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‘ओह मैम, ओह जानम, आई लव यू’: मेरठ में हिजाबी टीचर के साथ मुस्लिम छात्रों ने की बदसलूकी, लॉलीपॉप चूसते Video वायरल

मेरठ के स्कूल की एक हिजाबी टीचर कुछ छात्रों के बर्ताव से परेशान आकर शुक्रवार (25 नवंबर 2022) थाने पहुँची। उसने छात्रों पर छेड़छाड़, जान से मारने की धमकी देने के आरोप में केस दर्ज करवाया है। शिक्षिका का कहना है कि उनके स्कूल में 12वीं के कुछ छात्र हैं जो उन्हें काफी परेशान करते हैं। आते-जाते उन्हें छेड़ते हैं, अपशब्द बोलते हैं, उनकी वीडियो बनाते हैं और फिर उसे वायरल कर देते हैं।

घटना के संबंध में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। टीचर की शिकायत और वायरल वीडियो के बाद छात्रों से पूछताछ हो रही है। मामला किठौर थानाक्षेत्र के इनायतपुर के डॉ. राम मनोहर लोहिया स्मारक इंटर कॉलेज राधना स्कूल का है। एक वीडियो सामने आया है जिसमें छात्र टीचर सामने से गुजर रही हैं और लड़के कह रहे हैं, ‘ओए मैम देख तो, देख लो, आई लव यू मेरी जानम, ओए मैम देख लो’। दूसरी वीडियो में वो टीचर के पढ़ाते वक्त उसे ‘आई लव यू’ बोल रहे हैं और लॉलीपॉप चूसते हुए अपनी शक्ल दिखाकर टीचर की वीडियो बना रहे हैं।

सोशल मीडिया पर वायरल जानकारी के मुताबिक तीनों लड़के उसी समुदाय के हैं जिससे टीचर हैं। इनके अलावा वीडियो में आस-पास अन्य हिजाब वाली छात्राओं को बैठे भी देखा जा सकता है। जब लड़का टीचर के साथ अभद्रता करता है तो वह छात्राएँ विरोध की बजाय उन हरकतों पर हँसती हैं। शिक्षिका के अनुसार, वीडियो बनाने में आरोपित छात्र की बहन भी उसका साथ देती है।

टीचर ने पुलिस को बताया कि इन घटनाओं के कारण वह डिप्रेशन में है और काफी परेशान रहती हैं। छात्रों की अभद्रता के कारण उनका सामाजिक, पारिवारिक जीवन भी खराब हो रहा है। शिक्षिका ने तीनों छात्रों और छात्र की बहन के खिलाफ कार्रवाई की माँग की है। पुलिस ने बताया कि टीचर की शिकायर पर तीन छात्रों पर आईटी एक्ट, उल्लंघन और छेड़छाड़ की धाराओं में केस को दर्ज किया गया है। आरोपित की बहन से भी इस संबंध में पूछताछ हो रही है।

बता दें कि एक ओर जहाँ हिजाबी टीचर के साथ इस तरह बदसलूकी का मामला सामने आया है वहीं कुछ दिन पहले सोशल मीडिया पर लॉलीपॉप का उदाहरण देकर ये समझाया जा रहा था कि कैसे हिजाब वाली महिला सुरक्षित होती है और गैर-हिजाबी महिला पर मक्खियाँ आती रहती हैं।

इस्लाम और आत्मघाती बम विस्फोट… 4:29 बजे मंगलुरु में ब्लास्ट, 2 घंटे बाद ज़ाकिर नाइक ने डाल दिया वीडियो: शारिक के फोन में इस्लामी मुबल्लिग़ के 50+ वीडियो

मंगलुरु ऑटो ब्लास्ट का आरोपित मोहम्मद शारिक कट्टरपंथी इस्लामी भाषण देने वाला जाकिर नाइक से प्रेरित था। ये भी सामने आया है कि जाकिर नाइक ने मंगलुरु में ऑटो में विस्फोट की सूचना के कुछ ही घंटों के भीतर आत्मघाती बम विस्फोट के संबंध में एक ट्वीट किया था।

जाकिर नाइक ने शनिवार (19 नवंबर, 2022) शाम 6:13 बजे आत्मघाती बम विस्फोट के बारे में ट्वीट किया, जबकि मंगलुरु ऑटो विस्फोट उसी दिन शाम 4:29 बजे हुआ था। उसने अपने आधिकारिक YouTube चैनल से ‘इस्लाम में आत्मघाती बम विस्फोट की अनुमति है?’ नाम के शीर्षक से एक वीडियो जारी किया। YouTube पर उसके 30 लाख से ज्यादा सब्सक्राइबर हैं। अब सामने आया है कि इस्लामी भाषण देने वाले ज़ाकिर नाइक से मोहम्मद शरीक प्रेरित था

