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मिला दूसरा वीडियो, नहा रही छात्रा का बाथरूम के नीचे से बनाया: चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी MMS कांड में पुलिस अब खोज रही चौथे संदिग्ध को

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के वीडियो लीक मामले में पीड़िता के वकील का दावा है कि पुलिस को मिले दोनों वीडियो लड़की नहीं बल्कि लड़के के मोबाइल से बरामद हुए हैं। दूसरी वीडियो एक छात्रा के नहाने के दौरान बनी है, जिसे बाथरूम के नीचे से बनाने का दावा किया जा रहा है। 3 आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस को इस पूरे घटनाक्रम में चौथे संदिग्ध की भी तलाश है। लड़की द्वारा अपने बनाए पहले वीडियो को अपने दोस्त के पास भेजना पुलिस के मुताबिक अपराध नहीं है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार हुई लड़की ने पुलिस के आगे स्वीकार कर लिया है कि उसने यूनिवर्सिटी की 8 लड़कियों की आपत्तिजनक वीडियो बना कर उसे अपने दोस्त सन्नी को भेजा था। लड़की ने आगे बताया है कि अपने दोस्त को वीडियो भेजने के बाद उसने अपने फोन से वीडियो डिलीट कर दिया था। हालाँकि वो वीडियो किसी और लड़की के मोबाइल फोन में कैसे आ गई, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की जाँच के लिए गठित SIT की सदस्या रुपिंदर कौर भट्टी ने बताया कि जाँच दल को फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतज़ार है। उनके मुताबिक तब तक किसी भी वीडियो को सही या गलत कहना उचित नहीं होगा। रुपिंदर कौर भट्टी ने यह भी बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार लड़की ने अपने वीडियो बना कर अपने दोस्त सन्नी को भेजने की बात स्वीकार की है। उन्होंने ये भी बताया कि दूसरा आरोपित रंकज भी फोन करके लड़की से वो फोटो और वीडियो माँग रहा था।

वहीं चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी प्रशासन के अधिकारी प्रभदीप सिंह ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और पुलिस जाँच की प्रतीक्षा करने की अपील की है। उन्होंने बताया कि इस मामले में कोई भी विदेशी एंगल नहीं है। हालाँकि यूनिवर्सिटी की कई छात्राओं ने खुद को डरी-सहमी बताते हुए इस बात पर भी हैरानी जताई है कि अन्य लड़कियों के वीडियो बनने की घटना से पुलिस इनकार क्यों कर रही है।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी MMS मामले में कौन है चौथा संदिग्ध?

इस मामले की जाँच कर रही SIT टीम में शामिल SSP चंडीगढ़ के मुताबिक लड़की द्वारा अपने दोस्त को भेजे गए वीडियो अपराध नहीं माने जाएँगे, जब तक उन्हें सार्वजानिक नहीं किया जाए। वहीं सामने आए दूसरे वीडियो में लड़की का चेहरा साफ़ नहीं दिख रहा है।

पुलिस के मुताबिक दूसरे वीडियो में दिख रही लड़की गिरफ्तार लड़की से अलग है। इस तरह से अब पुलिस को चौथे संदिग्ध की तलाश है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार लड़की के मोबाइल से कुछ वीडियो भी डिलीट हुए हैं। इन डिलीट किए वीडियो की फॉरेंसिक जाँच चल रही है।

एक रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि पुलिस टीम ने अब तक 23 फुटेज बरामद कर लिए हैं। इसमें हॉस्टल के CCTV क्लिप्स भी शामिल हैं। पुलिस डाटा बरामद करने के लिए आरोपितों को शिमला ले जाने की तैयारी कर रही है।

पुलिस को यह भी शक है कि पकड़े गए दोनों आरोपित छात्र लड़कियों के वीडियो को ऑनलाइन बेचते थे। हालाँकि इस मामले में पुलिस अभी पड़ताल कर रही है। अब तक हुई पूछताछ में ये भी सामने आया है कि दोनों आरोपित छात्र लड़कियों के वीडियो मँगा कर किसी और डिवाइस में जमा कर रहे थे।

पुलिस को शक है कि ऐसा पैसे कमाने के लिए किया जा रहा था। दोनों आरोपितों का 10 दिनों के लिए कस्टडी रिमांड माँगने के दौरान पुलिस ने कोर्ट में वीडियो को ऑनलाइन बेचने वाली आशंका जताई थी। हालाँकि पुलिस को 7 दिनों का रिमांड मिल पाया।

डर में चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की छात्राएँ

इस मामले के सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी की अन्य लड़कियों को डरा और सहमा हुआ बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि उन्हें डर है कि वो वीडियो कहीं इंटरनेट पर न अपलोड कर दिए जाएँ। कई छात्राओं का ये भी दावा है कि घटना के बाद हॉस्टल की वॉर्डन ने उनके फोन जब्त कर लिए थे।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की ही एक छात्रा ने बताया कि जब भी वो वाशरूम जाती हैं तो लगता है कि उनकी वीडियो बनाई जा रही है। छात्रा ने आगे बताया कि अब वो वाशरूम जाते या कपड़े बदलते हुए काफी असहज महसूस करती हैं और सोचती हैं कि अगर कोई उनकी वीडियो बना ले तो क्या होगा।

एक अन्य बीटेक छात्रा के मुताबिक कल जब वो नहाने गईं तो उन्होंने बत्तियॉँ बुझा लीं, जिससे कोई उनकी वीडियो न बना पाए। इसी के साथ छात्रा ने यह भी बताया कि वॉशरूम के दरवाजे फर्श तक नहीं पहुँचते, इसलिए और डर लगा रहता है कि कोई कैमरा नीचे से न आ जाए।

‘ज़िन्दगी भर उसे प्यार करती रहूँगी’: अपार्टमेंट में पंखे से लटका मिला अभिनेत्री का शव, साथ में संदिग्ध सुसाइड नोट भी बरामद

