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पहले बिजनेसमैन संग बिताई रात, फिर रेप केस की धमकी देकर ₹80 लाख वसूले: दिल्ली की यूट्यूबर नामरा कादिर पर FIR दर्ज, तलाश जारी

एक बिजनेसमैन को हनी ट्रैप में फँसाकर 80 लाख रुपए वसूलने के आरोप में दिल्ली के यूट्यूबर कपल (Youtuber) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि दोनों ने बिजनेसमैन को झूठे रेप केस में फँसाने की धमकी दी और उसे ब्लैकमेल करते हुए वसूली की।

हरियाणा के गुरुग्राम के बादशाहपुर निवासी बिजनेसमैन विज्ञापन एजेंसी चलाता है। उसने बताया कि कुछ समय पहले दिल्ली के शालीमार बाग की रहने वाली नामरा कादिर नाम की महिला के संपर्क में आया था। इसके बाद काम पर चर्चा को लेकर वह गुरुग्राम के सोहना स्थित एक होटल में कुछ महीने पहले महिला से मिला था।

बिजनेसमैन का कहना है कि नामरा कादिर के साथ एक और व्यक्ति साथ आया था, जिसका नाम विराट उर्फ मनीष बेनीवाल था। बिजनेसमैन ने अपनी शिकायत में कहा है कि उसने कादिर को 2.50 लाख रुपए बिजनेस शुरू करने के लिए दिए थे। जब उस पैसे के आउटपुट के बारे में पूछा तो नामरा कादिर ने उसके सामने शादी का प्रस्ताव रख दिया और वे दोनों दोस्त बन गए।

उसके बाद दोनों काफी करीब आ गए। कुछ दिनों बाद बिजनेसमैन और नामरा कादिर ने एक साथ रात गुजारी। उस दौरान नामरा कादिर के दोस्त मनीष बेनीवाल ने वीडियो बना लिया। बाद में दोनों मिलकर बिजनेसमैन को ब्लैकमेल करने लगे और उसे रेप केस में फँसाने की धमकी दी।

बिजनेसमैन का आरोप है कि वीडियो के आधार पर ब्लैकमेल कर नामरा कादिर और उसके दोस्त ने उससे 80 लाख रुपए वसूल लिए। हालाँकि, उनकी माँगे बढ़ती ही गई। उनकी माँगों से तंग आकर बिजनेसमैन ने गुरुग्राम पुलिस में इसकी शिकायत की।

शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपितों को 10 अक्टूबर को नोटिस भेजा। हालाँकि, थाने में आने के बजाए दोनों ने गुरुग्राम कोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल कर दी। हालाँकि, कोर्ट ने मामले को देखते हुए उस याचिका को 18 नवंबर 2022 को खारिज कर दिया।

आरोपित कपल के खिलाफ पुलिस ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 388, 328, 406, 506, 34 के तहत सेक्टर 50 स्थित पुलिस स्टेशन में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपितों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है।

अजेय योद्धा महाराज सूरजमल को SONY के सीरियल में दिखाया ‘कायर’, राजस्थान-हरियाणा में दर्ज हुई कई FIR, हो रहा विरोध प्रदर्शन

सोनी टीवी के सीरियल ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई’ को लेकर बवाल शुरू हो गया है। दरअसल, इस सीरियल की कहानी महारानी अहिल्याबाई के जीवन पर आधारित है, जिसमें महाराजा सूरजमल का भी जिक्र किया गया है। लेकिन, इसके एक एपिसोड में महाराजा सूरजमल को कायर दिखाया गया है। इस एपिसोड के चलते सीरियल का न केवल विरोध हो रहा है, बल्कि एफआईआर भी दर्ज कराई गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 17 नवंबर को सोनी टीवी में प्रसारित हुए ‘पुण्यश्लोक अहिल्याबाई’ के एपिसोड में महाराजा सूरजमल को खांडेराव होल्कर से हारते हुए दिखाया गया है। सीरियल के इस विवादास्पद एपिसोड को लेकर न केवल विरोध हो रहा है, बल्कि इसके निर्माता द्वारा माफी माँगने को लेकर सोशल मीडिया में अभियान चलाया जा रहा है।

