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तमिलनाडु में सरकारी स्कूल की टीचर ने 3 नाबालिग छात्रों को घर बुलाकर किया ग्रुप सेक्स, प्रेमी ने वीडियो बना दोस्तों को भेजा

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में स्कूल की शिक्षिका और कुछ छात्रों के ग्रुप सेक्स का वीडियो (Group Sex Video) सामने आया है। साइबर सेल ने सेक्स वीडियो की जाँच कर इसमें शामिल महिला और उसके प्रेमी को गिरफ्तार कर लिया है। इस वीडियो को शिक्षिका के प्रेमी ने बनाया है, जो एक बिजनेसमैन है।

शिक्षिका के प्रेमी ने इस वीडियो को अपने दोस्तों के साथ शेयर किया था। इसके बाद यह वायरल हो गया। वीडियो सामने के बाद तमिलनाडु साइबर सेल सक्रिय हो गई और इस मामले की जाँच में जुट गई है। वीडियो की जाँच करने वाली मदुरै पुलिस ने बताया कि इस मामले से जुड़े लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। इसके साथ ही साइबर सेल इस बात का पता लगा रही है कि क्या पैसों के लिए इंटरनेशनल अश्लील साइटों पर इसे अपलोड किया गया था या फिर इसे कुछ ही लोगों के बीच शेयर किया गया था।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस मामले में मदुरै के एक सरकारी स्कूल की 42 वर्षीय शिक्षिका और उसके 39 वर्षीय प्रेमी को 3 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया और वे अभी तक पुलिस की हिरासत में हैं। मदुरै साइबर सेल के एक अधिकारी ने बताया कि डीजीपी के कार्यालय से पोर्नोग्राफी कंटेंट साझा करने वालों पर नकेल कसने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।

इस मामले यह बात सामने आई है कि पति से अलग होने के बाद महिला ने साल 2010 में अपने बिजनेसमैन प्रेमी के संपर्क में आई थी। आरोप है कि शिक्षिका ने 16 साल के अपने तीन छात्रों को घर बुलाकर उनसे सामूहिक रूप से अवैध संबंध बनाए थे। पूछताछ के दौरान व्यवसायी ने बताया कि उसने अपने कुछ दोस्तों को यह वीडियो शेयर की थी। इसके बाद साइबर सेल ने उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है, जिन्हें यह वीडियो भेजा गया था।

नाबालिग छात्रों की शिकायत के बाद मदुरै साउथ ऑल वुमन पुलिस स्टेशन में महिला और उसके प्रेमी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। दोनों के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 5(1), 5(एन) आर/डब्ल्यू 6, आईपीसी की धारा 292(ए), 506 और आईटी एक्ट की धारा 67 (ए) और 67 (बी) लगाई गई है। नाबालिग लड़कों ने उन पर यौन शोषण, अश्लील कंटेंट शेयर करने के साथ-साथ धमकी देने का आरोप लगाया है। इसके साथ ही साइबर सेल के अधिकारियों ने न्यजू एजेंसी आईएएनएस को बताया कि वे उन लोगों से पूछताछ कर रहे हैं, जिन्होंने वीडियो शेयर किया था।

जम्मू-कश्मीर में रह रहे म्यांमार और बांग्लादेश के घुसपैठियों की बनेगी लिस्ट: हाई कोर्ट का आदेश, 6 हफ्तों का दिया समय

जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने केंद्र शासित प्रदेश के गृह सचिव आरके गोयल को म्यांमार और बांग्लादेश के अवैध प्रवासियों की पहचान करने और उनकी एक लिस्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। हाई कोर्ट ने कहा कि यह सूची 6 हफ्ते में बनानी होगी। मुख्य न्यायाधीश पंकज मिथल और न्यायमूर्ति मोक्ष खजूरिया काजमी की पीठ ने यह आदेश बुधवार (6 अप्रैल, 2022) को एडवोकेट हुनर गुप्ता की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। 

हुनर गुप्ता ने अपने याचिका में माँग की थी कि म्यांमार और बांग्लादेश के उन सभी अवैध प्रवासियों की पहचान की जाए, जो वहाँ से आकर केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में बस गए हैं। जनहित याचिका में म्यांमार और बांग्लादेश के सभी अवैध प्रवासियों को केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर से किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित करने का निर्देश देने की भी माँग की गई है। हुनर गुप्ता ने इसके पीछे तर्क दिया कि जम्मू कश्मीर सरकार ने इनके लिए कोई रिफ्यूजी कैंप नहीं बनाया है और न ही यूनाइटेड नेशन ने जम्मू कश्मीर में इनके लिए किसी शिविर को स्थापित करने की घोषणा की थी।