साउथ इंडियन एक्ट्रेस पॉलिन जेसिका ने आत्महत्या कर ली है। उन्हें दीपा के नाम से भी जाना जाता था। दीपा का शव चेन्नई के विरुगमबक्कम इलाके में स्थित उनके अपार्टमेंट में पंखे से लटका मिला है। पुलिस ने संदेह जताया है कि दीपा ने आत्महत्या की है। पुकिस को पॉलिन जेसिका यानी दीपा की डायरी से एक संदिग्ध नोट मिला है, जिसे सुसाइड नोट माना जा रहा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दीपा बीते कुछ समय से अकेली रह रही थीं। इस घटना की जानकारी उनके परिवार को तब मिली, जब लगातार फोन करने के बाद भी किसी ने फोन नहीं उठाया। इसके बाद परिवार वालों ने उनके दोस्त प्रभाकरन को उनके अपार्टमेंट भेजा था। प्रभाकरन ने उन्हें पंखे से लटका हुआ पाया। इसके बाद प्रभाकरन ने आंध्र प्रदेश के चित्तूर में रहने वाले दीपा के भाई को सूचना दी। इसके बाद उन्होंने कोयम्बेडु पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल इस मामले की जाँच सुसाइड एंगल से ही की जा रही है।

कुछ रिपोर्ट्स में यह कहा जा रहा है कि दीपा ने अपनी लव लाइफ में आ रहीं परेशानियों से तंग आकर ख़ुदकुशी की है। साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि उनके अपार्टमेंट से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है। इस सुसाइड नोट में उन्होंने किसी का नाम नहीं लिखा है, लेकिन यह कहा है कि ‘वह उन्हें जिंदगी भर प्यार करती रहेंगी।’ कहा जा रहा है कि दीपा किसी से प्यार करती थीं और रिलेशनशिप में आ रही परेशानियों के कारण ही उन्होंने आत्महत्या का कदम उठाया है।

वर्क फ्रंट की बात करें तो दीपा साउथ फिल्म इंडस्ट्री में न्यू कमर थीं। उन्होंने कुछ ही फिल्मों में काम किया है। उनकी एक फिल्म ‘वैथा’ इसी साल 27 मई को रिलीज हुई थी। महिवर्मन सी एस के निर्देशन में बनी इस फिल्म में मु रामास्वामी और नसर की मुख्य भूमिका थी। उन्होंने ‘थुप्परिवालन” जैसी कुछ अन्य फिल्मों में छोटे-छोटे रोल किए हैं।

पॉलिन जेसिका उर्फ दीपा की मौत के बाद पुलिस अपार्टमेंट और आस-पास के इलाकों में लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेकर जाँच को आगे बढ़ा रही है। इस मामले में पुलिस ने सीआरपीसी की धारा 174 के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

धार्मिक प्रतीक देख घरों और गाड़ियों को चिह्नित किया, फिर हिन्दुओं पर किया हमला: इंग्लैंड में मुस्लिम भीड़ ने ऐसे बरपाया कहर, पुलिस के सामने ही घटनाएँ

एशिया कप में 28 अगस्त को भारत और पाकिस्तान आमने-सामने थे। इस मैच में पाकिस्तान को भारत के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद से मुस्लिमों के अंदर गुस्सा भरा हुआ था। इसके बाद जब 4 सितंबर को पाकिस्तान ने भारतीय क्रिकेट टीम को हरा दिया तो यूनाइटेड किंगडम के लीसेस्टर शहर में मुस्लिमों ने बड़ी संख्या में इकट्ठा होकर हिन्दुओं और उनके घरों की पहचान करके हमला किया था। इस हमले के चलते अगले 3-4 दिनों तक (7 सितंबर, 2022 तक) हिंसक घटनाएँ सामने आ रहीं थीं।

हिन्दुओं को टारगेट कर उन पर हुए इस हमले के विरोध में शुक्रवार (16 सितंबर) की शाम हिंदुओं ने प्रदर्शन किया था। लेकिन, शांति मार्च कट्टरपंथी इस्लामवादियों को पसंद नहीं आया। जिसके बाद, हिंदुओं के विरोध प्रदर्शन में इस्लामवादियों ने हमला कर दिया। इस हमले में हिंदुओं पर काँच की बोतलें तक फेंकी गईं थीं। यही नहीं, इन कट्टरपंथियों को हिन्दुओं से इतनी नफरत थी कि उन्होंने पुलिस के सामने ही भगवा ध्वज का भी अपमान किया था।

इसके बाद, हिन्दुओं पर एक बार फिर हमला करने के उद्देश्य से शनिवार (17 सितंबर, 2022) को लीसेस्टर में हजारों की संख्या में इस्लामी ‘हमलावर’ इकट्ठा हुए। इस बार भी इस्लामवादियों ने प्रतीक चिह्नों के सहारे हिन्दुओं की पहचान करते हुए हमला किया है। इस हिंसा की आग में लीसेस्टर एक बार फिर जल रहा है, और इस्लामी कट्टरपंथियों के निशाने पर सिर्फ और सिर्फ हिन्दू थे।

स्थानीय हिन्दू संगठन ‘Insight UK’, जो वहाँ हिन्दुओं के मुद्दे उठाता है, ने ऑपइंडिया से बात करते हुए कहा है कि 6 सितंबर लीसेस्टर के हिन्दुओं के खिलाफ हमलों की लगातार तीसरी रात थी। इस दौरान सैकड़ों की संख्या में मुस्लिम सड़कों पर उतरे हुए थे। ये सभी हिंदू घरों की पहचान ओम, भगवा झंडे, भगवान गणेश की तस्वीर आदि से कर रहे थे। जिस घर में इन्हें हिन्दू प्रतीक चिह्न दिखाई देता था, उस पर ये हमले कर रहे थे। इन हमलों के बाद क्षेत्र का प्रत्येक हिन्दू भय के साये में जी रहा था।

ठीक ऐसा ही पैटर्न 17 सितंबर को हुए हमले में भी देखा गया। 17 सितंबर को भी हिंदुओ की पहचान कर उन पर हमले किए जा रहे थे। इस हिंसा के दौरान इस्लामवादियों द्वारा एक सफेद कार पर हमला किया गया था, जिसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर बड़े पैमाने पर शेयर किया गया था।

