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टेरर फंडिंग केस में ‘कृष्णा हींग’ के ऑफिस में रेड, मालकिन आसमा खान के घर भी छापेमारी: NIA ने जब्त किए अहम दस्तावेज, 8 घंटे चली तलाशी

गुजरात में टेरर फंडिंग को लेकर एनआईए की छापेमारी जारी है। इस क्रम में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (एनआईए) ने गुजरात के खेड़ा जिले के नडियाद में स्थित न्यू भारत हिंग सप्लायर्स (New Bharat Hing Suppliers) के ऑफिस पर 5 सितंबर को करोड़ों रुपए के संदिग्ध लेन-देन के संबंध में छापेमारी की।

यह कंपनी मशहूर हींग ब्रांड कृष्णा हींग की मार्केटिंग करती है। कथित तौर पर, यह छापेमारी सोमवार की सुबह शुरू हुई और 8 घंटे चलती रही। दोपहर लगभग 3.30 बजे जाकर एनआईए ने तलाश रोकी।

एनआईए ने नडियाद पुलिस क्राइम ब्रांच (Naidad Police Crime Branch) और एसओजी (SOG) की मदद से यह छापेमारी की थी। एनआईए ने एक संदिग्ध टेरर फंडिंग लिंक पर सूचना मिलने के बाद छापेमारी की थी। इसमें संकेत दिया गया था कि आतंकी गतिविधियों को फंड करने के लिए नडियाद से दिल्ली में फंड ट्रांसफर किया गया था। इसके बाद एनआईए की टीम 5 सितंबर की सुबह करीब 5 बजे मारिडा रोड स्थित कंपनी के कार्यालय पहुँची और जाँच शुरू हुई।

जाँच एजेंसी ने न्यू भारत हींग सप्लायर्स के कार्यालय के अलावा नडियाद के अहमदाबादी बाजार शकरककुई में उसकी मालकिन आसमा खान पठान के घर पर भी छापेमारी की। एनआईए की टीम ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद किया है, जिसे उन्होंने अपने कब्जे में ले लिया है। ध्यान दें कि आसमा खान (Asma Khan Pathan) दिल्ली वक्फ बोर्ड की गुजरात से सदस्य हैं। इससे पहले वह पार्षद भी रह चुकी हैं।

गुजरात समाचार के अनुसार, एनआईए को आसमा खान के खिलाफ दिल्ली में टेरर फंडिंग के बारे में सूचना मिली थी, जिसके बाद लोकल क्राइम ब्रांच और एसओजी की मदद से सर्च ऑपरेशन चलाया गया। यह सर्च ऑपरेश दोपहर साढ़े तीन बजे तक चला। जाँच एजेंसी ने हार्ड डिस्क, कंप्यूटर के अलावा कई महत्वपूर्ण सबूतों को सील कर दिया है।

बता दें कि आसमा खान पठान खुद को ‘मोदी समर्थक’ कहती हैं। उनके पास पीएम मोदी के साथ ली गई तस्वीरें भी हैं। कुछ रिपोर्टों से पता चलता है कि उनका परिवार कॉन्ग्रेस का समर्थन करता था, लेकिन गुजरात 2002 के दंगों के बाद अपने रिश्तेदारों का पता लगाने में पीएम मोदी की तरफ से मदद मिलने के बाद वह भाजपा समर्थक बन गईं। इस मामले पर बीजेपी की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया। वहीं, एनआईए ने भी कोई बयान जारी नहीं किया है।

एक हाथ में कट्टा, दूसरे में केक: अफजल सर ने इस तरह मनाया ‘टीचर्स डे’, बिहार पुलिस बंदूक को ‘एयर गन’ बताने में जुटी

बिहार के सारण जिले में टीचर्स डे के मौके पर केक के साथ कट्टा लेकर फोटो खिंचाने वाला एक टीचर हिरासत में लिया गया है। टीचर की पहचान अफजल के तौर पर हुई है। वो एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता है।

टीचर्स डे के मौके पर अफजल ने बच्चों के सामने ही कट्टा दिखाते हुए फोटो खिंचवाईं थी और हर एंगल से अपनी वीडियो बनवाई थी। यही वीडियोज अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं।

वीडियो में उसके साथ छात्र-छात्राएँ, छोटी बच्ची सभी मौजूद दिखते हैं। वहीं सामने रखे केक पर ‘अफजल सर’ लिखा है। छात्र उससे केक काटने को कहते हैं जिसके बाद वो कट्टे के साथ केक को काटता है।

पुलिस पर लगे अफजल को बचाने के आरोप

बता दें कि ये पूरा मामला मांझी थाना के शनिचरा बाजार से सामने आया है। अफजल की वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने उसके विरुद्ध केस तो दर्ज किया है। लेकिन पुलिस पर ये भी आरोप लग रहे हैं कि वो इस केस को रफा-दफा करना चाहते हैं।

