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‘…तो मुंबई जल जाती है’ – खत्म हो रही शिवसेना, रोते हुए धमकी दे रहे कॉन्ग्रेसी मंत्री: मुंबई पुलिस हाई अलर्ट

महाराष्ट्र (Maharashtra) में राजनीतिक उठा-पटक के बीच अब संकट पुलिस के सामने भी है। राज्य भर में राजनीतिक हिंसा भड़क सकती है। शनिवार (25 जून 2022) को महाराष्ट्र में शिवसेना के कार्यकर्ताओं के सड़क पर उतरने और गुंडई करने की खबरों को ध्यान में रखते हुए पुलिस हाई अलर्ट पर है। खास तौर पर मुंबई पुलिस। मंत्री नितिन राउत (Nitin Raut) ने इसकी वजह भी स्पष्ट कर दी है।

उद्धव ठाकरे सरकार से बगावत कर एकनाथ शिंदे (Eknath Shinde) के साथ जा मिले शिवसेना के विधायकों के खिलाफ हिंसा हो सकती है। महाराष्ट्र के ही एक मंत्री की बातों से पुलिस-प्रशासन को हाई अलर्ट मोड में जाने का अंदाजा आप लगा सकते हैं।

महाराष्ट्र के बिजली मंत्री और कॉन्ग्रेस नेता नितिन राउत ने मुंबई पुलिस को हाई अलर्ट पर रखने की वजह का जिक्र किया। एक तरह से चेतावनी भरे लहजे में उन्होंने कहा, “महाराष्ट्र में अगर शिवसेना को कुछ होता है तो मुंबई जल जाती है।” मुंबई में अलर्ट पर राउत ने कहा कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि शिवसैनिकों की हिंसा का बहाना बनाकर केंद्र सरकार राज्य में राष्ट्रपति शासन न लगा पाए।

कॉन्ग्रेस नेता नितिन राउत के मुताबिक, उद्धव गुट के समर्थक शिवसैनिकों को हिंसा करने से नहीं रोका गया तो केंद्र को सही मौका मिल जाएगा। मंत्री राउत का मानना है कि इससे पहले इस तरह का विद्रोह शिवसेना ने नहीं देखा है। इसलिए इस घटना को न तो कोई शिवसैनिक हल्के में लेगा और न ही इसे पचा सकेगा। इनके अनुसार लोग किसी भी रूप में अपना गुस्सा जाहिर कर सकते हैं।

संजय राउत की धमकी, एकनाथ शिंदे गुट के MLA ऑफिस में तोड़फोड़

गौरतलब है कि शिवसेना में फूट का असर भी दिखने लगा है। सांसद संजय राउत ने शुक्रवार को बागी विधायकों को चेताते हुए कहा था कि अब तक शिवसैनिक सड़क पर नहीं उतरे हैं। उन्होंने कहा था, “हमें चुनौती देने वाले एकनाथ शिंदे गुट को पता होना चाहिए कि शिवसैनिक अभी सड़क पर नहीं उतरे हैं। इस तरह की लड़ाई या तो कानूनी तरीके से लड़ी जाती है या सड़क पर। जरूरत पड़ी तो हमारे कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।”

शुक्रवार को उनकी इस धमकी का असर भी दिखा। बागी विधायक मंगेश कुडालकर के कुर्ला स्थित ऑफिस में शिवसैनिकों ने तोड़-फोड़ की थी। यहीं नहीं अहमदनगर और नाशिक में भी एकनाथ शिंदे के पोस्टर पर कालिख पोत दी गई थी।

‘द्रौपदी राष्ट्रपति तो पांडव और कौरव कौन हैं?’: राम गोपाल वर्मा के ओछे कमेंट पर हैदराबाद पुलिस ने दर्ज की शिकायत, बीजेपी नेता की SC/ST एक्ट लगाने की माँग

देश के राष्ट्रपति पद के लिए NDA ने झारखंड की राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू (Draupadi Murmu) को अपना कैंडिडेट घोषित किया है। इसके लिए शुक्रवार को मुर्मू ने अपना नामांकन भी फाइल कर दिया। इस बीच बॉलीवुड के फिल्म निर्माता राम गोपाल वर्मा (Ram Gopal Verma) ने 22 जून, 2022 को बहुत ही ओछा कमेंट किया है। उन्होंने ट्वीट किया, “अगर द्रौपदी राष्ट्रपति है तो पांडव कौन हैं? इससे भी अधिक महत्वपूर्ण कौरव कौन हैं?”

