Home Blog Page 2418

नोएडा में अब गार्ड को मारती महिला प्रोफेसर का वीडियो वायरल: पिछले महीने महिला वकील ने गार्ड संग की थी मारपीट, ‘बिहारी’ कह दी थीं अश्लील गालियाँ

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक महिला एक सिक्योरिटी गार्ड को लगातार तमाचे मार रही है। इतना ही नहीं, महिला गार्ड को गंदी-गंदी गालियाँ भी दे रही है। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामला नोएडा के फेज-3 के क्लियो काउंटी सोसायटी का बताया जा रहा है। कहा जा रहा है कि जिस महिला ने गार्ड के साथ गाली-गलौच और मारपीट की है, वह प्रोफेसर है। इसकी शिकायत थाने में कर दी गई है।

बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक महिला वकील का भी नोएडा से वीडियो वायरल हुआ था। इसमें भव्या राय नाम की महिला वकील गार्ड को गंदी-गंदी गालियाँ दे रही थी। इसके साथ ही वह अश्लील इशारे भी कर रही थी और गार्ड के साथ धक्का-मुक्की कर रही थी। बाद में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था।

इस वीडियो में आवाज नहीं है, लेकिन स्पष्ट दिख रहा है कि एक महिला आती है और गेट के पास खड़े गार्ड को कहते हुए उसे तमाचे मारने लगती है। गार्ड पीछे हटते जाता है और महिला आगे बढ़कर मारती जाती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला प्रोफेसर गार्ड को भद्दी-भद्दी गालियाँ दे रही थी। ये सारी घटना वहाँ लगे CCTV फुटेज में कैद हो गई है।

बता दें कि पिछले महीने भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। घटना नोएडा के ही जेपी सोसायटी की थी। इस मामले में गालीबाज महिला वकील भव्या रॉय को गिरफ्तार कर लिया गया था। हालाँकि, बाद में स्थानीय कोर्ट ने उस महिला वकील को जमानत दे दी थी। बताया गया था कि महिला उस सोसायटी में किराए पर रहने के लिए आई थी।

सोसायटी के ‘रेसिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन (RWA)’ ने फ्लैट के मालिक को उक्त गालीबाज महिला को निकाल बाहर करने के लिए भी कहा था। थाना सेक्टर-126 के तहत आने वाली जेपी विशटाउन सोसायटी के प्रबंधन ने जानकारी दी कि महिला कुछ ही दिन पहले यहाँ रहने आई थी। महिला वहाँ किराए पर रहती है, इसीलिए फ्लैट के असली मालिक को उससे घर खाली कराने को कहा गया था।

दरअसल गेट खोलने में देर करने के बाद महिला ने भड़क कर सिक्योरिटी गार्ड्स को गंदी-गंदी गालियाँ सुनाई थी। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। महिला के खिलाफ IPC (भारतीय दंड संहिता) की धाराओं 153-A (भाषा/नस्ल को लेकर अपमानजनक टिप्पणी), 323 (किसी को स्वेच्छा से चोट पहुँचाना), 504 (उकसाना), 505(2) (विभिन्न समुदायों में वैमनस्य पैदा करना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत गिरफ्तार किया गया है।

वहीं सिक्योरिटी गार्ड अनूप कुमार ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि उक्त महिला वकील की गाड़ी के आगे एक और गाड़ी लगी थी, ऐसे में उन्होंने जाकर उससे कहा कि कुछ समय और लगेंगे तो वो भड़क गई। उन्होंने बताया कि महिला नशे में थी और उनकी गाली देते हुए उनकी वर्दी भी फाड़ डाली। गार्ड ने कहा कि हम गार्ड लोगों को भी इज्जत दी जानी चाहिए। भाव्या रॉय सोसाइटी में टॉवर-15 के फ्लैट संख्या 901 में रहती है। आरोप है कि उसने गार्ड को जान से मार डालने की धमकी भी दी।

‘गणेश भगवान बॉलीवुड हस्तियों को सद्बुद्धि दे’ : एक्टर श्रेयस तलपड़े ने ‘आलिया भट्ट का घमंड’ देख दिया जवाब, कहा- ‘दर्शक आपको देखना छोड़ देंगे’

सोशल मीडिया में बॉलीवुड को पूरी तरह से बायकॉट करने का अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे में सुनील शेट्टी, अर्जुन कपूर, स्वरा भास्कर और आलिया भट्ट जैसी कई बॉलीवुड स्टार्स ने इस बायकॉट को लेकर ‘विवादित’ बयान दिए हैं। हालाँकि, इन तमाम नामों के बीच एक्टर श्रेयस तलपड़े ने न्यूज18 लोकमत के गणेश चतुर्थी विशेष कार्यक्रम के दौरान आलिया भट्ट समेत अन्य लोगों के अहंकारी बयान का कड़ा विरोध जताया।

