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9 बजे रात के बाद पाकिस्तान में पैसा देकर भी नहीं मिलेगा कुछ: 8 रुपए/यूनिट बढ़ा बिजली का रेट, रेल किराया एक ही हफ्ते में दो बार बढ़ाया

पाकिस्तान में हालात दिन पर दिन बिगड़ते जा रहे हैं और इसके साथ ही प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की मुश्किलें भी बढ़ती जा रही हैं। वहाँ के लोगों से चाय पीने में कटौती की अपील करने के बाद अब ऊर्जा संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान में बिजनेस संचालन के समय को कम कर दिया गया है। पंजाब और सिंध के बाद इस्लामाबाद में भी 9 बजे के बाद मार्केट और शॉपिंग मॉल को बंद कर दिया जाएगा।

इस्लामाबाद के उपायुक्त ने अपने आदेश में कहा है कि सभी दुकानें, शॉपिंग मॉल, बेकरी और कन्फेक्शनरी, कार्यालय, स्टोर रूम, गोदाम और पशु बाजार रात 9 बजे बंद हो जाएँगे। इसके अलावा, मैरिज हॉल, मार्की और प्रदर्शनी हॉल का समय रात 10:00 बजे तक सीमित रहेगा।

इसमें आगे कहा गया है कि सभी वाणिज्यिक या औद्योगिक प्रतिष्ठान, रेस्तरां, क्लब, तंदूर, भोजनालय, कैफे, सिनेमा, थिएटर या सार्वजनिक मनोरंजन के अन्य स्थान और सार्वजनिक पार्क रात 11:30 बजे बंद हो जाएँगे। हालाँकि, अस्पताल, प्रयोगशाला, क्लीनिक, फार्मेसी एवं मेडिकल स्टोर, पेट्रोल पंप, दूध की दुकानों और अन्य आवश्यक व्यवसायों को इससे छूट दी गई है।

डीजल और फर्नेस ऑयल से उत्पादित बिजली की उच्च लागत के कारण बिजली वितरण कंपनियों ने जुलाई के बिलों में प्रति यूनिट 7.96 रुपए से अधिक की वृद्धि की माँग की है। सेंट्रल पावर परचेजिंग एजेंसी (सीपीपीए) ने पावर सेक्टर रेगुलेटर को अर्जी देकर कहा है कि मई महीने के दौरान विभिन्न स्रोतों से बिजली उत्पादन की कुल लागत 13.8969 रुपए प्रति यूनिट रही।

वहीं, तेल की बढ़ती कीमतों और अन्य वित्तीय समस्याओं के पाकिस्तान रेलवे ने शनिवार (18 जून 20222) को सभी एक्सप्रेस यात्री ट्रेनों के किराए में 5 प्रतिशत और सभी मालवाहक ट्रेनों के माल भाड़े में 10 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। यह पिछले एक सप्ताह में दूसरी बार किराए में वृद्धि है।

इस सप्ताह के शुरू में रेल मंत्री ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि का बहाना बनाकर एक्सप्रेस ट्रेनों के किराए में 10 प्रतिशत और मालवाहक ट्रेनों के किराए में 15 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणआ की थी। इस तरह महंगाई की मार झेल रहे पाकिस्तान के लोगों का जीवन दयनीय हो गया है।

पाकिस्तान महंगाई के साथ-साथ वित्तीय संकट के दौर से गुजर रहा है। इसके साथ ही वहाँ ऊर्जा संकट भी शुरू हो गया है। इसके पहले, वहाँ योजना एवं विकास मंत्री अहसान इकबाल ने 14 जून 2022 को कहा था कि पाकिस्तानी अपनी चाय की खपत को प्रति दिन ‘एक या दो कप’ कम कर सकते हैं, क्योंकि इसका आयात सरकार पर अतिरिक्त वित्तीय दबाव डाल रहा है। उन्होंने कहा था, “हम जो चाय आयात करते हैं, वह कर्ज लेकर आयात की जाती है।”

पाकिस्तान में खाद्य, तेल, गैस से लेकर तमाम चीजों की कीमतों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। इस बीच विदेशी मुद्रा भंडार में भी तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। वहाँ का विदेशी मुद्रा भंडार अब सिर्फ दो महीने के आयात के बराबर रह गया है। पाकिस्तान के केंद्रीय बैंक के पास फरवरी के अंत में विदेशी मुद्रा भंडार $16.3 बिलियन (1274 अरब रुपए) से गिरकर मई में $10 बिलियन (781 अरब रुपए) रह गया है।

