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LAC पार करने के लिए चीन ने भेजी फ़ौज, भारतीय सेना ने दिया मुँहतोड़ जवाब: गलवान के बाद अब अरुणाचल के तवांग में संघर्ष, पूरी तैयारी के साथ आए थे चीनी

भारत-चीन सीमा (India China Conflict) पर एक बार फिर तनाव की स्थिति बन गई है। अरुणाचल प्रदेश सीमा पर दोनों देशों के सैनिकों के बीच जोरदार झड़प हुई है। इस झड़प में चीनी सेना को अधिक नुकसान हुआ है। वहीं, भारतीय सेना के कुछ जवान भी घायल हुए हैं। चीन के साथ हुई झड़प को लेकर भारतीय सेना ने एक आधिकारिक बयान में कहा है, “अरुणाचल प्रदेश में तवांग सेक्टर में एलएसी के साथ कुछ क्षेत्रों में अलग-अलग दावे वाले क्षेत्र हैं। इन क्षेत्रों में दोनों पक्ष अपने दावे की सीमा तक पेट्रोलिंग करते हैं। 2006 से यही चला आ रहा है।”

भारतीयअ सेना ने बयान में जानकारी दी, “शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को, चीनी सेना के सैनिकों ने तवांग सेक्टर में एलएसी को पार करने की कोशिश की। भारतीय सैनिकों ने दृढ़ता और मजबूती के साथ इसका मुकाबला किया। आमने-सामने की इस लड़ाई में दोनों पक्षों के कुछ सैनिकों को मामूली चोटें आईं हैं। हालाँकि, अब दोनों पक्ष पीछे हट गए हैं। घटना के बाद कार्रवाई के रूप में, क्षेत्र में भारतीय कमांडर ने शांति बहाल करने के लिए चीनी कमांडर के साथ फ्लैग मीटिंग की है।”

वहीं, इस मामले में एएनआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि तवांग सेक्टर में भारतीय और चीनी सैनिक आमने-सामने आ गए थे। भारतीय सेना ने चीनियों को करारा जवाब दिया है। घायल चीनी सैनिकों की संख्या भारतीय सैनिकों की तुलना में अधिक है। चीनी लगभग 300 सैनिकों के साथ पूरी तरह से तैयार होकर आए थे। हालाँकि, उन्हें भारतीय सेना के इस तरह से मुँहतोड़ जवाब देने की उम्मीद नहीं थी।

इस मामले में, न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि इस झड़प में 6 भारतीय सैनिक घायल हुए हैं, जिन्हें इलाज के लिए गुवाहाटी में भर्ती कराया गया है।

2020 में भी चीन ने की थी ऐसी ही हरकत

बता दें, साल 2020 में पूर्वी लद्दाख़ की गलवान घाटी में भारत-चीन सेना के बीच दो झड़प की खबर सामने आई थी। इमें पहली बार 21 मई, 2020 और फिर 15 जून, 2020 को चीनी सेना ने गलवान घाटी में भारतीय सेना को आँख दिखाई थी।

दोनों देशों के बीच 15 जून 2020 को हुई हाथपाई हिंसक झड़प में बदल गई थी। इस झड़प में कर्नल संतोष बाबू समेत भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। वहीं, चीन के 38 जवान नदी में बह गए थे। जबकि, कई चीनी सैनिक बुरी तरह से घायल हुए थे।

‘सीधे यहाँ आ जाते हो, क्योंकि सक्षम हो’: बेल के लिए पहुँचे AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन को सुप्रीम कोर्ट ने फटकारा, कहा – हम यहाँ HC का रोस्टर तय करने नहीं बैठे हैं

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने जेल में बंद दिल्ली सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को जम कर फटकार लगाई है। सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की एक पीठ ने सोमवार (12 दिसंबर, 2022) को सत्येंद्र जैन की ओर से पेश वकील से कहा कि हम यहाँ हाईकोर्ट के रोस्टर तय करने नहीं आए हैं। कोर्ट ने साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ी जैन की एक याचिका पर जल्द विचार करने से इनकार कर दिया।

दरअसल सत्येंद्र जैन जमानत के लिए पहले दिल्ली हाईकोर्ट गए थे। वहाँ कोर्ट ने इस संबंध में प्रवर्तन निदेशालय से जवाब माँग लिया और उन्हें तत्काल कोई राहत नहीं मिली। इसी के बाद जैन सुप्रीम कोर्ट पहुँचे और दिल्ली उच्च न्यायालय से जल्द सुनवाई के लिए कहने की गुहार लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने उनकी याचिका को सिरे से ख़ारिज कर दिया और जमकर फटकार लगाई।

