गुजरात में आम आदमी पार्टी का विरोध करने के लिए काले होर्डिंग लगाए गए हैं। इसमें अरविंद केजरीवाल इस्लामी टोपी पहने हुए हैं। होर्डिंग में लिखा है- “मैं ब्रह्मा, विष्णु, महेश, राम और कृष्ण को भगवान नहीं मनता।”
केजरीवाल के अन्य पोस्टर को रोड किनारे रखे देखा जा सकता है। इसमें भी अरविंद केजरीवाल मुस्लिम वेशभूषा में हैं। होर्डिंग में लिखा, “मैं हिंदू धर्म को पागलपना मानता हूँ और यही शब्द आम आदमी पार्टी के हैं।”
गुजरात में आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ काले होर्डिंग लगाये गये हैं, इन हॉर्डिंग्स पर केजरीवाल को मुस्लिम वेश में दिखाया गया है, और लिखा है “मैं हिंदू धर्म को पागलपन मानता हूँ”, साथ ही लिखा है “मैं ब्रह्म, विष्णु, महेश और राम और कृष्ण को ईश्वर नहीं मानता हूँ” #RajendraPalGautampic.twitter.com/ffV4jv1FtG
बता दें कि गुजरात में ये काले होर्डिंग ऐसे समय में सामने आए हैं जब दिल्ली मुख्यमंत्री पंजाब सीएम भगवंत मान के साथ दो दिन के लिए गुजरात दौरे पर हैं। उनका ऐसा विरोध और ऐसे पोस्टर आम आदमी पार्टी के विधायक राजेंद्र पाल गौतम द्वारा हिंदू विरोधी शपथ लेने के बाद सामने आया है।
राजेंद्र पाल गौतम ने झंडेवालान के डॉ बी आर अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। यहाँ 10 हजार के करीब हिंदुओं को बौद्ध धर्म में परिवर्तित किया गया था। इस दौरान शपथ में कहा गया- “मैं ब्रह्मा, विष्णु और महेश में विश्वास नहीं करूँगा और न ही उनकी पूजा करूँगा। मेरी आस्था राम और कृष्ण में भी नहीं होगी जिन्हें भगवान माना जाता है और जिनकी पूजा होती है।”
वीडियो में देखने को मिला था कि ऐसी शपथ आप नेता ने भी ली थी और इसकी वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा हुई थी। इसके बाद भाजपा नेता आदेश गुप्ता ने थाने में अरविंद केजरिवाल और उनके नेता के विरुद्ध शिकायत देते हुए कहा था कि ऐसी हरकत से सिर्फ दंगा भड़काने का प्रयास हो रहा है।
चकाचौंध की दुनिया में कई बार कड़ी मेहनत के बाद भी सफलता का स्वाद सबको नसीब नहीं होता। ऐसे में कलाकार या तो दूसरा प्रोफेशन अपना लेते हैं या फिर मजहब की ओर मुड़ जाते हैं। लंबे समय से इंडस्ट्री से दूर रहने के बाद पाकिस्तान के एक गायक द्वारा गायन की दुनिया को छोड़ मजहबी काम करने की घोषणा के बाद अब भोजपुरी फिल्म इंडस्ट्री से भी ऐसी ही एक खबर आई है। इसके पहले जायरा वसीम और सना खान जैसी बॉलीवुड अभिनेत्रियाँ भी इंडस्ट्री को अलविदा कह चुकी हैं।
भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री सहर अफशा (Sahar Afsha) ने इंडस्ट्री छोड़ दी है। सहर ने सोशल मीडिया इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी और कहा कि फिल्म इंडस्ट्री से अब उनका कोई ताल्लुक नहीं है और वे अब ‘अल्लाह की राह में इबादत’ करेंगी।
अपने इंस्टाग्राम में उन्होंने लिखा, “मैं अगली जिंदगी इस्लामी तालीमात (इस्लामी शिक्षा) और अल्लाह के अल्हम के मुताबिक गुजारने का इरादा रखती हूँ। मैं अपनी गुजिश्ता जिंदगी से तौबा करती हूँ। अल्लाह से तौबा करती हूँ। अल्लाह से माफी की तलबगार हूँ।”
सहर अफशा ने आगे लिखा, “मैं इत्तेफाक से इस इंडस्ट्री में आ गई थी, पर अब सब खत्म करने का इरादा कर लिया है। अगली जिंदगी इंशाअल्लाह अल्लाह के हुकुम के मुताबिक बिताने का इरादा है।” सहर ने अपने लिए लोगों से दुआ करने की भी गुजारिश की।
सहर के पोस्ट पर सना खान ने खुशी जताई है। बता दें कि भोजपुरी सिनेमा के सुपरस्टार पवन सिंह (Superstar Pawan Singh) समेत खेसारीलाल यादव (Khesarlal Yadav) एवं अन्य कलाकारों के साथ काम कर चुकी हैं। इंस्टाग्राम पर उनके 2.60 लाख फॉलोवर हैं।
