भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, अवैध धर्मांतरण सहित कई मामलों का वांछित भगोड़ा जाकिर नाइक FIFA वर्ल्ड कप के बीच कतर पहुँचा है। इसी बीच सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि पिछले सप्ताह कतर में एक कार्यक्रम के दौरान जाकिर नाइक ने अन्य धर्मों से संबंधित चार लोगों को इस्लाम मजहब में कन्वर्ट करवाया है। इस दावे के साथ वीडियो भी शेयर किए जा रहे हैं। वीडियो में इस्लामी तकरीर करने वाला ज़ाकिर नाइक चार अन्य लोगों के साथ मंच पर खड़ा दिखाई दे रहा है।
इनमें से एक मंच पर नाइक की बात दोहरा रहा है। इसमें वो कहता दिख रहा है कि अल्लाह के अलावा कोई ईश्वर नहीं है और पैगंबर मुहम्मद उनके मसीहा हैं। भारत में भगोड़ा घोषित किए गए जाकिर नाइक को फीफा विश्व कप 2022 से पहले कतर में इस्लाम का प्रचार करने वाले भाषण देने के लिए आमंत्रित किया गया था। हालाँकि, ये वीडियो पुराना है, जो अब वायरल हो रहा। उक्त वीडियो 27 मई, 2016 को शेयर किया गया था।
हालाँकि, वीडियो पुराना होने से ये फैक्ट नहीं बदल जाता कि FIFA वर्ल्ड कप के बीच ज़ाकिर नाइक क़तर पहुँचा हुआ है और धर्मांतरण कराने के लिए वो जाना जाता रहा है। अपनी तकरीरों के माध्यम से ब्रेनवॉश करने में वो एक्सपर्ट है और कई आतंकियों के गैजेट्स में उसके वीडियोज मिलते हैं।
This video is from May 2016 and is not a recent development.
Having said that, it doesn't change the fact that Zakir Naik has been coercing non-Muslims to convert at events for answering their questions 'correctly.'https://t.co/u2C6k0jJsF
फीफा वर्ल्ड कप का मैच देखने के लिए अलग-अलग देशों से कतर पहुँच रहे प्रशंसकों पर कई प्रतिबंध लगाए गए हैं। ऐसे में उन प्रतिबंधों को लेकर लगातार विवाद हो रहा है। विश्व कप के मैचों के आयोजन के दौरान स्टेडियम में शराब की बिक्री को जो अनुमति मिली थी, उस पर भी प्रतिबंध लग सकता है। बीयर कंपनी बडवाइजर के बीच करोड़ों डॉलर के कॉन्ट्रैक्ट पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं। शराब बनाने वाली दिग्गज कंपनी Anheuser-Busch InBev ने कहा कि परिस्थितियाँ हमारे नियंत्रण से परे है। इस कारण कुछ बिक्री आगे नहीं बढ़ सकती है।
दरअसल, फीफा वर्ल्ड कप के लिए कतर की सरकार ने शराब के लिए कुछ नियम तय किए हैं। इसमें फैंस मैच शुरू होने से तीन घंटे पहले और खत्म होने के एक घंटे बाद ही बीयर खरीद सकेंगे। कतर में महिला और पुरुष दोनों के कपड़ों को लेकर कुछ पाबंदियाँ लागू की गई हैं। यहाँ महिलाएँ ऐसे कपड़े नहीं पहन सकती हैं, जो बॉडी को एक्सपोज करते हो। ऐसे में उन्हें जेल भेजने तक का नियम है। इसके अलावा अब मैच के दौरान इस्लाम का प्रचार करने को लेकर विवाद हो रहा है।
एक रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि कतर इतने बड़े आयोजन का इस्तेमाल इस्लाम के प्रचार-प्रसार के लिए भी करना चाहता है। इस काम के लिए कट्टरपंथी जाकिर नाइक को चुना गया है। भले ही ये वीडियो पुराना हो, लेकिन उसके क़तर पहुँचने का उद्देश्य तो यही है।
गौरतलब है कि कि जाकिर नाइक अपने महजबी तकरीरों के जरिए समाज में ना सिर्फ नफरत फैलाता है, बल्कि मुस्लिम युवाओं को जिहाद और आतंकवाद के लिए भी उकसाता है। हाल ही में कई गिरफ्तार आतंकियों ने बताया था कि वे जाकिर नाइक का वीडियो देखकर आतंकवाद की ओर बढ़े थे। जाकिर नाइक पर भारत में मनी लॉन्ड्रिंग, आतंकवाद को बढ़ावा देने, धर्मांतरण से जुड़ाव, समाज में नफरत फैलाने, हेट स्पीच सहित कई गतिविधियों में लिप्त होने के कारण उस पर मामला दर्ज किया गया है।
वह भारत का भगोड़ा और वांछित है। भारत सरकार उसे देश में लाने का लगातार प्रयास कर रही है। साल 2016 के अंत में भारत ने नाइक के इस्लामिक रिसर्च फाउंडेशन पर प्रतिबंध लगा दिया था। सरकार की कार्रवाई की भनक लगते ही जाकिर नाइक भागकर मलेशिया चला गया। उसके बाद साल 2017 में जाकिर नाइक को भगोड़े घोषित कर दिया गया।
मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस विधायक उमंग सिंघार पर रेप और अप्राकृतिक कुकर्म का आरोप लगा है। आरोप 38 वर्षीया एक महिला ने लगाया है, जो विधायक की पत्नी होने का दावा कर रही है। महिला के मुताबिक विधायक ने उन्हें शारीरिक और मानसिक तौर पर प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस ने FIR दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है। यह केस धार जिले के नौगाँव थाने में दर्ज हुआ है।
