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रिलीज से पहले कोर्ट देखेगी करण जौहर की ‘जुग जुग जियो’, कहानी चुराने का आरोप: बोले KRK- बजट भी नहीं निकाल पाएगी

करण जौहर की आने वाली फिल्म ‘जुग जुग जियो’ लगातार विवादों में है, खासकर तब से जब से लेखक विशाल ए सिंह ने अपनी कहानी चुराने का आरोप लगाया है। उन्होंने ‘बन्नी रानी’ नाम की इस कहानी को ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ को भेजा था। उनका कहना है कि उन्हें बताए बिना उनकी कहानी का इस्तेमाल कर के फिल्म बना लिया गया। अब राँची की एक कमर्शियल कोर्ट ने रिलीज से पहले ‘जुग जुग जियो’ की स्क्रीनिंग का आदेश दिया है।

फिल्म शुक्रवार (24 जून, 2022) को रिलीज होने वाली है। जज एमसी झा ने कहा कि स्क्रीनिंग के बाद ही अदालत इस पर सुनवाई करेगी कि इसे कॉपीराइट्स का उल्लंघन माना जाएगा या नहीं। विशाल ए सिंह राँची के ही रहने वाले हैं। इस मामले पर करण जौहर या उनकी कंपनी ‘धर्मा प्रोडक्शंस’ की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। राज मेहता द्वारा निर्देशित इस फिल्म में वरुण धवन और कियारा आडवाणी के अलावा अनिल कपूर और नीतू सिंह भी मुख्य भूमिकाओं में हैं।

सेलेब्स देश के अलग-अलग हिस्सों में जाकर फिल्म के प्रमोशन में व्यस्त हैं। सोशल मीडिया पर हैशटैग चलाए जा रहे हैं। इसी बीच फिल्म समीक्षक कमाल आर खान (KRK) ने इसकी कमाई को लेकर भविष्यवाणी की है। उन्होंने बताया कि फिल्म की एडवांस बुकिंग इतनी बुरी है कि ये पहले दिन मुश्किल से 2-3 करोड़ रुपए का कारोबार कर पाएगी। बता दें कि इसका बजट 75 करोड़ रुपए के आसपास बताया जा रहा है।

विशाल ए सिंह का कहना था कि उन्होंने अपनी कहानी के कुछ हिस्से ‘धर्मा’ को भेजे थे। वो इसे एक फिल्म में तब्दील करना चाहते थे और इसके लिए मौका माँग रहे थे। उनके अनुसार, ये एक मध्यमवर्गीय जोड़े की कहानी है, जो रोज रुपए बचाता है और अपने बच्चों को सफल बनाने के लिए त्याग करता है। हालाँकि, बच्चों की शिक्षा, नौकरी और शादी हो जाने से बाद अचानक से दोनों होने रिश्ते तोड़ने का ऐलान कर देते हैं और तलाक फाइल कर देते हैं। वो बच्चों के सेटल होने का भी इंतजार कर रहे होते हैं।

उधर पाकिस्तानी सिंगर अबरार उल हक ने फिल्म के प्रोड्यूसर करण जौहर पर उनका गाना ‘नच पंजाबन’ को चुराने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं, गाने के निर्माता ने करण जौहर और उनकी टीम के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की धमकी भी दे डाली थी। गायक का कहना था कि उनके गाने का इस्तेमाल उन्हें उनका उचित क्रेडिट दिए बिना किया गया है। इन सभी विवादों के अलावा ‘नेपोटिज्म’ वाले अभिनेताओं के कारण भी फिल्म विवादों में है।

जमुई के कॉलेज में रची ट्रेन जलाने की साजिश, बाहर से लड़के बुलाने के लिए फिजिकल ट्रेनरों को मिले 20-20 हजार: अग्निपथ ​हिंसा को लेकर रिपोर्ट में दावा