यह ट्वीट ट्विटर हैंडल ‘@drzakiranaik’ द्वारा किया गया है, जो भगोड़े इस्लामिक मुबल्लिग का आधिकारिक हैंडल बताया जाता है। इसके 45 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स हैं। ट्विटर अकाउंट नाइक के सत्यापित फेसबुक पेज से भी जुड़ा हुआ है। दिलचस्प बात यह है कि मंगलुरु बम विस्फोट के आरोपित शारिक के फोन में जाकिर नाइक के कई वीडियो मिले थे। उसने कथित तौर पर नाइक को अपनी ‘सच्ची प्रेरणा’ बताया। ‘रिपब्लिक भारत’ ने सूत्रों के हवाले से बताया कि जाकिर नाइक के 50 से अधिक वीडियो शारिक के फोन पर पाए गए।

कर्नाटक के तटीय शहर मंगलुरु में घर में बने प्रेशर कुकर बम के विस्फोट की पुष्टि होने के कुछ दिनों बाद यह पता चला है कि इस मामले के आरोपित मोहम्मद शारिक ने आतंकी अभियान को अंजाम देने के लिए क्रिप्टोकरेंसी का इस्तेमाल किया था।

जाँच एजेंसियों के मुताबिक, शारिक और उसके आकाओं ने वित्तीय लेनदेन करने के लिए क्रिप्टोकरेंसी और डार्क वेब का इस्तेमाल किया और विस्फोट को अंजाम देने के लिए ऑनलाइन धन प्राप्त किया। टेरर फंडिंग के मामले में क्रिप्टोकरेंसी एक बड़ा खतरा बनकर उभरा है और इस मामले में पुलिस इसकी संलिप्तता की बारीकी से जाँच कर रही है।

शारिक ने फर्जी पहचान पत्र पर लिया कमरा

आरोपित मोहम्मद शारिक ने मैसूर में एक कमरा किराए पर लेने के लिए नकली पहचान पत्र का इस्तेमाल किया था। शारिक ने जिस घर को किराए पर लिया था, उसके मालिक ने बताया कि आरोपित एक कमरे के लिए प्रति माह 1800 रुपए का भुगतान कर रहा था। किराए के एग्रीमेंट के अनुसार, आरोपित ने फर्जी तरीके से अपना नाम प्रेमराज, पिता का नाम मारुति बताया था। साथ ही उसने अपना पता हुबली के रूप में दर्शाया था ।

मंगलुरु बम मामले की जाँच आगे बढ़ने के साथ ही फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी डिवीजन (FSL) की टीम मैसूर में शारिक के किराए के घर पहुँची थी। टीम ने शारिक के घर से विस्फोटक बनाने की सामग्री बरामद की है। शारिक को शनिवार (19 नवंबर, 2022) को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत हिरासत में लिया गया था।

FSL टीम को शारिक के किराए के घर से जिलेटिन पाउडर, सर्किट बोर्ड, छोटे बोल्ट, बैटरी, मोबाइल फोन, लकड़ी, एल्यूमीनियम मल्टीमीटर, केबल, मिक्सिंग जार, प्रेशर कुकर और विस्फोटक बनाने के लिए आवश्यक सामग्री मिली। फोरेंसिक विशेषज्ञों को उसके घर से एक मोबाइल फोन, दो नकली आधार कार्ड, एक नकली पैन कार्ड और एक फिनो डेबिट कार्ड भी मिला। आरोपित पर अपने घर में विस्फोटक सामग्री बनाने का आरोप है।

पुलिस ने रविवार (22 नवंबर, 2022) को जाँच के दौरान सीसीटीवी फुटेज भी बरामद किया था, जिसमें विस्फोट से कुछ मिनट पहले अभियुक्त को नागुरी में ऑटो-रिक्शा पर चढ़ते देखा गया था। फुटेज में शारिक को एक बड़ा बैग ले जाते हुए देखा जा सकता है, जिसमें आईईडी के रूप में बदले गए प्रेशर कुकर को कथित तौर पर पैक किया गया था। वीडियो में शारिक के साथ दूसरे आरोपित को भी देखा जा सकता है। कर्नाटक पुलिस ने खुलासा किया है कि आरोपित ने अपनी पहचान छुपाने के लिए अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर डिस्प्ले पिक्चर के रूप में ‘ईशा फाउंडेशन’ के लोगो का इस्तेमाल किया।

