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‘तिरंगे का अपमान, तिलक देख हिंदू युवक को चाकू घोंपा’: शिवमोगा बवाल पर बोले चश्मदीद- सावरकर की जगह लगाना चाहते थे जिन्ना का पोस्टर

कर्नाटक के शिवमोगा में वीर सावरकर के पोस्टर पर हुए बवाल के बाद अब चश्मदीदों ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। बताया जा रहा है कि जहाँ पर सावरकर के पोस्टर फाड़े गए वहाँ पर तिरंगे का भी अपमान हुआ। कथिततौर पर सावरकर की तस्वीर फाड़ने वाले उस जगह टीपू सुल्तान और मोहम्मद अली जिन्ना के पोस्टर लगाना चाहते थे। वहीं प्रेम सिंह को चाकू मारने वालों को लेकर बताया गया है कि हमलावरों ने प्रेम के माथे पर टीका देखकर अटैक किया था।

रिपब्लिक टीवी से बात करते हुए भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष व चश्मदीद ने कहा कि 50 से 60 गुंडे सावरकर के पोस्टर फाड़ने के लिए आए थे। उन्होंने तिरंगे को अपमानित किया। वह सावरकर के पोस्टर फाड़ कर मोहम्मद अली जिन्ना और टीपू सुल्तान के पोस्टर लगाना चाहते थे। चश्मदीद ने ये भी बताया कि गाँधी मैदान के बाहर कैसे एक व्यक्ति को चाकू मार दिया गया।

चश्मदीद ने कहा, “कल पूरा देश स्वतंत्रता की 75 वीं वर्षगाँठ की खुशी में डूबा था और भारत के स्वतंत्रता सेनानियों को याद कर रहा था। हमने भी सार्वजनिक स्थान पर कई स्वतंत्रता सेनानियों के होर्डिंग लगाए, जिनमें से एक पोस्टर विनायक दामोदर सावरकर का था।”

बकौल चश्मदीद, “लगभग 50 से 60 गुंडों ने इकट्ठा होकर सावरकर के पोस्टर को फाड़ा जो तिरंगे के बीच था। उन्होंने पोस्टर तोड़ने के लिए अपने पैरों का इस्तेमाल किया और इस तरह उन्होंने तिरंगे को भी अपमानित किया। वे मुहम्मद अली जिन्ना और टीपू सुल्तान के पोस्टर लगाने आए थे। झड़प के बाद हमारा एक कार्यकर्ता दोपहर भोजन के लिए अकेले घर जा रहा था, जिसे गाँधी मैदान के पास चाकू मार दिया गया।”

तिलक देख हुआ हमला

उल्लेखनीय है कि कर्नाटक के शिवमोगा में जिस व्यक्ति को चाकू मारने की बात सामने आई है उस व्यक्ति की पहचान प्रेम सिंह के तौर पर हुई है। एक चश्मदीद ने बताया कि उनके माथे पर तिलक लगा देख उन्हें पकड़ा गया और उन्हें चाकू मारा गया। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस चाकू घोंपने के मामले में 4 आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

इनमें दो की पहचान नदीम और अब्दुल रहमान के तौर पर हुई है जबकि जो तीसरा व मुख्य आरोपित है उसका नाम जबीउल्लाह है। उसे पुलिस ने सोमवार को पकड़ा है। वहीं शिवमोगा जिला कलेक्टर आर सेल्वमणि ने मंगलवार को धारा 144 लगाते हुए शहर और भद्रावती नगर सीमा में स्कूल और कॉलेज बंद रखने का आदेश दिया है। उनके आदेशानुसार 18 अगस्त तक ये रोक इलाके में रहेगी। अभी हालात नियंत्रण में हैं।

‘अब सरकार बदल गई है, जहाँ जाना है जाओ’: बिहार में दुकानदारों से मारपीट, लाठी-डंडों से लैस गुंडों ने कहा – अब हमारा शासन

