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‘भाई की हत्या का बदला लिया’: जानें कौन है तिहाड़ में बंद लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा वाला गोल्डी बरार, सिद्धू मूसेवाला हत्या में आया है नाम

लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने पंजाबी सिंगर और कॉन्ग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की हत्या की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि गोल्डी बरार इस इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड है। वह लॉरेंस बिश्नोई का करीबी साथी भी है। उसने सोशल मीडिया पर हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए इसे अपने भाई की मौत का बदला बताया है। 31 वर्षीय लॉरेंस पंजाब के फिरोजपुर जिले के अबोहर में धतरंवाली गाँव के एक संपन्न किसान का बेटा है। उसने अबोहर में 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की और बाद में कॉलेज की पढ़ाई के लिए 2010 में चंडीगढ़ चला गया। लॉरेंस बिश्नोई समुदाय से हैं, जो पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के कई हिस्सों में बसे हुए हैं। अभी फिलहाल वह राजस्थान की जेल में बंद है।

लॉरेंस बिश्नोई पर हत्या, रंगदारी समेत कुल दो दर्जन मामले दर्ज

उस पर हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी समेत कुल दो दर्जन मामले दर्ज हैं। उस पर आरोप है कि वह जेल के अंदर से अपनी गैंग को ऑपरेट कर रहा है। इससे पहले भी उसने राजस्थान, पंजाब में कई बार आतंक फैलाया है। नवंबर, 2019 में जब बिश्नोई को डीलर राजवीर उर्फ सोनू शाह की हत्या के मामले में पूछताछ के लिए चंडीगढ़ लाया गया था, तो इस बात के सबूत मिले थे कि वह भरतपुर जेल के अंदर से एक सेल फोन का इस्तेमाल कर रहा था। इसको लेकर चंडीगढ़ पुलिस ने भरतपुर जेल प्रशासन के समक्ष यह मुद्दा उठाया था।

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई (Lawrence Bishnoi) ने छात्र राजनीति के जरिए अपराध की दुनिया में कदम रखा। वह चंडीगढ़ में डीएवी कॉलेज, सेक्टर-10 का छात्र था। लॉरेंस 2011 और 2012 में पंजाब विश्वविद्यालय (एसओपीयू) के छात्र संगठन का अध्यक्ष भी रह चुका है। आपराधिक रिकॉर्ड के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ पहली एफआईआर हत्या के प्रयास को लेकर दर्ज की गई थी। उसके बाद अप्रैल 2010 में एक अन्य मामले में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। फिर फरवरी 2011 में बिश्नोई के खिलाफ मारपीट और सेल फोन लूटने का मामला दर्ज किया गया था। तीनों मामले छात्र राजनीति से जुड़े हैं। चंडीगढ़ पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शहर में लॉरेंस बिश्नोई के खिलाफ सात प्राथमिकी दर्ज की गई थी। चार मामलों में उसे बरी कर दिया गया और तीन में अदालती सुनवाई लंबित है।

बिश्नोई से दो बार पूछताछ करने वाले एक पूर्व पुलिस वाले ने बताया, “लॉरेंस के दो पते थे, जिनमें से एक पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) में हॉस्टल नंबर 4 और दूसरा सेक्टर 4, पंचकुला में था। उसे अपने सीनियर्स के साथ रहना पसंद था। वह हमेशा कुछ बड़ा करने के बारे में सोचता रहता था।” वर्ष 2015 में लॉरेंस बिश्नोई मोहाली के पास पुलिस हिरासत से भागने में कामयाब रहा, लेकिन उसे जल्द ही फिर गिरफ्तार कर लिया गया। लॉरेंस ने बीए का पहला साल भी पास नहीं किया। वह 2010 में परीक्षा के दौरान नकल करते हुए पकड़ा गया था।

गोल्डी बरार बोला, ‘चचेरे भाई की हत्या का बदला लिया’

कनाडा में रह रहे गैंगस्टर गोल्डी बरार (Goldy Brar) ने गायक सिद्धू मूसेवाला हत्या की जिम्मेदारी ली है। बताया जा रहा है कि उसने जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के साथ मिलकर इस हत्या को अंजाम दिया था। गोल्डी बरार का कहना है कि गायक का नाम अकाली दल के नेता विक्की मिड्दुखेड़ा और उसके चचेरे भाई गुरलाल बरार की हत्या में सामने आया था। मिड्दुखेड़ा की पिछले साल मोहाली में और गुरलाल बरार की चंडीगढ़ में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

कौन है गोल्डी बरार?

