Home Blog Page 2328

‘देश का मिजाज बदल रहा है, मोदी से आगे राहुल गाँधी’: कॉन्ग्रेस ने दिखाया आजतक का ‘फेक सर्वे’, फोटोशॉप पकड़ाते ही ट्वीट किया डिलीट

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी (Rahul Gandhi) लोकप्रियता के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सामने कहीं नहीं टिकते। ऐसे में राहुल को मोदी से आगे दिखाने के लिए कॉन्ग्रेस ने न्यूज चैनल आजतक (Aaj Tak) के एक ऐसे सर्वे का नतीजा ट्वीट कर दिया जो कभी हुआ ही नहीं। जब मीडिया संस्थान ने इसे फेक और फोटोशॉप बताया तो कॉन्ग्रेस ने बिना किसी स्पष्टीकरण के ट्वीट डिलीट कर दिया।

गुरुवार (13 अक्टूबर 2022) को अपने आधिकारिक हैंडल से दिल्ली कॉन्ग्रेस ने यह ट्वीट किया था। ट्वीट में आजतक का लोगो लगा एक स्क्रीनशॉट साझा किया गया था। ‘देश का मिजाज’ शीर्षक के साथ लगे इस स्क्रीनशॉट में राहुल गाँधी को 52 और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 46 प्रतिशत जनता की पसंद बताया गया था। साथ ही दिल्ली कॉन्ग्रेस ने लिखा, “देश का मिजाज बदल रहा है, जुमलेबाजों को अब जनता ने सबक सिखाने का मन बना लिया है।”

फोटो साभार: आज तक

जब आजतक ने पाया कि उसने नाम से कॉन्ग्रेस झूठ परोस रही है तो उसने ट्वीट कर इसे फेक और फोटोशॉप बताया। मीडिया संस्थान ने लिखा, “दिल्ली कॉन्ग्रेस, इस ट्वीट में शेयर की गई जानकारी पूरी तरह से गलत है। यह तस्वीर फोटोशॉप है। आजतक ने ऐसा कोई सर्वे नहीं कराया है। यह पूरी तरह फेक है। हम आशा करते हैं कि आपके जैसे जिम्मेदार राजनीतिक संगठन आजतक के नाम पर गलत खबर वाले इस ट्वीट को तुरंत हटा लेंगे।”

इसके बाद दिल्ली कॉन्ग्रेस ने दुष्प्रचार करने के लिए माफी माँगे बिना ही इस ट्वीट को हटा दिया। जब तक ट्वीट हटाया गया, तब तक इसे 1500 लोग लाइक कर चुके थे और 350 से अधिक बार रीट्वीट किया जा चुका था। आर्काइव से इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स का रिएक्शन भी देखा जा सकता है। यूजर्स पार्टी का जमकर मजाक उड़ा रहे हैं। उमाशंकर गुप्ता नाम के यूजर ने लिखा, “कौन सी भांग पीके पोस्ट शेयर करते हो भाई।” एक और यूजर ने लिखा, “अब आजतक भी कॉन्ग्रेस का मजाक बनाने लगा है।”

फोटो साभार: archive.org

गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है, जब कॉन्ग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र के खिलाफ नरैटिव सेट करने लिए झूठ का सहारा लिया हो। इस साल की शुरुआत (जनवरी 2022) में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के संबोधन के दौरान पीएम मोदी बोलते-बोलते रुक गए थे। इस पर कॉन्ग्रेस पार्टी और राहुल गाँधी ने उन पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि टेलीप्रॉम्पटर रुक जाने की वजह से पीएम मोदी आगे नहीं बोल पाए। जबकि सच्चाई यह थी कि खामी Teleprompter में नहीं आई थी, बल्कि मैनेजिंग टीम ने पीएम से रुककर यह पूछने को कहा था कि सबको उनकी आवाज आ रही है या नहीं।