बिहार में राजद (RJD) और जदयू (JDU) की नई गठबंधन सरकार आने के बाद से बदमाशों के हौसले बुलंद हो गए हैं। शेखपुरा जिले के बरबीघा थाने से कुछ ही दूरी पर सरकार बदलने की बात कहते हुए बदमाशों ने सोमवार (15 अगस्त, 2022) को कई दुकानदारों को बेरहमी से पीट दिया। बदमाशों की दबंगई से गुस्‍साए दुकानदारों ने करीब तीन घंटे तक बरबीघा-सरमेरा रोड को जाम किया। सूचना पाकर मौके पर पहुँची पुलिस ने मामला शांत कराया। इस मामले में सोनू कुमार नाम के एक शख्स को गिरफ्तार किया गया है। वह नशे में था। थानाध्यक्ष ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।

‘दैनिक जागरण’ के मुताबिक, स्‍थानीय दुकानदारों में काफी आक्रोश है। दुकानदार चंदन कुमार, संजय कुमार ने बताया कि थाने से कुछ ही दूरी पर अर्जुन टॉकीज सिनेमा हॉल चौक पर उनकी दुकानें हैं। सोमवार रात बगल के नर्सरी मोहल्‍ला निवासी चाँदी यादव और उसके कुछ साथी लाठी-डंडा लेकर पहुँचे और उत्‍पात मचाने लगे। वे दुकानों में रखे सामान तोड़ने लगे। इसके बाद बिना कुछ कहे बेरहमी से दुकानदारों को पीटना शुरू कर दिया।

दुकानदारों ने बताया कि मारपीट और तोड़फोड़ करते समय वे कह रहे थे, “अब सरकार बदल गई है। हमारा शासन है। तुम सबको जहाँ जाना है जाओ।” उन्होंने यह भी बताया कि ये बदमाश अब राहगीरों के साथ भी मारपीट करने लगे हैं, जिससे आसपास अफरातफरी मच गई है।

बता दें कि यह कोई पहली घटना नहीं है, नीतीश कुमार के महागठबंधन में शामिल होने के बाद से आए दिन इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं। हाल में नालंदा के हिलसा में नोनिया विगहा गाँव में उधारी नहीं देने पर बदमाशों ने दुकानदार समेत पुत्री को पीट-पीटकर गंभीर रूप से जख्मी कर दिया था। परिजनों ने बताया कि कुछ लोग दुकान पर उधार सामान माँगने आए थे। सामान देने से इनकार करने पर बदमाश आग-बबूला हो गए और दुकानदार से मारपीट करने लगे। यही नहीं उन्होंने बीच-बचाव करने आई बेटी को भी पीट-पीटकर जख्मी कर दिया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुँची पुलिस ने दोनों को इलाज के लिए पास के अस्पताल में भर्ती कराया।

जम्मू-कश्मीर के शोपियाँ में आतंकियों ने फिर कश्मीरी हिन्दुओं को बनाया निशाना, सुनील कुमार भट्ट की मौत, उनके भाई गंभीर रूप से घायल

जब देश आजादी के 75वें साल के जश्न में डूबा हुआ है, ऐसे में जम्मू-कश्मीर से टारगेट किलिंग की एक बुरी खबर आई है। घाटी में एक बार फिर से आतंकियों ने कश्मीरी हिन्दुओं को निशाना बनाया है। जम्मू कश्मीर के शोपियाँ के चोटीपोरा इलाके में आतंकियों ने आम नागरिकों पर गोलियाँ चलाईं। इस गोलीबारी में एक कश्मीरी हिन्दू सुनील कुमार भट्ट की मौत हो गई है। जबकि उनके भाई पिंटू कुमार भट्ट को गंभीर चोटें आई हैं।