दरअसल, महाराज सूरजमल की वीरता को लेकर कहा जाता है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में करीब 80 युद्ध लड़े थे। इन सभी युद्धों में उन्होंने विरोधियों को पस्त करते हुए जीत दर्ज की थी। यही नहीं, जब पेशवा खंडेराव पानीपत की लड़ाई हार गए थे, तब महाराजा सूरजमल ने ही उनकी सेना और परिवार की रक्षा करते हुए अपने राज्य में पनाह दी थी।

इस सीरियल को लेकर अहिल्याबाई सीरियल निर्माता जैक्सन सेठी के खिलाफ हरियाणा और राजस्थान में कई जगहों पर एफआईआर दर्ज कराई गई है। साथ ही, सांसद हनुमान बेनीवाल ने शो के निर्माता के खिलाफ कड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूचना एवं प्रसारण मंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। इसके अलावा, राजस्थान के राज्यपाल कलराज मिश्र को ज्ञापन सौंपकर भी कई संगठनों ने ‘पुण्य श्लोक अहिल्याबाई’ के निर्माता जैक्सन सेठी के खिलाफ विरोध जताया है।

उल्लेखनीय है कि यह पहला मौका नहीं है जब किसी महाराजा या महारानी की कहानी को लेकर ऐसा विवाद हुआ हो। इससे पहले, महारानी पद्मिनी के जीवन पर बनी फिल्म पद्मावती पर विवाद शुरू हुआ था, जिसके बाद फिल्म का नाम बदलकर पद्मावत करना पड़ा था। वहीं, पानीपत और पृथ्वीराज जैसी फिल्मों को भी बड़ा विरोध झेलना पड़ा था।

श्रद्धा की हत्या के बाद महिला साइकोलॉजिस्ट को डेट किया, कमरे पर बुलाया: पॉलीग्राफी टेस्ट में मुस्कुराता रहा आफताब, 13 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया

श्रद्धा मर्डर मामले में आरोपित आफताब अमीन पूनावाला को दिल्ली पुलिस ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साकेत कोर्ट में पेश किया। जज ने आफताब को 13 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि आफताब को तिहाड़ जेल में रखा जा रहा है।

आफताब अमीन की बेहद गोपनीय तरीके से पेशी हो रही है। दिल्ली पुलिस मीडिया और आम लोगों से आफताब को दूर रख रही है। दरअसल, शनिवार (26 नवंबर, 2022) को उसे अंबेडकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ मेडिकल जाँच के बाद दोपहर करीब 2:30 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट के सामने उसकी पेशी हुई। वहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

हड्डियों का DNA श्रद्धा के पिता के DNA के साथ मैच हुआ

इधर, श्रद्धा मर्डर केस की जाँच कर रही दिल्ली पुलिस की टीम को 2 बड़ी सफलता मिली है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फॉरेंसिक जाँच में इस बात की पुष्टि हो गई है कि जंगल में मिली हड्डियाँ श्रद्धा की ही हैं। उनका DNA श्रद्धा के पिता के DNA से मैच हो गया है। अब पुलिस को विस्तृत रिपोर्ट्स का इंतजार है। फोरेंसिक टीम ने फिलहाल दिल्ली पुलिस को इस संबंध में मौखिक जानकारी दे दी है। पूरी रिपोर्ट देने में कुछ दिन का वक्त लग सकता है।

दूसरी तरफ श्रद्धा की हत्या के बाद आरोपित आफताब ने जिस मनोचिकित्सक को डेट किया था, उसकी पहचान हो गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह डेटिंग ऐप बम्बल के जरिए इस लड़की से मिला और उसे तब अपने कमरे पर बुलाया था, जब श्रद्धा के शव के टुकड़े फ्रिज में ही रखे थे। दिल्ली पुलिस ने अब उस लड़की की पहचान कर ली है। आफताब और श्रद्धा भी बम्बल ऐप पर ही मिले थे।

पुलिस को अब भी गुमराह कर रहा है शातिर

इस हत्याकांड को लेकर हर रोज नई बातें और तथ्य भले ही सामने आ रहे हैं, लेकिन पुलिस की जाँच के बावजूद ये केस जल्द सुलझता नहीं दिख रहा है। आफताब किसी शातिर अपराधी की तरह दिल्ली पुलिस के साथ माइंड गेम खेल रहा है। सच उगलवाने के लिए इस शातिर का पॉलीग्राफ टेस्ट भी हुआ, लेकिन पुलिस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। कई सवालों पर वो चुप रहा तो कई को टाल गया। कुछ सवालों पर तो वो मुस्कुराता नजर आया।