इसके अलावा याचिकाकर्ता ने माँग की कि सरकारी खजाने से बांग्लादेशी और म्यांमार के अवैध प्रवासियों को दिए गए सभी लाभों को वापस ले लिया जाए और जम्मू-कश्मीर के निवासियों के लिए योजना और लाभों को वापस दिया जाए। एडवोकेट गुप्ता का कहना था कि प्रवासी जम्मू कश्मीर के लोगों के लिए बनी योजनाओं के तहत सरकारी मदद का लाभ उठा रहे हैं। साथ ही याचिका में जम्मू-कश्मीर में बांग्लादेश और म्यांमार से अवैध प्रवासियों की संख्या में अचानक वृद्धि की ओर भी इशारा किया गया है।

याचिका में कहा गया कि सरकार के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के विभिन्न क्षेत्रों में 13,400 म्यांमार और बांग्लादेशी अवैध अप्रवासी रह रहे थे। हालाँकि, वास्तविक आँकड़ें इससे कहीं अधिक हैं। 1982 में म्यांमार सरकार ने रोहिंग्या मुस्लिमों को गैर-राष्ट्रीय घोषित कर दिया, जिसके कारण उनका पड़ोसी बांग्लादेश, थाईलैंड और यहाँ तक ​​कि पाकिस्तान में प्रवास हुआ। हालाँकि, इन देशों में उनका स्वागत नहीं किया गया। जिसके बाद इन लोगों ने अवैध तरीके से भारत में घुसपैठ किया। बांग्लादेश और म्यांमार के इन अवैध अप्रवासियों ने जम्मू कश्मीर की जमीनों पर अवैध कब्जा कर लिया। कई अवैध प्रवासियों ने अवैध रूप से राशन कार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड और साथ ही स्थायी निवासी प्रमाण पत्र हासिल कर लिया है।

आगे उन्होंने इनके देश-विरोधी गतिविधियों की तरफ भी इशारा किया। याचिका में कहा गया कि वह देश के दुश्मनों के इशारे पर विभिन्न राष्ट्र विरोधी गतिविधियों जैसे मादक पदार्थों की तस्करी, हवाला लेनदेन आदि में संदिग्ध हैं। याचिका में कहा गया कि बांग्लादेश और म्यांमार के अवैध प्रवासियों के कारण, जम्मू-कश्मीर में अलगाववादियों के साथ-साथ भारत विरोधी गतिविधियों में वृद्धि होगी। 

इस पर कोर्ट ने कहा कि इससे पहले, सरकार ने जम्मू और कश्मीर राज्य में म्यांमार और बांग्लादेश से अवैध प्रवासियों से संबंधित विभिन्न मुद्दों की जाँच के लिए मंत्रियों के एक समूह का गठन किया था। इसके अलावा, कोर्ट ने कहा कि मई 2017 में, मंत्रियों के समूह को इस मामले को उठाना था, इसकी जाँच करनी थी और इसकी एक रिपोर्ट प्रस्तुत करनी थी, लेकिन ऐसा नहीं किया गया और इस बीच, जम्मू और कश्मीर राज्य विभाजित किया गया था और जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश बन गया।

नेपाल के बैंको से सीरिया पैसे भेजता था मुर्तजा अब्बासी, विदेशी सिम का करता था इस्तेमाल: गोरखनाथ मंदिर पर हमले के बाद कई जगहों पर रेड

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले (Gorakhpur, Uttar Pradesh) में गोरखनाथ मंदिर (Gorakh Nath Temple) के बाहर तैनात पुलिस बल पर अल्लाह हू अकबर बोलकर हमला करने वाले मुर्तजा अब्बासी के बारे में हर दिन नए-नए खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि वह यमन मूल के अमेरिकी मौलाना अनवर नासिर अल अवलाकी वह काफी प्रभावित था। वह विदेशी का सिम का इस्तेमाल करता था और सीरिया पैसे भी भेजता था।

नेपाल के बैंकों के जरिए सीरिया भेजता था पैसे

NBT की रिपोर्ट के मुताबिक, मुर्तजा ने बीते डेढ़ साल में लगभग 8 लाख रुपए नेपाल के बैंकों के माध्यम से इस्लामिक आतंकवादी संगठन ISIS का गढ़ कहे जाने वाले सीरिया भेजे थे। इसकी शुरुआत उसने 2012 से 2015 के बीच की थी। इस दौरान बीटेक की पढ़ाई कर रहा था। पढ़ाई के दौरान वह ISIS जैसे कुख्यात आतंकी संगठनों के सम्पर्क में आया। उसने 29 डॉलर (लगभग 2200 रुपए) एक अतंरराष्ट्रीय सिम भी खरीदा था। इसी सिम के जरिए वह सीरिया, ISIS और मुस्लिम कट्टरपंथियों के भाषण का वीडियो देखा करता था।