श्रेयस तलपड़े ने आलिया भट्ट को दर्शकों का सम्मान करने की सलाह दी है। दरअसल, आलिया भट्ट ने ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले कहा था, “यदि तुम मुझे पसंद नहीं करते हो, तो मत देखो।” इस बयान की सोशल मीडिया में कड़ी निंदा की गई थी।

न्यूज18 लोकमत के इस विशेष कार्यक्रम में जब श्रेयस तलपड़े से यह पूछा गया कि वह इस वर्ष भगवान गणपति से क्या चाहते हैं तो उन्होंने कहा “मैं चाहता हूँ भगवान गणेश बॉलीवुड की मशहूर हस्तियों को ‘बॉलीवुड का बहिष्कार’ करने पर अहंकारी बयान देने के विषय में ज्ञान दें। बॉयकॉट कॉल्स को लेकर बॉलीवुड इंडस्ट्री की तरफ से आ रहे बयान सही नहीं हैं।”

आलिया भट्ट के बयान ‘अगर तुम मुझे पसंद नहीं करते तो मुझे मत देखो’ पर श्रेयस ने कहा, “यह कहना बहुत गलत है कि अगर आप मुझे पसंद नहीं करते हैं तो मेरी फिल्में न देखें। इस तरह आप दर्शकों से खुद को अलग कर लेंगे। एक एक्टर तब तक मौजूद रहता है जब तक दर्शक उसे पसंद नहीं करते।”

श्रेयस तलपड़े ने अपनी बात पर जोर देते हुए कहा, “यदि आपका प्रेमी या जीवनसाथी किसी कारण से नाखुश है, तो क्या आप उसे दूर जाने के लिए नहीं कहेंगे। बल्कि, हम उन्हें मनाने की कोशिश करेंगे और गलती के लिए माफी माँगकर उनका विश्वास फिर से हासिल करेंगे।”

आलिया भट्ट का विवादित बयान

बता दें, ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले आलिया भट्ट के बयान ने विवाद पैदा कर दिया था। एक इंटरव्यू के दौरान आलिया भट्ट ने कहा था, “मैं हमेशा विरोध का बचाव नहीं करूँगी। जो लोग मुझे पसंद नहीं करते वे मेरी फिल्म नहीं देखें। मैं इसके लिए कुछ नहीं कर सकती।”

ब्रह्मास्त्र: एक ‘किंग साइज फेल्यर’

इन तमाम बयानों और बायकॉट ट्रेंड के बीच करण जौहर के महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ब्रह्मास्त्र ने दर्शकों को अधिक प्रभावित नहीं किया है। साथ ही, फिल्म समीक्षकों ने भी इसे औसत बताया है। जाने-माने फिल्म समीक्षक तरण आदर्श ने शुक्रवार को ट्विटर पर फिल्म की समीक्षा की। उन्होंने फिल्म को पूरी तरह से खारिज कर दिया, इसे ‘किंग साइज फेल्यर’ करार दिया। उन्होंने, अयान मुखर्जी के डायरेक्शन में बनी इस फिल्म को मात्र 2 स्टार दिए हैं।

गौरतलब है, तरण आदर्श अकेले फिल्म समीक्षक नहीं हैं जिन्होंने फिल्म को औसत बताया है। बल्कि, कई अन्य फिल्म समीक्षकों और मीडिया आउटलेट्स ने फिल्म को 5 में से 1.5 से 2.5 स्टार तक की बेहद खराब रेटिंग दी है।

1000 DTC बसों के घोटाले में फँसी केजरीवाल सरकार, LG ने सौंपी CBI को पूरी जाँच: AAP ने सफाई में कहा- ‘हमने तो बस खरीदी ही नहीं’

दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना (Delhi Lieutenant Governor VK Saxena) ने आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा की गई बस खरीद मामले से जुड़ी घोटाले की जाँच सीबीआई (CBI) को दे दी है। इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) और उनकी पार्टी से जुड़े नेताओं की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

मामला दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के लिए खरीदी गईं 1,000 लो-फ्लोर बसों की खरीद से जुड़ा है। इसके पहले LG ने दिल्ली में हुए शराब घोटाले की जाँच भी CBI को सौंप दी थी। इस मामले में जाँच एजेंसी ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के घर पर छापेमारी भी की थी।

उपराज्यपाल वीके सक्सेना बस खरीद घोटाले की जाँच CBI को सौंपने का फैसला राज्य के मुख्य सचिव की रिपोर्ट मिलने के बाद ली है। एलजी के इस फैसले के बाद राजनीति भी शुरू हो गई है। भाजपा (BJP) और आदम आदमी पार्टी (AAP) एक दूसरे पर आरोप लगा रही है।