अमित शाह को लेकर फर्जी पत्र

इसी साल जून में कॉन्ग्रेस नेता नगमा मोरारजी ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को घेरने के लिए एक फर्जी पत्र ट्वीट किया था। कथित पत्र में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भाजपा की पूर्व प्रवक्ता नूपुर शर्मा को जेड सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश देने की बात कही गई थी।

‘मुझे बद्तमीज बोला… मैं कंस की औलादों से नहीं डरता’: रिहा होते ही AAP नेता ने उगला जहर, PM मोदी की माँ को ‘नौटंकीबाज’ कहने वाली Video वायरल

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की अध्यक्ष रेखा शर्मा (Rekha Sharma) ने कहा है कि आम आदमी पार्टी (AAP) के गुजरात (Gujarat) अध्यक्ष गोपाल इटालिया को समन के कारण उन्हें धमकी दी गई। शर्मा ने कहा कि उनकी ऑफिस के बाहर 100-150 समर्थक जमा हो गए और ऑफिस में घुसने की कोशिश की। वहीं, रिहा होते ही गोपाल ने आपत्तिजनक बयान देते हुए कहा कि वे कंस की औलादों से डरने वाले नहीं हैं।

रेखा शर्मा ने कहा, “दोपहर 2 बजे मेरी एक महत्वपूर्ण बैठक थी, लेकिन देर हो गई, क्योंकि मैं बाहर कदम नहीं रख सकती थी। अगर 100-150 लोग आते हैं और मुझे धमकाते हैं तो वे किस तरह के नेता हैं? उन्हें एनसीडब्ल्यू कार्यालय में आना था और केवल कुछ सवालों के जवाब देना था।”

इटालिया पर कार्रवाई को लेकर रेखा शर्मा ने कहा, “उनका (गोपाल इटालिया का) बयान और उनका लिखित बयान मेल नहीं खाता है। उन्होंने उचित जवाब नहीं दिया है। मैंने पुलिस से भी कहा है कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए, क्योंकि वह कानून-व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करने के लिए माहौल बना रहा था।”

बता दें कि आम आदमी पार्टी (Aam Aadami Party) के गुजरात प्रमुख गोपाल इटालिया (Gopal Italia) को गुरुवार (13 अक्टूबर 2022) को दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) की ऑफिस के सामने से हिरासत में ले लिया था। वे NCW की नोटिस मिलने के बाद दिल्ली पहुँचे थे। इसके बाद उन्हें सरिता विहार थाने ले गई, जहाँ तीन घंटे तक पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया।

हिरासत से बाहर आने के बाद गोपाल ने कहा कि वे NCW के ऑफिस पहुँचे तो चेयरमैन ने उन्हें भद्दे तरीके से व्यवहार किया और बदतमीज कहा और कहा कि ‘तुम्हारी क्या औकात है‘। गोपाल ने आरोप लगाया कि चेयरमैन ने उन्हें धमकाते हुए झूठे केस में अंदर डालने की धमकी दी। उन्होंने कहा कि पुलिस थाने में ले जाने के बाद पुलिस ने कहा कि ‘ताकतवर लोगों से क्यों लड़ रहे हो। इन सब चीजों में मत पड़ो’।

गोपाल इटालिया ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा, “मैं गोपाल हूँ और ये कंस की औलाद हैं। मैं इनसे डरने वाला नहीं हूँ।” गौरतलब है कि गोपाल इटालिया ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) नौटंकीबाज बताया था। इसके साथ ही उन्होंने पीएम के लिए ‘नीच’ जैसे आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था। यह वीडियो वायरल हो गया। एक अन्य वीडियो में उन्होंने मंदिरों को शोषण का घर बताया था। राष्ट्रीय महिला आयोग ने वीडियो का संज्ञान लिया था।

‘अल्लाह के कहने पर लड़कियाँ पहनती हैं हिजाब’ : कर्नाटक बुर्का विवाद पर बोले ओवैसी, सिंदूर-मंगलसूत्र से की तुलना

