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‘इलाके में दबदबा बनाने के लिए चलाई गोलियाँ, लोगों में डर कम हो रहा था’: बेगूसराय शूटआउट के चारों आरोपित गिरफ्तार, पुलिस के सामने कबूला जुर्म

बिहार (Bihar) में बेगूसराय गोलीकांड (Begusarai Shootout) मामले में पुलिस ने सभी आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। इनमें से तीन आरोपित बेगूसराय से और एक जमुई जिले के झाझा से गिरफ्तार किया गया है। चारों आरोपित सुमित, युवराज, अर्जुन और केशव कुमार उर्फ नागा बेगूसराय के रहने वाले हैं। केशव कुमार उर्फ नागा जमुई के झाझा स्टेशन से मौर्य एक्सप्रेस ट्रेन से रांची भागने की फिराक में था, लेकिन उसे स्टेशन पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

बेगूसराय की घटना पर एडीजी मुख्यालय जितेंद्र सिंह गंगवार (JS Gangwar) ने बताया कि चारों आरोपित गिरफ्तार कर लिए गए हैं। उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उनका कहना है कि वे क्षेत्र में अपना दबदबा बनाने के लिए भय फैलाना चाहते थे, क्योंकि उनका प्रभाव कम हो रहा था। पुलिस ने इनके पास से वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई दो देसी पिस्तौल, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किया है।

पुलिस ने इस मामले में चार संदिग्धों की पहचान की थी, जिनमें से दो को गुरुवार (15 सितंबर 2022) को गिरफ्तार किया गया था। वहीं, दो अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की गई थी। उधर, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने इस घटना को जातीय रंग देने की कोशिश की थी। उन्होंने पत्रकारों से बात करते हुए कहा था, “करने वाला जान-बूझकर ही ये धंधा किया है। एक तरफ जहाँ पर किया है गड़बड़ी वहाँ सब पिछड़े वर्ग हैं और दूसरी तरफ जहाँ हंगामा हुआ है वहाँ मुस्लिम कम्युनिटी के हैं। इस तरह से करके कोई ना कोई धंधा जरूर किया।”

बता दें कि 13 सितंबर 2022 को हुए इस गोलीकांड में बाइक सवार दो बदमाशों ने 40 किलोमीटर के दायरे में 11 लोगों को गोली मारी थी। इनमें से चंदन कुमार नाम के एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि अन्य कई लोग घायल हैं। पुलिस ने इन दोनों बदमाशों को साइको बताया था। दोनों शूटर्स ने राह चलते लोगों को गोली मारी थी। इनमें मल्हीपुर में 2 लोगों को, बरौनी थर्मल चौक के पास 3 लोगों को, बरौनी में 2 लोगों को, तेघड़ा में 2 लोगों को और बछवाड़ा में 2 लोगों को गोली लगी थी। 

‘7 हिंदू बहुल गाँव, 1500 साल पुराना मंदिर… सब हमारी संपत्ति’ : तमिलनाडु में वक्फ बोर्ड का दावा; ग्रामीणों को सदमा लगा, जमीन हड़पने का लगाया आरोप

तमिलनाडु में वक्फ बोर्ड ने 7 अन्य हिंदू बहुल गाँवों को अपनी संपत्ति बताया है। वक्फ बोर्ड ने यह भी दावा किया कि 1500 साल पुराना सुंदरेश्वर मंदिर वक्फ बोर्ड की संपत्ति का ही हिस्सा है।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक वक्फ बोर्ड द्वारा गाँवों की जिस जमीन पर मालिकाना हक का दावा किया गया है, उस पर वक्फ बोर्ड ने पोस्टर्स भी लगाए हैं। हालाँकि स्थानीय लोगों ने वक्फ बोर्ड के दावों को सिरे से ही नकारा है। इसके सबूत के तौर पर गाँव वालों ने जमीनों से जुड़े कुछ दस्तावेज दिखाए हैं, गाँव वालों की मानें तो सदियों से ये जमीनें उनके पूर्वजों के पास ही थीं।

ग्रामीणों ने इस मामले में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से भी हस्तक्षेप करने की अपील की है। उनकी सीएम से माँग है कि वह इस मामले में दखल दें और वक्फ बोर्ड को गलत तरीके से जमीनें हड़पने से रोकने में गाँव वालों की मदद करें।

