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नेपाल में बंधक बनाए गए 38 भारतीय वापस देश लौटे: जबरन भट्ठे पर करवाया जा रहा था काम, महिलाएँ और बच्चे भी कैद थे

नेपाल के रौतहाट इलाके में बंधक बना कर काम करवाए जा रहे 38 भारतीय मजदूरों को मुक्त करवाया गया है। इसमें महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। ये सभी मजदूर उत्तर प्रदेश के निवासी हैं जिन्हें ईंट के एक भट्ठे पर लगाया गया था। मजदूरों के लिए नेपाल के प्रशासन द्वारा बचाव कार्य बुधवार (9 नवम्बर 2022) को छेड़ा गया था। नेपाली पुलिस ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। सभी बंधुआ मजदूरों को भारतीय बलों के हवाले कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक यह बचाव कार्य परोहा नगर पालिका के अमन ईंट कारखाने पर चला है। मुक्त करवाए गए लोगों में कुल 20 पुरुष थे। बाकी 18 लोगों में महिलाएँ और बच्चे भी शामिल हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई एक सूचना के आधार पर की। मुक्त करवाए गए बंधकों को आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद बिहार में सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया में SSB (सशस्त्र सीमा बल) के हवाले कर दिया गया। जानकारी के मुताबिक नेपाल के इस इलाके में भारत के अलग-अलग हिस्सों से आए सैकड़ों मजदूर काम करते हैं।

नेपाली मीडिया ने भी इस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि अरुण सिंह नाम के एक पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में इस अभियान को अंजाम दिया गया। गौरतलब है कि नेपाल में भारतीय मजदूरों को बंधक बनाने का ये पहला मामला नहीं है। एक रिपोर्ट के मुताबिक साल 2013 में दक्षिणी नेपाल में नेपाली पुलिस ने 27 नाबालिगों सहित 64 भारतीय बंधुआ मजदूरों को मुक्त करवाया था।

गली में सूअरों के कटे हुए सिर, नमाज़ के वक्त तेज़ आवाज़ में गाना… मस्जिद निर्माण से डरे दक्षिण कोरियाई ऐसे कर रहे विरोध, पोस्टरों में लिखा – आतंकियों का अड्डा

दक्षिण कोरिया के डेगू शहर के दाहेयोंग-डोंग में रहने वाले स्थानीय लोग और अप्रवासी मुस्लिम आमने-सामने आ गए हैं। इस विवाद का कारण एक मस्जिद है, जिसका निर्माण 2020 के अंत में शुरू हुआ था। नाटकों और पॉप संस्कृति के लिए मशहूर दक्षिण कोरिया तेजी से बदल रही डेमोग्राफी चुनौती का सामना कर रहा है। साल 2020 के आँकड़ों के अनुसार, ‘अप्रवासी’ अब कुल आबादी का 3.3% हैं और उनकी संख्या तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

दाहेयॉन्ग-डोंग में मस्जिद बनने से स्थानीय दक्षिण कोरियाई डरे हुए हैं और वह अपने घरों को छोड़ने के लिए भी तैयार हैं। यहाँ की क्यूंगपुक नेशनल यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले मुस्लिम छात्र 2014 से नमाज अदा करने के लिए दाहेओंग-डोंग में एक घर का इस्तेमाल कर रहे थे।

नमाज पढ़ते हुए मुस्लिम छात्र (फोटो साभार: द न्यूयॉर्क टाइम्स)

हालाँकि, साल 2020 में 6 मुस्लिमों (पाकिस्तान और बांग्लादेश से) के एक ग्रुप द्वारा यहाँ जमीन खरीदे जाने के बाद से यहाँ सब कुछ बदलने लगा। उसी साल दिसंबर में, इन मुस्लिम ने स्थानीय अधिकारियों की अनुमति लेकर 20 मीटर लंबी मस्जिद बनानी शुरू कर दी। अप्रवासी मुस्लिमों का तर्क था कि अब तक जहाँ वह नमाज पढ़ रहे थे, वहाँ एक बार में केवल 150 लोग ही इकट्ठे हो सकते हैं।

स्थानीय कोरियाई लोगों की शिकायतें

स्थानीय कोरियाई लोगों का कहना है कि बीते कई वर्षों से वे लोग मुस्लिमों के साथ ही रह रहे हैं और उन्हें उनसे कोई समस्या नहीं है। लेकिन, उनका कहना है कि अब यहाँ मस्जिद बन जाने से नमाज से होना वाला शोर बढ़ जाएगा। लोगों की यह भी आशंका है कि मस्जिद निर्माण से यह इलाका भीड़-भाड़ भरा हो जाएगा।

62 वर्षीय जेंग नामक व्यक्ति ने ‘द कोरियन हेराल्ड’ से हुई बातचीत में कहा है कि यदि यह मस्जिद बनती है तो वह यह इलाका छोड़ देंगे। उन्होंने कहा, “हम पिछले कई वर्षों से मुस्लिम समुदाय के साथ सद्भाव से रहते थे, छुट्टियों के मौसम में भोजन और उपहार साझा करते थे। हमने उनकी सभाओं के बारे में शिकायत नहीं की। कल्पना कीजिए कि लोगों की बड़ी भीड़ दिन में कई बार आपके घर के दरवाजे से होकर निकलती है। लोगों के बात करने, चलने और बाइक और मोटरसाइकिल चलाने की आवाज़ें आपको पागल कर देंगी।”

जनवरी 2020 में मस्जिद निर्माण का हुआ था विरोध (फोटो साभार: द न्यूयॉर्क टाइम्स)