कर्नाटक हिजाब विवाद के ऊपर सुप्रीम कोर्ट में जजों द्वारा बँटा फैसला दिए जाने के बाद AIMIM अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने इस पर प्रतिक्रिया दी है। ओवैसी ने कहा है कि उनके हिसाब से हाईकोर्ट का निर्णय कानूनी दृष्टि से गलत था। उसमें कानून में कही बातों और उसके अनुवादों का दुरुपयोग हुआ। ओवैसी के अनुसार कर्नाटक की लड़कियाँ हिजाब इसलिए पहन रही हैं क्योंकि अल्लाह ने उन्हें ऐसा करने को कहा है।

ओवैसी ने कहा कि वो हिजाब मामले पर सुप्रीम कोर्ट से अपेक्षा कर रहे थे कि वो एकमत होकर फैसला दें। जस्टिस धुलिया ने कहा कि चॉइस बहुत बड़ी चीज होती है और इसका सम्मान होना चाहिए। उन्होंने अनुच्छेद 14 और 19 का जिक्र करते हुए अपना फैसला दिया है।

ओवैसी ने आरोप लगाया कि इसे भाजपा ने बेवजह मुद्दा बनाया। यह तो लड़कियों की इच्छा का मामला है। ओवैसी ने एक टीवी चैनल पर हिजाब को सही ठहराने के लिए उसकी तुलना पगड़ी, सिंदूर और मंगलसूत्र से भी की। उन्होंने कहा, “यदि आप यूनिफॉर्म में एक सिख लड़के को पगड़ी की इजाजत देते हैं और हिंदू लड़की को सिंदूर लगाने और मंगलसूत्र की छूट देते हैं, लेकिन मुस्लिम लड़कियों को हिजाब की परमिशन नहीं मिलती है तो यह भेदभाव है।”

‘मुलायम सिंह यादव को दो भारत रत्न का सम्मान’ : सपा विधायक इकबाल महमूद ने उठाई माँग, कहा- लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे का नाम भी ‘नेताजी’ करो

समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव (Mulayam Singh Yadav) के निधन के बाद उनके लिए भारत रत्न (Bharat Ratna) की माँग उठी है। यह माँग सपा के संभल से विधायक नवाब इकबाल महमूद ने की है।

सपा विधायक महमूद ने कहा कि मुलायम सिंह यादव देश के नेता थे। हर दल के नेता उनका सम्मान करते थे और अब भी करते हैं। उन्होंने सबको जोड़ने का काम किया। ऐसी शख्सियत को ‘भारत रत्न’ मिलना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) से इस विचार करने के लिए कहा।

इसके पहले समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आईपी सिंह ने बुधवार (12 अक्टूबर 2022) को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को पत्र लिखकर नेताजी के नाम से विख्यात मुलायम सिंह को भारत रत्न से सम्मानित करने की माँग की। आईपी सिंह ने अपने पत्र में कहा कि ‘धरती पुत्र’ मुलायम सिंह भारत रत्न की शोभा बढ़ाएँगे।

आईपी सिंह ने अपने पत्र में आगे लिखा कि मुलायम को भारत रत्न देने से हर उस इंसान को साहस मिलेगा, जो शोषण के खिलाफ आवाज उठाना चाहता है। उन्होंने कभी अपनी जमीन नहीं छोड़ी और आजीवन गरीबों के कल्याण की राजनीति करते रहे।

उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे का नाम भी मुलायम सिंह के नाम पर करने की माँग की। उन्होंने कहा कि नेताजी के नाम पर इस एक्सप्रेस-वे का नाम ‘धरतीपुत्र मुलायम सिंह यादव’ रखने का अनुरोध किया है।

