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क्रांतिकारियों के सम्मान समारोह में नहीं पहुँचे राहुल गाँधी, इंतजार करते रह गए परिजन: केरल में कॉन्ग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को माँगनी पड़ी माफ़ी

बिखरती हुई कॉन्ग्रेस को जोड़ने के उद्देश्य से राहुल गाँधी ‘भारत जोड़ो’ यात्रा कर रहे हैं। हालाँकि, उनकी यह यात्रा लगातार विवादों से घिरी रही है। शुक्रवार (9 सितंबर, 2022) को हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मिलने के कारण राहुल गाँधी पर सवालिया निशान लगाए गए थे। और अब, वह केरल में क्रांतिकारियों के सम्मान कार्यक्रम में नहीं पहुँचे हैं। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष को माफी माँगनी पड़ी है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तिरुवनंतपुरम के NIMS हॉस्पिटल में केरल के दो क्रांतिकारियों केई मेमन और पद्मश्री पी गोपीनाथन नायर के स्मारक का अनावरण होना था। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए क्रांतिकारियों के परिवार की तरफ से केरल प्रदेश कॉन्ग्रेस कमिटी के प्रमुख सुधाकरण की मौजूदगी में राहुल गाँधी को आमंत्रण दिया गया था। लेकिन, इसके बाद भी उन्होंने इस कार्यक्रम में पहुँचना उचित नहीं समझा।

बताया जा रहा है कि क्रांतिकारियों के स्मारक अनावरण समारोह में शामिल होने के लिए प्रदेश कॉन्ग्रेस अध्यक्ष सुधाकरण, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट के नेता एमएम हसन और स्थानीय सांसद शशि थरूर पहुँचे थे। लेकिन, काफी इंतजार के बाद भी राहुल गाँधी यहाँ नहीं पहुँचे। इसके बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस प्रमुख सुधाकरण का वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह क्रांतिकारियों के परिवार के सदस्यों से माफी माँगते नजर आ रहे हैं।

बता दें कि राहुल गाँधी ने शुक्रवार को हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मुलाकात की थी। इस मुलाकात के दौरान हुई एक चर्चा का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया था। इसमें देखा जा सकता है कि जीसस के बारे में पूरी चर्चा हो रही है। पादरी राहुल गाँधी को समझा रहे हैं कि यीशु ही असल में ईश्वर हैं।

राहुल गाँधी को पानी की तीन अवस्थाओं का उदाहरण देकर समझाया जा रहा है कि राहुल गाँधी ईश्वर के पुत्र हैं। वहीं बीच में जॉर्ज पोन्नैया कहते हैं कि जीसस ही असली भगवान हैं, वो शक्ति और हिंदू देवताओं जैसे नहीं हैं। पोन्नैया को वीडियो में कहते सुना जा सकता है, “वह (जीसस) मानव के तौर पर जन्मे असली भगवान हैं। शक्ति (हिंदू देवी) और अन्य की तरह नहीं।”

खुद को जनेऊधारी बताने वाले राहुल गाँधी को हिंदू देवताओं के ऐसे अपमान पर वीडियो में चुपचाप बैठे पादरी की बातों को सुनते देखा जा सकता है। पादरी ये दर्शाते रहा है कि जीसस ही असली भगवान हैं जबकि हिंदू देवता काल्पनिक हैं। लेकिन, राहुल इस पर कुछ नहीं बोलते।

‘वो बाबरी की तरह ज्ञानवापी को भी ढाह देंगे’: कोर्ट के फैसले के बाद रो रहे शिवलिंग को फव्वारा बता कर कूदने वाले, कह रहे – हर रोज एक नया जख्म

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर आज (12 सितंबर) वाराणसी की जिला अदालत ने हिंदुओं के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि श्रृंगार गौरी की पूजा के संबंध में हिंदू महिलाओं की याचिका सुनने लायक है। इस फैसले के आते ही वामपंथी व कट्टरपंथी सोशल मीडिया पर रोने लगे। वहीं दूसरी ओर ‘बर्नोल’ हैशटैग ट्रेंड होने लगा।

‘ट्विटर पर ट्रेंड

आरफा खानुम शेरवानी ने इस फैसले के आते ही सोशल मीडिया पर ट्वीट किया, “हर रोज एक नया जख्म।”

राजदीप सरदेसाई ने लिखा, “वाराणसी कोर्ट ने हिंदुओं की याचिका को चुनौती देने वाली अंजुमन समिति की याचिका खारिज कर दी: एक और धार्मिक विवाद एक लंबी विवादास्पद, विभाजनकारी कानूनी लड़ाई से गुजरने के लिए तैयार है। जब ‘न्यू’ इंडिया को भविष्य की ओर आगे बढ़ना चाहिए तब अतीत हमें भयभीत कर रहा है।”

