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इस तारीख़ को मंदिर के गर्भगृह में विराजमान हो जाएँगे रामलला, ₹1800 करोड़ हुआ बजट: निषाद राज, शबरी, वाल्मीकि और जटायु के भी मंदिर

अयोध्या के भव्य एवं दिव्य राम मंदिर के निर्माण का बजट 1800 करोड़ रुपए पहुँच गया है। 2024 की मकर संक्रांति के दिन रामलला इस मंदिर में विराजमान हो जाएँगे। ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने ये तारीख़ तय की है। हालाँकि, राम मंदिर के निर्माण का बजट बढ़ भी सकता है। पिछले 2 वर्षों से इसके निर्माण का कार्य चल रहा है। खाते के प्रबंधन का कार्य TATA कंपनी को दिया गया है। ट्रस्ट की नियमावली को भी अंतिम रूप दे दिया गया है।

ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने जानकारी दी, “यह तय किया गया है कि राम मंदिर के साथ महर्षि वाल्मीकि, वशिष्ठ, विश्वामित्र, अगस्त्य, निषादराज, जटायु तथा माता शबरी के लिए भी स्थान सुनिश्चित होगा। इन सभी के स्थान को पूजा का स्थान दिया जाएगा। इस प्रस्ताव को सर्व सम्मति के स्वीकार कर लिया गया।” 2024 की मकर संक्रांति में गर्भगृह में रामलला की प्रतिष्ठा करने की योजना बनाई गई है। ट्रस्ट की बैठक हुई, जिसमें 15 में से 14 सदस्य शामिल हुए।

इनमें से 4 सदस्य ऑनलाइन शामिल हुए। महंत नृत्य गोपाल दास भी काफी दिनों बाद सर्किट हाउस में हुई बैठक में मौजूद रहे। बैठक में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती और राम मंदिर के सबूत वैज्ञानिक तरीके से निकालने वाला ASI के पूर्व निदेशक बृज बिहारी लाल को श्रद्धांजलि भी दी गई। समिति के अध्यक्ष मिश्र भी बैठक में मौजूद थे। राम मंदिर का प्लिंथ निर्माण पूरा होने के बाद गर्भगृह की दीवार और खंभे लगाने का काम तेजी के साथ चल रहा है।

पूरे परिसर में विशेष तरह की लाइटिंग की व्यवस्था भी की जाएगी। बैठक में मंदिर के बाईलॉज और रामलला की मूर्ति के निर्माण पर भी गहन मंथन हुआ। 70 एकड़ परिसर में 7 और मंदिर भी बनाए जाएँगे, जो रामायण में वर्णित उपर्युक्त किरदारों के होंगे। ये फैसला भी कर लिया गया है कि कौन सा मंदिर कहाँ बनेगा। मंदिर का डिजाइन कुछ ऐसे बनाया जा रहा है कि रामनवमी पर सूर्य की किरणें मुख्य प्रतिमा पर पड़े। प्लिंथ में 17 हजार घनफुट ग्रेनाइट के पत्थर लगे हैं।

बंगाल में BJP के विरोध प्रदर्शन पर देसी बमों से हमला, रैली पर हुई पत्थरबाजी: धमाके में 2 कार्यकर्ता घायल, TMC ने झाड़ा पल्ला

पश्चिम बंगाल के सीतलकुची में भाजपा के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान कई देसी बमों के फेंके जाने की सूचना है। इसके चलते प्रदर्शन स्थल पर अफरा-तफरी का माहौल हो गया। अब तक मिली जानकारी के मुताबिक 2 कार्यकर्ता घायल हुए हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। पुलिस के मुताबिक फिलहाल हालात सामान्य हैं। घटना 11 सितम्बर 2022 (रविवार) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना कूचबिहार इलाके की है। यहाँ भाजपा कार्यकर्ता TMC नेताओं पर ED और CBI की छापेमारी और उनसे बरामद हो रहीं सम्पत्तियों के मुद्दे पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान वहाँ अचानक ही देसी बम फटने लगे।

