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नीरव मोदी को भारत लाने का रास्ता साफ, ब्रिटेन की कोर्ट ने खारिज की याचिका: बैंकों को ₹14500 करोड़ का चूना लगा भाग गया था हीरा कारोबारी

बैंकों को करोड़ों रुपए का चूना लगाकर भागे हीरा कारोबारी नीरव मोदी को भारतीय एजेंसियाँ प्रत्यर्पित कराकर वापस ला सकती हैं। दरअसल, ब्रिटेन की हाईकोर्ट ने नीरव की प्रत्यर्पण रोकने की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि नीरव का भारत प्रत्यर्पण किसी भी नजरिए से अन्यायपूर्ण नहीं है।

लॉर्ड जस्टिस जेरेमी स्टुअर्ट-स्मिथ और जस्टिस रॉबर्ट जे की अदालत ने यह फैसला सुनाया। दोनों ने इस साल की शुरुआत में नीरव मोदी द्वारा की गई अपील की सुनवाई की अध्यक्षता की थी। प्रत्यर्पण की मंजूरी मिलने के साथ ब्रिटेन की जेल में बंद नीरव को लाने के लिए भारतीय एजेंसियाँ आगे की कार्रवाई में लग गई हैं।

इससे पहले मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस रॉबर्ट जे ने कहा था कि भारत और ब्रिटेन के अच्छे संबंध हैं। ऐसे में ब्रिटेन को 1992 की भारत-ब्रिटेन प्रत्यर्पण संधि का सम्मान करना जरूरी है। हाईकोर्ट से पहले ब्रिटेन की निचली अदालत ने नीरव मोदी को भारत को सौंपने का फैसला सुनाया था। इसके बाद नीरव ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।

बता दें कि घोटाले के बाद फरार हुए नीरव मोदी को भारत लाने का प्रयास लंबी समय से हो रही है। वहीं, अपने प्रत्यर्पण को रोकने के लिए नीरव मोदी अलग-अलग दलीलें दे रहा है। नीरव के वकीलों ने ब्रिटेन की कोर्ट को बताया था कि वह डिप्रेशन का शिकार है और वह भारत की जेल में आत्महत्या कर सकता है।

इतना ही नहीं, नीरव ने कोर्ट को अपनी जान का खतरा बताते हुए कहा था कि कि भारत में जेलों की हालत बेहद खराब है और वहाँ उसकी हत्या हो सकती है। बता दें कि अगस्त 2018 में मामले की जाँच कर रही भारतीय एजेंसी CBI ने पहली बार ब्रिटेन की कोर्ट में नीरव मोदी के प्रत्यर्पण की अपील की थी।

नीरव मोदी को भारत की विशेष PMLA कोर्ट ने आर्थिक अपराध अधिनियम, 2018 के तहत भगोड़ा घोषित किया गया था। एजेंसियों की कार्रवाई से बचने के लिए नीरव लंदन भाग गया था। तीन साल पहले 13 मार्च 2019 को उसे ब्रिटेन की स्कॉटलैंड यार्ड पुलिस ने लंदन से गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह साउथ वेस्ट लंदन की वैंड्सवर्थ जेल में बंद है।

नीरव मोदी पर मेहुल चौकसी के साथ मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से 14,500 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी करने का आरोप है। धोखाधड़ी का यह मामला 29 जनवरी 2018 को सामने आया था। इसके बाद 29 जून 2018 को इंटरपोल की ओर से नीरव मोदी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था।

The Kerala Story को रोकने के लिए एक हुए वामपंथी-कॉन्ग्रेसी, डीजीपी ने FIR के दिए आदेश: द कश्मीर फाइल्स जैसा विरोध

जैसे द कश्मीर फाइल्स (The Kashmir Files) के विरोध में सेकुलर-लिबरल खेमा एक हो गया था, वैसा ही द केरल स्टोरी (The Kerala Story) को लेकर भी देखने को मिल रहा है। दोनों ही फिल्म सच्ची घटनाओं पर आधारित है। विवेक अग्निहोत्री ने अपनी फिल्म में कश्मीर में हिंदुओं दमन को पर्दे पर उतारा था तो विपुल अमृतलाल शाह की फिल्म केरल की उन महिलाओं की पीड़ा दिखाती है जो इस्लामी धर्मांतरण और तस्करी की शिकार हुईं।

द केरल स्टोरी का टीजर गुरुवार (3 नवंबर 2022) को यूट्यूब पर रिलीज किया गया था। टीजर में एक ऐसी महिला की कहानी दिखाई गई है जो नर्स बनने का सपना देखती थी। लेकिन घर से अगवा कर उसे आईएसआईएस आतंकवादी बना दिया गया। फिल्म में एक्ट्रेस अदा शर्मा लीड रोल में हैं। टीजर में बुर्का पहने हुए वह कहती हैं, “मेरा नाम शालीनी उन्नीकृष्णन था। मैं नर्स बनकर लोगों की मदद करना चाहती थी। अब मैं फातिमा बा हूँ। एक आईएसआईएस (ISIS) आतंकवादी, जो अफगानिस्तान की जेल में बंद है। मैं अकेली नहीं हूँ। मेरी जैसी 32000 और लड़कियाँ कन्वर्ट होकर सीरिया और यमन में दफन हो चुकी हैं।”