खास बात यह भी है कि यह गाँव कावेरी नदी के दक्षिणी तट पर स्थित हैं। बोर्ड द्वारा दावा किए गए इलाके में से एक में रहने वाली ग्रामीण हिंदू महिला ज्योतिलक्ष्मी ने बताया, “हम कहाँ जाएँगे? यह मेरे लिए किसी सदमे की तरह है। इससे मेरी धड़कने तेज होने लगी हैं और मुझे अस्पताल भी जाना पड़ा।”

बता दें कि वक्फ बोर्ड ने राज्य के त्रिची के पास तिरुचेंथुरई गाँव (Thiruchenthurai Village) की जमीन को वक्फ बोर्ड की जमीन बताया है। ग्रामीणों ने इसके बारे में जिला कलेक्टर को जानकारी दी तो उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जाँच कराकर कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि इस मामले की शुरुआत तब हुई, जब राजगोपाल नाम के एक व्यक्ति ने अपनी 1 एकड़ 2 सेंट जमीन राजराजेश्वरी नामक व्यक्ति को बेचने का प्रयास किया। राजगोपाल जब अपनी जमीन बेचने के लिए रजिस्ट्रार ऑफिस पहुँचे तो उन्हें पता चला कि जिस जमीन को बेचने के बारे में वह सोच रहे हैं वह उनकी नहीं, बल्कि जमीन वक्फ बोर्ड की हो चुकी है।

राजगोपाल के अनुसार उनको यहाँ के रजिस्ट्रार मुरली ने कहा, “जिस जमीन को आप बेचने आए हैं उस जमीन का मालिक वक्फ बोर्ड है। वक्फ बोर्ड के निर्देश के अनुसार इस जमीन को बेचा नहीं जा सकता। आपको चेन्नई में वक्फ बोर्ड से अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करना होगा।” जिसके बाद यह भी बात सामने आई कि आसपास के अन्य 17 गाँवों की जमीन भी उनकी नहीं, बल्कि वक्फ बोर्ड की है।

पादरी ने अनाथालय की नाबालिग लड़की से किया रेप, बच्चा होने के बाद फरार हुआ: डेढ़ साल बाद तमिलनाडु पुलिस ने पकड़ा

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में 58 वर्षीय चर्च के एक पादरी (Pastor) को नाबालिग लड़की का रेप करने के मामले में डेढ़ साल बाद गिरफ्तार किया गया है। पादरी ने लड़की का यौन शोषण कर उसे गर्भवती कर दिया था। जब लड़की ने बच्चे को जन्म दिया तो वह पादरी फरार हो गया था।

58 साल का पादरी चार्ल्स तमिलनाडु के मामल्लापुरम स्थित वायालुर में एक अनाथालय चलाता था। पीड़िता उसी के अनाथालय में रहती थी। इसी दौरान पादरी ने उसका लगातार यौन शोषण किया। इसके बाद पीड़िता ने पिछले साल यानी 2021 में एक बच्चे को जन्म दिया था। लड़की ने आरोप लगाया कि पादरी उसे बहला-फुसलाकर उसका यौन शोषण करता था।

इसके बाद पादरी ने लड़की को भरोसा दिया कि वह उसे और बच्चे को अपने साथ रखेगा। इसके लिए पादरी ने पीड़िता को बच्चा सहित राजमंगलम में एक महिला के पास भेज दिया। इस दौरान पीड़िता ने पादरी से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उससे संपर्क नहीं हो पाया। बाद में पता चला कि वह फरार हो गया है।

इसके बाद पीड़िता मामल्लापुरम महिला थाने पहुँची और महिला पुलिसकर्मी को अपनी आपबीती सुनाई। इसके बाद पादरी के खिलाफ पॉक्सो ऐक्ट और धोखाधड़ी में मामला दर्ज किया गया। डेढ़ साल बाद पादरी को पुलिस ने गुरुवार (15 सितंबर 2022) को गिरफ्तार कर लिया।

भारत में 70 हजार स्टार्टअप, 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न: SCO समिट में बोले PM मोदी; चीन-Pak समेत 8 देशों को बताया- इंडिया बनेगा मैन्युफैक्चरिंग हब