आरोपित उमंग सिंघार गंधवानी से विधायक है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोप लगाने वाली महिला मूल रूप से मध्य प्रदेश के ही जबलपुर की रहने वाली है। पुलिस को दी गई शिकायत में महिला ने कॉन्ग्रेस विधायक से अपना परिचय एक सार्वजानिक कार्यक्रम में होना बताया है। पीड़िता के मुताबिक जान-पहचान के कुछ समय बाद दोनों में फोन पर बातचीत भी होने लगी। आरोप है कि कॉन्ग्रेस विधायक ने पीड़िता से शादी कर अपने साथ रखने का भरोसा दिया था।
शिकायत में पीड़िता ने बताया है कि भरोसे में लेकर विधायक उसे अपने साथ दिल्ली, गुरुग्राम, धार और भोपाल ले गए थे। इस दौरान उन्होंने पीड़िता से न सिर्फ शारीरिक संबंध बनाए बल्कि उसके साथ अप्राकृतिक कुकर्म भी किया। महिला के मुतबिक कुछ समय बाद जब उसने विधायक से शादी करने के लिए कहा तो वो टालमटोल करने लगे। जब महिला ने दबाव बनाया तो कथित तौर पर विधायक ने उसे बालकनी से फेंक कर मार डालने का प्रयास किया। उसकी अश्लील वीडियो बना कर वायरल करने की धमकी दी।
पीड़िता के अनुसार इस दौरान कॉन्ग्रेस विधायक ने 16 अप्रैल 2022 को उससे अपने भोपाल स्थित आवास पर शादी कर ली। बाद में उन्होंने पीड़िता को फिर से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इस दौरान पीड़िता की मर्जी के खिलाफ उससे लगातार शारीरिक संबंध बनाए गए। मना करने पर बेरहमी से मारपीट करते थे। पीड़िता का ये भी आरोप है कि कॉन्ग्रेस विधायक उसे अपने दोस्तों के आगे ही प्रताड़ित करते हैं। वो पहले भी पुलिस से इस हरकत की शिकायत कर चुकी है। FIR के मुताबिक 26 अक्टूबर को शराब के नशे में आरोपित ने जमीन में गड़े कट्टे (तमंचे) से पीड़िता का खेल खत्म करने की भी धमकी दी थी।
पीड़िता के मुताबिक वो अपने परिवार की इज्जत को देखते हुए लम्बे समय तक चुप रही पर अब सीमा पार होने पर उसे केस दर्ज करवाने पर मजबूर होना पड़ा है।
कॉन्ग्रेस ने किया विधायक का बचाव
शिकायत दर्ज होने के बाद कॉन्ग्रेस पार्टी ने विधायक का बचाव किया है। पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने इसे भाजपा द्वारा की जा रही दबाव की राजनीति बताया है। उच्च स्तरीय जाँच की माँग करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गाँधी की भारत जोड़ो यात्रा से डर कर भाजपा ऐसे हथकंडे अपना रही है।
विवादित रहा है इतिहास
करीब 2 साल पहले कॉन्ग्रेस विधायक उमंग के कमरे पर उनकी महिला मित्र सोनिया भरद्वाज ने आत्महत्या कर ली थी। इस मामले में मृतका के बेटे ने उमंग सिंघार के खिलाफ शाहपुरा थाने में आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का केस दर्ज करवाया था। पुलिस ने इस केस में उमंग के नौकरों के बयान दर्ज किए थे, जिसमें उन्होंने दोनों के बीच झगड़ा होना स्वीकार किया था। सोनिया के पास से सुसाइड नोट भी मिला था, जिसमें उन्होंने गुस्से की बात लिखी थी।
आम आदमी पार्टी में टिकट की खरीद-बिक्री को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने आज (21 नवंबर 2022) फिर से नया खुलासा किया है। इस बार ये खुलासा स्टिंग के साथ हुआ है। इस स्टिंग के मुताबिक आप नेताओं ने अपनी पार्टी की कार्यकर्ता बिंदू श्रीराम को एमसीडी चुनावों में रोहिणी के वार्ड से टिकट देने के बदले 80 लाख रुपए की माँग की, जिसके बाद कार्यकर्ता ने इन नेताओं के साथ हुई डील की बातचीत पर स्टिंग किया और भाजपा नेताओं के साथ मिलकर दो वीडियो जारी की।
इन वीडियोज में दिखाया गया कि कैसे रोहिणी विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 54 में टिकट देने के लिए एक महिला नेता से 80 रुपए की माँग की गई और जब उन्होंने कहा कि वो धीरे-धीरे इन रुपयों को दे देंगी तो उन्हें समझाया गया कि और लोगों के पैसे भी पार्टी के पास आ गए हैं। ऐसे में अगर वो पूरी रकम नहीं देंगी तो उनकी सिफारिश नहीं लग पाएगी।
एक वीडियो में महिला पुनीत गोयल नाम के आप पार्टी के कार्यकर्ता से बात करती नजर आ रही हैं। इसमें उन्हें समझाया जा रहा है कि पैसे मिलने के बाद पार्टी की कोर कमेटी में उनकी सुनवाई होगी। पैसे मिलने के बाद उनकी सीट 99.9% पक्की हो जाएगी।
वीडियो में महिला कार्यकर्ता बार-बार कहती हैं कि क्या ऐसा नहीं हो सकता वो आधे पैसे दें तो काम चल जाए, बाकी बाद में दे देंगी। इस पर आप कार्यकर्ता कहते हैं कि पैसे तो एक ही बार में दिए जाएँ तब ठीक है। इसलिए उनके पास समय है तो वो बाकी अमाउंट भी मँगा लें।
