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‘कई देशों का कोविड मैनेजमेंट देखा, यूपी का अमेरिका से भी काफी बेहतर’: योगी सरकार के मुरीद हुए बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन के CEO

उत्तर प्रदेश देश की सर्वाधिक आबादी वाला राज्य है। बावजूद इसके चीनी वायरस के वैश्विक संक्रमण से उपजे हालात से जिस तरह राज्य की योगी आदित्यनाथ सरकार निपटी उसकी काफी सराहना हुई। इसी क्रम में बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन (BMGF) ने यूपी के कोविड मैनेजमेंट को अमेरिका की तुलना में भी काफी बेहतर करार दिया है।

राज्य सरकार की एक प्रेस रिलीज के मुताबिक, गुरुवार (9 जून 2022) को स्वास्थ्य, पोषण और कृषि क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा करने के लिए BMGF के एक प्रतिनिधिमंडल सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक की। इस दौरान BMGF के सीईओ मार्क सुजमैन ने कहा, “हमने कई देशों में काम किया और वहाँ के कोविड मैनेजमेंट को देखा। यह कहना उचित होगा कि भारत, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश का कोविड प्रबंधन संयुक्त राज्य अमेरिका की तुलना में कहीं बेहतर था।”

उन्होंने आगे कहा, “जिस तरह से राज्य के नेतृत्व ने जनसंख्या घनत्व और महामारी को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न सामाजिक चुनौतियों का सामना किया वह सराहनीय है।” BMGF के मुताबिक, यूपी का कोविड मैनेजमेंट दुनियाभर के लिए एक उदाहरण है। इस मौके पर सीएम योगी आदित्यनाथ ने बीएमजीएफ फाउंडेशन के कार्यों की तारीफ की और कहा कि इसने जरूरतमंदों के लिए राज्य सरकार के कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन में अहम रोल निभाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि फाउंडेशन ने नोएडा, गोंडा और प्रयागराज में डेडिकेटेड कोविड केयर हॉस्पिटल्स की स्थापना और उससे लड़ने में राज्य सरकार की काफी मदद की।

हर जिले में मेडिकल कॉलेज बना रही सरकार

सीएम योगी ने बताया कि इंसेफ्लाइटिस के कारण बच्चों की मृत्यु के मामले में प्रदेश में 95 फीसदी तक की कमी आई है। स्वास्थ्य सुरक्षा को देखते हुए प्रदेश सरकार प्रत्येक जिले में एक मेडिकल कॉलेज की स्थापना कर रही थी। उन्होंने कहा, “नवीनतम राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-5 (एनएफएचएस-5) के नतीजे इस बात की गवाही देते हैं कि प्रदेश ने स्वास्थ्य और पोषण क्षेत्र में अभूतपूर्व सुधार किया है।”

बैठक के दौरान सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में अच्छी नर्सों और पैरामेडिकल स्टाफ की कमी एक बड़ी चिंता का विषय बना हुआ है। लेकिन, फाउंडेशन योग्य, कुशल और पेशेवर नर्सिंग कर्मियों और पैरामेडिक्स की टीम को बनाने में मदद कर सकता है और इसे डिजिटली बढ़ावा भी दे सकता है। मुख्यमंत्री ने माना कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में प्रदेश में अभी भी बहुत कुछ करने की जरूरत है। इसे देखते हुए ही उनकी सरकार प्रदेश के हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज बनवा रही है।

इस मौके पर बिल एंड मिलिंडा गेट्स फाउंडेशन के सीईओ मार्क्स सुजमैन ने अपनी टीम के साथ लखनऊ की अवंतीबाई (महिला) अस्पताल का दौरा किया। उन्होंने वहाँ गर्भवती महिलाओं और नवजात बच्चों को दी जाने वाली सेवाओं को देखा। अस्पताल की मुख्य अधीक्षक डॉक्टर सीमा श्रीवास्तव के मुताबिक, प्रतिनिधिमंडल ने मेडिकल स्टाफ से बात की और सेवाओं की जाँच की।

’48 घंटे में तेरे पूरे खानदान की मुंडी निकाल लूँगा’: जितेंद्र त्यागी को आतंकी इक़बाल कासकर के नाम पर ‘दुबई से धमकी’, CM योगी से गुहार