16 साल की उम्र में मुस्लिम लड़की हो जाती है निकाह के लायक: पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में ‘इस्लामी कानून’ देख कर फैसला

मुस्लिम लड़कियों के निकाह की सही उम्र के मामले पर पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट की टिप्पणी आई है। कोर्ट ने कहा है कि एक मुस्लिम लड़की 16 साल की उम्र में निकाह के लायक हो जाती है। ऐसे में वह चाहे तो अपने पसंद के लड़के से निकाह कर सकती है।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, जस्टिस जसजीत सिंह बेदी की पीठ ने एक मुस्लिम जोड़े की याचिका पर ये टिप्पणी की। ये याचिका एक 21 साल के लड़के और 16 साल की लड़की ने प्रोटेक्शन पाने के लिए हाईकोर्ट में डाली थी।

याचिकाकर्ताओं ने याचिका में कहा था कि उन दोनों को कुछ समय पहले एक दूसरे से प्यार और उन्होंने निकाह करने की ठानी। अंतत: दोनों का निकाह 8 जून 2022 मुस्लिम रीति-रिवाजों से हुआ। घरवालों की आपत्ति के कारण उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।

उन्होंने याचिका में कहा कि मुस्लिम कानून के अनुसार, वह दोनों बालिग हो चुके हैं और उन्हें एक दूसरे से निकाह का अधिकार है, इसमें परिवार वाले हस्तक्षेप नहीं कर सकते। अपनी याचिका में मुस्लिम जोड़े ने बताया कि उन्हें जान का खतरा है और इस बारे में वह पठानकोट के एसएसपी को भी बता चुके हैं। हालाँकि अब तक कोई एक्शन नहीं लिया गया।

मामले की सुनवाई करते हुए जस्टिस बेदी ने कहा, “कानून स्पष्ट है कि मुस्लिम लड़की की शादी मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार हुई है। ऐसे में दीनशाह फरदूनजी मुल्ला की किताब ‘प्रिंसिपल्स ऑफ मोहम्मडन लॉ’ के अनुच्छेद 195 के अनुसार, याचिकाकर्ता लड़की अपने पसंद के व्यक्ति से निकाह करने के लिए सक्षम है। लड़के की उम्र भी 21 है। इस तरह दोनों याचिकाकर्ता मुस्लिम पर्सनल लॉ के अनुसार निकाह लायक हैं। “

कोर्ट ने पठानकोट एसएसपी को निर्देश देते हुए कहा कि इस मामले में याचिकाकर्ताओं की माँग से मुँह नहीं फेरा जा सकता। सिर्फ इसलिए कि उन्होंने परिवार के विरुद्ध निकाह किया उन्हें उनके अधिकारों से वंचित नहीं कर सकते जैसा कि भारत के संविधान में भी कहा गया है।

पंजाब की LPU ने भारत के नक़्शे से कश्मीर और पूर्वोत्तर को हटाया, AAP सांसद अशोक मित्तल हैं चांसलर

पंजाब के फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) ने अपने स्टडी इंडिया प्रोग्राम में एक विवादित वीडियो चलाया है। इस वीडियो में भारत के मानचित्र से कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत को हटा दिया गया है। इस वीडियो को सबसे पहले यूनिवर्सिटी के हैंडल से 7 जून, 2022 को शेयर किया गया था। आम आदमी पार्टी से राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल इस यूनिवर्सिटी के चांसलर हैं।

इस वीडियो में सबसे पहले अफ्रीकी देश घाना का निवासी उमर तौफीक दिखाई देता है। वो यूनिवर्सिटी के उपलब्ध तमाम कोर्स की तारीफ करता है। उसी बातों के बीच एक वीडियो दिखाई देता है। इस वीडियो में भारत का अधूरा मानचित्र नजर आता है। उस मानचित्र में कश्मीर और पूर्वोत्तर भारत नहीं दिख रहे हैं।

कुछ ही देर में ये वीडियो वायरल हो गया। लोगों ने इस हरकत के पीछे जिम्मेदार व्यक्ति की भी जानकारी साझा कर दी। वो व्यक्ति लवली प्रोफेशन यूनिवर्सिटी का ही अधिकारी है। यह यूनिवर्सिटी साल 2005 में बन कर तैयार हो गई थी और 1 साल बाद 2006 में इसमें कामकाज और पठन-पाठन शुरू हो गया था। वर्तमान में शारदा यूनिवर्सिटी नॉएडा में प्रोफेसर और सोशल मीडिया पर नरेंद्र मोदी विरोधी पोस्ट करने के लिए चर्चित अहरार अहमद लोन भी पहले इसी लवली यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर थे।

