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‘जब तक कोई जान से नहीं जाएगा तब तक मानेंगे नहीं ये BSDK’ : फर्रुखाबाद में हिन्दुओं पर हमले के पीछे ‘डेविल 302’ इंस्टाग्राम गैंग, बिलाल ने लिखा – माध$#द, बदला बाकी है

उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले में मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को 4 हिन्दू युवकों पर हमला हुआ था। बताया जा रहा है कि हमलावर पीड़ितों के द्वारा खुद को कट्टर हिन्दू लिखने पर नाराज थे। हमलावरों में बिलाल अली को मुख्य आरोपित बताया जा रहा है। पुलिस ने FIR दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। हमले में घायल युवक मोहित राजपूत ने हमलावरों के इंस्टाग्रम पर ‘डेविल 302’ नाम के ग्रुप से जुड़े होने का आरोप लगाया है।

FIR कॉपी

पुलिस को दी गई शिकायत में हमले में घायल मोहित ने बताया है कि ‘डेविल 302’ ग्रुप के सदस्य अवैध हथियारों के साथ फोटो लहराते हैं। शिकायत में ‘डेविल 302’ नाम के समूह से आतंक फैलाने का आरोप लगाया गया है। ऑपइंडिया को फर्रुखाबाद के हिन्दू संगठन के सदस्यों द्वारा ‘डेविल 302’ नाम के ग्रुप के कुछ स्क्रीनशॉट भेजे गए हैं। इस स्क्रीनशॉट में कन्हैया लाल की हत्या में प्रयोग हुआ हथियारनुमा फोटो डाल कर लिखा गया, “जब तक कोई जान से नहीं जाएगा तब तक मानेंगे नहीं ये BSDK.”

डेविल 302 ग्रुप सदस्यों की गतिविधियाँ

वहीं इसी समूह की दूसरी तस्वीर में मुख्य आरोपित बिलाल कोई हाथ में एक हथियार लिए हुए देखा जा सकता है। एक अन्य तस्वीर में बिलाल का स्टेटस होने का दावा किया गया है। इस तस्वीर में लिखा गया है, “कहाँ गए शमशाबाद के बदमाश। मैंने अभी कुछ करा भी नहीं और लोग हाथ जोड़ने लगे। अरे माद#%&द बदला अभी बाकी है। मुझे मरने से डर नहीं लगता। मौत के मुँह से वापस आया हूँ।” ‘डेविल 302’ ग्रुप में बिलाल के अलावा कई अन्य लोगों को भी हाथों में अवैध हथियार लिए देखा जा सकता है। उनके लिए ‘भाई हैं मेरे’ लिखा गया है।

आरोपित बिलाल और उसके हथियारबंद साथी

केस दर्ज होने के बाद बंद किया ग्रुप

जब ऑपइंडिया ने ‘डेविल 302’ ग्रुप को इंस्टाग्राम पर सर्च किया तब वह मौजूद नहीं मिला। वहीं ग्रुप को संचालित करने वाले बिलाल अली की इंस्टाग्राम प्रोफ़ाइल भी लॉक मिली।

लॉक हुई बिलाल की प्रोफ़ाइल

केवल डेविल ग्रुप रहेगा, बाकी कोई नहीं

जिस मोहित राजपूत नाम के लड़के पर भीड़ ने हमला किया है, वो नाबालिग है। उसका कहना है कि हम हिन्दू हैं तो हिन्दू ही तो लिखेंगे और इस बारे से हमलावर नाराज थे। मोहित ने बताया कि हमलावर कह रहे थे कि केवल डेविल ग्रुप रहेगा और बाकी कोई नहीं। मोहित के मुताबिक उन्हें देख लेने की भी धमकी दी गई थी।

‘ला इलाहा इल्लल्लाह’ या अजमेर शरीफ की माँग कर दें तो… अरविंद केजरीवाल ने करेंसी नोटों पर माँगी लक्ष्मी-गणेश की तस्वीर तो मुस्लिम हुए नाराज़

दिल्ली के सीएम और आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार (26 अक्टूबर 2022) को पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार से नोटों पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की फोटो को छापने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि वह चाहते हैं कि भारत में हर कोई अमीर हो और कभी-कभी, कोई कितनी भी कोशिश कर ले, कुछ कमी रह ही जाती है। उन्होंने कहा, “प्रयास तभी फलदायी होते हैं, जब हमारे पास देवी-देवताओं का आशीर्वाद होता है।”

