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चौथे दिन ₹20 लाख को भी तरस गई तापसी पन्नू की ‘दोबारा’, बिना बॉयकॉट ही सुपर फ्लॉप: ₹75 करोड़ के पार पहुँची ‘कार्तिकेय 2’

जहाँ निखिल सिद्धार्त की फिल्म ‘कार्तिकेय 2’ बॉक्स ऑफिस पर लगातार धमाल मचा रही है, तापसी पन्नू की ‘दोबारा’ धड़ाम हो गई है। चौथे दिन सोमवार (22 अगस्त, 2022) को अनुराग कश्यप द्वारा निर्देशित ‘दोबारा’ का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 20 लाख रुपए के करीब था। इस तरह 4 दिनों में इसने मात्र 2.70 करोड़ रुपए की ही कमाई की है। पहले दिन इसने 70 करोड़, दूसरे और तीसरे दिन 90-90 करोड़ रुपए की कमाई की थी।

उम्मीद जताई जा रही है कि 30 करोड़ रुपए के बजट वाली ‘दोबारा’ साढ़े 3 करोड़ रुपए के अंदर ही सिमट जाएगी। इसके कलेक्शन अब गिरता ही चला जा रहा है। वहीं ‘कार्तिकेय 2’ हिंदी भाषा में भी धमाल मचा रही है। जन्माष्टमी में फिल्म ने खासकर महाराष्ट्र और गुजरात से शानदार कमाई की। पहले सप्ताह में इसके हिंदी वर्जन का बॉक्स ऑफिस कलेक्शन मात्र 4.75 करोड़ रुपए था, लेकिन दूसरे सप्ताह में इसने 9.25 करोड़ रुपए की कमाई कर डाली।

इस तरह ‘कार्तिकेय 2’ ने अब तक 16.30 करोड़ रुपए से अधिक की नेट कमाई सिर्फ हिंदी वर्जन से की है। वहीं दुनिया भर में फिल्म की कमाई 75 करोड़ रुपए के पार पहुँच गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि ये जल्द ही 100 करोड़ रुपए का आँकड़ा छू लेगी। अकेले अमेरिका में फिल्म ने 1 मिलियन डॉलर (8 करोड़ रुपए) की कमाई कर ली है। फिल्म के निर्माता अभिषेक अग्रवाल हैं, जो ‘द कश्मीर फाइल्स’ के प्रोड्यूसर भी थे।

गौरतलब है कि, ‘दोबारा’ के प्रमोशन के दौरान जब फ़िल्म के डायरेक्टर अनुराग कश्यप और तापसी पन्नू से आमिर खान की फ़िल्म ‘लाल सिंह चड्ढा’ और अक्षय कुमार की फिल्म ‘रक्षा बंधन’ के खिलाफ चलाए गए बॉयकॉट कैंपेन को लेकर सवाल किया गया था। तब, अनुराग कश्यप ने कहा था, “मैं चाहता हूँ कि ट्विटर पर ‘हैशटैग बायकॉट कश्यप’ ट्रेंड करें।” वहीं तापसी पन्नू ने भी अनुराग कश्यप की हाँ में हाँ मिलाते हुए कहा था, “कृपया सभी लोग हमारी फिल्म दोबारा का बहिष्कार करें। अगर आमिर खान और अक्षय कुमार जैसे अभिनेताओं का बहिष्कार किया जा रहा है, तो मैं भी इस लीग में शामिल होने चाहती हूँ।”

‘कौन रोकेगा देख लेंगे, मुझे डरने की ज़रूरत नहीं’: बॉयकॉट ट्रेंड पर बोले ‘Liger’ के हीरो – हमें पता था ड्रामा होगा, जिसको देखना है देखेगा

अभिनेता विजय देवरकोंडा (Vijay Deverakonda) इन दिनों अपनी अपकमिंग फिल्म ‘लाइगर’ (Liger) को लेकर चर्चा में हैं। रिलीज के पहले से ही #BoycottLigerMovie ट्विटर पर ट्रेंड कर रहा है। इस पर बात करते हुए विजय ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) से कहा, “लाइगर के साथ थोड़ा ड्रामा तो हमने एक्सपेक्ट किया था, लेकिन हम इसका सामना करेंगे। हमने इस फिल्म को बनाने में खून-पसीना एक किया है। मुझे लगता है कि मैं सही हूँ। यहाँ डर के लिए कोई जगह नहीं है।”

