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इंग्लैंड में फिर से हिन्दुओं पर हमला, भगवा ध्वज को नीचे गिरा दिया: भारत-Pak मैच के बाद भी भड़की थी हिंसा, कार्रवाई की माँग कर रहे थे हिन्दू

एशिया कप 2022 में हुए भारत-पाकिस्तान मैच के बाद पूर्वी इंग्लैंड के लीसेस्टर शहर में हिंसा भड़क गई थी। इसके विरोध में कार्रवाई की माँग लेकर प्रदर्शन कर रहे हिंदुओं के समूह पर कट्टरपंथियों के द्वारा फिर से हमला कर दिया गया। इसके अलावा भगवा ध्वज का भी अपमान कर उसे नीचे गिरा दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस सप्ताह के अंत में लीसेस्टर शहर में एक बार फिर से हिंदुओं पर हमला किया गया। बताया जा रहा है कि सैकड़ों कट्टरपंथियों ने हिंदुओं और उनके आसपास के घरों पर हमला किया। घटना शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) देर रात की बताई जा रही है। मामले को शांत करवाने के लिए पुलिस ने भी भारी बल प्रयोग किया।

28 अगस्त को भारत-पाक मैच के बाद इसी इलाके से हिंदुओं पर हिंसक हमले की खबर सामने आई थी। इसके खिलाफ हिंदुओं का एक समूह कार्रवाई की माँग को लेकर प्रदर्शन कर रहा था। इसी दौरान उन पर हमला किया और शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसा में बदलने का प्रयास किया गया।

स्थानीय पुलिस ने दिया ये बयान

वहीं इस मामले में स्थानीय प्रशासन के द्वारा कहा गया है कि पुलिस बल बड़ी संख्या में घटना स्थल पर पहुँचे और इलाके में वापस शांति बनाने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा बड़ी संख्या में लोगों की तलाशी ली गई और दो लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें से एक पर हिंसक अव्यवस्था की साजिश की आशंका भी जताई जा रही है और दूसरे के पास ब्लेड जैसी वस्तु रखने के कारण उसे गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि पुलिस को पूर्वी लीसेस्टर क्षेत्र के कुछ हिस्सों में अव्यवस्था फैलने की कई खबरें मिली हैं। प्रशासन का कहना है कि सूचना के बाद हिंसा पर काबू पाने के लिए फोर्स भेजी गई। वहीं शहर में इस तरह परिस्थिति पैदा होने पर पुलिस ने भी अफसोस जताया है।

बता दें कि इस घटना को लेकर विश्लेषक अंशुल सक्सेना ने ट्वीट के माध्यम से हिंसा से जुड़े विवरण को शेयर किया। उन्होंने इस ट्वीट के जरिए यह दिखाया कि कैसे इंग्लैंड के शहर में हिंदुओं पर हमला करने की योजना बनाई गई थी। उन्होंने बताया कि कैसे कट्टरपंथी और इस्लामवादी सोशल मीडिया पर भड़काऊ चीजें शेयर कर रहे थे और हिंदुओं पर हमला करने की योजना बना रहे थे।

लीसेस्टर शहर में पहले भी हुआ हिंदुओं पर हमला

गौरतलब है कि इससे पहले भी ब्रिटेन के लिसेस्टर शहर से हिंदुओं पर हमले की कई वीडियोज सामने आए थे। वीडियो में देखा जा सकता था कि इस्लामी कट्टरपंथी भीड़ इकट्ठा करके हिंदुओं के घरों को निशाना बना रहे थे। उनके हाथों में हथियार और मुँह पर हिंदुओं के लिए गालियाँ थीं। सड़कों से पुलिस नदारद दिखाई दे रही थी। कोई उन्हें नहीं रोक रहा था। वहीं उस दौरान सोशल मीडिया पर वामपंथी हिंदुओं को ही इन हमलों का दोषी बताया।

सामने आई एक वीडियो में दिख रहा था कि कट्टरपंथी भारी तादाद में सड़कों पर जुटे हुए थे। हिंदू लोग अपने घरों से उनकी वीडियो बना रहे थे और यह देख हैरान हो रहे थे कि आखिर क्यों पुलिस इनको नहीं रोक पा रही। वीडियो में हिंदुओं से मारपीट, उनके घरों में तोड़फोड़, घर के बाहर लगे भगवा झंडे को उखाड़ना साफ तौर पर दिखा। वीडियो बनाने वाले आपस में कह रहे हैं कि ये उपद्रव करने वाले मुस्लिम हैं और इनके हाथों में चाकू जैसे धारदार हथियार हैं।