दूसरी वीडियो में उनकी बातचीत AAP नेता पठानिया से कार में हो रही है। सुन सकते हैं कि वीडियो में बिंदू बार-बार पठानिया का नाम लेती हैं। उन्हें कहते सुना जा सकता है,”पुनीत से मेरी बात हो रही है। आप मुझे ग्रीन सिग्नल दो। सीधी बात ये है कि जो फाइल है वो मोटी फाइल है। अगर आप मुझसे कहो कि बिंदू तुम पुनीत को पैसे दे दो तो मैं उसे पैसे दे दूँगी। आपका ग्रीन सिग्नल चाहिए।”
इसके बाद पठानिया बात को इधर-उधर घुमाते हुए कहते हैं, “हाँ, वो (पुनीत) मेरे साथ रहता है, जहाँ जाता हूँ, वहाँ जाता है। पार्टी में लोग उसको जानने लगे हैं और उसका फोन भी उठाने लगे हैं। वह अपने आप यह काम कर रहा है।” इसके बाद बिंदू बोलती हैं, “रकम छोटी-मोटी नहीं है। मैंने कहा कि अभी 10 है ले लो। उसने कहा 3-4 दिन में कर देना। पहली रकम 21 लाख की थी।”
इन वीडियोज को शेयर करते हुए भाजपा ने आप पर इल्जाम लगाया कि टिकट के बदले पार्टी अवैध वसूली कर रही है। पार्टी ने पुनीत गोयल और बिंदू श्रीराम के बीच हुई बातचीत का वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि ये सब केजरीवाल की शह पर हो रहा है। पूरी पार्टी टिकट के नाम पर उघाई करने में लगी हुई है। वीडियोज में गोपाल राय, सौरभ भारद्वाज और राखी बिड़ला का भी नाम आ रहा है।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले भाजपा ने आम आदमी पार्टी के नेता मुकेश गोयल का स्टिंग वीडियो जारी किया था। आरोप था कि उन्होंने जूनियर इंजीनियर से 1 करोड़ रुपए की रिश्वत ली। उस वीडियो को जारी करते हुए संबित पात्रा ने कहा था कि मुकेश एमसीडी का घाघ नेता है और सीएम केजरीवाल का राइट हैंड है। इसके अलावा भाजपा ने सत्येंद्र जैन का भी जेल में मसाज लेते वीडियो पिछले दिनों शेयर किया था जिसमें वो बेड पर लेटे थे और एक शख्स उनके पैर-हाथ दबा रहा था।
गुजरात विधानसभा चुनावों में अब तक लड़ाई हमेशा दो मुख्य दलों भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच रही है। लेकिन, पहली बार AAP तीसरा विकल्प बनने के लिए इस चुनावी मैदान में पूरे दमखम के साथ उतर रही है। हैदराबाद से सांसद असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) की एआईएमआईएम (AIMIM) पार्टी ने भी इस बार कई सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) ने विधानसभा चुनाव में 14 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे हैं।
इनमें से 12 उम्मीदवार मुस्लिम हैं। चूँकि दो सीटें अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं, इसलिए पार्टी ने वहाँ हिंदू अनुसूचित जाति का उम्मीदवार खड़ा किया है।
All India Majlis-e- Ittehadul Muslimeen party will contest with 14 candidates in gujarat assembly election 2022. Inshaallah they will win with a good margin.@asadowaisipic.twitter.com/VUyu2KfocJ
सांसद असदुद्दीन ओवैसी और उनकी पार्टी अपनी सांप्रदायिक राजनीति और विवादित बयानों के लिए देश भर में बदनाम हैं। हमने उपरोक्त कुछ सीटों पर खड़े स्थानीय मुस्लिम मतदाताओं से बात करके गुजराती मुस्लिमों में उनकी सांप्रदायिक राजनीति को लेकर क्या चल रहा है, यह जानने की कोशिश की।
दानिलिमदा में ओवैसी की सभा रद्द
AIMIM ने कौशिका बहन परमार नाम की एक महिला को दानिलिमदा सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। इसे अहमदाबाद में मुस्लिम बहुल इलाका माना जाता है, लेकिन अनुसूचित जाति (SC) के लिए यह सीट आरक्षित है। गुजरात के बड़े राजनीतिक चेहरों में से एक कॉन्ग्रेस के शैलेश परमार ने इस सीट पर साल 2017 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। इस बार भी कॉन्ग्रेस ने अपने मौजूदा विधायक को मैदान में उतारा है।
वहीं, एआईएमआईएम ने इस सीट से कौशिका परमार को हिंदू अनुसूचित जाति का उम्मीदवार बनाया है। गौरतलब है कि दानिलिमदा स्थित शाह-ए-आलम दरवाजा में रहने वाले एक दबंग मुस्लिम परिवार का शैलेश परमार को समर्थन मिला हुआ है। इसलिए, वह लगातार मुस्लिम वोट पाकर यहाँ से जीत हासिल कर रहे हैं। यह वही इलाका है, जहाँ मुस्लिमों ने सीएए विरोधी प्रदर्शनों के नाम पर सुरक्षाकर्मियों और पुलिस पर जानलेवा हमला किया था। इसके आरोप में स्थानीय पार्षद शहजाद समेत कई लोगों को हिरासत में लिया गया था।
