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‘हिस्ट्रीशीटर जिहादी हैं PDP की मुखिया’: महबूबा मुफ़्ती ने ‘द कश्मीर फाइल्स’ को प्रोपेगंडा बताने वाले विदेशी फ़िल्मकार का किया समर्थन, भड़के कश्मीरी हिन्दू

IFFI जूरी हेड और इजरायल के फिल्म निर्माता नादव लैपिड (Nadav Lapid) का जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (Mehbooba Mufti) ने समर्थन किया है। लैपिड ने फिल्म कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) के नाम पर कश्मीरी हिंदुओं के बलिदान का मजाक उड़ाया था।

महबूबा ने ट्विटर पर कहा, “अंतत: किसी ने फिल्म का नाम लिया, जिसे सत्ताधारी दल द्वारा मुस्लिमों, विशेष रूप से कश्मीरियों को नीचा दिखाने और पंडितों एवं मुस्लिमों के बीच की खाई को चौड़ा करने के लिए प्रचारित किया गया था। दुख की बात है कि अब सच को खामोश करने के लिए कूटनीतिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जा रहा है।”

इसको लेकर कश्मीरी ऐक्टविस्ट ने कहा कि आजकल हर कोई इस फिल्म को प्रोपेगेंडा बता रहा है और कश्मीरी पंडितों की न्याय की बात कर रहा है, लेकिन सवाल है कि किससे न्याय? इसकी बात कोई नहीं कर रहा है। उन्होंने का कि 30 साल से यही नैरेटिव रचा गया कि कश्मीरी पंडितों को कुछ नहीं हुआ। यह बेहद सोच-समझकर प्रचारित किया गया।

अमित रैना ने कहा कि पहले कश्मीर के पूर्व राज्यपाल जगमोहन को दोषी बताया गया फिर इस फिल्म को बताया जाने लगा। जिन लोगों ने हथियार उठाए और कश्मीरी हिंदुओं की हत्या की, उनको लेकर सवाल नहीं उठाए जा रहे हैं। इस फिल्म ने 32 साल पुराने इस नैरेटिव का भंडाफोड़ कर दिया।

वहीं, एक अन्य कश्मीरी ऐक्टविस्ट सुशील पंडित ने कहा, जहाँ तक कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार का सवाल है तो वह (महबूबा) हिस्ट्रीशीटर हैं। अब तक उन्होंने अपना और अपने पिता का रोल लिमिट करने की कोशिश नहीं की। उस नरसंहार के लिए आज तक किसी को दोषी नहीं ठहराया गया, किसी को सजा नहीं हुई।”

सुशील पंडित ने कहा कि महबूबा जेहादी हैं और हमेशा जेहाद की बात करती हैं। उन्होंने हमेशा जेहादियों को बचाने की कोशिश की है। महबूबा कश्मीरियों की दुश्मन हैं। उन्होंने अपने समय में 300 से अधिक पत्थरबाजों को हायर किया था।

लैपिड ने कहा है कि वह कश्मीर फाइल्स को ‘प्रोपेगेंडा और अश्लील’ बताते हुए कहा है कि इसमें भारतीय नीति को सही ठहराने वाली फिल्म से हैरान थे। साथ ही आरोप लगाया कि इसमें फासीवादी विशेषताएँ हैं और यह फिल्म 90 के दशक में कश्मीरी हिंदुओं के पलायन पर आधारित है। नादव ने कहा कि अगर इस तरह की फिल्म आने वाले वर्षों में इजरायल में भी बनती है तो उन्हें आश्चर्य होगा।

उन्होंने स्थानीय मीडिया Ynet से बात करते हुए कहा, “इस तरह से बोलना और राजनीतिक बयान देना आसान नहीं था। मुझे पता था कि यह एक ऐसी घटना है, जो देश से जुड़ी हुई है। हर कोई यहाँ सरकार की प्रशंसा करता है। यह कोई आसान स्थिति नहीं है, क्योंकि आप एक अतिथि के तौर पर यहाँ पर हैं।”

उन्होंने आगे कहा, आगे कहा, “मैं यहाँ हजारों लोगों के साथ एक हॉल में मौजूद था। हर कोई स्थानीय सितारों को देखने और सरकार की जय-जयकार करने के लिए उत्साहित था। उन देशों में जो तेजी से अपने मन की बात कहने या सच बोलने की क्षमता खो रहे हैं, किसी को बोलने की जरूरत है। जब मैंने यह फिल्म देखी, तो मैं इसके साथ इजरायली परिस्थिति की कल्पना किए बिना नहीं रह सका, जो यहाँ मौजूद नहीं थे। लेकिन, वे निश्चित रूप से मौजूद हो सकते थे। इसलिए मुझे ऐसा लगा कि मुझे यह करना ही पड़ेगा, क्योंकि मैं एक ऐसी जगह से आया हूँ, जहाँ खुद में सुधार नहीं हुआ है। वह खुद भी इसी रास्ते पर है।”