शिया मुस्लिमों के जुलूस पर पत्थर और पिस्तौल से हमला, मस्जिद के पास से गुजरने पर हुआ बवाल: पाकिस्तान में कट्टरपंथियों की करतूत

पाकिस्तान में शिया मुस्लिमों की हालत बेहद खराब है। उन्हें आए दिन हमले और ईशनिंदा के आरोप झेलने पड़ते हैं। शनिवार (17 सितंबर, 2022) को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में कट्टरपंथी इस्लामी संगठन के कार्यकर्ताओं ने शिया मुसलमानों के जुलूस पर हमला कर दिया। इसमें 13 लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है। कुछ लोग गंभीर रूप से घायल भी बताए जा रहे हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शिया मुसलमानों का जुलूस इमाम हुसैन के चेहल्लुम के सिलसिले में सियालकोट के इमामबारगाह जा रहा था। इस दौरान, पिस्तौल, पत्थर समेत अन्य हथियारों से लैस लोगों ने चेहल्लुम जुलूस पर हमला कर दिया। बता दें कि चेहल्लुम शिया मुसलमानों का मजहबी त्यौहार है। शिया मुस्लिम इसे पैगंबर मुहम्मद के पोते इमाम हुसैन की शहादत की याद में मनाते हैं। उनका मानना है कि इमाम हुसैन मुहर्रम के 10वें दिन शहीद हुए थे।

स्थनीय पुलिस अधिकारी के हवाले से मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि इस जुलूस के रास्ते को लेकर ‘तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (टीएलपी)’ और शिया मुसलमानों के बीच पिछले कई दिनों से तनाव चल रहा था। टीएलपी के स्थानीय नेता चाहते थे कि शिया जुलूस उनकी मस्जिद सह मदरसा के सामने से न गुजरे। जबकि, स्थानीय शिया मुस्लिम हर साल उसी रास्ते से इमामबारगाह जाते हैं।

पुलिस ने यह भी कहा है कि पुलिस अधिकारियों ने दोनों पक्षों के साथ बातचीत की थी और टीएलपी नेता इस बात पर सहमत थे कि वे जुलूस के रास्ते पर आपत्ति नहीं करेंगे। इस हमले के बाद सियालकोट पुलिस के प्रमुख फैसल कामरान ने कहा कि घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस बल मौके पर पहुँच गया था। लेकिन, हमलावर तब तक भाग चुके थे। इस मामले में 30 संदिग्धों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

बता दें, रविवार (17 सितंबर, 2022) को ट्विटर पर #ShameOnTLP और #SialkotJuloosAttack पाकिस्तान में टॉप ट्रेंड पर थे। इस हमले की लगातार निंदा की जा रही है। साथ ही घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए टीएलपी पर प्रतिबंध लगाने की भी माँग की जा रही है।

‘फ्यूचर जनरेशन को बर्बाद कर रहे ये’: रात का समय, रेस्टॉरेंट के बाहर लड़खड़ाती सारा अली खान का वीडियो देख बोले लोग – ‘पूरे नशे में है’

अभिनेत्री सारा अली खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वो लड़खड़ाती हुई नज़र आ रही हैं। वीडियो को देखने के बाद लोग कह रहे हैं वो अभिनेत्री पूरे नशे में हैं, इसीलिए उनके पाँव लड़खड़ाते दिख रहे हैं। ये रात के समय का वीडियो है, जिसमें सारा अली खान को सड़क पर अपनी एक दोस्त का सहारा लेकर चलते हुए देखा जा सकता है। इसका सहारा लेकर लोग बॉलीवुड को ‘ड्र्रगीवुड’ भी बता रहे हैं।

इस वीडियो में देखा जा सकता है कि फोटोग्राफर ‘सारा जी, रुकिए न’ की रट लगा रहे हैं, हालाँकि सारा अली खान इस दौरान हाथ दिखा कर अस्पष्ट भाषा में कुछ कहते हुए आगे बढ़ जाती हैं। इस दौरान वो एक क्लब में घुसती हुई दिखाई देती हैं, जहाँ पहले से ही कुछ लड़कियाँ होती हैं। अंदर जाते समय सारा अली खान ने सिक्योरिटी गार्ड का हाथ जिस तरह से टच किया, उसे लेकर भी लोग उन पर नशे में होने का आरोप लगा रहे हैं।

सारा अली खान इस दौरान अपने एक दोस्त शर्मिल शहगल के साथ थीं। उन्होंने नीले रंग का जंपशूट पहन रखा था। ये वीडियो मुंबई के ‘Bastion’ रेस्टॉरेंट का है, जो शुक्रवार (16 सितंबर, 2022) का है। वरुण कपूर नाम के एक यूजर ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “लोग पूछते हैं कि बॉलीवुड के बॉयकॉट का अभियान क्यों चलाया जा रहा है। यहाँ एक अन्य कारण है – ‘ड्रगीवुड’ हमारे बच्चों-युवाओं को बर्बाद कर रहा है।”