मुस्लिम बहुल इस सीट पर कॉन्ग्रेस पिछले 20 सालों से मुस्लिमों के समर्थन से जीतती आ रही है। यह पहली बार है जब कोई मुस्लिम पार्टी एआईएमआईएम उसे यहाँ से चुनौती दे रही है। इस सिलसिले में ऑपइंडिया ने दानिलिमदा जाकर स्थानीय मुस्लिमों की राय जानने की कोशिश की। शुक्रवार (18 नवंबर, 2022) को हमारी टीम दानिलिमदा में पीर कमल मस्जिद के पास फकीरा नाम की चाय की दुकान पर पहुँची। यहाँ हमेशा 100-150 लोग बैठे रहते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में मुस्लिम होते हैं।
दानिलिमदा में पीर कमल मस्जिद के पास चाय की दुकान
ऑपइंडिया से बात करते हुए इलेक्ट्रीशियन का काम करने वाले सोहेल नाम के स्थानीय शख्स ने कहा, “दानिलिमदा में चीजें वैसी होती हैं, जैसा शहजाद बाबा कहते हैं। ओवैसी का यहाँ कुछ नहीं होने वाला।” सोहेल ने आगे कहा, “कुछ दिन पहले दानिलिमदा में ओवैसी की सभा थी, लेकिन उन्हें अपनी सभा रद्द करके यहाँ से जाना पड़ा, क्योंकि सभा में कोई पहुँचा नहीं। अब जिनकी सभा में लोग नहीं आ रहे हैं, उन्हें वोट कौन देगा?” फरीद मोहम्मद अटारी नाम के एक अन्य व्यक्ति ने कहा, “मुस्लिम यह बात अच्छे से जानते हैं कि ओवैसी उनका नेता नहीं हैं। वह बीजेपी-आरएसएस का एजेंट है। इसलिए कोई मुस्लिम उन्हें वोट नहीं देगा।”
इसके अलावा, हमारी टीम ने कई और लोगों से भी बात की। उनमें से ज्यादातर के जवाब उपरोक्त लोगों से मिलते-जुलते थे। ध्यान दें, यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी, इसलिए यहाँ एआईएमआईएम ने एक हिंदू महिला को मैदान में उतारा। यदि यह सीट सामान्य होती और एआईएमआईएम से कोई मुस्लिम पुरुष उम्मीदवार होता तो शायद लोगों की प्रतिक्रिया और चुनाव के परिणाम में अंतर होता।
जमालपुर में छीपा मुस्लिम बनाम छीपा मुस्लिम की लड़ाई
अहमदाबाद की जमालपुर सीट भी मुस्लिम बहुल है, जहाँ से कॉन्ग्रेस के इमरान खेड़ावाला विधायक हैं। वे इस बार भी यहाँ से कॉन्ग्रेस के उम्मीदवार हैं। यहाँ भी एआईएमआईएम ने अपना उम्मीदवार उतारा है। ओवैसी की पार्टी ने गुजरात AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष साबिर काबुलीवाला को यहाँ से उम्मीदवार बनाया है। अहमदाबाद की जमालपुर सीट पर छीपा मुस्लिमों का दबदबा है। यह मुस्लिमों की एक जाति है। अब तक का इतिहास ऐसा है कि छीपा मुस्लिमों ने अपने वोट से यहाँ की राजनीति को दिशा दी है।
2012 में कॉन्ग्रेस ने यहाँ के छीपा मुस्लिम की जगह अन्य समुदाय के मुस्लिम समीर खान सिपाही को मैदान में उतारा, जो पठान थे। छीपा समाज से ताल्लुक रखने वाले साबिर काबुलीवाला ने यहाँ निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल किया था। ऐसे में पूरे छीपा समुदाय ने उन्हें 30,000 से अधिक वोट दिए और कॉन्ग्रेस उम्मीदवार हार गया। भाजपा उम्मीदवार भूषण भट्ट को 6000 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
जमालपुर की मशहूर लकी टी स्टॉल पर भी ऑपइंडिया की टीम पहुँची। यहाँ हमने स्थानीय मुस्लिमों के बारे में पता लगाने की कोशिश की। प्राइवेट नौकरी करने वाले एजाज अख्तर शेख ने ऑपइंडिया से बातचीत में कहा, “इस बार जमालपुर में छीपा बनाम छीपा की लड़ाई है। कॉन्ग्रेस के इमरान खेड़ावाला और AIMIM के साबिर काबुलीवाला – दोनों छीपा समुदाय से आते हैं।”
जमालपुर में लकी टी स्टॉल
उन्होंने आगे कहा, “इन दोनों नेताओं का अपनी जाति के लोगों पर अच्छा प्रभाव है और यह पता लगाना असंभव है कि उनकी जाति के लोग दोनों में से किसे वोट देंगे। लेकिन, एक बात तय है कि काबुलीवाला को जो भी वोट मिलेगा वो उनके नाम पर होगा न कि AIMIM के नाम पर। क्योंकि, इससे पहले उन्हें निर्दलीय चुनाव लड़कर 30 हजार से ज्यादा वोट मिले हैं।”
एक अन्य व्यक्ति, जो अपना नाम नहीं बताना चाहता था, उसने कहा कि हर चुनाव में मतदान से पहले छीपा समुदाय द्वारा फतवा जारी किया जाता है कि वे किसे वोट देंगे। फतवे में जिस उम्मीदवार का नाम होगा, उसे पूरे समुदाय का वोट मिलना लगभग तय है। अब देखना यह होगा कि दो छीपा उम्मीदवारों की इस लड़ाई में उनकी जाति के लोग किसका साथ देते हैं।
अनस पाटनी नाम के एक शख्स ने ऑपइंडिया को बताया, “एआईएमआईएम गुजरात में कहीं भी अच्छा नहीं करेगी। यह केवल कॉन्ग्रेस के कुछ वोट काटने का काम करेगी। इससे बीजेपी को ही फायदा होगा।” हमने कई अन्य मुस्लिम लोगों से भी बात करने की कोशिश की, लेकिन उनमें से अधिकतर हमसे बात करने और अपनी राय व्यक्त करने से बच रहे थे।
सूरत में ओवैसी इफेक्ट क्या है?