इसके बाद से ही इस फिल्म को रोकने के लिए पूरा गिरोह सक्रिय हो गया है। केरल में राजनीतिक तौर पर कॉन्ग्रेस और वाम दल भले दो छोर पर खड़े दिखते हों, लेकिन इस फिल्म के विरोध पर दोनों एक सुर में बात कर रहे हैं। वे इस फिल्म को राज्य की छवि को धूमिल करने का प्रयास बता रहे हैं।

कॉन्ग्रेस ने फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। केरल विधानसभा में कॉन्ग्रेस के नेता वीडी सतीशन ने कहा कि फिल्म गलत सूचना फैलाती है और इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, “मैंने टीज़र देखा है। यह गलत सूचना का एक स्पष्ट मामला है। केरल में ऐसा कुछ नहीं हो रहा है। यह अन्य राज्यों के सामने केरल की छवि खराब करने के लिए है। यह नफरत फैला रहा है, इसलिए इसे प्रतिबंधित किया जाना चाहिए। सामान्य तौर पर, हम फिल्मों पर प्रतिबंध लगाने के खिलाफ हैं, लेकिन इस प्रकार की गलत सूचना से सांप्रदायिक मुद्दे पैदा होंगे। राज्य पुलिस के पास भी ऐसा कोई रिकॉर्ड नहीं है।”

वहीं सीपीआई (एम) के राज्यसभा सांसद जॉन ब्रिटास ने केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखकर ‘द केरल स्टोरी’ के टीजर के खिलाफ कार्रवाई का आग्रह किया है। उन्होंने अपने पत्र में कहा कि फिल्म का टीजर झूठी सूचना का प्रसार कर रहा है। यह सार्वजनिक शांति को भंग कर सकता है और इसके पीछे केरल को बदनाम करने की मंशा है।

वहीं केरल के पुलिस महानिदेशक अनिल कांत ने मंगलवार (7 अक्टूबर 2022) को तिरुवनंतपुरम के पुलिस आयुक्त स्पर्जन कुमार को फिल्म ‘द केरल स्टोरी’ के क्रू मेंबर के खिलाफ मामला दर्ज करने का निर्देश दिया। इससे पहले सोमवार को तमिलनाडु के एक पत्रकार बीआर अरविंदक्षण ने फिल्म प्रमाणन बोर्ड के प्रमुख प्रसून जोशी और अन्य को पत्र लिखकर फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की थी । उन्होंने कहा था कि जब तक कि निर्माता अपने दावों के लिए पर्याप्त सबूत पेश नहीं करते, फिल्म पर प्रतिबन्ध लगा देना चाहिए।

अल्लाह मेहरबान तो गदहा (पाकिस्तान) पहलवान: न्यूजीलैंड को हराकर T20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुँचा, इंग्लिश कैप्टन बोले- भारत से नहीं भिड़ने देंगे

T20 विश्व कप के बड़े मुकाबले में पाकिस्तान ने न्यूजीलैंड को 7 विकेट से हरा दिया। पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाजों ने शतकीय साझेदारी कर के इस जीत की नींव रखी, जिसके बाद ये जोड़ी T20 विश्व कप मैचों में 3 शतकीय साझेदारी करने वाली पहली पहली जोड़ी बन गई। न्यूजीलैंड ने 152 रन बनाए थे। बाबर आजम 52 गेंदों पर 53 रन बना कर ट्रेंट बोल्ट का शिकार बने। न्यूजीलैंड ने खराब फील्डिंग की और रिव्यूज भी गँवा दिए। मोहम्मद रिजवान ने 43 गेंदों पर 57 रनों की पारी खेली। वो भी बोल्ट का शिकार बने।

इस दौरान सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी फैंस सेलिब्रेट करते रहे। बता दें कि सेमीफाइनल का दूसरा मुकाबला इंग्लैंड और भारत के बीच होना है। इनमें से जिसकी जीत होगी, वो पाकिस्तान से भिड़ेगा। इंग्लैंड के कप्तान विकेटकीपर बल्लेबाज जॉस बटलर ने कहा है कि वो T20 विश्व कप का फ़ाइनल मैच भारत बनाम पाकिस्तान नहीं देखना चाहते। उन्होंने कहा कि ऐसा न हो, इसके लिए वो अपना सब कुछ लगा देंगे। उन्होंने भारतीय टीम और इन-फॉर्म बल्लेबाज सूर्यकुमार यादव की भी तारीफ़ की।