उन्होंने इसका कारण बताते हुए कहा कि फ्यूचर जनरेशन के लोग सारा अली खान जैसी हस्तियों का अनुसरण करते हैं, इसीलिए वो बर्बाद हो रहे हैं। एक व्यक्ति ने लिखा कि अगर यहाँ पर कैमरा नहीं होता तो इस घटना के लिए उसकी ही नौकरी चली जाती। लोगों ने सारा अली खान के इस वीडियो पर ‘पी रखी है’, ‘टल्ली है’, ‘ओवरलोड ड्रंकन’, ‘नशे में धुत्त’ और ‘बेवड़ी’ जैसे कमेंट्स किए। सारा अली खान ‘गैसलाइट’ नामक फिल्म में नजर आने वाली हैं।

‘हॉस्टल मैनेजर कह रही लड़की ने कबूल किया गुनाह, पुलिस ने कहा – सिर्फ 1 वीडियो मिला’: MMS कांड पर महिला आयोग भी सक्रिय, शिमला से युवक गिरफ्तार

पंजाब के चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (Chandigarh University) के हॉस्टल में रहनी वाली छात्राओं के नहाने के वीडियोज वायरल होने की खबर सामने आने के बाद बवाल मचा हुआ है। इस मामले में यूनिवर्सिटी से लेकर राष्ट्रीय महिला आयोग व मुख्यमंत्री भगवंत मान तक का बयान सामने आ चुका है। हालाँकि, इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि हॉस्टल मैनेजर और पुलिस के बयान अलग-अलग हैं, जिससे मामला सुलझने के बजाय उलझता जा रहा है। फिलहाल, आरोपित छात्रा को गिरफ्तार कर लिया गया है।

ऐसे सामने आया वायरल वीडियो कांड

इस मामले में दर्ज एफआईआर के अनुसार, शनिवार (17 सितंबर, 2022) दोपहर कुछ लड़कियों ने हॉस्टल वार्डन राजविंदर कौर से शिकायत करते हुए कहा कि एक लड़की वॉशरूम में 6 लड़कियों का वीडियो बना रही थी। इसके बाद वार्डन राजविंदर कौर ने लड़की से पूछताछ की और फिर गर्ल्स हॉस्टल मैनेजर रीतू को इसकी जानकारी दी गई।

इस दौरान, हॉस्टल मैनेजर के सामने आरोपित छात्रा ने फोटो या वीडियो बनाने से इनकार कर दिया। हालाँकि, हॉस्टल मैनेजर का कहना है कि जब उसने आरोपित छात्रा के मोबाइल की जाँच की थी तो उसमें से कई फोटो और वीडियो डिलीट किए हुए मिले। छात्रा ने शिमला में जिस युवक सन्नी को वीडियो भेजने का दावा किया था, उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

यही नहीं, आरोपित छात्रा के मोबाइल पर लगातार कॉल और मैसेज आ रहे थे, जिसके बाद मैनेजर को उस पर शक हो गया। मैनेजर ने आरोपी छात्रा को कॉल उठाने को कहा और स्पीकर ऑन करवा लिया। मैनेजर ने छात्रा को कहा कि वह कॉल करने वाले लड़के को कहे कि उसके पास जो फोटो और वीडियो हैं, वह उसे भेजे। यह सुनकर लड़के ने उसे अश्लील वीडियो का स्क्रीनशॉट भेज दिया। मैनेजर ने सख्ती की तो आरोपित छात्रा ने वीडियो बनाने और शेयर करने की बातें कबूल लीं। आरोपित छात्रा ने बताया उसका दोस्त सन्नी शिमला में है उसने उसे ही ये वीडियो भेजे थे।

चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने वीडियो वायरल होने की बात से किया इनकार

इस पूरे घटनाक्रम में सफाई देते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी (CU) की ओर से कहा गया है, “ऐसी अफवाहें हैं कि सात लड़कियों ने आत्महत्या कर ली है, जबकि सच यह है कि किसी भी लड़की ने ऐसा कोई कदम नहीं उठाया है। घटना में किसी लड़की को अस्पताल में भर्ती नहीं कराया गया है। छात्राओं के आपत्तिजनक वीडियो शूट करने की सभी अफवाहें पूरी तरह से झूठी और निराधार हैं। एक लड़की ने अपना खुद का वीडियो शूट किया और उसे अपने प्रेमी के साथ शेयर किया था।

