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शरणार्थी बनकर भारत आए सूफी जरीफ बाबा की हत्या, शाहरुख, सलमान, आमिर के नाम पर बनाई करोड़ों की संपत्ति, IB की भी थी नजर

अफगानिस्तान (Afghanistan) से शरणार्थी बनकर भारत आए जरीफ बाबा की मंगलवार (5 जुलाई 2022) को पैसे के लेन-देन में सिर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार (7 जुलाई 2022) को एक शख्स को हिरासत में लिया है।

शरणार्थी होकर भी जरीफ करोड़ों की संपत्ति जमाकर चुका था और उसे इंटेलीजेंस ब्यूरो (IB) की नजर थी। वह खुद को अमेजर के मोइनुद्दीन चिश्ती का वंशज बताता था और झाड़-फूँक के साथ-साथ कीमती पत्थरों का धंधा करता था।

महाराष्ट्र के नासिक के पास येवला के औद्योगिक उपनगर चिचोंडी खुर्द में जरीफ बाबा की मंगलवार की देर रात कुछ लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस हत्या में जरीफ के ड्राइवर और अटेंडेंट भी शामिल बताए जा रहे हैं। इस मामले में पुलिस ने गुरुवार (7 जुलाई 2022) को एक शख्स को गिरफ्तार किया है। वहीं, अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

30-32 (अलग-अलग रिपोर्ट के अनुसार) साल का जरीफ साल 2017 में तालिबान से खतरा बताकर भारत आया था। उसने इतने कम समय में करोड़ों की संपत्ति अर्जित कर ली थी। अभी तक ज्ञात उसकी 4 करोड़ की संपत्ति का पता चला है। वहीं, पुलिस का मानना है कि उसकी और संपत्ति हो सकती है।

कौन है जरीफ बाबा

जरीफ बाबा या सूफी बाबा के नाम से मशहूर जरीफ खुद को चिश्ती सूफी घराने का बताता था। वह अपना पूरा नाम ख्वाजा सैयद जरीफ चिश्ती मोउनुद्दीन था। बताया जाता है कि जरीफ का जन्म अफगानिस्तान के हेरात प्रांत में हुआ था।

जन्म के बाद वह परिवार सहित अफगानिस्तान की राजधानी काबुल आ गया। उसके बाद उसने उसने पारिवारिक बिजनेस करना शुरू किया। हालाँकि ये बिजनेस क्या था, यह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इस सिलसिले में वह ब्रिटेन से लेकर खाड़ी देशों के संपर्क में था। कहा जाता है कि बाद में वह सूफी धर्मगुरु का काम करने लगा।

तालिबान से खतरा होने के बाद वह पाकिस्तान चला गया और वहाँ से फिर ईरान। इसके बाद वह साल 2017 में भारत आ गया। भारत आने के बाद वह कुछ समय तक दिल्ली में रहा। उसके बाद वह कर्नाटक आ गया और पिछले दो साल से वह नासिक के येवला के एक छोटे से गाँव में रह रहा था। 

जरीफ सोशल पर दो यूट्यूब अकाउंट चलाता था। इन अकाउंट से उसके लाखों फॉलोअर जुड़े थे। हर रोज उसके पास दर्जनों लोग अपनी-अपनी समस्याओं के निदान के लिए आते थ। वह अलग-अलग दिन नासिक, कर्नाटक और अजमेर की मजारों में जाया करता था और हजारों लोगों से मिला करता था।

कमाई का जरिया

उसकी कमाई का मुख्य जरिया उसके पास ईलाज कराने आने वाले लोग और यूट्यूब चैनल था। इससे वह लाखों रुपए कमाता था। पिछले कुछ समय से वह कीमती पत्थर बेचने का भी काम शुरू कर दिया था। इसके अलावा, उसे लोगों से दान भी मिलता था। कहा जाता है कि वह बॉलीवुड ऐक्टर शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान के फोटो और एडिटेड वीडियो के जरिए वह अपने रसूख को बढ़ाता था।

कहा जा रहा है कि पुलिस को अब तक उसकी 4 करोड़ की संपत्ति का पता चला है। यह कहा जाता है कि कुछ दिन पहले येवला में जरीफ ने 15 एकड़ जमीन खरीदी थी और यहीं वह अपना स्थाई अड्डा बनाना चाहता था।

पुलिस का मानना है कि वह रिफ्यूजी था, इसलिए वह अपना बैंक खाता नहीं खोल सकता था और अपने नाम पर संपत्ति नहीं खरीद सकता था। इसलिए हो सकता है कि वह दूसरे लोगों के नाम पर संपत्ति खरीदा हो। पुलिस का यह भी मानना है कि उसकी हत्या के पीछे संपत्ति ही प्रमुख कारण है।

जरीफ पर IB की नजर

जरीफ के यूट्यूब चैनल पर उसके फॉलोअर की संख्या लगातार बढ़ती जा रही थी। एक अफगान शरणार्थी की इतने कम समय में इस तरह देश में पॉपुलर होने पर वह सुरक्षा एजेंसियों की निगाह में आ गया।