‘शिया वक़्फ़ बोर्ड’ के चेयरमैन रहे जितेंद्र नारायण त्यागी (पूर्व में वसीम रिज़वी) ने खुद को पाकिस्तान और दुबई से मौत की धमकी मिलने की शिकायत की है। उन्होंने इस शिकायत का एक पत्र 11 जून, 2022 (शनिवार) को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भेजा है। शिकायत के मुताबिक धमकी देने वाले व्यक्ति ने खुद को आतंकी इकबाल कासकर का भाई बताया है।

जितेंद्र नारायण त्यागी ने शिकायत की कॉपी व मिली धमकी का ऑडियो-वीडियो ऑपइंडिया को भेजा है। शिकायत में उन्होंने लिखा, “10 जून, 2022 की रात लगभग 11:30 बजे मेरे मोबाइल फोन पर व्हाट्सएप कॉलिंग के माध्यम से दुबई के नंबर +97 1569781862 से कॉल आई। इस में फोन करने वाले ने खुद को आतंकी इकबाल कासकर भाई बताया। उसने मेरी 3 दिनों के भीतर गर्दन काट कर हत्या की धमकी दी। अतः इकबाल कासकर के नाम लेकर मुझे धमकी देने FIR दर्ज की जाए।”

शिकायत की कॉपी

इसी शिकायत में रिज़वी आगे लिखा, “इस्लाम के संबंध में कुछ तथ्य, साक्ष्य सहित रखने के बाद पूरी दुनिया का कट्टरपंथी मुस्लिम मेरी हत्या कर सच को छुपाने के लिए एवं इस्लाम के अंतर्गत निर्धारित कुछ भी बोलने की सजा गर्दन काट देने की लगातार व्हाट्सएप कॉलिंग के जरिए धमकियाँ क्या दे रहे हैं। ऐसे कई कॉल पाकिस्तान के नंबर से भी मेरे मोबाइल पर आ चुके हैं।”

धमकी देने वाले व्यक्ति ने जिस इकबाल कासकर का नाम लिया है वो गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम का भाई है। इकबाल को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने फरवरी 2022 में मनी लॉन्ड्रिंग के केस में जेल भेजा है। इस केस में उसके कुछ सहयोगी भी आरोपित हैं।

ऑपइंडिया को भेजे गए वीडियो में धमकी देने वाले ने पहले खुद के तिहाड़ जेल से और फिर दुबई से कॉल करने की बात कह रहा है। वीडियो में उसने खुद को इकबाल का गुर्गा बताया। इस वीडियो में धमकाने वाले ने कहा, “हम पुलिस को सब सही नहीं बताते तो तुम्हें कैसे पहचान बता दें। हम किसी से डरते नहीं। मैं तुझे गारंटी देता हूँ कि 48 घंटे में तेरी मुंडी निकाल दूँगा। तेरे साथ तेरा पूरा खानदान की भी निकाल दूँगा।” जवाब में जितेंद्र नारायण त्यागी ने धमकी देने वाले को 10 दिन का समय दिया।

कानपुर में चला योगी सरकार का बुलडोजर: जुमा हिंसा के मास्टरमाइंड जफर हयात के साथी इश्तियाक की ऊँची इमारत जमींदोज, देखिए Video

उत्तर प्रदेश में जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामलों में अब योगी सरकार का बुलडोजर आरोपितों के घर पहुँने लगा है। खबर है कि आज (11 जून 2022) कानपुर हिंसा के मुख्य आरोपित जफर हयात के करीबी दोस्त मोहम्मद इश्तियाक के घर प्रशासन की कार्रवाई हुई। नगर निगम की टीम ने अतिक्रमण विरोधी अभियान के तहत अवैध निर्माण होने के कारण ऊँची इमारत को तोड़ दिया। वहीं प्रयागराज में भी पुलिस ने 5000 लोगों के विरुद्ध एफआईआर की है।