एक अन्य स्थानीय महिला ने इस क्षेत्र में बढ़ रही भीड़भाड़ के लिए मुस्लिमों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा, “मैंने देखा है कि उनमें से बहुत से लोग गली में अपनी बाइक और मोटरसाइकिल पार्क करते हैं। वे ग्रुपों में आते और जाते हैं। यह स्पष्ट है कि यह इलाका अधिक भीड़भाड़ वाला हो जाएगा।”

इसी इलाके में रहने वाले किम केओंग-सुक ने न्यूयॉर्क टाइम्स से हुई बातचीत में कहा, “हम उनके मजहब के खिलाफ नहीं हैं। हम अपने भीड़ भरे इलाके में कोई नई मजहबी सुविधा नहीं रख सकते, चाहे वह इस्लामी, बौद्ध या ईसाई हो। इससे दहेयोंग-डोंग से स्थानीय कोरियाई लोगों के बड़े पैमाने पर पलायन की आशंका बढ़ गई है।” पार्क जेओंग-सुक नामक एक अन्य व्यक्ति का कहना है, “मैंने पहले कभी उनके जैसे लोगों को नहीं देखा था। वहाँ कभी कोई महिला नहीं दिखी, सिर्फ पुरुषों का झुंड ही दिखता है।

मस्जिद निर्माण को मिली हरी झंडी, कोरियाई अब भी कर रहे हैं विरोध

साल 2020 मस्जिद निर्माण शुरू होने के बाद से स्थानीय जिला प्रशासन के यहाँ के लोगों ने लगातार शिकायतें भेजनी शुरू कर दीं। इसके बाद लोगों के दबाव में आकर मस्जिद बनाने की अनुमति रद्द कर दी थी। इसके बाद मस्जिद का निर्माण रुक गया था। लेकिन, स्थानीय कोरियाई लोगों की यह खुशी थोड़े दिनों की ही थी, क्योंकि इसके बाद मुस्लिमों ने जिला प्रशासन के फैसले के खिलाफ कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी और उन्हें कोर्ट से जीत भी मिल गई थी। इसके बाद, इसी साल सितंबर में कोरियाई सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को सही ठहराते हुए मस्जिद निर्माण की अनुमति दे दी थी।

मस्जिद के विरोध में लगे हुए पोस्टर (फोटो साभार: कोरियाई हेराल्ड)

हालाँकि, इसके बाद भी स्थानीय लोगों ने हार नहीं मानी और जिला प्रशासन से मस्जिद को ‘स्थानांतरित’ करने की अपील करने लगे। लेकिन, उनकी यह अपील भी किसी काम नहीं आई। हालातों से मजबूर कोरियाई लोग अब दाहेओंग-डोंग में मस्जिद के निर्माण को किसी न किसी तरह रोकने की कोशिश कर रहे हैं। कोरियाई लोग अब मस्जिद के गेट पर वाहनों को खड़ा कर रहे हैं और गली में सूअरों के कटे हुए सिर (सूअर का मांस को इस्लाम में हराम माना जाता है) रख रहे हैं यहाँ तक कि खुले में सूअर का माँस भी पका रहे हैं। यही नहीं, नमाज के समय तेज आवाज में गाने भी बजा कर विरोध कर रहे हैं।

इसके अलावा, स्थानीय लोगों ने मोहल्ले में पोस्टर लगाकर भी मस्जिद निर्माण का विरोध किया है। इन पोस्टरों में ‘इस्लाम एक दुष्ट मजहब है जो लोगों को मारता है’, ‘हम इस्लामी मस्जिद के निर्माण का कड़ा विरोध करते हैं’, ‘कोरियाई लोग पहले आओ’ और ‘आतंकवादियों का अड्डा’ जैसे वाक्य लिखे हुए हैं। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद भी मस्जिद का निर्माण 60% तक पूरा हो चुका है। इसके 2022 के अंत तक शुरू होने की भी उम्मीद है।

अप्रवासी विरोधी आंदोलन ‘रिफ्यूजी आउट’ के नेता ली ह्युंग-ओह ने इस में द न्यूयॉर्क टाइम्स से हुई बातचीत में कहा, “केवल हिजाब पर उनके नियम ही पर्याप्त कारण हैं कि उन्हें कभी भी हमारे देश में पैर नहीं रखना चाहिए। हम बहिष्कारवादी दिख सकते हैं, लेकिन इन लोगों ने ही हमें ऐसा बना दिया है।” बता दें कि साल 2007 में, इस्लामी कट्टरपंथी संगठन तालिबान ने दक्षिण कोरिया के 23 सहायता कर्मियों को बंधक बना लिया था और एक ईसाई पादरी की हत्या कर दी थी।

शौहर ने पहली मुलाकात में ही बनाए अप्राकृतिक संबंध, दो बेटियों के जन्म के बाद दे दिया ‘तीन तलाक’: हलाला के लिए देवर से निकाह, दोनों भाई करते रहे रेप

शाहजहाँपुर में एक महिला से 5 सालों से दरिंदगी की खबर सामने आई है। किसी तरह जान बचाकर भागी महिला ने पहले अपने घरवालों को आप बीती बताई और उसके बाद ससुराल पक्ष के खिलाफ केस दर्ज कराया। पीड़िता सलीमा (बदला हुआ नाम) ने जो शिकायत दर्ज कराई है, उसके अनुसार, 5 साल पहले उसकी शादी सलमान नाम के लड़के के साथ हुई थी। सलमान ने कुछ महीने पहले उसे ‘तीन तलाक’ दे दिया।

