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भाजपा ने प्रवक्ता नूपुर शर्मा और नवीन जिंदल को किया सस्पेंड: पार्टी ने कहा- ‘BJP किसी भी धार्मिक व्यक्तित्व के अपमान की कड़ी निंदा करती है’

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने रविवार (5 जून 2022) को एक प्रेस रिलीज जारी किया। इसमें कहा गया है कि पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है और यह उस विचारधारा के खिलाफ है, जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान या फिर नीचा दिखाती है। कथित ‘ईशनिंदा’ को लेकर इस्लामवादियों द्वारा भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता नूपुर शर्मा को दी गई धमकियों के बीच यह प्रेस विज्ञप्ति जारी की गई। इस रिलीज के बाद भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय प्रवक्ता नुपुर शर्मा और नवीन कुमार जिंदल को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर दिया है।

निलंबन पत्र में, भाजपा ने शर्मा से कहा कि उन्होंने पार्टी के संविधान का उल्लंघन करने वाले विभिन्न मामलों पर पार्टी के विपरीत विचार व्यक्त किए हैं। हालाँकि पार्टी की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन माना जाता है कि शर्मा के खिलाफ कार्रवाई टाइम्स नाउ पर एक डिबेट के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ उनके बयान के संदर्भ में की गई है।

इससे पहले बीजेपी की तरफ से जारी प्रेस रिलीज पर राष्ट्रीय महासचिव अरुण सिंह ने हस्ताक्षर किया था। इसमें पार्टी की तरफ से कहा गया था, “भारत के हजारों वर्षों के इतिहास के दौरान, हर धर्म फला-फूला और विकसित हुआ। भारतीय जनता पार्टी सभी धर्मों का सम्मान करती है। भाजपा किसी भी धर्म के किसी भी धार्मिक व्यक्ति के अपमान की कड़ी निंदा करती है।”

बीजेपी की ओर से जारी प्रेस रिलीज (साभार: BJP.org)

उन्होंने आगे कहा, “भारतीय जनता पार्टी ऐसी किसी भी विचारधारा के खिलाफ है जो किसी भी संप्रदाय या धर्म का अपमान करती है। भाजपा ऐसे लोगों या सिद्धांत को बढ़ावा नहीं देती है। भारत का संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी पसंद के किसी भी धर्म का पालन करने और हर धर्म का सम्मान करने का अधिकार देता है।”

भारत की स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगाँठ के बारे में बोलते हुए, उन्होंने कहा, “भारत अपनी स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष का जश्न मना रहा है, हम भारत को एक महान देश बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ सभी समान हैं और हर कोई सम्मान के साथ रहता है, जहाँ सभी भारत की एकता और अखंडता के लिए प्रतिबद्ध हैं, जहाँ सभी उन्नति और प्रगति के फल का आनंद लेते हैं।”

नूपुर शर्मा के खिलाफ धमकी

गौरतलब है कि भाजपा प्रवक्ता नूपुर शर्मा को मौत की धमकियाँ 27 मई 2022 से मिलनी शुरू हुईं। तब उन्होंने कहा था कि हिन्दू धर्म की आस्थाओं का मजाक उड़ाने पर लोग इस्लामी मान्यताओं का भी मजाक उड़ा सकते हैं। इस पूरे बहस की एक क्लिप निकाल कर ऑल्ट न्यूज़ के कथित फैक्ट चेकर मोहम्मद जुबेर ने वायरल कर दी। थोड़ी ही देर में नूपुर शर्मा को मौत और बलात्कार की धमकियाँ मिलनी शुरू हो गई थी। इस मामले में लोगों को नूपुर के खिलाफ भड़काने में मोहम्मद जुबेर का साथ राणा अयूब ने भी दिया। हालाँकि मोहम्मद जुबैर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

नूपुर शर्मा के खिलाफ तीन FIR दर्ज की गई हैं। पहली FIR 29 मई को संदिग्ध इस्लामिक संगठन रजा अकादमी की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। दूसरी FIR उनके खिलाफ मुंब्रा के एक मोहम्मद गुरफान की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई थी। तीसरी FIR हैदराबाद में दर्ज की गई थी और इसे एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा सोशल मीडिया पर साझा किया गया था। शर्मा को न केवल भारत बल्कि पाकिस्तान से भी जान से मारने की धमकी मिली है। उनके खिलाफ ईनाम की भी घोषणा की गई है।

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का बयान

बता दें कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) ने गुरुवार (2 जून 2022) को नागपुर में संघ के तृतीय वर्ष प्रशिक्षण समारोह के समापन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञानवापी जैसे देवस्थल जिनसे हिंदुओं की श्रद्धा जुड़ी हुई है उनका समाधान आपसी सह​मति से होना चाहिए। ऐसा नहीं होने पर अदालत का फैसला सबको मानना चाहिए। 