AIMIM ने अहमदाबाद के अलावा सूरत की दो सीटों पर भी उम्मीदवार उतारे हैं। ये दो सीटें सूरत ईस्ट और लिंबायत हैं। इन दोनों सीटों पर अच्छी खासी मुस्लिम आबादी है। हाल ही में ऑपइंडिया ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें ओवैसी को सूरत पूर्वी सीट पर एक जनसभा के दौरान मुस्लिमों के विरोध का सामना करना पड़ा था। जब ओवैसी मंच पर बोलने आए तो कुछ मुस्लिम युवकों ने ‘मोदी-मोदी‘ का नारा लगाकर और काले झंडे दिखाकर उनका विरोध किया था।
यह पहली बार नहीं है जब ओवैसी का गुजरात में मुस्लिम समुदाय ने विरोध किया हो। इससे पहले इसी साल मई में चुनावी दौरे पर आए AIMIM नेता के विरोध में मुस्लिम समुदाय के सदस्य सूरत के लिंबायत में इकट्ठा हुए थे।
विरोध के दौरान लोगों ने ओवैसी को बीजेपी-आरएसएस का एजेंट बताया। सिर्फ सूरत ही नहीं बल्कि पूरे गुजरात के मुस्लिमों का एक बड़ा तबका मानता है कि ओवैसी बीजेपी के एजेंट के तौर पर काम कर रहे हैं। ऑपइंडिया की ग्राउंड रिपोर्ट में भी यह बात सामने आ रही है।
बीजेपी की बी-टीम है AIMIM
मुस्लिम समुदाय में चर्चा है कि ओवैसी बीजेपी और आरएसएस के एजेंट हैं और उनकी पार्टी बीजेपी की बी-टीम है। मुस्लिमों में यह भी प्रचलित है कि एआईएमआईएम गुजरात में कॉन्ग्रेस का वोट काटकर बीजेपी की मदद करने आई है। उधर, अहमदाबाद की बापूनगर सीट से एआईएमआईएम के उम्मीदवार शाहनवाज पठान ने कॉन्ग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने के लिए अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है। अब मुस्लिम समुदाय के लिए यह तय करना और मुश्किल होगा कि ओवैसी और AIMIM की बी-टीम असल में किसकी है।
इसके अलावा स्थानीय लोगों को विश्वास नहीं है कि एआईएमआईएम ने जिन सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, वहाँ भी ओवैसी कोई बड़ा प्रभाव नहीं डाल पाएँगे। तो अब यह देखना है कि क्या गुजरात का मुस्लिम समुदाय वास्तव में ओवैसी की साम्प्रदायिक राजनीति को नकारता है या अंतिम समय में ‘अपना वाला है’ नियम का पालन करता है।
उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हिंदुओं का ईसाई धर्मांतरण करने के आरोप में 6 लोगों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। बताया जा रहा है कि धर्मांतरण का गिरोह इस इलाके में करीब 20 साल से सक्रिय है। हिंदू संगठनों ने रविवार (20 नवम्बर 2022) को इस मामले की शिकायत पुलिस से की थी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना सुभाष नगर थाना क्षेत्र की है। यहाँ के मोहल्ला बंशी नगला के एक घर में रविवार को लोगों को जुटा कर धर्मान्तरण करवाने की कोशिश का आरोप भगवान दास पर लगा है। सभा में अच्छी-खासी तादाद में महिलाएँ भी मौजूद थीं। हिन्दू संगठनों का आरोप है कि जब उन्होंने इस प्रयास का विरोध किया तो सभा में मौजूद लोगों ने उनके साथ मारपीट की। बताया जा रहा है कि सभा में हिन्दू देवी-देवताओं का अपमान करने के साथ ईसा मसीह की प्रार्थना करवाई जा रही थी।
सभा के विरोध में पहुँचे लोगों का आरोप है कि सनातन धर्म के बारे में सवाल करने पर सभा में मौजूद महिलाएँ भड़क गईं। महिलाओं ने भगवान दास द्वारा कपड़े और खाना दिए जाने की जानकारी दी। मामले की सूचना पर पहुँची पुलिस ने भगवान दास को हिरासत में ले लिया। भगवान दास ने अपने घर पर नियमित प्रार्थना करवाने की बात कबूल की। हालाँकि उसने किसी का भी धर्मान्तरण करवाने के आरोपों से इनकार किया है। उसने अपनी सभा का विरोध करने पहुँचे लोगों पर महिलाओं से अभद्रता का आरोप लगाया है। भगवान दास को छुड़वाने के लिए उसके कई समर्थकों ने थाने पर हंगामा भी किया।
डायल 112 थाना सुभाषनगर पर एक सूचना प्राप्त हुई कि वंशीनगला मोहल्ला स्थित एक प्राइवेट आवास में 60-70 व्यक्ति है और एक व्यक्ति द्वारा ईसाई धर्म के धर्मान्तरण का कार्यक्रम किया जा रहा है। प्रकरण में पुलिस द्वारा कृत कार्यवाही के सम्बन्ध में पुलिस अधीक्षक नगर जनपद बरेली की बाइट। pic.twitter.com/O0iE1QY8If