शंघाई सहयोग संगठन (SCO Summit) की 22वीं बैठक उज्बेकिस्तान के समरकंद में चल रही है। इस बैठक में भारत के अलावा सदस्य देशों- चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान, उज्बेकिस्तान और पाकिस्तान के शीर्ष नेता मौजूद हैं। शंघाई सहयोग संगठन शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत में 70,000 स्टार्टअप और 100 से अधिक यूनिकॉर्न हैं।

इस दौरान पीएम मोदी ने एससीओ देशों के बीच सप्लाई चेन विकसित करने के विषय में भी बात की है। उन्होंने कहा, “दुनिया कोविड महामारी से उबर रही है। यूक्रेन क्राइसिस और कोरोना की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन में कुछ दिक्कतें आई हैं। विश्व अभूतपूर्व ऊर्जा और खाद्य संकट का सामना कर रहा है। एससीओ देशों के बीच सप्लाई चेन विकसित करने का प्रयास करना चाहिए। इसके लिए बेहतर कनेक्टिविटी की जरूरत है।”

एससीओ देशों को संबोधित करते हुए पीएम ने यह भी कहा, “हम स्टार्टअप्स और इनोवेशन पर एक स्पेशल वर्किंग ग्रुप की स्थापना करके एससीओ के सदस्य देशों के साथ अपना अनुभव साझा करने के लिए तैयार हैं। एससीओ के सदस्य देश, वैश्विक अर्थव्यवस्था में लगभग 23 प्रतिशत का योगदान देते रहे हैं। विश्व की 40 प्रतिशत जनसंख्या भी एससीओ देशों में निवास करती है। भारत एससीओ सदस्यों के बीच अधिक सहयोग और आपसी विश्वास का समर्थन करता है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “हम भारत को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की ओर प्रगति कर रहे हैं। भारत का युवा और प्रतिभाशाली वर्कफोर्स उसे स्वाभाविक रूप से कॉम्पिटिटिव बनाता है। अर्थव्यवस्था में 7.5% वृद्धि की आशा है, जो दुनिया की बड़ी इकोनॉमी में सबसे अधिक होगी। टेक्नोलॉजी के उचित उपयोग पर भी फोकस किया जा रहा है। हम इनोवेशन का समर्थन कर रहे हैं। भारत में 70 हजार से अधिक स्टार्टअप हैं, इनमें 100 से ज्यादा यूनिकॉर्न हैं।”

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, “विश्व आज एक और बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है। यह चुनौती नागरिकों की खाद्य सुरक्षा निश्चित करना है। इसका समाधान मिलेट्स की खेती से हो सकता है। मिलेट्स विश्व के कई हिस्सों में हजारों सालों से उगाया जा रहा है। ये खाद्य का उत्तम साधन है।”

पीएम मोदी ने कहा, “2023 को ईयर ऑफ मिलेट्स के तौर पर मनाया जाएगा। भारत विश्व के मेडिकल टूरिज्म के लिए सबसे उचित डेस्टिनेशन है। हमने गुजरात में ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रैडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया। हमें SCO देशों के बीच ट्रैडिशनल मेडिसिन पर सहयोग बढ़ाना चाहिए। भारत इसके लिए पहल करेगा।”

इस बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, “अप्रैल 2022 में WHO (विश्व स्वास्थ्य संगठन) ने गुजरात में अपने ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन का उद्घाटन किया था। डब्ल्यूएचओ द्वारा पारंपरिक उपचार के लिए यह पहला और एकमात्र वैश्विक केंद्र था। भारत पारंपरिक दवाओं पर एक नए एससीओ वर्किंग ग्रुप के लिए पहल करेगा।”

‘भोजपुरी एक्ट्रेस का MMS लीक, अब रोते हुए Video शेयर किया’ : जानें वायरल दावे का पूरा सच

रिएलिटी शो ‘लॉक अप’ की अंजलि अरोड़ा (Anjali Arora) का प्राइवेट वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर खबर उड़ी है कि भोजपुरी फिल्मों की अभिनेत्री अक्षरा सिंह (Akshara Singh) का कथित प्राइवेट वीडियो भी (MMS) लीक हो गया है।

इस वीडियो को लेकर कहा जा रहा है कि इसमें लड़का और लड़की आपत्तिजनक स्थिति में हैं। अफवाह सुनकर अक्षरा के फैंस यह बात मानने को तैयार नहीं है कि वीडियो में दिखाई दे रही लड़की अक्षरा हो सकती हैं। कई लोगों का कहना है कि वीडियो के साथ छेड़छाड़ हुई होगी।