अग्निपथ योजना के खिलाफ देश भर में हुए विरोध-प्रदर्शन के दौरान बिहार हिंसा से सर्वाधिक प्रभावित रहा है। राज्य के जिन जिलों में हिंसा हुई, उनमें से एक जमुई भी है। यहाँ पुलिस पर पथराव किया गया। सरकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने की कोशिश हुई। अब एक नए खुलासे के अनुसार इस हिंसा का सूत्रधार एक सफेदपोश नेता है। हिंसा की प्लानिंग जमुई के KKM कॉलेज में की गई। कॉलेज में युवाओं को फिजिकल ट्रेनिंग देने वाले 2 ट्रेनर भी इस साजिश के सूत्रधारों में शामिल हैं।

ETV की रिपोर्ट के मुताबिक जमुई में मोकामा-हावड़ा एक्सप्रेस ट्रेन को जलाने की तैयारी थी। इस साजिश को अंजाम देने के लिए अलीगंज और लखीसराय से सैकड़ों लड़कों को गुरुवार (16 जून 2022) को जमुई बुलाया गया था। इन्हे हॉस्टल, होटलों और लॉज में ठहराया गया था। ट्रेन जलाने के लिए 17 जून की तारीख तय की गई थी। इन लोगों को जुटाने में KKM कॉलेज में फिजिकल ट्रेनिंग देने वाले 2 लोगों की भूमिका सबसे ज्यादा रही। दोनों को इसके लिए 20 हजार रुपए दिए जाने की बात भी कही जा रही है।

रिपोर्ट में हिंसा के सूत्रधार रहे नेता का नाम नहीं बताया गया है। लेकिन रिपोर्ट के अनुसार उसने प्रदर्शनकारियों को हिंसा को सिलसिलेवार ढंग से अंजाम देने के निर्देश दिए थे। पहले चरण में शहर के कचहरी चौक पर जमा होना था। उनसे कहा गया था कि यदि पुलिस हटाए तो अलग-अलग टोलियों में बँट जाना है। सभी को 9 बजे से पहले स्टेशन पहुँचने के लिए कहा गया था। शुक्रवार को ऐसा ही हुआ भी था? लेकिन उस दिन ट्रेन स्टेशन पर आई ही नहीं और एक बड़ी वारदात होने से बच गई। जानकारी के मुताबिक उस दिन ट्रेन जमुई से पहले ही झाझा स्टेशन पर रोक दी गई थी।

पुलिस ने इस पूरी साजिश की जानकारी मिलते ही शुक्रवार (17 जून 2022) को लॉज, हॉस्टल और होटलों में छापेमारी की। इस दौरान साजिश में शामिल दोनों फिजिकल ट्रेनरों को गिरफ्तार कर लिया गया। इन दोनों से पूछताछ की जा रही है। हिंसा के मुख्य सूत्रधार बताए जा रहे नेता के विरुद्ध सबूत जुटाए जा रहे हैं। शुक्रवार की घटना में 7 नामजद और लगभग 500 अज्ञात लोगों पर FIR दर्ज है।

अग्निवीरों के लिए महिंद्रा ग्रुप ने खोले दरवाजे, आनंद महिंद्रा का नौकरी देने का ऐलान: कहा- अग्निपथ का अनुशासन और कौशल उन्हें योग्य बनाएगा

केंद्र सरकार द्वारा लाई गई ‘अग्निपथ’ स्कीम को अपना समर्थन देते हुए महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा है कि महिंद्रा ग्रुप इस प्रकार प्रशिक्षित और सक्षम युवाओं को उनकी कंपनी में नौकरी देगा।

अपने ट्वीट में उन्होंने देश भर में अग्निपथ के विरोध में की जा रही हिंसा को लेकर निराशा जताई। उन्होंने लिखा, “अग्निपथ स्कीम के ऐलान के बाद जिस तरह हिंसा हुई उससे दुखी और निराश हूँ। पिछले साल जब इस स्कीम पर विचार किया गया था तब मैंने कहा था कि अग्निवीर को जो अनुशासन और कौशल मिलेगा वह उन्हें उल्लेखनीय रूप से रोजगार के लिए योग्य बनाएगा। महिंद्रा ग्रुप ऐसे प्रशिक्षित और सक्षम युवाओं को अपनी कंपनी में नौकरी देगा।”

