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अद्भुत है Mahabharat की पहली झलक, डिज्नी+हॉटस्टार ला रहा इंटरनेशलन वेबसीरीज: देसी-विदेशी भाषाओं में मचाएगी धूम

भारत की संस्कृति से जुड़ी और सबसे बड़े महाकाव्यों में से एक ‘महाभारत (Mahabharat)’ पर अब वेबसीरीज बनने जा रही है। यह ओटीटी प्लेटफॉर्म डिज्नी+हॉटस्टार (Disney+Hotstar) पर जल्द ही रिलीज होगी। मेकर्स इसे बहुत बड़े स्तर पर बनाने के इरादे में हैं।

अमेरिका में आयोजित डी23 एक्सपो में शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को ‘महाभारत (Mahabharat)’ वेबसीरीज की घोषणा की गई। इसके अगले ही दिन डिज्नी+हॉटस्टार ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से 6 ग्राफिक्स शेयर किए। ग्राफिक्स देख कर यह अंदाजा लगाया जा सकता है कि ‘महाभारत’ वेबसीरीज का स्केल शानदार होगा, अद्भुत होगा।

‘महाभारत (Mahabharata)’ वेबसीरीज: कौन निर्माता, कब रिलीज

इसका निर्माण मधु मंटेना, माइथोवर्स स्टूडियो और अल्लू एंटरटेनमेंट द्वारा किया जाएगा। यह वेबसीरीज महाकाव्य महाभारत पर आधारित होने वाली है तो इसके आकार को लेकर अभी तक कोई अनुमान मीडिया के सामने नहीं आया है। कितने सीजन में इसे सम्पूर्ण किया जाना है, इसको लेकर भी अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

इतनी बड़ी वेबसीरीज के बारे में बताते हुए डिज्नी+हॉटस्टार के कटेंट हेड गौरव बनर्जी ने डी23 एक्सपो में कहा:

“एक अरब से ज्यादा लोग इस कहानी के बारे में किसी न किसी रूप में जानते हैं। मेरे देश में उनमें से अधिकांश ने इसे अपने दादा-दादी से सुना भी है, लेकिन अभी भी दुनिया के अरबों ओर लोग बचे हुए हैं। वे इस बात से अनजान हैं कि वे क्या खो रहे हैं। अगले साल इस अविश्वसनीय कहानी को पूरी दुनिया के सामने लाने में सक्षम होना, वास्तव में एक सौभाग्य की बात होगी।”

इस वेब सीरीज को लेकर गौरव बनर्जी ने अपने एक और बयान में कहा कि वो महाभारत सीरीज का निर्माण बड़े स्तर पर करने वाले हैं। वो इसके लिए बहुत ही उत्सुक हैं। उनके अनुसार मधु मंटेना महाभारत वेबसीरीज के निर्माता होंगे। गौरव बनर्जी ने बताया कि इसको लेकर राइटिंग सेशन बहुत अच्छे रहे।

‘महाभारत (Mahabharat)’ वेबसीरीज पर काम कई महीनों से डिज्नी+हॉटस्टार पर चल रहा है। कटेंट हेड गौरव बनर्जी के अनुसार जल्द ही इसके लिए किरदारों की कास्टिंग भी शुरू होने वाली है। उन्होंने बताया कि इसमें भरपूर एक्शन होगा ताकि कहानी के साथ न्याय किया जा सके। यह सीरीज हिंदी में बनेगी। इसे अन्य भारतीय भाषाओं में भी डब किया जाएगा। इसके अलावा विदेशी भाषाओं के लोगों के लिए भी यह सीरीज होगी।

महाभारत पर पहले बने धारावाहिक

गौरतलब है कि महाभारत पर टीवी सीरियल पहले भी बन चुके हैं। इसमें सबसे ज्यादा सफलता बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ ने हासिल की थी। वह दूरदर्शन पर टेलिकास्ट होती थी। इसके अलावा साल 2013 में स्टार प्लस पर आए महाभारत सीरियल ने भी लोगों के दिलों में छाप छोड़ दी थी। आज भी इन महाभारत में किरदार निभाने वाले कृष्ण और अर्जुन को लोग उनके वास्तविक नाम के बजाए, कृष्ण-अर्जुन के तौर पर ही पहचानते हैं।

अरमान को शाहरुख, सैफ की भीड़ ने चाकू घोंप कर मारा: अब्बा के ‘गणेश उत्सव’ से पुलिस की ‘पुरानी रंजिश’ तक – दिल्ली के मंगोलपुरी घटना की पूरी रिपोर्ट

देश की राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी इलाके में 22 साल के अरमान नाम के युवक की हत्या कर दी गई। वारदात 9 सितंबर 2022 (शुक्रवार) की है। मृतक के परिजनों के मुताबिक हत्या की वजह अरमान का गणेश चतुर्थी में शामिल होना है जबकि पुलिस इसके पीछे पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई को कारण मान रही है। हत्यारोपित भी मुस्लिम समुदाय से हैं। अब तक हत्या में शामिल 3 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके हैं।

हत्या में कैसे आया गणेश चतुर्थी का जिक्र?