उधर, 6 अक्टूबर को पाकिस्तानी गायक अब्दुल्ला कुरैशी (Abdullah Qureshi) ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट डालकर कहा कि उन्होंने इस्लाम के लिए संगीत की दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि वह अब से केवल वही काम करेंगे जो उनके मजहबी मूल्यों के अनुरूप हो।
अब्दुल्ला कुरैशी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “मुझे पता है कि मैं लंबे समय से खोया हुआ हूँ। लोग यह जानने के लिए मुझे लगातार मैसेज कर रहे हैं कि मैं कहाँ हूँ। मैं ब्रेक पर था, थोड़ी देर के लिए पॉज़ बटन दबाया और यह जानने की कोशिश कर रहा था कि मैं क्या था, मैं कहाँ जा रहा हूँ और मैं क्या बनना चाहता हूँ।”
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में यह भी लिखा, “अल्हम्दुलिल्लाह, मैं अपने इस फैसले से संतुष्ट हूँ और अब वास्तविक सच्चाई की तलाश में हूँ। मैं दुआ करता हूँ कि अल्लाह मेरे लिए इस नई यात्रा को आसान बना दे।” उन्होंने यह भी कहा कि अब वह केवल उन कार्यक्रमों का हिस्सा होंगे जिनमें ‘मजहब’ को बढ़ावा दिया जा रहा होगा।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने पुराने ‘अनन्य’ सहयोगी और चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर पर निशाना साधा है। नीतीश कुमार ने कहा है कि प्रशांत किशोर वही व्यक्ति हैं जिन्होंने जेडीयू (जनता दल यूनाइटेड) को कॉन्ग्रेस में विलय करने की सलाह दी थी। वह कुछ भी बोलते रहते हैं उन्हें बोलने दीजिए।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि पर जेपी गोलंबर पहुंचे थे। जहाँ, उनसे पत्रकारों ने उनसे पूछा कि प्रशांत किशोर ने कहा है कि उन्हें पद का ऑफर दिया गया था। जिसके जवाब में उन्होंने कहा कि उन्हें (प्रशांत किशोर को) जो कुछ भी बोलना है, बोलें। हमें उनसे कोई लेना-देना नहीं है।
नीतीश कुमार ने प्रशांत किशोर (पीके) को लेकर कहा है, “आजकल बीजेपी में गए हैं तो उनके हिसाब से कर रहे हैं। इन लोगों का कोई ठिकाना नहीं है। वह मेरे घर में रहते थे, अब जो चाहे वह बोलते रहते हैं। हमने उनको नहीं बुलाया था बल्कि वो खुद मिलने आए थे। क्या-क्या बात बात हुई थी हमारे बीच, इस पर हम कुछ नहीं बोलेंगे। उनको बोलने दीजिए जो कुछ बोलना है। उनको राजनीति से क्या मतलब है, इसलिए उन्हें बोलने दीजिए।”
#WATCH | When asked about Prashant Kishor’s claim that Nitish Kumar offered him a post recently, Bihar CM says, “It’s false. Let him speak whatever he wants,we’ve nothing to do with it.4-5 yrs back he had told me to merge with Congress.He has gone to BJP & is acting as per it…” pic.twitter.com/5YUzAT6kv8
उन्होंने पीके पर आरोप लगाते हुए कहा, “हम लोगों को उससे कोई लेना-देना नहीं है। एक बार वह (पीके) हमसे कह रहे थे कि अपनी पार्टी को कॉन्ग्रेस में मर्ज कर लीजिए। आप ही बताइए, हम कॉन्ग्रेस में क्यों मर्ज करेंगे। ये आज से करीब 4-5 साल पहले की बात है।”
बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि प्रशांत किशोर अब बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं। जब वो आरजेडी और जेडीयू का विरोध कर रहे हैं तो इसका मतलब तो यही हुआ कि वो बीजेपी के लिए काम कर रहे हैं।