बता दें कि तीन तलाक भारत में गैर-कानूनी घोषित किया जा चुका है। शिकायत के अनुसार, सलमान ने गुड्डू हाजी नाम के मौलवी के कहने पर सलीमा से दोबारा शादी के लिए हलाला की शर्त रखी। महिला से कहा गया कि अपने शौहर से दोबारा निकाह करने के लिए उसे पहले उसके छोटे भाई इस्लाम उर्फ बब्लू से शादी करनी होगी, फिर छोटे भाई को तलाक दे कर ही वह अपने शौहर यानी सलमान से दोबारा शादी कर सकती है। बेबस महिला ने अपने बच्चों की भविष्य के लिए यह अन्याय भी सहा।

उसे अपने देवर से निकाह करना पड़ा। परंतु देवर इस्लाम उर्फ बब्लू तलाक देने को तैयार नहीं हुआ। इतना ही नहीं वह सलीमा के साथ जबरदस्ती संबंध भी बनाने लगा। पहला शौहर भी जब मर्जी सलीमा के साथ संबंध बनाता था। मना करने पर उसके साथ मार-पीट की जाती। जान बचा कर ससुराल से किसी तरह भागी सलीमा ने कोर्ट में दायर अपनी याचिका में इस दरिंदगी की जानकारी दी है।

पहली मुलाकात में ही पार की गई दरिंदगी की हदें

शाहजहाँपुर की सलीमा के घरवालों ने अपनी बेटी के लिए बरेली के सलमान को पसंद किया था। 19 नवंबर, 2017 को धूम-धाम से निकाह पढ़ा गया। घरवालों ने बुलेट के साथ लाखों का कैश और दहेज देकर बेटी को विदा किया। सलमा अपने ससुराल बरेली पहुँची तो पहली ही मुलाकात में उसके शौहर ने अप्राकृतिक संबंध बनाए। डरी-सहमी सलमा रात भर दर्द से कराहती रही, रोती रही। सलीमा ने अगली सुबह हिम्मत कर के अपनी सास मुन्नी से शिकायत की।

इस पर सास मुन्नी ने सलीमा को ही फटकार लगा दी। मुन्नी ने कहा, “शौहर की मर्ज़ी जो चाहे करे, तुम उसे रोक नहीं सकी।”

शौहर ने दिया तीन तलाक

सलीमा का शौहर आए दिन उसके साथ जोर-जबरदस्ती अप्राकृतिक संबंध बनाता। इस दौरान उसकी दो बेटियाँ हुईं। सलीमा को लगा कि उसका शौहर अब सुधर जाएगा, लेकिन ऐसा हुआ नहीं। उलटे उसकी माँग बढ़ती चली गई और अब वह रोज सलीमा के साथ अप्राकृतिक संबंध बनाने लगा। सलीमा के मना करने पर उसके साथ मार-पीट की जाती। पीड़िता के साथ दरिंदगी की हदें पार की जाने लगीं।

मारपीट और यातनाओं का सिलसिला भी चलता रहा। आरोप है कि सलीमा पर गर्म पानी फेंका गया, पैर पर गर्म तवे से हमला किया गया। इतना ही नहीं, पीड़िता ने ये भी बताया है कि उसकी गर्दन पर पैर रखकर जान से मारने की कोशिश हुई। सलीमा चीखती तो मुँह कपड़े से बंद कर दिया जाता था। अपनी बेटियों के लिए सलीमा सब सहती रही, लेकिन 12 मई, 2021 को सलमान ने सलीमा को तीन बार तलाक कहकर नाता खत्म कर लिया। सलीमा अपनी बेटियों को लेकर फिक्रमंद थी।

मौलवी के कहने पर हलाला के लिए किया गया मजबूर

ससुराल वालों के बीच फँसी सलीमा के पास कोई रास्ता नहीं था। वह अपने मायके वालों से संपर्क नहीं कर पा रही थी। तीन तलाक की बात सलीमा के घर वाले नहीं जान सके। उसके ससुराल वालों ने मायके वालों को इस संबंध में कोई जानकारी नहीं दी। परिवार के लोग एक मौलवी के पास गए मौलवी गुड्डू हाजी की सलाह पर सलीमा के सामने शर्त रखी गई कि यदि वह हलाला करती है तो उसका शौहर सलीम दोबारा उसे अपना लेगा।

सलमान के आश्वासन के बाद सलीमा देवर इस्लाम उर्फ बब्लू के साथ निकाह को तैयार हो गई। 13 मई को सलीमा की दूसरी शादी हुई। सलीमा को लग रहा था कि इस्लाम के साथ निकाह एक समझौता भर है लेकिन उसकी गलतफहमी जल्दी ही दूर हो गई। इस्लाम उर्फ बब्लू ने भी जबरन सलीमा के साथ संबंध बनाए। बब्लू सलीमा के मर्ज़ी के खिलाफ उससे संबंध बनाता रहा इतना ही नहीं तय वक्त के बाद उसने सलीमा को तलाक देने से मना कर दिया। इस्लाम उर्फ बब्लू के तलाक देने से इनकार के बाद सलीमा की जिंदगी और नर्क हो गई।

दोनों भाई करते रहे बलात्कार

दोनों भाइयों के बीच सलीमा को लेकर झगड़ा हुआ। परिवारवालों ने इस झगड़े को शांत करने के लिए समझौता करवा दिया। इस समझौते के अनुसार, सलीमा को दोनों भाइयों की बीवी की तरह रहना तय किया गया। सलीमा की लाचारी का फायदा दोनों भाइयों ने जमकर उठाया।

