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भारत ने पाकिस्तान को 8 विकेट से धोया, स्मृति मंदाना की तूफानी पारी: कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए एक और खुशखबरी

कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पाकिस्तान को 8 विकेट से हरा कर धमाकेदार शुरुआत की है इस दौरान सलामी बल्लेबाज स्मृति मंदाना ने तूफानी पारी खेलते हुए 42 गेंदों पर 8 चौकों और 3 छक्कों की मदद से 63 रन बनाए। पाकिस्तान की टीम ने टॉस जीत कर बल्लेबाजी का फैसला लिया, जो खासा गलत साबित हुआ। मैच को खराब मौसम की वजह से 18 ओवरों का कर दिया गया है। पाकिस्तान की टीम मात्र 99 पर ऑलआउट हो गई।

इसमें सबसे ज्यादा योगदान रहा गेंदबाजों स्नेह राणा और राधा यादव का। दोनों ने क्रमशः 4 ओवर में 15 रन देकर और 3 ओवर में 18 रन देकर दो-दो विकेट झटके। रेणुका सिंह ने 4 ओवर में 20 रन देकर एक विकेट लिए। वहीं मेघना सिंह महँगी रहीं और उन्हें मात्र 2 ओवरों में 21 रन पड़े। लेकिन, वो भी एक विकेट झटकने में कामयाब रहीं। शैफाली वर्मा ने 2 ओवर में मात्र 8 रन देकर एक विकेट लिया। पाकिस्तान की तरफ से सलामी बल्लेबाज मुबीना अली ने सबसे ज्यादा 30 गेंदों पर 32 रन बनाए।

पारी का पीछा करने उतरी भारत की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन 5.5 ओवर में 61 रन के स्कोर पर शैफाली वर्मा 16 रन बना कर चलती बनीं। लेकिन, इस दौरान स्मृति मंदाना का बल्ला आग उगलता रहा और पाकिस्तानी गेंदबाजों पर कहर बन कर टूटा। उनका साथ दिया 3 नंबर पर उतरीं सब्भिनेही मेघना ने, लेकिन वो भी 16 गेंदों पर 14 रन बना कर चलती बनीं।। भारत ने मात्र 11.4 ओवर में ही इस मैच को जीत लिया।

पाकिस्तान के दोनों विकेट तुबा हसन और ओमैना सोहैल ने झटके। अनाम अमीम खासी महँगी रहीं और उन्हें मात्र 2 ओवर में ही 26 रन पड़े। बता दें कि इंग्लैंड के बर्मिंघम में होने वाले इस टूर्नामेंट में 1998 में मलेशिया के कुलालम्पुर में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में लिस्ट ए टूर्नामेंट के बाद पहली बार क्रिकेट को शामिल किया गया है। अप्रैल 2021 में ICC ने बताया था कि सभी मैच टी-20 के होंगे। 8 टीमों ने इसके लिए क्वालीफाई किया था।

उदयपुर के सेल्समैन को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी, शाहनवाज और राहिल शेख गिरफ्तार: झुंझनू में भी पड़ोसी शौक़ीन अली ने दी कन्हैया लाल वाला हाल करने की धमकी

राजस्थान के उदयपुर में एक दुकान के सेल्समैन को ‘सिर तन से जुदा’ की धमकी देने वाले 2 आरोपितों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इस गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने लगभग 300 CCTV कैमरों की फुटेज खँगाली और 15 दिन तक लगातार मेहनत की। पकड़े गए आरोपितों के नाम शाहनवाज और राहिल शेख हैं। यह गिरफ्तारी शनिवार (30 जुलाई 2022) को हुई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 15 जुलाई 2022 को उदयपुर के मालदास स्ट्रीट में कपड़े की दुकान पर एक सेल्समैन को बाइक सवार 2 युवकों ने कत्ल करने की धमकी दी थी। पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई। घटना से क्षेत्र में दहशत फ़ैल गई थी। पुलिस ने लम्बी जाँच के बाद जिन 2 आरोपितों को पकड़ा उसमें शानवाज उर्फ़ चनिया और राहिल शेख उर्फ़ बोहरा शामिल हैं। राहिल घंटाघर थाने का हिस्ट्रीशीटर भी है। दूसरा आरोपित शाहनवाज चेन स्नेचर बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि धमकी देने के बाद सेल्समैन ने दुकान पर आना ही छोड़ दिया था। उसको किसी से शिकायत न करने के लिए भी धमकाया गया था। धमकी देने के बाद दोनों आरोपित अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे थे। दोनों से हुई पूछताछ में इन्होंने धमकी अपनी दबंगई दिखाने के लिए देना बताया। दोनों आरोपितों की गहन जाँच करवाई गई लेकिन उनका कन्हैया लाल हत्याकांड से कोई कनेक्शन नहीं मिला। पुलिस के मुताबिक आरोपितों के किसी आतंकी संगठन से जुड़े होने के भी साक्ष्य नहीं मिले हैं।