वहीं तेलंगाना के वरिष्ठ भाजपा नेता जी नारायण रेड्डी ने फिल्म निर्माता और निर्देशक राम गोपाल वर्मा के खिलाफ एनडीए के राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू पर अपमानजनक ट्वीट के लिए पुलिस शिकायत दर्ज कराई है। हालाँकि, शिकायत और नेटिज़न्स द्वारा नाराजगी जाहिर करने के बाद, वर्मा ने अपने ट्विटर हैंडल से माफी भी माँगी।

बता दें कि जी नारायण रेड्डी ने आबिद रोड पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई कि निर्देशक ने द्रौपदी मुर्मू के बारे में अपमानजनक टिप्पणी की थी। रेड्डी ने अपनी शिकायत में कहा कि ट्विटर पर वर्मा की टिप्पणी एक अनुभवी महिला राजनेता और झारखंड की पूर्व राज्यपाल के लिए बेहद अपमानजनक है। पुलिस शिकायत के साथ, भाजपा नेता ने ट्वीट को सबूत के रूप में सबमिट किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिस द्वारा एससी / एसटी अधिनियम लागू किया जाना चाहिए और निर्देशक को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। वहीं पुलिस ने कहा कि कानूनी राय के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

वहीं राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार के लिए इस तरह के कमेंट के बाद फिल्म निर्माता की ट्विटर पर लोगों ने खिंचाई शुरू कर दी। इसी क्रम में दलित एक्स सी नाम के एक यूजर ने उनके सामाजिक कार्यों पर प्रकाश डाला और कहा, उन्होंने समाज की भलाई के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। 2000 के दशक के अंत तक उनके पास अपना घर नहीं था। व्यक्तिगत त्रासदियों के बावजूद उन्होंने लोगों के लिए काम करना जारी रखा।”

इसी तरह से एमजे रश्मी नाम के एक अन्य यूजर ने राम गोपाल वर्मा को फटकार लगाते हुए कहा, “उनके बारे में क्या जानते हैं आप वो एक आदिवासी महिला है? जिन्होंने अपने पति के साथ ही दो बच्चों को भी एक्सीडेंट में खो दिया।”

एमवी राव नाम के यूजर ने फिल्म निर्माता को आइना दिखाते हुए कहा, “पांडव पंच भूत वायु, अग्नि, वरुण, भूमि आकाश हैं। वह आप जैसे लोगों की भलाई के लिए उन्हें नियंत्रित करती हैं। अगर आप अपनी सीमाओं को लाँघते हैं तो वो आपको नीचे पटक देंगी। …संभलकर रहो भाई।”

निर्माता ने माँगी माफी

ट्विटर पर ओछी हरकत पर विवाद गहराया तो राम गोपाल वर्मा ने माफी माँगने में देर बिल्कुल भी नहीं लगाई। उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, “यह सिर्फ एक मजाक में कहा गया था और कोई दूसरा इरादा नहीं था। ..महाभारत में द्रौपदी मेरी पसंदीदा चरित्र हैं, लेकिन चूँकि नाम इतना दुर्लभ है, इसलिए मुझे संबंधित पात्रों की याद आ गई और मैंने ले लिया। किसी की भावनाओं को ठेस पहुँचाने का मकसद बिल्कुल नहीं है।”

गौरतलब है कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड में भाजपा की राज्यपाल हैं और बीजेपी ने उन्हें राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के तौर पर मैदान में उतारा है। अगर वो ये चुनाव जीतती हैं तो वे देश की पहली महिला आदिवासी राष्ट्रपति होंगी।

संकट में शिवसेना का नाम, निशान और झंडा: राज ठाकरे की MNS ने मुंबई में पोस्टर लगा कसा तंज, पूछा- अब कैसा लग रहा है?