कश्मीर जोन पुलिस ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से घटना की जानकारी दी है। पुलिस के अनुसार शोपियाँ के चोटीपोरा में आतंकियों ने मंगलवार, 16 अगस्त 2022 को सेब के एक बागान से आम नागरिकों पर गोलियाँ चलाई। इस दौरान एक अल्पसंख्यक कश्मीरी हिन्दू सुनील कुमार भट्ट की मौत हो गई। जबकि जबकि उनके भाई गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायल को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घटना के बाद से पुलिस और सुरक्षाबल अलर्ट मोड पर हैं। पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है। वहीं इस मामले में विस्तृत रिपोर्ट जल्द आने की बात कही जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इससे पहले सोमवार 15 अगस्त के दिन ही आतंकियों ने आम नागरिकों पर ग्रेनेड से हमला किया था। इसमें हिन्दू समुदाय के दो लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने जानकारी दी थी कि आतंकियों ने एक घंटे के अंदर दो ग्रेनेड हमले किए थे। पहला बडगाम जिले के चदूरा में अल्पसंख्यक कश्मीरी हिन्दुओं की बस्ती में किया गया था। वहीं दूसरा हमला श्रीनगर के पुलिस कंट्रोल रूम में किया गया था।

इससे पहले शुक्रवार को बांदीपोरा जिले में आतंकियों ने बिहार के मजदूर अमरेज की हत्या कर दी थी। घाटी में आतंकवादी लगातार टारगेट किलिंग की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। इससे पहले कई कश्मीरी हिन्दुओं को आतंकी मौत के घाट उतार चुके हैं।

गौरतलब है कि कश्मीर में हिंदुओं को एक बार फिर निशाना बनाया जा रहा है। इसके कारण घाटी में बसे हिंदुओं में डर का माहौल है। वे यहाँ से पलायन करने को मजबूर हो रहे हैं। धरती का स्वर्ग कहे जाने वाले कश्मीर में टारगेट किलिंग ने 90 के दशक की याद दिला दी है। यहाँ हिंदुओं को फिर से चुनचुन कर मौत के घाट उतारा जा रहा है। जो पिछले कई महीनों से जारी है।

लोटन निषाद के भाई ने बच्चों संग गाँव में लहराया तिरंगा, आज भी पुलिस की सुरक्षा घेरे में परिवारः तबलीगी जमात पर कमेंट के बाद सर में मारी गई थी गोली

लोटन निषाद याद हैं आपको? 28 साल की उम्र में उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के बक्शी मोड़ा में 5 अप्रैल 2020 को हुई थी। तबलीगी जमात पर टिप्पणी के कारण गाँव के ही मोहम्मद सोना ने उनके सर में गोली मार दी थी।

इस हत्या को दो साल से अधिक बीत चुके हैं। लेकिन लोटन निषाद का परिवार अब भी डर के साए में जी रहा है। खतरे को देखते हुए आज भी परिवार को पुलिस सुरक्षा दी जा रही है। यह जानकारी ‘स्वराज्य’ की पत्रकार स्वाति गोयल शर्मा ने ट्विटर पर साझा की है। उन्होंने एक वीडियो भी शेयर किया है।

वीडियो में कुछ लोग लोटन निषाद के गाँव में झंडा फहराते दिख रहे हैं। इनमें लोटन निषाद के भाई बड़े भाई बिरजू भी शामिल हैं। वीडियो में कुछ ग्रामीणों और बच्चों के साथ बिरजू दिख रहे हैं।

लोटन निषाद की हत्या उस वक्त हुई थी, जब वैश्विक कोरोना संक्रमण से पूरा देश सहमा हुआ था। दिल्ली में तबलीगी जमात के मरकज में निर्देशों की अवहलेना करते हुए जमावड़ा था। इस घटना ने संक्रमण के फैलाव का खतरा बढ़ा दिया था। लोटन निषाद ने भी 5 अप्रैल 2020 की सुबह एक दुकान पर युवकों के साथ चर्चा में इस घटना का जिक्र किया। इसको लेकर मोहम्मद सोना और उसके साथियों का लोटन निषाद से विवाद हो गया। बहस तेज होने पर आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। लेकिन मोहम्मद सोना कुछ देर बाद फिर अपने साथियों के साथ लौटा और लोटन के सिर में गोली मार दी। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।

