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हँसते हुए आईं तापसी पन्नू, कैमरा-माइक देख भड़क उठीं: राजू श्रीवास्तव से जुड़े सवाल को किया इग्नोर, लोग बोले- ‘घमंडी हो गई है’

बॉलीवुड अभिनेत्री तापसी पन्नू पिछले दिनों अपनी फिल्म ‘दोबारा’ की आलोचनाओं के बाद अब एक बार फिर सुर्खियों में आ गई हैं। इस बार वे अपनी किसी फिल्म के कारण नहीं बल्कि अपने बर्ताव के कारण चर्चा में हैं। दरअसल, एक वीडियो सामने आई है जिसमें वे दिवंगत कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को लेकर पूछे गए एक सवाल पर भड़कती दिख रही हैं।

अभिनेत्री तापसी पन्नू का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वे पैपराजी कैमरामैन पर भड़कती नजर आ रही हैं। जब उनसे कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा, “अरे भाई साहब, आप एक मिनट, आप एक मिनट, आप हटिए, आप ऐसे मत करिए, थोड़ा हटिए, थोड़ा हटिए, पीछे हटिए।”

इसके बाद वे बिना जवाब दिए आगे बढ़ गईं। उनकी इस तरह की प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर कुछ लोगों को लगता है कि वे घमंडी हो गई हैं और कुछ लोगों को उन पर दवा आ रही है। एक यूजर ने तो यहाँ तक कह दिया कि अभिनेत्री तापसी पन्नू पूरी तरह से पागल हो गई हैं।

कुछ कट्टरपंथीयों ने भी मनाया जश्न

गौरतलब है कि कॉमेडियन राजू श्रीवास्तव की मौत बुधवार (21 सितंबर 2022) को हुई। उनके निधन पर पीएम मोदी और सीएम योगी सहित कई दिग्गजों ने दुख जताया, लेकिन कुछ कट्टरपंथीयों ने जश्न मनाया। कई लोगों ने तो सोशल मीडिया पर उनको लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ भी की थीं।

‘मुल्ला इब्राहिम’ नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “राजू श्रीवास्तव एक धर्मांध व्यक्ति थे। वो एक नस्लवादी थे, इस्लाम विरोधी थे।” वहीं वसीम अकरम नाम के एक ट्विटर यूजर ने लिखा, “अपने जीवन के अंतिम चरण में राजू श्रीवास्तव ने मुस्लिमों को गालियाँ दी। कॉमेडी के चेहरे के पीछे एक शैतान छिपा हुआ था।”

इसी क्रम में एक अन्य यूजर ने लिखा, “राजू श्रीवास्तव ने नए स्टैंड अप कॉमेडियनों को नीचा दिखाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। हमने कुछ नहीं खोया है। Fu%k Him. उन्हें कॉमेडी की भावना के बारे में कुछ नहीं पता था, भले ही उन्होंने एकाध अच्छे चुटकुले मारे होंगे।”

‘हिंदू मंदिर 1-1 करोड़ रुपए दें, सरकारी बिल्डिंग बनेगी’ : तेलंगाना में बंदोबस्त विभाग के आदेश पर बवाल, ST नेताओं ने उठाए सवाल

तेलंगाना के वारंगल में राज्य सरकार के बंदोबस्त विभाग (Endowment Department) के एक अटपटे आदेश से हंगामा मच गया। दरअसल, अपने कार्यालय के तीन मंजिला निर्माण के लिए बंदोबस्त विभाग के अतिरिक्त आयुक्त ई श्रीनिवास राव (E Srinivas Rao) ने तीन मंदिरों को एक-एक करोड़ रुपए का योगदान देने को कहा है।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक, आदेश में वारंगल में भद्रकाली मंदिर, काजीपेट टाउन के मदिकोंडा गाँव में श्री सीतारामचंद्र स्वामी मंदिर और मुलुगु जिले के मेदारम गाँव के सम्मक्का-सरलम्मा जतारा आयोजकों का उल्लेख किया गया है। तीनों संस्थाओं को बंदोबस्त विभाग के उपायुक्त के नाम से एक ज्वॉइन्ट बैंक अकाउंट खोलने और उसमें राशि जमा करने के लिए कहा गया है। इसके साथ ही प्रत्येक मंदिर से एक करोड़ का योगदान करने को कहा गया है।