जहान जेब नामक ट्विटर यूजर ने मोहम्मद रिजवान और बाबर आजम की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “मेरे करण और अर्जुन लौट आए हैं।” बता दें कि राकेश रौशन की फिल्म ‘करण अर्जुन (1995)’ में शाहरुख़ खान और सलमान खान के किरदारों की मौत होने पर उनकी माँ का रोल निभाने वाली राखी ये डायलॉग बोलती हैं।

अरसलान नसीर ने आक्रामक रवैया दिखाते हुए लिखा, “रिजवान के शॉट्स नहीं, थप्पड़ हैं! जिनको लगे हैं, उनको महसूस हो गया होगा।” उसका इशारा एशिया कप के सुपर 4 मैच की तरफ था, जब सितंबर 2022 में मोहम्मद रिजवान ने भारत के खिलाफ अर्धशतक जड़ कर पाकिस्तान को जिताया था। एक अन्य यूजर ने लिखा कि सिडनी क्रिकेट ग्राउंड में ‘बाबर-बाबर’ और ‘रिजवान-रिजवान’ की गूँज से उसके रोंगटे खड़े हो जा रहे हैं।

रिजबरिस्तान नामक ट्विटर यूजर ने दोनों सलामी बल्लेबाजों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा, “हाँ भाई, इन्हें अलग करने की बात कर रहे थे सच में। जो मर्जी करे, ओपनर्स तो यही रहेंगे अल्लाह के हुक्म से। अब बोलो, बदलने हैं ओपनर्स? लिख दिया है दफा कहूँगी कि ये विश्व का सबसे बेहतरीन सलामी बल्लेबाजों का पेयर है।”

किसी पाकिस्तानी ने ‘मिर्जापुर’ वेब सीरीज का मीम शेयर कर के ख़ुशी के मौके पर मिठाई बाँटने की बात की, तो किसी ने लिखा कि हेटर्स को तगड़ा थप्पड़ लगा है। बाबर आजम को कइयों ने ‘किंग’ भी लिखा, जो विराट कोहली के लिए सामान्यतः प्रयोग में लाया जाता है। अंतिम 3 ओवरों में पाकिस्तान को जीत के लिए 21 रन चाहिए थे।

₹5000 करोड़ में गार्डन सिटी की तर्ज पर बना बेंगलुरु का कैम्पागौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का T-2: PM मोदी करेंगे उद्घाटन, यात्री क्षमता होगी दोगुनी

कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित (Bengaluru, Karnataka) के कैम्पागौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (Kempegowda International Airport) के टर्मिनल-2 का निर्माण कार्य पूरा हो गया है। लगभग 5,000 करोड़ रुपए की लागत से बने इस भव्य टर्मिनल का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) 11 नवंबर 2022 (शुक्रवार) को करेंगे। इस दौरान बेंगलुरु के संस्थापक कैम्पागौड़ा का 108 मीटर ऊँची कांस्य प्रतिमा का भी अनावरण करेंगे।

टर्मिनल-2 को बेंगलुरु के गार्डन सिटी के लिए एक श्रद्धांजलि के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यहाँ से होकर गुजरने वाले यात्रियों को ‘बगीचे में चलना’ अनुभव मिलेगा। यात्री 10,000 वर्ग मीटर से अधिक की हरी दीवारों, लटकते बगीचों और बाहरी गार्डन से होकर गुजरेंगे। इस गार्डन को बनाने में स्वदेशी तकनीक का उपयोग किया गया है।

इस इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने पहले से ही पूरे परिसर में 100 फीसदी के रिन्यूबल एनर्जी का उपयोग करके एक बेंचमार्क स्थापित किया है। टर्मिनल 2 को स्थिरता सिद्धांतों के साथ बनाया गया है. देखने में यह टर्मिनल बेहद भव्य है। इसके साथ ही यात्रियों के आराम का पूरा भी ध्यान रखा गया है।

टर्मिनल-2 के उद्घाटन के साथ ही हवाईअड्डे पर यात्रियों को सँभालने की क्षमता बढ़ जाएगी। यात्रियों की सुविधा के लिए यहाँ चेक-इन और इमिग्रेशन के लिए काउंटर दोगुना कर दिया गया है। यह वर्तमान में यहाँ से सालाना करीब 2.5 करोड़ यात्री सफर करते हैं। टर्मिनल-2 बनने के उद्घाटन के बाद यहाँ की सालाना यात्री क्षमता बढ़कर 5-6 करोड़ हो जाएगी।

इसमें 17 सुरक्षा चेक-इन लेन के साथ कुल टर्मिनल क्षेत्र 2,55,645 वर्ग मीटर का होगा। इतना ही नहीं, इसके गेट लाउंज में बैठने की क्षमता 5,932 होगी। टर्मिनल के डिजाइन के लिए अमेरिकी आर्किटेक्चर फर्म स्किडमोर, ओविंग्स एंड मेरिल (एसओएम) को चुना गया था।