पुलिस को तमाम कोशिशों के बाद भी श्रद्धा के शव के सभी टुकड़े, आरी, श्रद्धा का सिर, श्रद्धा का मोबाइल और उसके कपड़े जो हत्या के समय पहने थे अब भी नहीं मिले हैं। दिल्ली पुलिस की उम्मीदें अब आफताब के नार्को टेस्ट है। आफताब का नार्को टेस्ट सोमवार को कराया जा सकता है।

बता दें कि दिल्ली के छतरपुर इलाके में 18 मई, 2022 को श्रद्धा वालकर की हत्‍या कर दी गई थी। आफताब अमीन और श्रद्धा मुंबई से यहीं किराए के एक फ्लैट में लिव इन रिलेशन में रहने पहुँचे थे। आफताब ने हत्या के बाद श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े किए और महरौली, गुरुग्राम व मैदानगढ़ी के इलाकों में फेंकता रहा।

‘किसी कैदी को स्पेशल सुविधा नहीं दे सकती सरकार’: तिहाड़ में फल-सब्जियाँ चाभ रहे AAP के मंत्री सत्येंद्र जैन पर HC सख्त, मेवा माँगने वाली याचिका ख़ारिज

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अरविंद केजरीवाल के मंत्री सत्येंद्र जैन की उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने जेल में फल और मेवों की माँग की थी। साथ ही कोर्ट ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा है कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उन्हें फल और सब्जियाँ देकर ‘विशेष व्यवहार’ किया है, जो कि दिल्ली जेल नियमों का उल्लंघन है। सत्येंद्र जैन मनी लॉन्ड्रिंग मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं।

शनिवार (26 नवंबर, 2022) को दिल्ली हाई कोर्ट के विशेष जज विकास ढुल ने कहा है कि जेल में किसी को भी विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि तिहाड़ जेल के कर्मचारियों द्वारा डीजीपी जेल या किसी अथॉरिटी के आदेश के बिना सत्येंद्र जैन को फल या सब्जियाँ देना डीपीआर 2018 का उल्लंघन है।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि सत्येंद्र जैन को ‘स्पेशल’ फल और सब्जियाँ उपलब्ध कराना भारत के संविधान, 1950 के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन था, क्योंकि राज्य सभी कैदियों के साथ समान व्यवहार करने के लिए बाध्य है और जाति, पंथ, लिंग, धर्म इत्यादि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है। भारतीय कानून अमीर-गरीब, पुरुष, महिला या अन्य किसी प्रकार का भी भेदभाव नहीं करने की अनुमति नहीं देता है।

जस्टिस विकास ढुल ने अपनी टिप्पणी को कोट करते हुए कहा है कि ‘विशेष व्यवहार’ को लेकर की गई उनकी टिप्पणी की पुष्टि इस बात से होती है कि तिहाड़ जेल नंबर 7 के (जहाँ सत्येंद्र जैन बंद है) महानिदेशक (जेल) और लगभग 26 अधिकारियों का ट्रांसफर कर दिया गया है और जेल अधीक्षक को निलंबित कर दिया गया है।

यही नहीं, कोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद सत्येंद्र जैन के वकील की इस दलील को खारिज कर दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि मेवे न मिल पाने के कारण जैन का वजन 28 किलो तक घट गया है। बता दें कि सत्येंद्र जैन ने अपनी याचिका में धार्मिक उपवास के अनुसार जेल में खाना उपलब्ध कराने की माँग की थी। हालाँकि, कोर्ट ने सत्येंद्र जैन की यह याचिका खारिज कर दी। कुल मिलाकर अब सत्येंद्र जैन की डाइट में ड्राई फ्रूट्स और फल शामिल नहीं होंगे।

एक रात में ₹17 लाख की दारू पी गईं इंग्लैंड के फुटबॉलरों की पत्नियाँ व गर्लफ्रेंड्स: क़तर में ₹8500 करोड़ के जहाज पर पार्टी, बार का स्टॉक ही हो गया खत्म