कई मीडिया संस्थानों ने अरमान की हत्या में गणेश चतुर्थी का जिक्र किया। इस जिक्र की वजह मृतक अरमान के अब्बा और उसके भाई का बयान है। अरमान के अब्बा सलीम के मुताबिक हमलावरों ने उनके बेटे फरदीन के चेहरे पर अबीर-गुलाल लगा देखा तो नाराज हो गए और उससे पूछने लगे, “तुम काहे के मुसलमान हो?”

सलीम के मुताबिक, “इसके बाद उन लोगों में लड़ाई शुरू हो गई। अरमान ने अचानक इस हल्ले को सुना तो उसने बाहर जाकर देखा। वहाँ उसने पाया कि उसके भाई को ही चाकू मारा गया है। अरमान फौरन फरदीन को अस्पताल ले जाने लगा। लेकिन तभी पीछे से उन लोगों ने अरमान को खींचा और घर के अंदर ले जाकर उसको भी चाकू मार दिए जिसके बाद उसकी मौत हो गई।”

मृतक के पिता के अलावा भाई फरदीन ने भी लगभग वहीं बातें दोहराईं जो उनके अब्बा ने कही थी। फरदीन के मुताबिक, “मेरे ऊपर अबीर लगा देख कर मुझ से नमाज न पढ़ने की वजह पूछी गई और बाद में हमला बोल दिया गया।” आरोप है कि इसी हमले में बीच बचाव करने आए अरमान की चाकू लगने से मौत हो गई।

कथित गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस चाकूबाजी में घायलों के नाम मोईन और फरदीन हैं जबकि हमलावरों के नाम शाहरुख़, शेख समीर, विनीत, सैफ, करण बादशाह, अजय, साबिर और शाहबीर हैं। मृतक के अब्बा और भाई के बयानों के ही आधार पर विश्व हिन्दू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल व अन्य हिन्दू संगठनों ने कथित गंगा-जमुनी तहजीब पर सवाल खड़े किए।

बाइक टकराने से शुरू हुआ विवाद

एक अन्य वीडियो में मृतक अरमान का भाई फरदीन इस पूरे विवाद की जड़ बाइक टकराना बता रहा है। उसके मुताबिक, “मैं गाड़ी लेकर जा रहा था और हार्न मारा पर आरोपित देख कर हटे नहीं।” फरदीन के अनुसार उसकी बाइक विपक्षियों के हाथ में छू गई और उधर से लोगों को जमा किया जाने लगा। मृतक के भाई के अनुसार आरोपित पक्ष के लोग जमा हो कर लड़कियों को भी परेशान करते थे। इसके बाद फरदीन ने गणेश चतुर्थी में लगे रंग की बात दोहराई।

एक अन्य घायल मोईन ने बताया कि हमलावरों की संख्या 10 से 15 थी। मोईन ने भी विवाद की वजह बाइक टकराना बताया है। घायल मोईन मृतक अरमान का चचेरा भाई है।

इन सब बयानों के बीच हत्या की घटना की एक वीडियो सामने आई है। ये वीडियो उस घर के सामने वाले घर से बनाई गई है जहाँ चाकू घोंपा गया। वीडियो बनाने वाली भी हमला देख रो रही है। वहीं दूसरी महिला कह रही है, “तेरे घर का थोड़ी न है कोई”

पुलिस ने बताया 2 परिवारों का पुराना विवाद

दिल्ली पुलिस ने इस घटना में किसी भी प्रकार का साम्प्रदायिक एंगल होने से इंकार करते हुए इस पूरे विवाद को 2 परिवारों के बीच वर्चस्व की लड़ाई बताया है। ADCP आउटर ने कहा कि पीड़ित और आरोपित दोनों ही परिवारों में पहले से दुश्मनी थी। इसी के साथ 3 आरोपितों की गिरफ्तारी और अन्य विधिक कार्रवाई जारी होना भी बताया गया।

फिलहाल इलाके में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

बंगाल में छात्र नेता अनीश खान की हत्या के बाद ‘चश्मदीद’ भाई पर जानलेवा हमला, हालत गंभीर: परिजनों ने TMC नेता को बताया जिम्मेदार

पश्चिम बंगाल के हावड़ा (Howrah, West Bengal) जिले के आमता थाना अंतर्गत छात्र नेता अनीस खान (Anish khan) की हत्या के बाद अज्ञात अपराधियों ने उनके भाई सलमान खान पर निशाना बनाया है। बदमाशों ने ना सिर्फ उन्हें पीटा, बल्कि उन पर धारदार हथियार से हमला भी किया। इस घटना के बाद राज्य की राजनीति में एक बार फिर बवाल खड़ा हो गया है।

सलमान ने पुलिस को बताया कि शनिवार (10 सितंबर 2022) को सुबह 12 बजे उस समय उन पर हमला किया गया, जब वे अपने घर के बाहर बैठे हुए थे। उन्होंने बताया कि वे हमलावरों का चेहरा नहीं देख पाए, क्योंकि बाहर गहरा अंधेरा था।