बता दें कि लैपिड वामपंथी विचारधारा से ग्रसित इजरायली फिल्म निर्माता है। इसने अब तक कुल 13 फिल्में डायरेक्ट की हैं। नादव लैपिड को इजरायल से नफरत वाले व्यक्ति के रूप में देखा जाता है। यहूदियों के एक मात्र देश और उसकी मातृभूमि को लेकर नादव लैपिड के विचार कितने अच्छे हैं, इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि उसके विचारों में इजरायल के विरोधी देश फिलीस्तीन की तरफदारी नजर आती है।

एक इंटरव्यू में लैपिड ने अपनी फिल्म ‘सिनोनिम्स’ पर बात करते हुए इजरायल को लेकर कहा था, “फिल्म इजरायल की आत्मा के बारे में बात करती है। इजरायल की आत्मा एक बीमार आत्मा है। इजरायल के अस्तित्व के गहरे सार में कुछ गलत सा सड़ा हुआ है। यह गलत सिर्फ बेंजामिन नेतन्याहू (इजरायल के प्रधानमंत्री) नहीं है। बल्कि, मुझे लगता है कि इस इजरायली बीमारी या प्रकृति की विशेषता युवा इजरायली लोग हैं जो मस्कुलर बॉडी देखकर खुश होते हैं। लेकिन, न तो कोई सवाल नहीं उठाते हैं और न ही कोई संदेह नहीं करते। उन्हें सिर्फ इजरायली होने में गर्व होता है।”

रूस में जिंदा हुआ 48500 साल पुराना Zombie Virus, दुनिया पर मँडरा रहा कोरोना से भी बड़ा ख़तरा? सदियों से बर्फ में जमे थे, ग्लोबल वार्मिंग से निकल रहे बाहर

अभी लोग कोरोना महामारी (Pandemics) से उबर भी नहीं सके थे और दुनिया में एक नई और बड़ी महामारी का खतरा मंडराने लगा है। माना जा रहा है कि इस बार खतरा कोरोना महामारी से भी खतरनाक हो सकता है। ऐसा इसलिए, क्योंकि फ्रांस के वैज्ञानिकों ने रूस में जमी हुई झील के नीचे दबे 48,500 साल पुराने जॉम्बी वायरस (Zombie Virus) को जिंदा किया है। वैज्ञानिकों ने पता लगाया है कि ‘जॉम्बी वायरस’ बहुत अधिक संक्रामक है। जो तेजी के साथ फैल सकता है।

‘ब्लूमबर्ग’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ताओं ने रूस के साइबेरिया क्षेत्र में पर्माफ्रॉस्ट से एकत्रित प्राचीन नमूनों की जाँच की है। रिपोर्ट के मुताबिक वैज्ञानिकों ने 13 रोगजनक वायरसों की विशेषता बताते हुए उन्हें जिंदा कर दिया। इन्हें ‘जॉम्बी वायरस’ नाम दिया गया है। वैज्ञानिकों ने पाया कि कई शताब्दियों तक जमीन के नीचे बर्फ में दबे रहने के बावजूद भी वायरस संक्रामक बने रहे हैं।

‘न्यूयॉर्क पोस्ट’ के अनुसार, बहुत प्राचीन अज्ञात वायरस के जीवित होने से पौधों, पशुओं और मनुष्यों में घातक रोग उत्पन्न हो सकते हैं। शुरुआती शोध के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग के कारण स्थायी रूप से जमे हुए वो इलाके पिघल रहे हैं जो उत्तरी गोलार्ध के एक-चौथाई हिस्से को कवर करती हैं। शोधकर्ता कहते हैं, “10 लाख सालों तक जमे कार्बनिक पदार्थों के इलाके में पुनर्जीवित सेलुलर रोगाणुओं जैसे प्रोकैरियोट्स, यूनिसेल्यूलर, यूकेरियोट्स के साथ-साथ वायरस भी शामिल हैं, जो प्रागैतिहासिक काल से निष्क्रिय रहे हैं।”