इसी तरह कोर्ट से नाराज होकर अलीगढ़ मुस्लिम युनिवर्सिटी के उपाध्यक्ष सैयद मसूद उल हसन ने गुस्सा जाहिर करते हुए कहा, “कोर्ट ने बंद अल्फाज में कह दिया है कि अगली बाबरी मस्जिद ज्ञानवापी होगी। अगरे 20 सालों में तोड़कर इसे मंदिर बना दिया जाएगा।”

अतीउल्ला अंसारी ने लिखा, “दुनिया की अदालत ने भले ही मस्जिद को मंदिर साबित कर दिया। लेकिन अल्लाह का इंसाफ आना बाकी है।” इसी तरह कुछ यूजर डर दिखा रहे हैं कि बाबरी की तरह ज्ञानवापी भी न ढाह दी जाए।

बता दें कि ज्ञानवापी मसले पर लिबरलों का ये रिएक्शन उसी समय देखने को मिल रहा है जब से वाराणसी कोर्ट ने हिंदुओं की याचिका को स्वीकारा और मुस्लिम याचिका खारिज की है।

इससे पहले इस्लामवादियों और लिबरलों का ये रोना तब भी शुरू हुआ था जब ज्ञानवापी के भीतर शिवलिंग मिलने का दावा हिंदू पक्ष ने किया था। उस समय कट्टरपंथियों ने शिवलिंग को फव्वारा बता दिया था और कई कट्टरपंथी हिंदू आस्था का मजाक उड़ाते मिले थे। इसके अलावा ये बात भी सामने आई थी कि जहाँ पर हिंदू पक्ष ने शिवलिंग होने का दावा किया है वहाँ इस्लामवादी इतने सालों से हाथ-मुँह धोते थे।

‘1984 और गोधरा के बाद अब फिर हिंसा की साजिश’: ‘भारत जोड़ो’ के नाम पर कॉन्ग्रेस ने ‘आग लगाने’ के लिए उकसाया, RSS और हिन्दुओं के खिलाफ दिखाई घृणा

कॉन्ग्रेस के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट से विश्व के सबसे बड़े समाजसेवी संगठन ‘राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS)’ को लेकर एक ट्वीट किया गया है। इस ट्वीट में, आरएसएस के स्वयंसेवकों द्वारा पहने जाने वाली ‘हाफ पैंट’ को जलता हुआ दिखाया गया है। साथ ही फोटो में ‘145 दिन और’ का कैप्शन दिया गया है।

यही नहीं, कॉन्ग्रेस ने इस ट्वीट में लिखा है, “देश को नफरत की बेड़ियों से मुक्त कराने और भाजपा-आरएसएस द्वारा किए गए नुकसान की भरपाई करने के लिए कदम दर कदम हम अपने लक्ष्य तक पहुँचेंगे।” साथ ही पार्टी ने ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का हैशटैग भी लगाया। BJYM अध्यक्ष तेजस्वी सूर्या ने कॉन्ग्रेस पर हिंसा के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए कहा कि इसने 1984 में दिल्ली को जलाया और इसके इकोसिस्टम ने गोधरा में 59 हिन्दुओं को जलाया।

गौरतलब है, कॉन्ग्रेस के वरिष्ठ नेता और वायनाड से सांसद राहुल गाँधी ने कंटेनरों के एक बेड़े के साथ ‘भारत जोड़ो’ यात्रा शुरू की है। इस यात्रा के माध्यम से राहुल गाँधी 2024 के लोकसभा चुनावों को मद्देनजर रखते हुए कॉन्ग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं के साथ यात्रा कर रहे हैं।
 
कॉन्ग्रेस ने राहुल गाँधी की इस यात्रा को भारत को ‘एकजुट’ करने वाले कदम के रूप में दिखाने का प्रयास किया था। इसके लिए करोड़ों रुपए भी खर्च किए जा रहे हैं। हालाँकि, कॉन्ग्रेस आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से जिस तरह की फोटो शेयर की गई है, वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से जुड़े लोगों को ‘जलाकर राख करने’ की ओर इशारा कर रही है।