एमएमएस की खबरों के बीच एक्ट्रेस का यूट्यूब पर रोते हुए एक वीडियो सामने आया है। इस वीडियो को शेयर करके कहा जा रहा है कि अक्षरा MMS लीक होने के बाद परेशान होकर रो रही हैं।

हालाँकि इन सब वीडियो के बीच सच कुछ और है। दरअसल, कुछ दिनों से एक्ट्रेस के खिलाफ फेक खबरें चलाई जा रही हैं। हकीकत में अक्षरा सिंह का कोई भी एमएमएस वीडियो लीक नहीं हुआ है और अक्षरा का रोने वाला वीडियो दो साल पुराना है। लेकिन यूट्यूब पर मोज म्यूजिक भोजपुरी चैनल ने एक्ट्रेस का वीडियो 13 सितंबर 2022 को शेयर करते हुए लिखा, “अक्षरा सिंह का एमएमएस (MMS) वीडियो वायरल हुआ।”

वायरल हो रहे वीडियो में अक्षरा सिंह कहती हैं, “तंग करके रख दिया है। जो मुझे पसंद करते हैं वो मुझे हमेशा ही पसंद करेंगे। बेशक मैं कहीं भी जाऊँ और कहीं भी काम करूँ। आप मुझे नहीं रोक सकते। आप बहुत बड़ा नाम हैं तो आप अपना काम कीजिए। चेहरे पर नकली मुखौटा लगाकर क्यों घूम रहे हैं। रियल बनिए, फेक मत बनिए। सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री में ही ये सब क्यों होता है। दूसरी इंडस्ट्री भी तो हैं।”

वह आगे कहती हैं, “पंजाबी, साउथ से लेकर बॉलीवुड समेत कई तरह का सिनेमा है। मगर ये गंदगी सिर्फ भोजपुरी इंडस्ट्री में ही क्यों है? यहाँ इतनी चीपनेस क्यों है? सब एक-दूसरे के पीछे पड़े हैं। इसको ब्लॉक करते हैं उसको ब्लॉक। उसका गाना आगे नहीं आना चाहिए। कोई दूसरा एक्टर कहीं ज्यादा आगे न निकल जाए। आखिर ये सब क्या है?”

बता दें कि अक्षरा सिंह ने उनको बदनाम करने वालों पर निशाना साधते हुए 2 साल पहले यह वीडियो जारी किया था।

‘Thank God पर लगे बैन वरना सड़कों पर उतरेंगे’: अजय देवगन की फिल्म पर लगा ‘भगवान का मजाक’ बनाने का आरोप, हिंदू संगठन भड़के; UP में FIR दर्ज

बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन (Bollywood Actor Ajay Devgan) की आगामी फिल्म Thank God में हिंदुओं की भावनाओं को आहत करने को लेकर देश भर में विरोध रहा है। एक तरह सोशल मीडिया साइट पर फिल्म को बॉयकॉट की मुहिम चल रही है तो दूसरी तरफ फिल्म के खिलाफ मामाले दर्ज कराए जा रहे हैं। अब फिल्म पर प्रतिबंध लागने की माँग उठी है।

अजय देवगन, सिद्धार्थ मल्होत्रा और रकुल प्रीत सिंह अभिनीत फिल्म थैंक गॉड का ट्रेलर 9 सितंबर 2022 को रिलीज किया गया था। इसमें अजय देवगन खुद को हिंदू देवता चित्रगुप्त बता रहे हैं और सामने वाले के कर्मों के हिसाब-किताब की बात कर रहे हैं। ट्रेलर जारी होते ही बवाल हो गया।

जैसा कि थैंक गॉड ट्रेलर में दिखाई देता है, भगवान चित्रगुप्त, जो मृत्यु के बाद सभी के पापों और गुणों की गणना करते हैं, और भगवान यम, जो मृत्यु के बाद किसी की आत्मा लेते हैं, को आधुनिक वेशभूषा में चित्रित किया गया है।

फिल्म के विरोध में सोशल मीडिया पर बॉयकॉट थैंक गॉड का ट्रेंड चलने लगा। वहीं, उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक्टर्स और फिल्ममेकर्स के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। इस मामले में याचिकाकर्ता का बयान 18 नवंबर को दर्ज किया जाएगा।