सतिंदर सिंह उर्फ गोल्डी बरार गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का करीबी है। वह पंजाब के फरीदकोट जिले का रहने वाला है। बरार राज्य में चलाए जा रहे रंगदारी रैकेट में शामिल था। आरोप है कि कॉन्ग्रेस नेता गुरलाल पहलवान की हत्या में उसका हाथ था। वह अभी कनाडा में रह रहा है और वहीं से पंजाब में एक मॉड्यूल के जरिए काम कर रहा है। पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वी के भावरा ने कहा था कि मूसेवाला की हत्या का संबंध शिअद नेता विक्की मिड्दुखेड़ा की हत्या से है।

गोल्डी बरार ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि उसने मूसेवाला की हत्या अपने भाई की हत्या का बदला लेने के लिए की थी। इससे पहले मिड्दुखेड़ा की हत्या की जिम्मेदारी बांबिहा गैंग (Bambiha gang) ने ली थी।

AN 94 से ही हुई थी मूसेवाला की हत्या

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई। उनकी हत्या पर बड़ा खुलासा हुआ है। सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में जिस अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह रूस का है। पंजाब के गैंगवार में ‘AN 94 Russian Assault Rifle’ का इस्तेमाल पहली बार हुआ है। यह हथियार कितना घातक है, इसका अंदाजा मूसेवाला की थार गाड़ी की हालत को ही देखकर लगाया जा सकता है।

इस असॉल्ट राइफल का वजन 3.85 किलोग्राम है। स्टॉक यानी बट के साथ इसकी लंबाई 37.1 इंच और बगैर स्टॉक के 28.7 इंच होती है। इसके बैरल (नली) की लंबाई 15.9 इंच है। इसमें 5.45×39 mm की गोलियाँ लगती हैं। (AN-94) असॉल्ट राइफल इतना खतरनाक हथियार है कि बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागी जा सकती हैं। इस असॉल्ट राइफल से फुल ऑटोमैटिक मोड में हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं। इसके अलावा इस असॉल्ट राइफल की फायरिंग रेंज (Firing Range) 700 मीटर है।

’70 साल में 6.37 लाख प्राथमिक विद्यालय, 8 साल में 6.53 लाख’: BJP ने गिनाई मोदी सरकार की उपलब्धियाँ, किसानों के खाते में अब तक ₹1.80 लाख करोड़

केंद्र में मोदी सरकार के 8 साल पूरे होने के मौके पर सोमवार (30 मई, 2022) को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने याद किया कि देश आज आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर अमृत महोत्सव मना रहा है। उन्होंने कहा कि इसके साथ-साथ देश मोदी सरकार के 8 साल के सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को भी मना रहा है। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी जिस तरह से काम करते हैं, उनके कामों में एक प्रकार का इनोवेशन दिखता है।

नड्डा ने बीजेपी मुख्यालय, दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि गरीबों की सेवा, उनका कल्याण ही मोदी सरकार के काम करने का तरीका है। नड्डा ने इस मौके पर जिक्र किया कि नमो ऐप पर एक माइक्रोसाइट बनाई गई है, जिसमें इन 8 सालों में सरकार ने कौन-कौन से काम किए हैं, इसको लेकर एक गेम की तरह से समझाया गया है। उन्होंने कहा, “माइक्रोसाइट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने जो इनोवेशन खड़ा किया है वो Interesting और Interaction होने के साथ ही Information एवं Innovation से युक्त हैं।”

देश में राजनीति की संस्कृति को पीएम मोदी ने बदल दिया

इस मौके पर नड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति की संस्कृति को बदल दिया है। सरकार के काम करने की शैली भी आज बदल गई है। 2014 से अब तक हमने एक लंबी यात्रा तक की है। आज हम देश में एक जिम्मेदार सरकार देखते हैं, आज हम प्रो-एक्टिव, प्रो-रिस्पोंसिव सरकार देखते हैं। विपक्ष पर निशाना साधते हुए नड्डा कहते हैं कि पहले योजनाएँ कागज पर बनती थीं, लेकिन वक्त बदला है अब इनके लागू होने के बाद भी इन पर नजर रखी जाती है। यही बदलाव हमारी प्रगति की निशानी है।

शिक्षा की बात करते हुए बीजेपी अध्यक्ष कहते हैं, “पिछली सरकार के 70 वर्षों में शिक्षा विभाग ने 6.37 लाख प्राथमिक विद्यालय बनाए गए थे। मोदी सरकार के 8 साल के कार्यकाल में 6.53 लाख प्राथमिक विद्यालय बने हैं। यूनिवर्सल एजुकेशन की दृष्टि से हम आगे बढ़ रहे हैं।”

नड्डा ने कहा कि बीते 2 साल से 80 करोड़ परिवारों को प्रति माह 5 किलो का राशन मुफ्त दिया जा रहा है। सरकार द्वारा चलाई गई गरीब कल्याण अन्न योजना की प्रशंषा दुनियाभर में की गई है। अब तक किसान सम्मान निधि के तहत दिए जाने वाले 2-2 हजार रुपयों की 10 किस्तें किसानों को दी जा चुकी हैं और 11वीं किस्त कल शिमला से पीएम मोदी जारी करेंगे। इस योजना पर अब तक 1 लाख 80 हजार करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं।

बीजेपी नेता ने कहा कि इन 8 सालों में संस्कृति की रक्षा के लिए कई कार्य किए गए। चाहे वो भव्य राम मंदिर का निर्माण हो, दिव्य काशी हो, महाभारत सर्किट हो, रामायण सर्किट हो, केदारनाथ का पुनरुद्धार, सोमनाथ का विकास और सटेच्यू ऑफ यूनिटी तक भारत के समृद्ध इतिहास को दिखाते हैं। देश में महामारी से निपटने के लिए अब तक 192 करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन की डोज लगाई गई। साथ ही 100 देशों को 18.5 करोड़ से अधिक वैक्सीन के डोज दिए गए।