वहीं, भद्रकाली सेवा समिति के आयोजकों (Bhadrakali Seva Samithi Organizers) बी सुनील और बी वीरन्ना ने बंदोबस्त विभाग के फैसले का कड़ा विरोध किया। इसी तरह मेट्टू गुट्टा विकास समिति के सदस्यों ने भी राज्य सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई। इनके अलावा जनजातीय नेताओं ने वारंगल में बंदोबस्ती कार्यालय की तीन मंजिलों के निर्माण के लिए मंदिर के फंड से राशि माँगे जाने को गलत ठहराया है।

कई बार लूटा गया भद्रकाली मंदिर

जहाँ तक ​​भद्रकाली मंदिर का सवाल है, पिछली शताब्दियों में बहुत लूटपाट और क्षति का सामना करने के बाद, मंदिर को 1950 के दशक में एक उत्साही भक्त और कुछ परोपकारी संपन्न व्यापारियों द्वारा बहाल किया गया था। बताते हैं कि 1950 में, गुजराती बिजनेस मैन श्री मगनलाल के साथ देवी उपासक श्री गणेश राव शास्त्री द्वारा भद्रकाली मंदिर का जीर्णोद्धार कराया गया था।

वारंगल के भद्रकाली मंदिर को दक्षिण भारत के स्वर्ण मंदिर के रूप में भी जाना जाता है। वहीं मंदिर की चालुक्य शैली की वास्तुकला भी प्रशंसनीय है। मंदिर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय एक सुनहरा रंग धारण करता है, इसलिए, इसे ‘दक्षिण भारत का स्वर्ण मंदिर’ भी कहा जाता है।

15 साल के स्कूली छात्र की दिनदहाड़े चाकू से गोदकर हत्या, अब तक कोई गिरफ्तार नहीं: इंग्लैंड के हडर्सफ़ील्ड की घटना

इंग्लैंड के हडर्सफ़ील्ड से एक 15 साल के स्कूली छात्र की हत्या का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि छात्र को चाकू से गोदा गया, जिसके कारण उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मामले में जाँच शुरू कर दी है। यह घटना नॉर्थ हडर्सफ़ील्ड ट्रस्ट स्कूल की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पुलिस अधिकारियों को बुधवार (21 सितंबर 2022) को दोपहर के लगभग 3 बजे के आस-पास एक फोन कॉल के माध्यम से घटना के बारे में पता चला। प्राथमिक सूचना में पुलिस को बताया गया कि वुडहाउस हिल, फारटाउन में एक बच्चे पर हमला हुआ है, वह गंभीर रूप से घायल है।

पुलिस का कहना है कि जब उनकी टीम घटनास्थल पर पहुँची तो पीड़ित छात्र की हालत बेहद गंभीर थी। उन्होंने इमरजेंसी में सर्जरी के लिए उसे सरकारी अस्पताल ‘लीड्स जनरल इंफरमरी (Leeds General Infirmary)’ भर्ती करवाया, मगर अस्पताल में इलाज के दौरान उसे मृत घोषत कर दिया गया।

नहीं हुई कोई गिरफ़्तारी

इस मामले में वेस्ट यॉर्कशायर पुलिस जाँच में जुट चुकी है। लेकिन मृत लड़के की पहचान को गुप्त रखा गया है। वहीं इस हत्या के संदर्भ में पुलिस द्वारा कोई गिरफ़्तारी भी नहीं की गई है। वरिष्ठ जाँच अधिकारी डीएस मार्क बोवेस (DS Marc Bowes) इस हत्या की जाँच कर रहे हैं।

बोवेस ने इस मामले में बताया कि उन्होंने कई गवाहों की पहचान की है। वह हर उस व्यक्ति की भी बात सुनेंगे, जिसके पास कोई जानकारी है। उन्होंने कहा, “हमारी जाँच अभी तक शुरुआती चरण में हैं और हम इस घटना के आसपास की पूरी परिस्थितियों को स्थापित करने के लिए व्यापक पूछताछ करेंगे।”

डीएस मार्क बोवेस ने कहा, “हम किर्कलीस जिले में अपने सहयोगियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।” वहीं पुलिस ने इस मामले में सहयोग करने या जानकारी देने वाले किसी भी व्यक्ति को 101 या ऑनलाइन अपराध संदर्भ 13220521713 के माध्यम से एचएमईटी जासूसों से संपर्क करने के लिए कहा है।

इस्लामी स्कॉलर मोहम्मद हिजाब: लेस्टर में जिसने हिंदुओं पर हमला करने के लिए मुस्लिमों को उकसाया, कुत्तों और यहूदियों से करता है नफरत

इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) में हिंदुओं पर हमले के बीच इस्लामी स्कॉलर मोहम्मद हिजाब (Mohammed Hijab) को हिंदू धर्म का मजाक उड़ाते और मुस्लिमों को हिंदुओं पर हमला करने के लिए उकसाते हुए देखा गया। सोशल मीडिया इसका वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में वह नकाबपोश कट्टरपंथी मुस्लिमों के साथ बातचीत करते हुए दिखाई दे रहा है।

मोहम्मद हिजाब (Mohammed Hijab) अपने चाहने वालों के लिए यूट्यूब वीडियो भी बनाता है। काफी फेमस भी है वो कट्टरपंथियों के बीच। लेस्टर (Leicester) में हिंदुओं पर हमले के भड़कावे के लिए उसने ‘हिंदुत्व’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी किया।

स्थानीय हिंदुओं को सबक सिखाने के लिए और उन पर हमला करने के लिए यह मोहम्मद हिजाब ही था, जिसने कट्टरपंथी मुस्लिमों को उकसाया। उसके उकसावे के बाद वीडियो के अंत में सभी को जोर-जोर से अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाते हुए देखा जा सकता है।

वर्ल्ड हिंदू काउन्सिल (World Hindu Council) नाम के ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो को शेयर किया गया है। उन्होंने लिखा, “मुस्लिम कट्टरपंथी मोहम्मद हिजाब ने इससे पहले लंदन में यहूदियों के खिलाफ कट्टरपंथियों को हिंसा के लिए उकसाया था। वह अब लेस्टर में नकाबपोश लोगों की भीड़ के साथ है और स्थानीय हिंदुओं पर हमले की योजना बना रहा है। हम मोहम्मद हिजाब की तुरंत गिरफ्तारी की माँग करते हैं।”

मोहम्मद हिजाब (Mohammed Hijab) की भड़काऊ भीड़ वाले वीडियो में आप एक कट्टरपंथी इस्लामी को सुन सकते हैं, “जब हम उनके पास होते हैं, तो वे (हिंदू) हमसे डरते हैं।” इस पर हिजाब ने कहा, “वे जानते हैं कि हम सच्चाई से अच्छे से वाकिफ हैं। इज्जत चाहिए तो इज्जत करना सीखो।”

भीड़ की सनक को देखते हुए मोहम्मद हिजाब ने इसके बाद धमकी देते हुए कहा, “हिंदुत्व (हिंदू), आप गैंगस्टर की तरह काम करने की कोशिश कर रहे हैं… फिर कभी उस तरह से बाहर न आएँ (लेस्टर में हिंदुओं के विरोध का जिक्र करते हुए)। क्या आप समझे? क्या वे फिर से बाहर आने वाले हैं?”

इसके बाद भीड़ अल्लाह-हू-अकबर के नारे लगाने लगती है। तभी मोहम्मद हिजाब फिर कहता है, “अगर हिंदुओं ने उनके साथियों (कट्टरपंथी मुस्लिमों) द्वारा की गई हिंसा का विरोध करने की कोशिश की तो वह और उनके समर्थक वहाँ मौजूद होंगे।”

एक इंस्टाग्राम पोस्ट में भी हिजाब को नकाबपोश इस्लामी कट्टरपंथियों की एक उन्मादी भीड़ का नेतृत्व करते हुए देखा गया था। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा था, “लेस्टर में गश्त के दौरान मुस्लिम।”

यहाँ भी मोहम्मद हिजाब (Mohammed Hijab) ने नास्तिकों और मजहब का त्याग करने वालों को हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ भड़काया। उसने कहा कि उन्हें हिंदुओं पर निशाना साधते हुए उन पर मजाक का एक पूरा वीडियो बनाना चाहिए।

मोहम्मद हिजाब के ट्वीट का स्क्रीनग्रैब

आपको बता दें कि सामुदायिक सुरक्षा ट्रस्ट (सीएसटी) ने मोहम्मद हिजाब को 2021 में एक प्रभावशाली इस्लामी यूट्यूबर बताया था। वह इससे पहले लंदन में इजरायल विरोधी प्रदर्शन का हिस्सा था, जिसमें उसने कुत्तों और यहूदियों को मारने की धमकी दी थी।

एक वीडियो में मोहम्मद हिजाब एक पुलिस निरीक्षक से कहता है कि अगर वे कुत्तों को दूर नहीं रखेंगे, तो वह उन्हें मार डालेगा।

बता दें कि एशिया कप 2022 में भारत-पाकिस्तान मैच के बाद लेस्टर शहर में अशांति फैलाने के आरोप में 28 अगस्त से अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो लोगों को शनिवार (17 सितंबर 2022 ) और रविवार (18 सितंबर 2022) को गिरफ्तार किया गया था। लेस्टर पुलिस ने सोमवार (19 सितंबर 2022) को ट्वीट कर यह जानकारी दी थी।