भाजपा के जिलाध्यक्ष सुकुमार रॉय ने बताया कि रैली तृणमूल कॉन्ग्रेस के उन नेताओं के खिलाफ थी जिन्होंने तमाम घोटालों को अंजाम दिए हैं। सुकुमार के मुताबिक इस रैली पर न सिर्फ देसी बम फेंके गए बल्कि पत्थरों से भी हमला हुआ है। रॉय ने 2 पार्टी कार्यकर्ताओं के घायल होने की भी पुष्टि की है।

TMC ने नकारे आरोप

भाजपा के मुताबिक यह हमला TMC कार्यकर्ताओं द्वारा किया गया है जबकि तृणमूल कॉन्ग्रेस ने इन आरोपों से साफ़ इंकार कर दिया। TMC सांसद शांतनु सेन के मुताबिक भाजपा की रैलियों में लोग नहीं जुट पाए थे इसलिए उनकी तरफ से ऐसे बहाने बनाए जा रहे हैं। TMC सांसद ने भाजपा को आत्म विनाशकारी पार्टी बताया। साथ ही हिंसा के पीछे भाजपा की विचारधारा को जिम्मेदार कहा।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से ED की छापेमारी में अलग-अलग लोगों से भारी मात्रा में कैश और अन्य बेनामी सम्पत्तियाँ बरामद हुई हैं। इसमें 10 सितंबर 2022 कुल 6 जगहों पर छापे मारे गए थे इसमें 17 करोड़ रुपए से भी ज्यादा कैश मिला था। इस छापेमारी में कई नामी व्यापारियों के साथ आमिर खान का भी नाम है। इसके अलावा शिक्षक घोटाला, पशु तस्करी व कोयला तस्करी के मामले में राज्य की कई नामचीन राजनैतिक हस्तियाँ भी शामिल मिली हैं।

असम में ABT से जुड़े 2 आतंकी दबोचे गए, इमाम है इकरामुल इस्लाम: आतंकी संगठनों की कमर तोड़ने में जुटी है पुलिस, अब तक 40 धराए

असम पुलिस ने आतंकी संगठन ‘अंसारुल्लाह बांगला टीम (ABT)’ के 2 सदस्यों को मोरीगाँव जिले से गिरफ्तार किया है। इन आतंकियों के नाम मुसादिक हुसैन और इकरामुल इस्लाम हैं। मोरीगाँव जिले की पुलिस अधीक्षक अपर्णा एन ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है। गिरफ्तारी सोमवार (12 सितम्बर, 2022) को हुई है। दोनों आतंकियों से पूछताछ की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गिरफ्तार दोनों आतंकियों में इकरामुल इमाम है, जिसे असम के नौगाँव से पकड़ा गया। वहीं दूसरे संदिग्ध हुसैन को मोरीगाँव के मोरीबारी इलाके से दबोचा गया। पुलिस अधीक्षक अपर्णा के मुताबिक, पुलिस के पास दोनों आतंकियों के ABT से जुड़े होने के पर्याप्त सबूत हैं।

गौरतलब है कि प्रदेश में न सिर्फ अंसारुल्लाह बांगला टीम (ABT), बल्कि अलकायदा की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद असम पुलिस की आतंकवाद विरोधी अभियान में तेजी आई है। इससे पहले असम के ही बारपेटा जिले से भी पुलिस ने दो आतंकियों को गिरफ्तार किया था। तब जाँच के दौरान उनका कनेक्शन अलकायदा से भी पाया गया था।

