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चीन के कई शहरों में फैला प्रदर्शन, सड़कों पर उतरे छात्र: शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी, पत्रकार को पुलिस ने पीटा

पुलिस ने बीबीसी पत्रकार लॉरेंस को घंटों हिरासत में रखा। इस दौरान उन्हें पीटा गया, पुलिस द्वारा मारा गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। बीबीसी ने अपने बयान में कहा भी, "यह देखना बहुत चिंताजनक है कि हमारे पत्रकार पर उस समय हमला हुआ जब वो बस अपनी ड्यूटी कर रहा था।"

चीन के अलग-अलग शहरों की सड़कों पर वामपंथी सरकार के खिलाफ उठा विरोध प्रदर्शन जोर पकड़ चुका है। खबर है कि वहाँ सैंकड़ों छात्र बीजिंग के चाओयांग जिले में एकत्रित हुए जहाँ हर एंबेसी स्थित है। यहाँ उन्होंने अपना प्रदर्शन किया जो धीरे-धीरे चीन के अन्य शहरों और यूनिवर्सिटीज में भी फैलता दिखाई दिया। हालात देखते हुए प्रशासन भारी तादाद में पुलिस बल तैनात करना पड़ा।

बीबीसी के पत्रकार को पीटा

इस बीच बीबीसी ने भी जानकारी दी कि रविवार को उनका एक पत्रकार चीन में हो रहे प्रदर्शन की कवरेज करने मौके पर पहुँचा थे कि लेकिन पुलिस ने वहाँ उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पत्रकार का नाम एड लॉरेंस हैं जिन्हें शंघाई में चल रहे प्रदर्शन की कवरेज करने पर पकड़ा गया।

कथिततौर पर पुलिस ने लॉरेंस को घंटों हिरासत में रखा। इस दौरान उन्हें पीटा गया, पुलिस द्वारा मारा गया। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। बीबीसी ने अपने बयान में कहा भी, “यह देखना बहुत चिंताजनक है कि हमारे पत्रकार पर उस समय हमला हुआ जब वो बस अपनी ड्यूटी कर रहा था।”

बीबीसी ने बताया कि उनके पास इस घटना के संबंध में कहीं से कोई सफाई नहीं आई है बल्कि प्रशासन तो कह रहा है कि उन्होंने पत्रकार को उसके भले के लिए पकड़ा था ताकि उसे भीड़ में कोरोना न हो जाए। बीबीसी ने घटना के संबंध में विस्तृत सफाई माँगी है।

चीन की सड़कों पर उतरे लोग, शी जिनपिंग के खिलाफ नारेबाजी

उल्लेखनीय है कि चीन में लगे लॉकडाउन के बीच गुरुवार (24 नवंबर को हुए बड़े हादसे में 10 लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद शनिवार को वहाँ विरोध प्रदर्शन भड़का। सैंकड़ों लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने चीन की वामपंथी सरकार के विरुद्ध नारेबाजी की और अपना गुस्सा जाहिर किया।  सामने आई वीडियोज को लेकर दावे किए गए कि लोगों ने वामपंथी सरकार को ललकारते हुए कुर्सी छोड़ने को कहा। लोग बोले- “कम्युनिस्ट पार्टी कुर्सी छोड़ो, शी जिनपिंग कुर्सी छोड़ों।”

जीरो कोविड पॉलिसी पर भड़के चीनी लोगों ने यह भी कहा, “हमें पीसीआर टेस्ट नहीं करवाना, हमें आजादी चाहिए, लॉकडाउन खत्म करो, लॉकडाउन खत्म करो।” कथिततौर पर इस प्रदर्शन के दौरान आम जनता पुलिस के सामने ही नारेबाजी करती रही, जिसे पुलिस ने चुपचाप देखा। सोशल मीडिया यह नजारा देख लोग बोले कि शायद ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि पुलिस भी हैरान थी जो दशकों से नहीं हुआ वो अब हो रहा है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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