पहले बेंगलुरु में शो रद्द करने की माँग, अब मुंबई पुलिस ने दर्ज की FIR: वीर दास पर कंटेंट कॉपी करने के आरोप, देश विरोधी प्रोपेगंडा से करते हैं कमाई

कॉमेडी के नाम पर देश विरोधी प्रोपेगेंडा को हवा देने वाले विवादित कॉमेडिन वीर दास (Vir Das) की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। एक निर्माता की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने वीर दास के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। उन पर कॉपीराइट उल्लंघन का आरोप लगाया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विवादित कॉमेडियन के अलावा दो अन्य व्यक्तियों और ओटीटी प्लेटफार्म नेटफ्लिक्स के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक अधिकारी ने मंगलवार (8 नवंबर, 2022) को यह जानकारी दी। प्रोड्यूसर अश्विन गिडवानी ने अपनी शिकायत में कहा है कि अक्टूबर 2010 में उनकी कंपनी ने कथित स्टैंड-अप कॉमेडियन के साथ एक शो के लिए कॉन्ट्रैक्ट साइन किया था।

कफ परेड थाने के एक अधिकारी ने बताया कि शिकायत के अनुसार, जनवरी 2020 में जब गिडवानी ने नेटफ्लिक्स पर दास के एक नए शो का टीजर देखा, तो मेकर्स ने पाया कि कुछ कॉन्टेंट को (2010 के) पिछले शो से जस का तस कॉपी कर लिया गया है। अधिकारी ने कहा, “गिडवानी की शिकायत के आधार पर चार नवंबर को दास, दो अन्य व्यक्तियों और नेटफ्लिक्स के खिलाफ कॉपीराइट अधिनियम की संबन्धित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।” उन्होंने यह भी कहा कि अभी तक कोई कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है, क्योंकि मामले की जाँच जारी है।

बता दें कि ‘हिंदू जनजागृति समिति’ ने सोमवार (7 नवंबर, 2022) को बेंगलुरु में दास के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। समिति ने 10 नवंबर को बेंगलुरु में होने वाले उनके शो को रद्द करने की माँग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि वीर के शो से हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचेगी और दुनिया में भारत का नाम बदनाम होगा। समिति ने साथ ही यह भी कहा, “यह पता चला है कि विवादित कॉमेडियन वीर दास बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में चौडिया मेमोरियल हॉल में 10 नवंबर को कॉमेडी शो कर रहे हैं।

इससे पहले उन्होंने वॉशिंगटन के जॉन एफ कैनेडी सेंटर में महिलाओं, हमारे प्रधानमंत्री और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक बयान दिया था। उस कार्यक्रम में उन्होंने भारत की महिलाओं के बारे में भी अभद्र टिप्पणी की थी और देश में पूजने की परंपरा को रेप से जोड़ा था।” दरअसल, वीर दास ने नवंबर 2021 में कहा था, “भारत में हम दिन में महिलाओं की पूजा करते हैं और रात में गैंगरेप करते हैं।”

बॉडी शेव कर ‘मिशन’ पर निकला, ISIS से जुड़े तार, लेकिन तमिलनाडु के मंत्री के लिए कोयंबटूर मंदिर ब्लास्ट आतंकी हमला नहीं: सवाल टाल गए DMK नेता

तमिलनाडु के मंत्री और डीएमके नेता पी त्यागराजन ने कोयम्बटूर सिलेंडर ब्लास्ट को ‘आतंकी हमला’ बताने से इनकार कर दिया। एनआईए ने आरोपित के घर से जो सबूत जुटाए हैं, उसमें ‘जिहाद’ का भी जिक्र है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वह इस्लामिक स्टेट (ISIS) के आतंकियों की तरह बॉडी शेव करवा कर अपने मिशन पर निकला था। बावजूद इसके मंत्री कोयंबटूर विस्फोट को की ‘आतंकी हमला’ कहने से बचते हैं।

दरअसल बुधवार (8 नवंबर 2022) को त्यागराजन ने ‘इंडिया टुडे’ के साथ एक साक्षात्कार के दौरान कोयंबटूर में मंदिर के पास विस्फोट को आतंकी हमला मानने वाले सवाल को टाल दिया। उन्होंने कहा कि इस मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की जाँच चल रही है और वे उनसे रिपोर्ट प्राप्त किए बिना टिप्पणी नहीं कर सकते हैं।

44 मिनट के लंबे साक्षात्कार के दौरान, ‘इंडिया टुडे’ की एसोसिएट एडिटर और एंकर अक्षिता नंदगोपाल ने त्यागराजन से हाल ही में कोयंबटूर में हुए सिलेंडर विस्फोट के बारे में सवाल पूछा। एंकर द्वारा विस्फोट के बारे में पूछे जाने पर वह तथाकथित तथ्यों की ओर इशारा करने लगे। उन्होंने कहा, “रिकॉर्ड से पता चलता है कि यह एक कार में एक सिलेंडर था, सिलेंडर लोड होने का एक वीडियो है। आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला NIA को ट्रांसफर कर दिया गया है। कुछ तथ्य सवालों के घेरे में नहीं हैं। अन्य राजनीतिक दल क्या महसूस करते हैं इसपर तथ्यों की व्याख्या नहीं की जा सकती।”