अब कर्नाटक में हिंदू संगठन हिंदू जनजागृति समिति ने ट्रेलर पर आपत्ति जताते हुए फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की माँग की है। संगठन ने चेतावनी दी है कि हिंदू देवी-देवताओं का मजाक किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

समिति के प्रवक्ता मोहन गौड़ा ने कहा, “ट्रेलर में अभिनेता हिंदू देवताओं का मजाक उड़ा रहे हैं। हम अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर चित्रगुप्त और हिंदू धर्म के भगवान यम का मजाक बर्दाश्त नहीं करेंगे। क्या इस ट्रेलर के रिलीज होने तक सेंसर बोर्ड सो रहा था? ”

समिति ने कहा कि सेंसर बोर्ड को इस फिल्म को सर्टिफिकेट नहीं देना चाहिए। गौड़ा ने कहा कि राज्य और केंद्रीय गृह मंत्रालयों को फिल्म पर प्रतिबंध लगाना चाहिए, क्योंकि इससे धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँची है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर फिल्म के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन के लोग सड़कों पर उतर कर विरोध प्रदर्शन करेंगे।

हिंदू जनजागृति समिति के राष्ट्रीय प्रवक्ता रमेश शिंदे ने कहा, “बॉलीवुड हमेशा हिंदू धर्म के विरुद्ध काम करते हुए दिखाई देता है। चाहे पीके जैसी फिल्म हो या आने वाली थैंक गॉड जैसी फिल्म हो, हर जगह हिंदू देवताओं को हास्य-विनोद के रूप में दिखाया जाता है। हिंदू देवता, हिंदू धर्म या हिंदू ग्रंथ के बारे में हमेशा ही खिलवाड़ किया जाता है।”

बता दें कि थैंक गॉड के ट्रेलर के एक सीन में अजय देवगन खुद को हिंदू देवता चित्रगुप्त बता रहे हैं और सामने वाले के कर्मों के हिसाब-किताब की बात कर रहे हैं। बात यहाँ तक तो ठीक है, लेकिन जिस अंदाज में वो फिल्म में डायलॉग बोल रहे हैं, वह उनका मजाक उड़ाने जैसा है। इतना ही नहीं, जब अजय देवगन खुद को चित्रगुप्त बता रहे होते हैं, उस समय उनके अगल-बगल अधनंगी लड़कियाँ खड़ी रहती हैं।

T-Series के बैनर तले इस फिल्म को इंद्र कुमार, अशोक ठकेरिया, आनंद पंडित, मकरंद अधिकारी, सुनील खेत्रपाल आदि नेे प्रोड्यूस किया है। फिल्म को डायरेक्ट इंद्र कुमार ने किया है। इस फिल्म को आकाश कौशिक और मधुर शर्मा ने लिखा है। वहीं, इसके गाने के बोल मनोज मुंतशिर, रश्मि-विराग, समीर आदि ने लिखा है। फिल्म 25 अक्टूबर को रिलीज होने वाली है।

गार्ड ने गेट देर से खोला, ‘किंग बीड़ी’ के मालिक मोहम्मद नीशाम ने कुचल कर मार डाला: सजा में ढील वाली याचिका केरल हाईकोर्ट से खारिज

केरल हाईकोर्ट ने शुक्रवार (16 सितंबर 2022) को बीड़ी व्यवसायी मोहम्मद नीशाम की सजा में ढील देने की माँग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। मोहम्मद नीशाम सिक्यॉरिटी गार्ड की हत्या के आरोप में सजा काट रहा है। कोर्ट के इस फैसले पर मृत सिक्योरिटी गार्ड के चन्द्रबोस की पत्नी जमंती ने खुशी जताई है।

दरअसल, साल 2015 में केरल के त्रिशूर स्थित एक अपार्टमेंट में ‘किंग बीड़ी’ के मैनेजिंग डायरेक्टर मोहम्मद नीशाम ने गेट खोलने में हुई देरी के चलते सिक्यॉरिटी गार्ड के साथ मारपीट की थी। इसके बाद, उसे अपनी हमर एसयूवी कार से टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौत ही गई थी।

सिक्यॉरिटी गार्ड के साथ मारपीट और हत्या के इस मामले में मोहम्मद नीशाम को कठोर आजीवन कारावास और 24 सालों की जेल की सजा सुनाई गई थी। नीशाम पर कोर्ट ने 80.30 लाख रूपए का जुर्माना भी लगाया था।