जब आनंद महिंद्रा से पूछा गया कि उनकी कंपनी अग्निवीरों को किस पोस्ट पर नियुक्त करेगी? इसके जवाब में उन्होंने कहा, “लीडरशिप क्वालिटी, टीम वर्क और शारीरिक प्रशिक्षण की वजह से अग्निवीर के रूप में उनकी इंडस्ट्री को बाजार के लिए तैयार पेशेवर मिलेंगे। ये लोग एडमिनिस्ट्रेशन, सप्लाई चेन मैनेजमेंट कहीं भी काम करने में योग्य होंगे।”

बता दें कि अग्निपथ योजना के लागू होने के बाद देश के कई कोनों में हिंसक घटनाएँ घटीं। दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, झारखंड और असम में सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुँचाया गया। बिहार के प्रदर्शनकारियों ने तो कई ट्रेनों को आग के हवाले किया जिसके चलते रेलवे का 700 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इसके अलावा अन्य राज्यों में भी हिंसा से काफी क्षति पहुँची।

सुरक्षा लिहाज से आज बिहार में 20 जिलों में इंटरनेट सेवा को बंद कर दिया गया है। आशंका है कि दिल्ली एनसीआर में भी प्रदर्शन हो सकता है ऐसे में पुलिस अलर्ट पर है। नोएडा में धारा 144 लागू की गई है। सोशल मीडिया पर लगातार नजर रखी जा रही है। 19 जून को केंद्र ने सोशल मीडिया पर फर्जी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 35 व्हॉट्सएप ग्रुप बंद कर दिए थे।

दिल्ली की AAP सरकार ने जितनी खरीदी नहीं, उससे ज्यादा कबाड़ में बेची एंबुलेंस: केजरीवाल के हेल्थ मॉडल की RTI से खुली पोल

दिल्ली के हेल्थ मॉडल की पोल एक बार फिर सबके सामने खुली है। गुजरात के एक एक्टिविस्ट द्वारा डाली गई आरटीआई से पता चला है कि केजरीवाल सरकार ने जितनी नई एंबुलेंस खरीदी भी नहीं, उससे ज्यादा उन्होंने पुरानी वाली कबाड़ में बेची।

ट्विटर और फेसबुक पर एक्टिव रहे वाले सुजीत पटेल ने इस आरटीआई संबंधी जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने ऑपइंडिया को दिए खास इंटरव्यू में बताया कि उन्हें केजरीवाल सरकार के विज्ञापनों और दावों पर पहले ही संदेह था। ऐसे में सच्चाई पता लगाने के लिए उन्होंने विभिन्न आरटीआई डालकर सरकारी विभागों से जवाब माँगे।

सुजीत ने कहा कि आरटीआई में वही बात निकल कर आई जो ज्यादातर जनता को और उन्हें लगती थी। इस आरटीआई से प्राप्त जानकारी बताती है कि केजरीवाल सरकार के ज्यादातर दावे और विज्ञापन झूठे हैं।

दिल्ली हेल्थ मॉडल की खुली पोल

सुजीत पटेल द्वारा दायर आरटीआई में दिल्ली स्वास्थ्य मंत्रालय ने कुछ चौंकाने वाले खुलासे किए। सुजीत ने इसमें पूछा था कि 2014 के बाद दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने कितनी पैसेंजर और लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदी। इसके अलावा उन्होंने ये जानना चाहा कि तब से अब तक में कितनी एंबुलेंस कबाड़ में बेची गई।

आरटीआई के जवाब में दिल्ली स्वास्थ्य विभाग ने कहा कि 2014 से लेकर अप्रैल 2022 के बीच में केजरीवाल सरकार ने एक भी मरीज को लाने-ले जाने वाली एंबुलेंस नहीं खरीदी। वहीं 9 एंबुलेंस ऐसी थी जिन्हें केजरीवाल सरकार ने 23, 659 रुपए में यानी कबाड़ के दाम में बेचा।