इस वीडियो में, इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ एक हिंदू की कार को घेर लेती है। शुरुआत में तो भीड़ ने ड्राइवर की सीट का दरवाजा खोलने की कोशिश करते हुए कार को पीटना शुरू किया। लेकिन, जैसे ही दरवाजा खुला उन्होंने हिंदू ड्राइवर को बाहर खींच लिया और उसे बेरहमी से पीटा। हिन्दू ड्राइवर पर हमला करने के बाद इस्लामवादियों द्वारा खुशी मनाने के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इनमें से एक ट्विटर अकाउंट @Itachixuchiiha ने लॉफिंग इमोजी के साथ वीडियो ट्वीट किया था।

ड्राइवर पर हुए इस हमले को लेकर ‘इनसाइट यूके’ ने ऑपइंडिया से कहा है कि उस ड्राइवर को सिर्फ इसलिए पीटा गया, क्योंकि वह हिन्दू था। ठीक इसी प्रकार लीसेस्टर के एक अन्य व्यक्ति ने भी फेसबुक पर कहा कि उस पर इसलिए हमला किया गया क्योंकि उसकी कार के डैशबोर्ड पर भगवान गणेश की तस्वीरें थीं।

इस्लामवादियों द्वारा हिन्दुओं पर किए गए इस हमले को लेकर लीसेस्टर पुलिस का कहना है कि पूर्वी लीसेस्टर के कुछ हिस्सों में शनिवार शाम से रविवार शाम तक गंभीर अव्यवस्था का अनुभव हुआ है। प्रशासन ने कहा कि हालात काबू में करने के प्रयास किए जा रहे हैं और शहर में शुरू हुए विवाद से लेकर अब तक 27 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।

‘पाकिस्तान-चीन हमारे लिए सबसे बड़ा खतरा’: BJP में शामिल हुए पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह, अपनी पार्टी का भी कर दिया विलय

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह भाजपा में शामिल हो गए हैं। साथ ही उन्होंने अपनी पार्टी ‘पंजाब लोक कॉन्ग्रेस’ का विलय भी BJP में कर दिया है। इससे पंजाब में भाजपा को और मजबूती मिली है। केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और केंद्रीय कानून मंत्री किरण रिजिजू की मौजूदगी में उन्होंने भाजपा का दामन थामा। वरिष्ठ नेता को बुके देकर और माला पहना कर भाजपा में शामिल किया गया। उनके साथ कई नेता भाजपा में आए।

कॉन्ग्रेस के बड़े नेता रहे पंजाब विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष अजायब सिंह भट्टी ने भी कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ भाजपा की सदस्यता ली। इस दौरान पूर्व सीएम ने कहा कि पाकिस्तान और चीन हमारे लिए लगातार खतरा बना हुआ है। उन्होंने यूपीए काल में देश के रक्षा मंत्री रहे एके एंटनी पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने हथियारों की खरीद की दिशा में कदम नहीं उठाए। सिंह ने कहा कि पड़ोसी राज्यों में होने वाले चुनावों में भाजपा बेहतर करेगी।

नरेंद्र सिंह तोमर ने इस मौके पर कहा, “भारतीय जनता पार्टी एक ऐसी पार्टी है, जिसमें हमेशा गर्व से कहा जाता रहा है कि सबसे पहले राष्ट्र और दूसरे नंबर पर पार्टी। इस सिद्धांत को कैप्टन अमरिंदर सिंह जी ने हमेशा अपने जीवन में अपनाया। इसी का परिणाम है कि आज हम सब लोग साथ-साथ हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह का भाजपा में आना, इसके मायने हैं कि वो पंजाब में शांति और सुरक्षा के पक्षधर हैं। उनके आने से BJP की ताकत बढ़ेगी और पंजाब में विकास के लिए ऐतिहासिक कदम होगा।”

ये दूसरी बार है, जब कैप्टन अपनी पार्टी का विलय कर रहे हैं। इससे पहले उन्होंने 1992 में अपनी पार्टी ‘शिरोमणि अकाली दल (पंथिक)’ का विलय कॉन्ग्रेस में कर दिया था। उससे पहले वो अकाली दल के नेता हुआ करते थे। अबकी विधानसभा चुनाव में उनकी पार्टी की बुरी हार हुई है और वो खुद पटियाला से हार गए। कभी सेना में रहे कैप्टन अमरिंदर सिंह का कहना है कि वो एक फौजी हैं और वापसी करना जानते हैं। उनकी उम्र 80 वर्ष है।

150 मदरसे, 200 मस्जिदें… नेपाल सीमा से 15 km के दायरे का हाल, जानिए बॉर्डर के उन गाँवों की स्थिति जो बन गए हैं मुस्लिम बहुल: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

हाल में कई रिपोर्टें आई हैं जो बताती हैं कि नेपाल भारत बॉर्डर पर तेजी से डेमोग्राफी में बदलाव हो रहा है। मस्जिद-मदरसों की संख्या लगातार बढ़ रही है। जमीनी हालात का जायजा लेने के लिए 20 से 27 अगस्त 2022 तक ऑपइंडिया की टीम ने सीमा से सटे इलाकों का दौरा किया। हमने जो कुछ देखा, वह सिलसिलेवार तरीके से आपको बता रहे हैं। इस कड़ी की 17वीं रिपोर्ट:

इस रिपोर्ट में हमने ये जानने का प्रयास किया कि क्या मुस्लिम आबादी सिर्फ सीमाओं पर मौजूद गाँवों में बढ़ रही है या इसका असर सीमा से कुछ दूरी पर स्थित गाँवों में भी है। इसकी तलाश में हम बलरामपुर जिले के सदुल्लाहनगर थाना क्षेत्र पहुँचें। सीधी दूरी निकाली जाए तो ये बाजार नेपाल बॉर्डर से लगभग 60 किलोमीटर दूरी पर पड़ेगा। इस बाजार में हमने देखा कि अधिकतर दुकानें मुस्लिम समुदाय की हैं। हालाँकि, हमने इस थाना क्षेत्र के गाँवों की आबादी खोजने का प्रयास किया।

