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पंजाब ले जाया जा रहा था ₹200 करोड़ का ड्रग्स, गुजरात में धरा गई पाकिस्तानी नाव: Pak के 6 तस्कर भी पकड़े गए

गुजरात में बुधवार (14 सितंबर, 2022) एंटी टेरर स्क्वाड (ATS) और इंडियन कोस्ट गार्ड (ICG) की टीम ने एक पाकिस्तानी बोट को ड्रग्स के साथ पकड़ा। खबर है कि एटीएस और इंडियन कोस्ट गार्ड की एक टीम ने राज्य के तट पर अरब सागर में एक मछली पकड़ने वाली पाकिस्तानी नाव से 200 करोड़ रुपए की 40 किलोग्राम हेरोइन को जब्त किया है।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक बोट में ड्रग्स के साथ-साथ एजेंसियों ने 6 पाकिस्तानी नागरिकों को भी पकड़ा है और अब आगे की जाँच व कार्रवाई के लिए उन्हें जाखू लाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि आईसीजी के निगरानी दल ने इस पाकिस्तानी बोट को गुजरात के जाखू तट से 33 समुद्री मील दूर इस भारतीय जल सीमा में पकड़ा।

ATS ने जारी की स्टेटमेंट

इस बोट के बारे में जानकारी देते हुए एंटी टेरर स्क्वाड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि गुजरात तट से दूर अरब सागर में एक पाकिस्तानी मछली पकड़ने वाली नाव से 200 करोड़ रुपए की कीमत वाली 40 किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई है। अधिकारी ने यह भी बताया कि इस हेरोइन को गुजरात तट पर उतारने के बाद सड़क के रास्ते से पंजाब ले जाया जाना था।

ATS के अधिकारी के मुताबिक, एक विशेष सूचना के आधार पर एजेंसी की टीम ने पाकिस्तान से रवाना हुई इस नाव को रोका था। इस बोट को कच्छ जिले के जाखू बंदरगाह के पास तटरक्षक बल और एटीएस की एक संयुक्त टीम ने बीच समुद्र में दबोचा गया। इसमें सवार सभी 6 नागरिक पाकिस्तानी हैं और ये लोग बुधवार (14 सितंबर) को 40 केजी ड्रग्स के साथ गुजरात तट पर उतरने वाले थे।

ATS ने कुछ दिनों पहले भी ड्रग्स से भरा कंटेनर पकड़ा

गौरतलब है कि बीते 9 सितंबर को गुजरात एटीएस और राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) की संयुक्त टीम ने पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के एक बंदरगाह के पास संदिग्ध कंटेनर को पकड़ा था। इससे 197.82 करोड़ रुपये मूल्य की 39.5 किलोग्राम हेरोइन भी जब्त की गई थी। बताया जा रहा है की इस स्क्रैप के बॉक्स में ये ड्रग्स को यूएई के दुबई से भारत लाया गया था। गुजरात के पुलिस महानिदेशक आशीष भाटिया ने इसकी जानकारी दी थी।

अतीक अहमद के मकान सहित ₹16 करोड़ की संपत्ति की जब्ती की कार्रवाई शुरू, अब तक ₹600 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्क कर चुकी है योगी सरकार

उत्तर प्रदेश के कुख्यात बाहुबली अतीक अहमद (Ateeq Ahmad) पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) सरकार की कार्रवाई जारी है। अब योगी सरकार ने अतीक के अब लखनऊ और प्रयागराज की तीन संपत्तियों की कुर्की की।

बुधवार (14 सितंबर 2022) को यूपी सरकार की कार्रवाई में अतीक का लखनऊ के सीतापुर रोड पर स्थित शेरवानी नगर फजुल्लागंज में 800 मीटर में बने भवन को कुर्क करने का काम जारी है। इस मकान की कीमत 8 करोड़ रुपए है और इसे अतीक ने साल 2018 में खरीदा था। यह मकान अतीक की बीवी शाइस्ता परवीन के नाम पर है।

लखनऊ के अलावा, प्रयागराज में भी अतीक की संपत्तियों की कुर्की करने की कार्रवाई जारी है। प्रयागराज में जिन संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है कि वे दो भूखंड हैं। ये प्रयागराज के कसारी मसारी में स्थित हैं। इनकी कीमत 8 करोड़ रुपए से अधिक है।

एक जमीन का रकबा 0.1480 हेक्टेयर और दूसरी जमीन का रकबा 0.1260 हेक्टेयर है। ये दोनों भूखंड माफिया अतीक अहमद के नाम पर है। अतीक पर यह कार्रवाई गैंगस्टर ऐक्ट के तहत की जा रही है। अतीक इस समय गुजरात के साबरमती जेल में बंद है।