बीते कुछ दिनों से विजय की एक छोटी क्लिप सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रही है। इसमें वह अनन्या पांडे के साथ दिखाई दे रहे हैं। क्लिप में वह खुद को कूल दिखाते हुए कह रहे हैं, “मुझको लगता है हम इन लोगों को कुछ ज्यादा ही भाव दे रहे हैं। हमको क्या है। हम तो पिक्चर बनाएँगे। जो देखना चाहते हैं देखेंगे। जो नहीं देखना चाहते हैं वो टीवी में या फोन में देखेंगे। हम क्या कर सकते हैं।” इस बयान को सुनने के बाद लोग कह रहे हैं- अब तुम बॉयकॉट की ताकत देखना।

यूजर्स का उनसे कहना है, “भाई तुम अच्छे एक्टर हो लेकिन तुम इस तरह बॉलीवुड से नजदीकियाँ बढ़ाकर अपने को मुश्किल में डाल रहे हो। अल्लू अर्जुन और महेश बाबू को फॉलो करो।”

सोशल मीडिया पर अपनी फिल्म के बॉयकॉट की ख़बरों को लेकर उन्होंने आगे कहा, “जब मेरे पास कुछ नहीं था, तब भी मैं नहीं डरा और आज जब मैंने थोड़ा बहुत हासिल कर लिया है, तो मुझे नहीं लगता कि मुझे डरने की जरूरत है। माँ का आशीर्वाद है, लोगों का प्यार है, भगवान का हाथ है, अंदर आग है, कौन रोकेगा देख लेंगे।” ‘अर्जुन रेड्डी’ फिल्म के अभिनेता ने अपने स्ट्रगलिंग के दिनों को याद करते हुए बताया, “मुझे लगता है कि जिंदगी ने मुझे लड़ना सिखा दिया है।”

उन्होंने कहा, “पहले मुझे सम्मान और पैसे के लिए लड़ना पड़ा, उसके बाद मुझे इंडस्ट्री में अपनी जगह और काम के लिए लड़ना पड़ा। हर फिल्म मेरे लिए किसी लड़ाई से कम नहीं थी। जब मैं अपनी पहली फिल्म कर रहा था, तो हमें इसके लिए प्रोड्यूसर नहीं मिल रहे थे।”

बता दें कि स्पोर्ट्स ड्रामा पर आधारित फिल्म ‘लाइगर’ 25 अगस्त को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इस फिल्म से विजय हिंदी सिनेमा में डेब्यू करने जा रहे हैं। इस फिल्म को हिंदी, तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम में रिलीज किया जाएगा। ‘लाइगर’ को जगन्नाथ, चार्मी कौर, करण जौहर और अपूर्व मेहता ने मिलकर प्रोड्यूस किया है।

बिग-ब्रेकिंग: रवीश कुमार का NDTV से इस्तीफा, ZeeNews के DNA में दिखेंगे… ब्रेकिंग: अडानी ने खरीद लिया NDTV

NDTV से जुड़ी 2 खबर है। पहले छोटी खबर:

NDTV बिकने को तैयार है। फॉर्च्यून कड़ुआ तेल (सरसों तेल, कच्ची घानी वाली) बेचने वाली कंपनी अडानी (Adani) ने NDTV में 29.18% हिस्सेदारी हासिल कर ली है। इसके बाद ओपन ऑफर भी लॉन्च कर दिया है।

खबर पक्की है। वामपंथियों के सरताज The Hindu ने भी ट्वीट कर दिया है। खबर तो हालाँकि पहले भी थी लेकिन वामपंथियों ने तब इसे अफवाह बता दिल को थाम लिया था।

अब बड़ी खबर:

रवीश कुमार ने दुख की इस घड़ी में NDTV से इस्तीफा दे दिया। यह खबर NDTV के भीतर रहने वाले मेरे सोर्स ने ही बताया। मैंने इतने साल मीडिया में रह कर कई सोर्स कमाए हैं। NDTV का यह सोर्स मुझे वहाँ के भीतर तक की खबर देता है।

वामपंथी लोगों को दिल से बुरा लगा है… लेकिन इसे सामान्य खबर मान दिल बहला रहे हैं, आँसू रोके रखे हैं… प्लाकार्ड नहीं निकाले हैं। NDTV-माइनस-रवीश वाली खबर पर कई लोग “कोई और आएगा, झंडा बुलंद करेगा” जैसे क्रांति गीत गा रहे। रवीश कुमार NDTV से इस्तीफा दे चुके हैं लेकिन आपातकाल-गीत नहीं बज रहा… यह मीडिया और वामपंथियों के लिए शर्म की बात है।

रवीश कुमार हिंदी मीडिया के एकमात्र पत्रकार हैं, इसमें कोई शक नहीं। शक इसमें भी नहीं कि NDTV ही एक मात्र ऐसी जगह थी, जिसके पत्रकारों और उनके राडिया टेप के कारण चौथा खंभा टिका हुआ था लेकिन भूखा आदमी आखिर करे क्या? कड़ुआ तेल थोड़े ना पी के रह लेगा!