समाचार एजेंसी एएनआई द्वारा कानपुर में हुई बुलडोजर की कार्रवाई की वीडियो शेयर की गई। देख सकते हैं कि कैसे ऊँची इमारत को बुलडोजर से नीचे गिराया गया। कानपुर विकास प्राधिकरण सचिव ने बताया, “केडीए लगातार लैंड माफियाओं के विरुद्ध एक्शन ले रहा है। कार्रवाई लगातार जारी है। भविष्य में ऐसे और भी अवैध निर्माणों और भू माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।”

इस कार्रवाई के दौरान इलाके में भारी सुरक्षाबल तैनात थे। इश्तियाक पर आरोप था कि उसने बिन नक्शे को पास कराए बिल्डिंग खड़ी की और उसके बाद रेसिडेंशियल बिल्डिंग को कमर्शियल के तौर पर इस्तेमाल किया जाने लगा। अब अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद बताया,

“साल 2021 में इस बिल्डिंग को सील किया गया था और ध्वस्तीकरण के आदेश भी दिए गए थे। लेकिन इसके बाद भी निर्माण कार्य जारी रखा गया। शनिवार को बिल्डिंग गिराई गई। इस दौरान प्राधिकरण के अधिकारी, पुलिस और आरएएफ मौके पर मौजूद थे।”

बता दें कि इससे पहले उत्तर प्रदेश के कानपुर में 3 जून 2022 को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा मामले के प्रमुख आरोपित हयात जफर हाशमी (Hayat Zafar Hashmi) को 4 जून को गिरफ्तार किया गया था और इसके बाद उसे 5 जून को कोर्ट में पेश करके न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था। पुलिस ने दंगाइयों की लिस्ट जारी करके उन पर कार्रवाई शुरू की थी। पुलिस को पता चला था कि उपद्रव का दिन शहर में पीएम मोदी को देख के शुरू हुआ।

कानपुर की तरह बीते शुक्रवार को प्रयागराज में हुए दंगों पर भी योगी सरकार की कार्रवाई शुरू हो गई है। पुलिस ने बताया कि उन्होंने 70 नामजद और 5000 अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। एसएसपी के अनुसार 29 अहम धाराओं में गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई होगी।

44 साल के सैफुल आरिफ ने बकरी से किया निकाह, मौजूद रहे रिश्तेदार और गाँव वाले: वीडियो भी वायरल

सोशल मीडिया पर फेमस होने या वायरल होने के लिए लोग तरह-तरह की अजीबोगरीब हरकतें करते रहते हैं। ऐसा ही एक ताजा मामला इंडोनेशिया से आया है। जहाँ एक व्यक्ति ने बकरी से निकाह कर लिया है।

रिपोर्ट में बताया गया कि निकाह करने वाले शख्स का नाम सैफुल आरिफ है, जो 44 साल का है। वह YouTube और TikTok पर एक कंटेंट क्रिएटर है। सैफुल इंडोनेशिया के बेनजेंग जिले के क्लैमपोक गाँव में रहते हैं। वहाँ पर 5 जून को उन्होंने बकरी के साथ निकाह किया। इसमें बहुत से स्थानीय लोगों ने भी हिस्सा लिया। इसके लिए सभी जरूरी रस्मों को भी अदा किया गया। साथ ही शख्स के रिश्तेदार और गाँव वाले भी इस निकाह में मौजूद रहे।

इसके अलावा दूल्हे ने निकाह की पूरी ड्रेस भी पहनी थी, जबकि बकरी को एक खास पोशाक पहनाई गई। शख्स ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड किया। ‘सूर्या टीवी’ ने इस वीडियो को रीपोस्ट किया। कई न्यूज चैनल्स ने भी इसको पोस्ट किया।

उन्होंने निकाह के लिए बकरी को दहेज भी दिया। यह रकम 117 रुपए थी। इस निकाह का वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। जिसके बाद उस शख्स की जमकर आलोचना हुई। एक शख्स ने ट्वीट कर लिखा कि इस आदमी ने अपना मानसिक संतुलन खो दिया है। इसको इलाज की जरूरत है। दूसरे शख्स ने निकाह में शामिल लोगों और उस युवक पर कार्रवाई की माँग की।