दरअसल, प्रशांत किशोर ने बुधवार (5 अक्टूबर, 2022) को अपनी ‘जन-सुराज’ यात्रा के दौरान दावा किया करते हुए कहा था कि नीतीश कुमार ने उन्हें पद का ऑफर किया है। उन्होंने कहा था, “जब मैं कुछ दिन पहले नीतीश कुमार से मिला तो उन्होंने मुझसे फिर से जेडीयू में शामिल होने और साथ काम करने के लिए कहा था। साथ ही यह भी कहा कि आप मेरे राजनीतिक उत्तराधिकारी हैं।”
उन्होंने यह भी कहा था कि सीएम नीतीश कमार ने उन्हें अपना कैंपेन वापस लेने के लिए कहा। लेकिन, उन्होंने नीतीश कुमार से स्पष्ट रूप से कहा कि वह उनके साथ काम नहीं करेंगे, भले ही वह (नीतीश कुमार) उन्हें अपना राजनीतिक उत्तराधिकारी बना दें या उनके लिए सीएम की कुर्सी छोड़ दें।
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुजुर्ग भाजपा कार्यकर्ताओं के पाँव धोए, जिसका वीडियो वायरल होने के बाद लोग उनकी तारीफ़ कर रहे हैं। उन्होंने शनिवार (8 अक्टूबर, 2022) को इसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। सीएम सरमा ने कहा कि ये भाजपा की परंपरा है कि वरिष्ठों के प्रति सम्मान का भाव रखा जाए। वीडियो में देखा जा सकता है कि सीएम हिमंता वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं के पाँव धो कर कपड़े से पोंछ रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने असम के सबसे बड़े शहर गुवाहाटी के खानपारा स्थित वेटेनरी स्टेडियम में जनसभा को संबोधित भी किया। उन्होंने ‘ कार्यकर्ता सम्मेलन’ में भाजपा के जमीनी कार्यकर्ताओं को धन्यवाद दिया और उनकी हौसलाअफजाई की। इससे पहले केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने गुवाहाटी के बशिष्ठ में ‘अटल बिहारी वाजपेयी भवन’ का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि असम और अन्य राज्यों में इससे भाजपा के विकास की गति बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “बड़ों के प्रति सम्मान का प्रदर्शन करना भारतीय संस्कृति के स्वभाव में है। साथ ही ये हमारी पार्टी की परंपरा का भी एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। मुझे हमारे वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ताओं के पाँव धोने का सौभाग्य प्राप्त हुआ, जिनके असीम योगदानों ने हमारी पार्टी को शुरुआती दौर में असम में मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।” गुवाहाटी में भाजपा के नए राज्य मुख्यालय के उद्घाटन से कार्यकर्ता भी उत्साह में दिखे।
Showing respect to the seniors, an ethos of Indian culture, is a cornerstone of our party’s tradition.
Honoured to have washed the feet of our respected senior BJP functionaries whose immense contributions helped strengthen our party’s base in the early phase in Assam. pic.twitter.com/dKGXvZPASy
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने असम को बाढ़ मुक्त बनाने की रणनीति पर चर्चा के लिए नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक की। असम में हर साल की भाँति इस वर्ष भी भीषण बाढ़ ने लोगों को परेशान किया है। अमित शाह ने असम सरकार से कहा है कि वो जल्द ही एक एक्शन प्लान तैयार करे जिससे पानी के स्टोरेज की क्षमता बढ़ाई जा सके। साथ ही उन्होंने पर्याप्त मात्रा में प्राइवेट इन्वेस्टमेंट भी आकर्षित करने का सुझाव दिया।