मांझी के थानाध्यक्ष का जहाँ कहना है कि वो वायरल वीडियो के आधार पर उक्त शिक्षक को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रहे हैं। अभी यही पता चला है कि शिक्षक के द्वारा एयर गन दिखाया गया। मामले की जाँच की जा रही है।

वहीं सोशल मीडिया पर उत्कर्ष सिंह इस मामले पर ध्यान दिलवाते हैं कि जो बंदूक एयरगन कहकर पेश की जा रही है और जो वीडियो अफजल लहरा रहा है वो दोनों अलग हैं।

अपने ट्वीट में उत्कर्ष ने कहा, “छपरा का टीचर अफजल शिक्षक दिवस पर कट्टा से केक काट रहा था, वीडियो और फोटो वायरल हो गई। अब पुलिस कह रही है कि टीचर के पास से एयरगन बरामद हुई है तो कोई कार्रवाई नहीं बनती। मैंने थानेदार से पूछा कि दोनों हथियार तो अलग है, आपने मिलान किया? साहब ने फोन ही काट दिया।”

खुद को हिंदू बता दिल्ली से महिला को लेकर दुमका आ गया कामरान शेख, ग्रामीणों को हुआ शक तो खुली पोल: पुलिस के किया हवाले

झारखंड (Jharkhand) के दुमका में हिंदू लड़कियों पर अत्याचार का सिलसिला समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला रामगढ़ का ठेंगीमोड़ गाँव का है। यहाँ की एक शादीशुदा महिला ने मोहम्मद कामरान शेख नामक युवक पर आरोप लगाया है कि उसने धर्म छुपाकर महिला से दोस्ती की और उसे अपने पति के घर से भगाकर ले आया।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पीड़िता का 8 साल पहले उत्तर प्रदेश (UP) के विजय प्रकाश से शादी हुई थी। विजय दिल्ली में पेंटर का काम करता है और दोनों की 2 बेटियाँ भी हैं। पीड़िता 30 अगस्त 2022 को अपने पति को बिना बताए अपनी दोनों बेटियों को साथ लेकर कामरान के साथ भागकर अपने मायके आ गई थी।

घरवालों ने जब कामरान के बारे में पूछा तो महिला ने बताया कि वह उसका देवर है। हालाँकि, घरवालों को शक हुआ तो दोनों 1 सितंबर को वह अपनी चचेरी बहन के यहाँ चली गई। उधर शंका होने पर लड़की के घरवालों ने कामरान की तस्वीर उसके पति को भेजी तो उसने बताया कि वह मुस्लिम है और दिल्ली में उसी के मुहल्ले में रहता है।

उधर चचेरी बहन के घर जाने के बाद उसके समुदाय के नेता जीतलाल राय ने दोनों को बुलाया। उसने बताया है कि जिसे वह साथ लेकर चल रही है, उसका नाम कामरान है। इसके बाद महिला ने बताया कि कामरान ने उससे धर्म छुपाकर दोस्ती की थी। पति विजय ने दिल्ली पुलिस में अपहरण की शिकायत दर्ज करवाई।

जानकारी के मुताबिक, कामरान 30 वर्षीय महिला का मोबाईल नंबर जुगाड़ कर उसे मिस कॉल दिया। इसके बाद वह मीठी-मीठी बातें कर उससे दोस्ती कर ली। धीरे-धीरे कामरान ने महिला को अपने झाँसे में ले लिया। विजय की गैर-हाजिरी में कामरान उससे मिलने उसके घर भी आता था।

दुमका में पहले भी हुई घटना

आपको बताते चलें कि हाल ही में अरमान अंसारी नामक व्यक्ति ने एक दलित नाबालिग को पहले तो अपनी हवस का शिकार बनाया और उसके बाद उसकी बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक बच्ची की उम्र 14 वर्ष बताई जा रही है और उसका उसका शव एक पेड़ पर लटका मिला था। इस घटना से पहले अंकिता नामक एक हिंदू लड़की को शाहरुख ने जिंदा जला दिया था।

इस घटना ने तो पूरे भारत को झकझोर कर दिया था। बताया जा रहा है कि शाहरुख अंकिता को मैसेज करता था, लेकिन अंकिता ने उसे जवाब नहीं दिया। इससे नाराज होकर शाहरुख ने अपने एक दोस्त के साथ मिलकर अंकिता की हत्या का प्लान बनाया। 23 अगस्त 2022 को शाहरुख ने पेट्रोल छिड़क अंकिता को आग लगा दी थी। इलाज के दौरान हिंदू युवती ने 27 अगस्त को दम तोड़ दिया था।

बिहार में पुलिस से लेकर पब्लिक तक की हत्या, दिल्ली में घूम रहे CM नीतीश कुमारः सीवान और पटना खून से लाल, भागलपुर में 2 का गला काटने की कोशिश