भागवत ने कहा, “अभी ये प्रकरण निकल रहे हैं। ज्ञानवापी का मुद्दा चल रहा है। अब ऐसे मुद्दे हैं, एक इतिहास तो है, उसको हम बदल नहीं सकते। वो इतिहास हमने नहीं बनाया। न आज के अपने आपको हिन्दू कहलाने वालों ने बनाया, न आज के मुसलमानों ने बनाया। उस समय घटा। इस्लाम बाहर से आया, आक्रामकों के हाथ आया। उस आक्रमण में भारत की स्वतंत्रता चाहने वालों का मनोबल गिराने के लिए देवस्थान तोड़े गए। हजारों हैं। हिन्दू समाज का विशेष ध्यान जिन पर है, विशेष श्रद्धा जिनके बारे में हैं। ऐसे कुछ हैं, उसके बारे में मामले उठते हैं। अब इसका विचार क्या करना, ये मुसलमानों के विरूद्ध नहीं सोचता हिन्दू। आज के मुसलमानों के उस समय पूर्वज भी हिन्दू थे। उन सब को स्वतंत्रता से चिरकाल तक वंचित रखने के लिए उनका मनो-धैर्य दबाने के लिए किया गया, इसलिए हिन्दू को लगता है कि इसका पुनरुद्धार होना चाहिए।”

‘मैं सचिन को मारना चाहता था, एक गेंद उनके सिर पर लगी तो मैं बोला कि हो गया काम’: पाकिस्तानी गेंदबाज का सनसनीखेज खुलासा

सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) को आउट करना हर गेंदबाज का सपना रहता था और अपने करियर में एक बार जरूर ऐसा करना चाहता था। लेकिन, पाकिस्तान के तेज गेंदबाज शोएब अख्तर (Shoaib Akhtar) ने एक सनसनीखेज खुलासा किया है। शोएब अख्तर ने बताया कि साल 2006 में वह सचिन को आउट नहीं, चोटिल करना चाहते थे।

2006 में भारत और पाकिस्‍तान के बीच कराची में तीसरा टेस्‍ट मैच खेला जा रहा था। अख्‍तर ने अब स्‍पोर्ट्सकीड़ा के साथ बातचीत में स्‍वीकार किया है कि उनका इरादा सचिन को आउट करना नहीं, बल्कि उन्हें चोटिल करना था। अख्‍तर ने कहा, “मैं पहली बार इसका खुलासा कर रहा हूँ। मैं वाकई सचिन को मारना चाह रहा था। मैं इस बात के लिए दृढ़़ संकल्प था कि मुझे किसी भी कीमत पर सचिन को चोट पहुँचानी है।”

उन्होंने कहा, “इंजमाम ने मुझसे कई बार कहा कि गेंद को स्टंप टू स्टंप रखो, लेकिन मैं तो सचिन को चोट पहुँचाने पर अमादा था। मैंने एक गेंद उनके हेलमेट पर मारी और मुझे लगा कि वे गए, मर गए। लेकिन, फिर जब मैंने वीडियो देखा तो पाया कि सचिन ने अपना सिर बचा लिया था।”

अख्‍तर ने आगे कहा कि जहाँ तेंदुलकर को चोटिल करने के उनके प्रयास जारी रहे, वहीं मोहम्‍मद आसिफ ने अन्‍य भारतीय बल्‍लेबाजों को तंग किया। शोएब ने कहा, “मैंने दोबारा सचिन तेंदुलकर को चोटिल करने की कोशिश की। दूसरी तरफ से भारतीय बल्‍लेबाज आसिफ की गेंदबाजी के शिकार बनते गए। मुझे दुर्लभ ही याद है कि उस दिन आसिफ से बेहतरीन किसी और ने गेंदबाजी की हो।”

यह वो टेस्‍ट मैच है, जिसमें इरफान पठान ने पहले ही ओवर में सलमान बट, यूनिस खान और मोहम्‍मद यूसुफ को आउट करके हैट्रिक पूरी की थी। भारत को इस टेस्‍ट में 341 रन की शिकस्‍त मिली थी, जिससे वह तीन मैचों की सीरीज में 0-1 से पिछड़ गया था।

‘हिम्मत बढ़ गई है, गर्दन रेतवाने के लिए तैयार रहो’: कृष्ण जन्मभूमि के याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह को जामा मस्जिद के इमाम ने दी धमकी, FIR

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के मथुरा श्री कृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद विवाद मामले में हिन्दू पक्ष की ओर से वकील और याचिकाकर्ता महेंद्र प्रताप सिंह को कथित तौर पर हत्या की धमकी दिए जाने का मामला प्रकाश में आया है। हत्या की धमकी देने का आरोप जामा मस्जिद इंतजामिया कमेटी आगरा के अध्यक्ष मोहम्मद जाहिद कुरैशी पर लगा है।

