान’, ‘नहीं रहे संघ प्रचारक भागवत, अचानक हार्ट अटैक से हुआ निधन, देश भर में छाई शोक की लहर’, ‘भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का इस्तीफा’, ‘कॉन्ग्रेस के साथ आए अमिताभ बच्चन’, ‘कॉन्ग्रेस को नितिन गडकरी का समर्थन’, ‘सुप्रीम कोर्ट में नरेंद्र मोदी दोषी करार’, ’16 लाख वोट गुजरात में अवैध घोषित’, ‘हार्दिक पटेल ने कॉन्ग्रेस में की घर वापसी’ इत्यादि।

खास बात ये है कि ये यूट्यूब चैनल अपने थंबनेल्स ऐसे डिजाइन करता है, जैसे ये किसी मेनस्ट्रीम न्यूज़ चैनल की खबर लगे। साथ ही एक तरफ किसी मशहूर महिला एंकर की तस्वीर लगा दी जाती है। फ़ॉन्ट भी टीवी न्यूज़ चैनलों जैसा रख कर कोई सम्बंधित तस्वीर गलत सूचना के साथ लगा दी जाती है। ‘अभी-अभी की बड़ी खबर’ कैप्शन में लिख दिया जाता है, ताकि लोग ब्रेकिंग न्यूज़ समझ कर इसे देखें। अंजना ओम कश्यप और रवीश कुमार जैसे एंकरों की तस्वीरों का इसमें इस्तेमाल किया गया है।

जब हमने ‘Boom Live’ और ‘Alt News’ जैसे तथाकथित फैक्ट-चेक पोर्टलों पर इससे जुड़ी खबरें शेयर की तो हमें कुछ नहीं मिला। मोहम्मद जुबैर-प्रतीक सिन्हा की जोड़ी ने कभी ट्वीट कर के भी नहीं बताया कि ‘न्यूज़ हेडलाइंस’ की फलाँ खबर फर्जी है। इस चैनल को 32 करोड़ बार देखा जा चुका है, लेकिन फैक्ट-चेक के तथाकथित झंडाबरदारों ने इसकी एक खबर का भी फैक्ट-चेक करना सही नहीं समझा। जबकि, इसकी एक भी खबर ऐसी नहीं है जो सच हो।

इस यूट्यूब चैनल पर सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायधीश (CJI) और चुनाव आयोग (ECI) को लेकर भी फर्जी खबरें फैलाई गई हैं। एक खबर में दावा कर दिया गया कि सुप्रीम कोर्ट ने EVM को बैन करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने का आदेश दिया है, जो एकदम फर्जी है। एक खबर में तो इसने CJI के हवाले से पीएम मोदी को राजद्रोह का दोषी तक करार दिया। हालाँकि, अब फेक न्यूज़ फैलाने वाले इस यूट्यूब चैनल को केंद्र सरकार द्वारा प्रतिबंधित किया जा सकता है।

‘न्यूज़ हेडलाइंस’ पर झूठी खबरों का लगा है अंबार, कोई फैक्ट-चेक नहीं

ख़ुफ़िया इनपुट्स के आधार पर सितंबर 2022 में केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने यूट्यूब को 10 यूट्यूब चैनल्स के 45 वीडियोज को बैन किया था। इन वीडियोज में फेक कंटेंट के माध्यम से भारतीय सेना, राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र व कश्मीर के खिलाफ दुष्प्रचार किया जा रहा था। इससे पहले अगस्त 2022 में भी केंद्र सरकार द्वारा कुल 8 चैनलों को बैन किया गया था। ‘न्यूज़ हेडलाइंस’ इस तरह की झूठी खबरों के जरिए लोगों को बरगला रहा है और फैक्ट-चेकरों की जमात प्रोपेगंडा फैलाने में व्यस्त है।

बिहार के नबील ने इंदौर में नवीन बन हिंदू महिला को फँसाया, रिलेशन बना इस्लाम कबूलने का डालने लगा दबाव: उज्जैन में भी लव जिहाद

