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‘मैं मटर छीलने के लिए अध्यक्ष बना हूँ’: हिमाचल के होने वाले CM ने गाँधी परिवार के हर शख्स को जम कर कहा धन्यवाद, पार्टी अध्यक्ष खड़गे का नाम तक नहीं लिया

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) में मुख्यमंत्री पद के लिए हाईकमान ने सुखविंदर सिंह सुक्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) को चुना है। आज रविवार (11 दिसंबर 2022) को वे प्रदेश में अपने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेंगे। सुक्खू के साथ मुकेश अग्निहोत्री (Mukesh Agnihotri) उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री के रूप में नामित होने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू और मुकेश अग्निहोत्री ने गाँधी परिवार का आभार जताया। उन्होंने पार्टी के राष्ट्रीय मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) का नाम तक नहीं लिया। हालाँकि, शिमला के रिज मैदान में 11 बजे होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी और खड़गे शामिल रहेंगे।

सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा, “मैं सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, प्रियंका गाँधी और राज्य की जनता का आभारी हूँ। हमारी सरकार बदलाव लाएगी। लोगों से किए वादे पूरे करना मेरी जिम्मेदारी है। हम प्रदेश के विकास के लिए काम करेंगे।”

सुक्खू ने आगे कहा, “राजनीति की जो सीढियाँ मैंने चढ़ी हैं, उसमें गाँधी परिवार का बहुत योगदान रहा है। हम सत्ता में परिवर्तन के लिए आए हैं।” बता दें कि बस ड्राइवर के बेटे सुक्खू ने अपनी राजनीति की शुरुआत एक छात्र नेता के रूप में की थी। उन्हें राहुल गाँधी ने प्रदेश का पार्टी अध्यक्ष भी बनाया था।

सुखविंदर सिंह के बयान के बाद सोशल मीडिया पर यूजर मल्लिकार्जुन खड़गे और उनके पद को लेकर लोग सवाल उठाने लगे हैं। हर्षवर्धन त्रिपाठी नाम के एक शख्स ने लिखा, “सुक्खू जी, जिस कॉन्ग्रेस पार्टी के अध्यक्ष खड़गे जी हैं, उसी की हिमाचल प्रदेश में आप सरकार चलाएँगे ना?”

इसको लेकर मनोज बजाज नाम के यूजर ने भी कटाक्ष किया। उन्होंने सोनिया गाँधी के साथ वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का फोटो शेयर करते हुए लिखा, “मैडम, क्या मैं मटर छिलने के लिए अध्यक्ष बना हूँ?”

गौरतलब है कि प्रदेश के 6 बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत वीरभद्र सिंह की पत्नी प्रतिभा वीरभद्र सिंह कॉन्ग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वहीं, सुक्खू विधानसभा चुनावों के दौरान प्रचार समिति के प्रमुख थे। मुकेश अग्निहोत्री राज्य में विपक्ष के नेता थे। उधर मुकेश अग्निहोत्री ने वीरभद्र सिंह का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने विश्वास जताकर उन्हें नेता प्रतिपक्ष की भूमिका दी थी।

मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान होने के बाद सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि राज्य प्रतिभा सिंह समर्थकों को नकारा नहीं जाएगा। प्रतिभा सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह को मंत्रिमंडल में कैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। इसके साथ उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में कोई गुटबाजी नहीं है और सब लोग मिलकर काम करेंगे।

पगड़ी वाला सिख, रंगीन दाढ़ी वाला मौलवी और क्रॉस वाला पादरी… राहुल गाँधी की ‘भाईचारे’ वाली तस्वीर, लोगों ने पूछा – इसमें हिन्दू क्यों गायब है?

कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की एक नई तस्वीर सामने आई है। तस्वीर को कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से शेयर किया गया है। तस्वीर शेयर होते ही लोग कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी पर जमकर निशाना साध रहे हैं।

दरअसल, कॉन्ग्रेस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से जो तस्वीर शेयर की गई है, उसमें राहुल के साथ चार लोग हैं। सभी राहुल गाँधी का हाथ थामे हुए हैं। तस्वीर को शेयर करते हुए लिखा गया है, “बढ़े कदम हिंदू-मुस्लिम-सिख-ईसाई, मिलकर भाईचारे की अलख जगाई।”

तस्वीर में जिन चार लोगों की तस्वीर शेयर की गई है, इनमें से तीन के धर्म की पहचान उनके वेशभूषा के आधार पर की जा सकती है। राहुल के दाहिनी तरफ पगड़ी पहने सरदार जी दिख रहे हैं। इससे उनके सिख होने का पता चलता है। बाईं ओर टोपी और लंबी रंगीन दाढ़ी में मौलाना के मुस्लिम होने की पहचान आसानी से हो रही है। उनके बगल में जो व्यक्ति हैं वो पादरी की वेशभूषा में हैं जो ईसाई संप्रदाय का प्रतिनिधित्‍व कर रहे हैं। तस्वीर में यदि किसी धर्म की अनुपस्थिती महसूस हो रही है तो वह है सनातन (हिंदू) धर्म।