महाराष्ट्र की वावी पुलिस ने साल 2021 में जरीफ, उसकी पत्नी और ड्राइवर गफ्फार की जाँच की थी। इस जाँच के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की थी और उस रिपोर्ट को 22 अप्रैल 2021 को इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को सौंपी थी। तब से उस पर IB की नजर थी।

भारत में अर्जेंटीना की महिला से शादी

नासिक ग्रामीण पुलिस के एसपी सचिन पाटिल के अनुसार, जरीफ लगभग दो साल से वावी थाना क्षेत्र के मीरगाँव शिवारा के एक बंगले में रह रहा था। उसने अर्जेंटीना मूल की 28 वर्षीय तिरिना दाऊदी नाम की महिला से शादी की थी। हालाँकि, पुलिस को शादी से संबंधित कोई दस्तावेज नहीं मिला है।

जरीफ की हत्या के बाद पता चला कि उसके साथ एक महिला तथा एक अफगान नागरिक रहता था। महिला खुद को उसकी पत्नी बताती है। दाऊदी को हिंदी, इंग्लिश या मराठी नहीं आती है। इसलिए पुलिस का कहना है कि उससे पूछताछ नहीं हो सकी है। महिला के पास साल 2023 तक भारत में रहने का वीजा है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जरीफ अर्जेंटीना की इस महिला से शादी करने के उद्देश्य से भारत आया था। महिला से उसकी मुलाकात सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। इसके बाद दोनों के बीच प्यार हो गया। 22 नवंबर 2017 को दोनों भारत आए और अगले दिन यहाँ निकाह कर ली।

ब्रिटेन में बोरिस जॉनसन ने दिया इस्तीफा, यहाँ लिबरल गिरोह हो रहा लहालोट, भारत यात्रा के दौरान योगी के समर्थन में JCB की सवारी को बता रहे वजह

जैसे ही ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन (Prime Minister Boris Johnson) ने पार्टी के दबाव के बाद अपने पद से इस्तीफा दिया, भारत में इस्लामवादियों और कॉन्ग्रेस समर्थकों ने इसके लिए भारत दौरे पर उनकी JCB की सवारी को दोष देना शुरू कर दिया। जेसीबी एक लोकप्रिय कंपनी है जो मिट्टी खोदने वाले उपकरणों के निर्माण के लिए जानी जाती है और उसका एक उत्पाद बुलडोजर भारतीय राजनीति में बहुत लोकप्रिय हो गया है।

बता दें कि बोरिस जॉनसन की जेसीबी सवारी का वास्तव में उनके पीएम पद छोड़ने से कोई लेना-देना नहीं है। बात सिर्फ इतनी है कि उन्होंने अप्रैल 2022 में वडोदरा में ब्रिटिश कंपनी की एक फैक्ट्री का उद्घाटन करते हुए जेसीबी की सवारी की थी, जब वह भारत दौरे पर थे।

इस्लामवादियों, कॉन्ग्रेस समर्थकों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ के राजनीतिक विरोधियों ने जॉनसन के कदम को इसे भाजपा शासित राज्यों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश में अपराधियों के अवैध संरचनाओं के खिलाफ शुरू की गई कार्रवाई के समर्थन के रूप में देखा।

वास्तव में पार्टी के क्रिस पिंचर को उप-मुख्य सचेतक के रूप में नियुक्त करने पर बोरिस जॉनसन इस्तीफा देने के लिए मजबूर हुए हैं। लंदन के एक क्लब में नशे की हालत में दो पुरुष साथियों को टटोलने के आरोपों के बाद उप-मुख्य सचेतक को पद छोड़ना पड़ा था। इसके बाद पिंचर के खिलाफ कई यौन उत्पीड़न के आरोप सामने आए।

फरवरी में इन आरोपों के बारे में जानने के बावजूद बोरिस जॉनसन ने उन्हें उप-मुख्य सचेतक नियुक्त किया। पार्टी सांसदों ने कहा कि वे अब उस नेता का समर्थन नहीं कर सकते, जो पिंचर को नियुक्त करते समय खुले तौर पर झूठ बोला।

इसके अलावा, बोरिस जॉनसन पहले से ही कोविड लॉकडाउन के दौरान अपनी पार्टियों के कारण दबाव में थे। हालाँकि, भारत में इस्लामवादियों और कॉन्ग्रेस से सहानुभूति रखने वालों ने उनकी सरकार गिरने के लिए ब्रिटिश कंपनी जेसीबी पर उनकी सवारी को दोष देने में देर नहीं लगाई और ट्विटर पर हंगामा करना शुरू कर दिया।

राहुल गाँधी की एक प्रशंसक और राजनीतिक टिप्पणीकार संजुक्ता बसु ने ट्वीट किया, “जब आप भारत के बुलडोजर बाबाओं के साथ अपनी बुलडोजर एकजुटता दिखाने के लिए भारत आते हैं तो क्या होता है, यह दिखाने के लिए ब्रिटेन का धन्यवाद। आपको गिरा दिया जाता है।”

वित्तीय धोखाधड़ी की आरोपित और कथित पत्रकार राना अय्यूब भी अपने उल्लास को नियंत्रित नहीं कर सकीं और उन्होंने ट्वीट किया, “बोरिस जॉनसन ने भारत आने पर जेसीबी का समर्थन किया था।”

एक और स्व-घोषित उदारवादी धर्मनिरपेक्ष और कॉन्ग्रेस से सहानुभूति रखने वाले ने अपने ट्विटर हैंडल @rkhuria2 से पोस्ट किया, “योगी की जेसीबी को बढ़ावा देने के मूर्खतापूर्ण निर्णय से उनकी नौकरी चली गई।”

एक अन्य ट्विटर यूजर अभिक सेन ने ट्वीट किया, “हम अपने लड़के को बकवास नहीं कह सकते, लेकिन भाड़ में जाओ हम कह सकते हैं। भाड़ में जाओ बोरिस! भाड़ में जाओ तुम और तुम्हारे जेसीबी उत्सव! फक यू!”