‘चमत्कारी इलाज’ के नाम पर 100 का ईसाई धर्मांतरण, दलित समाज के लोग निशाना: यूपी के 2 जिलों में घटनाएँ, 3 गिरफ्तार

UP पुलिस ने सहारनपुर और आजमगढ़ जिलों ने ईसाई धर्मान्तरण के आरोपितों पर कार्रवाई की है। सहारनपुर में 2 और आज़मगढ़ में 1 आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ही जिलों में हिन्दू संगठनों ने आरोपितों पर कड़ी कार्रवाई की माँग की है। दोनों स्थानों पर भोले-भाले ग्रामीणों को प्रार्थना के नाम पर जमा कर के उनके धर्म परिवर्तन का प्रयास किया जा रहा था।

आज़मगढ़ में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर जुटती थी भीड़

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहला मामला आज़मगढ़ जिले से रविवार (29 मई, 2022) को सामने आया। यहाँ कंधरापुर इलाके में शैतानी आत्मा के इलाज के नाम पर मोहरिल नाम का आरोपित लोगों को जमा करता था। बताया जा रहा है कि मोहरिल अब तक लगभग 100 लोगों को धर्मांतरण करवा चुका है। इसके लिए वो एक मकान में बाकायदा बैनर आदि लगा कर सभाएँ करता था। घटना के दिन जब हिन्दू संगठन इस शिकायत पर मौके पर पहुँचे तो दर्जनों लोग हाथों में धार्मिक किताबें ले कर प्रार्थना करते नजर आए। पूछने पर मोहरिल ने इसे चंगाई सभा बताया।

जब हिन्दू संगठन के लोग मोहरिल से बहस कर रहे थे तभी वहाँ आईं कुछ लड़कियाँ हिन्दू संगठन के ही लोगों से झगड़ने लगीं। आख़िरकार मोहरिल का आयोजन बिना प्रशासनिक अनुमित के पाया गया। विवाद के बीच पुलिस भी मौके पर पहुँच गई। पुलिस ने मोहरिल को गिरफ्तार कर लिया। आजमगढ़ के SP सिटी के मुताबिक, मोहरिल पर धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत केस दर्ज किया गया है।

सहारनपुर में धर्मान्तरण के प्रयास में 2 गिरफ्तार

वहीं सहारनपुर जिले के बेहट थानाक्षेत्र में धर्मान्तरण के प्रयास में 2 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है। SSP सहारनपुर IPS आकाश तोमर ने बताया, “रविवार (29 म,ई 2022) को गिरफ्तार किए गए लोगों के नाम अजय और अनिल हैं। दोनों ने कुछ दिनों पहले अपना धर्म परिवर्तन कर चुके हैं। साथ ही ये दूसरे लोगों को भी धर्म परिवर्तन के लिए उकसा रहे थे। इसके लिए वो तमाम तरह के लालच भी दे रहे थे। कुछ लोगों ने इस केस में शिकायत दी थी जिसकी जाँच के बाद मामला सही पाया गया। अब इस केस में इन दोनों की गिरफ्तारी की गई है। आरोपितों पर धर्मान्तरण विरोधी कानून व अन्य धाराओं के तहत एक्शन लिया जाएगा।”

इसी घटना के एक वीडियो में मौके पर हिन्दू संगठनों को आरोपितों से बहस करते देखा जा सकता है। वीडियो में बहस के बाद आरोपित को हिन्दू संगठन थाने ले जाने के लिए कहते हैं। आरोपित प्रार्थना के सवाल का सही जवाब भी नहीं दे पा रहा था। उस पर दलित समाज के लोगों के धर्म परिवर्तन के प्रयास का आरोप लगाया जा रहा है।

वहीं एक अन्य वीडियो में आरोपित से पुलिस पूछताछ करती दिखाई दे रही है। उस वीडियो में अपने ट्रस्ट का नाम लॉर्ड जीजस ट्रस्ट बता रहा है। पुलिसकर्मी उस से सवाल करते हैं कि उस ट्रस्ट में तुम क्या कर रहे हो। ये वीडियो इस घटना के शिकायतकर्ता और बजरंग दल पदाधिकारी हरीश कौशिक द्वारा शेयर किया गया है।

124 जर्जर मंदिरों का गौरव वापस लाने में जुटीं BJP की मेयर प्रमिला पांडे, सैकड़ों साल पुराने मंदिर में खंडित कर दी गई थीं प्रतिमाएँ

देश के अलग-अलग राज्यों में इन दिनों हिंदू मंदिरों का मुद्दा गर्माया हुआ है। ऐसे में उत्तरप्रदेश के कानपुर की मेयर व भारतीय जनता पार्टी की महिला नेता प्रमिला पांडे ने अपने क्षेत्र में जर्जर अवस्था में पड़े मंदिरों की हालात सुधारने का जिम्मा लिया है। इसी क्रम में सोमवार को वह बाबूपुरवा के गेट नंबर 6 के पास प्राचीन शिव मंदिर का निरीक्षण करने पहुँची और पाया कि वहाँ मूर्तियों को खंडित किया गया था।