मीडिया को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “कल से एक दिन पहले दिवाली थी। हम सभी ने भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी से प्रार्थना की। हमने स्वास्थ्य, धन और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। हम जानते हैं कि कैसे व्यवसायी अपने कमरों में भगवान गणेश और लक्ष्मीजी के चित्र रखते हैं और अपना काम शुरू करने से पहले उनसे प्रार्थना करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “आज मैं केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री से भारतीय मुद्रा पर भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर शामिल करने की अपील करना चाहता हूँ। गाँधी जी की फोटो जैसी है, वैसी रह सकती है। अपनी अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए हमें और अधिक प्रयास करने की जरूरत है, लेकिन हमें अपने देवी-देवताओं के आशीर्वाद की भी जरूरत है।”

केजरीवाल ने कहा कि एमके गाँधी की तस्वीर जस की तस बनी रहनी चाहिए, लेकिन अगर दूसरी तरफ भगवान गणेश और देवी लक्ष्मी की तस्वीर हो तो पूरे देश पर कृपा होगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान करेंसी नोटों को वैसे ही रखा जा सकता है, लेकिन जो नए नोट छपते हैं उनमें हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें हो सकती हैं।

हालाँकि, अरविंद केजरीवाल की यह सलाह उन मुस्लिम ट्विटर यूजर को अच्छा नहीं लगा, जिनके लिए अल्लाह के अलावा किसी अन्य की प्रार्थना करना पाप है। मुस्लिम यूजर ने उनको ट्रोल करने की कोशिश की।

कुछ मुस्लिम ट्विटर यूजर्स ने अरविंद केजरीवाल को हिंदू राष्ट्रवादी संगठन आरएसएस का ‘छोटा रिचार्ज’ भी कहा।

एक ट्विटर यूजर ने तो यहाँ तक कहा कि अगर AIMIM नेता असदुद्दीन ओवैसी ने नोटों पर ‘ला इलाह इल्लल्लाह’ (अल्लाह के अलावा कोई भगवान नहीं है) लिखने या अजमेर दरगाह की तस्वीर छापने का सुझाव दिया होता तो क्या होता।

कुछ लोगों ने तो यह भी दावा किया कि भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है और इसलिए नोटों पर हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें नहीं लगानी चाहिए।

आम आदमी पार्टी के अमानतुल्ला खान और गोपाल इटालिया जैसे नेताओं ने अभी तक अरविंद केजरीवाल के इस बयान पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

ऋषि सुनक बने ब्रिटेन के नए PM तो शेयर होंगे लगी आशीष नेहरा की तस्वीर, अजहरुद्दीन ने दिया ‘स्पष्टीकरण’ तो लोगों ने लिए मजे

भारतीय मूल के ऋषि सुनक को ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री के रूप में चुने जाने के बाद से सोशल मीडिया पर कई यूजर्स पूर्व भारतीय खिलाड़ी आशीष नेहरा की फोटो शेयर करके उन्हें बधाई दे रहे हैं। दरअसल, कई तस्वीरों में ऋषि सुनक (Rishi Sunak) और आशीष नेहरा (Ashish Nehra) का चेहरा काफी मिलता-जुलता नजर आ रहा है।

इसको लेकर पूर्व भारतीय कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने मंगलवार (25 अक्टूबर, 2022) को अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर विराट कोहली और आशीष नेहरा की एक थ्रोबैक फोटो शेयर कर ‘स्पष्टीकरण’ जारी किया है। इसके साथ ही उन्होंने लिखा, “इस तस्वीर में दिखाई देने वाले असली सितारे विराट कोहली और आशीष नेहरा हैं। WhatsApp पर वायरल हो रही फोटो में ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री नहीं हैं।” फोटो में नेहरा, कोहली को पुरस्कार देते हुए दिखाई दे रहे हैं। अजहरुद्दीन का यह पोस्ट वायरल हो गया है। इसे लेकर कई मीम्स शेयर किए जा रहे हैं।

इसे लेकर एक यूजर ने लिखा, “सर, ट्विटर पर लोग यह पहले से ही जानते हैं। लेकिन व्हाट्सएप पर कुछ हैं, जिन्हें आपको शिक्षित करने की आवश्यकता है।”

वहीं कुछ ऐसे यूजर्स भी हैं, जो इस तस्वीर को देखने के बाद चौंकने वाले अंदाज में रिएक्शन दे रहे हैं।

एक यूजर ने मोहम्मद अजहरुद्दीन पर तंज कसते हुए लिखा, “यह व्यक्ति ये भी नहीं जानता कि व्यंग्य कैसे किया जाता है।”

मानस नाम के यूजर ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के हमशक्ल की फोटो शेयर कर लिखा, “अजहर भाई, ये देखो व्लादिमीर पुतिन।”

एक यूजर लिखता है कि इस आवश्यक स्पष्टीकरण के लिए धन्यवाद सर, बहुत भ्रम था!