ट्विटर यूजर सैयद हसन काज़िम ने पोस्ट किया, “हर निरंकुश और तानाशाह का अहंकार एक न एक दिन ध्वस्त हो जाता है। नरक में जाओ बोरिस जॉनसन। आप जैसे या उससे भी बुरे लोग निश्चित रूप से आपका अनुसरण करेंगे, उनका अहंकार भी जेसीबी के पहियों के नीचे आ जाएगा। बस याद रखना कि कुछ दिन पहले आप किससे मिले थे।”

एक अन्य NDTV उत्साही ट्विटर यूजर @IdlyVadaa ने पोस्ट किया, “कोई भी प्राकृतिक न्याय से बच नहीं सकता है। बोरिस जॉनसन।” इस ट्वीट के साथ प्रोपेगेंडा चैनल एनडीटीवी का एक लेख, जो बोरिस जॉनसन की जेसीबी सवारी की आलोचना कर रहा था, संलग्न किया गया है।

स्वघोषित ‘आंदोलनजीवी’ सुमन सेन ने ट्वीट किया, “इंग्लैंड में जेसीबी और बुलडोजर ने काम नहीं किया। ये हमारे देश में भी काम नहीं करेंगे। बोरिस जॉनसन ने इस्तीफा दिया। मोदी भी देेंगे।”

एक अन्य ट्विटर यूजर रंजन प्रताप सिंह ने पोस्ट किया, “जब बोरिस जॉनसन भारत आए थे तो उन्होंने जेसीबी की फैक्ट्री का उद्घाटन किया था, लेकिन वह भूल गए थे कि एक दिन वह खुद भी ‘कर्म’ का शिकार हो सकते हैं और अब वही हुआ।”

बोरिस जॉनसन के अपने इस्तीफे की घोषणा करते हुए आज गुरुवार (7 जुलाई 2022) को की। जॉनसन के इस्तीफे से खुश लोगों के लिए दुर्भाग्य है कि बोरिस की जगह लेने के वाले जिन दो नामों की चर्चा सबसे अधिक है, उनमें ऋषि सुनक और प्रीति पटेल हैं। दोनों ही भारत विरोधी या मोदी विरोधी प्रोपेगेंडा के समर्थक नहीं दिखते। इसलिए जो लोग ब्रिटेन की राजनीतिक घटनाक्रम में नरेंद्र मोदी की हार खोज रहे हैं, वे नए पीएम की नियुक्ति के बाद निराश ही होंगे।

’10 दिन में सर तन से जुदा’: कन्हैयालाल की हत्या के बाद अब भरतपुर में भी 2 लोगों को जान से मारने की धमकी, एम्बुलेंस ड्राइवर को खंजर दिखा थमाई पर्ची

भाजपा से निलंबित चल रहीं नूपुर शर्मा के पैगंबर मुहम्मद को लेकर दिए गए कथित विवादित बयान पर बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में उदयपुर में कट्टरपंथियों द्वारा दर्जी कन्हैयालाल का सर कलम किए जाने की घटना के बाद अब भरतपुर (राजस्थान) में 2 और लोगों को 10 दिन में ‘सर तन से जुदा’ करने की धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है।

ताजा मामला भरतपुर के कैथवाड़ा थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, यह धमकी वाला पत्र 104 नंबर एंबुलेंस के ड्राइवर को थमाया गया था। इसमें एक किराना व्यापारी और एक सरकारी शिक्षक का नाम लिखा था। इसके साथ ही लिखा था ‘सर तन से जुदा 10 दिन के अंदर।’ दोनों ही नामों के आगे क्रॉस का मार्क बनाया गया था। ड्राइवर ने इस लेटर को पहाड़ी पुलिस को दिया, जिसके बाद दोनों ही व्यक्तियों को सुरक्षा दी गई है। मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि मामले में ड्राइवर मुकेश शर्मा ने पहाड़ी थाने में इस मामले में एक केस दर्ज कराया है।

पुलिस को दी गई शिकायत में मुकेश ने बताया है कि ये घटना बुधवार (6 जुलाई 2022) की है, जब वो एंबुलेंस लेकर पहाड़ी की ओर आ रहा था। उसी दौरान अपाचे बाइक से दो लोग आए और खंजर दिखाकर कहा कि ये पर्ची ले जाकर अपने गाँव में दे दे। पुलिस को कुछ बताया तो तुझे मार देंगे। खास बात ये कि बाइक भी बिना नंबरों के थी।