मध्य प्रदेश के इंदौर और उज्जैन से लव जिहाद के मामले सामने आए हैं। इंदौर के एक मुस्लिम युवक पर हिन्दू नाम रख कर महिला से रेप करने और धर्मान्तरण का दबाव बनाने का आरोप लगा है। आरोपित फरार है। उज्जैन से सामने आए इसी तरह के केस में आरोपित की गिरफ्तारी हो चुकी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उज्जैन के निलगंगा इलाके की 26 वर्षीया एक महिला ने शादाब के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है। शिकायत में बताया है कि साल 2021 में शादाब से उसका परिचय सोशल मीडिया के माध्यम से हुआ था। शादाब का एक नाम राजा भी है। उसने सोशल मीडिया पर खुद को हिन्दू बताया था।

शिकायत में आगे बताया गया है कि कुछ दिनों की बातचीत के बाद शादाब 13 दिसंबर 2022 को महिला को अजमेर घुमाने ले गया। यहाँ उसने इस्लामी वेशभूषा में लड़की को खुद से निकाह करने के लिए कहा। बताया जा रहा है कि उस समय शादाब ने कुर्ता पहन रखा था और उसके सिर पर टोपी थी। यहाँ पीड़िता को पहली बार शादाब के मुस्लिम होने की जानकारी हुई। लड़की का कहना है कि इस दौरान शादाब ने कई बार उसके साथ रेप भी किया।

अपनी शिकायत में पीड़िता ने शादाब पर खुद को मानसिक प्रताड़ना देने और धर्म बदल कर खुद से निकाह करने का दबाव डालने का आरोप लगाया है। महिला ने बताया कि शादाब उसके श्रद्धा की तरह टुकड़े कर देने की धमकी देता था जिसके चलते वो चलते वो एक बार आत्महत्या का भी मन बना चुकी थी। मामले की जानकारी हिन्दू संगठनों को हुई तब वो लड़की से मिले। बताया जा रहा है कि लड़की पहले काफी डरी हुई थी लेकिन हिन्दू संगठनों द्वारा सहारा पाने के बाद वो शादाब के खिलाफ केस दर्ज करवा पाई। पुलिस ने आरोपित शादाब को गिरफ्तार कर लिया है।

तलाकशुदा महिला भी लव जिहाद का शिकार

दूसरा मामला मध्य प्रदेश के ही इंदौर का है। यहाँ एक तलाकशुदा व 1 बच्चे की माँ लव जिहाद का शिकार हुई है। बताया जा रहा है कि बिहार के नबील शेख ने खुद को नवीन बता कर महिला से दोस्ती की और बाद में उस पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाने लगा। घटना हीरानगर क्षेत्र की है, जहाँ पीड़िता ने नबील से अपना परिचय एक ही ऑफिस में काम करने के दौरान होना बताया। इस दौरान नबील ने खुद को हिन्दू बताते हुए महिला से कई बार शारीरिक संबंध बनाए और शादी का झाँसा देता रहा।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महिला का आरोप है कि बाद में नबील ने खुद को मुस्लिम बताते हुए उसके आगे इस्लाम कबूलने की शर्त रखी। जब महिला ने ऐसा करने से इनकार कर दिया तब उसे और उसके बच्चे को जान से मारने की धमकियाँ मिलने लगीं। आखिरकार पीड़िता ने बजरंग दल से सम्पर्क किया। बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने महिला के साथ थाने पहुँच कर FIR दर्ज करवाई। केस दर्ज होते ही नबील अंसार शेख फरार हो गया है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है।

अब यूट्यूब पर देखने की भी आदत बदलिए, क्योंकि वैचारिक स्खलन की नई मीनार गढ़ते कहीं भी दिख सकते हैं रवीश कुमार

एक विलायती वेब सीरिज है। नाम है- हाउस ऑफ कार्ड्स (House of Cards)। इस सीरिज में एक दृश्य है, जिसमें एक अति महत्वाकांक्षी अमेरिकी नेता का पूर्व सुरक्षाकर्मी अस्पताल के बिस्तर पर लेटा होता है। नेता की बीवी उसका हाल जानने आती है। सुरक्षाकर्मी अपने दिल की बात बताता है। कहता है कि उसे उसके पति से नफरत है, लेकिन उसे वह पसंद है… माने वो भले अमेरिकी नेता की सुरक्षा में होता है, लेकिन दिल में उसकी बीवी से संभोग करने की ख्वाहिश रखता है। यह जानने के बाद नेता की बीवी उसके निजी अंगों को सहला देती है और वह चंद सेकेंड में निस्तेज गति को प्राप्त हो जाता है।