स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि मंदिरों से मूर्तियों को हटाया जा रहा है और पूरे मंदिर परिसर में कब्जे की कोशिश हो रही है। स्थानीयों के मुताबिक इस काम को भूमाफियों के जरिए अंजाम दिया जा रहा है। मंदिर सैंकड़ों साल पुराना है जिसमें माँ पार्वती, हनुमान जी की मूर्तियाँ रखी हुई थीं। लोगों की शिकायतें सुनने के बाद मेयर प्रमिला पांडे ने संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए कि जब तक जगह का सत्यापन न हो तब तक वहाँ किसी निर्माण की इजाजत न दी जाए।

मंदिरों को पुननिर्माण के लिए आगे आई भाजपा नेता

बता दें कि इससे पहले कानपुर नगर निगम की ओर से शहर में 124 मंदिरों को चिह्निंत करने का कार्य किया गया था। ये सारे मंदिर वही थे जिनकी हालत जर्जर थी या फिर इन्हें कूड़ा घरों में तब्दील कर दिया गया था। मेयर प्रमिला पांडे इन मंदिरों को दोबारा से पुनर्जीवित करने की कोशिशों में जुटी हैं। 28 मई को प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने बीते शनिवार को 8 मंदिरों का दौरा किया था। मंदिरों की हालत ऐसी थी कि किसी की आँखोों में आँसू आ जाए।

उन्होंने बेकनगंज इलाके में निरीक्षण के दौरान कृष्ण मंदिर से सटकर एक बिरयानी बेचने वाले को फटकार लगाई थी। उन्होंने पूछा था कि अगर कोई मस्जिद तोड़कर मंदिर बनाता तो तुम्हें कैसे लगता। इसके अलावा उन्होंने हिंदू मंदिरों की हालत सुधरवाने के लिए पुलिस कमिश्नर से भी बात की थी और कहा था कि पुलिस प्रशासन को 124 मंदिरों की लिस्ट सौंपी जाएगी। पुलिस ने भी उन्हें भरोसा दिया था कि वे सभी मंदिरों को मुक्त करवाकर नगर निगम को सौंपेंगे और फिर दीवार बनवाकर गेट लगवाया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि मीडिया से बातचीत में कानपुर मेयर ने मंदिर मस्जिद विवाद पर अपनी बात रखते हुए बताया था कि कैसे मुगल आक्रांताओं द्वारा मंदिरों को तोड़ डालने का काम हुआ। लेकिन कभी किसी ने मस्जिदों को नहीं छुआ। आज मंदिरों का सर्वे हो रहा है तो हर पुरानी मस्जिद में से मंदिर आ रहे हैं। उन्होंने हिंदू मंदिरों के लिए चलाई जा रही अपनी मुहीन को लेकर कहा कि वो किसी पक्ष से कोई चीज नहीं माँग रहीं लेकिन अपने मंदिरों के लिए कार्य कर रही हैं। अगर इससे किसी को कोई नाराजगी है तो होती रहे।

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे में शिवलिंग पर चली ड्रिल

याद दिला दें कि पिछले दिनों ज्ञानवापी में सर्वे के दौरान शिवलिंग मिलने के दावा किया गया था। साथ ही विवादित ढाँचे के परिसर में तमाम हिंदू प्रतीक भी पाए गए थे। इसके बाद कोर्ट ने शिवलिंग की सुरक्षा के आदेश दिए। हालाँकि बाद में पता चला कि उस शिवलिंग पर ड्रिल चलाकर छेद करके उसे खंडित करने की कोशिशें हुईं।

कानपुर के बिल्हौर में मिली थी खंडित मूर्तियाँ

इसके अलावा इससे पहले कानपुर के बिल्हौर में ही मूर्ति खंडित करने का मामला उजागर हुआ था। घटना अरौल रेलवे स्टेशन के पास गूजेपुर रोड पर बने दुर्गा मंदिर की थी। वहाँ चूँकी ताला नहीं पड़ता था तो लोगों ने एक सुबह देखा कि बजरंगबली की मूर्ति का दाहिना हाथ तोड़ दिया गया। वहीं दुर्गा माँ की मूर्ति भी खंडित कर दी गई। इस घटना के बाद इलाके में तमाव फैल गया था और दोबारा मूर्ति स्थापना का आश्वासन देकर स्थिति संभाली गई थी।

‘वक्फ की संपत्ति है पूरा का पूरा ज्ञानवापी परिसर’: कोर्ट में बोले मस्जिद कमिटी के वकील अभय यादव – मुस्लिमों को नमाज का अधिकार

ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर वाराणसी कोर्ट में हो रही सुनवाई समाप्त हो चुकी है। वहीं कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 4 जुलाई की तारीख दी है। जिला जज डा.अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत में आज सोमवार (30 मई, 2022) को करीब 2 घंटे तक सुनवाई चली जिसमें मुस्‍ल‍िम पक्ष ने विस्‍तार से अपनी बात रख दी है। वहीं फोटो और वीडियो के बारे में अदालत दिशा निर्देश तय करेगी और उसके बाद दोनों पक्षों को सर्वे की रिपोर्ट दे दी जाएगी। माना जा रहा है कि आज शाम को ही इस पर फैसला हो सकता है। अदालत के अनुसार इस पर आई आपत्तियों को देखते हुए इस पर आदेश आएगा।