दरअसल कर्नाटक के शिवमोगा जिले के तीर्थहल्ली का रहने वाला शारिक शनिवार (19 नवंबर, 2022) को एक प्रेशर कुकर को आईईडी की तरह तैयार करके ऑटोरिक्शा में यात्रा कर रहा था, जिसमें डेटोनेटर, तार और बैटरी लगी हुई थी। हालाँकि इसमें विस्फोट हो गया था और उसके मंसूबे नाकामयाब हो गए। घटना की जिम्मेदारी इस्लामिक इस्लामिक रेजिस्टेंस काउंसिल (IRC) ने ली है।

शौहर ने मारपीट कर रीढ़ की हड्डी तोड़ डाली, फिर घर के बाहर खड़ा होकर दिया ‘तीन तलाक’: 1 साल से बिस्तर पर है पीड़िता, दहेज़ न मिलने पर गाली-गलौज

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में ‘तीन तलाक’ का मामला सामने आया है। यहाँ, आरोपित ने पीड़िता के मायके में स्थित घर के बाहर खड़े होकर तीन तलाक दिया है। पीड़िता के मायके वालों का आरोप है कि शौहर की मारपीट से पीड़िता की रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। इस कारण वह बीते एक साल से बिस्तर पर है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यह मामला आगरा जिले के शाहगंज थाना अंतर्गत आजमपाड़ा का है। यहाँ रहने वाले वकील अहमद ने साल 2009 में अपनी बहन सायरा का निकाह राजस्थान के भरतपुर में रहने वाले राजू से की थी। पीड़िता के भाई वकील अहमद का आरोप है कि शादी के बाद से ही राजू और उसका परिवार दहेज के लिए प्रताड़ित करते थे। दहेज को लेकर कई बार पंचायत भी बुलाई गई थी, लेकिन राजू और उसके घरवालों की हरकतों में कोई बदलाव नहीं आया।

पीड़िता सायरा के भाई वकील अहमद का कहना है कि करीब सवा साल पहले राजू ने मोटरसाइकिल की माँग करते हुए सायरा के साथ जमकर मारपीट की थी। इस मारपीट के दौरान वह बुरी तरह घायल हो गई और उसकी रीढ़ की हड्डी टूट गई थी। सायरा के घायल होने के बाद राजू ने उसे और उसकी 11 साल की बेटी को मायके भेज दिया लेकिन बेटे को अपने साथ रख रहा है।

पीड़िता के मायके वालों का आरोप है कि पिटाई के बाद से सायरा बिस्तर पर ही है। राजू न तो कभी मिलने आया और न ही उसके बारे में कभी कोई जानकारी हासिल करने की कोशिश की। लेकिन, इसी साल 4 जुलाई को राजू घर आया और गाली-गलौज करते हुए सायरा से कहा कि अब वह उसके लायक नहीं है। यही नहीं, उसने घर के बाहर तीन बार तलाक बोला और वापस भरतपुर लौट गया।

‘तीन तलाक’ और घरेलू हिंसा का शिकार हुई सायरा के भाई वकील अहमद ने कहा है कि इस मामले में उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। इसके बाद, मुख्यमंत्री के शिकायती पोर्टल पर शिकायत करने के बाद एफआईआर दर्ज हुई है।

इस पूरे मामले में थाना प्रभारी जसवीर सिरोही का कहना है कि शिकायत के आधार पर आरोपित राजू के विरुद्ध 498A, 323, 504, 506 और मुस्लिम विवाह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जाँच की जा रही है।

‘बंगाल में लागू होकर रहेगा CAA, हिम्मत है तो रोक कर दिखाएँ ममता बनर्जी’: मीडिया चला रहा TMC में वापसी की अटकलें, इधर शुभेंदु ने बंगाल CM को ललकारा

भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी (BJP Leader Suvendu Adhikari) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) को चुनौती देते हुए कहा कि राज्य में CAA लागू होकर रहेगा। अगर हिम्मत है तो ममता रोक कर दिखाएँ।

शुभेंदु अधिकारी शनिवार (26 नवंबर 2022) को उत्तर 24 परगना जिले के ठाकुरनगर में बैठक के लिए पहुँचे थे। यह मतुआ बहुल इलाका है, जिनकी जड़ें बांग्लादेश से जुड़ी हैं। यहाँ विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता अधिकारी ने कहा, “CAA अधिनियम यह नहीं कहता कि कानूनी दस्तावेजों वाले किसी निवासी की नागरिकता छीन ली जाएगी।”