सत्येंद्र जैन की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल मेहरा ने जस्टिस एमआर शाह और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ से कहा कि हाईकोर्ट को इस मामले को जल्द सुनवाई करने के लिए कहा जाना चाहिए , क्योंकि छुट्टियाँ शुरू होने वाली हैं। इस पर पीठ ने कहा कि आप सीधे सुप्रीम कोर्ट आते हैं, क्योंकि आप यहाँ आने का खर्च उठा सकते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा, “आप शीघ्र सुनवाई के लिए हाईकोर्ट से भी अनुरोध कर सकते हैं। हम यहाँ हाईकोर्ट का रोस्टर तय करने नहीं आए हैं।”

ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने शीघ्र सुनवाई के लिए जैन की याचिका का विरोध किया और कहा कि जैन को हर जगह विशेष रियायत नहीं मिल सकती है। मेहता ने कहा कि जेलों में कई लोग हैं, जो जल्द से जल्द मामले का निपटारा चाहते हैं, लेकिन वे सुप्रीम कोर्ट का रुख करने में सक्षम नहीं है।

उल्लेखनीय है कि दिल्ली हाईकोर्ट ने 1 दिसंबर 2022 को ईडी द्वारा दर्ज धनशोधन के एक मामले में जैन की जमानत याचिका पर केंद्रीय एजेंसी का रुख जानना चाहा था। जैन ने 30 सितंबर, 2017 को धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत दर्ज ईडी के मामले के संबंध में जमानत माँगी है और अपनी याचिका में कहा है कि वह न तो गवाहों को प्रभावित करने की स्थिति में और न ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने की स्थिति में हैं। इस मामले में उच्च न्यायालय द्वारा अगली सुनवाई 20 दिसंबर, 2022 को की जाएगी।

7 दिनों के लिए जेल से बाहर निकलेगा दिल्ली दंगों का आरोपित उमर खालिद, बहन के निकाह में शिरकत करने के लिए अदालत ने दी राहत: कहा – मीडिया से नहीं करूँगा बात

दिल्ली दंगों (Delhi Riots) के आरोपित उमर खालिद (Umar Khalid Gets Bail) को 7 दिनों की अंतरिम जमानत मिल गई। उसे यह जमानत बहन की शादी में शामिल होने के लिए दी गई है। उमर खालिद को 23 दिसंबर को जेल से रिहा किया जाएगा और 30 दिसंबर को उसे आत्मसमर्पण करना होगा।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दिल्ली दंगों का ‘मास्टर माइंड’ उमर खालिद ने अपनी जमानत याचिका में अपनी बहन की शादी में शामिल होने के लिए 14 दिन की अंतरिम जमानत माँगी थी। हालाँकि, अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने उसे मात्र 7 दिन की जमानत दी है। इस जमानत में, कोर्ट ने उमर खालिद को लाइव लोकेशन समेत कई शर्तों के साथ जमानत दी है।

दरअसल, उमर खालिद के वकील ने उसकी जमानत के लिए दलील देते हुए कहा है कि उमर खालिद न तो किसी प्रकार के इंटरव्यू देगा और न ही मीडिया के किसी व्यक्ति से बातचीत करेगा। गौरतलब है कि फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों को लेकर उमर खालिद गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धाराओं के अंतर्गत दंगे को भड़काने का आरोपित है।

बता दें कि फरवरी 20220 में नागरिकता संशोधन कानून (CAA) के विरोध में दिल्ली में प्रदर्शन हो रहे थे। इस दौरान, नार्थ ईस्ट दिल्ली के जाफराबाद, मौजपुर, बाबरपुर, घोंडा, चांदबाग, शिव विहार, भजनपुरा, यमुना विहार इलाकों में साम्प्रदायिक दंगे भड़क उठे थे। इन दंगों में पुलिसकर्मियों समेत कुल 53 लोग मारे गए थे, जबकि 700 से अधिक लोग घायल हुए थे।

दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को 13 सितंबर 2020 को गिरफ्तार किया था। उसके बाद से अब तक वह जेल में बंद है। इस दौरान, उनसे कई बार जमानत याचिका दायर की है। हालाँकि, दिल्ली पुलिस उसकी जमानत का हर बार पुरजोर विरोध करती है। पुलिस का कहना है कि उसको जमानत मिलने से एक गलत संदेश जाएगा।