क्या कहती है पुलिस

इस घटना को लेकर पहाड़ी थाने के एसएचओ शिव लहरी ने ड्राइवर मुकेश द्वारा शिकायत किए जाने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा मुकेश कैथवाड़ा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राव गाँव का रहने वाला है। पर्चियों में जिन दो व्यक्तियों के नाम हैं, उनमें एक सतीश सेठ का है और दूसरा प्रमोद मास्टर का है। ये दोनों भी राव गाँव के ही रहने वाले हैं। खास बात ये है कि दोनों ही व्यक्तियों ने सोशल मीडिया से दूरी बना रखी है।

‘…तुम्हें मेंटल अस्पताल में भर्ती कराने की आवश्यकता है’: लीना पर भड़के फिल्ममेकर अशोक पंडित, अरुण गोविल ने पूछा- हिन्दू धर्म का अपमान क्यों और कब तक?

हिन्दू घृणा से ग्रसित फिल्ममेकर लीना मणिमेकलई  (Leena Manimekalai) की हरकतें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। माँ काली को सिगरेट पीते दिखाने के बाद मचे बवाल पर माफी माँगने की बजाय लीना ने भगवान शिव और माता पार्वती के धूम्रपान करने वाली तस्वीरों को पोस्ट किया है। इस पर टीवी जगत के भगवान राम (एक्टर अरुण गोविल) ने इसे हिन्दू धर्म का घोर अपमान करार दिया है।

गोविल ने लीना मणिमेकलई की हिन्दू आस्था पर कुठाराघात करने की पोस्ट की आलोचना की। उन्होंने ट्वीट किया, “माँ काली का अपमान हिन्दू धर्म का घोर अपमान है। करोड़ों हिन्दुओं की आस्था पर सीधा प्रहार है। फिल्मों और विज्ञापनों में हिन्दू देवी देवताओं का अपमान प्रचलन बन गया है। बार-बार हिन्दू धर्म का अपमान आखिर क्यों और कब तक? ऐसे जघन्य अपराध तत्काल बंद होने चाहिए।”

इसी क्रम में अभिनेता अनुपम खेर ने भी माँ काली के अपमान को लेकर बयान दिया। उन्होंने शिमला का एक किस्सा शेयर किया, “शिमला में माँ काली का एक बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर है, कालीबाड़ी। बचपन में कई बार जाता था। बूँदी के प्रसाद और मीठे चरणामृत के लिए। मंदिर के बाहर एक साधु/फक़ीर टाइप बार बार दोहराता था…’जय माँ कलकत्ते वाली…तेरा श्राप ना जाए खाली..’ आजकल उस साधु और मंदिर की बहुत याद आ रही है!”

भगवान शिव और माता पार्वती की धूम्रपान करती तस्वीरों को पोस्ट करने को लेकर फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने लीना मणिमेकलई को मानसिक बीमार करार दिया है। उन्होंने कहा, “अब ये साबित हो गया है कि तुम्हें मेंटल अस्पताल में भर्ती होने से पहले तत्काल इलाज की जरूरत है। कृपया जल्द से जल्द किसी मनोचिकित्सक से सलाह लें।”

क्या है पूरा मामला

गौरतलब है कि लीना ने बीते 2 जुलाई को ‘काली’ का पोस्टर ट्विटर पर रिलीज किया था। इसमें ‘काली’ बनी एक्ट्रेस को सिगरेट पीते दिखाया गया था। साथ ही एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में LGBT का झंडा था। इस पर विवाद होने के बाद लीना ने माफी माँगने से इनकार कर दिया था।

वही इस मामले में माफी माँगने की बजाय फिल्ममेकर ने एक नया ट्वीट किया जिसमें शिव-पार्वती बने कलाकारों को धूम्रपान करते दिखाया गया है।

माँ काली के अपमान पर लीना के खिलाफ दिल्ली के संसद मार्ग थाने में एक और FIR, MP के गृहमंत्री ने केंद्र से की लुक आउट सर्कुलर जारी करने की माँग

माँ काली का अपमान करती डॉक्यूमेंट्री बनाने वाली फिल्म निर्मात्री लीना और उनका समर्थन करने वाली TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ दिल्ली में FIR दर्ज हुई है। यह FIR भाजपा नेता हरीश खुराना और रंजन तिवारी ने दर्ज करवाई है। FIR में काली माँ के आपत्तिजनक पोस्टर को शेयर करने वाले हैंडलों पर भी कार्रवाई की माँग की गई है जिसमें फराह खान अली भी शामिल हैं। DCP नई दिल्ली को इस बावत आज 7 जुलाई 2022 (गुरुवार) को शिकायती पत्र भी सौंपा गया था।

शिकायतकर्ताओं ने डॉक्यूमेंट्री को हिन्दू आस्थाओं पर आघात बताया और इसे बनाने और इसका समर्थन करने वालों पर कार्रवाई की माँग की है। इस शिकायत पर दिल्ली पुलिस के संसद मार्ग थाने में IPC की धारा 295, 505 (2), 153B, 509, 120B के साथ IT एक्ट की धारा 66 & 67 के तहत FIR दर्ज कर ली गई है।