मीडिया से बात करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने यह भी कहा, “कुछ लड़कियाँ आंदोलन के दौरान बेहोश हो गईं, और उन छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया था। विश्वविद्यालय ने खुद मामले के बारे में पुलिस को सूचना दी थी। पुलिस मामले की जाँच कर रही है और आईटी अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। विस्तृत जाँच के बाद पुलिस जानकारी उपलब्ध कराएगी।”

पुलिस ने भी किया ऐसा ही दावा

इस मामले में मोहाली के एसएसपी विवेक सोनी ने कहा, “अभी तक की जाँच में हमें पता चला है कि सिर्फ एक ही वीडियो है। आरोपित ने किसी और का कोई वीडियो रिकॉर्ड नहीं किया है। यहाँ तक ​​कि आरोपित छात्रा ने भी खुद से यह नहीं कहा कि उसने किसी और का वीडियो बनाया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया गया है और आज ही फोरेंसिक जाँच के लिए भेजा जा रहा है।”

मीडिया से बात करते हुए एसएसपी सोनी ने यह भी कहा कि आत्महत्या का प्रयास या मौत नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस में ले जाई गई एक छात्रा बीमार थी और हमारी टीम उसके संपर्क में है। पुलिस का कहना है कि एक छात्रा के वीडियो के अलावा कोई और वीडियो हमारे संज्ञान में नहीं आया है। हालाँकि, कुछ पीड़ित लड़कियों का कहना है कि आरोपित लड़की ने फोटो-वीडियो डिलीट किए हैं। हॉस्टल के मैनेजर का कहना है कि लड़की ने गुनाह कबूल किया है और उसके दोस्त युवक ने उसे स्क्रीनशॉट भी भेजा था।

वीडियो के आधार पर दावा: आरोपित छात्रा ने स्वीकार की थी वीडियो बनाने और शेयर करने की बात

वायरल वीडियो में आरोपित छात्रा वीडियो बनाने और अपने दोस्त को शेयर करने की बात स्वीकार करती नजर आ रही है। जबकि पुलिस और यूनिवर्सिटी, दोनों ने ही छात्रा पर लगे इस तरह के आरोपों से इनकार किया है। साथ ही यह भी कहा जा रहा है कि मामला सामने आने के बाद जब यूनिवर्सिटी मैनेजमेंट और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही थी, तब छात्राओं ने यूनिवर्सिटी परिसर में हंगामा करना शुरू किया था। उनका कहना है कि न केवल चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी बल्कि पुलिस प्रशासन की भूमिका भी संदिग्ध नजर आ रही है।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

वीडियो वायरल होने से जुड़ी घटना पर अब ‘राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW)’ ने संज्ञान लिया है। आयोग ने पंजाब पुलिस महानिदेशक (DGP) को चिट्ठी लिखकर इस मामले में दोषियों के खिलाफ तेज और सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।

वहीं पंजाब राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष मनीषा गुलाटी ने कहा कि छात्राओं के कथित आपत्तिजनक वीडियो के लीक और वायरल होने के बाद चंडीगढ़ विश्वविद्यालय की छात्राओं ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी छात्राओं ने इस घटना से संबंधित लोगों की जान जाने और घायल होने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि पुलिस के बयान का इंतजार है। साथ ही कहा कि यह गंभीर मामला है, यह बहुत दुखद है, और इस मामले की जाँच की जा रही है।

उन्होंने यह भी कहा, “मैं सभी छात्राओं के माता-पिता को आश्वस्त कर रहीं हूँ कि आरोपित को बख्शा नहीं जाएगा। जिस लड़की ने ये वीडियो वायरल किया, उस पर अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए धारा 354(C) आईटी के तहत मामला दर्ज़ कर लिया है। कड़ी कार्रवाई होगी। अगर ये सब पहले से चल रहा था तो मैं आपको आश्वासन देती हूँ कि ये गहन जाँच का विषय है और इस मामले पर मेरी नजर रहेगी।”

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दिए जाँच के आदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जाँच के आदेश दिए हैं। उन्होंने ट्वीट कर कहा, “चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बारे में सुनकर दु:ख हुआ। बेटियाँ हमारा सम्मान हैं। घटना की उच्च स्तरीय जाँच के आदेश दिए गए हैं। जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मैं प्रशासन के संपर्क में हूँ। मैं सभी से अफवाहों से बचने की अपील करता हूँ।”

‘पहले चारपाई से हाथ-पाँव बाँधे, फिर हँसिया से गला रेता’: शौहर से तंग आ चुकी थी शमा, मौका देख मौत के घाट उतारा

उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले में 14 अगस्त 2022 को हुई भावुद्दीन उर्फ़ नहना की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। आरोपित कोई और नहीं बल्कि खुद भावुद्दीन की बीवी शमा निकली। शमा के मुताबिक उनका शौहर आए दिन उन्हें परेशान करता था इसलिए उसने अपने शौहर का गला रेत दिया। पुलिस ने शमा को गिरफ्तार कर के जेल भेज दिया है। पुलिस ने यह खुलासा शनिवार (17 सितम्बर 2022) को किया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला अकराबाद थानाक्षेत्र के कस्बा कोडियागंज का है। भावुद्दीन की हत्या के बाद अगस्त 2022 में उनके भाई फखरुद्दीन ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाते हुए लिखवाया था कि अज्ञात लोगों द्वारा उनके भाई की गला रेत कर हत्या कर दी गई। घटना लगभग आधी रात की थी जब तमाम लोग सो रहे थे। इसके बाद पुलिस ने IPC की धारा 302 और 328 में FIR दर्ज कर के आरोपित की तलाश शुरू की।

इसी मामले की तफ्तीश करते हुए पुलिस को जानकारी मिली कि भावुद्दीन और उसकी बीवी शमा के बीच आए दिन झगड़े होते थे। पुलिस ये एंगल जानकर इसकी छानबीन शुरू की और मृतक की बीवी शमा से पूछताछ हुई। पूछताछ में शुरू में तो शमा इधर-उधर की बातें करती रही लेकिन थोड़े ही समय में उन्होंने सब कुछ सच-सच उगल दिया। शमा ने अपनी प्रताड़ना के चलते अपने शौहर को मारने की बात कबूल कर ली। अरोपिता ने यह भी बताया कि उसने कत्ल से पहले अपने शौहर के हाथों और पैरों को चारपाई से बाँध दिया था।

अलीगढ़ पुलिस के मुताबिक प्रकरण पुराना है और आरोपित को जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने शमा से वो हँसिया (फसल काटने वाला धारदार हथियार) भी बरामद कर लिया जिसका प्रयोग भावुद्दीन की गर्दन रेतने के लिए हुआ था। शमा को जेल भेज दिया गया है। DSP अभय पांडेय ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। बताया जा रहा है कि शमा का कस्टडी रिमांड भी हासिल करने का प्रयास किया जा रहा है।

‘भीड़ वाले दरवाजे पर करना चाहते थे तगड़ा ब्लास्ट’ : बंगाल में स्कूल की छत पर बम फेंकने वाले सादिक, रेहान समेत 4 गिरफ्तार, पूछताछ में किए खुलासे

बंगाल के नॉर्थ परगना-24 के टीटागढ़ में स्कूल बिल्डिंग की छत पर बम फेंकने वाले 4 लड़कों को गिरफ्तार किया गया है। इनकी उम्र 18-19 साल की है। पुलिस ने इन्हें शनिवार (17 सितंबर 2022) देर रात गिरफ्तार किया। ये चारों टीटागढ़ के रहने वाले हैं। इनकी पहचान मोहम्मद अरियान, शेख बबलू, सादिक और रेहान के तौर पर हुई है। पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार करके बैरकपुर कोर्ट में पेश किया।

पूछताछ में इन लोगों ने बताया है कि शुरुआत में ये बड़ा तगड़ा क्रूड बम स्कूल के दरवाजे पर फेंकना चाहते थे क्योंकि वहाँ ज्यादा भीड़ हथी। लेकिन बाद में इन्होंने अपना प्लॉन बदला और बराबर की छत पर चढ़कर स्कूल की छतों पर बम फेंक दिए। पुलिस को छानबीन में ये भी पता चला कि इनमें से तीन लड़कों ने उसी स्कूल में पढ़ाई की थी। इसलिए पुलिस को लग रहा है कि किसी निजी दुश्मनी के कारण ऐसा कदम उठाया गया।

पुलिस बम फेंकने वालों से और पूछताछ कर रही है ताकि पता चल सके कि कहीं घटना के पीछे कोई और कारण तो नहीं था। पुलिस को उनमें से एक आरोपित के घर से 10 क्रूड बम बरामद हुए हैं।

स्कूल के ऊपर फेंके गए बम

गौरतलब है कि बंगाल के टीटागढ़ में 17 सितंबर को 11 बजे साउथ स्टेशन पर स्थित फ्री इंडिया हाईस्कूल की छत पर बम फटा था। इस स्कूल में 1300 छात्र-छात्राएँ हैं। यहाँ कल जिस समय स्कूल में विस्फोट हुआ, उस समय स्कूल में सेकेंड पीरियड चल रहा था। विस्फोट में स्कूल की छत का एक हिस्सा उड़ गया। इसके बाद स्कूल में भगदड़ मच गई।