दीपिका पादुकोण की पीली बिकनी और स्ट्रॉबेरी दिखा कर ‘पठान’ के बॉयकॉट से निपटेंगे शाहरुख़ खान? गाना देख लोग बोले – परिवार के साथ देखने लायक नहीं

शाहरुख़ खान की आगामी फिल्म ‘पठान’ का पहला गाना ‘बेशरम रंग’ रिलीज हो गया है। गाने में सारा का सारा फोकस दीपिका पादुकोण को ‘ग्लैमरस’ दिखाने पर है। गाने के अधिकतर हिस्से में उन्हें बिकनी में ही दिखाया गया है। खबर लिखे जाने तक YRF (यशराज फिल्म्स) के यूट्यूब चैनल पर रिलीज किए गए ‘बेशरम रंग’ को 9 घंटे में लगभग 80 लाख लोग देख चुके थे, वहीं 5.70 लाख लोगों ने 3 मिनट 13 सेकेंड के इस वीडियो को लाइक किया है।

दीपिका पादुकोण के ‘मोनोकिनी अवतार’ पर फोकस के बाद ये अंदेशा लगाया जा सकता है कि क्या शाहरुख़ खान अब दीपिका पादुकोण के ‘सेक्सी गाने’ को दिखा कर अपनी फिल्म ‘पठान’ को हिट कराना चाहते हैं। इस गाने को गीतकार कुमार ने लिखा है, जबकि संगीत निर्देशक विशाल-शेखर की जोड़ी ने इसे बनाया है। वहीं शिल्पा राव और कैरालीसा मोंटेरियो ने इसे आवाज़ दी है। बता दें कि ‘पठान’ के निर्देशक सिद्धार्थ आनंद हैं।

बता दें कि शाहरुख़ खान भी कह चुके हैं कि इस गाने के माध्यम से दीपिका पादुकोण को सबसे ज्यादा ग्लैमरस दिखाने का उद्देश्य था। उन्होंने दीपिका पादुकोण को ‘बॉलीवुड की सबसे ग्लैमरस सुंदरी’ करार दिया। गाने की रिलीज से पहले उन्होंने पीली बिकनी में दीपिका पादुकोण की तस्वीर भी शेयर की थी। दीपिका पादुकोण के बॉलीवुड में 15 वर्ष पूरे करने के मौके पर भी उन्हें बधाई दी थी। ‘पठान’ को एक एक्शन फिल्म बताया जा रहा है।

मक्का में ‘उमराह’ करने के बाद हाल ही में वैष्णो देवी पहुँचे शाहरुख़ खान अपनी ही कौम के कट्टरपंथियों द्वारा निशाना बनाए जा रहे हैं। कट्टरपंथी उनके हिंदू मंदिर जाने से आक्रोशित हैं। अली बिन मुहम्मद लिखता है, “मजाक बना के रख दिया है मजहब को।” शनामन लिखती है, “कुछ भी कर लो, तुम्हारी हर फिल्म का विरोध होगा।” ट्विटर पर ‘@Real_Immu’ नाम के अकाउंट ने अभिनेता के लिए लिखा कि सजदा खालिक को, इब्लीस से याराना भी। हश्र में किससे मोहब्बत का सिला माँगेगा? खान साहेब ने शाहरुख खान की वीडियो पर कमेन्ट किया, “बेगैरत।”

‘मेरी बराबरी नहीं कर पाई, इसीलिए अपने फायदे के लिए मुझे बदनाम कर रही है’: नोरा फतेही ने जैकलीन फर्नांडिस पर ठोका ₹200 करोड़ का मुकदमा

200 करोड़ रुपए की ठगी करने वाले सुकेश चंद्रशेखर के मनी लॉन्ड्रिंग केस में बॉलीवुड अभिनेत्रियाँ नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडिस आमने-सामने आ गईं हैं। नोरा फतेही ने अपने खिलाफ अपमानजनक और झूठे कमेंट्स का आरोप लगाते हुए जैकलीन फर्नांडीस पर 200 करोड़ रुपए का मानहानि का मुकदमा ठोका है। इसके साथ ही, नोरा ने 15 मीडिया संस्थानों के खिलाफ भी मानहानि का केस दर्ज कराया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जैकलीन और मीडिया संस्थानों के खिलाफ मानहानि केस दर्ज कराते हुए नोरा फतेही ने अपनी दलील में कहा, “चूँकि, हम दोनों एक ही उद्योग और पृष्ठभूमि के हैं इसलिए जैकलीन फर्नांडिस, ने अपने फायदे के लिए मुझे आपराधिक रूप से बदनाम करने की कोशिश की है।”