कुरैशी का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने धमकी दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में कुरैशी के खिलाफ इंडियन पीनल कोड की धारा 153 (उकसाने), 153A (शत्रुता को बढ़ावा देना), 506 (आपराधिक धमकी) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 67 के तहत मंटोला पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है।

इस बीच महेंद्र प्रताप सिंह ने हत्या की धमकी मिलने के बाद पुलिस से सुरक्षा की माँग की है। एबीपी न्यूज से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मैं शाही ईदगाह मामले में एक वकील और याचिकाकर्ता हूँ। मुझे कुछ लोगों से धमकियाँ मिली हैं। इसलिए मैंने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई है।”

उन्होंने कहा, “मैंने एएसआई को कानूनी नोटिस भेजकर आगरा के शाही जामा मस्जिद परिसर में बेगम साहिबा मस्जिद की सीढ़ियों के नीचे दबाई गई भगवान श्रीकृष्ण की मूर्तियों को वापस किए जाने की माँग की है। जाहिद कुरैशी ने मुझे जान से मारने की धमकी दी है और इसलिए मुझे सुरक्षा कवर की आवश्यकता है।”

इस बीच आगरा जिले के एसएसपी सुधीर कुमार सिंह ने जाहिद कुरैशी के भड़काऊ बयान की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि जाहिद कुरैशी ने शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद आगरा की जामा मस्जिद में भड़काऊ टिप्पणी की थी। उसके भाषण की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थी। हिन्दुस्तान टाइम्स से बात करते हुए पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम दूसरों को सांप्रदायिक रूप से भड़काऊ बयान देने और उसे सोशल मीडिया पर डालने के खिलाफ भी चेतावनी देते हैं। क्योंकि अब इन लोगों से सख्ती से निपटा जाएगा।”

बता दें कि जाहिद कुरैशी का जो बयान वायरल हो रहा है। इसमें कुरैशी को कहते सुना जा सकता है, “चाहे ये हिन्दुस्तान की किसी भी एजेंसी को लेकर आ जाएँ। उस दिन हम सबको अपने गले रेतवाने हैं यहाँ पर। तब जाकर ये मस्जिद की खुदाई करें। ये हर जगह ऐसा करते आ रहे हैं और इनके हौसले बढ़ गए हैं।” कुरैशी ने महेंद्र प्रताप को अंजाम भुगतने की भी धमकी दी है।

वहीं वीडियो वायरल होने के बाद जाहिद कुरैशी ने अपने बचाव में कहा, “मंदिर या मस्जिद के इन मुद्दों में भाजपा शामिल नहीं हो रही है, बल्कि महेंद्र प्रताप सिंह जैसे लोग हैं जो आगरा में शाही जामा मस्जिद खोदने के बारे में इस तरह के बयान जारी कर रहे हैं। हम किसी सरकार या राष्ट्र के खिलाफ नहीं हैं, बल्कि महेंद्र प्रताप सिंह जैसे व्यक्तियों के खिलाफ हैं।”

केजरीवाल ने कश्मीर में हिंदुओं की टारगेट किलिंग पर केंद्र को घेरा, मगर इस्लामिक आतंकियों पर साधी चुप्पी

कश्मीरी हिंदुओं के नरसंहार-पलायन के मुद्दे पर सदन में ठहाके लगाने वाले दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के मुखिया अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने जन आक्रोश रैली निकाला है। AAP ने इसके माध्यम से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली। 

सीएम केजरीवाल ने 1990 के दशक से लेकर अभी की परिस्थितियों के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। हालाँकि, हैरत की बात यह है कि इस दौरान उन्होंने कट्टरपंथी इस्लाम के बारे में एक शब्द भी नहीं बोला। उन्होंने कश्मीर में हो रहे टारगेट किलिंग को लेकर अपने संबोधन में इस्लामी आतंकियों को जिम्मेदार नहीं ठहराया। 

केजरीवाल ने 1990 में कश्मीरी हिंदुओं के साथ हुए बर्बरता के लिए भी भाजपा पर ही निशाना साधा, न कि कट्टरपंथी इस्लाम या इस्लामी आतंकियों पर। उनके मुँह से एक बार भी ये नहीं निकला कि 1990 में इस्लामी आतंकियों ने किस तरह से कश्मीरियों का नरसंहार किया, उनकी माँ-बहन के साथ गैंगरेप करके जिंदा मार डाला, किस तरह से मस्जिदों से भागने या फिर मरने के लिए तैयार रहने का फरमान जारी किया गया। केजरीवाल का भाषण पूरी तरह से भाजपा पर हमला करने पर केंद्रित रहा।