इन तमाम बातों के बीच यह जानना आवश्यक है कि कॉन्ग्रेस नेताओं और समर्थकों ने सोशल मीडिया में न केवल आरएसएस के स्वयंसेवकों बल्कि उन तमाम लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया है जो लोग कॉन्ग्रेस की विचारधारा का समर्थन नहीं करते हैं। इतना ही नहीं, कॉन्ग्रेसी हमेशा ही ‘संघी’ शब्द का उपयोग करते हुए अपमान जनक टिप्पणी करते रहे हैं।

वास्तव में, कॉन्ग्रेस के समर्थकों ने ‘संघियों’ को एक कैंप में बंद करके ‘बेल्ट ट्रीटमेंट’ देने तक की बात कही है। यहाँ यह समझना जरूरी हो जाता है कि ‘संघी’ हिंदुओं के लिए उपयोग किया गया एक रूपक मात्र है। कॉन्ग्रेसी जानते हैं कि ‘हिंदू’ शब्द का प्रयोग उन्हें संकट में डाल सकता है। इसलिए, वे हिंदुओं के स्थान पर ‘संघी’ का प्रयोग कर अपनी नफरत और कट्टरता दिखाते हैं। यही नहीं, सोशल मीडिया में यह देखने को मिलता रहता है कि कॉन्ग्रेसी ‘संघियों’ के लिए मौत की दुआएँ करते हैं।

यह कहने में कोई गुरेज नहीं होना चाहिए कि कॉन्ग्रेसी ‘संघियों’ को इंसान नहीं मानते और यदि इंसान मानते भी हैं तो अपना नहीं मानते। कॉन्ग्रेसियों ने अक्सर ही ‘राष्ट्रवादी’ शब्द का इस्तेमाल ‘संघियों’ के खिलाफ एक कलंक के रूप में किया है। इसलिए जब ‘कॉन्ग्रेस’ ‘संघियों’ को इंसान ही नहीं मानती तो इसमें कोई आश्चर्य की बात नहीं है कि वे उन्हें मारना चाहती है।

कुल मिलाकर देखें तो, कॉन्ग्रेस ‘राष्ट्रवादियों’ या ‘संघियों’ से छुटकारा चाहती है। हालाँकि, इसमें हास्यास्पद यह है कि कॉन्ग्रेस के ‘युवराज’ एक ओर ‘भारत जोड़ो’ की बात कर रहे हैं और वहीं उनकी पार्टी ‘संघियों’ को जलाने और ‘मार डालने’ की मंशा रखती है।

‘मेरे जवान दिखने के पीछे 3 राज़ हैं – सेक्स, सेक्स और सेक्स’: करण जौहर के शो में बोले अनिल कपूर, वरुण ने अर्जुन को बताया छेड़खानी की आदत वाला

बॉलीवुड अभिनेता अनिल कपूर (Anil Kapoor) और वरुण धवन (Varun Dhawan) जल्द ही करण जौहर (Karan Johar) के चैट शो ‘कॉफी विद करण- 7’ (Koffee With Karan S7) के 11वें एपिसोड में दिखाई देने वाले हैं। शो के नए प्रोमो को करण जौहर और मेकर्स ने सोशल मीडिया पर शेयर किया है।

प्रोमो की शुरुआत में करण अनिल से पूछते हैं कि उनके हमेशा जवान दिखने के पीछे आखिर कौन से तीन राज हैं। इस पर अनिल कहते हैं, “सेक्स, सेक्स, सेक्स।” अनिल कपूर का जवाब सुनकर करण और वरुण अपनी हँसी रोक नहीं पाते हैं और जोर-जोर से हँसने लगते हैं। इसके बाद, अनिल को यह कहते हुए सुना जाता है, “यह सब स्क्रिप्टेड है।”

अनिल कपूर के बाद करण जौहर वरुण धवन से सवाल करते हैं। वह वरुण से पूछते हैं कि कैटरीना कैफ और दीपिका पादुकोण में से आप किसके साथ काम करना चाहते हैं? इस सवाल के जवाब में वरुण ने कहा, “मुझे हमेशा कहा जाता है कि मैं एक बच्चे की तरह दिखता हूँ।” इस पर करण ने उनसे पूछा, “आपको लगता है कि वे आपसे बड़ी दिखती हैं?” वरुण ने कहा, “आप ऐसा कह रहे हैं।”

इसके बाद करण ने वरुण से आगे पूछा कि सबसे ज्यादा गपशप करने का जुनूनी कौन है, कौन सबसे ज्यादा गलत स्क्रिप्ट चुनता है और अजनबियों के साथ छेड़खानी करने की आदत किसे है? इन तीनों सवालों के जवाब में वरुण ने अर्जुन कपूर का नाम लिया। तब अनिल ने वरुण से कहा, “वह मेरा भतीजा है।” प्रोमो के अंत में करण, वरुण और अनिल एक डांस करते हुए दिखाई देते हैं। ‘कॉफी विद करण 7’ का 11वाँ एपिसोड 15 सितंबर को दिखाया जाएगा।