नोरा ने अपनी दलील में कहा है, “यहाँ यह उल्लेख करना उचित है कि शिकायतकर्ता (नोरा फतेही) और आरोपित (जैकलीन फर्नांडीज) दोनों विदेशी मूल की एक्ट्रेस हैं और दोनों ने भारतीय फिल्म उद्योग में प्रसिद्धि पाने के लिए संघर्ष किया है।” अपने वकील के माध्यम से दी गई दलील में नोरा ने आगे कहा है, “यह स्पष्ट हो गया है कि जैकलीन फर्नांडिस ने अपनी प्रतिद्वंद्वी नोरा फतेही के साथ फिल्म इंडस्ट्री में बराबरी न कर पाने के कारण उनकी प्रतिष्ठा को धूमिल करने की कोशिश की। जैकलीन को यह लगता था कि नोरा फतेही को काम का नुकसान होगा और इससे जैकलीन के लिए काम के रास्ते खुल जाएँगे “

नोरा ने यह भी कहा है कि सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े ठगी केस में उनका नाम जबरन लिया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि उनका सुकेश से कोई सीधा संपर्क नहीं था और वह महाठग सुकेश को उसकी पत्नी लीना मारिया पॉल के कारण जानती थीं।

इसके अलावा, नोरा फतेही ने सुकेश से महँगे गिफ्ट्स व करीबी संपर्क होने की बात को भी गलत बताया है। उन्होंने कहा है कि उनके खिलाफ जिस तरह की बातें की गईं और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फँसाया गया है और उससे और इस दौरान हुए मीडिया ट्रायल से उनकी छवि खराब हुई है।

गौरतलब है कि 200 करोड़ रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में नोरा फतेही और जैकलीन फर्नांडिस दोनों ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) के निशाने पर हैं। इस केस के सिलसिले में ED ने दोनों से ही पूछताछ की है। जैकलीन फर्नांडिस की तरह ही नोरा फतेही पर भी महाठग सुकेश चंद्रशेखर से महँगे तोहफे लेने का आरोप है। हालाँकि, नोरा ने बार-बार इन सभी आरोपों को नकार दिया है।

यही नहीं, ऐसी बात सामने आई थी कि सुकेश चन्द्रशेखर ने नोरा फतेही के जीजा बॉबी को 65 लाख रुपए की BMW कार गिफ्ट की थी। हालाँकि, जाँच में यह भी बताया गया था कि सुकेश ने BMW ऑफर जरूर की थी, लेकिन नोरा ने इसे लेने से इनकार कर दिया था। नोरा ने अपनी सफाई में कहा था कि उन्हें शुरू से ही सुकेश चन्द्रशेखर पर शक हो गया थ और वह उन्हें लगातार फोन भी करता था। इसके बाद, नोरा ने सुकेश का नंबर ब्लॉक कर दिया था।

झारखंड में बोतल बम फेंक कर जिस हिन्दू नेता को मार डाला था, उनके परिवार को झारखंड पुलिस पर विश्वास नहीं: CBI जाँच की माँग, अनशन पर परिजन

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में शनिवार (12 नवम्बर, 2022) को हिन्दू नेता कमलदेव गिरी की बोतल बम फेंक कर हत्या कर दी गई थी। उनकी हत्या के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए थे। शहर में पथराव और तोड़फोड़ भी हुआ था। आक्रोशित समर्थक उनके शव को उठाने नहीं दे रहे थे। काफी मान-मनव्वल के बाद उनका अंतिम संस्कार हो पाया था। लेकिन, उनके परिवार और आक्रोशित समाज से किए गए सरकारी वादे अभी तक पूरे नहीं हो पाए हैं। इसी के साथ मृतक का परिवार लगातार अनशन पर बैठा है। ऑपइंडिया ने उनके भाई फूलननाथ गिरी से वर्तमान हालात की जानकारी ली।

फूलननाथ ने हमें बताया कि हत्या के बाद अब तक कुल 9 आरोपित गिरफ्तार हुए हैं। इन आरोपितों में 7 मुस्लिम और 2 हिन्दू हैं। इसमें अब तक हाशिम, शकीर, रकीब, जाहिद, शहनवाज और अभिषेक के नाम प्रकाश में आए हैं। फूलननाथ ने इस पूरी घटना के पीछे स्थानीय झामुमो विधायक सुखराम उराँव की सजिश बताते हुए कहा कि पुलिस में उन्हें गिरफ्तार करने का साहस नहीं है। हमें आगे बताया गया कि अभी तक किसी भी आरोपित की जमानत नहीं हो पाई है, हालाँकि सभी आरोपितों ने जमानत अर्जी दाखिल की है।