बता दें कि आर्थिक संकटों में घिरे ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री ऋषि सुनक (Rishi Sunak) को सोमवार (24 अक्टूबर, 2022) को सत्ताधारी कंजरवेटिव पार्टी ने अपने नेता चुना। सुनक अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान को लेकर बेहद मुखर रहते हैं। गीता में उनकी गहरी आस्था है। बतौर सांसद उन्होंने गीता की ही शपथ ली थी। उनके प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद सोशल मीडिया पर कोहिनूर से लेकर भगोड़े कारोबारी विजय माल्या, नीरव मोदी तक की भारत वापसी पर नेटिजन्स चर्चा करते दिखे।

‘बजरंग दल’ के दिवंगत कार्यकर्ता हर्ष का पोस्टर फाड़ने से रोका तो कर दिया हमला: कर्नाटक में तनवीर, अजहर और फराज गिरफ्तार, की थी पत्थरबाजी भी

कर्नाटक पुलिस ने बुधवार (26 अक्टूबर, 2022) को राज्य के शिवमोगा जिले में प्रकाश नाम के एक हिंदू व्यक्ति पर हमला करने के आरोप में तनवीर उर्फ ​​मार्केट फौजान, अजहर उर्फ ​​अज्जू और फराज को गिरफ्तार किया है। बता दें कि एक दिन पहले लगभग 9 बदमाश तीन बाइक पर पहुँचे, हिंदू विरोधी, RSS विरोधी नारे लगाए और पीड़ित पर हमला किया। झड़प में प्रकाश गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें इलाज के लिए मैकगैन अस्पताल ले जाया गया।

शिवमोगा के एसपी जीके मिथुन कुमार ने कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि गिरफ्तार किए गए तीन आरोपितों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों पर हमला किया था। उन्होंने कहा, “उनका मकसद प्रतिशोध लेना था।” आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया और उन्हें शिवमोगा जिले के डोड्डापेट पुलिस स्टेशन भेज दिया गया है।

शिवमोगा के एसपी ने कहा, “आरोपित ने 2 बाइक पर 2 और आरोपितों (अभी तक गिरफ्तार नहीं) के साथ, सीगेहट्टी में रात करीब 11 बजे एक युवक प्रवीण के खिलाफ टिप्पणी की। बाद में, उन्होंने चौथे और पाँचवें आरोपित को कहीं छोड़ दिया। इसके बाद वे भरमप्पा नगर रोड गए और पथराव किया और प्रकाश नाम के एक अन्य व्यक्ति पर कमेंट किए।”

पुलिस के अनुसार, ”दो हिंदू पीड़ितों, प्रवीण और प्रकाश ने कुछ दिन पहले मार्केट फौजान के खिलाफ कमेंट किया था और जवाबी कार्रवाई में तीनों आरोपियों ने उन पर बेरहमी से हमला किया। जैसा कि पहले के रिपोर्ट में बताया गया था, “नौ बदमाश तीन बाइक पर पहुँचे थे, हिंदू विरोधी और आरएसएस विरोधी नारे लगाए और शिवमोगा के भ्रामप्पा लेआउट में रात करीब 11 बजे प्रकाश नाम के पीड़ित पर हमला किया।”

उन्होंने बजरंग दल के कार्यकर्ता हर्ष के पोस्टर भी फाड़ दिए, जिनकी इस साल फरवरी में इस्लामवादियों ने हत्या कर दी थी। शहर में 24 अक्टूबर को आयोजित एक रैली के लिए उनके पोस्टर शहर में लगाए गए थे।

रिपोर्टों में उल्लेख किया गया है कि प्रकाश ने बदमाशों को हर्ष के पोस्टर और बैनर फाड़ने से रोकने की कोशिश की, जिसके बाद तीन हमलावरों ने उनके सिर पर हमला किया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। तीनों हमलावरों ने हिंदू समुदाय के खिलाफ नारेबाजी भी की और पीड़ित पर पथराव भी किया। घटना की पुष्टि शिवमोगा एसपी ने भी की है, जिन्होंने आरोपित की पहचान करने और उसे पकड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच की है।