उपराज्यपाल के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी ने कहा कि बसों की कभी खरीद हुई ही नहीं, क्योंकि उसका टेंडर ही रद्द कर दिया गया था। आम आदमी पार्टी की सरकार ने कहा कि दिल्ली को और शिक्षित उपराज्यपाल की जरूरत है, क्योंकि वर्तमान एलजी को पता नहीं नहीं कि वे किस चीज पर हस्ताक्षर कर रहे हैं।

दिल्ली सरकार ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ निराधार शिकायत के बाद अब चौथे मंत्री की शिकायत की जा रही है। इस तरह की जाँचों का कोई नतीजा नहीं निकला है।

दिल्ली सरकार ने आरोप लगाया उपराज्यपाल खुद गंभीर भ्रष्टाचार में फँसे हुए हैं, इसलिए लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्हें सबसे पहले अपने ऊपर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों पर जवाब देना चाहिए। AAP ने कहा कि खादी ग्रामोद्योग का अध्यक्ष रहते हुए वर्तमान उपराज्यपाल ने 1400 करोड़ रुपए का घोटाला किया और बिना टेंडर निकाले अपनी बेटी को ठेका दिया था।

उधर, भाजपा ने मामले की जाँच सीबीआई से कराने के उपराज्यपाल के फैसले का स्वागत किया है। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार का भ्रष्टाचारी चेहरा सामने आ गया है। वहीं, हरीश खुराना ने कहा कि दिल्ली सरकार के मंत्रियों को बर्खास्त किया जाना चाहिए।

गुलाम अली को ‘गुलाम नबी’ समझ बैठीं ‘2 BHK पत्रकार’, कॉन्ग्रेसी नेता भी कन्फ्यूज: लोगों ने लताड़ा, अब दोनों के ट्वीट डिलीट

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू (President Draupadi Murmu) द्वारा शनिवार (10 सितंबर 2022) को जम्मू-कश्मीर के गुर्जर मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखने वाले गुलाम अली को राज्यसभा के लिए मनोनीत किए जाने के बाद कॉन्ग्रेसी नेता और वामपंथी पत्रकार कन्फ्यूज हो गए। उन्हें लगा कि ये गुलाम अली कोई और नहीं बल्कि कॉन्ग्रेस छोड़ने वाले गुलाम नबी आजाद हैं। इसी कन्फ्यूजन में उन्होंने अपने ट्वीट भी किए और अपनी फजीहत भी करवाई।

जैसे मीडिया गिरोह की पत्रकार रोहिणी सिंह ने भी गुलाम अली को, गुलाम नबी आजाद समझ लिया और उन पर आरोप लगाते हुए कहा, इस्तीफा देने से लेकर अब तक जो भी हुआ है यह सब दिल्ली में बंगला हासिल करने के लिए था। रोहिणी सिंह ने ट्वीट किया, “जाहिर तौर पर यह नाटक और छोटे-मोटे नखरे इसके लिए ही थे। क्लासिक लुटियंस दिल्ली के बीचों-बीच एक बंगले के बिना एक दिन भी नहीं रह सकते हैं।”

रोहिणी सिंह के इस ट्वीट से साफ पता चल रहा है कि उन्होंने अपनी कुंठा निकालने की हड़बड़ी में तथ्य नहीं जाँचे। उनके ट्वीट के बाद यूजर्स उनका मजाक उड़ाने लगे। उन्हें बताया गया कि वो गुलाम नबी नहीं, गुलाम अली हैं। बीजेपी मुंबई के प्रवक्ता सुरेश नाखुआ ने चुटकी लेते हुए कहा “2BHK पत्रकार गुलाम अली को गुलाम नबी आजाद समझ लेते हैं।”

कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन का ट्वीट

इसी तरह कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन ने भी इस संबंध में ट्वीट किया और गुलाम अली को गुलाम नबी कहते हुए लिखा कि अब समझ आ गया है कि उनका इस्तीफा किसने लिखा था।

अजय माकन ने ट्वीट करते हुए लिखा, “आखिर खबर आ ही गई है आजाद साहब, राज्यसभा में राष्ट्रपति द्वारा मनोनीत। तो अब यह तय हो ही गया कि गुलाम नबी आजाद का इस्तीफा किसने लिखा था। आजाद साहब के समर्थक एवं उनके साथ संपर्क रखने वाले भी संज्ञान लें कि डोर किसी और के हाथों में है। जो न समझे वो अनाड़ी है।”

अजय माकन के इस ट्वीट पर बीजेपी मुंबई के प्रवक्ता सुरेश नाखुआ ने फिर जवाब दिया। नाखुआ ने कॉन्ग्रेस नेताओं को पप्पू का पपलू बताते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस नेताओं का आईक्यू लेवल 2BHK पत्रकारों के जैसा है।