इसके अलावा, कुख्यात गौ तस्कर और समाजवादी पार्टी के ब्लॉक प्रमुख मोहम्मद मुजफ्फर की भी प्रयागराज स्थित बमरौली में संपत्तियों को चिन्हित किया गया है। मो. मुजफ्फर की 11 करोड़ की प्रॉपर्टी कुर्की के लिए जिलाधिकारी के पास आवेदन भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही इस संपत्ति को भी कुर्क कर लिया जाएगा।

बता दें कि अतीक अहमद पाँच बार विधायक और एक बार सांसद रहा है। वह पिछले चार सालों से विभिन्न मुकदमों में जेल में है। हाल ही में उसे प्रयागराज के पास स्थित नैनी सेंट्रल जेल से अहमदाबाद जेल भेज दिया गया था।

अतीक अहमद के दोनों बेटे और छोटा भाई अशरफ भी अलग-अलग जेल में बंद हैं। अतीक के पुश्तैनी मकान और कार्यालय भवन को पुलिस ने पहले ही ढहा दिया है। अतीक अहमद की अब तक 600 करोड़ रुपए से अधिक की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। वहीं, अन्य संंपत्तियों की पहचान का काम जारी है।

कहीं आप भी लोन के ऑनलाइन जाल में तो नहीं फँस रहे? देश में कई आत्महत्याओं का चीन कनेक्शन, समझिए कर्ज देने के नाम पर कैसे होता है सारा खेल

आजकल ठगी और ब्लैकमेल के कई तरीके शातिरों द्वारा अपनाए जा रहे हैं। इनमें से एक है कर्ज देने के नाम पर ठगी। कम समय में लोगों को कर्ज देने के नाम पर चीनी एप के माध्यम से ठगी आजकल आम बात हो गई है। पुलिस ने ऐसे कई अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इसके शिकार लोग ब्लैकमेलिंग और धमकी के कारण बड़ी संख्या में आत्महत्या कर रहे हैं।

एप के माध्यम से कर्ज देकर बाद में लोगों को ब्लैकमेल कर ठगी करने वाले शातिरों ने पुलिस के बाद पूछताछ ने महत्वपूर्ण खुलासे किए हैं। आरोपियों ने बताया कि कर्ज देने के लिए वे छह चीनी एप का इस्तेमाल करते थे। इन ऐप को डाउनलोड करते ही लोगों के मोबाइल का सारा डाटा उनके पास पहुँच जाता था। इसके बाद उनका ब्लैकमेल का काम शुरू हो जाता था।

दरअसल, मंगलवार (13 सितंबर 2022) को चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल ने ब्लैकमेलिंग और ठगी करने गिरोह के 21 लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपितों ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उनसे 60 एजेंट भी जुड़े हुए थे। खुलासा होने के बाद पुलिस ने पूछताछ के लिए इन्हें नोटिस भेजा है।

पुलिस ने जिन 21 लोगों को गिरफ्तार किया है, उनमें गिरोह का मास्टरमाइंड और चीनी नागरिक चेंगुआ भी शामिल है। चेंगुआ से इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) की टीम भी पूछताछ कर रही है। उससे पूछताछ के लिए टीम ने मंदारिन भाषा के अनुवादक का सहयोग लिया।

चेंगुआ ने पूछताछ में बताया कि वह लोगों को हूग लोन एप, एए लोन एप, जीतू लोन एप, कैश फ्री लोन एप, कैश क्वाइन और फ्लाई कैश लोन एप डाउनलोड करवाता था। इन एप को चीन में तैयार किया गया है। इसके बाद वह डाउनलोड करने वालों का डेटा उसके पास चला जाता था। जो लोग लोन लेने के बाद आनाकानी करते थे, उन्हें धमकी दी जाती थी और ब्लेकमेल किया जाता था।

पिछले सप्ताह भी हैदराबाद में ऐसे ही कई चीनी ऐप कंपनियों द्वारा घोटालों के मामले सामने आए थे। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले में बेंगुलुरु स्थित छह जगहों पर छापेमारी कर 17 करोड़ रुपए से अधिक की राशि बरामद की थी। इसके साथ ही कई लोगों को गिरफ्तार भी किया था।

ब्लैकमेल और धमकी

दरअसल, ये चीनी कर्ज दाता ऐप बिना किसी गारंटी के छोटी-छोटी रकम लोगों को उपलब्ध कराती हैं। इसके बदले में वह बहुत ही ऊँची दर पर ब्याज वसूल करती हैं। जो लोग ब्याज या मूलधन चुकाने में देर करते हैं, उनके साथ इस ऐप से जुड़े लोग ब्लैकमेल शुरू कर देती हैं।

दरअसल, कर्ज की वसूली के लिए ये चीनी ऐप स्थानीय गुंडों-मवालियों को हायर करती हैं और एक निश्चित प्रतिशत पर कर्ज की वसूली का टेंडर देती हैं। इसके बाद आपराधिक किस्म के ये लोग कर्ज लेने वालों के साथ गाली-गलौज और मारपीट शुरू कर देते हैं।