झुंझनू में चैन सिंह को शौक़ीन ने दी कन्हैयालाल जैसे हाल की धमकी

राजस्थान के ही एक अन्य घटनाक्रम में झुंझनू जिले में चैन सिंह नाम के एक परिवार को शौक़ीन अली द्वारा कन्हैया लाल जैसा हाल कर देने की धमकी का आरोप लगा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक चैन सिंह के परिजनों द्वारा दी गई शिकायत के अनुसार, “कुछ समय पहले गाँव के चैन सिंह ने एक दीवार बनवाई थी जिसकी शिकायत पड़ोसी शौक़ीन अली ने अतिक्रमण बता कर अधिकारियों से की थी। तब से दोनों पक्षों में मनमुटाव था। 2-3 दिन पहले शौक़ीन की बकरी चैन सिंह के घर में चली गई थी। इसकी शिकायत चैन सिंह ने शौक़ीन के परिवार से की।”

शिकायत में आगे बताया गया, “कुछ देर बाद शौक़ीन अली ने चैन सिंह के घर पर हमला कर दिया। चैन सिंह को कन्हैयालाल जैसा हाल कर देने की धमकी दी गई।” शौक़ीन अली द्वारा भी चैन सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई है। मामले में अब तक 3 आरोपितों की गिरफ्तारी की जानकारी मिल रही है। जिले के एडिशनल SP डॉ तेजपाल सिंह ने भी इस घटना की पुष्टि की है।

9 साल की उम्र से शुरू की वेटलिफ्टिंग, 19 साल की उम्र में इतिहास: जेरेमी लालरिनुंगा ने चोटिल होकर भी भारत को CWG में दिलाया गोल्ड, पिता PWD में मजदूर हैं

कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 के तीसरे दिन भारत के नाम एक और गोल्ड आ गया। 67 किग्रा वेटलिफ्टिंग में इंडिया के जेरेमी लालरिनुंगा ने 300 किलो वजन उठाकर इस इतिहास को रचा। उन्होंने स्नैच में 140 और क्लीन एंड जर्क में 160 KG वेट उठाया।

मिजोरम के ऐज़ौल निवासी जेरेमी की इस जीत से एक बार फिर से भारत में खुशी मनाई जा रही है। लोग उनकी उपलब्धियाँ और तस्वीरें शेयर करके उन्हें बधाई दे रहे हैं। लेकिन बता दें कि जेरेमी का यहाँ तक पहुँचने का सफर इतना आसान नहीं था। 19 साल के जेरेमी को इस पूरे इवेंट में कई बार चोट आई।

सबसे पहली दफा उन्हें कमर दर्द तब हुआ जब उन्होंने क्लीन एंड जर्क राउंड में 154 किग्रा वजन उठाया। इस वजन को उठाने के बाद वह दर्द से कराहते हुए तुरंत जमीन पर लेट गए। उनकी हालात ऐसी थी कि उन्हें सहारा देकर बाहर ले जाना पड़ा। इसके बाद 160 किग्रा वाले राउंड भी उनको दर्द होने लगा।

क्लीन एंड जर्क के तीसरे राउंड मे जेरेमी को जब 165 किग्रा वजन उठाना था, उस समय उनसे वजन लेकर सीधे नहीं खड़ा हुआ गया, जिससे उनके हाथ में जोर का झटका आया। इस तरह पूरे इवेंट में जेरेमी कई बार चोटिल हुए, मगर फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और गोल्ड मेडल अपने नाम करके ही माने। उनके इसी जज्बे को देखते हुए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी उन्हें बधाई दी और उनकी तारीफ की।

इस इवेंट में दूसरे नंबर पर समोआ के वैपावा नेवो रहे। उन्होंने 293 किग्रा भारत उठाकर सिल्वर पदक जीता जबकि नाइजीरिया के एडिडियोग जोसेफ उमोफिया 290 किलो वजन उठाकर तीसरे पायदान पर रहे।

बता दें कि जेरेमी लालरिनुंगा 2018 यूथ ओलंपिक के गोल्ड मेडेलिस्ट हैं। साथ ही उन्होंने 2021 कॉमनवेल्थ में भी चैंपियनशिप को जीता था। 26 अक्टूबर 2002 को जन्मे 19 साल के जेरेमी ने 2011 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी। वह एक पीडब्लूडी मजदूर के बेटे हैं जो परिवार के 8 सदस्यों का ख्याल रखते हैं। जेरेमी के अलावा उनके 5 भाई-बहन हैं। इन सभी ने जेरेमी का हर कदम में सपोर्ट किया।

‘नोएडा में रह रहा पाकिस्तानी, हथियारों का है तस्कर’: मीडिया ने चलाई खबर, जानिए क्या है सच्चाई