बिहार में गठबंधन बदलकर सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (Bihar CM Nitish Kumar) देशाटन पर हैं। वह राजधानी में विभिन्न दलों के नेताओं के मिल रहे हैं। उधर बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है।

नीतीश कुमार साल साल 2024 के लोकसभा चुनावों को लेकर माहौल बनाने में लगे हैं और तमाम नेताओं से मेल-मुलाकात कर रहे हैं। उधर बिहार की राजधानी पटना से लेकर आसपास के जिलों में अपराधी खूनी खेल खेल रहे हैं। यहाँ तक कि वे पुलिस को भी नहीं बख्श रहे हैं।

बता दें कि नीतीश कुमार दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी से मुलाकात की है। इसके पहले वे पटना में आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव से मुलाकात की थी। कहा जा रहा है कि भाजपा से अलग होने के बाद वे प्रधानमंत्री का सपना एक बार फिर देखने लगे हैं।

पटना में मंगलवार की रात (6 सितंबर 2022) को अपराधियों ने दो दोस्तों की गोली मारकर हत्या कर दी। दोनों युवक स्कूटी पर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने बाइपास थाना इलाके के शीतला माता मंदिर के पास दक्षिण लोहा गोदाम के पास उन्हें गोली मार दी। हत्या की वजह का अभी पता नहीं चला है।

वहीं, भागलपुर में 2 लोगों की गला रेतकर हत्या की कोशिश की गई है। घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीम को बुलाया गया है। पुलिस हत्यारोपियों की पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज की जाँच कर रही है।

जिन दो लोगों पर जानलेवा हमला किया गया है, उनमें एक व्यक्ति की पहचान कर ली गई है। वह रजौन में सुरक्षा गार्ड है। उसका इलाज चल रहा है। वहीं, दूसरे व्यक्ति की अभी तक पहचान नहीं हो पाई है। सिटी एसपी स्वर्ण प्रभात ने आरोपितों की जल्द पहचान की बता कही है।

उधर, सिवान में शराब तस्करों को पकड़ने गई पुलिस पर अपराधियों ने हमला कर दिया, जिसमें एक पुलिसकर्मी की मौत हो गई। वहीं, गोलीबारी में एक ग्रामीण भी घायल हुआ है, जिसका सदर अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना सिसवन थाना क्षेत्र के ग्यासपुर गाँव की है।

दरअसल, पुलिस टीम मंगलवार रात (6 सितंबर 2022) 2:30 बजे एक तस्कर को पकड़ने पहुँची थी। जब पुलिसकर्मी वापस लौट रहे थे, तभी सड़क पर खड़े तीन अपराधियों ने उन पर गोलियाँ चलानी शुरू कर दी। गोली लगने से पुलिस सिपाही वाल्मिकी यादव की मौत हो गई। वहीं, मौके पर मौजूद एक ग्रामीण भी गोली लगने से घायल हो गया।

इससे एक दिन पहले वैशाली जिले में भी बालू माफियाओं की करतूत सामने आई थी। अपराधियों ने पुलिस टीम पर हमला दारोगा को चलती गाड़ी से नीचे फेंक दिया था। इतना ही नहीं, अपराधियों ने एसडीपीओ को गाड़ी से रौंदने की कोशिश भी की थी। हमले के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए थे।

जिन्हें तोड़ा गया वो मदरसे नहीं, अलकायदा के अड्डे थे: गोलपारा घटना पर असम CM ने की स्थानीयों की तारीफ, कहा- ‘हमने तो सिर्फ 2-3 गिराए, बाकी जनता गिरा रही’

असम के गोलपारा में स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर कल (6 सितंबर 2022) एक मदरसे को गिराया था। अब इसी मामले पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि जो मदरसे गिराए जा रहे हैं वो मदरसे नहीं बल्कि अलकायदा के अड्डे थे।

हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, “हर मदरसा जिसे नष्ट किया जा रहा है वो मदरसा नहीं, बल्कि अलकायदा का अड्डा था। हमने 2-3 तोड़े और अब जनता खुद आकर इन्हें तोड़ रही है। मुस्लिम समुदाय के लोग आगे आकर इन्हें गिरा रहे हैं और कह रहे हैं कि उन्हें ऐसा मदरसा नहीं चाहिए जो जहाँ अलकायदा के काम होते हों। इसी से मदरसे की प्रवृत्ति बदलेगी।”

इससे पहले गोलपारा के एसएसपी वीवी राकेश रेड्डी ने कहा था, “स्थानीयों ने खुद मदरसे को गिराने का बीड़ा उठाया। सरकार का इसमें कोई हाथ नहीं था। स्थानीयों को हैरानी थी कि आखिर जो जिहादी पकड़ा गया वो मदरसे में टीचर था। लोगों ने मदरसे को गिराकर संदेश दिया है कि वो जिहादी गतिविधियों का समर्थन नहीं करते हैं।”