फूलननाथ के मुताबिक, सरकारी वकील होने के बावजूद वो अपना खुद का वकील भी खड़ा कर के आरोपितों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने का प्रयास करेंगे।

हमसे बातचीत करते हुए मृतक के भाई फूलननाथ रोने लगे। रोते हुए उन्होंने हमें बताया कि भाई की हत्या के लगभग 10 दिनों बाद ही उन सभी ने मामले की CBI जाँच और आरोपितों का नार्को करवाने की माँग की, जिसको स्थानीय स्तर पर नहीं माना गया। उन्होंने बताया कि जब उनकी माँग नहीं मानी गई तब उन्होंने अपने परिवार के साथ अनशन का एलान किया। जहाँ भी उन्होंने अनशन की जगह माँगी, वहीं पर धारा 144 लागू होने की चेतावनी देते हुए स्थानीय प्रशासन ने मना कर दिया। आखिरकार, उन्होंने अपने घर के बगल उस जगह अनशन शुरू किया, जहाँ उनके भाई जनसेवा का कार्य किया करते थे।

CBI जाँच की माँग की वजह पूछने पर पीड़ित परिवार ने बताया कि स्थानीय विधायक सुखराव उराँव की सलिप्तता झारखंड पुलिस कभी चाह कर भी सामने नहीं ला सकती है। बकौल फूलननाथ, उनके अनशन के लगातार चलने के बाद भी सत्ता पक्ष से कोई उनसे बात भी करने को तैयार नहीं है। उन्होंने हमें बताया कि भाई का शव उठाने के दौरान प्रशासन ने मुआवजा और नौकरी जैसी माँगों पर गंभीरतापूर्वक विचार का भरोसा दिया था, लेकिन अब तक एक भी प्रशासनिक अधिकारी इस बाबत बात भी करने उनके घर नहीं आया।

फूलननाथ के अनुसार, उनके अनशन में उनके परिजनों के अलावा शुभचिंतक भी जमा होते हैं। उन्होंने बताया कि भाजपा के ही वरिष्ठ नेता उनके परिवार का हाल-चाल ले रहे हैं। उन्होंने कहा, “हमसे बात करने के दौरान फूलनदेव गिरी अपने भाई के लिए आयोजित एक कैंडिल मार्च में थे। उस कैंडिल मार्च में कमलदेव के हत्यारों को फाँसी दो फाँसी दो का नारा साफ सुनाई दे रहा था।”

नज़्ज़ू अंसारी ने शुभचिंतक को दी धमकी

फूलननाथ के मुताबिक, उनके भाई के लिए न्याय की माँग वाले धरने में शामिल होने वाले एक शुभचिंतक को नज्जू अंसारी नाम के एक व्यक्ति ने धमकी दी है। सुरक्षा कारणों से अपने शुभचिंतक का नाम बताने से मना करते हुए फूलननाथ ने कहा कि उनके भाई कमलदेव की हत्या के बाद तमाम लोग डरे हुए हैं। फूलननाथ के अनुसार, धमकी देने वाला नज्जू अंसारी झामुमो विधायक सुखराव उराँव का बेहद खास है और उनके सभी गलत काम संचालित करता है। हालाँकि, पुलिस के बस का कुछ ही न होना बताते हुए मृतक कमलदेव के भाई ने कहा कि इसी कारण से इस धमकी की शिकायत नहीं दर्ज करवाई गई।

सार्वजनिक स्थानों पर फैलाती है अश्लीलता, कार्रवाई करे मुंबई पुलिस: आर्यन खान की दोस्त के वकील अली काशिफ ने उर्फी जावेद के खिलाफ दर्ज कराई शिकायत

अपने बेबाक अंदाज और अतरंगी फैशन के कारण अक्सर सुर्खियों में रहने उर्फी जावेद (Uorfi Javed) के खिलाफ वकील अली काशिफ खान देशमुख ने अँधेरी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई है। ‘बिग बॉस ओटीटी (Bigg Boss OTT)’ की एक्स कंटेस्टेंट पर सोशल मीडिया और सार्वजनिक स्थानों पर अवैध, अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया गया है। एक पुलिस अधिकारी ने रविवार (11 दिसंबर, 2022) को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वकील काशिफ ने 9 दिसंबर, 2022 को उर्फी जावेद के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी।

सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और अपनी अजीबोगरीब ड्रेसिंग सेंस के मामले में उर्फी बॉलीवुड एक्ट्रेस तापसी पन्नू (Taapsee Pannu), ऋचा चड्ढा (Richa Chadha) और स्वरा भास्कर (Swara Bhasker) तक को पीछे छोड़ चुकी हैं। सोशल मीडिया पर उन्हें लाखों लोग फॉलो करते हैं।

वकील काशिफ खान ने 8 दिसंबर को मुंबई पुलिस को टैग करते हुए सिलसिलेवार दो ट्वीट किए और सवाल किया कि पुलिस ने अभी तक उर्फी के खिलाफ कोई कार्रवाई क्यों नहीं की। उन्होंने लिखा, “अभिनेत्री उर्फी जावेद सार्वजनिक तौर पर जो कर रही हैं, वह आईपीसी की धारा 294 के तहत अश्लील नहीं है, तो क्या है? जब ऐसे ही कृत्य के खिलाफ अभिनेता रणवीर सिंह पर कार्रवाई की जा सकती है, तो उसके खिलाफ क्यों नहीं? मुंबई पुलिस क्या इस तरह के अवैध कृत्यों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करना हमारा नैतिक कर्तव्य नहीं है?”

इसके बाद उन्होंने एक और ट्वीट में लिखा, “क्या संज्ञेय अपराधों को रोकने के लिए धारा 149 और संज्ञेय अपराध होने पर एफआईआर दर्ज करने के लिए सीआरपीसी की धारा 154 के तहत कार्रवाई करना और अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना मुंबई पुलिस का कर्तव्य नहीं है? उर्फी जावेद द्वारा लगातार सार्वजनिक स्थानों पर अश्लील हरकत की जा रही है।”

खान मुंबई ड्रग मामले की आरोपित मुनमुन धमेचा का केस लड़ रहे हैं। इस केस में शाहरुख खान के बेटे आर्यन खान को भी आरोपित बनाया गया था।

बता दें कि इससे पहले नवंबर 2022 में एक कार्यक्रम के दौरान चेतन भगत (Chetan Bhagat) ने उर्फी जावेद को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि उर्फी यूथ का ध्यान भटका रही हैं। उन्होंने कहा था, “आज यूथ सिर्फ उर्फी जावेद के वीडियो देख रहे हैं, फोटो लाइक कर रहे हैं। यह उर्फी की गलती नहीं है। वो तो अपना करियर बना रही हैं। लेकिन लोग बिस्तर में घुस कर उर्फी की फोटोज देख रहे हैं। मैं भी आज उर्फी की सब फोटोज देखकर आया हूँ।”

चेतन भगत की यह बात उर्फी को जरा भी रास नहीं आई थी। लेखक के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने अपनी इंस्‍टा स्टोरी में चेतन भगत को जमकर खरी-खोटी सुनाई थी। उर्फी ने कहा था, “उन्होंने सच में बकवास हरकत की है, जब अपने से आधी उम्र की लड़कियों को सोशल मीडिया पर मैसेज करते थे, तब उनके कपड़ों ने आपका ध्यान नहीं भटकाया था। आप उन इंसानों में से एक हो, जो अपनी हर गलती के लिए महिलाओं को दोषी मानते हैं।”

खुद को बताया था ‘आशीष ठाकुर’, निकला हसीन सैफी: उत्तराखंड को युवती को फाँस कर कई बार बनाए शारीरिक सम्बन्ध, वीडियो से कर रहा था ब्लैकमेल

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में ‘लव जिहाद’ का मामला सामने आया है। युवती का आरोप है कि हसीन शैफी ने खुद को आशीष ठाकुर बताते हुए दोस्ती की थी। सोमवार (12 दिसंबर, 2022) को वह युवती से कोर्ट मैरिज करने जा रहा था। इससे पहले ही उसकी सच्चाई सामने आ गई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उत्तराखंड निवासी युवती ग्रेटर नोएडा के दादरी कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत रह रही थी। वह, एक प्राइवेट कंपनी में काम करती है। इसी कंपनी में उसकी मुलाकात हसीन शैफी से हुई। मुलाकात के दौरान, हसीन ने खुद को आशीष ठाकुर बताते हुए युवती से दोस्ती की।