केरल हाईकोर्ट के इस फैसले पर मृत सिक्यॉरिटी गार्ड चंद्रबोस की पत्नी जमंती ने प्रसन्नता व्यक्त की है। हालाँकि, जमंती ने यह भी कहा कि उन्होंने अदालत से मोहम्मद नीशाम को मौत की सजा देने का अनुरोध किया था।

बता दें कि सजायाफ्ता कैदी मोहम्मद नीशाम फिलहाल तिरुअनंतपुरम की पूजापुरा जेल में है। जहाँ, बीते महीने उस पर एक अन्य कैदी के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। इस मामले में भी उसके खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

इससे पहले निशाम को कन्नूर और वियूर के सेंट्रल जेल में रखा गया था। तब भी उस पर एनआईए द्वारा दर्ज मामलों में आरोपितों से संपर्क बनाने का आरोप लगा था, जिसके बाद ही उसे पूजापुरा जेल में शिफ्ट किया गया था। इसके अलावा, निशाम उन आरोपों के बाद भी चर्चा में था, जब यह बात सामने आयी थी कि उसे सेंट्रल जेल में विशेष इलाज मिल रहा है।

गौरतलब है, कुछ साल पहले, केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को निशाम की मानसिक स्थिति पर एक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। जिसके बाद, कन्नूर जिला अस्पताल के एक मेडिकल बोर्ड ने निशाम की जाँच की थी। इस जाँच रिपोर्ट के बाद सरकार ने कोर्ट को बताया था नीशाम किसी भी मानसिक बीमारी से पीड़ित नहीं है।

सिक्यॉरिटी गार्ड्स के साथ आए दिन हो रही है हिंसा

हाल ही में, सिक्यॉरिटी गार्ड्स के साथ हुई हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं। इस माह की शुरुआत में 2 सितंबर को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से सिक्योरिटी गार्ड्स की हत्या के आरोप में शिवप्रसाद नामक सीरियल किलर को गिरफ्तार किया गया। इस सीरियल किलर को सिक्यॉरिटी गार्ड्स का सोना पसंद नहीं था, इसलिए उसने 6 सिक्यॉरिटी गार्ड्स को मौत के घाट उतार दिया था।

इसके अलावा, बीते महीने उत्तर प्रदेश नोएडा से सिक्यॉरिटी गार्ड्स के साथ बदसलूकी और हिंसा की दो खबरें सामने आई थीं। पहली घटना, नोएडा के फेज-3 के क्लियो काउंटी सोसायटी का है। जहाँ, महिला प्रोफेसर ने सिक्यॉरिटी गार्ड को लगातार तमाचे जड़ते हुए गंदी-गंदी गालियाँ दीं थीं। इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हुआ था।

नोएडा की दूसरी घटना सेक्टर-126 के जेपी सोसायटी की है। जहाँ, एक महिला वकील गालीबाज महिला वकील भव्या रॉय ने गेट खोलने में हुई देरी के चलते सिक्यॉरिटी गार्ड को गालियाँ देते हुए मारपीट की थी। इस मामले में, पुलिस ने गालीबाज महिला के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की धाराओं 153-A (भाषा/नस्ल को लेकर अपमानजनक टिप्पणी), 323 (किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 504 (उकसाना), 505(2) (विभिन्न समुदायों में वैमनस्य पैदा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज करते हुए गिरफ्तार किया गया था।

‘मोहम्मद जुबैर के लैपटॉप-मोबाइल की जाँच अब भी जारी’: दिल्ली पुलिस ने ALTNews के फैक्ट चेकर की याचिका का किया विरोध, FIR को रद्द करने की थी माँग

हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले प्रोपेगेेंडा वेबसाइट ALTNews के को-फाउंडर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) की याचिका का दिल्ली पुलिस (Delhi Police) ने शुक्रवार (16 सितंबर 2022) को विरोध किया। जुबैर ने दिल्ली हाईकोर्ट में एक हलफनामा दायर कर उसके खिलाफ दर्ज मामलों को रद्द करने की माँग की गई थी।

दिल्ली पुलिस ने जुबैर के उस मोबाइल और लैपटॉप को छोड़ने के लिए दायर याचिका का भी विरोध किया। जुबैर का मोबाइल और लैपटॉप अधिकारियों ने जब्त किया है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि उसकी डिवाइस की जाँच जारी है, इसलिए इसे रिलीज नहीं किया जा सकता। इस संबंध में अदालत ने 1 जुलाई को पुलिस को नोटिस जारी किया था।