यह रिपोर्ट एक सीरीज के तौर पर है। इस पूरी सीरीज को एक साथ पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करें।

एक ही थाना क्षेत्र के कई गाँव मुस्लिम बहुल

ऑपइंडिया की टीम ने सदुल्लाहनगर थाना क्षेत्र के गाँवों में हिन्दू-मुस्लिम आबादी की जानकारी जुटाई। हमारी जानकारी के मुताबिक, सदुल्लाहनगर थाना क्षेत्र के एक गाँव नेवादा में 95% मुस्लिम आबादी थी। इसके अलावा देवरिया आदम और एदहा नाम के 2 गाँवों में मुस्लिमों की आबादी 80% से 90% के बीच थी। लालपुर भलुहिया, भोलिया मदनपुर, रेकी बदलपुर, देवरिया आदमपुर नामक गाँवों में मुस्लिमों की आबादी 70% से 80% के बीच मिली। खरिका, अलउद्दीनपुर, रानीपुर, भनुवागढ़ आदि गाँवों में मुस्लिमों की आबादी का प्रतिशत 60% से 70% के बीच देखा गया।

इसके अलावा अचलपुर, देवरिया इनायत, रामपुर भरना, भुण्डामाफ़ी, छितसुपुर के साथ लगभग 4 अन्य गाँवों में मुस्लिम आबादी 50% से 60% के बीच है। 40% से 50% के बीच की मुस्लिम आबादी के लौकिया, हसनपुर, किशुनपुर, परशुरामपुर व लगभग आधे दर्जन अन्य गाँव हैं। इसके अलावा मुबरकपुर, नयनपुर कुबेर जैसे दर्जनों गाँवों में मुस्लिम आबादी का प्रतिशत लगभग 30 से 40 का है। कुछ अन्य गाँव 20 से 30% मुस्लिम जनसंख्या की भी श्रेणी में हैं लेकिन उनकी संख्या काफी कम है।

उतरौला बाजार भी मुस्लिम बहुल

इसके अलावा उतरौला बाजार में मुस्लिम आबादी हिन्दुओं से अधिक है। उतरौला से सटे गैंड़ास बुजुर्ग नाम के गाँव में भी हिन्दू आबादी मुस्लिमों से कम है। गैंड़ास बुजुर्ग के रहने वाले दलित परिवार के शिवराज ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि उनकी जमीन पर उनका पड़ोसी नईम आए दिन विवाद करता था। उन्होंने बताया, “योगी की सरकार आने के बाअद कोई के के नाम के दरोगा जी ने हमारी कई सालों से लटके झगड़े से हमें मुक्ति दिलवाई थी, जिसके बाद हम खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।”

अगस्त 2020 में इसी उतरौला बाज़ार का रहने वाला आतंकी अबू युसूफ को दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा गिरफ्तार किया गया था। अबू युसूफ के कनेक्शन अफगानिस्तान से जुड़े पाए गए थे, जो ISIS की विचारधारा वाला बताया गया था।

नेपाल बॉर्डर से 15 KM में 100 से अधिक मस्जिद और मदरसे

ऑपइंडिया की टीम ने नेपाल की सीमा को केंद्र मान कर उसेसे भारतीय दिशा में 15 किलोमीटर के दायरे में मौजूद मस्जिद और मदरसों की संख्या का पता लगाने का प्रयास किया। कुछ हमारे खुद के गिने और कुछ स्थानीय लोगों से जुटाए आँकड़ों के मुताबिक, अकेले बलरामपुर जिले में बॉर्डर से 15 किलोमीटर के अंदर लगभग 150 मदरसे चल रहे हैं। इसके अलावा इसी क्षेत्र में नेपाल सीमा से 15 किलोमीटर क्षेत्र में मस्जिदों की संख्या 200 से अधिक है। इन दोनों के अतिरिक्त लगभग 10 स्थान ऐसे भी हैं, जहाँ मस्जिद के ही अंदर मदरसे चल रहे हैं।

इन मस्जिदों में 1 मीनार और 2 मीनारों वाली मस्जिदें शामिल हैं। इस पूरी संख्या में मज़ारों/कर्बला को नहीं गिना गया है, जिनकी अनुमानित संख्या 200 से अधिक है। हालाँकि ये आँकड़े ऑपइंडिया ने अपने व्यक्तिगत प्रयासों और सूत्रों से जमा किए हैं। इबादतगाहों और मदरसों की संख्या इस से कुछ भिन्न भी हो सकती है।

पढ़ें पहली रिपोर्ट : कभी था हिंदू बहुल गाँव, अब स्वस्तिक चिह्न वाले घर पर 786 का निशान: भारत के उस पार भी डेमोग्राफी चेंज, नेपाल में घुसते ही मस्जिद, मदरसा और इस्लाम – OpIndia Ground Report

पढ़ें दूसरी रिपोर्ट : घरों पर चाँद-तारे वाले हरे झंडे, मस्जिद-मदरसे, कारोबार में भी दखल: मुस्लिम आबादी बढ़ने के साथ ही नेपाल में कपिलवस्तु के ‘कृष्णा नगर’ पर गाढ़ा हुआ इस्लामी रंग – OpIndia Ground Report

पढ़ें तीसरी रिपोर्ट : नेपाल में लव जिहाद: बढ़ती मुस्लिम आबादी और नेपाली लड़कियों से निकाह के खेल में ‘दिल्ली कनेक्शन’, तस्कर-गिरोह भारतीय सीमा पर खतरा – OpIndia Ground Report

पढ़ें चौथी रिपोर्ट : बौद्ध आस्था के केंद्र हों या तालाब… हर जगह मजार: श्रावस्ती में घरों की छत पर लहरा रहे इस्लामी झंडे, OpIndia Ground Report