कर्ज लेने वालों को सार्वजनिक तौर पर जलील कर उन्हें प्रताड़ित किया जाता है। इस तरह की धमकी और जलालत से परेशान होकर कई लोग आत्महत्या कर लेते हैं। चीनी ऐप के जरिए कर्ज लेने वाले लोगों द्वारा आत्महत्या करने वाले लोगों के आंकड़ों में बेतहाशा वृद्धि देखी जा रही है।

अश्लील वीडियो या चैट से करते हैं प्रताड़ित

ऐप डाउनलोड होने के बाद फोन में मौजूद सारे कंटेंट चीनी कंपनियों के पास पहुँच जाते हैं। इनमें सारे चैट, वॉयस, ऑडियो-विडियो, फोटो और वीडियो भी शामिल होते हैं। कर्ज लेने वाले जो लोग पैसे लौटाने में देर करते हैं उन्हें साथ ये चीनी ऐप ब्लैकमेल का सहारा लेते हैं।

इंदौर के रहने वाले अमित यादव ने 26 अगस्त 2022 को अपनी पत्नी, तीन साल की बेटी और एक साल के बेटे के साथ आत्महत्या कर ली थी। अमित ने इसी चीनी ऐप से कर्ज लिया था। पुलिस को अमित की लाश एक कमरे में लटकती मिली थी। वहीं, दूसरे कमरे में परिवार के अन्य सदस्य मृत पाए गए थे।

अधिकारियों ने बताया कि अमित को इन चीनी ऐप्स के प्रतिनिधियों द्वारा लगातार धमकी दी जाती थी। इतना ही नहीं, चीनी ऐप वालों ने अमित की पत्नी से जुड़े अश्लील मैसेज को उसके फोन में मौजूद सभी कॉन्टेक्ट्स को भेज दिए थे। इससे अमित आहत हो गया था और आत्महत्या कर लिया था।

गैर-आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, चीनी कंपनियों के जाल में फँसकर देश में 55 से अधिक लोग आत्महत्या कर चुके हैं। ऐसे वो आँकड़े हैं, जिनकी जानकारी पुलिस को प्राप्त हुई हैं। माना जा रहा है कि इन ऐप के प्रताड़ना के शिकार होने वाले लोगों की वास्तविक संख्या इससे कहीं अधिक है।

कैसे काम हैं चीनी ऐप

भारत में जिन चीनी ऐप का इस्तेमाल धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग के किया जा रहा है। उन्हें चीन में डेवलप किया गया है। भारत में ऑपरेट करने के बाद बावजूद इनका कंट्रोल चीन में ही बैठे व्यक्ति के हाथ में होता है।

दरअसल, ये लोग भारत के ही किसी व्यक्ति से संपर्क करते हैं और उन्हें उन्हें भारत में एक संस्था बनाने के लिए कहते हैं। चीनी शातिर कहते हैं इस संस्था में उन्हें निदेशक बनाया जाएगा, लेकिन सारी लेन-देन का नियंत्रण चीन के हाथ में रहेगा।

भारत के लोग कानूनी पक्ष को समझ नहीं पाते और इसके लिए तैयार हो जाते हैं। इसके बाद चीनी कंपनियाँ भारत में बैठे इन लोगों के नाम पर सारा धंधा ऑपरेट करती हैं। भारतीय व्यक्ति का काम सिर्फ लोगों को इन ऐप से जोड़ने का होता है, जबकि सारा लेनेदेन चीन में बैठा व्यक्ति स्वयं उस कथित निदेशक के खाते के जरिए करता है।

इसी डमी निदेशक के नाम पर चीनी व्यक्ति बैंक खाता भी खुलवाता है और उसका इस्तेमाल करता है। इस तरह वह आपराधिक तरीके से आय अर्जित करता है और इसे चीन में हस्तांतरित कर देता है।

करोड़ों लूट चुके हैं चीनी ऐप

हालाँकि, सरकार की ओर से कर्ज देने वाले चीनी एप के बारे में डिटेल साझा नहीं किया गया है, लेकिन कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया था कि अब तक 500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि चीनी ऐप लूट चुके हैं। इसके साथ ही कई सौ लोग इनके ब्लैकमेल और प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या कर चुके हैं।

रिजर्व बैंक की रिपोर्ट के अनुसार साल 2017 से 2020 तक सोशल मीडिया पर ऐसे एप्स की संख्या 12 गुना बढ़ी है। वहीं, साल 2021 में इन फर्जी एप्स की संख्या बढ़कर 1100 से ज्यादा हो चुकी है। ये फर्जी ऐप गूगल प्ले पर भी उपलब्ध हैं और इन्हें आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है।