अभी न जाओ छोड़ कर कि दिल अभी भरा नहीं

2015 में रवीश कुमार ने यह गाना गाया था। रवीश ने तब प्यार से इस्तीफा को इस्तीफ़ू बुलाते हुए गाना गाया था… “अभी न जाओ छोड़ कर कि दिल अभी भरा नहीं।” 2015 की चीज को अभी क्यों याद करवा रहा हूँ? कारण है। दुख, तकलीफ, दर्द… वो सब जो रवीश ने NDTV में रहते हुए झेला। कैसे?

रवीश कुमार ने कुछ यूँ लिखा था इस्तीफू

“तुम्हें कभी न लिख पाने वाला एक पत्रकार” – इस कारण की बात कर रहा था मैं। इस्तीफ़ू पर पत्र लिख कर रवीश ने निशाना किसी और पर साधा लेकिन हस्ताक्षर करते वक्त ‘मन की बात’ लिख ही डाली।

खबर Zee News से भी

यह सोर्स वाली खबर है। लेकिन इसमें मुझे भीतर तक की खबर नहीं है। बस इतना जानता हूँ कि सोर्स है बहुत दमदार। रवीश कुमार और सुधीर चौधरी दोनों को दाएँ-बाएँ लेकर चलता है।

NDTV और अडानी के बीच डील की खबर रवीश कुमार को लग गई थी। बड़े पत्रकार हैं, लगनी भी चाहिए। लेकिन पत्रकारिता पर दाग न लगे, इसलिए रवीश ने इस्तीफ़ू दे दिया। क्यों?

क्योंकि रामदेव के विज्ञापन को NDTV पर रवीश झेल जाते थे, अडानी को कैसे झेलते… इसका रास्ता नहीं दिखा। यह भी गवारा नहीं कि हर दिन स्क्रीन काली ही कर दी जाए। क्योंकि TV नहीं देखने के लिए रवीश हमेशा बोलते रहे थे, रहे हैं… NDTV नहीं देखने पर आज तक नहीं बोले हैं… हेहेहे!

इसलिए इस्तीफ़ू दे दिया। लेकिन Zee News वाली खबर इस्तीफ़ू के पहले की है। दमदार सोर्स ने बताया कि इस्तीफ़ू से पहले वो Zee News के ऑफिस जाकर प्राइम टाइम वाला DNA बुक कर लिए थे। बस एक शर्त माननी पड़ी। प्राइवेट नौकरी बिना शर्तों के होती भी कहाँ है!

और शर्त ये है – रवीश कुमार के DNA शो में Adani के फॉर्च्यून कड़ुआ तेल का विज्ञापन साथ-साथ चलता रहेगा… हेहेहे!

NDTV में अडानी ने खरीदी 29.18% हिस्सेदारी, कहा – अब ये लोगों तक पहुँचाएगा हमारा विजन

एएमजी मीडिया नेटवर्क लिमिटेड (AMNL) ने NDTV में अप्रत्यक्ष रूप से 29.18% शेयर्स खरीदे हैं। ये सौदा ‘विश्वप्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड (VCPL)’ और ‘RRPR होल्डिंग प्राइवेट लिमिटेड’ के जरिए हुआ है। जहाँ VCPL पूरी तरह से AMNL की 100% सब्सिडियरी कंपनी है, वहीं RRPR एनडीटीवी की प्रमोटर कंपनी में। इस कंपनी में AMGNL ने 99.5% इक्विटी ख़रीदने का निर्णय लिया है। NDTV के पास 3 राष्ट्रीय चैनल हैं।

अडानी समूह ने एक प्रेस रिलीज के जरिए इसकी जानकारी दी है। इस अधिग्रहण के बाद RRPR का नियंत्रण पूरी तरह VCPL के पास आ जाएगा। इस कंपनी के पास NDTV में 29.18% शेयर्स हैं। इसके अलावा AMNL और AEL एक ओपन ऑफर भी लॉन्च करेंगे, जिसके तहत NDTV में 26% स्टेक्स उनके पास होंगे। कंपनी ने बताया है कि अधिग्रहण को लेकर नियामक संस्था SEBI द्वारा बनाए गए कानून के तहत ऐसा हो रहा है।