मुर्तजा के बैंक अकाउंट में करीब 20 लाख रुपए मिले हैं। पुलिस ने उसके एक टेलीग्राम चैनल का भी पता लगाया है, जिसकी जाँच की जा रही है। पूछताछ के आधार पर ATS ने कानपुर, नोएडा, गोरखपुर, लखनऊ, संभल, सहारनपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज और दिल्ली में छापेमारी की है। छापेमारी के बाद 10 से अधिक लोग हिरासत में लिए गए हैं, जिनमें सहारनपुर का रहने वाला एक मौलाना भी शामिल है।

व्हाट्सएप ग्रुप में नेपाल तक के लोग जुड़े मिले

ABP न्यूज़ के मुताबिक, ATS ने मुर्तजा का पासपोर्ट बरामद किया है। यह पासपोर्ट मुंबई के एक पते पर बना हुआ है। मुर्तजा 6 माह पहले ही दुबई की यात्रा कर के लौटा था। इसी के साथ वो एक कट्टरपंथी विचारधारा का व्हाट्सएप ग्रुप भी चलाता था। उस ग्रुप में भारत के कई हिस्सों के अलावा नेपाल तक के लोग जुड़े हुए हैं। इस ग्रुप में जुड़े लोगों और उनकी गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है। इसी के साथ पुलिस की टीमें गुजरात के जामनगर और मुंबई भी भेजी गई हैं।

अब्बासी ने नेपाल बॉर्डर से खरीदे थे धारदार हथियार

इंडिया TV के अनुसार, मुर्तजा अब्बासी ने भारत-नेपाल सीमा की एक दुकान से 2 बाँके और चाकू खरीदा था। इसके वह बस पकड़कर गोरखपुर आया और मंदिर में घुसकर पुलिसकर्मियों पर हमला किया। अब्बासी के लैपटॉप में सीरिया से जुड़े वीडियो मिले हैं। अब्बासी के अंदर सीरिया की लड़ाई में शामिल न होने का दुःख था। अब्बासी के देवबंद कनेक्शन की भी पड़ताल हो रही है।

ATS ने बनाई 40 संदिग्धों की लिस्ट

भारत समाचार के मुताबिक, हमले से पहले ही 31 मार्च को UP ATS ने पुलिस को 16 संदिग्धों की सूची सौंप दी थी। ये सभी चरमपंथी सोच के लोग थे। इनमें मुर्तजा अब्बासी भी शामिल था। इसी के साथ अब ATS ने मुर्तजा के मोबाईल की जाँच के बाद लगभग 40 संदिग्धों की लिस्ट बनाई है। इन संदिग्धों की जाँच के लिए ATS और STF की टीमें काम कर रही हैं।

अब्बासी के घर से एक व्यक्ति हिरासत में

पत्रकार शिवम प्रताप के 5 अप्रैल को किए गए ट्वीट के मुताबिक, ATS ने मुर्तजा अब्बासी के घर पर दबिश दी थी। इस दौरान एक बैग बरामद किया गया था। ATS ने अब्बासी के घर से एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया है।

गौरतलब है कि रविवार (3 अप्रैल) को आईआईटी से केमिकल इंजीनियर 30 वर्षीय अहमद मुर्तजा अब्बासी ने गोरखनाथ मंदिर परिसर में सुरक्षाकर्मियों हमला कर दिया था। इस हमले में पीएसी के दो कॉन्स्टेबल घायल हो गए थे। अन्य सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़कर उसके हथियार को जब्त कर लिया था।

काला वस्त्र, नंगे पैर, जमीन पर सोना… RRR फेम राम चरण तेजा 41 दिनों की कठोर साधना पर, पूरी कर रहे ‘अयप्पा दीक्षा’

इन दिनों हर तरफ डायरेक्टर एसएस राजामौली (SS Rajamouli) की फिल्म RRR की चर्चा हो रही है। साथ ही साउथ के सुपरस्‍टार्स राम चरण तेजा (Ram Charan) और जूनिर एनटीआर के काम की भी खूब तारीफ हो रही है। फिल्म का बॉक्‍स ऑफिस पर ताबड़तोड़ कमाई का सिलसिला जारी है। फिल्म ने दुनियाभर में 12 दिनों में 939.41 करोड़ का बिजनेस कर लिया है। ‘बाहुबली 2’ (Bahubali 2) के बाद राजामौली की यह दूसरी फिल्‍म होगी जो, 1000 करोड़ रुपए की कमाई के आँकड़े को पार करेगी।

एंटरटेनमेंट वेबसाइट पिं​कविला के मुताबिक, RRR फिल्म में मुख्य किरदार निभाने वाले अभिनेता राम चरण तेजा को हाल ही में मुंबई एयरपोर्ट पर काले कपड़ों में स्पॉट किया गया। खास बात यह थी कि इस दौरान राम चरण नंगे पैर (Ram Charan Spotted Barefoot) थे। पिछले कुछ दिनों से राम चरण के इस अवतार की फोटो और वीडियोज भी सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहे हैं।