बता दें कि ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे स्थित गोलपारा, गुवाहाटी से 134 किलोमीटर दूर पश्चिम में है। वहीं पाखिउरा चार क्षेत्र में एक मदरसा था। स्थानीयों का कहना था कि उस मदरसे से देशविरोधी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था। इसके अलावा मदरसे के बगल वाले घर में बांग्लादेशी आतंकी रहते थे। ऐसे में उन्होंने मदरसे और उसके बगल वाले घर को ध्वस्त कर दिया।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जनता द्वारा तोड़ा गया मदरसा जलालुद्दीन शेख नाम का व्यक्ति चलाता था। वह पहले ही पुलिस की हिरासत में है। उसी ने साल 2020 में मदरसे में तीन मौलवी नियुक्त किए। इनके नाम अनिमुल इस्लाम, उस्मान, मेहदी हसन और जहाँगीर आलोम था। इन्हीं मौलवियों में से 2 आतंकी थे जो अलकायदा और अंसारुल्लाह बांग्ला टीम से जुड़े थे। अब दोनों फरार चल रहे हैं।

‘बीफ खाने वाले रणबीर कपूर और आलिया भट्ट… इस फिल्म को मिट्टी में मिला देंगे’: उज्जैन में बवाल के बाद ‘ब्राह्मास्त्र’ के बायकॉट ने पकड़ा जोर

रणबीर कपूर (Rranbir Kapoor) और आलिया भट्ट (Alia bhatt) की फिल्म ब्राह्मास्त्र 9 सितंबर 2022 को रिलीज होनी है। उससे पहले सोशल मीडिया में फिल्म के बायकॉट ने जोर पकड़ लिया है। यह उज्जैन में हिंदू संगठनों के विरोध के बाद हुआ है।

मंगलवार (6 सितंबर 2022) को रणबीर और उनकी पत्नी आलिया महाकाल का आशीर्वाद लेने उज्जैन पहुँचे थे। लेकिन उन्हें बिना दर्शन किए ही लौटना पड़ा। मंदिर के बाहर हिंदू संगठनों ने काली पट्टी दिखाकर उनका विरोध किया। उन्होंने रणबीर और आलिया को मंदिर में घुसने तक नहीं दिया। उनका कहना था कि वे रणबीर जैसे गौ-भक्षक को महाकाल के मंदिर में नहीं जाने देंगे।

उज्जैन में हंगामे के बाद ट्विटर पर ‘बायकॉट ब्रह्मास्त्र’ का ट्रेंड और तेज हो गया है। ट्विटर पर #BoycottBramhashtra और #Brahmastra हैशटैग के साथ यूजर्स ‘ब्रह्मास्त्र’, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, अयान मुखर्जी और करण जौहर पर निशाना साध रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “बॉलीवुड के ड्रग्स एडिक्ट की फिल्मों पर खर्च करने की बजाय जरूरतमंद लोगों पर पैसा खर्च करें।”

नितिन सिंह नाम के यूजर ने सिलसिलेवार कई ट्वीट कर करण जौहर, अलिया भट्ट और रणबीर कपूर पर निशाना साधा है। उन्होंने लिखा, “करण जौहर ने अपने शो ‘कॉफी विद करण’ में जानबूझकर सुशांत सिंह राजपूत का अपमान किया था। उसका पूरी तरह से बहिष्कार होना चाहिए।” एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा है, “आलिया भट्ट और रणबीर कपूर बीफ खाने वाले हैं। गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है। इनकी फिल्में देखना हमारे लिए अपने देवी-देवताओं का अपमान करने जैसा होगा।”

एक और यूजर ने लिखा, “हम सनातनी हिंदू अपनी एकता से इस फिल्म को भी मिट्टी में मिला देंगे।”

बता दें कि रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की फिल्म ‘ब्रह्मास्त्र’ का विरोध रणबीर ‘बीफ’ टिप्पणी को लेकर हो रहा है। इसमें उन्होंने खुद को सबसे बड़ा बीफ लवर बताया था। साथ ही आलिया ने भी हाल ही में कहा था कि जो लोग उन्हें पसंद नहीं करते हैं, वो फिल्म देखने मत जाएँ। 

हालाँकि विरोध के बाद वे उज्जैन के जिला अधिकारी आशीष सिंह के घर रुके। ‘ब्रह्मास्त्र’ के डायरेक्टर अयान मुखर्जी ने महाकाल के दर्शन किए। उन्होंने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। डायरेक्टर ने अपने इंस्टाग्राम पर फोटो भी शेयर की है।

मोस्ट वॉन्टेड खालिस्तानी आतंकी के पाकिस्तान में रहने के मिले सबूत, साल 1981 में इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट का अपहरण कर ले गया था लाहौर