यह पहली बार नहीं है, जब मुलायम सिंह यादव के लिए भारत रत्न देने की माँग की गई हो। साल 2020 में सपा नेता दीपक मिश्रा ने इस मामले को जोरदार तरीके से उठाया था और करीब 10,000 लोगों के हस्ताक्षर का अभियान चला था। उन्होंने तीन बार मुख्यमंत्री और केंद्र में रक्षा मंत्री रहे मुलायम सिंह यादव को भारत रत्न का असली हकदार बताया था।

35 साल का सिकंदर खान छोटी बच्चियों के सामने करता था अश्लील हरकतें, स्कूल तक पीछे आता था: टीचर की शिकायत के बाद मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया

मुंबई में स्कूल लड़कियों के सामने अश्लील हरकत करने वाले टैक्सी ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि ड्राइवर स्कूलों के नजदीक जाकर बच्चियों को देख गंदी हरकत करता था, उनसे बद्तमीजी करता था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने उसे पकड़ लिया है। उसकी पहचान सिकंदर खान के तौर पर हुई है।

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक मुंबई पुलिस ने बताया कि शहर की कुलाबा पुलिस ने 35 साल के टैक्सी ड्राइवर सिकंदर खान को छात्राओं के सामने भद्दी हरकत करने के आरोप में पकड़ा है। उसके खिलाफ स्कूल की टीचर ने शिकायत दी थी। टीचर को इस संबंध में तब पता चला था जब पाँचवीं क्लास की बच्चियों ने आकर उन्हें इन सबके बारे में बताया।

बच्चियों के साथ स्कूल के बाहर होती घिनौनी हरकतों के बारे में पता चलने के बाद टीचर ने कुलाबा पुलिस को इस संबंध में जानकारी दी। बाद में पुलिस ने टैक्सी का नंबर पता लगाया और उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 354, 509 और पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के तहत केस दर्ज किया। इसके बाद उसको गिरफ्तार किया गया।

अब पुलिस केस में आगे की जाँच कर रही है। सामने आई जानकारी के मुताबिक गिरफ्तार आरोपित हर दिन कुलाबा इलाके के आसपास स्कूली बच्चियों को देखकर गंदी हरकतें करता था, इसके साथ ही बच्चियों का पीछा हर दिन करता था। छात्राएँ उससे काफी परेशान थीं

‘कॉन्ग्रेस MLA ने बार-बार किया मेरा उत्पीड़न’: केरल की महिला स्कूल टीचर का आरोप, कहा- मामला रफा-दफा करने के लिए ₹30 लाख की पेशकश और धमकी दी गई

केरल के पेराम्बवूर (Perambvoor, Kerala) की एक महिला ने कॉन्ग्रेस विधायक एलधोस कुन्नापिल्ली (Eldhose Kunnappilly) पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत की है। पीड़िता का कहना है कि विधायक ने मामले को रफा-दफा करने के लिए 30 लाख रुपए की भी पेशकश की। महिला ने पुलिस पर कार्रवाई में देरी करने का भी आरोप लगाया।

पीड़िता ने इस संबंध में मीडिया से बात की और इस दौरान कॉन्ग्रेस विधायक का ऑडियो रिकॉर्डिंग भी सुनाया, जिसमें विधायक महिला के बारे में बोल रहे हैं। महिला ने बताया कि घटना 14 सितंबर की है। विधायक शराब के नशे में तिरुवनंतपुरम स्थित उसके आए और साथ देने के लिए कहा। जब उसने मना किया तो उसे बुरी तरह से पीटा गया और उसे विधायक के साथ जाने के लिए मजबूर किया गया।

स्कूल टीचर पीड़िता ने अपनी शिकायत में कहा है कि कार में ले जाने के दौरान भी पेराम्बवूर से कॉन्ग्रेस विधायक कुन्नापिल्ली ने उसे मारा। जब लोगों ने ऐसा करते देखा तो पुलिस को सूचित किया। पुलिस आई तो विधायक ने कहा कि महिला उसकी पत्नी है और वह उसे लेकर चला गया। महिला का कहना है कि पिटाई के बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।