पढ़ें पाँचवीं रिपोर्ट : महाराणा प्रताप के साथ लड़ी थारू जनजाति बहुल गाँव में 3 मस्जिद, 1 मदरसा: भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी का ये है ‘पैटर्न’ – OpIndia Ground Report

पढ़ें छठी रिपोर्ट : बौद्ध-जैन मंदिरों के बीच दरगाह बनाई, जिस मजार को पुलिस ने किया ध्वस्त… वो फिर चकमकाई: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी – OpIndia Ground Report

पढ़ें सातवीं रिपोर्ट : हनुमान गढ़ी की जमीन पर कब्जा, झारखंडी मंदिर सरोवर में ताजिया: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, असर UP के बलरामपुर में – OpIndia Ground Report

पढ़ें आठवीं रिपोर्ट : पुरातत्व विभाग से संरक्षित जो जगह, वहाँ वक्फ की दरगाह-मजार: नेपाल सीमा पर बढ़ती मुस्लिम आबादी, मुसीबत में बौद्ध धर्मस्थल – OpIndia Ground Report

पढ़ें नौवीं रिपोर्ट : 2 मीनारों वाली मस्जिदें लोकल, 1 मीनार वाली अरबी पैसे से… लगभग हर गाँव में मदरसे: नेपाल बॉर्डर के मौलाना ने बताया इसमें कमीशन का खेल – OpIndia Ground Report

पढ़ें दसवीं रिपोर्ट : SSB बेस कैंप हो या सड़क, गाँव हो या खेत-सुनसान… हर जगह मस्जिद-मदरसे-मजार: UP के बलरामपुर से नेपाल के जरवा बॉर्डर तक OpIndia Ground Report

पढ़ें 11वीं रिपोर्ट : हिंदू बच्चों का खतना, मंदिर में शादी के बाद लव जिहाद और आबादी असंतुलन के साथ बढ़ते पॉक्सो मामले: नेपाल बॉर्डर पर बलरामपुर जिले में OpIndia Ground Report

पढ़ें 12वीं रिपोर्ट : गाँवों में अरबी-उर्दू लिखे हुए नल, UAE के नाम की मुहर: ज्यादा दाम देकर जमीनें खरीद रहे नेपाली मुस्लिम – OpIndia Ground Report

पढ़ें 13वीं रिपोर्ट : नए बने ओवरब्रिज के नीचे मज़ार-कर्बला, सड़क किनारे मस्जिद-मदरसे-दरगाह: नेपाल के बढ़नी बॉर्डर हाइवे पर ‘हरा रंग’ हावी – OpIndia Ground Report

पढ़ें 14वीं रिपोर्ट : 4 और 14 वाली नीति से एकतरफा बढ़ रही आबादी… उस गाँव में मस्जिद बनाने की कोशिश, जहाँ नहीं एक भी मुस्लिम’ : UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 15वीं रिपोर्ट: फ़ारसी में ‘गरीब नवाज स्कूल’ का बोर्ड, उस पर बने चाँद-तारे… घरों-दुकानों में लहरा रहे इस्लामी झंडे, सड़क से सटी हुई मजारें: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

पढ़ें 16वीं रिपोर्ट: ’10 km में 20 गाँव मुस्लिम बहुल, हिन्दू दब कर मनाते हैं अपने त्योहार’: नेपाल सीमा के ग्राम प्रधान ने बताया – गरीब दिखने वाले मुस्लिमों के पास भी बहुत पैसे: UP-नेपाल बॉर्डर से OpIndia Ground Report

‘द गार्जियन’ की आइना खान के लिए ‘जय श्री राम’ का नारा हिंसक, इंग्लैंड में हिंसा के लिए RSS को दे रही दोष: मुस्लिम कट्टरवादियों को बचाने के लिए प्रोपेगंडा

एशिया कप 2022 में हुए भारत-पाकिस्तान मैच (India vs Pakistan Asia Cup) के बाद पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में विरोध प्रदर्शन ने हिंसक रूप ले लिया है। यूनाइटेड किंगडम में रहने वाले इस्लामवादियों में से आधिकतर पाकिस्तानी हैं, जो हिंदू समुदाय पर हमला करने के लिए सड़कों पर उतर आए हैं। ये लोग बड़ी ही बेशर्मी के साथ खुद को पीड़ित बता रहे हैं और इस हिंसा के लिए हिंदुओं को दोषी ठहरा रहे हैं।

यूके स्थित वामपंथी मीडिया आउटलेट ‘द गार्जियन’ की पत्रकार आइना खान (Aina Khan) ने लीसेस्टर हिंसा को कवर करते हुए अपने ‘तनावपूर्ण दिन’ के बारे में बताते हुए सिलसिलेवार कई ट्वीट किए हैं। वह दावा करती हैं कि उन्होंने एक हिंदू व्यक्ति का साक्षात्कार लिया था, जिसने हेलमेट पहन रखा था और हाथों ने भारत का ध्वज पकड़ा हुआ था।

हालाँकि, ‘द गार्जियन’ की पत्रकार अपने ट्वीट में उस शख्स का नाम नहीं बताती हैं और न ही उसकी कोई तस्वीर दिखाती हैं। भारतीय ध्वज को पकड़ने वाला व्यक्ति मुस्लिम भी हो सकता है, क्योंकि भारत 15% से अधिक मुस्लिमों का भी घर है और हमें यह विश्वास दिलाया जाता है कि वे भी भारतीय ध्वज से उतना ही प्यार और सम्मान करते हैं जितना कि ‘हिंदू राष्ट्रवादी’ करते हैं। इसलिए यह मानना कट्टरता है कि हेलमेट पहनने वाला और तिरंगा पकड़ने वाला शख्स हिंदू व्यक्ति था।

इसके बाद खान लिखती हैं कि हेलमेट पहने हुए व्यक्ति ने दावा किया कि वह आरएसएस का समर्थक है। बाद में खुद से इसमें एक डिस्क्लेमर जोड़ती हैं कि आरएसएस संगठन इतालवी तानाशाह मुसोलिनी से प्रेरित था। यह हैरानी की बात है, क्योंकि आमतौर पर वामपंथियों द्वारा यह दावा किया जाता है कि आरएसएस हिटलर के नाज़ीवाद से प्रेरित था और यह संघ से जुड़े लोगों को अमानवीय बताने के लिए कहा जाता है। दिलचस्प बात यह है कि कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी के पिता स्टेफानो माइनो थे, जिन्होंने वास्तव में मुसोलिनी की सेना में एक सैनिक के रूप में काम किया था।