आज शिवसेना में बगावत के कारण महाराष्‍ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार संकट में पड़ गई है। इस बार बगावत किसी अपने नहीं बल्कि बाहरी ने की है। बागी MLA एकनाथ शिंदे ने उद्धव ठाकरे के पैरों तले जमीन खिसका दी है। ऐसे में शिवसेना (Shiv sena) में बगावत के बीच राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने इस विवाद में एंट्री मारते हुए शुक्रवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे पर निशाना साधा है।

महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना जहाँ टूटने के कगार पर पहुँच गई है। वहीं राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के कार्यकर्ताओं ने शिवसेना पर पोस्टर वॉर करते हुए तंज कसा है। मनसे ने पोस्टर में पूछा है, “अब कैसा लग रहा है।” शिवसेना पर तंज कसता हुआ यह होर्डिंग मुंबई के साकीनाका इलाके में लगाया गया है।

मराठी में पोस्टर में लिखा है, “उस समय हमारे नगर सेवकों को फोड़ा था। यह कैसा लगता है?” पोस्टर में महेंद्र भानुशाली का नाम भी है। गौरतलब है कि बीते दिनों राज्य में लाउडस्पीकर पर अजान के विवाद -को लेकर राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे आमने-सामने आ गए थे। माना जा रहा है कि हिन्दुत्व की विचारधारा को कुचलने के बाद शिवसेना के सियासी हालात को लेकर ही मनसे की तरफ से जले में नमक छिड़कने का काम किया गया है।

बता दें कि राज ठाकरे ने पिछले महीने 4 मई को अजान विवाद के बीच ऐलान किया था कि राज्य में जिस भी जगह लाउडस्पीकर पर अजान होगी वहीं पर हनुमान चालीसा बजाएँगे। उन्होंने आरोप लगाए थे कि स्कूल या अस्पताल के नाम पर हिंदू त्योहारों पर साइलेंस जोन के जरिए पाबंदियाँ लगा दी जाती हैं, लेकिन ऐसी पाबंदियों से मस्जिदों को छूट है।

बहरहाल मौजूदा विवाद ये है कि कभी शिवसेना के खास रहे एकनाथ शिंदे पार्टी से नाराज होकर अपने साथ विधायकों का एक जत्था लेकर गुवाहाटी चले गए हैं। उनके समर्थन में बताया जा रहा है कि शिवसेना के बागी विधायकों समेत अब तक कुल 50 विधायक भी आ गए हैं। उद्धव ठाकरे के सामने पार्टी के नाम, निशान, झंडे के रंग और उसके प्रतीकों पर तक बात आ गई है।

बागी विधायक मंगेश कुडालकर के ऑफिस में शिवसैनिकों ने की तोड़फोड़, शिंदे के पोस्टर पर भी पोती कालिख: संजय राउत की धमकी का दिखने लगा असर

शिवसेना के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र की महाविकास अघाड़ी सरकार के हाथों से सत्ता फिसलती दिख रही है। इसका असर भी दिखने लगा है। राज्य में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे का गुट अब खुलेआम गुंडागर्दी पर उतर आया है। इसी क्रम में शिवसेना के कुर्ला से बागी विधायक मंगेश कुडालकर के दफ्तर में तोड़फोड़ की गई है। इसका आरोप उद्धव के गुट वाले शिवसैनिकों पर लग रहा है।

इस घटना की वीडियो भी वायरल हो रहा है। इसमें स्पष्ट देखा जा सकता है कि लाठी-डंडों और लोहे के औजारों के साथ कुछ लोग कुडालकर के ऑफिस के गेट पर पहुँचते हैं और वहाँ पर लगे हुए बोर्ड में तोड़फोड़ करते हैं। इस मौके पर वहाँ पुलिस का एक जवान भी खड़ा होता है। हालाँकि, वो कुछ कर नहीं पाता।

इसी तरह से अहमदनगर में आंदोलनकारियों ने एकनाथ शिंदे के पोस्टर पर कालिख पोत दी। इस दौरान एकनाथ शिंदे हाय-हाय के नारे भी लगाए गए। इसी तरह से नासिक में एकनाथ शिंदे के समर्थन में लगाई गई होर्डिंग पर कुछ लोगों ने स्याही फेंक दी। आरोप है कि ये सब शिवसैनिक कर रहे हैं।

इस बीच महाराष्ट्र के बदलते सियासी मिजाज को देखते हुए महाराष्ट्र पुलिस अलर्ट हो गई है। राज्य के सभी पुलिस थानों, खासकर मुंबई के पुलिस थानों को हाई अलर्ट पर रहने का आदेश दिया गया है। पुलिस का कहना है कि उन्हें सूचना मिली थी कि शिवसैनिक बड़ी संख्या में सड़कों पर उतर सकते हैं। शांति सुनिश्चित करने के लिए पुलिस को सतर्क रहने को कहा गया है।

