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कमाई छोड़िए, दर्शकों का ही अता-पता नहीं: स्वरा भास्कर की नई फिल्म का कुछ ऐसा हुआ हाल, IMDb पर 1.1 रेटिंग

स्वरा भास्कर की फिल्म ‘जहाँ चार यार’ शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को रिलीज तो हो गई, लेकिन न तो थिएटर में दर्शकों का अता-पता है और न ही IMDb पर रेटिंग का। IMDb पर फिल्म को मात्र 1.1 रेटिंग मिली है, जिसके बाद ये अब तक की सबसे बेकार फिल्मों की सूची में शुमार हो गई है। इतना ही नहीं, फिल्म की बॉक्स ऑफिस कलेक्शंस का तो ये हाल है कि ट्रेड विशेषज्ञों ने इस सम्बन्ध में कोई जानकारी ही नहीं दी है।

इस फिल्म में स्वरा भास्कर के अलावा मैहर विज, शिखा तलसानिया और पूजा चोपड़ा भी मुख्य भूमिकाओं में हैं। फिल्म का निर्देशक और लेखन का कार्य कमल पांडेय ने किया है। स्वरा भास्कर ने फिल्म के प्रोमोशंस को लेकर काफी सक्रियता दिखाई थी, लेकिन इसके पहले दिन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 15 लाख रुपए बताया जा रहा है। दूसरे दिन फिल्म के कलेक्शन में गिरावट दर्ज की गई है। इस तरह ये फिल्म लाइफटाइम में 50 लाख रुपए भी शायद ही कमा पाए।

वहीं समीक्षकों ने भी इस फिल्म को बड़ी तरह नकारते हुए कहा है कि ये भद्दे डायलॉग्स और पकाऊ कॉमेडी से भरी पड़ी है। इसमें दिखाया गया है कि चूल्हे-चौके से निकल कर 4 महिलाएँ साथ में मस्ती करती हैं। इसके स्क्रीनप्ले को भी समीक्षकों ने नकार दिया है और कहा है कि एक बढ़िया थीम को बर्बाद कर दिया गया। कई थिएटरों में तो इसके टिकट्स खरीदने वालों को ‘ब्रह्मास्त्र’ देखने के लिए भेज दिया गया। फिल्म की हालत काफी खराब है।

हाल ही में स्वरा भास्कर ने फिल्म का प्रमोशन करते हुए कहा था कि ‘बॉयकॉट बॉलीवुड’ का ट्रेंड एक संगठित तरीके से चलाया जा रहा है, और सोशल मीडिया पर एक एजेंडे के तहत हंगामा मचाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि ‘ब्रह्मास्त्र’ की कमाई ने सबको चुप करा दिया है। बकौल स्वरा भास्कर, बॉलीवुड को सिर्फ इसीलिए एक खाद वर्ग निशाना बना रहा है क्योंकि ये सेक्युलरिज्म और भाईचारे का प्रतीक रहा है। उन्होंने दावा किया कि बॉलीवुड भारत की विविधता और बहुलता को सेलिब्रेट करता है।

‘बंदर और भालू को कोई उड़ा सकता है’: राजस्थान के अफसर ने रामायण-महाभारत को ‘मिथक’ बताया, हिंदू घृणा से सने कई पोस्ट किए

कॉन्ग्रेस शासित राज्य राजस्थान से हिंदू भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाले एक मामले ने तूल पकड़ा है। बताया जा रहा है कि राज्य के एक आरपीएस अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल से हिंदू धर्म को लेकर विवादित पोस्ट किए हैं। इस दौरान उन्होंने रामायण और महाभारत जैसे पवित्र महाग्रंथों को भी मिथक यानि काल्पनिक बता दिया।

प्राप्त जानकारियों के मुताबिक आरपीएस अफसर हरि चारण मीणा (Hari Charan Meena) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट करते हुए लिखा, “अगर किसी को लगता है तो वो बिना पंख के बंदर और भालू को उड़ा सकता है तो आज भी कोई कोर्ट के सामने उड़ा कर दिखाए। पूरा देश देखने को तैयार है।” उसने अपनी एक पोस्ट में संत कबीर के दोहों का भी जिक्र किया।

राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

मीणा ने रामायण और महाभारत को लेकर लिखा, “रामायण और महाभारत केवल मिथकीय ग्रंथ हैं। इतिहास में उनकी प्रामाणिकता स्वीकार नहीं। ये मैं नहीं कहता, भारत के इतिहास में लिखा है।” अपनी पोस्ट में उन्होंने यह भी कहा कि माफी नहीं कोर्ट में लड़कर जवाब दो।

राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

आरपीएस मीणा ने एक पोस्ट में महाराजा जयसिंह द्वितीय मुगलों का नौकर तक लिख दिया। उसने इस पोस्ट में लिखा, “अपने चारण, भाट, दरवारी, इतिहास लेखकों ने तो महाराजा जयसिंह द्वितीय ही बताया है। अब काबुल के शिलालेख मुगल बाबर के वंशजों का नौकर बताएँ तो हम क्या करें ? हम देश के साथ हैं।”

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राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

उन्होंने अपनी एक ओर पोस्ट में आर्य समाज को निशाना बनाया। इसमें आरपीएस ने लिखा, “जब आर्य संस्कृति का उत्तर भारत से दक्षिण में गमन हुआ तो वहाँ के आदिवासी राजाओं, योद्धाओं बाली, सुग्रीव, जावमंत, हनुमान जैसों को बंदर, भालू के समान दर्जा दिया गया था।”

राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस अधिकारी की विवादित पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

एक अन्य पोस्ट में आरपीएस मीणा ने लिखा, “राजाराम मोहन राय, स्वामी विवेकानंद, स्वामी दयानंद सरस्वती, ज्योतिवा राव फुले, स्वात्री बाई, भगत सिंह और अंबेडकर जी का मैं खुला समर्थन करता हूँ।”

राजस्थान पुलिस
राजस्थान पुलिस अधिकारी की अन्य पोस्ट (फोटो साभार: ETV भारत)

पहले पिंटू मीणा ने पुजारी को बताया नास्तिक

गौरतलब है कि आरपीएस अफसर हरि चारण मीणा से पहले AAO पिंटू मीणा ने एक विवादित पोस्ट की थी। उस पोस्ट में उन्होंने लिखा, “दुनिया का सबसे बड़ा नास्तिक पुजारी होता है, जो मंदिर में रखी दानपेटी को कभी भगवान के भरोसे नहीं छोड़ता है।” वहीं मंत्री मुरारीलाल मीणा के विशिष्ट सहायक लक्ष्मीकांत बालोत भी विवादित पोस्ट कर चुके हैं।

AAP विधायक अमानतुल्लाह खान की पत्नी मरियम के फोन से खुला बड़ा राज़! बिस्तर की तस्वीर से मिले अहम सुराग, पुलिस ने इसीलिए जब्त की चादर

चार दिनों की पुलिस रिमांड में भेजे गए आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक अमानतुल्लाह खान (Amanatullah Khan) की मुश्किलें अभी और बढ़ सकतीं हैं। शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने अमानतुल्लाह खान के घर समेत कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में एसीबी ने कई आवश्यक दस्तावेज समेत अवैध हथियार और कैश बरामद किए थे। इस छापेमारी में अमानतुल्लाह की पत्नी मरियम का घर भी शामिल था। मरियम के फोन की तलाशी भी ली गई थी।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार को अमानतुल्लाह के घर समेत कई ठिकानों में हुई छापेमारी के बाद एसीबी को सूत्रों के हवाले से यह पता चला था कि विधायक की पत्नी मरियम के घर में भी कैश और अवैध हथियार रखे हुए हैं। इसके बाद एसीबी की टीम ने मरियम के घर में भी छापेमारी की थी।

इस छापेमारी में मरियम के घर से एसीबी को कुछ खास हासिल नहीं हुआ था। लेकिन, जब एसीबी की टीम ने मरियम के फोन की तलाशी ली तो फोन गैलरी में नोटों की गड्डी और एक पिस्टल की फोटो मिली। 

इसके बाद एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने अपनी जाँच आगे बढ़ाते हुए पूछताछ की। साथ ही, जिस बेड पर रखकर नोटों की गड्डियों और पिस्टल की फोटो ली गई थी, उस चादर को भी रिकवर कर लिया है। हालाँकि, एसीबी की टीम को इस छापेमारी में मरियम के घर से पैसा और पिस्टल बरामद नहीं हुआ था।

बता दें कि अब तक सिर्फ वक्फ बोर्ड में नियुक्तियों को लेकर हुई अनियमितता और अन्य वित्तीय गड़बड़ी की बात ही सामने आ रही थी। लेकिन, शनिवार (17 सितंबर) को जब अमानतुल्लाह खान को कोर्ट में पेश किया गया था तब एसीबी ने कोर्ट से कहा था कि केवल वक्फ बोर्ड में भर्ती को लेकर अनियमितता ही नहीं हुई है, बल्कि वक्फ फंड में विधवा महिलाओं के लिए नियोजित रकम (विधवा पेंशन फंड) का भी दुरुपयोग किया गया।