पिछले कुछ दिनों से उत्तर प्रदेश के नोएडा जिले में कई मीडिया संस्थानों में एक पाकिस्तानी के होने की खबर वायरल हो रही है। यह खबर शीबा नाम की एक महिला के बयान के आधार पर आधारित थी। वीडियो में महिला आरोप लगाती है कि पाकिस्तानी न सिर्फ फर्जी ID के सहारे नोएडा में रुका है बल्कि वह अवैध हथियारों की भी तस्करी करता है। इसी के साथ महिला ने विरोध करने पर पाकिस्तानी द्वारा अपने साथ सामूहिक दुष्कर्म का आरोप भी लगाया।

न्यूज़ 18 ने 27 जुलाई 2022 को हेडलाइन दी, “रेपिस्ट पाकिस्तानी हथियार तस्कर की तलाश में मेरठ पुलिस, जानिए क्या है पूरा माजरा।”

न्यूज़ 18

दैनिक भास्कर की पत्रकार शालू अग्रवाल ने 28 जुलाई को अपने संस्थान का इसी खबर से संबंधित स्क्रीन शॉट शेयर किया। उस खबर का शीर्षक था, “‘पाकिस्तानी लड़के ने बार-बार मेरा रेप किया। कहानी उस महिला की, जिसका रेपिस्ट गांव में घूम रहा और वो न्याय के लिए भटक रही।”

28 जुलाई 2022 को ही अमर उजाला ने खबर लगाई, ‘Meerut: पाकिस्तान को हथियार सप्लाई करते हैं ससुर और देवर, सबूत लेकर SSP दफ्तर पहुंची विवाहिता”

अमर उजाला

‘पंजाब केसरी’ ने तो सीमा पार आतंकवाद से इसे जोड़ते हुए खबर प्रकाशित की:

कई खबरों के डीटेल में इस बात का भी दावा किया गया है कि आरोप लगाने वाली महलिअ के शौहर सऊदी अरब में कमाते थे।

पाकिस्तानी सिर्फ नाम का, न कि नागरिकता

ऑपइंडिया ने इस मामले की जमीनी स्तर पर पड़ताल की तो सबसे पहले जारचा थाने के SHO का ट्वीट मिला। आरोपित व्यक्ति जारचा थानाक्षेत्र का ही निवासी है। पुलिस ने अपने ट्वीट में लिखा, “श्रीमती शीबा रिजवी (आरोप लगाने वाली) का अपने पति अली अब्बास के साथ विवाद चल रहा है। जाँच के दौरान लगाए गए आरोपों की पुष्टि नहीं हुई। अफसर अली पुत्र इनाम अली निवासी जारचा को गाँव में पाकिस्तानी कहकर बुलाया जाता है जो जारचा का मूल निवासी है व शीबा के पति अली अब्बास का रिश्तेदार है।”

पहले भी लगे थे आरोप पर साबित हुआ था निर्दोष

ऑपइंडिया ने पाकिस्तानी होने का आरोप झेल रहे अफसर अली से बात की। अफसर ने कहा, “हम शिया मुस्लिम हैं। आरोप लगाने वाली लड़की शीबा भी शिया है जिसने मेरे रिश्तेदार से लव मैरिज कर रखी है। मेरे बचपन में लोग मुझे पाकिस्तानी कह कर बुलाते थे जिसके कई मीडिया वालों ने मेरी नागरिकता ही बता दी। जिस लड़की ने मुझ पर आरोप लगाया है वो पहले भी मेरे परिवार पर बेवजह का आरोप लगा रही है। पिछले आरोपों में भी हम पुलिस जाँच में निर्दोष साबित हुए है।”

अफसर अली ने हमें अक्टूबर 2021 में ACP द्वारा जाँच रिपोर्ट की फोटो कॉपी दी।

नोएडा पुलिस जाँच रिपोर्ट

लाइसेंसी हथियार को छापा गया अवैध हथियार

जो हथियार दिख रहे वो हमारे घर में एक लाईसेंसी दोनाली बंदूक के हैं। हम सबका थाने पर चरित्र ठीक है इसलिए हमें सरकार ने लाइसेंस दिया है। पुलिस ने फोटो की जाँच की और इसमें कुछ भी गलत नहीं पाया।

मोदी-योगी का समर्थक इसलिए रहता हूँ निशाने पर

अफसर ने हमें बताया, “बचपन में पाकिस्तानी भले कहा जाता था लेकिन अब मैं इलाके में मोदी नाम से फेमस हूँ। मैं योगी का भी फैन हूँ जिस से मेरी ही बिरादरी के कई लोग मुझ से नाराज रहते हैं। यही वजह है कि कई लोग मुझ पर आरोप लगाने वाली लड़की का साथ दे कर मुझे बदनाम का रहे हैं।”

अफसर ने पिछले प्रधानी के चुनाव में अपने द्वारा छपवाए गए पोस्टर को भी हमें दिया।

प्रधानी का पोस्टर

मुझे मिली है मौत की धमकी

अफसर ने हमें बताया, “जिस शीबा नाम की लड़की ने मुझ पर पाकिस्तानी होने के आरोप लगाए है उसका घर खुद संदिग्ध हरकतों में शामिल हैं। उसकी माँ और दोनों बेटियाँ गलत काम करती हैं। वो लोग लगातार अपना मकान बदलते रहते हैं। लड़की के भाई ने मुझे अगली तारीख पर फोन पर कचहरी में ही गोली मारने की धमकी दी है।