संजय राउत ने दी सड़क पर उतरने की चेतावनी

गौरतलब है कि सियासी घमासान के बीच शिवसेना सांसद संजय राउत ने कहा था, “हमें चुनौती देने वाले एकनाथ शिंदे गुट को पता होना चाहिए कि शिवसैनिक अभी सड़क पर नहीं उतरे हैं। इस तरह की लड़ाई या तो कानूनी तरीके से लड़ी जाती है या सड़क पर। जरूरत पड़ी तो हमारे कार्यकर्ता सड़क पर उतरेंगे।”

राउत के इस बयान के बाद महाराष्ट्र की सड़कों पर कथित शिवसैनिकों का जत्था तोड़फोड़ करते देखा भी जाने लगा है।

राहुल गाँधी के वायनाड कार्यालय में SFI के सदस्यों ने की तोड़फोड़, वीडियो वायरल, कॉन्ग्रेस ने कहा- वहाँ मौजूद लोगों पर भी किया हमला

कॉन्ग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और केरल के वायनाड से सांसद राहुल गाँधी के कार्यालय में स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) के सदस्यों ने शुक्रवार (24 जून 2022) को जबरन घुसकर तोड़फोड़ की। स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (Communist Party of India) की छात्र इकाई है। कॉन्ग्रेस ने आरोप लगाया है कि एसएफआई के सदस्यों ने वायनाड में राहुल गाँधी के कार्यालय में घुसकर तोड़फोड़ की और वहाँ मौजूद लोगों पर हमला किया।

कॉन्ग्रेस द्वारा ट्विटर पर शेयर की गई वीडियो में SFI के सदस्यों को पार्टी के कार्यालय में नारे लगाते हुए सुना जा सकता है। गुस्साए लोगों ने राहुल गाँधी की दीवार पर लगी फोटो को भी ​नीचे गिरा दिया। उन्होंने कार्यालय में तोड़फोड़ भी की। कॉन्ग्रेस ने अपने ट्वीट में लिखा, “SFI के गुंडों ने कॉन्ग्रेस सांसद राहुल गाँधी के कार्यालय में तोड़फोड़ की। माकपा के लोग हिंसा कर रहे हैं। पुलिस इनके कार्यकर्ताओं के खिलाफ झूठे मामले दर्ज करती है। वह सीपीआईएम के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं करती है। केरल में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है।”

वहीं, पुलिस ने बताया कि राहुल गाँधी के वायनाड कार्यालय में करीब 80 से 100 SFI कार्यकर्ता घुसे थे। उनमें से अब तक आठ लोगों को हिरासत में लिया गया है। राहुल के कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। इस घटना के पीछे राहुल गाँधी की चुप्पी बताई जा रही है। छात्र संगठन ने यह आरोप लगाया है कि राहुल गाँधी ने केरल के पहाड़ी इलाकों में जंगलों के आसपास ‘बफर जोन’ बनाए जाने के मुद्दे में हस्तक्षेप नहीं किया। बताया जा रहा है कि राहुल के कार्यालय के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने एसएफआई के प्रदर्शन को रोकने की पुरजोर कोशिश की, लेकिन वह कार्यालय में घुस आए।

उन्होंने खिड़की के शीशे और शटर तोड़ दिए और दीवारों पर चढ़कर खिड़की के रास्ते कार्यालय में घुस गए। बता दें कि एक दिन पहले, राहुल गाँधी ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा था कि इस फैसले से उनके निर्वाचन क्षेत्र वायनाड में विरोध हो रहा है। ऐसा कहा जा रहा है कि SFI उनकी प्रतिक्रिया से नाराज़ हो गया इसलिए उसने सांसद के कार्यालय में तोड़फोड़ और प्रदर्शन करने का फैसला किया।

पब्लिक प्लेस पर हो जातिगत बदसलूकी तभी लागू SC-ST एक्‍ट: कर्नाटक HC ने दिया अहम फैसला, बेसमेंट में विवाद के दौरान करवाई गई FIR ख़ारिज