‘ट्रैफिक जाम था, दौड़कर कोर्ट आई हूँ’ : अदालत पहुँचने में लेट हुईं महिला वकील, जज ने ट्रैफिक SP से जवाब माँगा

इलाहाबाद हाई कोर्ट में एक महिला वकील केस की सुनवाई के दौरान ट्रैफिक जाम के कारण लेट हुईं तो न्यायाधीश ने ऑर्डर दिया कि इस मामले में ट्रैफिक एसपी आकर अदालत को जवाब दें। मामला बुधवार (22 सितंबर 2022) का है। अदालत ने ट्रैफिक एसपी से कोर्ट में 23 सितंबर को पेश होने को कहा है।

जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की खंडपीठ ने प्रयागराज के ट्रैफिक एसपी से ट्रैफिक जाम से निजात पाने के लिए योजनाएँ बनाकर लाने को कहा। उन्होंने पूछा कि ट्रैफिक जाम से शहर को बचाने के लिए क्या इंतजाम हैं? इतना ट्रैफिक क्यों लगता है? महिला वकील को 1 घंटे इस ट्रैफिक में क्यों फँसना पड़ा?

बता दें कि इलाहाबाद हाई कोर्ट में बुधवार को तैयबा नाम की महिला के केस की सुनवाई चल रही थी। तैयबा ने अपने शौहर से गुजारा भत्ते की माँग पहले निचली अदालत में की थी। इसके बाद इलाहाबाद हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की। केस में तैयबा की वकील सहर नकवी हैं। बुधवार को केस की तीसरी सुनवाई हाई कोर्ट में जस्टिस सौरभ श्याम शमशेरी की बेंच के समक्ष होनी थी। लेकिन नकवी समय से कोर्ट पहुँचने में लेट हो गई। जिसकी वजह उन्होंने ट्रैफिक जाम को बताया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को वकील सहर नकवी को उच्च न्यायालय के पास ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ा। उन्हें अपनी कार उच्च न्यायालय के गेट से लगभग 1 किमी दूर खड़ी करनी पड़ी। वहाँ से उन्हें दौड़ कर कोर्ट तक आना पड़ा। शाम 4 बजे से पहले कोर्ट नहीं पहुँचने के कारण अदालत ने यह केस खारिज कर दिया। महिला वकील को केस खारिज होने की जानकारी मिली, तो उन्होंने अदालत से इस मामले की सुनवाई आगे करने की गुहार लगाई।

उन्होंने (नकवी) अदालत को जानकारी दी कि वह नोटिस की कॉपी व दूसरे दस्तावेज अपने साथ लाई हैं। उन्हें कोर्ट पहुँचने में सिर्फ इसलिए देरी हुई क्योंकि डिस्ट्रिक्ट कोर्ट से लेकर हाई कोर्ट तक जबरदस्त जाम लगा हुआ था। वह करीब एक घंटे तक जाम में फँसी रहीं। जाम से निकलने की उम्मीद खत्म होने पर वह अपनी कार बीच रास्ते में छोड़कर पैदल ही कोर्ट आई हैं।

जेलर पर तानी पिस्तौल, जान से मारने की धमकी दी: 19 साल पुराने केस में मुख्तार अंसारी को 7 साल की जेल, जुर्माना साथ में

माफिया मुख्तार अंसारी को 19 साल पुराने एक केस में 7 साल की जेल हुई है। बहुजन समाज पार्टी से विधायक रह चुके अंसारी पर आरोप था कि उसने साल 2003 में एक जेलर से गाली-गलौच की, उनके ऊपर पिस्तौल तानी और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। कथिततौर पर उसने जेलर एसके अवस्थी को कहा था- ‘आज जेल से बाहर निकलो, तुमको मरवा दूँगा’

मालूम हो कि इस पूरे मामले में पहले निचली अदालत ने अंसारी को बरी कर दिया था। हालाँकि बाद में राज्य सरकार की अपील को मंजूर करते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट में दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने मामले को सुना और इस पुराने केस पर अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने अंसारी को आईपीसी की धारा 253, 504, 506 के तहत दोषी पाया।

कोर्ट ने मुख्तार को पाया दोषी, 7 साल की सजा

कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को धारा 353 के तहत दोषी करार देते हुए 2 साल की सजा दी, 10 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। धारा 504 के तहत उसे दो साल की सजा दी गई, 2000 रुपए जुर्माना लगाया गया। इसके साथ आईपीसी की धारा 506 के तहत अंसारी को 7 साल की सजा व 25000 का फाइन लगाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये सारी धाराओं में मिली सजाएँ अंसारी पर एक साथ चलेंगी।