सुरेश नाखुआ ने ट्वीट किया “कॉन्ग्रेस नेताओं उर्फ पप्पू का पपलू का आईक्यू लेवल 2BHK पत्रकारों से मेल खाता है।”

हालाँकि, सुरेश नाखुआ के जवाब देने के बाद 2BHK पत्रकार रोहिणी सिंह और कॉन्ग्रेस नेता अजय माकन दोनों ने ही अपना ट्वीट डिलीट कर दिया है। अब लोग दोनों के ट्वीट के स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए इन्हें लताड़ लगा रहे हैं और समझा रहे हैं कि नतीजों पर इतनी जल्दी नहीं पहुँचना चाहिए।

गुलाम नबी आजाद से क्यों चिढ़ी है कॉन्ग्रेस?

बता दें, गत माह गुलाम नबी आजाद ने कॉन्ग्रेस को अनपढ़ों की जमात बताते हुए पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। साथ ही उन्होंने अपनी अलग पार्टी बनाने का भी ऐलान किया था। हालाँकि, उनकी पार्टी का नाम और चिन्ह क्या होगा यह अब तक सामने नहीं आया है। लेकिन, उनके पार्टी से इस्तीफा देने के बाद जिस तरह से कॉन्ग्रेस के हजारों कार्यकर्ताओं और कई बड़े नेताओं ने उनके समर्थन के लिए कॉन्ग्रेस से इस्तीफा दिया है। उससे, यह स्पष्ट है कि देशभर में कमजोर हो चुकी कॉन्ग्रेस को गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे के बाद बड़ा झटका लगा है। इसी क्रम में उनके इस्तीफे के बाद कई कॉन्ग्रेसी नेताओं और प्रवक्ताओं ने उन पर अपमानजनक टिप्पणी की थी।

रोहिणी सिंह को क्या 2BHK पत्रकार कहते हैं?

बता दें, रोहिणी सिंह विवादों में इसलिए रहती हैं क्योंकि साल 2010 में, कॉन्ग्रेस के शासनकाल के दौरान, एक घोटाला सामने आया था जिसमें पत्रकार बरखा दत्त और एमके वेणु (जो द वायर के संस्थापक संपादक हैं, जहाँ अब रोहिणी सिंह काम करती हैं) कॉर्पोरेट लॉबिइंग नीरा राडिया के साथ सम्पर्क थे। एमके वेणु को कॉरपोरेट लॉबिस्ट नीरा राडिया से अनुरोध करते हुए सुना गया था कि वो रोहिणी सिंह को अपने (लॉबीस्ट के) सर्कल (राजनेताओं, व्यापारियों, लॉबिस्टों आदि) में इंट्रोड्यूज़ करें। यही नहीं, नीरा राडिया के बारे में पता चला था कि वो यूपीए सरकार से अपने कॉर्पोरेट ग्राहकों के लिए अनुकूल सौदे करने के लिए पत्रकारों का इस्तेमाल कर रही थीं।

रोहिणी सिंह वर्तमान में द वायर में ही काम कर रही हैं। उनको 2BHK पत्रकार इसलिए कहा जाता है क्योंकि उत्तर प्रदेश चुनावों से पहले, यह अफ़वाह थी कि रोहिणी सिंह को समाजवादी पार्टी द्वारा 2BHK अपार्टमेंट प्राप्त हुआ था। इस तरह की अफ़वाह इसलिए उड़ी थी क्योंकि रोहिणी सिंह ने अपने लेख में ऐसा ज़िक्र किया था कि आने वाले समय में प्रदेश में समाजवादी पार्टी सत्ता में आएगी। इसके बाद, चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद, वह अचानक गायब हो गई थीं और महीनों तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी थी। हालाँकि, ये आरोप केवल आरोप ही बने रहे और इन आरोपों को पुष्टि करने का कोई सबूत अभी तक सामने नहीं आया है।

कॉन्स्टेबल कादिर की मार से बचने के लिए कुएँ में कूदा हिन्दू युवक, डूबने से मौत: पुलिस ने आत्महत्या बताया, परिजन कर रहे FIR की माँग; Video

पाकिस्तान के हैदराबाद में पुलिस के डर से भाग रहे एक दलित समुदाय के हिन्दू युवक की कुएँ में गिर कर मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि मृत व्यक्ति का नाम आलम कोहली था जिसे कादिर नाम का पुलिस वाला पीटने के लिए दौड़ा रहा था। पीड़ित तैर नहीं पाता था इसलिए कुएँ में कूदने के बाद उसकी डूब कर मौत हो गई। आलम के पीड़ित परिवार ने आरोपित पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की माँग की है। घटना गुरुवार (8 सितम्बर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला सिंध के टंडो मोहम्मद खान इलाके का है। पीड़ित हिन्दू परिवार का कहना है कि घटना के दिन आलम कोहली और पुलिस के सिपाही कादिर के बीच सरकारी अस्पताल में झगड़ा हुआ था। यह झगड़ा बाद में नोकझोंक में बदल गया और सिपाही ने मृतक को मारने के लिए दौड़ा लिया। भाग रहे आलम को जब बचने का कोई रास्ता नहीं मिला तब वह एक कुएँ में कूद गया जहाँ डूबने से उनकी मौत हो गई।