नर्क से निकली सलीमा

14 जुलाई, 2022 को सलीमा किसी तरह उस नर्क से अपने मायके पहुँची। वहाँ उसने अपनी आपबीती घर वालों को सुनाई। आरोप है कि पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। दूसरी तरफ उसके शौहर सलमान ने ससुराल पहुँच कर हंगामा किया। पीड़िता और परेशान घरवालों ने कोर्ट में अर्ज़ी लगाई और कोर्ट के ऑर्डर पर कोतवाली पुलिस ने शौहर सलमान समेत 6 लोगों को आरोपी बनाकर रिपोर्ट दर्ज की। पुलिस का कहना है कि मामले के आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश की जा रही है। पुलिस अब पीड़िता को इंसाफ दिलाने की बात कह रही है।

‘शादी कर लो, लक्जरी वाली ज़िन्दगी दूँगा’: ‘शेरदिल शेरगिल’ वाली हीरोइन ने बताया – प्रोड्यूसर ने रोल के बदले रखी थी डिमांड, मना करने पर बिना सैलरी दिए निकाला

टीवी ऐक्ट्रेस आयशा कपूर (TV Actress Ayesha Kapoor) ने अपने स्ट्रगल के दौरान एक प्रोड्यूसर की अजीब डिमांड का खुलासा किया है। आयशा ने बताया कि जब वो डेब्यू करने के लिए स्ट्रगल कर रही थीं, तब एक प्रोड्यूसर ने रोल देने के बदले शादी करने की माँग रखी थी।

आयशा कपूर ने कहा कि प्रोड्यूसर ने उन्हें ऐश की जिंदगी देने का वादा किया था और शादी का दबाव डाल रहा था। आयशा के अनुसार, जब उन्होंने इस प्रस्ताव को मानने से मना कर दिया तो उन्हें शो से बाहर निकाल दिया। इसमें वह लीड रोल कर रही थीं।

आयशा कपूर ने स्पॉटबॉय को दिए इंटरव्यू में बताया, “स्ट्रगल के दौरान मुझे एक बड़ा प्रोजेक्ट मिला। उसमें मैं लीड रोल कर रही थी। उस दौरान शो के प्रोड्यूसर ने मेरे सामने एक शर्त रखी कि अगर मैं उनसे शादी करती हूँ, तभी मुझे यह लीड रोल मिलेगा। जबकि, मैंने शो के लिए शूटिंग भी शुरू कर दी थी।”

आयशा आगे बताती हैं, “बाद में जब मैंने प्रोड्यूसर के इस डील के लिए ना कह तो उसने मुझे शो से बाहर कर दिया। उसने मुझे वर्किंग डेज की सैलरी भी नहीं दी। उसने कहा था कि वह मुझे मुंबई में लग्जरियस लाइफ और आरामदायक जिंदगी देगा।”

आयशा ने कहा, “इसका मतलब यह था कि मुझे नेम, फेम और पैसा बिना हार्डवर्क किए ही मिल जाएगा। मुझे बस उनसे शादी करनी होगी। मैंने इस शॉर्टकट को नहीं अपनाने का फैसला लिया और प्रोड्यूसर को मना कर दिया।”

आयशा ने फिल्म इंडस्ट्री में आने के अपने शुरुआती अनुभव को साझा करते हुए बताया कि एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने पर उनके रिश्तेदारों ने उनसे बात करना भी बंद कर दिया था। दुनिया को पाखंडी बताते हुए वह कहती हैं कि आज वही रिश्तेदार उनके साथ फोटो खिंचवाने के लिए तरसते हैं और अपने घरों में खाने पर आमंत्रित करते हैं।

आयशा ने ‘शेरदिल शेरगिल’ से टीवी डेब्यू किया है। इसमें वह निक्की का किरदार निभा रही हैं। इससे पहले वह कई वेब सीरीज और म्यूजिक एलबम में भी काम कर चुकी हैं।

जिस महिला को भगा ले गया, अब उसकी बेटी से निकाह करना चाहता है मोहसिन… धर्मांतरण की धमकियों से तंग नाबालिग ने छोड़ा स्कूल जाना

उत्तराखंड के नैनीताल जिले में रामनगर ब्लॉक की एक नाबालिग लड़की ने खुद पर इस्लामी धर्मांतरण के दबाव का आरोप लगाया है। आरोपित का नाम मोहसिन बताया जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, मोहसिन के डर से पीड़िता ने स्कूल भी जाना छोड़ दिया है। पुलिस को दी गई शिकायत में मोहसिन पर फोन कर के पीड़िता को धमकाने और जान से मार डालने की धमकी देने का भी आरोप है। बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले मोहसिन नाबालिग की माँ को भगा कर ले जा चुका है और अब उसकी नजर महिला की नाबालिग बेटी पर है।

हिन्दू संगठनों ने शुक्रवार (11 नवम्बर, 2022) को पुलिस चौकी पहुँच कर आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

रवि के ‘बिंदास बोल’ नाम के फेसबुक पेज पर यह पूरा मामला LIVE हुआ है। यहाँ मौजूद जानकारी के मुताबिक, मामला पुलिस चौकी क्षेत्र पीरूमदारा का है। पीड़िता की उम्र 15 वर्ष जबकि आरोपित की उम्र लगभग 28 वर्ष बताई जा रही है। मोहसिन चोपडा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। पीड़िता के परिवार में एक बड़ी बहन है जो लखनऊ में रहती है। वर्तमान समय में घर पर बाप-बेटी ही रहते हैं। पुलिस चौकी पर शिकायत ले कर पहुँची पीड़िता ने बताया कि मोहसिन खुद के 5 भाई होने का दावा करता है।