सीएम ममता बनर्जी को चुनौती देते हुए उन्होंने आगे कहा, “हमने कई बार CAA के बारे में बात की है। राज्य में सीएए लागू किया जाएगा। अगर आप में हिम्मत है तो इसे लागू होने से रोक कर दिखाएँ।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार किसी का अधिकार छीनने में विश्वास नहीं रखती। ऐसी बातें करने वाले केवल माहौल खराब करना चाहते हैं।

भाजपा नेता ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार ने साल 2019 का लोकसभा चुनाव जीतने के बाद वादा किया था कि वो कश्मीर से अनुच्छेद 370 को हटाएगी। इसे वादे को पूरा किया गया। उसी तरह भाजपा CAA लागू करने के अपने वादे को भी पूरा करेगी।

उन्होंने कहा कि सीएए अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के प्रवासियों को नागरिकता देने की सुविधा प्रदान करता है। उन्होंने यह भी का कि सीएए के नियम अभी तक सरकार द्वारा नहीं बनाए गए हैं, इसलिए फिलहाल किसी को भी इसके तहत नागरिकता नहीं दी जा सकती है।

बता दें कि देश में CAA कानून लागू करने को लेकर भाजपा अपनी प्रतिबद्धता जाहिर कर चुकी है। वहीं, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने भी स्पष्ट शब्दों में कह दिया था कि इसे लागू होने में भले देरी हो रही है, लेकिन CAA लागू होकर रहेगा।

एक इंटरव्यू में अमित शाह ने कहा था, “जो लोग CAA लागू नहीं होने का सपना देख रहे हैं वो बहुत बड़ी भूल कर रहे हैं। सीएए कानून लागू करने में देरी हो रही है, क्योंकि अभी इसे लेकर नियम बनाने हैं। इस पर काम होना है।” इसके पहले भी वे इसे लागू करने की बात कई बार कह चुके हैं।

बता दें कि कुछ दिन पहले शुभेंदु अधिकारी ने सीएम ममता बनर्जी से मुलाकात की थी। इस भेंट को उन्होंने शिष्टाचार भेंट बताया था। हालाँकि, इसको लेकर राजनीतिक अटकलों का बाजार गर्म हो गया था। कहा गया था कि शुभेंदु की TMC में वापस जा सकते हैं। वहीं, ममता बनर्जी ने कहा था, “मैंने शुभेेंदु को चाय पीने के लिए बुलाया था।”

हालाँकि, इस मुलाकात के पीछे यह बात भी आई कि पश्चिम बंगाल भयानक वित्तीय संकट में डूबने जा रहा है। ऐसे में उन्हें केंद्र से मदद की जोरदार दरकार है, लेकिन वे समय-समय पर केंद्रीय बैठकों का बहिष्कार करती रही हैं। ऐसे में वे शुभेंदु अधिकारी के जरिए अपनी बात प्रधानमंत्री मोदी तक पहुँचाना चाह रही हैं। ममता 5 दिसंबर को दिल्ली में पीएम मोदी से मिलने वाली हैं।

’24 घंटे में खाली करो सरकारी बँगला’: जम्मू कश्मीर की पूर्व CM महबूबा मुफ़्ती को नोटिस, अनंतनाग में कब्जा रखा है क्वार्टर

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती को अपना सरकारी बँगला खाली करने के लिए कहा गया है। इसके लिए उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है। उनके अलावा तीन अन्य पूर्व विधायकों को भी ये नोटिस भेजा गया है। PDP सुप्रीमो को जी सरकारी बँगले को खाली करने के लिए कहा गया है, वो दक्षिणी घाटी के अनंतनाग जिले में स्थित है। जिन नेताओं को नोटिस मिला है, वो यहाँ के हाउसिंग कालोनी खन्नाबल इलाके में रह रहे थे।

‘पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी’ की मुखिया को अनंतनाग के डिप्टी कमिश्नर के निर्देश पर जिले के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा ये निष्कासन नोटिस जारी किया गया। उनके अलावा तीन पूर्व विधायकों अब्दुल रहीम राथर, अब्दुल माजिद बट और मोहम्मद अल्ताफ को भी ये नोटिस मिला है। इन नेताओं नेताओं को 4, 6 और 1 नंबर के सरकारी क्वार्टर 24 घंटों के भीतर खाली करने के लिए नोटिस जारी किया गया है। 7 नंबर क्वार्टर पर फ़िलहाल महबूबा मुफ़्ती का कब्ज़ा है।

इससे पहले 21 सितंबर, 2022 को भी महबूबा मुफ़्ती को इस संबंध में नोटिस जारी किया गया था। उन्हें ये भी विकल्प दिया गया था कि अगर उनकी इच्छा हो तो उनके लिए वैकल्पिक आवासीय व्यवस्था की जा सकती है। 2018 से उन्होंने गुपकार मार्ग पर स्थित व्यू नामक सरकारी बँगले पर कब्ज़ा कर रखा है। 26 अक्टूबर को मजबूबा मुफ़्ती को दोबारा नोटिस जारी किया गया। इसमें उन्हें 15 नवंबर तक का समय दिया गया था।