इसी तरह 2014 से 2020 के बीच में केजरीवाल सरकार ने 10 एडवांस लाइफ सपोर्ट एंबुलेंस खरीदी जिसमें ऑक्सीजन, आईसीयू और ईसीजी की सुविधा थीं। लेकिन इसी काल में उन्होंने इन्हीं सुविधाओं से लैस 20 एंबुलेंस को 75, 246 रुपए के रेट में बेचा भी।

पहले की RTI में खुलासे

बता दें कि ये पहली दफा नहीं है सुजीत हिंदुस्तानी ने अपनी आरटीआई से दिल्ली के हेल्थ मॉडल की पोल खोली हो। इस साल की शुरुआत में उन्हीं की आरटीआई से ये पता चला था कि केजरीवाल सरकार ने 2015 के चुनावों में वादा किया था कि अगर वो सत्ता में लौटे तो 4000 डॉक्टर और 15000 नर्स समेत पैरामेडिकल स्टाफ दिल्ली को दिया जाएगा। लेकिन 2015 के चुनाव जीतने के बाद ये वादे दिल्ली सरकार ने 2020 तक पूरे नहीं किए।

इतना ही नहीं, एक आरटीआई में ये भी पूछा गया कि 2015 के बाद और पहले दिल्ली में कितने स्वास्थ्य केंद्र थे। जवाब मिला कि हकीकत में जब से केजरीवाल सरकार आई है उसके बाद से स्वास्थ्य केंद्रों में पहले के मुकाबले घटे हैं।

बता दें कि एक ओर दिल्ली के स्वास्थ्य मॉडल को लेकर सुजीत हिंदुस्तानी की आरटीआई से आए दिन चौंकाने वाले खुलासे होते हैं। वहीं दूसरी ओर दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन इस समय जेल में है। उनके ऊपर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज है।

35 WhatsApp ग्रुप बैन, 10 गिरफ्तार: ‘अग्निपथ’ पर फेक न्यूज फैलाने वालों पर सख्त हुई मोदी सरकार, सोशल मीडिया पर बनी है नजर

मोदी सरकार ने रविवार (19 जून 2022) को ‘अग्निपथ’ योजना के बारे में फर्जी जानकारी फैलाने वाले 35 व्हॉट्सएप ग्रुप्स को प्रतिबंधित कर दिया। वहीं कुल 10 लोग अब तक सरकार की नई स्कीम पर झूठी जानकारी प्रसारित करने और युवाओं को भ्रमित करने के आरोप में गिरफ्तार भी किए गए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स में टेलिकॉम मंत्रालय के हवाले से बताया गया कि केंद्र सरकार ने लोगों को आगाह किया है कि ऐसी भ्रांतियाँ फैलाने वालों पर कार्रवाई होगी। फिलहाल अभी 50 के करीब व्हॉट्सएप ग्रुप को भी खंगाला जा रहा है। गृह मंत्रालय ने सूचना दी कि केंद्र ने व्हॉट्सएप फैक्ट-चेकिंग के लिए 8799711259 नंबर को जारी किया है।

गौतमबुद्ध नगर कमिश्नरेट की ओर से प्रदर्शन की आड़ में शांति व्यवस्था भंग करने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों को कड़ी चेतावनी दी गई है। अपर पुलिस उपायुक्त कानून एवं व्यवस्था आशुतोष द्विवेदी ने कहा कि उन्हें सोशल मीडिया से पता चल रहा है कि 20 जून को कुछ असामाजिक तत्व भारत बंद और दिल्ली कूच करने के नाम पर कानून व्यवस्था को बिगाड़ने का प्रयास कर सकते हैं। गौतमबुद्ध नगर में धारा 144 लागू है। अगर फिर भी किसी ने कानून व्यवस्था को बिगाड़ने की कोशिश की तो उसके विरुद्ध कार्रवाई होगी।