गुजरात (Gujarat) और उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) की तर्ज पर अब राजस्थान (Rajasthan) की कॉन्ग्रेस सरकार (Congress Government) भी निवेश जुटाने के लिए इंवेस्टर समिट (Investor Summit) का आयोजन कर रही है। इसको लेकर भाजपा (BJP) ने तंज कसा है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत (CM Ashok Gehlot) ने Invest Rajasthan Summit 2022 के दौरान अडाणी समूह के अध्यक्ष गौतम अडाणी (Gautam Adani) को ‘गौतम भाई’ कहकर उनकी प्रशंसा की। सीएम गहलोत की अडाणी से इस नजदीकी को देखकर भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathore) और सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने तंज कसा है।
भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने ट्वीट कर कहा, “अडानी का नाम लेकर केंद्र सरकार को बार-बार कोसने वाले @RahulGandhi जी की कॉन्ग्रेस पार्टी अब उन्हीं पर मेहरबान है। राजस्थान के मुखिया @ashokgehlot51 जी रेड कारपेट बिछाकर अडानी समूह को रियायती दरों पर राजस्थान की बेशकीमती जमीन लुटा रहे हैं।”
उन्होंने कहा, “कॉन्ग्रेस को अडानी समूह फूटी आँख नहीं सुहाता है, लेकिन अडानी समूह को सोलर पार्क के लिए सर्वाधिक जमीन देना इस बात को सिद्ध करता है कि कॉन्ग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा ही फर्क रहा है। गहलोत जी जनता की आँखों में धूल झोंककर अडानी प्रेम को छुपा नहीं सकते।”
कांग्रेस को अडानी समूह फूटी आंख नहीं सुहाता है, लेकिन अडानी समूह को सोलर पार्क के लिए सर्वाधिक जमीन देना इस बात को सिद्ध करता है कि कांग्रेस की कथनी और करनी में हमेशा ही फर्क रहा है। गहलोत जी जनता की आंखों में धूल झोंककर अडानी प्रेम को छुपा नहीं सकते। #InvestRajasthanSummit
सतीश पूनिया ने तंज कसते हुए कहा, “कल तक जो था विरोधी आज बना मनमीत, धन की जगी उम्मीद तो बदली अपनी रीत।” पूनिया ने एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें राहुल गाँधी गौतम अडाणी को लेकर केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते नजर आ रहे हैं।
इस वीडियो में राहुल गाँधी गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी को लेकर कह रहे हैं, “जो भी हिंदुस्तान में होता है, उधर अडाणी जी दिखाई देते हैं। जहाँ भी देखो, दो लोग दिखेंगे अडाणी जी और अंबानी जी।”
भाजपा ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने तय कर लिया है कि जो भी पार्टी आलाकमान कहेगा, उसका उल्टा करना है। इसी वजह से राहुल गाँधी जिन गौतम अडाणी को घेरते रहते हैं, उनके लिए अशोक गहलोत ने रेड कारपेट बिछाया और इन्वेस्ट करने के लिए आमंत्रित किया।
बता दें कि इन्वेस्ट राजस्थान समिट में बड़े-बड़े उद्योगपतियों ने भाग लिया है। उद्योगपति गौतम अडाणी ने राजस्थान में 65,000 करोड़ रुपए के निवेश की घोषणा की है। समिट के मंच पर अशोक गहलोत और गौतम अडाणी के साथ दिखने के बाद राजनीति गरमा गई है।
कोलकाता के सियालदह फ्लाइओवर पर एक बस ने दुर्गा पूजा का पंडाल देखने जा रहे लोगों को टक्कर मार दी। घटना में एक ही परिवार के 3 लोगों की मौत हो गई जबकि 3 अन्य घायल हो गए। बताया जा रहा है कि बस मे बैठे ड्राइवर बबलू खान को लोगों ने बार-बार हाथ देकर गाड़ी धीरे करने को भी कहा था। लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी।
अब इस मामले में तीन लोग गिरफ्तार हुए हैं- इनकी पहचान ड्राइवर बबलू खान, कंडक्टर नूरूद्दीन खान और हेल्पर अरमान खान के तौर पर हुई है। इनके विरुद्ध गैर-जमानती धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
कुछ रिपोर्ट्स बता रही हैं कि ड्राइवर ने नियंत्रण खोया। हालाँकि जाँच अधिकारी ने बताया कि प्राइवेट बस एयरपोर्ट जा रही थी। रास्ते में 6 लोग ब्रिज पार कर रहे थे। उन्होंने अपने हाथ उठाकर, चिल्लाकर ड्राइवर बबलू खान को रोकने का प्रयास किया लेकिन उसने किसी की नहीं सुनी और माला होटल के आगे उन्हें कुचल दिया। पड़ताल के दौरान बस को सीज कर लिया गया। मैकेनिकल टेस्ट हो रहा है कि कहीं दुर्घटना की वजह कोई और कारण तो नहीं।