विवाद बढ़ता देख शख्स दोबारा से सोशल मीडिया पर आया। उसने सफाई देते हुए कहा कि ये वीडियो उनकी ओर से मजाक में बनाया गया था। ये निकाह वास्तव में नहीं हुआ था। वीडियो में जो कुछ भी दिख रहा वो उनकी एक्टिंग का पार्ट है, ऐसे में लोग इसे सच ना समझें।

शख्स ने बताया कि इस वीडियो को बनाने का मकसद इसे सोशल मीडिया पर वायरल करना था और उनका इससे किसी को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। उनका एकमात्र लक्ष्य लोगों का मनोरंजन करना था। इसके लिए सैफुल ने अल्लाह से माफी माँगी और इस तरह की हरकतें दोबारा न करने का वादा किया। 

‘बंगाल को जलने से बचा लीजिए, रोहिंग्याओं से जुल्म करा रही TMC सरकार’: BJP सांसद ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र

पैगंबर मुहम्मद (Prophet Muhammad) पर BJP से निलंबित नूपुर शर्मा के कथित बयानों के कारण पश्चिम बंगाल (West Bengal) में इस्लामिक कट्टरपंथियों की हिंसा के कारण हालात खराब हो रहे हैं। इसे देखते हुए पश्चिम बंगाल BJP के उपाध्यक्ष और सांसद सौमित्र खान (Saumitra Khan) ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने गृह मंत्री से बंगाल को जलने से बचा लेने की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि बंगाल में लोग अब सुरक्षित नहीं हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, सौमित्र खान ने नूपुर शर्मा के विरोध में हावड़ा जिले में इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा की घई हिंसा के बाद कई इलाकों में कर्फ्यू लगाए जाने और इंटरनेट सेवाओं को बंद करने की जानकारी देते हुए वहाँ पर सेंट्रल फोर्सेस को डिप्लॉय करने की माँग की है। खान ने पत्र में लिखा, “पश्चिम बंगाल के महत्व को भुलाया या नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक कहावत है कि पश्चिम बंगाल जो आज सोचता है, देश उसे कल सोचता है। लेकिन अब पश्चिम बंगाल दिन प्रतिदिन गर्त में जा रहा है।”

माँ, माटी और मानुष के नाम पर सत्ता पर काबिज हुई ममता बनर्जी सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। यहाँ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं। बीजेपी सांसद ने दावा किया कि राज्य में रोहिंग्या मुस्लिमों की घुसपैठ दिनों दिन बढ़ती ही जा रही है। उन्होने आरोप लगाया कि रोहिंग्याओं को मोहरा बनाकर ममता सरकार प्रदेश की आवाम पर जुल्म कर रही है। 9 जून के इस्लामिक प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सौमित्र खान ने कहा कि नेशनल हाईवे नंबर 6 को हावड़ा में प्रदर्शन के नाम पर 12 घंटे तक जाम रखा गया। इसके अलावा डोमजुर थाने में रोहिंग्याओं के साथ मिलकर टीएमसी के गुंडों ने पुलिसवालों को बेरहमी से पीटा।

क्या हुआ था 9 जून को

गौरतलब है कि 9 जून को नूपुर शर्मा के विरोध में हावड़ा जिले में इस्लामिक कट्टरपंथियों ने उत्पात मचाया। प्रदर्शनकारियों ने सिर पर टोपी और लुंगी पहनकर NH116 पर हंगामा किया। इस दौरान उन्होंने इस्लामी नारे लगाए और टायर जलाए। भीड़ के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मुस्लिम कट्टरपंथियों से अन्य राज्यों में जाकर प्रदर्शन करने और लोगों का जीवन बाधित करने के लिए कहा। उन्होंने दंगाइयों को उकसाते हुए उन्हें यूपी, गुजरात में ऐसा करने को कहा था।

‘पेड़ से बाँध कर दलित को जूतों से मारा’: वायरल वीडियो के सहारे ‘जय भीम’ का प्रोपेगेंडा, पुलिस की जाँच में कुछ और निकली सच्चाई