मालूम हो कि यूपी के सहारनपुर से पुलिस ने 5 लोगों को पकड़ा था। ये लोग सरकार की नई योजना के खिलाफ युवाओं को भड़काने का काम कर रहे थे। हालाँकि जब पुलिस ने इन्हें पकड़ा और अपनी जाँच की तो पाया कि ये लोग किसी राजनीतिक दल से संबंधित थे।

बता दें कि अग्निपथ योजना का सबसे ज्यादा विरोध बिहार में देखने को मिला था। ऐसे में बिहार सरकार ने 17 जून को सुरक्षा लिहाज से व झूठी जानकारी को फैलने से रोकने के लिए 12 जिलों में इंटरनेट सेवाओं को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा पकड़े गए प्रदर्शनकारियों के मोबाइल फोन की जाँच में पाया था कि इन प्रदर्शनों में कोचिंग सेंटर्स की भी भूमिका है

‘पूजा पंडाल में जूते पहन कर जा सकते हैं’: विरोध के बाद ब्रह्मास्त्र के सीन पर डायरेक्टर की सफाई – सिर्फ देवी के सामने उतारते हैं जूते

रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की ब्रह्मास्त्र फिल्म का ट्रेलर 4K में रिलीज हो गया है। पिछले दिनों ये फिल्म एक सीन को लेकर विवादों में थी। उस सीन में रणबीर जूते पहनकर मंदिर की ओर भागते दिख रहे थे। अब इसी विवाद पर निर्देशक अयान मुखर्जी ने बयान दिया है।

अयान ने पहले अपने पोस्ट में बताया कि जो लोग उनके ब्रह्मास्त्र के 4K वर्जन का पूछ रहे थे वो अब अपलोड किया जा चुका है। इसके बाद उन्होंने उस सीन पर सफाई दी जिसे देख नेटीजन्स ने फिल्म के बॉयकॉट की माँग की थी।

उन्होंने पोस्ट के दूसरे बिंदु में कहा,

“हमारी कम्‍युनिटी में कुछ लोग थे, जो ट्रेलर में एक सीन की वजह से नाराज हो गए कि रणबीर का किरदार जूते पहनकर घंटी बजा रहा है। इस फिल्म के निर्माता (और एक भक्त) के रूप में मैं विनम्रतापूर्वक बताना चाहूँगा कि ऐसा क्यों हुआ? हमारी फिल्म में रणबीर मंदिर में नहीं, बल्कि दुर्गा पूजा पंडाल में प्रवेश कर रहे हैं। मेरा अपना परिवार इसी तरह के दुर्गा पूजा समारोह का आयोजन 75 वर्षों से करता आ रहा है, जिसका मैं बचपन से हिस्सा रहा हूँ। मेरे अनुभव के हिसाब से हम केवल अपने जूते मंच पर उतारते हैं जहाँ देवी हैं, न कि जब आप पूजा पंडाल में प्रवेश करते हैं।”

अयान ने लिखा, “मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से उन लोगों तक पहुँचना जरूरी है जो इस तस्वीर के कारण विचलित हुए। ब्रह्मास्त्र भारतीय संस्कृति, परंपराओं और इतिहास को सम्मान देती है। यही वजह है कि मैंने ये फिल्म क्यों बनाई। इसलिए मेरा उन लोगों तक अपनी भावना पहुँचना भी जरूरी है जो ब्रह्मास्त्र देखेंगे।

बता दें कि अयान मुखर्जी के बयान आने से पहले उनके निर्देशन में बनी इस फिल्म को सोशल मीडिया पर मिश्रित प्रतिक्रिया आ रही थी। इस फिल्म को स्टार स्टूडियो के सहयोग से करण जौहर के धर्मा प्रोडक्शन, प्राइम फोकस और स्टारलाईट पिक्चर्स ने इस फिल्म प्रोड्यूस किया है। 9 सितंबर 2022 को यह फिल्म सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म में अमिताभ बच्चन, रणबीर कपूर, आलिया भट्ट, मौनी रॉय और नागार्जुन अक्किनेनी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं।

‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ नारों के साथ हुआ ओवैसी का स्वागत, चुनाव प्रचार के लिए पहुँचे थे झारखंड: वायरल वीडियो का पुलिस ने लिया संज्ञान

झारखंड की राजधानी राँची में AIMIM के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी का स्वागत मुस्लिम भीड़ ने ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ नारे के साथ किया। रविवार (19 जून, 2022) की दोपहर को हैदराबाद के सांसद राँची पहुँचे। हवाई अड्डे से बाहर निकलते ही उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं के साथ उनका स्वागत किया। इसी दौरान ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ की नारेबाजी भी हुई। वायरल वीडियो में इसे सुना जा सकता है। ये नारे उनके समर्थकों ने ही लगाए।

अभी तक भीड़ में नारा लगाने वालों की पहचान नहीं हो सकी है। मीडियाकर्मी इस दौरान ओवैसी पर केंद्रित थे, जो एयरपोर्ट से बाहर निकल रहे थे। असदुद्दीन ओवैसी एक चुनावी दौरे पर यहाँ आए हैं, ऐसे में ये मामला मुद्दा बन सकता है। ओवैसी का कहना है कि राँची हिंसा में जिन ‘बच्चों’ ने अपनी जान गँवाई थी, वो उनके परिजनों से मिलने आए हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन और सरकार द्वारा रोक लगाए जाने के कारण वो उनसे नहीं मिल पा रहे।

इस दौरान उन्होंने ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध करते हुए संसद का विशेष सत्र बुलाने की माँग केंद्र सरकार से कर डाली। उन्होंने दावा किया कि भारतीय सेना में लाखों पद रिक्त हैं, ऐसे में संविदा पर 4 सालों के लिए बहाली उचित नहीं है। बता दें कि राँची के ही मांडर विधानसभा क्षेत्र के लिए गुरुवार (23 जून, 2022) को उपचुनाव होना है। निर्दलीय प्रत्याशी देव कुमार थान के लिए ओवैसी चुनाव प्रचार करने वहाँ पहुँचे थे। झारखंड पुलिस ने भी नारेबाजी पर प्रतिक्रिया दी है।

राँची के सिटी एसपी अंशुमन कुमार ने बताया कि ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ की नारेबाजी उनके संज्ञान में आई है और जो भी वीडियो-ऑडियो सामने आए हैं, उनकी प्रमाणिकता की पुष्टि करते हुए उचित कार्रवाई शुरू की जाएगी। याद हो कि CAA विरोधी प्रदर्शन में एक रैली के दौरान एक लड़की ने ओवैसी के मंच से ‘पाकिस्तान ज़िंदाबाद’ का नारा लगाया था। उनके खिलाफ राजद्रोह का मामला चला था। ताज़ा रैली में ओवैसी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ‘लालची’ करार देते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस भी अब बूढ़ी हो गई है, उससे कुछ नहीं होने वाला।

संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की AC बोगी से मिला IED बम, समस्तीपुर में टला बड़ा हादसा: रिपोर्ट; अग्निपथ पर हुआ था उपद्रव

बिहार के समस्तीपुर में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की बोगी से IED बम बरामद हुआ है। याद हो कि ‘अग्निपथ’ योजना के खिलाफ चल रहे विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा करते हुए यहाँ उपद्रवियों ने ट्रेन फूँक डाली थी। अब जाँच के दौरान ट्रेन की ऐसी कोच से IED बम बरामद होने से हड़कंप मच गया है। पुलिस को आशंका है कि ‘अग्निपथ’ के विरोध की आड़ में इस खतरनाक बम के जरिए पूरे शहर को दहलाने की बड़ी साजिश रची गई थी।