19 साल पहले जेलर को दी धमकी

साल 2003 में लखनऊ की डिस्ट्रिक्ट जेल में बंद मुख्तार अंसारी से कुछ लोग मिलने आए थे, उस समय एस के अवस्थी वहीं तैनात थे। अपनी ड्यूटी निभाते हुए अवस्थी ने सबकी तलाशी करवाई और उन्हें अंसारी से मिलने को मना कर दिया। अंसारी इस बात पर भड़का। उसने अपने सहयोगी की बंदूक को निकाला। जेलर को गाली दी, उनपर रिवॉल्वर तानी और धमकाते हुए कहा- “आज तुम जेल से बाहर निकलो तुम्हें मरवा दूँगा।”

जेल ने बाद में इस संबंध में एफआईआर दर्ज करवाई। आगे इस मामले में विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर हुई। इसके बाद इस मामले को निचली अदालत में सुना गया। जहाँ कोर्ट ने अंसारी को बरी कर दिया। लेकिन राज्य सरकार की अपील पर यह मामला दोबारा खुला। हाईकोर्ट को बताया गया कि कैसे अंसारी राज्य में बाहुबलियों में शामिल नाम है। उसके नाम से सामान्य जन तो क्या सरकारी अधिकारी भी काँपते थे।

इसी पूरे केस पर हाई कोर्ट ने फिर से मामले को सुना और पाया कि जेलर ने पहले अपने पहले बयान (2003) में मुख्तार पर यही आरोप लगाए थे। लेकिन बाद में वह मुकर गए क्योंकि उनका अगला बयान दर्ज ही 10 साल बाद (2014) हुआ। इस अंतराल में वह रिटायर भी हो चुके थे और उन्हें अंसारी के आपराधिक इतिहास का भी अच्छे से मालूम चल चुका था, जिसके कारण उन्हें अपनी व अपने परिवार की सुरक्षा की चिंता होना लाजिमी था।

मुख्तार अंसारी पर केस और एक्शन

मुख्तार अंसारी के खिलाफ 55 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें से 40 तो गाजीपुर के एक ही थाने में दर्ज हैं। उसके ऊपर दंगा भड़काने, हत्या, डकैती, अपहरण जैसे संगीन मामले दर्ज हैं। अधिकांश मामलों में ट्रायल चल रहा है। योगी सरकार लगातार उसके विरुद्ध कार्रवाई कर रही है। अब तक उसकी 527 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति पर शिकंजा कसा है। उसके करीबियों की 246 करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति जब्त हो चुकी है।

300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया विप्रो ने… ‘मूनलाइटिंग’ करके कमा रहे थे एक्स्ट्रा पैसे

सूचना प्रौद्योगिकी कंपनी विप्रो लिमिटेड (Wipro Limited) ने अपने 300 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। कंपनी ने दावा किया है कि ये तमाम कर्मचारी विप्रो की प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के लिए चोरी छुपे काम किया करते थे। बता दें कि पिछले कुछ समय में ‘मूनलाइटिंग (moonlighting)’ के खिलाफ ये किसी कंपनी की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बुधवार (21 सितंबर 2022) को अखिल भारतीय प्रबंधन संघ (एआईएमए) के राष्ट्रीय सम्मेलन में विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी (Rishad Premji) ने इस मामले पर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि विप्रो कंपनी के पास ऐसे किसी भी कर्मचारी के लिए कोई जगह नहीं है, जो विप्रो से सैलरी लेते हुए प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के साथ भी काम करते रहते हैं।

विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी ने कहा:

“कर्मचारी अपने दूसरे या सप्ताहांत के काम के बारे में संगठन के साथ पारदर्शी ढंग से बातचीत कर सकते हैं। हमने लेकिन 300 ऐसे कर्मचारियों की खोज की, जो प्रत्यक्ष प्रतिद्वंद्वी कंपनियों के लिए काम कर रहे थे।”

बता दें कि यदि कोई कर्मचारी एक समय में एक से अधिक कंपनी में कार्य करता है तो उसे ‘मूनलाइटिंग’ कहा जाता है।

क्या है मूनलाइटिंग?