इस बीच, प्रकाश नाम के पीड़ित ने कहा कि वह हमलावरों की पहचान नहीं कर सका क्योंकि उन्होंने हमला करते समय मास्क पहन रखा था। उन्होंने यह भी कहा कि हमले के बाद बदमाशों ने आरएसएस विरोधी नारे लगाए। हालाँकि, उन्होंने 26 अक्टूबर को कहा कि वह किसी भी संगठन से जुड़े नहीं है और अचानक आरोपितों ने उन पर हमला कर दिया।

प्रकाश ने 26 अक्टूबर को अस्पताल में कहा, “3 मुस्लिम लड़के आए और मुझ पर पत्थरों और अन्य चीजों से हमला किया और मुझे अन्य बातों के अलावा ‘आरएसएस का गुंडा’ कहा। मैं किसी तरह से वहाँ से भागने में सफल रहा। मैं किसी भी संगठन से संबंधित नहीं हूँ या न ही उनके साथ मेरा कोई पिछला मुद्दा जुड़ा है। 3 लोग अचानक आए और मुझ पर हमला कर दिया।” पुलिस के आला अधिकारी मामले की आगे की जाँच कर रहे हैं। जिला सरकार ने एहतियात के तौर पर सीगेहट्टी, भरमप्पा लेआउट और आसपास के इलाकों में भी सुरक्षा बढ़ा दी है।

स्वस्तिक पर झाड़ू मारने वाले केजरीवाल करेंसी नोटों पर चाहते हैं हिन्दू देवी-देवताओं की तस्वीर: दिवाली पर पटाखे बैन किया, अब डैमेज कंट्रोल?

दिल्ली (Delhi) के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) गुजरात चुनाव को देखते हुए हिंदू विरोधी रुख के कारण अब डैमेज कंट्रोल करने में जुटे हैं। हिंदुओं के पवित्र प्रतीक स्वास्तिक के पीछे दौड़ाते झाड़ू को दौड़ाते हुए फोटो डालने वाले सीएम केजरीवाल दीपावली पर पटाखों पर बैन के कारण निशाने पर हैं। इस गुस्से को देखते हुए उन्होंने भारतीय नोटों पर लक्ष्मी और गणेश जी की तस्वीर लगाने की माँग की है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि नोट के एक तरफ ‘गाँधी जी’ की तस्वीर और दूसरी तरफ ‘लक्ष्मी-गणेश’ की तस्वीर लगाई जानी चाहिए। इससे उनका आशीर्वाद मिलेगा और देश की तरक्की होगी। इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से अपील की और कहा कि वे 130 करोड़ लोगों की ओर से केंद्र सरकार और पीएम मोदी से यह अपील कर रहे हैं।

सीएम केजरीवाल ने डॉलर के मुकाबले रुपए की कमजोर होती स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि कई बार देवी-देवताओं का आशीर्वाद नहीं मिलने से प्रयास सफल नहीं होते हैं। उन्होंने कहा कि नोट पर लक्ष्मी-गणेश जी की तस्वीर लगाने से देश को उनका आशीर्वाद मिलेगा।

हालाँकि, मुस्लिमों की नाराजगी की बात को खारिज करते हुए इंडोनेशिया का उदाहरण दिया। सीएम केजरीवाल ने कहा, “इंडोनेशिया एक मुस्लिम देश है। वहाँ 85 प्रतिशत से ज्यादा मुस्लिम और 2 फीसदी से भी कम हिंदू हैं, फिर भी वहाँ उन्होंने भी अपने नोट पर गणेश जी की तस्वीर छापी है। यह एक बहुत अहम कदम है, जो केंद्र सरकार को उठाना चाहिए।”

इस विचार को लेकर उन्होंने कहा, “मैंने पिछले कुछ दिनों में कई लोगों से बात की, सबने कहा कि बहुत अच्छा आइडिया है और ऐसा होना चाहिए।” उन्होंने कहा कि जब इंडोनेशिया ऐसा कर सकता है तो भारत भी कर सकता है। लक्ष्मी जी को समृद्धि और संपन्नता की देवी माना गया है। इससे देश में संपन्नता और समृद्धि आएगी।

बता दें कि दिल्ली दंगों में एक वर्ग को बचाने की कोशिश का आरोप सीएम केजरीवाल पर लगे थे। इतना ही नहीं, दिवाली में पटाखों की खरीद-बिक्री पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ इसके फोड़ने पर रोक को लेकर हिंदुओं में काफी नाराजगी है।