35 वर्षीय आलम कोहली के परिवार वालों ने बताया कि मृतक को 2 दिनों से बुखार था जिसकी वो दवा लेने अस्पताल में जा रहा था। आलम की मौत के विरोध में पीड़ित परिवार ने हैदराबाद-सुजवल रोड को जाम कर दिया और आरोपित पुलिसकर्मी पर FIR के साथ अन्य कार्रवाई की माँग करने लगे। इस घटना का CCTV फुटेज भी वायरल हो रहा है जिसमें एक जगह पर सिपाही आलम को मारने दौड़ता दिखाई दे रहा है। वहीं वीडियो के एक अन्य हिस्से में कुछ लोग कुएँ में उतर कर आलम की लाश तलाश रहे हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आलम की मौत को पुलिस ने आत्महत्या में दर्ज किया है। इसी वीडियो में आलम के परिजनों को रोते सुना जा सकता है। वो आलम की मौत को पुलिस द्वारा की गई हिंसा बताया है।

‘आत्महत्या करने वाले ASI के परिवार में 2 बीवी और 10 बच्चे’: ANI की खबर पर भड़का मोहम्मद जुबैर, लोगों ने पूछा- मजहब की बात पर शर्म कैसी?

प्रोपेगेंडा वेबसाइट ऑल्ट न्यूज (ALTNews) के को-फाउंडर और हिंदुओं की धार्मिक भावना उकसाने के आरोपित एवं कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबैर (Mohammad Zubair) ने एक बार फिर घृणा का प्रदर्शन किया है। यह घृणा है न्यूज एजेंसी के खिलाफ मुस्लिम पुलिसकर्मी की खबर को लेकर।

दरअसल, 10 सितंबर 2022 (शनिवार) को दिल्ली पुलिस के ASI यूनुस खान ने अपने घर पर आत्महत्या कर ली थी। इसी खबर को ANI ने ट्वीट कर दी थी। अपने ट्वीट में ANI ने लिखा, “दिल्ली पुलिस के एक ASI यूनुस खान मीरदर्द रोड स्थित अपने आवास पर मृत पाए गए। उनके शरीर पर कोई चोट नहीं थे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। अपराध शाखा, कमला मार्केट में तैनात यूनुस के परिवार में 2 पत्नियाँ और 10 बच्चे हैं।”

इस ट्वीट को देखकर जुबैर भड़क उठे। उन्होंने ANI को प्रोपेगेंडा साइट तक बता दिया। ANI की इस खबर को शेयर करते हुए जुबैर ने लिखा, “उनकी (ASI की) की मौत के बारे में रिपोर्ट करने के बजाय प्रोपेगेंडा न्यूज एजेंसी उनकी पत्नियों और बच्चों की संख्या के बताने में अधिक रुचि रखती है। जैसा कि इस तरह टिप्पणियों और कोट अपेक्षित था।”

दरअसल, जब न्यूज एजेंसी ने इस खबर को ट्वीट किया तो सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान मृतक की पत्नी और बच्चों पर गया। लोगों ने देखा कि एक ASI स्तर का अधिकारी दो-दो पत्नियाँ रखा है और सरकार द्वारा परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के बावजूद वह 10 बच्चों का पिता है।

इसके बाद न्यूज एजेंसी के इस ट्वीट पर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रिया देने लगे। लोगों ने कटाक्ष करना शुरू कर दिया और बताया कि अब सरकार को मृतक की इतने बड़े परिवार का ध्यान रखना चाहिए। इन टिप्पणियों को देखकर ही जुबैर दरअसल असहज महसूस करने लगे, जिसका जिक्र उन्होंने अपने ट्वीट में भी किया है। अंत में उन्होंने खबर को लेकर न्यूज एजेंसी पर ही सवाल उठा दिया।

दरअसल, किसी के मरने की खबर को लेकर मीडिया में ये बताने की रवायत है कि मृतक के बाद उसके परिवार में अब कौन है। ANI भी अपने पहले हर ट्वीट में इस तरह ही खबरों को पेश किया है। आमतौर पर किसी आदमी के मरने के बाद खबर को बताने का यही स्टैंडर्ड तरीका भी है।