छोटी बहन ने भी अपने शौहर पर कर रखा है केस

अफसर पर पाकिस्तानी होने का आरोप लगाने वाली महिला शीबा के शौहर अली अब्बास ने भी ऑपइंडिया से बात की। अब्बास ने कहा, “मेरे घर को मेरी बीवी ने बेवजह फँसा रखा है। उसने हमसे 12 लाख रुपए की डिमांड की है। पूरी न होने पर हमारे घर को ऐसे ही झूठे मामलों में फँसाने की धमकी दी है। मेरी बीवी की छोटी बहन ने भी अपने शौहर को ऐसे ही मामले में फँसा रखा है। यह सब उसकी माँ के इशारे पर हो रहा है।”

अब्बास ने आगे कहा, “मेरी शादी को 9 साल से ज्यादा हो गए। 2 बेटियाँ भी हैं जिन्हे मेरी बीवी अपने साथ रखती है। उनकी पढ़ाई भी चौपट हो रही है। मेरी बीवी शाहरुख़ नाम के एक लड़के से भी बात करती है।उसने पूरे घर का नाम डाल रखा है। वो मुझे घुटनों के बल बिठाने का चैलेन्ज देती है। कैसे भी हमें फँसाना उसका मकसद है।”

मेरा तो पासपोर्ट ही नहीं, फिर सऊदी अरब कैसे गया ?

आरोप लगाने वाली महिला के शौहर अब्बास ने आगे कहा, “तमाम मीडिया में खबर छपी है कि मैं सऊदी अरब कमाता था जबकि मेरा तो पासपोर्ट ही नहीं बना। ये सब मेरी बीवी ने सिर्फ केस को सनसनीखेज बनाने के लिए कहे हैं। हम लोग उस लड़की पर मानहानि का दावा करने जा रहे हैं। उसके चलते हमारा काम-धंधा सब चौपट हो चुका है।”

9 घंटे की पूछताछ के बाद हिरासत में लिए गए संजय राउत, ₹1034 करोड़ के घोटाले की जाँच कर रही है ED: घर में छापेमारी भी

पात्रा चॉल जमीन से जुड़े 1034 करोड़ रुपए के घोटाले (Patra Chawl Land Scam) की जाँच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने रविवार (31 जुलाई, 2022) को शिवसेना के सांसद नेता संजय राऊत (Sanjay Raut) को अपनी हिरासत में ले लिया है।

इससे पहले रविवार की सुबह ही छापेमारी करने के लिए ईडी के अधिकारी सुबह के सात बजे ही भांडुप स्थित उनके घर पहुँच गए थे। उसके बाद से ही जाँच एजेंसी लगातार कार्रवाई कर रही है। इस दौरान प्रवर्तन निदेशालय ने करीब 9 घंटे तक लगातार संजय राउत से पूछताछ की। उनके घर की तलाशी लेने के बाद जाँच एजेंसी ने उन्हें अपनी कस्टडी में ले लिया।

इससे पहले 27 जुलाई को जब ईडी ने राउत को तलब किया था तो उन्होंने संसद सत्र का हवाला देते हुए जाँच एजेंसी के समक्ष पेश होने से इनकार कर दिया था। ED की कार्रवाई पर संजय राऊत ने कहा, “बाला साहेब की कसम मेरा इस मामले से कोई वास्ता नहीं है। हमने बाला साहेब ने लड़ना सिखाया है और हमारी लड़ाई जारी रहेगी। मैं शिवसेना नहीं छोड़ने वाला भले ही मेरे खिलाफ झूठे सबूतों के आधार पर झूठी कार्रवाई की जा रही है। भले मैं मर जाऊँ पर झुकने के लिए तैयार नहीं।”

पात्रा चॉल घोटाले में 5 अप्रैल 2022 को ED ने संजय राऊत और उनकी पत्नी वर्षा राऊत से जुड़ी 11 करोड़ रुपए से अधिक की सम्पति कुर्क कर ली थी। ED ने उन्हें 28 जून को पेश होकर जवाब देने के लिए कहा गया था, पर वो उपस्थित नहीं हुए। तब उन्होंने खुद को गिरफ्तार करने की चुनौती भी दी थी। राऊत को सबसे हालिया समन 27 जुलाई को भेजा गया था।

गौरतलब है कि ये वही संजय राउत हैं, जिनका एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें वो थिततौर पर मराठी फिल्मों की प्रोड्यूसर डॉ स्वप्ना पाटकर के साथ गाली-गलौच करते सुने गए। इस ऑडियो में जो पुरुष है, उसकी ओर से महिला को गंदी-गंदी गाली दी जा रही है। ऑडियो में औरत से बात करते हुए “स%$ली, मादरच&^द और बहन&^%” जैसे शब्दों का प्रयोग किया गया है।