शिकायतकर्ता राजन तिवारी ने लिखा, “दोषियों को फ़ौरन गिरफ्तार किया जाए। किसी को भी धार्मिक उन्माद फैलाने का अधिकार नहीं है।”

वहीं विवादित काली डॉक्यूमेंट्री को बनाने वाली पूरी टीम के खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार लुक आउट नोटिस जारी करने जा रही है। इस बावत मध्य प्रदेश के गृहमंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने गृहमंत्री अमित शाह को पत्र भी लिखा है। डॉ मिश्रा के मुताबिक लीना मणिमेकलाई ने जानबूझकर हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने वाली डॉक्यूमेंट्री बनाई है।

गृहमंत्री मध्य प्रदेश के मुताबिक, “हमने केस तो दर्ज कर ही लिया था लेकिन अब हम केंद्र सरकार से लीना के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर जारी करने की माँग कर रहे हैं।” गौरतलब है कि डॉक्यूमेंट्री काली का विवादित पोस्टर जारी होने के बाद लीना और उनकी टीम के खिलाफ देश के विभिन्न हिस्सों में FIR दर्ज हो रही है।

अंग्रेजों की शिक्षा पद्धति सेवक वर्ग तैयार करने वाली’: नई शिक्षा नीति की PM मोदी ने बताई आवश्यकता, वाराणसी को दिया ₹1774 करोड़ की सौगात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) चार महीने बाद एक बार फिर अपने अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (Varanasi, Uttar Pradesh) के दौरे पर हैं और गुरुवार (7 जुलाई 2022) को उन्होंने क्षेत्रवासियों को कई सौगात दीं। उन्होंने लगभग 1774 करोड़ रुपए की 43 परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditynath) भी उनके साथ मौजूद रहे।

नई शिक्षा नीति का मकसद युवाओं को skilled बनाना

पीएम मोदी ने वाराणसी की धरती पर आयोजित तीन दिवसीय ‘अखिल भारतीय शिक्षा समागम’ का उद्घाटन किया। इस दौरान लोगों को संबोधित करते हुए नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि इसका मुख्य आधार शिक्षा को संकुचित सोच के दायरे से बाहर निकालकर उस 21वीं सदी के विचारों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से भारत को एक ऐसी व्यवस्था बनाकर दी गई थी, जिसमें पढ़ाई का मतलब नौकरी ही माना गया। उन्होंने कहा कि यह अंग्रेजों की शिक्षा पद्धति थी और इसका उद्देश्य सेवक वर्ग तैयार करना था। उन्होंने कहा, “काशी को भी मोक्ष की नगरी इसलिए कहते हैं, क्योंकि हमारे यहाँ मुक्ति का एकमात्र मार्ग ज्ञान को ही माना गया है। इसलिए शिक्षा और शोध का, विद्या और बोध का मंथन जब सर्व विद्या के प्रमुख केंद्र काशी में होगा तो इससे निकलने वाला अमृत देश को नई दिशा देगा।”

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि नई शिक्षा नीति में पूरा फोकस बच्चों की प्रतिभा और चॉइस के हिसाब से उन्हें skilled बनाने पर है। उन्होंने कहा, “हमारे युवा skilled हों, confident हों, practical हों और calculative हों, शिक्षा नीति इसके लिए जमीन तैयार कर रही है।” उन्होंने कहा कि शॉर्ट-कट से देश का भला नहीं हो सकता।

भारत सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम

स्टार्टअप की चर्चा करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “आज हम दुनिया के तीसरे सबसे बड़े स्टार्टअप इकोसिस्टम हैं। स्पेस टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में जहाँ पहले केवल सरकार ही सब करती थी, वहाँ अब प्राइवेट प्लेयर्स के जरिए युवाओं के लिए नई दुनिया बन रही है। जो पहले कभी भी नहीं हुआ, जिनकी देश पहले कभी कल्पना भी नहीं करता था, वो आज हकीकत बन रहा है।”

नावों के CNG का सुझाव

प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी की गंगा नदी को प्रदूषण से मुक्त तथा शहर को धुआँ से मुक्त बनाने के लिए सुझाव दिया। उन्होंने कहा कि गंगा जी का ध्यान रखने वाले नाविकों की डीजल और पेट्रोल से चलने वाली नावों के लिए CNG का विकल्प दिया जा रहा है।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने बच्चों से भी मुलाकात की। बच्चों ने उन्हें शिव तांडव स्तोत्रम् का पाठ सुनाया।

अत्याधुनिक किचन का उद्घाटन

इसके साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वहाँ अक्षय फाउंडेशन द्वारा स्थापित अत्याधुनिक मिड-डे मील किचन का उद्घाटन किया। इस किचन में चार घंटे में एक लाख छात्रों की खाना पकाने की क्षमता है। इस किचन में एक घंटे में करीब 40,000 रोटियाँ, 45 मिनट में 130 किलोग्राम चावल और डेढ़ घंटे में 1200 किलोग्राम दाल व सब्जी बनकर तैयार हो जाएगा। इस किचन को अर्दली बाजार स्थित एलटी कॉलेज परिसर में स्थापित की गई है।