इस खबर को लेकर जुबैर द्वारा सवाल उठाने पर सोशल मीडिया उन्हें ही घेरने लगे हैं। साथ ही जुबैर की इस एकतरफा सोच पर कटाक्ष भी करने लगे हैं। गोविंद द्विवेदी नाम के यूजर ने जुबैर से पूछा, “आप कैसे कह सकते हैं कि ANI गलत है। वे इसे सरकार के सामने रखना चाहते हैं, ताकि सरकार उनकी (ASI की) मृत्यु के बाद उनके बड़े परिवार के लिए कुछ कर सके।”

foolmanual नाम के एक ट्विटर हैंडल ने सवाल किया, “आपका धर्म जिस चीज की पुरजोर वकालत करता है उस पर आपको शर्म क्यों आती है? अब इतनी हीन भावना क्यों?”

‘मैं बदला लेने लौटा हूँ’ : KRK ने जेल से रिहा होने के बाद किया ट्वीट, बेटे ने कहा था- ‘अब्बा को जान का खतरा है’

जेल से रिहा होने के बाद फिल्म समीक्षक KRK (कमाल राशिद खान) ने एक ट्वीट किया है जिसमें उन्होंने लिखा कि वह बदला लेने के लिए वापस आए हैं। यह ट्वीट केआरके ने रविवार (11 सितम्बर 2022) को सुबह 08:11 बजे किया है। कमाल खान को 29 अगस्त 2022 को दिवंगत ऋषि कपूर और इरफान खान के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। मुंबई की बोरिवली कोर्ट ने बुधववार (7 सितम्बर 2022) को जमानत दे दी थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक खान को युवा सेना के सदस्य राहुल कनाल की शिकायत पर गिरफ्तार किया गया था। यह शिकायत अप्रैल 2020 में दर्ज करवाई गई थी। केआरके ने बेटे फैसल कमाल ने 8 सितम्बर 2022 ट्विटर पर गुहार लगाते हुए अपने अब्बा की जान को खतरा बताया था। फैसल ने बताया कि जेल में उनके अब्बा को प्रताड़ित किया जा रहा है जहाँ उनके साथ कुछ भी हो सकता है। अपने ट्वीट में केआरके के बेटे ने रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मदद माँगी थी।

सोशल मीडिया पर कई हैंडलों ने साल 2020 में की गई शिकायत पर केआरके की अब गिरफ्तारी होने पर सवाल खड़े किए हैं। उनके मुताबिक ऐसा बॉलीवुड अभिनेताओं और डॉयरेक्टरों को चिढ़ाने के चलते किया गया। हाल ही में KRK ने आमिर खान की बेहद फ्लॉप रही फिल्म लाल सिंह चड्ढा पर तंज कैसा था। इसी के साथ उनकी गिरफ्तारी को करण जौहर और रणबीर कपूर की नई रिलीज़ ब्रह्मास्त्र से भी जोड़ा गया।

कई ट्विटर यूजर्स का मानना है कि ब्रह्मास्त्र की रिलीज से पहले ही केआरके को जेल में इसलिए डाल दिया गया क्योंकि करण जौहर अपनी फिल्म के KRK द्वारा संभावित सटीक आँकलन से डर रहे थे। फिलहाल लोग यह जानने के लिए उत्सुक हैं कि रिहा होने के बाद कमाल खान ब्रह्मास्त्र का अपने अंदाज़ में रिव्यू करेंगे या नहीं। कुछ लोगों का केआरके के लौटने पर कहना है- ‘लीजेंड इज बैक।’ कुछ कह रहे हैं कि उन्हें ब्रह्मास्त्र फिल्म के रिव्यू का इंतजार है।

कार्टून में भेड़िये से लड़ते भेड़, हॉन्गकॉन्ग के 5 डॉक्टरों को देशद्रोह की सजा: चीन को भेड़िये के रूप में दिखाने का आरोप

हॉन्गकॉन्ग के पाँच स्पीच थैरेपी डॉक्टरों को देशद्रोही कंटेंट वाले बच्चों की किताबें प्रकाशित करने की साजिश रचने के आरोप में 19 महीने की जेल की सजा सुनाई गई है। इन किताबों में भेड़ और भेड़ियों के कार्टून थे। इन कार्टून को सरकार विरोधी माना गया और उन पर राजद्रोह का आरोप लगाया गया।

इन डॉक्टरों पर आरोप है उन्होंने तीन ऐसी किताबें प्रकाशित करवाईं, जिनमें भेड़ों को भेड़ियों से लड़ने वाले कार्टून दिखाए गए थे। इन किताबों में साल 2019 में शहर में बड़े पैमाने पर हुए लोकतंत्र समर्थक विरोध प्रदर्शनों का उल्लेख किया गया है।

