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पिटबुल ने नोचे 9 साल की बच्ची के कान: पड़ोस की छत से कूद कर आया, चेहरे पर हमला किया; डॉक्टर बोले- ऑपरेशन करना पड़ेगा

हरियाणा के करनाल जिले में पिटबुल कुत्ते के हमले में 9 साल की बच्ची के घायल होने की खबर सामने आई है। कुत्ते ने हमला तब किया जब बच्ची अपने घर की छत पर खेल रही थी। पिटबुल के इस हमले से बच्ची बुरी तरह घायल हो गई है। कुत्ते ने उसका कान नोच लिया है। फिलहाल, बच्ची का इलाज चल रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, करनाल की शिव कॉलोनी में स्थित घर की छत पर पीड़ित बच्ची खेल रही थी। इसी दौरान, पड़ोसी का पिटबुल कुत्ता छत से कूदकर बच्ची के पास पहुँच गया और हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची के चेहरे समेत कई अन्य जगहों पर घाव हो गए हैं। लेकिन, सबसे अधिक घाव कान पर हुआ है। पिटबुल ने उसका कान काट दिया है।

पिटबुल के हमले के बाद पीड़ित बच्ची ने चींखना-चिल्लाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर बच्ची के घरवाले व अन्य पड़ोसी छत पर पहुँच गए। लोगों ने उसे भगाने की बहुत कोशिश की लेकिन उसने बच्ची को नहीं छोड़ा। इसके बाद, कुत्ते की मालकिन भी छत पट पहुँच गई और उसने कुत्ते को पकड़ लिया। हालाँकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और कुत्ते ने बच्ची को बुरी तरह से जख्मी कर दिया था। इसके बाद, उसे घायलावस्था में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। जहाँ, उसका इलाज चल रहा है।

जख्मी बच्ची का होगा ऑपरेशन

पिटबुल के हमले से घायल बच्ची का इलाज कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जख्म बहुत गहरे हैं। कुत्ते ने उसे बुरी तरह नोचा है। फिलहाल इलाज कर दिया गया है। लेकिन, घाव बड़ा होने के कारण बच्ची का ऑपरेशन करना पड़ेगा।

स्थानीय निवासियों ने कुत्ते की मालकिन पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह हमेशा खौफ में रहते हैं। लेकिन पिटबुल की मालकिन कहती है कि वह उसके बच्चे के सामान है। इसलिए वह कहीं नहीं जाएगा। लोगों का यह भी आरोप है कि कुत्ते की मालकिन कभी भी कुत्ते को बाँधकर नहीं रखती। इस वजह से स्थानीय लोगों में उसे लेकर हर वक्त डर बना रहता है। वहीं, इस पूरे मामले में पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है। मामले की जाँच कर रहे हैं। दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

‘कश्मीर में जाकर बसूँगा, हिन्दुओं को भी बसाने का होगा काम’: जितेंद्र नारायण (पूर्व में वसीम रिजवी) का ऐलान, कहा – कोई भी राज्य हिन्दू विहीन नहीं हो सकता

इस्लाम को त्याग कर सनातनी हो चुके जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व में वसीम रिज़वी) ने कश्मीर में बसने की घोषणा की है। उनका कहना है कि इस बाबत उनकी कुछ हिन्दू संगठनों से बात भी चल रही है। जितेंद्र नारायण ने यह घोषणा एक वीडियो संदेश के जरिए की है, जिसमें उन्होंने कश्मीर में पाकिस्तान के इशारे पर हिन्दुओं को भगाने की साजिश का भी दावा किया है। यह घोषणा शनिवार (17 दिसंबर, 2022) को की गई है।

अपने 34 सेकेंड के वीडियो में वसीम रिज़वी ने कहा, “पाकिस्तान के सहयोग से कुछ आतंकी संगठन कश्मीर में हिन्दुओं को धमकाने का काम कर रहे हैं। मेरी बातचीत कुछ बुद्धिजीवियों और हिंदूवादी संगठनों से चल रही है। हम सरकार के सहयोग से कश्मीर में बहुत जल्द और हिन्दुओं को बसाने का काम शुरू करने वाले हैं। सबसे पहले हम खुद कश्मीर में जा कर बसेंगे। इस योजना पर काम शुरू कर दिया गया है।”