आज की सुनवाई में ज्ञानवापी प्रकरण में जिला जज की अदालत में लंबित प्रकरण में पक्ष रखने के लिए सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील हरिशंकर जैन एवं उनके पुत्र वकील विष्णु शंकर जैन के साथ ही वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी एडवोकेट भी अदालत पहुँचे थे। जहाँ दोपहर दो बजे से ज्ञानवापी विवादित ढाँचे के मामले में अदालत ने मुस्लिम पक्ष की दलीलों को विस्तार से सुना। आज केवल 13 से 39 पैरा तक ही बहस हो सकी है।

इससे पहले वाराणसी में दो अदालतों में सुनवाई पूरी हो गई है। जिला जज और सिविल जज की फास्ट ट्रैक कोर्ट में दो अलग-अलग मुकदमों में पक्षकारों ने अपना पक्ष रखा। बता दें कि चार जुलाई को भी विपक्ष अपनी बहस जारी रखेगा।

वहीं आज मामले की शुरुआत में परिसर में स्थित माँ श्रृंगार गौरी की दैनिक पूजा-अर्चना करने एवं अन्य देवी-देवताओं को संरक्षित करने के जिला जज की अदालत में होने वाली सुनवाई के मामले में पक्षकार बनने के लिए स्वयंभू ज्योर्तिलिंग आदिविश्वेश्वर की तरफ से वकील विजय शंकर रस्तोगी ने पक्षकार बनने के लिए अदालत में अर्जी दी थी।

वाराणसी जिला न्यायालय आज भी सुनवाई के दौरान आज, माँ शृंगार गौरी से संबंधित मुकदमा सुनवाई योग्य नहीं है, इस दावे के साथ मुस्लिम पक्ष के अधिवक्ता ने अपनी दलीलें शुरू की। वहीं अंजुमन इंतजामिया मस्जिद समिति द्वारा दायर आदेश में प्लेस ऑफ़ वर्शिप एक्ट के 7 नियम 11 सीपीसी के तहत हिंदू महिलाओं द्वारा दायर याचिका को खारिज करने की माँग की गई।

वहीं मुस्लिम पक्ष की तरफ से पेश वकील एडवोकेट अभय नाथ यादव ने दावा किया कि मस्जिद परिसर वक्फ संपत्ति नहीं है, ‘गलत’ है। उन्होंने इसके लिए दीन मोहम्मद केस का हवाला दिया। अधिवक्ता अभय नाथ यादव ने कोर्ट के सामने दावा किया कि ज्ञानवापी मस्जिद एक वक्फ संपत्ति है।

उन्होंने मामले में एक पुराने मामले का हवाला देते हुए कहा, “दीन मोहम्मद केस (1937) में कोर्ट ने फैसला किया कि कौन सा क्षेत्र मस्जिद की संपत्ति है और कौन सा क्षेत्र मंदिर की संपत्ति है। ज्ञानवापी मस्जिद का पूरा परिसर मुस्लिम वक्फ का है और मुसलमानों को इसमें नमाज अदा करने का अधिकार है।”

गौरतलब है कि आज वाराणसी की ज्ञानवापी विवादित ढाँचे को लेकर केंद्रीय ब्राह्मण महासभा की ओर से भी एक नई याच‍िका दाख‍िल कर दी गई है। इस तरह से ज्ञानवापी मसले पर याच‍िका की संख्‍या काफी तेजी से बढ़ती जा रही है।

कश्मीर को दहलाने की साजिश रच रहा अलकायदा-ISIS: UN की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा – 400 आतंकी फ़िराक में, ड्रग्स तस्करी भी बढ़ी

भारतीय उपमहाद्वीप में सुरक्षा के हालात पर संयुक्त राष्ट्र (United Nations) ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चौंकाने वाले दावे किए हैं। भारतीय उपमहाद्वीप (AQIS) नाम से 13वीं रिपोर्ट जारी की गई है। इसमें दावा किया गया है कि अल-कायदा (AL Qaeda) और इस्लामिक स्टेट (ISIS) अफगानिस्तान में उपस्थिति बनी हुई है और ये आतंकी समूह कश्मीर को दहलाने पर अपना ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।

शनिवार (28 मई, 2022) को जारी तालिबान और अन्य संबद्ध व्यक्तियों और संस्थाओं के संबंध में ‘विश्लेषणात्मक सहायता और प्रतिबंध निगरानी दल’ की 13वीं रिपोर्ट को ‘संकल्प 2611 (2021)’ के अनुसार प्रस्तुत किया गया। इसमें इन संगठनों को अफगानिस्तान की शांति और सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया है। इसके मुताबिक, AQIS (Al Qaeda In Indian Sub Continent) अफगानिस्तान में अपना अड्डा बनाए हुए हैं, जहाँ उसके 180 से 400 लड़ाके मौजूद हैं। ये सभी गजनी, हेलमंद, कंधार, निमरुज, पक्तिका और जाबुल प्रान्तों में स्थित हैं। इन लड़ाकों में बांग्लादेश, भारत, म्यांमार और पाकिस्तान के नागरिक शामिल हैं।