किसी यूनिवर्सिटी द्वारा भारत के विकृत मानचित्र को प्रदर्शित करने की ये पहली घटना नहीं है। 15 जून 2022 को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी पूर्व छात्र सेक्शन में भारत का एक विवादित मानचित्र दिखाया गया था। इस मानचित्र में POK (पाक अधिकृत कश्मीर) को पाकिस्तान का हिस्सा दिखाया गया था। कई नेटीजेंस ने इस मानचित्र पर आपत्ति जताते हुए कार्रवाई की माँग की थी। लोगों की माँग पर यूनिवर्सिटी ने संज्ञान लिया और पूर्व छात्र सेक्शन को यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया गया। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी भी लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी की ही तरह प्राइवेट यूनिवर्सिटी है।

पूरा सदन खड़ा था, लेकिन आराम से बैठी रहीं 4 बुर्कानशीं पार्षद: बैठक में राष्ट्रीय गीत का अपमान, वायरल हुआ वीडियो

उत्तर प्रदेश के मुज़फ्फरनगर में नगरपालिका की बैठक में मुस्लिम पार्षदों पर राष्ट्रीय गीत के अपमान के आरोप लगे हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि जब ‘वन्दे मातरम्’ बजाय जा रहा है, तब सभी पार्षद राष्ट्रगीत के सम्मान में खड़े हैं लेकिन 4 बुर्कानशीं मुस्लिम महिलाएँ बैठी हुई हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने इसे राष्ट्रगीत का अपमान करार दिया। बैठक में केंद्रीय पशुपालन, डेयरी एवं मत्स्य पालन विभाग मंत्री संजीव बालियान भी मौजूद थे।

संजीव बालियान मुज़फ्फरनगर के स्थानीय सांसद भी हैं। नगरपालिका बोर्ड की बैठक में मुस्लिम महिला पार्षदों द्वारा राष्ट्रगीत के अपमान का मामला तूल पकड़ रहा है। शनिवार (18 जून, 2022) को दोपहर में नगरपालिका सभागार में हुई बैठक में उत्तर प्रदेश सरकार वोकेशनल एजुकेशन एवं स्किल डेवलपमेंट मंत्री कपिलदेव अग्रवाल भी मौजूद थे, जो मुज़फ्फरनगर नगरपालिका के अध्यक्ष भी रहे हैं। कई वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में ऐसा हुआ।

जिस बैठक में शहर के विकास के लिए 196 करोड़ रुपए का प्रस्ताव पास हुआ, उसमें महिला मुस्लिम सभासदों के अलावा पूरा सदन राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम्’ के सम्मान में खड़ा हुआ। सदन के लोग भी इस हरकत से नाराज़ दिखे। कार्यवाही शुरू होने से पहले राष्ट्रगीत बजाया गया था। केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान ने सभी को राष्ट्रगान और राष्ट्रगीत के सम्मान की सलाह दी। पार्षदों ने इस पर चर्चा भी की। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब महिला ही राष्ट्रीय गीत का अपमान करेगी तो समाज को कैसे मजबूत करेगी?

बता दें कि राष्ट्रगीत को भी राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के समान दर्जा देने का माला अदालत में चल रहा है और मई 2022 के अंतिम हफ्ते में दिल्ली उच्च-न्यायालय ने इस सम्बन्ध में केंद्र सरकार की राय भी माँगी थी।

भाजपा नेता और अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने इस सम्बन्ध में जनहित याचिका (PIL) दाखिल की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत को लेकर कोई दिशानिर्देश न होने के कारण असभ्य रूप से इसका इस्तेमाल हो रहा है और फिल्मों-पार्टियों में भी इसका अपमान किया जा रहा है।

उन्होंने अपनी याचिका में कहा था कि 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा के सभापति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने कहा था कि ‘वंदे मातरम’ गीत ने भारतीय स्वतंत्रता के संघर्ष में एक ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी और इसे ‘जन-गण-मन’ के साथ समान रूप से सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा सभी संस्थानों में दोनों को समान रूप से बजाने की माँग की है।