इंग्लैंड के फुटबॉलरों की पत्नियों और गर्लफ्रेंड्स ने क़तर में FIFA वर्ल्ड कप के दौरान एक रात की दारू पार्टी में 20,000 यूरो (17.01 लाख रुपए) उड़ा दिए। एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इंग्लैंड की वर्ल्ड कप में अच्छी शुरुआत होने के बाद 1 बिलियन यूरो (8505 करोड़ रुपए) के लक्जरी क्रूज शिप में ये नाइट पार्टी हुई। बता दें कि इंग्लैंड ने इस टूर्नामेंट में अपने पहले ही मैच में ईरान को 6-2 से हरा कर शानदार शुरुआत की है।

मात्र एक रात में बिलियन यूरो के शिप पर पार्टी के दौरान लाखों रुपए खर्च किए जाने के बाद इस पार्टी की खासी चर्चा हो रही है। पार्टी करने वाली महिलाओं में जैक ग्रेलिश की मॉडल गर्लफ्रेंड साशा ऐटवुड और हैरी मागिरि की पत्नी फर्न भी शामिल थीं। गोलकीपर जॉर्डन पिकफोर्ड की पत्नी मेगन डेविसन और एनी किल्नर की पत्नी काइल वॉकर भी शामिल थीं। क्रूज में उन्हें प्रीमियम ड्रिंक पैकेज परोसे गए। उन्होंने अचानक से 250 यूरो के शैम्पेन की बोतलें ऑर्डर करनी शुरू कर दी।

उनके ड्रिंक पैकेज के रुपए पहले से ही भुगतान कर दिए गए थे। उन्होंने उस रात इतना पिया कि बार को अगले ही दिन अपने स्टॉक फिर से भरने पड़े। साथ ही इन महिलाओं ने जम कर कई गानों पर डांस भी किया। इस जहाज को फ़िलहाल दोहा में लगाया गया है। फीफा के 6762 अतिथियों में इंग्लैंड के खिलाड़ियों की पत्नियाँ व गर्लफ्रेंड्स भी शामिल हैं। स्पा और ब्यूटी सैलून से लेकर जिम और थर्मल बात तक की सुविधा इस जहाज में उपलब्ध है।

बता दें कि कतर में रविवार (20 नवंबर, 2022) से शुरू हुए फीफा वर्ल्ड कप में फुटबॉल प्रेमियों को स्टेडियम में ठंडी बियर या किसी और तरह के अल्कोहल वाल पेय का मजा उठाने का मौका नहीं मिल रहा है। कतर में शराब बेचने और पीने पर पूर्ण प्रतिबंध है, लेकिन फीफा वर्ल्ड कप के आयोजन को ध्यान में रखते हुए नियमों में नरमी बरतने की बात कही गई थी। फीफा का कहना है कि इस मामले में चीजें उसके नियंत्रण से बाहर है, इसीलिए ये फैसला लेना पड़ा।

‘अपनी मर्जी से गई, पापा के साथ नहीं रहना’: वसीम अकरम के कमरे से बरामद हुई राजस्थान के कॉन्ग्रेस नेता की बेटी, पिता ने दर्ज करवाया था अपहरण का केस

राजस्थान के पूर्व राज्यमंत्री और कॉन्ग्रेस नेता गोपाल केसावत की बेटी अभिलाषा केसावत (22 साल) अहमदाबाद से बरामद हुई। गोपाल केसावत ने अपनी बेटी का अपहरण का केस दर्ज करवाया था। बरामदगी के बाद लड़की ने कहा कि वे अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। अभिलाषा ने कॉन्ग्रेस नेता गोपाल केसावत के पास जाने से मना कर दिया।

दरअसल, 20 नवंबर, 2022 की शाम अभिलाषा जयपुर से अचानक गायब हो गई थी। लापता होने के बाद कॉन्ग्रेस नेता गोपाल केसावत ने प्रताप नगर थाने में बेटी के अपहरण का केस दर्ज कराया था। पुलिस ने अभिलाषा की तलाश शुरू कर दी। अब पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता की बेटी को गुजरात के अहमदाबाद से बरामद किया है। अभिलाषा अहमदाबाद के बोपल में एक सैलून के पास अपने दोस्त वसीम अकरम के साथ ठहरी हुई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, वसीम उसी सैलून में काम करता है। वसीम टोंक के राजमहल का रहने वाला बताया जा रहा है। जयपुर पुलिस अभिलाषा और उसके दोस्त वसीम अकरम को लेकर जयपुर पहुँची।