यूएन की रिपोर्ट के अनुसार, अब आतंकी संगठनों ने अपनी मैगजीन का 2020 का नाम ‘नवा-ए-अफगान जिहाद’ से बदलकर ‘नवा-ए-गजवा-ए-हिंद’ कर दिया है। ऐसा इसलिए ताकि अफगानिस्तान से कश्मीर तक एक्यूआईएस पर फिर से ध्यान दिया जा सके। इसके अलावा जब से अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे के बाद से ड्रग्स की तस्करी बढ़ गई है। पिछले साल सितंबर 2021 में भारत में जो तीन टन हेरोइन जब्त की गई थी। वो इसी का हिस्सा था।

वैचारिक रूप से तालिबान के करीब है जैश ए मोहम्मद

संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के मुताबिक, आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (JeM) वैचारिक रूप से तालिबान के करीब है और अफगानिस्तान के नंगरहार प्रान्त में उसके आठ प्रशिक्षण शिविर हैं, जहाँ वो नए आतंकियों की भर्ती और प्रशिक्षण देता है। अफगानिस्तान में इस आतंकी संगठन का मुखिया कारी रमजान है। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) अफगानिस्तान में विदेशी आतंकवादी लड़ाकों का सबसे बड़ा घटक है, जिनकी संख्या कई हजार होने का अनुमान है।

हर मिनट 600 गोलियाँ, रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेंड: रूस के घातक AN-94 से हुई सिद्धू मूसेवाला की हत्या, पंजाब में पहली बार इस्तेमाल

पंजाबी गायक सिद्धू मूसेवाला (Sidhu Moosewala) की रविवार (29 मई, 2022) को पंजाब के मानसा जिले में हत्या कर दी गई। उनकी हत्या पर बड़ा खुलासा हुआ है। सिद्धू मूसेवाला के कत्ल में जिस अत्याधुनिक हथियार का इस्तेमाल किया गया था, वह रूस का है। पंजाब के गैंगवार में ‘AN 94 Russian Assault Rifle’ का इस्तेमाल पहली बार हुआ है। यह हथियार कितना घातक है, इसका अंदाजा मूसेवाला की थार गाड़ी की हालत को ही देखकर लगाया जा सकता है।

रूस के अलावा कुछ ही देश हैं, जिनके पास AN-94 असॉल्ट राइफल है। आइए जानते हैं AN-94 राइफल कितनी पॉवरफुल है और इसकी क्या खासियत है।

जानिए AN 94 राइफल के बारे में, जिसका इस्तेमाल करती है रूस की सेना

इस असॉल्ट राइफल का वजन 3.85 किलोग्राम है। स्टॉक यानी बट के साथ इसकी लंबाई 37.1 इंच और बगैर स्टॉक के 28.7 इंच होती है। इसके बैरल (नली) की लंबाई 15.9 इंच है। इसमें 5.45×39 mm की गोलियाँ लगती हैं। (AN-94) असॉल्ट राइफल इतना खतरनाक हथियार है कि बर्स्ट मोड में इससे 1800 गोलियाँ दागी जा सकती हैं। इस असॉल्ट राइफल से फुल ऑटोमैटिक मोड में हर मिनट 600 राउंड गोलियाँ निकलती हैं। इसके अलावा इस असॉल्ट राइफल की फायरिंग रेंज (Firing Range) 700 मीटर है।

AN-94 असॉल्ट राइफल को चीफ डिजाइनर गेनाडी निकोनोव (Gennadiy Nikonov) ने बनाया था। यह AK-74 की तुलना में अत्याधुनिक हथियार था। ये वही डिजाइनर हैं, जिन्होंने निकोनोव मशीन गन (Nikonov Machine Gun) बनाई थी। इस असॉल्ट राइफल (AN-94) का उपयोग रूस के सैन्य बलों में वर्ष 1997 से लगातार हो रहा है। AN-94 असॉल्ट राइफल का पूरा नाम ‘एवतोमैत निकोनोव’ है। चीफ डिजाइनर गेनाडी निकोनोव ने 1980 में इस पर काम शुरू किया था और 1994 में यह बनकर तैयार हुई।

इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके दो शॉट बर्स्ट ऑप्शन हैं। यानी दो गोलियों के निकलने में समय का अंतर माइक्रोसेकेंड्स में होता है। यह खासियत दुश्मन को हिलने तक का मौका नहीं देती और दुश्मन को एक साथ दो गोलियाँ लगती हैं। गोलियों की रफ़्तार 900 मीटर प्रति सेकेण्ड होती है।

AN 94 से ही हुई पंजाब के गायक सिद्धू मूसेवाला की हत्या

गौरतलब है कि रविवार (29 मई 2022) को पंजाब के मानसा गाँव में गोली चलाई गई थी। इसमें उनकी मौत हो गई है। ये घटना ठीक पंजाब में ठीक उस समय हुई है जब भगवंत सरकार के कहने पर पंजाब पुलिस ने पंजाब के 424 लोगों को दी गई सुरक्षा को हटाया था। इसमें एक सिद्धू मूसेवाला भी थे। घटना संबंधी एक वीडियो सामने आई है। इसमें मूसेवाला खून से लथपथ गाड़ी में बैठे हैं।