यह पूछे जाने पर कि क्या उपलब्ध सूचना के आधार पर तमिलनाडु सरकार इसे ‘आतंकी हमला’ कहेगी या नहीं, त्यागराजन ने बात टाल दी। उन्होंने कहा कि जांच एनआईए के अधीन है, और वे तब तक कुछ नहीं कह सकते जब तक एजेंसी उन्हें जानकारी नहीं देती।

त्यागराजन भले ही मामले को आतंकी हमला मानने से इनकार कर रहे हों, लेकिन एनआईए ने जब ब्लास्ट में मारे गए मुख्य आरोपित के घर तलाशी ली तो यह स्पष्ट तौर पर आतंकी हमले की ओर इशारा करते हैं। एनआईएने अपनी एफआईआर में कहा था कि मृतक जमिज़ा मुबीन के परिसरों की तलाशी में 109 वस्तुएँ जब्त की गईं, जिनमें पोटेशियम नाइट्रेट, काला पाउडर, नाइट्रोग्लिसरीन, पीईटीएन पाउडर, एल्युमिनियम पाउडर, सल्फर पाउडर, स्टेराइल सर्जिकल, जिहाद के बारे में विवरण के साथ नोटबुक आदि शामिल था।

हालाँकि विस्फोटकों के इस्तेमाल में नौसिखिया रहने के कारण वह अपने मिशन को अंजाम देने में सफल नहीं हो पाया। नंदगोपाल ने आगे पूछा कि मामले में संभावित आतंकी एंगल को सिलेंडर ब्लास्ट बताकर उसे कम करने की कथित कोशिश क्यों की गई। त्यागराजन ने एंकर पर तंज कसते हुए कहा कि उनकी जानकारी राज्य से बेहतर नहीं हो सकती।

उन्होंने कहा, “आपकी जानकारी तमिलनाडु सरकार को प्राप्त होने वाली जानकारी से बेहतर नहीं हो सकती है। मुझे नहीं लगता कि आपका अपना खुफिया विभाग है। पुलिस ने जो कुछ भी किया है वह इसलिए किया है क्योंकि पुलिस को प्रशासन चलाता है। इसलिए मुझे यकीन नहीं है कि आपके पास सरकार की जानकारी के अलावा कोई आंतरिक जानकारी है।”

शिवसेना नेता संजय राउत को जमानत: पात्रा चॉल घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जेल में बंद थे, ₹3.27 करोड़ लेने का आरोप

पात्रा चॉल घोटाले (Patra Chawl scam) और मनी लॉन्ड्रिंग (Money Laundering) केस में बंद शिवसेना के सांसद संजय राउत (Shiv Sena MP Sanjay Raut) को जमानत मिल गई है। मुंबई की स्पेशल PMLA कोर्ट ने बुधवार (9 नवंबर 2022) को राउत के साथ-साथ मामले के मुख्य अभियुक्त प्रवीण राउत को भी जमानत दी।

बता दें कि 1,034 करोड़ रुपए के पात्रा चॉल पुनर्विकास परियोजना घोटाला मामले में छह घंटे से अधिक समय तक पूछताछ के बाद संजय राउत को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तीन महीना पहले 1 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किया था। राउत इस समय न्यायिक हिरासत में हैं और मुंबई के ऑर्थर रोड जेल में बंद हैं।

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) के खास सहयोगी संजय राउत ने अपनी जमानत याचिका में कहा था कि उनके खिलाफ मामला ‘सत्ता के दुरुपयोग’ और ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ का उदाहरण है। वह इस समय न्यायिक हिरासत में है और मुंबई के आर्थर रोड जेल में बंद है।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने राउत की याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि उन्होंने पात्रा चॉल पुनर्विकास से संबंधित धन शोधन (Money Laundering) मामले में प्रमुख भूमिका निभाई थी। ED ने कहा था कि राउत ने धन के लेन-देन से बचने के लिए ‘पर्दे के पीछे’ रहकर काम किया। ED ने कोर्ट को बताया था कि राउत को अपराध की कमाई से 3.27 करोड़ रुपए मिले हैं।

उधर, एडीशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) ने फैसले पर स्टे की माँग की है। उन्होंने कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील करने के लिए समय माँगा था। गौरतलब है कि 21 अक्टूबर 2022 को कोर्ट ने जमानत याचिका पर दोनों तरफ की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था।

बता दें कि पात्रा चॉल 47 एकड़ में सिद्धार्थ नगर उपनगरीय गोरेगाँव में फैला हुआ है। इसमें 672 किरायेदार परिवार रह रहे हैं। महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (MHAD) ने साल 2008 में हाउसिंग डेवलपमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (HDIL) की एक सहयोगी कंपनी गुरु आशीष कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड (GACPL) को चॉल के पुनर्विकास का ठेका दिया था।