अपहरण का केस दर्ज होने की वजह से पुलिस ने दोनों को कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट में दिए बयान में लड़की ने कहा कि वो अपनी मर्जी से घर छोड़कर गई थी। उसने पिता के पास जाने से इनकार कर दिया। उसने कहा कि वो झूठ बोलकर अहमदाबाद गई थी। अब दिल्ली जाकर पढ़ाई पूरी करना चाहती है। कोर्ट के सामने लड़की ने कहा कि पूरे घटनाक्रम में उसके दोस्त वसीम अकरम की कोई गलती नहीं है। कोर्ट ने बयान के बाद बालिग होने के कारण दोनों को जाने दिया।

बता दें कि 22 नवंबर, 2022 को कॉन्ग्रेस नेता गोपाल केसावत ने प्रताप नगर थाने में बेटी के अपहरण का केस दर्ज करवाया था। उन्होंने बताया था कि उनकी बेटी सोमवार शाम करीब पाँच बजे सब्जी खरीदने निकली थी। शाम छह बजे उसका फोन आया जिसमें लड़की ने कहा कि उसके पीछे कुछ लड़के लगे हुए हैं। साथ ही गाड़ी लेकर आ जाने को भी कहा। लेकिन, जब कॉन्ग्रेस नेता घटनास्थल पर पहुँचे तो वहाँ न बेटी मिली और न उसकी स्कूटी।

अभिलाषा ने जानकारी दी कि उसने घर वालों से झूठ बोला था कि लड़के उसके पीछे पड़े हैं। उसने बताया कि उसके घर से कुछ ही दूरी पर स्थित एयरपोर्ट रोड पर उसने स्कूटी खड़ी की। उसके बाद बस में बैठकर अहमदाबाद के लिए निकल गई।

येशु मसीह की तस्वीर, बाइबिल की पंक्तियाँ: आंध्र प्रदेश पुलिस के बिल की तस्वीरें वायरल, लोग बोले – ईसाई मजहब का प्रचार कर रही जगन सरकार

शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को एक बिल की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विशाखापत्तनम की ट्रैफिक पुलिस विभाग सवालों के घेरे में आ गई है। इस बिल में ईसा मसीह की तस्वीर और बाइबिल का एक कोट लिखा हुआ था। इस विवादास्पद बिल की फोटो तेलुगू देशम पार्टी के नेता अमन वेंकट रमना रेड्डी ने ट्वीट की थी। इस बिल में आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति से विजाग रेलवे स्टेशन से वीआईपी रोड तक ऑटो के माध्यम से फेरी लगाने को लेकर ₹80 का शुल्क लिया गया था।

दिलचस्प बात यह है कि बिल में सबसे ऊपर ‘ट्रैफिक पुलिस, विशाखापत्तनम सिटी’ लिखा हुआ है। वहीं, नीचे ईसा मसीह की तस्वीर छपी हुई है। साथ ही, बाइबिल का एक कोट भी लिखा था, “यहोवा तेरे आने-जाने में तेरी रक्षा अब से लेकर हमेशा करता रहेगा।”

बिल की यही फोटो आरएसएस विचारक रतन शारदा ने भी शेयर की थी। उन्होंने यह फोटो ट्वीट करते हुए पूछा, “आंध्र प्रदेश में ट्रैफिक पुलिस का चालान येशु के संदेश के साथ किया जाता है, धर्मनिरपेक्षता जिंदाबाद। कोई भारतीय अदालत क्यों नहीं जा रहा है? क्या आंध्र प्रदेश के वकील सिर्फ पैसे कमाने में व्यस्त हैं?”