उल्लेखनीय है कि सिद्धू मूसे वाला इन पंजाब चुनावों में कॉन्ग्रेस की टिकट पर मानसा से चुनाव लड़े थे और AAP के उम्मीदवार से हार का मुँह देखा था। इसके बाद वह पिछले माह अपने नए गाने ‘बलि का बकरा’ में आप समर्थकों को निशाना बनाकर भी विवाद में आए थे। इस गाने में उन्होंने आम आदमी पार्टी के समर्थकों को गद्दार कहा था। इसके अलावा पिछले साल वह एके-47 के साथ दिखे थे, तब भी उनके विरुद्ध एफआईआर हुई थी। मूसेवाला को लोग खालिस्तानी प्रशंसक के तौर पर भी जानते थे।

‘सफेदपोश वेश्या.. तुम्हारी माता सीता की…’: नूपुर शर्मा की हत्या पर AIMIM (इंकलाब) ने रखा ₹1 करोड़ का इनाम, जुबैर ने भड़काया था

दिल्ली BJP की नेता नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ जब ऑल्ट न्यूज के को फाउंडर जुबेर ने कट्टरपंथियों इस्लामवादियों को भड़काया है, तभी से उन्हें लगातार हत्या की धमकियाँ दी जा रही हैं। कथित ईशनिंदा के मामले में पाकिस्तान के पाकिस्तान के आतंकी संगठन TLP के समर्थकों द्वारा 50 लाख रुपए का इनाम घोषित करने के बाद अब हैदराबाद स्थित AIMIM (इंकलाब) के एक सदस्य ने शर्मा की हत्या करने पर इनाम घोषित किया है।

रविवार (29 मई, 2022) को हैदराबाद स्थित एक स्थानीय पार्टी AIMIM (इंकलाब) ने कथित नूपुर शर्मा की हत्या करने वाले को 1,00,00,000 रुपए का इनाम देने का ऐलान किया। लोकल पार्टी के नेता कवी अब्बासी का नूपुर शर्मा को धमकी देते हुए और हिन्दू धर्म को लेकर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए वीडियो सामने आया है। इसमें वो बीजेपी और शर्मा को ‘सफेदपोश वेश्या’ करार देता है।

वायरल वीडियो की शुरुआत में ही अब्बासी कहता है, “जैसा कि आप जानते हैं, पैगंबर मुहम्मद का अपमान करने की सजा इस्लाम में मौत है। जो कोई भी ईशनिंदा करता है, हम उसे मारने के लिए ₹1 करोड़ का इनाम घोषित करते हैं। हमने पहले वसीम रिजवी के लिए भी इसी तरह की घोषणा की थी।”

अब्बासी आगे कहता है, “मैं नूपुर शर्मा की हत्या के लिए 1 करोड़ रुपए के इनाम की घोषणा करता हूँ। नूपुर शर्मा, मैं तुम्हें ये बताना चाहता हूँ कि तुम्हारी सीता माता की उम्र क्या थी, जब उन्होंने भगवान राम से शादी की थी? 6 साल की थी। राजा दशरथ की कितनी पत्नियाँ थीं? 100 से ज्यादा। अगर हम तुम्हारे धर्म को उजागर करना शुरू कर दें, तो तुम सड़क पर आ जाओगे। तुम कुछ और नहीं बल्कि एक सफेदपोश वेश्या हो।”

उसने बीजेपी पर अपमानजनक टिप्पणी करते हुए कहा कि भाजपा ‘पुरुष और महिला वेश्याओं का हब’ बन गई है। उसने कहा, “हमारे पास तुम्हारे रिकॉर्ड हैं। हम जानते हैं कि कैसे पुरुष भाजपा कार्यकर्ता अपनी महिला समकक्षों का शोषण कर रहे हैं। वो एक (नूपुर शर्मा) ‘सफेदपोश वेश्या’ है।” अब्बासी की बदजुबानी यहीं नहीं रुकती, वो आगे कहता है, “जब भी कोई पैगंबर मुहम्मद को बदनाम करता है, हम उसे जीवित नहीं छोड़ते हैं। हम मरे हुए को भी आसानी से जाने नहीं देते। इस्लाम हमें यही सिखाता है। मैं नूपुर शर्मा पर ₹1 करोड़ का इनाम रख रहा हूँ। मैं हाई कोर्ट का वकील हूँ।”

पाकिस्तानी टीएलपी ने नूपुर शर्मा पर रखा 50 लाख रुपए का ईनाम

पाकिस्तान के ‘लब्बाइकियंस टीवी’ नाम का एक ट्विटर हैंडल है, जो खुद को तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) के भाषणों और उसके इंटरव्यूज को शेयर करता है। उसने नूपुर शर्मा के ऊपर ईनाम रखने वाली पोस्ट को शेयर किया। इसमें कथित तौर पर ईशनिंदा के मामले में शर्मा का सिर कलम करने वाले को करीब 19.5 लाख पाकिस्तानी रुपए का नकद इनाम देने की घोषणा की। इसके ट्वीट में लिखा है, “गुस्ताक-ए-रसूल नुपुर शर्मा का सिर काटने वाले को 50 लाख रुपए का इनाम दिया जाएगा-लब्बिकियंस टीवी।” इस हैंडल को टीएलपी के समर्थकों द्वारा चलाया जाता है।

इसी क्रम में एक यूजर कहता है कि अगर वो भारत में होता तो अब तक नूपुर शर्मा की हत्या कर देता।

आ गए UPSC परीक्षा के परिणाम: शीर्ष 3 रैंकिंग पर लड़कियों का कब्ज़ा, सेंट स्टीफेंस की श्रुति शर्मा ऑल इंडिया टॉपर

यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC) ने साल 2021 के परिणामों की घोषणा कर दी है। इस बार सफल हुए टॉप 3 प्रतियोगियों में लड़कियों ने बाजी मारी है। इनके नाम श्रुति शर्मा, अंकिता अग्रवाल और गामिनी सिंगला हैं। ऐश्वर्य वर्मा चौथे स्थान पर रहे, जो पुरुषों में टॉपर हैं। ये परीक्षा परिणाम आज सोमवार (30 मई, 2022) को घोषित किए गए हैं।

पुरुषों में दूसरे सफल प्रतियोगी उत्कर्ष द्विवेदी हैं, जिनको रैंकिंग में पाँचवें नंबर पर स्थान मिला है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार UPSC में कुल 685 छात्रों का चयन हुआ है। इसमें सामान्य वर्ग के 244 छात्र, OBC वर्ग के 203, SC वर्ग के 105, ST वर्ग के 60 व EWS वर्ग के 73 छात्रों का चयन हुआ है। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने सफल हुए शीर्ष 25 अभ्यर्थियों को शुभकामनाएँ देते हुए उनकी लिस्ट शेयर की है।

श्रुति की पढ़ाई JNU से और कोचिंग जामिया से

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPSC एग्जाम में टॉप करने वाली श्रुति शर्मा ने शुरुआती पढ़ाई दिल्ली के सेंट स्टीफेंस कॉलेज से की थी। इसके बाद उन्होंने JNU (जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी) से ग्रेजुएशन किया। फिलहाल श्रुति जामिया मिलिया रेसिडेंशियल कोचिंग एकेडमी से सिविल सर्विसेज की तैयारी कर रहीं थीं।

गौरतलब है कि UPSC 2021 की प्री परीक्षा 10 अक्टूबर, 2021 को आयोजित हुई थी, जिसका रिजल्ट 29 अक्टूबर को जारी हुआ था। इसके बाद इसका मेंस एग्जाम 7 से 16 जनवरी, 2022 को हुआ था, जिसका रिजल्ट मार्च 2022 में जारी हुआ था। बाद में इसका अंतिम चरण इंटरव्यू 5 अप्रैल से शुरू हुआ था। पीएम मोदी ने सफल प्रतिभागियों को बधाई दी है और परीक्षा में सफल न होने वालों को भी भविष्य के लिए उत्साहित करते हुए कहा है कि वो जिस भी क्षेत्र में रहेंगे देश के लिए योगदान देंगे।

‘सस्ता आटा के लिए अपने कपड़े भी बेच डालूँगा’: कंगाल पाकिस्तान के नए PM का ‘नायाब फॉर्मूला’, लोगों पर मँडरा रहा खाने का संकट

तंगहाली से जूझते पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री महमूद खान को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर 24 घंटों के भीतर 10 किलो गेहूँ के आटे की बोरी की कीमत 400 रुपए से कम नहीं की तो वह अपने कपड़े बेच देंगे और लोगों को खुद सस्ता आटा उपलब्ध कराएँगे।

रविवार (29 मई, 2022) को ठाकारा स्टेडियम में एक जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा, “मैं अपने शब्दों को दोहराता हूँ, मैं अपने कपड़े बेच दूँगा और लोगों को सबसे सस्ता गेहूँ का आटा उपलब्ध कराऊँगा।”

जनसभा में सियासी गरमी की गूँज लोगों को प्रधानमंत्री के भाषण में भी सुनाई दी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने देश को अब तक की सबसे ज्यादा महंगाई और बेरोजगारी का तोहफा दिया है। शहबाज ने इमरान खान के नेतृत्व वाली सरकार की भी निंदा करते हुए कहा कि हालाँकि, खान ने 50 लाख घर और 1 करोड़ नौकरियाँ प्रदान करने का वादा किया था, लेकिन वह विफल रहे और देश को आर्थिक संकट में धकेल दिया।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, रैली के दौरान शहबाज ने कहा, “मैं आपके सामने घोषणा करता हूँ कि मैं अपना जीवन कुर्बान कर दूँगा लेकिन इस देश को समृद्धि और विकास के रास्ते पर खड़ा कर दूँगा।”

बता दें कि पाकिस्तान आम लोगों के सामने खाने का संकट मंडरा रहा है। सरकार गेहूँ की कमी के संकट से लड़ने के लिए खुद को तैयार कर रही है क्योंकि इस साल उत्पादन लक्ष्य से करीब 30 लाख टन कम रहने का अनुमान है। इसके अलावा शाहबाज शरीफ ने पाकिस्तानी अधिकारियों को गेहूँ की चोरी और भंडारण को रोकने के लिए साइलो के निर्माण की रणनीति तैयार करने का भी निर्देश दिया है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पेट्रोल-डीजल की कीमतों में भी वृद्धि की चपेट में है, जिस पर प्रधानमंत्री शहबाज ने इस खेद जताते हुए इसके लिए भी इमरान खान को दोषी ठहराया। इसके अलावा, रैली के दौरान प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ ने भी अपने पिता और पूर्व प्रधान मंत्री नवाज शरीफ की देशभक्ति के लिए सराहना की और इमरान खान के ‘हकीकी आजादी मार्च’ पर चुटकी ली।