इसके अलावा इन किताबों में साल 2020 की उस घटना का भी उल्लेख है, जिसमें 12 लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनकारी स्पीडबोट से भागकर हॉन्गकॉन्ग जा रहे थे, लेकिन उन्हें चीन के तटरक्षक बलों ने पकड़ लिया था और उनके बोट को अपने कब्जे में ले लिया था।

एक किताब में दिखाया गया है कि भेड़िये एक गाँव पर कब्जा करना चाहते हैं और भेड़ों को खाना चाहते हैं। इससे बचने के लिए गाँव के भेड़ उन आक्रमणकारी भेड़ियों से लड़ना शुरू कर देते हैं। इसमें बीजिंग को भेड़िये और हॉन्गकॉन्ग को भेड़ों के गाँव के रूप में प्रदर्शित किया गया है।

इस मामले को लेकर जिला न्यायालय के न्यायाधीश क्वोक वाई किन ने कहा कि प्रतिवादियों को प्रकाशन या शब्दों के कारण नहीं, बल्कि बच्चों के दिमाग को नुकसान पहुँचाने की कोशिश के कारण दंडित किया गया। ये डॉक्टर पिछले 13 महीनों से जल में बंद हैं।

क्वोक ने कहा, “प्रतिवादियों ने 4 साल और उससे अधिक उम्र के बच्चों के साथ जो किया है, वह वास्तव में बहुत छोटी उम्र की बच्चों को उनके विचारों और मूल्यों को स्वीकार करने के लिए ब्रेन वॉशिंग का प्रयास था।” इसके बाद के 26 से 29 की आयु के लोरी लाई, मेलोडी येउंग, सिडनी एनजी, सैमुअल चैन और मार्को फोंग को दोषी ठहरा दिया गया।

साल 2019 के विरोध और 2020 में बीजिंग द्वारा हॉन्गकॉन्ग पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू करने के बाद से पहली बार है जब किसी पर देशद्रोह का मामला चला। इस केस को अधिकारियों ने देश में स्थिरता बहाल रखने के लिए महत्वपूर्ण बताया।

चीन की यह कार्रवाई साल 2020 में हॉन्गकॉन्ग में लागू की गई नए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू के विरोध एवं असंतोष के दमन के तहत की गई है। बीजिंग का कहना कि शहर में स्थिरता के लिए यह कानून जरूरी। वहीं, आलोचकों का कहना है कि असंतोष का दमन करने और हॉन्गकॉन्ग की स्वायत्तता को कमजोर करने के लिए इस कानून को लाया गया है।

बता दें कि हॉन्गकॉन्ग चीन का एक विशेष प्रशासनिक क्षेत्र है और इसमें ‘एक देश, दो प्रणाली‘ सिद्धांत लागू है। इसके तहत शहर को कुछ स्वतंत्रता हासिल है। इन डॉक्टरों के वकीलों को उम्मीद है कि इन्हें एक महीने के भीतर रिहा किया सकता है, क्योंकि वे एक साल से अधिक समय जेल में बिता चुके हैं।

कोरोना वैक्सीन कंपनी वाले अदार पूनावाला का वॉट्सऐप मैसेज – 10101554 रुपए जल्दी भेजो, ऑनलाइन ट्रांसफर के बाद मैनेजर को पता चला फर्जीवाड़ा

कोरोना वैक्सीन कोविशील्ड बनाने वाली सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) से एक करोड़ रुपए से ज्यादा की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले की शिकायत महाराष्ट्र के पुणे जिले में की गई है। बताया जा रहा है कि जालसाजों ने कंपनी के सीईओ अदार पूनावाला के नाम से फर्जी मैसेज भेज कर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा था। घटना बुधवार और गुरुवार (7-8 सितम्बर) के बीच की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना की FIR बुंडगार्डन थाने में हुई है। पुलिस अधिकारी इंस्पेक्टर प्रताप मानकर ने बताया कि सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया और अदार पूनावाला से संबंधित फर्जीवाड़ा मामले की शिकायत अज्ञात लोगों के खिलाफ IT एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं में दर्ज हुई है।

कम्पनी के फाइनेंस मैनेजर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के डॉयरेक्टरों में से एक सतीश देशपांडे को एक व्यक्ति ने व्हाट्सएप मैसेज भेज कर खुद को अदार पूनावाला बताया। शिकयत में आगे कहा गया है कि मैसेज करने वाले ने देशपांडे से तुरंत पैसे ट्रांसफर करने के लिया कहा। इसके लिए कुछ बैंक खाते दिए गए।

शिकायत में आगे बताया गया है कि अज्ञात व्यक्ति के मैसेज को कम्पनी के सीईओ का आदेश मान कर सीरम इंस्टिट्यूट के आधिकारियों ने तुरंत दिए गए खाते में 1,01,01,554 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। जानकारी के मुताबिक बाद में कम्पनी के सीईओ अदार पूनावाला ने पैसे के लिए कोई भी मैसेज भेजने से इनकार किया, तब इस केस में हुई धोखाधड़ी का पता चला। पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है।