एसीबी ने अदालत को बताया था कि वर्ष 2020 के दौरान अमानतुल्लाह खान ने वक्फ को मिली रकम को अपने खाते में स्थानांतरित कराया। वक्फ फंड के खाते की जगह अपने निजी खाते में करीब 80 लाख रुपये की रकम स्थानांतरित की थी।

गौरतलब है अमानतुल्लाह खान दिल्ली वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष हैं। उन पर वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष रहते हुए वित्तीय गड़बड़ी, वक्फ बोर्ड की संपत्तियों में किरायेदारी का निर्माण, वाहनों की खरीदी में भ्रष्टाचार और दिल्ली वक्फ बोर्ड में सेवा नियमों में उल्लंघन करते हुए 33 लोगों की नियुक्ति के आरोप है। इन तमाम आरोपों को लेकर ही एंटी करप्शन ब्यूरो ने साल 2020 में अमानतुल्लाह खान के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता (IPC) के विभिन्न प्रावधानों के तहत केस दर्ज किया था।

‘मुस्लिम बलात्कारियों को चौराहे पर जमीन में गाड़ दिया जाए, पत्थर मार-मार के दी जाए मौत’: लखीमपुर खीरी कांड पर सपा सांसद ST हसन ने माँगी शरिया वाली सज़ा

उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के सांसद सैयद तुफैल हसन (एसटी हसन) ने लखीमपुर खीरी में हुए बलात्कार को लेकर मुस्लिम बलात्कारियों के लिए सजा के रूप में शरिया कानून के तहत ‘पत्थरबाजी’ की वकालत की है। उन्होंने कहा है कि बलात्कार के आरोपियों को आधा गाड़ कर पत्थर मारना चाहिए। ताकि कोई भी व्यक्ति बलात्कार करने की कोशिश भी न करे।

एसटी हसन ने कहा है कि बलात्कार के आरोपियों को कानून के अनुसार दंडित किया जाना चाहिए, लेकिन अगर वे मुस्लिम हैं तो उन्हें चौराहे पर आधा गाड़ कर उन्हें पत्थर मारना चाहिए। उन्होंने कहा, “इससे पहले भी दो दलित युवतियों के साथ बलात्कार हुआ था और वह पेड़ पर लटकी हुई मिली थी। उनकी मौत हो गई थी। अब जिन लोगों ने यह अपराध किया है, जाहिर है उन्हें सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए। कानून के मुताबिक और मुस्लिम है तो उन्हें चौराहों पर आधा शरीर जमीन में गाड़ दिया जाए और उन्हें पत्थरों से मार दिया जाए, ताकि कोई आगे से दुष्कर्म करने की कोशिश ना करे।”

बता दें कि बुधवार (14 सितंबर, 2022) को लखीमपुर खीरी जिले के निघासन थाना क्षेत्र में 2 सगी बहनों की लाशें पेड़ पर लटकी मिली थीं। दलित बहनों की हत्या की खबर मिलने के बाद पूरे इलाके में बवाल मचा हुआ है। लड़कियों का उनके घर के बाहर से अपहरण किया गया था और फिर कुछ देर बाद उनकी लाशें पास के ही गन्ने के खेत में लगे एक पेड़ से लटकी मिली थी। दोनों मृत बहनों की उम्र 15 और 17 साल थी।

इस मामले में मृतक किशोरियों की माँ ने कहा था, “मैं नहा रही थी, तभी 3 लोग मोटरसाइकिल पर आए। इन लोगों ने पीले, सफेद और नीले रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। दो लोगों ने मेरी बेटियों को उठा लिया और उन्हें बाइक पर जबरन बैठाया और भाग गए।”

हालाँकि, पुलिस का कहना है कि दोनों लड़कियाँ अपनी मर्जी से गई थीं। आरोपित पहले से ही मृतक लड़कियों को जानते थे। पुलिस ने अब तक कुल 6 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपित छोटू ने ही दोनों लड़कियों की पहचान अन्य आरोपितों से करवाई थी। लेकिन, वह मौके पर मौजूद नहीं था। अन्य आरोपित सोहेल और जुनैद ने दोनों लड़कियों के साथ जबरन दुष्कर्म किया था।