एक महत्वपूर्ण फैसले में कर्नाटक उच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि किसी आरोपित पर SC/ST एक्ट तब ही लागू हो सकता है जब बदसलूकी सार्वजानिक स्थान पर हुई हो। इसी के साथ हाईकोर्ट ने इमारत के बेसमेंट में जातिसूचक शब्द कहने पर दर्ज एक FIR को रद्द करने का आदेश दिया। यह आदेश 10 जून 2022 (शुक्रवार) को दिया गया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस मामले की सुनवाई जस्टिस एम नागप्रसन्ना की कोर्ट में हुई। मामला साल 2020 की है। तब मकान मालिक जयकुमार आर नायर के यहाँ बेसमेंट में मोहन नाम का सहकर्मी काम कर रहा था। बेसमेंट हो रहे इस निर्माण का विरोध रितेश नाम का व्यक्ति कर रहा था। रितेश ने इस निर्माण के खिलाफ कोर्ट में स्टे भी लिया था। इस दौरान मोहन ने आरोप लगाया कि रितेश कुमार ने उन्हें बेसमेंट में जातिसूचक शब्द बोले। पुलिस ने इसी आधार पर रितेश के खिलाफ धारा 323 IPC के तहत केस दर्ज किया था।

रितेश ने इसी आदेश को कर्नाटक हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। उनकी याचिका पर जस्टिस एम नागप्रसन्ना ने अपने फैसले में कहा, “बेसमेंट कोई पब्लिक प्लेस नहीं था। इसी के साथ शिकायतकर्ता के सहकर्मी का आरोपित रितेश से कंस्‍ट्रक्‍शन के चलते विवाद था जिसमें स्टे भी लिया गया था। ऐसे में इस बात की संभावना है कि शिकायतकर्ता आरोपित को निशाना बनाने के लिए अपने कर्मचारी का सहारा ले रहा हो।”

एक अन्य रिपोर्ट के मुताबिक इसी FIR में शिकायतकर्ता मोहन ने अपनी बाँह पर खरोंच के सामान्य निशान भी दिखाए थे। इसी के साथ उनकी छाती पर भी कुछ निशान पड़े थे। लेकिन उन चोटों से खून बहने का प्रमाण नहीं था। ऐसे में अदालत ने यह कहा कि इस मामले में धारा 323 IPC के तहत अपराध नहीं बनता। अंत में अदालत ने यह कहा कि आरोपित पर केस चलाने के लिए पर्याप्त साक्ष्यों व तथ्यों का अभाव है और ऐसे में आपराधिक केस चलाना न्यायोचित नहीं होगा।

‘अग्निपथ के लिए आवेदन किया तो सामाजिक बहिष्कार’: खाप पंचायतों ने समर्थक कार्पोरेट घरानों के भी बॉयकॉट का किया ऐलान, योजना वापस लेने की माँग

केंद्र सरकार द्वारा सेना में भर्ती के लिए लाई गई अग्निवीर योजना को सेना भी सही बता चुकी है। बावजूद इसके कुछ लोग इसका विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में हरियाणा की कुछ खाप पंचायतों ने अग्निपथ के लिए अप्लाई करने वाले लोगों के सामाजिक बहिष्कार की चेतावनी दी है। इतना ही नहीं खाप पंचायत के नेताओं ने राज्य की सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी-जननायक जनता पार्टी गठबंधन और इस योजना का समर्थन करने वाले कारोबारी घरानों के भी बहिष्कार का ऐलान किया है।

रिपोर्ट के मुताबिक, इसको लेकर राज्य के रोहतक में खाप पंचायतों की बैठक हुई थी। बैठक में खाप नेताओं के साथ ही हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और कुछ छात्र संगठनों के नेता भी शामिल रहे। खाप पंचायतों की तरफ से बैठक की अध्यक्षता ओम प्रकाश धनखड़ ने की। उन्होंने धमकी दी कि अग्निपथ के लिए आवेदन करने वालों को सामाजिक रूप से अलग-थलग कर उनका बहिष्कार किया जाएगा। धनखड़ ने कहा, “हम इस योजना का बहिष्कार कर रहे हैं, जो चाहती है कि अग्निवीर होने के नाम पर युवाओं को मजदूरों के रूप में काम पर रखा जाए।”