जम्मू कश्मीर का एस्टेट विभाग महबूबा मुफ़्ती को 15 अक्टूबर को भी सरकारी बँगला खाली करने का आदेश दे चुका है। पहले महबूबा मुफ़्ती ने इस पर कानूनी राय लेने की बात कही थी, लेकिन उसके बाद वो कहने लगीं कि ये बँगला उनके लिए कोई मायने नहीं रखता है। उन्होंने इसे खाली कर देने की बात भी कही थी। अब इन चारों नेताओं को कहा गया है कि अगर वो तय समय में बँगला खाली नहीं करते हैं तो कानून के हिसाब से उन पर कार्रवाई की जा सकती है।

‘मस्जिद जैसा बना दिया बस स्टैंड, खड़े किए 3 गुंबद’ : कर्नाटक में BJP नेता के विरोध के बाद रातोंरात 2 गुंबद हटे, कॉन्ग्रेस नेता ने कहा था- किसी कीमत पर नहीं टूटने दूँगा

कर्नाटक के मैसूर में हाल में बस स्टैंड पर मस्जिद जैसे गुंबद नजर आने के बाद वहाँ भारतीय जनता पार्टी के विधायक प्रताप सिम्हा ने सवाल खड़े किए थे। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अगर कार्रवाई नहीं होती तो वह खुद इन गुंबदों को हटा देंगे। अब खबर है कि बस स्टैंड पर लगे तीन गुंबदों में से दो गुंबद रातोंरात हटा लिए गए हैं।

सिम्हा ने बस स्टैंड की बनावट देखने के बाद कहा था कि इस तरह मुख्य गुंबद के अगल-बगल दो गुंबद लगाना ऐसा लग रहा है जैसे ये स्टैंड कोई मस्जिद हो। उन्होंने डेडलाइन देते हुए इस मामले में कार्रवाई की माँग की थी।

मामला संज्ञान में आने के बाद जहाँ द नेशनल हाईवेज ऑथरिटी ऑफ इंडिया ने अधिकारियों को इस संबंध में नोटिस भेज सफाई माँगी थी। वहीं विधायक रामदास ने कहा था, “बस स्टॉप को विवादों में नहीं डालना चाहिए। मैंने मैसूर में एक मॉडल पैलेस के रूप में 12 बस स्टॉप का निर्माण कराया। मगर इसे सांप्रदायिक रंग दिया गया। मुझे यह बुरा लगा। मैंने दिग्गजों से राय लेकर दो छोटे गुंबद तुड़वा दिए। केवल एक गुंबद रखा गया है। इस फैसले को अन्यथा न लें। विकास के हित में ऐसा किया गया है।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस के विधायक तनवीर ने कहा था कि वह किसी कीमत पर इन गुंबदों को तोड़ने नहीं देंगे जबकि प्रताप सिम्हा ने गुंबदों पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि अगर इन गुंबदों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह उन पर एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा था कि अगर एक बड़े गुंबद के संग दो गुंबद होते हैं तो वो मस्जिद होता है। हालाँकि शनिवार को उन्होंने बस स्टैंड से दो गुंबद हटे देख जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया। सिम्हा ने कहा, “जिलाधिकारी का धन्यवाद जिन्होंने समय माँगा और जो कहा वो किया और रामदास जी को भी आभार जिन्होंने सच को समझा और जनमत संग्रह के आगे झुके।”

तिहाड़ जेल में 24 घंटे कैमरे की निगरानी में रहेगा आफताब, हर मूवमेंट पर होगी पुलिस की नजर: पॉलीग्राफ टेस्ट को खाँसकर कर चुका है खराब

अपने लिव-इव पार्टनर श्रद्धा वालकर की हत्या (Shraddha Walker) की हत्या कर 35 टुकड़ों में काटकर फेंकने वाले शातिर आरोपित आफताब पूनावाला (Aaftab Poonawala) को 13 दिन की कस्टडी में भेज दिया गया है। उसे देश के सबसे सुरक्षित माने जाने वाले तिहाड़ जेल में भेज दिया गया है। वहाँ उसे एक अलग सेल में रखा गया है और उस पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है।

आरोपित आफताब को तिहाड़ जेल नंबर 4 के एक अलग सेल में रखा जाएगा। यह पहली बार अपराध करने वाले आरोपितों के लिए है। अधिकारियों का कहना है कि उस पर नजर रखने के लिए उसे 24 घंटे कैमरे की निगरानी में रखा जाएगा।