सालासर बालाजी के मंदिर में फैशन शो, रैंप पर मॉडल्स: कार्यक्रम देख भड़का बजरंग दल, हिजाब वाली महिला ने हाथ जोड़े

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित एक फैशन शो विवाद का विषय बन गया है। आरोप है कि यह फैशन शो हिन्दुओं के एक मंदिर में आयोजित करवाया गया था। कहा जा रहा है कि इस आयोजन में कई मेकअप आर्टिस्टों के साथ पश्चिमी सभ्यता वाले कपड़े पहन कर कई मॉडल्स मंदिर परिसर में रैम्प बना कर वॉक कर रहीं थीं।

इस कार्यक्रम के आयोजकों में आरिफ नाम का व्यक्ति भी शामिल बताया जा रहा है। बजरंग दल ने इस आयोजन पर आपत्ति जताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। फैशन शो का आयोजन शनिवार (17 सितम्बर 2022) को हुआ था।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला तेलीबंधा थानाक्षेत्र के फुंडहर इलाके में स्थित सालासर बालाजी मंदिर का है। यहाँ FDCA नाम की कंपनी ने आरिफ और मनीष नाम के आयोजकों के नेतृत्व में फैशन शो का आयोजन किया था। आयोजन में कई लड़कियाँ मॉडल के रूप में मंदिर परिसर में भी रैम्प वॉक कर रहीं थी। अभी आयोजन शुरू हुए कुछ ही समय बीता था कि बजरंग दल के कार्यकर्ता ‘जय श्री राम’ का नारा लगाते हुए मंदिर परिसर में घुस गए और वहाँ अफरातफरी मच गई।

बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने इस आयोजन को अपनी भावनाओं का अपमान बता कर हंगामा शुरू कर दिया। इस दौरान मॉडलिंग कर रही लड़कियाँ मंदिर परिसर से बाहर चली गईं।।आरोप है कि आयोजकों और बजरंग दल कार्यकर्ताओं में बहस भी हुई।

हंगामे की सूचना पर पहुँची पुलिस ने मामले को शाँत करवाया। आखिरकार कार्यक्रम को बंद करवा दिया गया। इस दौरान मची अफरातफरी का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया जिसमें मौके पर पहुँची पुलिस दोनों पक्षों को समझने का प्रयास कर रही है।

वायरल वीडियो में आयोजन में शामिल बताई जा रही एक हिजाब पहनी महिला को हाथ जोड़ते भी देखा जा सकता है। वीडियो में ढेर सारी खाली कुर्सियाँ और मेकअप के सामान भी दिख रहे हैं। इस आयोजन को बंद करवाने वाले रायपुर के बजरंग दल पदाधिकारी रवि वाधवानी ने कहा कि ऐसी घटनाएँ बिलकुल स्वीकार्य नहीं हैं।

उन्होंने इस आयोजन को फूहड़ता बताते हुए एक न्यूज़ संस्थान के संबंधित खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया। इस खबर के मुताबिक रायपुर में सिविल लाइंस के CAP वीरेंद्र चतुर्वेदी ने घटना की जाँच करने और उसके बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई करने का बयान दिया है।

‘छात्रा ने हॉस्टल में 60 लड़कियों के MMS बना कर युवक को भेजा, 8 ने की आत्महत्या की कोशिश’: पुलिस ने आरोपों को नकारा, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी की घटना

पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) के हॉस्टल से ‘छात्राओं के नहाने का वीडियो वायरल’ होने का मामला सामने आया था। खबरों में कहा गया था कि हॉस्टल की ही एक छात्रा ने वीडियो बनाकर लीक किए, जिसके कारण कुछ लड़कियों ने आत्महत्या की कोशिश की। हालाँकि अब पुलिस का इन खबरों पर बयान आया है। पुलिस ने दोनों ही बातों को नकारा है।

पुलिस का कहना है कि हॉस्टल की किसी लड़की ने आत्महत्या की कोशिश नहीं की। एक लड़की को एंजायटी के कारण अस्पताल भेजा गया। वहीं मामले की जाँच पर उन्होंने बताया कि उन्हें एक ही वीडियो मिली, वो आरोपित लड़की है। उसने अपनी वीडियो बनाकर भेजी थी। इसके अलावा अभी कोई वीडियो सामने नहीं आई है।

आरोप है कि मैनेजमेंट ने शिकायत के बाद भी कोई एक्शन नहीं लिया, जिसके कारण स्टूडेंट्स का गुस्सा बढ़ता गया। बताया यह भी जा रहा है कि मैनेजमेंट ने उलटा छात्राओं को ये बात बाहर नहीं जाने देने दबाव भी बनाया। वहीं छात्र संगठनों को खबर लगने के बाद स्टूडेंट्स ने विश्वविद्यालय का घेराव किया और खूब नारेबाजी भी की।