‘सुदर्शन न्यूज़’ के पत्रकार सूरज प्रताप सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो को ‘कश्मीर में बसेंगे जितेंद्र नारायण त्यागी’ शीर्षक के कैप्शन से शेयर किया है।

ऑपइंडिया से बात करते हुए जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व में वसीम रिज़वी) ने कहा कि किसी भी राज्य से हिन्दुओं को खाली नहीं करवाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि किसी न किसी को तो रिस्क ले कर शुरुआत करनी ही थी और वो इसे कर रहे हैं। जितेंद्र नारायण के अनुसार, वो इसी माह के अंत या अगले माह में कश्मीर जा कर अपने अभियान की रूपरेखा बनाएँगे, जिसके बाद वो अपनी घोषणा को जमीनी रूप देंगे।

‘द कश्मीर फाइल्स’ में जो दिखा, उस से कई गुना ज्यादा अत्याचार

‘द कश्मीर फाइल्स’ पर हमारे सवाल पर जितेंद्र नारायण त्यागी ने कहा कि लोगों को फिल्म में जो दिखाया गया वो कम है। त्यागी ने बताया कि कश्मीरी हिन्दुओं ने जितना झेला उसका आधा भी फिल्म में नहीं दिखाया गया। जितेंद्र नारायण ने आगे बताया कि उन्होंने खुद कश्मीर पर एक फिल्म बना रखी है, जो किसी वजह से अभी रिलीज नहीं हो पाई है।

कश्मीर में हो रहे हिन्दुओं और बाहरी मजदूरों पर हमले

गौरतलब है कि अनुच्छेद-370 हटने के बाद भारतीय सेना ‘ने ऑपरेशन ऑल आउट’ चलाया था। इस दौरान कई बड़े आतंकी मार गिराए गए। बाद में आतंकियों ने कश्मीर के हिन्दुओं और बाहरी मजदूरों को निशाना बनाना शुरू कर दिया। अक्टूबर 2022 में आतंकियों ने शोपियाँ क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के कन्नौज निवासी मनीष और राम कुमार को मार डाला था। अगस्त 2022 में कश्मीर के शोपियाँ में ही आतंकियों ने एक कश्मीरी हिन्दू सुनील कुमार भट्ट की हत्या कर दी थी। इस हमले में उनके भाई पिंटू कुमार भट्ट को गंभीर चोटें आई थीं।

अप्रैल 2022 में आतंकियों ने पुलवामा के लिजोरा इलाके में 2 मजदूरों को गोली मार दी थी। इनके नाम पातालश्वर कुमार और जोको चौधरी थे। दोनों को इलाज के बाद बचा लिया गया था। जोको और कुमार बिहार के बेतिया जिले के रहने वाले थे। फरवरी 2021 में आतंकियों ने श्रीनगर के शिव शक्ति मिष्ठान भंडार पर गोलियाँ बरसाई थीं। इस हमले का मुकाबला करते हुए 2 पुलिसकर्मी बलिदान हो गए थे।

मजदूरी के नाम पर शकील अंसारी करता था हिंदू परिवार की रेकी, पति के निकलते ही पत्नी से रेप की कोशिश: FIR दर्ज

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बिहार से मजदूरी करने आए एक मिस्त्री द्वारा घर में घुस कर एक महिला से रेप का प्रयास करने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम शकील अंसारी है। बताया जा रहा है कि पीड़िता के विरोध के बाद उसने डंडों से महिला की पिटाई भी की थी। पुलिस ने आरोपित पर केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी है। सोमवार (12 दिसंबर 2022) को हुई इस घटना के बाद से शकील फरार है। इस बीच पीड़िता ने 16 दिसंबर (शुक्रवार) को कोर्ट में अपने बयान दर्ज करवाए हैं।