इस घटना के बाद लोटन के बड़े भाई बिरजू ने बताया था कि गाँव के मुस्लिम स्थानीय निषाद समाज के लोगों को लगातार धमकाने में लगे हुए हैं। उस समय उन्होंने हालात देखते हुए गाँव छोड़ने की भी बात कही थी।

अब अलकायदा भी पड़ा नूपुर शर्मा के पीछे, ‘ईशनिंदा की सज़ा’ देने के लिए भारत के मुस्लिमों को उकसाया: ख़ुफ़िया एजेंसियों के कान खड़े

खूँखार वैश्विक आतंकी संगठन अलकायदा भी अब नूपुर शर्मा के पीछे पड़ गया है। उसने भारत के मुस्लिमों को उकसाते हुए कहा है कि वो नूपुर शर्मा को ईशनिंदा की सज़ा दें। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी करने के आरोप लगने के बाद से ही नूपुर शर्मा पर जिहादी ख़तरा बढ़ गया है। अब अलकायदा के इस परिदृश्य में सामने आने के बाद ख़ुफ़िया एजेंसियाँ सतर्क हो गई हैं। अलकायदा ने अपने मुखपत्र के जरिए नूपुर शर्मा को ‘सज़ा’ दिलाने का ऐलान किया है।

अलकायदा के इस मुखपत्र का नाम ‘नवा-ए-घवा-ए-हिन्द’ है, जिसमें नूपुर शर्मा पर आरोप लगाया गया है कि उन्होंने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी कर के ईशनिंदा की है। इस पत्रिका के ताज़ा अंक में आतंकी संगठन ने भारतीय मुस्लिमों से कहा है कि वो नूपुर शर्मा से बदला लें। साथ ही मुस्लिमों को उकसाते हुए उन्हें हथियार इकट्ठा करने और इसे चलाना सीखने के लिए भी कहा गया है। अलकायदा ने इसे ‘बचाव वाला जिहाद’ नाम दिया है।

इसके साथ ही भारतीय मुस्लिमों से कहा गया है कि उनके सबसे नजदीक में कश्मीर में जिहाद हो रहा है, जिसमें उन्हें हिस्सा लेना चाहिए। अमेरिका में जिस तरह से इस्लामी कट्टरपंथियों ने लेखक सलमान रुश्दी को निशाना बनाया, उसके बाद से अब नूपुर शर्मा की सुरक्षा को लेकर ख़ुफ़िया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। इससे पहले जून में अलकायदा ने नूपुर शर्मा से बदला लेने के लिए आत्मघाती हमलों का ऐलान किया था।

उस समय अलकायदा ने भड़काते हुए लिखा था कि अगर मुस्लिमों ने पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी का बदला नहीं लिया तो उनका बुरा हाल होगा। ‘अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS)’ का मुखिया असीम उमर उत्तर प्रदेश के संभल का रहने वाला है। सुप्रीम कोर्ट ने भी नूपुर शर्मा पर खतरे को देखते हुए उन पर दर्ज सारे FIR को दिल्ली ट्रांसफर करने का फैसला सुनाया। पड़ोस में अफगानिस्तान और पाकिस्तान में अलकायदा ने अपना गढ़ बना रखा है, जिस कारण भारत के लिए वो एक खतरा बना हुआ है।

राजस्थान के सरकारी स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर अफीम का नशा, बच्चों के सामने ही परोसी गईः Video वायरल

राजस्थान में आजादी के 75वें वर्षगाँठ के मौके पर भले ही ड्राई डे की गई थी, लेकिन इसके बावजूद यहाँ पर जमकर अफीम परोसी गई। हद तो तब हो गई जब राजस्थान के एक सरकारी स्कूल में नशा करने के लिए बैठे करीब एक दर्जन लोग करीब 1 से 2 घंटे तक अफीम का नशा करते दिखे। स्कूल में बैठकर अफीम सेवन करने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद स्कूल प्रशासन पर कई गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वायरल वीडियो में स्कूल कैंपस में एक-दो छात्र भी दिखाई दे रहे हैं।