बंगाल के कुख्यात तस्कर अब्दुल बारी बिस्वास के खिलाफ NIA में शिकायत, करोड़ों रुपए के घोटाले में SIT ने दबोचा: TMC को फंडिंग और धर्मांतरण के भी आरोप

पश्चिम बंगाल के कुख्यात तस्कर और कथित बिजनेसमैन अब्दुल बारी बिस्वास को लेकर भाजपा नेता देवदत्त माँझी ने शनिवार (30 जुलाई 2022) राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को पत्र लिखा है। माँझी ने अपने पत्र में अब्दुल पर पशु तस्करी, सोने की तस्करी और मानव तस्करी के साथ-साथ आतंकी संगठनों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग और धर्मांतरण के लिए फंडिंग करने का आरोप लगाया है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल पुलिस की सीआईडी विभाग की SIT ने शुक्रवार की शाम को अब्दुल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी करोड़ों रुपए के कोयला घोटाले के मामले में की गई है। इससे पहले अब्दुल बारी को CBI ने साल 2014 में तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया था और पिछले साल उसके घर पर छापेमारी की थी। वहीं, ED उसकी 20 करोड़ रुपए की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है।

NIA को लिखे अपने पत्र में 2021 के कोलकाता के चौरंगी विधानसभा से भाजपा के उम्मीदवार रहे माँझी ने कहा कि 5 जू 2022 को कुछ युवाओं ने दो वाहनों को रोका था, जिनमें 98 मवेशी भरे हुए थे। इस बारे में उन्होंने ड्राइवर से पूछा तो उसने बताया कि यह अब्दुल बारी के निर्देश पर बांग्लादेश भेजे जा रहे एक बड़े कन्साइनमेंट का हिस्सा है।

माँझी ने बताया कि पूछताछ के दौरान उन्हें पता चला कि कुछ अन्य वाहन पहले ही बांग्लादेश पहुँचने वाले हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि मवेशियों की तस्करी सोने के बदले की जाती है। यानी बांग्लादेश से सोना लेकर वहाँ मवेशी भेजे जाते हैं।

माँजी ने आगे कहा, “मुझे पूरा विश्वास है कि अब्दुल का बांग्लादेश, पाकिस्तान एवं अन्य देशों के अंतरराष्ट्रीय कई आतंकी संगठनों के साथ भी लिंक हैं।” पत्र में माँझी ने कहा कि बशीरहाट और उसके आसपास के बेहद गरीब लोगों का इसने बैंकों खाता खोलवाया है और उसका इस्तेमाल वह खुद करता है।

धर्मांतरण का आरोप लगाते हुए भाजपा नेता ने कहा कि इन बैंक खातों के जरिए वह मनी लॉन्ड्रिंग जैसी आपराधिक गतिविधियों में शामिल है। इसके साथ ही अब्दुल इन पैसों का इस्तेमाल इस्लामी संस्थाओं को दान, इस्लाम में धर्मांतरण के लिए फंडिंग और समाज में दंगा एवं अराजकता फैलाने के लिए करता है।

माँझी का कहना है कि अब्दुल अपनी काली कमाई में से सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) को भी भारी मात्रा में चंदा देता है। इससे वह सुरक्षित रहता है और उसके खिलाफ कोई कार्रवाई होती है और वह अपनी गतिविधियों को आराम से अंजाम देता रहता है।

माँझी ने पत्र में अब्दुल बारी बिस्वास के नेटवर्क के बारे में लिखते हुए कहा कि उसका जाल फैला हुआ है और तस्करी से लेकर तमाम आपराधिक गतिविधियाँ उसके लोगों द्वारा सँभाली जाती है। इनमें उसके दो भाई गुलाम बिस्वास और खालिक बिस्वास भी शामिल हैं।

बता दें कि पश्चिम बंगाल सीआईडी की SIT ने शुक्रवार की रात में अब्दुल बारी बिस्वास को एयरपोर्ट के पास नारायणपुर इलाके से गिरफ्तार किया था। सीआईडी का कहना है कि अब्दुल के खिलाफ कोयला तस्करी को लेकर ईस्टर्न कोल फिल्ड (ECL) द्वारा बर्धमान में कई मामले दर्ज कराए गए हैं।

यह गिरफ्तारी जमुरिया पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले से संबंधित है। ईसीएल ने यह मामला साल 2020 में दर्ज कराया था। सीआईडी का कहना है कि इस मामले में और गिरफ्तारी हो सकती है।