अगर यह कहा जाए कि उन्होंने कश्मीरी पंडितों के पलायन और विवशता को मुद्दा बनाकर अपनी राजनीति की रोटी सेंकने का काम किया तो शायद गलत नहीं होगा। केजरीवाल ने एक बार फिर से इस मुद्दे को राजनीति में घसीटने का काम किया।

इस दौरान केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि आज कश्मीर में 1990 का दौर फिर से लौट आया है। कश्मीर में फिर से कश्मीरी पंडितों को चुन-चुन कर मारा जा रहा है। भाजपा सरकार उनकी रक्षा करने में पूरी तरह फेल हो चुकी है। कश्मीर में जो हो रहा है, उसको लेकर हर भारतीय के मन में गुस्सा, चिंता और दुख है।

उन्होंने आगे कहा कि आज फिर कश्मीरी पंडित अपनी जन्मभूमि छोड़ने के लिए मजबूर हो गए हैं। जब कश्मीरी पंडित टारगेट किलिंग का विरोध करते हैं तो कश्मीर में वर्तमान भाजपा सरकार उन्हें विरोध करने की अनुमति नहीं देती है। अगर सरकार इस तरह व्यवहार करती है तो लोगों की पीड़ा दोगुनी हो जाती है।

केजरीवाल ने कहा कि भाजपा सरकार के पास कोई योजना नहीं है। जब भी घाटी में कोई हत्या होती है तो खबर आती है कि गृह मंत्री ने एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इन बैठकों से कुछ नहीं होगा, अब हमें कार्रवाई की जरूरत है। कश्मीर कार्रवाई चाहता है। कश्मीरी पंडितों की सुरक्षा के करने में भाजपा सरकार विफल रही है, लेकिन आम आदमी पार्टी कश्मीरी पंडितों के साथ खड़ी है। कश्मीर में जो हो रहा है उसे देखकर देश के लोग दुखी हैं।

उन्होंने कहा, “आज हम केंद्र सरकार के सामने 4 माँग रखते हैं। पहली- भाजपा की केंद्र सरकार देश के सामने कश्मीरी पंडितों, हिंदुओं और फौज की सुरक्षा का प्लान रखे। दूसरी- ये बॉन्ड रद्द किया जाए। तीसरी- कश्मीरी पंडितों की हर माँग पूरी की जाए और चौथी माँग है कि इनको सुरक्षा प्रदान की जाए।”

बता दें कि ये वही अरविंद केजरीवाल हैं, जिन्होंने कश्मीर नरसंहार और पलायन पर बनी फिल्म ‘द कश्मीर फाइल्स‘ (The Kashmir Files) को झूठी फिल्म बताते हुए राज्य में टैक्स फ्री करने से इनकार कर दिया था। इतना ही नहीं, उन्होंने विधानसभा में फिल्म को टैक्स फ्री करने की बजाय यूट्यूब पर डालने की सलाह भी दी थी। इस दौरान केजरीवाल और उनके विधायकों ने जमकर ठहाके लगाए।

इसके बाद नेटिजन्स ने याद दिलाया था कि कैसे उन्होंने स्वरा भास्कर की ‘नील बट्टे सन्नाटा’, आमिर खान की ‘पीके’, तापसी पन्नू की ‘सांड की आँख’, शाहिद कपूर-करीना कपूर खान की ‘उड़ता पंजाब’, रणबीर सिंह की ‘83’ के अलावा ‘हमने गाँधी को मार दिया’, ‘सीक्रेट सुपरस्टार’, ‘गब्बर इज बैक’, ‘मॉम’ जैसी फिल्मों को टैक्स फ्री कर दिया था।

दिल्ली के डिप्टी CM सिसोदिया को असम के CM सरमा ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी: कहा- भ्रष्टाचार नहीं, यह मानवता

5 जून को असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया द्वारा लगाए गए आरोपों को लेकर दस्तावेज जारी किए। एक ट्वीट में सीएम सरमा ने कहा, “कंपनी ने असम के एनएचएम को लिखा कि कोविड वॉरियर्स के लिए लगभग 1,500 पीपीई किट की आपूर्ति को सीएसआर योगदान के रूप में माना जाना चाहिए और इसलिए सरकार द्वारा एक भी रुपये का भुगतान नहीं किया जाना चाहिए।”

सीएम सरमा ने अपनी पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की कंपनी जेसीबी इंडस्ट्रीज द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) असम को भेजे गए 26 मार्च 2020 के पत्र की स्कैन फोटो भी जोड़ा है। पत्र में जेसीबी इंडस्ट्रीज ने एनएचएम से कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) के तहत 1485 पीपीई किट स्वीकार करने का अनुरोध किया था। पत्र में लिखा है, “हमने एमरेलिस हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड की कुल 1485 पीपीई किट वाली एक खेप पहुँचाई है।”