वैज्ञानिक लंबे समय से ग्लोबल वॉर्मिंग को दुनिया के लिए खतरा बता रहे हैं। लगातार चेतावनी दी जा रही है कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण जमी हुई बर्फ पिघलने से जलवायु परिवर्तन होगा जिससे पारिस्थितिक तंत्र बिगड़ जाएगा। इतना ही नहीं जलवायु परिवर्तन से जमीन में दबी मीथेन विघटित हो जाएगी, जिससे ग्रीनहाउस प्रभाव पड़ेगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल वार्मिंग से यह संभावना है कि प्राचीन परमाफ्रॉस्ट (बर्फ से ढके इलाके) पिघलने पर कई अज्ञात वायरस बाहर आ जाएँगे। जिसका दुनिया पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ सकता है।

जाँच अभी शुरुआती दौर में है। इसके बाद वैज्ञानिक प्रकाश, गर्मी, ऑक्सीजन और अन्य बाहरी पर्यावरणीय माहौल के संपर्क में आने पर इन अज्ञात विषाणुओं की संक्रामकता के स्तर का आकलन करेंगे।

रिपोर्ट के मुताबिक, सबसे पुराना वायरस जिसे पैंडोरावायरस येडोमा कहा जाता है, इसकी उम्र 48,500 साल से ज्यादा बताई जा रही है। इस वायरस ने इसी टीम द्वारा 2013 में खोजे गए उस वायरस का भी रिकॉर्ड तोड़ दिया जिसकी उम्र 30,000 साल से ज्यादा बताई गई थी।

कंडोम, पिल्स, सिगरेट और शराब… बेंगलुरु में स्कूली बच्चों के बस्ते से मिला सामान, टीचर देखकर हैरान, छात्रों को 10 दिन छुट्टी पर भेजा

बेंगलुरु के स्कूलों में स्टूडेंट्स के बैग की चेकिंग की गई है। इस चेकिंग में स्टूडेंट्स के बैग से कंडोम, गर्म निरोधक दवाइयाँ, लाइटर, सिगरेट, व्हाइटनर और कुछ नगद पैसे मिले हैं। यही नहीं, कुछ स्टूडेंट्स के पास से शराब की बोतलें व पानी को बोतलों में भी शराब मिली है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बेंगलुरु के कई स्कूलों में ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि स्टूडेंट्स अपने स्कूल बैग में मोबाइल फोन छिपाकर क्लास में आ रहे हैं। इस शिकायत के चलते प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के जुड़े प्रशासन एसोसिएटेड मैनेजमेंट्स ऑफ प्राइमरी एंड सेकंडरी स्कूल्स इन कर्नाटक (KAMS) ने सभी स्कूलों से छात्रों के बैग की जाँच शुरू करने को कहा था। इसके बाद, कई स्कूलों में स्टूडेंट्स के बैग की तलाशी करने के लिए अभियान चलाया गया।

इस तलाशी में, क्लास 8, 9 और 10 के स्टूडेंट्स के स्कूल बैग की तलाशी ली गई तो उनके बैग से मोबाइल फोन तो मिला ही, साथ ही कंडोम समेत कई आपत्तिजनक सामग्री भी मिली है। स्टूडेंट्स के बैग में ऐसी सामग्री मिलने के बाद स्कूल प्रशासन सख्ती बरत रहा है।

यही नहीं, स्टूडेंट्स के बैग से मिली इन सामग्री को लेकर कुछ स्कूलों ने छात्रों के पेरेटन्स (माता-पिता) को बुलाकर मीटिंग भी की है। हालाँकि इस बारे में जब, स्कूल प्रशासन द्वारा पैरेंट्स को बताया गया तो वह भी हैरान रह गए।

इस पूरे मामले पर, बेंगलुरु के नगरभावी में स्थित एक स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा, “स्कूल द्वारा जब छात्रों के माता-पिता को उनके बैग से मिली आपत्तिजनक सामग्री के बारे में बताया तो वह हैरान हो गए। पेरेंट्स ने हमसे छात्रों के व्यवहार में अचानक हुए परिवर्तन को लेकर भी बात की है।”

फिलहाल, मौजूदा स्थिति को संभालने के लिए स्कूलों ने छात्रों को सस्पेंड करने के बजाए पेरेंट्स को नोटिस जारी किया है। साथ ही, स्कूल प्रशासन ने पैरेंट्स से बच्चों की काउंसिलिंग कराने को कहा है। इसके लिए बच्चों को 10 दिनों की छुट्टी भी दी गई है।

एक अन्य स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा है कि 10 वीं की एक छात्रा के बैग में कंडोम मिला था। इस बारे में जब उससे पूछा गया तो उसने कहा कि वह प्राइवेट ट्यूशन में पढ़ने जाती है। वहाँ, उसके साथ पढ़ने वाले अन्य छात्रों ने उसके बैग में कंडोम रख दिया होगा।