यह घटना लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस के थानाक्षेत्र गोमती नगर विस्तार की है। यहाँ सुशील यादव (बदला हुआ नाम) अपनी पत्नी और बच्चों के साथ किराए के मकान में विज्ञान खंड 5 में रहते हैं। सुशील टेलिकॉम कम्पनी में काम करते हैं। उनके घर के ठीक सामने जल निगम के एक अधिकारी का मकान पिछले लगभग 2 वर्षों से बन रहा है। इसी मकान को बनाने में मूल रूप से बिहार का रहने वाला शकील अंसारी भी राजमिस्त्री के तौर पर काम कर रहा था। सुशील के मुताबिक इस दौरान शकील से उनकी दुआ-सलाम अक्सर हो जाया करती थी।

उन्होंने ऑपइंडिया को बताया कि पिछले 2 वर्षों से शकील उसी बन रहे मकान में रहता था। इस दौरान उसने लोगों के घर आने-जाने के समय पर नजर रखी और रेकी करता रहा। घटना की शिकायत करते हुए उनकी पत्नी ने बताया कि उस दिन वो घर में अपने बच्चों के साथ थीं। इस दौरान शकील ने घर का दरवाजा खटखटाया जिसे बच्चों ने खोल दिया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि घर में घुसते ही शकील ने बच्चों को दूसरे कमरे में बंद कर दिया और पीड़िता को एक अलग कमरे में ले गया। इस दौरान पीड़िता के साथ जबरन शरीरिक संबंध बनाने की कोशिश की गई। शिकायत पत्र के अनुसार जब पीड़िता ने शकील की हरकत का विरोध किया तब उसे डंडों से मारा-पीटा गया। अंतिम विकल्प के तौर पर पीड़िता और उसके बच्चे जोर-जोर से चिल्लाना शुरू कर दिए। इस बात से हड़बड़ा कर शकील ने पीड़िता के पूरे परिवार को कमरे में बंद कर दिया और बाहर से कुण्डी लगा कर भाग गया। ऑपइंडिया के पास FIR कॉपी मौजूद है।

महिला का ये भी आरोप है कि जाते-जाते शकील ने उसे किसी के आगे मुँह खोलने पर जान से मार डालने की भी धमकी दी थी। शिकायत में महिला ने कहा है कि वो अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को ले कर काफी डरी हुई है। अंत में आरोपित शकील पर कड़ी कार्रवाई की माँग की गई है। पीड़िता की इस शिकायत पर पुलिस ने शकील के खिलाफ IPC की धारा 354 (क), 452, 323 और 506 के तहत FIR दर्ज कर ली। घटना के बाद से शकील लगातार फरार चल रहा है। पीड़िता ने 16 दिसम्बर को कोर्ट में भी अपने बयान दर्ज करवाए हैं। पुलिस शकील की तलाश कर रही है।

जेल में बंद नाथूराम गोडसे को धर्मांतरित कर ईसाई बनाने का हुआ था प्रयास, नेहरू को पता था निर्दोष हैं सावरकर: दस्तावेजों से खुलासा

केरल के भाजपा नेता टीजी मोहनदास (TG Mohandas) ने महात्मा गाँधी (Mahatma Gandhi) की हत्या करने वाले नाथूराम गोडसे (Nathuram Godse) को लेकर सनसनीखेज दावा किया है। मोहनदास ने कहा कि जेल में रहने के दौरान गोडसे का धर्मांतरण कर ईसाई (Religious Conversion in Christianity) बनाने की कोशिश की गई थी।

मोहनदास का दावा है कि इसकी जानकारी उन्होंने नई दिल्ली स्थित भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार (National Archives of India) से जुटाई है। उन्होंने कहा कि इसके लिए उन्होंने हजारों दस्तावेजों को खंलागा है। इससे संबंधित एक दस्तावेज की कॉपी भी उन्होंने ट्विटर पर शेयर किया है।

अपने ट्वीट में मोहनदास ने कहा, “मैंने महात्मा गाँधी की हत्या पर भारत के राष्ट्रीय अभिलेखागार में लगभग 11,000 दस्तावेजों का निरीक्षण किया है। सबसे दिलचस्प चीजों में से एक जो मैंने पाया वह यह थी कि मुकदमे के तहत जेल में रहे गोडसे को ईसाई धर्म में परिवर्तित करने का प्रयास किया गया था!”