अनीस खान के दादा साबिर खान का कहना है कि अज्ञात अपराधियों ने सलमान खान को कई बार पीटा और उन पर धारदार हथियार से हमला क हत्या करने की कोशिश की। बता दें कि छात्र नेता अनीस खान की हत्या में सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) नेता पर उंगली उठ रही है।

सलमान खान छात्र नेता अनीस खान के चचेरे भाई हैं। अनीस की हत्या के चश्मदीद गवाहों में सलमान खान भी शामिल है। अनीस हत्याकांड मामले को लेकर सलमान हमेशा एक्टिव थे। उनके दादा साबिर खान का कहना है कि अनीस मर्डर मामले में एक्टिव रहने के कारण ही सलमान को मारने के इरादे से यह हमला किया गया।

हमले में गंभीर रूप से घायल होने के बाद सलमान को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालाँकि, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए बाद में उलुबेरिया उपमंडल अस्पताल में रेफर कर दिया गया।

साबिर खान का कहना है कि सलमान खान पर हमला करने वाले लोगों की पहचान कर ली गई है। उन्होंने बताया कि पुलिस में शिकायत करने के दौरान इन सभी की पहचान की जाएगी। उन्होंने कहा कि चश्मदीद गवाह होने के कारण सलमान को लगातार धमकियाँ मिल रही थीं। इसकी पुलिस में भी शिकायत की गई थी।

सलमान पर हमले के बाद मृतक अनीस के परिवार ने एक बार फिर से हत्याकांड की जाँच सीबीआई से कराने की माँग की है। साबिर खान का कहना है कि उनके परिवार की ओर से अमाता थाने में सुरक्षा को लेकर लिखित शिकायत दर्ज कराई गई थी। इसके बाद भी उनके परिवार पर हमले हो रहे हैं।

बता दें कि इसी साल 22 फरवरी को अनीस खान की हत्या उन के घर पर कर दी गई थी। परिजनों का आरोप है कि पश्चिम बंगाल पुलिस वर्दी में आए हमलावरों ने अनीस को बुरी तरह पीटा और फिर उठाकर छत से फेंक दिया। उन्होंने अनीस की हत्या के लिए राज्य पुलिस और टीएमसी के एक नेता हंसू खान और उनके सहयोगी को जिम्मेदार ठहराया था।

अनीस की हत्या के बाद राज्य भर छात्रों ने जगह-जगह विरोध प्रदर्शन किया था। इसके बाद राज्य की ममता बनर्जी की सरकार ने एक SI सहित तीन छोटे पुलिस कर्मियों को हटाकर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर ली थी। राज्य सरकार ने कोर्ट में भी कहा था कि पुलिस की भूमिका सही नहीं थी।

हत्या से पहले छात्र नेता पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के खिलाफ पिछले 130 दिनों से धरना दे रहे थे। अनीस के नेतृत्व में छात्रों के प्रदर्शन से राज्य की ममता सरकार असहज हो गई थी और अनीश खान पर तरह-तरह से दबाव बनाया जा रहा था। अंत में उनकी हत्या कर दी गई थी।

जुबिन नौटियाल को खालिस्तानी ने शो में बुलाया, ISI एजेंट ने की तारीफ: पोस्टर देख भारतीय भड़के, उठाई सिंगर को गिरफ्तार करने की माँग

मशहूर प्लेबैक सिंह जुबिन नौटियाल की गिरफ्तारी की माँग सोशल मीडिया पर ट्रेंड हो गई है। लोग उनसे नाराज हैं क्योंकि वो जय सिंह नाम के खालिस्तानी के बुलाने पर टेक्सास के ह्यूस्टन में आयोजित एक म्यूजिकल कार्यक्रम में जाने वाले थे। वहीं पाकिस्तान का ISI एजेंट इस शो की खबर सुनकर जुबिन की तारीफ कर रहा था।

सोशल मीडिया पर कार्यक्रम से जुड़ी यही सारी जानकारी होने पर लोग #Arrestjubinnautiyal टैग के साथ अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं। लोगों का पूछना है कि क्या जुबिन आतंकियों के साथ काम करने लगे हैं।

बता दें कि जुबिन के कार्यक्रम का पोस्टर खालिस्तान समर्थक जय सिंह ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया था। यह पोस्ट अब हर जगह वायरल हो रहा है। इस पोस्ट को रेहान सिद्दीकी नाम के एक पाकिस्तानी ISI एजेंट ने भी शेयर किया था।

रेहान ने लिखा था, “मेरा फेवरेट सिंगर ह्यूस्टन आ रहा है। अच्छा शो इंतजार करने के लायक होता है। आइए, इस शो की आधिकारिक तौर पर शुरुआत करें। बहुत अच्छा काम जय सिंह। आपकी शानदार प्रस्तुति का इंतजार रहेगा।”

क्यों हो रहा जय सिंह के बुलावे पर विवाद?