झारखंड में 19 साल की नेत्रहीन रेप पीड़िता से दोबारा बलात्कार, HC ने नहीं दी गर्भपात की इजाजत: रिम्स ने कहा – इस स्थिति में ये प्रक्रिया सुरक्षित नहीं

झारखंड हाई कोर्ट ने मंगलवार (13 सितंबर, 2022) को सुनवाई के दौरान एक 19 वर्षीय रेप पीड़िता को गर्भपात कराने से मना कर दिया है। अदालत ने राज्य सरकार को पीड़िता युवती की मदद देने के उपाय बताने का निर्देश दिया। युवती के साथ 2018 में भी बलात्कार हुआ था। वहीं इस केस की अगली सुनवाई 14 सितंबर, 2022 को हुई।

रेप पीड़िता पहले से ही नेत्रहीन है और वह अपने पिता के साथ अकेली ही घर में रहती हैं। उसकी माँ भी पहले ही गुजर चुकी है। फिलहाल उसके गर्भ में 28 सप्ताह का भ्रूण है। गर्भपात के लिए पीड़िता ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने गर्भपात नहीं करवाने का आदेश दिया है।

रिपोर्ट के मुताबिक हाई कोर्ट ने इस केस की सुनवाई करते हुए 9 सितंबर को राँची (Ranchi) के मेडिकल कॉलेज रिम्स के प्रबंधन को इसके लिए एक मेडिकल बोर्ड गठित कर इस बाबत रिपोर्ट देने के निर्देश दिए थे। रिम्स के मेडिकल बोर्ड ने कोर्ट को सौंपी रिपोर्ट में कहा है कि इस समय युवती का गर्भपात सुरक्षित नहीं होगा।

इसी रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने युवती को गर्भपात की इजाजत नहीं दी। कोर्ट ने इसके साथ-साथ राज्य सरकार से सवाल किया कि वो रिम्स और पीड़ित युवती के अधिवक्ताओं से बातचीत करके ये बताए कि अब इस मामले में अब क्या करना चाहिए? राज्य सरकार की ओर से पीड़ित युवती के रामगढ़ स्थित महिला आश्रय में रहने की व्यवस्था की भी बात कही गई।

इससे पहले भी हुआ था बलात्कार

झारखंड आदिवासी समुदाय की रहने वाली इस नेत्रहीन युवती के साथ पहली बार साल 2018 में बलात्कार हुआ। वो केस भी अभी अदालत में चल रहा है। पीड़िता को 2022 में दूसरी बार हवस का शिकार बनाया गया, उसके गर्भ में बच्चा भी ठहर गया। इस बात का खुलासा बीते दिनों सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उसकी मेडिकल जाँच के बाद हुआ।

गौरतलब है कि पीड़िता का परिवार गरीबी रेखा से नीचे वाली श्रेणी में आता है। बताया जा रहा है कि उसके घर में न तो पानी आता है और न ही बिजली। वहीं पीड़िता के पिता एक रिक्शा चालक है। बलात्कार की इन दोनों घटनाओं ने युवती को अंदर से तोड़ दिया, जिसके कारण उसने गर्भपात के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया।

इंजीनियरिंग छात्र आसिफ पर गोमांस की दावत के ऐलान का आरोप, यूपी पुलिस ने किया गिरफ्तार: लिखा था – ‘जिस भो%# में दम है रोक लो’

उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले में पुलिस ने आसिफ नाम के इंजीनियरिंग छात्र को कथित तौर पर गोमांस की दावत देने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई करणी सेना द्वारा मंगलवार (13 सितम्बर, 2022) को दर्ज करवाई गई FIR के बाद की। आसिफ मूल रूप से हापुड़ जिले का रहने वाला है। वो अमरोहा के IMS इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ाई करता है।

मामला गजरौला थाना क्षेत्र का है। यहाँ के IMS इंजीनियरिंग कॉलेज में पढ़ने वाले आसिफ नाम के एक छात्र ने अपने व्हाट्सएप्प स्टेटस पर गंदी-गंदी गालियों के साथ लिखा था, “आज उसी मीट की पार्टी कर रहे हैं। जिस भो$% वाले में दम है रोक ले हमें।” जब उसके इस स्टेटस का एक हिन्दू छात्र ने विरोध किया, तब आसिफ ने उस से भी लम्बी बहस की और उसका मज़ाक उड़ाया। हालाँकि, छात्र खुद को हिन्दू बता कर FIR की बात पर अड़ा रहा।