सोशल मीडिया पर नाराजगी सामने आने के बाद, विजाग पुलिस ने सफाई पेश करते हुए कहा, “एक ऑटो चालक द्वारा हेड कॉन्स्टेबल को यह पर्चियाँ सौंपी गईं थीं। लेकिन, दुर्भाग्य से उसने इमरजेंसी में गलती कर दी और ये पर्चियाँ बाँट दीं। मामला संज्ञान में आने के बाद इस पर तत्काल रोक लगा दी गई है। पर्चियों का वितरण जानबूझ कर नहीं किया गया था।”

हालाँकि, सोशल मीडिया यूजर्स विजाग पुलिस की इस सफाई से संतुष्ट नहीं हुए और पुलिस पर धोखाधड़ी करने का आरोप लगाते हुए प्रतिक्रिया दी। ‘Phani Kiran’ नामक यूजर ने लिखा, “एक ऑटो ड्राइवर, एक हेड कॉन्स्टेबल और एक सीएम 3 अंडरकवर एजेंट।” Phani Kiran शायद यह कहना चाह रहे थे कि तीनों लोग सरकारी संसाधनों का उपयोग करके ईसाई मजहब का प्रचार कर रहे हैं।

एक अन्य यूजर ने विजाग पुलिस पर मामले की सच्चाई छुपाने का आरोप लगाते हुए ट्वीट किया और लिखा “बढ़िया बचाव।”

एक अन्य यूजर ने लिखा “पर्ची पर यातायात पुलिस, विशाखापत्तनम का स्पष्ट उल्लेख है। अगर विजाग जिले का पूरा पुलिस विभाग ईसाई धर्म का पालन करता है, तो ठीक है। बस झूठ मत बोलो जो आपके धर्म के खिलाफ है।”

एक अन्य यूजर दमचेरला हरी बाबू ने विजाग पुलिस की इस ‘स्टोरी’ को मशहूर फिल्म निर्देशक एसएस राजमौली को देने के लिए कहते हुए ट्वीट किया। उन्होंने लिखा “कृपया इस स्टोरी को राजामौली को दे दीजिए। आंध्र प्रदेश पुलिस को शर्म आनी चाहिए। जो भी ऐसा कर रहा है उसे इस्तीफा देकर चर्च में शामिल हो जाना चाहिए।”

एक अन्य ट्विटर यूजर ने जोर देकर कहा, “पुलिस विभाग खुद से व्यवहार करें और पुलिस की अखंडता को बनाए रखे। वाईसीपी पार्टी (वाईएसआर कॉन्ग्रेस) के सदस्यों के सामने बकरियों की तरह न बनें।”

इस पूरे घटनाक्रम पर बात करते हुए विजयवाड़ा के एक सूत्र ने ऑपइंडिया को बताया कि यह पर्ची पुलिस का चालान नहीं है। बल्कि, रेलवे स्टेशनों पर उपलब्ध ऑटो सर्विस का प्री-पेड बिल है। विशाखापत्तनम पुलिस द्वारा जारी किए गए बयान के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, “यह कुछ और नहीं बल्कि सच छिपाने की कोशिश की जा रही है। जब से जगन मोहन रेड्डी आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, तब से मैंने विजयवाड़ा में चर्चों को तेजी से बढ़ते देखा है।” हमारे सूत्र ने हमसे बात करते वाईएसआर कॉन्ग्रेस के समर्थकों के डर से अपनी पहचान जाहिर करने से इनकार कर दिया।

‘टीम मेंबर ने किया था गलत कमेंट, हमें माफ कर दो’ : ऋचा चड्ढा का समर्थन करके MamaEarth पछताया, मालकिन ने ‘तिरंगे’ के साथ फोटो दिखाई

भारतीय सेना के खिलाफ अभिनेत्री ऋचा चड्ढा के विवादास्पद ट्वीट को तर्कसंगत ठहराने के बाद कॉस्मेटिक ब्रांड मामाअर्थ की जमकर आलोचना हुई। इतना ही नहीं ट्विटर पर कई घंटो तक हैशटैग #BoycottMamaEarth टॉप ट्रेंड करता रहा। कई लोगों ने तो मामाअर्थ प्रोडक्ट को रिटर्न कर स्क्रीन शॉट भी शेयर किया।

इतना सबकुछ होने के बाद कॉस्मेटिक ब्रांड की तरफ से माफी माँगते हुए एक नया ट्वीट किया गया। मामाअर्थ ने ट्विटर पर लिखा,”ट्विटर पर गलत तरीके से किए गए टिप्पणी के कारण किसी भी भावना को ठेस पहुँचाने के लिए मामाअर्थ को खेद है। हम एक गर्वित भारतीय कंपनी हैं जो हमारे सशस्त्र बलों का सम्मान करती है और उनके साथ खड़ी है। हम किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा साझा किए गए विचारों से सहमत नहीं हैं जो अन्यथा सोचते हैं।”