तस्‍वीर शेयर होने के बाद से ही लोगों ने पूछना शुरू कर दिया है कि तस्वीर में हिंदू धर्म का प्रतिनिधित्‍व कौन कर रहा है? लोग पूछ रहे हैं कि अगर सभी धर्मों और पंथों के लोगों को उनकी पारंपरिक वेशभूषा में दिखाया गया है तो फिर हिंदुओं के मामले में ऐसा क्‍यों नहीं किया गया है।

ट्विटर पर प्रदीप नाम के यूजर ने लिखा, “आपकी इस तस्वीर में मैं हिंदू खोज रहा हूँ। मुझे ईसाई, मुस्लिम, सिख, पश्चिमी परिधान में बुजुर्ग और राहुल गाँधी दिखे लेकिन हिंदू नहीं दिखे। आपके दिमाग में भी हिंदुओं का यही स्थान है। आपके शासन में इस देश में हिंदू ऐसे ही गुम हो जाएँगे।”

बिजु नाम के एक दूसरे यूजर ने लिखा कि ईसाई, मुस्लिम और सिख ऐसे कपड़े पहने हुए हैं जो उन्हें पसंद है। लेकिन एक हिंदू ने यदि हिंदू की तरह कपड़े पहन लिए तो लोग उन्हें संघी समझने लगेंगे। परिणामस्वरूप एक हिंदू को धर्म निरपेक्षता का खामियाजा भुगतना पड़ता है और दूसरे धर्म के लोग जो चाहते हैं वही करते हैं।

ज्यादातर लोग तो सीधे सवाल कर रहे हैं कि तस्वीर में हिंदू कहाँ है?

नारायण सिंह नाम के यूजर ने लिखा कि बाकी के तीन धर्मों के लोग तो पहचान में आ रहे हैं लेकिन हिंदू कौन है? हिंदू न तो अपने पारंपरिक वेशभूषा में है और न ही तिलक में।

मीना राधे नाम की यूजर ने लिखा है कि यह वही लोग हैं जिन्होंने हिंदुत्ववादियों को आतंकी घोषित कर दिया। इसमें हिंदू कहाँ है? हिंदुओं की पहचान कोटपैंट नहीं भगवा है। कॉन्ग्रेस ने हिंदुओं के साथ जितना दगा किया है उतना किसी ने नहीं किया।

यह पहली बार नहीं है जब ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान हिंदुओं को ठेस पहुँचाने की कोशिश हुई है। इसी यात्रा के दौरान राहुल गाय की हत्‍या करने वाले रिजिल मकुट्टी के साथ देखे गए थे। आपको बता दें बीफ प्रतिबंध के विरोध में मकुट्टी ने सड़क पर एक बछड़े को काटा था। इसके पहले तमिल पादरी जॉर्ज पोन्‍नैया के साथ राहुल की मुलाकात भी विवाद में रही थी। दोनों की मुलाकात का एक वीडियो क्लिप वायरल हो गया था। इसमें पादरी यह कहते हुए सुना गया था कि यीशु ही असली भगवान हैं।

कैफे में बैठकर हिंदू लड़की के साथ फैजान कर रहा था अश्लील हरकत, बजरंग दल ने पकड़ा तो नाम गलत बताया: ID से खुली पोल, कार्यकर्ताओं ने पुलिस को सौंपा

मध्य प्रदेश के इंदौर में एक हिंदू लड़की के साथ कैफे में बैठकर अश्लील हरकत करने वाले मुस्लिम युवक की बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने जमकर पिटाई कर उसे पुलिस के हवाले किया है। आरोपित की पहचान फैजान के रूप में हुई है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का कहना है कि मामला लव जिहाद का है। फैजान कैफे में बैठकर लड़की के साथ अश्लीलता कर रहा था, नाम पूछने पर उसने हिंदू नाम बताया था।

दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, यह पूरा घटनाक्रम इंदौर के पाटनीपुरा चौराहा स्थित ठाकुर सा कैफे का है। जहाँ, लव जिहाद की शिकायतें मिलने के बाद बजरंग दल के कार्यकर्ता कैफे पहुँचे थे। जहाँ, उन्होंने देखा कि एक युवक लड़की के साथ अश्लील हरकत कर रहा था। इस पर, उन लोगों ने उससे पूछताछ करना शुरू किया।