कॉन्ग्रेस विधायक से महिला की जान-पहचान साल 2016 के चुनाव से एक साल पहले हुई थी। वह अपने एक दोस्त के जरिए विधायक से मिली थी। पीड़िता की दोस्त विधायक के यहाँ नौकरी करती थी। महिला ने बताया कि इस जुलाई से विधायक के साथ उसकी नजदीकी बढ़ी थी। उसके बाद विधायक उसे कई जगह अपने साथ ले गया और उसे प्रताड़ित किया।

यौन शोषण के सवाल पर महिला ने मीडिया के सामने कुछ नहीं बोला और कहा कि उसने कोर्ट के सामने धारा 164 के तहत अपने बयान में सारी जानकारी दर्ज करा दी है। पीड़िता ने कहा कि घटना के बाद उसने FIR दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन मामला MLA का होने की वजह से शिकायत दर्ज नहीं की गई। इस पुलिस कमिश्नर से लेकर अन्य थानों तक दौड़ाया जाता रहा।

महिला ने आरोप लगाया कि विधायक ने एक बार फिर 9 अक्टूबर 2022 को उसके साथ मारपीट की। इसके बाद वह कन्याकुमारी चली गई और आत्महत्या की कोशिश करने लगी। इसी दौरान उसके दोस्त ने गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने उसे खोज निकाला और उसने पुलिस को इसके बारे में जानकारी दी।

महिला का कहना है कि मामला जब सार्वजनिक हुआ तो सोशल मीडिया पर उसके खिलाफ आपत्तिजनक बातें कही जाने लगी। उसने कहा कि यहाँ तक कि कोवलम के CI ने उसकी पहचान और पता का भी खुलासा कर दिया। महिला का कहना है कि विधायक के खिलाफ कहने के लिए उसके पास बहुत कुछ है और उसे कोर्ट के सामने बताएगी।

महिला का आरोप है कि उसे कॉन्ग्रेस पार्टी पर बिल्कुल भी भरोसा नहीं है कि वह कॉन्ग्रेस विधायक एलधोस कुन्नापिल्ली के खिलाफ कोई कार्रवाई करेगी। महिला ने आरोप लगाया कि दोनों ही एक-दूसरे को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। महिला का कहना है कि वह अकेली है और उसके लिए लड़ने वाला कोई नहीं है।

PM मोदी को ‘नीच’ कहने वाले गुजरात के AAP अध्यक्ष 3 घंटे में रिहा, केजरीवाल ने खुशी मनाई: कहा- दबाव बना, तब पुलिस ने छोड़ा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘नीच’ कहने वाले गुजरात के आम आदमी पार्टी अध्यक्ष गोपाल इटालिया हिरासत में लिए जाने के मात्र 3 घंटे बाद रिहा कर दिए गए हैं। जानकारी के मुताबिक आप नेता को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद उन्हें सरिता विहार स्टेशन ले जाया गया था। हालाँकि अब खबर है कि उन्हें छोड़ दिया गया है।

अरविंद केजरीवाल ने इस संबंध में ट्वीट भी किया। उन्होंने लिखा- गुजरात के लोगों के भारी दबाव के चलते इन्हें गोपाल इटालिया को छोड़ना पड़ा। गुजरात के लोगों की जीत हुई।

बता दें कि गोपाल इटालिया ने पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर हिंदू धर्म के बारे में बहुत अभद्र बातें की थीं। उनकी एक वीडियो वायरल होने के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग ने उस पर संज्ञान लिया था और उन्हें दिल्ली पूछताछ के लिए बुलाया गया था।

हालाँकि इटालिया जैसे ही महिला आयोग के दफ्तर से निकले पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद आम आदमी पार्टी ने दावा किया है कि इटालिया को जेल में डाला गया है। लेकिन सच ये था कि पुलिस ने केवल उन्हें बस हिरासत में लिया था।

दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने से पहले गोपाल इटालिया ने ट्वीट कर NCW पर धमकाने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा, “राष्ट्रीय महिला आयोग की चीफ़ मुझे जेल में डालने की धमकी दे रही है। मोदी सरकार पटेल समाज को जेल के सिवा दे ही क्या सकती है। बीजेपी पाटीदार समाज से नफ़रत करती है। मैं सरदार पटेल का वंशज हूँ। तुम्हारी जेलों से नहीं डरता। डाल दो मुझे जेल में। इन्होंने पुलिस को भी बुला लिया है। मुझे धमका रहे है।”

वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष ने जानकारी दी थी कि कैसे गोपाल इटालिया ऑफिस को पूछताछ के लिए तलब करने के बाद आप पार्टी के कार्यकर्ता उनको धमकी दे रहे हैं और जबरन ऑफिस में घुसने की भी कोशिश की जा रही है।

हिजाब ही तो पहनना है… लोकतंत्र में ज्यादा माँग लिया क्या: बुर्का विवाद पर SC के जस्टिस धुलिया, कहा- उन्हें रोकना, मतलब निजता पर आक्रमण

हिजाब विवाद के ऊपर सुप्रीम कोर्ट में दो अलग फैसले आए हैं। जस्टिस हेमंत गुप्ता ने जहाँ कहा कि हिजाब इस्लाम में अनिवार्य नहीं इसलिए कर्नाटक हाईकोर्ट का फैसला सही है। वहीं जस्टिस सुधांशु धुलिया ने कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले पर सवाल खड़ा किया। जस्टिस धुलिया ने कहा कि आखिर लड़कियाँ लोकतंत्र में कहाँ कुछ ज्यादा माँग रही हैं, उन्हें सिर्फ हिजाब ही तो पहनना है, क्या ये अधिकार उन्हें नहीं दिया जा सकता।

फैसला सुनाते हुए जस्टिस धुलिया ने कहा कि स्कूल गेट पर हिजाब उतरवाना छात्राओं की निजता और सम्मान का हनन है। ऐसा करवाना मतलब अनुच्छेद 19(1) और 21 का उल्लंघन करना है। उन्हें अधिकार है कि वो अपने सम्मान और निजता को साथ रखें, चाहे फिर वो स्कूल के बाहर हों या फिर क्लासरूम के अंदर।

जस्टिस धुलिया हिजाब के पक्ष में बोलते हुए स्कूल प्रशासन और राज्य से पूछते हैं कि आखिर उन लोगों के लिए लड़कियों की शिक्षा जरूरी है या फिर ड्रेस कोड को लागू करवाना जरूरी है। जस्टिस धुलिया कहते हैं कि हर याचिकाकर्ता चाहता है कि मुस्लिम लड़कियाँ हिजाब पहनें क्या उन्होंने आपसे लोकतंत्र में कुछ ज्यादा माँग लिया है। ये सार्वजनिक व्यवस्था, नैतिकता और स्वास्थ्य के विरुद्ध कैसे हो गया? या ये शालीनता और संविधान के भाग 3 के किसी प्रावधान के विरुद्ध कैसे है।

जस्टिस धुलिया ने कहा कि लड़की का अधिकार है कि वो घर-बाहर कहीं भी हिजाब पहनें और ये अधिकार स्कूल गेट के बाहर खत्म नहीं हो जाए। लड़की की इज्जत और निजता स्कूल के गेट के बाहर भी उसके साथ होती है और क्लासरूम में भी। ये उसके मौलिक अधिकार हैं। ये कहना कि ये अधिकार क्लासरूम में आकर बदल जाते हैं बिलकुल गलत है।