लड़की ने आरोप लगाया कि मोहसन कहता है कि अगर वो जेल भी गया तो उसे छुड़ा लिया जाएगा। पीड़िता ने अपने स्कूल छोड़ने की वजह मोहसिन की धमकियों का डर बताया है। पीड़िता ने यह भी बताया कि आरोपित मोहसिन उस पर धर्म-परिवर्तन करने का भी दबाव बना रहा है।

एक NGO चलाने वाले दीपांशु की राशन बाँटने के दौरान पीड़ित परिवार से मुलाक़ात हुई। पीड़ितों ने दीपांशु को अपने साथ हो रहे घटनाक्रम को बताया। पीड़िता के पिता ने दीपांशु को बताया कि मोहसिन लगभग डेढ़ साल पहले ही उनकी पत्नी को बहला-फुसला कर अपने साथ ले जा चुका है। दीपांशु ने बताया कि माँ के मोहसिन के साथ चले जाने के बाद बेटी सरकारी स्कूल में अपनी पढ़ाई जारी रखी हुई थी। इसी दौरान 2 महीने से बच्ची ने स्कूल जाना बंद कर दिया, क्योंकि मोहसिन ने उसके अपहरण की धमकी दी है।

दीपांशु ने बताया कि अपने साथ न जाने पर नाबालिग लड़की को जला कर मार डालने की भी धमकी मिल रही है।

बताया जा रहा है कि मोहसिन लड़की के पिता को भी धमका रहा है। पीड़िता की एक पड़ोसन बबिता ने बताया कि वो 6-7 महीने से वो लड़की को डरी-सहमी देख कर वजह पूछती थी तब वो टाल देती थी। महिला ने आगे बताया कि एक दिन उसने फोन पर मोहसिन द्वारा लड़की को धमकी देते हुए सुना। पड़ोसन ने यह भी बताया कि मोहसिन ने जेल भेजने पर जमानत के बाद पीड़िता की हत्या का भी एलान किया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, DSP बलजीत भाकुनी के मुताबिक पीड़िता की शिकायत पर मामले की जाँच करवाई जा रही है।

उन्होंने बताया कि जाँच में जो भी दोषी पाया जाएगा उस पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

माँ को इस्लाम कबूल कराया, बेटी से अश्लीलता की: MP में हिन्दू लड़की की शिकायत पर सरकारी टीचर शमीम गिरफ्तार, नौकरी से भी सस्पेंड

मध्यप्रदेश के सागर जिले में सरकारी स्कूल के टीचर पर हिन्दू महिला का धर्मान्तरण कराने और उसकी बेटी को गलत निगाह से देखने का आरोप लगा है। पुलिस ने इस मामले में 11 नवम्बर 2022 को FIR दर्ज करके पड़ताल शुरू कर दी है। वहीं नौकरी से भी शमीम सस्पेंड कर दिया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला बीना थानाक्षेत्र का है। आरोपित शमीम मुड़िया देहरा गाँव के सरकारी स्कूल में पढ़ाता था। यहाँ 17 साल की एक नाबालिग लड़की ने आरोप लगया है कि उसकी माँ शमीम के घर खाना बनाने जाती थी। पीड़िता के मुताबिक उनके घर के आर्थिक हालात ठीक नहीं थे इसलिए टीचर शमीम ने उन्हें अपनी बातों में फँसा लिया और साल भर पहले अपने साथ भोपाल ले गया। कहा जा रहा है कि भोपाल में शमीम ने पीड़िता की माँ पर इस्लाम कबूलने का दबाव बनाया जिसे उसकी माँ ने मान लिया।

नाबालिग लड़की का कहना है कि उसने इस्लाम कबूलने से मना कर दिया। जिसके बाद शमीम उसके साथ भी छेड़खानी करने लगा। उसने इस संबंध में माँ को बताया लेकिन कोई फर्क नहीं पड़ा। पीड़िता के अनुसार इस्लाम कबूलने से मना करने पर शमीम ने उसकी पिटाई की जिसमें उसकी माँ ने भी सहयोग किया। शिकायतकर्ता ने बताया कि शमीम से खतरा महसूस होने के चलते उसने क्लास 11 की पढ़ाई छोड़ दी थी। कहा जा रहा है कि शमीम की हरकतों से परेशान हो कर पीड़िता भोपाल में शमीम के घर से वापस अपने पिता के पास सागर जिले में लौट आई थी।

अपनी शिकायत में आगे 29 अक्टूबर 2022 की घटना का जिक्र करते हुए नाबालिग ने बताया कि उस दिन शमीम घर पर आकर जबरन उसे अपने साथ ले जाने लगा। आरोप है कि इस दौरान शमीम ने पीड़िता को गंदी नीयत से पकड़ा। पीड़िता ने इसका विरोध किया और शोर मचाने लगी। कहा जा रहा है कि शोरगुल से डर कर शमीम घर से भाग गया। बाद में पीड़िता ने अपने पिता के घर लौटने पर सारी बातें बताई तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।

शमीम का निलंबन आदेश

पीड़िता ने अपने पिता के साथ शुक्रवार (4 नवम्बर 2022) को राज्य बाल संरक्षण आयोग में शिकायत भेजी। लड़की के पिता का आरोप है कि शमीम उनकी पत्नी को मुस्लिम बना चुका है और अब वो उनकी बेटी पर भी गंदी नीयत रखते हुए इस्लाम कबूलने का दबाव बना रहा था। नाबालिग के पिता ने शमीम के ट्विटर पर किसी और महिला के साथ वीडियो शेयर होने का दावा करते हुए उसे अपने बिखरे हुए परिवार का जिम्मेदार बताया है। पीड़ित परिवार के मुताबिक उनकी 2 बार की गई शिकायत पर स्थानीय थाने की पुलिस ने दूसरे इलाके का मामला बता कर ध्यान नहीं दिया।