एसोसिएटेड मैनेजमेंट्स ऑफ प्राइमरी एंड सेकंडरी स्कूल्स इन कर्नाटक (KAMS) के महासचिव डी शशि कुमार ने कहा है कि 80 प्रतिशत स्कूलों में चेकिंग की गई है। बच्चों के बैग से गर्भनिरोधक गोलियाँ भी मिली हैं। इसके अलावा उनके बैग में शराब की बोतलें भी मिली हैं। हम इस सदमे से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ बच्चे शिक्षकों और दूसरे स्टूडेंट्स को परेशान कर रहे हैं, उनके लिए गंदे शब्दों का उपयोग कर रहे हैं और उनकी ओर गलत इशारे कर रहे हैं। ऐसी हरकतें 5वीं पढ़ने वाले छात्रों में भी देखने को मिल रहीं हैं।

ब्रिटेन में 44% बढ़ी मुस्लिमों की जनसंख्या, पहली बार आधे से भी कम रह गए ईसाई: रिपोर्ट

ब्रिटेन में इन दिनों ईसाइयों की आबादी तेजी से घट रही है और मुस्लिमों की जनसंख्या बढ़ रही है। मंगलवार (29 नवंबर 2022) को जारी किए गए जनसंख्या के आँकड़ों के मुताबिक इंग्लैंड और वेल्स में ईसाइयों की आबादी पहली बार कुल आबादी के आधे से भी कम हो गई है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के ताजा जनगणना के आँकड़ों के अनुसार, ब्रिटेन में मुस्लिमों की आबादी (Muslim Population) एक दशक में 44 प्रतिशत बढ़ी है। देश की कुल आबादी में से 6.5 प्रतिशत यानी 3.9 मिलियन (3900000) लोग इस्लाम मजहब को मानने वाले हैं। रिपोर्ट में यह खुलासा भी हुआ है कि ब्रिटेन में ईसाइयों के बाद ‘नो रिलीजन’ यानी कोई धर्म नहीं वाली आबादी दूसरे नंबर पर है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ब्रिटेन में ईसाइयों की आबादी में 13.1 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं, मुस्लिमों की आबादी 4.9 फीसदी से बढ़कर 6.5 फीसदी हो गई है। ऐसा पहली बार हुआ है, जब ईसाइयों की आबादी आधी से भी कम रह गई है। ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के अनुसार, इंग्लैंड और वेल्स में ईसाइयों की आबादी घटकर 46.2 प्रतिशत रह गई है।

इंग्लैंड और वेल्स की ओएनएस जनगणना (फोटो साभार: गार्जियन)

इस मामले में यॉर्क के आर्कबिशप स्टीफन कोट्रेल का कहना है कि ये सच में चौंकाने वाला है कि ब्रिटेन में ईसाइयों की जनसंख्या तेजी से घटी है। उनका कहना है, “यूरोप में चल रहे युद्ध और रहने-खाने के संकट के बीच लोगों को धार्मिक मदद की जरूरत है। हम उनके लिए हैं। कई मामलों में हमारी तरफ से जरूरतमंदों को खाना और अन्य मदद दी जाती है। क्रिसमस पर लाखों लोग चर्च आते हैं और हमारी मदद लेते हैं।”

2021 की जनगणना में पाया गया है कि यूके के लगभग 10 प्रतिशत परिवारों में अब कम से कम दो अलग-अलग जातीय समूहों के सदस्य हैं। इनमें 8.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इसके साथ ही यह भी सामने आया है कि यहाँ पंजाबी और उर्दू क्रमशः 291,000 और 270,000 लोगों द्वारा बोली जाती है। पंजाबी और उर्दू यूके में बोली जाने वाली 5वीं और छठी सबसे आम भाषा बन गई है। आँकड़ों से यह भी पता चलता है कि लंदन इंग्लैंड का सबसे धार्मिक रूप से विविध क्षेत्र बना हुआ है। ब्रिटेन की राजधानी के उत्तर में हैरो शहर में हिंदू आबादी का प्रतिशत सबसे अधिक 25.8 है, जो 2011 में 25.3 प्रतिशत था।

बता दें कि ऑफिस फॉर नेशनल स्टैटिस्टिक्स के मुताबिक 2001 में ब्रिटेन की जनगणना में धर्म का सवाल जोड़ा गया था। इसमें करीब 94 फीसदी लोगों ने अपनी इच्छा से जवाब दिया था। इंग्लैंड और वेल्स में लगभग 46.2 प्रतिशत जनसंख्या ईसाई हैं। 2011 की तुलना में इनकी आबादी में करीब 13.1 फीसदी की गिरावट आई है। इनके अलावा ‘नो रिलीजन’ यानी कोई धर्म नहीं वाली आबादी का आँकड़ा 2.22 करोड़ यानी 37.2 फीसदी है। मुस्लिमों की आबादी बढ़कर 39 लाख हो गई है। इसके बाद हिंदुओं की आबादी 10 लाख है। सिखों की आबादी 5,24,000 है। बौद्ध धर्म की आबादी 2.73 लाख से बढ़कर 2.71 लाख हो गई है। यहूदी यहाँ सबसे क​म हैं।