बिहार के किसी बदहाल सरकारी अस्पताल के बेड (जिस पर अक्सर कुत्ते लोटते मिल जाते हैं) जैसी ही भारत में कमोबेश सर्वदा पत्रकारिता की स्थिति रही है। आज उस पर लेटे रवीश कुमार की हालत वेब सीरिज वाले सुरक्षाकर्मी जैसी है। मानो वे इस इंतजार में हैं कि कोई आए, सहलाए और वे निस्तेज गति को प्राप्त हो जाएँ। सत्ता संभोग के पुराने दिन लौटे। सरकारी खर्चे पर विदेश यात्राएँ हो। फोन कॉल से मंत्री बने। राष्ट्रपति भवन में मीडिया संस्थान का जलसा मने। टूबीचएके हाथों में हो…

वैसे भी खबरों का धंधा करने वालों को उद्योगपतियों से नफरत क्यों होने लगे। भले उसका नाम अंबानी हो या अडानी। उन्हें तो नफरत सत्ता के उस चौकीदार से है, जिससे संभोग करने का अभ्यस्त वह मीडिया रही है, जिसे कभी रवीश कुमार खुद लुटियन मीडिया कहते रहे हैं।

वैसे यह किसी एक रवीश की कुंठा नहीं है। अजीत अंजुम, अभिसार शर्मा, विनोद कापड़ी, पुण्य प्रसून वाजपेयी… आप गिनती करते थक जाएँगे पर कुंठित खत्म न होंगे। इनकी कुंठा यह है कि 2014 के पहले सत्ता आती थी और सहला जाती थी। कुंठा स्खलन हो जाता था। 2014 के बाद तेल की सप्लाई बंद हो गई। कुंठा का स्खलन पहले स्टूडियो के न्यूज रूम और फिर यूट्यूब चैनलों पर होने लगा।

यही कारण है कि एनडीटीवी से इस्तीफे के बाद रवीश कुमार भी यूट्यूब पर लगातार स्खलन कर रहे हैं। पहले खुद के चैनल पर ‘गोदी सेठ’ वाला स्खलन किया। फिर अ​जीत अंजुम के साथ खुली छत पर। अब उन्होंने करन थापर के साथ बंद कमरे में वाया ऑनलाइन स्खलन किया है।

रवीश कुमार न तो पहले व्यक्ति हैं जिन्होंने किसी मीडिया संस्थान से इस्तीफा दिया है। न आखिरी व्यक्ति होंगे। वे न तो पहले व्यक्ति हैं जिसकी पहचान उसके संस्थान से बड़ी दिखनी लगी थी, न आखिरी होंगे। यह सब तब भी होता था, जब सोशल मीडिया नहीं होती थी। कभी प्रभाष जोशी का मतलब जनसत्ता होता था। उनके रहते ही पत्रकारिता के पुरोधा ओम थानवी दीमक की तरह लगे। हँसते-खेलते संस्थान को चट कर गए और डकार तक न ली। फिर वे पत्रकारिता पढ़ाने लगे।

मतलब ‘अपुन ही गॉड है’, टाइप की फीलिंग वाले रवीश कुमार इकलौते पत्रकार नहीं हैं। वे महज उस विरासत का एक पैराग्राफ हैं। हर पैराग्राफ की तरह उनका भी अंत हुआ। यह होना ही था। लेकिन निस्तेज न हो पाने की कुंठा यह है कि गोदी सेठ से लेकर करण थापर तक रवीश कुमार के इस्तीफे की कहानी लंबी ही होती जा रही है। मानो वे हर रात लुग्दी साहित्य पढ़ रहे हैं, कहानी खींचती जा रही है और कल्पनाओं के उस संसार से तथ्य का लोप होता जा रहा है। साथ ही इन साक्षात्कारों में गलथोथी के अलावा कोई भी ऐसा तथ्य नहीं है, जिस पर चर्चा की जा सके। ठीक वैसे ही जैसे रवीश की रिपोर्ट से प्राइम टाइम की यात्रा में तथ्य गायब होते गए और कल्पनाएँ बलवती होती गईं।