इतना ही नहीं खाप नेताओं ने बीजेपी-जेजपी और उनका समर्थन करने वाले कार्पोरेट घरानों का विरोध करने की भी अपील की। उल्लेखनीय है कि वेदांता के अनिल अग्रवाल, आनंद महिंद्रा, हर्ष गोयनका, डॉ संगीता रेड्डी, किरण मजूमदार-शॉ और संजीव बिखचंदानी समेत कई कार्पोरेट घरानों ने अग्निपथ का समर्थन किया था। इसके एक दिन बाद खाप पंचायतों ने ये कदम उठाया। गौरतलब है कि देश के बिजनेसमैनों ने ऐलान किया था कि सेना में चार साल के बाद रिटायर होने वालो अग्निवीरों को नौकरी देंगे।

अग्निपथ वाले युवाओं से दूरी बनाए रखने की बात करते हुए धनखड़ ने केंद्र सरकार से इस योजना को वापस लेने की माँग की। नूपुर शर्मा के कथित विवाद के बाद खाड़ी देशों द्वारा भारतीय उत्पादों के बहिष्कार की कथित रिपोर्टों का हवाला देते हुए लोगों से अपील की कि वो अग्निपथ के विरोध में योजना का समर्थन करने वाली कॉर्पोरेट कंपनियों से 10,000 रुपए से अधिक का सामान नहीं खरीदें।

खास बात ये है कि खाप पंचायतों का ये रुख अब तो मुस्लिम समुदायों के उल्टा है। क्योंकि कई मुस्लिम संगठनों ने इस योजना का प्रचार करने का फैसला किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कानपुर में एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम प्रोफेशनल्स (AMP) ने मुस्लिम युवाओं से अग्निपथ के तहत सेना में भर्ती होने की अपील की है। संगठन ने शहर की मस्जिदों के इमामों से शुक्रवार के खुतबा (उपदेश) के दौरान केंद्रीय योजना को लोकप्रिय बनाने का भी आग्रह किया।

इस योजना को इसी महीने की 14 जून को केंद्र सरकार ने लॉन्च किया था। इसके जरिए थल सेना, नौसेना और वायु सेना में भर्ती की जाएगी। इसमें सेलेक्ट होने वाले युवाओं को चार साल के लिए सेना में काम करने का मौका मिलेगा। इसमें पहले वर्ष में एक अग्निवीर को 30,000 प्रति महीने की सैलरी मिलेगी, जिसमें से 21,000 रुपए हाथ में होंगे और 9,000 रुपए सरकार पीएफ की तरह ही एक कोष में जमा होंगे। दूसरे, तीसरे और चौथे वर्ष में मासिक वेतन क्रमश: 33,000, 36,500 और 40,000 रुपए हो जाएगा।

हूर बानो के खौफ से मंदसौर पुलिस के पास पहुँचे चैतन्य सिंह, कहा- 25 दिनों से कॉल कर इस्लाम कबूलने का बना रही दबाव

मध्य प्रदेश के मंदसौर में 27 मई 2022 को चैतन्य सिंह बने पूर्व जफर शेख ने खुद पर फिर से मुस्लिम बनने का दबाव बनाने वाली लड़की के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में चैतन्य ने हूर बानो सैफी पर मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। चैतन्य ने हूर बानो के पीछे किसी और का हाथ होने की आशंका जताई है। यह शिकायत आज 24 जून 2022 को की गई है।

अपनी शिकायत में चैतन्य ने लिखा, “एक लड़की हूर बानो सैफी द्वारा मुझे विगत 25 दिनों से लगातार फोन पर इस्लाम में वापसी करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। मुझे इस्लामी बातें बताकर डराया जा रहा है। मुझे ऐसा लगता है इस लड़की के पीछे कोई और लोग भी है जो मुझे इस्लाम में वापस लाना चाहते है। मेरे साथ भविष्य में कोई घटना भी घटित हो सकती है।”

शिकायत

ऑपइंडिया से बात करते हुए चैतन्य सिंह राजपूत ने कहा, “मेरे साथ मेरी पत्नी रहती है। रात 11 बजे तक लड़की के फोन आते हैं। हालत ये हो गए हैं कि मुझे स्पीकर ऑन कर के अपनी पत्नी के आगे बात करना पड़ता है। ये मेरे लिए मानसिक प्रताड़ना है। SP साहब ने मेरी शिकायत पर कार्रवाई का भरोसा दिया है।”