बता दें कि पूरा घटनाक्रम बाड़मेर जिले के गुड़ामालानी उपखंड स्थित रावली नाड़ी स्कूल का है। स्कूल में सुबह स्वतंत्रता दिवस के प्रोग्राम का आयोजन हुआ। जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। करीब 12:00 बजे प्रोग्राम पूरा हो चुका था। इसके बाद करीब एक दर्जन ग्रामीण और जनप्रतिनिधि स्कूल के बरामदे में ही दरी बिछाकर बैठ गए। इसके बाद वह अफीम बाँटने लगे और स्कूल में ही नशा करने लगे। इस दौरान स्कूल में कुछ बच्चे भी नजर आए। बताया जा रहा है कि वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन और शिक्षा विभाग हरकत में आ गया है। 

हालाँकि, अभी तक कोई भी कार्रवाई नहीं हुई है शिक्षा विभाग की माने तो मामले में बच्चों के बयान होने के बाद ही पूरे मामले का पता चल पाएगा। वहीं घटना के बाद कुछ स्थानीय ग्रामीणों ने कहा कि ग्रामीणों की ओर से स्कूल में दी जाने वाली सहयोग राशि से डोडा-पोस्त (अफीम) लाया गया था। जिसे स्कूल में ही परोसा गया। हालाँकि, अभी तक इस बात की पुष्टि शिक्षा विभाग की तरफ से नहीं की गई है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी जाँच कर रहे हैं और इसके बाद ही सच्चाई का पता चल पाएगा।

सीबीईईओ ओमप्रकाश विश्नोई ने घटना को लेकर बताया कि अफीम पीने का वीडियो संज्ञान में आया है। उन्होंने मंगलवार (16 अगस्त 2022) को छात्र, शिक्षक और अभिभावकों से बयान लेने के बाद रिपोर्ट बनाकर गुड़ामालानी एसडीएम को सौंपने की बात कही।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस पूरी घटना की 4 वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। जिनमें किसी में नशा करने की तो किसी में ब्याज पर पैसे की बात भी कही जा रही है। एक वीडियो में एक सरकारी शिक्षक भी दिखाई दे रहा है, जो रजिस्टर में वहाँ पर बैठे लोगों के हस्ताक्षर करवा रहा है।

अपने ‘अर्जुन’ के सामने और बौने हुए तेजप्रताप यादव, इस बार वन-पर्यावरण का देखेंगे ‘हेल्थ’: नीतीश कुमार की नई कैबिनेट में कई दागी, गृह CM के ही पास

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंत्रिमंडल विस्तार किया है। इससे पहले नीतीश कुमार के साथ-साथ उप-मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने ही सिर्फ शपथ ली थी। अब तेजस्वी यादव के भाई तेज प्रताप समेत 31 नए मंत्रियों ने शपथ ली है, जिनमें कई विवादित चेहरे भी हैं। भाजपा से अलग होने के बाद नीतीश कुमार की जदयू ने राजद से गठबंधन किया था। भाजपा ने नीतीश कुमार पर पलटी मारने और जनादेश के साथ धोखा करने का आरोप लगाया है।

मंत्रिमंडल विस्तार में सामाजिक समीकरणों को ही आधार बनाया गया है। यादव समाज के सबसे ज्यादा 8 नेताओं को मंत्री बनाया गया है, जबकि 5 मुस्लिमों को भी जगह मिली है। हालाँकि, सवर्ण कोटे से पिछली बार 11 मंत्री थे जो घट कर 6 हो गए हैं। 5 दलित चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। जदयू के उपेंद्र कुशवाहा और राजद के भाई वीरेंद्र मंत्री न बनाए जाने से नाराज हैं। वामपंथी दलों ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर दिया।