जैसे ही विस्फोट हुआ स्कूल के शिक्षक छत की ओर भागे। उन्होंने देखा कि हर तरफ बम के टुकड़े फैले हुए हैं। इस घटना के बाद छात्र और अभिभावक दहशत में आ गए। हालाँकि, घनी आबादी में स्थित होने के बावजूद गनीमत यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई।

स्कूल के शिक्षक खालिद तैयब ने बताया था, “धमाका बहुत जोरदार था। उस वक्त हम स्टाफ रूम में बैठे थे। पहले तो हमें लगा कि बाहर कोई बम मारा है। इसके बाद बाहर निकल कर देखा तो स्कूल से धुँआ निकल रहा है। उसके बाद हम छत पर आए तो देखा कि चारों ओर बम के छींटे बिखरे हुए थे। अगर टिफिन के दौरान विस्फोट होता तो बड़ा हादसा हो सकता था।”

जिस जसीम से हुआ मिस्ड कॉल पर प्यार, वो निकाह के अगले दिन 2.5 लाख रुपए लेकर भागा: सलमा सदमे से कोर्ट में बेहोश, पुलिस पर पहुँचा मामला

बिहार के समस्तीपुर से धोखाधड़ी का एक मामला सामने आया है। यहाँ की रहने वाली लड़की को ओडिशा के जसीम नामक व्यक्ति से मिस्ड कॉल के कारण प्यार हो गया और बात निकाह तक आ पहुँची, लेकिन निकाह के अगले ही दिन कोर्ट मैरिज से पहले व्यक्ति लड़की के घरवालों से दहेज में लिए ढाई लाख रुपए लेकर फरार हो गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पीड़िता बिहार के समस्तीपुर में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पोखरा गाँव की रहने वाली हैं। उसका नाम सलसा परवीन (कुछ रिपोर्ट में सलमा प्रवीण) बताया जा रहा है। कथित तौर पर सलमा की जसीम से एक मिस्ड कॉल के बाद बात शुरू हुई थी। बातचीत के दौरान युवती को पता चला कि जसीम पास के ही नरहन गाँव का रहने वाला है।

बातचीत शुरू होने के बाद दोनों में दोस्ती हुई। फिर ये दोस्ती प्यार में भी बदल गई। पास में होने के कारण दोनों ने कई बार मुलाकात भी की। लड़की ने अपने परिवालों को बताया तो वो भी निकाह के लिए मान गए। इसके बाद जसीम कुछ लोगों के साथ सलमा के खानदान से भी मिला और बताया कि वे सभी उसके रिश्तेदार हैं।

निकाह के बाद दूल्हा हुआ फरार

दोनों की निकाह वाली रात जसीम कुछ लोगों के साथ लड़की वालों के यहाँ पहुँचा। इस दौरान सलमा के घरवालों को उसका अब्बा नजर नहीं आया, पूछने पर जसीम ने यह बताया कि उसके दादा की तबीयत खराब होने के कारण अब्बा नहीं आ सके। इसी रात दोनों का निकाह करवाया गया। निकाह के बाद दोनों के बीच कोर्ट मैरिज करने की बात तय हुई।

इसी क्रम में निकाह के अगले दिन सलमा अपने घरवालों के साथ स्थानीय न्यायालय पहुँची, जसीम भी वहाँ मौजूद था। लेकिन इससे पहले मैरिज दस्तावेज पर हस्ताक्षर हों, कुछ लोग वहाँ आ पहुँचे और खुद को जसीम का रिश्तेदार बताकर उसे कोर्ट परिसर से ले गए। जसीम जाते-जाते अपने साथ ढाई लाख रुपए भी ले गया जो उसे सलमा के परिजनों ने दहेज में दिए थे।

कोर्ट में लड़की हुई बेहोश

ये सब अपनी आँखों के आगे होता देख सलमा सदमे से कोर्ट परिसर में ही बेहोश होकर गिर पड़ी। जिसके बाद परिजनों ने उसे सदर अस्पताल भर्ती कराया, जहाँ पर अभी भी उसका इलाज चल रहा है। परिजनों को अभी तक यह भी समझ नहीं आ रहा है कि कोर्ट में आए लोग यदि जसीम के परिजन थे तो फिर निकाह में उसके साथ आने वाले लोग कौन थे। हालाँकि घरवालों ने घटना की सूचना नगर पुलिस को दी है नगर पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