राम चरण के काला रंग का कुर्ता, चूड़ीदार पायजामा और नारंगी रंग का गमछा लेने के पीछे खास वजह है। बताया जा रहा है कि वह भगवान अयप्पा स्वामी का 41 दिनों का महाव्रत कर रहे हैं। यह दक्ष‍िण भारत की एक परंपरा है, जिसे अयप्‍पा दीक्षा (Ram Charan Ayyappa Deeksha) कहते हैं। यह 41 दिनों तक चलती है। इसमें 41 दिनों तक न चप्‍पल पहनते हैं और ना ही नॉनवेज खाते हैं। जमीन पर सोते हैं और ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। राम चरण हर साल यह महाव्रत करते हैं।

बता दें कि तीन महीने पहले बॉलीवुड अभिनेता अजय देवगन भी इसी अवतार में नजर आए थे। सोशल मीडिया पर काले कपड़े पहने, माथे पर तिलक लगाए और गले में माला पहने अजय देवगन की फोटो खूब वायरल हुई थीं। अजय देवगन ने कठिन नियमों का पालन करने के बाद भगवान अय्यपा के दर्शन किए थे। बताया गया था कि उन्होंने इससे पहले 41 दिन की कठोर साधना की थी। जैसे, काले कपड़े पहनना, ब्रह्मचर्य का पालन, नंगे पाँव रहना, जमीन पर सोना, रोज शाम को पूजा और हमेशा गले में तुलसी की माला पहने रखना आदि।

परिवार के एक करीबी सूत्र ने ईटाइम्स को बताया कि इस दौरान वह फर्श पर चटाई बिछा कर सोते थे। दिन में दो बार अयप्पा भगवान की पूजा करते थे। बिना लहसुन/प्याज के केवल सात्विक भोजन करते थे। जहाँ भी जाते थे नंगे पैर चलते थे। इस दौरान उन्होंने न तो किसी परफ्यूम का इस्तेमाल किया और न ही शराब का सेवन। इन नियमों का पालन करने के बाद अजय ने सबरीमाला मंदिर में भगवान के दर्शन किए। उनके साथ उनके चचेरे भाई-विक्रांत और धर्मेंद्र भी थे। इन दोनों ने भी अजय देवगन की तरह ही साधना की थी।

घर से परीक्षा देने निकली लड़की, अगवा कर मस्जिद ले गया साबिर मिर्जा: जबरन धर्मांतरण के बाद निकाह, मौलवी की भूमिका की भी हो रही जाँच

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक हिन्दू लड़की को अगवा कर उसका धर्मांतरण कर निकाह किए जाने की खबर है। रिपोर्टों के अनुसार आरोपित साबिर मिर्जा लड़की को अगवा कर बांदा की एक मस्जिद में ले गया। वहाँ धर्म परिवर्तन करवाकर उससे निकाह किया। पुलिस ने लड़की को बरामद कर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया है। मामले में मौलवी की भूमिका की भी जॉंच करवाई जा रही है।

पीड़िता 31 मार्च 2022 को घर से परीक्षा देने के लिए निकली थी। जब वह वापस घर नहीं लौटी तो उसके पिता ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जाफरगंज के DSP ने बताया, “थाना गाज़ीपुर में एक व्यक्ति ने अपनी बेटी को किसी के द्वारा बहला-फुसलाकर ले जाने की शिकायत दर्ज करवाई थी। इस संबंध में थाने पर FIR दर्ज की गई और पीड़िता को बरामद कर लिया गया है। बरामदगी के बाद जानकारी मिली कि उसका धर्म परिवर्तन करवाने का प्रयास किया जा रहा था। साथ ही उसको धमकी भी दी जा रही थी। इस संबंध में 24 वर्षीय साबिर मिर्जा को गिरफ्तार कर जेल भेजा दिया गया है। आगे की जाँच चल रही है।”

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आरोपित साबिर मिर्जा पीड़िता को पड़ोसी जिले बांदा की किसी मस्जिद में ले गया था। इस दौरान एक मौलवी ने पीड़िता का निकाह और धर्मान्तरण करवाया। आरोपित मिर्जा पर IPC की धारा 366, 386, 420, 506 व 3/5 उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध विधेयक 2021 के तहत केस दर्ज किया गया है। इस घटना से जुड़े बाकी संदिग्धों की भूमिका की जाँच हो रही है।

गौरतलब है कि इस घटना से तीन दिन पहले फतेहपुर जिले के ही थाना ललौली में लव जिहाद का मामला सामने आया था। तब एक शादीशुदा महिला का बहला-फुसलाकर और अपना नाम बदल कर हसन मोहम्मद ने गाजियाबाद की एक मस्जिद में धर्मान्तरण करवाया था। साथ ही उससे जबरन निकाह भी कर लिया था। महिला को नया नाम रुखसाना दिया गया था। इस घटना में पुलिस ने हसन मोहम्मद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।