GACPL को किरायेदारों के लिए 672 फ्लैट बनाने थे और कुछ फ्लैट MHAD को भी देने थे। बाकी बची हुई जमीन निजी डेवलपर्स को बेचने के लिए स्वतंत्र था। लेकिन, कंपनी ने पात्रा चॉल का पुनर्विकास नहीं किया और पिछले 14 वर्षों में किरायेदारों को एक भी फ्लैट नहीं मिला।

ED के अनुसार 1,034 करोड़ रुपए में अन्य बिल्डरों को भूमि पार्सल और फ्लोर स्पेस इंडेक्स बेच दिया गया। इसके बाद ED ने ईडी ने 31 मार्च 2022 को सारंग और राकेश वधावन, डीएचएफएल के प्रमोटर और GACPL के मालिक प्रवीण राउत और उनकी कंपनी के खिलाफ पहली चार्जशीट दायर की थी। इस मामले में संजय राउत की पत्नी का भी नाम आया है।

‘भारत जोड़ो उपयात्रा’ में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता ने किया कट्टे से हमला, नेता प्रतिपक्ष भी थे मौजूद: बोले MP के गृह मंत्री – शराब माफियाओं को यात्रा से न जोड़े पार्टी

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में आयोजित ‘भारत जोड़ो उपयात्रा’ में मंगलवार (8 नवंबर, 2022) को कॉन्ग्रेस के एक नेता पर बंदूक से हमला हुआ। हमलावर भी पार्टी का ही कार्यकर्ता है। इस यात्रा में राज्य में नेता प्रतिपक्ष डॉ गोविंद सिंह भी मौजूद थे। पार्टी का जिला सचिव अवधेश तोमर उर्फ़ छोटू पर इस दर्जन जीतू गुर्जर नामक कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता ने कट्टे से हमला बोल दिया। हमलावर ने 2 बार लोडेड कट्टे का ट्रिगर दबाया, लेकिन संयोग से दोनों बार फायर मिस हो गया।

जीतू गुर्जर ‘गोला का मंदिर शराब ठेके’ पर काम करता था। उसने तीसरी बार कट्टे के ट्रिगर दबाने की कोशिश की, लेकिन तभी भीड़ ने पकड़ के उसकी पिटाई कर दी। उसकी छोटू के साथ कई बार झगड़ा हुआ था। यात्रा से पहले बरैठा टोल पर कार पहले निकालने को लेकर भी दोनों भिड़ गए थे। 20 नवंबर तक राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ बुरहानपुर के रास्ते मध्य प्रदेश में एंट्री लेगी। ऐसे में पारी कई उप-यात्राएँ निकाल रही है।

गोविंद सिंह भी ऐसी ही एक उपयात्रा में शामिल होने भिंड आए थे, जहाँ ग्वालियर के महाराजपुरा में उनका स्वागत होना था। यात्रा के स्वागत के दौरान ही हमला हो गया। आरोपित मुरैना का रहने वाला है। जिस दशरथ सिंह के घर यात्रा का स्वागत हो गया था, वो आरोपित के चाचा लगते हैं। कुछ दिन पहले छोटू ने उससे मारपीट भी की थी। छोटू के पिता बलवीर तोमर दबंग छवि के नेता रहे हैं। उनकी पत्नी पार्षद हैं। वो हाल ही में भाजपा से कॉन्ग्रेस में आए हैं।

छोटू और जीतू दोनों ही इस कार्यक्रम में जा रहे थे, इसी दौरान दोनों में झगड़ा हुआ था। हमले के बाद भीड़ में से कोई जीतू को बचा कर ले गया। शराब ठेके के कमीशन को लेकर भी दोनों में विवाद चल रहा है।छोटू पर भी कई मामले दर्ज हैं और वो जिलाबदर तक रह चुका है। उसकी माँ वार्ड 19 से पार्षद हैं। गोविंद सिंह ने ग्वालियर की पुलिस पर सुरक्षा के इंतजाम न करने के आरोप लगाए हैं। वहीं महाराजपुरा पुलिस का कहना है कि यात्रा में भीड़ जुटाने को लेकर कोई सूचना नहीं दी गई थी।

मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने बताया है कि नेता प्रतिपक्ष गोविंद सिंह की यात्रा में पुलिस सुरक्षा में तैनात थी। उन्होंने जानकारी दी कि ग्वालियर के महाराजपुरा थाने के अंतर्गत हुई घटना शराब माफियाओं के विवाद से जुड़ी है। पुलिस ने अपराधी को गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने कॉन्ग्रेस पार्टी से अनुरोध किया कि माफियाओं को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में नहीं जोड़ें। ग्वालियर पुलिस भी मामले की जाँच में जुटी हुई है।