ट्रैफिक पुलिस डीसी सुनील यादव ने बताया, “हमने इनके ऊपर लापरवाही से गाड़ी चलाने, गैर इरादतन हत्या, गैर इरादतन हत्या का प्रयास करने, दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने और उनको गंभीर नुकसान पहुँचाने की धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।”
जानकारी के मुताबिक पूरी घटना बुधवार (5 अक्टूबर 2022) को 1:20 मिनट पर घटी। टक्कर लगने के बाद अदिति गुप्ता (18) ने वहीं दम तोड़ दिया जबकि राहुल कुमार प्रसाद (30) और हावड़ा की नंदिनी कुमारी ने अस्पताल में दम तोड़ा। इनके अलावा ऋषि गुप्ता, नीलेश गुप्ता और राहत गुप्ता को घटना में गंभीर चोटे आई हैं।
पुलिस के अनुसार, बबलू खान ने बस से जिस परिवार को टक्कर मारी वो पोर्ट इलाके में रहने वाले थे और घर से दुर्गा पूजा पंडाल घूमने के लिए निकले थे। वह सब संतोष मित्रा स्क्वायर का पूजा पंडाल देखने गए। इसके बाद सियालदह फ्लाईओवर होकर सियालदह रेलवे क्वार्टर पर पूजा पंडाल देखने के लिए निकले। इस बीच उन्हें एक फ्लाईओवर क्रॉस करना था। जब परिवार के सभी लोग ब्रिज पार कर रहे थे तभी तेज रफ्तार आ रही 46 नं. रूट की प्राइवेट बस ने उन्हें कुचल दिया।
पाकिस्तानी गायक अब्दुल्ला कुरैशी ने गुरुवार (6 अक्टूबर, 2022) को इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट कर कहा है कि उन्होंने इस्लाम के लिए संगीत की दुनिया को अलविदा कह दिया है। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि वह अब से केवल वही काम करेंगे जो उनके मजहबी मूल्यों के अनुरूप हो।
अब्दुल्ला कुरैशी ने अपने इंस्टाग्राम पर लिखा, “मुझे पता है कि मैं लंबे समय से खोया हुआ हूँ। लोग यह जानने के लिए मुझे लगातार मैसेज कर रहे हैं कि मैं कहाँ हूँ। मैं ब्रेक पर था, थोड़ी देर के लिए पॉज़ बटन दबाया और यह जानने की कोशिश कर रहा था कि मैं क्या था, मैं कहाँ जा रहा हूँ और मैं क्या बनना चाहता हूँ।”
अब्दुल्ला कुरैशी ने यह भी लिखा, “म्यूजिक बनाने, हजारों लोगों के लिए म्यूजिक कॉन्सर्ट करने से लेकर प्यार और सराहना पाने, विवादों का सामना, कुछ गलत निर्णय, कुछ सकारात्मकता फैलाने और अद्भुत दोस्त बनाने व बेहतरीन लोगों के साथ काम करने के लिए मेरे पास बहुत अच्छा समय था।” क़ुरैशी ने यह भी लिखा कि उनका मानना है जीवन का वास्तविक उद्देश्य इन सब चीजों से बहुत बड़ा है। उन्होंने लिखा कि हमारे पास इस दुनिया में अपने बाद के जीवन को बेहतर बनाने के लिए बहुत कम समय है।
उन्होंने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में यह भी लिखा, “अल्हम्दुलिल्लाह, मैं अपने इस फैसले से संतुष्ट हूँ और अब वास्तविक सच्चाई की तलाश में हूँ। मैं प्रार्थना करता हूँ कि अल्लाह मेरे लिए इस नई यात्रा को आसान बना दे।” उन्होंने यह भी कहा कि अब वह केवल उन कार्यक्रमों का हिस्सा होंगे जिनमें ‘मजहब’ को बढ़ावा दिया जा रहा होगा।
इस्लाम के लिए संगीत छोड़ने से पहले अब्दुल्ला ने खुद के द्वारा किए गए ‘बुरे व्यवहारों’ और ‘कामोत्तेजना’ के लिए साल 2021 में ‘माफीनामा’ भी जारी किया था। इंस्टाग्राम पर पोस्ट किए गए इस ‘माफीनामे’ में अब्दुल्ला कुरैशी ने कहा था कि उन्हें अपने कर्मों पर दुःख है। उन्होंने किसी भी तरह से यदि किसी को चोट पहुँचाई या नुकसान पहुँचाया तो उन्हें इसका बहुत है। वह इन सब चीजों को हटाना चाहते हैं। उनका कहना है कि इससे उनके करियर पर असर पड़ा है और इससे महत्वपूर्ण बात यह है कि इससे उनकी बेटी के प्रभावित होने की भी संभावना है।