सोशल मीडिया पर जाति को आधार बनाकर माहौल भड़काने का काम अब आम हो गया है। हाल में आँध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम की एक घटना पर दोबारा यही देखने को मिला। ट्विटर पर एक आदमी को पीटे जाने वाली वीडियो शेयर की गई और दावा किया गया कि कैसे एक पिछड़ी जाति के व्यक्ति को बेरहमी से जूते-चप्पल से मारा जा रहा है। हालाँकि, जब पुलिस ने घटना का पता लगाया तो सच कुछ और ही था।

आप देख सकते हैं कि वायरल वीडियो में एक व्यक्ति की शर्ट उतार कर पेड़ से बाँधकर उसे पीटा जा रहा है। सूरज कुमार बौद्ध ने इसे शेयर करके लिखा, “विशाखापट्टनम, आँध्र प्रदेश में एक SC युवक के कपड़े निकालकर, उसे पेड़ से बाँधकर बेरहमी से जूतों से मारा गया। हर दिन जातिवाद का ये विकराल रूप देखकर मन विचलित हो जाता है। शर्मनाक!”

सूरज के ट्वीट के अलावा भी कई मीडिया रिपोर्टों में यही दिखाया गया कि एक दलित को पेड़ से बाँधा गया और फिर उसे बेरहमी से पीटा गया। अब इसी वीडियो वायरल मामले में आंध्र प्रदेश पुलिस का बयान आया है। पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर विशाखापट्टनम की एक वीडियो वायरल थी, जिसमें एक व्यक्ति को पेड़ में बाँधकर पीटा जा रहा था। पड़ताल में सामने आया कि पिटने वाला और पीटने वाला दोनों एक ही समुदाय के हैं, जिनकी लड़ाई मोबाइल चोरी पर हुई।

पुलिस ने बताया कि ये केस पेंडरुथी के थाने में दर्ज किया गया है। आरोपित भी घटना की जानकारी होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया हैं। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, घटना जुट्टाडा गाँव की है। वहाँ तारकेश्वर राव नाम के व्यक्ति ने सूरी बाबू का कथित तौर पर फोन चुराया और सूरी बाबू ने शिकायत देने की बजाय तारकेश्वर नाम के व्यक्ति को बेरहमी से पेड़ से बाँध कर पीटा। वायरल वीडियो देख इस केस को दर्ज किया गया।

प्रयागराज में बच्चों को आगे कर पत्थरबाजी, 5000 पर FIR-68 गिरफ्तार: मास्टरमाइंड जावेद की JNU वाली बेटी भी रडार पर

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार (10 जून, 2022) को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। प्रयागराज के SSP अजय कुमार ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जावेद अहमद नाम का एक मास्टरमाइंड गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कई और मास्टरमाइंड हो सकते हैं, उनके बारे में पूछताछ की जा रही है। 

उन्होंने बताया कि कल की घटना में कुछ लोगों ने नाबालिग बच्चों को आगे कर पुलिस-प्रशासन पर पथराव किया। SSP ने बताया कि मामले में 29 अहम धाराओं के तहत केस दर्ज कर गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई होगी। 70 नामजद और 5000 अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

जानकारी के मुताबिक, मामले में जावेद अहमद की बेटी के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। SSP अजय कुमार ने बताया, “जावेद की बेटी भी इस तरह की गतिविधियों में शामिल है। वह दिल्ली में छात्रा है। जरूरत पड़ी तो हम दिल्ली पुलिस से संपर्क कर अपनी टीमें भेजेंगे।” रिपोर्ट के अनुसार जावेद अहमद की बेटी नाम सारा अहमद है। वह जेएनयू में पढ़ती है।

घटना में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से जुड़े लोगों के भी शामिल होने की बातें सामने आ रही है। इस पर SSP का कहना है कि फिलहाल ऐसे किसी कनेक्शन की पुष्टि नहीं हुई है। आगे की कार्रवाई के लिए सबूत इकट्ठे किए जा रहे हैं। वहीं प्रयागराज के डीएम संजय कुमार खत्री ने बताया कि 68 लोगों को गिरफ्तार किया गया है और इलाके में बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।