बता दें कि हाल ही में कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान पार्टी नेता और ‘सेवा दल’ के महासचिव कृष्णकांत पांडेय की मौत हो गई। निधन से पहले वह तिरंगा लेकर यात्रा में चल रहे थे। इसके थोड़ी बाद हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई है। कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी और जयराम रमेश सहित कई अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया। जब यह हादसा हुआ तब कॉन्ग्रेस की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में थी। इसी दौरान बिलोली के देगलूर और अटकली के बीच यात्रा के दौरान कृष्णकांत पांडेय जमीन में गिर गए।

कैंसर से लड़ रही थीं लीजा रे, चैनल ने बाल की वजह से निकाल दिया बाहर: बोली हिरोइन- मैंने मौत को करीब से देखा, मीडिया ने अच्छा नहीं किया

बॉलीवुड एक्ट्रेस लीजा रे (Liza Ray) ने कैंसर से अपनी जंग और उससे उबरने के बाद जिंदगी में आए बदलाव को लेकर बात की है। 7 नवंबर को राष्ट्रीय कैंसर जागरुकता दिवस (National Cancer Awareness Day) के मौके पर उन्होंने इस बात को Official Humans of Bombay के साथ खुलकर साझा किया। उन्होंने बताया कि वह समय उनके लिए बेहद पीड़ादायक रहा। उन्हें साल 2009 में बोन मैरो कैंसर हुआ था। स्टेम सेल ट्रांसप्लांट के बाद वह कैंसर फ्री हो गई हैं।

Official Humans of Bombay के साथ अपना अनुभव शेयर करते हुए लीजा रे ने बताया कि उन्हें काफी समय से थकान महसूस हो रही थी, लेकिन उन्होंने इसे नजरअंदाज किया। जब उन्होंने टेस्ट कराए तो कैंसर के बारे में पता चला। लीजा के मुताबिक, “जब डॉक्टर ने पहली बार मेरी ब्लड टेस्ट रिपोर्ट देखी तो कहा- अब तक आप कैसे खड़ी हैं? आपके ब्लड का रेड सेल काउंट काफी कम हैं और आपको कभी भी कार्डियक अरेस्ट आ सकता है।”

‘कसूर’ फिल्म की एक्ट्रेस लीजा रे ने साल 2012 में शादी की थी। उनकी दो बेटियाँ हैं। एक्ट्रेस ने कहा, “टेस्ट कराने के बाद डॉक्टर ने मुझे बोन मैरो कैंसर के बारे में है। सालों में मेरी लाइफ पहली बार थम सी गई थी। मैंने लंबी साँस ली और इसका इलाज कराने का सोचा। मैं हमेशा से ही अपनी लाइफ में काफी भागती-दोड़ती रही हूँ। मेरी लाइफ का एक हिस्सा रेड कार्पेट से जुड़ा रहा, लेकिन वहीं जब मुझे कैंसर के बारे में पता चला तो लगा कि मेरी लाइफ का दूसरा हिस्सा स्पिरिचुअल पीस माँग रहा है।”

लीजा रे ने कहा, “मैं हमेशा से ही एक किताब लिखना चाहती थी। मैं सोचती थी कि इससे मैं खुद को कनेक्ट कर सकूँगी। लेकिन काम के चलते मैं कभी नहीं लिख पाई। फिर कैंसर ने मेरी पूरी जिंदगी बदल दी। मेरी जब स्टेम सेल सर्जरी हुई तो मैंने मौत को करीब से देखा। यह मेरा एक ऐसा अनुभव रहा, जिसे मैं जीवन में कभी नहीं भुला सकती। कह सकते हैं कि इस सर्जरी के बाद मेरा दोबारा जन्म हुआ है। मुझे याद है वो दिन जब मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था। कैंसर के साथ जीकर कैसा महसूस होता है, इसके बारे में मैंने पहला आर्टिकल लिखा था। कई लोगों ने वह आर्टिकल पढ़कर मेरी सराहना की थी। किसी तरह मुझे हिम्मत मिली। ट्रीटमेंट के बाद मैंने एक इवेंट में विग पहनी, लेकिन उसे पहनकर मुझे कुछ अच्छा महसूस नहीं हुआ। मैंने खुद से कहा कि मुझे यह नहीं करना है। इसे हटाओ और अपनी असलियत को अपनाओ। मैं बॉल्ड लुक (गंजेपन) में सबके सामने आई। हर जगह सुर्खियों में थी। लेकिन मेरे लिए इससे बढ़कर खुद को उसी तरह एक्सेप्ट करना था जो मेरी सच्चाई थी।”