बताया जा रहा है कि जुबिन नौटियाल के इस कार्यक्रम का आयोजक जय सिंह पिछले 30 सालों से फरार है। जनवरी 2019 में, द क्विंट ने बताया था कि जय सिंह भारत से भाग गया है और अमेरिका के कैलिफोर्निया प्रांत के फेरमोंट शहर में रह रहा है। ड्रग्स की तस्करी और चोरी के गंभीर आरोपों में चंडीगढ़ पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

बता दें, जय सिंह, पंजाब के प्रतिबंधित खालिस्तानी संगठन से जुड़ा था और फेरमोंट से सिख अलगाववादी आंदोलनों को आवश्यक सामग्री भेजता रहा है। इसके अलावा, जय जिस गुरुद्वारे में रुका था वहाँ पर भी पैसे की धोखाधड़ी करने का आरोप उस पर लगाया गया था।

दूसरी ओर, रेहान सिद्दीकी एक पाकिस्तानी ISI एजेंट है। जून 2020 में, गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने बताया था कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने ह्यूस्टन में भारत के कॉन्सलेट जनरल की सिफारिशों पर रेहान सिद्दीकी समेत तीन लोगों को ब्लैकलिस्ट किया है।

जी किशन रेड्डी ने कहा था, “वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास और ह्यूस्टन में भारत के कॉन्सलेट जनरल से भी अनुरोध किया गया है कि वे प्रमुख व्यक्तियों, सांस्कृतिक निकायों और बॉलीवुड से जुड़े हुए स्थानीय संस्थाओं से संपर्क करें ताकि भारतीयों को इस बारे में जानकारी हो सके। साथ ही, अभिनेता और कलाकार ऐसे राष्ट्रविरोधी तत्वों से खुद को दूर रख सकें।”

हालाँकि, सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल होने और भारतीयों द्वारा विरोध किए जाने के बाद ISI एजेंट रेहान सिद्दीकी ने अपना फेसबुक पोस्ट डिलीट कर दिया। साथ ही, जिस कार्यक्रम में जुबिन नौटियाल आगामी 23 सितंबर को परफॉर्म करने वाले थे, उस कार्यक्रम के टिकट की भी ऑनलाइन बिक्री रोक दी गई है।

फिलहाल, इस पूरे मामले में विवादों से घिरे हुए जुबिन नौटियाल का कोई भी बयान अब तक सामने नहीं आया है। गत, 19 जुलाई का एक ट्वीट अभी भी उनके ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर है। इस ट्वीट में उन्होंने, यूएसए और कनाडा के अपने कार्यक्रमों के बारे में बताया था। इस ट्वीट में जुबिन ने कथित खालिस्तानी चरमपंथी जय सिंह का फोन नंबर भी शेयर किया था। ताकि, लोग इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकें।

जुबिन नौटियाल के ट्वीट का आर्काइव्ड वर्जन यहाँ देख सकते हैं।

अयोध्या में बाबरी ढाँचे के नीचे खोजा राम मंदिर, रामायण से जुड़े स्थलों का उत्खनन किया: 101 साल की उम्र में पद्म विभूषण प्रो. BB Lal का निधन

बीबी लाल के नाम से प्रसिद्ध पुरातत्वविद् ब्रज बसी लाल का 101 साल की उम्र में निधन हो गया है। सन 1921 में जन्मे और पद्म विभूषण से सम्मानित बीबी लाल ने बाबारी मस्जिद के नीचे राम मंदिर को खोजा था। उन्होंने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस स्टीज के निदेशक के रूप में भी कार्य किया।

भाजपा सरकार के मंत्री जी किशन रेड्डी ने पुरातत्वविद के निधन पर संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा, “प्रो बीबी लाल जी के निधन से हमने उन प्रतिभाशाली दिमागों में से एक को खो दिया है, जिन्होंने 4 दशकों से अधिक समय तक हमारे पुरातात्विक उत्खनन और प्रयासों में महत्वपूर्ण योगदान दिया।”

लाल 1968 और 1972 के बीच भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के महानिदेशक थे और उन्होंने अयोध्या में रामजन्मभूमि स्थल पर खुदाई का नेतृत्व किया था। उनके नेतृत्व में ASI ने साइट पर एक प्राचीन मंदिर के अस्तित्व को साबित किया था।

वयोवृद्ध पुरातत्वविद् ने रामायण में संदर्भ वाले कुछ स्थलों की जाँच के लिए 1975 और 1976 के बीच रामायण के पुरातत्व नामक एक परियोजना की अगुआई की की थी। टीम में नौ सदस्य थे, जिनमें से पाँच पुरातत्वविद प्रोफेसर लाल, डॉ केपी नौटियाल, एसके श्रीवास्तव, आरके चतुर्वेदी और केएम अस्थाना जीवाजी विश्वविद्यालय से थे।

इस टीम में महदावा एन कटी, एलएम वहल और एमएस मणि नाम के तीन सदस्य एएसआई से थे और हेम राज नामक एक सदस्य पुरातत्व विभाग, उत्तर प्रदेश से थे। प्रोफेसर लाल के अनुसार, रामायण से जुड़े पाँच स्थलों अयोध्या, नंदीग्राम, श्रृंगवेरापुर, भारद्वाज आश्रम और चित्रकूट में खुदाई की गई थी।