मोहनदास द्वारा साझा किए गए दस्तावेज में दिख रहा है कि पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त वाईके पुरी ने भारत के विदेश मंत्रालय के अपर सचिव प्रेम कृशन को एक पत्र लिखा था। यह पत्र 14 सितंबर 1949 को पाकिस्तान के लाहौर शहर से लिखा गया था।

इस पर लिखा है, “प्रिय प्रेम कृशन जी, मैं दो एयरमेल पत्र भेज रहा हूँ, जिसमें ईसाइयत के बारे में उपदेश है। यह गाँधी जी की हत्या में आरोपित श्री नाथूराम विनायक गोडसे और नारायण आप्टे के लिए ब्रिटेन से आया है।”

मोहनदास कहते हैं कि ब्रिटेन द्वारा भेजा गया असली पत्र उपलब्ध नहीं है। उसका कवर लेटर ही सिर्फ उपलब्ध है। मोहनदास ने सवाल उठाया है कि क्या वह पत्र नाथूराम गोडसे को दे दिया गया था? अगर दिया गया था कि उनकी प्रतिक्रिया क्या थी? इसके बारे में किसी को कोई जानकारी नहीं है।

बता दें कि पाकिस्तान को लेकर महात्मा गाँधी के प्रयासों से क्षुब्ध होकर नाथूराम गोडसे ने महात्मा गाँधी की 30 जनवरी 1948 को गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में गोडसे केे साथ-साथ नारायण आप्टे को भी गिरफ्तार किया गया था। दोनों को 10 फरवरी 1949 को फाँसी की सजा सुनाई गई थी और 15 नवंबर 1949 को अंबाला जेल में फाँसी दे दी गई थी।

महात्मा गाँधी की हत्या में कुल नौ आरोपितों को गिरफ्तार किया गया था। सुनवाई के दौरान सिर्फ एक व्यक्ति को बरी किया गया था, जिनका नाम विनायक दामोदर सावरकर है। गोडसे और आप्टे को फाँसी के अलावा बाकी छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। इनमें गोडसे के भाई गोपाल गोडसे भी शामिल थे।

3 बच्चों की माँ से दानिश करना चाहता था निकाह, इंकार करने पर हिंदू महिला को पेट्रोल डालकर जलाया: पीड़िता बोली- पूरे खानदान को मारने की धमकी देता था

बिहार के मोतिहारी में एक शादीशुदा हिंदू महिला को पेट्रोल डाल कर जलाने की खबर है। पीड़िता की गंभीर हालत देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। आरोपित का नाम दानिश आलम है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि दानिश आलम शादीशुदा महिला पर जबरन अपने साथ निकाह करने का दबाव डाल रहा था। घटना गुरुवार (15 दिसंबर 2022) रात की बताई जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कल्याणपुर थानाक्षेत्र के गाँव देवपुर परसा की है। 35 साल की विवाहिता अर्चना कुशवाहा पर घोडासहन थानाक्षेत्र के गाँव विजयी का निवासी दानिश लम्बे समय से निकाह के लिए दबाव बनाता था। दानिश के दबाव के बाद भी पीड़िता निकाह के लिए मना करती रही। अर्चना के 3 बच्चे हैं और उसका पति रणधीर कुमार कुशवाहा चेन्नई में कमाता है। वह साल में एक या दो बार ही घर आता था।

पुलिस का कहना है कि पीड़िता और दानिश में लगभग डेढ़ साल प्रेम प्रसंग चला था। दोनों की बातचीत मिस्ड कॉल से शुरू हुई थी। घटना के दिन शाम 7 बजे पीड़िता अपने घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान दानिश आलम उसके घर पहुँच गया। थोड़ी देर बाद दानिश ने फिर से उसके ऊपर अपने साथ निकाह का दबाव बनाया। बताया जा रहा है कि इसी बात पर दोनों के बीच नोकझोंक हुई।