‘मुस्लिमों को टिकट न देकर धर्मयुद्ध छेड़ रही BJP’: कॉन्ग्रेस की फोजिया शेख ने भड़काया, नाबालिग से छेड़छाड़ का आरोपित तस्लीम ‘भाभी जी’ के लिए कर रहा प्रचार

इंदौर की कॉन्ग्रेस पार्षद और पूर्व नेता प्रतिपक्ष फोजिया शेख ने भाजपा और मुस्लिमों को ले कर विवादित बयान दिया है। उन्होंने भाजपा पर धर्म युद्ध छेड़ने के प्रयास का आरोप लगाया है। इसी के साथ उन्होंने भाजपा में मुस्लिमों का शामिल होना शर्मनाक कहा है। फोजिया ने यह बयान 18 जून 2022 (शनिवार) को दिया है। वो आगामी इंदौर नगर निगम चुनाव 2022 में कॉन्ग्रेस प्रत्याशी हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फोजिया ने कहा, “बीजेपी ने दिखा दिया है कि वो देश में सिर्फ धर्मयुद्ध करना चाहती है। भाजपा में जितने भी मुस्लिम प्रत्याशी थे उन्हें टिकट नहीं मिला है। ऐसा कर के उन्होंने (भाजपा) ने साबित कर दिया है कि वो धर्मयुद्ध छेड़ रहे हैं। उन्हें मुसलमानों की कोई जरूरत नहीं है। जो मुसलमान बीजेपी में गए हैं उनके मुँह पर भी उन्होंने (भाजपा) ने बहुत बड़ा तमाचा मारा है। शर्म आती है ऐसे मुसलमानों पर। ऐसे लोगों पर भी शर्म आती है जो भाजपा का झंडा उठाते हैं। ये लोग पूरी कौम को शर्मशार करते हैं।”

पॉक्सो का आरोपित चूड़ी वाला तस्लीम कर रहा प्रचार

फोजिया शेख का प्रचार तस्लीम कर रहा है। वो गली-गली घूम-घूम कर पुलिस जाँच से हट कर अपनी थ्योरी मुस्लिमों को सुना कर फोजिया शेख के लिए वोट माँग रहा है। तस्लीम वही चूड़ी वाला है जिसको पीटते हुए कुछ लोगों का वीडियो खिलाफ अगस्त 2021 में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस वीडियो पर चरमपंथी और वामपंथी समूह ने हिन्दुओं पर निशाना साधते हुए हंगामा किया था। बाद में जाँच के दौरान प्रकाश में आया था कि तस्लीम ने उसी गाँव की एक 13 साल की नाबालिग बच्ची से छेड़छाड़ की थी। साथ ही वो गाँव में हिन्दू नाम से घूमा करता था।

प्रचार के दौरान तस्लीम ने कहा, “मैं UP का निवासी हूँ। मैं यहाँ चूड़ी बेचते आता था। एक दिन कुछ लोगों ने हमें मार-पीट के जेल भिजवा दिया था। उस समय हाजी शेख अलीम (फोजिया शेख के शौहर) ने मेरी मदद की थी। आज इनकी ही वजह से मैं यहाँ मौजूद हूँ। मुझे पता चला कि चुनाव मेरी भाभी जी का है तो मैं यहाँ आ गया। हम भाभी जी के दुआ करते हैं। उन्होंने मेरी मदद की थी अब मैं उनकी मदद करना चाहता हूँ। मुझे लेने कई लोग आ रहे थे अपना प्रचार करवाने लेकिन मैंने बाकी सबको मना कर दिया। मै उसी का साथ दूँगा जिसने मेरा दिया है।”

₹1800 करोड़ में टिहरी झील बनेगी उत्तराखंड का ब्रांड डेस्टिनेशन, 240000 परिवारों को मिलेगा फायदा

उत्तराखंड की टिहरी झील अब अंतरराष्ट्रीय पर्यटन स्थल के तौर पर विकसित की जाएगी। राज्य सरकार ने इसके लिए योजना तैयार की थी, जिसे केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने भी स्वीकृति दे दी है। अब आगे राज्य सरकार विकास बैंक तथा ब्रिक्स डेवलपमेंट बैंक से 1800 करोड़ की सहायता (2030 लाख डॉलर से ज्यादा) लेकर इस योजना के तहत टिहरी झील का विकास करेगी।