जस्टिस पुरुषेंद्र कुमार कौरव के समक्ष 14 सितंबर को दायर अपनी रिपोर्ट में दिल्ली पुलिस ने कहा, “पुलिस रिमांड के दौरान जब्त किए गए उपकरणों को पहले ही फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी, रोहिणी, दिल्ली में जमा कर दिया गया है। इन उपकरणों से डेटा रिकवर किया जाना है और आरोपित मोहम्मद जुबैर द्वारा किए गए ट्वीट्स के संबंध में इसका विश्लेषण किया जाना है।”

एजेंसी ने यह भी कहा है कि उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में दर्ज छह प्राथमिकी में जुबैर को अंतरिम जमानत देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बाद में इन छह मामलों की जाँच दिल्ली पुलिस को सौंप दी थी। अदालत ने जुबैर के वकील को अपना जवाब दाखिल करने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है और तब तक के लिए सुनवाई को टाल दिया गया है।

बता दें कि 27 जुलाई को सुनवाई के दौरान अदालत ने जुबैर की इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को जारी करने की याचिका पर जवाब देने के लिए पुलिस को चार अतिरिक्त सप्ताह का समय दिया था। जवाब में पुलिस ने कोर्ट को बताया कि जाँच से पता चला है कि जुबैर ने लोकप्रियता हासिल करने के लिए आपत्तिजनक ट्वीट किए थे।

पुलिस ने आरोप लगाया कि जुबैर जांचकर्ताओं द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब देने में असहयोगी और टालमटोल कर रहा था, और केवल निरंतर पूछताछ पर, उसने खुलासा किया कि कथित पोस्ट को ट्वीट करने के लिए इस्तेमाल किया गया लैपटॉप / मोबाइल उनके आवास पर रखा गया था।

दुनिया के दूसरे सबसे अमीर आदमी बने गौतम अडानी, कमाई पहुँची ₹12.41 लाख करोड़: एलन मस्क हैं नंबर-वन

भारत के गौतम अडानी ने विश्व स्तर पर नया इतिहास रच दिया है। वे दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन चुके हैं। फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर के मुताबिक शुक्रवार (16 सितंबर 2022) दोपहर तक गौतम अडानी 155.5 अरब डॉलर (12.41 लाख करोड़ रुपए) की संपत्ति के मालिक बन चुके हैं और इसी के साथ उन्होंने बर्नार्ड अरनॉल्ट को पछाड़ दिया है।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक गौतम अडानी से आगे अब बस एलन मस्क ही हैं, जो कि दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति हैं। ऐसा पहली बार हुआ है कि फोर्ब्स रियल टाइम बिलेनियर की रिपोर्ट में कोई भारतीय यहाँ तक पहुँचा है। सोशल मीडिया पर भी लोग अपने-अपने तरीके से गौतम अडानी को इस मुकाम के लिए बधाई दे रहे हैं।

अमीरों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर पहुंचे गौतम अडानी (फोटो साभार: लाइव हिंदुस्तान)

एक रिपोर्ट के अनुसार गौतम अडानी की संपत्ति का बड़ा हिस्सा अडानी ग्रुप के पास सार्वजनिक हिस्सेदारी से प्राप्त होता है, जिससे उन्होंने अडानी ग्रुप्स (Adani Groups) की स्थापना की थी। अडानी पावर (Adani Power), अडानी इंटरप्राइजेज और अडानी ट्रांसमिशन (Enterprises and Adani Transmission) में उनके पास 75% हिस्सेदारी भी है।

बता दें ये सभी कंपनियाँ सार्वजनिक रूप से कारोबार करती हैं और अहमदाबाद में स्थित हैं। वहीं गौतम अडानी के पास भारत में सबसे बड़ा बंदरगाह संचालक, थर्मल कोयला उत्पादक और कोयला व्यापार है। इसके अलावा वे अडानी टोटल गैस (Adani Total Gas) के लगभग 37%, अडानी पोर्ट्स और विशेष आर्थिक क्षेत्र (Adani Ports and Special Economic Zone) के 65% तथा अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) के 61% मालिक भी हैं।