अडानी समूह ने अपनी प्रेस रिलीज में NDTV को एक प्रमुख मीडिया हाउस बताते हुए कहा है कि इसके पास 3 दशकों से विश्वसनीय ख़बरें देने का अनुभव है। इसके पास NDTV 24×7, NDTV India और NDTV प्रॉफिट नाम के 3 न्यूज़ चैनल हैं। अडानी समूह ने कहा कि NDTV की ऑनलाइन उपस्थिति भी दमदार है, जहाँ वो विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर 3.5 करोड़ फॉलोवर्स के साथ सबसे ज्यादा फॉलो किए जाने वाले चैनलों में से एक है।

NDTV में स्टेक खरीदने के बाद अडानी की प्रेस रिलीज

AMNL सभी प्लेटफॉर्म्स ‘न्यू एज मीडिया’ की स्थापना का लक्ष्य लेकर चल रहा है और इसके CEO संजय पुगलिया का कहना है कि इस दिशा में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि कंपनी भारतीय नागरिकों को और जो भारत में रुचि रखते हैं उन्हें सशक्त करना चाहती है। उन्होंने कहा कि हमारे विजन को लोगों तक पहुँचाने के लिए NDTV एक अच्छा माध्यम है। कंपनी ने NDTV की न्यूज़ डिलीवरी और लीडरशिप को मजबूत करने की बात भी कही है

मजहब के हिसाब से नहीं ढलता बदन, फिर पीरियड आते ही निकाह कबूल कैसे: दूध पीती बच्ची से ‘कामुक हरकत (लिंग प्रवेश नहीं) जायज’ वाली सोच से कब लड़ेंगे मुस्लिम

भारत में लड़कियों के विवाह की न्यूनतम आयु 18 वर्ष कानून से तय है। लेकिन बात जब मुस्लिम लड़कयों की होती है तो अदालतों के हाथ इस्लामी कानून के कारण बंध जाते हैं। हाल में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक आदेश में 15 साल की लड़की निकाह को जायज ठहराया। लड़की के घरवाले इसके खिलाफ थे। फिर भी बच्ची के निकाह को मानते हुए उसे उसके शौहर के साथ रहने की अनुमति दी गई। कोर्ट ने उन्हें आश्वस्त भी किया कि अगर वह दोनों साथ रहना चाहते हैं तो कोई उन्हें अलग नहीं कर सकता।

कैसे माना गया निकाह जायज? क्या कहता है इस्लामी कानून

निकाह आदि के मामले में इस्लाम का कानून, भारतीय कानून से अलग चलता है। इस्लाम पर्सनल लॉ कहता है कि अगर लड़की सयानी हो गई है तो उसका निकाह करने में कोई दिक्कत नहीं है। हालाँकि सयानी होने की उम्र कितनी होती है ये इस कानून में स्पष्ट नहीं है। मेडिकली मानते हैं कि लड़की 15 साल की उम्र तक प्यूबर्टी को छूती है। लेकिन व्यवहारिक तौर पर देखें तो ये कई लडकियों को मासिक धर्म कम उम्र में भी शुरू हो जाते हैं। ऐसे में इस्लाम की परिभाषा के अनुसार, वो 15 की हो या कम की, सयानापन आते ही उनका निकाह जायज हो जाता है।

भारत में विवाह की सही उम्र के लिए कानून

मुस्लिम सुमदाय के लोग मानें या न मानें लेकिन अन्य समुदाय के लोग शादी की उम्र पर बात करते हुए तय कानून को मानते हैं। इसका कारण यही है कि शादी की जो उम्र 18 साल बनाई गई है वो बहुत सोच-विचारने के बाद तय हुई है। आगे भी इसके बढ़ने की संभावना है।

सबसे पहले 1860 के इंडियन पीनल कोड में शादी की उम्र का कोई जिक्र नहीं था, लेकिन 10 साल से कम उम्र की लड़की के साथ शारीरिक संबंध को गैरकानूनी बताया गया था। फिर धर्म के आधार पर शादी की उम्र को लेकर कानून आए जैसे इंडियन क्रिश्चियन मैरिज एक्ट, हिंदू मैरिज एक्ट। 

इस बीच 1929 में पहली बार शादी की उम्र को लेकर कानून बना। बाल विवाह निरोधक कानून 1929 के अनुसार शादी के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 18 साल और लड़की की न्यूनतम आयु 16 साल तय की गई। फिर 1978 में बाल विवाह कानून में संशोधन किया गया। इसमें लड़के की शादी की न्यूनतम उम्र 21 साल और लड़की की 18 साल कर दी गई।

इसके बाद 1929 के बाल विवाह निषेध अधिनियम को निरस्त कर केंद्र सरकार बाल विवाह निषेध कानून 2006 लेकर आई। नवंबर 2007 से यह कानून लागू किया गया। आज यह कानून सभी धर्मों पर लागू होता है। लेकिन, मुस्लिम पर्सनल लॉ (शरीयत) एप्लीकेशन एक्ट 1937 की वजह से यह पूरी तरह कारगर साबित नहीं हो पा रहा।

क्या-क्या होगा जायज?