आरोप है कि बजरंग दल के कार्यकर्ताओं द्वारा की गई पूछताछ के दौरान फैजान ने खुद को हिंदू बताने की कोशिश करते हुए हिंदू नाम बताया था। हालाँकि, पूछताछ के दौरान उसकी बातों पर शक होने के बाद कार्यकर्ताओं ने उससे आईडी (पहचान पत्र) माँगा तब वह बहाने बनाने लगा। लेकिन, कड़ी पूछताछ के बाद उसने अपनी आईडी दिखाई, जिसमें उसका नाम फैजान था। इससे कार्यकर्ता गुस्से में आ गए और उसकी पिटाई कर दी। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने फैजान के चेहरे पर मिले लिपस्टिक के निशान के वीडियो भी बनाए हैं।

आरोपित फैजान इंदौर के चंदन नगर क्षेत्र का रहने वाला है और इंस्टाग्राम पर रील बनाता है व हिंदू युवतियों से चैटिंग कर दोस्ती करता है। इंस्टाग्राम में उसके बड़ी संख्या में फॉलोअर्स हैं। इनका सहारा लेकर ही वह भोली-भाली लड़कियों को फँसाता है।

बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने आरोपित युवक को एमआईजी थाने की पुलिस के हवाले कर दिया। वहीं, युवती के परिजनों को भी थाने बुलाकर सौंप उसे दिया। बदनामी के डर से युवती की ओर से थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं करवाई गई है।

दरअसल, इंदौर में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को जानकारी मिली थी कि मुस्लिम युवक हिंदू लड़कियों को लेकर कैफे में जाते हैं। इसके चलते ही कार्यकर्ताओं ने लव जिहाद के खिलाफ अभियान चलाया हुआ है। बताया जा रहा है कि शहर में ऐसे कई मुस्लिम युवक हैं जो खुद को हिंदू बताते हुए पहले हिंदू लड़कियों से दोस्ती करते हैं फिर प्रेम जाल में फंसाकर लव जिहाद को अंजाम देते हैं।

‘गोखले पागल हो गए, हमें केस करना होगा’ : TMC नेता पर मेघालय सरकार ने करवाया मानहानि का मामला दर्ज, गुजरात पुलिस 2 बार कर चुकी है गिरफ्तार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के करीबी और तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय प्रवक्ता साकेत गोखले की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रहा हैं। दरअसल, झूठ फैलाने के दो मामलों में गिरफ्तारी झेलने के बाद अब साकेत गोखले के खिलाफ मेघालय सरकार ने मानहानि का मुकदमा दायर किया है। उन पर यह मुकदमा, इकोटूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट में 632 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाने के मामले में दर्ज किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मेघालय सरकार के अंतर्गत काम करने वाली मेघालयन एज लिमिटेड ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, पूर्वी खासी हिल्स जिले की अदालत में आपराधिक प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 200 सहपठित धारा 190 के तहत शिकायत दर्ज की है। इस शिकायत में कंपनी ने साकेत गोखले पर आपराधिक मुकदमा चलाने की माँग की है।

योजना विभाग के आयुक्त और सचिव द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है, “साकेत गोखले पर प्रिंट/इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में झूठे और मानहानिकारक बयान देने के लिए भारतीय दंड संहिता (IPC) 1860 की धारा 500 के तहत दंडनीय धारा 499 के तहत आपराधिक मानहानि का मुकदमा चलाया जाना चाहिए। वहीं कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि आरोपित द्वारा दिए गए बयान भी IPC की धारा 505 के तहत आपराधिक हैं और सार्वजनिक शरारत के अपराध से संबंधित हैं।”

साकेत गोखले ने क्या कहा था

TMC नेता साकेत गोखले ने आरोप लगाते हुए कहा था कि मेघालय एज लिमिटेड ने इकोटूरिज्म इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के कार्यान्वयन में 632 करोड़ रुपए का घोटाला किया है। मेघालय सरकार इस परियोजना को न्यू डेवलपमेंट बैंक से ऋण लेकर कार्यान्वित कर रही है। गोखले ने आरोप लगाया कि परियोजना के लिए निविदाएँ (टेंडर) गुप्त रूप से मंगाई गईं थीं। गोखले ने यह भी कहा था कि इसमें हुई अनियमितताएँ कंपनी मेघालयन एज के अंतर्गत हुई हैं। इस कंपनी का नेतृत्व सीएम कोनराड संगमा के बड़े सहयोगी आईएएस अधिकारी डी विजय कुमार कर रहे हैं।

मेघायल सरकार की प्रतिक्रिया

साकेत गोखले के इन आरोपों को लेकर मेघालय के उप मुख्यमंत्री प्रेस्टोन टाइनसॉन्ग ने कहा था कि गोखले का इरादा सिर्फ सरकार की छवि खराब करना है। उन्होंने कहा था, “मुझे व्यक्तिगत रूप से लगता है कि वह (गोखले) पागल हो गए हैं। वह राज्य सरकार के कामकाज के बारे में इस तरह के आरोप लगाते रहते हैं। अब हमारे पास और धैर्य नहीं है। हमें उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर करना होगा।”