गौरतलब है कि हाल ही गौतम अडानी ने एक संबोधन के दौरान बताया था कि अडानी समूह का संयुक्त बाजार पूँजीकरण इस साल 200 अरब डॉलर (₹16 लाख करोड़) तक पहुँच गया है। उन्होंने यह बात अडानी एंटरप्राइजेज की एनुअल जनरल मीटिंग में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए 26 जुलाई 2022 को कही थी।

इस दौरान गौतम अडानी ने कहा था, “हमने डेटा सेंटर, डिजिटल सुपर ऐप, औद्योगिक क्लाउड, रक्षा, एयरोस्पेस, धातु और सामग्री के क्षेत्रों में अपनी उपस्थिति दर्ज की है, ये आत्मानिर्भर भारत के साथ कदम से कदम मिलाकर एक होते हुए किया गया है। इस साल हमारा ग्रुप मार्केट कैपिटलाइजेशन 200 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा गया है। इसलिए, 2022 में, हमने भारत की सीमाओं से परे भी व्यापक विस्तार की नींव रखी।”

हैदराबाद के OYO होटल में 14 साल की लड़की के साथ 2 दिन तक गैंगरेप: रवीश अहमद और सैयद नैमथ गिरफ्तार

तेलंगाना के हैदराबाद से एक नाबालिग लड़की से गैंगरेप का मामला सामने आया है। यह घटना दबीरपुर इलाके की है। नशीला पदार्थ खिला कर होटल में नाबालिग के साथ बलात्कार करने के आरोप में दो आरोपितों सैयद नैमथ अहमद और सैयद रवीश अहमद मेहदी को गिरफ्तार किया गया है। इन पर आरोप है कि इन्होंने ओयो रूम में नाबालिग को नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दो दिन तक दुष्कर्म किया। पीड़िता 14 वर्षीय लड़की है, जो महात्मा गाँधी बस अड्डे के पास मिली थी।

पुलिस ने गुरुवार (15 सितंबर 2022) को इसकी जानकारी दी। पुलिस के मुताबिक, दबीरपुर के शा कॉलोनी में रहने वाले सैयद नैमथ अहमद (26 साल) और सैयद रवीश अहमद मेहदी (20 साल) ने पूछताछ के दौरान अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इन दोनों को स्थानीय अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, 13 सितंबर 2022 को 14 वर्षीय लड़की की माँ ने दबीरपुर थाने में अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि उनकी 14 साल की बेटी सोमवार (12 सितंबर 2022) रात करीब 7.45 बजे घर से दवा लेने के निकली थी, लेकिन वापस नहीं आई। उन्हें शक था कि उनकी बेटी का अपहरण कर लिया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस आईपीसी की धारा 363 के तहत अपहरण का मामला दर्ज कर मामले की जाँच में जुट गई।

पुलिस आयुक्त मीरचौक जी प्रसाद राव ने बताया कि पीड़िता ने अपने बयान में बताया है कि उसे दो व्यक्ति सैयद नैमथ अहमद (Syed Naimath Ahmed) और सैयद रवीश अहमद मेहदी (Syed Ravish Ahmed Mehdi) सृजाना स्टे इन होटल (OYO) और थ्री कैस्टल्स डीलक्स लॉज (OYO) लेकर गए थे। यहाँ इन दोनों ने नशीली गोलियाँ देकर उसके साथ बलात्कार किया।

मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी बात सामने आई है कि नाबालिग लड़की और आरोपित एक-दूसरे को जानते थे। इसी रिपोर्ट में दोनों आरोपितों के अब्बा की भी जानकारी दी गई है – रवीश आलम पुत्र सैयद अजीज और सैयद नैमथ पुत्र अहमद। ये एक ही इलाके दबीरपुर के शा कॉलोनी के रहने वाले हैं। आरोपित नाबालिग लड़की को बहला-फुसला कर ओयो रूम बुक करके लॉज ले गए थे। वहाँ दोनों लड़कों ने उसे नशीला पदार्थ खिला कर दो दिन तक उसके साथ बलात्कार किया।

बता दें कि दुष्कर्म का मामला मिलने पर इस केस में IPC की धारा 376DA (16 साल से कम उम्र की लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार) और यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पोक्सो) अधिनियम की धाराओं को जोड़ दिया गया है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की गई टोयोटा क्वालिस भी बरामद की है।