पिछले 1 माह में असम पुलिस ने 40 से अधिक संदिग्धों को गिरफ्तार किया है, जिनके कनेक्शन आतंकियों से होने के सबूत मिले हैं। कई संदिग्ध अभी भी फरार चल रहे हैं, जिन्हें पुलिस खोज रही है। 26 अगस्त को भी असम पुलिस ने गोलपारा के एक मदरसे से हफीजुर्रहमान नाम के एक मुफ़्ती को गिरफ्तार किया था। इसी गिरफ्तारी के बाद असम के मुख्यमंत्री ने कई अवैध और देश विरोधी शिक्षा देने वाले मदरसों पर कार्रवाई के आदेश भी जारी किए थे।

AAP के दफ्तर पर गुजरात पुलिस ने नहीं मारी रेड, फिर पकड़ा गया अरविंद केजरीवाल का झूठ: चुनावी दौरे पर पहुँचे हैं दिल्ली के CM

आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) के गुजरात (Gujarat) पहुँचने से पहले पार्टी के दफ्तर में छापेमारी के दावे को अहमदाबाद पुलिस ने खारिज कर दिया है। अहमदाबाद पुलिस ने सोमवार (12 सितंबर, 2022) को अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर बताया कि आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर पुलिस ने कोई रेड नहीं मारी।

उन्होंने लिखा, “रविवार (11 सितंबर, 2022) को आम आदमी पार्टी के कार्यालय पर अहमदाबाद पुलिस रेड करने आई, ऐसा समाचार सोशल मीडिया से ज्ञात हुआ है। इस प्रकार की कोई रेड अहमदाबाद पुलिस द्वारा नहीं की गई है।”

दरअसल, केजरीवाल के रविवार (11 सितंबर 2022) शाम गुजरात पहुँचते ही आम आदमी पार्टी के नेता इसुदान गढ़वी ने ट्वीट कर बताया कि ‘आप’ के दफ्तर पर गुजरात पुलिस ने रेड डाली है। गढ़वी ने अपने ट्वीट में लिखा, “केजरीवाल जी के अहमदाबाद पहुँचते ही आम आदमी पार्टी के अहमदाबाद ऑफ़िस पर गुजरात पुलिस की रेड। दो घंटे तलाशी लेकर चले गए। कुछ नहीं मिला। बोले फिर आएँगे।” इसके बाद अपने नेता के ट्वीट को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बीजेपी पर हमला बोल दिया।

उन्होंने ट्वीट कर दावा किया, “गुजरात की जनता से मिल रहे अपार समर्थन से भाजपा बुरी तरह बौखला गई है। AAP के पक्ष में गुजरात में आँधी चल रही है। दिल्ली के बाद अब गुजरात में भी रेड करनी शुरू कर दी। दिल्ली में कुछ नहीं मिला, गुजरात में भी कुछ नहीं मिला। हम कट्टर ईमानदार और देशभक्त लोग हैं।”

मालूम हो कि गुजरात में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में आम आदमी पार्टी ने गुजरात चुनाव के लिए तैयारियाँ तेज कर दी हैं। लगातार AAP के नेता राज्य का दौरा कर रहे हैं। अरविंद केजरीवाल 12 और 13 सितंबर को अहमदाबाद के दौरे पर हैं।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब अरविंद केजरीवाल और उनके नेताओं ने झूठ का सहारा लिया हो। इससे पहले 29 अगस्त, 2022 को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विधानसभा में ‘विश्वास मत’ पेश किया था। इस दौरान भी उन्होंने अपने भाषण में कई गलत आँकड़ों और झूठे दावों के सहारे ये बताने की कोशिश की थी कि आने वाले समय में पार्टी का रुख कैसा रहने वाला है।

मूसेलावा हत्याकांड: गैंगस्टरों के 60 ठिकानों पर NIA के 160 अधिकारियों ने मारी रेड, सलमान खान पर हमले की साजिश का भी खुलासा

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने सोमवार (12 सितंबर 2022) को पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की हत्या के मामले में देश के कई हिस्सों में छापेमारी की। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, मूसेवाले की हत्या से जुड़े संदिग्ध आतंकी गिरोहों का पता लगाने के संबंध में एनआईए दिल्ली, एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में छापेमारी हुई।