सीएम सरमा ने 4 जून को डिप्टी सीएम सिसोदिया पर बदनाम करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। यह सब तब शुरू हुआ जब वामपंथी मीडिया पोर्टल ‘द वायर’ ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की, जिसमें आरोप लगाया गया कि सीएम सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा की स्वामित्व वाली एक फर्म को पीपीई किट और कोविड-19 संबंधित अन्य सामानों का आवश्यक प्रक्रियाओं का पालन किए बिना आपूर्ति करने का आदेश दिया गया था।

रिंकी भुइयां सरमा ने द वायर की रिपोर्ट में लगाए गए आरोपों का खंडन किया और कहा कि उन्होंने पीपीई किट की आपूर्ति के लिए एक पैसा भी नहीं लिया। उसने कहा कि उसने सीएसआर के तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को पीपीई किट दान की थी और उसके लिए कोई भुगतान नहीं लिया गया था।

वायर की रिपोर्ट का उपयोग करते हुए 4 जून 2022 को दिल्ली के उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और हिमंत बिस्वा सरमा पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि हिमंत बिस्वा सरमा ने उनकी पत्नी और करीबी सहयोगियों के स्वामित्व वाली कंपनियों को सरकारी खरीद के ठेके दिए। उन्होंने इसकी कॉपी भी पोस्ट की।

इन आरोपों का जवाब देते हुए, हिमंत बिस्वा सरमा ने अपने ट्विटर हैंडल पर पोस्ट किया, “ऐसे समय में जब पूरा देश 100 से अधिक वर्षों में सबसे खराब महामारी का सामना कर रहा था, असम के पास शायद ही कोई पीपीई किट था। मेरी पत्नी ने आगे आने का साहस किया और जान बचाने के लिए सरकार को लगभग 1500 मुफ्त में दान दिया। उसने एक पैसा भी नहीं लिया।”

अमेरिका में फिर गोलीबारी, फिलाडेल्फिया में 3 की मौत, 11 घायल: 12 दिन में दूसरी बार मौत का तांडव, टेक्सास में भी हुई थी ऐसी ही घटना

अमेरिका (Amrica) में गन कल्चर वहाँ जिंदगियों पर भारी पड़ रहा है। टेक्सास की घटना के जख्मों को संभवत: अभी अमेरिकी भुला भी न पाए होंगे कि फिलाडेल्फिया में भी इसी तरह की घटना हुई है। यहाँ शनिवार (4 जून 2022) की देर रात फिलाडेल्फिया में साउथ स्ट्रीट पर जमा भीड़ पर अज्ञात बंदूकधारियों ने अंधाधुंध फायरिंग (Philadelphia Mass Shooting) कर दी। इस हमले में कुल 14 लोगों को गोली मारे जाने की खबर है, जिसमें से 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 11 लोग बुरी तरह से घायल हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक, घायलों का अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। फिलाडेल्फिया पुलिस ने कहा कि घटना आधी रात से कुछ देर पहले करीब 11 बजे साउथ स्ट्रीट के 200 ब्लॉक पर हुई। इसको लेकर फिलाडेल्फिया के पुलिस निरीक्षक डी एफ पेस ने कहा कि एक अधिकारी ने घटनास्थल पर देखा कि कई बंदूकधारियों ने लोगों की भीड़ पर गोलियाँ चलाईं। हालाँकि, आरोपित वारदात को अंजाम देने के बाद वहाँ से फरार हो गया। पुलिस को घटनास्थल से दो बंदूकें मिली हैं।

पुलिस अधिकारी का कहना है कि इस घटना में मारे गए लोगों में 2 पुरूष और एक महिला थी। महिला को कई गोलियाँ मारी गई थीं। घायल अवस्था में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उसे बचाया न जा सका। पेस के मुताबिक, लोग सप्ताहांत की तरह ही साउथ स्ट्रीट पर घूमने के लिए इकट्ठे हुए थे।

टेक्सास में भी हुआ था ऐसा हमला

इससे पहले अमेरिका के टेक्सास राज्य में मंगलवार (24 मई, 2022) को एक स्कूल में 18 साल के युवक ने छात्रों और टीचरों को निशाना बनाते हुए अंधाधुन फायरिंग की थी। घटना में 18 छात्र समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी। इनमें 3 टीचर्स भी थे। कुल 13 बच्चे, स्कूल के स्टाफ मेंबर और पुलिसवाले भी फायरिंग में घायल हुए। जानकारी सामने आई थी कि युवक ने AK-47 स्कूल में चलाने से पहले इसका प्रयोग घर में किया था और पहले अपने दादी को गोली मार चुका था।