इस मामले में थाने पर तहरीर हिन्दू संगठन के सदस्य हिमांशु पटेल ने दी है। अपनी शिकायत में उन्होंने पास्टर भगवान दास के अलावा जानकी प्रसाद, पवन, प्रेरणा, सुनीता और सीता को नामजद किया है। पुलिस ने इन सभी पर IPC की धारा 147, 323, 504, 506 और 295- A के तहत FIR दर्ज कर ली है। FIR में नामजद महिलाओं पर अन्य घरों की महिलाओं को सभा में बहला-फुसलाकर लाने का आरोप है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है। बरेली के SP सिटी के मुताबिक केस दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि इसी साल जुलाई में बरेली के ही सेंट फ्रांसिस नाम के एक ईसाई मिशनरी के स्कूल में सिख छात्र को कृपाण और कड़ा पहनने से रोके जाने का आरोप लगा था। तब पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई थी। इस घटना के बाद सिखों ने विरोध दर्ज करवाते हुए प्रिंसिपल लिमसिन को हटाने की माँग भी की थी।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में आज (21 नवंबर 2022) मुस्लिमों के सबसे बड़े मजहबी आयोजनों में से एक इज्तिमा का आखिरी दिन था। इस दौरान यहाँ 5 हजार जमातें शामिल हुईं, वहीं 10 लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें शिरकत की। पूरा कार्यक्रम 300 एकड़ एरिया में बने पंडाल में 18 नवंबर से 21 नवंबर तक आयोजित किया गया। इसके चलते चार दिन तक नगर निगम की टीमें अलर्ट मोड पर रहीं। आखिरी दिन 29 मिनट की दुआ के बाद इसका समापन हुआ। सबने मौलाना साद के साथ आमीन बोला और भीड़ धीरे-धीरे निकलना शुरू हुई।
3 देशों में होता है इज्तिमा का आयोजन
बता दें कि दुनिया में सिर्फ 3 देश ही इज्तिमा का आयोजन कराते हैं। इनमें पहला भारत, दूसरा पाकिस्तान और तीसरा बांग्लादेश है। कोरोना के कारण इस कार्यक्रम का आयोजन पिछले 2 साल से नहीं हो रहा था। यही वजह है कि जब इस साल इसका आयोजन हुआ तो पहले दिन इस कार्यक्रम में 1 हजार जमातें ही शामिल हुईं लेकिन आखिरी दिन तक यह संख्या 5 हजार तक पहुँच गई।
15 टन चावल, 100 क्विंटल सब्जी, 12 लाख पानी की बोतल
कार्यक्रम के दौरान इतनी भीड़ लगेगी इसका अंदाजा पहले ही लग चुका था, जिसे देखते हुए खाने के सारे इंतजाम किए गए थे। दैनिक भास्कर की रिपोर्ट बताती है कि इस इज्तिमा कार्यक्रम के दौरान 2 दिन में 15 टन चावल का पुलाव बना, वहीं 100 क्विंटल आलू-गोभी, टमाटर मिर्च, बैंगन की सब्जी भी इस्तेमाल हुई।
इतना ही नहीं भीड़ का अंदाजा इस बात से भी लगता है कि कार्यक्रम के शुरुआती 2 दिन में ही 12 लाख पानी की बोतलें और 10 लाख कप चाय बिक गई थीं। इसके अलावा सूजी, पाव, दाल, दूध का भी धड़ल्ले से प्रयोग हुआ था। खाने पीने के लिए 40 जोन बनाए गए थे। इनमें 6 से 7 जोन नाश्ते के थे। हर जोन में करीबन एक क्विंटल चावल, दाल बिक रहा था। केवल पाव की बात करें तो अनुमान के मुताबिक उसकी बिक्री भी 7 से 8 हजार से ज्यादा हुई। 50 रुपए में भरपेट खाना देने के लिए इस कार्यक्रम में हजारों लोगों की टीम जुटी थी। 200 लोग सुबह शाम लोगों को खिलाने में जुटे थे।
14 लोगों से हुई थी इज्तिमा की शुरुआत
उल्लेखनीय है कि भारत में इज्तिमा की शुरुआत 1947 में हुई थी। सबसे पहले इसका आयोजन मस्जिद शकूल खाँ में हुआ था। उस समय केवल 12 से 14 लोग ही थे जो इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बाद में इसका आयोजन 1971 में बड़े स्तर पर ताजुल मसाजिद में होने लगा। धीरे-धीरे इसमें आने वालों की संख्या भी बढ़ने लगी।
2015 में इसे बैरसिया रोड स्थित ईंटखेड़ी के पास घासीपुरा में शिफ्ट किया गया। उसके बाद से ये यहीं लग रहा है। इस आयोजन के लिए भोपाल में 2 माह पहले से तैयारियाँ होती हैं। कार्यक्रम में शामिल होने वाली जमातों की बुनियादी जरूरत पूरा करने के लिए हर इंतजाम किए जाते हैं।
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में 16 नवम्बर 2022 को एक कुएँ से कई हिस्सों में कटा शव मिला था। सिर गायब था। यह शव अराधना प्रजापति का था। पुलिस ने इस मामले में प्रिंस यादव को रविवार (20 नवम्बर 2022) को गिरफ्तार किया। इस दौरान हुई मुठभेड़ में उसके पैर में गोली भी लगी है। बताया जा रहा है कि अराधना के शादी कर लेने से प्रिंस नाराज था। शारजाह से लौट उसने इस घटना को अंजाम दिया। इसमें उसके परिवार और रिश्तेदारी के भी कुछ लोगों ने सहयोग किया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शव अहरौला थाना क्षेत्र के पश्चिमी गाँव में बरामद हुआ। शव के कई टुकड़े कर दिए गए थे। पुलिस जाँच में पता चला कि मृतका और आरोपित एक दूसरे को जानते थे। दोनों स्कूल में साथ ही पढ़े थे। अराधना पर प्रिंस शादी तोड़ने का दबाव बना रहा था। इनकार करने पर उसने हत्या कर दी। फिर पहचान छिपाने के इरादे से शव के टुकड़े कर दिए।
पुलिस ने बताया है कि प्रिंस ने 10 नवम्बर 2022 को अराधना को मंदिर में दर्शन करवाने का बहाना अपने साथ ले गया। उसने एक एक रेस्टोरेंट में उसे खाना खिलाया। यहाँ से अपनी बाइक पर बिठा कर एक गन्ने के खेत में ले गया। यह खेत उसके मामा के गाँव के पास था। यहाँ उसने अपने मामा के बेटे सर्वेश की मदद से आराधना का गला घोंट कर मार डाला। फिर शव के 6 टुकड़े किए।
पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इस घटना को अंजाम देने में आरोपित के माता-पिता, बहन, मामा-मामी, ममेरा भाई और उसकी पत्नी शामिल थे। पुलिस ने कुल 8 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। कटा हुआ सिर तालाब में फेंक दिया गया था, जिसे बरामद कर लिया गया है। गन्ने के खेत में मृतका का मास्क मिला है और शव को काटते हुए खून लगी पत्तियों को भी पुलिस ने कब्जे में लिया है। घटना में प्रयोग हुआ बाँका (धारदार हथियार) और लकड़ी का बोटा बरामद कर लिया गया है। मुठभेड़ के दौरान आरोपित प्रिंस के पास से तमंचा और कारतूस भी बरामद हुआ है।
बिहार के वैशाली जिले में हुई एक सड़क दुर्घटना में 15 लोगों की मौत की खबर है। यह घटना रविवार (20 नवम्बर 2022) को तब हुई है जब एक तेज रफ्तार ट्रक ने कई लोगों को कुचल दिया। घटना में घायलों को अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुःख जताया है। उन्होंने घायलों और मृतकों के लिए मुआवजे की घोषणा की है। वहीं इसी दिन पुणे में हुए एक अन्य एक्सीडेंट में एक टैंकर ने कई वाहनों में टक्कर मार दी। इस घटना में भी कई लोगों के घायल होने की सूचना है।
पहली घटना बिहार के वैशाली में देसरी थानाक्षेत्र की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ हाजीपुर-महनार हाईवे पर नयागाँव टोला के पास स्थित एक धर्म स्थल भुइयाँ बाबा पर कई श्रद्धालु पूजा के लिए जमा हुए थे। इन भक्तों में बच्चे और महिलाएँ भी शामिल बताए जा रहे हैं। इसी दौरान एक तेज रफ़्तार ट्रक उन्हें रौंदते हुए पेड़ से जा टकराया। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने ट्रक चालक के नशे में होने का आरोप लगाया है। इस दौरान वहाँ भगदड़ मच गई। जानकारी के मुताबिक हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हैं। मृतकों में 6 बच्चे भी शामिल हैं।
घटना के बाद ट्रक चालक फरार हो गया घटना की जानकारी होने पर पुलिस मौके पर पहुँची। पुलिस ने घायलों को नजदीकी अस्पताल में भर्ती करवाया और फरार ट्रक चालक की तलाश में जुट गई। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक चालन अब पकड़ा जा चुका है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस घटना पर दुःख जताया। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने की घोषणा की और घायलों के इलाज के निर्देश दिए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर शोक जताते हुए प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपए के साथ घायलों को 50 हजार रुपए की आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।
The accident in Vaishali, Bihar is saddening. Condolences to the bereaved families. May the injured recover soon. An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to the next of kin of each deceased. The injured would be given Rs. 50,000: PM @narendramodi
वहीं दूसरी घटना महाराष्ट्र के पुणे की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यहाँ पुणे-बेंगलुरु हाईवे पर नवाले पुल के पास एक बेकाबू टैंकर ने 48 वाहनों को टक्कर मारी। घटना में कई लोगों के घायल होने की सूचना है जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि नवाले पुल के पास काफी ढलान वाला क्षेत्र है इसके चलते यहाँ अक्सर दुर्घटनाएँ होती रहती हैं।
A major accident occurred at Navale bridge on the Pune-Bengaluru highway in Pune in which about 48 vehicles got damaged. Rescue teams from the Pune Fire Brigade and Pune Metropolitan Region Development Authority (PMRDA) have reached the spot: Pune Fire Brigade pic.twitter.com/h5Y5XtxVhW
घटना के बाद वायरल हो रही तस्वीरों में कई वाहनों को क्षतिग्रस्त हालत में देखा जा सकता है। सड़क को चालू रखने के लिए अधिकारियों ने कुछ देर बाद डैमेज वाहनों को हटा दिया है।
श्रद्धा वाकर की निर्मम हत्या को अंजाम देने वाले आफताब पूनावाला से जहाँ पूरा देश नफरत कर रहा है। वहीं उसके समर्थन में भी कुछ लोग देखने को मिल रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे ही एक शख्स का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में कट्टरपंथी व्यक्ति पत्रकार से बता रहा है कि अगर गुस्सा आ जाए तो इंसान 35 क्या, 36 टुकड़े भी कर देता है। उसकी भी अगर किसी से लड़ाई हो तो वो भी ऐसा कर सकता है।