इसके अलावा अन्य गैंगस्टरों पर शिकंजा कसने के लिए देश की कई अन्य जगहों पर रेड पड़ी। कुल 60 जगह बताई जा रही है जहाँ अब तक NIA के 160 अधिकारियों ने रेड मारी है। इसमें गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग के अलावा भी कई गैंग को टारगेट किया गया है।

इस बीच, पंजाब पुलिस ने मूसेवाला हत्याकांड में गिरफ्तार किए गए आरोपितों के बारे में जानकारी दी। साथ ही रविवार (11 सितंबर 2022) को खुलासा किया कि गिरफ्तार आरोपितों से शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान (Salman Khan) पर जानलेवा हमला करने की योजना बना रहे थे।

चंडीगढ़ पुलिस ने इस मामले में फरार चल रहे छठे शूटर दीपक मुंडी (Deepak Mundi) को उसके दो सहयोगियों कपिल पंडित और राजिंदर के साथ 11 सितंबर को पश्चिम बंगाल-नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार किया था। तीनों को मानसा कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। मूसेवाला हत्या मामले में पंजाब पुलिस अब तक तक 23 आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि मुख्य हत्यारे दीपक मुंडी ने पंजाबी गायक पर अंधाधुंध गोलियाँ चलाई थीं। मामले के अन्य आरोपितों से भी पूछताछ की जाएगी, ताकि सलमान खान के संबंध में और सुराग मिल सके। बताया जा रहा है कि सलमान खान पर हमला करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई द्वारा की गई रेकी में आरोपित कपिल पंडित भी शामिल था।

‘सलमान का मूसेवाला जैसा हाल कर देंगे’

इस साल जून में अभिनेता सलमान खान और उनके अब्बा सलीम खान को जान से मारने की धमकी मिली थी। मुंबई के बांद्रा बैंड स्टैंड पर सलीम खान को एक धमकी भरा लेटर मिला था, जिसमें साफ-साफ लिखा था तुम्हारा भी मूसेवाला जैसा हाल कर देंगे। लेटर सामने आते ही महाराष्ट्र सरकार ने भारी संख्या में पुलिस बल सलमान खान के घर के बाहर तैनात कर दिया था।

29 मई को हुई थी मूसेवाला की हत्या

गौरतलब है कि पंजाबी सिंगर और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा गाँव में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। ये घटना पंजाब में ठीक उस समय हुई थी, जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना से संबंधित एक वीडियो भी सामने आया था। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हुए थे। सिद्धू मूसेवाला ने पंजाब चुनाव में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़ा था, लेकिन वह ‘आप’ के उम्मीदवार से हार गए थे।

घर पर कैद में रखता था मुस्लिम शौहर, धर्मांतरण का दबाव बनाता था : केरल की ईसाई महिला ने लगाया इल्जाम, पुलिस से बोली- ‘मुझे उसके पास वापस नहीं जाना’

केरल के एर्नाकुलम में एक ईसाई महिला ने अपने मुस्लिम शौहर पर धर्म परिवर्तन के दबाव का आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसे शादी के लिए दबाव दिया गया था और नजरबंद कर के रखा गया था। यह मामला तब सामने आया जब केरल हाईकोर्ट के निर्देश पर कुछ माह पहले पुलिस ने पीड़िता के बयान दर्ज किए। महिला ने आगे अपने मुस्लिम शौहर के साथ रहने से मना कर दिया है और अब अकेले रहने की इच्छा जताई है।

न्यू इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक महिला के शौहर ने अपनी बीवी को वापस पाने के लिए केरल उच्च न्यायलय में याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया था कि उसकी बीवी मायके जाने के बाद वापस नहीं लौटी। महिला के शौहर ने इस मामले में लड़की के माता-पिता को भी पक्षकार बनाया था। हालाँकि हाईकोर्ट ने शौहर की याचिका को सुनवाई योग्य न मानते हुए ख़ारिज कर दिया।