रवीश कुमार जैसों का मुख स्खलन, 2024 जितना करीब आएगा उतना ही तेज होता जाएगा। लेकिन 2024 भी वह साल नहीं दिखता, जब निस्तेज करने वाली तेल की सप्लाई दोबारा चालू हो सके। इसलिए जरूरी है कि यूट्यूब पर भी कुछ भी देख लेने की परिपाटी बदलिए। क्या पता कब कहाँ कोई ‘जीरो टीआरपी एंकर’ मुख स्खलन करते मिल जाए।

अस्थाना का बनाया 3 साल पुराना चर्च, ब्राजील से आए 4 ‘ईसाई दूत’: कहीं धर्मांतरण का यह खेल आपके गाँव में भी तो नहीं चल रहा, UP के सीतापुर में 1 ही दिन में मिले 2 केस

उत्तर प्रदेश के सीतापुर के 2 अलग-अलग हिस्सों में ईसाई धर्मान्तरण की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहाँ सैकड़ों लोगों की भीड़ को जमा कर के मतांतरण की कोशिश की जा रही थी। इन आयोजनों में ब्राजील के 4 लोगों को भी बुलाया गया था। मामले की शिकायत बजरंग दल ने की है। 4 विदेशियों सहित कुल 10 लोगों के हिरासत में लिए जाने की भी सूचना है। घटना रविवार (18 दिसंबर 2022) की है।

पहला मामला सीतापुर के सकरन थानाक्षेत्र का है। यहाँ बजरंग दल के सुरक्षा प्रमुख आशुतोष वर्मा ने पुलिस ने शिकायत देते हुए बताया कि उन्हें अपने कार्यकर्ता द्वारा गाँव सैदापुर में ईसाई धर्मांतरण की सूचना मिली थी। धर्मान्तरण का यह कार्यक्रम उसी गाँव के श्रवण कुमार गौतम के दरवाजे पर हो रहा था। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि इस आयोजन में सैकड़ों लोग जमा थे जो हिन्दू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बातें कर रहे थे। इस दौरान लोगों को बरगलाते हुए धर्म परिवर्तन करने के लिए कहा जा रहा था।

अभिषेक वर्मा ने अपनी शिकायत में बताया है कि बजरंग दल के कार्यकर्ता मौके पर पहुँचे तब उन्होंने धर्मान्तरण की कोशिशों को अपनी आँखों से देखा। इस दौरान लोगों पर कोई लिक्विड छिड़का जा रहा था और उन्हें ईसाई और क्रॉस के बारे में बताया जा रहा था। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई। शिकायत में दावा किया गया है कि पुलिस ने मौके पर पहुँच कर ईसाई मत प्रचारक श्रवण कुमार गौतम की बाइक से आपत्तिजनक प्रचार सामग्री बरामद की। बजरंग दल पदाधिकारी ने इस शिकायत पर सहमति के तौर पर सैदापुर गाँव के कई लोगों की दस्तखत भी करवाई है और आरोपितों पर कठोर कार्रवाई की माँग की है। इस माँग पर सीतापुर पुलिस ने DSP बिसवां को जाँच कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

वहीं इसी दिन सीतापुर में ही सदरपुर थानाक्षेत्र में धर्मान्तरण का दूसरा मामला सामने आया। यहाँ गाँव शहबाजपुर में मूल रूप से UP के ही जौनपुर निवासी डेविड ने 3 साल पहले जमीन खरीद कर चर्च बनवाया था। लोगों का आरोप है कि चर्च में बाहरी लोग आया-जाया करते थे। घटना की शिकायत नैमिष गुप्ता नाम के व्यक्ति ने की है। अपनी शिकायत में नैमिष ने बताया है कि घटना के दिन उन्हें अपने क्षेत्र में धर्मान्तरण की जानकारी मिली तो वो गाँव शहबाजपुर पहुँचे।

नैमिष ने आगे बताया है कि जब वो सभा में पहुँचे तब वहाँ डेविड अस्थाना अपनी पत्नी रोहिणी अस्थाना के साथ मौजूद था। आरोप है कि सभा में कई लोग जमा थे, जिन्हे ईसाई बनने का प्रलोभन दिया जा रहा था। शिकायतकर्ता ने खुद को भी धर्मान्तरण का लालच दिए जाने की जानकारी दी है। नैमिष के मुताबिक सभा में ब्राजील के 4 लोग मौजूद थे जिसमें एक महिला और 3 पुरुष शामिल थे। इन विदेशियों के नाम रिवाल्डो जोसे डिसिल्वा, मैगनोलिया मोरा लरोनजेरा, गुलहेरम नासिमेंटो इद्रालगो और अलेक्जेंडर डिसिल्वा बताए जा रहे हैं। इन चारों में एक पादरी भी है।