अब हालात जब ये हैं कि हमारी अदालतें भी इस कानून के आगे इतना बंध गई है तो सवाल उठना जाहिर है कि आखिर कब तक मजहबी कानून के आधार पर समाज में फैसले होंगे। एक ओर इस्लाम लड़की के सयानी होने की उम्र को उसके निकाह की सही उम्र मानता है। तो दूसरी ओर ये भी कहता है कि दूध पीती बच्ची के कामुक टच भी जायज है, बस लिंग प्रवेश नहीं होना चाहिए।

मौजूद जानकारी के अनुसार, ये बात ईरान के संस्थापक अयातुल्लाह खुमैनी ने अपनी किताब में कह रखी है, “लड़की के 9 साल के होने से पहले सेक्स नहीं करना चाहिए। भले ही वह स्थाई या अस्थाई निकाह ही क्यों न हो। इसके अलावा अन्य तमाम हरकतें की जा सकती हैं जिसमें कामुक टच, गले लगाना और पैरों के बीच में प्राइवेट पार्ट रगड़ना शामिल है। यहाँ तक कि ये सब किसी दूध पीती बच्ची के साथ भी जायज है।”

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मजहब देखकर नहीं पड़ता शरीर पर असर

लड़कियों के लिए शादी की सही उम्र 16 हो, 18 हो या 21 हो- इस पर बहस लंबे समय से हो रही है। जाहिर है कि इसके पीछे कारण सिर्फ सामाजिक नहीं हैं। मेडिकली भी माना जाता है कि इस तरह कम उम्र में लड़कियों की शादियाँ उनकी शारीरिक, मानसिक विकास के लिए सही नहीं होता।

पढ़ने की उम्र में लड़कियाँ घर के काम-काज में उलझ जाती हैं। उनका मानसिक विकास चार दिवारी में होना शुरू होता है और वहीं सीमित रह जाता है। इसी तरह हेल्थ की बात करें तो कई अध्य्यन हैं जो कहते हैं कि कम उम्र में शादी के बाद प्रसव के समय माँ और बच्चा दोनों की जान को खतरा बराबर रहता है।

कई बार कमजोर शरीर के कारण गर्भपात के खतरे बढ़ जाते हैं और कई बार वे एनिमिया, हाई ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों की शिकार हो जाती हैं। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ साइंस पर प्रकाशित एक लेख बताता है कि कम उम्र में लड़कियों की शादी उनके लिए तमाम बीमारियाँ लेकर आती हैं। कई बार उन्हें यौन संबंधी समस्या हो जाती हैं, तो कभी बार सर्वाइकल कैंसर से उन्हें जूझना पड़ता है।

ncbi पर प्रकाशित लेख से लिया स्क्रीऩशॉट

इंसानी शरीर को मद्देनजर रखते हुए किए गए विज्ञान के शोध मजहब देखकर नहीं किए जाते। न ही ऐसे शोधों में मजहब का कोई रोल होता है। अगर विज्ञान इस बात को कह रहा है कि बाल विवाह के बाद की समस्याएँ लड़की के शरीर के लिए खतरनाक हैं, तो ऐसा नहीं है कि उसने सिर्फ हिंदू, ईसाई लड़कियों को देख अपने निष्कर्ष दिए। इसमें मुस्लिम लड़कियाँ भी आती हैं जिनके निकाह की उम्र उनके माहवारी के बाद से शुरू हो जाती है।

’29 सितंबर को मनीष सिसोदिया हाजिर हो’: दारू घोटाले में घिरे दिल्ली के डिप्टी सीएम को असम की अदालत ने बुलाया, CM सरमा की पत्नी को बताया था करप्ट

दिल्ली में शराब (दारू) घोटाले को लेकर सीबीआई की जाँच में घिरे उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को असम के कामरूप की सीजेएम कोर्ट ने समन भेजकर 29 सितंबर, 2022 को हाजिर होने को कहा है। मानहानि का यह पूरा मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा से जुड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, असम के CM हिमंत बिस्व सरमा ने दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ 30 जून को कामरूप (ग्रामीण) सीजेएम कोर्ट में आपराधिक मानहानि का केस दायर किया था। इसी संबंध में सीजेएम कोर्ट ने समन भेजकर मनीष सिसोदिया को तलब किया है।