AAP से ‘रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिमों’ को फायदा: घुसपैठियों के साथ केजरीवाल की पार्टी? देखें वीडियो

अहमदाबाद के जुहापुरा में मुस्लिमों के एक संगठन ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ की तरफ से एक बड़ी सभा आयोजित की गई थी। ‘नारा-ए-तकबीर’ के साथ शुरू हुई इस बैठक का एक वीडियो वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ‘आम आदमी पार्टी (AAP)’ समर्थक स्वीकार कर रहे हैं कि कैसे दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने हर तरह के मुस्लिमों के उत्थान के लिए काम किया है। वीडियो में कहा जा रहा है कि केजरीवाल ने बिहारी मुस्लिम, गुजराती मुस्लिम या कहीं के मुस्लिम चाहे ‘शरणार्थी मुस्लिम (रिफ्यूजी या अवैध घुसपैठिए)’ ही क्यों न हो, इनकी भी आर्थिक स्थिति सुधारी है।

वीडियो में, ‘मुस्लिम फाइटर्स क्लब’ चलाने वाले ‘इमरान भाई’ नाम के शख्स ने दावा किया कि मुस्लिम समुदाय हमेशा से नफरत का शिकार रहा है और सिर्फ केजरीवाल ही मुस्लिमों के सच्चे हितैषी हैं। इमरान ने आगे कहा, “मैंने दिल्ली में अपने मुस्लिम भाइयों से बात की है और उन्होंने कहा है कि उनकी स्थिति में सुधार हुआ है। अरविंद केजरीवाल दुनिया के हर हिस्से के मुस्लिमों का ख्याल रखते हैं।” उन्होंने कहा कि केजरीवाल ‘मुस्लिम शरणार्थियों’ का भी ख्याल रखते हैं। वीडियो में इमरान को ये कहते सुना जा सकता है कि मैं नाम नहीं लूँगा, मैं शरणार्थी कहूँगा, आप लोग जानते ही हैं, मैं किनकी बात कर रहा हूँ।

बता दें कि जनवरी 2020 में ऐसी मीडिया रिपोर्ट्स सामने आई थी कि AAP के विधायक अमानतुल्लाह खान और अरविंद केजरीवाल की दिल्ली सरकार व्यवस्थित रूप से दिल्ली में अवैध रोहिंग्या मुस्लिमों को बसाने का काम कर रहे थे। यही नहीं, अवैध रोहिंग्या उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग की लगभग 5.2 एकड़ जमीन पर भी गैरकानूनी रूप से बसे हुए हैं। इस जमीन का खसरा नंबर 612 है। इस जमीन पर रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुस्लिम गैरकानूनी रूप से रह रहे हैं।

भाजपा भी दिल्ली की AAP सरकार पर यह आरोप लगाती रही है कि केरजीवाल सरकार अवैध रोहिंग्या मुस्लिमों को राजधानी में बसाने में पूरी मदद कर रही है और उनके भारतीय दस्तावेज़ भी बनवाए जा रहे हैं। ऑपइंडिया ने अपने एक रिपोर्ट में यह भी बताया था कि कैसे ओखला के गरीबों ने अमानतुल्लाह खान पर राशन वितरण में धार्मिक भेदभाव का आरोप लगाया था। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया था कि उन्हें राशन इसलिए नहीं दिया जाता क्योंकि वे हिंदू थे और उन्होंने AAP को वोट नहीं दिया।

पहले तोड़े बैरिकेड, फिर नगर निगम कर्मचारियों से बदसलूकी की: सूरत में केजरीवाल के रोड में AAP कार्यकर्ताओं की गुंडागर्दी, 3 के खिलाफ FIR दर्ज

सूरत नगर निगम के कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और हंगामा करने के आरोप में बुधवार (30 नवंबर 2022) को आम आदमी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं के खिलाफ कटारगाम थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।

दरअसल, सोमवार (28 नवंबर 2022) को गुजरात विधानसभा चुनाव प्रचार के लिए अरविंद केजरीवाल का सूरत में रोड शो हुआ। इस रोड शो की तैयारी के लिए कटारगाम इलाके धनमोरा चौराहे के पास सड़क किनारे बने डिवाइडर पर गार्ड पत्थरों को आप (AAP) कार्यकर्ताओं ने तोड़ दिया था। 