अब इस मामले की उच्च-स्तरीय जाँच शुरू कर दी गई है। पुलिस अधीक्षक हृदयकांत ने जानकारी दी है कि जाँच पूरी होने के बाद ही बताया जा सकता है कि उक्त सामग्री विस्फोटक है या कुछ और। उन्होंने इसे सिर्फ ‘सामग्री’ बताया। इस पर रेल थाने की पुलिस और RPF भी कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। हालाँकि, ‘ लाइव हिंदुस्तान’ ने अपनी खबर में इसके IED विस्फोटक होने की बात कही है। समस्तीपुर में बिहार के बाक़ी इलाकों की तरह ‘अग्निपथ’ के विरोध में अराजकता फैलाई गई थी।

उपद्रवियों ने मोहिउद्दीननगर में लोहित एक्सप्रेस और समस्तीपुर में आउटर पर खड़ी बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में जम कर तोड़फोड़ और लूटपाट तो मचाई ही थी, साथ ही इसे आग के हवाले भी कर डाला था। बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन की जिन बोगियों को उपद्रवियों ने जला दिया था, उसी की बगल वाली एक वसी बोगी से बम बरामद हुआ है। जाँच के दौरान इस बम को आरपीएफ के हवाले कर दिया गया था। उस कोच को आग से बचाने के लिए जवानों और कुछ स्थानीय लोगों ने मिल कर जलती बोगियों से अलग किया था।

खबर में बताया गया है कि ये बम इतना शक्तिशाली है कि विस्फोट होता तो न सिर्फ पूरी की पूरी ट्रेन उड़ जाती, बल्कि स्टेशन के आसपास के सारे घर भी क्षतिग्रस्त हो जाते। इसे संयोग ही बताया जा रहा है कि बम विस्फोट में उपद्रवी सफल नहीं हो पाए। समस्तीपुर के खेल मैदान में इस उपद्रव से एक दिन पहले साजिश के लिए बैठक भी हुई थी। इसमें ही पूरी योजना तैयार की गई थी। बिहार में तमाम कोचिंग संचालकों पर भी शक की सूई घूम रही है।

सेना का हिस्सा नहीं बन पाएगा एक भी उपद्रवी, होगा पुलिस सत्यापन: लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी का ऐलान – किसी कीमत पर वापस नहीं लेंगे ‘अग्निपथ’

अग्निपथ योजना के खिलाफ सड़कों पर उतर कर किए जा रहे हिंसक प्रदर्शन के बीच अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल अनिल पुरी का बयान आया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में चेतावनी देकर कहा है कि जो भी कोई युवा सड़कों पर होने वाले उपद्रव का हिस्सा होगा वह अग्निवीर के लिए एप्लाई नहीं कर सकता। 

उन्होंने जानकारी दी कि अभ्यार्थी को इस पोस्ट के लिए आवेदन देने से पहले ये डिक्लेयर करना होगा कि वह किसी प्रकार के दंगों में शामिल नहीं रहा। उन्होंने साफ किया अगर कोई भी युवक ऐसी गतिविधियों में शामिल है फिर वो भारतीय सेना नहीं ज्वॉइन कर सकता।

लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने ये भी जानकारी दी कि पहले तो अग्निवीर में साथ जोड़ने से पहले पुलिस वेरिफिकेशन आदि किया जाएगा। यदि किसी गलती के कारण हिंसक प्रदर्शन में शामिल युवक सेना से जुड़ भी जाता है तो उसकी सच्चाई पता चलने के बाद उसे नौकरी से निकाल दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि भारतीय सेना की नींव अनुशासन है। यहाँ आगजनी और तोड़फोड़ के लिए कोई जगह नहीं है। लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हर व्यक्ति को एक प्रमाण दिया जाएगा कि वह ऐसे प्रदर्शन और तोड़फोड़ का हिस्सा नहीं रहा। पुलिस सत्यापन तो 100 % होगा ही, उसके बिना किसी को ज्वाइनिंग नहीं दी जाएगी।”

अतिरिक्त सचिव लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने बताया कि अगर किसी अभ्यार्थी को लेकर ये पता चला कि उसके विरुद्ध एफआईआर हुई थी तो उसे सेना में जुड़ने का अवसर नहीं दिया जाएगा। सेना में अनुशासनहीनता नहीं बर्दाश्त की जाएगी। हर अभ्यार्थी लिखित में देगा कि वो हिंसा या आगजनी में शामिल नहीं थे।