मूनलाइटिंग (moonlighting) यानी एक समय में एक से अधिक कंपनी के लिए काम करना। वर्क फ्रॉम होम के कारण (जो कोविड के दिनों के बाद से इंटरनेट आधारित कंपनियों के लिए सुचारू ढंग से काम चलाते रहने का एक आदर्श सा बन गया) बहुत सारे कर्मचारी मूनलाइटिंग के पक्ष में रहते हैं। कंपनी से मिलने वाली सैलरी के अलावे वो एक्स्ट्रा काम करके कुछ अधिक कमाने की सोच रखते हैं।

विप्रो के चेयरमैन ऋषद प्रेमजी (Rishad Premji) ने हाल ही में इसको लेकर एक ट्वीट भी किया। ‘मूनलाइटिंग’ की तुलना उन्होंने धोखाधड़ी से की। उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा, “तकनीक उद्योग में मूनलाइटिंग करने वाले लोगों के बारे में बहुत सारी बकवास है। सादा और सरल भाषा में यह धोखा है।”

ऋषद प्रेमजी से उलट टेक महिंद्रा के सीईओ सीपी गुरनानी ने ‘मूनलाइटिंग (moonlighting)’ का समर्थन किया और लिखा, “समय के साथ बदलते रहने के लिए मूनलाइटिंग जरूरी है।” विप्रो के चेयरमैन ने यह भी बताया कि मूनलाइटिंग को धोखाधड़ी का नाम देने के बाद उन्हें बहुत सारे हेट मेल भी प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बाद भी वे अपनी बात पर अडिग हैं।

‘मुझको मेरी बीवी से एक बार मिलवा दो’ : कन्हैयालाल का गला रेतने वाला रियाज NIA के सामने गिड़गिड़ाया, रोते हुए पूछा- घरवाले क्यों नहीं मिलने आ रहे

राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को टेलर कन्हैयालाल की बेरहमी से हत्या करने वाले मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद अब अपने परिवार से मिलने के लिए तड़प रहे हैं। रियाज राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) के अधिकारियों से बार-बार यही बात पूछ रहा है कि क्या उनके परिवार से कोई उनसे मिलने नहीं आया? रियाज ने रोते हुए कहा कि वह अपनी बीवी से एक बार मिलना चाहता है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 16 सितंबर 2022 को पहली बार NIA की टीम दोनों को उदयपुर लेने पहुँची। कड़ी सुरक्षा के बीच देर रात उन्हें भूपालपुरा थाने में लाया गया। थाने में अधिकारियों ने रियाज और गौस से व्हाट्सएप समेत पाकिस्तान कनेक्शन और पीएफआई संगठन से जुड़े कई सवाल पूछे।

96 घंटे की पूछताछ के बाद 20 सितंबर 2022 को NIA टीम ने हत्यारों को जयपुर से अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में शिफ्ट कर दिया। यहाँ दोनों को अलग अलग बैरक में रखा गया है।

इस दौरान रियाज एनआईए के अधिकारियों के सामने रियाज काफी रोया और उनसे मिन्नतें कीं कि उसे एक बार उसकी बीवी से मिला दिया जाए। उसने कहा कि अब तक जेल में क्यों उससे मिलने परिवार का कोई सदस्य नहीं आया? क्या वह एक बार भी अपने करीबी रिश्तेदारों से मिलने का अधिकार नहीं रखता?

बता दें कि कन्हैयालाल की हत्या मामले में गिरफ्तार 9 आरोपितों में से केवल गौस मोहम्मद के परिजन ही उससे मिलने आए हैं बाकी किसी के परिजनों ने उनसे मुलाकात नहीं की।

उदयपुर में कन्हैयान लाल की हत्या

गौरतलब है कि उदयपुर के कन्हैयालाल ने इस साल 15 जून को पुलिस में शिकायत दी थी और सुरक्षा की माँग की थी। उन्होंने कहा था कि उन्हें जान से मारने की धमकी दी जा रही है। इसके बाद 28 जून 2022 को मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद कपड़ा सिलवाने के बहाने से कन्हैयालाल की दुकान में घुसे थे और उनकी हत्या को अंजाम दिया गया था।

इस दौरान एक उनका वीडियो बना रहा था, जबकि दूसरा अपना नाप देने का नाटक कर रहा था। वीडियो में दिख रहा था कि दोनों ने कन्हैया को निशाना तब बनाया जब वह नाप लेने में व्यस्त हो गए। इसके बाद ही इन्होंने अचानक से उनके ऊपर हमला किया। कन्हैया चीखते रहे, लेकिन आरोपितों ने दबोच कर उनका सिर कलम कर दिया। खून से लथपथ कन्हैया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया था। दुकान में मौजूद 2 कर्मचारियों ने कन्हैयालाल को बचाने की कोशिश की थी। लेकिन उन दोनों पर भी हमला कर दिया गया। इस दौरान एक कर्मचारी ईश्वर सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।