सरकारी स्कूल को बनाएँ शानदार, CM योगी ने किया था आह्वान: 5000+ अधिकारियों और नेताओं ने बढ़ाया हाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 माह पहले राजपत्रित अधिकारियों से सरकारी स्कूलों को गोद लेने की अपील की थी। इस अपील में स्कूलों के अंदर शिक्षा व्यवस्था के सुधार के साथ छात्रों की अन्य सुविधाओं में सहयोगी बनने की अपील की गई थी। इस अपील के महज 2 माह के अंदर शिक्षा विभाग को 4640 आवेदन मिले हैं जो स्कूलों में बदलाव में भागीदारी करना चाहते हैं। इन आवेदनों को करने वालों में विधायक, सांसद और कई अन्य जन प्रतिनिधि भी शामिल हैं।

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक जिन 3 जिलों में स्कूलों को गोद लेने के सबसे अधिक आवेदन आए वो जौनपुर, बांदा और कानपुर नगर हैं। जौनपुर में 179, बांदा में 178 और कानपुर नगर में 176 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इस लिस्ट में अमेठी, रायबरेली, शामली, गोरखपुर,फ़िरोज़ाबाद, महराजगंज, मुजफ्फरनगर और प्रतापगढ़ काफी पीछे रहे। इन जिलों में आवेदनों की संख्या दहाई अंकों तक भी नहीं पहुँच पाई।

दरअसल 31 मार्च 2022 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘स्कूल चलो अभियान’ के तहत उन्होंने तमाम जनप्रतिनिधियों से स्कूलों के विकास में भागीदारी की अपील की थी।

कुछ ही समय बाद उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव डी एस मिश्रा ने भी एक आदेश जारी करके कायाकल्प प्रोजेक्ट के तौर पर स्कूलों के विकास में हिस्सेदारी करने के लिए कहा था। यह सरकार की सबसे बड़ी अंतरविभागीय योजनाओं में से एक है।

स्कूलों के इस विकास की भागीदारी में छात्रों को साफ़ सुथरा शैक्षणिक वातावरण देने और उनकी पढ़ाई की मूलभूत जरूरतों को पूरा करना शामिल था। इस भागीदारी में स्कूल के भवन निर्माण, उनको पंखे बिजली के सामान और डेस्क आदि देना, बच्चों के लिए खेल का सामान उपलब्ध करवाना, क्लासरूम को डिजिटल और स्मार्ट क्लास रूम बनाने के लिए ऑडियो-वीडियो उपकरण देना शामिल है।

भगवा गमछा, पगड़ी और झंडा, ‘जय श्री राम’ के नारे के साथ जामा मस्जिद में पूजा करने निकले हिन्दू संगठन: कर्नाटक पुलिस ने रोका

वाराणसी में ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के अंदर से शिवलिंग मिलने के बाद देश के बाकी हिस्सों में मस्जिदों का सर्वे की माँग उठ रही है। इसी क्रम में कर्नाटक (Karnataka) के मांड्या जिले में विश्व हिन्दू परिषद (VHP) और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने श्रीरंगपटना स्थित जामा मस्जिद (Jama Masjid ) में पूजा करने के लिए रविवार (5 जून 2022) को एक बाइक रैली निकाली। भगवा गमछा, भगवा पगड़ी और भगवा झंडा लिए ‘जय श्री राम’ के नारे लगाते हुए विहिप के कार्यकर्ता आगे बढ़ रहे थे, लेकिन जामा मस्जिद पहुँचने से पहले ही पुलिस अधिकारियों ने हिन्दुओं की रैली को रोक दिया।

रिपोर्ट के मुताबिक, हिन्दू संगठनों ने ‘श्रीरंगपटना चलो’ नाम से ये रैली निकाली। रैली में राम भजन के साथ ही हनुमान चालीसा का भी पाठ किया गया। इस रैली का आह्वान बजरंग दल ने किया था। लेकिन जब पुलिस अधिकारियों ने हिन्दुओं को रोका तो भीड़ के कारण बेंगलुरु-मैसूर और मैसूर-पांडवपुरा हाईवे जाम हो गया। हिन्दू संगठनों ने उन्हें मस्जिद की ओर जाने देने की माँग की। मांड्या जिले के एसपी पी यतीश ने धारा 144 का उल्लंघन करने वालों को गिरफ्तार करने की चेतावनी दी और ट्रैफिक बहाल करने के लिए सभी को किरांगुर शहर ले जाया गया।

दूसरी ओर हंगामे के बाद भी मुस्लिम मौलवियों ने मस्जिद परिसर में स्थित मदरसे में छात्रों के लिए कक्षाएँ संचालित कीं। इसके विरोध में हिन्दू कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और सरकार पर मस्जिद के अंदर मदरसे को चलने देने का आरोप लगाया।