इस दौरान आग की चपेट में एक बच्चा और अन्य महिला भी आ गए। ग्रामीणों के मुताबिक महिला की चीखें पूरे गाँव में सुनाई दीं। भाग रहे दानिश को ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को सौंपा। पकड़े जाने पर दानिश आलम खुद को दानिश कुमार बता रहा था।

कथिततौर पर, इसी बीच गुस्से में दानिश ने महिला पर पेट्रोल डाल कर आग लगा दी। उसकी चीख-पुकार सुन कर आस-पड़ोस के लोग जमा हुए और उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया।हालात गंभीर देखते हुए पीड़िता को मोतिहारी जिला अस्पताल में रेफर कर दिया गया है। उसका दावा है कि दानिश उस से एकतरफा प्यार करता था और बात न करने पर पूरे खानदान को खत्म करने की धमकी देता था। कल्याणपुर के थाना प्रभारी के अनुसार आरोपित दानिश को गिरफ्तार कर के पूछताछ की जा रही है। पुलिस कस्टडी में दानिश ने कहा कि घटना के दिन अर्चना ने किसी को उसे मारने के लिए बुलाया था।

UP में दुल्हन के पिता ने दूल्हे को उपहार में दिया बुलडोजर, बारातियों ने ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे लगाए: सोशल मीडिया पर Video वायरल

किसी शादी-विवाह में राजनीतिक नारेबाजी होने लगे तो हैरान होना स्वभाविक है। उत्तर प्रदेश के एक विवाह समारोह में ऐसा ही हुआ। यहाँ अचानक ‘योगी बाबा जिंदाबाद’ के नारे लगने लगे। नारे लगने की वजह यह थी कि दूल्हे को उपहार में ससुराल वालों ने बुलडोजर दिया था। बता दें कि भारतीय राजनीति में बुलडोजर और यूपी के सीएम योगी एक-दूसरे के पर्याय बन गए हैं।

मामला उत्तर प्रदेश के हमीरपुर का है। यहाँ सरकारी नौकरी में कार्यरत एक दूल्हे को लग्जरी गाड़ियों के बजाय उपहार में बुलडोजर दिया गया। इसके बाद बारात में आए लोग योगी बाबा जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। दूल्हे को बुलडोजर देने का संभवत: यह पहला मामला है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

सुमेरपुर थाने के देवगाँव निवासी स्वामीदीन चक्रवर्ती का बेटा योगेंद्र भारतीय नौसेना (Indian Navy) में कार्यरत है। योगी की शादी इसी थाना क्षेत्र के सौखर गाँव निवासी परशुराम प्रजापति की बेटी नेहा प्रजापति के साथ हुई। नेहा सिविल सेवा की तैयारी कर रही है।

शुक्रवार (16 दिसंबर 2022) को सुमेरपुर कस्बे के एक गेस्ट हाउस में हुई इस शादी में अन्य रस्मों के बाद जब दुल्हन के पिता ने दूल्हे को उपहार दिया तो बाराती दंग रह गए। इसके बाद बाराती योगी बाबा जिन्दाबाद के नारे लगाने लगे।

बुलडोजर मिलने पर दूल्हे के परिजनों ने कहा कि कार से बुलडोजर अच्छा है। इससे फायदा होता रहेगा। वहीं, लड़की के पिता ने कहा कि बिटिया नेहा को दहेज में ‘कार’ देते तो वह खड़ी रहती, लेकिन ‘बुलडोजर करेगा काम और बिटिया को मिलेंगे दाम’। 

नेहा के पिता और दो चाचा भारतीय सेना में हैं। योगेंद्र चक्रवर्ती को विवाह में बुलडोजर मिलने पर लोग उन्हें अब योगी बाबा उपनाम से बुलाने लगे हैं। बता दें कि प्रदेश में माफियाओं पर बुलडोजर के जरिए कार्रवाई को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ को बुलडोजर बाबा कहकर बुलाते हैं।