उन्होंने योजना संबंधी जानकारी देते हुए कहा, अभी मंत्रालयों और सेना को इसकी प्रक्रिया और भावी फायदों का डिटेल बनाने में समय चाहिए। ये रातोंरात नहीं हो सकता। रही बात इसे वापसी लिए जाने की तो ये बिलकुल नहीं वापस ली जाएगी। वह पूछते हैं- “आखिर क्यों स्कीम वापस ली जाए। ये एक देश को युवाओं का बनाने के लिए है। आप जानते हैं क्या कि ऊँचाई वाली जगहों पर कितनी जान जाती है? जानें, फिर पता चलेगा हमें युवाओं की जरूरत क्यों है।”

सारे सवालों के जवाबों के साथ लेफ्टिनेंट जनरल पुरी ने ये भी बताया कि अग्निपथ को लेकर जो विरोध प्रदर्शन हुआ उसकी वजह से सरकार ने अपने नियम परिवर्तित नहीं किए, इनके ऊपर पहले से काम किया जा रहा था।

‘आओ नरेंद्र मोदी कलमा पढ़ो… इस्लाम अपना लो’: मौलाना तौकीर रज़ा ने उगला ज़हर, ‘अग्निपथ’ पर कहा – आग लगनी तय है

उत्तर प्रदेश स्थित बरेली के मौलाना तौकीर रज़ा खान ने एक बार फिर से ज़हर उगला है। पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी को लेकर भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा की गिरफ़्तारी की माँग को लेकर उन्होंने एक रैली की। इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल (IMC) के अध्यक्ष ने इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को कलमा पढ़ कर इस्लाम को समझने की सलाह दे डाली। साथ ही उन्हें मुस्लिम बन जाने को भी कहा।

ये विरोध प्रदर्शन इस्लामिया ग्राउंड में बुलाया गया है, जहाँ प्रशासन ने 1500 लोगों को ही इसमें शामिल होने की अनुमति दी थी। मौलाना ने भारत में मुस्लिमों के साथ अत्याचार की बात करते हुए धमकी दी कि वो इस बारे में पूरी दुनिया को बताएँगे। उन्होंने ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध करते हुए कहा कि जब योजना का नाम ही ऐसा है तो आग लगनी तय है। ‘यौमे दुरूद’ नामक विरोध प्रदर्शन में मुस्लिमों ने काली पट्टी लगा कर भी धरना दिया।

मौलाना तौकीर रज़ा ने दावा किया कि इस्लाम ही पूरी दुनिया में अमन कायम कर सकता है, क्योंकि इसमें कोई छोटा-बड़ा या ऊँच-नीच नहीं होता। उन्होंने कहा, “आओ नरेंद्र मोदी, कलमा पढ़ो। हम भी आपको सिर पर बिठा लेंगे। अल्लाह के सिवा हम किसी से नहीं डरते। हम इस हुकूमत को कोई ज्ञापन नहीं देंगे, क्योंकि इसने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की। ज्ञापन संयुक्त राष्ट्र में देंगे। लोग हमें घर-वापसी कराना चाहते हैं। नरेंद्र मोदी कलमा पढ़ कर इधर आ जाएँ। ऐसा माहौल पूरे देश में बनाएँगे।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश को बदनाम करने का आरोप लगाते हुए बरेली के मौलाना ने कहा कि उन्हें मोदी के मुकाबले योगी राज ज्यादा नापसंद है, लेकिन योगी राजधर्म का पालन कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि अयोध्या में मुस्लिमों को बदनाम करने वालों को सीएम योगी ने जेल भेजा। उन्होंने कहा कि योगी सरकार के इस कदम की हम तारीफ़ करते हैं और अमन के हर काम में हम आपके साथ हैं, रहेंगे। ‘अग्निपथ’ पर उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने युवाओं को बर्बाद करने का ठेका ले रखा है।