इसके बाद विभाग का बँटवारा हुआ। जहाँ गृह विभाग हमेशा की तरह नीतीश कुमार ही रखेंगे, भाजपा कोटे के अधिकतर विभाग राजद को दिए गए। बेलागंज के विधायक सुरेंद्र यादव को भी मंत्रिमंडल में जगह मिली है, जिन पर 1991 लोकसभा चुनाव के दौरान विधायक जयकुमार पलित को पीटने के आरोप लगे थे। उन्होंने संसद में तत्कालीन उप-प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के हाथ से महिला आरक्षण बिल लेकर फाड़ दिया था।

हत्या के प्रयास, आपराधिक साजिश और दंगे जैसे 3 दर्जन से अधिक मामलों में आरोपित रहे सुरेंद्र यादव 7 बार विधानसभा और 1 बार लोकसभा का चुनाव जीता है। उन्हें सहकारिता मंत्रालय दिया गया है। तेज प्रताप यादव को पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय दिया गया है। पिछली राजद-जदयू सरकार में तेज प्रताप के पास स्वास्थ्य और कंस्ट्रक्शन विभाग था। जिस तेजस्वी यादव को उन्होंने अपना ‘अर्जुन’ बताया था, उन्हें स्वास्थ्य, नगर विकास एवं आवास, पथ निर्माण और ग्रामीण कार्य विभाग मिला है।

सरकार में नंबर-3 की भूमिका में एक तरह से विजय कुमार चौधरी होंगे, जिन्हें वित्त और वाणिज्य कर के अलावा संसदीय कार्य मंत्री बनाया गया है। इस तरह देखा जा सकता है कि नीतीश कुमार के नए मंत्रिमंडल में न सिर्फ कई दागी हैं, बल्कि तेज प्रताप यादव का कद भी उनके भाई के सामने कम कर दिया गया है।

बिजेंद्र प्रसाद यादव को ऊर्जा के साथ-साथ योजना एवं विकास मंत्रालय मिला है। दोनों ही जदयू के नेता हैं। अशोक चौधरी को भवन निर्माण विभाग मिला है। संजय कुमार झा को जल संसाधन के साथ-साथ सूचना एवं जन-संपर्क विभाग भी दिया गया है। चंद्र शेखर शिक्षा मंत्री बने हैं। राजद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह के बेटे सुधाकर सिंह को कृषि मंत्रालय मिला है। अधिकतर मलाईदार विभाग जदयू ने अपने पास ही रखा है। राजद कोटे से मंत्रियों की संख्या अधिक है।

जदयू के जमाँ खान को भी मंत्री बनाते हुए अल्पसंख्यक कल्याण विभाग दिया गया है। वो नीतीश कुमार के प्रिय माने जाते हैं और उन पर 3 आपराधिक मामले दर्ज हैं। 11 मामले तो डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव पर भी दर्ज हैं। दरभंगा के बहादुरपुर से विधायक मदन साहनी जदयू कोटे से मंत्री बने हैं, जिन्हें समाज कल्याण विभाग दिया गया है। उन पर 2 आपराधिक मामले चल रहे हैं। जमुई से बिहार के एकलौते निर्दलीय विधायक सुमित सिंह पर धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला चल रहा है।

तमिल डायरेक्टर विग्नेश शिवन और अभिनेत्री नयनतारा ने स्पेन में लहराया तिरंगा, कहा- दुनिया में सबसे स्वतंत्र, सुरक्षित, लोकतांत्रिक, खुशहाल घर हमारा देश

साउथ अभिनेत्री नयनतारा (Nayanthara) के पति और तमिल फिल्मों के डायरेक्टर विग्नेश शिवन (Vignesh Shivan) ने अपने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो और कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। यह वीडियो स्पेन का है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में विग्नेश शिवन अपनी पत्नी नयनतारा के साथ स्पेन में तिरंगा फहराते हुए दिखाई दे रहे हैं।

उन्होंने वीडियो के साथ कैप्शन लिखा, “आजादी के 75 साल। दुनिया भर के सभी भारतीयों और मेरे भाइयों व बहनों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएँ। आइए इस दिन को बहुत गर्व और खुशी के साथ मनाएँ। एक भारतीय नागरिक होने के नाते हम सभी को धन्य महसूस करना चाहिए। दुनिया में सबसे स्वतंत्र, सबसे सुरक्षित, लोकतांत्रिक, खुशहाल घर हमारा देश है।”