बता दें कि आप नेता मनीष सिसोदिया ने दिल्ली में 4 जून, 2022 को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया था कि असम सरकार ने सीएम सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की कंपनी जेसीबी इंडस्ट्रीज व उनके बेटे के व्यावसायिक भागीदार को पीपीई किट की आपूर्ति का ठेका दिया था। उन्होंने दावा किया था कि कोरोना महामारी काल में 2020 में यह आपूर्ति पीपीई किट की बाजार दर से ज्यादा दाम पर की गई थी।

वहीं CM सरमा ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए मनीष सिसोदिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था। इसके साथ ही सरमा ने अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों के खिलाफ मनीष सिसोदिया से स्पष्टीकरण माँगा था लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सिसोदिया के खिलाफ आपराधिक मानहानि का मामला दर्ज कराया।

गौरतलब है कि असम के मुख्यमंत्री से पहले उनकी पत्नी रिंकी भूइयां सरमा ने भी मनीष सिसोदिया के खिलाफ मानहानि का केस दर्ज कराया था। उन्होंने गुवाहाटी कामरूप सिविल जज की अदालत में मानहानि का सिविल केस दर्ज कराते हुए 100 करोड़ रुपए हर्जाने की माँग की है। रिंकी भूइंया और हिमंत बिस्वा सरमा ने सिसोदिया के आरोपों को खारिज करते हुए इन्हें झूठा बताया था। उन्होंने बताया था कि जेसीबी इंडस्ट्रीज ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को ये पीपीई किट दान में दिए थे।

‘खाने में कुछ गड़बड़ लग रही है, शरीर पर असर पड़ रहा’: मौत से पहले सोनाली फोगाट ने माँ को किया था कॉल, बहन ने जताई साजिश की आशंका

भाजपा नेता और टिकटॉक स्टार सोनाली फोगाट (Sonali Phogat) की गोवा में संदिग्ध मौत को उनकी बहन ने साजिश करार दिया है। बहन रूपेश के मुताबिक, सोनाली फोगाट ने सोमवार (22 अगस्त 2022) सुबह माँ से बात की थी। उन्होंने माँ से कहा था, “मुझे कुछ गड़बड़ लग रही है। ऐसा लग रहा है कि मेरे खिलाफ कोई साजिश हो रही है।” रूपेश ने बताया, “सोनाली ने माँ को खाने में गड़बड़ी होने की बात भी बताई थी। उसने कहा था कि खाने का असर उसके शरीर पर पड़ रहा है। इसलिए परिवार को शक है कि उसकी हत्या की गई है। इस मामले में CBI जाँच होनी चाहिए।”

सोनाली की बहन ने बताया, “रविवार (21 अगस्त 2022) को सोनाली से बात हुई थी। तब वह बिल्कुल ठीक थी। अपने फार्म हाउस पर थी, लेकिन माँ से बात करते हुए उसने कहा कि उसे कुछ ठीक नहीं लग रहा है। जैसे किसी ने कुछ कराया हो। सोमवार (22 अगस्त 2022) शाम को भी माँ से सोनाली ने इस बारे में बात की। तब भी उसने कहा कि खाना खाने के बाद उनके शरीर में कुछ हरकत सी हो रही है। ऐसा लग रहा है कि खाने में कुछ गड़बड़ की गई है, शायद कोई साजिश रच रहा है। सुबह मैसेज आया कि दिल का दौरा पड़ने से उसकी मौत हो गई।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सोनाली की मौत सोमवार (22 अगस्त, 2022) की रात हुई। उन्हें नॉर्थ गोवा स्थित अंजुना के सेंट एंथोनी हॉस्पिटल लाया गया। उन्होंने बेचैनी की शिकायत की थी। वहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। पुलिस ने शुरुआती जाँच में हार्ट अटैक को मौत का कारण बताया है। गोवा डीजीपी जसपाल सिंह ने भी इसकी पुष्टि की है कि फोगाट अंजुना में ‘Curlies’ रेस्टोरेंट में थीं। इस दौरान उन्हें बेचैनी की शिकायत हुई। उन्होंने बताया कि सोनाली फोगाट के शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह का पता चल जाएगा।

