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मस्जिद के लॉन मे महिला-पुरुष ना बैठें साथ-साथ, फोटो भी ना खींचे: जामिया मस्जिद की प्रबंधन कमेटी ने लिया फैसला, खाने पर भी पाबंदी

कुछ दिन पहले ही दिल्ली के जामा मस्जिद में अकेली महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। जामा मस्जिद के इमाम बुखारी ने कहा था कि जामा मस्जिद एक मजहबी स्थल है और इसके लिए लोगों का स्वागत है, लेकिन लड़कियाँ अकेले आ रही हैं और अपनी डेट्स का इंतजार कर रही हैं। यह जगह इसके लिए नहीं है। प्रतिबंध इस पर है।

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) की राजधानी श्रीनगर स्थित जामिया मस्जिद की लॉन में भी महिलाओं और पुरुषों को एक साथ बैठने पर रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही इस मस्जिद के अंदर तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा दी गई है। बता दें कि आमतौर पर महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश की इस्लाम में मनाही है। हालाँकि, इस मस्जिद में महिलाओं के लिए पुरुषों से अलग व्यवस्था की गई है।

इस संबंध में इस ऐतिहासिक मस्जिद की प्रबंधन समिति अंजुमन औकाफ ने एक नोटिफिकेशन जारी किया है। प्रबंधन ने फोटोग्राफरों और कैमरामैनों पर मस्जिद के अंदर किसी भी तरह की तस्वीरें लेने पर भी रोक लगा दी है। बता दें कि 14वीं शताब्दी की इस मस्जिद में नमाज पढ़ने के लिए सैकड़ों लोग रोज आते हैं। वहीं, मस्जिद देखने वालों में महिलाएँ भी शामिल हैं।

नोटिफिकेशन में कहा गया है, “किसी भी तरह की तस्वीरें लेने वाले उपकरणों की भी पूरी तरह से मनाही है और उन्हें तुरंत गेट पर ही रोक दिया जाना चाहिए।” हालाँकि, इसमें यह भी। कहा गया है कि अगर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए कोई तस्वीर या वीडियो बनाना चाहता है तो उसे पहले प्रबंधन से अनुमति लेनी होगी।

प्रबंधन ने आगे कहा कि मस्जिद के अंदर किसी को भी दोपहर का भोजन या किसी भी प्रकार का खाना खाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। अधिसूचना में लिखा है, “मजहबी स्थल होने के नाते आगंतुकों से अनुरोध किया जाता है कि वे मस्जिद के रूप में इसकी पवित्रता का सम्मान करें और मस्जिद में जाते समय मर्यादा का पालन करें। यह सार्वजनिक पार्क या मनोरंजक सुविधा नहीं है।”

इस मस्जिद में महिलाओं के लिए अलग स्थान बनाया गया है, इसलिए वे इसकी परिसर में आ सकती हैं। जामिया मस्जिद जम्मू और कश्मीर की सबसे बड़ी और पुरानी मस्जिद है। इस मस्जिद में एक साथ 30,000 लोग नमाज पढ़ सकते हैं। इसका निर्माण 1394 ईस्वी में शुरू हुआ था और 1402 ईस्वी में पूरा हुआ था।

बता देें कि कुछ दिन पहले ही दिल्ली के जामा मस्जिद में अकेली महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगा दी गई थी। जामा मस्जिद के इमाम बुखारी ने कहा था कि जामा मस्जिद एक मजहबी स्थल है और इसके लिए लोगों का स्वागत है, लेकिन लड़कियाँ अकेले आ रही हैं और अपनी डेट्स का इंतजार कर रही हैं। यह जगह इसके लिए नहीं है। प्रतिबंध इस पर है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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