क्या है पूरा मामला

कर्नाटक के श्रीरंगपटना में स्थित जामा मस्जिद को लेकर विश्व हिंदू परिषद का दावा है कि यहाँ पहले मंदिर था, जिसे टीपू सुल्तान ने गिराकर मस्जिद बनाई थी। हिंदू संगठनों ने भी ज्ञानवापी की तर्ज पर जामा मस्जिद के सर्वेक्षण की माँग को लेकर अदालत का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। विहिप और बजरंग दल ने 20 मई को मांड्या जिला कमिश्नर को एक ज्ञापन सौंपकर माँग की कि जामा मस्जिद में ज्ञानवापी की तर्ज पर सच्चाई का पता लगाने के लिए एक सर्वेक्षण किया जाए। अब विहिप ने जामा मस्जिद में घुसकर पूजा करने का ऐलान कर दिया है।

हिन्दू संगठनों के इस ऐलान के बाद 3 जून को पुलिस ने आनन फानन में पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दी थी।

1 ओवर, 6 छक्के और 436 से अधिक का स्ट्राइक रेट: पुडुचेरी टी10 क्रिकेट लीग में इस खिलाड़ी ने हासिल की असाधारण उपलब्धि

क्रिकेट में एक ही ओवर में 6 छक्के लगाने की बात जब भी होती है तो सबसे पहला नाम युवराज सिंह का आता है। लेकिन अब इसी तरह की उपलब्धि कृष्णा पांडे (Krishna Pandey) नाम के खिलाड़ी ने हासिल की है। पुडुचेरी (Pondicherry) में चल रही टी10 लीग में रॉयल्स और पैट्रियोट के बीच खेले गए मैच के दौरान पांडे ने ये उपलब्धि हासिल की।

पुडुचेरी में मैच के दौरान टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए रॉयल्स की टीम ने 157 रन 3 विकेट के नुकसान पर बनाए। इस दौरान सलामी बल्लेबाज आर रघुपति ने 30 गेदों में 84 रनों की ताबड़तोड़ नाबाद पारी खेली। उनके अलावा टीम की तरफ से प्रियम आशीष और संतोष कुमारन ने भी अच्छा प्रदर्शन किया।

इसके बाद बैटिंग करने उतरी पैट्रियोट की टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम पाँच ओवर में तीन विकेट खोकर संघर्ष कर रही थी। इसके बाद आए कृष्णा पांडे ने पारी को संभाला। उन्होंने मात्र 19 गेंदों में 83 रनों की अविश्वसनीय पारी खेल कर सभी को सकते में डाल दिया। इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट 436.80 का रहा है। अपनी इस पारी में पांडे ने 12 छक्के और दो चौके भी जड़े। कुछ देर और टिकते तो शायद वो अपनी टीम को जीत दिला ले जाते, लेकिन रॉयल्स के गेंदबाज अरविंदराज ने उन्हें आउट कर पवेलियन से बाहर का रास्ता दिखाया। इस कारण पैट्रियोट्स 4 रन से मैच हार गया।

अपनी इस शानदार पारी में कृष्णा पांडे ने रॉयल्स के गेंदबाज नितेश ठाकुर की गेंदों पर 6 छक्के लगाए। रॉयल्स के हाथों मिली हार के बाद भी पैट्रियोट्स अभी भी अंक तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है। पैट्रियोट्स की टीम ने 12 मैचों में से 8 मैचों में जीत हासिल की है।

गौरतलब है कि भारत के दिग्गज ऑलराउंडर युवराज सिंह ने 2007 टी20 वर्ल्ड कप में इंग्लैंड के स्टुअर्ट ब्रॉड के एक ओवर में छह छक्के लगाए थे। इसी तरह से वेस्टइंडीज के यूनिवर्सल बॉस का तमगा पा चुके क्रिस गेल ने पिछले साल श्रीलंका के खिलाफ छह गेदों पर छह छक्के लगाए थे। पाकिस्तान के दिग्गज बल्लेबाज शोएब मलिक ने 2017 एक चैरिटी टी10 मैच में ऐसा किया था।

हैदराबाद गैंगरेप: स्कूल के स्टाफ ने ही पब में पार्टी का किया जुगाड़, उस्मान अली खान था मेजबान – चौथा आरोपित गिरफ्तार, 5वाँ फरार

हैदराबाद में नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। इस मामले में पुलिस ने चौथे आरोपित को भी पकड़ लिया है। चौथा आरोपित नाबालिग है। जबकि पाँचवाँ आरोपित अभी भी फरार चल रहा है, जिसकी खोज में पुलिस लगी हुई है। 