बता दें कि इससे पहले गुजरात की अहमदाबाद पुलिस ने साकेत गोखले को सोमवार (5 दिसंबर 2022) को गिरफ्तार किया था। गोखले की यह गिरफ्तारी मोरबी हादसे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दौरे को लेकर फैलाए गए झूठ को लेकर हुई थी।

दरअसल, साकेत गोखले ने मनगढ़ंत समाचार रिपोर्ट शेयर की थी। गुजराती समाचार पत्र की कथित क्लिपिंग साझा करते हुए दावा किया था कि पीएम मोदी की मोरबी यात्रा पर 30 करोड़ रुपए खर्च किए गए थे। जो क्लिपिंग साझा की थी, वह कथित तौर पर ‘गुजरात समाचार’ का था। भाजपा ने इसे मनगढ़ंत बताते हुए कहा था कि ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित नहीं हुई है। साथ ही बताया था कि ऐसा कोई आरटीआई जवाब भी नहीं है। ‘गुजरात समाचार’ ने भी कहा था कि उन्होंने ऐसी कोई रिपोर्ट प्रकाशित ही नहीं की है। हालाँकि, इसके बाद उन्हें गुरुवार (8 दिसंबर 2022) को जमानत मिल गई थी।

इस मामले में जमानत मिलने के कुछ घण्टों बाद ही एक अन्य मामले में गुजरात की मोरबी पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार (9 दिसंबर 2022) को उन्हें जमानत मिल गई थी।

‘जिस राज्य में 97% हिंदू, वहाँ हमने हिंदुत्व की विचारधारा को हराया’ : हिमाचल में CM पद की शपथ लेने से पहले कॉन्ग्रेस नेता सुखविंदर का Video वायरल

हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस पार्टी ने सुखविंदर सिंह सुक्खू को हिमाचल प्रदेश का नया मुख्यमंत्री बनाने का फैसला किया है। शपथ ग्रहण से पहले ही सुखविंदर सिंह सुक्खू का एक विवादित बयान वायरल हो रहा है। इस वीडियो में सुक्खू कह रहे हैं, “जिस राज्य में 97 प्रतिशत हिंदू रहते हैं वहाँ हमने बीजेपी के हिंदुत्व की विचारदारा को हराया है।”

भाजपा नेता तजिंदर पाल सिंह बग्गा ने ट्विटर पर वीडियो शेयर किया है। जिसपर लगातार लोगों की प्रतिक्रिया सामने आ रही है। 11 सेकेंड के इस वीडियो में कॉन्ग्रेस नेता सुखविंदर सिंह सुक्खू मीडिया वालों से कह रहे हैं,

“जिस राज्य में 97% हिंदू हों वहाँ हमने भाजपा की हिंदुत्व की विचारधारा को हराया है।”

आपको बता दें कि कॉन्ग्रेस ने आज ही विधायक दल की बैठक के बाद हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पद के लिए सुखविंदर सिंह सुक्खू के नाम की घोषणा की है। पार्टी ने मुकेश अग्निहोत्री को राज्य का डिप्टी सीएम बनाने का फैसला किया है। सुखविंदर सिंह सुक्खू रविवार (11 जिसंबर, 2022) को सुबह 11 बजे मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।

भले ही कहा जा रहा हो कि सीएम पद के लिए प्रतिभा सिंह ने भी सुक्खू के नाम का समर्थन कर दिया है। लेकिन पार्टी के अंदर वर्चस्व की लड़ाई खुलकार सामने आ चुकी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक विधायक दल की बैठक के बीच प्रतिभा सिंह को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में भीड़ सिसल होटल के बाहर जुट गई और नारेबाजी की। कुछ देर तक नारेबाजी होने के बाद काफिला होटल से निकल गया। हॉली लॉज (प्रतिभा सिंह का महल) समर्थक युवाओं की एक टीम कॉन्ग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुँची और प्रतिभा सिंह एवं उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में नारेबाजी करने लगी। हिमाचल में जगह-जगह युवा प्रतिभा सिंह को सीएम बनाने की माँग कर रहे थे। प्रतिभा सिंह के समर्थकों ने ‘हाईकमान होश में आओ’, ‘हॉली लॉज सातवीं बार’ के नारे लगा रहे थे।

दरअसल, प्रतिभा सिंह के पति वीरभद्र सिंह 6 बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस बार भी समर्थक उनके ही परिवार के लिए सीएम पद की माँग कर रहे थे। समर्थकों ने आरोप लगाया कि सोची-समझी साजिश के तहत पहले प्रतिभा सिंह को प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनाया गया उन्हें सीएम पद से बाहर कर दिया गया। समर्थकों का कहना है कि दिवंगत वीरभद्र सिंह के नाम पर वोट माँगे गए और अब प्रतिभा सिंह की अनदेखी कर दी गई।