‘तिरंगा हमारा अभिमान’ अभियान से जुड़कर विग्नेश और नयनतारा ने स्पेन में तिरंगा झंडा लहराकर आजादी का अमृत महोत्सव मनाया है। तस्वीरों में दोनों ने हाथों में तिरंगा पकड़ा हुआ है। वीडियो के बैकग्राउंड में वंदेमातरम गीत बज रहा है। नयनतारा और विग्नेश शिवन की पोस्ट को लाखों लाइक्स मिल चुके हैं। लोग विदेश में तिरंगे का मान बढ़ाने के लिए उनकी खूब तारीफ कर रहे हैं।

इसके बाद विग्नेश शिवन और नयनतारा ने अपनी रोमांटिक फोटो भी इंस्टाग्राम पर शेयर की। फैंस को इनके बीच की केमिस्ट्री काफी पसंद आ रही है। लोग जमकर कमेंट्स कर रहे हैं।

गौरतलब है कि साउथ इंडियन फिल्मों की ‘लेडी सुपरस्टार’ नयनतारा ने इस साल जून में अपने ब्वॉयफ्रेंड विग्नेश शिवन के साथ शादी की थी। शादी के बाद वो आंध्र प्रदेश में तिरुपति मंदिर (Tirupati Temple) में भगवान बालाजी का आशीर्वाद लेने के लिए पहुँचे थे। इस दौरान नयनतारा को माडा में चप्पल पहनकर पति के साथ टहलते देखा गया, जिससे विवाद खड़ा हो गया था। सोशल मीडिया पर नयनतारा की तस्वीरें वायरल होने के बाद उनकी जमकर आलोचना की गई थी। जिसके बाद उनके पति विग्नेश शिवन ने माफी माँगी थी।

12 यात्रियों को लेकर हैदराबाद से उड़ा चार्टर प्लेन कराची के जिन्ना हवाई अड्डे पर हुआ लैंड, स्वतंत्रता दिवस के दिन की घटना से गहराया संशय

भारत से 12 यात्रियों को लेकर जा रहा एक चार्टर प्लेन सोमवार 15 अगस्त को पाकिस्तान में लैंड हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार ये विमान सोमवार को पाकिस्तान के कराची शहर स्थित जिन्ना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरा। विमान ने हैदराबाद के राजीव गाँधी अतंरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी। स्थानीय समय के अनुसार विमान 12.10 बजे कराची हवाई अड्डे पर लैंड हुआ।

पाकिस्तान के नागर विमानन प्राधिकरण (CAA) के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है। उन्होंने कहा है कि इस अंतरराष्ट्रीय चार्टर प्लेन ने भारत के हैदराबाद से उड़ान भरी थी। इसके अलावा विमान का पाकिस्तान से कोई संबंध नहीं है। कराची में उतरने के कुछ समय बाद ही ये विमान सभी 12 यात्रियों के साथ फिर से रवाना हो गया। हालाँकि, अभी तक ये पता नहीं चल सका है कि आखिर विमान किस कारण कराची हवाई अड्डे पर उतरा था। हालाँकि, इससे संशय गहरा गया है और विमान के लैंडिंग के कारणों की जाँच की जा रही है।

इससे पहले जुलाई में भी दो विमान तकनीकी कारणों के चलते पाकिस्तान में उतरे थे। 5 जुलाई को स्पाइजेट की दिल्ली-दुबई उड़ान के फ्यूल इंडिकेटर में खराबी आ गई थी, जिसके कारण उसे कराची के लिए डायवर्ट कर दिया गया। वहीं 17 जुलाई को इंडिगो की शाहजाह-हैदराबाद फ्लाइट के इंजन में खराबी पाई गई थी जिसके कारण एहतियात के तौर पर इसे भी कराची के लिए डायवर्ट किया गया था।