इसके अलावा, खान ने दावा किया कि हेलमेट पहने हुए आरएसएस का समर्थन करने वाले हिंदू व्यक्ति ने कहा कि भारत को आजादी वास्तव में आठ साल पहले नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री का पद सँभालने के बाद मिली थी, और मोदी भारत में जिहादी मुस्लिमों के लिए रामबाण थे।

फिर ‘द गार्जियन’ की आइना जे खान कहती हैं कि हेलमेट पहनने वाले ने उनसे यह भी कहा कि ब्रिटेन में मुस्लिम एक बड़ी समस्या हैं और ‘रॉदरहैम ग्रूमिंग गैंग’ के बारे में बात की। उस व्यक्ति के ‘मुस्लिम’ कहने का कोई वीडियो क्लिप सामने नहीं आया है, लेकिन यह बात सच है कि रॉदरहैम ग्रूमिंग गैंग मामले में कई मुस्लिम मुख्य आरोपित हैं।

आइना खान का RSS पर निशाना

खान के मुताबिक, ‘हेलमेट मैन’ ने गाँधी की प्रतिमा के करीब खड़े होकर कहा कि RSS एक महान संगठन है। उसका (पत्रकार) दावा है कि यह विडंबना है, क्योंकि गाँधी की हत्या आरएसएस के सदस्य नाथूराम गोडसे ने की थी। लेकिन, सच्चाई ये है कि गोडसे गाँधी की हत्या के समय आरएसएस से नहीं जुड़े थे।

खान के अनुसार, ‘एक और आरएसएस सदस्य’ चर्चा में शामिल हुआ। उनका कहना है कि यह चर्चा ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ और ‘गर्म’ हो गई। वह ‘जय श्री राम नारे’ को भारत में चरमपंथियों के नारे के रूप में संदर्भित करती हैं और यह दावा करती हैं कि ‘जय श्री राम’ अब मुस्लिम विरोधी घृणा का पर्याय बन गया है। इस फेक नैरेटिव का इस्तेमाल अक्सर राजनीतिक दलों द्वारा ‘डरा हुआ मुसलमान’ के नैरेटिव को आगे बढ़ाने के लिए किया गया है।

यही वजह है कि भारत में इस्लामवादियों ने ‘जय श्री राम’ के नारे को बदनाम करने के लिए कई बार झूठे आरोप लगाए। जबकि उनका नारा ‘अल्लाहु अकबर’ इतना खूँखार हो गया है कि वे इस्लामी आतंकवादियों के बारे में ज्यादा कुछ नहीं कर सकते हैं, जो इसे बोलते हुए दूसरों को छुरा घोंपते हैं, उनका सिर कलम कर देते हैं। अब यह टूलकिट यूके पहुँच गया है।

पत्रकार ने एक क्लिप साझा की, जिसके बारे में वह दावा करती है कि वह एक सबूत है। समूह शांतिपूर्वक ‘वंदे मातरम’ का नारा लगाते हुए एक मार्च निकाल रहा है। ये भारत का राष्ट्रगीत भी है। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि भारत बनाम पाकिस्तान एशिया कप मैच के बाद हिंसा शुरू हुई थी। पाकिस्तानियों द्वारा भारतीयों पर हमले किए जा रहे थे। खान द्वारा किए जा रहे दावे भारतीयों के प्रति उनकी कट्टरता, नस्लवाद को दर्शाता है। जबकि भारतीय पुरुष एक मुस्लिम व्यक्ति भी हो सकता है, जो अपने देश से प्यार करता है और मातृभूमि के प्रति वफादार है। खान का मजहब के चश्मे से हिंसा को देखना बेतुका है।

वीडियो में भी भारतीय शख्स मुस्लिमों की नहीं, बल्कि पाकिस्तान की बात करता दिख रहा है। वीडियो में एक 'हेलमेट मैन' भी दिख रहा है, लेकिन इसमें कोई आरएसएस के बारे में नहीं बोल रहा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि खान ने 'आरएसएस/हिंदुत्व चरमपंथियों' के बारे में कैसे लिखा, इस एक मिनट के वीडियो में यह कैसे आया जबकि कोई भी इसके बारे में बात नहीं कर रहा है?

बता दें कि इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में रविवार (18 सितंबर, 2022) को हिंदुओं के समूह पर कट्टरपंथियों द्वारा हमला किया गया। इस दौरान ‘अल्लाहु-अकबर’ नारा लगाते हुए मंदिर पर भी अटैक हुआ और उसके ऊपर लगे भगवा ध्वज को भी तोड़कर नीचे गिरा दिया गया था। घटना के विरोध में हिंदुओं ने ‘जय श्री राम’ के नारे लगाए। कट्टरपंथी भीड़ इतनी बेकाबू थी कि पुलिस ने जब उपद्रवियों को रोकने की कोशिश की, तो उन पर भी काँच की बोतलें फेंकी गई। लाठी-डंडों से लैस भीड़ ने संपत्ति को भी काफी नुकसान पहुँचाया।

इमरान खान पर नहीं चलेगा आतंकवाद का केस: पाकिस्तानी अदालत का फैसला, रैली में महिला जज को धमकाया था

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर अब आतंकवाद की धाराओं में केस नहीं चलेगा। ये आदेश वहाँ के हाईकोर्ट ने दिया है। पूर्व पीएम के ऊपर महिला जजों और पुलिसवालों को धमकी देने का आरोप लगने के बाद ये धाराएँ लगाई गई थीं।