वीडियो में सुन सकते हैं कि युवक इस बात को दोहराता है कि अगर आदमी का दिमाग खराब हो तो वो 35 क्या 36 टुकड़े भी कर देता है। जब पत्रकार उससे पूछती है कि ये ट्रेनिंग कहाँ से मिलती है तो वो युवक कहता है कि इसमें ट्रेनिंग की क्या जरूरत। चाकू लो और यूँ ही बजाते चले जाओ।
पत्रकार युवक से कहती है कि लगता है आपको एक्सपीरियंस है। इस पर वो कहता है, “हाँ मुझे एक्सपीरियंस है। अगर मेरी किसी से लड़ाई हो तो मैं गाड़ दूँगा। यारी-दोस्ती में थोड़ी करूँगा पर ऐसा…जिससे लड़ाई होगी उससे ही।”
आफताब के घिनौने अपराध को जायज बताने वाले इस युवक का नाम राशिद खान है। सोशल मीडिया पर इसकी क्लिप शेयर की जा रही है। इसमें वो आफताब की गलती मानने की जगह सामान्य होकर कह रहा है, “गलत किया या सही पर उसने कर दिए होंगे 35 टुकड़े। ज्यादा नहीं किए होंगे तो 35 कर दिए होंगे। दोनों की गलती रही होगी। एक चली गई। दूसरा भी चला जाएगा।”
बता दें कि आफताब के समर्थन में उतरे राशिद खान की यह वीडियो सामने आने के बाद लोग उसकी गिरफ्तारी की माँग कर रहे हैं। लेकिन राशिद खान अकेला शख्स नहीं है जिसने खुलकर आफताब के अपराध को जायज ठहराकर श्रद्धा की हत्या का मजाक बनाया हो।
श्रद्धा हत्याकांड का खुलासा होने के बाद सोशल मीडिया पर कई ऐसे मीम देखे गए थे जिसमें फ्रिज और आफताब की तस्वीर के साथ श्रद्धा की मौत का मखौल उड़ाया गया था। श्रद्धा की तस्वीर के साथ बीफ बर्गर को दिखाया गया था। वहीं हिंदू लड़कियों की तस्वीर के साथ फ्रिज दिखाकर कहा गया था कि ऐसे फ्रिज में कुछ भी आ सकता है कुछ भी।
Some Facebook users are mocking or kind of ‘enjoying’ Shraddha’s gruesome murder by Aftab through memes.
The FB page has been created by a Pakistani female handle.
(अपडेट: वीडियो में दिखने वाले युवक को बुलंदशहर पुलिस ने पकड़ लिया है। उसकी पहचान विकास के तौर पर हुई है। इस संबंध में लिंक पर क्लिक कर आप विस्तार से पढ़ सकते हैं)
गोवा में चल रहे 53वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल (IFFI) में मेगा स्टार चिरंजीवी को साल 2022 के लिए भारतीय फिल्म का ‘पर्सनालिटी ऑफ दी ईयर’ अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। चिरंजीवी अपने फिल्म करियर में 150 से अधिक फिल्मों में काम कर चुके हैं। चिरंजीवी को यह अवार्ड मिलने पर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने उन्हें बधाई दी है।
गोवा की राजधानी पणजी में रविवार (20 नवंबर, 2022) से शुरू हुए 53वें भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल में सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने चिरंजीवी को भारतीय मनोरंजन इंडस्ट्री में ‘फिल्म पर्सनालिटी ऑफ द ईयर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया।
पर्सनैलिटी ऑफ द ईयर अवार्ड @KChiruTweets को एक अभिनेता, नर्तक और निर्माता के रूप में 150 से अधिक फिल्मों के साथ लगभग चार दशकों के शानदार करियर के लिए दिया गया। pic.twitter.com/IQC6mELbYy
— प्रसार भारती न्यूज सर्विसेज एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म (@PBNS_Hindi) November 20, 2022
चिरंजीवी को यह अवॉर्ड मिलने के बाद केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर उन्हें बधाई दी है। अनुराग ठाकुर ने ट्वीट कर कहा, “एक अभिनेता, डांसर और निर्माता के रूप में 150 से अधिक फिल्मों के साथ चिरंजीवी का चार दशकों का करियर बेहतरीन रहा है। वह तेलुगू सिनेमा में बेहद लोकप्रिय हैं और दिल छू लेने वाले प्रदर्शन के लिए जाने जाते हैं। बधाई चिरंजीवी।”
गौरतलब है, साल 1978 में आई फिल्म पुनाधिरल्लू से अपना करियर शुरू करने वाले चिरंजीवी ने चार दशकों से अधिक के अपने सफर में 150 से अधिक फीचर फिल्मों के माध्यम से सिने प्रेमियों के दिल में अपनी जगह बनाई है।
सिनेमा जगत में बेहतरीन योगदान के चिरंजीवी को भारत के तीसरे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण, आंध्र प्रदेश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान रघुपति वेंकैया पुरस्कार, 10 फिल्मफेयर, 4 नंदी पुरस्कार समेत कई अन्य पुरुष्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। चिरंजीवी जल्द ही चिरंजीवी की जल्द फिल्म वॉल्टर बिलैया और भोला शंकर में दिखने वाले हैं। सिल्वर स्क्रीन पर वह आखिरी बार सलमान खान स्टारर गॉड फादर में दिखे थे।
बता दें, 53वां भारतीय अंतरराष्ट्रीय फिल्म फेस्टिवल 20 नवंबर से 28 नवंबर तक चलेगा। ओपनिंग सेरेमनी में शामिल हुए दौरान अनुराग ठाकुर ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आईएफएफआई को कंटेंट क्रिएशन, फिल्म निर्माण और शूटिंग के लिए वन-स्टॉप डेस्टिनेशन बनाने का है।