गौरतलब है कि बीजेपी नेता नूपुर शर्मा के पैगंबर को लेकर दिए गए बयान को लेकर उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में शुक्रवार (10 जून, 2022) को जुमे के दिन दंगे भड़क गए। नमाज के बाद मस्जिदों से निकली भीड़ ने जम कर पत्थरबाजी और आगजनी की। आगजनी और पत्थरबाजी के अलावा गोलीबारी भी हुई है। ये घटनाएँ अटाला से शुरू हुईं।

पुलिस ने रोका तो उन पर पत्थर चलाए गए। जब लाठीचार्ज से भी बात नहीं बनी तो पुलिस को आँसू गैस के गोले छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। हवाई फायरिंग भी करनी पड़ी। आईजी राकेश सिंह समेत 18 पुलिसकर्मी घायल हो गए। RPF के कई जवान भी जख्मी हुए हैं। कई घंटे तक ये पत्थरबाजी चलती रही। इस दौरान छतों से भी पथराव किया गया। जानकारी के मुताबिक सफाई के दौरान 25 ट्रक पत्थर उठाए गए। इसमें पत्थर और ईंट के अलावा और भी कचरा शामिल था। इसे उठाने के लिए जेसीबी मशीन और 50 सफाई कर्मचारियों की टीम लगानी पड़ी।

बेंगलुरु के 2.5 एकड़ मैदान पर मुस्लिम संगठन जता रहा अपना दावा: BBMP बोला- यह उसकी जमीन, हिंदू सबके लिए खोलने की कर रहे माँग

कर्नाटक (Karnataka) के बेंगलुरू (Bengaluru) में चामराजपेट स्थित ईदगाह मैदान (Idgah Maidan) के मालिकाना हक को लेकर मुस्लिमों और हिन्दुओं के बीच चल रहे विवाद को देखते हुए यहाँ पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएँगे। राज्य पुलिस ने 2.5 एकड़ के दायरे में फैले इस मैदान बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (BBMP) के साथ मिलकर वहाँ पर क्लोज सर्किट टेलीविजन कैमरे (CCTV) लगाने का फैसला किया है।

इस मामले में हिन्दू संगठनों ने BBMP से पछा कि ईदगाह मैदान जब उसके अंतर्गत आता है तो इसके इस्तेमाल की इजाजत किसी एक ही समुदाय को क्यों दी गई है। इसके जवाब में BBMP ने कहा कि यह जमीन उसकी ही है, लेकिन BBMP (पश्चिम) के ज्वाइंट कमिश्नर की इजाजत से बाकी समुदाय के लोग इसका उपयोग कर सकते हैं।

एक सीनियर पुलिस अधिकारी के मुताबिक, विभाग ने BBMP के अधिकारियों से मुलाकात कर ईदगाह मैदान के आसपास CCTV कैमरे लगाने का फैसला किया है। पुलिस अधिकारी ने कहा, “मैदान वाली जगह के चारों ओर 12 सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं। इन कैमरों की क्षमता 4MP जूम और 4K क्लियरिटी है, जो कंपाउंड की निगरानी का काम करेंगे। इसके फुटेज तक चामराजपेट पुलिस स्टेशन की पहुँच होगी।”

इसी क्रम में गुरुवार (9 जून 2022) को सेंट्रल मुस्लिम एसोसिएशन (CMA) ने ईदगाह मैदान पर दावा करते हुए BBMP के समक्ष कागजी रिकॉर्ड पेश किए। इस मामले में शुक्रवार (10 जून 2022) को मुस्लिमों ने कहा कि विवादित जगह पर सीसीटीवी लगाए जाने को लेकर वे अनजान हैं, लेकिन वे इसका विरोध नहीं करेंगे, क्योंकि इससे सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

गौरतलब है कि हिन्दू पक्ष लगातार ईदगाह मैदान को स्वतंत्रता दिवस, अंतरराष्ट्रीय योग दिवस, गणेश उत्सव समेत दूसरे आयोजनों के लिए खोलने की माँग करता रहा है। इस मसले पर BBMP के मुख्य आयुक्त तुषार गिरिनाथ ने पहले संकेत दिया था कि कुछ रिकॉर्ड में जमीन बीबीएमपी संपत्ति के रूप में लिस्टेड है। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कुछ दस्तावेज गायब थे।