इसके पहले केजरीवाल हिंदू विरोध को लेकर हिंदू समाज और भाजपा के निशाने पर आते रहे हैं। साल 2019 में ऐसी ही एक तस्वीर उन्होंने साझा की थी, जिसको लेकर बवाल मच गया था। दरअसल, उस तस्वीर में झाड़ू को हिंदुओं के पवित्र प्रतीक स्वस्तिक को खदेड़ते हुए दिखाया गया था। बता दें कि झाड़ू AAP का चुनाव चिह्न है।

माना जा रहा है कि गुजरात चुनाव को देखते हुए AAP और सीएम केजरीवाल अपनी छवि सुधारने की कोशिश कर रहे हैं। इसीलिए वे नोट पर लक्ष्मी जी और गणेश जी की तस्वीर लगाने की बात कर रहे हैं।

‘बच्चों पर की पत्थरबाजी, फेंके बम’: वड़ोदरा में दिवाली की रात हिंसा से पहले बंद कर दी थी स्ट्रीट लाइट्स, प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया – दंगे की थी साजिश

देश में दिवाली के बाद से ही कई जगहों से हिंदुओं पर हमले की खबर सामने आ रही है। गुजरात के वडोदरा से भी दिवाली (24 अक्टूबर, 2022) की रात पटाखा फोड़ रहे बच्चों पर पथराव किया गया और पेट्रोल बम फेंके गए। प्रत्‍यक्षदर्शियों ने उस रात के भयानक मंजर को बयाँ किया है, जिसमें उनका साफ कहना है कि घटना की साजिश पहले से रच ली गई थी।

प्रत्‍यक्षदर्शियों में से एक मह‍िला ने रिपब्लिक टीवी को बताया , “ये बच्चे, वे पटाखे जला रहे थे और अचानक स्ट्रीट लाइट बंद हो गई। एक तरफ से पत्थर और पेट्रोल बम फेंके गए।”

यह पूछे जाने पर की क्‍या हमलावर आपके घर तक आ गए थे, महिला ने कहा, “वे (हमलावर) यहाँ तक ​​आए, ये मेरा घर है। आप दीवारों पर निशान देख सकते हैं। मैं यहाँ अकेली रहती हूँ, लेकिन सौभाग्य से, उस दिन मेरे सभी रिश्तेदार यहाँ थे। वे दौड़ते हुए आए। मुझे बचाने के लिए उन्हें (रिश्तेदारों को) आना पड़ा। 10-15 लोगों ने डेयर‍िंग (हिम्मत) द‍िखाई और उनका विरोध किया। ये उनलोगों की प्‍लानिंग थी। जैसे ही स्‍ट्रीट लाइट बंद हुआ, उन्होंने पथराव चालू कर द‍िया।”

एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी ने आगे बताया, “दो-चार बच्‍चे म्‍यूजिक लगाकर डांस कर रहे थे और कुछ बच्‍चे पटाखे फोड़ रहे थे। फ‍िर उन्होंने एकदम से पेट्रोल बम फेंकना शुरू कर द‍िया। हमलोग को लगा क‍ि यह बम नहीं हो सकता, कुछ और है। फ‍िर हम सभी वहाँ देखने गए तो उनलोगों ने पथराव शुरू कर दिया। उनलोगों ने पूरी तरह से इसकी प्लानिंग की थी। उन्होंने यहाँ लोगों को भड़काने और इसे दंगे में बदलने की योजना बनाई थी। दीवाली के त्योहार में पूरा इलाका पिछले तीन दिनों से भरा हुआ था, जाम लगा हुआ था।”

इस घटना के वायरल हो रहे एक वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पेट्रोल बम पुलिस टीम का नेतृत्व कर रहे DCP यशपाल जगानिया के पैरों के पास गिरा। इस हमले में DCP बाल-बाल बचे। सबसे अधिक हिंसा ‘मुस्लिम मेडिकल सेंटर’ के पास होना बताया जा रहा है। इस इलाके में कई वाहनों में भी आगजनी की भी खबर सामने आई है।

पुलिस के मुताबिक, हिंसा से पहले स्ट्रीट लाइट को साजिशन बंद कर दिया गया था। गिरफ्तार आरोपितों में पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने वाला भी शामिल बताया जा रहा है। उस पर तीसरी मंजिल से पुलिस पर पेट्रोल बम फेंकने का आरोप है। DCP यशपाल जगानिया के अनुसार, “हिंसा में किसी के घायल होने की खबर नहीं है।” पानीगेट थाने के इंस्पेक्टर के के कमवाना के मुताबिक, “विवाद तब शुरू हुआ जब दीवाली को छोड़े गए एक रॉकेट से एक बाईक में आग लग गई थी।” वडोदरा के पुलिस कमिश्नर ने इस हिंसा को गलतफहमी में हुआ विवाद बताया है।