खालिस्तानी आतंकवादी संगठन ‘दल खालसा’ के सह-संस्थापक और 1981 के इंडियन एयरलाइंस की फ्लाइट के अपहरणकर्ताओं में से एक गजिंदर सिंह ने 5 सितंबर को खुलासा किया कि वह पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में है। यह खुलासा तब हुआ, जब उन्होंने एक गुरुद्वारे के सामने खुद की एक तस्वीर फेसबुक पर पोस्ट की। यह गुरुद्वारा श्री पांजा साहिब जी है, जो पाकिस्तान के हसन अब्दल में स्थित है।

स्रोत: फेसबुक

यह पहली बार नहीं है, जब उन्होंने गुरुद्वारे के साथ अपनी फोटो शेयर की थी। ऐसी ही एक तस्वीर उन्होंने 1 सितंबर 2022 को भी पोस्ट की थी, जिसमें उनका साइड प्रोफाइल दिख रहा है। वह तस्वीर रात के समय क्लिक की गई थी।

स्रोत: फेसबुक

साल 1981 में इंडियन एयरलाइंस के विमान का अपहरण

29 सितंबर 1981 को दल खालसा के पाँच आतंकवादियों ने इंडियन एयरलाइंस के एक विमान का अपहरण कर लिया और उसे पाकिस्तान के लाहौर लेकर चले गए थे। इंडियन एयरलाइंस का बोइंग 737 घरेलू यात्री विमान दिल्ली हवाई अड्डे से रवाना हुआ था और उसे अमृतसर में उतरना था। रिपोर्टों के अनुसार, वे हथगोले और खंजर से लैस थे। विमान में 111 यात्री सवार थे।

अपहर्ताओं ने सिखों के लिए एक अलग राज्य के गठन की माँग की थी, जिसे वे ‘खालिस्तान’ कहते हैं। अपहरणकर्ताओं का सरगना गजिंदर सिंह था। उन्होंने खालिस्तानी आंदोलन के प्रमुख चेहरे जरनैल सिंह भिंडरावाले की भी रिहाई की माँग की। एक और माँग जो उन्होंने की थी, वह थी पाकिस्तान में भारतीय राजदूत नटवर सिंह से बात करते हुए 5,00,000 अमरीकी डॉलर की डिलीवरी।

पाकिस्तान ने मामले में मुकदमा चलाया और अपहर्ताओं को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। हालाँकि, अक्टूबर 1994 में उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया। गजिंदर सिंह 2002 से भारत में ‘मोस्ट वॉन्टेड’ की सूची में है। भारत सरकार ने पाकिस्तान से गजिंदर सिंह को निर्वासित करने का बार-बार अनुरोध किया, लेकिन उसने हमेशा इस बात से इनकार किया कि कि वह पाकिस्तान में है। हालाँकि, सोशल मीडिया की हालिया पोस्ट पाकिस्तान की कथनी और करनी के फर्क को बता रहा है।

खालिस्तान: गजिंदर सिंह का मीडिया प्रोफाइल

ऑपइंडिया ने फेसबुक और इंस्टाग्राम पर गजिंदर सिंह के सोशल मीडिया अकाउंट के पोस्ट को देखा। हमें पता चला कि गजिंदर सिंह का पिछला फेसबुक अकाउंट हाल ही में सस्पेंड किया गया था, जिसके बाद उन्होंने एक नई आईडी बनाई है। हालाँकि, यह निश्चित रूप से नहीं कहा जा सकता है कि उनकी पिछली आईडी में कितने ‘खालिस्तान’ समर्थक पोस्ट किए गए थे और कितने ऐसे पोस्ट उनके वर्तमान प्रोफाइल पर प्राइवेट हैं।

अर्शदीप विवाद में गजिंदर ने गढ़ी खालिस्तानी कहानी

5 अगस्त को भारत के पाकिस्तान से एशिया कप मैच हारने के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर खूब प्रोपगेंडा चलाया गया। इसमें यह बताने की कोशिश की गई कि भारतीय अर्शदीप को ‘खालिस्तानी’ कहकर बदनाम कर रहे हैं। बाद में पता चला कि इसके पीछे पाकिस्तान का हाथ था और ऑल्ट न्यूज़ के मोहम्मद जुबैर जैसे लोगों ने इसे भारत में फैलाया।

स्रोत: फेसबुक

गजिंदर सिंह ने भी इस विवाद का फायदा उठाया और अपने फेसबुक अकाउंट पर एक पोस्ट पोस्ट किया। पंजाबी में उन्होंने लिखा, “भारतीय क्रिकेट टीम के सिख खिलाड़ी अर्शदीप सिंह दो दिनों से काफी चर्चा में हैं। पाकिस्तान के खिलाफ भारत के मैच के दौरान अर्शदीप कैच चुक गए। इसमें भारत हार गया। इसके बाद उनके खिलाफ भारतीय राष्ट्रवादियों ने उन्हें ‘खालिस्तानी’ बताकर अभियान चलाया।”