इस किचन में खाना बनाने के लिए हर आइटम की मशीन लगी है। आटा गूँथने से लेकर चावल, दाल सब्जी धोने, मसाला पीसने और भोजन पकाने तक हर काम मशीनों से होगा। इस किचन से वाराणसी के सेवापुरी ब्लॉक के 48 स्कूलों में पका हुआ मिड-डे मील की सप्लाई 8 जुलाई शुरू हो जाएगी।

‘अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं’: माँ काली के अपमान पर फरियाद लेकर थाने गए BJP नेता, नीतीश कुमार की पुलिस ने बैरंग लौटाया

बिहार में बीजेपी के डॉक्यूमेंट्री ‘काली’ की मेकर लीना मणिमेकलई और टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ फरियाद लेकर पुलिस के पास पहुँचे। लेकिन, पुलिस ने उनकी शिकायत पर गौर करने से इनकार कर दिया। दिलचस्प यह है कि बिहार में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चल रही सरकार में बीजेपी भी साझेदार है।

यह घटना गुरुवार (7 जुलाई 2022) की है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। बिहार भाजपा के कला संस्कृति प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक बरुण सिंह कार्यकर्ताओं के साथ शिकायत दर्ज करवाने पटना के कोतवाली थाना गए। लेकिन कोतवाली थाना के प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह ने यह कहते हुए उनकी शिकायत लेने से इनकार कर दिया कि वे राजनीति चमकाने आए हैं। इसके बाद पटना के DSP ने भी कथित तौर पर भाजपा नेताओं की शिकायत पर कार्रवाई से इनकार कर दिया।

वायरल वीडियो में इंस्पेक्टर सुनील कुमार सिंह कह रहे हैं, “चलो भाई हम अभी कुछ नहीं करेंगे। आप नेता हैं और हम नौकरी कर रहे हैं। ये अपनी नेतागिरी चमका रहे हैं। जब मैं कहूँ तब मेरा वीडियो लीजिए।” इसी के साथ कोतवाली प्रभारी मीडिया वालों से भी सवाल कर रहे हैं कि उनका वीडियो क्यों बनाया जा रहा है। इस वीडियो के एक हिस्से में इंस्पेक्टर ने मौके पर मौजूद लोगों से कोतवाली थाने से बहार जाने के लिए भी कहा।

ऑपइंडिया से बातचीत में बरुण कुमार सिंह ने कहा, “इंस्पेक्टर सुनील द्वारा ऐसे शब्द बोले जाने के बाद हम DSP संजय कुमार के पास अपनी शिकायत लेकर गए। DSP ने भी हमारी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और कहा कि अगर इंस्पेक्टर ने न कह दिया है तो इसमें हम भी कुछ नहीं कर सकते। जब हमारी शिकायत किसी ने नहीं ली तो हम उसी थाने के एक मुंशी को शिकायत पत्र देकर चले आए। अब उनकी मर्जी है कि वो उस पर क्या करते हैं।”

शिकायत की कॉपी

ऑपइंडिया ने इंस्पेक्टर सुनील से सम्पर्क किया। लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। सुनील कुमार से बात होने के बाद हम इस खबर को अपडेट करेंगे। गौरतलब है कि बिहार में गृह मंत्रालय भी मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने ही पास रख रखा है। पिछले दिनों राज्य में जब अग्निपथ विरोधी हिंसा के दौरान बीजेपी नेताओं की संपत्तियों को निशाना बनाया गया था, तब भी पुलिस पर मूकदर्शक बने रहने के आरोप लगे थे।

लीना ने बीते 2 जुलाई को ‘काली’ का पोस्टर ट्विटर पर रिलीज किया था। इसमें ‘काली’ बनी एक्ट्रेस को सिगरेट पीते दिखाया गया था। साथ ही एक हाथ में त्रिशूल और दूसरे हाथ में LGBT का झंडा था। इस पर विवाद होने के बाद लीना ने माफी माँगने से इनकार कर दिया था। वहीं महुआ मोइत्रा ने देवी काली को मांस खाने वाली और शराब पीने वाली बताया था।

गमछे में चेहरे को लपेटकर UP के कोर्ट पहुँचा मोहम्मद जुबैर, नेटिजन्स पूछ रहे थे- ये कान क्यों छिपा रहा: जमानत पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई

फैक्ट न्यूज के नाम पर प्रोपेगेंडा फैलाने वाले ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर मोहम्मद जुबैर को गुरुवार (7 जुलाई 2022) को उत्तर प्रदेश के सीतापुर स्थित कोर्ट में दिल्ली पुलिस ने पेश किया। वहाँ कथित फैक्ट चेकर को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

दरअसल, जुबैर ने बजरंगमुनि, यति नरसिंहानंद आनंद स्वरूप को ‘घृणा फैलाने वाला’ कहा था। इस मामले हिन्दू शेर सेना के अध्यक्ष भगवान शरण की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। खैराबाद थाने में 1 जून को मोहम्मद जुबैर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।

जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट पहुँचा फैक्ट चेकर

इस बीच कथित फैक्ट चेकर ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका दायर की है। जुबैर की ओर सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए वरिष्ठ वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने जस्टिस इंदिरा बनर्जी और जस्टिस जेके माहेश्वरी की वैकेशन बेंच के समक्ष दलीलें पेश की। जुबैर ने कोर्ट में कहा कि उसका काम खबरों की जाँच करना है और इसके लिए उसे हत्या की धमकियाँ दी जाती हैं। मामले को आज (गुरुवार) 2 बजे लिस्टेड करने की माँग भी की। इसके साथ ही जुबैर ने दावा किया कि इस मामले में उसने इलाहाबाद हाई कोर्ट का भी रुख किया था।

मामले की सुनवाई कर रही पीठ ने कहा कि किसी भी मामले को लिस्टेड केवल चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ही कर सकते हैं। पीठ ने निर्देश दिया, “भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा मंजूरी के अधीन मामले को कल सूचीबद्ध करें।” यानि कि जुबैर की जमानत याचिका पर 8 जुलाई को सुनवाई होगी।

जुबैर के चेहरा ढँकने पर नेटिजन्स की प्रतिक्रिया

हर बार देखा जाता है कि जब भी मोहम्मद जुबैर को कहीं ले जाया जाता है तो वो अपने चेहरे को ढँक के रखता है। इसी को लेकर शुभेंन्दु नाम के यूजर ने कहा, “आखिर जुबैर अपने चेहरे को क्यों ढँक कर रखता है, उसमें भी कान हमेशा ढँके रहता है। क्या राज है?

इसी तरह राहुल कौशिक नाम के यूजर ने कहा, “जुबैर कौन है? वह अपनी हर एक फोटो में सिर्फ चेहरा ही नहीं, बल्कि कान भी छुपा रहा है। एक बहुत ही कट्टर और प्रशिक्षित आतंकवादी ही चेहरे की पहचान करने वाले सॉफ़्टवेयर को मात देने के लिए अपने कानों को छुपाता है, जो उसकी पिछली आपराधिक हरकतों या भविष्य से उसकी पहचान करता है।”

राष्ट्रीय सुरक्षा मामलों के विश्लेषक दिव्य कुमार सोती ने कहा कि जुबैर जिस तरह से अपने कान छुपाता है, वह हाईली ट्रेंड लगता है।

कंगना ने करण जौहर की बजाई बैंड, कहा- घर में घुसकर मारा था: कॉफी विद करण पर ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की दिलाई याद

कंगना रनौत और करण जौहर के बीच अदावत पुरानी है। ‘कॉफी विद करण’ के नए सीजन की शुरुआत से पहले भी कंगना (Kangana Ranaut) ने उन पर निशाना साधा है। उन्होंने उस वक्त को याद किया है जब वे इस शो के 5वें सीजन में गेस्ट बनकर गईं थी। इसे उन्होंने सर्जिकल स्ट्राइक बताया है।

करण जौहर (Karan Johar) का चैट शो ‘कॉफी विद करण’ का 7वाँ सीजन (Koffee With Karan 7) आज (7 जुलाई 2022) से नेटफ्लिक्स पर शुरू हो रहा है। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा है, “पापा जो (करण जौहर) अपने फेमस कॉफी एपिसोड को प्रमोट कर रहे हैं, क्योंकि यह आज से ओटीटी पर आ रहा है। पापा जो को गुड लक, लेकिन उस एपिसोड का क्या, ओह सॉरी! सर्जिकल स्ट्राइक, घर में घुस के मारा था न, मेरा एपिसोड उनका सबसे अधिक पॉपुलर एपिसोड रहा था और इसके बाद वह टीवी पर बैन हो गए थे। बिल्कुल उनके फिल्मफेयर अवॉर्ड्स की तरह।”

फोटो साभार: कंगना की इंस्टाग्राम स्टोरी

दरअसल, कंगना रनौत साल 2017 में अपनी फिल्म ‘रंगून’ के प्रमोशन के लिए ‘कॉफी विद करण 5’ में पहुँची थीं। उनके साथ सैफ अली खान भी थे। इसी शो में उन्होंने करण जौहर पर बॉलीवुड में नेपोटिज्म का बढ़ावा देने का आरोप लगाया था।

हाल ही में करण जौहर ने एक इंटरव्यू में ‘नेपोटिज़्म’ (Nepotism) को लेकर हुई ट्रोलिंग पर बात की और कहा कि वह अभी भी इसको लेकर ट्रोल किए जाते हैं। कंगना रनौत ने पिंकविला में पब्लिश करण के आर्टिकल का स्क्रीनशॉट भी अपनी इंस्टा स्टोरी पर लगाया है। उन्होंने इसके साथ लिखा, “मैंने करण को उनके सभी कामों से ज्यादा पॉपुलर बना दिया है।”

फोटो साभार: कंगना की इंस्टाग्राम स्टोरी

गौरतलब है कि कंगना को अक्सर बॉलीवुड में बाहर से आए कलाकारों का समर्थन करते हुए देखा गया है। पिछले साल अभिनेता कार्तिक आर्यन को करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन ने “अनप्रोफेशनल बिहैवियर” का आरोप लगाकर फिल्म ‘दोस्ताना 2’ से बाहर कर उन्हें ब्लैक लिस्ट कर दिया था। इसको लेकर कंगना ने करण जौहर को जमकर लताड़ा था। कंगना ने ट्वीट कर कहा था, “कार्तिक आर्यन अपने दम पर यहाँ तक पहुँचे हैं। वह अपने दम पर ऐसा करता रहेगा। पापा जो और उनके नेपो गैंग क्लब से मेरी ये विनती है कि उसे अकेला छोड़ दें। सुशांत की तरह उसके पीछे पड़कर उसे फाँसी पर लटकने के लिए मजबूर ना करो। गिद्धों उसे अकेला छोड़ दो और दफा हो जाओ चिंदी नेपोज (भाई-भतीजावाद)।”