गौरतलब है कि सीरम इंस्टिट्यूट का पुणे के पास एक प्लांट है, जहाँ कोविशील्ड टीकों का निर्माण चल रहा है। कुछ ही दिन पहले सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला ने जानकारी दी थी कि वो अपने ग्लोबल पार्टनर Novavax के साथ मिलकर मंकीपॉक्स की mRNA वैक्सीन बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं।

आफताब ने पुष्पेंद्र बन की शादी, गर्भवती होने पर मुहर्रम के दिन खुला मुस्लिम होने का राज: दुधमुँही बच्ची ले पूजा सिंह माँग रहीं न्याय

झारखंड के गढ़वा में लव जिहाद का एक नया मामला सामने आया है। यहाँ पूजा सिंह नाम की लड़की ने आफताब अंसारी नाम के युवक पर खुद को पुष्पेंद्र नाम से धोखे में रख कर शादी करने और 3 साल बाद बेसहारा करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने अपने पति और उसके परिजनों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत शनिवार (10 सितम्बर 2022) को दर्ज करवाई गई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला श्री बंशीधर नगर प्रखंड का है। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के चोपन थानाक्षेत्र के गुरमा गाँव की मूलनिवासी हैं पूजा। उन्होंने बताया कि उसके पड़ोस में दवा की दुकान पर आफ़ताब अंसारी रहता था। बताया जा रहा है कि वकील अंसारी का बेटा आफ़ताब पूजा सिंह से अपना नाम पुष्पेंद्र बताता था। इस दौरान दोनों की मुलाकात होने लगी और धीरे-धीरे ये मुलाक़ात प्यार में बदल गई। आफ़ताब मूल रूप से झारखंड के गढ़वा मेराल थाना क्षेत्र के सोहबरिया गाँव का रहने वाला है।

पीड़िता द्वारा दी गई शिकायत के मुताबिक आफ़ताब से मुलाकात के 6 माह बाद दोनों ने शादी कर ली थी और पड़ोस के ही जिले मिर्जापुर के लालगंज में जाकर दोनों एक साथ रहने लगे। यहाँ दोनों एक किराए के मकान में लगभग 2 साल साथ रहे। इस बीच साल 2020 में पूजा गर्भवती हुई तो आफ़ताब उससे दूरी बनाने लगा। पूजा के मुताबिक इस दौरान जुलाई 2021 में उसने एक बेटी को जन्म दिया। आरोप है कि इस बीच दोनों के बीच आए दिन झगड़े भी होने लगे थे।

आफ़ताब के मुस्लिम होने की जानकारी पर पूजा ने कहा कि एक बार उसके गाँव में किसी की मौत पर दोनों साथ झारखंड गए थे। वहाँ मृतक के मुस्लिम तौर तरीकों से हो रहे अंतिम संस्कार पर उसे शक हुआ तो उसने आफ़ताब से इस बावत सवाल किया। आरोप है कि इस सवाल के जवाब में पुष्पेंद्र बने आफ़ताब ने खुद को हिन्दू ही बताया। पूजा के अनुसार आफताब उसे फिर से मुहर्रम में अपने घर लाया, तब उसे आफ़ताब के मुस्लिम होने की जानकारी हुई। बताया जा रहा है कि इसके चलते दोनों में काफी झगड़ा हुआ था।

पूजा ने बताया कि धर्म छिपा कर की गई शादी की पोल खुलने के बाद आफ़ताब के गाँव में पंचायत हुई। पंचायत में आफ़ताब ने पूजा को अपने साथ रखना स्वीकार किया। इस पंचायत के बाद आफ़ताब पूजा को फिर से लेकर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर चला आया। आरोप है कि मिर्जापुर में आफ़ताब ने लगातार पूजा को प्रताड़ित किया और सप्ताह भर में ही वो पूजा को छोड़ कर फरार हो गया।

उसी के बाद पूजा आफ़ताब को खोजते हुए शुक्रवार को उसके गाँव पहुँची। पूजा के मुताबिक आफताब के गाँव में उसके ससुराल वालों ने उनके साथ बेहद दुर्व्यवहार किया और मारपीट कर घर से निकाल दिया। बताया जा रहा है कि तब से पूजा अपनी अबोध बच्ची के साथ दर-दर भटक रही है। मामले की शिकायत पुलिस में की गई है, जिस पर जाँच की जा रही है। बताया जा रहा है कि झारखंड पुलिस ने पूजा को उत्तर प्रदेश में शिकायत करने की सलाह देकर भेज दिया है।