उन्होंने आगे कहा, “इस भारतीय अभियान का सबसे अच्छा जवाब यह है कि हम सभी खुले तौर पर कहते हैं, ‘मैं भी खालिस्तानी हूँ’ या ‘मुझे खालिस्तानी होने पर गर्व है’। कितना अच्छा होता अगर अर्शदीप सिंह और अन्य सिख खिलाड़ी खुलकर कहें कि उन्हें खालिस्तानी होने पर गर्व है।”

‘सिखों के लिए गाय भी अन्य जानवरों की तरह है’

एक अन्य पोस्ट में उन्होंने निहंग सिखों और डेरा राधास्वामी व्यास के अनुयायियों के बीच संघर्ष के बारे में बात की। हालाँकि वे स्पष्ट रूप से निहंगों के साथ खड़े थे। उन्होंने हिंदुओं के प्रति घृणा का प्रचार किया। उन्होंने कहा, “मैं निहंगों और गायों के बीच संबंध को नहीं समझता। हिंदू गाय को माँ के रूप में पूजते हैं। सिख नहीं करते। हमारे लिए गाय, भैंस, बकरी आदि एक ही हैं। हमारे सिख किस तरह के मामलों में फँस रहे हैं?”

स्रोत: फेसबुक

गजिंदर सिंह ने ‘गर्व से’ एयर इंडिया फ्लाइट के साथ अपनी तस्वीर पोस्ट की

29 अगस्त को गजिंदर सिंह ने अपने फेसबुक प्रोफाइल पर एयर इंडिया की फ्लाइट की पृष्ठभूमि में अपनी एक पुरानी पासपोर्ट साइज की तस्वीर पोस्ट की। फोटो के साथ उन्होंने पंजाबी में एक कविता लिखी, जिसमें उन्होंने सुझाव दिया कि वह ‘झंडा’ (खालिस्तान का) आसमान में सितारों के बराबर ऊँचा उठाना चाहते हैं।

स्रोत: फेसबुक

गजिंदर के इंस्टाग्राम अकाउंट में खालिस्तानी आंदोलन से जुड़े बहुत सारे पोस्ट हैं। वह नियमित रूप से अपनी सोशल मीडिया उपस्थिति का उपयोग सिख समुदाय को ‘खालिस्तान की स्थापना के लिए लड़ने’ के लिए लुभाने के लिए करता है।

अर्बन नक्सलियों से लेकर मुस्लिमों को भड़काने वालों तक, राहुल गाँधी की यात्रा को इन आंदोलनजीवियों का है समर्थन: यहाँ देखें सबकी कुंडली

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी तमिलनाडु के कन्याकुमारी से ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू कर रहे हैं। इस यात्रा के लिए उन्होंने ‘आंदोलनजीवियों’ से समर्थन जुटाया है। यात्रा से पहले बुलाई गई एक सभा में योगेंद्र यादव सहित उनके कई साथी जमा हुए थे। आइए, यहाँ हम आपको बताते हैं कि कॉन्ग्रेस ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह’ के कार्यकर्ताओं समेत किन आंदोलनजीवियों के सहारे इस यात्रा को सफल बनाने की सोच रही है। इसमें वही लोग शामिल हैं, जो CAA विरोधी रहे हैं और ‘किसान आंदोलन’ सहित कई बेमतलब के प्रदर्शनों का हिस्सा रहे हैं।

इनमें से कुछ वामपंथी हैं, कुछ खुद को समाजवादी बताते हैं तो कुछ ने गाँधीवादी का चोला ओढ़ रखा है। सबसे पहला नाम तो इसमें योगेंद्र यादव का ही है, जो CAA के विरोध के समय एक्टिविस्ट बन गए थे और ‘किसान आंदोलन’ के समय किसान। उन्होंने आंदोलनजीवियों का ‘राजा बाबू’ तो कहा ही जाता है। उनके अलावा हैं मेधा पाटकर। वही मेधा पाटकर, जिन्होंने नर्मदा बचाने के नाम पर आंदोलन कर के दशकों तक कच्छ के लोगों को पानी के लिए तरसाए रखा।

पर्यावरण के नाम पर विकास परियोजनाओं को रोक कर लोगों को परेशान करना मेधा पाटकर का पुराना पेशा है। हाल ही में AAP द्वारा उन्हें गुजरात में मुख्यमंत्री पद का प्रत्याशी बनाए जाने की भी अटकलें थीं, लेकिन बगावत के कारण इसे रोक दिया गया। फिर नाम आता है अरुणा रॉय का, जिनका जन्म सरकारी अधिकारियों के परिवार में हुआ था और वो खुद भी IAS में रही हैं। वो ‘मजदूर किसान शक्ति संगठन’ चलाती हैं।