जानकारी के मुताबिक 13 अक्टूबर 2021 को विशेष विवाह अधिनियम के अंतर्गत ईसाई महिला और मुस्लिम युवक की शादी हुई थी। इसके बाद दोनों एक साथ ही रहते थे। महिला के शौहर द्वारा कोर्ट में दिए गए बयान के मुताबिक शादी के बाद 15 दिसम्बर 2021 को उनकी पत्नी अपनी बीमार दादी को देखने के लिए अपने मायके गई थी।

शौहर ने आरोप लगाया है कि क्रिसमस के बाद अभी उनकी पत्नी लौट कर नहीं आई। याचिका में कहा गया था कि उसकी पत्नी को उसके पिता ने अवैध तौर पर बिना लड़की की मर्जी के अपने पास रख रखा है। महिला की ससुराल अलाप्पुझा में है।

शौहर के इन आरोपों पर जब पुलिस उसकी पत्नी का बयान लेने पहुँची तब वहाँ कुछ और ही जानकारी मिली। याचिकाकर्ता की ईसाई पत्नी ने अपने शौहर के साथ रहने से साफ इंकार कर दिया।

पीड़िता ने पुलिस को आगे बताया कि वो अपने शौहर द्वारा आत्महत्या की दी गई धमकी के बाद उसके साथ गई थी। लड़की ने यह भी बताया कि 4 सितंबर 2021 को आरोपित मुस्लिम युवक उसे अपने घर ले गया और जबरदस्ती एक कमरे में बंद कर दिया। पीड़िता के अनुसार यहीं उस पर धमकी देते हुए शादी का दबाव बनाया गया।

पुलिस को दिए बयान में पीड़िता ने यह भी कहा कि बाद में उसकी शादी विशेष विवाह अधिनियम से करवा दी गई और मज़हबी अभिलेखों में उसका नाम ‘सारा बीवी’ करवा दिया गया। पीड़िता ने शादी के बाद अपने शौहर पर मानसिक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए बताया कि उसे बार-बार मुस्लिम बनाने की कोशिश की जाती रही।

इन आरोपों पर पुलिस का कहना है कि वह लोग महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जाँच कर रहे हैं और ये पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि धमकी और जबरदस्ती के आरोप सही हैं या नहीं।

‘इंडिया से हो, पाकिस्तान की हार पर खुश ही होगे’ : श्रीलंका से हारने पर बौखलाए PCB अध्यक्ष रमीज राजा, भारतीय पत्रकार का फोन छीना, Video वायरल

श्रीलंका (Sri Lanka) ने रविवार (11 सितंबर 2022) को दुबई में एशिया कप 2022 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। श्रीलंका ने फाइनल में पाकिस्तान को 23 रन से हराकर छठी बार इस खिताब पर अपना कब्जा जमाया। वहीं, पाकिस्तान का चैंपियन बनने का सपना टूट गया। इसी बीच पाकिस्तान की हार से बौखलाए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष रमीज राजा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में वह भारतीय पत्रकार का फोन छीनते हुए दिखाई दे रहे हैं।

दरअसल, पाकिस्तान की हार के बाद रमीज राजा ने स्टेडियम के बाहर मौजूद पत्रकारों से बात की। इस दौरान भारतीय पत्रकार रोहित जुगलन ने उनसे पूछा कि क्या उनके पास पाकिस्तान की जनता के लिए कोई संदेश है, जो इस हार से काफी नाखुश हैं। इसको लेकर रमीज राजा ने कहा, “आप इंडिया हैं, तो अब आप बहुत खुश होंगे कि पाकिस्तान हार गया है।”

ये कहते हुए उन्होंने पत्रकार का फोन पकड़ लिया। हालाँकि, इसके बाद उन्होंने एक अन्य पत्रकार के सवालों का अच्छे से जवाब दिया, लेकिन अपने साथ खड़े शख्स को तीखे लहजे में हाथ पीछे रखने और कैमरे के सामने से हटने को कहा।