बता दें कि भाजपा ने 2019 में सोनाली फोगाट को हरियाणा विधानसभा चुनाव में आदमपुर से कॉन्ग्रेस के कुलदीप बिश्नोई के विरुद्ध उतारा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। हालाँकि, अब कुलदीप बिश्नोई भी कॉन्ग्रेस से बागी होकर भाजपा में आ चुके हैं। AAP ने इस मौत को संदिग्ध और रहस्यमयी बताते हुए जाँच की माँग की है। मौत से 12 घंटे पहले ही इंस्टाग्राम पर उन्होंने वीडियो डाला था और ट्विटर पर प्रोफाइल तस्वीर बदली थी। सोनाली फोगाट ने कुछ टीवी सीरियलों और वेब सीरीज में भी काम किया था। उनकी उम्र मात्र 42 साल थी। उन्होंने हिसार में ‘हरियाणा कला परिषद’ के साथ भी काम किया था।

‘क्या किसी ने ज़ाकिर नाइक से कहा माफी माँगने के लिए?’: नूपुर शर्मा को मिला राज ठाकरे का समर्थन, हलाल मीट के खिलाफ MNS का अभियान

MNS (महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना) सुप्रीमो राज ठाकरे ने भाजपा की निलंबित नेता नूपुर शर्मा का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा ने जो बात कही वही बात ज़ाकिर नाइक ने भी कही थी, लेकिन उससे कोई माफ़ी की माँग क्यों नहीं कर रहा? राज ठाकरे ने कहा कि जब से नूपुर शर्मा का बयान आया है, काफी राजनीति हो रही है और कोई उनका समर्थन नहीं कर रहा। बता दें कि राज ठाकरे कुछ दिनों से स्वास्थ्य लाभ ले रहे थे।

उन्होंने कार्यकर्ताओं के साथ लंबे समय बाद हुई बैठक में ये बातें कही। उन्होंने कहा कि नूपुर शर्मा पर माफ़ी माँगने के लिए काफी दबाव बनाया गया, लेकिन ज़ाकिर नाइक से किसी ने माफ़ी माँगने के लिए नहीं कहा। बीमारी से ठीक होने के बाद पार्टी कैडर के बीच पहुँचे राज ठाकरे ने लंबी लड़ाई का आह्वान किया है। उनके कूल्हे की सर्जरी हुई थी। लेकिन, अब निकाय चुनावों से पहले वो सक्रिय हो गए हैं। उन्होंने हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी के भाई अकबरुद्दीन के उस बयान का जिक्र करते हुए उस पर भी हमला बोला, जिसमें उसने हिन्दुओं को दी थी।

राज ठाकरे ने इस दौरान अपने चचेरे भाई उद्धव ठाकरे पर भी हमला बोला और उन्हें याद दिलाया कि शिवसेना के संस्थापक बालासाहेब ठाकरे ने ही ये नियम बनाया था कि गठबंधन में जिस पार्टी के ज्यादा विधायक होंगे, मुख्यमंत्री भी उसी का बनेगा। उन्होंने याद दिलाया कि 2019 महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ही नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने कह दिया था कि देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री होंगे, तब शिवसेना ने कोई आपत्ति नहीं जताई थी।

राज ठाकरे की पार्टी ने ये भी ऐलान किया है कि वोहलाल मांस के खिलाफ भी अभियान चलाएगी। उसने इसे टेरर फंडिंग से जोड़ते हुए कहा कि हिन्दुओं की आजीविका और राजस्व पर भी इसके कारण गलत असर पड़ा है। मनसे ने कहा कि हलाल मीट आतंकियों को वित्तीय मदद पहुँचाने वाला सबसे बड़ा तंत्र है, ऐसे में न सिर्फ झटका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि शाकाहारी लोग भी इससे प्रभावित हो रहे हैं। मनसे के ‘व्यापारी सेना’ ने एक खुले खत के माध्यम से अपील की है कि हमारा पैसा आतंकियों की मदद के लिए नहीं जाना चाहिए।

गोरखनाथ मंदिर को उड़ाने की धमकी, हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक कमेंट: मुबारक अली गिरफ्तार, पड़ोसी को फँसाने के लिए रची थी साजिश

उत्तर प्रदेश की महाराजगंज पुलिस ने प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर को उड़ाने की धमकी देने वाले मुबारक अली को गिरफ्तार किया है। उसने फेसबुक के जरिए मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। महाराजगंज पुलिस ने सोमवार (22 अगस्त 2022) को बताया कि फर्जी फेसबुक आईडी (Facebook ID) बनाकर धमकी दी गई थी। अली के पास से दो मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक आतिश कुमार सिंह ने उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि की है। मुबारक अली कोतवाली थाना क्षेत्र के मटिहानिया गाँव का रहने वाला है। उसने कुछ दिन पहले ही फर्जी फेसबुक आईडी बनाकर गोरखनाथ मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। गिरफ्तार के बाद बताया कि पड़ोसी बसालत अली को फँसाने के लिए उसने ऐसा किया था। मुबारक ने फेसबुक पर फेक आईडी बसालत के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करके ही बनाई थी। इस आईडी से उसने हिंदू देवी-देवताओं पर आपत्तिजनक कमेंट भी किए थे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुबारक अली ने गाँव के ही बसालत अली से 40 हजार रुपए उधार लिए थे। वह पैसा नहीं लौटाना चाहता था। इसके कारण उसने बसालत को फँसाने की साजिश रची। बसालत के नंबर का इस्तेमाल कर फेक आईडी बनाई। उससे धमकी दी ताकि बसालत फँस जाए। लेकिन जाँच में वह पकड़ा गया।