3 घंटे की फ्लाइट, 4 बार महिला यात्री के सामने किया हस्तमैथुन: विमान लैंड करते ही हुआ गिरफ्तार, उड़ान भरने पर आजीवन बैन

अमेरिका के सिएटल से फीनिक्स की तीन घंटे की उड़ान के दौरान एक महिला यात्री के सामने चार बार हस्तमैथुन (Masturbation) करने वाले शख्स को विमान के लैंड करते ही गिरफ्तार कर लिया गया। हालाँकि आरोपित का कहना था कि उसने महिला से पूछा था कि हस्तमैथुन करने से उसे कोई दिक्कत तो नहीं है। शख्स के मुताबिक महिला ने कहा था कि उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। उसे लगा कि महिला इसको लेकर सहज है। लेकिन शिकायतकर्ता महिला ने इसे अभद्र व्यवहार बताया है।

घटना 2 अप्रैल 2022 की है। जानकारी के मुताबिक जैसे ही साउथवेस्ट एयरलाइंस (Southwest Airlines) ने उड़ान भरी एंटोनियो शेरोड मैकगैरिटी नाम के शख्स ने पैंट को नीचे सरकाया और गुप्तांग बाहर निकाल हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया। महिला के अनुसार मैकगैरिटी उसकी बगल की सीट पर बैठा था और उड़ान भरने के तुरंत बाद उसने हस्तमैथुन शुरू कर दिया। इस दौरान महिला ने उसकी तस्वीरें ले लीं, जिसमें वह हस्तमैथुन करते हुए दिखाई दे रहा था। जब मैकगैरिटी सो गया तो महिला ने इस घटना की सूचना विमान के क्रू मेंबर को दी। इसके बाद क्रू मेंबर्स ने महिला यात्री का सीट बदल दिया

जब साउथवेस्ट एयरलाइंस की फ्लाइट ने लैंड किया तो फीनिक्स पुलिस अधिकारियों ने महिला से पूछताछ की। महिला ने अधिकारियों को बताया कि आरोपित शख्स मैकगैरिटी ने यह अश्लील हरकत चार अलग-अलग मौकों पर की। एफबीआई जाँचकर्ताओं ने मैकगैरिटी से भी पूछताछ की। उसने फ्लाइट के अंदर की गई हरकत को कबूल किया है। साउथवेस्ट एयरलाइंस ने डेली बीस्ट को बताया कि मैकगैरिटी को हवाई यात्रा के लिए आजीवन प्रतिबंधित कर दिया गया है। साथ ही आरोपित पर संघीय कानूनों के तहत भी आरोप लगाए गए हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भारत के कर्नाटक से इसी तरह का मामला सामने आया था। महिला पत्रकार ने OLA कैब ड्राइवर पर अश्लील हरकत करने का आरोप लगाया था। महिला पत्रकार के मुताबिक कैब के ड्राइवर ने उनके आगे ही हस्तमैथुन करना शुरू कर दिया था। इसी तरह महाराष्ट्र के पुणे जिले में एक 30 वर्षीय व्यक्ति को एक महिला सह-यात्री को घूरते हुए ऑटो रिक्शा में कथित रूप से हस्तमैथुन करते हुए पुलिस ने गिरफ्तार किया था। यह मामले पिंपरी चिंचवड़ का था। आरोपित की पहचान सोहेब कुरैशी के रूप में हुई थी। 

जिन्होंने श्रीलंका को बनाया वर्ल्ड चैंपियन, उनके लिए भारत ही अब गेमचेंजर: अपनी सरकार पर बरसे, संकटमोचक बने PM मोदी के हुए मुरीद

श्रीलंका (Sri Lanka) इस समय अपने इतिहास के सबसे बुरे आर्थिक संकट से गुजर रहा है। इस मुश्किल घड़ी में भारत अपने पड़ोसी देश की हरसंभव मदद कर रहा है। इसको लेकर श्रीलंका को विश्व चैंपियन बनाने वाले क्रिकेटरों ने भारत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जमकर तारीफ की है। उन्होंने अपने देश की सरकार पर सवाल खड़े करते हुए भारत से मदद की उम्मीद जताई है।

श्रीलंकाई क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और विस्फोटक बल्लेबाज रहे सनथ जयसूर्या (Sanath Jayasuriya) ने अपने देश के मौजूदा हालात को लेकर चिंता जाहिर करते हुए इस स्थिति को ‘दुर्भाग्यपूर्ण’ बताया है। पूर्व क्रिकेटर ने भारत को अपना बड़ा भाई बताया है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी और बड़े भाई के रूप में भारत ने हमेशा हमारी मदद की है। हम भारत सरकार और पीएम मोदी के आभारी हैं। हमारे लिए, मौजूदा परिदृश्य के कारण जीवित रहना आसान नहीं है। हम भारत और अन्य देशों की मदद से इससे बाहर निकलने की उम्मीद करते हैं। समाचार एजेंसी ANI से बात करते हुए जयसूर्या ने कहा, “देश के लोग कई महीनों से इस स्थिति से गुजर रहे हैं। इस तरह वे जीवित नहीं रह सकते और विरोध करना शुरू कर दिया है। गैस की किल्लत है और घंटों बिजली की आपूर्ति नहीं है।”