हालाँकि, बाद में पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने में कामयाबी हासिल की और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 19 लोगों को हिरासत में लिया

रेप नहीं कर पाया तो गला दबाया, हड्डियाँ तोड़ी, पैर काटने का प्रयास: जिस नौशाद को हिन्दू परिवार मानता था बेटा, उसने ही घर की बच्ची को मार डाला

उत्तर प्रदेश के बलिया में 14 अक्टूबर 2022 को एक नाबालिग हिन्दू लड़की के साथ रेप का प्रयास हुआ था। आरोप है कि उनके ही मोहल्ले के रहने वाले नौशाद ने बच्ची के साथ रेप में असफल रहने पर उसकी हत्या का प्रयास किया। बताया जा रहा है कि इस दौरान पीड़िता का न सिर्फ गला दबाया गया बल्कि हड्डियों को भी तोड़ कर पैरों को भी काटने का प्रयास किया गया। 21 अक्टूबर को बच्ची की मौत हो गई। पुलिस ने एक मुठभेड़ में बाद आरोपित नौशाद को गिरफ्तार कर लिया। उनके घर पर बुलडोजर भी चलाया गया है। पीड़िता के पिता का कहना है कि उन्होंने नौशाद को अपने बेटे की तरह माना था।

घटना नगरा थानाक्षेत्र के गाँव ताड़ीबड़ा की है। 13 वर्षीया पीड़िता की मेडिकल रिपोर्ट के मुताबिक उनके दोनों हाथों की नसों को काट दिया गया था। चेहरे पर कई थप्पड़ मारे गए। बताया जा रहा है कि ऐसा मृतका द्वारा नौशाद की हरकतों का विरोध करने के बाद हुआ होगा। पीड़िता के पिता ने दैनिक भास्कर को बताया कि आरोपित नौशाद का घर उनके घर से महज 10 मीटर की दूरी पर है। वो नौशाद को अपने बेटे जैसा मानते थे। उन्होंने ये भी कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि नौशाद ने उनकी बेटी के साथ इतनी बर्बरता क्यों दिखाई। उन्होंने ये भी बताया कि नौशाद को उनके घर में फ्री एंट्री थी और आने पर चाय-पानी भी दिया जाता था।

पीड़ित पिता के मुताबिक, उनकी बेटी की आँखों में मरने का डर उन्हें दिखा था। मृतका के परिजनों की माँग है कि आरोपित नौशाद को भी तड़पा-तड़पा कर मारा जाए। एक अन्य वीडियो में स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर संतोष जताते हुए उन्होंने कहा कि जिले के SP ने उनकी मदद की है। इसी के साथ अपनी बेटी के अस्पताल के हालातों के बारे में उन्होंने बताया कि मृतका के पूरे शरीर पर पट्टी बँधी थी। उन्होंने कहा कि पीड़िता ठीक से आँखें भी नहीं खोल पा रही थी और वारदात के बाद वो कुछ बोलने में भी सक्षम नहीं थी।

मृतका अपनी सहेली के साथ मेला देखने गई थी जहाँ आरोप है कि नौशाद उसे घर तक छोड़ने के लिए कह कर साथ ले गया था। बाद में मृतका मेले से 5 किलोमीटर दूर मरणासन्न हालत में एक खेत में मिली थी। सुरक्षा की दृष्टि से गाँव में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।

घटिया खाना, 42 किमी दूर प्रैक्टिस की जगह… सिडनी में टीम इंडिया के साथ भेदभाव: यहीं हुआ था मंकीगेट, कोहली-बुमराह-सिराज के साथ बदतमीजी भी

टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को करारी शिकस्त देने वाली टीम इंडिया (Team India) के साथ भेदभाव का मामला सामने आया है। मेलबर्न से सिडनी पहुँची टीम के खिलाड़ियों को घटिया खाना दिया गया। प्रैक्टिस की जगह होटल से करीब 42 किमी दूर मुहैया कराई गई। इसकी शिकायत आईसीसी से किए जाने की बात कही जा रही है।