जानकारी के अनुसार, इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य टिहरी को उत्तराखंड के ब्रांड पर्यटन स्थल के तौर पर स्थापित करना है। ये प्रोजेक्ट सीधे तौर पर करीब 40 हजार और अप्रत्यक्ष रूप से लगभग 2 लाख परिवार को फायदा पहुँचाएगी।

खास बात ये होगी कि इस योजना पर काम करने के साथ पर्यावरण का ख्याल भी रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि पर्यावरण को बिना हानि पहुँचाए ग्रामीण क्षेत्र को आर्गेनिक होमस्टे के रूप में विकसित किया जाएगा। साथ ही स्वास्थ्य व स्वच्छता के स्तर को बेहतर बनाने  के लिए सरकार के पास प्रस्ताव है।

इस योजना के अंतर्गत नई टिहरी में कोटी कालोनी, तिवाड़ गाँव, डोबरा चांटी, टिहरी झील, मदन नेगी को क्लस्टरों के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके अलावा टिहरी झील में चार जगहों पर वाटर स्पोर्ट्स संबंधी केंद्र भी बनाए जाएँगे। टेंट कॉलोनी, कोटी कॉलोनी से डोबरा-चांटी तक पर्यटन रोड का निर्माण किया जाना भी इस परियोजना में शामिल है।

इसके अलावा होम स्टे क्लस्टरों का निर्माण, डोबरा चांटी पार्क, मल्टी लेवल कार पार्किंग, एकीकृत सूचना केंद्र, मनोरंजन कॉम्पलेक्स, एक्वेटिक कॉम्प्लेक्स जैसे सुविधाओं के निर्माण और विस्तार की भी योजना है। सैलानियों के लिए थ्री स्टार बुटीक होटल, स्मार्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर, जैव विविधता पार्क, योग एवं पंचकर्म केंद्र, रोपवे निर्माण, तटीय क्षेत्र में पौधरोपण, लाइट एवं साउंड लेजर शो समेत अन्य कार्य किए जाएँगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर ने बताया कि राज्य सरकार ने वित्त मंत्रालय के समक्ष इस परियोजना का संशोधित प्रस्ताव प्रस्तुत किया था। इसमें विकास के अन्य बिंदुओं के साथ एक रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव भी शामिल है। इस प्रस्ताव को नीति आयोग, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन मंत्रालय और पर्यटन मंत्रालय के समर्थन के बाद वित्त मंत्रालय से भी स्वीकृति मिल गई है।

एडीबी की टीम अब जल्द ही उत्तराखंड का दौरा करेगी। टिहरी शहर के ऐतिहासित महत्व को पुनर्स्थापित करने और पर्यटन ढाँचे को मजबूत करने के साथ रोजगार के नए पद सृजित होंगे। परियोजना से पर्यटकों के टिहरी प्रवास की औसत अवधि को बढ़ाकर तीन दिन तक करने के लिए ये प्रयास किए जा रहे हैं। इस पूरी परियोजना में हरित तकनीक को प्रयोग में लाया जाएगा।

मेडिकल फैसिलिटी, कैंटीन, अलाउंस, बीमा, मेडल, छुट्टियाँ… वायुसेना ने बताया ‘अग्निवीरों’ को क्या-क्या मिलेगा, बलिदानियों को ₹1 करोड़

केंद्र की महत्वाकांक्षी अग्निपथ योजना (Agnipath Scheme) को लेकर जारी हिंसा के बीच भारतीय वायुसेना (Indian Air Force) ने रविवार (19 जून 2022) को अग्निवीरों (Agniveer) की भर्ती से संबंधित नोटिफिकेशन जारी किया।

पहली भर्ती गाइडलाइन में वायुसेना ने कहा है कि अग्निवीरों को अपनी चार साल की नौकरी पूरी करनी होगी। इससे पहले वे फोर्स नहीं छोड़ सकेंगे। ऐसा करने के लिए उन्हें अधिकारी की सहमति लेनी होगी। इसके साथ ही 18 साल से कम उम्र के अग्निवीरों को अपने माता-पिता या अभिभावक की सहमति आवश्यक होगी।

गाइडलाइन में अग्निवीरों की छुट्टी और मेडिकल फैसिलिटी से संबंधित संशयों का निराकरण किया गया है। गाइडलाइन में कहा गया है कि अग्निवीर सभी सैन्य सम्मान और पुरस्कार के हकदार होंगे। इन्हें साल में तीस दिन की छुट्‌टी दी जाएगी। इसके अलावा, बीमार होने पर डॉक्टर की सलाह पर सिक लीव भी मिलेगी।