इसके बाद, स्थानीय लोगों से मिली सूचना के आधार पर सूरत नगर निगम के कर्मचारी इंजीनियर हेमंत पटेल के नेतृत्व में टूटे हुए पत्थरों की मरम्मत करने के लिए पहुँचे थे। तभी, वहाँ पहुँचे आप कार्यकर्ताओं ने पहले तो हंगमा करना शुरू कर दिया इसके बाद कर्मचारियों से बदसलूकी करने लगे। इस कारण नगर निगम कर्मचारियों को मौके से भागने पर मजबूर होना पड़ा।

इस मामले में पुलिस ने आम आदमी पार्टी के तीन कार्यकर्ताओं के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज की। इन कार्यकर्ताओं की पहचान पीयूष वारसानी, तुलसी ललैया और रजनी वघानी के रूप में हुई है। 

बता दें कि आम आदमी पार्टी के कार्यकता केजरीवाल का रोड शो पूरी चौड़ाई के साथ करना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने, सूरत नगर निगम से बैरिकेड्स हटाने का अनुरोध किया था। हालाँकि, बैरिकेड्स हटाने की जगह आप कार्यकर्ताओं ने डिवाइडरों को नष्ट कर दिया था। इस कारण, स्थानीय लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा था। डिवाइडर तोड़ने के मामले में, सूरत नगर निगम ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि कुल 12 पत्थरों को नुकसान पहुँचा है, जिसमें 5436 रुपए का नुकसान हुआ है।

गौरतलब है कि गुजरात विधानसभा चुनाव के लिए दो चरणों में मतदान होना है। पहले चरण का मतदान गुरुवार (1 दिसंबर 2022) और दूसरे चरण का सोमवार (5 दिसंबर 2022) को होगा। पहले चरण में सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात की 93 सीटों और दूसरे चरण में उत्तर और मध्य गुजरात की 89 सीटों पर मतदान होगा। गुजरात विधानसभा चुनाव के परिणाम 8 दिसंबर को घोषित किए जाएँगे। अब तक सामने आए ओपिनियन पोल में भारतीय जनता पार्टी पूर्ण बहुमत के साथ एक बार फिर गुजरात में सरकार बनाते हुए दिख रही है।

मछली पकड़ने वाली नाव की मदद से ड्रग्स की तस्करी, DMK पार्षद सरबराज और पूर्व पार्षद जैनुद्दीन गिरफ्तार: गाड़ी से मिली ₹360 करोड़ की कोकीन

तमिलनाडु तटीय पुलिस (Tamil Nadu Coastal Police) ने रामनाथपुरम जिले से करोड़ों रुपए के कोकीन की तस्करी की कोशिश के आरोप में डीएमके (DMK) पार्षद और उसके भाई को गिरफ्तार किया है। आरोपित करोड़ों की कोकीन मछली पकड़ने वाले नाव की मदद से श्रीलंका भेजने की फिराक में थे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान रामेश्वरम के कीझाकरई नगरपालिका (Keezhakarai Municipality) के डीएमके पार्षद सरबराज नवाज (42) और पूर्व डीएमके पार्षद जैनुद्दीन (45) के तौर पर हुई है। दोनों भाई बताए जा रहे हैं। समुद्री रास्ते से ड्रग तस्करी के इनपुट्स मिलने के बाद रामनाथपुरम जिले में मंडपम-वेदलाई रोड पर कोस्टल पुलिस विशेष तलाशी अभियान चला रही थी। इस दौरान एक तेज रफ्तार लक्जरी कार को तलाशी के लिए रोका गया। जाँच के दौरान पुलिस ने कार से कोकीन बरामद की, जिसकी कीमत 360 करोड़ आँकी जा रही है।

घटना शनिवार (26 नवंबर, 2022) की है। पुलिस को तलाशी के दौरान इस लक्ज़री कार से 30 कंटेनर मिले, जिसमें 20 लीटर कच्ची कोकीन रखी हुई थी। पुलिस ने कार को जब्त कर कार में सवार डीएमके के नेता सरबराज और जैनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान यह पता चला है कि रामेश्वरम का ही रहने वाला सादिक अली (36 वर्ष) अपनी नाव से कोकीन को श्रीलंका ले जाने वाला था। रिपोर्ट्स की मानें तो रामनाथपुरम जिले के अधिकारियों ने श्रीलंका में तस्करी के लिए इतने बड़े खेप की बरामदगी पहले कभी नहीं की थी।