गौरतलब है कि इससे पहले करण जौहर ने अपने शो में ईशान खट्टर से उनके रिलेशनशिप स्टेटस के बारे में पूछा थे। उन्होंने ईशान से पूछा, “आपने हाल ही में अनन्या से ब्रेकअप कर लिया है।” ईशान खट्टर ने करण के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा था, “क्या मैंने, क्योंकि आपने पूछा है इसलिए बता रहा हूँ कि उन्होंने मेरे साथ संबंध तोड़ लिया है।” उन्होंने इस ओर इशारा करते हुए कि कहा कि कैसे उन्होंने अनन्या से पहले के एपिसोड में उनकी उपस्थिति के दौरान वही सवाल पूछा था। उन्होंने करण से सही शब्दों को चुनने के लिए कहा और ये भी बोला कि आप उनके लिए बहुत सेल्फिश हो।

सिराज से बचने के लिए सलाहुद्दीन ने ‘गणेश चतुर्थी’ को बीच में घुसाया, शिकायत में कहा- ‘सर तन से जुदा’ की दी जा रही धमकी: UP पुलिस बोली- मामला आपसी विवाद का है

उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में एक मुस्लिम युवक ने दो अन्य मुस्लिमों पर ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी देने का आरोप लगाया। मुस्लिम युवक सलाहुद्दीन अहमद सिद्दीकी ने दावा किया कि उसने इश्तियाक अहमद को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ दी थी, जिसके बाद उसे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। हालाँकि, इस मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने आरोपों को निराधार बताया और पूरा केस पैसों की लेन-देन से जुड़ा कहा।

गणेश चतुर्थी का मैसेज शेयर करने पर मिली धमकी

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सलाहुद्दीन अहमद सिद्दीकी उर्फ पप्पू अंबेडकर नगर जिले के हंसवर थाना अंतर्गत नोनारा गाँव का निवासी है। उसका कहना है कि उसने व्हाट्सएप के जरिए स्थानीय हिंदू नेताओं व अपने दोस्तों को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएँ दी थी।

इसी दौरान, एक शुभकामना सन्देश इश्तियाक अहमद को भी भेजा था। इस बारे में इश्तियाक ने अपने दोस्तों सिराज और मोहम्मद मुशीर को बता दिया। जिसके बाद से, सिराज और मोहम्मद मुशीर ने सलाहुद्दीन अहमद सिद्दीकी को फोन करके गाली-गलौच की और फिर ‘सिर तन से जुदा’ करने की धमकी भी दी थी।

रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि इस तरह धमकी मिलने के बाद से सलाहुद्दीन अहमद सिद्दीकी बेहद डरा हुआ था। इसलिए उसने इस मामले में स्थानीय थाने हंसवार में शिकायत दी। इसके बाद इस केस में शांति भंग करने का आरोप लगाकर तीन लोगों के विरुद्ध चालान हुआ। पुलिस ने पड़ताल में पाया कि मामला पैसों की लेन-देन से जुड़ा था।

हंसवर थाने के एसओ प्रमोद सिंह ने कहा, “मामले में सलाहुद्दीन अहमद सिद्दीकी की पत्नी ने सुरक्षा की माँग की थी। जिसके आधार पर सुरक्षा में एक पुलिसकर्मी को लगाया गया है। प्रथम दृष्टया रुपये के लेने देन का मामला सामने आया है। इसमें मुशीर, सिराज और इश्तियाक के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं, सभी का शान्ति भंग करने के आरोप में चालान किया गया है। जाँच की जा रही है।”

सलाहुद्दीन के आरोप गलत

वहीं अंबेडकरनगर पुलिस के ट्वीट में शेयर जानकारी में कहा गया कि सलाहुद्दीन सिद्दिकी ने सिराज खान से कुछ रुपए उधार लिए थे। कुछ समय बाद सिराज ने उन रुपयों को माँगा तो दोनों पक्षों में विवाद बढ़ गया। इसी क्रम में एक पक्ष ने दूसरे पर मिथ्या आरोप लगाए। स्थानीय पुलिस ने शांति व्यवस्था के लिए कार्रवाई की है। सलाहुद्दीन को सुरक्षा दे दी गई है और स्थिति सामान्य है।

‘वापस आ गया लालटेन युग’: मोबाइल के टॉर्च की रोशनी में नीतीश के 3 मंत्रियों की सभा, अँधेरे में करते रहे विकास की बातें