पत्रकार रोहित जुगलान ने अपने ट्विटर हैंडल पर इस वीडियो को शेयर करते हुए लिखा, “क्या मेरा सवाल गलत था- क्या पाकिस्तान के फैन नाखुश नहीं है। ये बहुत गलत था। एक बोर्ड के चेयरमैन के रूप में आपको मेरा फोन नहीं छीनना चाहिए था।”

रमीज राजा पर भड़के भारतीय यूजर्स

इसको लेकर सुशांत मेहता लिखते हैं, “आप हमारे रिपोर्टर का फोन कैसे छीन सकते हैं? आप इस तथ्य को स्वीकार क्यों नहीं करते कि पाकिस्तानी आपके नेतृत्व से बेहद निराश हैं। रमीज राजा आपकी फ्रस्ट्रेशन बढ़ रही है।”

वीडियो वायरल होने के बाद कई पाकिस्तानी यूजर्स ने भी PCB के अध्यक्ष रमीज राजा की आलोचना की है। एक यूजर ने लिखा, “तथाकथित अध्यक्ष द्वारा किया गया व्यवहार अच्छा नहीं है।”

वहीं, साद नाम के यूजर ने लिखा, “रोहित भाई मैं पाकिस्तानी हूँ। मैं पूरी तरह से सहमत हूँ कि आपके प्रश्न में कुछ भी गलत नहीं था। रमीज राजा का व्यवहार अस्वीकार्य है।”

बता दें कि श्रीलंकाई टीम 20 ओवर में 6 विकेट पर 170 रन बनाने में कामयाब हो गई। इसके बाद 171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की टीम 20 ओवर में 147 रन बनाकर ऑल आउट हो गई।

‘मदरसे में नहीं पढ़ना था, इसलिए 11 साल के समीर को मारा’: नूँह में 13 साल के छात्र ने कबूला जुर्म, कहा- लड़के की तहखाने में हत्या की, फिर शव को रेत में दबाया

हरियाणा के नूँह क्षेत्र के पुन्हाना उपमंडल में मौजूद एक मदरसे में 5 सितम्बर 2022 को 11 वर्षीय छात्र की लाश मिली थी। यह मदरसा गाँव शाह चोखा पीर दादा शाह चोखा की मज़ार के पास मौजूद है। मृतक छात्र 1 साल से मदरसे में पढ़ रहा था। मृतक के परिजनों ने घटना को हत्या करार देते हुए कार्रवाई की माँग की थी। अब पुलिस ने 11 सितम्बर 2022 को इस मामले का खुलासा करते हुए बताया कि हत्या का आरोपित उसी मदरसे में पढ़ने वाला एक अन्य छात्र है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक स्थानीय थाना प्रभारी सतबीर सिंह ने कहा कि 11 वर्षीय छात्र की हत्या उसी मदरसे में पढ़ने वाले 13 साल के एक अन्य छात्र ने की है। पुलिस ने बताया कि आरोपित लड़का उस मदरसे में नहीं बल्कि स्कूल में पढ़ना चाहता था इसलिए उसने मदरसे को बदनाम करने के लिए ऐसा कदम उठा लिया। नूँह के SHO के अनुसार आरोपित छात्र किसी भी हाल में मदरसे से बाहर निकलना चाहता था।

खबरों के मुताबिक आरोपित ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि वह शुक्रवार (जुमे) के दिन ही मृतक छात्र समीर को मारना चाहता था लेकिन भारी भीड़ होने के नाते ऐसा नहीं कर पाया। आख़िरकार उसने समीर की हत्या के लिए शनिवार का दिन चुना। पुलिस के आगे अपना जुर्म कबूल करते हुए आरोपित ने कहा कि वो मृतक को पहले मदरसे के तहखाने में ले गया और बाद में समीर को मार कर उसने रेत में दबा दिया और भाग निकला।