बता दें कि उसके पहले साल 2014 में CBI ने गो तस्करी के मामले में अब्दुल को गिरफ्तार किया था। मार्च 2015 में कस्टम ने उसके पास से 15 करोड़ रुपए की कीमत के 40 किलोग्राम सोना जब्त किया था। वहीं, साल 2015 में ED ने उसकी 20 करोड़ रुपए की संपत्ति जब्त की थी। अब्दुल बारी कुख्यात गो तस्कर, सोना तस्कर और मानव तस्कर है। उसके सत्ताधारी TMC के साथ भी गहरे संबंध हैं।

अब्दुल बारी टीएमसी के नेता एनामुल हक का बेहद करीबी बताया जाता है। अप्रैल 2022 में ED ने बांग्लादेश में मवेशी तस्करी को लेकर एनामुल हक के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। इसमें एनामुल हक के साथ TMC यूथ विंग के नेता विनय मिश्रा और उसके भाई विकास मिश्रा को आरोपित बनाया गया था। तस्करी के मामले में एनामुल को CBI भी पहले गिरफ्तार कर चुकी है।

अब सवाल है कि जब टीचर भर्ती घोटाले में राज्य के मंत्री और उनके सहयोगी गिरफ्तार हो चुके हैं और कई लोग राडार पर हैं, ऐसे में दो साल पुराने मामले में CID ने आनन-फानन में अब्दुल को गिरफ्तार कर कुछ छुपाने का प्रयास कर रही है या मजबूर होकर कार्रवाई कर रही है। सवाल इसलिए जायज है कि पिछले दो सालों में राज्य की पुलिस ने अब्दुल के खिलाफ कार्रवाई करने की कोशिश नहीं की।

‘हमें भी आँख सेंकने दीजिए’ : रणवीर सिंह के न्यूड फोटोशूट पर बोलीं विद्या बालन, नेटीजन्स ने कहा- लड़का बोलता तो बवाल मच जाता

रणवीर सिंह का न्यूड फोटो शूट पिछले दिनों सोशल मीडिया पर खासी चर्चा का कारण रहा। सामान्य जन ने जहाँ इसे बेशर्मी की इंतेहा बताया वहीं दूसरी ओर सेलीब्रिटियों की इस फोटोशूट पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएँ आईं। अब इसी मुद्दे पर बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन ने भी अपना बयान दिया और लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।

सोशल मीडिया पर शेयर हो रही विद्या बालन की वीडियो में देख सकते हैं कि कैसे रणवीर के फोटोशूट को लेकर विद्या बालन कहती हैं, “अरे क्या प्रॉब्लम है। पहली बार कोई आदमी ऐसा कर रहा है। हम लोगों को भी आँखे सेंकने दीजिए न।” इतना कहकर वो जोर से हँसने लगती हैं।

विद्या के इस वीडियो को देखने के बाद नेटीजन्स ने प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है। लोग पूछ रहे हैं कि विद्या बालन जिस बात को कहकर हँस रही है। अगर वो बात एक लड़का बोलता तो लोग उसकी बैंड बजा देते ट्रोल कर करके और पूरा बवाल मच जाता।

अन्य यूजर ने कहा, “इनको सिर्फ बकवास बातें करनी ही आती हैं।”

एक यूजर कहता है, “एक एफआईआर तेरे ऊपर भी हो तब मजा आए।”

भाष्यम मुरलीधर कहते हैं, “सच बोला। आपको ये फोटो बहुत पसंद है तो आप इसे बेडरूम में लटकाएँ। अच्छा लगेगा। लेकिन पब्लिक में ये गैर कानूनी है।”

डॉ सुमित पूछते हैं, “पॉर्न क्यों बैन हैं, ड्रग्स क्यों अवैध हैं, मूवी को ए सर्टिफिकेट क्यों दिया जाता है। विद्या के लॉजिक से तो इन सब चीजों में कोई बुराई नहीं है। दिक्कत ये है कि हम लोग ऐसे सेलेब्रिटियों को बुद्धिजीवी मानने लगे हैं। लेकिन ये जब भी मुँह खोलते हैं तो इनके मुँह से कूड़ा ही निकलता है।”

पारूल अरोड़ा कहती है, “जो लोग खुद को नंगा करके पैसे कमाते हैं और जो उन्हें देखकर आँख सेंकते हैं, उन लोगों के पास दिल नहीं है कि वो एफआईआर के कारण को समझें। इन्होंने दिल को पैसे में बेच दिया है।”

बता दें कि रणवीर सिंह द्वारा पोस्ट किए गए न्यूड फोटोशूट के बाद मुंबई पुलिस में उनके विरुद्ध पिछले दिनों एफआईआर हुई थी। ये एफआईआर भारतीय संस्कृति का हवाला देते हुए एक गैर-सरकारी संस्था ने मुंबई के चेम्बूर पुलिस स्टेशन में दर्ज करवाई थी। जबकि सेलीब्रिटी धड़ा उनका समर्थन करता दिखा था।