डीएमके का गिरफ्तार पार्षद सरबराज और उसका भाई जैनुद्दीन एक कार्गो लॉजिस्टिक्स कंपनी के मालिक हैं। अब केंद्रीय और राज्य की खुफिया एजेंसियाँ इस बात का पता लगा रही हैं कि इन दोनों भाइयों का संबंध इंटरनेशनल ड्रग माफिया संगठनों से तो नहीं है।

इस बीच, मछुआरा समुदाय ने पूरे मामले को लेकर चिंता व्यक्त की है। समुदाय का कहना है कि मछुआरे के वेश में तस्करी करना उनके रोजगार और जिन्दगी पर प्रभाव डालेगा। उनका कहना है कि तस्करों के कारण मछुआरों को शक की नजर से देखा जाता है। श्रीलंकाई नौसेना जो पहले से ही निर्दोष मछुआरों को पकड़ कर हिरासत में लेती रही है अब उन्हें मछुआरों को परेशान करने का बहाना मिल जाएगा।

मामले पर भारतीय जनता पार्टी और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम ने भी राज्य सरकार को घेरा है। विपक्षी दलों ने कहा है कि डीएमके पार्षद और पूर्व पार्षद का तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया जाना राज्य के शासन व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है।

गुर्जर समाज को मनाने में जुटी कॉन्ग्रेस, कम नहीं हो रहा ‘भारत जोड़ो यात्रा का विरोध’: फेल हो गई अब तक हुई वार्ताएँ

एक तरफ राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) की यात्रा राजस्थान पहुँचने वाली है तो दूसरी तरफ गुर्जर समुदाय आरक्षण को लेकर आरपार के मूड में दिख रहा है। उन्हें मनाने के लिए प्रदेश की अशोक गहलोत (Ashok Gehlot) सरकार जुटी हुई है, लेकिन दो दौर की वार्ता नाकाम रही है। बातचीत के लिए बुधवार (30 नवंबर 2022) को भी गुर्जर नेताओं को बुलाया गया है।

गुर्जर समाज की तरफ से विजय बैंसला ने कई माँगें उठाई हैं। इनमें से एक गुर्जर नेता को मुख्यमंत्री बनाना भी शामिल है। बैंसला ने धमकी दी है कि अगर उनकी माँगें नहीं मानी गई तो भारत जोड़ो यात्रा का गुर्जर समुदाय खुले तौर पर विरोध करेगा। इसके बाद बैंसला से बातचीत का दौर शुरू हो गया है।

राज्य सरकार के मंत्रियों ने मंगलवार (29 नवंबर 2022) को लगातार दूसरे दिन गुर्जर समुदाय के प्रतिनिधिमंडल के साथ बातचीत की। हालाँकि, वार्ता का कोई हल नहीं निकलने पर उन्हें आज बुधवार को भी वार्ता के लिए बुलाया गया है।

वहीं, मंगलवार को अशोक गहलोत के रूख के बाद बैंसला कुछ नरम पड़ गए। उन्होंने गुर्जर मुख्यमंत्री के सवाल को मजाक में टाल दिया। उन्होंने कहा कि आरक्षण की माँग ही उनकी प्राथमिकता में है। गुर्जर नेता बैंसला ने कहा कि राहुल गाँधी का विरोध जारी रहेगा, जब तक कि उन्हें लिखित में कोई सहमति नहीं मिल जाती।

बता दें कि गुर्जर समुदाय अति पिछड़ा वर्ग (MBC) के तहत आता है। इस समुदाय के लोग शिक्षण संस्थानों में पाँच प्रतिशत आरक्षण, छात्रों को छात्रवृत्ति और नौकरियों में पदों से संबंधित मुद्दों के समाधान की माँग कर रहे हैं।

इसके अलावा, गुर्जर समुदाय अपने लोक देवता कल्याण देवनारायण बोर्ड के लिए बजट की माँग कर रहा है। वहीं, इसके पहले हुए गुर्जर आरक्षण आंदोलन के दौरान बड़े पैमाने पर हुई हिंसा को लेकर पुलिस में दर्ज मामलों को भी वापस लेने की माँग की गई है।

मोबाइल पर पोर्न देखता था नाबालिग, 10 साल लड़की का किया रेप: दुपट्टे से गला घोंट कर मार डाला, आत्महत्या दिखाने की भी की थी कोशिश

छत्तीसगढ़ के बेमेतरा में पुलिस ने मंगलवार (29 नवंबर, 2022) को 17 साल एक नाबालिग लड़के को रेप और हत्या के मामले में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि लड़के ने लंबे समय तक पोर्न देख कर एक 10 वर्षीया नाबालिग बच्ची से रेप किया और बाद में उसे मार डाला। घटना 26 नवम्बर, 2022 (शनिवार) की है, जब पुलिस को एक लड़की द्वारा फाँसी पर लटक कर आत्महत्या की सूचना मिली थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है, जो रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर है । यहाँ लड़की के फाँसी के फंदे से लटक कर मौत की सूचना पर पहुँची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पहले तो पुलिस घटना को आत्महत्या के नजरिए से देख रही थी लेकिन बाद में मेडिकल रिपोर्ट में मृतका के साथ रेप की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी।