करोड़पति हिंदू परिवार की लड़की के बदन पर ब्लेड के 500 कट: 10वीं पास ने प्यार में फँसा किया टॉर्चर, जबरन खिलाया नॉनवेज

गुजरात में वडोदरा के छानी में करोड़पति परिवार की हिंदू लड़की को ईसाई व्यक्ति सेल्विन पॉल परमार (Christian man Selvin Paul Parmar) ने पहले प्यार के जाल में फँसाया, फिर उससे शादी कर ली। इसके बाद सेल्विन पॉल परमार ने 23 वर्षीय लड़की को इमोशनली ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह उसे इंटीमेट वीडियो वायरल करने की धमकी देने लगा। यही नहीं उसने लड़की को खुद को ब्लेड से काटने के लिए भी मजबूर किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय को भी दखल देना पड़ा।

वडोदरा में छानी नहर के पास एक सोसाइटी में रहने वाले 10वीं पास सेल्विन परमार ने कथित तौर पर इलाके के एक करोड़पति हिंदू परिवार की बेटी को 250 करोड़ रुपए की संपत्ति का मालिक कहकर उसे गुमराह किया। उसने बताया कि उसके पास एक फैक्ट्री, एक रेत का पट्टा, एक पेट्रोल पंप है। 2019 में 2 साल के लंबे प्रेम प्रसंग के बाद ईसाई युवक ने लड़की के साथ कोर्ट मैरिज कर ली।

इस बीच उसने लड़की के साथ अपने निजी पलों की तस्वीरें और वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। जब लड़की के परिवार वालों ने उसका मोबाइल चेक किया तो उसने पाया कि वह इस शख्स से चैट कर रही है। चैट में, उस व्यक्ति ने कथित तौर पर उसे एक मिनट में ब्लेड से खुद के शरीर पर 40 से 45 कट बनाने के लिए कहा था और साथ ही इन तस्वीरों को उसे सोशल मीडिया पर शेयर करने के लिए कहा था।

मेडिकल जाँच में लड़की के शरीर पर 500 से अधिक ब्लेड के घाव पाए गए हैं। लड़की ने इन घावों को छिपाने के लिए हमेशा पूरे शरीर को ढँकने वाले कपड़े ही पहने। एक समय ऐसा भी था जब सेल्विन पॉल परमार की धमकियों से तंग आकर उसने आत्महत्या करने का मन ​बना लिया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, शादी के बाद लड़की को सेल्विन के पिता पॉल परमार ने बहला-फुसलाकर अपने ससुराल में रहने के लिए मजबूर किया। कुछ समय बाद सेल्विन, उसकी भाभी श्वेता और पिता पॉल परमार ने लड़की को शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने उसे घर में बंद कर दिया। लड़की को उसकी मर्जी के खिलाफ नॉन वेज खाने के लिए भी मजबूर किया। लड़की के परिवार को जब इस बारे में पता चला कि ससुराल में उसके साथ आए दिन मारपीट की जाती है तो वो लड़की को घर वापस ले आए। घटना की जानकारी होने के बाद लड़की के पिता ने इस संबंध में छानी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने सेल्विन पॉल परमार, श्वेता पॉल परमार और पॉल परमार के खिलाफ मामला दर्ज कर सेल्विन परमार को हिरासत में लिया है।

लड़की के पिता ने शी टीम से संपर्क किया

अपनी बेटी को इस हालत में देख उसके पिता ने अगस्त 2021 में पुलिस की शी टीम से संपर्क किया। लड़की के पिता ने आरोप लगाया कि शी टीम के पुलिस अधिकारी नोएल सोलंकी ने उनकी बातों को नजरअंदाज करते हुए उनसे रिश्वत की माँग की। सितंबर 2021 में, लड़की के पिता ने नोएल और सेल्विन के खिलाफ छानी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस अधिकारी पर आरोप लगाया था कि एक ही धर्म (ईसाई) के होने के कारण नोएल ने उनकी शिकायत दर्ज नहीं की थी। इसके बाद लड़की के पिता ने मामले में न्याय की गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में याचिका दायर की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के आदेश के बाद मामले की जाँच की गई। इसके बाद शी टीम के दोनों सदस्यों पुलिसकर्मी नोएल सोलंकी और कांस्टेबल संजय कुमार को 22 जून, 2022 को निलंबित कर दिया गया था। उनके खिलाफ सभी आरोप सही साबित हुए थे।

फिलहाल, परिवार ने बेटी को उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका भेज दिया है। वे इस घटना से इतने सदमे में हैं कि अपनी बेटी को भारत वापस नहीं लाना चाहते हैं। वे चाहते हैं कि उनकी बेटी अमेरिका में ही अपनी आगे की जिंदगी जिए।