इस कार्य्रकम का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में ब्राजीली नागरिक इंग्लिश में बोल रहा है जिसका ट्रांसलेशन मंच पर मौजूद कुछ लोग कर रहे हैं। मंच से लोगों को हालेलुया बोलने से खुशियाँ आने की बात बताई जा रही है।

पुलिस ने डेविड अस्थाना और उनकी पत्नी रोहिणी अस्थाना उर्फ़ रिंकी गैंकवार्ड को नामजद करते हुए दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 1968 की धारा 3/5 के तहत FIR दर्ज कर ली है। जानकारी के मुताबिक सभा में मौजूद कुल 10 लोगों को हिरासत में ले कर पूछताछ चल रही है। विदेशियों के पासपोर्ट की भी जाँच की जा रही है। ब्राजीली नागरिकों को वापस भेजने की तैयारी की जा रही है।

राहुल गाँधी की तारीफ़ में कॉन्ग्रेस नेता का स्मृति ईरानी को लेकर आपत्तिजनक बयान, केंद्रीय मंत्री ने वायनाड के सांसद से पूछा – अमेठी से लड़ेंगे? भागेंगे तो नहीं?

उत्तर प्रदेश की सियासत में अमेठी सीट सबसे अधिक चर्चा का विषय रही है। अब कॉन्ग्रेस नेता अजय राय के बिगड़े बोल के बाद यहाँ एक बार फिर मुकाबला स्मृति ईरानी और राहुल गाँधी के बीच चुनावी लड़ाई की चर्चा है। अजय राय के बयान पर पटलवार करते हुए स्मृति ईरानी ने राहुल गाँधी से पूछा है कि क्या वह अमेठी से लड़ने वाले हैं या डर कर भाग जाएँगे?

दरअसल, कॉन्ग्रेस नेता अजय राय ने कहा था, “अमेठी निश्चित रूप से गाँधी परिवार की सीट है और रहेगी। राजीव गाँधी, राहुल गाँधी और गाँधी परिवार के कई सदस्यों ने जगह-जगह सेवा की है। स्मृति ईरानी केवल आती हैं और ‘लटके-झटके’ करती हैं और चली जाती हैं। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता चाहते हैं कि राहुल गाँधी वहाँ से 2024 का चुनाव लड़ें।”

अजय राय के इस बयान के बाद भाजपा कॉन्ग्रेस पर हमलावर रही। इसके बाद अब केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पटलवार करते हुए ट्वीट किया है, “राहुल गाँधी जी, सुना है आपने अपने किसी प्रांतीय नेता से अभद्र तरीके से 2024 में अमेठी से लड़ने की घोषणा करवाई है। तो क्या आपका अमेठी से लड़ना पक्का समझूँ? दूसरी सीट पर तो नहीं भागेंगे? डरेंगे तो नहीं? पुनश्च: आपको और मम्मी जी (सोनिया गाँधी) को अपने नारी विरोधी गुंडों के लिए एक नया भाषण लेखक लाने की जरूरत है।”

अजय राय के बयान के बाद भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने कहा था कि कॉन्ग्रेस की रस्सी जल गई है लेकिन बल नहीं जा रहा। यही कारण है कि कॉन्ग्रेस यूपी में एक सांसद और दो विधायकों वाली पार्टी रह गई। कॉन्ग्रेस नेता अगर ऐसी ही बदजुबानी करेंगे तो आने वाले दिनों में उनकी दुर्गति और होगी। राकेश त्रिपाठी ने कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा से उनका इस बयान को लेकर सवाल पूछते हुए कहा है कि क्या ‘लड़की हूँ लड़ सकती हूँ’ का कैंपेन चलाने वाली प्रियंका गाँधी एक महिला के खिलाफ की गई इस टिप्पणी को लेकर अजय राय के खिलाफ कार्रवाई करेंगी?