अग्निवीरों की भर्ती 17.5 से 21 साल के बीच के आयु वालों की और फिजिकल फिटनेस एवं शैक्षणिक योग्यता के आधार पर की जाएगी। 18 साल से कम आयु के अभ्यर्थियों को अपने माता-पिता या अभिभावकों की सहमति जरूरी होगी। चुने जाने के बाद उन्हें मिलिट्री की ट्रेनिंग दी जाएगी।

अग्निवीरों की ड्रेस तय होगी और उन्हें अपनी वर्दी में ही ड्यूटी करनी होगी। किसी भी ड्यूटी के लिए कहीं भी भेजा जा सकता है। इस दौरान उन्हें मेडिकल फैसिलिटी और कैंटीन की सुविधा दी जाएगी। इसके अलावा, वेतन के साथ-साथ रिस्क, हार्डशिप, ड्रेस एवं ट्रैवल अलाउंस भी दिया जाएगा। अग्निवीरों को 48 लाख रुपए का बीमा कवर दिया जाएगा।

अगर कोई अग्निवीर अपनी सेवाकाल के दौरान वीरगति को प्राप्त होता है तो उसके परिवार को बीमा समेत करीब एक करोड़ रुपए से अधिक की राशि दी जाएगी। विकलांगता पर एक्स-ग्रेशिया और बची हुई नौकरी की वेतन और सेवा निधि की 10.04 लाख सहित राशि दी जाएगी।

अगर सेवाकाल के दौरान किसी अग्निवीर की मौत हो जाती है तो उसे 48 रुपए की बीमा राशि, सेवा निधि और बाकी बचे सेवा काल का वेतन दिया जाएगा। चार साल का कार्यकाल पूरा होने के बाद ऐसे लोगों को अग्निवीर का प्रमाण पत्र दिया जाएगा।

इसके अलावा, मेडिकल ट्रेडमैन को छोड़कर भारतीय वायुसेना के नियमित कैडर में उन्हीं अभ्यर्थियों को लिया जाएगा, जिन्होंने अग्निवीर के रूप में अपना कार्यकाल पूरा किया है। सेना या किसी अन्य फोर्स में इनकी नियुक्ति सरकारी नियमों के अनुसार ही होगी।

जो अग्निवीर आगे भी वायुसेना में सेवा करने के इच्छुक रहेंगे, उन्हें फिर से आवेदन करना होगा। वायुसेना का एक केंद्रीकृत बोर्ड इन आवेदनों की समीक्षा के बाद उन पर फैसला लेगा और 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी फिटनेस और 4 साल के कार्यकाल की समीक्षा के आधार पर नियमित करेगा। 

जिशान ने फैशन डिजाइनर युवती से ढाई साल में कई बार किया रेप, किसी और लड़की से कर ली शादी: फिर दी हत्या की धमकी

राजस्थान की राजधानी जयपुर से बलात्कार का मामला सामने आया है। महिलाओं के साथ हो रहे अपराध में अव्वल राजस्थान में आए दिन इस तरह की घटनाएँ सामने आ रही हैं, जिससे विपक्ष मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व वाली कॉन्ग्रेस सरकार पर सवाल खड़े कर रहा है। ताज़ा मामले में 23 साल की फैशन डिजाइनर युवती के साथ कपड़ा शोरूम मालिक जिशान ने ढाई साल में कई बार रेप किया। आरोपित ने शादी का झाँसा देकर ऐसा किया।

लेकिन, उसने पीड़िता को धोखा देते हुए किसी और लड़की से शादी कर ली। इसका पता चलने पर पीड़िता ने उसका विरोध किया, जिसके बाद उसने हत्या की धमकी दे डाली। शनिवार (18 जून, 2022) की देर रात युवती ने करणी विहार थाना क्षेत्र में FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने इस मामले में जाँच-पड़ताल शुरू कर दी है। वैशाली नगर के एसीपी आलोक सैनी खुद इस मामले को देख रहे हैं। पीड़िता उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली है।