इमरान खान के वकील फैजल चौधरी ने कोर्ट आदेशों के बारे में बताया, “कोर्ट ने कहा है कि इमरान खान के कथित अपराध आतंकवादी गतिविधि जैसे नहीं लगते।” इसके अलावा उनके वकील चौधरी बोले कि इमरान खान के खिलाफ पूरा केस चलता रहेगा लेकिन आतंकवाद रोधी अदालत के बजाय अब सुनवाई साधारण कोर्ट में होगी।

बता दें कि इमरान खान ने कुछ समय पहले अपने एक करीबी की गिरफ्तारी के बाद उसकी जमानत याचिका खारिज किए जाने पर अपना एक बयान दिया था। इसी बयान में उन्होंने महिला जजों और पुलिस अधिकारियों को मंच से धमकी दी थी। इस बयान के बाद उनके ऊपर एफआईआर हुई और कार्रवाई शुरू की गई।

पुलिस ने उनके विरुद्ध एंटी टेररिज्म एक्ट की धारा 7 के अंतर्गत केस दर्ज किया था। आतंकवाद से जुड़े केस में गिरफ्तारी न हो इसके लिए इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था।

याचिका में इमरान खान ने कहा था कि उनकी निडर आलोचना, भ्रष्टाचार और भ्रष्ट राजनेताओं के खिलाफ उठाई आवाज के कारण वो सत्ताधारी पार्टी के निशाने पर हैं। इसी दुर्भावनापूर्ण मकसद से उनके खिलाफ एक झूठी शिकायत को दर्ज किया गया। याचिका में ये भी बताया गया कि सरकार ने इमरान खान को फर्जी केस मे गिरफ्तार करवाने के लिए हर हद्द पार कर दी।

बेल याचिका में लिखा था कि इमरान के ऊपर सरकार अब तक 17 एफआईआर दायर करवा चुकी है। इनमें हालिया तो राजनीति से प्रेरित है जिसमें उनको गलत मंशा से और फर्जी ढंग से फँसाया गया है।

‘उसे ब्लैकमेल किया जा रहा था’: MMS कांड की आरोपित छात्रा के वकील का दावा, पुलिस ने तीनों आरोपितों को 7 दिन के रिमांड पर लिया

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) में वायरल वीडियो विवाद के बाद हुए प्रदर्शन के 2 दिन बीत जाने के बाद आरोपित लड़की के मोबाइल से 2 वीडियो मिलने की सूचना है। बताया जा रहा है कि इसमें से एक वीडियो खुद गिरफ्तार लड़की का है, जबकि दूसरा किसी और लड़की का। पुलिस ने इन दोनों वीडियो को जाँच के लिए फॉरेंसिक लैब भेजा है। यह जानकारी आरोपित लड़की के वकील संदीप शर्मा ने ANI को सोमवार (19 सितम्बर, 2022) को दी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित लड़की के वकील का ये भी कहना है कि लड़की को एक लड़के द्वारा ब्लैकमेल किया जा रहा था। इस से पहले मोहाली पुलिस और चंडीगढ़ विश्वविद्यालय ने कहा था कि लड़की ने सिर्फ अपने वीडियो अपने दोस्त को भेजे थे न कि किसी और लड़की के। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जाँच में उन्हें आरोपित लड़की के मोबाइल फोन में किसी और का वीडियो नहीं मिला था। इस बीच पुलिस ने गिरफ्तार तीनों आरोपितों को खरार कोर्ट से 7 दिन की रिमांड पर लिया है। अब पुलिस इन तीनों से विस्तृत पूछताछ करेगी।

तीनों की पेशी के दौरान कोर्ट में मीडियाकर्मियों के साथ कई अन्य लोगों की भारी भीड़ थी। पुलिस ने तीनों आरोपितों की सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम भी किए थे। गिरफ्तार तीनों आरोपित (1 छात्रा और 2 छात्र) इसी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में ही पढ़ाई करते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने भी कड़े कदम उठाते हुए गर्ल्स हॉस्टल की 2 वॉर्डन को सस्पेंड कर दिया है। सस्पेंड होने वाली कर्मचारियों में वो महिला वॉर्डन भी शामिल है, जिसे एक अन्य वायरल वीडियो में आरोपित छात्रा को डाँटते देखा गया था।

दरअसल चंडीगढ़ विश्वविद्यालय पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ से लगभग 20 किलोमीटर दूर मोहाली, पंजाब में स्थित एक प्राइवेट यूनिवर्सिटी है। इस मामले के सामने आने के बाद कुछ लड़कियों द्वारा आत्महत्या के प्रयास के दावों का खंडन करते हुए पुलिस ने कहा कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लड़कियाँ बेहोश हो गईं थी, जिन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया गया था।

गौरतलब है कि 18 सितम्बर ,2022 को अचानक ही चंडीगढ़ विश्वविद्यालय में एक छात्रा पर 60 लड़कियों का नग्न वीडियो बनाने का आरोप लगा कर हंगामा खड़ा हो गया। कई लड़कियों ने सड़क पर उतर कर प्रदर्शन करना शुरू कर दिया। चंडीगढ़ पुलिस ने हालात को सँभालने का प्रयास किया और आरोपित छात्रा सहित हिमाचल प्रदेश से 31 और 23 वर्षीय 2 छात्रों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में अभी जाँच की जा रही है।

‘कागजों पर चल रहे थे मदरसे, सर्वे शुरू होते ही 2500+ गायब’: UP के मदरसा बोर्ड के अध्यक्ष का खुलासा, कहा- ओवैसी की बातों में न आएँ

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार राज्य के मदरसों का सर्वे करवा रही है। यह सर्वे बीते मंगलवार यानि 13 सितंबर से शुरू हो चुका है। मदरसों के इस सर्वे के लिए 5 अक्टूबर तक की समय सीमा निर्धारित की गई है। मदरसों के सर्वे को लेकर ‘उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद’ के अध्यक्ष डॉ इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है कि सर्वे के शुरू होते ही राज्य से 2500 मदरसे गायब हो गए हैं।