बिहार के रोहतास जिले में नीतीश कुमार के तीन मंत्रियों को मोबाइल की रोशनी में ही सभा करनी पड़ी। बिहार सरकार के मंत्रियों का मोबाइल की रोशनी में भीड़ को संबोधित करने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महागठबंधन सरकार के तीन मंत्रियों काॅन्ग्रेस के मुरारी गौतम, राजद की अनिता देवी और जेडीयू के जमा खान का अभिनंदन समारोह शनिवार (10 सितंबर, 2022) दोपहर डाक बंगला मैदान में रखा गया था।

लेकिन, देरी से आने और लाइट न होने के कारण बिहार सरकार के मंत्रियों को मोबाइल की रोशनी में ही भाषण देना पड़ा। कार्यक्रम में लाइट की व्यवस्था नहीं होने पर समर्थकों ने तुरंत अपने मोबाइल के टॉर्च ऑन किए और उसी में मंत्री जी ने अपना भाषण देना शुरू कर दिया। काॅन्ग्रेस के मुरारी गौतम चेनारी से विधायक भी हैं।

वीडियो में महगठबंधन सरकार के लेट-लतीफ मंत्री अँधेरे में अपनी सरकार की उपलब्धियाँ गिनाते हुए रोजगार और विकास के दावे करते हुए दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये पढ़ाई, दवाई, कमाई, सुनवाई और कार्रवाई की सरकार है। उन्होंने दावा किया कि ‘जुमलेबाज’ सरकार बहुत कुछ कह रही, लेकिन महागठबंधन की सरकार 10 लाख नौकरी देगी।

इसको लेकर बीजेपी ने नीतीश सरकार और उनके मंत्रियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि बिहार में लालटेन युग वापस आ गया है। बीजेपी बिहार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर रविवार (11 सितंबर, 2022) को’ न्यूज 18′ की खबर का स्क्रीनशाॅट साझा करते हुए लिखा, “लालटेन युग का शुभारंभ!”

बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार के तीनों मंत्रियों ने जिस जगह पर सभा आयोजित की थी, उसे नक्सलियों का गढ़ माना जाता है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद कार्यक्रम के आयोजक सफाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि समारोह शनिवार दोपहर में ही होना था, लेकिन आमंत्रित मंत्री देर से आयोजन स्थल पर पहुँचे। उस वक्त शाम हो चुकी थी, ऐसे में जब मंत्रियों के सभा को संबोधित करने की बारी आई, तब तक पूरा अँधेरा हो चुका था। उस समय कार्यकर्ताओं ने अपने मोबाइल के टार्च जलाए, जिसमें मंत्री जी को अपना भाषण देना पड़ा।

9 साल में बनी ‘ब्रह्मास्त्र’ ने वीकेंड पर किया ₹100 करोड़ पार: ‘बाहुबली-2’ ने पहले दिन ही ₹121 करोड़ कमाए थे, बनाने में सिर्फ 2 साल लगे थे

ब्रह्मास्त्र के रिलीज होने के बाद मीडिया में लगातार फिल्म की कमाई को लेकर खबरें आ रही हैं। हाल में फिल्म ने 100 करोड़ का आँकड़ा पार कर लिया है। ऐसे में हर जगह फिल्म के चर्चे हैं। बढ़ा-चढ़ा कर फिल्म का कलेक्शन बताया जा रहा है और सोशल मीडिया पर चले बॉयकॉट ट्रेंड को फेल कहा जा रहा है।

हालाँकि, इन सबके बीच एक सच ये भी है 9 साल (2014-2022) लगाकर बनाई गई इस फिल्म की तुलना अगर 2 (2015-2017) साल देकर बनाई गई बाहुबली-2 जैसी फिल्मों से की जाए तो अब भी ये ‘ब्रह्मास्त्र’ कमाई के मामले में बहुत पीछे है। ये फर्क सिर्फ वीकेंड पर नहीं देखने को मिला बल्कि पहले दिन से ब्रह्मास्त्र प्रभास की फिल्म बाहुबली-2 से बहुत ज्यादा पीछे है।

(नीचे ब्रह्मास्त्र के तीन दिन का कलेक्शन और बाहुबली-2 के कलेक्शन में तुलना है।)