जुलाई में जो प्लेन पाकिस्तान में लैंड हुए थे उसके पीछे तकनीकी वजह थी, लेकिन 15 अगस्त, भारत के स्वतंत्रता दिवस के दिन हैदराबाद से उड़ान भरने वाले इस चार्टर प्लेन ने कराची में क्यों लैंडिंग की इसकी वजह अभी तक साफ नहीं हो पाई है।

सलमान रुश्दी की आवाज लौटी, वेंटिलेटर भी हटाः बोली पूर्व पत्नी- अब राहत की साँस ले पा रही हूँ, न्यूयॉर्क में चाकू से गोद दिए गए थे

न्यूयॉर्क में एक कार्यक्रम के दौरान कट्टरपंथी हमले का शिकार हुए सलमान रुश्दी की हालत में अब सुधार हो रहा है। ये जानकारी उनकी पूर्व पत्नी पद्मलक्ष्मी के हवाले से आई है। पद्मलक्ष्मी 2004 से 2007 कर रुश्दी की पत्नी रही हैं।

पद्मलक्ष्मी ने ट्वीट करके बताया, “शुक्रवार (12 अगस्त 2022) वाले बुरे सपने के बाद सलमान रुश्दी अब ठीक हो रहे हैं। चिंतित और निशब्द मैं, अब राहत की साँस ले सकती हूँ। उम्मीद है कि अब वो जल्द ठीक हो जाएँगे।”

रुश्दी के 42 वर्षीय बेटे जफर रुश्दी ने भी अपने पिता की हालत पर बताया, “मेरे पिता की हालत गंभीर बनी हुई है, जिनका सभी तरह से इलाज चल रहा है। हम राहत महसूस कर रहे हैं कि कल उन्हें वेंटिलेटर और अतिरिक्त ऑक्सीजन से हटा लिया गया और वह बोलने में भी सक्षम थे।”

वहीं रुश्दी के एजेंट एंड्रयू विली ने भी कहा है कि 75 साल के रुश्दी को गंभीर चोटों के कारण अस्पताल भर्ती कराया गया था, लेकिन अब उनकी हालत सुधर रही हैं। उन्हें वेंटीलेटर से हटा दिया गया है। विली ने कहा है कि रुश्दी की हालत सही दिशा में सुधर रही है, लेकिन उनके ठीक होने में अभी काफी समय है।

बता दें कि इससे पहले रुश्दी को लेकर विली ने ही जानकारी दी थी कि हमले के कारण लेखक का लीवर बुरी तरह डैमेज हुआ है और उनकी कई नसें ब्लॉक हैं जिसकी वजह से शायद उनकी एक आँख चली जाए। हालाँकि अब उन्होंने कहा है कि रुश्दी की सेहत में सुधार हो रहा है। वह हल्का-हल्का बोलना शुरू कर चुके हैं।

सलमान रुश्दी पर हमला, कट्टरपंथियों ने मनाया जश्न

उल्लेखनीय है कि शुक्रवार (12 अगस्त, 2022) को ‘द सैटेनिक वर्सेज’ के लेखक उपन्यासकार सलमान रुश्दी को न्यूयॉर्क में भाषण देने से पहले पर चाकू से हमला किया गया था। उन्हें 1980 के दशक में ही ईरान से जान से मारने की धमकी मिल रही थी। वह तब से खुद को बचाते हुए विदेश में रह रहे थे। लेकिन, 12 अगस्त उन पर हमला हुआ और हमलावर ने कम से कम 12-15 उन्हें चाकू मारा।

लीवर और गर्दन पर वार होने के बाद वह मंच पर बेसुध गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती करवाया और दूसरी ओर हमलावर को गिरफ्तार किया गया। इस हमले की जहाँ विश्व भर में निंदा हुई थी। वहीं कट्टरपंथी जश्न मनाते दिखे थे। राणा अयूब ने पहले रुश्दी की सलामती का ट्वीट किया था लेकिन बाद में उन्हें उसे डिलीट करना पड़ा था।