सुनवाई के दौरान वह बोले कि लड़कियों से स्कूल के बाहर ही हिजाब उतरवा लेना पहले उनकी निजता पर आक्रमण है, फिर उनके सम्मान पर हमला है और फिर उनको धर्मनिरपेक्ष शिक्षा से वंचित रखने जैसा है।

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में हिजाब मुद्दे पर जहाँ जस्टिस सुधांशु धुलिया की यह राय रही। वहीं जस्टिस हेमंत गुप्ता ने ने माना कि हिजाब पहनना इस्लाम मजहब का अनिवार्य हिस्सा नहीं है और राज्य सरकार का आदेश शिक्षा तक पहुँच की भावना के लिहाज से सही है। उन्होंने कर्नाटक हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के उस आदेश को सही ठहराया, जिसमें स्कूल-कॉलेज के प्रबंधनों को यूनिफॉर्म के रूप में हिजाब को बैन करने का अधिकार मिल गया था।

मुस्लिम लड़कियाँ इसी फैसले के  खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुँची थीं। कोर्ट ने इस मामले में 10 दिन सुनवाई करने के बाद 22 सितंबर को ऑर्डर रिजर्व रख लिया था और आज इस पर बँटा हुआ फैसला दिया। अब इस केस में अंतिम निर्णय सीजेआई करेंगे।

पाकिस्तान में बंदूक की नोंक पर सिख लड़के के साथ 3 मुस्लिमों ने किया गैंगरेप, तीनों पुलिस की पहुँच से दूर: वीडियो बना कर पिता को ब्लैकमेल भी किया

पाकिस्तान के सिंध स्थित जकोबाबाद में एक 13 साल के सिख लड़के से 3 मुस्लिमों ने बलात्कार किया। पुलिस ने दो आरोपितों को पकड़ा, लेकिन वो सिविल लाइन्स थाने से भाग निकले। आरोपितों ने लड़के को मोटरसाइकिल दिलाने का लालच दिया था। इसी बहाने वो उसे लेकर स्थानीय PTCL (पाकिस्तान टेलीकम्युनिकेशंस लिमिटेड) के टेलीफोन एक्सचेंज ऑफिस लेकर गए, जहाँ उसके साथ सामूहिक अप्राकृतिक बलात्कार किया गया।

पाकिस्तान का सिंध वो प्रान्त है, जहाँ हिन्दुओं और सिखों के जबरन धर्मांतरण और अल्पसंख्यक लड़कियों के अपहरण की घटनाएँ आम हो गई हैं। थार, उमेरकोट, मीरपुर खास, घोटकी और खैरपुर जैसे क्षेत्रों में हिन्दुओं की ठीक-ठाक जनसंख्या है, लेकिन वो पीड़ित हैं। जुलाई 2019 में सिंध की विधानसभा में हिन्दू लड़कियों के धर्मांतरण को लेकर प्रस्ताव भी आया था। जबरन धर्मांतरण को अपराध बताने वाला बिल विधानसभा से कई बार नकारा जा चुका है।

ताज़ा मामले में आरोपितों की पहचान मोहसिन जमैल और सिद्दीर के रूप में हुई है। एक अन्य अज्ञात है। इन तीनों ने मिल कर बंदूक की नोंक पर सिख लड़के का गैंगरेप किया। इस मामले की FIR तो दर्ज कर ली गई है, लेकिन तीनों ही आरोपित पुलिस की पहुँच से दूर हैं। आरोपितों ने गैंगरेप का वीडियो बना कर पीड़ित के पिता को ब्लैकमेल भी किया। अस्पताल में लड़के का इलाज चल रहा है। पुलिस मामले की जाँच करने की बात कह रही है।