गौरतलब है कि अमेठी लोकसभा सीट कॉन्ग्रेस की परंपरागत सीट रही है। राजीव गाँधी से लेकर सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी तक अमेठी से सांसद रहे हैं। हालाँकि, साल 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने कॉन्ग्रेस का यह तिलिस्म तोड़ते हुए जीत दर्ज की थी। चूँकि, 2019 के आम चुनाव में राहुल गाँधी अमेठी के अलावा केरल की मुस्लिम बाहुल्य सीट वायनाड से भी चुनाव लड़े थे। इसलिए भाजपा की ओर से यह कहा गया था कि राहुल गाँधी हार के डर से अमेठी छोड़कर भाग गए हैं।

‘पठान’ के ‘बेशरम रंग’ में दीपिका की जगह CM योगी और साध्वी प्राची: शाहरुख़ खान के फैंस ने शेयर की आपत्तिजनक तस्वीरें, FIR दर्ज

‘पठान’ फिल्म (Pathaan) ‘बेशर्म रंग’ (Besharam Rang) गाने की रिलीज के बाद से ही विवादों में है। इस बीच शाहरुख खान के प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर शाहरुख़ के साथ सीएम योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) और साध्वी प्राची की मॉर्फ्ड तस्वीर पोस्ट की है।

यह तस्वीर ‘बेशर्म रंग’ गाने से संबंधित है, जिसमें दीपिका ने भगवा रंग की बिकिनी पहनी हुई हैं। वहीं, मेरठ पुलिस ने बताया है कि उसने मामले में संज्ञान लिया है और मेरठ के साइबर सेल को मामले में कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है।

पुलिस ने चौधरी अवकुश सिंह नाम के एक यूजर के ट्वीट का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। अवकुश ने शाहरुख खान के प्रशंसकों द्वारा पोस्ट की गई दो तस्वीरों को साझा किया था। तस्वीर में दीपिका की फोटो के बदले उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वीएचपी नेता साध्वी प्राची के चेहरे को लगा दिया गया है। .

ये तस्वीरें @iamJames786 और @AzaarSRK_ के नाम से पोस्ट की गई हैं। पुलिस द्वारा संज्ञान लेने के बाद अकाउंट को निष्क्रिय कर दिया गया । सीएम योगी आदित्यनाथ और साध्वी प्राची के अलावा, लोकप्रिय ट्विटर अकाउंट @GemsofBollywood चलाने वाले संजीव नेवार को भी शाहरुख के इन गुमनाम प्रशंसकों ने निशाना बनाया। नेवार दरअसल इस्लाम को बढ़ा-चढ़ा कर पेश करने वाले बॉलीवुड के आलोचक रहे हैं।

@AzaarSRK द्वारा शेयर किए गए पोस्ट का स्क्रीनशॉट
@iamJames786 द्वारा साझा की गई पोस्ट के स्क्रीन शॉट

शाहरुख खान के इन स्व-घोषित प्रशंसकों द्वारा पोस्ट किए गए ट्वीट्स को कई ट्विटर यूजर्स ने अपमानजनक करार दिया और अपराधियों को कड़ी सजा देने का आह्वान किया। आपत्तिजनक पोस्ट का संज्ञान लेते हुए लखनऊ पुलिस ने दोनों ट्विटर हैंडल के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 295A और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 66 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। फिलहाल डीजीपी मुख्यालय की साइबर टीम मामले की जाँच कर रही है।

उल्लेखनीय है कि शाहरुख खान की आने वाली फिल्म पठान का गाना ‘बेशर्म रंग’ 12 दिसंबर 2022 को रिलीज़ होने के बाद से ही विवादों में है। इस गाने में दीपिका पादुकोण ने बिकिनी पहनी है। फिल्मों में अभिनेत्रियों द्वारा बिकिनी पहनना सामान्य है, लेकिन इस गाने में दीपिका को भगवा रंग की बिकिनी में काफी अभद्र तरीके दिखाया गया है।

गाना रिलीज होने के बाद ट्विटर यूजर इसका विरोध कर रहे हैं। इस गाने को लेकर कई भाजपा नेताओं और हिंदूवादी संगठनों ने भी आपत्ति जताई है। वहीं, बिहार में तो फिल्म के डायरेक्टर, शाहरुखान, दीपिका पादुकोण सहित 5 लोगों के खिलाफ शिकायत दी गई है, जिनकी सुनवाई जनवरी 2023 में होगी।