इतना ही नहीं इसके बाद गजल अलघ ने भी ट्वीट किया। गजल ने लिखा, “एक टीम मेंबर के गलत कमेंट की वजह से हमने अनेक लोगों की भावनाओं को ठेस पहुँचाया है। इससे हम सचमुच बेहद दुखी हैं। ऐसे किसी विचार को जो भारत या भारतीय सेना के खिलाफ हो हम सपोर्ट नहीं करते। हम पूरी तरह से गर्वित भारतीयों द्वारा संचालित कंपनी हैं।” इस ट्वीट के साथ गजल ने अपनी तिरंगे के साथ एक तस्वीर भी साझा की।

कुछ नेटिजन्स ने ऋचा चड्ढा को मामाअर्थ कंपनी का ब्रांड एंबेसडर बताते हुए इसके बायकॉट की माँग कर रहे थे। इसपर कंपनी के को-फाउंडर वरुण अलघ ने सफाई दी कि ऋचा चड्ढा मामा अर्थ की ब्राँड एंबेसडर नहीं हैं। उन्होंने खुद को कट्टर देशी प्रेमी बताया और कहा कि हम शुद्ध भारतीय हैं जो हमेशा अपने देश और सेना का समर्थन करते रहेंगे। गलत समझे जाने के लिए क्षमा।

दरअसल, 24 नवंबर,2022 को मामा अर्थ कंपनी की तरफ से अभिनेत्री ऋचा चड्ढा के सेना के खिलाफ किए गए ट्वीट का बचाव करते हुए एक कमेंट किया गया था। मामाअर्थ ने अपने एक ट्वीट में लिखा है था कि कंपनी हमारे जाँबाजों का मजाक उड़ाने वालों का समर्थन नहीं करती है। लेकिन ‘Galwan Says Hi’ शब्द निर्णायक नहीं है। फिर क्या था, लोगों ने इस बात को लपक लिया और ट्विटर पर हैशटैग #BoycottMamaEarth ट्रेंड कराना शुरू कर दिया। वहीं, मामले पर विवाद बढ़ता देख मामा अर्थ ने अपना वो ट्वीट डिलीट कर दिया था। अब कंपनी की तरफ से लगातार माफी माँगी जा रही है।

केरल: ₹94 लाख का ‘गोल्ड’ कैप्सूल में छिपाकर दुबई-कुवैत से भारत आए 2 तस्कर, कोच्चि एयरपोर्ट पर दोनों गिरफ्तार

केरल (Kerala) देश में सोना तस्करी का हॉटस्पॉट बनकर उभरा है। यहाँ आए दिन सोना तस्करों की गिरफ्तारी हो रही है। शनिवार (26 नवंबर 2022) को कोच्चि एयरपोर्ट पर कस्टम विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने बॉडी में सोने के कैप्सूल छिपाए (Gold Smuggling) दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद सोने की कीमत 94 लाख रुपए से अधिक है।

जिन दो तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, उनमें से एक कुवैत से आ रहा था, जबकि दूसरा दुबई से लौटा था। दोनों ने सोने के छोटे-छोटे कैप्सूल अपने शरीर में छिपाकर रखे थे। अधिकारियों ने शंका के आधार पर इन्हें रोका और सोना जब्त करने के बाद हिरासत में ले लिया।

इससे पहले गुरुवार (24 नवंबर 2022) को सीमा शुल्क विभाग की AIU ने कोच्चि हवाई अड्डे से नकली पासपोर्ट के साथ दो यात्रियों को गिरफ्तार किया था। पकड़े गए आरोपियों के पास से अधिकारियों ने 2 करोड़ रुपए से अधिक का सोना भी जब्त किया था।

कस्टम विभाग को मुखबिर से इनके बारे में सूचना मिली थी। इसके बाद सैयद अबु ताहिर और बरकतुल्लाह तो गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों तमिलनाडु के रामनाथपुरम के रहने वाले हैं। ये वासुदेवन और अरुल सेल्वम के नाम से यात्रा कर हवाई अड्डे पर उतरे थे। अधिकारियों ने पूछताछ के लिए दोनों को रोका था।