इसके अलावा, जेल के अधिकारी भी उस पर नजर रखेंगे। जेल में उसकी ज्यादा आवाजाही नहीं होगी और कुछ समय तक उसके सेल से निकलने पर रोक रहेगी। उसके सेल के बाहर 24 घंटे एक सुरक्षाकर्मी तैनात रहेगा। इसके साथ ही उसे खाना परोसने के दौरान पुलिसकर्मी मौजूद रहेंगे।

विशेष पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था, जोन II) सागर प्रीत हुड्डा ने कहा कि दिल्ली की एक अदालत ने फिलहाल उसे 13 दिनों के लिए हिरासत में भेज दिया है। वहीं, पुलिस ने पॉलीग्राफ टेस्ट में आरोपित को पेश करने के लिए आगे की कार्यवाही के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।

बता दें कि शुक्रवार (25 नवंबर 2022) को रोहिणी के फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी में उसका पॉलीग्राफी टेस्ट करीब तीन घंटे तक चला। इस दौरान उसने विशेषज्ञों को भ्रमित करने की पूरी कोशिश की। पूछताछ के दौरान वह बार-बार खाँसता रहा और टेस्ट को मैनिपुलेट करने की कोशिश की। इससे टेस्ट प्रभावित हुआ।

आफताब किसी शातिर अपराधी की तरह दिल्ली पुलिस के साथ माइंडगेम खेल रहा है। पॉलीग्राफ टेस्ट के दौरान वह कई सवालों पर वो चुप रहा तो कई को टाल गया। कुछ सवालों पर तो वो मुस्कुराता रहा। वह झूठ भी बेहद कॉन्फिडेंस के साथ बोलता रहा। पुलिस को अपेक्षित सफलता नहीं मिली।

एक जाँचकर्ता का कहना कि आरोपित आफताब ने प्रश्नों का पहले से ही अनुमान लगाया होगा और उत्तर देने का उसने रिहर्सल किया होगा। आरोपित ने टेस्ट की रीडिंग को बाधित करने के लिए इलेक्ट्रोड लगाए जाने के तुरंत बाद खासने लगा। रिपोर्ट में कहा गया है, “खाँसी के कारण रीडिंग खराब हो गई और हम यह तय नहीं कर सके कि वह सच कह रहा था या परीक्षण में हेरफेर कर रहा था।”

पुलिस को तमाम कोशिशों के बाद भी श्रद्धा के शव के सभी टुकड़े, आरी, श्रद्धा का सिर, श्रद्धा का मोबाइल और उसके कपड़े जो हत्या के समय पहने थे अब भी नहीं मिले हैं। दिल्ली पुलिस की उम्मीदें अब आफताब के नार्को टेस्ट है। आफताब का नार्को टेस्ट सोमवार को कराया जा सकता है।

बता दें कि दिल्ली के छतरपुर इलाके में 18 मई 2022 को श्रद्धा वालकर की हत्‍या कर दी गई थी। आफताब अमीन और श्रद्धा मुंबई से यहीं किराए के एक फ्लैट में लिव इन रिलेशन में रहने पहुँचे थे। आफताब ने हत्या के बाद श्रद्धा के शरीर के 35 टुकड़े किए और महरौली, गुरुग्राम व मैदानगढ़ी के इलाकों में फेंकता रहा।

तिहाड़ में शाही खाना और मालिश के बाद सत्येंद्र जैन की सेल में हाउसकीपिंग सर्विस का Video वायरल: VVIP ट्रीटमेंट के लिए 10 लोग नियुक्त, कोर्ट ने उठाया था सवाल

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) की नेतृत्व वाली दिल्ली (Delhi) की आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार में मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendra Jain) की तिहाड़ जेल में आरामदायक जिंदगी के वीडियो आने का सिलसिला जारी है। तिहाड़ में बंद जैन की सेल की सफाई का अब वीडियो सामने आया है। कहा जा रहा है कि उनकी सुविधाओं का ध्यान रखने के लिए जेल में 10 लोगों को लगाया गया है।