भारतीय टीम को गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को नीदरलैंड के खिलाफ सिडनी में मैच खेलना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सिडनी में भारतीय खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के बाद खराब लंच परोसा गया। समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) ने बीसीसीआई (BCCI) के सूत्रों के हवाले से बताया कि टीम इंडिया सिडनी में अभ्यास के बाद दिए जाने वाले खाने से खुश नहीं थी। भारतीय खिलाड़ियों को सिर्फ सैंडविच दिया गया। बीसीसीआई के एक सूत्र ने कहा, “टीम इंडिया को जो खाना दिया गया, वह अच्छा नहीं था। उन्हें सिर्फ सैंडविच दिया गया। आईसीसी से शिकायत की गई है कि सिडनी में अभ्यास सत्र के बाद दिया गया खाना ठंडा था और अच्छा नहीं था।”

हालाँकि, आईसीसी के सूत्र ने कहा है कि सभी टीमों को खाने का मेन्यू पहले ही बता दिया गया था। बीसीसीआई के सूत्र ने यह भी बताया कि टीम इंडिया को उनके होटल से 42 किमी दूर ब्लैकटाउन (सिडनी से सटे छोटा शहर) में प्रैक्टिस करने की जगह दी गई है। मेलबर्न से सिडनी आई टीम इंडिया के लिए अभ्यास के लिए इतनी दूर जाना और आना थका देने वाला होता। लिहाजा टीम ने एक ही दिन का अभ्यास किया।

बता दें कि भारत ने 23 अक्टूबर 2022 को टी-20 वर्ल्ड कप की धमाकेदार शुरुआत की थी। उसने रोमांचक मुकाबले में पाकिस्तान को चार विकेट से हराया था। गुरुवार (27 अक्टूबर 2022) को नीदरलैंड के खिलाफ मैच जीतकर टीम इंडिया सेमीफाइनल की राह आसान करना चाहेगी। भारत के ग्रुप-2 में एक मैच में दो अंक हैं। उसका नेट रनरेट +0.050 है। वह ग्रुप-2 में दूसरे पायदान पर है। बांग्लादेश एक मैच में दो अंक के साथ शीर्ष पर है। उसका नेट रनरेट (+0.450) भारत से ज्यादा है।

वैसे सिडनी में भारतीय टीम के साथ विवाद का सिलसिला भी पुराना है। 2007-2008 में यहीं टेस्ट के दौरान एंड्रयू साइमंड्स और हरभजन सिंह आपस में भिड़ गए थे। इस घटना को मंकीगेट के नाम से जाना जाता है। 2012 में विराट कोहली के साथ अभद्र व्यवहार भी सिडनी में ही हुआ था। इसी तरह 2020-21 के दौरे के दौरान तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज के साथ बदतमीजी हुई थी।

‘एक लड़की को आइटम कहना अपमानजनक है, ऐसे रोड साइड रोमियो को सबक सीखना जरूरी’: मुंबई की अदालत ने अबरार खान को डेढ़ साल की सजा सुनाई

मुंबई (Mumbai) की एक विशेष अदालत ने 25 वर्षीय अबरार खान को एक नाबालिग लड़की को ‘आइटम’ कहने और उसका यौन उत्पीड़न करने का दोषी ठहराते हुए डेढ़ साल की सजा सुनाई है। अदालत ने कहा, “किसी लड़की को आइटम कहना और उसके बाल खींचना भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 354 के तहत दंडनीय अपराध है।”

स्पेशल जज एसजे अंसारी ने कहा, “किसी लड़की को आइटम कहना अपमानजनक है। इस शब्द का इस्तेमाल आमतौर पर रोड साइड रोमियो लड़कियों को परेशान करने के लिए करते हैं। आइटम शब्द महिलाओं को सेक्सुअली ऑब्जेक्टिफाई करता है। यह महिलाओं के सम्मान के खिलाफ है।” जज ने जोर देकर कहा कि महिलाओं की सुरक्षा के लिए ऐसे अपराधों और अनुचित व्यवहार करने वाले रोड साइड रोमियो को सबक सिखाना जरूरी है। इस मामले में दोषी के प्रति कोई उदारता नहीं दिखाई जा सकती।

लाइव लॉ के मुताबिक, यह घटना 14 जुलाई 2015 की है। 16 वर्षीय छात्रा स्कूल से घर लौट रही थी, तभी मामले में दोषी ठहराए गए अबरार ने अपने दोस्तों के साथ उसका पीछा किया और उसके बाल खींचकर उससे पूछा, “क्या आइटम किधर जा रही हो?” फिर कहा, “ऐ आइटम सुन ना।” जब लड़की ने उसके व्यवहार पर आपत्ति जताई और उसे ऐसा न करने के लिए कहा तो वह उसे गालियाँ देने लगा। उसने लड़की से यह तक ​​कह दिया कि वह उसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती।