(फोटो साभार: BolNews)
उनके माफीनामे में लिखा था, “मैं अपने शराबी वाली स्थिति के लिए किसी को भी दोष नहीं दूँगा। मुझे ही शराब पीने की आदत थी, साथ ही मैं कामोत्तेज था। लेकिन, हर कोई कामोत्तेजक हो सकता है। हालाँकि, जब मेरी बेटी हुई तब मैंने यह सब छोड़ दिया। मैं अपनी बेटी से सबसे खराब पिता होने के लिए माफी माँगता हूँ। मैंने एक साल पहले अपनी पत्नी के साथ बात करके इसे सुलझा लिया है। हम अब खुश हैं और मैं एक बदला हुआ आदमी हूँ।”
एक्टर हमजा अली अब्बासी को मिलीं गालियाँ…
गायक अब्दुल्ला कुरैशी ने जब घोषणा की कि वह इस्लाम के लिए संगीत छोड़ रहे हैं, तब पाकिस्तानी एक्टर हमजा अली अब्बासी ने उन्हें ट्विटर पर शुभकामनाएँ दीं। लेकिन, उन्होंने यह भी कहा कि “इस्लाम में संगीत पूरी तरह से हराम नहीं है”।
May God give u the strength & persistence in ur iman, ikhlaaq & deeds brother. Just want to share my discovery that Music is not completely haraam in Islam. If u have time, please watch this 1 program https://t.co/6CTgthWgKe OR this detailed 10 part series https://t.co/PhkHWmLSUcpic.twitter.com/15rtmBcBWE
अपने ट्विटर बायो में, अब्बासी ने लिखा है कि वह एक एक्टर और ‘इस्लाम के छात्र हैं। हालाँकि, इस्लाम में क्या हराम है और क्या नहीं इस बारे में उनके ट्वीट के बाद उन्हें मुस्लिमों द्वारा जमकर गालियाँ दी गईं हैं। एक ट्विटर यूजर ने लिखा “मुझे हैरान हूँ है कि अधूरा हराम क्या है? हराम तो हराम है चाहे यह 1% ही हराम हो।”
I wonder what is incompletely haram? Haram is haram if its even 1% haram.
ऐसे कई लोग थे जिन्होंने अब्बासी से कहा कि वह मुफ्ती नहीं हैं और इसलिए, उन्हें इस बारे में निर्णय नहीं सुनाना चाहिए कि इस्लाम में क्या हराम है और क्या नहीं।
(फोटो साभार: BolNews)
(फोटो साभार: BolNews)
(फोटो साभार: BolNews)
वहीं, मोमिना अली नामक ट्विटर यूजर ने हमजा अब्बासी पर सभी “हराम चीजों” को वैध बनाने का भी आरोप लगाया।
The way this person explains his believes and disbelieves up here is pathetic !!The fact that he call himself the “student of Islam ” by tweeting this !? Y’all need to study Islam properly before giving such statements openly to the youth which legit normalize every haram thing ! https://t.co/5mI1JQNtKk
वेबसाइट al-Islam.org के अनुसार , संगीत इस्लाम में हराम है और इस स्थिति की पुष्टि कुरान की कई आयतों से होती है। वेबसाइट में दिया गया एक कोट इस प्रकार है, “मूर्तियों के प्रदूषण से दूर रहो और झूठे व्यर्थ शब्दों से दूर रहो।” (22:30)। अरबी शब्द “ज़ूर” के कई अर्थ हैं, जिनमें झूठ और संगीत के भाव शामिल हैं। इमाम जाफ़र अस-सादिक (अ) के अनुसार, ‘मूर्तियों के प्रदूषण’ का अर्थ शतरंज है और “व्यर्थ शब्द” का अर्थ संगीत है।
प्रतिबंधित चरमपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) ने महाराष्ट्र के भाजपा विधायक विजय कुमार देशमुख (BJP MLA Vijay Kumar Deshmukh) को ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी दी है। यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब PFI के खिलाफ पिछले महीने देश भर में कार्रवाई की गई थी।