उन्होंने आगे कहा, “सच बताऊँ तो मीडिया मेरे साथ कुछ अच्छी नहीं रही। कीमोथेरेपी के बाद मैं एक ट्रैवल शो का हिस्सा बनीं। उसमें मेरे बाल छोटे थे। मैंने उसे ‘कीमो कट’ नाम दिया था, लेकिन चैनल ने मुझे रिप्लेस कर दिया, क्योंकि उन्हें कोई लंबे बाल वाली लड़की चाहिए थी। मेरे लिए यह काफी हार्ट ब्रेकिंग रहा। तीन साल बाद जाकर मैं फिर पब्लिक में आई। चीजें बदली हुई थीं। मेरी शादी होने वाली थी। ये तीन साल मेरे लिए काफी चैलेंजिंग रहे। मेरी बॉडी ने मुझे बताया कि उसे क्या चाहिए। मैं तीन हफ्ते के ट्रांसफॉर्मेशन पर गई। मैंने मेडिटेट किया, जूस पिया, स्प्राउट्स खाए और खुद को जाना। मैं अंदर से टूट गई थी, फिर भी मैंने कैंसर को मात दी। स्टेम सेल सर्जरी से भी मुझे फायदा मिला।”

अभिनेत्री ने बताया कि आज 9 साल हो गए हैं, अब वह पूरी तरह से कैंसर फ्री हैं। बहुत कुछ बदल गया है। इन सालों में उन्होंने फिल्में कीं, किताब लिखी, कैंसर को लेकर जागरुकता फैलाई, बच्चों को जन्म दिया और आर्ट के जरिए खुद को लाइफ में आगे बढ़ाया। काफी अलग अनुभव रहा यह देखकर कि जहाँ एक बीमारी हमें मौत के मुँह में ढकेलती है, उसी ने उन्हें अहसास कराया कि लाइफ कितनी अद्भुत होती है। आज के समय में वह काफी जिंदादिल महसूस करती हैं।

कॉन्ग्रेस में हुए किनारे तो बोले शशि थरूर- मैं मोदी विरोधी नहीं, बताया- प्रचार करना चाहते थे पर सूची में नहीं रखा नाम

गाँधी परिवार समर्थित मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव हारने के बाद पार्टी शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने प्रधानमंत्री मोदी (PM Modi) को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वे बुद्धिजीवी हैं, लेकिन मोदी विरोधी या देश नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनकी लड़ाई के बड़ी सरकार के खिलाफ है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही यूनिवर्सिटी ऑफ सिडनी के एसोसिएट प्रोफेसर सोशियोलॉजिस्ट सैल्वाटोर बेबोनेस ने कहा था कि भारत का बुद्धिजीवी वर्ग मोदी और भाजपा विरोधी के साथ-साथ देश विरोधी भी है। उन्होंने कहा कि भारत को फासीवादी दर्शाने के पीछे भारत का बुद्धिजीवी वर्ग और ग्लोबल मीडिया है।

आजतक से बातचीत में थरूर ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नफरत नहीं करते हैं। उनका विरोध सिर्फ राजनीतिक और एक सरकार के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने कई योजनाओं को आगे बढ़ाया, जिसकी शुरुआत कॉन्ग्रेस ने की थी लेकिन एक बार भी इसका श्रेय पार्टी को नहीं दिया। उन्होंने कहा कि वे भाजपा का विरोध करते रहेंगे।

थरूर ने आगे कहा कि एक बुद्धिजीवी होने के नाते वे भारत के खिलाफ नहीं हैं और ना ही मोदी के विरोधी हैं। थरूर का कहना है कि उनका विरोध तो सिर्फ एक बड़ी सरकार तक सीमित है। थरूर ने कहा कि जनता की आवश्यकताएँ सर्वोपरि हैं।  

शशि थरूर को हिमाचल प्रदेश और गुजरात में जारी विधानसभा चुनावों के लिए प्रचारकों की सूची ममें शामिल नहीं किया गया है। उन्होंने कहा, “मैं गुजरात एवं हिमाचल प्रदेश में पार्टी के लिए प्रचार करना चाहता था, मगर मुझे पार्टी ने स्टार प्रचारक की लिस्ट में शामिल नहीं किया।”

उन्होंने कहा, “पार्टी को शायद मेरी सर्विस की वहाँ आवश्यकता नहीं है। वैसे भी यदि मैं बिना स्टार प्रचारक बने किसी चुनावी प्रदेश में जाता हूँ तो चुनाव आयोग द्वारा एक्शन लिया जा सकता है। उम्मीदवार के खर्चे से पैसे काटे जा सकते हैं।”

बता दें कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष का चुनाव हारने के बाद शशि थरूर को पार्टी में एक तरह से साइड लाइन कर दिया गया है। पार्टी के नवनिर्वाचित अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के नेतृत्व में बनाई गई कॉन्ग्रेस की नई कार्यसमिति (CWC) में शशि थरूर को जगह नहीं मिली है।

इस कमेटी में 47 सदस्यों को जगह दी गई है। इसमें सोनिया गाँधी, राहुल गाँधी, मनमोहन सिंह, दिग्विजय सिंह, हरीश रावत, एके अंटनी, अभिषेक मनु सिंघवी, आनंद शर्मा, रणदीप सुरजेवाला, अजय माकन, दिअंबिका सोनी आदि के नाम शामिल हैं।