सागर जिले के बीना थाना प्रभारी कमल निगलवाल के अनुसार पीड़िता लड़की के पिता और शमीम में पैसे का लेन-देन है। हालाँकि पीड़ित पिता ने इन आरोपों से इंकार किया है।

तेलंगाना में PM मोदी का स्वागत नहीं करेंगे सीएम KCR, 5वीं बार प्रोटोकॉल का उल्लंघन: आधिकारिक निमंत्रण न देने का लगाया है आरोप, BJP बोली- ‘वो जलते हैं’

दक्षिण भारत के दो दिवसीय यात्रा पर गए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) आज तेलंगाना पहुँचेंगे। कहा जा रहा है कि इस दौरान वहाँ के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव (KCR) उनका स्वागत नहीं करेंगे। ये पाँचवीं बार हो रहा है, जब KCR प्रधानमंत्री की अगवानी ना करके प्रोटोकॉल को तोड़ रहे हैं। प्रोटोकॉल के तहत जब प्रधानमंत्री किसी राज्य में जाते हैं तो वहाँ का मुख्यमंत्री उन्हें लेने पहुँचता है।

सीएम KCR के बजाए पार्टी के विधायक तलसानी श्रीनिवास यादव प्रधानमंत्री को रिसीव करने जाएँगे। बता दें कि दो दिन पहले ही तेलंगाना की सत्ताधारी TRS ने केंद्र की सत्ताधारी भाजपा पर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में उन्हें औपचारिक निमंत्रण नहीं भेजा गया था। इसके बदले उन्हें कार्यक्रम में भाग लेने के लिए कहा गया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तेलंगाना में रामागुंडम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (RFCL) का उद्घाटन करने वाले हैं। इसमें भाग लेने के लिए केसीआर को भी निमंत्रण भेजा गया था। RFCL के सीईओ ने खुद कहा है कि उन्होंने निमंत्रण पत्र अपने हाथों से राज्य के मुख्य सचिव को सौंपा है। इसके साथ ही मंत्रालय ने निमंत्रण पत्र की कॉपी भी ट्विटर पर साझा की थी।

तेलंगाना पहुँचने के बाद प्रधानमंत्री एक जनसभा को संबोधित करेंगे। उसके बाद RFCL का उद्धाटन करेंगे। इसके बाद वे 990 करोड़ रुपए की लागत से बने 5.10 किलोमीटर लंबी भद्राचलम रोड-सत्तुपल्ली नई रेलवे लाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इसके साथ ही पीएम 2,268 करोड़ रुपए की लागत वाली कई सड़क परियोजनाओं की आधारशिला भी रखेंगे।

निमंत्रण नहीं मिलने का आरोप लगाकर केसीआर प्रधानमंत्री का ना तो बेगमपेट हवाईअड्डे पर पीएम मोदी की अगवानी करेंगे और न ही RFCL के आधिकारिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। केसीआर प्रधानमंत्री की अगवानी और उनके साथ कार्यक्रमों में मंच साझा करने से बचते रहे हैं।

नवंबर 2020 जब पीएम मोदी ने भारत बायोटेक का दौरा किया था तो केसीआर ने उस वक्त भी निमंत्रण देने की बात कहकर उनकी अगवानी नहीं की थी। जब पीएम मोदी चिन्ना जीयर आश्रम में स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी का अनावरण करने और ICRISAT की 50वीं वर्षगाँठ में भाग लेने गए थे, तब भी सीएम केसीआर ने उनसे मुलाकात नहीं की थी।

इसी तरह मई 2022 में ISB के एक कार्यक्रम में भाग लेने पहुँचे पीएम मोदी का केसीआर ने स्वागत नहीं किया था। इस दौरान बेगमपेट हवाईअड्डे पर भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने केसीआर और उनकी पार्टी TRS पर तीखा हमला किया था।

इस साल जून में जब पीएम मोदी भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में शामिल होने के लिए हैदराबाद गए थे, उस वक्त भी के चंद्रशेखर राव ने उनका स्वागत नहीं किया। उस समय TRS के नेताओं ने कहा था कि मोदी का यह दौरा पूरी तरह से राजनीतिक है और प्रोटोकॉल का पालन करने की आवश्यकता नहीं है।

‘मेरे दिए ₹6.85 करोड़ से AAP ने न्यूयॉर्क टाइम्स में खबर छपवाई’: जेल में बंद ठग सुकेश ने CM केजरीवाल पर फिर लगाया आरोप, कहा- पॉलीग्राफ टेस्ट करवा लो

दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद ठग सुकेश चंद्रशेखर (Sukesh Chandrashekhar) ने चिट्ठी लिखकर एक बार फिर आम आदमी पार्टी (AAP) के प्रमुख और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (CM Arvind Kejriwal) पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुकेश का दावा है कि केजरीवाल ने पैसे देकर दिल्ली के ‘शिक्षा मॉडल’ वाली स्टोरी न्यूयॉर्क टाइम्स में छपवाई थी।

सुकेश ने कहा कि उसने जो भी आरोप AAP और अरविंद केजरीवाल पर लगाए हैं, वो सब सही हैं और इसके लिए वे पॉलीग्राफी टेस्ट कराने के लिए भी वो तैयार है। इसके साथ ही उसने सत्येंद्र जैन और अरविंद केजरीवाल का भी पॉलीग्राफी टेस्ट कराने की माँग की।