इन्होंने सोना को बहुत चालाकी से अपने हैंडबैग में दस कैप्सूल के रूप में छुपाया हुआ था। पूछताछ के दौरान दोनों ने अधिकारियों को बताया कि मुंबई हवाई अड्डे के सुरक्षा हॉल में एक श्रीलंकाई नागरिक द्वारा उन्हें हैंडबैग सौंपा गया था। सोना को खाड़ी देशों से मुंबई हवाई अड्डे पर तस्करी कर लाया गया था।

इस महीने की शुरुआत में सीमा शुल्क विभाग की एयर इंटेलिजेंस यूनिट ने कोच्चि हवाई अड्डे पर 38 लाख रुपए से अधिक मूल्य का लगभग 422 ग्राम सोना जब्त किया था। सीमा शुल्क विभाग के अधिकारियों ने बताया कि अंडरवियर में एक विशेष जेब बनाई गई और उसके अंदर सोना सिल दिया गया। सोना दुबई से आने वाले यात्रियों के पास से जब्त किया गया था।

जंगल से मिली हड्डियाँ श्रद्धा की निकलीं: रिपोर्ट में ‘DNA मैच’ होने का दावा, पिता ने उठाई CBI जाँच की माँग

दिल्ली पुलिस को श्रद्धा मर्डर केस के आरोपित आफताब के खिलाफ बड़ा सबूत मिला है। दावा किया जा रहा है कि जंगल से मिली हड्डियाँ श्रद्धा वालकर की ही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में फॉरेंसिक लैब के सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि जंगल से मिली हड्डियाँ और श्रद्धा के पिता के ब्लड सैंपल का डीएनए मैच हो गया है। हालाँकि, पुलिस की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने फॉरेंसिक लैब को जंगल से मिली हड्डियाँ सौंपी थीं। इन हड्डियों का डीएनए और श्रद्धा के पिता के ब्लड सैंपल का डीएनए मिलान हो गया है। दिल्ली पुलिस को अब इसकी रिपोर्ट का इंतजार है। वहीं, इस मामले में स्पेशल CP (लॉ एंड ऑर्डर) सागर प्रीत हुड्डा का कहना है कि उन्हें अब तक DNA टेस्ट रिपोर्ट (पीड़िता के पार्ट्स की) नहीं मिली है।

गौरतलब है कि श्रद्धा के पिता विकास वालकर ने इस हत्याकांड की CBI जाँच की माँग की है। एक न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा है, आफताब अब भी पुलिस को गुमराह कर रहा है, इसलिए मामले की सीबीआई जाँच होनी चाहिए। आफताब श्रद्धा को लगातार ब्लैकमेल करता था और उसे डरा- धमका कर रखता था। वह श्रद्धा को जान से मारने की धमकी दे चुका था।

विकास वालकर ने यह भी कहा था, “श्रद्धा की हत्या में आफताब का परिवार भी शामिल है। आफताब के माता-पिता उसकी हरकतों के बारे में जानते थे। उन्हें पता था कि श्रद्धा के साथ क्या हो रहा है, वह चाहते तो मुझे इस बारे में बता सकते थे लेकिन मुझे कुछ भी नहीं बताया गया।”

पुलिस की पूछताछ में यह सामने आया है कि श्रद्धा हत्याकांड का आरोपित आफताब किसी शातिर हत्यारे की तरह सोच रहा था। आफताब जानता था कि हत्या के बाद जाँच होने पर पुलिस उसके मोबाइल के जीपीएस की जाँच कर सकती है। इसलिए वह जब श्रद्धा के शरीर के टुकड़ों को फेंकने जाता था तो वह फोन का जीपीएस बंद कर देता था। साथ ही, कई बार वह अपना फोन घर में भी छोड़कर चला जाता था।

यही नहीं, श्रद्धा की हत्या के बाद किसी को उस पर शक न हो इसलिए वह लगातार ऑफिस जाता रहा। यही नहीं, हत्या के बाद श्रद्धा के परिवार वालों और फ्रेंड्स की नजरों में श्रद्धा को जिंदा दिखाने के लिए आफताब उसके इंस्टाग्राम अकाउंट को यूज करता रहा। यहाँ तक कि उसने उसके इंस्टाग्राम से कुछ पोस्ट्स भी किए थे।