बता दें कि कुछ समय पहले सरकार ने PFI के विध्वंसक गतिविधियों को लेकर संगठन पर प्रतिबंध लगाया है। जाँच एजेंसियों ने जाँच में पाया था कि PFI के आईएसआईएस (ISIS) और जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (JMB) जैसे आतंकवादी समूहों के साथ संबंध हैं। एजेंसियों की रिपोर्ट के आधार पर सरकार ने यह निर्णय लिया।
पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में भाजपा विधायक विजय देशमुख ने कहा कि PFI नेता मोहम्मद शफी बिराजदार (Mohammad Shafi Birajdar) ने सरकार द्वारा संगठन पर लगाए गए प्रतिबंध से नाराज होकर उनका सिर काटकर हत्या करने की धमकी दी। यह धमकी एक पत्र के माध्यम से दी गई है। सोलापुर पुलिस पत्र की सत्यता की जाँच कर रही है।
शिकायत में आगे कहा कि PFI सदस्य ने आत्मघाती हमलावरों द्वारा अयोध्या के राम मंदिर और मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि जैसे प्रमुख हिंदू मंदिरों को निशाना बनाने की धमकी दी है। आरोपितों ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) और सीएम आदित्यनाथ योगी (CM Adityanath Yogi) जैसे कई नेता भी उनके रडार पर हैं।
सामने आए पत्र में लिखा है, “अब शुरू हुआ असली जंग। काफिरों, ये तुम्हारे नेता मोदी ने जो गलत काम किया है (प्रतिबंध लगाकर), उसका अंजाम भुगतना ही पड़ेगा। तुम्हारी सरकार ने पहले भी हमारी सिमी (SIMI) पर पाबंदी लगाई थी। उसका नतीजा क्या हुआ, Fail. तुम हमारे PFI पर लाख-लाख कोशिश करो, फिर हम ‘फिनिक्स’ की तरह उभर आएँगे।”
PFI द्वारा भेजी गई चिट्ठी में आगे लिखा है, “तुम लोग हमारे जैसे जहरीले साँप की पूँछ पर पैर रखी है। अब हमारा घर-घर का बच्चा चुप नहीं बैठेगा। हर घर कसाब, अफजल, यूसुफ, याकूब निकलेंगे। ये बात जान लो।”
बता दें कि PFI की देशद्रोही गतिविधियों के कारण ही भारत सरकार ने 22 सितंबर 2022 को उस पर और उससे जुड़े 8 अन्य संगठनों पर पाँच साल के लिए UAPA के तहत प्रतिबंध लगा दिया था। जिन संगठनों को प्रतिबंधित किया गया उनमें रिहैब इंडिया फाउंडेशन (RIF), कैंपस फ्रंट ऑफ इंडिया (CFI), ऑल इंडिया इमाम काउंसिल (AIIC), नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ ह्यूमन राइट्स ऑर्गनाइजेशन (NCHRO), नेशनल वीमेन फ्रंट (NWF), जूनियर फ्रंट (JF), एम्पावर इंडिया (EI) शामिल हैं।
मध्यप्रदेश के विदिशा के थाना पथरिया में 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म करने के आरोप में शाहरुख खान नाम के उर्दू पढ़ाने वाले टीचर को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन ने आरोपित की गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। वहीं प्रशासन ने उसके मकान पर बुलडोजर चलवाया। इस दौरान भारी तादाद में पुलिस भी मौजूद थी।
जानकारी के मुताबिक, कस्बाताल गाँव से 8 साल की बच्ची शाहरुख के घर उर्दू पढ़ने जाती थी। मंगलवार (4 अक्टूबर 2022) के दिन भी ऐसा ही हुआ, लेकिन उस दिन शाहरुख ने उसे अकेला देख उसका दुष्कर्म कर दिया। बच्ची जब अपने घर पहुँची तो उसने सारी घटना के बाद अपने घरवालों को बताई। लड़की ने बताया कि कैसे उसके प्राइवेट पार्ट के साथ शाहरुख ने छेड़खानी की। उसके बाद से उसे असहनीय दर्द है।
MP| A complainant came to Pathariya PS in Vidisha to file an FIR against one Shahrukh Khan, accusing him of raping her 8-yr-old daughter. He was the daughter’s tuition teacher. Accused arrested&sent on judicial remand. We’ll get the guilty punished: Vidisha ASP Sameer Yadav(7.10) pic.twitter.com/J9kqKBQrgx
शाहरुख की हरकत का अंदाजा होते ही घरवालों ने पुलिस में शिकायत दी और गुरुवार (6 अक्टूबर 2022) को उसके विरुद्ध आईपीसी की धारा 376,376एबी और 506 के तहत केस दर्ज हुआ। पीड़िता को अस्पताल ले जाया गया। वहीं पुलिस ने जाकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया।