अपने चार पेज के लेटर में सुकेश ने कहा कि अमेरिकी मीडिया में दिल्ली के ‘स्कूल मॉडल’ की कहानी को छपवाने के लिए PR एजेंसी को 8.5 लाख अमरीकी डॉलर (6.85 करोड़ रुपए) और 15 प्रतिशत कमीशन दिया गया था। सुकेश ने कहा कि ये सब उसके द्वारा दिए गए पैसे से किया गया था।

बता दें कि अगस्त में ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने AAP के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार के ‘शिक्षा मॉडल’ की सराहना करते हुए फ्रंट पेज पर रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसकी खूब आलोचना हुई थी और भाजपा ने इस लेख को ‘पेड प्रमोशन’ बताया था। हालाँकि, न्यूयॉर्क टाइम्स ने इस आरोप से इनकार किया था।

11 नवंबर 2022 को लिखे अपने पत्र में सुकेश ने अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के लिए करोड़ों रुपए की जैकब एंड कंपनी एस्ट्रेनोमिया की घड़ी खरीदने का भी आरोप लगाया है। सुकेश ने अपनी चिट्ठी में लिखा, “आपने उसका स्ट्रैप नीले रंग से काले रंग में बदलने के लिए मुझे कहा था। आपके ज्योतिषी ने आपको बताया था इस घड़ी के डायल में सभी प्लेनेट्स थे और सुबह उठकर आपको घड़ी पहनने को कहा था, लेकिन काले स्ट्रैप की। इसके लिए मैंने चार्टड प्लेन से दुबई से वो घड़ी का स्ट्रैप बदलवाया और उसी दिन आप तक पहुँचाया था।”

सत्येंद्र जैन को लेकर सुकेश ने लिखा, “सतेंद्र जैन जी आपको जानकारी थी कि मैंने केजरीवाल जी के लिए घड़ी का स्ट्रैप बदलने के लिए किसी को दुबई चार्टड प्लेन से भेजा है। इसके बाद आपने वॉट्सऐप पर मुझे पटेक फ्लिप और कार्टियर पेंथर वुमेन्स एडिशन की घड़ियाँ लाने को कहा था। आप दोनों को करोड़ों रुपए की घड़ियाँ गिफ्ट करने के बावजूद आप मुझे महाठग कहते हैं।”

सुकेश चंद्रशेखर ने पत्र में लिखा, “केजरीवाल ने ट्वीट करके मुझे महाठग बोला था। अगर मैं महाठग हूँ तो अपने मुझसे 50 करोड़ रुपए लेकर राज्यसभा की सीट क्यों ऑफर की? केजरीवाल जी, आपने 30 अन्य लोगों को लाने के लिए भी कहा, जो 500 करोड़ रुपए जुटाकर कर्नाटक और तमिलनाडु में AAP को मजबूत कर सकें। आपने सत्येंद्र जैन के साथ मिलकर मेरी डिनर पार्टी क्यों अटेंड की? वहीं पर आपके निर्देश पर 50 करोड़ रुपए की डील हुई और असोला के एक फार्म हाउस पर सत्येंद्र जैन और कैलाश गहलोत को दिए।”

गौरतलब है कि अपनी पहली चिट्ठी में सुकेश ने आरोप लगाया था कि सत्येंद्र जैन ने उसे पैसे लगातार देते रहने का दबाव बनाया था। इसके कारण उसे 2-3 महीने 10 करोड़ रुपए देने पड़े थे। इतना ही नहीं, उसने अपनी दूसरी चिट्ठी में आरोप लगाया था कि AAP और अरविंद केजरीवाल के खिलाफ बोलने के कारण उसे धमकियाँ मिल रही हैं। इसलिए उसकी जान को खतरा हो गया है। उसने दूसरी जेल में शिफ्ट करने की माँग की थी।

‘हमारी राष्ट्रपति कैसी दिखती हैं?’ : TMC नेता ने उड़ाया प्रेसिडेंट द्रौपदी मुर्मू के रंग-रूप का मजाक, Video देख उठी गिरफ्तारी की माँग

पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस के लिए संविधान का कोई अर्थ है। वह कभी CBI को रोक लेती, कभी पीएम की बैठक का बहिष्कार करती है तो कभी केंद्र को सीधा चुनौती देकर भारतीय संघ को ललकारती है। अब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के मंत्री अखिल गिरि ने राष्ट्रपति के रंग के बारे में उनका सार्वजनिक रूप से मजाक उड़ाया है। यह सिर्फ भारत के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति का ही अपमान नहीं है, ये एक महिला की गरिमा को भी ठेस पहुँचाना है।

शहीद दिवस समारोह के मौके पर नंदीग्राम में एक भीड़ को संबोधित करते हुए गिरि ने राष्ट्रपति का मजाक उड़ाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। मंत्री के इस बयान की राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने कड़ी निंदा की है।

समारोह में TMC से भाजपा में आए सुवेंदु अधिकारी पर हमला बोलते समय गिरि ने राष्ट्रपति को भी इसमें घसीट लिया। हालाँकि, उन्होंने नाम नहीं लिया। गिरि ने कहा, “वह (सुवेंदु अधिकारी) कहते हैं कि मैं सुंदर नहीं हूँ। वह कितने सुंदर हैं? हम लोगों को उनके रूप से नहीं आँकते। हम आपके राष्ट्रपति की कुर्सी का सम्मान करते हैं। आपके राष्ट्रपति कैसे दिखते हैं?”