अमर उजाला से हुई बातचीत में, डॉ इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा है, “कोई भी व्यक्ति जो गरीब मुसलमानों के बच्चों को आधुनिक बेहतर शिक्षा देने का पक्षधर होगा, वह मदरसों के सर्वे को गलत नहीं ठहरा सकता। हमें समझना चाहिए कि मदरसों के सर्वे का विरोध अब तक कौन और क्यों कर रहा था? जो असदुद्दीन ओवैसी मदरसों के सर्वे को दूसरा एनआरसी कह रहे थे, उन्हीं के भाई अकबरुद्दीन ओवैसी का बेटा अमेरिका में एमबीबीएस कर रहा है और बेटी लंदन में लॉ पढ़ रही है।”

उन्होंने लोगों से अपील की कि लोग ओवैसी की बातों में न आएँ। उन्होंने बताया, “वे लोग अपने बच्चों को बड़े अंग्रेजी मिशनरी स्कूलों में पढ़ाकर उनके लिए तरक्की का रास्ता खोलना चाहते हैं। जबकि गरीब के बच्चों को धार्मिक शिक्षा तक सीमित रखना चाहते हैं, क्यों? इसके पीछे केवल राजनीति जिम्मेदार है, लेकिन मैं कहना चाहता हूँ कि मुसलमानों के गरीब बच्चे भी अब आधुनिक शिक्षा हासिल कर सकेंगे। उनके विकास का रास्ता खुल गया है।”

मदरसों के सर्वे का विरोध करने वाले लोगों पर आगे बोलते हुए उत्तर प्रदेश मदरसा शिक्षा परिषद के अध्यक्ष डॉ जावेद ने यह भी कहा कि जो लोग मदरसों के सर्वे का विरोध कर रहे थे वे इसे मुसलमानों के आंतरिक मामलों में सरकार का दखल बता रहे थे। लेकिन जब आप केंद्र सरकार से हर साल 3000 करोड़ रुपए की सहायता लेंगे। अनेकों मदरसों में 50 हजार से लेकर लाख रुपए से ज्यादा वेतन लेंगे और उन्हीं मदरसों में सरकार से मिलने वाली बिजली-पानी, सड़क की सुविधा का उपयोग करेंगे, तो यह आपका व्यक्तिगत मामला कैसे रह गया। सरकार को ऐसे संस्थानों के लिए नियम बनाने और इसके हितधारकों की चिंता करने का अधिकार है। इससे कोई बच नहीं सकता।

इसके अलावा, डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने कहा कि यह सच है कि भारी संख्या में मदरसे केवल कागजों पर चल रहे थे। इनके नाम पर आने वाला चंदे-जकात का पैसा गलत लोगों की जेबों में जा रहा था। जब सर्वे की शुरुआत हुई थी, तब यूपी में 19 हजार से ज्यादा मदरसे होने की बात कही जा रही थी। लेकिन अब इनकी संख्या केवल 16,513 रह गई है। यानी ढाई हजार से ज्यादा मदरसे गायब हो गए हैं। इससे गलत हाथों में जाने वाला पैसा बचेगा और यह पैसा गरीब मुसलमानों के बच्चों की शिक्षा पर खर्च होगा।

‘सुरक्षा दे प्रशासन, हमलावरों पर तुरंत हो कार्रवाई’: इंग्लैंड हिन्दू विरोधी हिंसा की भारतीय उच्चायोग ने की कड़ी निंदा, UK सरकार के समक्ष उठाया मुद्दा

इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में हिन्दुओं के खिलाफ मुस्लिम भीड़ की हिंसा की भारतीय उच्चायोग ने कड़ी निंदा की है। लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग ने अपने बयान में कहा, “हम लीसेस्टर में भारतीय समुदाय के खिलाफ हिंसा, हिन्दू परिसरों और प्रतीकों को नुकसान पहुँचाए जाने की कड़ी निंदा करते हैं। हमने इस मुद्दे को UK के प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखा है। साथ ही इस हमले में संलिप्त लोगों पर तुरंत कड़ी कार्रवाई की माँग की है।”

UK स्थित भारतीय दूतावास ने वहाँ की सरकार से ये माँग भी की है कि इस हिंसा में पीड़ित लोगों को तुरंत सुरक्षा प्रदान की जाए। पुलिस ने इस घटना में 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दंगा न भड़के, इसीलिए ऐसा किया गया है। भारत-पाकिस्तान के बीच हुए एशिया कप के मैच के बाद यहाँ हिंसा भड़की थी, जो अब दोबारा बड़े रूप में सामने आई है। मुस्लिम भीड़ ने मंदिरों और ॐ लिखे भगवा ध्वज को नुकसान पहुँचाया है।

लीसेस्टर के मेयर ने सोशल मीडिया में चले दुष्प्रचार को इस पूरी हिंसा के लिए जिम्मेदार ठहराया है। कट्टर मुस्लिमों ने मस्जिद पर हमला और मुस्लिम लड़की के अपहरण की झूठी अफवाह फैलाई थी। शहर के ‘Belgrave Road’ की तरफ बढ़ रही मुस्लिम भीड़ को पुलिस ने रोका है। मेयर का दावा है कि सोशल मीडिया में इस घटना की अलग तस्वीर बना कर पेश की जा रही है। उन्होंने दावा किया है कि ये शांतिपूर्ण शहर है, जहाँ बर्मिंघम तक से लोग अशांति फैलाने के लिए बुलाए जा रहे हैं।

ईस्ट मिडलैंड्स के के शहर में हुई हिंसा के बारे में स्थानीय लोग कह रहे हैं कि पहले ऐसा कभी नहीं हुआ। अधिकारी पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि किसी मस्जिद पर कोई हमला नहीं हुआ। वहाँ का वामपंथी मीडिया ‘जय श्री राम’ के नारे को हिंसक बता कर मुस्लिम कट्टरवादियों को बचा रहा है। ‘The Guardian’ ने तो वहाँ की घटना की खबर प्रकाशित करते समय नरेंद्र मोदी और ध्रुवीकरण की बातें कर डाली। जबकि कई वीडियोज में हिन्दुओं के खिलाफ हिंसा को साफ़ देखा जा सकता है।