इस दोस्ती के बाद दोनों में बातचीत होने लगी और फिर प्रेम हो गया। इसके बाद, दोनों एक साथ सूरजपुर में एक किराए के मकान में रहने लगे। दो माह पहले ही पीड़ित युवती और आरोपित हसीन शैफी ने दादरी के एक मकान में रहना शुरू किया। इन दोनों का प्रेम आगे बढ़ गया था। आरोपित हसीन पीड़िता के साथ सोमवार (12 दिसंबर, 2022) को कोर्ट मैरिज करने की फिराक में था। लेकिन, इससे पहले ही पीड़िता को हसीन की सच्चाई पता चल गई।

शादी से पहले हुआ खुलासा

शुक्रवार (9 दिसंबर, 2022) को पीड़िता और हसीन शादी के लिए खरीदारी करने गए थे। इस दौरान, आरोपित का अब्बा शकील सैफी उसकी तलाश में दादरी स्थित उसके कमरे में पहुँचा था। वहाँ लोगों ने बताया कि उक्त कमरे में आशीष नहीं बल्कि हसीन रहता है।

खरीदारी करने के बाद युवती कमरे पर आई तो आरोपित हसीन की सच्चाई का खुलासा हो गया। पीड़िता का आरोप है, मजहब और नाम बदलकर प्रेमजाल में फँसाने वाले हसीन शैफी ने उसका शरीरिक शोषण करते हुए कई बार शारीरिक संबंध भी बनाए हैं और अश्लील वीडियो भी बनाया है। इन वीडियो के आधार पर वह शादी करने के लिए दबाव बना रहा था। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी जब हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं को हुई तो वे मौके पर पहुँच गए। इसके बाद, पुलिस को सूचना देकर आरोपित के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

‘कुत्ते (हैरी महाराणा) से सीखा हीरोइन का पाँव चाटना’: राम गोपाल वर्मा ने वायरल वीडियो के बाद तस्वीर के साथ दी सफाई, लोगों ने बताया पागल

फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Varma) अक्सर अपने विवादित बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने अपनी फिल्म ‘डेंजरस’ के प्रमोशन के दौरान एक्ट्रेस आशु रेड्डी के पैर की उँगलियों को चूमा और उन्हें चाटा। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो वायरल होने के बाद उनकी काफी आलोचना हुई। अब उन्होंने अपनी हीरोइन अप्सरा रानी के कुत्ते की तुलना खुद से की है। उन्होंने 9 दिसंबर 2022 को ट्वीट किया, “ऐ सबसे बड़ा डेंजरस मैं हूँ। खबरदार जो मेरी अप्सरा रानी को हाथ लगाया… जहाँ काटूँगा तुम लोग जानते भी नहीं।”

फिर इसके बाद उन्होंने 10 दिसंबर 2022 को दो तस्वीरें साझा कीं। पहली तस्वीर में अप्सरा रानी अपने कुत्ते के साथ हैं। वहीं दूसरी तस्वीर में राम गोपाल वर्मा एक्ट्रेस आशु रेड्डी के पैर पकड़े हुए और उनकी टाँगों को घूरते हुए दिखाई दे रहे हैं।

राम गोपाल वर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक साथ शेयर की गई इन दोनों तस्वीरों के साथ लिखा, “आशु रेड्डी के पैरों में बैठकर मैंने जो खतरनाक फिलिंग महसूस की, वह मैंने अप्सरा रानी के कुत्ते से सीखी हैं, जिसका इंस्टाग्राम अकाउंट मैंने यहाँ साझा किया है।” जी हाँ, अप्सरा रानी के साथ नजर आने वाले कुत्ते का princeharry18 के नाम से इंस्टाग्राम पर अकाउंट है। यहाँ पर उसकी 175 पोस्ट हैं और उसे 20 हजार लोग फॉलो भी करते हैं।

‘जंगल’ फिल्म के डायरेक्टर द्वारा शेयर की गई फोटो को 18 नवंबर 2022 को princeharry18 (हैरी महाराणा) के अकाउंट पर भी शेयर किया गया है। इसके साथ ही लव इमोजी के साथ लिखा है, “ओह गर्ल यू आर माइन।”

अपने विवादित ट्वीट्स को लेकर एक बार फिर से राम गोपाल वर्मा यूजर्स के निशाने पर आ गए हैं। रोहित गुप्ता लिखते हैं, “यह वही इंसान है जिसने हमें शिवा, रात, सत्या, कौन ,कंपनी , जंगल, सरकार, भूत जैसी शानदार फ़िल्में दी हैं। कहते हैं जीनियस पागल होते है आज देख भी लिया।”