‘अर्बन नक्सलियों’ की समर्थक अरुणा रॉय गाँधी परिवार की पुरानी वफादार हैं और यूपीए काल में देश चलाने के लिए सोनिया गाँधी की अध्यक्षता में जो सलाहकार समिति बनी थी, उसकी वो सदस्य रही हैं। उन्होंने NDTV पर आकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश और दंगों के आरोपितों का बचाव किया था। बॉम्बे हाईकोर्ट के पूर्व जज बीजी कोलसे पाटिल भी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में राहुल गाँधी के साथ हैं। राजनीति में भी वो किस्मत आजमा चुके हैं।

CAA विरोधी रैली के दौरान उन्होंने मुस्लिमों को भड़काते हुए कहा था कि तुमलोग जनसंख्या में 20 -25 करोड़ हो, ऐसे में पुलिस से कोई डर नहीं होना चाहिए। फिर नाम आता है अली अनवर अंसारी का, जो पसमांदा मुस्लिमों के नाम पर अपने ठेका चलाते हैं। फ़िलहाल वो बिहार में जातिगत जनगणना अभियान में भी सक्रिय हैं। महात्मा गाँधी के बेटे मणिलाल के पोते तुषार गाँधी का भी समर्थन है इस यात्रा को। वामपंथी आतंकियों का वो बचाव कर चुके हैं।

डॉक्टर सुनीलम, जिन्होंने हाल ही में दिल्ली के उप-राज्यपाल वीके सक्सेना पर भ्रष्टाचार के मनगढंत आरोप लगा थे, राहुल गाँधी की इस यात्रा को उनका भी समर्थन है। मेधा पाटकर और गुजरात दंगों में निर्दोषों को फँसाने की साजिश रचने वाले तीस्ता सीतलवाड़ का उन्होंने बचाव किया था। सफाई कर्मचारियों के नाम पर अपनी दुकान चलाने वाले बेजवाड़ा विल्सन का नाम भी इसमें शामिल है। अर्बन नक्सलियों के वो भी समर्थक हैं।

अब आते हैं देवानुरा महादेव पर, जो कन्नड़ लेखक हैं और मोदी सरकार पर उद्योगपतियों के हित के लिए काम करने का आरोप मढ़ चुके हैं। पूर्व प्रोफेसर गणेश एन देवी का भी इस यात्रा को समर्थक है, जो खुद को आदिवासी कार्यकर्ता बताते हैं। कथित गाँधीवादी पीवी राजगोपाल का भी राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ को समर्थन है। तथाकथित पत्रकार मृणाल पांडे, अजीबोगरीब लेख लिखती रहती हैं और कॉन्ग्रेस के मुखपत्र ‘नेशनल हेराल्ड’ से जुड़ी रही हैं, उन्हें तो इस यात्रा को समर्थन देना ही था। भारत मुस्लिमों के बीच बार-बार डर फैलाने वाली ‘योजना आयोग’ की पूर्व सदस्य सैयदा हमीद से भी राहुल गाँधी मिले थे।

‘इस सपने को पूरा करने के लिए पाकिस्तान बेचना पड़ेगा’: क्रिकेटर अहमद शहजाद ने ब्रैड पिट का नाम ले कराई जगहँसाई, एंकर भी खुद को रोक न पाए

पाकिस्तान के क्रिकेटर अहमद शहजाद (Ahmed Shehzad) की सोशल मीडिया में खिंचाई हो रही है। वजह उन्होंने इच्छा जाहिर की है कि अगर उनकी बॉयोपिक बने तो उसमें उनका किरदार हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पिट (Brad Pitt) निभाएँ। शहजाद का यह जवाब सुनकर सवाल पूछने वाले एंकर भी अपनी हॅंसी नहीं रोक पाए।

पाकिस्तानी पत्रकार सैयद याहसा हुसैनी को दिए इंटरव्यू में शहजाद ने यह बात कही। उनसे पूछा गया था कि अगर उनकी बॉयोपिक बने तो वह किस अभिनेता को अपना किरदार निभाते हुए देखना पसंद करेंगे। जवाब में शहजाद ने हॉलीवुड के सबसे महँगे एक्टर ब्रैड पिट का नाम ले लिया। इसका वीडियो क्लिप हुसैनी ने भी ट्विटर पर साझा किया है।

एक ट्विटर यूजर ने पाकिस्तान की कंगाली की ओर इशारा करते हुए लिखा, “इस सपने को पूरा करने के लिए उन्हें पाकिस्तान को बेचना होगा।”

एक अन्य यूजर ने लिखा, “जितना बड़ा आपका करियर है। उस पर तो 15 मिनट की ही बॉयोपिक बनेगी।”

नबील नाम के एक यूजर ने तंज कसते हुए हुए पूछा, “सर क्या आप सच में सोचते हैं कि अहमद शहजाद में इतनी काबलियत है कि कोई भी फिल्म निर्माता उनके जीवन पर एक बॉयोपिक के बारे में सोचेगा और वह भी हॉलीवुड के सबसे बड़े स्टार के साथ।”

एक और यूजर ने लिखा, “आपके (पाकिस्तानी पत्रकार) हँसने का तरीका एकदम सही जवाब है।”