‘पति को मेरी माँ के साथ बिस्तर साझा करने देती हूँ, कभी-कभी छोटी बहन भी करती है जॉइन’: TikTok इन्फ्लुएंसर का खुलासा – हम सब ओपन रिलेशनशिप में

एक TikTok इन्फ्लुएंसर ने दावा किया है कि वो अपनी माँ के साथ अपने पति को सुलाती है और कभी-कभी तो पति से सेक्स के दौरान उनकी बहन भी बिस्तर पर होती हैं। उक्त TikTok इन्फ्लुएंसर का नाम माडी ब्रुक्स है, जो अमेरिका में रहती हैं। टिकटॉक इन्फ्लुएंसर ने बताया कि वो अपने पति को अपनी माँ और बहन के साथ शेयर करती हैं। हालाँकि, इस रिलेशनशिप का खुलासा होने के बाद उन्होंने अपना TikTok अकाउंट डिलीट कर लिया है।

हालाँकि, उनका वो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने इन चीजों के बारे में बात की है। असल में माडी ब्रूक्स का कहना है कि अपने पति को अपनी माँ-बहन के साथ बिस्तर पर शेयर करना उनके लिए फायदेमंद है, खासकर जब वो खुद सेक्स के मूड में नहीं रहती हैं तब। उनका कहना है कि वो और उनकी माँ, दोनों ही ‘Swinger (जीवन का आनंद लेने वाली)’ किस्म की व्यक्ति हैं। उन्होंने कहा, “जब मैं मूड में नहीं रहती हूँ, अपनी माँ को अपने पति को सौंप देती हूँ।”

उन्होंने कहा कि वो इसी तरह की पत्नी हैं और अपनी माँ को अपने पति के साथ हर सप्ताह दो बार बिस्तर साझा करने देती हैं। उन्होंने बताया कि वो, उनकी माँ और उनके पति एक ‘ओपन रिलेशनशिप’ में हैं, कभी-कभी उनकी छोटी बहन भी इसमें शामिल होती हैं। उन्होंने कहा, “मुझे ये देख कर ख़ुशी होती है जब मैं अपने पति को अपनी छोटी बहन के साथ खेलने देती हूँ।” TikTok पर उनका ये खुलासा खासा वायरल हुआ था।

कुछ लोगों ने पूछा कि जब माडी ब्रूक्स के पारी मूड में नहीं रहते हैं, तब वो और उनकी माँ व बहन कहाँ जाती हैं? एक व्यक्ति ने कमेंट में लिखा कि उसके 1 साल के TikTok का कोटा पूरा हो गया है, ऐसे में अब वो कुछ महीनों के लिए इस एप का प्रयोग नहीं करेगा। माडी ब्रुक्स के इस वीडियो पर 70 लाख के करीब व्यूज आ गए थे। हालाँकि, कुछ लोगों ने ये कहते हुए उनका समर्थन भी किया कि चारों लोग एडल्ट्स हैं, ऐसे में वो कुछ भी कर सकते हैं।

कराटे के नाम पर आतंकी ट्रेनिंग कैंप: NIA ने PFI के 23 ठिकानों पर की छापेमारी, 150 युवकों को दंगों के लिए किया जा रहा था तैयार

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) टेरर फंडिंग और आतंकी गतिविधियों के विरुद्ध एक्शन में है। इसी से जुड़े मामले में एजेंसी ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के सदस्यों के कई ठिकानों पर छापेमारी की है। एनआईए ने आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में 23 ठिकानों पर छापेमारी की है। इन सभी जगहों पर एजेंसी की टीम जाँच में जुटी हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एनआईए ने ये छापेमारी कराटे प्रशिक्षण केंद्र के नाम पर संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) द्वारा ट्रेनिंग कैंप चलाए जाने के मामले में की है। एनआईए ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल, नेल्लोर, कडपा, गुंटूर और तेलंगाना के निजामाबाद में संदिग्धों के घर व बिजनेस परिसरों की तलाशी भी ली है। जाँच एजेंसी को इन तमाम जगहों पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी, जिसके आधार पर ही छापेमारी की गई है।

एनआईए की टीम ने नेल्लोर जिले के बुची में इलियास नामक व्यक्ति के घर में छापेमारी की थी। बताया जा रहा है कि इलियास बीते तीन महीनों से लापता है। उस पर आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने का आरोप है। वो यहाँ के खाजा नगर में टिफिन की दुकान चलाता था।

रिपोर्ट के अनुसार, इस छापेमारी के लिए एनआईए की एक टीम रविवार (18 सितंबर, 2022) सुबह ही इलियास के घर पहुँच गई थी। वहाँ उन्होंने उसके परिजनों से कड़ी पूछताछ की थी। इसके अलावा निजामाबाद के कराटे टीचर पर भी बड़ा एक्शन हुआ है।