एक और यूजर्स ने कहा कि ये कुत्ता आप हो क्या।

एक यूजर कहता है, “जलो मत। हो सकता है कि कुत्ते की परफॉर्मेंस आपसे बेहतर हो….।”

बता दें कि समलैंगिक संबंधों पर आधारित राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘डेंजरस (Dangerous)’ जल्द ही सिनेमा घरों में दस्तक देने वाली है। बताया जा रहा है कि इस फिल्म में भी काफी बोल्ड सीन हैं। ऐसे में वह अपनी फिल्म के प्रमोशन में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में राम गोपाल वर्मा ने हाल ही में एक्ट्रेस आशु रेड्डी (Ashu Reddy) के साथ अपना एक वीडियो शेयर किया था। वीडियो में वह इन्फ्लुएंसर और साउथ एक्ट्रेस आशु रेड्डी के कदमों में बैठे हुए और उनकी उँगलियों को चाटते नजर आए थे। सोशल मीडिया यूजर्स को उनकी यह हरकत बिल्कुल भी पसंद नहीं आई थी।

150 (6 बेगम+54 बच्चे) लोगों का परिवार, हार्ट अटैक से मर गए अब्दुल: इलाज करवाने के लिए भी घरवालों के पास नहीं थे पैसे

54 बच्चों के अब्बू और छह बेगम के शौहर अब्दुल मजीद की हार्ट अटैक से मौत हो गई है। पाकिस्तान का यह शख्स अपने छोटे कस्बेनुमा परिवार की वजह से चर्चा में रहता था। अब्दुल ट्रक चलाकर अपने परिवार का पेट पालता था और उसपर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी।

आश्चर्यजनक यह है कि 75 वर्षीय अब्दुल को बच्चे पैदा करने का इतना शौक था कि उसकी सबसे छोटी बेटी सात साल की थी और अधिकतर बच्चे 15 साल से कम उम्र के थे। उसकी पहली शादी 18 साल की उम्र में हुई थी। अब्दुल दिल का मरीज था। उसके घर में इतनी किल्लत थी कि मौत से पाँच दिन पहले तक वह ट्रक चला रहा था। पाकिस्तान के नौशकी जिले में रहने वाले अब्दुल की मौत बुधवार (7 दिसंबर 2022) को हुई थी।

अब्दुल मजीद के बेटे शाह वली ने बताया कि 54 बच्चों की जरूरतें पूरी करना आसान काम नहीं था। फिर भी उसके अब्बू पूरी जिंदगी इसी काम में लगे रहे। उसने बताया कि कभी भी अपने पिता को आराम करते नहीं देखा। शाह वली ने कहा कि उनमें से कोई बीए पढ़ा है तो कोई कोई मैट्रिक, लेकिन उनके पास रोजगार नहीं है। उसने बताया कि आर्थिक तंगी की वजह से ही अपने पिता का इलाज नहीं करा सके। वली 37 साल का है। वह भी अपने पिता की तरह ही ट्रक चलाता है।

अब्दुल पहली बार 2017 की जनगणना के दौरान सुर्खियों में आया था। पाकिस्तान में 2017 में 19 साल बाद जनगणना हुई थी। टीम ने पाया था कि अब्दुल अपनी 4 पत्नियों और 42 बच्चों के साथ रह रहा है। उसकी 2 पत्नियों और 12 बच्चों की मौत हो चुकी थी।

जनगणना कि रिपोर्ट के मुताबिक, अब्दुल के पोता-पोतियों को जोड़ लिया जाए तो यह 150 लोगों का परिवार है। जनगणना अधिकारी भी अब्दुल के परिवार के सदस्यों की संख्या जानकर हैरत में पड़ गए थे। अब्दुल अपने बच्चों और पत्नियों के साथ सात कमरों के घर में रहता था। वह बारी-बारी से बच्चों से मिलता था और पारिवारिक कार्यक्रमों में भाग लेता था।

2017 में एक इंटरव्यू में अब्दुल ने बताया था कि उसके पास पैसे नहीं हैं, फिर भी उसे 54 बच्चों के होने का कभी मलाल नहीं है। तंगी की वजह से उनके बच्चों को दूध नहीं मिल पाता। लिहाजा उनके कई बच्चों की मौत हो चुकी है। शुरुआत में उन्होंने कड़ी मेहनत करके अपने कुछ बच्चों को पढ़ाया-लिखाया लेकिन जैसे-जैसे उनकी उम्र बढ़ती गई, अब्दुल की काम करने की क्षमता भी कम होती चली गई।