पाकिस्तान में इस तरह का ये पहला मामला नहीं है। नवंबर 2021 में सिंध में ही 11 साल के हिन्दू लड़के का उत्पीड़न किया गया था और फिर उसकी हत्या कर दी गई थी। जब 5वीं के उक्त छात्र परिवार गुरु नानक देव के प्रकाश पर्व में व्यस्त था, तब उसका अपहरण कर लिया गया था। घर से कुछ दूरी पर कुछ घंटे बाद उसका शव बरामद हुआ। गला दबा कर उसकी हत्या की गई थी। सिंध में बाढ़ के बावजूद भी हिन्दू लड़कियों पर अत्याचार नहीं रुक रहा है।

हिमाचल को वंदे भारत और दो हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट की सौगात: PM मोदी ने कहा- पहले की सरकारें राजनीतिक लाभ देख विकास का फैसला लेती थी, BJP सबसे अलग

आगामी कुछ महीनों में विधानसभा चुनाव (Assembly Election) से गुजरने वाले हिमाचल प्रदेश (Himachal Pradesh) के ऊना और चंबा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने लोगों को संबोधित किया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन, हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, बल्क ड्रग पार्क, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना आदि की सौगात दी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊना के इंदिरा स्टेडियम में आयोजित रैली में दिल्ली की पूर्व की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पूर्व की इन्हीं सरकारों के कारण हिमाचल प्रदेश विकास के मामले में अब तक पीछे रहा।

उन्‍होंने कहा कि पहले की सरकारों ने पहाड़ के लोगों की पीड़ा नहीं समझी। देश में कुछ सरकारें ऐसी रहीं, जिन्होंने आम लोगों के लिए सब सुविधाओं को मुश्किल बना दिया। हिमाचल की माताओं और बहनों को इसे बहुत करीब से देखा है। सड़क के अभाव में अस्पताल जाना मुश्किल होता था। बुजुर्ग अस्‍पताल नहीं पहुँच पाते थे।

पीएम मोदी ने कहा, “पहले हिमाचल की संसद में कितनी सीटें हैं, इसको देखकर यहाँ के विकास को आँका जाता था। राजनीतिक लाभ देखकर सुविधाएँ दी जाती थीं। अब यह धारणा पूरी तरह से बदल दी गई है। हम आदिवासी क्षेत्रों और पहाड़ी इलाकों के विकास पर ज्यादा जोर दे रहे हैं।”

कॉन्ग्रेस (Congress) पार्टी के हाईकमान कल्चर पर वार करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “मेरा हाईकमान जनता है। जनता के आशीर्वाद से ही मैं यहाँ पर हूँ और उनके लिए काम कर रहा हूँ। इस बार हिमाचल में रिवाज बदलेगा और इतिहास बनेगा।”

चंबा में बोलते हुए उन्होंने भाजपा की सरकार को अन्य सरकारों से अलग बताया। पीएम मोदी ने कहा कि भाजपा की सरकार डबल इंजन की सरकार है। यह एक ऐसी सरकार है, जो अपनी संस्कृति, विरासत और आस्था का सम्मान करती है। उन्होंने कहा कि चंबा सहित पूरा हिमाचल आस्था और विरासत की भूमि है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वंदे भारत एक्‍सप्रेस ट्रेन शुरू होने से शक्‍त‍िपीठों और अन्‍य धार्मिक स्‍थलों के साथ देश के साथ कनेक्टिविटी सुगम हो जाएगी। चिंतापूर्णी माता, नयना देवी, ज्वालाजी देवी, कांगड़ा देवी और आनंदपुर साहिब आना-जाना आसान हो जाएगा।

प्रधानमंत्री ने चंबा में दो हाइड्रोपावर परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। इसमें एक 48 मेगावाट की चंजू-III हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट और 30 मेगावाट की देवथल चंजू हाइड्रो-इलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट शामिल है। अधिकारियों के अनुसार, इन दोनों परियोजनाओं से सालाना 27 करोड़ यूनिट बिजली का उत्पादन होगा। हिमाचल प्रदेश को इन परियोजनाओं से सालाना करीब 110 करोड़ रुपए का राजस्व मिलने की संभावना है।