यह वीडियो इस साल जुलाई का है, जो सोशल मीडिया पर अभी भी वायरल हो रहा है। बता दें कि शहजाद अहमद ने पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज वकार यूनुस पर उनका क्रिकेट करियर बर्बाद करने का आरोप लगाया था। इस साल जून में शहजाद ने कहा था कि 2016 में वकार ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड को एक रिपोर्ट दी थी, जिसमें कहा गया था कि अगर अहमद शहजाद और उमर अकमल को नेशनल टीम में वापस आना है, तो उन्हें घरेलू क्रिकेट खेलना जरूरी होगा।

शहजाद इस रिपोर्ट से नाराज दिखे थे, उनका मानना ​​​था कि इन बातों पर सामने बैठकर चर्चा होनी चाहिए थी। शहजाद ने कहा था, “मैंने यह पहले भी कहा है और मैं इसे फिर से कहूँगा कि कोहली का करियर आश्चर्यजनक रूप से आगे बढ़ा, क्योंकि उन्हें एमएस धोनी का साथ मिला। लेकिन दुर्भाग्य से पाकिस्तान में आपकी सफलता को लोग बर्दाश्त नहीं कर सकते। हमारे सीनियर खिलाड़ी और पूर्व क्रिकेटर क्रिकेट की दुनिया में किसी को सफल होते देखना पचा नहीं पा रहे हैं। यह पाकिस्तान क्रिकेट के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है।”

ममता के मंत्री मलय घटक के 6 ठिकानों पर CBI ने मारी रेड, अलमारी के ताले तोड़कर तलाशी ली: TMC समर्थकों ने हंगामा मचाया

कोयला तस्करी मामले की छानबीन के दौरान सीबीआई ने आज (7 सितंबर 2022) पश्चिम बंगाल में आसनसोल और कोलकाता समेत 6 जगहों पर छापेमारी की। ये सारी छापेमारी बंगाल के कानून व श्रम मंत्री मलय घटक (Moloy Ghatak) के ठिकानों पर की गई। इसमें एक जगह मलय घटक के भाई अभिजीत घटक से जुड़ी है और दूसरा बेटे-बहू का घर है।

जानकारी के मुताबिक, सीबीआई की 8 टीमें समूहों में विभाजित होकर बुधवार की सुबह अपने सुरक्षा दस्ते के साथ कानून मंत्री से जुड़े ठिकानों पर पहुँचीं और छापेमारी शुरू हुई। इसी बीच टीएमसी समर्थक भी उनके घर के बाहर इकट्ठा हो गए। उन्होंने वहाँ ‘मलय घटक जिंदाबाद’, ‘सीबीआई दूर हटो’ के नारे लगाए।

लेक गार्ड का घर जहाँ मंत्री का बेटा और बहू रहते हैं वहाँ पर ताला लगा हुआ था। ऐसे में सीबीआई अधिकारियों ने ताला खुलवाकर अंदर एंट्री की और अलमारी का लॉक तोड़कर लॉकर की तलाशी ली गई।

कथिततौर पर, मलय के घर छापेमारी कर यह पता लगाने का प्रयास हो रहा है कि कहीं उनका भी हाथ कोयला घोटाले में तो नहीं। इससे पहले कोयला तस्करी केस में अभिषेक बनर्जी से पूछताछ हो चुकी है। वहीं खुद मलय से सीबीआई से पहले प्रवर्तन निदेशालय ने भी पूछताछ की।

कोयला तस्करी मामला

उल्लेखनीय है कि कोयला तस्करी से जुड़ा मामला साल 2020 में दर्ज किया गया था। आरोप था कि हजारों करोड़ रुपए के अवैध रूप से खनन किए गए कोयले को बंगाल के पश्चिमी हिस्सों में रैकेट द्वारा बेचा गया। इसके अलावा शिकायत में ये भी बताया गया कि तस्करी से आए पैसों को नेताओं तक पहुँचाया गया।

अब जाँच एजेंसियाँ इसी आधार पर टीएमसी नेताओं से पूछताछ कर रही हैं। इस मामले में पिछले साल ईडी ने विशेष अदालत में चार्जशीट दायर की थी। आरोपितों में विनय मिश्रा, विकास और अशोक मिश्रा को आरोपित बनाया था। इसके अलावा केस में 8 आईपीएस अधिकारियों से भी पूछताछ हुई थी।

घोटालों में TMC नेताओं का नाम

बता दें कि बंगाल में तृणमूल कॉन्ग्रेस के कई नेता इन दिनों अलग-अलग घोटाले मामले में जाँच एजेंसियों की रडार पर हैं। इनमें अभिषेक बनर्जी, मलय घटक का नाम जहाँ कोयला तस्करी मामले में है। वहीं पार्थ चटर्जी से एसएससी स्कैम में और अनुब्रत मंडल से पशु तस्करी मामले में है।