इस मामले की पुलिस में शिकायत शिवम राजपूत ने दर्ज करवाई है। उन्होंने अपनी शिकायत में में लिखा है कि शराफत के बेटे आसिफ ने न सिर्फ गौ माता पर अभद्र टिप्पणी की है बल्कि गोमांस की पार्टी करने के लिए सोशल मीडिया पर एक पोस्ट भी शेयर की है। शिकायतकर्ता ने अपने पास सभी स्क्रीनशॉट होने की जानकारी देते हुए गाय को हिन्दू समाज की माँ समान बताया। शिकायतकर्ता ने कहा कि आसिफ की टिप्पणी से उसकी आस्था को चोट पहुँची है। आसिफ पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की माँग करते हुए शिवम ने अपनी शिकायत में पुलिस को ये भी बताया है कि आरोपित की हरकत से हिन्दू-मुस्लिम दंगा भी हो सकता है।

पुलिस ने शिवम की शिकायत पर आसिफ के खिलाफ IPC की धारा 153-A के तहत कार्रवाई की। आसिफ को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए शिकायतकर्ता शिवम ने बताया कि मामला IMS कॉलेज गजरौला का है और आसिफ वहीं पढ़ता है। शिवम ने यह भी बताया कि उनकी शिकायत के बाद आसिफ पकड़ा जा चुका है। SHO गजरौला ने भी ऑपइंडिया से बात करते हुए आसिफ की गिरफ्तारी की पुष्टि की है।

1 दिन बाद भी बेगूसराय के गोलीबाजों का कोई सुराग नहीं, पुलिस खाली हाथ: घायलों से मिले BJP के नेता प्रतिपक्ष, कहा – राज्य सँभल नहीं रहा, देश सँभालने चले नीतीश

बिहार में बेगूसराय गोलीकांड के बाद सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं दोनों आरोपित अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस 11 लोगों को अपनी गोलियों का निशाना बनाने वाले बदमाशों के बारे में अभी तक कोई सुराग नहीं जुटा पाई है। बेगूसराय गोलीकांड को लेकर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने बिहार सरकार पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने कहा, “बेगूसराय की घटना बिहार के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। जब से महागठबंधन की सरकार बनी है, तब से यहाँ लॉ एंड ऑर्डर की व्यवस्था पूरी तरह बिगड़ गई है।” 

उन्होंने यह भी कहा, “राजधानी में ही नीतीश कुमार की पुलिस अपने थाने में ही सुरक्षित नहीं है। थाने में घुसकर पुलिस वाले को मारा जा रहा है। मुख्यमंत्री को स्वीकार करना होगा कि जंगल राज आ गया है, जनता राज नहीं है। आज तक बिहार में इस तरीके की घटना नहीं हुई है।”

वहीं, बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष विजय सिन्हा (Vijay Sinha) ने भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Nitish Kumar) को आड़े हाथों लिया है। विजय सिन्हा ने बुधवार (14 सितंबर, 2022) को कहा कि बिहार सँभल नहीं रहा है चले हैं देश सँभालने। उन्होंने सीएम नीतीश कुमार को ‘कुर्सी कुमार’ बताते हुए कहा कि जब-जब कानून व्यवस्था को लेकर समीक्षा बैठक करते हैं, तब-तब सूबे में आपराधिक घटनाएँ बढ़ जाती हैं। उन्होंने कहा कि यहाँ गुंडा राज है और नीतीश कुमार ने अपने स्वार्थ और महत्वकांक्षा के लिए बिहार को गुंडों के हवाले कर दिया है।

सिन्हा ने बेगूसराय सदर अस्पताल में गोलीकांड में घायल हुए लोगों से मुलाकात की और बेहतर इलाज का भरोसा दिलाया। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मीडियाकर्मियों से कहा, “यह राज्य की खराब कानून व्यवस्था को जाहिर करता है। कहीं ना कहीं आतंकवाद का नया स्वरूप उमड़ा है। हम लोग तो अपराध को झेल ही रहे हैं। यह दहशत और गुंडागर्दी फैलाने का जो माहौल खड़ा किया गया है, ये बिहार को उसी राज में लौटाना चाहता है, जहाँ आतंक और अपराध का दहशत रहता था। जहाँ लोग डर से नहीं बोलते थे। राह चलते घर से उठा लेना, अपहरण कर लेना और किसी की भी हत्या कर देना आम बात है।”

उन्होंने कहा, “अपराधी गोली बरसाते रहे और पुलिस-प्रशासन मुँह देखते रहे। लखीसराय में सामूहिक दुष्कर्म, डकैती, मुंगेर में रेलकर्मी की गोली मारकर हत्या कर दी गई। उसके बाद बेगूसराय में बाइक सवार अपराधियों ने गोलीबारी कर पूरे बिहार को दहला दिया।”

बता दें कि बेगूसराय में मंगलवार (13 सितंबर, 2022) को बाइक सवार दो बदमाशों ने 40 किलोमीटर के दायरे में 11 लोगों को गोली मारी। इस मामले की जाँच में जुटी पुलिस दोनों बदमाशों को साइको बता रही है। घटना में घायल हुए सभी लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है। जबकि चंदन कुमार नाम के व्यक्ति की मौत हो चुकी है। इस घटना ने मल्हीपुर में 2 लोगों को, बरौनी थर्मल चौक के पास 3 लोगों को, बरौनी में 2 लोगों को, तेघड़ा में 2 और बछवाड़ा में भी 2 लोगों को गोली लगी है।