पेशे से फैशन डिजाइनर युवती 2019 से ही वैशाली नगर में स्थित गाँधी पंथ में फ़्लैट किराया पर लेकर रहती है। सीतापुरा के एक कंपनी में वो बतौर फैशन डिजाइनर कार्यरत थीं। रामगंज का रहने वाला जिशान यहाँ अक्सर आता-जाता था। वो कपड़ों का शोरूम चलाता है। दोनों मिले और उनमें बातें भी होने लगीं। जिशान उससे मिलने उसके फ़्लैट पर भी गया था। उसी दौरान उसने युवती को शादी करने के लिए कहा। युवती भी मान गई।

आरोप है कि शादी के झाँसे में रख कर उसने युवती का बलात्कार करना शुरू कर दिया। मई 2020 में उसने पीड़िता को मालवीय नगर स्थित एक होटल में बुला कर उसके साथ रेप किया। उसने कहा कि वो जल्द ही परिवार वालों से शादी के सम्बन्ध में बात करेगा, लेकिन फिर उसके मुंबई जाकर किसी अन्य लड़की से शादी की सूचना आई। धोखे के बारे में कहने पर उसने दोबारा कॉल न करने और जान से मार डालने की धमकी दी। इसके बाद पीड़िता पुलिस के पास पहुँची।

जिस कोर्ट में मुंशी था मोहम्मद वलीम, उसी को उड़ाने की दी धमकी: अयोध्या पुलिस ने दबोचा, ‘राशिद अली’ बन कर लिखी थी चिट्ठी

UP के अयोध्या जिले में कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी देने के आरोपित मोहम्मद वलीम को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। यह धमकी एक चिट्ठी भेज कर दी गई थी जिसमें धमकाने वाले व्यक्ति का नाम राशिद लिखा था। चिट्ठी की जाँच करते हुए पुलिस आरोपित वलीम तक पहुँच गई। आरोपित वलीम उसी कोर्ट में मुंशी का काम करता है। इस कार्रवाई की जानकारी अयोध्या पुलिस ने 17 जून, 2022 (शुक्रवार) को दी।

अयोध्या के SSP शैलेश कुमार ने बताया, “पत्र मिलने के बाद पुलिस ने राशिद की पहचान कर के पूछताछ की। उसकी बातों से लगा कि उसे कोई फँसाना चाह रहा है। जब हम मामले की तह तक गए तो इस पूरे मामले में मोहम्मद वलीम शामिल पाया गया। उसको हिरासत में ले कर पूछताछ की गई तो उसने चिट्ठी भेजना स्वीकार किया। उसको जेल भेजा जा रहा।”

अयोध्या पुलिस के मुताबिक, आरोपित वलीम की गिरफ्तारी 16 जून को कोर्ट कैम्पस से ही शाम 6 बजे की गई। पुलिस के अनुसार, “राशिद के नाम से कोर्ट परिसर को उड़ाने की चिट्ठी मिलते ही FIR दर्ज कर ली गई थी। चिट्ठी पर राशिद अली का नाम लिखा था जो सोहावल तहसील के गाँव दोस्तपुर का रहने वाला है। राशिद और वलीम में पैसे के लेन-देन का विवाद था। इसी के चलते वलीम ने राशिद के नाम से चिट्ठी पोस्ट कर दी। चिट्ठी कचहरी के ही पोस्ट ऑफिस से भेजी गई थी।”

पुलिस ने आगे बताया, “आरोपित मोहम्मद वलीम कोर्ट में मुंशी है। उसकी उम्र लगभग 38 साल है। मूल रूप से गाँव जगनपुर थाना रौनाही का रहने वाला वलीम कचेहरी के शेड नंबर 6 के पास काम करता था। धमकी की चिट्ठी उसने अपने ही हाथ से लिखी। वलीम पर धारा 506 IPC के साथ 7 क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट के तहत कार्रवाई की गई है।”

फर्जी मतदान पर रोक के लिए मोदी सरकार का ऐतिहासिक कदम: आधार से वोटर कार्ड को अब कराना होगा लिंक, कई कार्ड रखने वालों पर नकेल

वोटर आईडी को आधार नंबर से लिंक करने के लिए कानून मंत्रालय ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है। इस नोटिफिकेशन के बाद अब वोटर आईडी को आधार से लिंक करना जरूरी हो गया है। आधार से लिंक होने के बाद फर्जी वोटर आईडी रद्द कर दिए जाएँगे। चुनाव सुधार की दिशा में सरकार का यह महत्वपूर्ण कदम है। इस संबंध में कानून मंत्री किरेन रिजिजू ने एक ट्वीट कर जानकारी दी।