विदिशा के एएसपी समीर यादव ने बताया कि उन्होंने आरोपित शाहरुख को गिरफ्तार कर लिया है। वह लड़की को ट्यूशन देता था। उसे पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि अपराधी को सजा जरूर दी जाएगी।
बता दें कि आरोपित शाहरुख खान के विरुद्ध पड़ताल में सामने आया है कि वह ज्यादा पढ़ा लिखा नहीं था, लेकिन उर्दू जानता था और पिछले दो साल से वह बच्चों को उर्दू ही पढ़ा रहा था। उसके घर पर ही बच्चे आकर उर्दू की क्लास लेते थे।
भारत में ड्रग्स की तस्करी (Drugs Smuggling) को लेकर सरकार सतर्क है। सुरक्षा एजेंसियों ने गुजरात (Gujarat) और केरल (Kerala) में 250 किलोग्राम से अधिक हेरोइन जब्त की है। इसके साथ 12 पाकिस्तानी और ईरानी नागरिकों (Pakistani and Iranian Citizens) को गिरफ्तार किया है। इन हेरोइन का बाजार मूल्य 1550 करोड़ रुपए से अधिक है।
भारतीय तटरक्षक बल (ICG) ने गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) के साथ मिलकर अहमदाबाद में पाकिस्तानी नाव में सवार 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 350 करोड़ रुपए मूल्य के 50 किलोग्राम हेरोइन भी बरामद की है।
वहीं, केरल के कोच्चि में NCB और भारतीय नौसेना ने संयुक्त रुप से अभियान चलाकर मछली पकड़ने वाले एक ईरानी जहाज को जब्त किया है। इसमें से 1200 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की करीब 200 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है।
गुजरात में हेरोइन बरामदगी को लेकर भारतीय तटरक्षक के अधिकारी ने बताया कि उन्हें पाकिस्तानी नाव की सूचना मिली थी। इसके बाद शनिवार (8 अक्टूबर 2022) की सुबह एक पाकिस्तानी नाव अल साकर को पकड़ा। इसमें 6 लोग सवार थे। इनके पास 350 करोड़ रुपए की कीमत वाले 50 किलोग्राम हेरोइन पकड़ा गया है।
जाँच के लिए नाव को जखाऊ लाया गया है। ICG और एटीएस का पिछले एक साल में यह छठा ऑपरेशन है। एक महीने से भी कम समय में यह दूसरी घटना है, जिसमें इतनी भारी मात्रा में ड्रग्स बरामद हुए हैं। इससे पहले 14 सितंबर को एक पाकिस्तानी नाव से लगभग 200 करोड़ रुपए मूल्य की 40 किलोग्राम हेरोइन पकड़ी गई थी।
वहीं, केरल के कोच्चि में ईरानी मछली पकड़ने वाली जहाज से 200 किलोग्राम हेरोइन जब्त किया गया है। इसके सभी 6 सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया है। NCB के उप-महानिदेशक (संचालन) संजय कुमार सिंह ने बताया कि जहाज को जब्त करने के बाद मट्टनचेरी गोदी लाया गया।
संजय सिंह ने बताया कि ईरानी जहाज से मिली हेरोइन 200 पैकेट में थी। इन्हें वाटरप्रूफ सात-परत की पैकिंग में पैक किया गया था। इन पैकेटों पर हरेक में अफगानिस्तान और पाकिस्तान स्थित ड्रग कार्टेल से संबंधित विशिष्ट पहचान मौजूद है। कुछ पैकेट पर ‘स्कॉर्पियन’ सील है, जबकि अन्य पर ‘ड्रैगन’ सील के निशान हैं।
NCB ने कहा कि जब्त की गई हेरोइन अफगानिस्तान से पाकिस्तान ले जाई जा रही थी। इन ड्रग्स को जब्त किए गए जहाज में बीच समुद्र में लादा गया था। एजेंसी ने बताया कि इस ड्रग्स को आगे की डिलीवरी के लिए श्रीलंकाई जहाज देने के लिए भारतीय जल सीमा में पहुँचा था।
संजय सिंह ने कहा कि उस श्रीलंकाई जहाज की पहचान कर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। उन्होंने बताया कि आरोपितों ने ड्रग्स के खेप को पानी में फेंकने और समुद्र में कूदकर भागने की कोशिश की थी, लेकिन उन्हें पकड़ लिया गया।