उसकी हरकतों से परेशान होकर लड़की ने 100 नंबर पर पुलिस को फोन किया। पुलिस के पहुँचने से पहले ही अबरार वहाँ से भाग गया था। उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई, बाद में उसे अग्रिम जमानत मिल गई। बताया जा रहा है कि पीड़िता घटना से ठीक एक महीने पहले मुंबई के साकीनाका इलाके में शिफ्ट हुई थी। उसने पड़ोस में ही रहने वाले दोषी और उसके दोस्तों द्वारा उसका पीछा और छेड़खानी करने का आरोप लगाया था।

वहीं, अबरार के बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि उसके मुवक्किल पर झूठे आरोप लगाकर उसे फँसाया गया है। उन्होंने कहा कि अबरार और उसके दोस्त निर्दोष हैं। उन्हें इस मामले में इसलिए फँसाया गया, क्योंकि लड़की के माता-पिता उनके रिश्ते से नाखुश थे।

इस पर अदालत ने कहा कि पीड़िता और अबरार एक-दूसरे को जानते तक नहीं हैं। उस व्यक्ति ने नाबालिग लड़की के साथ जिस तरह का व्यवहार किया व​ह अनुचित है। जज ने कहा कि उसने जानबूझकर पीड़िता के बाल खींचे और उसे ‘आइटम’ कहकर बुलाया। जज ने अबरार खान को IPC की धारा 354 और पॉक्सो अधिनियम की धारा 12 के तहत दोषी ठहराया है।

माता लक्ष्मी की मूर्ति लेकर आ रहे थे हिंदू, मोहम्मद खालिद ने पत्थर मार तोड़ दिया हाथ: बिहार के औरंगाबाद की घटना

बिहार के औरंगाबाद जिले में मुस्लिम समुदाय के एक व्यक्ति द्वारा माँ लक्ष्मी की मूर्ति तोड़ने का मामला सामने आया है। आरोपित का नाम मोहम्मद खालिद है। आरोप है कि खालिद ने पत्थर फेंके थे जिससे मूर्ति का हाथ टूट गया। घटना के बाद गाँव में तनाव फ़ैल गया। पुलिस ने आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। घटना मंगलवार (25 अक्टूबर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला रफीगंज थानाक्षेत्र के गाँव शैलोपुर का है। पीड़ित बलिराम साव ने मामले की शिकायत पुलिस में दी है। शिकायत के मुताबिक गाँव के कुछ हिन्दू प्रतिमा लेकर आ रहे थे। तभी उसी गाँव के मोहम्मद खालिद ने मूर्ति पर पथराव कर दिया। एक पत्थर मूर्ति पर लगा जिससे माता लक्ष्मी का हाथ टूट गया। घटना के जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुँची और हालात पर काबू पाया।

शिकायत पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने आरोपित मोहम्मद खालिद को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी राम इकबाल यादव के मुताबिक पत्थरबाजी अकेले खालिद ने ही की थी। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में शांति-व्यवस्था कायम है।

तेजी से बढ़ रहीं मूर्तियों पर हमले की घटनाएँ

हिन्दू मंदिरों और मूर्तियों को निशाना बनाने की हाल में कई घटना सामने आई है। 18 अक्टूबर 2022 को मेरठ के एक मंदिर में मौजूद समाधि पर पेशाब के आरोप में पुलिस ने शोएब को गिरफ्तार किया था। अक्टूबर 2022 में ही बरेली के एक मंदिर के दान पात्र से जुबैर को चोरी करते पकड़ा गया था। पकड़े जाने पर उसने मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भी दी थी। इसी माह आगरा में साहिल नाम के मैरिज हॉल के मालिक पर माँस और जूठी हड्डियाँ बगल के दुर्गा मंदिर में फेंकने का केस दर्ज हुआ था।

मार्च 2021 में उत्तर प्रदेश के ही गाजियाबाद में आसिफ को शिवलिंग पर पेशाब करते पकड़ा गया था। जुलाई 2019 में इरशाद उर्फ ईरानी ने UP के ही जहाँगीरबाद में महादेव के मंदिर में शिवलिंग पर पेशाब किया था। प्राचीन शिव मंदिर की पवित्रता को तार-तार करने वाले इरशाद के खिलाफ बजरंग दल के सदस्यों ने पुलिस में शिकायत दर्ज की थी, जिसके बाद बुलंदशहर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया था।