इससे पहले श्रीलंका को 1996 में विश्च चैंपियन बनाने वाले कप्तान अर्जुन राणातुंगा (Arjun Ranatunga) ने अपने देश के मौजूदा हालात को लेकर राय रखते हुए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ की थी। 58 साल के पूर्व पर्यटन और उड्डयन मंत्री अर्जुन राणातुंगा ने हाल ही में यूनाइटेड नेशनल पार्टी से इस्तीफा भी दिया था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाफना इंटरनेशनल एयरपोर्ट को शुरू करने में हमारी मदद की थी। भारत का फोकस सिर्फ पैसे देने पर नहीं, बल्कि हमारी जरूरतों को समझने पर भी है। इसी वजह से भारत हमें पेट्रोल-दवाई जैसी चीजों की मदद पहुँचा रहा है, जिसकी कमी हमें आगे आने वाले समय में हो सकती है।

राणातुंगा को भी इस मुश्किल वक्त में सिर्फ भारत और पीएम मोदी से ही उम्मीद है। उन्होंने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा, “श्रीलंका की इस सरकार ने अपने फायदे के लिए पूरे संविधान को बदल डाला। भारत हमारा बड़ा भाई है। वो हमारी काफी मदद कर रहा है।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा, “विरोध-प्रदर्शनों में हमारे देश के आम लोग सिर्फ दूध पाउडर, गैस, चावल, पेट्रोल जैसी बुनियादी चीजें माँग रहे हैं। मैं हिंसा से बिलकुल सहमत नहीं हूँ। देश पिछले दो साल में एक बड़े संकट में घिर गया है। वे कोरोना का बहाना बना सकते हैं, लेकिन दुनिया भी तो इससे गुजरी है। राणातुंगा ने भारत द्वारा पहुँचाई जा रही मदद को लेकर कहा, “भारत इस संकट के दौर में काफी मददगार रहा है। जब मैं मंत्री था, उस वक्त भी भारत ने श्रीलंका की काफी मदद की थी, लेकिन आप यहाँ की सरकार पर बिल्कुल भरोसा नहीं कर सकते हैं।”

श्रीलंका के पूर्व कप्तान ने आगे कहा कि मेरी सबसे बड़ी चिंता है कि यहाँ पर किसी तरह का खून-खराबा नहीं होना चाहिए, श्रीलंका की मौजूदा सरकार में कुछ लोग ऐसे हैं जो समाज में बँटवारा करवाना चाहते हैं। इससे पहले श्रीलंका के पूर्व क्रिकेटर महेला जयवर्धने, कुमार संगकारा के अलावा भानुका राजपक्षे, दशुन जैसे मौजूदा श्रीलंकाई क्रिकेटर भी अपने देश की सरकार पर सवाल खड़े कर चुके हैं।

बता दें कि भारत की ओर से श्रीलंका को खाद्यान्न की मदद भेजी गई, ताकि वहाँ लोगों की रोटी मिल सके। वहीं, चीन ने मुसीबत के वक्‍त श्रीलंका से मुँह फेर लिया है। वह कर्ज की शर्तों में कोई उसे कोई भी छूट देने को तैयार नहीं। इसके उलट, पिछले कुछ सालों से श्रीलंका ने जिस भारत से दूरियाँ बढ़ाई, उसने मदद भेजी है। भारत श्रीलंका को 40,000 टन चावल की सप्लाई कर रहा है। रॉयटर्स के मुताबिक, भारत से क्रेडिट लाइन मिलने के बाद ये श्रीलंका को भेजी जानी वाली अपनी तरह की पहली खाद्यान्न मदद है। भारत की ओर से श्रीलंका को ये सहायता ऐसे समय में मिली है, जब पूरे देश में आपातकाल लगा हुआ था। श्रीलंका में विदेशी मुद्रा भंडार में बीते दो साल में 70% से ज्यादा की गिरावट आई है। इस वजह से उसे अपनी जरूरत की अनिवार्य वस्तुओं का आयात करने में भी दिक्कत आ रही है।

पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर घसीटने वाला AAP नेता गिरफ्तार, भेजे गए जेल: गुजरात की घटना