रणवीर का बचाव करते हुए आलिया ने कहा था “मुझे अपने पसंदीदा रणवीर सिंह के बारे में कुछ भी नकारात्मक कहना और सुनना पसंद नहीं है। मैं उनसे हमेशा प्यार करती हूँ और वह केवल मेरे ही नहीं हर किसी के पसंदीदा कलाकार हैं। रणवीर ने हमें बहुत ही बेहतरीन फिल्में दी हैं, इसलिए हमें उन्हें सिर्फ प्यार देना चाहिए।”

6 राज्यों में NIA की छापेमारी, PFI और ISIS आतंकियों से जुड़े हैं तार: कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद

राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने रविवार (31 जुलाई 2022) को आतंकवादी संगठन आईएसआईएस के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 राज्यों में संदिग्धों के 13 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की। रिपोर्ट के मुताबिक, जाँच एजेंसी ने मध्य प्रदेश, गुजरात, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में छापेमारी की।

एजेंसी ने मध्य प्रदेश के भोपाल और रायसेन जिले, गुजरात में भरूच, सूरत, नवसारी और अहमदाबाद, बिहार में अररिया जिला, कर्नाटक में भटकल और तुमकुर, महाराष्ट्र में कोल्हापुर और नांदेड़, उत्तर प्रदेश के देवबंद में एजेंसी ने ये कार्रवाई की। इस मामले में एनआईए द्वारा 25 जून 2022 को आईपीसी की धारा 153 ए, और 153 बी और यूए (पी) अधिनियम की धारा 18, 18 बी, 38, 39 और 40 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

छापेमारी के दौरान जाँच एजेंसी को आपत्तिजनक दस्तावेज और सामग्रियाँ बरामद की गई हैं। मामले की जाँच की जा रही है। यहीं नहीं एनआईए ने बिहार के फुलवारी शरीफ मामले में इस्लामिक कट्टरपंथी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) से जुड़े होने के संबंध में गुरुवार सुबह से नालंदा जिले सहित बिहार में कई स्थानों पर छापेमारी कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, एनआईए ने ये कार्रवाई मामले में गहन जाँच करने के करीब एक सप्ताह के बाद की है।

कहा जा रहा है कि जिन स्थानों पर ये छापेमारी की जा रही है, ये सभी जगह सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से जुड़े लोगों के हैं। पिछले तीन घंटे से चल रही छापेमारी में एनआईए की टीम पूरे घर की तलाशी ले रही है और हर चीज की जाँच की जा रही है। इस मामले में अब तक कइयों को हिरासत में लिया जा चुका है। सुरक्षा के हालात को देखते हुए इलाके में भारी सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि एनआईए ने 22 जुलाई को गृह मंत्रालय (एमएचए) के काउंटर टेररिज्म एंड काउंटर रेडिकलाइजेशन डिवीजन ने एक आदेश जारी किया था, जिसके बाद आईपीसी भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधियाँ रोकथाम अधिनियम (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर बिहार पुलिस से जाँच को अपने हाथ में ले लिया था।

‘ये क्षण हमेशा याद रहेगा’: सुपरस्टार रजनीकांत ने ‘रॉकेट्री’ के लिए R माधवन को किया सम्मानित, नंबी नारायणन भी रहे मौजूद

सुपरस्टार रजनीकांत ने ‘रॉकेट्री’ फिल्म के लिए आर माधवन को वैज्ञानिक नंबी नारायणन की मौजूदगी में सम्मानित किया। आर माधवन ने खुद इसका वीडियो शेयर किया, जिसमें देखा जा सकता है कि सुपरस्टार रजनीकांत शॉल ओढ़ा कर आर माधवन को सम्मानित कर रहे हैं और वहीं कुर्सी पर बैठे नंबी नारायणन उनसे कुछ बातें कर रहे हैं। इस दौरान भावुक आर माधवन ने पाँव छू कर रजनीकांत का आशीर्वाद लिया। रजनीकांत पहले भी फिल्म की तारीफ़ कर चुके हैं।

‘रॉकेट्री: द नंबी इफ़ेक्ट’ के निर्देशक एवं मुख्य अभिनेता आर माधवन ने इसका वीडियो शेयर करते हुए लिखा, “जब आपको नंबी नारायणन की मौजूदगी में ‘वन मैन इंडस्ट्री’, स्वयं लीजेंड का का आशीर्वाद मिले। ये एक ऐसा क्षण है, जो हमेशा के लिए आपके जीवन में छप जाएगा। आपके इस लगाव और ‘रॉकेट्री’ फिल्म के लिए आपके शब्दों के लिए धन्यवाद रजनीकांत सर। आपके इस प्रोत्साहन ने हमें फिर से जोश से भर दिया है। हम सब आपसे प्यार करते हैं।”

हाल ही में अभिनेता अनुपम खेर ने भी इस फिल्म को देखने के बाद वीडियो के जरिए बताया था कि उन्हें रोना आ गया। फिल्म का हिंदी वर्जन ‘Voot Select’ एप पर उपलब्ध करा दिया गया है। फिल्म ने उत्तर भारत में अब तक 25 करोड़ रुपए के कलेक्शंस कर लिए हैं। एक महीने बाद भी फिल्म कई स्क्रीन्स में चल रही है। फिल्म को देश-विदेश से खूब तारीफ़ मिली। नंबी नारायणन को देशद्रोह मामले में फँसा कर उनका करियर तबाह कर दिया गया था, जिससे ISRO और भारत की रॉकेट तकनीक कई साल पीछे चली गई थी – ये फिल्म उसी पर आधारित है।