बताया जा रहा है कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) कराटे ट्रेनिंग कैंप के नाम पर चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैम्प में बड़ी फंडिंग कर रहा है। इसके लिए विदेशी फंडिंग की जानकारी एनआईए को मिली थी। इसके बाद ही यह छापेमारी की है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि PFI द्वारा संचालित इन कराटे ट्रेनिंग सेंटर के नाम पर चल रहे आतंकी ट्रेनिंग कैंप में 150 से अधिक लोगों को हिंसक गतिविधियों के लिए ट्रेंड किया जा रहा था।

इस छापेमारी में एनआईए (NIA) ने कराटे टीचर अब्दुल कादिर पर शिकंजा कसा है। अब्दुल कादिर पर आरोप है कि वह पीएफआई से संबंध के चलते कराटे सिखाने की आड़ में मुस्लिम युवकों को दंगे की साजिश के लिए ट्रेंड कर रहा था।

बता दें, एनआईए ने इस छापेमारी में कुछ डिजिटल उपकरण, दस्तावेज, दो खंजर समेत 8,31,500 रुपए की नकद राशि व कुछ आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। साथ ही चार लोगों हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

गौरतलब है, एनआईए ने पहले ही पीएफआई के जिला संयोजक शादुल्लाह, मोहम्मद इमरान और मोहम्मद अब्दुल मोबिन को गिरफ्तार किया था और अब इनसे पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार लोगों से एनआईए कराटे ट्रेनिंग सेंटर के बारे में अधिक से अधिक जानकारी जुटाने की कोशिश में पूछताछ कर रही है।

‘उसने मुझे गले लगाने और चूमने की कोशिश की’ : 54 साल के कॉन्ग्रेसी नेता पर 20 साल की लड़की ने लगाया यौन शोषण का आरोप, पुलिस ने गिरफ्तार किया

कर्नाटक में एक कॉन्ग्रेस नेता को यौन शोषण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। नेता का नाम मनोज करजागी (54) है। धारवाड़ जिले की हुबली पुलिस ने उसे एक 20 साल की लड़की का उत्पीड़न करने के इल्जाम में पकड़ा है। लड़की ने आरोप लगाया था कि मनोज ने अपने सैलून में उसके साथ बदसलूकी की।

जानकारी के मुताबिक जिस जगह लड़की के साथ बदसलूकी की गई उस सैलून में वह बतौर ब्यूटिशियन काम करती है। सैलून का नाम लेमॉर्ज यूनिसेक्स स्पा एंड सैलून है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया, “मनोज शनिवार को सैलून में आया और वहाँ उसने मुझे गले लगाने और चूमने की कोशिश की।” लड़की के मुताबिक इस घटना के बारे में उसने बॉयफ्रेंड को बताया जिसके बाद वो अपने दो साथियों के साथ आया और कॉन्ग्रेसी नेता को पीटकर गया।

इसके बाद पुलिस में शिकायत हुई और पुलिस ने कॉन्ग्रेस नेता के विरुद्ध केस दर्ज करके उसे गिरफ्तार किया। बाद में उसे कोर्ट में भी पेश किया गया। लेकिन इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अऩुसार उसे गिरफ्तारी के बाद बेल मिल गई जबकि पहले कुछ रिपोर्ट कह रही थीं कि उसे न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। जानकारी के मुताबिक कॉन्ग्रेस की सरकार में वह उत्तर-पश्चिमी परिवहन निगम का निदेशक बनाया गया था।

कॉन्ग्रेस का भी इस तरह उसकी गिरफ्तारी पर कहना है कि मनोज करजागी, सिद्धारमैया सरकार में मंत्री का करीबी था और कई पार्टी गतिविधियों में शामिल रहता था। उसकी सोशल मीडिया पर मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के साथ फोटो भी है जो गिरफ्तारी के बाद वायरल होने लगी हैं।

कॉन्ग्रेस निगम पार्षक पीवी कृष्णकुमार पर भी यौन शोषण का आरोप

इससे पहले केरल पुलिस ने यौन उत्पीड़न के मामले में कॉन्ग्रेस नेता और कन्नूर के निगम पार्षद पीवी कृष्णकुमार को गिरफ्तार किया था। उनके विरुद्ध कन्नूर के एक बैंक की महिला कर्मचारी ने एडक्कड़ थाने में शिकायत दी थी। मामला दर्ज होने के बाद वह काफी टाइम फरार थे। लेकि बाद में उन्हें बेगलुरु में पकड़ा गया था।