तस्वीर साभार: बॉक्स ऑफिस इंडिया

बता दें कि ब्रह्मास्त्र की पहले दिन की कमाई 31 करोड़ रुपए थी, जबकि बाहुबली ने पहले ही दिन 121 करोड़ कमाए थे। इसके बाद दूसरे दिन ब्रह्मास्त्र ने 35 करोड़ कमाए थे, वहीं बाहुबली 2 का इस दिन का आँकड़ा दुगना यानी 90 करोड़ था। इसी तरह रविवार को जहाँ ब्रह्मास्त्र ने 38 करोड़ कमाए वहीं इस दिन तक 93 करोड़ पर पहुँच गई थी।

इस तरह मात्र तीन में जहाँ बाहुबली-2 की कमाई 304 करोड़ रुपए के आसपास है। वहीं ब्रह्मास्त्र का कलेक्शन 104 करोड़ है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में इसे 124 करोड़ के आसपास कहा जा रहा है। लेकिन उक्त आँकड़े बॉक्स ऑफिस इंडिया की साइट से लिए गए हैं जो ब्रह्मास्त्र का अब तक का कलेक्शन 104 रुपए बताती हैं। इसके अलावा हर फॉर्मेट को मिलाकर बात की जाए तो फिल्म ने पूरे भारत भर में अब तक 118 करोड़ कमाए हैं।

गौरतलब है रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म ब्रह्मास्त्र 9 सितंबर को रिलीज हुई थी। इस फिल्म को देखने के बाद कुछ लोगों ने इसकी तारीफ की थी तो कुछ ने इसे पूरी तरह डिजास्टर बताया था। बॉयकॉट ट्रेंड में रिलीज हुई इस फिल्म की सफलता पर इतना संदेह था कि लोग इस बात से भी संतुष्ट थे कि जब फिल्में 30-40 करोड़ नहीं कमा पा रहीं उस वक्त फिल्म ने 35 करोड़ कमाए हैं। इसके अलावा कुछ लोग हैं जो ब्रह्मास्त्र के भारी-भरकम कलेक्शन को झूठा कह रहे हैं।

हिन्दुओं के पक्ष में आया ज्ञानवापी ढाँचे में अदालत का फैसला, मुस्लिम पक्ष की याचिका खारिज हुई: वाराणसी में धारा-144, पूरे यूपी में अलर्ट

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर वाराणसी की जिला अदालत ने सोमवार (12 सितंबर, 2022) को फैसला सुना दिया। जिला जज अजय कृष्ण विश्वास ने ये निर्णय सुनाया। फैसला हिन्दुओं के पक्ष में आया है और याचिका को स्वीकार कर लिया गया है। अर्थात, अब श्रृंगार गौरी की पूजा के सम्बन्ध में हिन्दू महिलाओं की याचिका सुने जाने योग्य है। इस मामले की अगली सुनवाई 22 सितंबर, 2022 को होगी। फैसले के बाद वकील विष्णु जैन और हिन्दू महिलाएँ खुश नजर आईं।

वाराणसी में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे और विश्वनाथ मंदिर को लेकर फैसला आने वाला था, इसकी सूचना आते ही यूपी पुलिस ने सुरक्षा कड़ी कर दी थी और उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कई इलाकों में फ्लैग मार्च भी किया गया। वाराणसी में भी चप्पे-चप्पे पर पुलिस का का पहरा है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जिला अदालत ने इस मामले में फैसला सुनाया। हिन्दू पक्ष की तरफ के वकील मदन मोहन यादव ने दलील थी थी कि मंदिर को तोड़ कर वहाँ मस्जिद बनी।

हिन्दू पक्ष ने कहा था कि अगर उसके पक्ष में फैसला आता है तो इसके बाद ASI के सर्वे की माँग की जाएगी। साथ ही शिवलिंग के कार्बन डेटिंग की भी माँग की जाएगी। वाराणसी में एक दिन के लिए धारा-144 लगी हुई है। ज्ञानवापी ढाँचा परिसर में पूजा-पाठ की इजाजत है या नहीं, इस सम्बन्ध में हिंदू महिलाएँ अदालत पहुँची थीं। ‘अंजुमन इंतजामिया मस्जिद कमिटी’ ने इन महिलाओं का विरोध करते हुए कहा था कि इसकी अनुमति नहीं दी जा सकती।

फैसले को लेकर पूरे यूपी में हाई अलर्ट था, जो अभी भी जारी है। फैसला सुनाए जाने के समय अदालत कक्ष में वादी और प्रतिवादी मौजूद थे। हिन्दू पक्ष की तरफ से हरिशंकर जैन और उनके पुत्र विष्णु जैन ने दलीलें पेश की थीं। स्कन्द पुराण से लेकर इतिहास के दस्तावेजों तक से उद्धरण दिए गए थे। कोर्ट परिसर में 300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया था। ढाँचे में शिवलिंग मिलने के बाद हिन्दू पक्ष का दावा पहले ही मजबूत हो चुका था। ज्ञानवापी की तरह मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद का भी वीडियो सर्वे होगा, जिसके लिए अदालत ने आदेश जारी किया था।