आरोप – छात्राओं ने की आत्महत्या की कोशिश

आरोप है कि MMS बनाए जाने की बात से आहत होकर 8 छात्राओं ने आत्महत्या की कोशिश भी की। वहीं इनमें से एक छात्रा की हालत गंभीर बताई जा रही है। ‘पंजाब महिला आयोग’ की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने इस मामले में दखल देते हुए कहा कि ये सभी वीडियो इंटरनेट से हटाए जाएँगे। इसके साथ-साथ उन्होंने छात्राओं से धैर्य बनाए रखने की अपील की।

हालाँकि, पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने मीडिया के सामने आत्महत्या वाली बात को अफवाह बताया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में झूठ फैलाया गया कि कुछ बच्चियों ने आत्महत्या कर ली है। ये सब अफवाह है, ना किसी बच्ची ने आत्महत्या किया है और ना ही कोई अस्पताल में है।

मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि छात्राओं के MMS वीडियो लंबे समय से बनाए जा रहे थे। आरोपित छात्रा अपनी सहपाठियों की वीडियो बनाकर शिमला के युवक को भेजा करती थी। इसके बाद वह उन्हें इंटरनेट पर अपलोड कर देता। छात्राओं को सोशल मीडिया के माध्यम से उनके ही वीडियो मिले तो वे हैरान हो गई।

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि हॉस्टल की छात्राओं ने आरोपित छात्रा पर जब दबाव बनाया तो उसने खुलासा किया कि वो एक युवक को ये वीडियोज भेजती थी। आरोपित छात्रा ने कहा कि उसने नहाते वक्त लड़कियों के वीडियो रिकॉर्ड किए हैं। भड़के छात्र-छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया है।

पुलिस ने वीडियो वायरल कि बात को झुकलाया

पुलिस ने इस मामले में आरोपित छात्रा को गिरफ्तार कर लिया है। SSP विवेक शील सोनी ने मीडिया को बताया कि जाँच मेंपता चला है कि एक छात्रा के अलावा किसी अन्य छात्रा का कोई वीडियो नहीं बनाया गया है। पुलिस के मुताबिक, जिस छात्रा को गिरफ्तार किया गया है, ये वीडियो केवल उसी की है। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने बताया कि उसने किसी और की वीडियो नहीं बनाई है। SSP ने कहा कि छात्रा का फोन जब्त करके जाँच के लिए भेज दिया गया है।

‘कैमरे पर ढक्कन लगाकर PM ने खींची चीते की तस्वीर’ : प्रधानमंत्री मोदी का मजाक बनाने के लिए TMC सांसद ने शेयर की फर्जी तस्वीर, फजीहत के बाद ट्वीट डिलीट

तृणमूल कॉन्ग्रेस के राज्यसभा सांसद और पूर्व IAS जवाहर सरकार ने एक बार फिर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर झूठ फैलाने की कोशिश की है। जवाहर सरकार ने शनिवार (17 सितंबर, 2022) को मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में ‘प्रोजेक्ट चीता’ (Project Cheetah) के दौरान ली गई PM मोदी की फोटो का एडिटेड वर्जन ट्वीट किया। इस एडिटेड फोटो में प्रधानमंत्री मोदी के हाथ में पकड़े कैमरे का ढक्कन बंद दिखाया गया है जबकि असल फोटो में कैमरे पर कैप नहीं था।

सोशल मीडिया पर फजीहत होने के बाद जवाहर ने ट्वीट डिलीट कर लिया है लेकिन उसका स्क्रीनशॉट वायरल हो गया। दूरदर्शन के सीनियर जर्नलिस्ट अशोक श्रीवास्तव ने इस फोटो को शेयर करते हुए लिखा, “भारत के प्रधानमंत्री की ये दोनों तस्वीरें फेक हैं, मोदी को ट्रोल करने के लिए फोटोशॉप करके ट्वीट की गईं हैं। और ये फेक तस्वीर ट्वीट करने वाले वर्तमान में राज्यसभा के सांसद हैं जो पब्लिक ब्रॉडकास्टर प्रसार भारती के सीईओ और देश के पूर्व संस्कृति सचिव रह चुके हैं।”