तिहाड़ में सत्येंद्र जैन को शाही खाना, मालिश करने और निलंबित जेल अधीक्षक के साथ गप्प लड़ाने का वीडियो आने के बाद यह वीडियो आया है। इस वीडियो में दिख रहा है कि जैन जेल के जिस सेल में बंद में उसकी हाउस कीपिंग यानी उसकी बहुत करीने से साफ-सफाई की जा रही है। इसके साथ ही उनके बेड और तकिए के चादर आदि बदले जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि सत्येंद्र जैन के सेल के अंदर सभी सेवाएँ देने के लिए 10 लोगों को नियुक्त किया गया था। इनमें से 8 लोगों को सत्येंद्र जैन की जरूरतों का ख्याल रखने के लिए लगाया था। ये लोग उनके कमरे की सफाई, उनका बिस्तर ठीक करना और बाहर का खाना, मिनरल वाटर, फल एवं कपड़े उपलब्ध कराने के लिए थे। बाकी दो लोग सुपरवाइजर के तौर पर काम देख रहे थे।

बता दें कि शनिवार (26 नवंबर 2022) को दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने सत्येंद्र जैन की द्वारा जेल में फल और मेवों की माँग करने वाली उनकी याचिका पर तल्ख टिप्पणी करते हुए फटकार लगाई थी। कोर्ट ने कहा था कि तिहाड़ जेल के अधिकारियों ने उन्हें फल और सब्जियाँ देकर ‘विशेष व्यवहार’ किया है, जो कि दिल्ली जेल नियमों का उल्लंघन है।

दिल्ली हाईकोर्ट के विशेष जज विकास ढुल ने कहा कि जेल में किसी को भी विशेष सुविधा नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा है कि तिहाड़ जेल के कर्मचारियों द्वारा डीजीपी जेल या किसी अथॉरिटी के आदेश के बिना सत्येंद्र जैन को फल या सब्जियाँ देना डीपीआर 2018 का उल्लंघन है।

कोर्ट ने यह भी कहा है कि सत्येंद्र जैन को ‘स्पेशल’ फल और सब्जियाँ उपलब्ध कराना भारत के संविधान, 1950 के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन था, क्योंकि राज्य सभी कैदियों के साथ समान व्यवहार करने के लिए बाध्य है और जाति, पंथ, लिंग, धर्म इत्यादि के आधार पर कोई भेदभाव नहीं किया जा सकता है। भारतीय कानून अमीर-गरीब, पुरुष, महिला या अन्य किसी प्रकार का भी भेदभाव करने की अनुमति नहीं देता है।

सत्येंद्र जैन की सेल की सफाई का वीडियो सामने आने के बाद भाजपा आम आदमी पार्टी की सरकार पर हमलावर हो गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ट्विटर पर लिखा, “तिहाड़ के AAP का दरबार के बाद अब तिहाड़ में रूम सर्विस! 8-10 लोग सत्येंद्र जैन को हाउसकीपिंग और वीवीआईपी सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं। वह नाबालिग से बलात्कार करने वाले से मालिश, टीवी, मिनरल वाटर का आनंद ले रहे हैं। फल, सूखे मेवे, नवाबी भोजन, जेल अधीक्षक का व्यक्तिगत दौरा! क्या चल रहा है?”

बता दें कि सत्येंद्र जैन दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार में मंत्री हैं। वे मनी लॉन्ड्रिंग (Money laundering) मामले में जेल में बंद हैं। इससे पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता जैन का जेल में मसाज लेते हुए वीडियो आया था।

इसका बचाव करते हुए AAP ने कहा था कि जैन की तबीयत ठीक नहीं है और वे फिजियोथेरेपिस्ट से उपचार करा रहे थे। हालाँकि, यह बात सामने आई कि जिस व्यक्ति वह पैरों की मालिश करा रहे थे, वह एक नाबालिग लड़की से रेप करने का आरोपित था।

समाचार एजेंसी के मुताबिक, तिहाड़ जेल के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि सत्येंद्र जैन की मालिश करने वाले कैदी का नाम रिंकू है। वह फिजियोथेरेपिस्ट नहीं है। रिंकू एक नाबालिग से बलात्कार के मामले में जेल में बंद है। उस पर पॉक्सो POCSO की धारा 6 और IPC की धारा 376, 506 और 509 के तहत केस दर्ज किया गया है।

‘सोमनाथ में अल्लाह रहते हैं, अजमेर शरीफ में महादेव’ : गुजरात चुनाव से पहले कॉन्ग्रेस प्रत्याशी का बयान, मंच से लगाए ‘अल्लाह-हू-अकबर’ के नारे

गुजरात विधानसभा चुनावों के कॉन्ग्रेस के राजकोट से प्रत्याशी इंद्रानील राजगुरु ने जनता को संबोधित करते हुए दावा किया है कि अल्लाह और महादेव एक होते हैं। उन्होंने कहा कि जब भी वो हिंदू श्रद्धालुओं के साथ बस में सोमनाथ जाते हैं और जब भी मुस्लिमों के साथ ट्रेन में बैठकर अजमेर जाते हैं तो उनको बराबर की खुशी मिलती है।