वहीं, सेंट्रल मुस्लिम एसोसिएशन (CMA) ने दावा किया है कि यह जमीन उसकी है। उसने तपल के माध्यम से 1965 से राजपत्र अधिसूचना दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, जो साबित करते हैं कि भूमि उसके नियंत्रण में है।

स्पेशल कमिश्नर और पश्चिम क्षेत्र के प्रभारी एसएम श्रीनिवास ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सब कुछ किया जा रहा है।

उमर मोहम्मद ने 9 साल के हिन्दू बच्चे को गोद लिया, खतना कर के कबूल करवाया इस्लाम: रोज करता था टॉर्चर, यूपी पुलिस ने दबोचा

UP के गाजियाबाद में उमर मोहम्मद नाम के एक व्यक्ति पर गोद लिए एक मुस्लिम बच्चे का खतना करने का आरोप लगा है। हालाँकि पुलिस के पूछे जाने पर उमर मोहम्मद बच्चे के जरूरी कागजात नहीं दिखा पाया। पीड़ित बच्चे की उम्र महज 9 साल है। पुलिस ने आरोपित उमर मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में 4 अन्य आरोपित अभी फरार हैं। उमर ने बच्चे को 7 जून को उसे पालने-पोषने वाले मिथलेस और सोनी से गोद लिया था।

घटना कवि नगर थाना क्षेत्र के लोहामंडी की बताई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरोपित उमर मूल रूप से UP के ही बुलंदशहर का निवासी है। पीड़ित लड़का मूल रूप से बिहार का बताया जा रहा है। बच्चे के माता-पिता की मौत एक सड़क हादसे में काफी पहले हो गई थी। तब पीड़ित लड़का काफी छोटा था। इसके बाद से ही मिथलेश और सोनी नाम के पति-पत्नी उसकी देखभाल कर रहे थे।

कुछ समय बाद इन दोनों पति-पत्नी ने बच्चे को उमर मोहम्मद को दे दिया। एक रिपोर्ट के मुताबिक, उमर मोहम्मद बच्चे को लगातार टार्चर कर रहा था। उसके साथ रोजाना मार-पीट की जाती थी। उसके शरीर पर चोट के निशान मिलने का भी दावा किया गया है। कुछ लोगों का दावा है कि उन्होंने उमर को बच्चे का धर्मांतरण करवाने से मना किया पर वो नहीं माना। इस पूरे मामले की गाजियाबाद पुलिस को शिकायत ट्वीट के माध्यम से हुई थी। इसके बाद पुलिस ने बच्चे को रेस्क्यू करवाया।

वहीं दैनिक जागरण के मुताबिक, अभी तक बच्चे के पिता की जानकारी नहीं हो पाई है और बचपन में उसकी माँ की मृत्यु होने पर उसने पिता पर खुद को मुस्लिम व्यक्ति के हाथों बेचने का आरोप लगाया है। लोहामंडी चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर इस मामले में शिकायतकर्ता हैं। उन्होंने इस केस में उमर मोहम्मद, बच्चे को उमर मोहमद को सौंप देने वाली सोनी उर्फ़ कुन्नी देवी, उनके पति मिथलेश यादव और मोहम्मद उमर की बीवी बबली को आरोपित किया है। मोहम्मद उमर की गिरफ्तारी के बाद पुलिस बाकी आरोपितों की भी गिरफ्तारी के भी प्रयास कर रही है।

बताया जा रहा है कि मोहम्मद उमर उर्फ़ जुल्फिकार ने बच्चे को सिर्फ नोटरी के माध्यम से गोद लिया था। जबकि नियमानुसार केंद्रीय दत्तक ग्रहण संसाधन प्राधिकरण (कारा) की वेबसाइट पर आवेदन कर के ही बच्चा गोद लिया जा सकता है। गुरुवार (9 जून 2022) को बच्चे को बाल कल्याण समिति ने बाल संरक्षण गृह भेज दिया गया है। बच्चे की काउंसिलिंग भी करवाई जा रही है। खबर है कि बच्चे के कोर्ट में बयान के बाद आरोपितों पर मानव तस्करी की भी धारा बढ़ाई जा सकती है।