SP मंदसौर IPS अनुराग सुजानिया ने ऑपइंडिया से बात करते हुए बताया कि हमें चैतन्य से शिकायत प्राप्त हुई है। शिकायत में धमकी नहीं बल्कि फिर से इस्लाम में आने के दबाव का जिक्र किया गया है। सभी पहलुओं पर हम जाँच कर रहे हैं। मामले पर हमारी लगातार नजर है। जो भी तथ्य प्रकाश में आएँगे उस अनुसार कार्रवाई की जाएगी।”

गौरतलब है कि चैतन्य सिंह राजपूत ने बताया था कि सनातन में आते ही उन्हें हूर बानो नाम की उनकी पूर्व सहकर्मी की तरफ से लगातार फिर से मुस्लिम बनने के लिए फोन आ रहे हैं। वो फिर से इस्लाम कबूलने के लिए मना कर चुके हैं लेकिन उसके बाद भी फोन आने का सिलसिला जारी है। हूर बानो उन्हें मज़हबी किताबों में लिखी बातों का हवाला दे कर डराने की कोशिश करती है। ऑपइंडिया से बात करते हुए हूर बानों ने भी चैतन्य को इस्लाम कबूलने की दावत देना स्वीकार किया था। इसी के साथ उन्होंने ऐसा चैतन्य को जहन्नुम की आग से बचाने के लिए करना बताया था।

सभी विधायकों का असम में स्वागत, उद्धव ठाकरे भी आएँ: असम के CM हिमंत सरमा, पुलिस से भिड़े कॉन्ग्रेसी

शिवसेना के बागी नेता एकनाथ शिंदे पार्टी के अन्य विधायकों के साथ गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्लू में डेरा डाले हुए हैं। शिवसेना के बागी विधायकों के विरोध में असम कॉन्ग्रेस के नेता, कार्यकर्ता और कुछ वामपंथी दल शुक्रवार (24 जून 2022) को पुलिस से भिड़ गए। झड़प के दौरान एक पुलिसकर्मी घायल हो गया है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं दूसरी ओर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा पर बागी विधायकों को अपने राज्य में पनाह देकर संघीय ढाँचे को रौंदने के आरोप लगाए जा रहे हैं। इसको लेकर सरमा ने विपक्ष को करारा जवाब दिया है। उन्होंने कहा, “देश के सभी राज्यों के सभी विधायकों का असम में स्वागत है। उद्धव ठाकरे को भी छुट्टियाँ मनाने के लिए असम में आमंत्रित किया जाता है।”

दरअसल, एएनआई के रिपोर्टर ने सरमा से कहा कि असम के मुख्यमंत्री पर आरोप लगाए जा रहे हैं कि वह शिवसेना के बागी विधायकों को अपने राज्य में पनाह देकर संघीय ढाँचे को रौंद रहे हैं। इस पर हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा, “मैंने आपसे सुना कि ज्यादातर विधायक गुवाहाटी पहुँच रहे हैं। मैं देश के सभी विधायकों को असम में आने और यहाँ रहने के लिए आमंत्रित करता हूँ।”

सरमा ने आगे कहा, “इसका संघीय ढाँचे से क्या लेना-देना है? मैं अपने राज्य के होटलों में लोगों के आने और ठहरने पर कैसे रोक लगा सकता हूँ? कल अगर आप होटल बुक करते हैं और मैं आपको मना कर देता हूँ और कहता हूँ कि देश में एक संघीय ढाँचा है। इसलिए आप असम के होटल में नहीं आ सकते हैं, तो क्या यह ठीक रहेगा? क्या आप इसे संघीय ढाँचा कहेंगे?”