जैसे कश्मीर से भगाया, वैसे ही लेस्टर से ‘हिंदू कुत्तों’ का सफाया करो: 9 परिवारों का पलायन, कट्टरपंथियों के आतंक के कारण घरों से हिंदू-प्रतीक गायब

इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) शहर में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदुओं और मंदिरों पर हमला करने के बाद से वहाँ डर का माहौल है। इस बात का खुलासा हेनरी जैक्सन रिसर्च फेलो शार्लोट लिटिलवुड (Charlotte Littlewood) ने GB News से बातचीत में किया है। उन्होंने बताया कि लेस्टर में हिंदू परिवार दहशत के साए में जीने को मजबूर हैं। 9 हिंदू परिवारों ने पलायन कर लिया है। वहाँ कट्टरपंथी मुस्लिमों के आतंक से वे अपने घरों के बाहर हिंदू-प्रतीक तक नहीं लगा सकते।

लिटिलवुड ने एंकर को बताया कि लेस्टर में हिंदू डर के साए में जी रहे हैं। उन्हें उनके घरों के बाहर हिंदू-प्रतीक तक नहीं लगाने दिया जा रहा है। डर की वजह से 9 हिंदू परिवारों ने पलायन कर लिया है। लिटिलवुड ने 5.22 मिनट के वीडियो में (50 सेकंड से 1.51 मिनट तक) कहा, “हमने देखा कैसे कट्टरपंथी लोगों ने हिंदुओं के खिलाफ सड़कों पर उतरकर नारेबाजी की। हिंदू भारतीयों के खिलाफ इतनी बड़ी संख्या में इन लोगों ने प्रोटेस्ट किया। इससे हिंदू बेहद डरे हुए हैं।”

इस मामले से जुड़ी जानकारी देते हुए उन्होंने न्यूज चैनल को (4.05 से 5.10 मिनट के बीच) बताया, “लेस्टर में हमने जो सड़कों पर हिंसा देखी, उसके लिए कट्टरपंथियों का आह्वान किया गया था। हमने खुद 30 से 200 लोग सड़कों पर उतरे देखे। इनमें आधे से ज्यादा लेस्टर के बाहर से बुलाए गए थे।”

लिटिलवुड ने आगे कहा, “सोशल मीडिया की बात करें तो विभिन्न सोशल मीडिया अकॉउंट्स से हजारों पोस्ट किए गए थे। इनमें हिंदुओं को काटने के लिए, उनका सफाया करने के लिए कहा गया था। पोस्ट में कहा जा रहा था, ‘जैसे हमने हिंदुओं का कश्मीर से सफाया किया वैसे ही यहाँ भी करो।’ इसके अलावा पोस्ट में लिखा था, इन (हिंदू) कुत्तों को कुचलो/दबाओ।“

लिटिलवुड ने कहा कि इस तरह के संदेशों का बार-बार दिखना बेहद दुखद है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि इस्लामी कट्टरपंथी समूह द्वारा ये सब निस्संदेह सुनियोजित ढंग से किया गया। इन सबका नेतृत्व उन कट्टरपंथी इन्फ्लुएंसरों ने किया जिनके यूट्यूब पर लाखों सब्सक्राइबर हैं। ये लोग अपने समुदाय के लोगों को लेस्टर बुला रहे थे। इनका अगला टारगेट लंदन में स्थित भारत उच्चायोग हो सकता है।

लेस्टर में हिंदू विरोधी हिंसा

बता दें कि इंग्लैंड के लेस्टर (Leicester) में इस्लामी कट्टरपंथियों द्वारा हिंदू लोगों पर हमला करने के मामले में एडम यूसुफ (Adam Yusuf) नाम के शख्स को एक साल की सजा सुनाई गई है। 18 सितंबर 2022 को लेस्टर में हिंदू लोगों पर हमले (मेनस्ट्रीम मीडिया इसे प्रदर्शन बता रही) में चाकू ले जाने का जुर्म कबूल करने के बाद लेस्टर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने उसे एक साल की जेल की सजा दी है। इस मामले में 2 दिन में सुनाई गई यह दूसरी सजा है।

इससे पहले 20 वर्षीय ऐमॉस नोरोन्हा (Amos Noronha) को प्रतिबंधित हथियार रखने का दोषी पाया गया था। ऐमॉस नोरोन्हा को सोमवार (20 सितंबर 2022) को 10 महीने जेल की सजा सुनाई गई थी। शहर में अशांति फैलाने के आरोप में 28 अगस्त से अब तक 47 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से दो लोगों को शनिवार (17 सितंबर 2022 ) और रविवार (18 सितंबर 2022) को गिरफ्तार किया गया था।