रिजिजू ने शुक्रवार (17 जून 2022) को ट्वीट कर कहा, “हर मतदाता को सशक्त बनाने की दिशा में कदम! माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की सरकार द्वारा चुनावी प्रक्रिया में सुधार के लिए ऐतिहासिक कदम। भारत निर्वाचन आयोग से परामर्श के बाद भारत सरकार चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 के तहत चार अधिसूचनाएँ जारी की हैं।”

कानून मंत्रालय ने चुनाव आयोग से परामर्श के बाद निर्वाचक पंजीकरण नियम- 1960 और चुनाव संचालन नियम- 1961 में संशोधन किया गया है। इस संबंध में सरकार की ओर से शुक्रवार (17 जून 2022) को चार नोटिफिकेशन जारी किया।

ये अधिसूचनाएँ पिछले साल के अंत में संसद में पारित चुनाव कानून (संशोधन) अधिनियम, 2021 का हिस्सा हैं। सरकार के इस फैसले के बाद अब कोई व्यक्ति दो वोटर कार्ड नहीं रख पाएगा। इसके साथ ही सरकार ने वोटर आईडी कार्ड से जुड़े 3 और अहम फैसले लिए हैं।

सरकार के महत्वपूर्ण निर्णय

नए फैसले के मुताबिक, 18 साल की आयु पूरी करने वाले युवा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवाने के लिए साल में 4 बार आवेदन कर सकते हैं। पहले यह व्यवस्था साल में सिर्फ एक बार थी। इस कारण मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए एक साल का इंतजार करना पड़ता था।

तीसरे निर्णय में सरकार ने वोटर आईडी कार्ड में पत्नी की जगह जीवनसाथी शब्द करने का निर्णय लिया है। इससे सर्विस वोटर के पत्नी या पति को वोट डालने के लिए सुविधा होगी। उन्हें वोट डालने के लिए आम आदमी से अलग हट कर विशेष सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी। सर्विस वोटर वो होते हैं जो जो दूर-दराज के इलाके या विदेश में तैनात होते हैं।

इस फैसले के तहत चुनाव आयोग चुनाव में लगे कर्मचारियों और सुरक्षाबलों को ठहराने के लिए या चुनाव संबंधित सामग्री रखने के लिए किसी भी परिसर की माँग कर सकता है। इससे चुनाव में ड्यूटी कर रहे कर्मचारियों को भी सुविधा होगी। 

चुनाव आयोग को दिल्ली हाईकोर्ट का निर्देश

चुनाव सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने 16 जून 2019 को चुनाव आयोग को वोटर आई कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने के निर्देश दिया था। भाजपा नेता और सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय ने इस संबंध में दिल्ली हाईकोर्ट में एक याचिका दाखिल की थी।

अपनी याचिका में उपाध्याय ने कहा था कि वोटर आईडी को आधार कार्ड से जोड़ने पर देश में चुनावों के दौरान फर्जी मतदान पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और इससे अधिकतम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।

अधिवक्ता उपाध्याय ने दिल्ली हाईकोर्ट में दायर अपनी याचिका में दलील दी थी कि आधार नंबर को वोटर आईडी कार्ड के साथ जोड़ने से संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों का किसी प्रकार से उल्लंघन नहीं होगा, बल्कि यह सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।

अश्विनी उपाध्याय ने दायर की थी याचिका और दिया था सुझाव

अधिवक्ता उपाध्याय ने अपनी याचिका में ई-वोटिंग सिस्टम को लेकर बताया था कि इस प्रणाली में चुनाव से पहले हर बार डेटाबेस अपडेट किया जाएगा। सत्यापन के बाद सिस्टम आधार संख्या, नाम, पता और जन्म तिथि जैसी मतदाता की जानकारी दिखाएगा, जो पहले से ही आधार के डेटाबेस में संग्रहित रहेगा। इसके बाद सिस्टम मतदाता के फिंगरप्रिंट के लिए पूछेगा।

उन्होंने आगे कहा था कि यदि फ़िंगरप्रिंट आधार के डेटाबेस में से मेल खाता है तो अगला पेज पार्टी चिह्न के साथ उम्मीदवार की सूची दिखाने के लिए खुल जाएगा। जब मतदाता किसी उम्मीदवार का चयन करेगा और अपनी पसंद की पुष्टि करेगा तो सिस्टम ‘वोट सफल’ दिखाएगा।