‘मुझे किसी से बदला नहीं लेना, मीडिया कहानियाँ गढ़ रहा है’ : जेल से छूटे KRK ने पलट दिया अपना बयान, बोले- जो हुआ वो भूल चुका हूँ

फिल्म समीक्षक कमाल राशिद खान (केआरके) लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं। रविवार (11 सितंबर) को उन्होंने अपने, ‘बदला लेने वाले’ ट्वीट को खारिज कर दिया। केआरके ने अपने ट्वीट के बारे में एक दूसरा ट्वीट करते हुए कहा, “मुझे किसी से कोई बदला नहीं लेना है। मीडिया सिर्फ कहानी गढ़ रहा है।”

दरअसल, केआरके (KRK) ने रविवार सुबह 8:11 पर एक ट्वीट किया था। इस ट्वीट में उन्होंने एंग्री इमोजी के साथ लिखा था, “मैं अपना बदला लेने के लिए वापस आ गया हूँ।” हालाँकि, इस ट्वीट को कुछ समय बाद डिलीट कर दिया गया था।

इसके बाद केआरके ने रविवार को ही शाम 6:43 पर एक अन्य ट्वीट करते हुए अपने पुराने ट्वीट को मीडिया द्वारा गढ़ी गई कहानी बता दिया।

उन्होंने इस ट्वीट में लिखा “मीडिया नई कहानियाँ गढ़ रहा है। मैं वापस आ गया हूँ और अपने घर पर सुरक्षित हूँ। मुझे किसी से बदला लेने की जरूरत नहीं है। मेरे साथ जो भी बुरा हुआ, मैं भूल चुका हूँ। मुझे विश्वास है, मेरे भाग्य में यही लिखा था।”

बता दें, एक विवादित ट्वीट को लेकर मुंबई पुलिस ने केआरके को 30 अगस्त को गिरफ्तार किया था। जिसके बाद उन्हें 9 दिन जेल में बिताने पड़े थे। फिलहाल, वह जमानत पर हैं।

गौरतलब है, केआरके को जेल से रिहा किए जाने से पहले उनके बेटे फैसल कमाल ने केआरके के ट्विटर अकाउंट से दो ट्वीट किए थे। इस ट्वीट में फैसल ने लिखा था,

“मैं केआरके का बेटा फैसल कमाल हूँ। मुंबई में मेरे पिता को मारने के लिए कुछ लोग प्रताड़ित कर रहे हैं। मैं अभी 23 साल का हूँ और लंदन में रह रहा हूँ। मुझे नहीं पता कि मैं अपने पिता की मदद कैसे करूँ। मैं अभिषेक बच्चन, रितेश देशमुख और देवेन्द्र फडणवीस जी से मेरे पिता की जान बचाने का अनुरोध करता हूँ। मैं और मेरी बहन उनके बिना मर जाएँगे।”

केआरके के ट्विटर अकाउंट से किए गए अगले ट्वीट में फैसल कमाल ने कहा था “वह हमारा जीवन हैं। मैं जनता से भी अनुरोध करता हूँ कि मेरे पिता की जान बचाने के लिए उनका समर्थन करें। हम नहीं चाहते कि वह सुशांत सिंह राजपूत की तरह मर जाएँ।”

KRK की गिरफ्तारी पर उठे सवाल

केआरके फिल्म इंडस्ट्री के बड़े आलोचक रहे हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि उनकी फिल्म समीक्षाओं को उनके मजाकिया अंदाज के कारण सोशल मीडिया पर लाखों व्यूज मिलते हैं। यही कारण है कि उनकी गिरफ्तारी के बाद फैंस में सोशल मीडिया में कई सवाल खड़े किए थे। इस दौरान, सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया जा रहा था कि केआरके की गिरफ्तारी के पीछे करण जौहर का हाथ भी हो सकता है, क्योंकि वह फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का नेगेटिव रिव्यू नहीं होने देना चाहते।

‘महिला और छोटे किसान हैं डेयरी सेक्टर की असली ताकत’: ग्रेटर नोएडा में PM मोदी ने किया समिट का उद्घाटन, कहा – 44% बढ़ गया दूध उत्पादन