सोशल मीडिया पर उठ रही कार्रवाई की माँग

भले ही जवाहर सरकार ने बाद में अपने ट्वीट को डिलीट कर लिया हो लेकिन अब उनके स्क्रीनशॉट वायरल हो के बाद उन पर कार्रवाई की माँग की जा रही है। कई सोशल मीडिया यूजर्स ने दिल्ली पुलिस, UP पुलिस और PMO को टैग कर के जवाहर सरकार पर कार्रवाई की माँग कर रहे हैं। वहीं कई नेटिजन्स जवाहर की अपने शब्दों में आलोचना कर रहे हैं।

साभार- ट्विटर

पहले भी ऐसी हरकतें कर चुके हैं जवाहर सरकार

गौरतलब है कि पूर्व IAS जवाहर सरकार ने ऐसी हरकत पहली बार नहीं की है। इस से पहले भी वो विभिन्न मौकों पर अफवाह फैलते पाए गए हैं। जवाहर ने 07 जून 2021 को पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए एक फोटोशॉप्ड तस्वीर शेयर की थी जिसमें पीएम मोदी को नीता अंबानी के सामने हाथ जोड़े हुए दिखाया गया। जवाहर ने तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि कैसे देश के पीएम अपने दोस्तों के साथ इतने विनम्र हो जाते हैं कि उनके आगे हाथ जोड़ लेते हैं।

इसके अलावा 2 मई 2014 को प्रकाशित मीडिया रिपोर्ट के अनुसार प्रसार भारती के सीईओ रहते हुए जवाहर ने 2014 लोकसभा चुनावों के दौरान दूरदर्शन पर प्रसारित बीजेपी के तत्कालीन प्रधानमंत्री उम्मीदवार नरेंद्र मोदी के इंटरव्यू को ‘स्पष्ट रूप से एडिट’ करने की बात स्वीकार की थी। मोदी का ये इंटरव्यू 27 अप्रैल, 2014 को दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ था।

23 दिसंबर को जवाहर सरकार ने एक अन्य टीएमसी नेता रिजू दत्ता के साथ अपने ट्विटर पर एक एडिटेड वीडियो शेयर किया था। इस वीडियो में पीएम मोदी और सीएम योगी काशी परिक्रमा करते दिख रहे थे और उनके पीछे लोग ‘मोदी हाय-हाय, योगी चोर है’ के नारे लगा रहे थे। उनके साथ इस वीडियो को जवाहर सरकार ने भी शेयर किया था। इस मामले में रिजू दत्ता के ख़िलाफ़ वाराणसी के दशाश्वमेध थाना में एफआईआर दर्ज हुई थी।

घर में घुसे, बेटी को मारा, गंदी-गंदी गालियाँ दीं: लखीमपुर खीरी में एक और हिंदू लड़की की मौत, माँ ने बताया- ‘सलीमुद्दीन और आसिप अली ने घर में घुसकर पीटा था’

उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक हिंदू महिला ने सलीमुद्दीन और आसिप अली पर अपनी बेटी की हत्या का आरोप लगाया है। आरोप है कि दोनों आरोपितों ने 12 सितम्बर 2022 (सोमवार) को लड़की की पिटाई की थी जिसके बाद 16 सितम्बर 2022 (शुक्रवार) को पीड़िता की मौत हो गई। पुलिस ने सलीमुद्दीन और आसिप अली को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद कार्रवाई में लापरवाही बरतने के आरोप में एक सब-इंस्पेक्टर को सस्पेंड भी किया गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना थानाक्षेत्र भीरा के गाँव मूसेपुर की है। यहाँ रहने वाली रामबेटी यादव ने 12 सितम्बर 2022 को पुलिस में शिकायत देते हुए बताया, “घटना के दिन मेरी 18 साल की बेटी दरवाजे पर बैठी थी। तभी गाँव के रहने वाले लियाकुद्दीन का बेटा सलीमुद्दीन और छोटे अली का बेटा आसिप मेरे घर पर आए और मेरी बेटी को बेवजह मारने लगे।”

शिकायत में रामबेटी यादव द्वारा आगे बताया गया है, “जब मैंने अपनी बेटी को बचाना चाहा तो दोनों आरोपितों ने मुझे भी मारा-पीटा।” रामबेटी के अनुसार इस दौरान सलीमुद्दीन और आसिप ने उन्हें और उनकी बेटी को गंदी-गंदी गालियाँ दीं और जान से मारने की धमकी दी। बताया गया कि इसके बाद दोनों आरोपित वहाँ से चले गए। पीड़िता ने पुलिस से दोनों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने की माँग की थी।