‘भगवा रंग की ब्रा पहन भक्तों को जवाब दें’: पठान के बचाव में कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने महिलाओं से की अपील, सोशल मीडिया पर हुई छीछालेदर

बॉलीवुड एक्टर शाहरुख खान की आने वाली फिल्म पठान (Pathaan) में ‘भगवा रंग’ के गाने को लेकर विवाद हो गया है। इस बीच कॉन्ग्रेस के नेता उदित राज (Udit Raj) ने नारीवादियों से भगवा रंग की बिकनी और ब्रा पहनने की सलाह दी है। इसको लेकर वो सोशल मीडिया यूजर के निशाने पर आ गए हैं।

अक्सर विवादों में रहने वाले भाजपा के पूर्व नेता और वर्तमान में कॉन्ग्रेस पार्टी में शामिल उदित राज ने अपने ट्वीट में लिखा, “स्त्रीवादियों से मेरी सलाह है बिकनी और ब्रा आदि भगवा रंग का ही पहनकर इन भक्तों को जवाब दें।”

रश्मि नाम की एक यूजर ने लिखा कि इसकी शुरुआत उन्हें अपने घर से करनी चाहिए। वहीं, कुछ यूजर ने उन्हें मानसिक रूप से बीमार बताया है। एक अन्य यूजर ने लिखा, “जरा अपनी पार्टी के सबसे बड़े लीडर तक यह जवाब पहुंचा तो दो। यह जानबूझकर खाली सुनवाने के लिए यह ट्वीट किया गया लगता है। कसम खा लिए हो जबतक राहुल गांँधी को कॉन्ग्रेस का अध्यक्ष नहीं बना देते ऐसे ही passive mode में गाली सुनवाते रहेंगे।”

सादिया नाम की यूजर ने लिखा, “सर आप एक ब्रा पहनकर फोटो डालो ट्विटर पर। आपके पीछे-पीछे जनसैलाब आ जाएगा और इन सबको जवाब मिल जाएगा।”

विनीत नाम के यूजर ने लिखा, “इतनी घृणा भगवा रंग और सनातन धर्म से। दिवालियापन का निशानी है। ईश्वर इनको सदबुद्धि दे।”

बता दें कि पठान फिल्म के नए गाने ‘बेशरम रंग’ को लेकर सोशल मीडिया पर लोग तीखी प्रतिक्रियाएँ दे रहे हैं। लोगों की नाराजगी का एक कारण दीपिका के कपड़े भी हैं। नेटीजन्स ने शाहरुख खान पर जानबूझकर भगवा रंग को बदनाम करने का इल्ज़ाम लगाया है। इस कारण लोग फिल्म का बॉयकॉट कर रहे हैं।

पिछले दिनों फिल्म का पहला गाना ‘बेशरम रंग’ रिलीज किया गया था। गाने के कई दृश्यों में दीपिका को भगवा रंग की बिकनी पहने दिखाया गया है, जिसको लेकर ट्विटर यूजर्स आपत्ति जता रहे हैं। लोग गाने के बोल ‘बेशरम रंग’ को दीपिका के बिकनी के रंग से जोड़ कर शाहरुख व फिल्म निर्माताओं पर जानबूझकर भगवा रंग को बदनाम करने का आरोप लगा रहे हैं।

मुस्लिम बहू के भाइयों ने 55 साल की गीता शर्मा को घर आकर गोलियों से भूना, अस्पताल में मौत: दिल्ली पुलिस ने आमिर, नावेद समेत 4 को पकड़ा

देश की राजधानी दिल्ली में मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले हिन्दू युवक की माँ की गोली मार कर हत्या कर दी गई है। मृतका का नाम गीता शर्मा है जिनकी उम्र 55 साल थी। हत्या का आरोप मृतका की बहू के भाइयों पर है। पुलिस ने इस मामले में अब तक 1 नाबालिग सहित कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपितों के नाम आमिर, नावेद, सलमान और अमन बताए जा रहे हैं। घटना गुरुवार (15 दिसंबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना रोहिणी क्षेत्र में आने वाले अमन विहार की है। यहाँ रात लगभग सवा 11 बजे पुलिस को एक महिला के सीने में गोली लगने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुँची तो वहाँ काफी खून बहा था। घायल महिला वहाँ तड़प रही थी जिसे फौरन ही संजय गाँधी अस्पताल पहुँचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया।