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Modi) ने सोमवार (12 सितंबर, 2022) को ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में वर्ल्ड डेयरी’ समिट (World Dairy Summit 2022)’ का उद्घाटन किया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने भारत में डेयरी सेक्टर की असली ताकत महिलाओं और छोटे किसानों को बताया।

इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि भारत में डेयरी सेक्टर की असली ताकत छोटे किसान हैं। उन्होंने कहा कि भारत के डेयरी सेक्टर की पहचान Mass Production से ज्यादा Production by Masses की है और इस पूरी प्रकिया के बीच में कोई मिडिल मैन नहीं होता तथा ग्राहकों से जो पैसा मिलता है, उसका 70 प्रतिशत से ज्यादा किसानों की जेब में ही जाता है। उन्होंने दावा किया कि पूरे विश्व में इतना ज्यादा Ratio किसी और देश में नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह भी कहा कि आज भारत में Dairy Cooperative का एक ऐसा विशाल नेटवर्क है जिसकी मिसाल पूरी दुनिया में मिलना मुश्किल है। उन्होंने कहा कि ये डेयरी कॉपरेटिव्स देश के दो लाख से ज्यादा गाँवों में, करीब-करीब दो करोड़ किसानों से दिन में दो बार दूध जमा करती हैं और उसे ग्राहकों तक पहुँचाती हैं।

साथ ही उन्होंने भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार महिलाओं को बताया है। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, “भारत के डेयरी सेक्टर की असली कर्णधार महिलाएँ ही हैं। भारत के डेयरी कॉपरेटिव्स में भी एक तिहाई से ज्यादा सदस्य महिलाएँ ही हैं। हमारे देश में दुग्ध उत्पादन की दर 6 प्रतिशत प्रति वर्ष की दर से बढ़ रही है, जबकि विश्व स्तर पर यह केवल 2% प्रति वर्ष है। 2014 में भारत में 146 मिलियन टन दूध का उत्पादन होता था। अब ये बढ़कर 210 मिलियन टन तक पहुँच गया है। यानी करीब-करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।”

पीएम के शब्दों में, “भारत के डेयरी सेक्टर में महिलाएँ 70 प्रतिशत योगदान करती है। मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि इन महिलाओं के नेतृत्व में 8.5 लाख करोड़ रुपए का डेयरी क्षेत्र चलता है।।”

‘पशुओं के यूनिवर्सल वैक्सीनेशन पर भी बल’

पशुओं के यूनिवर्सल वैक्सीनेशन पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा, “खेती में मोनोकल्चर ही समाधान नहीं है, बल्कि विविधता बहुत आवश्यकता है। ये पशुपालन पर भी लागू होता है। इसलिए आज भारत में देसी नस्लों और हाइब्रिड नस्लों, दोनों पर ध्यान दिया जा रहा है। भारत में हम पशुओं के यूनिवर्सल वैक्सीनेशन पर भी बल दे रहे हैं। हमने संकल्प लिया है कि 2025 तक हम शत-प्रतिशत पशुओं को फुट एंड माउथ डिजीज और ब्रुसलॉसिस की वैक्सीन लगाएँगे। हम इस दशक के अंत तक इन बीमारियों से पूरी तरह से मुक्ति का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।”

‘पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुताबिक, टेक्नोलॉजी की मदद से पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान हो रही है। उन्होंने कहा कि भारत, डेयरी पशुओं का सबसे बड़ा डेटाबेस तैयार कर रहा है। डेयरी सेक्टर से जुड़े हर पशु की टैगिंग हो रही है। आधुनिक टेक्नोलॉजी की मदद से पशुओं की बायोमीट्रिक पहचान की जा रही है। इसे पशु आधार नाम दिया गया है।

प्रधानमंत्री ने उद्घाटन समारोह में कहा, “वर्ष 2014 के बाद से हमारी सरकार ने भारत के डेयरी सेक्टर के सामर्थ्य को बढ़ाने के लिए निरंतर काम किया है। आज इसका परिणाम मिल्क प्रोडक्शन से लेकर किसानों की बढ़ी आय में भी नजर आ रहा है।”

पीएम मोदी ने गायों में तेजी से फैल रही लंपी बीमारी का जिक्र करते हुए आगे कहा, “पिछले कुछ समय में भारत के अनेक राज्यों में Lumpy नाम की बीमारी से पशुधन की क्षति हुई है। विभिन्न राज्य सरकारों के साथ मिलकर केंद्र सरकार इसे कंट्रोल करने की कोशिश कर रही है। हमारे वैज्ञानिकों ने Lumpy Skin Disease की स्वदेशी vaccine भी तैयार कर ली है।”