इस घटना में दर्ज FIR ऑपइंडिया के पास मौजूद है। पुलिस ने रामबेटी यादव की शिकायत पर सलीमुद्दीन और आसिप अली के खिलाफ IPC की धारा 323, 504 और 506 के तहत FIR दर्ज कर लिया। पुलिस का कहना है कि बाद में जाँच के दौरान इस केस में धारा 324 IPC बढ़ाया गया था। पुलिस ने पीड़िता के बयान भी दर्ज किए जिसकी बाकायदा वीडियो रिकार्डिंग हुई। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक घटना के दिन ही पीड़िता का इलाज करवाया गया था।

इस घटनाक्रम पर जानकारी देते हुए पुलिस ने प्रेसनोट जारी करते हुए आगे की जानकारी दी है। पुलिस ने बताया कि पीड़िता को घटना के ही दिन इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई थी लेकिन 16 सितम्बर 2022 को उसकी तबीयत फिर से खराब हो गई। पीड़िता को शाम 6 बजे अस्पताल ले जाया गया जहाँ से उसे घर वापस भेज दिया गया था। बताया जा रहा है कि इसी दिन शाम 7 बजे पीड़िता की मौत हो गई। अब पुलिस इस केस में IPC की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या) लगाकर आगे बढ़ रही है।

मृतिका के परिजनों ने पुलिस पर भी लापरवाही के आरोप लगाए हैं। पूरे प्रकरण में लापरवाही बरतने के आरोप में भीरा थाने के सब इंस्पेक्टर सुनील कुमार को सस्पेंड कर दिया गया है। गाँव में एहतियात के तौर पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। ऑपइंडिया से बात करते हुए मृतका के भाई दीपू यादव ने बताया, “दोनों आरोपित पहले से ही गाँव में इधर-उधर घूमा करते थे। मेरे गाँव में मुस्लिम ज्यादा हैं।”

गौरतलब है कि लखीमपुर खीरी में ही बुधवार (14 सितम्बर 2022) को जुनैद, सोहैल, आरिफ, हाफ़िज़, छोटे और करीमुद्दीन को 2 नाबालिग बहनों से रेप और हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। घटना निघासन थानाक्षेत्र की है जहाँ गिरफ्तारी के दौरान एक आरोपित जुनैद को पैर में गोली भी लगी थी।

हिजाब उतार कर सड़कों पर आईं ईरान की औरतें: सिर न ढकने पर 22 साल की लड़की की हत्या का विरोध, पुलिस ने प्रदर्शकारियों पर गोली दागी; Video वायरल

हिजाब सही से न पहनने के कारण हुई 22 साल की लड़की की हत्या के बाद ईरान में सैंकड़ों औरतों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने हिजाब को सिर पर बाँधने की बजाए हाथ में रखा और हवा में उठा कर प्रशासन का विरोध किया। इस प्रदर्शन में कई पुरुष भी शामिल दिखे।

ईरान की महिलाओं के लिए मुखर होकर बात रखने वाली पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने इस प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया। उन्होंने बताया कि ईरान और सक्केज की औरतों ने महसा अमिनी की हत्या के विरोध में अपने हिजाब उतारकर प्रदर्शन किया। साथ ही ‘तानाशाह को मौत’ जैसे नारे बुलंद किए।

उन्होंने बताया, “ईरान में हिजाब हटाना एक दंडनीय अपराध है। हम दुनिया भर के महिलाओं और पुरुषों से एकजुटता दिखाने का आह्वान करते हैं।”

इससे पहले मसीह ने ही जानकारी दी थी कि कैसे ईरान की मोरल पुलिस ने महसा को निर्ममता से पीट पीटकर कोमा में पहुँचाया। कथिततौर पर महसा ने ईरान में रहकर सही से हिजाब नहीं पहना था इसलिए पुलिस ने उन पर हमला किया और उन्हें इतना मारा कि उनका पहले ब्रेन डेड हुआ, वो कोमा में गईं और उसके बाद उनकी मृत्यु हो गई।

उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें बुर्का पहनी औरतें एक सूट सलवार पहनी औरत को निर्ममता से पीट रही हैं। मसीह का दावा है कि ये वीडियो ईरान की मोरल पुलिस की है। लोग आकर लड़की को बचा रहे हैं लेकिन पुलिस उन्हें पीटने में लगी है। वीडियो में जबरन लड़कियों को घसीट-घसीट कर पीटते देखा जा सकता है।