इससे पहले सुपरस्टार रजनीकांत ने कहा था, “आर माधवान ने बतौर निर्देशक अपनी पहली ही फिल्म में अपने वास्तविक अभिनय के साथ-साथ साबित किया है कि वो बेहतरीन फिल्म निर्देशकों में से एक हैं। उन्होंने पद्म भूषण वैज्ञानिक नंबी नारायणन के इतिहास को दिखाया है, जिन्होंने भारत के अंतरिक्ष रिसर्च के विकास के लिए कई बाधाओं का सामना किया और बलिदान दिए। इस तरह की फिल्म देने के लिए मैं अपने हृदय से आर माधवन को धन्यवाद देता हूँ।”

बारामुला एनकाउंटर में बलिदान हुआ 2 साल का ‘एक्सल’, बहादुरी देख सेना ने दी श्रद्धांजलि: आतंकियों को पकड़वाने में थी खास भूमिका

जम्मू-कश्मीर के बारामुला में शनिवार (30 जुलाई 2022) को आतंकियों को पकड़ने के ऑपरेशन के दौरान भारतीय सेना के खोजी कुत्ते ‘एक्सल (Axel)’ की मृत्यु हो गई। एक्सल की तैनाती 29 राष्ट्रीय रायफल में थी। शनिवार को आतंकियों ने उनके सिर पर गोली मारी।

पोस्टमार्टम में सामने आया कि एक्सल के शरीर पर दस से अधिक चोटें थी और फीमर का फ्रैक्चर भी था। सेना में दिए गए उनके योगदान को देखते हुए उनके सम्मान में फोर्स कमांडर द्वारा रविवार को श्रद्धांजलि समारोह आयोजित किया गया।

बता दें कि बारामुला ऑपरेशन के दौरान एक्सल की भूमिका काफी अहम रही। सेना ने आतंकियों का पता लगाने के लिए उन्हें ही ठिकाने में अंदर भेजा था। खबरों की मानें तो एक्सल को आता देख कई आतंकी भागने लगे थे, जिसके बाद सेना उनके ऊपर आसानी से निशाना साध पाई। लेकिन इसी सब के बीच उन आतंकियों ने एक्सल पर गोली दाग दी। वह बुरी तरह घायल हो गए और अपने जीवन का बलिदान देकर कई सुरक्षाबल जवानों की जान बचाई। इस मुठभेड़ में एक्सल के अलावा तीन जवान भी घायल बताए जा रहे हैं जबकि एक आतंकी अख्तर हुसैन भट्ट को ढेर किए जाने की खबर हैं।

मात्र 2 साल का था एक्सल

मालूम हो कि आतंकियों के विरुद्ध चलाए गए सेना के अभियान में मुख्य भूमिका अदा करने वाला ‘एक्सल’ मात्र दो साल के थे। उनका रंग हल्का भूरा था और ब्रीड बेल्जियन मैलिनोइस थी। वह 26 आर्मी डॉग यूनिट का हिस्सा थे और 29 राष्ट्रीय रायफल में उनकी तैनाती हुई थी।

सेना के अधिकारियों ने ऑपरेशन के दौरान एक्सल की भूमिका बयां करते हुए कहा कि एक बिल्डिंग क्लीयरेंस ऑपरेशन के दौरान शुरू में सेना के एक दूसरे डॉग ‘बालाजी’ को बिल्डिंग इंटरवेंशन के लिए भेजा गया और कॉरिडोर को अंदर से सैनिटाइज किया गया। इसके बाद ‘एक्सल’ को तैनात किया गया।

सेना अधिकारियों के मुताबिक, ‘एक्सल’ पहले कमरे में गए, तो उस कमरे को क्लीयर किया गया। मगर,दूसरे कमरे में घुसते ही ‘एक्सल पर फायरिंग कर दी गई। गोली लगने के बाद भी ‘एक्सल’ ने 15 सेकंड के लिए कुछ हलचल दिखाई, पर इसके बाद वह गिर गए। सुरक्षाबल के जवान जब तक उन्हें अस्पताल ले जाते, तब तक वह दम तोड़ चुके थे।

5 घंटे चली इस मुठभेड़ के बाद एक्सल के शव को बरामद किया गया। सामने आई वीडियो में देख सकते हैं कि सुरक्षाबल का जवान कहता नजर आ रहा है कि एक्सल को तीन गोली लगी। वहीं सोशल मीडिया यूजर्स भी इस वीडियो को देख भावुक हो रहे हैं। उन्होंने भी एक्सल को श्रद्धांजलि अदी है।