‘जब तक तुम हिन्दू हो तब तक शूद्र हो, वेश्या के बेटे हो’: DMK सांसद का आपत्तिजनक बयान, BJP ने दर्ज कराई शिकायत

तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी DMK के सांसद ए राजा ने हिन्दू धर्म को लेकर आपत्तिजनक बयान दिया है। एक भाषण के दौरान वे हिंदू धर्म के नाम पर लोगों को भड़काते हुए नजर आए। कथित तौर पर ए राजा ने ‘शूद्रों’ की तुलना वेश्याओं से की और दलितों को भी भड़काने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “जब तक तुम हिंदू हो, तुम शूद्र हो। और जब तक तुम शूद्र हो तब तक तुम वेश्या के बेटे हो। जब तक आप हिंदू हो, तब तक आप दलित हो। जब तक हिंदू बने रहोगे, तभी तक अछूत रहोगे।”

डीएमके सांसद ए राजा (DMK MP A Raja) ने तमिलनाडु के नमक्कल में एक कार्यक्रम के दौरान ये बात कही। ये घटना एक सप्ताह पहले ही हुई थी, लेकिन सोशल मीडिया पर उनका ये बयान अब वायरल हो रहा है। ए राजा के इस वीडियो को तमिलनाडु बीजेपी के अध्यक्ष के अन्नामलाई ने ट्विटर पर शेयर किया था। वायरल हो रहे वीडियो में ए राजा लोगों को भड़काकर हिंदू समुदाय को आपस में लड़ाने की कोशिश कर रहे थे। भाजपा ने उनके खिलाफ शिकायत भी दर्ज कराया है।

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि ए राजा ने अपने भाषण के दौरान न केवल हिंदू समुदाय को लेकर जहर उगला, बल्कि उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की कार्यशैली पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “सुप्रीम कोर्ट कह रहा है कि अगर आप ईसाई, मुस्लिम या फारसी नहीं हैं तो आपको हिंदू होना चाहिए। ऐसा अत्याचार और किसी देश में देखा है?” इसके साथ ही उन्होंने डीएमके के मुखपत्र ‘मुरासोली’ और कझगम को इस मुद्दे पर मुखर होने के लिए कहा है।

पहले भी दे चुके हैं विवादित बयान

गौरतलब है कि डीएमके सांसद ए राजा इससे पहले जुलाई महीने में भी सुर्खियों में आए थे, तब उन्होंने अलग तमिलनाडु की मांग की थी। उन्होंने कहा था, “DMK ने अलग तमिलनाडु का आह्वान छोड़ दिया है और राज्य की स्वायत्तता के लिए आया है। लेकिन हमारे वैचारिक गॉडफादर पेरियार ने अपनी मृत्यु तक अलग तमिलनाडु की माँग की।”

अपनी बात को जारी रखते हुए उन्होंने आगे कहा था, “हालाँकि, हमने उस माँग को दरकिनार कर दिया और देश की अखंडता और लोकतंत्र के लिए संघवाद को स्वीकार कर लिया। मैं बेहद विनम्रता से पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से अनुरोध कर रहा हूँ कि वे हमें एक बार फिर से अलग तमिलनाडु की माँग को उठाने के लिए मजबूर ना करें। कृपया हमें राज्य की स्वायत्तता दें।”

‘कॉन्ग्रेस छोडो, BJP को जोड़ो’: भाजपा में शामिल हुए गोवा के 8 कॉन्ग्रेसी विधायक, राजस्थान में ‘सचिन पायलट ज़िंदाबाद’ नारे पर बैन

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी इस ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कर रहे हैं और उधर उनकी पार्टी में भगदड़ मची हुई है। गोवा के 11 में से 8 विधायक भाजपा (BJP) में शामिल हो गए हैं। इनमें विपक्ष के नेता माइकल लोबो और पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामत शामिल हैं। गोवा भाजपा के अध्यक्ष सदानंद शेत तनवड़े ने बुधवार (14 सितंबर 2022) को इसकी जानकारी दी।

गोवा विधानसभा में विपक्ष के नेता माइकल लोबो ने बुधवार को कॉन्ग्रेस विधायक दल की एक महत्वपूर्ण बैठक की थी। इस बैठक में कॉन्ग्रेस विधायक दल को भाजपा में विलय करने पर निर्णय लिया गया था। इसके बाद व प्रदेश के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत से मिलने गए।