ट्विटर ने ईरानी पत्रकार का अकॉउंट कर दिया था ब्लॉक

हैरानी की बात ये है कि ईरान में महिलाओं के साथ होती ऐसी निर्ममता को शेयर करने वाली मसीह जहाँ ट्विटर के जरिए दुनिया को जमीनी हकीकत से वाकिफ करवा रही थीं। वहीं पूरे प्रकरण के बीच ट्विटर ने उनका अकॉउंट बंद कर दिया और उनसे वो दो तस्वीरें हटवाई गईं जिनमें ईरानी बर्बरता का शिकार हुई महिलाओं के चेहरे थे।

बाद में अकॉउंट वापस खुला लेकिन मसीह के अकॉउंट से वो दो तस्वीरें डिलीट थीं। ट्विटर की ऐसी कार्रवाई जानने के बाद यूजर्स ने ईरान के कट्टरपंथियों के साथ ट्विटर का भी विरोध किया। सवाल किए गए कि एक आपराधिक मानसिकता वाला व्यक्ति ट्विटर पर रह सकता है मगर अपराध को उजागर करने वाला व्यक्ति यहाँ नहीं टिक पाता।

बता दें कि 22 साल की लड़की की हत्या पर आवाज उठाने पर जैसे ऑनलाइन कार्रवाई हो रही है, वैसे ही ईरान में जमीन पर उतर कर प्रदर्शन करने वालों पर गोली चलाई जा रही है। मसीह द्वारा साझा वीडियो में ही देख सकते हैं कि कैसे ईरान में बंदूकों और आँसू गोलों से लोगों को घायल किया गया। लोग खून से लथपथ अवस्था में अस्पताल पहुँचाए जा रहे हैं।।

अमेरिका के मुस्लिम जोड़े ने महादेव के मंदिर में लिए 7 फेरे, अग्नि को साक्षी माना: काशी घूम कर हुए थे हिंदू धर्म से प्रभावित, पंडित को कुंडली दिखाने के बाद विवाह

अमेरिका (USA) के मूल निवासी कियमाह दिन खलीफा और उनकी प्रेमिका केशा खलीफा ने उत्तर प्रदेश के जौनपुर में महादेव शिव के मंदिर में हिन्दू विधि-विधान से शादी की है। दोनों ने यह शादी अपनी काशी की यात्रा के दौरान की है।

कियामाह और केशा खलीफा दोनों मुस्लिम हैं। पहले दोनों वाराणसी के कैथी मंदिर में शादी करना चाहते थे लेकिन वहाँ विवाह आयोजन बंद होने के चलते दोनों ने यह रस्म जौनपुर में पूरी की। यह शादी शनिवार (17 सितम्बर 2022) को सम्पन्न हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक कियामह और केशा खिलफा दोनों काफी लम्बे समय से लिव इन रिलेशन में हैं। दोनों पिछले 5 वर्षों से लगातार काशी की यात्रा कर रहे हैं और यहाँ पर उन्हें हिन्दू संस्कृति काफी पसंद आई। दोनों अक्सर गंगा नदी के घाटों पर घूमते दिखाई देते थे। इसी दौरान अपनी इस यात्रा में इन दोनों ने अपने गाइड से किसी ज्योतिष से मिलवाने के लिए कहा। ज्योतिष ने दोनों की कुंडली बनाई।

बताया जा रहा है कि इसी के बाद दोनों ने हिन्दू रीति-रिवाज़ से शादी करने का फैसला किया। इसके लिए सबसे पहले उन्होने काशी के कैथी मंदिर में शादी का प्रयास किया लेकिन वहाँ शादियाँ फिलहाल बंद होने के चलते वो अपने गाइड की सलाह पर जौनपुर के प्रसिद्ध त्रिलोचन महादेव मंदिर पहुँचे। यहाँ दोनों ने हिन्दू परिधान पहने और अग्नि के 7 फेरे लेकर 7 जन्मों तक एक दूसरे का साथ निभाने का वादा किया। दोनों की शादी का वीडियो भी काफी वायरल हो रहा है।

शादी के बाद दोनों काफी खुश दिखे। मंदिर परिसर में मौजूद लोगों और पूजा करवाने वाले पंडित ने दोनों को सदा सुखी रहने की शुभकामनाएँ दीं। शादी के बाद केशा खलीफा ने अपने पति कियामाह खलीफा के पैर छू कर आशीर्वाद लिया। दोनों ने बताया कि 3 दिन काशी में रहने के बाद वो अपने देश अमेरिका वापस लौट जाएँगे। कियामह का अमेरिका में व्यापार और खेती का काम है।