हिंदू लड़की हो लेकिन मदरसे में पढ़ो, इस्लामी कपड़े पहनो… वरना उठा लूँगा: UP पुलिस ने 6 को दबोचा, लड़कियों ने डर के मारे छोड़ दिया था स्कूल जाना

उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में मुस्लिम युवकों द्वारा परेशान करने पर हिन्दू समाज की 3 नाबालिग बहनों ने पढ़ाई छोड़ दी। आरोप है कि इन तीनों बहनों पर मदरसे में पढ़ने का दबाव बनाया जा रहा था। इसी के साथ उन्हें स्कूल की यूनिफॉर्म पहनने पर भी टोका जाता था। पीड़िताओं ने आरोपितों पर छेड़छाड़ करने और गंदे मैसेज भेजने का भी आरोप लगाया है। पुलिस ने FIR दर्ज करके 6 आरोपितों को जेल भेज दिया है।

यह मामला उन्नाव जिले के थानाक्षेत्र मौरांवां के गाँव लच्छी खेड़ा का है। यहाँ पीड़िता के पिता ने पुलिस ने तहरीर देकर खुद को 3 बेटियों का पिता बताया है, जो राजवाड़ा स्कूल में पढ़ती हैं। पीड़ित पिता के मुताबिक वो गाँव में लगभग 4 साल से रहता है और तब से मुस्लिम समुदाय के जीशान, गुड्डू, अतीक, राजा और 4-6 अन्य लड़के उनकी बेटियों को परेशान करते हैं। शिकायत में बताया गया है कि उनकी नाबालिग लड़की से 15 सितम्बर को ट्यूशन से आते समय न सिर्फ अश्लील हूटिंग की गई बल्कि शिकायत करने पर आरोपित मारपीट पर भी आमादा हो गए।

पीड़िता के पिता ने दावा किया है कि उनकी बेटियों के मोबाइल में आरोपितों द्वारा भेजे गए अश्लील मैसेज मौजूद हैं। उनका ये भी कहना है कि आरोपित पक्ष उन्हें झूठे केस में भी फँसाने की धमकी देता रहता है। अपनी शिकायत में पीड़ित पिता ने पुलिस से आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है।

पुलिस ने IPC की धारा 354 (ग), 506 व IT एक्ट की धारा 67 के तहत केस दर्ज कर लिया है। इस FIR में नामजद आरोपितों जीशान, राजा और अतीक के अलावा 4 अन्य अज्ञात दर्ज हैं। ऑपइंडिया के पास इस मामले की FIR कॉपी मौजूद है। इन मामले में अब तक पुलिस 6 को गिरफ्तार कर चुकी है।

एक वायरल वीडियो में लड़की आरोप लगा रही है कि उसे अलग-अलग नम्बरों से मैसेज और धमकियाँ आती हैं। लड़की ने कहा कि आरोपित उससे कहते हैं कि जैसे वो कहें, वैसे रहो क्योंकि उसे अपनी मर्जी से नहीं रहने दिया जाएगा। पीड़िता ने ये भी कहा कि उसे जिले के SP और DM से भी मिलने नहीं दिया गया।

पीड़ित लड़कियों के अनुसार आरोपित युवक हर दिन उनका रास्ता रोक कर – मुस्लिमों वाले कपड़े पहनो, मदरसे में पढ़ने जाओ नहीं तो तुम लोगों को घर से उठा लेंगे – जैसी धमकियाँ देते थे। पीड़ित तीनों बहनें 11वीं कक्षा, कक्षा 8 और कक्षा 6 में पढ़ती हैं।

हैदराबाद से ‘दबाव’ वाला फोन

ऑपइंडिया ने पीड़ित पिता से बात की। उन्होंने बताया कि उनका गाँव मुस्लिम बहुल हैं, जहाँ लगभग 60% मुस्लिम और 40% हिन्दू हैं। इसी के साथ उन्होंने बताया कि FIR के बाद पुलिस ने कई गिरफ्तारियाँ की हैं। इस कारण से उनके ऊपर काफी दबाव आ रहा है। पीड़िता के पिता ने कैफ नाम के एक आरोपित के पक्ष में हैदराबाद से भी फोन आने की जानकारी दी और कहा कि पुलिस ने उनके घर के आगे सुरक्षाकर्मी लगा रखे हैं।