पुलिस के मुताबिक लगभग 1 साल पहले मृतका के बेटे दीपक ने मुस्लिम समुदाय की लड़की सितारा से शादी की थी। दोनों ही परिवार इस रिश्ते से नाखुश थे। कुछ समय के बाद में दोनों घरों ने बिना मन के इस रिश्ते को कबूल कर लिया था। इस दौरान सितारा भी अपने मायके में आने-जाने लगी थी। बताया जा रहा है कि इस बीच सितारा अपने मायके से कुछ गहने ले कर ससुराल आई थी। सितारा के भाई इस से काफी नाराज हुए।

सितारा के भाइयों को लगा कि उनकी बहन उनके हिस्से का भी जेवर ले कर मुताबिक सितारा अपने घर से ज्वैलरी कहाँ और कैसे लाईं वो किसी को नहीं पता। राजकुमारी ने बताया कि सितारा अपने घर झगड़े कर के चली जाती थी। बताया गया कि इसी कारण एक समय परिवार ने दीपक और सितारा को अलग कर दिया था लेकिन बाद में अपने साथ रख लिया था।

वहीं मृतका के बेटे दीपक के मुताबिक घटना की वजह उसका मुस्लिम लड़की से शादी करना है। दीपक ने बताया कि सितारा से शादी करने के बाद उसे लगातार धमकियाँ मिल रहीं थी। कथिततौर पर घटना की रात भी सितारा के भाइयों ने शराब पी थी। बाद में वो दीपक के घर पहुँचे। उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से दीपक की माँ गीता निकली। उन्होंने गीता को गोली मार दी और घटनास्थल से भाग गए। गीता को 3 गोलियाँ मारी गईं जिसमें से 2 गेट पर लगीं और एक उनके सीने पर। यह पूरी घटना CCTV में कैद हो गई। पुलिस ने केस दर्ज कर के 1 नाबालिग सहित कुल 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमे से 3 लड़की के भाई और 1 उनका साथी है

मस्जिद के लॉन मे महिला-पुरुष ना बैठें साथ-साथ, फोटो भी ना खींचे: जामिया मस्जिद की प्रबंधन कमेटी ने लिया फैसला, खाने पर भी पाबंदी

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की राजधानी श्रीनगर स्थित जामिया मस्जिद की लॉन में भी महिलाओं और पुरुषों को एक साथ बैठने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही इस मस्जिद के अंदर तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा दी गई है। बता दें कि आमतौर पर महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश की इस्लाम में मनाही है। हालाँकि, इस मस्जिद में महिलाओं के लिए पुरुषों से अलग व्यवस्था की गई है।

इस संबंध में इस ऐतिहासिक मस्जिद की प्रबंधन समिति अंजुमन औकाफ ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रबंधन ने फोटोग्राफरों और कैमरामैनों पर मस्जिद के अंदर किसी भी तरह की तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि 14वीं शताब्दी की इस मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए सैकड़ों लोग रोज आते हैं। वहीं, मस्जिद देखने वालों में महिलाएँ भी शामिल हैं।

नोटिफिकेशन में कहा गया है, “किसी भी तरह की तस्वीरें लेने वाले उपकरणों की भी पूरी तरह से मनाही है और उन्हें तुरंत गेट पर ही रोक दिया जाना चाहिए।” हालाँकि, इसमें यह भी। कहा गया है कि अगर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए कोई तस्वीर या वीडियो बनाना चाहता है तो उसे पहले प्रबंधन से अनुमति लेनी होगी।

प्रबंधन ने आगे कहा कि मस्जिद के अंदर किसी को भी दोपहर का भोजन या किसी भी प्रकार का खाना खाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में लिखा है, “मजहबी स्थल होने के नाते आगंतुकों से अनुरोध किया जाता है कि वे मस्जिद के रूप में इसकी पवित्रता का सम्मान करें और मस्जिद में जाते समय मर्यादा का पालन करें। यह सार्वजनिक पार्क या मनोरंजक सुविधा नहीं है।”