कॉन्ग्रेस के जिन नेताओं के पार्टी छोड़कर भाजपा में शामिल होने की बात कही जा रही है, उनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिगंबर कामथ दिगंबर कामत, माइकल लोबो, डी लोबो, राजेश फलदेसाई, केदार नायक, संकल्प अमोनकर, अलेक्सो सिकेरा और रुडॉल्फ फर्नांडिस शामिल हैं। 

बता दें कि 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा में कॉन्ग्रेस के 11 और भाजपा के पास 20 विधायक थे। 8 विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद कॉन्ग्रेस के पास 3 विधायक बच जाएँगे। साल 2019 में जुलाई 2019 में इसी तरह कॉन्ग्रेस के 10 विधायक भाजपा में शामिल हो गए थे।

माइकल लोबो ने कहा कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम प्रमोद सावंत के हाथ मजबूत करने के लिए बीजेपी में शामिल हुए हैं। उन्होंने ‘कॉन्ग्रेस छोड़ो, बीजेपी को जोड़ो’ का भी नारा दिया। गोवा में विधायकों के भाजपा में विलय करने के बाद यह कॉन्ग्रेस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

गोवा इस साल फरवरी में चुनाव हुए थे। इसमें बीजेपी गठबंधन को 25 और कॉन्ग्रेस को 11 सीटें मिली थीं। गोवा कॉन्ग्रेस के ये 8 विधायक काफी समय से पार्टी हाईकमान से नाराज चल रहे थे। गोवा कॉन्ग्रेस में इस तरह की स्थिति जुलाई महीने में भी आई थी। हालाँकि, तब कॉन्ग्रेस ने सक्रियता दिखाते हुए विधायकों के दल बदल को रोक दिया था।

उस समय पार्टी ने माइकल लोबो पर आरोप लगाया था कि वे और दिगंबर कामत कॉन्ग्रेस के दूसरे विधायकों को एकजुट कर रहे हैं और उन्हें भाजपा में शामिल कराने की कोशिश कर रहे हैं। दोनों के खिलाफ विधानसभा स्पीकर के समक्ष अयोग्यता की याचिका भी दाखिल की गई थी।

बता दें कि राजस्थान कॉन्ग्रेस में भी सब कुछ ठीक नहीं है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की सभा में सचिन पायलट जिंदाबाद के नारे लगाए गए। इतना ही नहीं, गहलोत के मंत्री अशोक चांदना पर पायलट समर्थकों ने जूते-चप्पल भी फेंके। इसके बाद सीएम गहलोत ने पायलट जिंदाबाद का नारा लगाने वालों को जेल भेजने की धमकी दी।

बालाजी मंदिर में निज़ाम और गुलफाम ने पी शराब, पुजारी से मारपीट, तोड़फोड़ भी मचाया: यूपी पुलिस ने दबोचा तो माँगने लगे माफ़ी

उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में 2 मुस्लिम युवकों पर बालाजी मंदिर में तोड़फोड़ और वहाँ के पुजारी को पीटने का आरोप लगा है। आरोपितों के नाम निज़ाम और गुलफाम है। दोनों पर मंदिर के पास शराब पीने से मना करने पर ऐसी हरकत करने का आरोप है। पुलिस ने केस दर्ज कर के आरोपितों की तलाश शुरू कर दी है। घटना 11 सितम्बर, 2022 (रविवार) रात की है।

घटना थाना क्षेत्र खंदौली के तोता खाई इलाके की है। ऑपइंडिया के पास इस घटना में दर्ज हुई FIR मौजूद है। पुलिस में शिकायत रवि कुमार नाम के पीड़ित ने दी है। उन्होंने बताया है कि वो श्री बालाजी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हैं। शिकायत के मुताबिक, रवि इसी मंदिर में उमेश कुमार पूजा-पाठ करते हैं। रवि कुमार के अनुसार, घटना के दिन निज़ाम और गुलफाम मंदिर पर आ कर शराब पीने लगे, जिसका उमेश कुमार ने विरोध किया।

शिकायत में आगे बताया गया है कि पुजारी के विरोध से निज़ाम और गुलफाम नाराज हो गए और उन्होंने पुजारी को गालियाँ देते हुए उसे बुरी तरह से मारा। रवि कुमार के अनुसार, पुजारी से मारपीट के बाद दोनों आरोपितों ने मंदिर को भी नुकसान पहुँचाया और शोर मचाने पर पुजारी को जान से मार डालने की धमकी देते हुए वहाँ से भाग निकले। शिकायत में पीड़ित ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की आशा जताई है।

पुलिस ने इस शिकायत का संज्ञान लेते हुए निज़ाम और गुलफाम पर IPC की धारा 323, 504, 506 और 295 के तहत केस दर्ज कर लिया है। ऑपइंडिया ने इस मामले में शिकायतकर्ता रवि कुमार से बात की। उन्होंने बताया कि दोनों आरोपितों को पुलिस ने पकड़ा तो वो थाने में माफ़ी माँगने लगे। रवि ने कहा कि वो भी मामले को बहुत अधिक तूल नहीं देना चाहते थे, क्योंकि उस गली में हिन्दू और मुस्लिम की बराबर आबादी है और कुछ ही दूरी पर मस्जिद भी मौजूदा है। रवि ने ये भी कहा कि दोनों आरोपितों का पुलिस ने चालान कर दिया था। उन्होंने बताया कि चोटिल पुजारी उमेश की तबीयत अब ठीक है।