इसी जाँच के दौरान पुलिस को पड़ोस में रहने वाले एक लड़के पर शक हुआ। लड़के को बुला कर पूछताछ की गई तो पहले तो उसने इनकार किया, लेकिन बाद में अपना गुनाह कबूल कर लिया। आरोपित ने बताया कि 26 नवंबर को उसने मोबाइल पर काफी देर तक अश्लील वीडियो देखा था। इसके बाद वो पड़ोस के घर में चला गया। घर में लड़की को अकेला देख कर उसने पीड़िता से रेप किया। इस दौरान उसने पीड़िता के मुँह में कपड़ा ठूँस दिया था।

अपना भेद न खुलने के डर से लड़के ने पीड़िता का गला दुपट्टे से कस कर उसे मार डाला। मामले को आत्महत्या का रूप देने के लिए आरोपित ने लड़की की लाश को फंदा बना कर लटका दिया। इसके लिए उसने कुर्सी का सहारा लिया। लड़की के साथ उसका 1 साल का भाई था, जिसे हत्या के बाद आरोपित ने फर्श पर लिटा दिया था। ऐसा करने के पीछे आरोपित का मकसद था कि वो चिल्ला कर पड़ोसियों का ध्यान उस तरफ खींच सके। इसके बाद वो छत के रास्ते अपने घर आ गया। घटना का जिक्र उसने किसी से भी नहीं किया।

पूछताछ में आरोपित ने खुद को पोर्न देखने का आदी बताया है। पुलिस ने आरोपित को दुर्ग स्थित बाल सुधर गृह भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

‘ऐसी-ऐसी लड़कियाँ हैं जो चाहती हैं वो बेडरूम में आ जाए’ : पाकिस्तानी मौलाना डीजल ने इमरान खान की महिला समर्थकों पर की ‘अश्लील’ टिप्पणी, Video वायरल

हाल ही में सोशल मीडिया में पाकिस्तान के नेता मौलाना डीजल उर्फ़ फजलुर रहमान का बता कर एक वीडियो वायरल हो रहा। दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में उन्होंने इमरान खान की समर्थक महिलाओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी की है। इसी के साथ मौलाना ने इमरान की पार्टी के पुरुष सदस्यों की माँ को ले कर भी गंदी बात कही है। मौलाना फजलुर रहमान के इन बयानों की काफी आलोचना हो रही है।

वायरल हो रहे 40 सेकेंड के वीडियो में मौलाना को कई बार अभद्र भाषा का प्रयोग करते देखा जा सकता है। इस दौरान मौलाना ने कहा, “ऐसी-ऐसी नौजवान लड़कियाँ जो कहती हैं कि मेरा जी चाहता है कि वह किसी वक्त मेरे बेडरूम में आ जाए। यह अख़लाक पैदा किया जा रहा है। नौजवान नस्ल को इस तरह गुमराह किया जा रहा है।’

इसी वीडियो में मौलाना ने एक जगह कहा, “ऐसे-ऐसे लोग हैं जो कहते हैं कि अगर हमारी माँ के साथ भी ज़िना करेगा तब भी हम उसको वोट देंगे।” मौलाना की इस बयानबाजी के दौरान वहाँ उनके समर्थक कई लोग मौजूद थे। वो सभी इस बयान से सहमति जताते दिखाई दे रहे हैं। इमरान खान की पार्टी PTI (पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ) की नेता माहीन फैज़ल ने इस वीडियो को शेयर किया है।

हो रही है आलोचना

सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी मौलाना के इस बयान की काफी आलोचना हो रही है। PTI की नेता माहीन ने कहा है कि वो भविष्य में मौलाना को केवल डीजल कहेंगी। मशाल नूरी नाम के यूजर ने मौलाना डीजल का एक महिला के साथ फोटो शेयर करते हुए उसे मौलाना के इस्लामी सिद्धांत बताए हैं। नूरी ने इसी ट्वीट में मौलाना को लानत भी भेजी है।

@AnonymousSadia नाम के हैंडल से मौलाना डीजल को धरती का दानव बताया गया है। इसी ट्वीट में मौलाना का एक पोस्टर भी शेयर किया गया है।

पाकिस्तान नाम के एक हैंडल से मौलाना डीजल को महंगी घड़ियों और मोबाईल का शौकीन बताया गया है।