गिरफ्तारी के बाद टी राजा सिंह BJP से सस्पेंड: हैदराबाद में लगे ‘सर तन से जुदा’ के नारे, कॉन्ग्रेस MLA राशिद खान ने कहा- मुसलमान कौम सड़कों पर उतरो

तेलंगाना में टी राजा सिंह की टिप्पणी के बाद शहर का माहौल गरमाया हुआ है। जगह-जगह ‘सर तन से जुदा’ के नारे लग रहे हैं। पुलिस राजा सिंह को गिरफ्तार कर चुकी है। बीजेपी ने भी राजा सिंह को पार्टी से निलंबित कर दिया है। लेकिन इसी बीच कॉन्ग्रेस नेता राशिद खान का एक भड़काऊ बयान सामने आया है।

ये भाषण गिरफ्तारी होने से पहले का है। इसमें राशिद खान सड़कों पर आकर आग लगाने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने कहा है कि अगर टी राजा सिंह के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं हुई तो वह कानून व्यवस्था को खराब कर देंगे। शहर में आग लगा देंगे।

राशिद खान प्रदेश में कॉन्ग्रेस कमिटी के सचिव हैं। उन्होंने टी राजा सिंह की गिरफ्तारी की माँग उठाने के दौरान कहा था,

“राजा सिंह हमेशा हमारे रसूल की शान में गुस्ताखी करते आ रहा है। ये आदमी गुस्ताख-ए-रसूल है। गुस्ताख-ए-इस्लाम है। इसे सलाखों के पीछे भेजो। अगर टी राजा सिंह की गिरफ्तारी नहीं हुई तो शहर में आग लगा दूँगा। अमन और सुकून गायब कर दूँगा। हर वक्त ऐसा हो कर रहा है। पुलिस डिपार्टमेंट सो रहा है। सीएम सो रहा है। गृहमंत्री सो रहा है। पूरे लोग नींद से उठ जाओ। इसे हिरासत में नहीं लिया गया तो मैं शहर की कानून-व्यवस्था खराब कर दूँगा।”

राशिद खान ने मुस्लिमों को भड़का कर सड़कों पर उतरने को कहा। राशिद ने कहा,

“मुसलमान कौम सड़कों पर उतरो। नींद से उठो। राजा सिंह हमारे रसूल की शान में गुस्ताखी कर रहा है। हम खामोश बैठकर तमाशा देख रहे हैं। नहीं! तमाशा हम नहीं देखने वाले। हम सड़कों पर उतरेंगे। अल्लाह की कसम, अगर 23 अगस्त तक यदि उसे गिरफ्तार नहीं किया गया तो फिर 24 अगस्त मैं गोशामहल को अंगार में बदल दूँगा। मैं किसी की नहीं सुनूँगा। गिरफ्तारी नहीं हुई तो मैं कानून व्यवस्था बर्बाद कर दूँगा।”

इससे पहले राशिद खान ने वसीम रिजवी के लिए भी ऐसे भड़काऊ बयान दिया था। राशिद ने कहा था कि वो ऐलान करते हैं जो कोई भी वसीम का सिर काट कर लाएगा उसे वो 25 लाख रुपए का इनाम देंगे। इसके अलावा राशिद खान बीते दिनों चार मीनार के पास नमाज पढ़ने की पैरवी भी कर चुके हैं। अब उन्होंने टी राजा सिंह की टिप्पणी को मुद्दा बनाकर कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की बात की है।

बता दें कि टी राजा सिंह की वीडियो के बाद उनके विरुद्ध राज्य पुलिस ने आईपीसी की 153ए, 295 और 505 के तहत कार्रवाई की, जबकि बीजेपी ने उनको सस्पेंड किया है। पार्टी ने उन्हें ‘कारण बताओ’ नोटिस भेज 10 दिन का समय दिया है ताकि वो बता सकें कि आखिर पार्टी को उन्हें क्यों नहीं निकालना चाहिए।