गौरतलब है कि 6 सितम्बर, 2022 को लखनऊ के एक हनुमान मंदिर में घुस कर तौसीफ नाम के व्यक्ति ने तोड़फोड़ की थी और मूर्तियों पर हमला किया था। तौसीफ को गिरफ्तार कर लिया गया था। स्थानीय भाजपा विधायक ने इस घटना को बड़ी साजिश करार दिया था।

सेना में पंजाबियों की भर्ती… पंजाब सरकार ही मदद नहीं कर रही: अग्निपथ भर्ती में पड़ोसी राज्यों के युवाओं के लिए मौका

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के जरिए सेना में अग्निवीरों की भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। पंजाब के जालंधर में भी भर्ती शिविर लगाए गए हैं। आरोप है कि यहाँ स्थानीय प्रशासन सहयोग नहीं कर रहा है, जिसके कारण भारतीय सेना अग्निपथ भर्ती रैली को स्थगित कर सकती है।

जालंधर में सेना के जोनल भर्ती अधिकारी ने स्थानीय प्रशासन के सहयोग नहीं करने का हवाला देते हुए पंजाब सरकार को पत्र लिखा है। इस पत्र में कहा गया है कि राज्य में अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) के तहत भर्ती रैलियों को या तो स्थगित किया जा सकता है या पड़ोसी राज्यों में स्थानांतरित किया जा सकता है।

जालंधर के जोनल भर्ती अधिकारी मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह ने पंजाब के मुख्य सचिव वीके जंजुआ और रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण के प्रमुख सचिव कुमार राहुल को संबोधित करते हुए 8 सितंबर 2022 को एक पत्र लिखा। पत्र में जनरल शरद बिक्रम सिंह ने कहा:

“सेना की भर्ती रैली में स्थानीय नागरिक प्रशासन के ढुलमुल रवैये को हम आपके सामने लाने के लिए मजबूर हैं। स्थानीय नागरिक प्रशासन का समर्थन बिना किसी स्पष्ट प्रतिबद्धता के कम हो रहा है। वे चंडीगढ़ से राज्य सरकार के निर्देशों की कमी और धन की कमी के कारण अपनी अपर्याप्तता का हवाला दे रहे हैं।”

द इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर में यह बताया गया है कि सेना ने जो पत्र लिखा है, उसमें कानून-व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा के लिए पुलिस सहायता, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग, उम्मीदवारों से संबंधित जरूरी आवश्यकताएँ जैसी चीजों के लिए स्थानीय प्रशासन की जवाबदेही मानी गई है। पत्र के अनुसार पंजाब की स्थानीय प्रशासन इन्हीं जवाबदेहियों को लेकर विफल रही है।

अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) की भर्ती प्रक्रिया से जुड़े इस पत्र में यह भी कहा गया है कि 14 दिनों के लिए प्रतिदिन 3000 से 4000 उम्मीदवारों को बारिश से बचने के लिए रेन शेल्टर, पानी, मोबाइल शौचालय और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था करने की जिम्मेदारी भी स्थानीय प्रशासन की होती है।

17 से 30 सितंबर तक पटियाला में होगी रैली

बता दें कि अगस्त 2022 में पंजाब के लुधियाना में भर्ती रैलियों का आयोजन किया गया था। वहीं, गुरदासपुर में 1 से 14 सितंबर 2022 तक एक शिविर चल रहा है और दूसरा 17 से 30 सितंबर तक पटियाला में आयोजित किया जाएगा।

क्या है अग्निपथ योजना

भारत सरकार ने दशकों पुरानी सेना भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की जून 2022 में घोषणा की। ‘अग्निपथ योजना’ के जरिए देश के युवाओं को ‘अग्निवीर’ बनकर नौकरी और देशसेवा, दोनों का अवसर मिलेगा। इसके तहत साढ़े 17 साल से लेकर 21 वर्ष तक के युवाओं की तीनों सेनाओं के लिए भर्ती की जाएगी।

सरकार ने पहली बार के लिए अधिकतम उम्र सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 साल कर दिया है। इसमें प्रशिक्षण समेत कुल सेवा अवधि 4 वर्षों की होगी। सम्बंधित सेवा अधिनियम एवं विनियम के तहत ये बहाली होगी। इसके लिए पारदर्शी, स्वचालित और केंद्रीकृत चयन प्रक्रिया को अमल में लाया जाएगा।