ऑन ड्यूटी पुलिसकर्मी को कार की बोनट पर बिठाकर घसीटने के आरोप में गुजरात में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता युवराज सिंह जडेजा को गिरफ्तार किया गया है। जडेजा आप पार्टी के यूथ विंग के नेता है। हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उन्हें साबरमती जेल भेज दिया गया है। गिरफ्तारी 5 अप्रैल 2022 (मंगलवार) को हुई।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जडेजा की गिरफ्तारी गाँधी नगर पुलिस ने की है। पुलिस ने कोर्ट से आरोपित आप नेता का रिमांड नहीं माँगा। इसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में साबरमती जेल भेज दिया गया। जडेजा के साथ उनका एक साथी भी जेल भेजा गया है। पुलिस ने सबूतों को फॉरेंसिक जाँच के लिए भेजा है। जडेजा पर IPC की धारा 332 (ऑन ड्यूटी स्टॉफ पर हमला करने) और 307 (जान से मारने के प्रयास) के तहत केस दर्ज किया गया है। गाँधी नगर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक अभय चुडासमा ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है।

IG चुडासमा के मुताबिक, “मंगलवार (5 अप्रैल) को सहायक प्रोफेसर पद के उम्मीदवार बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहे थे। इसके चलते उन्हें हिरासत में ले कर पुलिस मुख्यालय लाया गया था। आरोपित जडेजा उनको ही समर्थन देने आए थे। पुलिस ने उन्हें रोका तो उन्होंने अपनी कार एक कॉन्स्टेबल की तरफ बढ़ा दी। इस दौरान खुद को बचाने के लिए सिपाही लक्ष्मण बसावा कार की बोनट पर चढ़ गया। इतने के बाद भी आप नेता ने कार न रोकी।” इस घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था।

न्यूज़ 18 गुजराती पर बहस करते हुए आम आदमी पार्टी के युवा मोर्चा प्रदेश प्रमुख प्रवीण ने युवराज सिंह जडेजा पर कार्रवाई को सरकार की साजिश बताया। उन्होंने बताया, “पुलिस भी तो अक्सर लाठीचार्ज करती है। हमारे नेता युवराज जडेजा युवाओं की आवाज उठा रहे थे। उन पर धारा 307 की कार्रवाई करना युवाओं के मनोबल पर प्रहार के समान है। ये सब गुजरात सरकार की साजिश है।”

‘भारत में आ गया है कोरोना का XE वेरिएंट’: डर फैलाने में लगा मीडिया, स्वास्थ्य मंत्रालय ने किया खंडन

देश भर में कोरोना महामारी की धीमी पड़ती रफ्तार के बीच मुंबई के नगर निकाय बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने बुधवार (6 अप्रैल 2022) को दावा किया कि शहर में कोरोना वायरस के नए XE वैर‍िएंट का एक मामला सामने आया है। वहीं, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मुंबई में मिले वैरिएंट को XE वैरिएंट मानने से साफ इनकार कर दिया है। सूत्रों के मुताबिक INSACOG के जीनोमिक विशेषज्ञों ने अपनी जाँच में पाया है कि यह वैरिएंट XE वैरिएंट की जीनोमिक तस्वीर से बिल्कुल अलग है।

हालाँकि, बीएमसी के कम‍िश्‍नर इकबाल स‍िंह ने इस बात का दावा करते हुए बताया था क‍ि बीएमसी के कस्तूरबा अस्पताल और पुणे में नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में जीनोमिक सीक्वेंसिंग के दौरान लैब में 376 सैंपल की टेस्‍ट‍िंग की गई। इसमें से 230 सैंपल मुंबई के लोगों के थे। 230 में से 228 सैंपल में ओमीक्रॉन मिला है, जबकि एक सैंपल में कप्पा वैरिएंट और एक मरीज में XE वैरिएंट मिला है। बीएमसी ने बताया क‍ि 230 कोरोना संक्रमितों में से 21 लोगों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है। संक्रम‍ितों में 9 मरीज ऐसे भी हैं, जिन्होंने वैक्सीन की दोनों खुराक ली थी, वहीं 12 मरीज ऐसे भी हैं ज‍िनको वैक्सीन नहीं लगी है।

बताया जा रहा है कि कोरोना का नया म्यूटेंट वैरिएंट XE ओमिक्रॉन के सब वैरिएंट BA.2 से करीब 10 प्रतिशत ज्यादा संक्रामक हो सकता है। XE ओमिक्रॉन के दो सब लीनेज BA.1 और BA.2 का रीकॉम्बिनेंट स्ट्रेन है। इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) भी चिंता व्यक्त कर चुका है।

ध्वस्त होगी BSP नेता हाजी याकूब की मीट फैक्ट्री, अस्पताल भी सील: पैगंबर के अपमान पर सिर कलम करने वालों को ₹51 करोड़ देने का किया था ऐलान

उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के पूर्व मंत्री और बसपा (BSP) के कद्दावर नेता रहे हाजी याकूब कुरैशी (Haji Yakub Qureshi) के सुनहरे दिन बीत गए। जिस कुरैशी की पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कभी तूती बोलती थी आज उनकी अवैध संपत्तियों पर पुलिस कार्रवाई कर रही है। इस दिन की कल्पना उन्हें भी नहीं रही होगी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में बनी दूसरी बार भाजपा सरकार (BJP Government) ने याकूब कुरैशी पर कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार (6 अप्रैल 2022) को प्रशासन ने कुरैशी के मेरठ के हापुड़ रोड पर बने माई सिटी हॉस्पिटल को सील कर दिया। डिप्टी CMO जावेद हुसैन के साथ इस कार्रवाई में शामिल रहे डॉक्टर सुधीर कुमार ने बताया का कुरैशी का यह हॉस्पिटल बिना रजिस्ट्रेशन के ही चल रहा था।

मेरठ जिले के सीएमओ डॉक्टर अखिलेश मोहन ने बताया कि 2019 से इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रिन्यूवल नहीं कराया गया था। इसको लेकर अस्पताल को कई बार नोटिस भी भेजा गया था। बार-बार नोटिस भेजने के बाजूद उसका कोई जवाब नहीं दिया गया। इसलिए कार्रवाई की गई।

बताया जा रहा है कि यह अस्पताल याकूब एजुकेशन चैरिटेबल ट्रस्ट के नाम पर चलाया जा रहा था। कार्रवाई के दौरान यह बात भी सामने आई कि यह अस्पताल किसी दूसरे व्यक्ति को लीज पर चलाने के लिए दिया गया था। बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल को किसी दूसरे को लीज पर नहीं दिया जा सकता है।

मीट फैक्ट्री पर बुलडोजर चलाने की तैयारी

वहीं, कुरैशी के अस्पताल के बाद उनकी मीट फैक्ट्री अल फहीम मीटेक्स प्राइवेट लिमिटेड पर कार्रवाई हो सकती है। मेरठ विकास प्राधिकरण (MDA) के उपाध्यक्ष मृदुल चौधरी के अनुसार, मीट फैक्ट्री भू-उपयोग बदलने का आवेदन पहले ही शासन द्वारा निरस्त किया जा चुका है।

कुरैशी की यह फैक्ट्री 13 हेक्टेयर में बनी है, जिसमें 10 हेक्टेयर भूमि सरकारी है। इसके अलावा एक हेक्टेयर भूमि ग्रीन बेल्ट और 0.234 हेक्टेयर भूमि सड़क चौड़ीकरण की है। इसमें से सिर्फ 0.130 हेक्टेयर जमीन ही औद्योगिक प्रयोग के लिए है। इस के बाद मामले को कुरैशी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दी है। कहा जा रहा है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में चल रहे केस में राय लेने के बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

बिना अनुमति के फैक्ट्री में मीट पैकेजिंग करने पर MDA ने 31 मार्च को छापेमारी उसे सील कर दिया था। इस दौरान वहाँ से 31 टन मीट बरामद किया गया था। इस कार्रवाई के बाद से ही हाजी याकूब परिवार सहित फरार हो गया है। मंगलवार (5 अप्रैल) को फरार याकूब की गिरफ्तारी के लिए कई जगह दबिश दी, लेकिन वह हाथ नहीं लगा। पुलिस उसके ठिकानों की जानकारी जुटा रही है।

डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने और शार्ली एब्दो पर हमला करने वालों को इनाम

पुलिस याकूब कुरैशी के आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है। इस संबंध में यूपी के सभी थानों से जानकारी माँगी गई है। याकूब के खिलाफ अलग-अलग थानों में एक दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। याकूब के खिलाफ डेनमार्क के कार्टूनिस्ट का सिर कलम करने पर इनाम की घोषणा करने के मामले में भी एफआईआर दर्ज है।

साल 2006 में डेनमार्क के एक कार्टूनिस्ट ने मुस्लिमों के पैगंबर मोहम्मद का एक कार्टून बनाया था। इस दौरान उन्होंने इसे धार्मिक भावना भड़काने वाला बताते हुए घोषणा की थी कि जो भी इस कार्टूनिस्ट का सिर कलम करेगा, उसे वह 51 करोड़ रुपए का इनाम देंगे। इसको लेकर 2004 में देहलीगेट थाने में उनके खिलाफ मामला दर्ज कराया गया था।

इसके अलावा याकूब कुरैशी ने फ्रांसीसी मैगजीन शार्ली एब्दो के पेरिस स्थित दफ्तर पर हुए हमले को भी सही ठहराते हुए कहा था कि इस्लाम धर्म और पैगंबर की शान में गुस्ताखी किसी भी सूरत में माफ नहीं की जा सकती। इसके हमलावरों को भी याकूब कुरैशी ने 51 करोड़ रुपए देने की घोषणा की थी।