अपने भाषण में राजगुरु ने कहा, “मेरे विचार से सोमनाथ में अल्लाह हैं और अजमेर में महादेव हैं।” उन्होंने अल्लाह-हू-अकबर का नारा मंच से लगाते हुए कहा, “उन लोगों को जीतने मत देना जो लोग हमें बाँटना चाहते हैं।”

जानकारी के मुताबिक, राजगुरु इस दौरान राजकोट के जंगलेश्वर में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। यहाँ 1 दिसंबर 2022 को मतदान होने वाला है।

गुजरात में कॉन्ग्रेस के सबसे अमीर नेता में से एक

राजनैतिक करियर की बात करें तो वह सबसे पहले साल 2012 में राजकोट विधानसभा से विधायक चुने गए थे। इसके बाद साल 2018 में उन्होंने राजकोट कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा दे दिया था। उससे पहले उन्हें कॉन्ग्रेस ने राजकोट पश्चिम सीट से उतारा था। उस समय वह गुजरात में कॉन्ग्रेस के सबसे अमीर उम्मीदवारों में से एक थे। हलफनामे में तब उनकी आया 141 करोड़ बताई गई थी। उन्होंने अपनी आया में तब साढ़े चार करोड़ कुपए की लंबोर्गिनी कार और 12 गाड़ियों का खुलासा किया था।

इंद्रानील ने माँगी राहुल गाँधी से माफी

अप्रैल 2022 में उन्हें लेकर खबर आई कि उन्होंने आम आदमी पार्टी को ज्वाइन कर लिया है। हालाँकि नवंबर 2022 में पता चला कि वो दोबारा से कॉन्ग्रेस में लौट आए हैं और उन्हें कॉन्ग्रेस ने राजकोट सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है। कॉन्ग्रेस में लौटने के बाद उन्होंने राहुल गाँधी से माफी भी माँगी थी। उन्होंने भरी भीड़ में आम आदमी पार्टी ज्वाइन करने पर माफी माँगते हुए वह बोले थे-

“मैं भूले से भटक गया था, आम आदमी में चला गया था। वहाँ मैंने देखा एक झूठे आदमी को निकालने के चक्कर में मैं दूसरे झूठे आदमी केजरीवाल के चक्कर में फँस गया था। वो लोग बी टीम की तरह काम कर रहे हैं। मैं सबसे कहना चाहता हूँ कि उनकी बातों में मत आना। मैंने उन्हें बहुत करीब से देखा है। वो कट्टर ईमानदार नहीं भ्रष्टाचारी हैं। वो राष्ट्रवादी नहीं, वो राष्ट्रविरोधी हैं। वहाँ जाने के लिए आप लोग मुझे माफ करें।”

सारण में श्राद्ध का भोज खा रहे लोगों को अनियंत्रित कार ने रौंदा, 1 की मौत और 18 घायल: शराबबंदी वाले बिहार में नशे में था ड्राइवर

बिहार के सारण (Saran, Bihar) से एक दहलाने वाला मामला सामने आया है। वहाँ एक व्यक्ति की तेरहवीं की भोज खा रहे लोगों पर तेज रफ्तार में आई गाड़ी चढ़ने के कारण 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं, एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है। कार ड्राइवर को नशे में बताया जा रहा है। उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

दरअसल, घटना बिहार के सारण जिले में स्थित मशरक के लखनपुर गोलंबर के नजदीक कर्ण कुदरिया गोपी टोला गाँव का है। इस गाँव में हीरा राम नाम के व्यक्ति के घर श्राद्ध का भोज चल रहा था। जगह के अभाव के कारण लोग सड़कों पर बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान एक जाइलो कार सड़क किनारे दुकान को तोड़ते हुए बस्ती में जा घुसी।

इस दौरान श्राद्ध का भोजन कर रहे लोगों को रौंदते हुए कार निकल गई। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और 18 लोग घायल हो गए। मृतक की पहचान सिवान के बाजितपुर निवासी सुदर्शन प्रसाद के रूप में हुई है। मृतक सुदर्शन अपने रिश्तेदार के यहाँ श्राद्ध में आए हुए थे।

घटना के बाद वहाँ अफरा-तफरी फैल गई। इसके बाद लोग आक्रोशित हो गए और मुख्य सड़क को जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची। गंभीर रूप से घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस ने कार चालक को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि कार का चालक नशे में था। ग्रामीणों का आरोप है कि कार चालक के अलावा कार में बैठे अन्य शराब भी नशे में थे। हालात को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात है। बता दें कि बिहार में शराबबंदी है।