नूँह के पुलिस अधीक्षक वरुण सिंगला ने बताया कि मृतक और आरोपित छात्र आपस में अच्छे दोस्त थे और एक साथ खेलते थे। जरूरी कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपित को फरीदाबाद स्थित बाल सुधार गृह भेजा गया है।

गौरतलब है कि टेड गाँव के निवासी छात्र समीर की लाश सोमवार को नूँह के शाह चौखा गाँव के मदरसे के अंदर मिली थी। समीर की लाश मिलने के बाद पुलिस ने FSL टीमों को बुला कर FIR दर्ज कर के जाँच शुरू कर दी थी।

‘दीवार फाँदकर आते थे, लड़कियों को छेड़ते थे’ : राँची के स्कूल में हिंदू छात्राओं को ‘उठाने’ की धमकी देने वाले 4 मुस्लिम युवक गिरफ्तार, पुलिस के सामने कबूला जुर्म, 1 फरार

झारखंड के राँची के ओरामाँझी इलाके में स्थित ‘प्लस टू उच्च विद्यालय’ में घुसकर हिंदू छात्राओं को धमकाने वाले और स्कूल परिसर में हथियार लहराने वाले 4 आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

राँची के एसपी नौशाद आलम ने बताया, “ग्रामीण राँची के ओरामाँझी इलाके में स्कूल लड़कियों को डराने-धमकाने और छेड़खानी करने वाले 4 लड़को को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस पाँचवे की तलाश कर रही है।”

रिपोर्ट्स के अनुसार, गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मुजम्मिल अंसारी, फिरदौस अंसारी, जमील अंसारी और तौफीक अंसारी के तौर पर हुई है। वहीं सुहैल को अब भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में हैं।

बताया जा रहा है कि गिरफ्तार लड़कों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस को जाँच के दौरान पता चला कि ये लड़के स्कूल में दीवार फाँदकर आते थे और छात्राओं को छेड़ते थे। रोक-टोक होने पर ये धमकी भी देते थे।

स्कूल में घुसकर छात्राओं को धमकी

बता दें कि इससे पहले रविवार को खबर आई थी कि राँची के स्कूल में कुछ मुस्लिम युवक सरकारी स्कूल में घुसकर कक्षा नौवीं की छात्रा को धमका रहे थे कि या तो दोस्ती करो वरना वो लोग उन्हें उठा ले जाएँगे। छात्राओं की शिकायत के मुताबिक ये युवक लड़कियों से कहते थे कि अगर इनकी बात नहीं सुनी गई तो अंजाम भुगतने के लिए सब तैयार रहें।

छात्राओं ने 10 सितंबर को इस बाबत शिकायत दी थी जिसके बाद इस मामले में 5 आरोपितों को नामजद किया गया। छात्राओं ने शिकायत में बताया था कि उनके साथ ये हरकतें हफ्ते भर से हो रही हैं। युवक स्कूल की छतों पर बैठ जाते हैं और आने-जाने वाली लड़कियों पर छींटाकशी करते हैं।

पीड़ित छात्राओं के मुताबिक कि युवकों के टारगेट पर विशेषकर आदिवासी और हिंदू लड़कियाँ होती हैं। जब भी कोई इन छात्राओं के पक्ष में बोलता है तो लड़के उसे भी परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहने को कहते हैं। चाहे फिर वो कोई छात्र हो या कोई टीचर।

पीड़ित छात्राओं और उनके परिजनों ने थाने में तहरीर दे कर बताया है कि कुछ दिन पहले शिक्षक दिवस के दिन इन सभी आरोपितों ने स्कूल में लगा जेनरेटर पलट दिया था।