इस बयान को लेकर TMC ने दावा है कि वास्तव में मंत्री कह रहे थे कि पार्टी लोगों को उनके लुक को देखकर नहीं आँकती है। इस पर उन्होंने मंत्री राष्ट्रपति का उदाहरण दिया। वहीं, भाजपा कहना है कि जब उन्होंने यह टिप्पणी की तो ममता बनर्जी के मंत्रिमंडल की महिला कल्याण विभाग की मंत्री शशि पंका भी वहाँ उपस्थित थीं।

वीडियो को शेयर करते हुए पश्चिम बंगाल बीजेपी ने ममता बनर्जी और TMC पर हमला बोला और उन्हें जनजातीय विरोधी बताया। भाजपा ने लिखा, “अध्यक्ष द्रौपदी मुर्मू जनजातीय समुदाय से आती हैं। तृणमूल कॉन्ग्रेस के गृह मंत्री अखिल गिरि ने महिला कल्याण विभाग की एक अन्य मंत्री शशि पांजा की उपस्थिति में उनके बारे में आपत्तिजनक टिप्पणी की।”

बता दें कि इससे पहले बंगाल कॉन्ग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने द्रौपदी मुर्मू को ‘राष्ट्रपत्नी’ कहकर पद का अपमान किया था। वहीं, कॉन्ग्रेस नेता उदित राज ने राष्ट्रपति पर ‘चापलूसी’ का आरोप लगाया था। बाद में दोनों ने अपनी टिप्पणी के लिए माफी माँग ली थी।

‘निकाह करवा वरना बेटी उठा लेंगे…’: मुख्तार अंसारी ने हिन्दू माता-पिता को दी धमकी, 6 माह बाद बेटा शाहिद लड़की उठा ले गया, धर्मांतरण का आरोप

झारखंड के हजारीबाग जिले में एक हिन्दू महिला ने अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण और जबरन निकाह करवा कर धर्मान्तरण का आरोप लगाया है। यहाँ पीड़िता ने पुलिस शिकायत में शाहिद अंसारी, अरबाज़ अंसारी और मुस्लिम अंजुमन कमेटी के सदस्य सहित को नामजद किया है। महिला का आरोप है कि आरोपितों ने 6 महीने पहले ही उनकी बेटी के अपहरण की धमकी दी थी। आरोपितों पर कार्रवाई की माँग को ले कर हिन्दू संगठनों ने भूख हड़ताल की है। घटना शुक्रवार (4 नवम्बर 2022) की है।

अपहृत नाबालिग की माँ ने सोमवार (7 नवम्बर 2022) को घटना की शिकायत केरेडारी थाने में की है। अपनी शिकायत में उन्होंने बताया है कि घटना के दिन लगभग 2:30 बजे दोपहर में उनकी 16 साल की नाबालिग बेटी का मुख़्तार अंसारी के बेटे शाहिद ने अपने चचेरे भाई अरबाज़ और 4 अज्ञात साथियों के साथ घर में घुस कर अपहरण कर लिया। शिकायत में पीड़िता ने अपहरण का मकसद नाजायज धर्मान्तरण और जबरन निकाह की साजिश बताया है। पीड़िता के मुताबिक अपहरण के आरोपित 2 बाइकों पर सवार हो कर आए थे।

इसी शिकायत में पीड़ित माँ ने यह भी लिखा है कि इसी अपहरण के दौरान आरोपितों ने लूटपाट भी की। आरोप है कि बाइक सवार आरोपितों ने पीड़िता के घर से लगभग 3 लाख 30 हजार रुपए मूल्य के सोने व चाँदी के आभूषण और 25000 रुपए कैश भी लूट लिए। पीड़िता का दावा है कि घटना के ही दिन उन्होंने थाने को सूचना दे दी थी। पीड़िता ने इस बात का भी जिक्र किया है कि आरोपित के घर वालों की तरफ से उनकी बेटी के अपहरण की धमकी लगभग 5 से 6 महीने पहले ही मिली थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक तब आरोपित शाहिद के अम्मी-अब्बू अंजुमन कमेटी के सदर हबीब मियाँ के साथ घर में घुस कर अपनी बेटी का निकाह करवाने की धमकी दी थी। पीड़िता ने बताया है कि तब आरोपितों ने अपनी बात से इंकार करने पर उनकी नाबालिग बेटी जबरन उठा ले जाने का ताव दिया था। शिकायत में यह भी दर्ज है कि इस दौरान आरोपितों ने पीड़ित परिवार से गाँव में बने रहने के लिए हिसाब से रहने को धमकाया था। अंत में अपहृत की माँ ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग भी की है। ऑपइंडिया के पास शिकायत कॉपी मौजूद है।

इस घटना से नाराज हिन्दू संगठनों ने पुलिस पर लचर कार्रवाई का आरोप लगाया है। उन्होंने घटना के विरोध में भूख हड़ताल भी शुरू कर दी है। इसी प्रदर्शन में पीड़ित के परिजन भी शामिल हैं। ऑपइंडिया से बात करते हुए पीड़िता की माँ ने बताया कि अभी तक उन्हें उनकी बेटी वापस नहीं मिल पाई है। स्थानीय नागरिक संजय शरण ने ऑपइंडिया को बताया कि पीड़िता और आरोपित आस-पड़ोस के गाँव में रहते हैं। उन्होंने कहा कि आरोपित युवक शाहिद कर्नाटक में कहीं काम करता है और आशंका जताई जा रही है कि वो लड़की को भी वहीं ले कर गया होगा।