उन्होंने बाबरी ढाँचे के ठीक दक्षिण में क्षेत्र की खुदाई करते समय स्तंभ मिलने के प्रमाण दिए थे। उन्होंने बाबरी ढाँचे के पास स्तंभ आधारों की खोज के बारे में सात पन्नों की प्रारंभिक रिपोर्ट लिखी थी। हालाँकि, खोज के बाद क्षेत्र से सभी तकनीकी सुविधाओं को वापस ले लिया गया और परियोजना को रोक दिया गया था।

प्रोफेसर लाल के बार-बार अनुरोध के बावजूद इसे फिर से शुरू नहीं किया गया और 10-12 साल तक बंद रहा। अंतिम रिपोर्ट कभी प्रस्तुत नहीं की गई थी, लेकिन उनकी प्रारंभिक रिपोर्ट भारतीय ऐतिहासिक अनुसंधान परिषद द्वारा 1989 में रामायण और महाभारत की ऐतिहासिकता पर अपने खंड में प्रकाशित की गई थी।

एक प्राचीन मंदिर के अवशेषों में बबडी संरचना का पता लगाने में बीबी लाल का बड़ा योगदान था, जो राम मंदिर के समर्थन में एक प्रमुख तर्क था। बाद में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा मंदिर के पक्ष में ही फैसला सुनाया। उनके कार्यों को देखते हुए 9 नवंबर 2021 को तत्कालीन राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने प्रोफेसर बीबी लाल को भारत के दूसरे सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार पद्म विभूषण से सम्मानित किया। वर्ष 2000 में उन्हें पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।

जिस नूँह में DSP पर चढ़ाया गया डंपर, वहाँ फिर पुलिस टीम पर खनन माफियाओं ने किया हमला: 50 के खिलाफ FIR, 1 कॉन्स्टेबल चोटिल

हरियाणा के मेवात क्षेत्र में अपराधियों में पुलिस का कोई खौफ नहीं है। डीएसपी की हत्या के बाद अब खनन माफियाओं ने शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को नूँह में पुलिस टीम पर हमला कर दिया इस हमले एक जवान घायल हो गया। पुलिस ने इस मामले में पाँच नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

दरअसल, पुलिस को सूचना मिली थी कि राजस्थान-हरियाणा सीमा से सटे बडेर गाँव के पहाड़ पर अवैध खनन का काम हो रहा है। वहाँ बड़ी-बड़ी मशीनें लगी हुई हैं। इसके बाद पुलिस वहाँ छापेमारी करने पहुँची तो पहले ही भारी संख्या में मौजूद लोगों ने पुलिस टीम पर हमला कर दिया।

हालाँकि, इस दौरान पुलिस ने तीन पोकलेन मशीनों के अलावा कुछ विस्फोटक सामग्री को जब्त कर लिया। वहीं, आरोपितों को पकड़ने के लिए पुलिस ने कई टीमों का गठन किया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए जगह-जगह छापेमारी की जा रही है। इसकी जानकारी नूँह की एसीपी उषा कुंडू ने दी है।

पुलिस शिकायत में कहा गया है कि पुलिस को देखते ही दो वर्कर अर्थमूवर को छोड़कर राजस्थान सीमा की ओर भाग गए। जब तीसरे ऑपरेटर को रुकने के लिए कहा गया तो उसने मशीन को पुलिसकर्मियों की ओर मोड़ दिया और उन पर चढ़ाने की कोशिश की। हालाँकि, पुलिसकर्मी रास्ते से हट गए और बच गए। वहीं, एक पुलिस कॉन्स्टेबल के बाएँ हाथ में चोट लगी है।

इसके बाद वहाँ आए 40-50 लोगों ने पुलिस को घेर लिया और पथराव शुरू कर दिया। भीड़ को तितर-बितर करने और हमले से बचने के लिए एक पुलिसकर्मी ने हवा में चार राउंड फायरिंग की। इसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। एसपी वरुण सिंगला कहना है कि अवैध खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिन लोगों ने पुलिस टीम पर हमला किया है, उनसे सख्ती से निपटा जाएगा।

जिस समय पुलिस टीम पर हमला किया गया, उस समय जब तावडू क्षेत्र में डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई की हत्या की जाँच के लिए हरियाणा सरकार द्वारा गठित आयोग के जस्टिस एलएन मित्तल नूँह जिले के दौरे पर थे। वह नूँह के सर्किट हाउस में ही ठहरे हुए थे।

बता दें कि 19 जुलाई को खनन माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई करने गए डीएसपी सुरेंद्र सिंह बिश्नोई पर अपराधियों ने ट्रक चढ़ाकर हत्या कर दी थी। इस मामले में अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के अगले दिन पुलिस ने मुख्य आरोपित शब्बीर उर्फ मटर को एक एनकाउंटर के बाद गिरफ्तार कर लिया था। 

‘यीशु ही हैं असली भगवान… वह शक्ति जैसे नहीं’ : राहुल गाँधी के सामने पादरी ने हिंदू देवी-देवताओं का किया अपमान, कॉन्ग्रेस नेता ध्यान लगाकर सुनते रहे; Video

कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी ने अपनी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान शुक्रवार (9 सितंबर 2022) को हिंदू विरोधी टिप्पणियों के लिए कुख्यात पादरी जॉर्ज पोन्नैया से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान हुई एक चर्चा की वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आई है। इसमें देख सकते हैं कि जीसस के बारे में पूरी चर्चा हो रही है। पादरी राहुल गाँधी को समझा रहे हैं कि यीशु ही असल में ईश्वर हैं।

राहुल गाँधी को पानी की तीन अवस्थाओं का उदाहरण देकर समझाया जा रहा है कि राहुल गाँधी ईश्वर के पुत्र हैं। वहीं बीच में जॉर्ज पोन्नैया कहते हैं कि जीसस ही असली भगवान हैं, वो शक्ति और हिंदू देवताओं जैसे नहीं हैं। पोन्नैया को वीडियो में कहते सुना जा सकता है, “वह (जीसस) मानव के तौर पर जन्मे असली भगवान हैं। शक्ति (हिंदू देवी) और अन्य की तरह नहीं।”

खुद को जनेऊधारी बताने वाले राहुल गाँधी को हिंदू देवताओं के ऐसे अपमान पर वीडियो में चुपचाप बैठे पादरी की बातों को सुनते देखा जा सकता है। पादरी ये दर्शाते रहते हैं कि जीसस ही असली भगवान हैं जबकि हिंदू देवता काल्पनिक हैं। लेकिन राहुल इस पर कुछ नहीं बोलते।

बता दें कि राहुल गाँधी की पादरियों से यह बातचीत उस समय सामने आई है जब कॉन्ग्रेस अपनी राजनीति और भाग्य को बदलने के लिए भारत ‘जोड़ो यात्रा’ कर रही है। वहीं राहुल गाँधी एक ऐसे व्यक्ति से मिले हैं जो भारत माँ और हिंदू देवी-देवताओं के साथ हिंदुओं की सभ्यता और संस्कारों पर घृणित टिप्पणी कर रहा है।

पादरी जॉर्ज पोन्नैया का आपत्तिजनक बयानों का इतिहास

राहुल गाँधी से हिंदू देवताओं के बारे में हुई बातचीत ही पादरी जॉर्ज पोन्नैया का पहला हिंदू विरोधी बयान नहीं है। इस से पहले भी वो विभिन्न मौकों पर हिंदू धर्म के खिलाफ आपत्तिजनक बातें करते आए हैं। जुलाई 2021 में ‘जनन्याग क्रिस्थुवा पेरवई अमाईपु’ नामक NGO के सलाहकार व ईसाई पादरी जॉर्ज पोन्नैया (George Ponniah) ने कन्याकुमारी के अरुमनई में कहा था,

“भाजपा विधायक एम आर गाँधी इसलिए चप्पल नहीं पहनते क्योंकि वो भारत माता को दर्द नहीं देना चाहते और हम लोग इसलिए चप्पल पहनते हैं ताकि हमारे पैर गंदे न हों और भारत माता के कारण हमें कोई बीमारी न हो।”

इसी सभा में उन्होंने PM नरेंद्र मोदी और अमित शाह के खिलाफ भी अभद्र भाषा का प्रयोग किया था। तब उन्होंने कहा था, “नरेंद्र मोदी का आखिरी दिन सबसे दयनीय होगा। मैं लिखकर दे सकता हूँ। अगर जिन भगवान को हम पूजते हैं वो सच में जिंदा हैं तो इतिहास देखेगा कि मोदी और अमित शाह के सड़े शरीर को कुत्ते और कीड़े खाएँगे।”

पादरी ने ये तमाम बयान डीएमके पार्टी के पक्ष में चुनाव प्रचार के दौरान कही थी जिस पर विवाद बढ़ने के बाद उन्होंने वीडियो को आधा अधूरा बताते हुए माफ़ी माँग ली थी। हालाँकि तब पादरी पर FIR भी दर्ज हुई थी और 18 जुलाई 2021 को उन्हें हिरासत में भी ले लिया गया था। जनवरी 2022 में पादरी जॉर्ज पोन्नैया ने अपने खिलाफ दर्ज इस FIR को रद्द करने की अपील को मद्रास हाईकोर्ट ने अस्वीकर कर दिया था। तब हाईकोर्ट ने पादरी के बयान को हिंदुओं के लिए बेहद अपमानजनक माना था।

दीपक सोनी पर कम्सुद्दीन अंसारी ने पेट्रोल डाल लगाई आग, गढ़वा में गिरफ्तार: झारखंड के ही दुमका में जलाई गई थी अंकिता

दुमका के बाद अब झारखंड के गढ़वा में कम्सुद्दीन अंसारी पर दीपक सोनी को जिन्दा जलाने की कोशिश का आरोप लगा है। आरोपित कम्सुद्दीन ने दीपक पर पेट्रोल छिड़क कर उसे जलाना चाहा था। घटना में दीपक बुरी तरह से झुलस गया है, जिसका इलाज अस्पताल में चल रहा है। हमले के बाद कम्सुद्दीन फरार हो था, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। घटना शुक्रवार (9 सितम्बर 2022) की है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मामला गरनउंटारी थाना क्षेत्र के चितविश्राम गाँव का है। पीड़ित दीपक का आरोप है कि कम्सुद्दीन किसी से झगड़ा कर रहा था, तब उसने वहाँ पहुँच कर झगड़े की वजह पूछी। आरोप है कि इसी बात से कम्सुद्दीन बेहद नाराज हुआ और उसने दीपक पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। पीड़ित दीपक कार चला कर अपने परिवार का गुजारा करता है, जो घटना के समय अपने चाचा के घर पर कार खड़ी करके अपने घर लौट रहा था।

इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दिखाई दे रहा है कि कम्सुद्दीन ने यह हमला कई लोगों की भीड़ के आगे किया। घायल दीपक सोनी के मुताबिक कम्सुद्दीन अपनी दुकान पर पेट्रोल भी बेचता है और हमले के लिए उसने उसी पेट्रोल का इस्तेमाल किया।

यह भी बताया जा रहा है कि आरोपित कम्सुद्दीन की किराने की दुकान है। उसके हमले में बुरी तरह से झुलस गए दीपक को अस्पताल में भर्ती करवाया गया, जहाँ से हालात गंभीर होने के चलते डॉक्टरों ने उसे सदर अस्पताल रेफर कर दिया।

जानकारी के मुताबिक हमले के दौरान आरोपित कम्सुद्दीन का पैर भी झुलस गया है। इस मामले में कम्सुद्दीन के परिवार वालों ने भी पुलिस में शिकायत करते हुए दीपक सोनी द्वारा झगड़ा किया जाना बताया है। फिलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है।

गौरतलब है कि झारखंड के ही दुमका में 23 अगस्त 2022 को पुलिस ने शाहरुख़ नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था, जिस पर अंकिता नाम की एक हिन्दू लड़की को जला कर मार डालने का आरोप लगा था। बुरी तरह से झुलसी अंकिता ने बाद में दम तोड़ दिया था।

JNU के प्रोफेसर ने यौन-शोषण किया… लेकिन गैर-ब्राह्मण था, इसलिए चुप रह गई: कॉन्ग्रेस समर्थक मीना कंडासामी की आपबीती

ब्राह्मण विरोधी और कॉन्ग्रेस के प्रति निष्ठावान डॉक्टर मीना कंडासामी ने हाल ही में सोशल मीडिया पर स्वीकार किया था कि उन्होंने छेड़छाड़ करने वाले एक व्यक्ति के खिलाफ इसलिए शिकायत नहीं की, क्योंकि वह गैर-ब्राह्मण था।

कंडासामी ने ट्विटर पर JNU में 25 साल की उम्र में हुई छेड़छाड़ को लेकर अपनी चुप्पी को सही ठहराने की कोशिश की। उन्होंने कहा, “साल 2010 में एक 25 वर्षीय लड़की के रूप में, जो JNU में यूजीसी की विजिटिंग फेलो थी, मैंने उस गैर-ब्राह्मण फैकल्टी (प्रोबेशन पर आए) पर आरोप नहीं लगाया, जिन्होंने मुझसे छेड़छाड़ की थी। हालाँकि, जेएनयू में GSCASH के कड़े नियम थे। मैंने जेएनयू में कई अकादमिक शुभचिंतकों, प्रोफेसरों और दिल्ली के लेखकों को बताया कि क्या हुआ, लेकिन मैंने कोई कार्रवाई नहीं की, क्योंकि मैंने दो चीजों के बारे में सोचा था।”

स्रोत: ट्विटर

अपने ऊपर हुए यौन हमले के बारे में चुप रहने का एक कारण यह भी है कि उन्हें कथित यौन करने वाली की पत्नी से अपने जीवन का पहला वेतन चेक मिलना था। हालाँकि, उन्होंने अपने साथ छेड़छाड़ के बारे में बात नहीं करने का प्राथमिक कारण छेड़छाड़ करने वाले का गैर-ब्राह्मण होना बताया। उन्हें डर था कि उत्पीड़क के खिलाफ आरोप लगाने के कारण उन्हें ‘ब्राह्मण के हाथों की कठपुतली’ कहा जाएगा।

उन्होंने लिखा, “मैं बहुत युवा थी। कोई भी मुझे उस युवती के रूप में नहीं देखता जो न्याय चाहती है। वे इसे केवल एक ब्राह्मण विभाग प्रमुख (प्रोफेसर जिसने मुझे आमंत्रित किया) द्वारा एक गैर-ब्राह्मण बुद्धिजीवी के खिलाफ मेरा इस्तेमाल करने के रूप में देखेंगे। मुझे एक एजेंट बताया जाएगा। अगर मुझे जेएनयू में किसी दलित या बहुजन ने आमंत्रित किया होता तो मैं अलग तरह से सोचती। मैंने अपनी चुप्पी बनाए रखने का फैसला किया, क्योंकि अपमान के साथ रहना ब्राह्मण के हाथों की कठपुतली कहलाने से बेहतर था।”