पुलिस उपायुक्त जोएल डेविस ने बताया था कि उन्होंने सीसीटीवी फुटेज और पीड़िता के बयान के आधार पर पाँच आरोपितों की पहचान की है। उन्होंने कहा कि आरोपितों के बारे में पीड़िता को ज्यादा जानकारी नहीं थी। वह सिर्फ एक आरोपित का नाम बता पाई। इसके बाद सभी को पकड़ने के लिए फौरन पुलिस क विशेष टीमें बनाई गई। 

इससे पहले मामले में 18 साल के सदुद्दीन मलिक, 18 वर्षीय उमैर खान और एक नाबालिग को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने बताया था कि पाँच में से 3 आरोपित नाबालिग हैं। नाबालिग होने के कारण इनके नाम और पिता के नामों का खुलासा नहीं किया गया है।

पब में पार्टी के लिए स्कूल स्टाफ ने माँगी अनुमति

जैसे-जैसे जाँच आगे बढ़ रही है, नए खुलासे होते जा रहे हैं। रेप आरोपितों की गिरफ्तारी से ज्यादा बड़ा खुलासा इस मामले में यह है कि स्कूल ने ही लड़के-लड़कियों के लिए पब में पार्टी करने की परमिशन दिलवाई थी। आबकारी विभाग (एक्साइज विभाग) के अधिकारियों ने खुलासा किया कि स्कूल के ही एक स्टाफ ने एम्नेसिया पब के प्रबंधन से एक पार्टी की मेजबानी करने की अनुमति माँगी थी।

डेक्कन क्रॉनिकल की रिपोर्ट के अनुसार जिला टास्क फोर्स के आबकारी निरीक्षक के करुणा ने बताया कि एम्नेशिया पब प्रबंधन ने जाँच के दौरान अधिकारियों को बताया कि स्कूल के एक कर्मचारी ने मेजबान उस्मान अली खान के साथ उनसे संपर्क किया था। यह संपर्क स्कूली लड़के-लड़कियों की पार्टी से संबंधित अनुमति के लिए था। अधिकारी ने बताया कि पब की चौथी मंजिल पर छात्र-छात्राओं के लिए अनुमति दी गई थी और अनुरोध किया गया था कि उन्हें केवल भोजन और मॉकटेल परोसा जाए।

हैदराबाद गैंगरेप और पॉलिटिकल कनेक्शन

इस गैंगरेप मामले में पॉलिटिकल कनेक्शन भी सामने आया है। इसमें बताया जा रहा है कि एक आरोपित विधायक का बेटा है। बाकी एक अन्य आरोपित भी हाई प्रोफाइल बताया जा रहा है। मामले में स्थानीय सांसद असदुद्दीन औवैसी (Asaduddin Owaisi) की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) और TRS नेता के बेटों का नाम सामने आया है। हालाँकि इस मामले में पुलिस AIMIM विधायक के बेटे के आरोपित होने से इनकार कर रही है।

वहीं तेलंगाना भाजपा के प्रवक्ता के कृष्णसागर राव ने का कहना है कि हैदराबाद पुलिस ने AIMIM विधायक के बेटे की संलिप्तता के कारण अभी तक आरोपित को बचा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस AIMIM और TRS के राजनीतिक दबाव में है। वहीं पुलिस का दावा है कि अभी तक के बयान के अनुसार, विधायक का बेटे का नाम नहीं आया है।

भाजपा प्रवक्ता राव ने कहा, “बीजेपी पाँच अपराधियों की गिरफ्तारी की माँग कर रही है। मैं सवाल कर रहा हूँ कि कार जब्त होने के बावजूद हैदराबाद की पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार क्यों नहीं किया। इस मामले में लड़की के माता-पिता ने 1 जून को ही शिकायत दर्ज कराई है। इसके अलावा, सभी परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी उपलब्ध हैं। क्या पुलिस सीएम KCR या AIMIM प्रमुख ओवैसी से अनुमति की प्रतीक्षा कर रही है?”

क्या है मामला?

17 साल की पीड़िता 28 मई को एक पार्टी के बाद अपने घर लौट रही थी। उसी वक्त हैदरबाद जुबली हिल्स इलाके में उसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया। यह मामला तब सामने आया जब पीड़िता के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे है एक वीडियो में पीड़िता एक पब के बाहर संदिग्ध आरोपितों के साथ खड़ी दिखाई दे रही है। रिपोर्ट की मानें तो आरोपितों ने पहले पीड़िता से उसके घर छोड़ने की बात कही। बाद में एक पार्क की हुई कार के अंदर उसके साथ मारपीट की गई और फिर बारी-बारी से सभी ने उसके साथ बलात्कार किया। इस दौरान दूसरे आरोपित कार के बाहर पहरा दे रहे थे।

लड़की के पिता की शिकायत पर पुलिस ने 5 लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 354 और 323 और पॉक्सो एक्ट की धार 9 और 10 के तहत मामला दर्ज किया।