सरमा ने सभी को असम आने के लिए आमंत्रित करते हुए कहा, “मुझे नहीं पता कि वे कितने दिन यहाँ रहेंगे, लेकिन वे जितने भी दिन असम में बिताएँगे, मुझे खुशी होगी। उन्हें वहीं रहना चाहिए। मैं सभी को असम आमंत्रित करता हूँ। सभी को असम आना चाहिए।” उद्धव ठाकरे के बारे में पूछे जाने पर, सीएम ने कहा, “उन्हें भी छुट्टी मनाने के लिए असम आना चाहिए।”

बताया जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष भूपेन बोरा के नेतृत्व में कॉन्ग्रेस कार्यकर्ता आज गुवाहाटी के होटल रेडिसन ब्लू पहुँचे, जहाँ एकनाथ शिंदे के साथ शिवसेना के बागी विधायक और महाराष्ट्र के कुछ निर्दलीय विधायक ठहरे हुए हैं। होटल के बाहर असम कॉन्ग्रेस के नेताओं, कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘बीजेपी मुर्दाबाद’ और ‘गो बैक गो बैक’ के नारे लगाते हुए होटल परिसर में घुसने की कोशिश की। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ उनकी झड़प हो गई, जिसमें एक पुलिसकर्मी घायल हो गया। कॉन्ग्रेस प्रदर्शनकारियों में आरपीआई और सीपीआईएम जैसे वामपंथी दलों के कार्यकर्ता और नेता भी शामिल हुए थे।

महाराष्ट्र में कॉन्ग्रेस को उसके हाल पर छोड़ विदेश गईं प्रियंका गाँधी, मालदीव में डाइविंग कोर्स कर रही है बेटी मिराया: रॉबर्ट वाड्रा ने शेयर की तस्वीरें

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा विदेश में हैं। उनके मालदीव में होने की जानकारी ऐसे वक्त में सामने आई है, जब महाराष्ट्र का सियासी तापमान चरम पर है। वहाँ उद्धव ठाकरे की सरकार पर खतरा मँडरा रहा है। इस सरकार में कॉन्ग्रेस भी शामिल है। वैसे जरूरत के वक्त कॉन्ग्रेस को उसके हाल पर छोड़ विदेश चले जाना कॉन्ग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के लिए नई बात नहीं है। प्रियंका के भाई और पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गाँधी अक्सर इस वजह से चर्चा में रहते हैं।

प्रियंका के मालदीव में होने की पुष्टि कॉन्ग्रेस से कम्यनिकेशन हेड जयराम रमेश ने की है। उन्होंने ट्वीट कर बताया, “दिन भर खबरें आती रही हैं कि प्रियंका गाँधी वाड्रा मुंबई पहुँच गई हैं। वह केवल अपनी बेटी जो 20 साल की हो गई है और मालदीव में एक प्रशिक्षक स्तर का डाइविंग कोर्स पूरा कर रही है, के साथ रहने के लिए मुंबई से गुज़री हैं। वह 30 जून को वापस आएँगी।” रमेश ने यह ट्वीट उन खबरों का खंडन करते हुए किया था जिनमें प्रियंका के मुंबई जाने का दावा किया जा रहा था। शिवसेना के एक-एक करके सभी विधायक सीएम उद्धव ठाकरे का साथ छोड़कर बागी नेता एकनाथ शिंदे के गुट में जा मिले हैं। लेकिन इन सब को दरकिनार करते हुए कॉन्ग्रेस नेता प्रियंका गाँधी वाड्रा (Priyanka Gandhi) विदेश दौरे पर मालदीव चली गई हैं। वहाँ उनकी बेटी मिराया (Miraya Vadra) रहती हैं।

उल्लेखनीय है कि प्रियंका गाँधी वाड्रा के दो बच्चे हैं। एक बेटा रेहान और दूसरी बेटी मियारा। मिराया (Miraya Vadra) का 24 जून 2022 को 20वाँ जन्मदिन है। बेटी के जन्मदिन पर रॉबर्ट वाड्रा ने सोशल मीडिया में तस्वीरें पोस्ट कर उन्हें बधाई दी है।

पहले भी पार्टी को संकट में छोड़ छुट्टियों पर गए कॉन्ग्रेस नेता

पार्टी को संकट में छोड़ कॉन्ग्रेस का शीर्ष परिवार अकसर छुट्टी मनाने चला जाता है। इससे पहले पंजाब में सियासी संकट के बीच 20 सितंबर 2021 को प्रियंका गाँधी, भाई राहुल गाँधी के साथ छुट्टियाँ मनाने शिमला चली गई थीं। 2020 में बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों से पहले राहुल गाँधी जैसलमेर छुट्टियाँ मनाने चले गए थे। इसी साल पाँच राज्यों के विधानसभा चुनाव से पहले राहुल गाँधी इटली के दौरे पर चले गए थे।