जाहिरा तौर पर, ब्राह्मणों के प्रति घृणा ने कंडासामी को इतना परेशान कर दिया था कि उन्होंने छेड़छाड़ करने वाले के खिलाफ कार्रवाई नहीं की, क्योंकि वह एक गैर-ब्राह्मण था और न्याय दिलाने से ब्राह्मणवाद को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने अपने खिलाफ यौन हमले को दृढ़ता से सहन किया, क्योंकि इसके खिलाफ बोलने से, उनकी विकृत समझ के अनुसार, ब्राह्मणवाद को बल मिलता।

कंडासामी ने अफसोस जताते हुए लिखा, “यह मैं ही हूँ। मैं 2.0 प्रकार के लोगों से अनुरोध करतीं हूँ कि जो भी नाम से आप मुझे बुलाना चाहें बुलाएँ। मैंने पहली बार ब्राह्मणवाद और उसके वर्चस्व की विषाक्तता देखी है। और हाँ, इस खबर के लिए मुझे के लिए खेद है, लेकिन मैं इसके वर्चस्ववादी परियोजना में शामिल होने वाली बच्ची नहीं हूँ।”

संभवत: वह ‘ब्राह्मणवादी वर्चस्व को खत्म करो’ गिरोह के सम्मानित सदस्यों में से एक हैं, जिनकी ब्राह्मणवाद और ब्राह्मणों पर सभी बुराइयों का दोष मढ़ने की आदत है। साल 2020 में कंडासामी ने अपने एक ट्विटर थ्रेड में ‘ब्राह्मणवादी वर्चस्व को नष्ट करने’ की आवश्यकता पर जोर दिया था।

स्रोत: ट्विटर

मीना कंडासामी ने ट्वीट किया था, “कई युवतियाँ आपकी ओर देख रही हैं। उन्हें जाति व्यवस्था को नष्ट करने के लिए कहो। उन्हें बताओ कि आत्मनिर्णय का अर्थ है जाति की अवज्ञा करना। उन्हें ब्राह्मणवादी वर्चस्व को तोड़ने के लिए कहो। मनुस्मृति में आग लगाने के लिए कहो। उन्हें डॉ अम्बेडकर को पढ़ने के लिए कहो। उन्हें विद्रोह करने के लिए कहो।”

मीना कंदासामी के इस ट्वीट से लगता है कि ब्राह्मणवाद शायद समाज को बुरी तरह से प्रभावित करने वाली सभी बुराइयों की जड़ है। शायद इसलिए उन्होंने खुद के साथ हुई छेड़छाड़ से उन्होंने आँखें मूँद लीं, ताकि उन पर ब्राह्मणवाद के एजेंट के रूप में कार्य करने का तोहमत ना लगे।

इकरा बनीं इशिका, गायत्री मंदिर में घर-वापसी कर प्रेमी राहुल से रचाई शादी: कहा- मुस्लिम मायके वाले हमें परेशान न करें

मध्य प्रदेश के मंदसौर में एक मुस्लिम लड़की ने हिन्दू युवक से शादी करके सनातन धर्म स्वीकार कर लिया है। दुल्हन का नाम इकरा था, जो अब इशिका बन चुकी है। शुक्रवार (9 सितम्बर 2022) को इकरा ने गायत्री मंदिर में विधि-विधान से घर वापसी की। इस शादी के बाद अब इशिका ने माँग की है कि उसके घर वाले उसे कुछ न करें।

इस शादी को सम्पन्न करवाने वाले चैतन्य सिंह राजपूत (पूर्व जफर) से ऑपइंडिया ने बात की। उन्होंने बताया कि दूल्हे का नाम राहुल वर्मा है, जो मूल रूप से मंदसौर का रहने वाला है। चैतन्य के अनुसार राहुल अपने परिवार सहित राजस्थान के जोधपुर में रहता है और वहीं पर पढ़ाई के साथ डांस क्लास चलाता है। बताया गया कि लड़की इकरा राहुल वर्मा की पड़ोसन थी और वहीं से दोनों का प्यार शुरू हुआ।

चैतन्य सिंह ने हमें आगे बताया कि लड़का और लड़की दोनों बालिग हैं और उन्होंने उदयपुर की कोर्ट में पहले से ही शादी का एग्रीमेंट कर लिया था। उन्होंने कहा कि अब दोनों का गायत्री परिवार में वैदिक पद्धति से भी मंदसौर में विवाह हो गया है लेकिन राजस्थान की पुलिस लड़के के परिवार वालों को परेशान कर रही है।

चैतन्य के मुताबिक लड़की के घर वालों ने राहुल पर जोधपुर में FIR दर्ज कर रखी है और इसी के चलते राजस्थान पुलिस ने पहले राहुल की माँ और बाद में राहुल के भाई को थाने में बिठाया और अभी भी परेशान कर रही है।

मंदसौर के भाजपा विधायक यशपाल सिसोदिया ने भी इकरा और राहुल को विवाह की शुभकामनाएँ दीं हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इशिका (पुराना इस्लामी नाम इकरा) ने क्लास 9 तक पढ़ाई की है और उनकी उम्र 19 साल है। इशिका ने कहा कि उन्होंने अपनी मर्जी से ये कदम उठाया है। लड़की ने कहा कि वो चाहती हैं कि उनके घर वाले उसके पति और नए परिवार को कुछ न करें।