‘अब लड़ाई मोदी से बड़ा हिंदू बनने की है…’ : गुजरात चुनावों में फजीहत के बाद बोले ओवैसी, कहा- ‘मुस्लिमों कॉन्ग्रेस से रोमांस करना छोड़ो, हम मोहब्बत करेंगे’

खुद को देश भर के मुसलमानों का रहनुमा बताने वाले AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने गुजरात चुनाव में वोट काटने के आरोपों को खारिज किया है। ओवैसी ने कहा है कि बीजेपी इसलिए जीत रही है क्योंकि उसे हिंदू वोट ज्यादा मिल रहे हैं। असदुद्दीन ओवैसी ने कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी पर भी आरोप लगाते हुए कहा है राजनीतिक लड़ाई आगे बढ़ चुकी है और अब यह देखा जा रहा है कि पीएम मोदी से “बड़ा हिंदू” कौन है।

एजेंडा आज तक में बोलते हुए, ओवैसी ने कहा है, “भाजपा का स्पष्ट रूप से मुस्लिमों से कोई संबंध नहीं है। आम आदमी पार्टी और कॉन्ग्रेस भी वही काम कर रहे हैं। अब पूरी राजनीतिक लड़ाई इस बात में बदल गई है कि पीएम मोदी से बड़ा हिंदू कौन है। ऐसे में भारतीय राष्ट्रवाद कहाँ जाएगा?”

इसके अलावा, उन्होंने गुजरात पर AIMIM की हार पर बात करते हुए कहा है कि मुस्लिम समाज को ये बात समझनी चाहिए कि कॉन्ग्रेस से उनको रोमांस या इश़्क अब खत्म करना होगा, क्योंकि वो बीजेपी को नहीं हरा पाएँगे। मुसलमान कॉन्ग्रेस से जो मोहब्बत कर रहे हैं, वह गलत कर रहे हैं। मुस्लिमों को लगता है कि उन्हें कॉन्ग्रेस से कुछ मिलेगा लेकिन उन्हें कुछ नहीं मिलेगा। मुसलमानों के दिमाग में ये बात डाल दी गई है कि वे बीजेपी को हरा सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा है, “बीजेपी इसलिए जीत रही है, क्योंकि उसे ज्यादा हिंदू वोट अधिक मिल रहा है। बीजेपी को जो वोट मिल रहा है उसे कॉन्ग्रेस और आम आदमी पार्टी रोक नहीं पा रहे हैं। मुसलमानों के लिए आप बलि का बकरा बन जाइए, लेकिन कब तक? उसके जिम्मेदार हम कहाँ हैं? हमारी मोहब्बत तो जारी रहेगी, मरते दम तक हम मोहब्बत करेंगे, क्योंकि आशिक को लोग याद रखते हैं। हमारी मोहब्बत संविधान में है।”

उन्होंने यह भी कहा है, “बीजेपी कुछ नहीं है, सब मोदी है। मोदी की वजह से जीत रहे हैं। मोदी नहीं तो ये सब सूखे पत्तों की तरह उड़ जाएँगे। मैं मोदी का फैन नहीं हूँ। मैं बस सच्चाई बता रहा हूँ। सच ये है कि मोदी पॉपुलर हैं, दूसरे पॉपुलर नहीं हैं।”

समान नागरिक संहिता पर बोलते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने भाजपा और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी पर निशाना साधा। ओवैसी ने कहा, “मैं गडकरी को सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने की चुनौती देता हूँ। आपकी संस्कृति संस्कृति है, लेकिन मेरी संस्कृति, संस्कृति नहीं है?”

ओवैसी ने जोर देते हुए कहा है, “मुस्लिमों की पत्नियाँ वैध पत्नियाँ हैं। उन्हें, रखरखाव और संपत्तियों में हिस्सा मिलता है। वे लोग समान नागरिक संहिता के बारे में बात करते हैं लेकिन ‘लव जिहाद’ पर लोगों पर हमला करते हैं।”

दरअसल, इससे पहले नितिन गडकरी ने समान नागरिक संहिता पर बोलते हुए कहा था कि चार पत्नियाँ रखना अप्राकृतिक है। गडकरी ने सवाल उठाते हुए कहा था आप किसी मुस्लिम देश को जानते हैं जिसमें दो नागरिक कोड हैं? यदि कोई पुरुष किसी महिला से शादी करता है, तो यह स्वाभाविक है। लेकिन अगर कोई पुरुष चार महिलाओं से शादी करता है तो यह अप्राकृतिक है। मुस्लिम समुदाय के प्रगतिशील, शिक्षित चार बार शादी नहीं करते।

‘भले रोज शतक न मारे, पर लिखकर गारंटी भी नहीं देता’ : गुजरात चुनावों की हार को CM भगवंत मान कर रहे थे विराट के नाम पर जस्टिफाई, कोहली फैन्स ने लताड़ा

भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली ने आज (10 दिसंबर 2022) करीब 3 साल बाद बांग्लादेश की पिच पर अपने वनडे करियर का 44वाँ शतक जड़ा। उनकी इस सेंचुरी के बाद सोशल मीडिया पर उनके कमबैक को लेकर धड़ाधड़ पोस्ट आने लगे। इसी बीच कोहली फैन्स पंजाब मुख्यमंत्री भगवंत मान को भी ट्रोल करते दिखे।

दरअसल, आज कोहली के शतक बनाने से कुछ देर पहले पंजाब सीएम ने एक चर्चा के बीच उनका जिक्र किया था। गुजरात चुनावों में मिली हार पर उठे सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कोहली का उदाहरण दिया था। उन्होंने कहा था कि हर दिन तो विराट कोहली भी सेंचुरी नहीं मारता, हम लगातार मेहनत करते हैं।

मान के इसी बयान के कुछ देर बाद खबर आई कि टीम इंडिया और बांग्लादेश के बीच चल रहे मैच में कोहली ने अपना शतक जड़ा है। यही नहीं वनडे क्रिकेट में भी सबसे ज्यादा शतक जड़ने वाले वह सचिन तेंदुलकर के बाद दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं। तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में 49 शतक मारे हैं। वहीं विराट कोहली ने 44।

विराट कोहली पर दिए गए सीएम मान के बयान को देखते कोहली फैन्स सक्रिय हुए और जवाब देते हुए उन्हें बेवड़ा आदि कहने लगे। एक यूजर ने कहा- “अबे आज ही सेंचुरी मारी है विराट कोहली ने।”

एक ने लिखा, “कोई बताओ इनको आज ही कोहली शतक जड़के गया है।”

इसके अलावा लोगों ने उनपर इस बात भी तंज कसा जो वो गुजरात चुनावों में सबकों अपनी जीत के बारे लिख कर दे रहे थे। एक ने कहा, “हाँ, कोहली रोज शतक नहीं जड़ता पर वो लिखकर गारंटी भी नहीं देता कि वो हर मैच में सेंचुरी मारेगा।”

श्रवण कुमार ने कहा, “विराट कोहली शतक मारने से पहले यह नहीं कहते कि आज मैं शतक मारूँगा लेकिन केजरीवाल चिल्ला कर कह रहे थे की गुजरात और हिमाचल मे हमारी सरकार बन रही है।”

‘…गैर-मुस्लिमों को मदरसे में दाखिला देना गैर-कानूनी’ : NCPCR के आदेश के बाद कट्टरपंथियों ने उड़ाई ‘टारगेट’ करने की अफवाह, अध्यक्ष बोले- मदरसे, स्कूल नहीं होते

मदरसों में गैर मुस्लिम बच्चों को दाखिला देने के मामले में राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग (NCPCR) ने सभी राज्य सरकारों व केंद्र शासित प्रदेशों को गहन जाँच का आदेश दिया है। यह जाँच रिपोर्ट सौंपने के लिए आयोग ने 30 दिनों की समय सीमा दी है। यह आदेश सरकारी अनुदान पाने वाले सभी मदरसों के लिए जारी हुआ है। इसी पत्र में सभी मदरसों की मैपिंग भी करने के लिए कहा गया है। NCPCR के चेयरपर्सन द्वारा यह पत्र गुरुवार (8 दिसंबर 2022) को जारी हुआ है।

इस आदेश के बाद सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है कि ऐसा करके अल्पसंख्यकों के स्कूलों को टारगेट किया जा रहा है जिसपर एनसीपीसीआर अध्यक्ष ने कहा है कि मदरसों और स्कूलों में फर्क होता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनसीपीसीआर के पत्र में देश भर के तमाम प्रदेशों के मुख्य सचिव को सम्बोधित किया गया था। इस पत्र में कहा गया था कि किसी भी बच्चे को बिना उनके परिजनों की इच्छा के धार्मिक शिक्षा देना गैरकानूनी है। आयोग ने इसे अनुच्छेद 28(3) का उल्लंघन बताया है। NCPCR ने यह भी कहा है कि आयोग को इस बावत कई शिकायतें मिली हैं जिसके बाद इस दिशा में कदम उठाए गए हैं।

इसी पत्र में आगे बताया गया है कि आयोग को जानकारी मिली है कि मदरसों में पढ़ने वाले उन गैर मुस्लिम छात्रों को सरकारों की तरफ से वजीफा भी दिया जा रहा है। प्रियांक कानूनगो के मुताबिक जिस भी मदरसे में गैर मुस्लिम छात्र को मज़हबी तालीम मिल रही हो उसका फ़ौरन ही दूसरे स्कूल मे दाखिला करवाया जाना चाहिए।