स्कूली छात्राओं की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए एसआईटी गठित की गई थी। इस टीम में एसआई व इंस्पेक्टर थे। टीम ने स्कूल के सीसीटीवी कैमरे से फुटेज निकाली और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरोपितों को दबोचा। छानबीन में पता चला कि इन लोगों ने स्कूल के लिपिक आशीष महतो को जान से मारने की धमकी और छात्राओं को हथियार के बल पर उठाने को कहा था। बाद में इस संबंध में आशीष महतो ने शिकायत भी दी और बताया कि कैसे इन लड़कों ने उन पर पिस्तौल तान दी थी। वहीं स्कूल प्रशासन भी डर से कुछ नहीं कर पा रहा था।

‘मैं तो क्या कोई और भी अनुच्छेद 370 वापस नहीं दिला सकता’ : J&K में गुलाम नबी आजाद ने दिया स्पष्ट बयान, कॉन्ग्रेस को कहा- वो झूठे वादे करते हैं

कॉन्ग्रेस के पूर्व नेता गुलाम नबी आजाद ने जम्मू कश्मीर की राजनीति में बिगुल बजाना शुरू कर दिया है। इसी सिलसिले में एक जनसभा को संबोधित करते हुए उन्होंने आर्टिकल 370 को लेकर बड़ा बयान दिया है।

गुलाब नबी आजाद ने कहा, “मैं तो क्या कोई भी आर्टिकल 370 को वापस नहीं दिला सकता है।” इसके अलावा, उन्होंने 10 दिन के अंदर अपनी राजनीतिक पार्टी का ऐलान करने की बात भी कही है।

दरअसल, गुलाम नबी आजाद रविवार (11 सितंबर 2022) को उत्तरी कश्मीर के बारामूला में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने अपने राजनीतिक इरादे स्पष्ट करते हुए कहा,

“आजाद जानते हैं कि क्या-क्या किया जा सकता है और क्या-क्या नहीं। मैं या कॉन्ग्रेस पार्टी या तीन क्षेत्रीय दल आपको अनुच्छेद 370 वापस नहीं दे सकते न ही ममता बनर्जी, न ही डीएमके और न ही शरद पवार।”

इस जनसभा में उन्होंने यह भी कहा,

“कुछ लोग कह रहे हैं कि मैं अनुच्छेद 370 के बारे में बात नहीं करता हूँ। मैं उन्हें बताना चाहता हूँ कि आजाद चुनावी फायदे के लिए लोगों को बेवकूफ नहीं बनाते हैं। अनुच्छेद 370 को बहाल करने के लिए लोकसभा में लगभग 350 वोटों की आवश्यकता होगी, जबकि राज्यसभा में 175 वोटों की आवश्यकता होगी। यह एक संख्या है जो किसी भी राजनीतिक दल के पास नहीं है या कभी भी मिलने की संभावना नहीं है। कॉन्ग्रेस 50 से कम सीटों पर सिमट गई है और अगर वे अनुच्छेद 370 को बहाल करने की बात करते हैं, तो वे झूठे वादे कर रहे हैं।”

आजाद ने कॉन्ग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा,

“कुछ लोगों ने मुझ पर गृह मंत्री द्वारा लाए गए अनुच्छेद 370 को समाप्त करने के प्रस्ताव के पक्ष में मतदान करने का आरोप लगाया है। मैंने निरस्त करने के खिलाफ मतदान किया है और ये लोग जिन्हें संसद के कामकाज के बारे में कोई जानकारी नहीं है। वे कह रहे हैं कि मैंने अनुच्छेद 370 के खिलाफ मतदान किया था।”

इस जनसभा में गुलाम नबी आजाद ने यह भी कहा है कि वो 10 दिन के अंदर ही अपनी नई राजनीतिक पार्टी का ऐलान कर देंगे, जिसकी विचारधारा ‘आजाद’ होगी। उन्होंने कहा है कि उनकी पार्टी का एजेंडा जम्मू कश्मीर को फिर से राज्य का दर्जा दिलाना रहेगा। साथ ही उनकी पार्टी यहाँ के लोगों को रोजगार और जमीन अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करती रहेगी।