इस मस्जिद में महिलाओं के लिए अलग स्थान बनाया गया है, इसलिए वे इसकी परिसर में आ सकती हैं। जामिया मस्जिद जम्मू और कश्मीर की सबसे बड़ी और पुरानी मस्जिद है। इस मस्जिद में एक साथ 30,000 लोग नमाज पढ़ सकते हैं। इसका निर्माण 1394 ईस्वी में शुरू हुआ था और 1402 ईस्वी में पूरा हुआ था।

बता देें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के जामा मस्जिद में अकेली महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। जामा मस्जिद के इमाम बुखारी ने कहा था कि जामा मस्जिद एक मजहबी स्थल है और इसके लिए लोगों का स्वागत है, लेकिन लड़कियाँ अकेले आ रही हैं और अपनी डेट्स का इंतजार कर रही हैं। यह जगह इसके लिए नहीं है। प्रतिबंध इस पर है।

नोएडा के 1000 फार्म हाउस अवैध, प्रशासन 2 दिन में करेगा कार्रवाई: 150 पर अब तक चल चुका है बुलडोजर

उत्तर प्रदेश के नोएडा में यमुना नदी के पास डूब क्षेत्र में बने फार्म हॉउसों पर जल्द ही बुलडोजर चलाया जा सकता है। इन फार्म हॉउसों की संख्या लगभग 1000 बताई जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में आने वाला खर्च भी फार्म हाउस मालिकों को ही उठाना पड़ेगा। इस कार्रवाई के लिए संबंधित लोगों को बाकायदा नोटिस भी जारी किया जा चुका है। पहले की कार्रवाई में कुल 150 फार्म हाउस तोड़े जा चुके हैं।

दैनिक भास्कर के मुताबिक ये अवैध फार्म हाउस नोएडा के सेक्टर 150, 160, 168 और 135 बने हैं। इन्हें ध्वस्त करने और भरपाई मालिकों से ही वसूलने का अंतिम आदेश नोएडा अथॉरिटी को मिल चुका है। नोएडा अथॉरिटी की सीईओ रितु माहेश्वरी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि कार्रवाई जारी रहेगी। कुछ दिनों पहले एक फार्म हाउस में कैसिनो पकड़ा गया था। इसके बाद ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया में तेजी आई है। इन फार्म हॉउसों को NGT ने नियमों का उल्लंघन करते हुए सिंचाई विभाग की नियमावली के विपरीत बना बताया गया है।

जानकारी के मुताबिक इस से पहले भी नोएडा अथॉरिटी ने 30 नवम्बर को यमुना के डूब क्षेत्र में ध्वस्तीकरण अभियान चलाया था। तब 30 अवैध फार्म हॉउसों को गिराया गया था। बाद में शिकायत मिली कि अथॉरिटी द्वारा गिराए गए निर्माणों पर फिर से काम शुरू कर दिया गया है। साथ ही कई फार्म हॉउसों का तो हुलिया ही बदल डाला गया है। गिराने के बाद नए निर्माण में बाकायदा गेट आदि भी लगाए जाने लगे थे। नोएडा अथॉरिटी ने इन शिकायतों का भी संज्ञान लिया है।

गौरतलब है कि शासन की मंशा यमुना और हिंडन नदी के किनारे सभी अवैध निर्माण तोड़ कर रिवर फ्रंट बनाने की है। इसके लिए लगभग 5036 हेक्टेयर जमीन चिन्हित की गई है। रिवर फ्रंट में पार्क, साईकिल ट्रैक, झील, बाग़ जैसे निर्माण करवाए जाएँगे। कहा जा रहा है कि अथॉरिटी का यह प्लान साल 2015 से पेंडिंग है। तब नोएडा अथॉरिटी के अधिकारी गुजरात के नर्मदा रिवर फ्रंट को देखने भी गए थे।