अफवाह उड़ाने वालों को भी रोका गया

NCPCR के इस आदेश के बाद अफवाहों का बाजार गर्म करने की कोशिश की गई। इस कोशिश में @thecompanionn नाम के हैंडल ने लिखा, “अल्पसंख्यकों के स्कूलों पर निगरानी हो रही है।” सादात हुसैन ने इस आदेश पर बाकायदा एक लेख भी लिख डाला। अपने लेख में सादात ने इस आदेश को टारगेट करने जैसा बताया।

इस लेख पर कमेंट करते हुए NCPCR चेयरमैन प्रियांक कानूनगो ने स्पष्टीकरण दिया है। प्रियांक के मुताबिक आदेश मदरसों के लिए जारी हुआ है न कि स्कूलों के लिए। उन्होंने अफवाह न उड़ाने की सलाह देते हुए बताया कि खबर लिखने वाले को स्कूल और मदरसे में फर्क पता होना चाहिए क्योंकि मदरसे स्कूल नहीं हैं।

‘मोहब्बत, जवानी में हवस होती है…’ : महाराष्ट्र में लव जिहाद विरोधी कानून बनने की बात सुन भड़के जमीयत उलेमा के महासचिव, कहा- हिन्दुओं पर भी लागू हो

महाराष्ट्र में लव जिहाद कानून बनाए जाने की तैयारी चल रही है। राज्य में लगातार सामने आ रहे लव जिहाद के मामलों के मद्देनजर लव जिहाद कानून की माँग की जा रही है। खबर है कि महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे सरकार जल्दी ही इस पर बड़ा फैसला ले सकती है।

एक तरफ राज्य सरकार कानून लाने की तैयारी में है तो दूसरी तरफ कानून का विरोध भी शुरू हो चुका है। जमीयत-उलेमा-ए हिंद के महाराष्ट्र महासचिव गुलजार आजमी ने पहले ही कानून की मुखालिफत (विरोध) कर दी। उन्होंने कहा कि कानून एक तरफा नहीं होना चाहिए। कानून बनेगा तो यह कानून उन हिन्दुओं पर भी लागू होना चाहिए, जो मुस्लिम लड़कियों से इश्क करते हैं और उसको अपने पास रखते हैं।

गुलजार आजमी ने कहा, “पहले इतना शोर नहीं मचाया जाता था। जब से फिरकापरस्तों की हुकूमत इस मुल्क में कायम हुई है, उन्होंने लव जिहाद के नाम का एक हव्वा खड़ा कर दिया है। बीजेपी के दो नेता जो खुद मुस्लमान हैं, लेकिन उनकी बीवियाँ हिन्दू हैं। उन्होंने भी दो लव जिहाद किया, उसका क्या होगा?”

रिपब्लिक भारत की एक रिपोर्ट के मुताबिक आजमी ने विवादित बयान देते हुए कहा,

“मोहब्बत जवानी में एक हवस होती है, असल मोहब्बत नहीं होती है, खाली हवस होती है। मोहब्बत उस वक्त होती है, जब 40 की उम्र पार हो जाती है।”

गुलजार आजमी ने आगे कहा कि हिन्दू और मुसलमान में जज्बात को लेकर दूरियाँ पैदा करना गलत बात है। इस्लाम इसकी इजाजत नहीं देता है कि मुस्लिम मर्द, गैर-मुस्लिम से शादी करे या मुस्लिम औरत, गैर मुस्लिम मर्द से शादी करे।

उधर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि उनकी सरकार ‘लव जिहाद’ पर कानून बनाने के लिए दूसरे राज्यों द्वारा बनाए गए कानून का अध्ययन करेगी। उसी के अनुसार राज्य में लव जिहाद कानून बनाएँगे। उन्होंने कहा, “हमने अभी तक इस पर कोई फैसला नहीं लिया है।”

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, हरियाणा और गुजरात समेत बीजेपी शासित कई राज्यों ने लव जिहाद को कानून बनाए हैं। श्रद्धा मर्डर केस के बाद महाराष्ट्र की सरकार पर लव जिहाद कानून बनाने को लेकर दबाव है।

मुंबई की रहने वाली श्रद्धा के लिव-इन पार्टनर आफताब ने दिल्ली में उसका बेरहमी से कत्ल कर दिया था। उसके लाश के 35 टुकड़े कर के दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में फेंक दिया था। फिलहाल आफताब पुलिस की गिरफ्त में है और हत्याकांड की जाँच जारी है। लोग इस हत्याकांड को ‘लव जिहाद’ से भी जोड़ कर देख रहे हैं।

‘हाईकमान होश में आओ…’: हिमाचल में CM पद के लिए प्रतिभा सिंह समर्थकों ने की नारेबाजी, मुख्यमंत्री पद के लिए सुखविंदर सुखू के नाम का ऐलान

हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) विधानसभा चुनावों में 68 में से 40 सीटों के साथ कॉन्ग्रेस को बहुमत मिला है, लेकिन यह बहुमत पार्टी के लिए मुसीबत बना हुआ है। दो दिन बीत जाने के बाद भी सीएम पद को लेकर पार्टी में घमासान मचा हुआ है। हालाँकि, हाईकमान ने अंतत: सीएम पद के नाम का ऐलान कर दिया।

देर शाम तक चली विधायक दल की बैठक में सुखविंदर सिंह सुख्खू (Sukhvinder Singh Sukhu) और मुकेश अग्निहोत्री के नाम की घोषणा की गई। सुखविंदर सिंह हिमाचल के अगले मुख्यमंत्री होंगे, जबकि मुकेश अग्निहोत्री उप-मुख्यमंत्री होंगे। पथ और गोपनीयता की शपथ का कार्यक्रम कल 11 बजे होगा।

इससे पहले शुक्रवार को हुए विधायक दल की बैठक में एक लाइन का प्रस्ताव पारित कर सीएम बनाने की जिम्मेवारी सीधे हाईकमान को सौंप दी गई थी। इसके बाद हिमाचल प्रदेश में कॉन्ग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला, पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल शिमला पहुँचे।

इस बीच प्रतिभा सिंह को मुख्यमंत्री बनाने के पक्ष में भीड़ सिसल होटल के बाहर जुट गई और नारेबाजी की। कुछ देर तक नारेबाजी होने के बाद काफिला होटल से निकल गया। हॉली लॉज (प्रतिभा सिंह का महल) समर्थक युवाओं की एक टीम कॉन्ग्रेस कार्यालय राजीव भवन पहुँची और प्रतिभा सिंह एवं उनके बेटे विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में नारेबाजी करने लगी। हिमाचल में जगह-जगह युवा प्रतिभा सिंह को सीएम बनाने की माँग कर रहे हैं।

उधर दिन भर प्रतिभा सिंह के समर्थन में विधायकों का हॉली लॉज पहुँचने का सिलसिला जारी रहा। चार और विधायक अपने समर्थकों के साथ हॉली लॉज पहुँचे और प्रतिभा सिंह को अपना समर्थन दिया। रामपुर से चौथी बार जीते नंदलाल और रोहड़ू से तीसरी बार जीते मोहनलाल ब्राक्टा अपने समर्थकों के साथ हॉली लॉज पहुँचे।

दोनों नेताओं ने प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह एवं शिमला ग्रामीण से विधायक विक्रमादित्य सिंह को जीत की बधाई दी। इसके साथ ही दोनों नेताओं एवं उनके समर्थकों ने हॉली लॉज में प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह के पक्ष में नारे भी लगाए। 

इन दोनों के बाद ठियोग से पहली बार चुनकर आए पूर्व प्रदेश अध्यक्ष कुलदीप राठौर अपने समर्थकों के साथ आए। दोपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे शाहपुर से निर्वाचित विधायक केवल सिंह पठानिया भी अपने समर्थकों के साथ हॉली लॉज आए। इन्होंने भी प्रतिभा सिंह और विक्रमादित्य सिंह को जीत की बधाई दी।

कुछ देर बाद कॉन्ग्रेस के प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त आए। यहाँ उन्होंने प्रतिभा सिंह से करीब 20 मिनट तक बातचीत की। इसके बाद प्रतिभा सिंह और संजय दत्त पार्टी के चुनाव पर्यवेक्षक भूपेंद्र सिंह हुड्डा, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भुपेश बघेल और राजीव शुक्ला से मिलने चौड़ा मैदान सिसल होटल को रवाना हो गए।

उधर अलग-अलग मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से अलग-अलग दावे किए जा रहे थे। एक रिपोर्ट मे कहा गया कि प्रियंका गाँधी ने हर्षवर्धन सिंह चौहान की प्रोफाइल मँगवाई है। वे अगले सीएम हो सकते हैं। उसके बाद अगली रिपोर्ट में सुखविंदर सिंह सुख्खू की नाम की चर्चा हुई और अंतत: इसी नाम पर मुहर लगी। इस बीच हरोली से कॉन्ग्रेस विधायक मुकेश अग्निहोत्री विधायक दल की बैठक छोड़कर बाहर निकल गए।

वहीं, प्रतिभा सिंह के समर्थक ‘हाईकमान होश में आओ’, ‘हॉली लॉज सातवीं बार’ के नारे लगा रहे हैं। दरअसल, प्रतिभा सिंह के पति वीरभद्र सिंह 6 बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। इस बार भी समर्थक उनके ही परिवार के लिए सीएम पद की माँग कर रहे थे।

समर्थकों ने आरोप लगाया कि सोची-समझी साजिश के तहत पहले प्रतिभा सिंह को प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष बनाया गया उन्हें सीएम पद से बाहर कर दिया गया। समर्थकों का कहना है कि दिवंगत वीरभद्र सिंह के नाम पर वोट माँगे गए और अब प्रतिभा सिंह की अनदेखी कर दी गई।