‘गोमूत्र पीने वाले, तुम्हारा सिर कलम होगा’: लगातार धमकियों के बाद नवीन जिंदल का परिवार सहित दिल्ली से पलायन, कह रहे कट्टरपंथी – बच्चों को भी नहीं छोड़ेंगे

पैगंबर मुहम्मद पर टिप्पणी के मामले में भाजपा से निलंबित किए जा चुके पार्टी के दिल्ली प्रदेश प्रवक्ता रहे नवीन जिंदल को लगातार इस्लामी चरमपंथियों द्वारा जान से मार डालने की धमकी मिल रही है। उन्होंने ‘+91 8986133931’ मोबाइल नंबर से आए फोन कॉल का स्क्रीनशॉट पोस्ट करते हुए लिखा कि उन्हें और उनके परिवार के सदस्यों की हत्या की धमकी दी गई है। उन्होंने पुलिस नियंत्रण कक्ष को इस सम्बन्ध में जानकारी दे दी है। इन धमकियों के कारण नवीन जिंदल और उनके परिवार को दिल्ली छोड़ने को मजबूर होना पड़ा है।

उन्होंने बताया कि कुछ लोग उनका पीछा कर रहे थे और उनकी रेकी भी की गई है। उन्होंने ट्विटर पर दिल्ली के उप-राज्यपाल विनय कुमार सक्सेना, पूर्वी दिल्ली के DCP और दिल्ली के कमिश्नर को ट्विटर पर टैग करते हुए कार्रवाई की माँग की। हालाँकि, ये पहली बार नहीं है जब उन्हें धमकी मिली हो। उन्हें पिछले कई दिनों से ऐसी धमकियाँ मिल रही हैं। धमकी वाला ताज़ा फोन कॉल उन्हें शनिवार (11 जून, 2022) को सुबह 11;38 बजे आया। उन्होंने बताया कि उनका सिर कलम करने पर इनाम भी रखा गया है।

नवीन जिंदल ने ट्वीट कर के लोगों से निवेदन किया था, “मेरा सभी से पुनः विनम्र निवेदन है कि मेरी और मेरे परिवार के सदस्यों की किसी भी प्रकार की जानकारी किसी से भी साझा ना करें। मेरे निवेदन करने पर भी कई लोगों मेरे निवास का पता सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे है। इस्लामिक कट्टरपंथियों से मेरे परिवार की जान को खतरा है।” इसके अलावा उन्होंने सोशल मीडिया पर मैसेज्स के जरिए मिल रही धमकियों के स्क्रीनशॉट्स भी साझा किए।

इसमें देखा जा सकता है कि खालेधा एमजे नाम के एक यूजर ने लिखा है, “तुम एक सप्ताह के भीतर मारे जाओगे। तैयार रहो।” शहादत हुसैन नाम शख्स ने उन्हें लिखा है, “तुम्हारी हत्या कर दी जाएगी। अपने घर से निकलो बस। तुम्हें गोली मारूँगा।” एक अन्य उर्दू नाम वाले व्यक्ति ने उन्हें धमकाया, “अरे ओ गाय की पूजा करने वाले, हम जल्द ही तुम्हारे और तुम्हारे बच्चों के सिर काट कर धड़ से अलग कर देंगे।” एक अन्य यूजर ने भी उन्हें धमकी दी।

खुर्रम ने लिखा, “ह$#मजादे, कुत्ते के बच्चे। गाय का मूत्र पीने वाले, कु$$ के बच्चे, मदर फक%, मैं अपने सारे संसाधनों का उपयोग कर के तुम्हें और तुम्हारे परिवार को ढूँढ निकालूँगा और तुमलोगों को कुत्ते की मौत मारूँगा। अगर मेरे मारने से पहले तुम मर गए तो तुम्हारे परिजनों को मारूँगा। मैं अपने बच्चों-पोतों तक को तुम्हारे परिवार की सूची दे दूँगा, ताकि वो तुम्हारी आने वाली पीढ़ियों को मारें।” कई अन्य कट्टरपंथी मुस्लिम यूजर्स ने भी उन्हें गालियाँ बकी।